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मध्यप्रदेश में हनी ट्रैप का मामला, कांग्रेस नेत्री गिरफ्तार, राजस्थान के व्यापारी से लूटा 8 तोला सोना

ग्वालियर  मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में हनी ट्रैप के जरिए कोटा के ऑटो पार्ट्स व्यापारी और रामलीला के कलाकार भरत भूटानी से 12 लाख के सोने के गहने लूटने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को शुक्रवार की रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान कांग्रेस नेत्री रीता आर्य, उनके पति राजेंद्र बुंदेला, बेटी निधि आर्य और दामाद विशाल आर्य के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों को कांच मिल क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार राजस्थान निवासी भरत भूटानी को गांधीनगर स्थित आई-82 स्थित घर पर बुलाया गया था। यहां रीता आर्य ने अपने पति, बेटी और दामाद के साथ मिलकर पहले से उसे फंसाने की योजना बना रखी थी। पुलिस पूछताछ में रीता आर्य ने बताया कि भरत भूटानी से उनकी दोस्ती इंदौर निवासी सहेली नेहा ने करवाई थी। भरत इन दिनों रामलीला में काम करने के लिए ग्वालियर आए हुए थे। मेहमान की तरह स्वागत कर बनाया था शिकार भरत भूटानी रीता के घर पहुंचे, तो रीता और उनकी बेटी निधि ने उन्हें मेहमान की तरह बैठाया और बाद में रीता उन्हें कमरे में ले गई। इसी दौरान रसोई में छिपे राजेंद्र और विशाल मुंह पर कपड़ा बांधकर कमरे में घुस आए। दोनों ने मोबाइल में रिकॉर्डिंग चालू कर भरत पर आरोप लगाए और उसे जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने भरत के हाथ से अंगूठी, कड़ा और गले से सोने की चेन छीन ली। ग्वालियर में पति, बेटी और दामाद के साथ कांग्रेस नेत्री गिरफ्तार, हनी ट्रैप के जरिए लूटा था 8 लाख का सोना लूटा था 12 लाख रुपए की कीमत का 8 तोला सोना मामले की जानकारी देते हुए पड़ाव थाना पर प्रभारी शैलेन्द्र भार्गव ने कहा है कि कोटा के ऑटो पार्ट्स कारोबारी को हनीट्रैप में फंसाकर उससे 12 लाख रुपए की कीमत के 8 तोला सोने के जेवर ठगने वाली गैंग को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गैंग की मास्टरमाइंड एक महिला बताई जा रही है। जिसके साथ उसका पति, बेटी और दामाद भी इस वारदात में शामिल थे। वहीं पुलिस ने चारों को दबोचकर उनके पास से कारोबारी से ठगे गए सोने के जेवर भी बरामद कर लिए हैं और अब आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। व्यापारी ने पुलिस को बताई थी लूट की कहानी भार्गव ने आगे बताया कि वारदात के बाद कारोबारी भरत भूटानी ने शुरुआत में लूट की कहानी बताई थी, लेकिन जांच के दौरान जब आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई, तो उसमें राजेंद्र और विशाल चेहरा छिपाकर भागते दिखाई दिए। कुछ देर बाद रीता और निधि भी उनके ठिकाने पर पहुंचती नजर आईं। जिसके बाद पुलिस ने लोकेशन के आधार पर चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से व्यापारी भरत भूटानी से लूटे गए सोने के गहने भी बरामद कर लिए हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

कांग्रेस का बड़ा प्लान: 2028 चुनाव में नए चेहरों को मिलेगा मौका, नेता के बयान से बढ़ी हलचल

सरगुजा छत्तीसगढ़ की राजनीति में कभी “जय-वीरू” के नाम से चर्चित भूपेश बघेल और टी.एस. सिंहदेव की जोड़ी अब पुराने अंदाज में शायद नजर न आए। पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव ने इशारों-इशारों में कहा है कि राजनीति की नई फिल्म में नए किरदार भी सामने आ सकते हैं। दरअसल 2018 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पूर्व उपमुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव की जोड़ी को कांग्रेस की जीत का बड़ा कारण माना गया था। उस समय दोनों नेताओं को “जय-वीरू” की जोड़ी कहा जाता था। अब सिंहदेव ने इस पर बयान देते हुए कहा कि एक फिल्म हिट होने के बाद उसी तरह की फिल्म बार-बार नहीं बनती। जैसे शोले एक सुपरहिट फिल्म थी, लेकिन उसकी कई सीक्वल नहीं बनीं। आगे नई फिल्म बनेगी, जिसमें पुराने कलाकार भी हो सकते हैं और नए चेहरे भी नजर आ सकते हैं। सिंहदेव ने यह भी कहा कि उस समय सिर्फ दो नाम ज्यादा चर्चा में थे क्योंकि भूपेश बघेल पीसीसी अध्यक्ष थे और वे नेता प्रतिपक्ष थे, लेकिन असल में पूरी टीम ने मिलकर काम किया था। सिंहदेव के इस बयान को कांग्रेस के भीतर बदलते सियासी समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि यह किसी मतभेद की वजह से नहीं बल्कि समय और परिस्थितियों के बदलने की वजह से है। अब 2028 के चुनावी मैदान में कांग्रेस की “नई फिल्म” में मुख्य किरदार कौन निभाएगा, इसका फैसला पार्टी नेतृत्व ही करेगा।

एमपी में कांग्रेस की नई रणनीति, मिशन 2028 के तहत इंफ्लूएंसर्स बनाएंगे माहौल

भोपाल संगठन सृजन अभियान के साथ ही जन-जन तक पहुंच बढ़ाने के लिए कांग्रेस नए-नए प्रयोग कर रही है। इसमें तकनीक के बदलते दौर की दृष्टि से सोशल मीडिया के माध्यम से भी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचने की रणनीति है। इसके लिए बड़ा प्रयास यह कि पार्टी सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरों का सहयोग लेने जा रही है। इनकी संख्या हजारों में होगी। शुरुआत में लगभग 250 को चिह्नित भी कर लिया गया है। यह ऐसे लोग हैं जिनके सोशल मीडिया में बड़ी संख्या में फालोअर्स हैं। लेखन अच्छा है, कांग्रेस विचारधारा की ओर झुकाव है। ये इंफ्लूएंसर अपने वाल, हैंडल आदि पर लिखेंगे। कांग्रेस के बड़े नेताओं के जन्मदिवस, पुण्यतिथि, बड़े आयोजन, चुनाव, पार्टी की रीति नीति, त्वरित मुद्दों पर लिखेंगे। पार्टी ने ऐसे लोगों को खोजने के लिए कई महीने तक उनके सोशल मीडिया पोस्ट देखे। इसमें सामने आया कि उनकी पोस्ट पर बड़ी संख्या में लोगों की प्रतिक्रियाएं आती हैं। हर जिले में रहेगी इंफ्लूएंसरों की टीम समसामयिक विषयों और राजनीति की समझ भी अच्छी है। यह भी पता चला कि उनका झुकाव कांग्रेस की तरफ है, ऐसा नहीं है तो भी भाजपा विरोधी हैं। इसके बाद पार्टी ने इन लोगों से संपर्क किया और तैयार किया। हर जिले के लिए पांच से 10 इंफ्लूएंसरों की टीम रहेगी। विधानसभा चुनाव के पहले तक इनकी संख्या बढ़ाने का भी लगातार प्रयास किया जाएगा। प्रदेश संगठन इनके सतत संपर्क में रहेगा। कोशिश की जाएगी की सभी अलग-अलग विषयों पर अपनी बात पोस्ट करें। कांग्रेस में पहली बार इस तरह का प्रयोग हो रहा है। सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए पार्टी ग्राम पंचायत स्तर तक सोशल मीडिया का नेटवर्क तैयार कर रही है। 25 सदस्यों वाली पंचायत समितियां में एक व्यक्ति सोशल मीडिया के लिए भी काम करेगा। उसके पास बूथ स्तर तक सभी मतदाताओं का डाटा रहेगा। इसी तरह से शहरी क्षेत्रों में मोहल्ला स्तर तक भी सोशल मीडिया का प्रभारी बनाया जाएगा। भाजपा भी इंफ्लुएंसरों को जोड़ रही भाजपा भी सोशल मीडिया इंफ्लुएंसरों को अपने साथ जोड़ रही है। हाल ही में भोपाल में पार्टी के सभी विधायकों के सोशल मीडिया हैंडलर्स का प्रशिक्षण हुआ था। इसमें उन्हें कहा गया था कि विधानसभा क्षेत्र, तहसील, मंडल से लेकर गांव-गांव तक जो छोटे-छोटे इंफ्लुएंसर हैं उन्हें भाजपा की विचारधारा से जोड़ा जाए, जिससे पार्टी की गतिविधियां निचले स्तर तक पहुंच सकें। इसके अतिरिक्त पार्टी के आइटी विभाग का अपना अलग नेटवर्क है।

जिला कांग्रेस ने मनाई सिवनी , भारत के प्रथम राष्ट्रपति, महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, भारत रत्न डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी की पुण्यतिथि

सिवनी कार्यालय जिला कांग्रेस कमेटी इंदिरा भवन सिवनी में मनायी गई। डॉ. राजेन्द्र प्रसाद जी के छायाचित्र के समक्ष संगठन महाससचिव हनीफ खान द्वारा दीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण किया गया, तत्पश्चात उपस्थित कांग्रेस जनों ने पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर जेपीएस तिवारी, मोहनसिंह चंदेल, सुरेन्द्र करोसिया, शिव सनोडिया, आजम दिवान अली, नन्दू यादव, रंजीत यादव, नगर कांग्रेस अध्यक्ष तनवीर अहमद, अशोक नरेती, नितिन डेहरिया, शुभम डेहरिया, श्रीमती पवनरेखा रिनायत, शिवदीप डहेरिया, सोनू हुसैन, श्यामसिंह माली, सतेन्द्र बघेल की उपस्थिति रही।

भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ कांग्रेस का प्रदर्शन, सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

चंडीगढ़ कांग्रेस विधायक आज बीजेपी सरकार के खिलाफ मोर्चा निकालते हुए विधानसभा पहुंचे। सभी विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा का घेराव किया। हाईकोर्ट चौक से विधानसभा तक निकाले गए इस रोष प्रदर्शन में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायकों ने एक हाथ में विभिन्न समस्याओं पर लिखी तख्तियां और दूसरे हाथ में झुनझुना लेकर नारेबाजी की। इस प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट संदेश दिया कि हरियाणा की जनता तमाम गंभीर समस्याओं से जूझ रही है, जबकि बीजेपी सरकार केवल झूठे वादों और खोखले दावों का झुंझना बजाने में व्यस्त है। कांग्रेस विधायकों ने सरकार से इन सभी मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की और चेतावनी दी कि यदि जनता की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज होगा। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस एक जिम्मेदार विपक्ष के नाते जनता के मुद्दों को सड़क से लेकर सदन तक हर मंच पर उठाएगी। बीजेपी जितना अपनी जिम्मेदारी से भागेगी, कांग्रेस उतने पुरजोर तरीके से जनता की पैरवी करेगी। आखिकार सरकार को जवाबदेह बनना ही पड़ेगा। पत्रकारों से बातचीत में भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि बीजेपी सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हुई है। कानून व्यवस्था से लेकर अर्थव्यवस्था तक, रोजगार से लेकर महंगाई तक, कृषि से लेकर शिक्षा तक, स्वास्थ्य से लेकर स्वच्छता तक, बीजेपी ने सभी क्षेत्रों में अपनी नाकामी और नकारेपन का परिचय दिया है। ये सरकार ना किसानों को एमएसपी व मुआवजा दे पा रही है और ना ही युवाओं को रोजगार दे रही है। ना विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक शिक्षा दे पा रही है और ना ही जनता को सुरक्षा दे रही है। जिस तरह प्रदेश में वारदातें और घोटाले हो रहे हैं, ऐसा लगता है कि यहां सरकार नाम की कोई चीज ही नहीं है। प्रदेश को घोटालेबाज और गैंगस्टर्स के हवाले छोड़ दिया गया है। नेता प्रतिपक्ष ने बुजुर्गों की पेंशन काटने पर बोला कि अब सरकार 70 हजार पेंशन रिस्टोर करने का दाव कर रही है। जबकि पहले सरकार कह रही थी कि उसने किसी की पेंशन काटी ही नहीं। अगर काटी नहीं तो रिस्टोर क्यों की जा रही है? पेंशन के साथ साथ, चुनाव से पहले बनाए राशन कार्ड अब काटे जा रहे हैं, जो कि अपने आप में वोट चोरी है। हरियाणा में चुनाव के बाद करीब 14 लाख राशन कार्ड काटे गए हैं। अकेले अंबाला में 54 हजार राशन कार्ड काटे हैं। हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने बुढ़ापा पेंशन को 200 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया था, यानी साढ़े 7 गुना की बढ़ोतरी की थी। वहीं भाजपा सरकार ने 11 साल में इसमें सिर्फ 2 गुना ही बढ़ोतरी की है। जबकि महंगाई तीन-चार गुना बढ़ चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि इस सरकार में किसानों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है। अब खाद के कट्टे का वजन भी 50 से घटाकर 40 किलो किया गया है, जबकि रेट पहले जितना ही है। एमएसपी 24 फसलों पर देने का दावा भी झूठा है, हरियाणा में इतनी फसलें नहीं होतीं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से 2000 करोड़ से ज्यादा मुनाफा कमाया गया, लेकिन क्लेम नहीं मिलते, लोग बीमा छोड़ रहे हैं। अभी 10% तक मुआवजा नहीं दिया गया। मनरेगा पर हुड्डा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की क्रांतिकारी योजना थी। कांग्रेस सरकार के दौरान देश में सबसे ज्यादा मजदूरी हरियाणा में मजदूरों को दी जाती थी। लेकिन बीजेपी ने सत्ता में आते ही मजदूरों के अधिकारों पर कुठाराघात किया। बीजेपी सत्ता में आते मनरेगा को कमजोर करने में जुट गई थी। कांग्रेस द्वारा संसद में पूछे गए सवाल के जवाब से पता चला कि हरियाणा में 8 लाख से अधिक मनरेगा मज़दूर पंजीकृत थे। लेकिन 2024-25 में सरकार ने सिर्फ 2100 परिवारों को ही 100 दिन का काम दिया। सरकार ने मजदूरों को ना को काम दिया और ना ही स्कीम में प्रावधान के तहत मुआवजा दिया। नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि लाडो लक्ष्मी योजना के नाम पर महिलाओं के साथ इस सरकार ने धोखा किया है। उन्होंने कहा कि चुनाव में सभी महिलाओं को 2100 रुपये मासिक देने का वादा किया गया था, लेकिन अब केवल चंद महिलाओं को ही यह राशि दी जा रही है। जबकि 2024-25 में हरियाणा में 2.13 करोड़ लोग बीपीएल श्रेणी में थे, यानी इस योजना का लाभ लगभग 85 लाख महिलाओं को मिलना चाहिए था। लेकिन वर्तमान में सरकार केवल 8 लाख महिलाओं को ही राशि देने की बात कर रही है। इतना ही नहीं, उसमें भी अब कहा जा रहा है कि महिलाओं को केवल 1100 रुपये मिलेंगे और 1000 रुपये जमा किए जाएंगे। इस पर भी आय की सीमा, बच्चों की शिक्षा तथा कुपोषण जैसी शर्तें थोप दी गई हैं। सरकार जानबूझकर ऐसी शर्तें लगा रही है, जिससे ज्यादातर महिलाएं स्वतः लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएं। बाहरियों को नौकरी देने बारे पूछे गए सवाल के जवाब में हुड्डा ने कहा कि बीजेपी हरियाणवी युवाओं के भविष्य पर कुठाराघात कर रही है। देश में कोई भी ऐसा प्रदेश नहीं है, जो अपनी नौकरियों में स्थानीय युवाओं की बजाए, बाहरी लोगों को तरजीह देता हो। हरियाणा में तो आलम ये है कि बीजेपी सरकार 80 में से 78 पद अन्य राज्य के लोगों को दे देती है। यह नाकाबिले बर्दाश्त है। कांग्रेस इस मुद्दे को विधानसभा में उठाएगी और सरकार से जवाब मांगेगी। हुड्डा ने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्षों के इंतजार के बाद एचपीएससी पीजीटी कंप्यूटर साइंस की 1711 पदों की भर्ती का रिजल्ट आया, लेकिन सिर्फ 39 उम्मीदवार ही पास हुए, जबकि बाकी 1672 पद खाली रह जाएंगे। इससे पहले भी अनेक भर्तियों में पदों को खाली रखा गया है।

AI समिट में हंगामा: शर्टलेस प्रोटेस्ट के बाद यूथ कांग्रेस चीफ पर पुलिस की कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित किए गए एआई इंपैक्ट समिट के दौरान शर्टलेस प्रदर्शन के सिलसिले में दिल्ली पुलिस ने आज इंडियन यूथ कांग्रेस चीफ उदय भानु चिब को भी गिरफ्तार कर लिया है। उदय भानु की गिरफ्तारी के मद्देनजर तिलक मार्ग थाने के बाहर भारी सुरक्षा तैनात किया गया है। कांग्रेस ने उदय भानु चिब की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। घंटों चली पूछताछ के बाद गिरफ्तार तिलक मार्ग थाना पुलिस ने सोमवार को युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब को पूछताछ के लिए बुलाया था। करीब 20 घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि वह पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे थे। उन्हें आज पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया जाएगा। बता दें कि, शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता के एक ग्रुप ने AI इम्पैक्ट समिट के दौरान भारत मंडपम में घुसकर अपनी शर्ट उतारकर प्रोटेस्ट किया, जिन पर "PM कॉम्प्रोमाइज्ड" के नारे लिखे थे। अब तक कुल 8 लोग गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने पिछले सप्ताह आयोजित 'एआई इम्पैक्ट सम्मेलन' के दौरान युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के सिलसिले में सोमवार को ग्वालियर से तीन और व्यक्तियों को गिरफ्तार किया था। उदय भानु चिब की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में अब तक कुल 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दिल्ली पुलिस द्वारा इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 196 और धारा 197 के तहत मामले दर्ज किए हैं।आरोपियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर में समूहों के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने और राष्ट्रीय अखंडता के लिए हानिकारक दावे करने सहित अन्य आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सरकार पर बोला हमला उदय भानु चिब की गिरफ्तारी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा, "यह शर्म की बात है कि उन्हें किसी के शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट करने से दिक्कत है। तानाशाह उन्हें जेल में डाल देगा जो उन्हें आईना दिखाएगा। क्या पुलवामा, पहलगाम अटैक, लाल किला ब्लास्ट के पीछे के सभी टेररिस्ट गिरफ्तार हो गए हैं…आप टेररिस्ट हमलों के पीछे वालों को गिरफ्तार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन अगर कोई अपनी शर्ट उतार दे तो आप डर जाते हैं। यह सरकार की असलियत है…" कांग्रेस के सीनियर नेता भूपेश बघेल ने सरकार को तानाशाही बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, ''मैं दिल्ली पुलिस द्वारा IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष भाई उदय भानु चिब जी एवं अन्य युवा साथियों की गैरकानूनी गिरफ्तारी की मैं कड़ी निंदा करता हूं। तानाशाह" सरकार यह भूल रही है कि लोकतंत्र में युवाओं का आवाज उठाना, सवाल पूछना और विरोध करना अपराध नहीं, बल्कि लोकतंत्र का सबसे मजबूत हथियार है। हमारे युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना किसी हिंसा या उकसावे के, सिर्फ शांतिपूर्ण तरीके से प्रधानमंत्री के समझौतों और युवाओं की अनसुनी पीड़ा को सामने लाया। यह एक साहसी, जायज और लोकतांत्रिक कदम था, जिसे दबाने के लिए अब सरकार के द्वारा पुलिसिया दमन का सहारा लिया जा रहा है। यह कार्रवाई न केवल गैरकानूनी है, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और लोकतंत्र पर सीधा हमला भी है। हम मांग करते हैं कि उदय भानु चिब जी सहित सभी गिरफ्तार IYC कार्यकर्ताओं को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर लगाए गए सभी झूठे आरोप वापस लिए जाएं तथा इस तरह की दमनकारी कार्रवाईयों को तत्काल रोका जाए। लड़ेंगे-जीतेंगे।'' बता दें कि, AI समिट में इस मुद्दे पर बात करते हुए उदय भानु ने कहा था कि देश के युवा "अब चुप नहीं रहेंगे"। उन्होंने कहा, "इंडियन यूथ कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि देश के युवा अब चुप नहीं रहेंगे। 'प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं' सिर्फ एक नारा नहीं है, बल्कि लाखों बेरोजगार युवाओं का गुस्सा है। अमेरिका के साथ यह ट्रेड डील हमारे किसानों और जनता के हितों के साथ धोखा है, जिससे सिर्फ अमेरिका को फायदा होगा। डेमोक्रेसी में शांतिपूर्ण विरोध हमारा हक है और हम युवाओं की आवाज उठाते रहेंगे।" उदय भानु ने साफ किया कि पार्टी "AI समिट के खिलाफ नहीं है", लेकिन "भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज" का कड़ा विरोध करती है। उन्होंने आगे कहा, "हम भारत के हितों के साथ किसी भी तरह के कॉम्प्रोमाइज़ के ख़िलाफ़ हैं। जब देश के किसानों के साथ कॉम्प्रोमाइज किया जा रहा है, भारत विरोधी ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए जा रहे हैं, और युवाओं को बेरोजगार रखते हुए नफरत की पॉलिटिक्स में धकेला जा रहा है, तो क्या हमें चुप रहना चाहिए? यह 140 करोड़ लोगों का देश है।" PM मोदी पर और तीखा हमला करते हुए उन्होंने कहा कि "प्रधानमंत्री कॉम्प्रोमाइज्ड हैं" और “इसका मतलब यह नहीं है कि जनता चुप रहे।”

दिल्ली पुलिस ने ग्वालियर के कांग्रेस नेता को गिरफ्तार किया, AI समिट में प्रदर्शन में भाग लेने का आरोप

ग्वालियर दिल्ली पुलिस ने मध्यप्रदेश युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेश सचिव जितेंद्र यादव को ग्वालियर से उठाकर दिल्ली ले गई है. माना जा रहा है कि यादव पर राजधानी दिल्ली में चल रहे AI समिट 2026 के दौरान अर्धनग्न विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आरोप है. पुलिस ने इस मामले में उन्हें हिरासत में लिया है. प्रदर्शन का मामला जानकारी के अनुसार, 20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ युवक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शर्ट उतारकर प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें 15-20 कार्यकर्ता हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए दिखाई दिए. टी-शर्ट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर के साथ लिखा था-“PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड”. दिल्ली पुलिस ने इन वीडियो के आधार पर युवक कांग्रेस के नेताओं की पहचान कर कार्रवाई शुरू की. माना जा रहा है कि जितेंद्र यादव इसी मामले में हिरासत में लिए गए हैं. परिवार का आरोप परिजनों ने बताया कि जितेंद्र अपने कमरे में थे. अचानक घर के गेट पर किसी की आहट हुई. जब तक परिवार के लोग बाहर आए, पुलिस सीधे उनके कमरे में जाकर उन्हें उठाकर नीचे ले आई. उन्होंने बताया कि पुलिस ने उन्हें मारते पीटते दिल्ली की स्कॉर्पियो गाड़ी में बैठाकर ले गई. रात में परिजन कुछ नेताओं के साथ थाने गए, लेकिन मिलने नहीं दिया गया. उनके मोबाइल के जरिए ही परिवार को संपर्क कराया गया. पिता केशव यादव का बयान पिता केशव यादव ने बताया कि रविवार सुबह पुलिस के कुछ लोग फिर उनके घर आए और दावा किया कि उनके बेटे ने दिल्ली में उत्पात मचाया है. उन्होंने रात को ही जितेंद्र को ले जाने की जानकारी दी थी. पुलिस ने परिवार के सभी मोबाइल भी ले लिए, बाद में लौटाए. पुलिस ने जितेंद्र के कपड़े भी ले लिए. उसके बाद से उनकी कोई जानकारी नहीं है कि उनका बेटा कहां है. ग्वालियर पुलिस इस पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं और फिलहाल कोई बयान नहीं दे रही है.

राजनीतिक तनाव ने लिया उग्र रूप, भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच पथराव

इंदौर दिल्ली में एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में शनिवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन घेरने की घोषणा की थी। लेकिन वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी विरोध स्वरूप एकत्र होकर उनका सामना किया। दोनों तरफ से पत्थर, पानी की बोतलें और टमाटर एक-दूसरे पर फेंके गए। पुलिस ने आमने-सामने हुए दोनों दलों के प्रदर्शनकारियों को हटाकर स्थिति को नियंत्रित किया। इस पथराव में छह लोगों सहित एक मीडियाकर्मी और एक पुलिस अधिकारी को चोटें आई हैं। एक महिला नेत्री बिंदू चौहान को पथराव में गंभीर चोट आई है। उन्हे निजी अस्पताल में भर्ती किया गया है।   एआई समिट में कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद देशभर में भाजपा ने कांग्रेस कार्यालय घेरने की योजना बनाई थी। इसके अलावा, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा में दिए गए बयान के विरोध में कांग्रेस के प्रदर्शन प्रदेशभर में जारी थे। इसी कारण कांग्रेस कार्यकर्ता दोपहर एक बजे से गांधी भवन पर भाजपा कार्यकर्ताओं के विरोध में जुट गए थे। पुलिस ने संभावित टकराव को देखते हुए मार्ग के दोनों तरफ बैरिकेड लगा दिए थे। लेकिन जैसे ही भाजपा कार्यकर्ता प्रदर्शन करने गांधी भवन की ओर बढ़े, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी। वे विजयवर्गीय के खिलाफ नारे लगा रहे थे। तभी अचानक पत्थरबाजी शुरू हो गई। दोनों तरफ से पत्थर, टमाटर और पानी की बोतलें फेंकी गईं। बैरिकेड की वजह से दोनों कार्यकर्ताओं के बीच अधिक निकटता नहीं थी। पथराव के कारण छह से अधिक लोग घायल हुए है। इस घटना के बाद अफरा तफरी मच गई और व्यापारियों ने भी दुकानें धड़ाधड़ बंद कर दी। पुलिस ने स्थिति संभाली और दोनों दलों के कार्यकर्ताओं को पीछे धकेला। दंगा नियंत्रक वाहन वज्र भी तैनात था और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए वॉटर कैनन का उपयोग किया गया, लेकिन पानी का प्रेशर कम होने के कारण यह प्रभावी नहीं हुआ। इस घटना के बाद भाजपा कार्यकर्ता पढ़रीनाथ थाने का घेराव करने पहुंचे और कांग्रेसजनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कराने की मांग की।

भिवंडी में खेला हुआ खेल! बीजेपी के बागी नारायण चौधरी को कांग्रेस ने दिया मेयर पद

भिवंडी महाराष्ट्र के भिवंडी में एक नाटकीय राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिली, जहां भाजपा को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके बागी नेता नारायण चौधरी कांग्रेस और शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  (एसपी) के समर्थन से मेयर बनकर उभरे. इस साल जनवरी में हुए 23 वार्डों और 90 सीटों वाले भिवंडी-निजामपुर नगर निगम (BNMC) चुनाव में किसी भी पार्टी को बहुमत नहीं मिला था. इसने इस नगर निगम में नए सियासी समीकरणों और गठबंधनों को जन्म दिया. पार्षदों की खरीद-फरोख्त और राजनीतिक झड़पों के आरोप लगे. विलासराव देशमुख ऑडिटोरियम में शुक्रवार दोपहर 12 बजे हाथ उठाकर मतदान की प्रक्रिया हुई, जिसमें नारायण चौधरी को स्पष्ट बहुमत मिला. नारायण चौधरी मेयर चुने गए, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार मोमिन तारिक बारी डिप्टी मेयर चुने गए. नगर निगम चुनाव में कांग्रेस ने 30, भाजपा ने 22, शिवसेना ने 12, समाजवादी पार्टी ने 6, कोणार्क विकास अघाड़ी ने 5 और भिवंडी विकास अघाड़ी ने 3 सीटें जीतीं थीं. नारायण चौधरी ने 46 के जादुई आंकड़े से दो अधिक यानी 48 वोट हासिल करके मेयर पद हासिल किया. भाजपा की स्नेहा पाटिल को 16 वोट मिले, जबकि कोणार्क विकास अघाड़ी के विलास पाटिल (शिंदे की शिवसेना के समर्थन से)  को 25 वोट प्राप्त हुए. कांग्रेस के मोमिन तारिक बारी 43 वोट पाकर डिप्टी मेयर निर्वाचित हुए. कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) ने भिवंडी में सेक्युलर फ्रंट बनाकर मेयर चुनाव लड़ा. राज्य भाजपा अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा, 'नारायण चौधरी ने पार्टी की नीति का उल्लंघन किया है. उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.' बीजेपी के खिलाफ कांग्रेस का सेक्युलर फ्रंट एनसीपी (एसपी) के लोकसभा सांसद सुरेश म्हात्रे, जिन्हें बलिया मामा के नाम से भी जाना जाता है, उन्होंने इस जीत को भिवंडी की जनता की जीत बताया. उन्होंने कहा कि परिस्थितियों के चलते कांग्रेस-एनसीपी (एसपी) का सेक्युलर फ्रंट बनाना जरूरी था. सपा विधायक रईस शेख ने कहा, 'हमने भिवंडी में सेक्युलर फ्रंट बनाया है.' राज्य कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा, 'कांग्रेस ने भाजपा या एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ गठबंधन न करने का फैसला किया और अपने वैचारिक रुख से कोई समझौता नहीं किया. कुछ भाजपा पार्षदों ने पार्टी और उसकी विचारधारा छोड़कर सेक्युलर फ्रंट में शामिल होने का फैसला किया, जिससे हमें मेयर और डिप्टी मेयर चुनने में सफलता मिली.'   नारायण चौधरी ने बीजेपी से बगावत की और कुछ बीजेपी पार्षदों के साथ मिलकर एक स्वतंत्र समूह बनाया. उन्होंने कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन देने का फैसला किया. उन्होंने मेयर चुनाव जीतने के बाद कहा, 'स्थानीय राजनीति आप जानते हैं, मैं सिर्फ विकास पर काम करूंगा.' यह राजनीतिक घटनाक्रम भाजपा के उस अंतिम समय में लिए गए फैसले के बाद हुआ, जिसमें पार्टी ने नारायण चौधरी को मेयर पद के उम्मीदवार के रूप में हटाकर उनकी जगह स्नेहा पाटिल को मैदान में उतारा था. बता दें कि भाजपा में शामिल होने से पहले नारायण चौधरी कांग्रेस में थे.

कांग्रेस के संगठन में फेरबदल की तैयारी, AICC महासचिव बनने की है दावेदारी

रायपुर: कांग्रेस जाति जनगणना के मुद्दे को लेकर देशभर में बड़ा अभियान छेड़ने जा रही है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष Mallikarjun Kharge और पूर्व अध्यक्ष Rahul Gandhi 20 अगस्त से सभी राज्यों का दौरा करेंगे। इसी क्रम में उनका छत्तीसगढ़ दौरा भी प्रस्तावित है। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी को निर्देश दिया है कि 20 से 31 अगस्त के बीच का विस्तृत कार्यक्रम तैयार कर भेजा जाए। इसके आधार पर छत्तीसगढ़ में राहुल गांधी और खरगे के दौरे की तिथि तय की जाएगी। संगठन में बदलाव की अटकलें तेज दिल्ली से लौटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने संगठन में बड़े बदलाव की चर्चाओं को खारिज किया है। उनका कहना है कि बैठक में बदलाव को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई। हालांकि, राजनीतिक गलियारों में पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel और पूर्व डिप्टी सीएम T. S. Singh Deo को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की चर्चा जोरों पर है। सूत्रों के अनुसार, बघेल को ओबीसी चेहरे के रूप में राष्ट्रीय स्तर पर महासचिव की भूमिका दी जा सकती है, जबकि सिंहदेव को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की अटकलें हैं। हालांकि, सिंहदेव ने इन अटकलों पर कहा कि दिल्ली में केवल चुनावी हार के कारणों पर चर्चा हुई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता धनेन्द्र साहू ने भी स्पष्ट किया कि संगठनात्मक बदलाव पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। अभियान की तैयारी शुरू दिल्ली में सभी प्रभारियों और प्रदेश अध्यक्षों को जाति जनगणना अभियान की तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली से लौटने के बाद बैठक लेकर जिलों का दौरा करेंगे। पार्टी कार्यकर्ताओं को जागरूक करने और प्रशिक्षण देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि वे जनता के बीच जाति जनगणना को लेकर फैली गलतफहमियों को दूर कर सकें। ओडिशा में हाल ही में पूरी प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भंग किए जाने के बाद छत्तीसगढ़ में भी संभावित बदलाव की चर्चाओं ने जोर पकड़ लिया है। अब सभी की नजर हाईकमान के फैसले पर टिकी है।