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हेमंत सरकार एक्शन में: ‘मोंथा’ तूफान से प्रभावित किसानों की मदद को प्रशासन जुटा रहा नुकसान का आंकड़ा

रांची झारखंड में मोंथा तूफान की वजह से बड़ा नुकसान हुआ है। किसानों की सारी मेहनत पर बारिश का पानी फिर गया। वहीं, सरकार ने मोंथा चक्रवात की तबाही के बाद फसलों को हुए नुकसान का पूरा ब्यौरा जुटाने की तैयारी शुरू कर दी है। कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग ने सभी जिलों के उपायुक्तों को इस संबंध में आदेश जारी किया है। निर्देश में कहा गया है कि जिले के अधिकारी गांव-गांव जाकर खेतों की स्थिति का वास्तविक आकलन करें। कितनी फसलें बर्बाद हुईं और किसानों को कितना आर्थिक नुकसान हुआ इसका पूरा ब्यौरा तैयार कर तुरंत गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग को भेजा जाए। इसकी एक प्रति कृषि विभाग को भी भेजने के निर्देश हैं। विभाग ने बताया कि मोंथा चक्रवात से हुई भारी बारिश के कारण किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। इसलिए रिपोर्ट पूरी तरह तथ्यों पर आधारित और समय पर होनी चाहिए। इसके साथ ही कृषि निदेशक और जिला कृषि पदाधिकारियों को भी रिपोर्ट तैयार करने में जिला प्रशासन की मदद करने का निर्देश दिय गया है।  

‘मोंथा’ तूफान ने झारखंड में मचाई तबाही, खेतों में डूबा किसानों का पसीना

रांची  चक्रवाती तूफान मोंथा ने झारखंड में तबाही मचाई हुई है। राज्य में तीसरे दिन भी बारिश से जनजीवन ठप रहा। बारिश से खेत डूब गए। इसके अलावा बिजली भी बाधित रही। बारिश से धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद पाकुड़ की बात करें तो यहां बीते शुक्रवार की शाम से शुरू हुई मूसलाधार बारिश रात भर जारी रही और बूंदाबांदी अभी भी जारी है। आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं। बारिश इतनी तेज थी कि जिले के कई इलाकों में जनजीवन पूरी तरह ठप पड़ गया। लगातार हो रही बारिश से धान की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं। खेतों में पानी भर जाने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। केवल धान ही नहीं, बल्कि सरसों की खेती को भी इस तूफान का असर झेलना पड़ा है। किसानों में चिंता का माहौल तेज हवा और बारिश से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है। कई जगहों पर धान की फसलें खेतों में गिर गई हैं। इससे किसानों में चिंता का माहौल है। किसानों का कहना है कि अगले एक सप्ताह में धान की कटाई शुरू होने वाली थी, लेकिन अचानक आए इस मौसम बदलाव ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया।  

मौसम का मिजाज बदला: मोंथा तूफान से बढ़ी ठंड, कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली  उत्तर भारत में मौसम ने करवट ले ली है। मोंथा तूफान के प्रभाव से यूपी, बिहार, दिल्ली, MP, CG समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना (Weather Update) जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD Rain Alert) ने पूर्वी यूपी और बिहार के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में आए इस तूफान की वजह से उत्तर भारत तक ठंडी हवाएं पहुंच रही हैं। अब धीरे-धीरे सर्दी का असर बढ़ने लगा है और लोगों को गर्म कपड़े निकालने का समय आ गया है।   IMD का इन राज्यों में अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के कुछ जिलों में हल्की बारिश हो सकती है। विभाग ने पहले भी तीन दिन के लिए खराब मौसम का अलर्ट जारी किया था। अगले 48 घंटों में तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन बारिश के बाद ठंड में बढ़ोतरी तय है। मोंथा तूफान का असर सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में दिखाई दे रहा है।   दिल्ली में बारिश के आसार दिल्ली में भी 30 अक्टूबर को हल्की बारिश के आसार हैं। 28 अक्टूबर को दिल्ली सरकार ने कृत्रिम बारिश की कोशिश की थी ताकि प्रदूषण को कम किया जा सके, लेकिन सफलता नहीं मिली। अब जब मौसम विभाग ने प्राकृतिक बारिश का अनुमान लगाया है, तो राजधानी में वायु गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है। मौसम विभाग ने बताया कि 1 नवंबर के बाद दिल्ली में ठंड तेजी से बढ़ेगी। UP में बारिश की संभावना उत्तर प्रदेश में भी 30 और 31 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। पूर्वी यूपी के 17 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है। इनमें मऊ, वाराणसी, जौनपुर, प्रयागराज, अयोध्या, बाराबंकी, जालौन, बरेली और रायबरेली जैसे जिले शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवाएं चलने और तापमान में गिरावट की संभावना है।   MP में रेन अलर्ट मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। बुधवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और छह जिलों में वर्षा दर्ज की गई। उत्तरी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आई है। उज्जैन और शिवपुरी में सबसे अधिक तापमान में कमी देखी गई। उज्जैन का अधिकतम तापमान 9.9 डिग्री की गिरावट के साथ 23 डिग्री सेल्सियस और शिवपुरी का 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बुधवार रात को कई शहरों में तापमान 21 डिग्री तक पहुंच गया। सुबह से ही तेज ठंडी हवाओं और बादलों ने लोगों को सर्द मौसम का एहसास कराया। दिन का तापमान सामान्य से करीब सात डिग्री सेल्सियस कम रहा। कुल मिलाकर, मोंथा तूफान का असर अब उत्तर भारत में पूरी तरह दिखने लगा है। जहां बारिश से राहत मिलेगी, वहीं आने वाले दिनों में ठंड की शुरुआत और तेज होने की संभावना है। मौसम विभाग ने नागरिकों को सावधानी बरतने और यात्रा से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लेने की सलाह दी है।

मौसम विभाग की चेतावनी: झारखंड में मोंथा तूफान से भारी बारिश के आसार

रांची भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बीते मंगलवार को बंगाल की खाड़ी में बने चक्रवात के प्रभाव के कारण 31 अक्टूबर तक झारखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी वर्षा होने का अनुमान जताया है। आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि चक्रवाती तूफान ‘मोंथा' मंगलवार सुबह साढ़े पांच बजे तक एक भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। थाई भाषा में ‘मोंथा' का अर्थ सुगंधित फूल होता है। तूफान सुबह साढ़े पांच बजे मछलीपत्तनम से 190 किमी दक्षिण-पूर्व में, काकीनाडा से 270 किमी दक्षिण-पूर्व में तथा आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम से 340 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में केंद्रित था। बुलेटिन में कहा गया है, ‘इसके उत्तर-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ने और शाम और रात के दौरान भीषण चक्रवाती तूफान के रूप में मछलीपत्तनम और कलिंगापत्तनम के बीच काकीनाडा के आसपास आंध्र प्रदेश के तट को पार करने की आशंका है। इस दौरान हवा की अधिकतम गति 90-100 किमी प्रति घंटा होगी और हवाएं 110 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।' मौसम वैज्ञानिकों ने झारखंड के लिए चेतावनी जारी करते हुए कहा कि बुधवार को चतरा, गढ़वा, लातेहार और पलामू के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। उन्होंने कहा कि आज और 31 अक्टूबर को गिरिडीह, कोडरमा, लोहरदगा, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, रांची, खूंटी, गुमला, दुमका, गोड्डा, पाकुड़ और साहेबगंज के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश की आशंका है।  

मोंथा तूफान पहुंचा छत्तीसगढ़! आज इन इलाकों में झमाझम बारिश के आसार

रायपुर  गंभीर चक्रवाती तूफान मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. अगले 6 से 12 घंटों में यह गहरे दबाव में बदल सकता है. इसका प्रभाव आज छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिलेगा. बुधवार को चक्रवात के असर से पूरे प्रदेश में बारिश की संभावना है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है. साइक्लोन मोंथा से छत्तीसगढ़ में बदलेगा मौसम का मिजाज लेटेस्ट मौसम अपडेट के अनुसार मोंथा अब कमज़ोर होकर साधारण चक्रवाती तूफान बन गया है. तूफान लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है और अगले 6 से 12 घंटों में गहरे दबाव में बदल सकता है. प्रदेश में आज अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने और गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना जताई गई है. एक दो स्थानों पर भारी से अति भारी वर्षा होने की भी संभावना है. इस मौसमी तंत्र के प्रभाव से हवा की गति 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की चल सकती है. वर्षा का क्षेत्र मुख्यतः मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ रहने की संभावना है. वर्षा का क्षेत्र धीरे धीरे मध्य और उत्तर छत्तीसगढ़ की ओर केंद्रित रहने की सम्भावना है. वर्षा की गतिविधि 31 अक्टूबर तक लगातार जारी रहने की सम्भावना है. अगले 2 दिनों में एक-दो स्थानों पर मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है. बिलासपुर और सरगुजा संभाग के एक-दो स्थानों पर मेघगर्जन के साथ भारी वर्षा होने की संभावना है. रायपुर में आज कैसा रहेगा मौसम ? मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना जताई है. बादल गरजने-चमकने के साथ वर्षा हो सकती है. अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है.

ऊंची लहरों और तटीय खाली कराए जाने के बीच मोंथा साइक्लोन बढ़ा रहा डर

नई दिल्ली दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना चक्रवाती तूफान 'मोंथा' आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों की तरफ आगे बढ़ रहा है. जो आज, 28 अक्टूबर को रात तक एक प्रचंड चक्रवाती तूफान के रूप में आंध्र प्रदेश तट को पार कर सकता है. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, आंध्र प्रदेश तट पर मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच काकीनाडा के पास Cyclone Montha के टकराने का पूर्वानुमान है. आंध्र तट पर ऊंची लहरों की चेतावनी भारतीय राष्ट्रीय महासागर सूचना सेवा केंद्र (INCOIS) और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि चक्रवात 'मोंथा' के गंभीर चक्रवाती तूफान में बदलने के साथ आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से श्रीकाकुलम तक तटीय इलाकों में 2 से 4.7 मीटर ऊंची समुद्री लहरें उठ सकती हैं. दोनों एजेंसियों के संयुक्त बुलेटिन के मुताबिक, शाम 5:30 बजे से रात 11:30 बजे तक छह घंटे तक ये ऊंची लहरें रहेंगी. आंध्र प्रदेश के नेल्लोर से श्रीकाकुलम तक तट से सटे इलाकों में 2 से 4.7 मीटर ऊंची लहरें आने का अनुमान है. आंध्र तट पर बड़े पैमाने पर लोगों को निकाला जा रहा चक्रवाती तूफान मोंथा के अलर्ट के बीच आंध्र तट पर बड़े पैमाने पर लोगों को निकाला जा रहा है. इस बढ़ते खतरे को देखते हुए सरकार ने संभावित प्रभावित होने वाले सभी राज्यों में नेशनल डिजास्टर रिस्पांस फॉर्स (NDRF) की 22 टीमें तैनात की हैं.  अलर्ट मोड में प्रशासन, हेल्पलाइन नंबर जारी प्रशासन ने पहले ही कमर कस ली है. जरूरी सामान, तेल-गैस के भंडार भर लिए हैं. साफ पेयजल की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित की गई है. साथ ही SDRF और NDRF की टीमें तैनात हैं. 24×7 कंट्रोल रूम और 74 राहत केंद्र तैयार किए गए हैं. मोबाइल टावरों पर जनरेटर लगाकर कम्युनिकेशन एक्टिव रखा गया है. जनता से सतर्क रहने की अपील की जा रही है और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. – कलेक्टर ऑफिस, अनाकापल्ली: 08924222888, 08924226599, 08924225999 – राजस्व मंडल अधिकारी कार्यालय, अनाकापल्ली: 08924-223316 – राजस्व मंडल अधिकारी कार्यालय, नरसीपट्टनम: 08932-224420 Cyclone Montha: 110 की स्पीड से चलेंगी हवाएं IMD के मुताबिक, उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए यह 28 अक्टूबर की शाम/रात में मछलीपट्टनम और कालिंगपट्टनम के बीच काकिनाडा के आसपास आंध्र तट को पार करेगा. तब यह गंभीर चक्रवाती तूफान होगा, जिसमें हवा की रफ्तार 90-100 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों में 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है. तेज बारिश की संभावना, लोगों से सतर्क रहने की अपील लैंडफॉल के समय तटीय आंध्र प्रदेश और यनम के निचले इलाकों में ज्वारीय स्तर से करीब एक मीटर ऊपर तूफानी लहरें उठने से जलभराव हो सकता है. मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश के प्रभावित इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश जबकि कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है. प्रशासन ने संवेदनशील और निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की अपील की है. Montha के असर से विदर्भ में भी 30 अक्टूबर तक बारिश की संभावना चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के प्रभाव से महाराष्ट्र के विदर्भ में 30 अक्टूबर तक मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 'येलो' अलर्ट जारी करते हुए चंद्रपुर, गडचिरोली, वर्धा, वाशिम, यवतमाल, भंडारा, गोंदिया और नागपुर के कुछ स्थानों पर भारी बारिश, गरज के साथ बिजली, तेज हवाओं (40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार) की चेतावनी दी है. मोंथा के अलर्ट के बीच कई रेलवे ने रद्द की कई ट्रेनें चक्रवात 'मोंथा' के मद्देनजर भारतीय रेलवे ने दो दर्जन से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी हैं, जबकि कई ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं. रेलवे ने कैंसिल ट्रेनों की लिस्ट जारी की है. पूर्वी तट रेलवे (ईसीओआर) ने जानकारी दी कि यह कदम यात्रियों की सुरक्षा के हित और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है. तमिलनाडु के कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद तमिलनाडु के कई इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते जिला प्रशासन ने मंगलवार, 28 अक्टूबर को कुछ क्षेत्रों में स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश की घोषणा की है. चेंगलपट्टू और कडलूर जिलों में लगातार बारिश और निचले इलाकों में जलभराव को देखते हुए सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया गया है. वहीं, चेन्नई प्रशासन ने भी मंगलवार को स्कूलों की छुट्टी घोषित की है, क्योंकि भारी बारिश से शहर में सामान्य जीवन बाधित हुआ है.

‘मोन्था’ का प्रकोप: 28 अक्टूबर को सबसे खतरनाक दौर, 15 जिलों में अलर्ट

विशाखापट्टनम  दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में बन रहा गहराता दबाव अब ‘चक्रवाती तूफान मोन्था’ का रूप लेने जा रहा है। मौसम विभाग की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, यह सिस्टम आज यानी 27 अक्टूबर को पूरी तरह से साइक्लोन में तब्दील हो जाएगा। फिलहाल इसका केंद्र विशाखापट्टनम से करीब 830 किलोमीटर पूर्व में है, लेकिन इसकी दिशा ने मौसम विशेषज्ञों को चौंका दिया है — क्योंकि यह गुजरात की ओर न बढ़कर दक्षिण भारत के तटीय इलाकों की ओर मुड़ रहा है। इस बदलाव के चलते अगले 24 घंटे के लिए आंध्र प्रदेश, ओडिशा और तमिलनाडु के तटीय हिस्सों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया गया है, जबकि कर्नाटक, केरल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में भी भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कैसी है तूफान की मौजूदा स्थिति ‘मोन्था’ पिछले तीन घंटे में लगभग 16 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ा है। 27 अक्टूबर की सुबह तक इसका केंद्र — चेन्नई से लगभग 600 किमी दक्षिण-पूर्व, काकीनाडा से 680 किमी, विशाखापट्टनम से 710 किमी, और गोपालपुर (ओडिशा) से करीब 850 किमी दक्षिण में स्थित था। अगले 12 घंटे में यह सिस्टम और सशक्त होकर पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर बढ़ेगा और धीरे-धीरे गंभीर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है।  28 अक्टूबर को चरम पर पहुंचेगा ‘मोन्था’ मौसम विभाग का अनुमान है कि यह तूफान सोमवार रात या मंगलवार सुबह तक भीषण रूप धारण करेगा और 28 अक्टूबर की शाम या रात को आंध्र प्रदेश के काकीनाडा के पास मछलीपट्टनम और कलिंगपट्टनम के बीच तट से टकरा सकता है। लैंडफॉल के समय हवाओं की रफ्तार 90 से 110 किमी प्रति घंटा तक पहुंचने और मूसलाधार बारिश की संभावना है। राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन की पूरी तैयारी कर ली है — राहत दलों को सक्रिय कर दिया गया है और मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त चेतावनी दी गई है। तमिलनाडु और आंध्र में अलर्ट मोड आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम, विजयनगरम और काकीनाडा जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। तटीय गांवों को खाली कराया जा रहा है, जबकि काकीनाडा और आसपास के इलाकों में 20–30 सेंटीमीटर तक बारिश की संभावना है। लोगों को सुरक्षित साइक्लोन शेल्टरों में भेजा जा रहा है और प्रशासन ने जरूरी आपूर्ति — जैसे पानी, दूध और सब्ज़ियां — घर-घर पहुंचाने की व्यवस्था की है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों से बीच एरिया से पूरी तरह दूर रहने की अपील की गई है। ओडिशा के 15 जिलों में भी हाई अलर्ट ओडिशा सरकार ने पहले से ही आपदा से निपटने की तैयारी कर रखी है। राज्य में 5 NDRF और 24 ODRAF टीमें सक्रिय हैं, जबकि 15 जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। 128 डिजास्टर एक्शन यूनिट्स, 99 फायर सर्विस टीमों और 5000 बचावकर्मियों को फील्ड में तैनात किया गया है। स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र 30 अक्टूबर तक बंद रखे गए हैं। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने कहा है कि “हर जिला प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।” जरूरी हेल्पलाइन नंबर (Emergency Contacts) राष्ट्रीय आपात नंबर: 112 राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष: 1070 आपात राहत हेल्पलाइन (आंध्र प्रदेश): 1800 425 0101  चेतावनी और एहतियात मौसम विभाग ने सलाह दी है कि अगले तीन दिनों तक तटीय राज्यों के निवासी सतर्क रहें, और किसी भी परिस्थिति में समुद्र के किनारे या खुले इलाकों में न जाएं। मछुआरों से विशेष अपील की गई है कि वे 30 अक्टूबर तक समुद्र में न उतरें।