samacharsecretary.com

हाईकोर्ट की सख्ती: इंदौर हॉस्पिटल में चूहा कांड के बाद पेस्ट कंट्रोल कंपनी का एग्रीमेंट होगा खत्म

इंदौर एमवाय अस्पताल में हुए चूहा कांड में जांच में देरी और ठोस कार्रवाई नहीं होने पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ बुधवार को स्वयं संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दर्ज की। हाईकोर्ट ने राज्य शासन से 15 सितंबर तक स्टेटस रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं।  न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति जे.के. पिल्लई की युगल पीठ ने इस गंभीर मामले को नवजातों के मौलिक अधिकारों और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा मानते हुए स्वतः संज्ञान लिया। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि अस्पताल की सफाई और पेस्ट कंट्रोल की जिम्मेदारी निभा रही निजी कंपनी एजाइल सिक्योरिटी के खिलाफ अभी तक कोई ठोस दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, जबकि उसी की लापरवाही के कारण यह दर्दनाक हादसा हुआ। ऐसे में जनहित याचिका दर्ज होने के बाद, प्रमुख सचिव (लोक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा) की ओर से एजाइल कंपनी को हटाने के निर्देश जारी किए गए। साथ ही पीडियाट्रिक सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. बृजेश लाहोटी को पद से हटा दिया गया, जबकि प्रभारी एचओडी डॉ. मनोज जोशी को सस्पेंड कर दिया गया है। स्टेटस रिपोर्ट में हाई कोर्ट ने मांगे ये जवाब     सरकार यह बताए कि मामले में अब तक क्या कार्रवाई हुई है?     वर्तमान स्थिति क्या है?     इस पूरे प्रकरण में अब तक किन-किन जिम्मेदारों पर क्या-क्या कार्रवाई की गई है? चार सदस्यीय जांच समिति ने सौंपी थी रिपोर्ट 3 सितंबर को गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर तरुण राठी को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके आधार पर प्रमुख सचिव संदीप यादव ने एचएलएल इंफ्राटेक सर्विसेज (HITES) को एजाइल सिक्योरिटी का अनुबंध रद्द करने के निर्देश दिए। एजाइल को अस्पताल की सफाई, सुरक्षा और पेस्ट कंट्रोल की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मामले को शुरू से दबाने की कोशिश मामले में वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शुरू से ही तथ्यों को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने यह दावा किया कि नवजातों की मौत गंभीर बीमारी के कारण हुई है, न कि चूहों के काटने से। बताया गया कि बच्चों के अंग पूरी तरह विकसित नहीं थे। धार निवासी एक दंपती के नवजात की मौत को लेकर भी गलत जानकारी दी गई। तत्कालीन कलेक्टर आशीष सिंह और मेडिकल एजुकेशन कमिश्नर तरुण राठी को भी गलत फीडबैक देकर गुमराह किया गया कि पोस्टमॉर्टम हो गया है और रिपोर्ट में चूहे के काटने का जिक्र नहीं है। इसी आधार पर दोनों अधिकारियों ने मीडिया को गलत जानकारी दी। खुलासे से सामने आया सच मामले की सच्चाई सामने तब आई जब 'दैनिक भास्कर' ने डिजिटल सबूत जुटाकर सीएमओ रूम में वीडियो के जरिए से यह स्पष्ट किया कि नवजात का पोस्टमॉर्टम हुआ ही नहीं था। इसके बाद 6 सितंबर को परिजनों के आने पर पोस्टमॉर्टम कराया गया। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब परिजन देर रात शव लेकर गांव पहुंचे और पैकिंग खोलने पर देखा कि चूहे उसके एक हाथ की चार उंगलियां पूरी तरह खा चुके थे। एजाइल पर पहले सिर्फ मामूली जुर्माना लगाया शुरुआत में एजाइल सिक्योरिटी पर केवल 1 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया और भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी दी गई। जबकि कंपनी शुरू से ही सवालों के घेरे में थी, इसके बावजूद उसका एमओयू रद्द नहीं किया गया और संवेदनशील जिम्मेदारी के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। छोटे कर्मचारियों पर गिरी गाज, जिम्मेदार एजेंसी बचाई गई पूर्व में डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने दो नर्सिंग ऑफिसरों को सस्पेंड किया था, जबकि नर्सिंग सुपरिटेंडेंट जोसेफ को हटाया गया और छह अन्य को शोकॉज नोटिस जारी किए गए। इन कर्मचारियों में नाराजगी थी कि मुख्य जिम्मेदारी एजाइल की थी, लेकिन उसे बचाते हुए निचले स्तर के स्टाफ को निशाना बनाया गया। इसके बाद डॉ. महेश कछारिया को असिस्टेंट नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट के रूप में नियुक्त किया गया। मामले में कांग्रेस और जयस शुरू से ही विरोध कर रहे थे और मांग कर रहे थे कि डीन और सुपरिटेंडेंट को सस्पेंड किया जाए और एजाइल कंपनी पर कठोर कार्रवाई हो। सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने 11 सितंबर को स्वास्थ्य खराब होने का हवाला देकर 15 दिन की छुट्टी मांगी और बुधवार को उन्हें अवकाश पर भेजते हुए डॉ. बसंत निंगवाल को कार्यवाहक सुपरिटेंडेंट नियुक्त किया गया। हालांकि चर्चाएं हैं कि उन्हें छुट्टी के नाम पर हटाया गया है। इसके साथ ही डॉ. मनोज जोशी (प्रभारी एचओडी, पीडियाट्रिक सर्जरी) को सस्पेंड कर दिया गया है। अब तक हुई नई कार्रवाई     डॉ. बृजेश कुमार लाहोटी को एचओडी, पीडियाट्रिक सर्जरी के पद से हटाया गया।     डॉ. अशोक कुमार लाढा को विभाग का प्रभार सौंपा गया।     डॉ. बसंत निंगवाल को प्रभारी सुपरिटेंडेंट नियुक्त किया गया।     डॉ. सुमित सिंह को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की देखरेख की जिम्मेदारी दी गई।     डॉ. रामू ठाकुर को एचओडी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन विभाग बनाया गया। पेस्ट कंट्रोल पर निगरानी के लिए बनी पांच सदस्यीय समिति इस मामले बुधवार को एमजीएम मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अरविंद घनघोरिया ने कॉलेज के अधीन संचालित सभी अस्पतालों और विभागों में पेस्ट कंट्रोल कार्यों की मॉनिटरिंग और समस्याओं के समय-समय पर निराकरण के लिए पांच सदस्यीय समिति का गठन किया है। इस समिति में शामिल सदस्य:     डॉ. शैनल कोठारी     डॉ. राजीव लोहोकारे     डॉ. योगिता दीक्षित     डॉ. प्रियंका कियावत     डॉ. पंकज पाराशर देवास की नवजात की मौत पर परिवार को 5 लाख रु. की सहायता उधर, देवास की नवजात बच्ची (रेहाना की बेटी) की चूहों के कुतरने से हुई मौत के मामले में भी प्रशासन ने आर्थिक सहायता दी है। बुधवार को जयस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट लोकेश मुजाल्दा अपने कार्यकर्ताओं और मृत नवजात के परिजनों के साथ कलेक्टर शिवम वर्मा से मिले और आर्थिक सहायता की मांग की। उन्होंने बताया कि इससे पहले धार के नवजात के परिवार को 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई थी। उसी तर्ज पर देवास की बच्ची के परिवार को भी सहायता दी जाए। इसके बाद कलेक्टर के निर्देश पर एडीएम रोशन राय ने सहायता राशि जारी करने की प्रक्रिया पूरी की। परिवार को 2 लाख रु. रेडक्रॉस सोसायटी से और 3 लाख रु. अस्पताल प्रशासन की ओर से चेक के जरिए दिए गए।

सीएम विष्णुदेव साय का ऐलान: आदिवासी क्षेत्रों के विकास में संसाधनों की नहीं होगी कमी

रायपुर : आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण का बजट 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये किया गया रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आज कोरबा  कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के पुनर्गठन के बाद आज की यह प्रथम बैठक एक नए संकल्प और दृष्टिकोण के साथ आयोजित हो रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदाय के कल्याण और समग्र विकास के लिए सरकार सभी ठोस कदम उठा रही है। विकास कार्यों के लिए संसाधनों की कोई कमी नहीं होगी।  मुख्यमंत्री साय ने मध्य क्षेत्र अंतर्गत निवासरत अनुसूचित जनजाति समुदाय के बेहतर विकास के लिए प्राधिकरण की बजट राशि 50 करोड़ से बढ़ाकर 75 करोड़ रुपये करने की घोषणा की। जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करने प्राधिकरणों का पुनर्गठन मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने बस्तर, सरगुजा और मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरणों के साथ-साथ अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण तथा छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण एवं अन्य पिछड़ा वर्ग विकास प्राधिकरणों का गठन कर समावेशी विकास की दिशा में मजबूत कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि इन प्राधिकरणों का उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और जनसुविधाओं को हर गाँव, हर परिवार तक पहुँचाना है। पूर्व सरकार की लचर कार्यप्रणाली के कारण प्राधिकरणों के कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी रही। निगरानी के अभाव में कई योजनाएँ धरातल पर नहीं उतर पाईं। हमारी सरकार ने इस स्थिति को बदलने के लिए प्राधिकरणों का पुनर्गठन किया है। प्राधिकरण में जनप्रतिनिधित्व को और व्यापक बनाने के लिए सदस्यों की संख्या में वृद्धि की गई है। अब प्राधिकरण क्षेत्र के राज्यसभा और लोकसभा सांसद, जिला पंचायत अध्यक्ष और अन्य महत्वपूर्ण जनप्रतिनिधि इसके सदस्य बनाए गए हैं। इसके अतिरिक्त, आदिवासी विकास के क्षेत्र में कार्यरत दो समाजसेवियों और विशेषज्ञों को प्राधिकरण का सदस्य मनोनीत करने का निर्णय लिया गया है, ताकि उनके अनुभव और विशेषज्ञता का लाभ विकास योजनाओं को मिल सके।  पीएम जनमन योजना ने खोलीं नई संभावनाएँ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के क्षेत्र में आदिवासी समुदायों के लिए विशेष योजनाएँ लागू करने पर सरकार विशेष जोर दे रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में शुरू की गई धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम जनमन योजना ने छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएँ खोली हैं। इन योजनाओं के तहत आवास, सड़क, बिजली, पानी और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे बुनियादी ढाँचों का विकास तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मध्य क्षेत्र में आदिवासी महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए स्व-सहायता समूहों को और मजबूत करने पर बल दिया जा रहा है। इन समूहों के माध्यम से महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण, ऋण सुविधाएँ और बाजार से जोड़ने की पहल की जाएगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। मध्य क्षेत्र के युवाओं के लिए तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार और स्व-रोजगार के लिए तैयार किया जाएगा। उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति समृद्ध है। हमें जनजातीय संस्कृति एवं परंपरा को संरक्षित रखने की दिशा में कार्य करना होगा। विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा आदि की व्यवस्थाओं में प्राधिकरण मुख्य भूमिका निभाएगा। उन्होंने आदिवासी समाज के लोगों को शराब छोड़ने के लिए प्रेरित करने हेतु पुनर्वास केंद्र, प्रारंभिक शिक्षा, खेल और विशेष पिछड़ी जनजातियों के किसानों के खेतों में सिंचाई हेतु स्थायी पंप कनेक्शन उपलब्ध कराने के सुझाव दिए। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय स्वयं पूरी सरकार के साथ बैठक करने कोरबा आए हैं। 30 नवंबर 2019 के बाद यह बैठक नहीं हुई थी। मुख्यमंत्री स्वयं अनुसूचित क्षेत्र में जाकर बैठक कर रहे हैं। यह उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष प्रणव कुमार मरपच्ची ने कहा कि बजट राशि बढ़ाए जाने से आदिवासी बहुल क्षेत्र में विकास कार्यों में वृद्धि होगी। शिक्षा, खेल, पर्यटन और सिंचाई को मिली सौगात मुख्यमंत्री साय ने आदिवासी बच्चों और युवाओं की प्रतिभा को निखारने के लिए विशेष घोषणाएँ कीं। उन्होंने कोरबा में बालक-बालिका क्रीड़ा परिसर के निर्माण और संचालन के लिए 10-10 करोड़ रुपये स्वीकृत किए। इसी तरह विशेष पिछड़ी जनजातियों के खिलाड़ियों की प्रतिभा निखारने के लिए दो बालक-बालिका खेल परिसरों हेतु 10-10 करोड़ रुपये की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विद्यार्थियों के लिए आवासीय विद्यालय स्थापित करने हेतु 5 करोड़ रुपये स्वीकृत करने की भी घोषणा की। आधारभूत संरचना और पर्यटन मुख्यमंत्री साय ने कोरबा शहर में आवागमन को सुव्यवस्थित करने के लिए महत्वपूर्ण सुनालिया पुल निर्माण हेतु 9 करोड़ रुपये की घोषणा की। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए बुका-सतरेंगा पर्यटन प्रोजेक्ट पर तेजी से काम करने के निर्देश वन विभाग के अधिकारियों को दिए। उन्होंने वन विभाग को 2 माह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से पहले की 115 अधूरी सिंचाई परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 2,800 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर लगभग 76 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। मध्य क्षेत्र आदिवासी प्राधिकरण के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के 544 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे, जिनमें से 539 कार्य पूर्ण हो चुके हैं। इसी प्रकार वर्ष 2022-23 में 32 करोड़ 72 लाख रुपये के कुल 491 स्वीकृत कार्यों में से 482 कार्य पूर्ण हो गए। वर्ष 2023-24 में 32 करोड़ 67 लाख रुपये के कुल 464 स्वीकृत कार्यों में से 424 कार्य पूर्ण हुए। वर्ष 2024-25 में 48 करोड़ 28 लाख रुपये के कुल 508 स्वीकृत कार्यों में से 123 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगति पर हैं। मुख्यमंत्री ने सभी अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्रीगण रामविचार नेताम, दयालदास बघेल, केदार कश्यप, लखनलाल देवांगन, श्याम बिहारी जायसवाल, ओ.पी. चौधरी, टंकराम वर्मा, गजेंद्र यादव, गुरु खुशवंत साहेब, राजेश अग्रवाल, सांसद लोकसभा  संतोष पांडेय सहित विधायकगण, जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सदस्यगण, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, अतिरिक्त … Read more

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ

रायपुर : बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना का किया शुभारंभ प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण करने वाली बालिकाओं को उच्च शिक्षा हेतु मिलेगी वित्तीय सहायता देश के किसी भी संस्थान में पढ़ाई के लिए बालिकाओं को मिलेंगे वार्षिक 30 हजार रुपए बेटियों की उच्च शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान, आर्थिक दिक्कतें नहीं बनेंगी बाधा रायपुर बेटियों को शिक्षा मिलने से हमारी पीढ़ियाँ शिक्षित होती हैं। प्रदेश सरकार बेटियों की उच्च शिक्षा के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से अजीम प्रेमजी स्कॉलरशिप योजना के शुभारंभ अवसर पर यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजीम प्रेमजी फाउंडेशन को बधाई देते हुए कहा कि इस छात्रवृत्ति योजना से हजारों बेटियों को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ का चहुंमुखी विकास हुआ है और इसमें बेटियों ने भी अपनी भूमिका निभाकर प्रदेश का मान बढ़ाया है। बेटियाँ आर्थिक दिक्कतों के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़ें—इसी उद्देश्य से यह पहल की गई है। यह योजना प्रदेश में बालिकाओं की उच्च शिक्षा में नामांकन दर को और अधिक बढ़ाने में सहायक होगी। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ संकल्प को यह स्कॉलरशिप आगे बढ़ाएगी। इसके माध्यम से शासकीय विद्यालयों में पढ़ने वाली निम्न आय वर्ग की छात्राओं को विशेष रूप से मदद मिलेगी और वे अपनी उच्च शिक्षा जारी रख पाएँगी।  बेटियों की शिक्षा से पीढ़ियाँ होती हैं शिक्षित : मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने कहा कि जब बेटियाँ पढ़ती हैं तो वे केवल दो परिवारों को ही नहीं बल्कि पूरी पीढ़ियों को शिक्षित करती हैं। उन्होंने सभी महाविद्यालयों में इस योजना की जानकारी व्यापक रूप से पहुँचाने के निर्देश दिए। उल्लेखीय है कि इस योजना के तहत प्रदेश के शासकीय विद्यालयों से 10वीं एवं 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने वाली नियमित छात्राएँ पात्र होंगी। जो छात्राएँ शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक के प्रथम वर्ष अथवा डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के प्रथम वर्ष में देश के किसी मान्यता प्राप्त संस्थान में प्रवेश लेंगी, उन्हें छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा।योजना का लाभ पाने के लिए वेबसाइट https://azimpremjifoundation.org/what-we-do/education/azim-premji-scholarship पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा। साथ ही, क्यूआर कोड स्कैन कर भी आवेदन किया जा सकता है। आवेदन दो चरणों में स्वीकार किए जाएँगे—पहला चरण 10 सितम्बर से 30 सितम्बर 2025 तथा दूसरा चरण 10 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक। फाउंडेशन द्वारा छात्रवृत्ति योजना की पूरी प्रक्रिया नि:शुल्क संचालित की जाएगी। यदि योजना से संबंधित किसी प्रकार की धोखाधड़ी या शिकायत की जानकारी हो, तो उसे scholarship@azimpremjifoundation.org पर प्रेषित किया जा सकता है। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उच्च शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा संतोष देवांगन, संचालक तकनीकी शिक्षा विजय दयाराम के., तथा अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के स्टेट हेड सुनील शाह उपस्थित थे।

सीएम डॉ. यादव ने पीएम मोदी के 17 सितंबर दौरे की तैयारियों का लिया जायज़ा

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास में बुधवार की रात्रि को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आगामी 17 सितम्बर को धार जिले में आगमन के संबंध में की जा रही तैयारियों की विभागवार जानकारी प्राप्त की। बैठक में मुख्य सचिव अनुराग जैन सहित संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा कर आवश्यक निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम की रूपरेखा की जानकारी प्राप्त कर पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास सहित "स्वस्थ नारी सशक्त परिवार और पोषण" अभियान के संबंध में निर्देश दिए। प्रदेश में 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक यह अभियान और स्वच्छता ही सेवा पखवाड़ा मनाया जाएगा। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी की जन्मदिन के अवसर पर मध्यप्रदेश को पीएम मित्रा पार्क की सौगात मिल रही है। यह देश के सात पीएम मित्रा पार्क में से प्रथम पार्क होगा, जहां शीघ्र कार्य प्रारंभ हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस पार्क में विभिन्न औद्योगिक इकाइयों को आमंत्रित किया है। धार जिले सहित मालवा-निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में पीएम मित्र पार्क निर्णायक परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। बैठक में जानकारी दी गई कि पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष और दो लाख लोगों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। पीएम मित्र पार्क युवाओं, महिलाओं, किसानों और निर्धन वर्ग के कल्याण की दिशा में केंद्र और राज्य सरकार की ठोस पहल है। धार जिले में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य कियोस्क के अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों का संयोजन किया गया है।  

सिर्फ चार नहीं, भारत में मिलते हैं 5 पासपोर्ट: किसके लिए कौन सा पासपोर्ट ज़रूरी?

नई दिल्ली भारत में पासपोर्ट सिर्फ विदेश यात्रा का दस्तावेज नहीं बल्कि आपके पद और उद्देश्य का भी प्रतीक है। ज्यादातर लोग सिर्फ नीले रंग के पासपोर्ट के बारे में जानते हैं लेकिन भारत में चार नहीं, बल्कि 5 तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं। हर पासपोर्ट का रंग अलग होता है और वह धारक को मिलने वाली सुविधाओं और उसकी पहचान को दर्शाता है। पासपोर्ट के प्रकार और उनका महत्व भारत में पांच तरह के पासपोर्ट जारी किए जाते हैं जिन्हें उनके रंग से आसानी से पहचाना जा सकता है: नीला पासपोर्ट: यह सबसे आम पासपोर्ट है जो सामान्य नागरिकों को जारी किया जाता है। इसका इस्तेमाल नौकरी, पढ़ाई, पर्यटन या व्यापार के लिए विदेश यात्रा करने वाले लोग करते हैं। यह पासपोर्ट धारक की पहचान एक आम नागरिक के रूप में करता है। सफेद पासपोर्ट: यह उन सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए है जो आधिकारिक काम के लिए विदेश जाते हैं। सफेद पासपोर्ट मिलने से अधिकारी को विदेश यात्रा के दौरान कुछ खास सुविधाएं मिलती हैं। इस पासपोर्ट में एक RFID चिप भी लगी होती है जो सुरक्षा के लिहाज से बहुत महत्वपूर्ण है। लाल या मरून पासपोर्ट: यह पासपोर्ट राजनयिकों और भारत के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को जारी किया जाता है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य उच्च-पदस्थ सरकारी अधिकारियों के पास यही पासपोर्ट होता है। इस पासपोर्ट के धारकों को विदेश में काफी सम्मान और विशेष सुरक्षा मिलती है। नारंगी पासपोर्ट: यह पासपोर्ट ECR (इमीग्रेशन चेक रिक्वायर्ड) कैटेगरी के लोगों के लिए होता है। ऐसे लोगों को कुछ खास देशों में यात्रा करने से पहले आव्रजन अधिकारियों द्वारा अतिरिक्त जांच से गुजरना पड़ता है। हरा पासपोर्ट: यह पासपोर्ट विदेशी कर्मचारियों को जारी किया जाता है जो भारत में काम करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में उनकी पहचान स्थापित करना और उनके काम को आसान बनाना है। कैसे करें आवेदन? भारत में पासपोर्ट के लिए आवेदन करना अब बहुत आसान है। आप गृह मंत्रालय के पासपोर्ट सेवा पोर्टल (www.passportindia.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया में आपको अपना अकाउंट बनाना होगा जरूरी दस्तावेज जैसे एड्रेस प्रूफ और पहचान पत्र अपलोड करने होंगे। इसके बाद आप अपनी सुविधा के अनुसार पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) में जाकर सत्यापन के लिए अपॉइंटमेंट बुक कर सकते हैं। आप ऑनलाइन अपने आवेदन की स्थिति को ट्रैक भी कर सकते हैं जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।  

एशिया कप में भारतीय तूफान: 27 गेंद में UAE ढेर, इंग्लैंड का बड़ा रिकॉर्ड बाल-बाल बचा

दुबई  एशिया कप 2025 के दूसरे मैच में टीम इंडिया ने यूएई को 9 विकेट से रौंदकर विजयी आगाज किया है. ये मुकाबला दुबई के दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया. मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. यूएई की टीम पहले बैटिंग करते हुए महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई थी. कुलदीप यादव को 4 तो शिवम दुबे को 3 सफलता मिली. इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने इस टोटल को 5वें ओवर में ही चेज कर लिया. यूएई की टीम जब पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसका पहला विकेट 26 के स्कोर पर गिरा. लेकिन अगले 31 रन बनाने में यूएई ने 9 विकेट गंवाए. कुलदीप ने इस मैच में 4 तो शिवम दुबे ने एक विकेट झटका. 58 रनों के जवाब में उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा के 16 गेंद में 30 और गिल के नाबाद 9 गेंद में 20 रनों और कप्तान सूर्या के नाबाद 7 रनों के दम पर ये मैच 4.3 ओवर में ही चेज कर लिया. भारत का अगला मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान से होना है. T20 में इंग्लैंड का ये रिकॉर्ड टूटने से बचा टीम इंडिया के नाम जुड़ा ये खास रिकॉर्ड इस जीत के साथ भारत ने एक शानदार रिकॉर्ड अपने नाम किया है. किसी फुल मेंबर टीम द्वारा सबसे अधिक गेंदें शेष रहते टी20 जीत दर्ज करने के मामले में भारत अब दूसरे स्थान पर पहुंच गया है. यहां देखें सबसे ज्यादा गेंद रहते जीत वाले मैच… 101 गेंद शेष: इंग्लैंड बनाम ओमान, नॉर्थ साउंड, 2024 93 गेंद शेष: भारत बनाम यूएई, दुबई, 2025 90 गेंद शेष: श्रीलंका बनाम नीदरलैंड, चटगांव, 2014 90 गेंद शेष: ज़िम्बाब्वे बनाम मोज़ाम्बिक, नैरोबी, 2024 भारत का पिछला रिकॉर्ड 2021 में स्कॉटलैंड के खिलाफ दुबई में था, जब टीम ने 81 गेंद शेष रहते जीत दर्ज की थी. इस मुकाबले में अभिषेक शर्मा ने भी एक शानदार उपलब्धि हासिल की. इस मैच में अभिषेक शर्मा ने पारी की पहली ही गेंद पर छक्का जड़ा. ऐसा करने वाले वो कुछ चुनिंदा भारतीय खिलाड़ियों की लिस्ट में शामिल हो गए. भारतीय बल्लेबाज़ जिन्होंने T20I की पहली गेंद पर छक्का जड़ा रोहित शर्मा– आदिल राशिद (इंग्लैंड) के खिलाफ, अहमदाबाद, 2021 यशस्वी जायसवाल– सिकंदर रज़ा (ज़िम्बाब्वे) के खिलाफ, हरारे, 2024 संजू सैमसन– जोफ्रा आर्चर (इंग्लैंड) के खिलाफ, मुंबई WS, 2025 अभिषेक शर्मा- हैदर अली (यूएई) के खिलाफ, दुबई, 2025 ऐसा रहा ये मुकाबला मुकाबले में टॉस जीतकर भारत ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. यूएई की टीम पहले बैटिंग करते हुए महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई थी. कुलदीप यादव को 4 तो शिवम दुबे को 3 सफलता मिली. इसके जवाब में उतरी भारतीय टीम ने इस टोटल को 5वें ओवर में ही चेज कर लिया. यूएई की टीम जब पहले बल्लेबाजी के लिए उतरी तो उसका पहला विकेट 26 के स्कोर पर गिरा. लेकिन अगले 31 रन बनाने में यूएई ने 9 विकेट गंवाए. कुलदीप ने इस मैच में 4 तो शिवम दुबे ने एक विकेट झटका. 58 रनों के जवाब में उतरी भारतीय टीम ने अभिषेक शर्मा के 16 गेंद में 30 और गिल के नाबाद 9 गेंद में 20 रनों और कप्तान सूर्या के नाबाद 7 रनों के दम पर ये मैच 4.3 ओवर में ही चेज कर लिया. भारत का अगला मैच 14 सितंबर को पाकिस्तान से होना है. सूर्या ने प्लेइंग इलेवन में संजू सैमस को मौका दिया था. तिलक वर्मा भी टीम में थे. लेकिन जितेश और रिंकू को मौका नहीं मिला था.   ऐसी रही यूएई की बल्लेबाजीः पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूएई के लिए पारी का आगाज कप्तान मुहम्मद वसीम और शराफू ने किया. पहले दो ओवर में यूएई ने धारदार बल्लेबाजी की. लेकिन चौथे ओवर में यूएई को पहला झटका लगा जब बुमराह ने शराफू को बोल्ड किया. शराफू के बल्ले से 22 रन आए. इसके बाद 5वें ओवर में वरुण चक्रवर्ती ने जोहैब को बाहर का रास्ता दिखाया. 5 ओवर के बाद यूएई का स्कोर 32-2 था. इसके बाद मुहम्मद वसीम से बड़ी उम्मीदें थीं. लेकिन कुलदीप यादव कहर बनकर बरपे. उन्होंने एक के बाद एक यूएई को झटके दिए, जिससे यूएई की पारी लड़खड़ा गई. कुलदीप के बाद शिवम दुबे ने भी गेंदबाजी से कहर बरपाया और यूएई की टीम महज 57 के स्कोर पर ढेर हो गई. यूएई का विकेट पतनः 26-1 (अलीशान शराफू, 3.4), 29-2 (मुहम्मद जोहैब, 4.4), 47-3 (राहुल चोपड़ा, 8.1), 48-4 (मुहम्मद वसीम, 8.4), 50-5 (हर्षित कौशिक, 8.6), 51-6 (आसिफ खान, 10.3), 52-7 (सिमरनजीत सिंह, 11.2), 54-8 (ध्रुव पाराशर, 12.1), 55-9 (जुनैद सिद्दीकी, 12.4), 57-10 (हैदर अली, 13.1)

मध्य प्रदेश में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, IAS और कलेक्टरों की लिस्ट तैयार

भोपाल पांच कलेक्टर और दो संभाग कमिश्नर बदलने के बाद सरकार कुछ प्रमुख सचिवों और कलेक्टरों को भी जल्द बदलेगी। इसकी तैयारी हो चुकी है। मुख्यमंत्री मोहन यादव इसे अंतिम रूप देंगे। संभावना जताई जा रही है कि दशहरा के बाद होने वाली कलेक्टर-कमिश्नर कांफ्रेंस से पहले तबादले किए जाएंगे, क्योंकि अक्टूबर से मतदाता सूची का संक्षिप्त पुनरीक्षण का काम प्रारंभ हो जाएगा और फिर जनवरी तक तबादले नहीं किए जा सकेंगे। सरकार ने सोमवार को 14 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें इंदौर और उज्जैन में कमिश्नर पदस्थ करने के साथ इंदौर, जबलपुर, कटनी, बड़वानी और आगर मालवा के कलेक्टर बदले गए। इसके बाद भी कुछ और जिलों के कलेक्टर बदले जाने हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक) प्रस्ताव तैयार कर चुका है लेकिन मुख्यमंत्री के स्तर पर अंतिम निर्णय होना बाकी है। इसी तरह अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के कुछ अधिकारियों के दायित्व में भी परिवर्तन संभावित है। इसमें जिन अधिकारियों के पास कार्य की अधिकता है, उनसे प्रभार लेकर दूसरे अधिकारियों को दिया जा सकता है। जनसंपर्क विभाग के प्रमुख सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी देने पर विचार चल रहा है।

मध्यप्रदेश में रोजगार का सुनहरा मौका, PM मोदी 17 सितंबर को पीएम मित्रा पार्क का करेंगे उद्घाटन

 धार  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को मध्य प्रदेश के धार जिले के प्रवास पर आने वाले हैं, और वे यहां पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन करेंगे। यह देश का पहला पीएम मित्रा पार्क होगा। देश में कुल सात पीएम मित्रा पार्क बनने हैं। 17 सितंबर को ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन है। इसी दिन वह मध्य प्रदेश को बड़ी सौगात देने वाले हैं। पीएम मित्रा पार्क का करेंगे शिलान्यास मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 सितंबर को मध्यप्रदेश आएंगे। प्रधानमंत्री मोदी धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम भैसोला में स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ, सेवा पखवाड़ा तथा यहां देश के पहले पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा से प्रदेश के जनजातीय बहुल मालवा अंचल में किसानों को एक बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है। टेक्सटाइल इंडस्ट्री को मिलेगी पहचान मुख्यमंत्री यादव ने बताया कि प्रदेश का धार, झाबुआ, उज्जैन और निमांड का खरगोन, बड़वानी सबसे बडा कपास उत्पादक क्षेत्र है। ऐसे में केंद्र सरकार की ओर से मध्यप्रदेश में कॉटन आधारित बडे इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना होने जा रही है, यह देशभर में मंजूर 7 पीएम मित्रा पार्क में से पहला पार्क है जिसका भूमि-पूजन होने जा रहा है। तीन लाख नए रोजगार के अवसर होंगे सृजित पीएम मित्रा पार्क से 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख से अधिक अप्रत्यक्ष, कुल मिलाकर 3 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि धार में पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने वाला गौरवशाली क्षण होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह दौरा प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। CM ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' अभियान का शुभारंभ 'सुमन सखी' चैटबॉट को भी लांच करेंगे. इसके अलावा जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व समेत आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे.  PM मोदी 'एक बगिया मां के नाम' अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे.  कार्यक्रम में लाड़ली बहनें, स्व-सहायता समूह के सदस्य, स्वास्थ्य और स्वावलंबन योजना के हितग्राही सहित टेक्सटाइल औरगारमेंट क्षेत्र के प्रमुख उद्यमी, युवा उद्यमी, महिला उद्यमी और हितग्राही मौजूद रहेंगे.  अन्य कार्यक्रम भी होंगे वहां बैठक में मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार अभियान का शुभारंभ सुमन सखी चैटबॉट को लॉन्च करेंगे। पीएम मित्रा पार्क का शिलान्यास करेंगे। जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे। प्रदेश के विकास के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा पीएम का दौरा पीएम मोदी धार जिले के दौरे पर जनजातीय स्व-सहायता समूहों से स्वदेशी उत्पादों की खरीद और यूपीआई से भुगतान, सेवा पर्व एवं आदि कर्मयोगी अभियान का शुभारंभ करेंगे. इस दौरान एक बगिया मां के नाम अभियान के तहत महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण और एक करोड़ सिकल सेल कार्ड के वितरण सहित स्वदेशी पखवाड़े का शुभारंभ भी करेंगे.

स्वास्थ्य में बड़ा कदम: MP में शुरू होगी ‘सीएम केयर’ योजना, सुपर स्पेशियलिटी ट्रीटमेंट अब आसान

भोपाल मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर नामक नई स्वास्थ्य बीमा योजना( Health Insurance Scheme) शुरू करने जा रही है, जिससे 10 लाख से अधिक कर्मचारियों, अधिकारियों और पेंशनर्स को कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कर्मचारियों के लिए 20 लाख तक और पेंशनर्स के लिए 5 लाख तक इलाज कैशलेस होगा।  मध्य प्रदेश सरकार सीएम केयर योजना प्रारंभ करेगी। इसमें पूरा जोर सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर रहेगा। कैंसर, हृदय संबंधी बीमारियों के उपचार के लिए बड़े अस्पताल बनाए जाएंगे। इसमें अगले पांच वर्ष में दो हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह अभी प्रारंभिक आकलन है। परियोजना आगे बढ़ने के बाद लागत और बढ़ जाएगी। वित्त विभाग ने भी इस पर सहमति दे दी है। अब शीघ्र ही इसका प्रस्ताव कैबिनेट में लाया जाएगा। योजना के अंतर्गत जबलपुर मेडिकल कॉलेज में बने स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट को 200 बिस्तर से बढ़ाकर 600 बिस्तर का किया जाएगा। प्रदेश स्तर का एक स्टेट कार्डियोलॉजी सेंटर बनेगा, हालांकि इसके लिए अभी स्थान का चयन नहीं किया गया है। इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा और सागर मेडिकल कॉलेजों में आंकोलॉजी (कैंसर), आंको सर्जरी, कॉर्डियोलॉजी और कॉर्डियक सर्जरी विभाग प्रारंभ किए जाएंगे। मध्य प्रदेश में बढ़ रहे अंगदान सभी जगह 100-100 बिस्तर होंगे। बाद में नेफ्रोलॉजी यानी किडनी रोग और यूरोलॉजी विभाग भी प्रारंभ होंगे। अंग प्रत्यारोपण के लिए भी प्रदेश स्तरीय संस्थान बनाया जाएगा, जिसमें लिवर, किडनी, हार्ट, फेफड़ा और कार्निया ट्रांसप्लांट की सुविधा रहेगी। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में लाइव और ब्रेन डेड दोनों तरह के अंगदान बढ़ रहे हैं। सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अंग निकालने की सुविधा चरणबद्ध तरीके से प्रारंभ की जा रही है। एक अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण प्रारंभ होने से विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय हो सकेगा। प्रदेश में पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण कई बार हार्ट, फेफड़ा आदि को दूसरे राज्यों में भेजना पड़ता है। वर्तमान रिम्बर्समेंट प्रक्रिया  वर्तमान में, कर्मचारियों को इलाज कराने के बाद खर्च की गई राशि के लिए अपने संबंधित विभागों में आवेदन करना पड़ता है। इसके लिए डॉक्टर या मेडिकल बोर्ड की मंजूरी आवश्यक होती है। अस्पताल में भर्ती होने पर 5 लाख तक के क्लेम की मंजूरी संभागीय अस्पताल के डीन की अध्यक्षता वाली कमेटी देती है। 5 लाख से 20 लाख तक के क्लेम के लिए उच्च स्तर की कमेटी निर्णय लेती है। बाह्य रोगी इलाज में एक साल में अधिकतम 20 हजार रुपये तक का रिम्बर्समेंट मिलता है। रिम्बर्समेंट प्रक्रिया की मुख्य समस्याएं लंबा इंतजार: रिम्बर्समेंट मिलने में महीनों लग जाते हैं, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बजट की कमी: अधिकांश बजट शहरों के कर्मचारियों पर खर्च हो जाता है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों या फील्ड कर्मचारियों तक बजट नहीं पहुंच पाता। आर्थिक दबाव: इलाज के लिए कर्मचारियों को पहले खुद भुगतान करना पड़ता है, जो कई बार मुश्किल हो जाता है। जल्द ही मिलेगी मजूरी  वित्त एवं स्वास्थ्य विभाग ने योजना को लगभग अंतिम रूप दे दिया है । मुख्यमंत्री के साथ अंतिम बातचीत के बाद इसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिल जाएगी । इस योजना के लागू होने से कर्मचारियों की पुरानी मांग पूरी होगी और इलाज की प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा बढ़ेगी । कैबिनेट में आएगा प्रस्ताव     सीएम केयर योजना के तहत मुख्य रूप से मध्य प्रदेश में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को सुदृढ़ किया जाएगा। इसमें कई तरह की सेवाओं को शामिल किया जाएगा। अभी इसका प्रस्ताव कैबिनेट में जाना है। इससे सुपर स्पेशियलिटी की सीटें भी बढ़ेंगी। – संदीप यादव, प्रमुख सचिव, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा।  

राजनीति के खेल में दिग्गज नेता पीछे, निगम-मंडलों की नियुक्तियों से BJP के नेता कर रहे वापसी

भोपाल  मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कई दिग्गज नेता, जो कभी प्रदेश की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते थे, आज हाशिए पर हैं. इन नेताओं को अब निगम-मंडलों और अन्य नियुक्तियों के जरिए फिर से राजनीति की मुख्य धारा में लौटने की उम्मीद है. पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा, अरविंद भदौरिया, उमा शंकर गुप्ता, कमल पटेल, गौरी शंकर विशेन, जयभान सिंह पवैया सहित कई अन्य नेता इस कतार में शामिल हैं. ये नेता पार्टी में अपनी पुरानी प्रतिष्ठा को पुनर्जनन देने की कोशिश में हैं. कांग्रेस प्रवक्ता ने इस स्थिति पर तंज कसते हुए कहा है कि भाजपा ने अन्य दलों से इतने नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल किया है कि अब पार्टी “ओवरलोडेड” हो गई है. इसके चलते भाजपा के कई पुराने और प्रमुख नेता हाशिए पर चले गए हैं. उन्होंने दावा किया कि यह भाजपा में कोई नया चलन नहीं है. पहले भी कई दिग्गज नेताओं को पार्टी ने साइडलाइन किया है. कांग्रेस का कहना है कि भाजपा की यह रणनीति उसके अपने नेताओं के लिए ही चुनौती बन रही है. वहीं, भाजपा प्रवक्ता ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी में हर कार्यकर्ता के लिए उचित दायित्व होता है. कुछ जिम्मेदारियां ऐसी होती हैं, जो सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आतीं, लेकिन नेता पार्टी के लिए लगातार काम करते रहते हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा में किसी को हाशिए पर रखने की बात नहीं होती. समय, परिस्थिति और योग्यता के आधार पर नेताओं को जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं. प्रवक्ता का कहना है कि पार्टी अपने सभी नेताओं का सम्मान करती है और उनकी सेवाओं का उपयोग उचित समय पर किया जाता है. भाजपा के इन दिग्गज नेताओं की नजर अब निगम-मंडलों और अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियों पर है. ये नियुक्तियां न केवल उनकी राजनीतिक सक्रियता को पुनर्जनन दे सकती हैं, बल्कि उन्हें फिर से सुर्खियों में ला सकती हैं. पार्टी संगठन जल्द ही इन नियुक्तियों पर फैसला ले सकता है, जिससे इन नेताओं की राजनीतिक वापसी की राह आसान हो सकती है.