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भारत-मालदीव रिश्तों में गर्माहट: स्वतंत्रता समारोह में प्रधानमंत्री मोदी होंगे मुख्य अतिथि

नई दिल्ली मोहम्मद मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार दो दिवसीय मालदीव की यात्रा पर जा रहे हैं। वह मालदीव की आजादी की 60वीं सालगिरह के जश्न में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल होंगे। प्रधानमंत्री 25 और 26 जुलाई को मालदीव में रहगें। राष्ट्रपति मुइज्जू ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मालदीव आने का न्योता दिया था। अपने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्य अतिथि बनाना इस बात की ओर संकेत करता है कि मालदीव और भारत के रिश्ते फिर से पटरी पर लौट रहे हैं। वहीं मालदीव को अपनी पिछली गलतियों का अहसास भी हो गया है। इस यात्रा का उद्देश्य भारत-ब्रिटेन मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना है। मुक्त व्यापार समझौते से 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना करने का मार्ग प्रशस्त होगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, मोदी पहले चरण में दो दिवसीय यात्रा पर ब्रिटेन जाएंगे और फिर मालदीव की यात्रा करेंगे। क्यों अहम है पीएम मोदी की यह यात्रा प्रधानमंत्री की 25 से 26 जुलाई तक होने वाली मालदीव यात्रा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह द्विपक्षीय संबंधों को पुनः स्थापित करने का प्रतीक है। चीन समर्थक माने जाने वाले मोहम्मद मुइज्जू के नवंबर 2023 में सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव पैदा हो गया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, अपनी यात्रा के पहले चरण में मोदी 23 से 24 जुलाई को ब्रिटेन की यात्रा पर जाएंगे और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री केअर स्टॉर्मर के साथ व्यापक वार्ता करेंगे। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की लंदन यात्रा के दौरान भारत और ब्रिटेन द्वारा मुक्त व्यापार समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किये जाने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन ने समझौते पर हस्ताक्षर करने की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी कर ली है। मई में भारत और ब्रिटेन ने मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया था, जिससे 99 प्रतिशत भारतीय निर्यात को टैरिफ से लाभ मिलने की उम्मीद है और इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए भारत में व्हिस्की, कार और अन्य उत्पादों का निर्यात आसान हो जाएगा, साथ ही समग्र व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। यूरोपीय संघ छोड़ने के बाद ब्रिटेन द्वारा किए गए सबसे बड़े मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साथ-साथ, दोनों पक्षों ने दोहरे योगदान समझौते पर भी हस्ताक्षर किए। यह भारतीय कामगारों के नियोक्ताओं को ब्रिटेन में सामाजिक सुरक्षा अंशदान देने से छूट प्रदान करता है। अधिकारियों के अनुसार, तीन वर्षों की बातचीत के बाद तय हुए इस व्यापार समझौते से सभी क्षेत्रों में भारतीय वस्तुओं के लिए व्यापक बाजार पहुंच सुनिश्चित होने की उम्मीद है और भारत को लगभग 99 प्रतिशत टैरिफ लाइन (उत्पाद श्रेणियों) पर टैरिफ हटने से लाभ होगा, जो लगभग 100 प्रतिशत व्यापार मूल्यों को कवर करेगा। ब्रिटेन सरकार के एक बयान में कहा गया था कि भारतीय टैरिफ में कटौती की जाएगी, जिससे 90 प्रतिशत टैरिफ लाइन में कटौती सुनिश्चित हो जाएगी, तथा इनमें से 85 प्रतिशत एक दशक के भीतर पूरी तरह टैरिफ मुक्त हो जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि एफटीए से द्विपक्षीय व्यापार 2030 तक वर्तमान 60 अरब अमेरिकी डॉलर से दोगुना हो जाएगा। विदेश मंत्रालय ने  दो देशों की यात्रा की घोषणा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, स्टॉर्मर के साथ भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय संबंधों के संपूर्ण पहलुओं पर व्यापक चर्चा करेंगे, साथ ही क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान भी करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की ब्रिटेन की चौथी यात्रा होगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के महाराजा चार्ल्स तृतीय से भी मुलाकात करने की संभावना है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "यात्रा के दौरान दोनों पक्ष व्यापार और अर्थव्यवस्था, प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा और सुरक्षा, जलवायु, स्वास्थ्य, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों पर विशेष ध्यान देते हुए व्यापक रणनीतिक साझेदारी की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे।" लंदन से मोदी मालदीव जाएंगे। वह मुख्य रूप से 26 जुलाई को मालदीव की स्वतंत्रता की 60वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित होने वाले समारोह में शामिल होंगे। यह मोदी की मालदीव की तीसरी यात्रा होगी तथा नवंबर 2023 में राष्ट्रपति मुइज्जू के पदभार ग्रहण करने के बाद भारतीय शासनाध्यक्ष की पहली यात्रा होगी। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति मुइज्जू आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे और 'व्यापक आर्थिक एवं समुद्री सुरक्षा साझेदारी' के लिए भारत-मालदीव संयुक्त दृष्टिकोण के कार्यान्वयन में प्रगति का जायजा लेंगे। यह संयुक्त दृष्टिकोण पिछले साल अक्टूबर में मुइज्जू की भारत यात्रा के दौरान अपनाया गया था। विदेश मंत्रालय ने कहा, “यह यात्रा भारत द्वारा अपने समुद्री पड़ोसी, मालदीव को दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है, जो भारत की 'पड़ोसी प्रथम' नीति और ‘विजन महासागर’ (क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास के लिए पारस्परिक और समग्र उन्नति) में एक विशेष स्थान रखता है।” मंत्रालय ने कहा कि यह यात्रा दोनों पक्षों को घनिष्ठ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा तथा मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी।

मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विदेश यात्रा से लौटने पर खाद्य मंत्री राजपूत ने दी शुभकामनाएं डॉ. यादव की विदेश यात्रा से वापसी पर खाद्य मंत्री ने किया स्वागत, दी शुभकामनाएं मुख्यमंत्री के स्वदेश आगमन पर खाद्य मंत्री राजपूत ने व्यक्त की खुशी डॉ. यादव की वापसी पर मंत्रिमंडल में उल्लास, खाद्य मंत्री ने दी हार्दिक बधाई मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास को मिलेंगे नए आयाम भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की दुबई और स्पेन की सफल विदेश यात्रा के बाद मंगलवार को कैबिनेट बैठक से पूर्व खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत किया। मंत्री राजपूत ने मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि यह यात्रा मध्यप्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शी सोच और निर्णायक नेतृत्व से प्रदेश में वैश्विक निवेश के नए द्वार खुलेंगे। राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री की यह ऐतिहासिक यात्रा प्रदेश में औद्योगीकरण को नई गति देगी, जिससे हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 13 से 19 जुलाई 2025 तक दुबई और स्पेन के प्रवास पर थे। इस दौरान उन्होंने 'ग्लोबल डायलॉग 2025' के तहत मध्यप्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और रोजगार सृजन को लेकर अनेक वैश्विक कंपनियों और संगठनों से मुलाकाते की। दुबई में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने डीपी वर्ल्ड, जेबेल अली फ्री जोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय समूहों से मध्यप्रदेश में निवेश को लेकर सकारात्मक चर्चा की। स्पेन में उन्होंने ला लीगा मुख्यालय, यूरोपीय टेक्सटाइल निर्माता संघ और स्पेनिश फिल्म आयोग के अधिकारियों से बैठक कर खेल, पर्यटन और फिल्म उद्योग में संभावनाओं को टटोला। मुख्यमंत्री डॉ यादव की विदेश यात्रा के बाद प्रदेश में 11 हजार करोड़ से अधिक के निवेश की संभावनाएं बनी है, जिससे लगभग 14000 से अधिक लोगों को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। वैश्विक मंच पर चमकेगा मध्यप्रदेश मंत्री राजपूत ने कहा कि यह यात्रा प्रदेश को वैश्विक मंच पर प्रतिष्ठित करेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव की रणनीतिक पहल से आने वाले समय में प्रदेश में निवेशकों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि होगी और इससे उद्योग, सेवा, खेल, पर्यटन, टेक्सटाइल व फिल्म सेक्टर में रोजगार और विकास के नए द्वार खुलेंगे। मंत्री राजपूत ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सतत विकास की दिशा में मजबूत कदम बढ़ा रहा है। उनकी कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को निवेशकों के लिए एक आकर्षक गंतव्य बना दिया है।  

कांवड़ यात्रा में उमड़ेगा आस्था का सैलाब, जितेन्द्र वर्मा के नेतृत्व में 28 जुलाई को टोलाघाट पहुंचेंगे हजारों शिवभक्त

रायपुर  पवित्र श्रावण मास के तीसरे सोमवार को बोल बम कांवड़ यात्रा समिति, पाटन द्वारा भव्य कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यह यात्रा पुराना बाजार पाटन से प्रारंभ होकर टोलाघाट तक जाएगी, जिसमें सैकड़ों शिवभक्त भगवा वस्त्र धारण कर हर-हर महादेव और बोल बम के जयकारों के साथ सहभागी बनेंगे। कांवड़ यात्रा को भव्य और दिव्य बनाने के लिए समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा के मार्गदर्शन में गांव–गांव में बैठकों और तैयारियों का जोर चल रहा है। आज ग्राम सेलूद, पतोरा, पाटन एवं टोलाघाट में बैठक सम्पन्न हुआ। समिति के संयोजक जितेन्द्र वर्मा ने बैठक में यात्रा की रूपरेखा की जानकारी दी और यात्रा को अधिक भव्य, सुरक्षित व अनुशासित रूप देने हेतु विस्तृत चर्चा की गई। पिछले वर्षों की समीक्षा करते हुए इस बार यात्रा में नए उत्साह के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं भक्तिमय वातावरण निर्माण के साथ जल संरक्षण पर विशेष बल दिया गया है। टोलाघाट में प्रसिद्ध सांस्कृतिक एवं भक्तिमय गायिका पायल साहू की संगीतमय प्रस्तुति, जो श्रद्धालुओं को शिवभक्ति में सराबोर करेगी। यात्रा के संयोजक श्री जितेन्द्र वर्मा जी ने कहा कि श्रावण मास में कांवड़ यात्रा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि हमारी आस्था, एकता और शिवभक्ति का प्रतीक है। यह यात्रा पाटन की पवित्र परंपरा बन चुकी है। मैं सभी शिवभक्तों से अपील करता हूं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस आध्यात्मिक यात्रा को सफल बनाएं। हर हर महादेव की गूंज के साथ हम एक नई ऊर्जा, विश्वास और भक्ति का संचार करेंगे। कांवड़ यात्रा को लेकर जन–जन उत्साहित हैं। बैठक में नगर पंचायत अध्यक्ष योगेश निक्की भाले जी,भाजपा पाटन मण्डल अध्यक्ष रानी बंछोर,विनोद साहू,दिलीप साहू,खेमलाल साहू,केशव बंछोर,निशा सोनी,रवि सिन्हा,गिरधर वर्मा,सुरेश निषाद,दिव्या कलिहारी साहू, प्रवीण मढ़रिया,राकेश आडिल,भावना निषाद,विष्णु निषाद,केवल देवांगन,अमित वर्मा,संतराम कुम्भकार,सुनील वर्मा,राजेन्द्र वर्मा,नीलमणी साहू,संतोष घिरवानी,संगीता धुरंधर, चंद्रप्रकाश देवांगन,अन्नपूर्णा पटेल,विनोद बाग,देवेन्द्र ठाकुर,मनोज वर्मा,अनुपम साहू,चन्द्रिका साहू,रेणुका बिजौरा,अवधेश ठाकुर,गुलशन सोनी,कुणाल वर्मा,घनश्याम सोनी,भुनेश्वर साहू,  देवचरण कौशल,  टीकाराम देवांगन , हर प्रसाद आडिल गोरेलाल श्रीवास , सनत वर्मा, चित्र सेन कलिहारी राजीव साहू ,शशिकांत देवांगन ,मनोज साहू ,राधेश्याम साहू ,करण साहू ,हेमचंद ठाकुर , महेंद्र साहू,श्रीमती सरस्वती साहू ,दीपक साहू, डिलेश्वरी साहू ,एकता साहू ,दीप्ति श्रीवास, कमलेश्वरी साहू ,जितेंद्र देवांगन ,लोकेश्वर ठाकुर, देवनारायण ठाकुर,कालेश्वर शुक्ला,रमेश देवांगन,तारेंद्र बंछोर,महेश्वर बंछोर,खेमिन साहू,केवरा साहू,राजू साहू,चंचल यादव,मनेंद्र वैष्णव,अतीस सपहा,रमेश वर्मा,बेनीराम साहू,विकास साहू,तिलेश्वर निषाद,गजेन्द्र निषाद, लवकुश निषाद,लक्ष्मण विनायक सहित शिव भक्त बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

MP में बदलेगा मौसम का मिजाज, आज 12 जिलों में भारी बारिश और कल से पूरे प्रदेश में तेज बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश में सिस्टम कमजोर पड़ने की वजह से पिछले 4 दिन से भारी बारिश का दौर थमा था। मंगलवार से फिर शुरू होगा। मौसम विभाग ने जबलपुर समेत 12 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं बुधवार से पूरे प्रदेश में भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले सोमवार को इंदौर समेत कई जिलों में बारिश हुई।  इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग द्वारा जारी अलर्ट के अनुसार जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, बालाघाट, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, देवास और सीहोर। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। बाकी बचे जिलों में भी हल्की बारिश और गरज-चमक का अलर्ट है। साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून टर्फ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान बुरहानपुर, खंडवा, बैतूल, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा, सिवनी, इंदौर, देवास, उज्जैन, हरदा, पांढुर्णा, खरगोन और सीहोर जिलों में हल्की बारिश, आंधी चलने की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम की वजह से अगले चार दिन तक भारी बारिश का दौर रहने वाला है। वहीं, मानसून ट्रफ लाइन भी एक्टिव है। दूसरी ओर, 24 जुलाई से बंगाल की खाड़ी में नया लो प्रेशर एरिया (दम दबाव का क्षेत्र) सक्रिय हो रहा है। इसका असर भी प्रदेश में देखने को मिलेगा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 जिलों में बारिश पिछले 24 घंटे के दौरान भोपाल, इंदौर-उज्जैन समेत 12 से अधिक जिलों में बारिश हुई। इंदौर-सिवनी में पौन इंच पानी गिर गया। वहीं, सतना और सीधी में आधा इंच से ज्यादा, खजुराहो, उमरिया और बालाघाट के मलाजखंड में करीब आधा इंच बारिश हुई। दमोह, जबलपुर, सागर, रायसेन में भी बारिश का दौर चला। कई जिलों में हुई बारिश सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश हुई यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा। 23-24 जुलाई को भी प्रदेश में तेज बारिश का अलर्ट है। इस सीजन में अब तक 20.7 इंच हो चुकी है बारिश बता दें कि प्रदेश में इस मानसूनी सीजन में औसत 20.7 इंच बारिश हो चुकी है, जबकि अब तक 13.2 इंच बारिश होनी थी। इस हिसाब से 7.5 इंच बारिश ज्यादा हो चुकी है, जो 57% अधिक है। 3 जिले- निवाड़ी, टीकमगढ़ और श्योपुर में तो कोटा पूरा हो चुका है। इन जिलों में सामान्य से 15% तक ज्यादा पानी गिर चुका है। ग्वालियर समेत 5 जिलों भी बेहतर स्थिति में है। यहां 80 से 95% तक बारिश हो चुकी है। दूसरी ओर, इंदौर और उज्जैन संभाग सबसे पीछे है। इंदौर, उज्जैन, शाजापुर, बुरहानपुर और आगर-मालवा में 10 इंच से भी कम पानी गिरा है। इंदौर में तेज बारिश, कई इलाकों में सड़कें डूबीं सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिला। इंदौर में तेज बारिश की वजह से सड़कें डूब गईं। खजराना मंदिर के सर्विस रोड पर एक कार गड्ढे में फंस गई। तीन इमली चौराहे पर ज्यूपिटर हॉस्पिटल के पहले सर्विस रोड पर भी पानी भर गया, जिससे वाहनों की आवाजाही में परेशानी हुई। मौसम विभाग ने यहां 19 मिमी यानी, पौन इंच बारिश दर्ज की। सिवनी में भी इतनी ही बारिश हुई। उमरिया, बालाघाट के मलाजखंड, खजुराहो और मंडला में आधा इंच पानी गिरा। सागर में भी हल्की बारिश हुई। इसी तरह मंडला, अनूपपुर, सिवनी, डिंडौरी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, जबलपुर, बैतूल, उमरिया, उज्जैन, हरदा, बड़वानी, रायसेन, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, दमोह, शहडोल, श्योपुर, विदिशा, सीहोर, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, सिंगरौली आदि जिलों में भी मौसम बदला रहा।  

उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा राष्ट्रपति ने स्वीकारा, गृह मंत्रालय को भेजी आगे की कार्रवाई के लिए फाइल

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने उपराष्ट्रपति धनखड़ का इस्तीफा मंजूर किया। सोमवार शाम को ही उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा राष्ट्रपति मुर्मू को भेजा था। इसी के बाद से सियासी पारा चढ़ गया था। उनका कार्यकाल अगस्त 2027 में पूरा होना था.राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को भेजे इस्तीफे में धनखड़ ने स्वास्थ्य कारणों को का इसका कारण बताया है. धनखड़ के इस्तीफे के बाद अब उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. नियमानुसार इसकी कोई समय सीमा तो नहीं है, लेकिन चुनाव जल्द से जल्द कराना होगा. धनखड़ ने इस्तीफा ऐसे समय दिया है, जब बीजेपी अपने नए अध्यक्ष की तलाश कर रही है. धनखड़ के इस्तीफे से बीजेपी का काम बढ़ गया है.  धनखड़ के इस्तीफे पर बोले PM मोदी- उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना जगदीप धनखड़ के एक अप्रत्याशित घटनाक्रम में स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने के एक दिन बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना की है। पीएम मोदी ने मंगलवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि श्री धनखड़ को उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है । पीएम ने क्या लिखा प्रधानमंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि जगदीप धनखड़ जी को भारत के उपराष्ट्रपति सहित कई भूमिकाओं में देश की सेवा करने का अवसर मिला है। मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं। उल्लेखनीय है कि धनखड़ ने सोमवार देर शाम अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को लिखे त्यागपत्र में उन्होंने कहा कि वह स्वास्थ्य कारणों से उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे रहे हैं। हाल ही में हुई थी एंजियोप्लास्टी धनखड़ (74) ने अगस्त 2022 में उपराष्ट्रपति का पदभार संभाला था और उनका कार्यकाल 2027 तक था। राज्यसभा के सभापति धनखड़ का इस्तीफा संसद के मानसून सत्र के पहले दिन आया। हाल में उनकी दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में एंजियोप्लास्टी हुई थी और इस वर्ष मार्च में उन्हें कुछ दिनों के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कुछ अवसरों पर उनकी हालत ठीक नहीं दिखी थी, लेकिन संसद सहित सार्वजनिक कार्यक्रमों में वह अक्सर ऊर्जावान ही दिखे। वहीं, विपक्ष उपराष्ट्रपति के इस्तीफे को लेकर सवाल उठा रहा है। कार्यकाल के बीच में इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति गौरतलब है कि जगदीप धनखड़ सोमवार को कार्यकाल के बीच में पद से इस्तीफा देने वाले तीसरे उपराष्ट्रपति बन गए। इससे पहले, वीवी गिरि ने उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया था, जिन्होंने तीन मई 1969 को तत्कालीन राष्ट्रपति जाकिर हुसैन के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाला था। वहीं, भैरों सिंह शेखावत ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) उम्मीदवार प्रतिभा पाटिल के खिलाफ राष्ट्रपति चुनाव में हारने के बाद 21 जुलाई 2007 को उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा दे दिया। अब बीजेपी क्या करेगी जगदीप धनखड़ जनता दल और कांग्रेस से होते हुए बीजेपी में शामिल हुए थे. धनखड़ के इस्तीफे के बाद बीजेपी को उनके उत्तराधिकारी की तलाश करनी होगी. उसके पास अपने नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश के साथ ही नए उपराष्ट्रपति के तलाश का भी काम आ गया है. बीजेपी इस समय केंद्र में गठबंधन की सरकार चला रही है. उसे चंद्रबाबू नायडू के तेदेपा, नीतीश कुमार के जेडीयू और एकनाथ शिंदे की शिवसेना के साथ-साथ कई और छोटे दलों का समर्थन हासिल हैं. इसलिए बीजेपी को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपने उम्मीदवार की तलाश में सहयोगी दलों के हितों का भी ध्यान रखना होगा. नए उम्मीदवार में उसे संसदीय परंपराओं की जानकारी के साथ-साथ सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर चलने की क्षमता का भी ध्यान रखना होगा. संसद के मानसून सत्र में सरकार कई विधयेक लेकर आने वाली है, वहीं वन नेशन, वन इलेक्शन, जैसा बिल भी लाया जाना है. इसे पास कराने में नए उपराष्ट्रपति की भूमिका महत्वपूर्ण होगी.  बीजेपी के अध्यक्ष की तलाश बीजेपी को ये दोनों काम ऐसे समय करने पड़ रहे हैं, जब लोकसभा चुनाव का समय नजदीक आता जा रहा है. ऐसे में बीजेपी को एक ऐसे अध्यक्ष की तलाश है, जो लगातार चौथी बार पार्टी की जीत का रास्ता बना सके. बीजेपी के नए अध्यक्ष पर उम्मीदों का बड़ा बोझ होगा. उसके सामने अमित शाह जैसे प्रदर्शन की चुनौती होगी. वहीं बीजेपी को एक ऐसे उपराष्ट्रपति पद के लिए एक ऐसे व्यक्ति की तलाश करनी होगी, जिसमें सदन के सुचारु रूप से चलाने की क्षमता हो.क्योंकि आने वाला समय बीजेपी के लिए काफी महत्वपूर्ण है. नरेंद्र मोदी सरकार कई ऐसे बिल लेकर आ रही है, जिन्हें सुचारू रूप से पास कराना चुनौती होगी.  इन सबके बाद संगठन और सरकार में भी नए बदलाव की उम्मीद की जा रही है. कैबिनेट में विस्तार की चर्चाएं तेज हो गई हैं. ऐसी भी चर्चाएं हैं कि कुछ मंत्रियों को संगठन और कुछ नेताओं को कैबिनेट में जगह दी जा सकती है.इसकी संभावना काफी दिनों से जताई जा रही है.  कब और कैसे मिलेगा देश को नया उपराष्ट्रपति? जानिए जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने सियासी भूचाल ला दिया है. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का इस्तीफा ऐसे समय में आया है, जब संसद का मानसून सत्र चल रहा है. मानसून सत्र के पहले दिन ही धनखड़ के इस्तीफे से हलचल बढ़ गई. इस इस्तीफे के बाद अब सवाल है कि आगे क्या होगा? चलिए इसे विस्तार से समझते हैं. उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने से उनके उत्तराधिकारी की दौड़ शुरू हो गई है. अब सवाल है कि जगदीप धनखड़ का उत्तराधिकारी कौन होगा? दरअसल, भाजपा नीत एनडीए को निर्वाचक मंडल में बहुमत प्राप्त है, जिसमें लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य शामिल हैं. आगामी दिनों में संभावित नामों पर विचार किए जाने की संभावना है. भाजपा के पास इस पद पर चुनने के लिए नेताओं का एक बड़ा समूह है. राज्यपालों में से या संगठन के अनुभवी नेताओं अथवा केंद्रीय मंत्रियों में से किसी का चुनाव किया जा सकता है. जगदीप धनखड़ भी उपराष्ट्रपति बनने से पहले पश्चिम बंगाल के राज्यपाल थे. अब कौन संभालेगा कमान? संविधान के अनुच्छेद 67(ए) के तहत राष्ट्रपति मुर्मू ने उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया. अब राज्यसभा में सभापति … Read more

पाक सीमा पर मंडराएगा अपाचे का कहर: अमेरिका ने भारत को सौंपे खतरनाक युद्धक हेलीकॉप्टर

नई दिल्ली भारतीय सेना की रक्षा क्षमताओं को और मजबूती मिली है। अमेरिका से बोइंग एएच-64ई अपाचे अटैक हेलीकॉप्टरों का पहला जत्था आज भारत को सौंप दिया। इन अत्याधुनिक युद्धक हेलीकॉप्टरों को राजस्थान के जोधपुर में तैनात किया जाएगा, जो भारतीय सेना की सामरिक शक्ति को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा। इस उपलब्धि को रक्षा क्षेत्र में एक ‘मील का पत्थर’ माना जा रहा है, क्योंकि ये हेलीकॉप्टर सेना को युद्धक्षेत्र में अभूतपूर्व ताकत और सटीकता प्रदान करेंगे। अधिकारियों ने बताया कि अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज ‘बोइंग’ ने मंगलवार को भारतीय सेना को तीन अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टर सौंपे। एएच-64 अपाचे दुनिया के सबसे एडवांस बहुउद्देशीय लड़ाकू हेलीकॉप्टरों में से एक है और इसे अमेरिकी सेना भी उड़ाती है। सेना की मारक क्षमता में इजाफा ये हेलीकॉप्टर भारतीय सेना के लिए खरीदे गए छह अपाचे हेलीकॉप्टरों की पहली खेप हैं। बता दें कि हेलीकॉप्टरों 5,691 करोड़ रुपये के सौदे का हिस्सा हैं। इनकी तैनाती जोधपुर में की जाएगी, जहां सेना ने करीब 15 महीने पहले अपना पहला अपाचे स्क्वाड्रन खड़ा किया था। सेना के अधिकारियों ने पुष्टि करते हुए कहा, “भारतीय सेना के लिए खरीदे गए पहले अपाचे अटैक हेलीकॉप्टर भारत पहुंच चुके हैं। इन्हें जोधपुर में तैनात किया जाएगा।” बचे हुई तीन हेलीकॉप्टरों की डिलीवरी वर्ष 2025 के अंत तक पूरी होने की उम्मीद है। अपाचे AH-64E गार्जियन को "आसमान का टैंक" कहा जाता है, क्योंकि ये घातक मारक क्षमता, लंबी दूरी तक अभियान चलाने की क्षमता और नेटवर्क-सेंट्रिक वारफेयर जैसी तकनीकों से लैस हैं। यह हेलीकॉप्टर विशेष रूप से उन अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है, जहां दुश्मन की स्थिति चुनौतीपूर्ण हो। इसमें एडवांस नाइट विजन, हर मौसम में लक्ष्य साधने की क्षमता और श्रेष्ठ नेविगेशन सिस्टम मौजूद हैं, जो इसे किसी भी तरह के हमले या रक्षा अभियान के लिए बेहद कारगर बनाते हैं। सेना में अपाचे हेलीकॉप्टरों की तैनाती वायुसेना के साथ संयुक्त अभियानों में भी एक बड़ी रणनीतिक बढ़त मानी जा रही है। भारतीय वायुसेना पहले से ही दो स्क्वाड्रन अपाचे चला रही है- एक पठानकोट में और दूसरा जोरहाट, असम में। डिलीवरी में हुई देरी इस डिलीवरी में देरी वैश्विक सप्लाई चेन में आई बाधाओं और बदलते भू-राजनीतिक हालातों के कारण हुई। ये हेलीकॉप्टर मई-जून 2024 तक भारत आने वाले थे, लेकिन डिलीवरी में विलंब हो गया। इन हेलीकॉप्टरों की खरीद का समझौता वर्ष 2020 में अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की भारत यात्रा के दौरान हुआ था, जिसकी कुल कीमत लगभग 600 मिलियन डॉलर (5,691 करोड़ रुपये) थी। गौरतलब है कि इससे पहले 2015 में भारत सरकार ने भारतीय वायुसेना के लिए 22 अपाचे हेलीकॉप्टरों की खरीद के लिए अलग समझौता किया था, जिसकी डिलीवरी 2020 के मध्य तक पूरी कर ली गई थी। इन नई अपाचे हेलीकॉप्टरों की तैनाती के साथ भारतीय सेना की हमलावर शक्ति और समन्वित युद्ध क्षमता को नया बल मिलेगा, खासकर पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर। अपाचे हेलीकॉप्टरों की फीचर्स बोइंग एएच-64ई अपाचे को दुनिया के सबसे उन्नत हमलावर हेलीकॉप्टरों में से एक माना जाता है। ये हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक तकनीक से लैस हैं। शक्तिशाली हथियार प्रणाली: हेलीकॉप्टर में हेलफायर मिसाइलें, रॉकेट और 30 मिमी ऑटोमैटिक तोप शामिल हैं, जो दुश्मन के ठिकानों को सटीकता से नष्ट करने में सक्षम हैं। एडवांस सेंसर और नेविगेशन: रात में और प्रतिकूल मौसम में भी ऑपरेशन की क्षमता, जिससे यह हर स्थिति में प्रभावी है। उच्च गतिशीलता: अपाचे की डिजाइन इसे तेज और फुर्तीला बनाती है, जो युद्धक्षेत्र में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए आदर्श है। आधुनिक संचार प्रणाली: यह हेलीकॉप्टर अन्य सैन्य इकाइयों के साथ समन्वय में बेहतर प्रदर्शन करता है। इन हेलीकॉप्टरों को जोधपुर में तैनात करने का निर्णय सामरिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण है। जोधपुर, पश्चिमी सीमा के करीब होने के कारण, एक रणनीतिक स्थान है। यह क्षेत्र भारत-पाकिस्तान सीमा के निकट है, जहां सेना को तेज और प्रभावी प्रतिक्रिया की आवश्यकता होती है। अपाचे हेलीकॉप्टरों की तैनाती से इस क्षेत्र में सेना की ऑपरेशनल क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। यूक्रेनी विमान से भारत लाए गए अपाचे हेलीकॉप्टर इन अत्याधुनिक हेलीकॉप्टरों को यूक्रेन की एंटोनोव एयरलाइंस के विशाल एंटोनोव एन-124 रुसलान द्वारा अमेरिका के एरिजोना से सीधे भारत के हिंडन एयर बेस पर लाया गया। इस विमान पर "बी ब्रेव लाइक बुचा" लिखा हुआ था, जो यूक्रेन के बुचा शहर के साहस और प्रतिरोध का प्रतीक है। एंटोनोव एन-124 दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य परिवहन विमान है, जो भारी और विशाल कार्गो को लंबी दूरी तक ले जाने में सक्षम है। एंटोनोव एन-124 पर लिखा "बी ब्रेव लाइक बुचा" नारा यूक्रेन के बुचा शहर की वीरता और रूसी आक्रमण के खिलाफ प्रतिरोध को श्रद्धांजलि देता है। एंटोनोव एयरलाइंस ने अपनी विमान बेड़े को यूक्रेन के उन शहरों के नाम पर समर्पित किया है, जो रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रभावित हुए। यह नारा न केवल यूक्रेनी लोगों की बहादुरी को दर्शाता है, बल्कि वैश्विक मंच पर उनकी एकजुटता और दृढ़ता का प्रतीक भी है। एंटोनोव एन-124 रुसलान, जिसे 1980 के दशक में यूक्रेन के एंटोनोव डिजाइन ब्यूरो द्वारा विकसित किया गया था, दुनिया का सबसे बड़ा सैन्य परिवहन विमान है।

भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी: मंत्री जायसवाल

पुत्र मोह में भूपेश ने पूरी कांग्रेस को झोंका भूपेश के बेटे कांग्रेस के कौन से पद पर है जो कांग्रेस प्रदर्शन कर रही है भ्रष्टाचारियों को बचाने प्रदेश की जनता को परेशान किया जा रहा है इसे कहते है चोरी ऊपर से सीना जोरी भाजपा ने पत्रकार वार्ता में किया कांग्रेस के झूठ का पर्दाफाश जारी किए,कोयला आबंटन और पेड़ों की कटाई के भूपेश बघेल सरकार के कई दस्तावेज भूपेश बघेल झूठ की फैक्ट्री, कोयला आबंटन के लिए कई पत्र लिखे ,परमिशन दिलवाई एमसीबी/चिरमिरी  श्यामबिहारी जायसवाल .ने आज चिरमिरी स्थित श्यामली गेस्ट हॉउस मे  आहूत संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए छत्तीसगढ़ शाशन के स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय विधायक माननीय श्याम बिहारी जायसवाल. ने कहा कि कांग्रेस बताएं कि भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल कांग्रेस के किस पद पर है जिस व्यक्ति का कांग्रेस में कोई पद नहीं उसे व्यक्ति के लिए पूरी कांग्रेस प्रदेश में प्रदर्शन कर रही है इसका साफ मतलब है भूपेश बघेल ने पूरी कांग्रेस को पुत्र मुंह में झोंक दिया है।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा हमने पहले भी बड़े-बड़े ऐसे उदाहरण देखें हैं जिसमें लोगों ने पुत्र मोह में खुद को भी बर्बाद किया और अपने पूरे साम्राज्य को भी बर्बाद किया भूपेश बघेल इस दिशा में काम करते हुए दिखाई दे रहे हैं। भूपेश बघेल और कांग्रेस भ्रष्टाचारियों को बचाने पूरे प्रदेश की जनता को परेशान कर रही है और साथ ही उनका आर्थिक रूप से नुकसान भी करने जा रही है जो की प्रदेश की जनता स्वीकार नहीं करेगी।   कोल ब्लॉक आवंटन को लेकर कांग्रेस पार्टी और भूपेश बघेल के झूठ का पर्दापाश हो गया है। भाजपा ने पत्रकार वार्ता में तथ्यों एवं दस्तावेज प्रेजेंटेशन के माध्यम से कांग्रेस के झूठ को एक बार फिर बेनकाब किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस चोरी और सीनाजोरी का उदाहरण बार-बार प्रस्तुत कर रही है। आप सबको पता होगा कि अपने शासनकाल के पाँच वर्ष में भूपेश बघेल जी ने छत्तीसगढ़ को दस जनपथ का चारागाह बना दिया था।   उन्होने  कहा कि शराब घोटाले, कोयला घोटाले, चावल घोटाले, गोठान घोटाले से लेकर पीएससी घोटाले तक में इसने प्रदेश के संसाधनों को जम कर लूटा था, आज इन घोटालों के आरोपी एक एक कर नप रहे हैं। सभी जेल जा रहे हैं। श्यामबिहारी जायसवाल ने कहा कि बेवजह जिस तरह अपराधियों के विरुद्ध हो रही कानून सम्मत कार्रवाई को कहीं और मोड़ा जा रहा है, वह दुर्भाग्यजनक और कांग्रेस में हिप्पोक्रेसी का सबसे बड़ा नमूना है।   जायसवाल ने कहा कि जब भी आप सभी कॉल ब्लॉक आवंटन और पेड़ कटाई आदि पर सवाल उठाते थे, तो दस जनपथ के दबाव में सीधे तौर पर भूपेश बघेलजी बचाव में आ जाते थे। कहते थे कि कोल ब्लॉक आवंटन का विरोध करने वाले अपने-अपने घरों की बिजली बंद कर दें। सवाल यह है कि अब जब झूठे और बेबुनियाद आरोप लगा कर भूपेशजी अपनी कालिख धोने की कोशिश कर रहे हैं, तो क्या वह अपने घर और राजीव भवन की बिजली बंद करेंगे?   जायसवाल ने कहा कि यह तथ्य है कि न केवल भूपेश बघेल ने कोल ब्लॉक अशोक गहलोत को आवंटित किया था, बल्कि उससे पहले भी मनमोहन सिंह जी की सरकार में तमाम नियमों को धत्ता बताते हुए छत्तीसगढ़ के कोल ब्लॉक आवंटन की राह आसान की थी। उन्होंने कहा कि साल 2010 में केन्द्र में काँग्रेस की सरकार थी, तब कोयला मंत्रालय और पर्यावरण एवं वन मंत्रालय द्वारा हसदेव अरण्य को पूरी तरह से नो-गो जोन घोषित किया गया था। उसे कांग्रेस नीत सरकार के पर्यावरण मंत्री जयराम रमेश ने ही सबसे पहले गो एरिया घोषित किया था।  श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि 23 जून 2011 को केन्द्र में कांग्रेस की सरकार रहते ही तारा परसा ईस्ट और कांटे बेसन कोल ब्लॉक को खोलने का प्रस्ताव दिया गया। जब छत्तीसगढ़ और राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, उस वक्त अडानी को दो बड़ी खदानों गारे पेलमा सेक्टर-2 और राजस्थान में केते एक्सटेंशन ब्लॉक का ऑपरेटर बनाया गया। इसी तरह भूपेश बघेलजी के मुख्यमंत्री कार्यकाल में ही 16 अक्टूबर 2019 को राज्य सरकार ने पर्यावरण स्वीकृति के लिए सिफारिश भेजी।  और कहा कि 31 मार्च 2021 को ओपन कास्ट गारे पेलमा सेक्टर-2, मांड-रायगढ़ कोलफील्ड के लिए हुआ समझौता भी सबके सामने है। इसी क्रम में 19 अप्रैल 2022 को भूपेश बघेल जी के मुख्यमंत्री रहते ही कांग्रेस सरकार द्वारा वन स्वीकृति स्टेज-1 और 23 जनवरी 2023 को वन स्वीकृति स्टेज-2 के लिए सिफारिश भेजी गई।  और कहा कि महाजेंको कोल फील्ड की स्वीकृति में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संलिप्तता को लेकर तब अनेक अखबारों ने समाचार भी प्रकाशित किए थे। 25 मार्च 2022 को भूपेश सरकार ने राजस्थान में अशोक गहलोत की सरकार के रहते राजस्थान को कोल माइंस का आबंटन किया था।  भाजपा ने कांग्रेस से सवाल किया कि:- – क्या वह मनमोहन सिंह सरकार के समय हुए निर्णयों के लिए आज माफ़ी मांगेंगे? – क्या भूपेश बघेल यह घोषणा करेंगे कि अब कांग्रेस कभी बिजली का उपयोग नहीं करेगी, क्योंकि स्वयं यह कह चुके हैं कि विरोध करने वाले अपने घर की बिजली बंद कर दें।   – क्या कांग्रेस हर अपराधी के पक्ष में ऐसे ही खड़ी होगी, जैसे आज पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे के लिए हुई है?    श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार रही तब राजस्थान के तत्कालीन मंत्री बी डी कल्ला ने भूपेश बघेल को पत्र लिखा और राजस्थान के तत्कालिक मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने एक सप्ताह के भीतर कई पत्र लिखे कोल ब्लॉक आंबटन के लिए। जिसे छत्तीसगढ़ और देश की जनता ने देखा है।

कैबिनेट बैठक : स्पेन-दुबई दौरे से लौटे मुख्यमंत्री, MP को डेटा सेंटर हब बनाने की रूपरेखा तय

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में कैबिनेट बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में मंत्रिपरिषद के सदस्यों ने स्पेन और दुबई से लौटे मुख्यमंत्री का पुष्पगुच्छ और अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।  कैबिनेट में मानसून सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले अनुपूरक बजट और वित्त विधेयकों पर भी चर्चा हुई है लेकिन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने मीडिया से चर्चा के दौरान इसको लेकर कोई जानकारी नहीं दी है। कैबिनेट बैठक के फैसलों की जानकारी देते हुए नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि अगर किसी को बिजली की दरों को लेकर चिंता है, तो वह सोलर एनर्जी की ओर रुख करे। सोलर से न केवल खुद के लिए सस्ती बिजली मिल सकती है, बल्कि इसे बेचकर आमदनी भी की जा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने "पीएम सोलर सूर्यघर योजना" के तहत आमजन को सस्ती सौर ऊर्जा की सुविधा दी है। इसका लाभ उठाया जा सकता है। गांधी सागर जल विद्युत गृह 464 करोड़ रुपए में होगा अपग्रेड मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि कैबिनेट में एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी द्वारा गांधी सागर जल विद्युत गृह के अपग्रेडेशन को मंजूरी दी गई है। यहां राणा प्रताप राजस्थान द्वारा 75 मेगावाट का प्लांट भी संचालित किया जा रहा है। एमपी के हिस्से के 115 मेगावाट संयंत्र की क्षमता अब बढ़ाई जा रही है। 40 साल पुराने इस प्लांट के आधुनिकीकरण पर 464 करोड़ रुपए खर्च होंगे। इसमें सरकार का 30% हिस्सा होगा, शेष राशि लोन से जुटाई जाएगी। एमपी बनेगा विश्वसनीय डेटा सेंटर हब मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने विदेश दौरे के दौरान डेटा सेंटर्स का निरीक्षण किया है। इसी कड़ी में मध्य प्रदेश में विश्वसनीय डेटा सेंटर्स विकसित करने की योजना पर विचार हुआ है। डेटा एक्सचेंज और विकास से जुड़े इस सिस्टम में शोधकर्ता और नीति-निर्माता भी शामिल होंगे। यह प्रयास एमपी को एक डेटा-सक्षम और सुरक्षित राज्य के रूप में पहचान दिलाएगा। उज्जैन व्यापार मेले में 50% छूट विजयवर्गीय ने बताया कि उज्जैन में आयोजित होने वाले व्यापार मेले में ऑटोमोबाइल सेक्टर को 50 % की छूट दी गई है। ग्वालियर में यह सुविधा पहले से लागू है। कैबिनेट में इन मुद्दों पर भी हुई चर्चा     पचमढ़ी को "बायोस्फीयर रिजर्व" घोषित किया गया है। राज्य सरकार जैव विविधता, टाइगर रिजर्व और पर्यावरणीय पर्यटन को लेकर गंभीर है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इन क्षेत्रों का समुचित विकास किया जाएगा।     मुख्यमंत्री ने खाद वितरण को लेकर चिंता जताई। उन्होंने सभी मंत्रियों से कहा कि वे अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में खाद की व्यवस्था सुनिश्चित करें। बोनी का काम शुरू हो गया है, ऐसे में किसानों को समय पर खाद मिलना चाहिए। साथ ही, नकली खाद पर सख्ती से रोक लगाई जाए।     महाकाल की सवारी इस बार "लोक नृत्य" थीम पर आधारित रही, जिसमें गुजरात के आदिवासी नृत्य की विशेष प्रस्तुति दी गई। लाखों श्रद्धालु पहुंचे। इतनी भीड़ को नियंत्रित करने का कार्य प्रशासनिक टीम ने बखूबी किया। विदेश यात्रा पर निवेश प्रस्ताव की दी जानकारी मुख्यमंत्री ने बैठक से पहले बताया कि इस यात्रा के दौरान कुल 11,119 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे लगभग 14,500 नए रोजगार सृजित होने की संभावना है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के नक्शे पर एक नई पहचान दिलाने वाली रही और यूरोप तथा खाड़ी देशों में यह संदेश गया है कि मध्य प्रदेश निवेश के लिए मित्रवत राज्य है। स्पेन की तकनीक अपनाएगा एमपी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि स्पेन में उद्यानिकी, फल उत्पादन और कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उपयोग देखा गया। उन्होंने कहा कि इन तकनीकों को अपनाने के लिए प्रदेश से कृषकों के अध्ययन दल स्पेन भेजे जाएंगे। डॉ. यादव ने कहा कि वस्त्र व्यवसाय में लगे अंतरराष्ट्रीय समूह हरित ऊर्जा और प्राकृतिक खेती से उत्पादित सामग्री को प्राथमिकता देते हैं। इस दृष्टि से मध्य प्रदेश के उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में खास मांग है, जिसे देखते हुए सरकार इस दिशा में विशेष पहल करेगी।  

राजौरी में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, जलभराव के चलते स्कूलों में छुट्टी

जम्मू जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जहां एक ओर बारिश से जगह-जगह भूस्खलन (Jammu Kashmir Flood) हो रहा है तो वहीं, राजौरी में लगातार बारिश के बाद धरहाली और सकतोह नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राजौरी जिला प्रशासन ने आज जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को बंद करने की घोषणा की है। अगले 72 घंटे मुश्किल भरे होंगे आईएमडी ने अगले 72 घंटों में जम्मू संभाग और उधमपुर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान लगाया है। प्रशासन ने लोगों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। जिसमें जनता को बाढ़/भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से बचने और सतर्क रहने की सलाह दी गई। सहायता के लिए प्रशासन ने कुछ नंबर भी जारी किए हैं। डीईओसी: 01992-272727, 01992-272728। पीसीआर: 01992-276915 | ईआरएसएस: 112 पर संपर्क कर सकते हैं। जम्मू में भूस्खलन में पुलिस अधिकारी घायल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार को एक पुलिस अधिकारी अपनी निजी कार के जम्मू के पास बारिश के कारण हुए भूस्खलन की चपेट में आने से घायल हो गए। अधिकारियों ने बताया कि प्रोबेशनरी डीएसपी सांबा में अपनी तैनाती स्थल जा रहे थे, तभी जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नगरोटा इलाके में बान टोल प्लाजा के पास एक सुरंग के बाहर भूस्खलन से उनकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। उन्होंने बताया कि अधिकारी को बचा लिया गया और अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई गई है।  सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त अधिकारी स्थिति पर कड़ी नज़र रख रहे हैं क्योंकि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। अभी तक किसी के हताहत होने या किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव हो गया है और सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नालियां जाम रहने से जलभराव की समस्या इस बीच, सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) राजौरी के पीर पंजाल क्षेत्र के पहाड़ी इलाकों में सड़क निर्माण कार्य कर रहा है ताकि संपर्क में सुधार हो और कोटरंका, समोट और बुधल जैसे बाजार क्षेत्रों में जलभराव को कम किया जा सके। बीआरओ के एक इंजीनियर संजय शर्मा ने कहा, “जहाँ भी जलभराव की समस्या है, खासकर बाज़ार वाले इलाकों में, हम कंक्रीट के फुटपाथ बना रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “बाज़ार में नालियाँ अक्सर जाम रहती थीं, जिससे सड़कों पर पानी भर जाता था। अब हमने उन इलाकों को कंक्रीट के फुटपाथों से ढक दिया है और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी कर रहे हैं।” भूस्खलन में दो लोगों की मौत शर्मा ने आगे कहा कि इस पहल का उद्देश्य सुगम यात्रा सुनिश्चित करना और नियमित रखरखाव के साथ सड़क सुरक्षा बनाए रखना है। इसके अलावा, पड़ोसी राज्य हिमाचल प्रदेश में, सोमवार को चंबा ज़िले में बारिश के कारण हुए भूस्खलन में दो लोगों की मौत हो गई। भारी बारिश के दौरान एक घर पर एक पत्थर गिर गया। पटवारी अश्वनी ने एएनआई से बात करते हुए कहा, “बारिश के कारण कल रात भूस्खलन हुआ। परिणामस्वरूप, एक घर पर एक बड़ा पत्थर गिर गया और इस घटना में दो लोगों की दुखद मौत हो गई। पुलिस की मदद से उनके शव मलबे से निकाले गए और चंबा अस्पताल ले जाया गया। सरकार ने पीड़ितों को तत्काल राहत भी प्रदान की। वर्तमान में, हम क्षेत्र में खतरे का आकलन कर रहे हैं और नुकसान पर एक रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।”