samacharsecretary.com

भूकंप का कहर: दो देशों में महसूस हुए तेज झटके, अफगानिस्तान और म्यांमार में दहशत

अफगानिस्तान एशिया के दो संवेदनशील भूकंपीय क्षेत्रों अफगानिस्तान और म्यांमार में एक बार फिर धरती कांप उठी है। हाल के दिनों में दोनों देशों में कई भूकंप दर्ज किए गए हैं, जिससे पहले से संकटग्रस्त आबादी के लिए खतरा और बढ़ गया है। अफगानिस्तान में भूकंप रविवार को अफगानिस्तान में 4.1 तीव्रता का भूकंप आया। नेशनल सेंटर फॉर सिस्मोलॉजी (NCS) के अनुसार, यह भूकंप 10 किलोमीटर की उथली गहराई पर आया, जिससे आफ्टरशॉक्स और नुकसान की आशंका बढ़ जाती है। भूकंप का केंद्र 33.74° उत्तरी अक्षांश और 65.70° पूर्वी देशांतर पर स्थित था। इससे पहले 15 जनवरी को 4.2 तीव्रता का भूकंप 96 किमी गहराई पर और 14 जनवरी को 3.8 तीव्रता का भूकंप 90 किमी गहराई पर दर्ज किया गया था। रेड क्रॉस के अनुसाaर, अफगानिस्तान विशेष रूप से हिंदूकुश क्षेत्र में स्थित होने के कारण बार-बार भूकंप झेलता है। यह इलाका भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की टकराहट की सीमा पर है। UNOCHA ने चेतावनी दी है कि दशकों के संघर्ष और कमजोर बुनियादी ढांचे के कारण अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। म्यांमार में लगातार झटके इसी तरह, म्यांमार में भी रविवार को 3.5 तीव्रता का भूकंप आया, जिसकी गहराई 65 किलोमीटर थी। NCS के अनुसार, इसका केंद्र 23.70° उत्तरी अक्षांश और 93.79° पूर्वी देशांतर पर था। विशेषज्ञों के अनुसार, उथले भूकंप अधिक खतरनाक होते हैं क्योंकि उनकी तरंगें सीधे सतह तक पहुंचती हैं और ज्यादा तबाही मचा सकती हैं।   म्यांमार चार टेक्टोनिक प्लेटों भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट के संगम पर स्थित है। यहां से गुजरने वाला 1,400 किमी लंबा सागाइंग फॉल्ट देश के प्रमुख शहरों सागाइंग, मांडले, बागो और यांगून के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है, जहां लगभग 46% आबादी रहती है।विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) पहले ही चेतावनी दे चुका है कि बड़े भूकंपों के बाद विस्थापित लोगों में टीबी, एचआईवी और जलजनित बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ता है।

आज फिलीपींस में आया 6.7 मैग्नीट्यूड का भूकंप, समुद्र के भीतर था केंद्र

मनीला फिलीपींस के पूर्वी हिस्से में बुधवार को 6.7 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, भूकंप का केंद्र बकुलिन शहर से 68 किलोमीटर पूर्व में था. इसकी गहराई सिर्फ 10 किलोमीटर थी. यह भूकंप समुद्र में हुआ था, जिसे ऑफशोर टेम्बलर कहा जा रहा है. फिलीपींस की भूकंप निगरानी एजेंसी फिवॉल्क्स (Phivolcs) ने चेतावनी दी है कि इस भूकंप से नुकसान हो सकता है. आफ्टरशॉक्स (झटके) आने की संभावना है. अभी तक किसी बड़े नुकसान या घायलों की कोई खबर नहीं आई है. लोगों में दहशत, लेकिन बड़ा नुकसान नहीं सुरिगाओ डेल सुर प्रांत के हिनातुआन शहर के स्थानीय पुलिस प्रमुख जोई मोनाटो ने बताया कि भूकंप इतना तेज नहीं था, लेकिन लोग डरकर बाहर भाग आए. उन्होंने कहा कि इलाके में लोग सुरक्षित हैं और अभी कोई गंभीर क्षति की सूचना नहीं है. भूकंप का केंद्र मिंदानाओ द्वीप के दावाओ ओरिएंटल क्षेत्र के पास था. यह इलाका रिंग ऑफ फायर पर स्थित है, जहां अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं. उथली गहराई की वजह से झटके ज्यादा महसूस होते हैं. क्या है आगे की स्थिति? अधिकारियों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. आफ्टरशॉक्स आने पर सुरक्षित जगह पर रहें. अभी तक सुनामी की कोई चेतावनी नहीं जारी की गई है. स्थानीय सरकार और राहत टीमें अलर्ट पर हैं. अगर कोई नुकसान होता है, तो उसकी जांच की जा रही है. फिलीपींस में हर साल हजारों भूकंप आते हैं, लेकिन ज्यादातर छोटे होते हैं. यह भूकंप हाल के दिनों में आए मध्यम स्तर के झटकों में से एक है. वैज्ञानिकों का कहना है कि ऐसे भूकंप प्राकृतिक हैं. 

न्यू ईयर ईव पर प्रकृति का कहर, 6 रिक्टर तीव्रता से हिली धरती

नई दिल्ली  एक तरफ जहां पूरी दुनिया नए साल के जश्न की तैयारी कर रही है तो दूसरी ओर जापान में भूकंप से धरती हिल गई है। नए साल की पूर्व संध्या पर जापान में छह रिक्टर स्केल का भूकंप आया है। यूनाइटेड स्टेट्स जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, बुधवार, 31 दिसंबर को जापान के नोडा शहर में 6 तीव्रता का भूकंप आया। USGS ने बताया कि भूकंप नोडा से करीब 91 किलोमीटर पूर्व में आया और इसकी गहराई 19.3 किलोमीटर थी। भूकंप को लेकर राहतभरी बात यह रही कि किसी भी नुकसान या जान-माल के नुकसान की तुरंत कोई जानकारी नहीं मिली है। इसके अलावा, नए साल की पूर्व संध्या पर दिन में पहले तिब्बत में दोपहर के समय 3.4 तीव्रता का भूकंप आया था। भूकंप भारतीय समयानुसार दोपहर करीब 3.26 बजे 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। इससे पहले नौ दिसंबर को उत्तरी जापान में देर रात 7.5 तीव्रता का एक शक्तिशाली भूकंप आया था, जिसके कारण 33 लोग घायल हो गए और प्रशांत महासागर के तटवर्ती इलाकों में सुनामी आ गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अग्निशमन एवं आपदा प्रबंधन एजेंसी ने बताया कि 33 लोग घायल हुए हैं जिनमें एक गंभीर रूप से घायल है। सार्वजनिक प्रसारक ‘एनएचके की खबर के अनुसार, अधिकतर लोग वस्तुएं गिरने के कारण घायल हुए। जापान के मुख्य होन्शू द्वीप के सबसे उत्तरी प्रांत आओमोरी के तट से लगभग 80 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में रात लगभग 11 बजकर 15 मिनट पर भूकंप आया था। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी तथा कहा कि यह सतह से 44 किलोमीटर (27 मील) नीचे आया। आओमोरी प्रांत के हाचिनोहे शहर में एक दुकान के मालिक नोबुओ यामादा ने एनएचके से कहा, ‘‘मैंने कभी इतना भीषण भूकंप नहीं देखा।’’ इसके भीषण भूकंप के बाद जापान में कई अन्य भूकंप के झटके भी महसूस किए गए हैं।

जापान में 6.7 का शक्तिशाली भूकंप, तटीय क्षेत्रों में सुनामी का खतरा, देश में चौथी बार भूकंप

टोक्यो जापान में आज सुबह फिर तेज झटके महसूस किए गए. समुद्र में आया 6.7 मैग्नीट्यूड का भूकंप इतना जोरदार था कि तटीय इलाकों से लेकर दूर बसे शहरों तक धरती हिल गई. भारतीय समय के मुताबिक यह भूकंप सुबह 8:14 बजे आया. इसकी गहराई 10.7 किलोमीटर थी, जो इसे खतरनाक बनाती है. भूकंप तट के करीब आया, और झटकों की तीव्रता देखकर कई जगह लोग घरों से बाहर भागते दिखे. दुकानों और दफ्तरों में अलार्म बजा दिए गए. जापान में भूकंप के बाद सुनामी की कहां चेतावनी? जापानी मीडिया आउटलेट के मुताबिक भूकंप के बाद जापान मौसम एजेंसी ने 1 मीटर तक ऊंची लहरें आने की चेतावनी जारी की है. कई तटीय इलाकों में दोपहर तक लगातार अलर्ट दिया गया. रिपोर्ट के मुताबिक होक्काइडो सेंट्रल पैसिफिक कोस्ट, आओमोरी प्रीफेक्चर, इवाते प्रीफेक्चर और मियागी प्रीफेक्चर में सुनामी की चेतावनी दी गई. बताया जा रहा है कि ये एक मीटर तक ऊंची हो सकती हैं. इसी हफ्ते आए कई भूकंप जापान इस हफ्ते भूकंपों की सीरीज से जूझ रहा है. सोमवार को 7.6 मैग्नीट्यूड का बड़ा भूकंप आया, जिसमें 50 से ज्यादा लोग घायल हुए. सड़कें टूटीं, इमारतें हिली, और छोटे सुनामी वेव्स भी दिखे. मंगलवार को होंचो शहर में 6.7 मैग्नीट्यूड के झटके महसूस किए गए. बुधवार को आओमोरी और होक्काइडो में 6.5 मैग्नीट्यूड का भूकंप आया. अब शुक्रवार को फिर 6.7, यानी जापान इस सप्ताह चौथे दिन कांप चुका है. जापान ने जारी की बड़ी चेतावनी सोमवार के भूकंप के बाद जापान एजेंसी ने दुर्लभ ‘मेगाक्वेक एडवाइजरी’ जारी कर दी है. एजेंसी का कहना है कि अगले एक हफ्ते में 8.0 या उससे बड़ा भूकंप आने की संभावना बढ़ गई है. 2011 का विनाशकारी 9.0 भूकंप भी इसी पैटर्न की तरह था. जापान की टेक्टॉनिक प्लेट्स इस समय भारी दबाव में हैं, खासकर होक्काइडो-सानरिकु तट के पास. आज आए भूकंप से क्या नुकसान हुआ? अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी नहीं मिली है. फिलहाल भूकंप के तुरंत बाद कई ट्रेनें रोक दी गईं. तटीय हाइवे बंद होने लगे हैं. वहीं स्थानीय. प्रशासन अलर्ट पर है. लोग अपने घरों से तुरंत बाहर निकल आए और खुले इलाके में जमा हो गए. सरकार ने कहा है कि हालात पर कड़ी नजर रखी जा रही है.

रिक्टर स्केल 6.1: सिंदिर्गी भूकंप ने हिला दिया तुर्की, अभी तक कोई हताहत नहीं, नुकसान की आशंका

सिंदिर्गी तुर्की में भोरे-भोरे जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए. रिक्टर स्कैल पर इसकी तीव्रता करीब 6.1 थी. इससे भारी नुकसान की आशंका है. यह भूकंप पूर्वी तुर्की के इलाके में आई है. स्थानीय समय के अनुसार सोमवार देर पूर्वी तुर्की के सिंदिर्गी शहर में यह भूंकप आया. बीते तीन महीनों में इस क्षेत्र को प्रभावित करने वाला दूसरा बड़ा भूकंप है. तुर्की की आपदा और आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी (AFAD) के अनुसार भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 10:48 बजे (1948 GMT) आया. इसका असर देश की आर्थिक राजधानी इस्तांबुल और पर्यटक स्थल इजमिर तक महसूस किया गया. अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. आंतरिक मामलों के मंत्री अली येरलिकाया ने बताया कि अगस्त में आए पिछले भूकंप के बाद खाली किए गए तीन भवनों और एक दुकान के ढहने की सूचना है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई. सिंदिर्गी, इजमिर से लगभग 138 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में पहाड़ी क्षेत्र में बसा एक छोटा शहर है, जो भूकंपीय गतिविधियों के लिए संवेदनशील है. अगस्त में भी आया था भूकंप इससे पहले 10 अगस्त को सिंदिर्गी में 6.1 तीव्रता के भूकंप ने एक व्यक्ति की जान ले ली थी और दर्जनों लोग घायल हुए थे. तुर्की भौगोलिक रूप से कई फॉल्ट लाइनों से होकर गुजरता है, जिसके कारण यह क्षेत्र भूकंपों के लिए अत्यधिक संवेदनशील है. फरवरी 2023 में दक्षिण-पश्चिम तुर्की में आए 7.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप ने अंताक्या (प्राचीन शहर एंटिओक) को तबाह कर दिया था, जिसमें कम से कम 53,000 लोगों की मौत हुई थी. इसके अलावा जुलाई की शुरुआत में इसी क्षेत्र में 5.8 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें एक व्यक्ति की मौत और 69 लोग घायल हुए थे. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य शुरू कर दिए गए हैं. भूकंप के बाद लोगों से सतर्क रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की गई है.

राजकोट और आसपास जिलों में भूकंप के झटके, गुजरात में लोगों में हलचल

राजकोट गुजरात के राजकोट में शुक्रवार दोपहर भूकंप के झटके महसूस किए गए. नेशनल सेंटर ऑफ सीस्मोलॉजी (NCS) ने बताया कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.4 दर्ज की गई. भूकंप का केंद्र बिंदु सौराष्ट्र के गोंडल क्षेत्र से 24 किमी पश्चिम-दक्षिण में था. राजकोट और आसपास के जिलों मे दोपहर 12:37:42 बजे के आसपास भूकंप का असर महसूस किया गया. लोगों ने घरों में झटके महसूस होने की बात कही, जिससे कुछ पल के लिए अफरा-तफरी मच गई. हालांकि, अभी तक किसी तरह के जान-माल के नुकसान या संपत्ति को क्षति की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं. गुजरात सरकार ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को देने को कहा है.

भूकंप से कांपा फिलीपींस, 7.4 की तीव्रता; सुनामी की आशंका जताई गई

मिंडानाओ फिलीपींस के मिंडानाओ इलाके में ज़ोरदार भूकंप आया है. इसकी तीव्रता 7.4 मापी गई, जो कि बहुत शक्तिशाली है. भूकंप का केंद्र करीब 20 किलोमीटर गहराई में था. इस भूकंप के बाद स्थानीय भूकंप विज्ञान एजेंसी फिवोल्क्स ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है. समुद्र किनार रहने वाले लोगों को तुरंत ऊंची जगहों पर जाने को कहा गया है.  यह भूकंप इतना खतरनाक था कि कई देशों में सुनामी की चेतावनी जारी की गई है. अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने कहा है कि भूकंप के केंद्र से 300 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक लहरें आ सकती हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स में किसी बड़े नुक़सान या तबाही की ख़बर नहीं आई है, लेकिन इतने शक्तिशाली भूकंप की वजह से लोग घबरा कर अपने घरों से बाहर निकल आए. मृतकों या घायलों की संख्या की पुष्टि नहीं हुई है. यह भूकंप मिंडानाओ और आस-पास के क्षेत्रों के लिए गंभीर चेतावनी है, क्योंकि यह इलाके भूकंप आने वाले सक्रिय क्षेत्रों में आते हैं. स्थानीय प्रशासन ने क्षतिग्रस्त इलाकों में राहत-बचाव कार्य शुरू कर दिया है. पहले अस्पताल, सड़कों और गंभीर रूप से प्रभावित इमारतों को प्राथमिकता दी जा रही है. फिलीपींस के राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने कहा कि सरकार लगातार स्थिति पर नजर रख रही है. शक्तिशाली भूकंप फिलीपींस के लिए ख़तरनाक  फिलीपींस भूकंपीय रूप से बहुत ज्यादा एक्टिव एरिया है, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें, जैसे फिलीपींस सी प्लेट और यूरेशियन प्लेट, एक-दूसरे के संपर्क में आती हैं और आपस में टकराती हैं. इन टकरावों की वजह से जमीन के अंदर बहुत तेज तनाव उत्पन्न होता है, जो अचानक मुक्त होने पर भूकंप का रूप ले लेता है. फिलीपींस के क्षेत्र में साल भर में 800 से ज्यादा भूकंप आते रहते हैं.  चूंकि इस क्षेत्र का भूकंप केंद्र अक्सर समुद्र के नीचे होता है, इसलिए इसका एक बड़ा खतरा सुनामी का भी होता है. भूकंप के कारण समुद्र तल में हलचल से बहुत बड़ी लहरें पैदा हो सकती हैं, जो तटीय इलाकों पर भारी तबाही मचा सकती हैं. तटीय क्षेत्रों में बसे कई बड़े शहर और गांव इन लहरों की चपेट में आ सकते हैं, जिससे मानवीय और आर्थिक नुकसान और भी बढ़ जाता है. फिलीपींस की घनी आबादी, कमजोर निर्माण सामग्री से बनी इमारतें, और प्रमुख शहरों का तटीय इलाकों में स्थित होना इस भूकंपीय खतरे को और भी गंभीर बना देता है. ऐसे भूकंप में न सिर्फ जनहानि होती है, बल्कि भारी आर्थिक नुकसान और पुनर्निर्माण की लंबी प्रक्रिया भी शुरू हो जाती है.

भूकंप ने मचाई तबाही: फिलीपींस में ज़ोरदार झटकों से इमारतें ढहीं, 60 की गई जान

मनीला फिलीपींस में  6.9 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया, जिसने देश के कई हिस्सों में तबाही मचाई. इस प्राकृतिक आपदा के कारण कई इमारतें ढह गईं और 60 लोगों की मौत हो गई. एक वरिष्ठ अधिकारी ने ये जानकारी दी है. भूकंप के केंद्र और प्रभावित क्षेत्रों का विवरण अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स में भारी नुकसान और हताहतों की पुष्टि हुई है. अधिकारी ने बताया कि स्थानीय समयानुसार दोपहर बाद कई इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस हुए, जिससे लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग घरों-ऑफिस से बाहर निकल आए. भूकंप के झटके इतने तीव्र थे कि कई इमारतें, खासकर पुरानी संरचनाएं, पूरी तरह ढह गईं. इससे कई लोग मलबे में दब गए.  बढ़ सकती है मृतकों की संख्या फिलीपींस के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिए हैं. मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बचाव टीमें दिन-रात काम कर रही हैं. मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, क्योंकि कई लोग अभी भी लापता हैं. जबकि घायलों को नजदीकी अस्पतालों में ले जाया गया है, जहां चिकित्सा टीमें उनकी देखभाल में जुटी हैं. बचाव एवं राहत कार्य शुरू एक वरिष्ठ आपदा प्रबंधन अधिकारी ने कहा, '6.9 तीव्रता का भूकंप बेहद शक्तिशाली था. कई इमारतें ढह गईं और 60 लोगों की जान चली गई. हम प्रभावित क्षेत्रों में बचाव और राहत कार्यों को तेज कर रहे हैं.' उन्होंने ये भी बताया कि बिजली और संचार सेवाएं कुछ क्षेत्रों में बाधित हो गई हैं, जिससे राहत कार्यों में चुनौतियां आ रही हैं. हमेशा बना रहता है भूकंप का खतरा फिलीपींस में भूकंप का खतरा हमेशा बना रहता है, क्योंकि यह प्रशांत महासागर के 'रिंग ऑफ फायर' पर स्थित है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियां बार-बार भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट का कारण बनती हैं. हाल के सालों में फिलीपींस में कई बड़े भूकंपों आए हैं, जिनमें 2013 का बोहोल भूकंप (7.2 तीव्रता) शामिल है, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे.

भूकंप की आफत: पड़ोसी देश में आए झटके, मेघालय में भी हिली ज़मीन

ढाका  भारत के पड़ोसी देश बांग्लादेश में रविवार को भूकंप का झटका महसूस किया गया, जिससे देश के मेघालय राज्य तक धरती हिल गई। हालांकि, राहत की बात यह है कि इससे कोई नुकसान नहीं हुआ। बांग्लादेश में रविवार को चार तीव्रता का भूकंप का झटका आया है। बांग्लादेश में भूकंप आने के बाद इसके झटके मेघालय में भी महसूस किए गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश से लगती मेघालय की सीमा के पास भारतीय समयानुसार पूर्वाह्न 11.49 बजे भूकंप महसूस किया गया। उन्होंने कहा कि मेघालय में किसी भी तरह के नुकसान या किसी के हताहत होने की तत्काल कोई खबर नहीं है। वहीं, गुजरात के कच्छ में भी रविवार को भूकंप का झटका महसूस किया गया। यहां 3.1 तीव्रता का भूकंप आया। आईएसआर ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भूकंप दोपहर 12 बजकर 41 मिनट पर आया और इसका केंद्र भचाऊ से लगभग 12 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था। सुबह लगभग छह बजकर 41 मिनट पर भी कच्छ में 2.6 तीव्रता का भूकंप आया था। सुबह आए भूकंप का केंद्र धोलावीरा से 24 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ने बताया कि इसमें जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। कच्छ जिला ‘अत्यधिक जोखिम’ वाले भूकंपीय क्षेत्र में स्थित है, जहां कम तीव्रता के भूकंप नियमित रूप से आते रहते हैं। कच्छ में वर्ष 2001 में आया भूकंप पिछली दो शताब्दियों में भारत का तीसरा सबसे बड़ा और दूसरा सबसे विनाशकारी भूकंप था। साल 2001 में आए भूकंप में लगभग 13,800 लोगों की मौत हो गई थी और 1.67 लाख लोग घायल हुए थे।  

भूकंप के तेज झटकों से दहला रूस, रिक्टर स्केल पर 7.8 की तीव्रता दर्ज

मॉस्को  रूस के पूर्वी क्षेत्र कामचटका में शुक्रवार को 7.8 तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस हुए। इस शक्तिशाली भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई है। हालांकि, भूकंप की वजह से अभी तक किसी के हताहत होने की खबर सामने नहीं आई है। भूकंप का केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था। मुख्य भूकंप के बाद 6 घंटे तक झटकों का सिलसिला जारी रहा। USGS के आंकड़ों के अनुसार, 30 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स दर्ज किए गए, जिनकी तीव्रता 4.4 से 5.8 के बीच रही। इन झटकों ने स्थानीय लोगों में दहशत फैला दी और कई लोग घरों से बाहर निकलकर खुले स्थानों में चले गए।। क्षेत्रीय गवर्नर व्लादिमीर सोलोदोव ने कहा कि आपातकालीन टीमें हाई अलर्ट पर हैं। भूकंप के तेज झटकों के बाद लोगों में दहशत का माहौल है। सोशल मीडिया पर भूकंप के कई वीडियो सामने आए हैं, जिसमें फर्नीचर, कारें, लाइट्स तेजी के साथ हिलते दिखाई दे रहे हैं। आफ्टरशॉक्स के सिलसिले     12:28 AM – 7.8 (मुख्य झटका)     12:38 AM – 5.8     12:56 AM – 5.6     1:33 AM – 5.6     3:07 AM – 5.7     5:52 AM – 5.4 इसके अलावा, दर्जनों झटके 4.4 से 5.4 तीव्रता के बीच रहे। सुनामी का अलर्ट जारी भूकंप के कुछ ही मिनटों के भीतर आवासीय भवनों और सार्वजनिक सुविधाओं का निरीक्षण शुरू कर दिया गया। कई तटीय क्षेत्रों में 0.5 मीटर से 1.5 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है। अधिकारियों ने निवासियों से तटीय इलाकों से दूर रहने की अपील की है। इससे पहले शनिवार (13 सितंबर) को भी कामचटका में 7.4 तीव्रता का भीषण भूकंप आया, जिसके बाद सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। 7.8 रही भूकंप की तीव्रता अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) की मानें तो भूकंप का केंद्र कामचटका प्रायद्वीप के पूर्वी तट से के पास धरती से करीब 85 किलोमीटर नीचे था. तो वहीं दूसरे भूकंप का केंद्र धरती के नीचे 30 किलोमीटर नीचे था. रूस की स्टेट जियोफिजिकल सर्विस के मुताबिक, भूकंप की तीव्रता 7.8 रही और उसके बाद करीब 5 आफ्टरशॉक लगे. भूकंप के झटकों के तुरंत बाद अमेरिकी मौसम विभाग ने सुनामी का अलर्ट जारी किया है. इसके साथ ही लोगों से समुद्री तटों से दूर रहने की अपील की है. क्यों कामचटका में आते हैं भूकंप? पेट्रोपावलोव्स्क-कमचाट्स्की दुनिया के सबसे भूकंपीय सक्रिय क्षेत्रों में आता है. यहां प्रशांत प्लेट और उत्तरी अमेरिकी प्लेट आपस में टकराती हैं, जिसके चलते अक्सर भूकंप आते रहते हैं. एक सप्ताह पहले शनिवार को इसी इलाके में 7.4 तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि, तब प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने कहा था कि सुनामी का कोई खतरा नहीं है. लगातार खतरे में कामचटका लगातार आने वाले तेज भूकंप यह दिखाते हैं कि रूस का यह इलाका हमेशा खतरे में रहता है. यहां रहने वाले लोग हर बार नई दहशत के बीच जीते हैं, जबकि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां लगातार नज़र बनाए हुए हैं. इससे पहले बुधवार को भी नेपाल में भूकंप आया था. तब 4 की तीव्रता वाले भूकंप से देश हिला था. भूकंप की गहराई 10 किमी थी. एक हफ्ते में तीसरी बार भूकंप के झटके रूस के कामचटका में पिछले एक महीने के भीतर कई बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. बीते एक सप्ताह में ये तीसरी बार है कि जब कामचटका की धरती भूकंप के कारण कांपी है. शुक्रवार रात को यहां 2 बार झटके महसूस किए गए हैं. इससे पहले, 29 जुलाई 2025 को कामचटका तट के पास 8.8 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था. इसे पिछले एक दशक के सबसे बड़े भूकंपों में गिना गया. इस भूकंप के बाद कई देशों में अलर्ट जारी किया गया था. भूकंप के बाद समुद्र में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगी थी. हालांकि मौसम विभाग के अलर्ट के बाद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया था.