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सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 330 करोड़ राशि हुई अंतरित राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित भोपाल  राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ की राशि अंतरित की। आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नत योजना प्रभावशील होने से चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के समरूप चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिये जाने की घोषणा की। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि समय की जरूरत है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें और परिवार एवं समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ विवेकानंद जयंती पर संवाद कर इस दिशा में पहल की है। गुरूजन के सम्मान और गुरू शिष्य परम्परा की महत्ता भारत की गौरवशाली संस्कृति की धरोहर है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण युग की गुरू शिष्य परम्परा से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश और समाज के निर्माता शिक्षक होते हैं, वह भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। व्यक्तित्व का विकास और चरित्र निर्माण करते हैं। भावी जीवन की सफलताओं के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव सारे जीवन बना रहे, इसके लिए शिक्षकों और पालकों को आगे आना होगा। उन्होंने आधुनिक समाज में बच्चों की आत्म हत्या की बढ़ती चुनौती के प्रति चिंता व्यक्त की। पटेल ने कहा कि समारोह का आयोजन राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के देश, समाज के निर्माण में उनके समर्पण और निष्ठा के प्रति देशवासियों का आभार प्रदर्शन है। शिक्षा वह शक्ति और साधन है जो राष्ट्र को ज्ञान, कौशल और जीवन के मूल्यों से संस्कारित करती है। राष्ट्र को सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए सक्षम बनाती है। राज्यपाल पटेल ने गर्व के साथ कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नया आयाम प्रदान किया है। उन्होंने देश की स्थानीय, वैश्विक जरूरतों और भारत को दुनिया की ज्ञान की महाशक्ति बनाने के लिए दूरगामी छात्र केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति संभवतः आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अभिनव प्रयास और राष्ट्र की जन भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी, भारतीय संस्कृति के प्रबल पोषक, चिंतक और संवाहक डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर नमन भी किया। एक लाख 50 हजार शिक्षकों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी पात्र शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात वित्त वर्ष 2025-26 से मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान और उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है। प्राचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे, जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया। उसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ज्ञान पाना और ज्ञान देना दोनों सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए जरूरी है। ज्ञान का दान समाज की सेवा भी और अपने नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी है। हमारे गुरुजन बड़े प्रभावी तरीके से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। गुरु के बिना जीवन तमस में होता है। गुरु ही अपने ज्ञान से सबके जीवन को ज्योतिर्मय बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शिक्षा ही व्यक्ति को सुसंस्कृत और संस्कारवान इंसान बनाती है। दशरथनंदन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का श्रेय आचार्य विश्वामित्र को जाता है, वहीं गुरु सांदीपनि ने कान्हा को वह शिक्षा दी, जिसने उन्हें भगवत गीता का ज्ञान देने वाला श्रीकृष्ण बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय हैं, क्योंकि वे अपने ज्ञान और परिश्रम से शिक्षा के मंदिरों को प्रकाशित करते हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों का अभिवादन कर प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। दुश्मन से रक्षा के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने आधुनिक सुदर्शन चक्र विकसित कर सेना को सौंपा है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, जियो और जीने का संदेश दुनिया को दिया है। भारत ने विश्व गुरु रहते हुए शिक्षा के माध्यम से … Read more

बीजेपी बैठक में सीएम बोले– विपक्ष खतरे से भागता है, वन नेशन-वन इलेक्शन पर चर्चा

भोपाल  भोपाल में भाजपा कार्यालय में सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी है. सीएम ने कहा कि – 'विपक्ष शुतुरमुर्ग की तरह खतरे से आंख मूंदकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि भाजपा के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है और कांग्रेस के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।' 17 दिनों में हम अपने कामों को नीचे तक लेकर जाएं CM ने कहा- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़े चलेगा। सारी गतिविधियां और कार्यक्रम चलेंगे। आज के समय हमारी भूमिका को जनता के बीच जिस ढंग का माहौल हमारे विपक्षी लोग कर रहे हैं। दुनिया भारत को सम्मान और गर्व की निगाह से देख रही है। आज के इस दुविधापूर्ण समय में कांग्रेस अपना काम कर रही है। लेकिन, हम अपनी पार्टी और केन्द्र सरकार के एक-एक काम को सेवा पखवाड़े के माध्यम से नीचे तक ले जाएं। और ताकत के साथ हम अपने विषय रखें। हम अपनी जड़ें और नीचे तक बनाते जाएं। ये 17 दिन का समय हमारे लिए हमारी पूरी व्यवस्थाओं को नीचे तक विश्वास बनाने का अवसर है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव भाजपा ने प्राप्त किया है। आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं सीएम ने कहा- शहजादों की भाषा उनके अपने आचरण और व्यवहार जो अपने आपको पार्टी भले ही कहती हो। लेकिन, सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा है। हम अपने एक-एक काम से संदेश दे रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता यदि काम कर रहे हैं तो वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर सांस्कृतिक धारा में तपोनिष्ठ कार्यकर्ता की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजनीतिक विचारधारा में आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हैं सीएम ने कहा- हमारी राजनीतिक यात्रा जनसंघ के जमाने से शुरू हुई थी। उस यात्रा के आधार पर हमने सफलता के परचम लहराए हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हुए हैं। दुश्मनों के हालात आज उनके लिए तो करो या मरो के समान हैं। इसलिए वो सारे नाटक कर रहे हैं। जिसके आधार पर उनको लगता है कि वो मूल उद्देश्य की प्राप्ति कर लेंगे। हमारे दुश्मन रावण की तरह आते हैं सीएम ने कहा- आज हमारे राज्य में और कई सारे राज्यों में चुनाव की कोई बेला नहीं हैं। ऐसे में हम अपनी बात बहुत शिष्टता से करें। लेकिन दुश्मन बहुत चालाक है। वो भगवान राम के समय से माता सीता का अपहरण करने साधु के वेश में आता है। वो उसी नाटक से आज भी बाहर नहीं आ रहे। इसलिए, आज भी वो संविधान की किताब दिखाते हुए। उन्होंने सौ-सौ बार संविधान का संशोधन करते हुए अपना चरित्र दिखाया। चुनाव आयोग ने दमदारी से जवाब दिया सीएम ने कहा कि आज कांग्रेस न्यायालय की बात करती है, लेकिन न्यायालय की धज्जियां उड़ाने का इतिहास भी कांग्रेस का ही रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी विश्वसनीयता चुनाव आयोग की होती है, लेकिन कांग्रेस उसके खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव आयोग ने मजबूती और दमदारी से अपनी बात रखी है। चुनाव आयोग की यही भूमिका होनी चाहिए- सही को सही और गलत को गलत कहना। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है, लेकिन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वह न पक्ष में है, न विपक्ष में, बल्कि निष्पक्ष है। आयोग ने कहा कि सभी पंजीकृत दल हमारे लिए बराबर हैं। खतरे को देख रेत में सिर घुसा लेते हैं सीएम ने कहा- न्यायालय की परंपरा के आधार पर देश गौरवान्वित हुआ था, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होते हुए पद का दुरुपयोग कैसे कर सकती हैं। इसके खिलाफ वो सच्चाई सामने लाए। और ये शुतुरमुर्ग की तरह आने वाले खतरे को देखकर अपनी मुंडी रेत में घुसाकर जनता को बेवकूफ बनाने वाले लोग हैं। शुतुरमुर्ग का यह तरीका रहता है जब वह खतरे का सामना नहीं कर पाता है तो रेत में अपना सिर घुसा कर सोचता है कि खतरा टल गया। राम के नाम पर देश में दंगे कराने का पाप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक-एक फैसले से देश का नुकसान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के मुद्दे पर देश में दंगे कराए। इन्हीं के कारण तीन तलाक की प्रथा बनी रही, जिसने मुस्लिम बहनों की जिंदगी को नरक बना दिया। आजादी के बाद धारा 370 लगाने के चलते 40 हजार निर्दोष लोगों की जान गई, जिसका पाप भी कांग्रेस के सिर पर है। विपक्ष के लिए आने वाला वक्त और चुनौती का सीएम ने कहा कि आज का समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है। विपक्ष को मालूम है कि आने वाला वक्त उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसी कारण वे आखिरी कोशिश करेंगे कि किसी भी तरह भाजपा के विजय रथ को रोक सकें। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। वे तपोनिष्ठ और समर्पित हैं। मध्यप्रदेश तो संगठन की नर्सरी है, जहां हर बूथ से मजबूत कार्यकर्ता तैयार होकर निकलते हैं। इसी संगठन और कार्यकर्ताओं की फौज के बल पर हम हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।  

रूसी तेल पर भारत अडिग, ट्रंप ने यूरोप से कहा– सिर्फ हमें नहीं, चीन को भी रोको

वाशिंगटन रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत को टैरिफ का दंड देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब यूरोप के पीछे पड़ गए हैं. गुरुवार को दुनिया के नेताओं के साथ एक बैठक में उन्होंने कहा कि यूरोप को रूसी तेल खरीदना बंद कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि यूक्रेन में युद्ध को खत्म करने के लिए चीन पर आर्थिक दबाव डालना चाहिए. व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने अमेरिका ब्रॉडकास्टर सीएनएन को यह जानकारी दी. ट्रंप ने गुरुवार को यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की और अन्य यूरोपीय नेताओं के साथ 'Coalition of the Willing' की बैठक में यह टिप्पणी की. यह यूक्रेनी सहयोगियों का एक समूह है जो युद्ध को समाप्त करने और भविष्य के हमलों से यूक्रेन को सुरक्षा प्रदान करने की कोशिश कर रहा है. यूरोपीय देशों पर ट्रंप की टिप्पणी के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने यूक्रेन में शांति को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 26 देशों ने वादा किया है कि अगर युद्ध विराम समझौते को अंतिम रूप दिया जाता है तो वे संभावित शांति सेना में योगदान देंगे. हालांकि, माना जाता है कि अमेरिकी के बिना यूरोपीय देश यूक्रेन को सुरक्षा की गारंटी नहीं दे पाएंगे. मैक्रों ने गुरुवार को इस बात को स्वीकार करते हुए कहा कि यूक्रेन की सेना को मजबूत करने और यूक्रेन में यूरोपीय सैनिकों को तैनात करने में तीसरा फैक्टर अमेरिका का 'सेफ्टी नेट' होना चाहिए. फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने कहा, 'आने वाले दिनों में हम इन सुरक्षा गारंटियों के लिए अमेरिकी समर्थन को अंतिम रूप दे देंगे.' पुतिन के साथ मीटिंग के हफ्तों बाद भी रूस के साथ ट्रंप की बात नहीं बन रही ट्रंप और यूरोपीय नेताओं की यह बैठक यूक्रेन में युद्ध समाप्त न करा पाने की ट्रंप की हताशा के बीच हो रही है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अलास्का शिखर सम्मेलन के लगभग तीन हफ्ते बाद भी ट्रंप शांति वार्ता में प्रगति न होने से लगातार निराश हो रहे हैं. अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि ट्रंप इस बात पर विचार कर रहे हैं कि रूस और यूक्रेनी नेताओं के बीच बैठक कराने में उन्हें पर्सनली कितना शामिल होना चाहिए. रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी आरआईए के अनुसार, क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने शुक्रवार को कहा कि रूस और यूक्रेन के बीच किसी भी शीर्ष स्तरीय बैठक से पहले 'काफी काम' करने की जरूरत है. व्हाइट हाउस के अधिकारी ने कहा कि मैक्रों और यूरोपीय नेताओं ने ट्रंप को बैठक में बुलाया था जिसमें ट्रंप ने 'इस बात पर जोर दिया कि यूरोप को रूसी तेल खरीदना बंद करना चाहिए क्योंकि इससे रूस को युद्ध में मदद मिल रही है. ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस ने एक साल में यूरोपीय संघ को ईंधन बेचकर 1.1 अरब यूरो कमाया है. अधिकारी ने कहा, 'राष्ट्रपति ने इस बात पर भी जोर दिया कि यूरोपीय नेताओं को रूस के युद्ध प्रयासों की फंडिंग के लिए चीन पर आर्थिक दबाव डालना चाहिए.' रूस के साथ व्यापार करने वालों को निशाना बना रहे ट्रंप लेकिन… रिपोर्ट में कहा गया कि भले ही ट्रंप रूस के साथ बिजनेस करने वाले देशों को निशाना बना रहे हैं लेकिन निजी तौर पर वो इस बात से फिक्रमंद भी हैं कि ऐसा करने से रूस के साथ यूक्रेन में युद्ध खत्म करने की वार्ता प्रभावित हो सकती है.  जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वो रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहे हैं, तो ट्रंप ने कहा कि वो ऐसा पहले ही कर चुके हैं. ट्रंप ने कहा, 'मैंने भारत के संबंध में पहले ही ऐसा कर दिया है.' उन्होंने रूसी तेल आयात करने को लेकर भारत पर टैरिफ बढ़ाकर 50% करने के अपने फैसले का जिक्र किया. 

क्या 22 सितंबर से पहले गिरेंगे FMCG और इलेक्ट्रॉनिक्स के दाम?

नई दिल्ली  केंद्र सरकार ने करीब 400 वस्‍तुओं और सेवाओं पर जीएसटी (GST) दरों में बड़ी कटौती कर दी है. जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर से लागू होगी. खाने-पीने के सामान से लेकर रोजमर्रा की चीज़ें, इलेक्ट्रॉनिक्स, गाडियां और बीमा सस्ते हो जाएंगे. सरकार चाहती है कि इस कटौती का लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचे और जीएसटी कटौती का असर 22 सितंबर को दिखना लग जाए. लेकिन, सवाल यह है कि आने वाले 17 दिनों में लोगों को जीएसटी में कमी का फायदा देने के लिए कंपनियां और दुकानदार कितने तैयार हैं और वो कैसे इसे आम आदमी तक पहुंचाएंगे? यह प्रश्‍न इसलिए उठ रहा है क्‍योंकि पहले ही हजारों टन पुराना माल दुकानों और गोदामों तक पहुंच चुका है, जिन पर पुरानी दर का टैग लगा हुआ है. ऐसे में कंपनियों और दुकानदारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वे दाम कैसे घटाएं और उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ कैसे दें. कंपनियों कैसे करेगी फायदा पास ऑन इसका पहला तरीका है कीमतों का समायोजन यानी प्राइस एडजेस्‍टमेंट (Price Adjustment). कंपनियां पुरानी दर वाले माल के लिए डीलरों को क्रेडिट नोट देंगी. उदाहरण के लिए, अगर किसी डीलर ने साबुन का एक कार्टन पुराने टैक्स पर खरीदा है और अब उसकी कीमत घट गई है, तो कंपनी उसे बराबर का क्रेडिट देगी. इससे डीलर नुकसान में नहीं रहेगा और ग्राहकों को सस्ता दाम मिल सकेगा. सॉफ्टवेयर और बिलिंग अपडेट बड़ी रिटेल चेन जैसे बिग बाजार, रिलायंस या डीमार्ट जैसी कंपनियों के पास तकनीकी सिस्टम हैं. ये अपने बिलिंग सॉफ्टवेयर और पॉइंट-ऑफ-सेल मशीनों को तुरंत अपडेट कर सकती हैं. 22 सितंबर से इनके बिल पर सीधे नए रेट दिखाई देंगे. हालांकि छोटे किराना और मोहल्ले की दुकानों को यह बदलाव करने में थोड़ी मुश्किल होगी, क्योंकि उनके पास उतना तकनीकी ढांचा नहीं है. नई स्टिकरिंग और पैकिंग साबुन, शैंपू, टूथपेस्ट जैसे उत्पादों पर नई एमआरपी (MRP) वाली स्टिकर चिपकाई जाएगी. कंपनियों ने टीम लगाई हैं जो गोदाम और दुकानों में जाकर पुराने पैक पर नई कीमत की स्टिकर लगाएंगे. कई कंपनियां ट्रेड स्कीम्स और प्रमोशन को फिर से तय कर रही हैं. हो सकता है कि कुछ जगह कीमत घटाने की बजाय पैक का वजन बढ़ा दिया जाए. जैसे, 10 रुपये वाले बिस्किट पैक में पहले से ज्यादा बिस्किट मिल सकते हैं. किन-किन क्षेत्रों में असर दिखेगा रोजमर्रा के सामान (FMCG): नमकीन, बिस्किट जैसे तय दाम वाले पैक में वजन बढ़ेगा. वहीं शैंपू, साबुन, टूथपेस्ट जैसी चीज़ों पर सीधे नए दाम चिपका दिए जाएंगे. दुकानदारों को कंपनी से रेट डिफरेंस का क्रेडिट मिलेगा. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स : इन पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है. कंपनियां कह रही हैं कि त्योहारी सीजन में बिक्री तेज होगी. उदाहरण के लिए, पहले 20,000 रुपये का एसी पर 5,600 रुपये टैक्स लगता था, अब 3,600 रुपये लगेगा. 2,000 रुपये का सीधा फायदा उपभोक्ता को मिलेगा. होटल और हवाई यात्रा: 7,500 रुपये प्रति रात से कम वाले होटल रूम अब 12% की बजाय 5% जीएसटी पर मिलेंगे. लेकिन फायदा सिर्फ उन ग्राहकों को होगा जो होटल पर पहुंचकर पेमेंट करेंगे. पहले से बुक और पेमेंट किए कमरे पर पुरानी दर ही लागू होगी. हवाई यात्रा में उल्टा असर है. प्रीमियम इकोनॉमी, बिजनेस और फर्स्ट क्लास टिकट पर जीएसटी 12% से बढ़ाकर 18% कर दिया गया है. बीमा (Insurance): हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी अब पूरी तरह जीएसटी से मुक्त होंगी. इसका मतलब है कि उपभोक्ता को 18% की सीधी बचत होगी. हालांकि कंपनियां प्रीमियम घटाने की बजाय अतिरिक्त सुविधाएं जैसे पर्सनल एक्सीडेंट कवर या ज्यादा अस्पतालों में कैशलेस सुविधा दे सकती हैं. ऑटो सेक्टर: यह क्षेत्र फिलहाल थोड़ी परेशानी में है. पीएम मोदी के 15 अगस्त वाले भाषण के बाद से डीलरों ने भारी स्टॉक जमा कर लिया था. अब दरें घटने से पुराने स्टॉक पर उन्हें नुकसान हो रहा है. जैसे पहले जिस कार पर 50% टैक्स लगता था, अब 40% लगेगा. लेकिन डीलर ने पहले ही पुराना टैक्स भर दिया है, उसका रिफंड नहीं मिलेगा.

एशिया कप में धमाका, भारत ने महिला टीम ने थाईलैंड को हराया 11-0 से

हांगझोउ   उदिता दुहान और ब्यूटी डुंग डुंग के दो-दो गोल की मदद से भारत ने महिला एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में शुक्रवार को थाईलैंड को 11-0 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की। उदिता ने 30वें और 52वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर जबकि डुंग डुंग ने 45वें और 54वें मिनट में गोल किए।  इन दोनों के अलावा भारत की तरफ से मुमताज खान (सातवें मिनट), संगीता कुमारी (10वें), नवनीत कौर (16वें), लालरेम्सियामी (18वें), थौदाम सुमन देवी (49वें), शर्मिला देवी (57वें) और रुताजा दादासो पिसल (60वें) ने गोल दागे। वर्तमान में विश्व में नौवें स्थान पर काबिज भारत ने 30वें स्थान पर काबिज थाई टीम के खिलाफ पूल बी के मैच में हाफ टाइम तक 5-0 की बढ़त बना ली थी।  इस टूर्नामेंट में 8 टीमें भाग ले रही हैं जिन्हें दो पूल में बांटा गया है। दोनों पूल से शीर्ष पर रहने वाली दो टीमें सुपर 4 चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। सुपर 4 की शीर्ष दो टीमें 14 सितंबर को होने वाले फाइनल में खेलेंगी। भारत इस टूर्नामेंट में अनुभवी गोलकीपर सविता पूनिया और शीर्ष ड्रैग फ्लिकर दीपिका के बिना उतरा है।  यह दोनों चोटिल होने के कारण इस टूर्नामेंट में नहीं खेल रही है। एशिया कप विजेता टीम बेल्जियम और नीदरलैंड में अगले साल होने वाले महिला विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेगी। थाईलैंड के बाद भारत अब शनिवार को जापान से भिड़ेगा। इसके बाद वह पूल चरण के अपने अंतिम मैच में आठ सितंबर को सिंगापुर का सामना करेगा।

मुख्यमंत्री साय बोले – ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की उपलब्धि देश के युवाओं के लिए प्रेरणादायी

अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला ने बच्चों के साथ साझा किए अपने अंतरिक्ष यात्रा के अनुभव जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा विज्ञान भारती के मध्य हुए दो महत्वपूर्ण समझौते अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारतीय मेधा की बढ़ेगी दखल रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री निवास परिसर से स्कूली बच्चों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति जागरूकता के लिए मिशन अंतरिक्ष और प्रोजेक्ट जय विज्ञान अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान जिला प्रशासन रायपुर और इग्नाइटिंग ड्रीम्स ऑफ यंग माइंड फाउंडेशन तथा जिला प्रशासन रायपुर और विज्ञान भारती के मध्य दो महत्वपूर्ण समझौते हुए, जिनसे बच्चों को अंतरिक्ष से जुड़े विषयों की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेशवासियों की ओर से ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को उनकी सफल अंतरिक्ष यात्रा के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं और उनका अभिनंदन किया। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को नमन करते हुए सभी को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री साय ने जिला प्रशासन की इस विशेष पहल की सराहना करते हुए कहा कि इन समझौतों का उद्देश्य स्कूली विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और विज्ञान के प्रति जिज्ञासा एवं उत्साह को बढ़ाना है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विज्ञान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन जीने की एक सोच है। विज्ञान प्रश्न पूछने और तर्क करने की शक्ति और समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता प्रदान करता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रोजेक्ट जय विज्ञान के अंतर्गत आयोजित कार्यशालाएं, विज्ञान प्रदर्शनियाँ, प्रतियोगिताएँ और नवाचारी परियोजनाएँ विद्यार्थियों को नई चीजें सीखने और आत्मविश्वास बढ़ाने का अवसर देंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ के बच्चे केवल ज्ञान के उपभोक्ता नहीं, बल्कि नए विचारों और खोजों के सृजनकर्ता बनेंगे। यही आत्मनिर्भर भारत और विज्ञान-आधारित समाज की सच्ची नींव है। मुख्यमंत्री ने बच्चों से आह्वान किया कि वे शुभांशु शुक्ला से प्रेरणा लेकर अपनी रुचि के क्षेत्र में आगे बढ़ें और अपना तथा देश का नाम ऊँचा करें। अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने कहा कि देश ने जो अवसर उन्हें प्रदान किया है, उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना उनकी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा—“मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी का मैं विशेष आभार व्यक्त करता हूँ कि उनकी पहल से ऐसे सार्थक कार्यक्रम आयोजित हो पा रहे हैं। जब प्रदेश का मुखिया विज्ञान और शिक्षा से जुड़े आयोजनों को महत्व देता है, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे प्रदेश पर पड़ता है और बच्चों के भीतर नई ऊँचाइयों तक पहुँचने की प्रेरणा उत्पन्न होती है।” इस अवसर पर शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, कलेक्टर रायपुर गौरव कुमार सिंह, प्रदेश भर से जुड़े स्कूली छात्र-छात्राएँ और शिक्षकगण उपस्थित थे।

महाराष्ट्र में हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप का ऐलान, विपक्ष ने कहा– बनेगा मिनी पाकिस्तान

मुंबई  महाराष्ट्र में एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के विज्ञापन पर मजहबी बहस छिड़ गई है। इसकी वजह है कि विज्ञापन में इस सोसायटी को 'हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप' बताया गया था। इसे लेकर जब विवाद छिड़ा तो बिल्डर ने विज्ञापन ही वापस ले लिया। प्रोजेक्ट का विज्ञापन यह कहते हुए जारी किया गया था कि यह हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप है, जिसमें मुस्लिमों को अपने मजहब की मान्यताओं के अनुसार ही रहने का मौका मिलेगा। इस विज्ञापन को लेकर आरोप लगे कि यह तो देश के अंदर एक नया मुल्क बनाने जैसा है। खासतौर पर मजहब के आधार पर टाउनशिप बसाने जैसा देश में कहीं और कभी नहीं हुआ है। ऐसे में इस पर विवाद होना तय ही था। इस टाउनशिप को मुंबई से करीब 100 किलोमीटर दूर करजत में बसाने का प्लान है। मुंबई से लगभग 100 किलोमीटर दूर नेरल में प्रस्तावित एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट ने बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है. दरअसल, इस प्रोजेक्ट को ‘हलाल लाइफस्टाइल टाउनशिप’ के नाम से प्रचारित किया जा रहा था. इस विज्ञापन के सोशल मीडिया पर वायरल होते ही इसे धार्मिक आधार पर विभाजनकारी करार दिया गया है. अब इस मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी हस्तक्षेप करते हुए महाराष्ट्र सरकार से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. विज्ञापन कहता है, 'यहां आप पूरी तरह कम्युनिटी लिविंग का अनुभव लेंगे। आप अपने जैसे विचारों वाले परिवार के साथ ही रहेंगे।' ऐड में लिखा गया कि इस टाउनशिप में कुछ कदमों की ही दूरी पर मस्जिद रहेगी और सामूहिक जुटान वाले आयोजनों के लिए भी स्थान रहेगा। कानूनगो ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र सरकार को इसके लिए नोटिस दिया जा रहा है। इस मामले में ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रिजवी बरेलवी का भी बयान आया है। उन्होंने कहा कि इस तरह हलाल का इस्तेमाल करना तो नफरत फैलाने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे काम में शामिल बिल्डर और अन्य लोग नहीं चाहते कि समाज में एकता बनी रहे। फिलहाल इस मामले में महाराष्ट्र सरकार की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। कैसे शुरू हुआ विवाद? दरअसल, विवाद की शुरुआत तब हुई जब पूर्व राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) अध्यक्ष प्रियंक कानूंगो ने प्रोजेक्ट का एक वीडियो अपने एक्स (X) अकाउंट पर साझा किया. इस वीडियो में हिजाब पहनी एक महिला कहती है, “जब सोसाइटी में अपने प्रिंसिपल्स कॉम्प्रोमाइज करने पड़ें तो सही नहीं है. Sukoon Empire में रीडिस्कवर करें ऑथेंटिक कम्युनिटी लिविंग. यहां लाइक-माइंडेड फैमिलीज रहेंगी, बच्चे हलाल एनवायरनमेंट में सुरक्षित बड़े होंगे, बुजुर्गों को सम्मान और देखभाल मिलेगी. प्रेयर प्लेसेस और कम्युनिटी गैदरिंग वॉकिंग डिस्टेंस पर होंगे. यह निवेश न सिर्फ आपकी फैमिली बल्कि आपके भविष्य को भी सुरक्षित करेगा.” प्रियंक कानूनगो का बयान वहीं, प्रियंक कानूनगो ने इस मुद्दे पर ट्वीट कर कहा, “यह विज्ञापन नहीं, विष-व्यापन है. मुंबई के पास करजत इलाके में केवल मुसलमानों के लिए हलाल लाइफस्टाइल वाली टाउनशिप बनाई जा रही है. यह ‘नेशन विदिन द नेशन’ है. महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया गया है.” राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया जैसे ही विज्ञापन वायरल हुआ, राजनीतिक दलों ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है. शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) के प्रवक्ता कृष्णा हेजे ने विज्ञापन को तुरंत वापस लेने की मांग की. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इस तरह का प्रचार संविधान में दी गई समानता और धर्मनिरपेक्षता की भावना का उल्लंघन नहीं करता. वहीं, भाजपा ने इसे और बड़ा मुद्दा बनाया. पार्टी प्रवक्ता अजीत चव्हाण ने आरोप लगाया कि यह प्रोजेक्ट ‘गजवा-ए-हिंद’ की मानसिकता का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि ऐसी परियोजनाएं मुंबई और महाराष्ट्र जैसे बहुधार्मिक समाज में अस्वीकार्य हैं और डेवलपर्स पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. NHRC की दखलअंदाजी बढ़ते विवाद को देखते हुए अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी मामले का संज्ञान लिया है. आयोग ने महाराष्ट्र सरकार से पूछा है कि क्या इस प्रोजेक्ट का प्रचार सचमुच साम्प्रदायिक आधार पर किया गया है और इसमें कौन से कानूनी या संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन हुआ है. आयोग की दखल के बाद यह मामला अब सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर भी गंभीरता से लिया जा रहा है. कम्युनिटी-सेंट्रिक मार्केटिंग बना बहस का बड़ा मुद्दा यह विवाद अब रियल एस्टेट सेक्टर की मार्केटिंग रणनीतियों पर भी सवाल खड़े कर रहा है. आमतौर पर डेवलपर्स खरीदारों को आकर्षित करने के लिए लाइफस्टाइल सुविधाएं जैसे: जिम, गार्डन, क्लबहाउस या सीनियर सिटिजन फ्रेंडली सोसायटी का प्रचार करते हैं. लेकिन खुले तौर पर धार्मिक पहचान पर आधारित ‘कम्युनिटी लिविंग’ को बढ़ावा देना, आलोचकों के अनुसार, समाज में अलगाव की दीवार खड़ी कर सकता है. विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर इस तरह की परियोजनाओं को प्रोत्साहन मिला तो यह समाज में धार्मिक आधार पर बंटवारे की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकता है. अब आगे क्या? फिलहाल महाराष्ट्र सरकार पर दोहरा दबाव है. एक ओर राजनीतिक दल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और दूसरी ओर NHRC ने औपचारिक रिपोर्ट मांगी है. सरकार को यह तय करना होगा कि इस विज्ञापन और प्रोजेक्ट को किस कानूनी दायरे में जांचा जाए. यह मामला आने वाले दिनों में राज्य की राजनीति और रियल एस्टेट नियमों के लिए बड़ा मुद्दा बन सकता है.

राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान: राजभवन में आयोजित समारोह में CM साय और राज्यपाल रहे उपस्थित

शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है: राज्यपाल रमेन डेका शिक्षा के बिना जीवन अधूरा: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय रायपुर राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित गरिमामय समारोह में वर्ष 2024 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। समारोह में राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के 64 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2025 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की भी घोषणा की। राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि राज्यपाल रमेन डेका ने सर्वप्रथम भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति, महान दार्शानिक और प्रख्यात शिक्षाविद् डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी को उनकी जयंती पर नमन किया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि शिक्षा मानव के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम है। एक शिक्षक अपने विद्यार्थियों के लिए रोल मॉडल होता है। बेहतर शिक्षक एक जिम्मेदार नागरिक तैयार करने में महती भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन के प्रेरणास्रोत होते है। उनके विकास में शिक्षकों की बहुत बड़ी भूमिका है। आज का जीवन सरल नहीं है। गिरकर खड़े होना और जीवन की चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए यह विद्यार्थियों को सीखाना चाहिए। श्री डेका ने कहा कि शिक्षक ऐसा पढ़ाएं जिससे बच्चे स्कूलों की ओर आकर्षित हो। स्कूल भवन नहीं बल्कि उसके अंदर क्या पढ़ा रहे है ये महत्वपूर्ण है। उन्होंने प्राचीन भारत की गुरूकुल परंपरा को श्रेष्ठ बताया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक गेम चेन्जर है। इस नीति के अनुरूप बच्चों को शिक्षा मिले यह शिक्षकों की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू की गई है, जिसका मूल उद्देश्य यही है कि शिक्षा अधिक व्यवहारिक, कौशल आधारित और सर्वांगीण बनाया जाए। इस नीति में विशेष बल मातृभाषा में शिक्षा पर दिया गया है। बालक को उसकी मातृभाषा में शिक्षा देने से वह अधिक रूचि तथा सहजता के साथ शिक्षा ग्रहण करता है। श्री डेका ने कहा कि नवाचारी शिक्षा अपने आप में एक मिसाल है। यह गौरव का विषय है कि हमारे शिक्षक साथी अध्यापन के लिए नए-नए उपयोगी शिक्षण सहायक सामग्री का उपयोग कर रहें हैं, जिससे बच्चों को सिखाना, रुचिकर एवं सहज हो गया है। बदलते  परिवेश के अनुसार बच्चों को शिक्षा दिया जाना हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए। इस हेतु सार्थक पहल एवं प्रयास की आवश्यकता है। पाठ्यक्रमों में भी उचित पाठों का समावेश किया जाना समय की मांग है। समारोह की अध्यक्षता कर रहे मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि शिक्षक ही सच्चे राष्ट्र निर्माता होते हैं। वे देश को ऐसे राष्ट्रभक्त नागरिक देते हैं, जो आगे चलकर समाज और राष्ट्र की उन्नति में योगदान देते हैं। जिस प्रकार दीपक स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देता है, उसी प्रकार शिक्षक भी अनेक कठिनाइयों के बावजूद ज्ञान का उजाला फैलाते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर रहा है और इस रजत जयंती वर्ष में प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। शिक्षा विकास का मूलमंत्र है और इसके बिना जीवन अधूरा है। पिछले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में भी व्यापक विस्तार हुआ है। आज प्रदेश में 20 से अधिक विश्वविद्यालय, 15 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज और राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्थान जैसे आईआईटी, आईआईएम, एम्स तथा लॉ विश्वविद्यालय स्थापित हैं। श्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि हर बच्चे को आसानी से शिक्षा उपलब्ध हो। इसी दृष्टि से प्रत्येक 1 किलोमीटर पर प्राथमिक विद्यालय, 3 से 4 किलोमीटर पर माध्यमिक विद्यालय, 6 से 7 किलोमीटर पर हाई स्कूल, 8 से 10 किलोमीटर पर हायर सेकेंडरी विद्यालय और प्रत्येक विकासखंड में महाविद्यालय खोले जा रहे हैं। उन्होंने शिक्षा विभाग के नवाचारी पहल पर भी अपने विचार साझा किए। समारोह में उपस्थित विशिष्ट अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होेने से प्रदेश में शिक्षा का स्तर आने वाले समय में और बेहतर होगा। उन्होंने आगामी वर्ष के लिए राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित शिक्षकों के नामों की घोषणा की। राज्यस्तरीय समारोह में चार उत्कृष्ट शिक्षकों सूरजपुर जिले के अजय कुमार चतुर्वेदी को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के रमेश कुमार चंद्रवंशी को गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की  सुनीता यादव को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरूस्कार और रायगढ़ जिले के भोजराम पटेल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इसी तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 64 उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचि सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन दिया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण ऋतुराज रघुवंशी ने किया। समारोह में राज्य की प्रथम महिला रानी डेका काकोटी, विधायक  पुरन्दर मिश्रा, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक संजीव झा सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक उपस्थित थे।

पुलिस ने किया बड़ा एनकाउंटर, शिवपुरी में 30 किलो चरस और तस्कर पकड़ाए, संपत्ति की जांच होगी

शिवपुरी  शिवपुरी पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 किलो 295 ग्राम चरस जब्त की है। बरामद मादक पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 6 करोड़ 21 लाख रुपए बताई गई है। मामले में आरोपी संदीप सिंह सिख (38), निवासी रमतला की किया गिरफ्तार।  एसपी अमन सिंह राठौड़ के मुताबिक, गुरुवार को देहात थाना प्रभारी जितेंद्र मावई को सूचना मिली कि मझेरा गांव, कोटा-झांसी फोर लेन पर एक युवक बड़ी खेप लेकर पहुंचने वाला है। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ा। उसके पास से दो बैगों में रखे 60 पैकेट चरस और एक नई किओ कार जब्त की गई। जांच में सामने आया कि संदीप सिंह ने यह खेप नेपाल से मंगवाई थी। नेपाल से टमाटर का व्यापार करने वाला मोहन ठाकुर यह खेप ट्रक में छुपाकर लाया और संदीप को सौंप दी। राजस्थान की पार्टी से सौदा तय हुआ था, लेकिन पुलिस की दबिश से आरोपी पहले ही पकड़ लिया गया। ऐसे आया पुलिस की पकड़ में पुलिस के मुताबिक, कुछ महीने पहले गुना की केंट पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह को 650 ग्राम अफीम के साथ पकड़कर जेल भेज दिया था। यहीं जेल में उसकी मुलाकात बंटी नाम के कैदी से हुई। बंटी ने संदीप को भरोसा दिलाया कि वह उसे राजस्थान की बड़ी पार्टी से मिलवा सकता है, जो चरस की भारी खेप खरीदने को तैयार है। करीब एक माह पहले जब दोनों जेल से बाहर आए, तब बंटी ने संदीप की मुलाकात उस राजस्थान की पार्टी से कराई। इसके बाद संदीप सिंह ने नेपाल से चरस की यह खेप मंगवाई। मोहन ठाकुर नाम का टमाटर व्यापारी यह खेप नेपाल से ट्रक में छुपाकर अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार करके शिवपुरी लाया और संदीप सिंह को सौंप दी। डील तय हुई कि राजस्थान की पार्टी चरस लेने शिवपुरी आएगी और मझेरा गांव (कोटा-झांसी फोर लेन) पर डिलीवरी पॉइंट तय किया गया। लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने दबिश देकर संदीप सिंह को पकड़ लिया। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी ने सिर्फ 7 दिन पहले ही नई किओ कार खरीदी थी, जिससे वह चरस की डिलीवरी देने पहुंचा था। ढाबे से होटल तक- 7 साल का काला सफर संदीप सिंह के माता-पिता मूलतः पंजाब के रहने वाले हैं। कई साल पहले वे कोलारस आकर बस गए और 10 बीघा जमीन लेकर खेती करने लगे। संदीप दो भाइयों में से एक है। कोरोना काल के दौरान संदीप ने कोलारस बायपास पर एक छोटी झोपड़ी में ढाबा खोला। इसी ढाबे से उसने अवैध नशे का कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे वह अफीम, गांजा और चरस बेचने और सप्लाई करने लगा। सिर्फ 7 साल में जिस झोपड़ी में ढाबा था, वहां अब दो मंजिला होटल खड़ा है। इसके अलावा उसने काली कमाई से कई जमीनें और मकान खरीदे हैं। एसपी अमन सिंह राठौड़ ने यह भी कहा है कि आरोपी ने अचानक ही पैसा बनाया और प्रॉपर्टी खड़ी कर ली। अब उसकी संपत्ति की जांच भी होगी। आरोपी का नेटवर्क और आपराधिक रिकॉर्ड मोहन ठाकुर लखनऊ का रहने वाला है। वही नेपाल से टमाटर की खेप ले जाने वाला व्यापारी है, जिसने नेपाल से चरस लाकर संदीप को देता था। बंटी कैदी साथी जिससे जेल में मुलाकात, जिसने राजस्थान की बड़ी पार्टी से संदीप का कनेक्शन कराया। संदीप सिंह का रिकॉर्ड, पहले भी कई मामले दर्ज, जिनमें एनडीपीएस, आबकारी एक्ट और गुना-कोलारस थानों में अपराध शामिल हैं। पिछले वर्ष उससे 03 करोड़ 49 लाख रुपए की 17 किलो चरस भी जब्त हुई थी।

खंडवा में ईद जुलूस के मौके पर हंगामा, हिंदू संगठनों ने किया प्रदर्शन

 खंडवा  खालवा के खारकला में शुक्रवार को ईद मिलादुन्नबी के जुलूस के दौरान तनाव की स्थिति बन गई। जानकारी अनुसार जमानत पर रिहा मुबारिक पुत्र मेहबूब ने बजरंग दल कार्यकर्ता विजय बागड़ा को घर के सामने धमकाने का प्रयास किया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठनों ने आक्रोश जताते हुए खंडवा-खालवा मार्ग को चार घंटे तक जाम रखा। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष धरने पर बैठे रहे और पुलिस कार्रवाई की मांग करते रहे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत किया सूचना पर हरसूद एसडीएम आर.सी. खतेडिया, एसडीओपी लोकेन्द्र सिंह खालवा तहसीलदार राजेश कोचले नायव तहसीलदार विनोद यादव व रोशनी चौकी पुलिस मौके पर पहुंचे। उन्होंने संगठन पदाधिकारियों व ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति को समझा। मुस्लिम समुदाय ने निकाला था जुलूस विजय बागड़ा ने बताया कि 13 जून 2024 को उनके भाई विनोद बागड़ा पर मुबारिक ने हमला किया था। इस मामले में खालवा थाने में धारा 307 के तहत प्रकरण दर्ज हुआ था, जिसके बाद आरोपी जमानत पर रिहा है। विजय ने आरोप लगाया कि मुस्लिम समुदाय का जुलूस जानबूझकर उनके घर के सामने से निकाला गया, जबकि इससे पहले कभी इस गली से जुलूस नहीं निकला।