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जूडो सिखाता है साहस और अनुशासन का पाठ, राज्यपाल रमेन डेका ने किया प्रतियोगिता का उद्घाटन

जूडो सिखाता है साहस, आत्मसंयम और अनुशासन का पाठ: राज्यपाल रमेन डेका राज्यपाल ने किया 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप का शुभारंभ रायपुर,  राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि जूडो केवल एक खेल नहीं, बल्कि साहस, आत्मसंयम, अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित करने का सशक्त माध्यम है। यह विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और संतुलन के साथ चुनौतियों का सामना करना सिखाता है। विशेषकर बालिकाओं के लिए जूडो आत्मरक्षा और मानसिक मजबूती का महत्वपूर्ण आधार है। राज्यपाल डेका आज सरकंडा स्थित खेल परिसर में 26वीं राज्य स्तरीय सब-जूनियर एवं कैडेट जूडो चौम्पियनशिप-2026 का शुभारंभ कर रहे थे। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए बालक-बालिका खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के तत्वाधान में बिलासपुर जूडो संघ द्वारा आयोजित इस प्रतियोगिता में राज्य भर के 16 जिलो से 240 खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक भाग ले रहे है। सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान          राज्यपाल डेका ने कहा कि खेल हमें प्रतिद्वंद्वी का सम्मान करना, जीत में विनम्र रहना और हार से सीखकर आगे बढ़ना सिखाते हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से बड़े लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आज राज्य स्तर पर प्रतिभा दिखाने वाले खिलाड़ी भविष्य में राष्ट्रीय अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं सहित एशियाई खेलों और ओलंपिक में भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सच्चे खिलाड़ी की पहचान है। खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत       राज्यपाल ने कोंडागांव जिले की जूडो खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि योगिता मंडावी को उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन के लिए राष्ट्रपति द्वारा प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। हेमवती नाग ने खेलो इंडिया नेशनल गेम्स और ओपन नेशनल प्रतियोगिता में पदक हासिल किए हैं। वहीं रंजीता कोरेटी ने ताइवान में आयोजित एशियन कैडेट जूडो चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन खिलाड़ियों की उपलब्धियां अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया         समारोह में राज्यपाल डेका ने जूडो में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले हेमवती नाग, अभिषेक जायसवाल, कुमारी शारदा गोस्वामी और योगिता मंडावी को सम्मानित किया। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत और उपलब्धियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की         राज्यपाल डेका ने कहा कि ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों की खेल प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ से खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के प्रयास निरंतर जारी रखने की अपेक्षा की। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और अनुशासन के साथ  उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं।        कार्यक्रम में कलेक्टर बिलासपुर संजय अग्रवाल, छत्तीसगढ़ प्रदेश जूडो संघ के अध्यक्ष अरुण द्विवेदी, महासचिव शम्भू सोनी, बिलासपुर जिला जूडो संघ के अध्यक्ष शैलेन्द्र शुक्ला,  सहित खेल संघ के पदाधिकारी, प्रशिक्षक एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे।

बाजरा का 2.20 लाख, ज्वार 50 हजार और 15 हजार मीट्रिक टन मक्का क्रय का लक्ष्य प्रस्तावित

31 दिसंबर तक होगी मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद  33 जनपदों में बाजरा,  25 जनपदों में मक्का और 11 जनपदों में होगी ज्वार की खरीद बाजरा का 2.20 लाख, ज्वार 50 हजार और 15 हजार मीट्रिक टन मक्का क्रय का लक्ष्य प्रस्तावित   ज्वार (मालदांडी) का 4073 व ज्वार (हाईब्रिड) का 4023 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित  बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2900 रुपये,  मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल तय  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का निर्देश- 48 घंटे के भीतर किसानों को किया जाए भुगतान लखनऊ,  खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 'श्रीअन्न'  (मोटे अनाज) की खरीद 31 दिसंबर तक चलेगी। खाद्य व रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक 'मोटे अनाज' में शामिल ज्वार (मालदांडी) का 4073, ज्वार (हाईब्रिड) का 4023 रुपये, बाजरा का 2900 और मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है।  किसानों को 48 घंटे में भुगतान का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 48 घंटे में किसानों को भुगतान कराने का निर्देश दिया है। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं। इसके अलावा वे जिला खाद्य विपणन अधिकारी, क्षेत्रीय विपणन अधिकारी, विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। बिचौलियों को रोकने व पारदर्शिता बरतते हुए क्रय केंद्रों पर मोटे अनाज की खरीद ई-पॉप (इलेक्ट्रॉनिक प्वॉइंट ऑफ परचेज) डिवाइस के माध्यम से पहले की भांति किसानों का बायोमीट्रिक सत्यापन के जरिए ही होगी।  मक्का खरीद के लिए 25 जनपद प्रस्तावित   मक्का खरीद 25 जनपदों में होगी। यह जनपद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र एवं ललितपुर हैं।  बाजरा खरीद वाले 33 जनपद निर्धारित  बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट एवं हमीरपुर (कुल 33 जनपदों) में की जायेगी। इन 13 जिलों में होगी ज्वार की खरीद  बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन, झांसी, फिरोजाबाद में ज्वार की खरीद होगी। कुल क्रय केंद्र बाजरा- 300 क्रय केंद्र  ज्वार-80 क्रय केंद्र मक्का- 75 क्रय केंद्र खरीद का लक्ष्य बाजरा खरीद-2.20 लाख मीट्रिक टन  ज्वार खरीद-50 हजार मीट्रिक टन  मक्का खरीद- 15 हजार मीट्रिक टन।

योगी सरकार के फैसलों से किसानों की बल्ले-बल्ले, फसल ऋण और क्षतिपूर्ति के आंकड़े किए जारी

लखनऊ   उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ के लोकभवन में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक हुई. यह बैठक सुबह 11 बजे शुरू हुई. कैबिनेट बैठक के बाद सीएम योगी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस दौरान उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने वैश्विक स्तर पर यूपी को पहचान दिलाई है. यूपी लगातार विकास की राह भर रहा है. 42 नए राजमार्ग बने हैं. आज कारोबारियों के लिए राह खुल गई है. वहीं, ऐलान किया कि अब जेवर एयरपोर्ट का नाम नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट होगा।  सीएम योगी ने कहा कि 7 अक्टूबर को देश के इतिहास में एक गौरवशाली अध्याय के रूप में दर्ज हुआ है. सरकार के प्रमुख रूप में अनवरत चल रही समर्पित सेवा यात्रा के 25 वर्ष पूरे होने पर उत्तरप्रदेश का मंत्रिपरिषद प्रधानमंत्री मोदी का हार्दिक अभिनंदन करती है. उत्तर प्रदेश के लिए विशेष गौरव का विषय है कि प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश की धरा से ही लोकप्रिय जनप्रतिनिधि और सांसद के रूप में देश का नेतृत्व कर रहे हैं. उन्होंने सेवा ही समर्पण, और राष्ट्र प्रथम को अपना मूलमंत्र मानते हुए राष्ट्र निर्माण को अपना सर्वोच्च ध्येय बनाया है. प्रधानमंत्री जी की 25 वर्ष की अनवरत यात्रा जनसेवा से जनकल्याण, जनभागीदारी से जनविश्वास की अनूठी मिसाल है।  काशी और मां गंगा से गहरा संबंध उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का और उत्तर प्रदेश का रिश्ता बेहद आत्मीय है. जब प्रधानमंत्री 2014 में काशी आये थे तो उन्होंने कहा था कि मुझे मां गंगा ने बुलाया है. काशी और मां गंगा से आरंभ हुआ आत्मीय संबंध समय के साथ निरंतर गहरा हुआ और आज राज्य के सर्वांगीण कायाकल्प का आधार बना है. केंद्र और राज्य के साझा संकल्प और टीम इंडिया भावना के साथ उत्तर प्रदेश अभूतपूर्व प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है. सर्वविदित है 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश प्रशासनिक अस्थिरता जनजन में असुरक्षा की भावना और बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था. प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शिता से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश ने गवर्नेंस की नई कार्य संस्कृति को अपनाया. परिणाम स्वरूप सुसाशन सुदृढ कानून व्यवस्था, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर और निवेश अनुकूल वातावरण उत्तर प्रदेश की पहचान बनकर उभरे हैं. उत्तर प्रदेश नए आत्मविश्वास के साथ नए आयाम स्थापित कर रहा है।  60,000 करोड़ रुपये की लागत से बने राजमार्ग सीएम ने कहा कि राज्य के विकास को निरंतर अपनी प्राथमिकताओं में रखा है. प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच से आज उत्तर प्रदेश विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का नया मॉडल बनकर उभरा है. प्रदेश में करीब 60,000 करोड़ रुपये की लागत से 2,483 किलोमीटर लंबे 42 राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण हुआ है. इसी दौरान दिल्ली-सहारनपुर-देहरादून एक्सप्रेस में दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे और कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे का निर्माण भी पूरा हुआ है।  रेल, मेट्रो और रीजनल रैपिड ट्रांजिट में 30,000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निर्मित देश की पहली उच्च गति वाली दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ नमो भारत ट्रेन आरआरटीएस का सफल संचालन शुरू हुआ है. इसके साथ ही लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा में मेट्रो रेल नेटवर्क का अभूतपूर्व विस्तार भी हुआ है।  देश का पहला फ्रेट विलेज बना उन्होंने कहा कि नोएडा, जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से प्रदेश अब एयर कनेक्टिविटी की एक नई ऊंचाइयों को छू रहा है. पीएम के प्रयासों से लॉजिस्टिक और आत्मनिर्भर भारत के प्रमुख केंद्र के रूप में उत्तर प्रदेश की पहचान स्थापित हुई है. दादरी में ईस्टर्न एंड वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का प्रमुख जंक्शन स्थापित हुआ है, जिसका 1050 किलोमीटर से अधिक हिस्सा प्रदेश से गुजरता है. वाराणसी में राष्ट्रीय जलमार्ग नंबर 1 पर भारत का पहला मल्टीमॉडल इनलैंड पोर्ट टर्मिनल और 100 एकड़ में फैला देश का पहला फ्रेट विलेज विकसित हुआ है।  उन्होंने आगे कहा कि उत्तर प्रदेश सबका साथ सबका विकास का मूल मंत्र जमीनी धरातल पर पूरी प्रमाणिकता के साथ साकार किया है. प्रदेश के गरीब, वंचित, पिछड़ा, युवा, किसान सहित सर्व समाज के उत्थान के लिए पवित्र और परिणामोन्मुखी प्रयास सरकार द्वारा के द्वारा किए गए हैं. प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में महिलाओं की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी को बल मिला है. पिछड़ा वर्ग आयोग को संवैधानिक आयोग का दर्जा प्राप्त हुआ है. वहीं आर्थिक रूप से कमजोर ईडब्ल्यूएस को 10% आरक्षण देने का ऐतिहासिक निर्णय भी इसी नेतृत्व द्वारा लिया गया है।  किसानों के खाते में गए 1 लाख करोड़ किसानों के कल्याण हेतु पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत उत्तर प्रदेश के 3 करोड़ से अधिक किसानों के खाते में अब तक 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधा हस्तांतरित हुई है. 5 करोड़ 50 लाख किसान क्रेडिट कार्ड से 13 लाख 42 हजार 978 करोड़ रुपए का फसल ऋण वितरण हुआ है. 79 लाख 51 हजार किसानों को फसल क्षतिपूर्ति का भुगतान तथा गन्ना किसानों को 3 लाख 30 हजार करोड़ रुपए से अधिक का रिकॉर्ड भुगतान भी सुनिश्चित किया गया है।  जन कल्याणकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन से 65 लाख से अधिक गरीब परिवारों को प्रधानमंत्री आवास, 3 करोड़ 67 लाख राशन कार्ड धारक परिवारों के लगभग 15 करोड़ नागरिकों को पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत मुफ्त खाद्यान्न प्रदान किया जा रहा है. जल जीवन मिशन के अंतर्गत 2 करोड़ 46 लाख से अधिक ग्रामीण परिवारों को नल से जल के कनेक्शन दिए गए हैं।  स्वास्थ्य सेवाओं में दिया ये लाभ स्वस्थ उत्तर प्रदेश के संकल्प के साथ हर नागरिक को सुलभ स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराना माननीय प्रधानमंत्री की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है. स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में 6 करोड़ 8 हजार आयुष्मान कार्ड जारी कर 9 करोड़ 90 लाख से अधिक नागरिकों को सुरक्षा कवच मिला है. इसमें 1 करोड़ 9 लाख 52 हजार गंभीर रोगियों को 18 हजार 798 करोड़ रुपये का मुफ़्त इलाज भी प्रदान किया गया है. आरोग्य मेलों में 14 करोड़ 67 लाख नागरिकों को उपचार हुआ है. गोरखपुर और रायबरेली में दो एम्स भी संचालित हो चुके हैं।  स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत 3 करोड़ 37 लाख से अधिक शौचालयों और 59,183 सामुदायिक शौचालयों का भी निर्माण किया गया है. महिलाओं के सम्मान, उनके स्वावलंबन से लेकर श्रमयोगियों के कल्याण तक हर वर्ग का विकास की मुख्य धारा से जोड़ने में सफलता प्राप्त हुई है. महिला नेतृत्व वाले विकास … Read more

क्रिकेट फैंस के लिए खुशखबरी! रायपुर में 3 दिन भिड़ेंगी भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमें

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में क्रिकेट प्रेमियों को अंतरराष्ट्रीय महिला T20 क्रिकेट का रोमांच देखने का मौका मिलने जा रहा है। नया रायपुर स्थित शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में 16, 18 और 20 अक्टूबर को भारत और जिम्बाब्वे की महिला टीमों के बीच मुकाबले खेले जाएंगे। तीनों मैच शाम 7 बजे से शुरू होंगे। इन मैचों के लिए टिकटों की बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होगी। 250 रुपए में देख सकेंगे मैच मैच देखने के लिए दर्शकों को अलग-अलग श्रेणियों में टिकट उपलब्ध होंगे। लोअर स्टैंड के स्टैंड नंबर 2, 3, 4, 5, 6, 7, 8 और 9 के टिकट की कीमत 250 रुपए रखी गई है। वहीं, तीनों मैच देखने के इच्छुक दर्शकों के लिए 499 रुपए का सीरीज टिकट उपलब्ध होगा। इसके अलावा दो टिकटों के कॉम्बो की कीमत 350 रुपए बताई गई है। प्लैटिनम से कॉर्पोरेट तक, जानिए टिकटों की कीमत आयोजकों की ओर से टिकटों की अलग-अलग श्रेणियां और उनकी कीमतें निर्धारित की गई हैं। लोअर स्टैंड: 250 रुपए दो टिकटों का कॉम्बो: 350 रुपए तीनों मैचों का सीरीज टिकट: 499 रुपए सिल्वर: 2,000 रुपए गोल्ड: 2,500 रुपए प्लैटिनम: 3,500 रुपए सिंगल कॉर्पोरेट टिकट: 3,500 रुपए कॉर्पोरेट टिकट: 70,000 रुपए पूरी तरह डिजिटल होगी टिकट व्यवस्था दर्शकों को मैच देखने के लिए फिजिकल टिकट लेने की जरूरत नहीं होगी। टिकट पूरी तरह डिजिटल होंगे। टिकट के QR कोड को स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर स्कैन कराने के बाद दर्शकों को एंट्री मिलेगी। एक व्यक्ति एक आईडी से एक बार में अधिकतम छह टिकट बुक कर सकेगा। टिकटों की बिक्री 12 अक्टूबर को शाम 4 बजे से शुरू होगी। ग्राउंड वाटर मामले में मिली क्लीयरेंस, स्टेडियम में लगा STP स्टेडियम में मैचों के आयोजन को लेकर ग्राउंड वाटर के उपयोग से जुड़ा NGT प्रकरण भी चर्चा में रहा है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मैच आयोजित करने के लिए न्यायालय से क्लीयरेंस मिल गई है। इसके साथ ही स्टेडियम में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) स्थापित किया गया है। ग्राउंड वाटर के उपयोग पर निगरानी रखने के लिए फ्लो मीटर भी लगाया गया है। इससे स्टेडियम में इस्तेमाल किए जा रहे पानी की मात्रा का पता लगाया जा सकेगा।

गरबा में जाने को लेकर भोपाल में बयानबाजी तेज, मुफ्ती ने बताया हराम; हिंदू संगठन भी कर रहे विरोध

भोपाल  नवरात्रि और गरबा का सीजन शुरू होने से पहले होते ही शहर का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। पिछले कुछ सालों से जहां हिंदू संगठन गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री का कड़ा विरोध करते रहे हैं, वहीं इस बार समीकरण एक नया मोड़ ले चुके हैं। अब हिंदू संगठनों के बाद खुद मुस्लिम धर्मगुरुओं और संगठनों ने भी मुस्लिम युवाओं के गरबा में शामिल होने पर पूरी पाबंदी का ऐलान कर दिया है। मुफ्ती ने जारी किया वीडियो भोपाल के मुफ्ती मोहम्मद गुफरान खान नदवी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर हलचल मचा दी है। मुफ्ती नदवी ने दो टूक शब्दों में कहा है कि मुस्लिम युवाओं का हिंदू रस्मों और गरबा में शिरकत करना सरासर 'हराम' है। उन्होंने चेतावनी दी कि दूसरी कौम की परंपराओं का अनुकरण करना समाज के लिए फितने (विवाद) का कारण बनता है, इसलिए युवाओं को अपने दोस्तों के साथ भी गरबा पंडालों में जाने से तौबा करनी चाहिए। मुस्लिमों से न जाने की अपील की इसी कड़ी में ऑल इंडिया मुस्लिम त्यौहार कमेटी भी खुलकर सामने आ गई है। कमेटी ने समुदाय के लोगों से अपील की है कि वे गरबा आयोजनों से पूरी तरह दूर रहें। अध्यक्ष शेख इस्माइल खान का कहना है कि यह कदम किसी धर्म के विरोध में नहीं, बल्कि आपसी विवादों से बचने और शांति बनाए रखने के लिए उठाया गया है। इसके लिए अब जिलों में विशेष अभियान भी चलाया जाएगा। मध्य प्रदेश में पहले भी हुए हैं विवाद मध्य प्रदेश में गरबा पंडाल हमेशा से सियासत का केंद्र रहे हैं। महू से बीजेपी विधायक उषा ठाकुर पहले ही गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक और पहचान पत्र की जांच की कड़ी मांग उठा चुकी हैं। पिछले वर्षों में भी पहचान छिपाकर पंडालों में एंट्री को लेकर कई बड़े विवाद और हंगामे सामने आए थे। गौरतलब है कि अब स्थिति यह बन गई है कि एक तरफ हिंदू संगठन पंडालों के दरवाजे बंद करने पर अड़े हैं तो दूसरी तरफ मुस्लिम उलेमाओं ने भी अपने समाज के युवाओं के लिए पाबंदी का दायरा खींच दिया है। इस दोतरफा माहौल के बीच भोपाल का इस बार का गरबा सीजन तीखी बयानबाजी और गर्माहट के साथ सुर्खियों में आ गया है।

Karwa Chauth 2026 Date: कब है करवा चौथ? जानें सरगी का समय, पूजा मुहूर्त और व्रत खोलने का समय

 Karva Chauth 2026 :हिंदू धर्म में करवा चौथ व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए सबसे मुख्य माना जाता है। इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। करवा चौथ कब है? हिंदू पंचांग के अनुसार, करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। इस साल 2026 में चतुर्थी तिथि 29 अक्तूबर को पड़ रही है। इस तिथि का आरंभ 29 अक्तूबर की रात 1 बजकर 6 मिनट पर होगा और इसका समापन उसी दिन रात 10 बजकर 9 मिनट पर होगा। ऐसे में उदयातिथि के अनुसार, करवाचौथ का व्रत गुरुवार, 29 अक्तूबर 2026 को रखा जाएगा। करवा चौथ पूजा का शुभ मुहूर्त करवा चौथ वाले दिन व्रत रखने के साथ ही शाम के समय विधिवत रुप से पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, 29 अक्तूबर को करवा चौथ पूजा का शुभ समय शाम 5 बजकर 38 मिनट से 6 बजकर 56 मिनट तक रहने वाला है। इस अवधि में महिलाएं करवा माता की पूजा करती हैं और व्रत की कथा सुनती है। पूजा में आप करवा, दीपक, रोली, अक्षत, फूल और अन्य पारंपरिक सामग्री का इस्तेमाल कर सकते हैं। करवा चौथ में सरगी का समय दरअसल, करवा चौथ की सगरी सूर्योदय से पहले ग्रहण की जाती है। खासकर इसे सुबह के समय सूर्योदय से पहले खाने की परंपरा है। इस बार सरगी के लिए सुबह 3:30 बजे से 5:30 बजे के बीच का शुभ समय माना जा रहा है। लेकिन स्थानीय सूर्योदय के अनुसार सरगा का समय बदल सकता है। इसलिए अपने शहर के सूर्योदय के समय का ध्यान में रखकर सारगी ग्रहण करें। सरगी के बाद ही महिलाएं व्रत का संकल्प लेकर पूरे दिन अन्न और जल का त्याग करती हैं। करवा चौथ चंद्रोदय का समय करवा चौथ व्रत में मुख्य रुप से चंद्रमा के दर्शन का महत्व माना जाता है। सुहागिन महिलाएं रात में चंद्रमा के निकलने की प्रतीक्षा करती हैं। चंद्र दर्शन के बाद चंद्र देव को अर्घ्य देकर पति के हाथों से जल ग्रहण करके व्रत खोलने की परंपरा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, 29 अक्तूबर 2026 को रात करीब 8 बजकर 17 मिनट पर चंद्रोदय होगा। लेकिन चंद्रमा के दिखाई देने का समय शहर और स्थान के अनुसार, अलग-अलग हो सकता है। करवा चौथ पर बन रहे हैं ये शुभ योग ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस बार करवा चौथ के दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे। इसलिए करवा चौथ पर  गौरी योग, परिधि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं में शुभ योगों को पूजा-पाठ और धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल रहने वाला है। लेकिन इन योगों का प्रभाव व्यक्ति की जन्मकुंडली और स्थानीय पंचांग गणना के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं।  

सोने के दाम लगातार क्यों गिर रहे हैं? ₹1 लाख तक पहुंच सकता है Gold, जानें 4 वजहें

मुंबई  सोने की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी के बाद अब तेज करेक्शन देखने को मिल रहा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में जनवरी के रिकॉर्ड हाई से सोना करीब 27 फीसदी नीचे आ चुका है, जबकि भारतीय बाजार में जनवरी के शिखर से करीब 23 फीसदी की गिरावट आई है. वहीं अगस्त के MCX हाई से देखें तो घरेलू बाजार में सोना 10 फीसदी से ज्यादा नीचे आ चुका है. ऐसे में त्योहारों और वेडिंग सीजन से पहले सोना खरीदने वालों के सामने सवाल है कि क्या कीमतों में अभी और गिरावट बाकी है। अगस्त के हाई से कितना सस्ता हुआ सोना? MCX पर गोल्ड फ्यूचर्स अगस्त के आखिरी हफ्ते में 1,64,773 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक पहुंचा था. इसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई और पिछले हफ्ते भाव 1,45,991 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर तक आ गया यानी अगस्त के रिकॉर्ड स्तर से कीमत करीब 11 फीसदी नीचे आ चुकी है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने में बड़ी गिरावट आई है. स्पॉट गोल्ड अगस्त के करीब 4,698 डॉलर प्रति औंस के हाई से गिरकर पिछले हफ्ते करीब 4,130 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।  सोने में गिरावट की 4 बड़ी वजहें सोने में हाल की गिरावट के पीछे कई ग्लोबल फैक्टर हैं. रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद निवेशकों की मुनाफावसूली से शुरुआत में कीमतों पर दबाव आया. इसके बाद अमेरिकी महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बढ़ी चिंता ने भी सोने की तेजी को कमजोर किया. अमेरिकी बॉन्ड की रियल यील्ड में तेज बढ़ोतरी से बिना ब्याज देने वाला सोना निवेशकों के लिए अपेक्षाकृत कम आकर्षक हुआ है. वहीं डॉलर में मजबूती ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने पर दबाव बढ़ाया है. इसके अलावा ऊंची महंगाई और अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख की आशंका ने भी सोने की कीमतों को प्रभावित किया है।   क्या 1.25 लाख तक गिरेगा सोना? एक्सपर्ट्स के मुताबिक शॉर्ट टर्म में सोने में और करेक्शन संभव है. लेकिन 1.25 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का स्तर अभी बेस केस नहीं है. जानकारों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्पॉट गोल्ड में 4,025-3,950 डॉलर प्रति औंस तक गिरावट की गुंजाइश है. इसका असर MCX गोल्ड फ्यूचर्स पर पड़ने पर कीमत करीब 1,46,200-1,44,500 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकती है. उनके मुताबिक 1.25 लाख रुपये का स्तर तभी देखने को मिल सकता है, जब अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में और तेजी आए और अक्टूबर में अमेरिकी CPI महंगाई का आंकड़ा अनुमान से काफी ज्यादा रहे. फिलहाल उन्हें ऐसी स्थिति की संभावना कम लगती है। 1.34 लाख रुपये तक गिर सकता है सोना? जानकारों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय सोने के लिए 3,930-4,000 डॉलर प्रति औंस का सपोर्ट जोन अहम है. अगर ये सपोर्ट टूटता है तो अगला सपोर्ट 3,600-3,750 डॉलर प्रति औंस का हो सकता है. उनके मुताबिक इस सपोर्ट जोन तक पहुंचने की संभावना करीब 25 फीसदी है. ऐसी स्थिति में भारतीय बाजार में सोना करीब 1,34,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ सकता है. हालांकि ये कोई बेस केस अनुमान नहीं है, बल्कि उस स्थिति का आकलन है जब अंतरराष्ट्रीय सोने की कीमतें मौजूदा सपोर्ट से और नीचे जाती हैं।       1 लाख रुपये तक गिरने की कितनी संभावना? 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक गिरावट को एक्सपर्ट्स फिलहाल बेहद असंभावित मान रहे हैं. एक्सपर्ट्स के मुताबिक घरेलू सोने को इस स्तर तक पहुंचने के लिए अंतरराष्ट्रीय कीमत करीब 2,800 डॉलर प्रति औंस तक गिरनी होगी. उनके मुताबिक सोने को अभी भी कई स्ट्रक्चरल फैक्टर से सपोर्ट मिल रहा है. इनमें डी-डॉलराइजेशन, जियोपॉलिटिकल तनाव, केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और महंगाई को लेकर लंबी अवधि की चिंताएं शामिल हैं यानी 1 लाख रुपये का स्तर देखने के लिए मौजूदा परिस्थितियों में काफी बड़ा बदलाव जरूरी होगा।         भारत में गिरावट कितनी सीमित रह सकती है? भारत में अंतरराष्ट्रीय बाजार के मुकाबले सोने की गिरावट कुछ हद तक सीमित रह सकती है. इसकी एक बड़ी वजह रुपये की चाल है. डॉलर में कीमत तय होने वाले सोने का घरेलू भाव रुपये की मजबूती या कमजोरी से भी प्रभावित होता है. इसके अलावा भारत में फेस्टिव और वेडिंग सीजन शुरू हो रहा है, जिससे सोने की डिमांड बढ़ने की उम्मीद है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक ये डिमांड कीमतों में गिरावट को कुछ हद तक सीमित कर सकती है. हालांकि ऊंची कीमतों का असर ज्वैलरी खरीदारी पर भी दिख रहा है. ग्राहक ज्यादा हल्की ज्वैलरी खरीदने पर जोर दे रहे हैं। क्या अभी सोना खरीदना चाहिए? मौजूदा संकेत बताते हैं कि शॉर्ट टर्म में सोने में और करेक्शन संभव है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में 4,000 डॉलर के आसपास का सपोर्ट और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड आगे की दिशा के लिए अहम रहेंगे. विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा करेक्शन तत्काल अवधि में जारी रह सकता है, लेकिन इसे लंबी अवधि की तेजी के बीच एक कंसोलिडेशन फेज के तौर पर भी देखा जा सकता है. केंद्रीय बैंकों की खरीदारी, ETF में निवेश और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता जैसे फैक्टर सोने को लंबे समय में सपोर्ट दे सकते हैं। विदेशी कनेक्शन  वहीं 1.25 लाख रुपये तक की गिरावट संभव जरूर है, लेकिन इसके लिए अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड में और तेज बढ़ोतरी और अक्टूबर की महंगाई के अनुमान से काफी ऊपर आने जैसी परिस्थितियां बननी होंगी. फिलहाल एक्सपर्ट्स इसकी संभावना कम मान रहे हैं. इसलिए मौजूदा स्थिति में सोने की कीमतों को लेकर तस्वीर दोतरफा है. शॉर्ट टर्म में और गिरावट का जोखिम बना हुआ है, लेकिन 1 लाख रुपये जैसे बहुत निचले स्तर की संभावना फिलहाल बेहद कम मानी जा रही है।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से साझा की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की तस्वीर

'स्वस्थ प्रदेश-सक्षम प्रदेश' बना यूपी: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों से साझा की स्वास्थ्य व्यवस्था में आमूलचूल परिवर्तन की तस्वीर 2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या थी मात्र 36, अब बढ़कर हुई 85  एमबीबीएस की सीटें 4690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हुईं उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'स्वस्थ-सक्षम उत्तर प्रदेश' की कहानी अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' के जरिए शुक्रवार को प्रदेशवासियों से साझा की। मुख्यमंत्री ने उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास को स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बताया।  वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के साथ नए मानक स्थापित कर रहा यूपी सीएम ने लिखा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के मार्गदर्शन और अंत्योदय के संकल्प के साथ प्रदेश की डबल इंजन भाजपा सरकार ने वर्ष 2017 से पहले की स्वास्थ्य क्षेत्र की लचर व्यवस्था को पीछे छोड़ते हुए उत्तर प्रदेश को स्वस्थ, सक्षम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक गति से कार्य किया है। इस परिवर्तन का सबसे बड़ा प्रमाण है कि जिस उत्तर प्रदेश की पहचान कभी वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया से होती थी, वही उत्तर प्रदेश आज वन डिस्ट्रिक्ट-वन मेडिकल कॉलेज के संकल्प के साथ स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। उपचार की सुविधा का लगातार विस्तार मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां प्रदेश में वर्ष 2017 में मेडिकल कॉलेजों की संख्या मात्र 36 थी, वहीं आज यह बढ़कर 85 हो गई है। साथ ही, एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं। इससे एक ओर युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़े हैं, वहीं दूसरी ओर आमजन के लिए घर के निकट गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा का विस्तार हुआ है। उपचार के खर्च की चिंता से मुक्त हैं प्रदेशवासी मुख्यमंत्री ने लिखा कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना एवं मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान से आच्छादित 10 करोड़ से अधिक प्रदेशवासी आज गंभीर बीमारी के उपचार के भारी खर्च की चिंता से मुक्त होकर बेहतर स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमा के साथ जीवन यापन कर रहे हैं। उपचार की विवशता से स्वास्थ्य सुरक्षा के विश्वास तक, स्वस्थ उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है।

Delhi Police Body Camera: जवानों की वर्दी पर लगे कैमरे का क्या है काम? हाईकोर्ट ने क्या कहा

 नई दिल्ली   दिल्ली में प्रदर्शनों का दौर जारी है. कांग्रेस की ओर से हो रहे लगातार प्रदर्शन के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी भी 10 अक्टूबर को दिल्ली में प्रदर्शन करने की तैयारी में है. इसी बीच, दिल्ली पुलिस के जवानों की तस्वीरें शेयर हो रही हैं, जिसमें वो अपनी वर्दी पर एक डिवाइस लगाए हुए नजर आ रहे हैं. दिखने में ये पुलिस के वायरलैस जैसे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. अब पुलिस के इस डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर काफी चर्चा हो रही है और मामला कोर्ट में भी पहुंचा है. ऐसे में जानते हैं कि ये डिवाइस है क्या और इसे लेकर क्या विवाद है? इस डिवाइस को लेकर क्या विवाद है, इसे जानने से पहले जानते हैं कि आखिर ये है क्या…  दरअसल, ये डिवाइस कोई वायरलैस नहीं हैं, जबकि कैमरे हैं. इन कैमरों को बॉडी वॉर्न कैमरा कहा जाता है. ये छोटे, पोर्टेबल वीडियो रिकॉर्डिंग डिवाइस होते हैं, जिन्हें पुलिसकर्मी अपनी यूनिफॉर्म पर (आमतौर पर छाती, कंधे या कॉलर पर) पहनते हैं. ये आमतौर पर छोटे बॉक्स जैसे होते हैं, जो आप फोटो में देखकर समझ सकते हैं. इसमें हाई-रेजोल्यूशन वीडियो, ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा होती है. इसे अधिकारी मैन्युअली ऑन/ऑफ कर सकते हैं, या कुछ मॉडल्स में ऑटोमैटिक एक्टिवेशन (जैसे हथियार निकालने, दौड़ने या झटके पर) की सुविधा होती है।  इसकी बैटरी लाइफ कई घंटों की होती है, और डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है. पुलिस की ओर से इसका इस्तेमाल सबूत जुटाने के लिए किया जाता है, जिसमें घटनास्थल, बातचीत, गिरफ्तारी या प्रदर्शन के दौरान जो कुछ होता है उसका रियल-टाइम वीडियो-ऑडियो रिकॉर्ड रखा जाता है. पुलिस और आम नागरिक दोनों के व्यवहार का रिकॉर्ड रहता है. सीधे शब्दों में कहें तो इसका मकसद प्रदर्शन के दौरान होने वाली घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग रखना है, जिससे पुलिस पर अगर किसी तरह का कोई आरोप लगे तो पुलिस वीडियो सबूत के जरिए अपना पक्ष पेश कर सके।  अब सवाल है कि ये चर्चा में क्यों में है? हाल ही में एक जनहित याचिका पुलिस और आरएएफ के उन जवानों के लिए बॉडी कैमरा जरूरी करने की मांग को लेकर दाखिल की गई थी, जो भीड़ नियंत्रण, प्रदर्शन संभालने और भीड़ हटाने की कार्रवाई में तैनात होते हैं.याचिका में मांग की गई थी कि ऐसे जवानों के लिए एक तय प्रक्रिया बनाई जाए. इसके तहत ड्यूटी पर तैनाती के समय से लेकर ड्यूटी खत्म होने तक बॉडी कैमरा लगातार चालू रहे।  इस पर दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स  के जवानों के लिए बॉडी-वॉर्न कैमरा अनिवार्य करने का आदेश देने से इनकार कर दिया है. कोर्ट ने इस मामले में फैसला सरकार पर छोड़ दिया है. वहीं सोशल मीडिया पर भी इसकी काफी चर्चा हो रही है और इसका इस्तेमाल किया जाना सही है या गलत… इसे लेकर अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। 

दिल्ली में CJP के प्रोटेस्ट पर विवाद, मौलाना का ऐलान- जंतर-मंतर पर कोई न जाए

 नई दिल्ली जंतर-मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को लेकर दिल्ली में माहौल बदल रहा है. एक तरफ प्रशासन ने सीजेपी को प्रोटेस्ट के लिए अनुमति नहीं दी है तो इसी बीच एक मौलाना ने मस्जिद से ऐलान करके लोगों से प्रोटेस्ट में शामिल न होने के लिए कहा है।  उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में एक मस्जिद से मौलाना ने लोगों के लिए ऐलान किया है. मौलाना ने लोगों से अपील की है कि वे जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल न हों. उन्होंने कहा कि प्रशासन ने जंतर-मंतर पर धारा 163 लागू की है और वहां होने वाला विरोध प्रदर्शन अवैध है।  मस्जिद से किए गए ऐलान में मौलाना ने कहा कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर होने वाले प्रदर्शन में कोई भी व्यक्ति शामिल न हो. उन्होंने लोगों से प्रशासन का सहयोग करने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।  मौलाना ने क्या कहा? मौलाना ने अपने ऐलान में कहा कि सरकार ने जंतर-मंतर पर धारा 163 लगाई है. ऐसे में वहां किसी को नहीं जाना चाहिए. उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई व्यक्ति प्रदर्शन में शामिल होने जाता है और उसके साथ कोई दुर्घटना होती है, तो उसकी जिम्मेदारी सरकार की नहीं, बल्कि संबंधित व्यक्ति की होगी.मौलाना ने लोगों से 8, 9 और 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर नहीं जाने की अपील की. उन्होंने दोहराया कि प्रस्तावित प्रदर्शन अवैध है और लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।  बता दें कि, दिल्ली पुलिस ने जंतर मंतर पर 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के धरना प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है. संयुक्त पुलिस आयुक्त नुपुर प्रसाद ने प्रेस वार्ता में बताया कि प्रदर्शन का आवेदन बहुत कम समय पहले मिला, जबकि नियम के मुताबिक कम से कम 10 दिन पहले पुलिस को सूचना देनी होती है. पुलिस ने यह भी कहा कि पहले जब पार्टी को अनुमति दी गई थी, तब उसने नियमों और अपनी प्रतिबद्धताओं का उल्लंघन किया था. नई दिल्ली इलाके में BNSS की धारा 163 लागू है और इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।