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मानसून की एंट्री से पहले प्री-मानसून एक्टिव, 60 किमी/घंटा तक चलेंगी हवाएं

भोपाल  मध्य प्रदेश में प्री-मानसून की गतिविधियां लगातार जारी हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 24 घंटों के दौरान प्रदेश के करीब 40 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। वहीं कुछ जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने का भी अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून ने कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के शेष हिस्सों में आगे बढ़ते हुए अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, जिसका प्रभाव मध्य प्रदेश के मौसम पर भी दिखाई देने लगा है। हालांकि मानसून 3 से 4 दिन लेट चल रहा है। ऐसे में यह मध्य प्रदेश में 18 जून तक प्रवेश कर सकता है। इन जिलों में बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अगले चौबीस घंटों के दौरान भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी व पांढुर्णा जिलों में कहीं-कहीं वर्षा या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। तेज हवाओं का अलर्ट मौसम विभाग ने विदिशा, रायसेन और सागर जिलों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं भोपाल समेत मालवा, निमाड़, बुंदेलखंड और ग्वालियर-चंबल के कई जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। तापमान में उतार-चढ़ाव प्रदेश में बीते 24 घंटों के दौरान कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। अधिकतम तापमान की बात करें तो राजगढ़ 41 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे गर्म रहा, जबकि पचमढ़ी 18.8 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक वृद्धि हो सकती है, हालांकि बारिश और बादलों की आवाजाही के कारण गर्मी से राहत का दौर भी जारी रहेगा। भोपाल का मौसम राजधानी भोपाल में आज  आंशिक रूप से बादल छाए रहने के साथ शाम के समय गरज-चमक और हल्की वर्षा की संभावना है। हवा की औसत गति 16 से 18 किमी प्रति घंटा रहने का अनुमान है। शहर में अधिकतम तापमान 38 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। आगे ऐसा रहेगा मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य भारत तक सक्रिय मौसमी प्रणालियों और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी से मिल रही नमी के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रहेंगी। मानसून के आगे बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में वर्षा का दायरा और बढ़ सकता है।  

नई आर्मी यूनिफॉर्म-2026 मैनुअल जारी, बंडी जैकेट और नए ड्रेस कोड को मंजूरी

नई दिल्ली भारतीय सेना ने गुलामी के दौर की परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए अपने यूनिफॉर्म और ग्रूमिंग नियमों में बड़े ऐतिहासिक बदलाव किए हैं। नए नियमों के तहत अब फॉर्मल कार्यक्रमों में बंद गले की बंडी जैकेट पहनने की मंजूरी दे दी गई है, जबकि पारंपरिक पाउच बेल्ट को हटा दिया गया है। इसके अलावा, परेड के दौरान समीक्षा अधिकारियों के लिए तलवार ले जाने की अनिवार्यता को भी वैकल्पिक बना दिया गया है। ये सभी बदलाव सेना द्वारा जारी आर्मी यूनिफॉर्म्स-2026 (Army Uniforms-2026) नाम के एक नए 174 पन्नों के मैनुअल में दिए गए हैं। इससे पहले सेना ने करीब आठ साल पहले अपनी वर्दी को लेकर ऐसा कोई व्यापक मैनुअल जारी किया था। इस मैनुअल के एक खंड में कहा गया है कि देश की भावनाओं और बदलती संप्रभु पहचान को ध्यान में रखते हुए ये बदलाव किए गए हैं। ये सुधार भारतीय सेना की गरिमा, कार्यक्षमता और स्थायी परंपराओं को बनाए रखते हुए औपनिवेशिक काल के बचे हुए प्रतीकों को हटाने का एक प्रगतिशील प्रयास हैं। सेना में पुराने समय से चले आ रहे रॉयल जैसे ब्रिटिशकालीन शब्दों के इस्तेमाल को भी अब पूरी तरह से खत्म कर दिया गया है। मैनुअल की प्रस्तावना में एडजुटेंट जनरल लेफ्टिनेंट जनरल वीपीएस कौशिक ने कहा कि यह संस्करण औपनिवेशिक काल की प्रथाओं, सामानों और शब्दावली को धीरे-धीरे हटाकर सेना के ड्रेस नियमों को समकालीन भारतीय लोकाचार के अनुरूप बनाने की दिशा में एक विचारशील कदम है। यूनिफॉर्म में हुए मुख्य बदलाव बंडी जैकेट की एंट्री: अधिकारियों को पहली बार औपचारिक आयोजनों में बंद गले की बंडी जैकेट पहनने की अनुमति दी गई है। इसे पूरी आस्तीन की शर्ट के ऊपर पहना जा सकता है। यह जैकेट ठोस और सौम्य रंग की होगी, जिसे बिना हुक या हुक के साथ (दोनों पैटर्न) पहना जा सकता है। महिला अधिकारियों के लिए नियम: महिला अधिकारियों को सौम्य रंगों की साड़ी, कुर्ता-सलवार या दुपट्टे के साथ टखने तक की सीधी पैंट पहनने की अनुमति दी गई है। हालांकि, स्लीवलेस कुर्ते, प्लाजो और सिगरेट पैंट जैसे कैजुअल कपड़ों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नया विंटर ड्रेस: सेना ने सभी रैंकों के लिए एक नई विंटर ड्रेस '3B' पेश की है, जिसमें अंगोला शर्ट के साथ बैटल जैकेट और बेरेट (टोपी) शामिल है। पाउच बेल्ट पर रोक: मेस ड्रेस नंबर 5 और 6 से चमकीली पाउच बेल्ट को हटा दिया गया है। ये ड्रेस राष्ट्रपति भवन, राजभवन के राजकीय कार्यक्रमों या प्रधानमंत्री और सेना कमांडरों के आवासों पर आयोजित होने वाले औपचारिक भोज के दौरान पहनी जाती हैं। हालांकि, बख्तरबंद कोर, मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री, आर्टिलरी रेजिमेंट, राइफल रेजिमेंट और सिग्नल्स कोर के कर्नल रैंक तक के अधिकारी अभी भी रेजिमेंटल कार्यक्रमों में इसे पहन सकेंगे। मूंछों पर भी कड़े दिशा-निर्देश नए मैनुअल में सैनिकों के रहन-सहन, ग्रूमिंग और सजने-संवरने के मानकों को भी कड़ाई से परिभाषित किया गया है। शरीर पर टैटू बनवाने और बॉडी पियर्सिंग पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। वर्दी में किसी भी प्रकार का ब्रेसलेट पहनने की अनुमति नहीं होगी। केवल पूजा के दिन कलाई पर एक पवित्र धागा यानी कि कलावा बांधने की छूट होगी। सिख सैनिकों को छोड़कर किसी भी अन्य सैनिक को धार्मिक चिह्न प्रदर्शित करने की अनुमति नहीं है। सैनिकों की मूंछों का आकार 12 सेंटीमीटर से अधिक नहीं होना चाहिए। वर्दी में रहते हुए डियोड्रेंट या परफ्यूम लगाने पर पाबंदी होगी, हालांकि आफ्टर-शेव लोशन का उपयोग किया जा सकता है। महिला सैनिकों और सैन्य अधिकारियों के लिए लिपस्टिक, रंगीन नेल पॉलिश, बिंदी और नोज पिन पहनने पर सख्त रोक लगाई गई है। महिला कर्मी सिंदूर लगा सकती हैं, बशर्ते वह इस तरह लगाया जाए कि बेरेट या पीक कैप पहनने के बाद बाहर से दिखाई न दे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले – मातृ शक्ति का आशीर्वाद बना संबल, विकास पथ पर लगातार आगे बढ़ रहा है मध्यप्रदेश

भोपाल.  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बुन्देलखंड की धरती ने अपने गौरवशाली अतीत को संजोकर रखा है। बुन्देलखंड के वीरों ने अतीत से लेकर आज तक देश के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया है। मातृ शक्ति का आशीर्वाद सरकार के लिए संबल प्रदान कर रहा है। उनकी सहभागिता एवं नेतृत्व के माध्यम से आज मध्यप्रदेश विकास पथ पर आगे बढ़ता हुआ भारत को विकसित बनाने में अपना सहयोग दे रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सागर जिले के केसली में रविवार को आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लगभग 190.85 करोड़ रुपये की लागत के 53 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करते हुए शिलापट्टिका का अनावरण किया। इसमें लगभग 68.83 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 25 निर्माण कार्यों का लोकार्पण एवं 122.02 करोड़ रुपये की लागत से 28 कार्यों का भूमि-पूजन कर लाड़ली बहना योजना की 37वीं किस्त भी जारी की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मातृ शक्ति का सशक्तिकरण और उनका नेतृत्व वर्तमान की आवश्यकता है और सरकार इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए लगातार का कार्य कर रही है। लाड़ली बहना योजना तीसरे साल में प्रवेश कर रही है, जिसके माध्यम से प्रत्येक माह बहनों के बैंक खातों में राशि प्रदान की जा रही है। लाड़ली बहना योजना हमारी माताओं बहनों के आर्थिक स्वावलंबन का आधार बनी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इससे सुखद बात क्या हो सकती है कि लाड़ली बहना योजना से मिली राशि से बहनें अपने परिवार के संचालन में सहयोग कर रही हैं। यह उनका समर्पण है, उनका अपना त्याग है। उन्होंने कहा कि लाड़ली बहना योजना सहित अन्य योजनाओं के माध्यम से महिलाओं के सामाजिक स्तर में बड़ा सुधार आया है। उन्होंने कहा कि बहनों एवं मातृशक्ति के आशीर्वाद से राज्य सरकार निरंतर विकास कार्यों को आगे बढ़ा रही है। आज उनके मन में शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान का विश्वास बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष मध्यप्रदेश सरकार कृषक कल्याण वर्ष मना रही है। इसमें किसानों के हित में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हो रहे हैं। उनके खेतों के लिए पानी की व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंचाई का रकबा 44 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 65 लाख हेक्टेयर तक पहुँचा गया है। सरकार का लक्ष्य इसे 100 लाख हेक्टेयर तक करने का है। जब किसान के खेत में पानी आता है तो उसके साथ उसके जीवन में बदलाव आता है। दुग्ध उत्पादन को बढावा देने के लिए भी सरकार कार्य कर रही है। जहाँ सरकार ने गौमाताओं के लिए प्रतिदिन खर्च को बढाया है, वहीं दुग्ध उत्पादन एवं खाद्य प्रसंस्करण के लिए सरकार योजनाएं चला रही है एवं विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अनुदान दे रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों तक लगातार प्रधानमंत्री पद रहने का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री की लोकल्याणकारी योजनओं के माध्यम से आज जरूरतमंदों को आवास, स्वास्थ्य सहित समस्त सुविधाएं प्राप्त हो रही हैं। धरती आबा योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण के लिए अनेक कार्य किए जा रहे है। आवासहीनों को आवास, भूमिहीनों को भूमि के पट्टे मिल रहे हैं और महिलाओं को संबल मिल रहा है। लाड़ली बहना योजना के माध्यम से महिलाओं की समाज एवं परिवार में स्थिति मजबूत हुई है। धरती आबा योजना के माध्यम से जनजातीय समाज में सकारात्मक परिवर्तन आ रहा है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि सरकार द्वारा आपके लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, पात्रता अनुसार उनका लाभ उठाइए। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केसली में आयोजित लाड़ली बहना सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने केसली में सांदीपनि विद्यालय सेकण्ड फेज का कार्य प्रारंभ करने, शासकीय हाई स्कूल चिरचिटा सुखजू में हायर सेकण्डरी स्कूल तक उन्नयन करने, शासकीय हाई स्कूल देवरी, नाहरमऊ, नन्ही देवरी का उन्नयन करने, कृषि उपज मंडी केसली का नाम रानी अवंतिबाई के नाम पर रखने, देवरी में 100 बिस्तरों का अस्पताल स्टाफ सहित प्रारंभ करने की घोषणा की। वहीं मुख्यमंत्री ने केसली क्षेत्र में थावरी जलाशय (लागत लगभग 550 करोड़) की योजना को स्वीकृति दी तथा कहा कि किसानों की इस बहुप्रतीक्षित मांग से क्षेत्र में कृषि के क्षेत्र में क्रांति आएगी। मुख्यमंत्री ने देवरी में प्याज और लहसुन की खरीदी के लिए मंडी में खरीदी केन्द्र बनाने की घोषणा की। शासकीय महाविद्यालय देवरी में विज्ञान संकाय तथा कला संकाय में राजनीति विषय का आरंभ करने, केसली महाविद्यालय में कला एवं वाणिज्य संकाय में स्नातकोत्तर कक्षाएं प्ररंभ करने, देवरी नगर का नाम देवपुरी करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्थानीय लोगों की मांग के अनुरूप देवखंडेराव मंदिर का पर्यटन स्थल के रूप में विकास किया जाएगा। ग्राम पंचायत गौरझामर एवं ग्राम पंचायत केसली को नगर पंचायत बनाने की भी घोषणा की। जनसामान्य में दिखा अपार उत्साह, मुख्यमंत्री ने लाड़ली बहनों पर की पुष्पवर्षा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का सागर जिले के देवरी विधानसभा अंतर्गत केसली ब्लॉक में यह पहला और महत्वपूर्ण आगमन था। मुख्यमंत्री बनने के बाद इस क्षेत्र में उनका यह पहला दौरा था, जिसे लेकर स्थानीय जनता और प्रशासन में भारी उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रैंप से लाड़ली बहनों के बीच पहुंचकर पुष्पवर्षा की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर कार्यक्रम में उपस्थित लाड़ली बहनों में उत्साह एवं उल्लास देखने को मिला। इस अवसर पर महिलाओं ने धन्यवाद लाड़ले भैया लिखे प्लेकार्ड प्रदर्शित कर मुख्यमंत्री के प्रति अपना आभार व्यक्त किया। लाड़ली बहनों संग खेला सितोलिया, 'लाड़ली बहना खेल सप्ताह' का किया शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सागर जिले के केसली में एक बेहद अनूठे और उत्साहपूर्ण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने यहाँ लाड़ली बहनों के साथ पारंपरिक खेल सितोलिया (पिट्टू) खेलकर 'लाड़ली बहना खेल सप्ताह' का भव्य शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने न केवल कार्यक्रम की शुरुआत की, बल्कि खुद मैदान में उतरकर खेलों में सक्रिय सहभागिता की। मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर और उन्हें बच्चों व युवाओं की तरह पारंपरिक खेल खेलते देख वहाँ मौजूद महिलाओं और लाड़ली बहनों का उत्साह दोगुना हो गया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को स्वस्थ, जागरूक और सक्रिय जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया। हितग्राहियों को वितरित किए … Read more

मध्य प्रदेश में गन्ना बनेगा तरक्की का इंजन, एथेनॉल से चलेंगी गाड़ियां; किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद

नई दिल्ली. सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा 100 प्रतिशत एथेनॉल ईंधन के उपयोग को कानूनी मंजूरी देने के बाद अब मध्य प्रदेश भी इस क्रांति में बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। आने वाले समय में प्रदेश की सड़कों पर गाड़ियां पेट्रोल-डीजल से नहीं, बल्कि खेतों में लहलहाने वाले गन्ने के रस से बने एथेनॉल से दौड़ती नजर आएंगी। भारत सरकार के इस फैसले से मध्य प्रदेश के गन्ना उत्पादक किसानों के लिए समृद्धि के नए द्वार खुलने जा रहे हैं। गन्ने के जूस से बनता है एथेनॉल, MP के इन जिलों को होगा सीधा फायदा एथेनॉल मुख्य रूप से गन्ने की फसल और चीनी उत्पादन के बाद बचे उप-उत्पाद (मोलासेस) से तैयार होने वाला एक प्रकार का अल्कोहल है। मध्य प्रदेश का एक बड़ा हिस्सा गन्ने की खेती के लिए जाना जाता है। महाकौशल और निमाड़ क्षेत्र: नरसिंहपुर (प्रदेश का सबसे बड़ा गन्ना उत्पादक जिला), छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, खंडवा और खरगोन जैसे जिलों में गन्ने की बंपर पैदावार होती है। मालवा और चंबल क्षेत्र: उज्जैन, धार, और ग्वालियर-दतिया के बेल्ट में भी किसान बड़े पैमाने पर गन्ना उगाते हैं। अब तक किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए केवल चीनी मिलों या स्थानीय गुड़ और खांडसारी उद्योग पर निर्भर रहना पड़ता था, जहां अक्सर भुगतान में देरी और सही दाम न मिलने की समस्या होती थी। लेकिन एथेनॉल की मांग 100% होने से अब गन्ने की सीधी खपत एथेनॉल प्लांटों में होगी। कच्चे तेल का आयात घटेगा, प्रदेश में पैदा होगा रोजगार मध्य प्रदेश में वर्तमान में कई चीनी मिलों के साथ डिस्टिलरी और एथेनॉल प्लांट जुड़े हुए हैं। गडकरी के इस फैसले के बाद राज्य में नए एथेनॉल मैन्युफैक्चरिंग प्लांटों में निवेश बढ़ेगा। सस्ता और घरेलू ईंधन: चूंकि एथेनॉल पूरी तरह से स्वदेशी और घरेलू स्तर पर तैयार होता है, इसलिए इसे खाड़ी देशों से आयात करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यह पेट्रोल के मुकाबले काफी सस्ता भी पड़ेगा। प्रदूषण से मुक्ति: मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और जबलपुर जैसे बड़े शहरों में बढ़ते प्रदूषण को कम करने में यह ईंधन मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि एथेनॉल से चलने वाले वाहनों से कार्बन उत्सर्जन बेहद कम होता है। डेढ़ महीने में आ रही हैं गाड़ियां, किसानों को मिलेगा 'ग्रीन गोल्ड' का दाम केंद्रीय मंत्री ने साफ किया है कि टोयोटा, सुजुकी और हुंडई जैसी दिग्गज कंपनियां अगले डेढ़ महीने में 100% एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियां (फ्लेक्स फ्यूल व्हीकल) बाजार में उतार रही हैं। जैसे ही ये गाड़ियां सड़कों पर आएंगी, ईंधन की मांग बढ़ेगी। जानकारों का मानना है कि इस नीति से मध्य प्रदेश के किसानों के लिए गन्ना अब सिर्फ एक फसल नहीं, बल्कि 'ग्रीन गोल्ड' (हरा सोना) बन जाएगा, जिससे उनकी आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

ईरान को 25 अरब डॉलर फ्रीज्ड फंड मिलने का दावा, होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर भी सहमति की बात

नई दिल्ली अमेरिका-ईरान के बीच पीस डील को लेकर महीनों से चल रही खींचतान अब खत्म होती नजर आ रही है. दोनों देशों के बीच प्रस्तावित शांति समझौते (पीस डील) का एक ड्राफ्ट सामने आया है, जिसमें परमाणु कार्यक्रम से लेकर तेल कारोबार, होर्मुज स्ट्रेट और अरबों डॉलर फ्रीज किए हुए तक कई बड़े मुद्दों पर सहमति बनने का दावा किया गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने बताया कि प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान ने यह वादा किया है कि वह न तो परमाणु हथियार बनाएगा और न ही किसी अन्य तरीके से उन्हें हासिल करने की कोशिश करेगा. यह अमेरिका की सबसे बड़ी मांगों में से एक रही है. ड्राफ्ट के मुताबिक, ईरान के पास मौजूद उच्च स्तर पर संवर्धित (हाईली एनरिच्ड) यूरेनियम का संवर्धन स्तर भी कम किया जाएगा. हालांकि यह प्रक्रिया कैसे होगी, इस पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है. दोनों पक्ष अगले 60 दिनों के भीतर इसकी तकनीकी रूपरेखा तय करेंगे. 25 अरब डॉलर फ्रीज्ड फंड ईरान कर पाएगा हासिल इस समझौते का सबसे बड़ा आकर्षण ईरान के फ्रीज्ड फंड को लेकर है. ईरानी अधिकारी का दावा है कि अमेरिका करीब 25 अरब डॉलर फ्रीज किए गए फंड को जारी करने पर सहमत हो गया है. इसमें डायरेक्ट कैश ट्रांसफर, क्षेत्रीय देशों के सहयोग और वित्तीय क्रेडिट लाइन जैसी व्यवस्थाएं शामिल हो सकती हैं. इसके अलावा अमेरिका कुछ समय के लिए ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों में भी छूट देगा. इससे ईरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोबारा तेल बेच सकेगा और उससे होने वाली कमाई अपने पास रख सकेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ईरान की अर्थव्यवस्था को बड़ी राहत दे सकता है, जो वर्षों से पश्चिमी प्रतिबंधों की मार झेल रही है. डील पर साइन होने के बाद खुल जाएगा होर्मुज स्ट्रेट डील में होर्मुज स्ट्रेट का मुद्दा भी शामिल है. यह दुनिया के सबसे अहम समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है. प्रस्तावित समझौते के तहत ईरान सभी व्यावसायिक जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोल देगा. इसके बदले अमेरिका ईरानी जहाजों और बंदरगाहों पर लगाई गई नौसैनिक नाकेबंदी समाप्त करेगा. अगर यह समझौता लागू होता है तो वैश्विक ऊर्जा बाजार को भी राहत मिल सकती है. पिछले कई महीनों से होर्मुज में तनाव के कारण तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है. निवेशकों और ऊर्जा कंपनियों की नजरें इस समझौते पर टिकी हुई हैं. समझौते की टाइमिंग अब भी तय नहीं! समझौते को लेकर अभी पूरी तरह स्पष्टता नहीं है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर हो सकते हैं. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हस्ताक्षर की तैयारियां चल रही हैं और इसके बाद तकनीकी स्तर की बातचीत शुरू होगी. लेकिन दूसरी तरफ ईरान के भीतर इस समझौते को लेकर विरोध भी देखने को मिल रहा है. कट्टरपंथी समूहों और कुछ राजनीतिक धड़ों ने डील के समय और शर्तों पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अमेरिका पर पूरी तरह भरोसा नहीं किया जा सकता. फिलहाल यह ड्राफ्ट समझौता अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है, लेकिन अगर दोनों पक्ष इस पर सहमत हो जाते हैं तो यह हाल के वर्षों में पश्चिम एशिया की सबसे बड़ी कूटनीतिक सफलता मानी जाएगी. इससे न सिर्फ अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होगा, बल्कि वैश्विक ऊर्जा बाजार, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

वित्त मंत्री बोलीं—भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, विपक्ष संकट का माहौल बनाता है

नई दिल्ली केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है। वित्त मंत्री ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश में भारत और उसके लोगों की उपलब्धियों को कमतर आंकते हैं। सीतारमण ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी कोविड-19 वैश्विक महामारी और पश्चिम एशिया में संघर्ष जैसे बड़े संकटों के दौरान भी भारत की उपलब्धियों को नजरअंदाज करते हैं। देश के सामने ऐसा कोई संकट नहीं है, जैसा राहुल गांधी पेश कर रहे हैं। 'लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जब भी बोलते हैं, तो…' प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में बीजेपी सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बेंगलुरू में ‘विकसित भारत संकल्प समावेश’ का आयोजन किया गया है। इसमें पार्टी पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष जब भी बोलते हैं, तो हर चीज की केवल आलोचना करते हैं और भारत के लोगों की उपलब्धियों को कमतर आंकते हैं। उन्हें लगता है कि ऐसा करके वह प्रधानमंत्री मोदी या केंद्र सरकार को कमतर दिखा रहे हैं। बार-बार कहते हैं बड़ा संकट आने वाला है लेकिन कोई संकट नहीं आया: सीतारमण सीतारमण ने कहा कि राहुल गांधी लगातार कहते रहते हैं कि अगले कुछ सप्ताह में सब कुछ ढह जाएगा। नेता प्रतिपक्ष बार-बार कहते हैं कि कोई बड़ा संकट आने वाला है, लेकिन भारत के सामने ऐसा कोई संकट नहीं है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, तिमाही दर तिमाही और साल दर साल भारत सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना हुआ है। जब भी कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष (राहुल गांधी) लोकसभा में बोलते हैं, तो उनका लहजा हर चीज की बुराई करने और भारत के लोगों की उपलब्धियों को कमतर आंकने वाला होता है। भारत पर कोई आपदा नहीं आने वाली है। IMF अप्रैल-मई में अपने आकलन के दौरान और फिर अक्टूबर में डेटा जारी करके बताता है कि भारत अभी भी सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था क्यों बना हुआ है। भले ही मिडिल ईस्ट में संकट चल रहा हो और होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावटें आ रही हों। बात सिर्फ कच्चे तेल या LPG की कीमत की नहीं है, इन सभी चुनौतियों के बावजूद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सप्लाई में कोई रुकावट न आए। अर्थव्यवस्था और आम घरों की जरूरतों पर इसी तरह का ध्यान दिया जा रहा है। पश्चिम एशिया संकट, फ्यूल का जिक्र कर क्या बोलीं वित्त मंत्री केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत के सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था होने की बात सरकार नहीं कह रही, बल्कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के आंकड़े और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) भी यही कहते हैं। सीतारमण ने पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने यह सुनिश्चित किया कि ईंधन की आपूर्ति में कोई बाधा न आए। वित्त मंत्री ने अपनी बात स्पष्ट करने के लिए पश्चिम एशिया से ईंधन की ढुलाई में आने वाली चुनौतियों का भी उल्लेख किया।

मध्य प्रदेश में युवाओं के लिए खुशखबरी, सीएम मोहन यादव बोले- पुलिस भर्ती प्रक्रिया होगी नियमित

भोपाल. मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने कहा है कि पूरी कोशिश है कि पुलिस के स्वीकृत पदों में एक भी रिक्त नहीं रहे। राज्य सरकार हर साल भर्ती करने के लिए सभी आवश्यक प्रबंधन कर रही है। अब तक पुलिस विभाग में 22 हजार अलग-अलग पदों पर भर्ती की जा चुकी है। हां, पुलिस अपनी पूरी क्षमता से सुशासन और प्रदेशवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए कार्य करे। उन्होंने यह भी कहा कि संभागीय स्तर पर कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठकें होंगी, जिनमें वह खुद भी उपस्थित रहेंगे। पुलिस मुख्यालय में शनिवार को आईजी कांफ्रेंस में उन्होंने यह बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा, थानों में शुचिता का माहौल रहे। पेट्रोलिंग के लिए छोटी और तंग गलियों में उपयुक्त व्यवस्था हो, गश्त बढ़ाएं। देखें कि पेट्रोलिंग में किसी प्रकार का व्यवधान नहीं आए। वरिष्ठ अधिकारी आकस्मिक निरीक्षण करें और निगरानी भी करें। वर्षाकाल से पहले नगरीय निकायों के सहयोग से खतरनाक बिल्डिंगों को चिन्हित कर आवश्यक कार्यवाही की जाए। यह देखा जाए कि कोई भी बाजार देर रात तक संचालित न हो। सिंहस्थ-2028, करोड़ों श्रद्धालुओं का आस्था पर्व है। इस आयोजन में संवेदनशीलता, सक्रियता, सतर्कता और सेवा भाव से पुलिस, आदर्श व्यवस्था का उदाहरण देश-दुनिया में प्रस्तुत करे। कार्यक्रम में डीजीपी कैलाश मकवाणा ने कहा कि पुलिस मुख्यालय द्वारा मैदानी पुलिस कार्यों की त्रैमासिक समीक्षा की नई व्यवस्था प्रारंभ की गई है, जिससे शासन की प्राथमिकताओं और जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप पुलिस कार्यों की नियमित निगरानी होगी। बैठक में पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, समस्त जोनल पुलिस महानिरीक्षक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साइबर अपराधों की रोकथाम को दें सर्वोच्च प्राथमिकता- सीएम सीएम ने आगे कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम और जनजागरुकता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने, नशामुक्ति, मानव तस्करी पर नियंत्रण, महिला और बच्चों की सुरक्षा को अधिक सुदृढ़ बनाने तथा धार्मिक स्थलों पर ध्वनि विस्तारक यंत्रों के संबंध में न्यायालयों द्वारा दिए गए निर्देशों का प्रभावी पालन कराया जाए। उन्होंने कहा कि वर्तमान में साइबर अपराध, संगठित अपराध, माफिया गतिविधियां, भूमि संबंधी अपराध, सामाजिक चुनौतियों के नए स्वरूप सामने आ रहे हैं। इनसे प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पुलिस को तकनीकी दक्षता, संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई के साथ कार्य करना होगा। प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए पुलिस, शैक्षणिक संस्थानों, सामाजिक संगठनों और आमजन की सहभागिता से व्यापक जनजागरण अभियान संचालित किए जाने चाहिए। सांप्रदायिक ताकतों पर नियंत्रण के लिए निरंतर सजग रहना जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा, धार में भोजशाला से संबंधित न्यायालय के निर्णय को प्रदेश पुलिस ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर लागू कराया। भोजशाला में वसंत पंचमी के अवसर पर शांति पूर्ण स्थिति कायम रखने में भी पुलिस की अहम भूमिका रही। सांप्रदायिक ताकतों को नियंत्रण में रखने के लिए पुलिस को निरंतर सजग रहना होगा।

राजघराना गोलीकांड में नया मोड़: बाबा राजा ने सुनीता सिंह से रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बताई सच्चाई

सतना. नागौद राजघराने की परसमनिया गढ़ी में 11 जून को हुए चर्चित गोलीकांड में नया मोड़ आ गया है। घटना के चार दिन बाद रूपेंद्र सिंह उर्फ बाबा राजा पहली बार मीडिया के सामने आकर इस पूरे घटनाक्रम में अपना पक्ष रखा। रुपेन्द्र सिंह ने बताया कि सुनीता को बार-बार मेरी दूसरी पत्नी व प्रेमिका बताया जा रहा है जबकि ऐसा नहीं है वह न तो मेरी दूसरी पत्नी है न ही प्रेमिका। बल्कि सुनीता सिंह केवल उनकी वर्किंग पार्टनर व पेट्रेाल पम्प की बतौर मैनेजर कार्यरत है। सुनीता ने डिफेंस में चलाई गोली- बाबा राजा रुपेन्द्र सिंह उर्फ बाबा राजा ने दावा किया कि घटना के दौरान उनके साथ पत्नी योगिता सिंह, साले और अन्य लोगों ने मारपीट की। उनके अनुसार दोपहर करीब 3:30 बजे विवाद शुरू हुआ, जिसमें उन्हें धक्का देकर गिराया गया, चश्मा टूट गया और फोटो फ्रेम लगने से वे घायल हो गए। रूपेंद्र सिंह ने कहा कि सुनीता सिंह उनके पेट्रोल पंप की मैनेजर और बिजनेस पार्टनर हैं। उनके मुताबिक मारपीट और धमकियों के बीच सुनीता ने आत्मरक्षा में दीवार की ओर फायरिंग की। उनका दावा है कि दीवार से टकराकर निकली गोली योगिता सिंह को लगी। उन्होंने कहा कि किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था। बाबा राजा ने अपनी सास के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे घटना स्थल पर मौजूद नहीं थीं। धारा नौ के तहत दायर है तलाक का प्रकरण रूपेंद्र सिंह ने यह भी बताया कि वैवाहिक संबंधों को बचाने के लिए उन्होंने हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 9 के तहत न्यायालय में मामला दायर किया था। उनका आरोप है कि पत्नी और ससुराल पक्ष की नजर उनकी संपत्ति पर है।

एमटी सेलेस्टियल जहाज पर भारतीय क्रू मेंबर की मेडिकल वजहों से मौत

 नई दिल्ली मस्कट में भारतीय दूतावास ने शनिवार देर रात बताया कि ओमान के डुक्म पोर्ट पर खड़े जहाज 'एमटी सेलेस्टियल' पर एक भारतीय नागरिक की मेडिकल दिक्कतों के कारण मौत हो गई। दूतावास ने मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के तौर पर की है। दूतावास ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, "मृतक के शव को जल्द से जल्द भारत वापस लाने के लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।" साथ ही यह भी बताया गया कि उनका शव अभी डुक्म पोर्ट पर मौजूद जहाज पर ही है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया भर के शिपिंग बेड़े में 3,00,000 से ज्यादा भारतीय नाविक काम करते हैं। देश के शिपिंग मंत्रालय के एक अधिकारी ने पिछले हफ्ते बताया था कि मिडिल ईस्ट में 18,000 से ज्यादा भारतीय नाविक काम कर रहे हैं। अमेरिकी हमले में मारे गए थे तीन भारतीय नाविक यह मौत ऐसे समय में हुई है जब कुछ दिन पहले ही ओमान के पास एक टैंकर पर अमेरिकी हमले में तीन भारतीय नाविक मारे गए थे, जिसकी वजह से जनता और विपक्षी पार्टियों ने आलोचना की थी। विपक्षी पार्टियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि वे इस हफ्ते के आखिर में होने वाले 'ग्रुप ऑफ सेवन' (G7) शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के सामने यह मुद्दा उठाएं। विदेश मंत्रालय ने क्या बताया? भारत के विदेश मंत्रालय ने कहा कि उसने "नागरिक शिपिंग के खिलाफ घातक बल के इस्तेमाल पर अपनी गहरी चिंता" जाहिर करने के लिए अमेरिका के 'चार्ज डी'अफेयर्स' (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया था। 'फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया' ने शनिवार को सोशल मीडिया पर बताया कि 35 वर्षीय निशांत उर्थनाथन की 11 जून को मौत हो गई थी। उनका शव बिना सही रेफ्रिजरेशन के दो दिन से ज्यादा समय तक जहाज पर ही रखा रहा। यूनियन ने कहा, "क्रू सदस्य शव को सड़ने से बचाने की कोशिश में ठंडे पानी की बोतलों का इस्तेमाल कर रहे हैं यह एक डरावनी और स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरी स्थिति है।"

वाहन चालकों के लिए बड़ा बदलाव, मध्यप्रदेश में बिना OTP नहीं मिलेगा PUC सर्टिफिकेट

भोपाल. मध्यप्रदेश में अब पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट बनवाने के लिए मोबाइल ओटीपी सत्यापन अनिवार्य (OTP Verification) कर दिया गया है। भोपाल सहित पूरे प्रदेश में नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिना ओटीपी सत्यापन के किसी भी वाहन का पीयूसी प्रमाण पत्र (PUC Certificate) जारी नहीं किया जाएगा। नई प्रणाली लागू होने से उन वाहन मालिकों की परेशानी बढ़ सकती है, जिनके वाहन रिकॉर्ड में पुराना, गलत या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है। ऐसे वाहन मालिकों को पहले परिवहन विभाग के रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा। केंद्र सरकार के निर्देश पर लागू हुई व्यवस्था सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने यह नई व्यवस्था लागू की है। डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर किरण शर्मा के अनुसार, जैसे ही किसी पीयूसी केंद्र पर वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज किया जाएगा, सिस्टम वाहन डेटाबेस से वाहन मालिक का मोबाइल नंबर प्राप्त करेगा। इसके बाद उसी नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा। वाहन प्रदूषण जांच में पास होने के बाद ओटीपी सत्यापन पूरा होने पर ही पीयूसी प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। फर्जी पीयूसी पर लगेगी रोक परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अब तक कई मामलों में एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग कर कई वाहनों के पीयूसी सर्टिफिकेट बनाए जा रहे थे। वास्तविक वाहन मालिक की पहचान और मोबाइल सत्यापन नहीं होने के कारण रिकॉर्ड की शुद्धता पर सवाल उठते थे। नई व्यवस्था में वाहन के पंजीयन रिकॉर्ड में दर्ज मोबाइल नंबर पर ही ओटीपी जाएगा। इससे गलत जानकारी देकर या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर पीयूसी बनवाना आसान नहीं होगा। वाहन मालिकों के लिए क्या बदलेगा? पीयूसी बनवाने के लिए मोबाइल ओटीपी अनिवार्य होगा। वाहन रिकॉर्ड में सही मोबाइल नंबर दर्ज होना जरूरी रहेगा। ओटीपी सत्यापन नहीं होने पर सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा। गलत या पुराना नंबर होने पर रिकॉर्ड अपडेट कराना पड़ेगा। भविष्य में पीयूसी एक्सपायर होने से पहले मोबाइल अलर्ट मिलेगा। फर्जी जानकारी के आधार पर पीयूसी बनवाने पर रोक लगेगी। भोपाल में रोज 2500 पीयूसी सर्टिफिकेट भोपाल आरटीओ डॉ. जितेंद्र शर्मा के अनुसार, राजधानी में लगभग 60 पीयूसी केंद्र संचालित हो रहे हैं। यहां प्रतिदिन करीब 2500 पीयूसी सर्टिफिकेट जारी किए जाते हैं। पूरे मध्यप्रदेश में 550 से 600 पीयूसी केंद्रों के माध्यम से रोजाना 22 हजार से 25 हजार तक पीयूसी प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। प्रदेश में कुल वाहनों की संख्या लगभग 2.5 करोड़ बताई जा रही है, जबकि भोपाल में 20 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। वाहन मालिकों को मिलेगा एक्सपायरी अलर्ट परिवहन विभाग भविष्य में ऐसी व्यवस्था भी शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके तहत पीयूसी की वैधता समाप्त होने से पहले वाहन मालिकों को मोबाइल संदेश भेजा जाएगा। इससे वाहन मालिक समय रहते सर्टिफिकेट का नवीनीकरण करा सकेंगे और नियम उल्लंघन से बच पाएंगे।