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हरियाणा सरकार की नई योजना, हर परिवार की 3 महिलाएं भी सभी लाभार्थी, एज-इनकम की शर्त से कुछ महिलाएं बाहर

चंडीगढ़  हरियाणा में लाडे लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये कब मिलेंगे? आखिरकार हरियाणा की लाखों महिलाओं के इस सवाल का जवाब आज 28 अगस्त गुरुवार को मिल गया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ऐलान करते हुए बता दिया है कि लाडो लक्ष्मी योजना कब से शुरू होगी। सीएम ने कैबिनेट मीटिंग के फैसले की जानकारी देते हुए ताया कि पंडित दीन दयाल उपाध्याय की जयंती के मौके पर 25 सितंबर, 2025 को इस योजना को लॉन्च कर दिया जाएगा। इस योजना के तहत महिलाओं के खाते में हर महीने 2100 रुपये भेजे जाएंगे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस योजना का ऐलान करते हुए कहा कि 25 सितंबर, 2025 से राज्य की सभी 23 साल से ज्‍यादा उम्र की लड़कियों व महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। महिलाएं चाहें शादीशुदा हों या फिर अविवाहित, सभी के खाते में 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। उन्होंने कहा कि कैबिनेट ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना को मंजूरी दे दी है। इन महिलाओं के खाते में आएंगे पैसे मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले चरण में उन महिलाओं को शामिल किया जाएगा, जिनके परिवार की सालाना कमाई 1 लाख रुपये से कम है। आगे चलकर अन्य आय वर्ग वाले परिवारों को भी इस योजना में शामिल किया जाएगा। क्या होगी पात्रता योजना का फायदा लेने के लिए पात्रता की कुछ शर्तें हैं। सीएम नायब सिंह सैनी ने बताया कि अगर महिला अविवाहित है और अगर विवाहित है तो वह कम से कम 15 साल से हरियाणा की नागरिक होनी चाहिए। इसी तरह विवाहित आवेदक महिला का पति भी 15 साल से हरियाणा का नागरिक होना चाहिए। इस योजना की अच्छी बात है कि एक परिवार से जितनी मर्जी महिलाएं इस योजना का फायदा उठा सकती हैं। इस पर कोई सीमा नहीं है। सीएम ने कहा कि एक परिवार की जितनी भी महिलाएं पात्रता की शर्तें पूरी करेंगी, उन सभी को दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना का फायदा मिलेगा। इन योजनाओं का लाभ मिल रहा है तो नहीं मिलेंगे 2100 रुपये मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि अगर राज्य में चल रही ऐसी 9 योजनाओं का लाभ महिलाओं को पहले से मिल रहा है, जिसमें उन्हें 2100 रुपये प्रति महीने से ज्यादा पैसा मिल रहा है तो उन्हें लाडो लक्ष्मी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। हालांकि मंत्रिमंडल ने फैसला किया है कि अगर कोई स्टेज-3 कैंसर से पीड़ित है, या थैलीसीमिया समेत 54 से ज्यादा दुर्लभ बीमारियों से पीड़ित हैं, उन्हें अलग से लाडो लक्ष्मी योजना के तहत 2100 रुपये मिलेंगे। उम्र-आय शर्त से बाहर 1 लाख महिलाएं, 20 लाख लाभार्थियों में कौन शामिल हरियाणा की नायब सैनी सरकार ने महिलाओं को 25 सितंबर से 2100 रुपए हर महीने देने की घोषणा की है। सरकार ने दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के लिए इस बजट में 5 हजार करोड़ का फंड रखा है। योजना का फायदा देने के लिए 23 से 60 की उम्र की शर्त रखी है। ऐसे में योजना के पहले चरण में अभी उम्र व आय की शर्त से हरियाणा में लाभार्थी महिलाओं की संख्या घट गई है। हरियाणा में इनकम की स्लैब बनी हुई हैं। इनमें एक लाख से 1.40 लाख का स्लैब है। स्लैब का लोअर पार्ट गिना जाता है। ऐसे में इस स्लैब की लाभार्थी महिलाओं की संख्या करीब 20 लाख बन रही है। परिवार पहचान पत्र के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में इस इनकम स्लैब में 23 से 60 साल तक की 17 लाख 25 हजार विवाहित महिलाएं हैं। जबकि 23 से 45 साल की 2.75 लाख कुंवारी यानी अविवाहित हैं। सीएम नायब सैनी ने भी कहा कि पहले चरण में करीब 19-20 लाख लाभार्थी होंगी। इनकम कम होने के बावजूद 1 लाख महिलाएं लाभपात्र नहीं एक लाख इनकम की शर्त को पूरा करने के बावजूद करीब 1 लाख महिलाओं को 2100 रुपए का लाभ नहीं मिल पाएगा। क्योंकि इनमें से करीब 45 हजार विधवाएं, 11 हजार निराश्रित, 14 हजार दिव्यांग पेंशन ले रही हैं। इसके अलावा 2500 महिलाएं संविदा कर्मी और 2500 महिलाएं लाडली योजना का पहले से ही लाभ ले रही हैं। 1 लाख से कम की शर्त से सिर्फ 8 लाख ही लाभार्थी बनती अगर प्रदेश सरकार एक लाख रुपए से कम इनकम का दायरा तय करती तो हरियाणा की करीब 8 लाख महिलाएं ही योजना की लाभार्थी बन पातीं। एक लाख रुपए करने से लाभपात्र महिलाओं की संख्या 20 लाख पहुंच गई। CM नायब सैनी ने कहा कि योजना के अगले चरण में इनकम का दायरा बढ़ाया जाएगा। यदि इसे 1.80 लाख किया जाता है तो करीब 10 लाख लाभार्थी बढ़ जाएंगी। दिल्ली में 18 साल तो बाकी राज्यों में 21 साल की महिलाओं को लाभ उम्र के मामले में हरियाणा की शर्त अन्य राज्यों के मुकाबले टफ मानी जा सकती है। पड़ोसी दिल्ली में भाजपा सरकार ने 18 साल से अधिक आयु की युवतियों को डायरेक्टर कैश बेनिफिट योजना का पात्र माना है। हालांकि वहां अभी योजना का लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है। महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, ओडिसा, झारखंड, छत्तीसगढ़ में योजना के लाभ के लिए न्यूनतम उम्र 21 साल रखी गई है। आय की टफ शर्त ने भी हरियाणा में घटाए लाभार्थी हरियाणा में 1 लाख वार्षिक आय वाले परिवारों की महिलाओं को लाभ मिलेगा। जबकि महाराष्ट्र व मध्य प्रदेश में 2.5 लाख रुपए वार्षिक आय वाली परिवारों की महिलाओं को भी लाभ मिल रहा है। कर्नाटक में राशन कार्ड में सिर्फ परिवार की मुखिया महिला को लाभ मिलता है। जबकि हरियाणा में एक परिवार से 3 महिलाओं तक को लाभ मिलेगा। हरियाणा में यदि सभी BPL परिवारों को योजना का लाभपात्र माना जाता तो करीब 42 लाख परिवारों की महिलाएं लाभार्थी होतीं। हरियाणा में लाडो लक्ष्मी योजना क्या है हरियाणा में विधानसभा चुनावों से पहले बीजेपी ने ऐलान किया था कि लाडो लक्ष्मी योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं के खाते में हर महीने 2100-2100 रुपये भेजे जाएंगे। इसके लिए बजट का भी ऐलान कर दिया गया था। माना जा रहा है कि राज्य की करीब 50 लाख महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा। लाडो लक्ष्मी योजना 2025 का बजट कितना है हरियाणा सरकार ने 2025 के बजट में लाडो लक्ष्मी योजना के लिए अलग से बजट का भी … Read more

सितंबर में 15 बैंक हॉलिडे! अपने राज्य की छुट्टियों की पूरी लिस्ट देखें

भोपाल  भारतीय रिजर्व बैंक हर महीने पूरे देश के लिए छुट्टियों की लिस्ट जारी करता है. यह लिस्ट राज्यों के त्योहार को देखते हुए जारी की जाती है. इस महीने अगस्त में भी करीब आधे महीने बैकों में कोई कामकाज नहीं हुआ. वहीं, अब केंद्रीय बैंक ने सितंबर महीने की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है. नए महीने में भी कमोबेश यही हाल रहने वाले है. आइये छुट्टियों की लिस्ट पर डालते हैं एक नजर. सितंबर 2025 में भी कई ऐसे मौके आ रहे हैं, जब बैकों में कामकाज ठप रहेगा. बैंककर्मियों की बल्ले-बल्ले होगी. आरबीआई की जो लिस्ट सामने आई है, उसके मुताबिक करीब 15 दिन बैकों में ताले लटकेंगे. वैसे ऑनलाइन सेवाएं लगातार चालू रहेंगे. सितंबर 2025 में इतने दिन बैंकों में नहीं होंगे काम सितंबर महीने में राष्ट्रीय और क्षेत्रीय छुट्टियों के चलते बैंकों में महीने के आधे दिन कोई कामकाज नहीं होगा. आरबीआई के मुताबिक हर महीने के रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार को साप्ताहिक बैंकों में साप्ताहिक अवकाश रखती है. इसके अलावा त्योहारों और पर्वोें के चलते भी बैंक में ताले लटके रहते हैं. ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी छुट्टियों में किसी को परेशानी ना हो इसके लिए सभी तरह की ऑनलाइन सेवाएं जारी रहेंगी. एटीएम, नेट और मोबाइल बैंकिंग भी काम करते रहेंगे. अगर कोई बैंक संबंधित काम के लिए जाना है तो इन तारीखों पर जाने से बचें और छुट्टियों के कैलेंडर पर एक नजर अवश्य डाल लें.   सितंबर के महीने में देशभर में कई त्यौहार और क्षेत्रीय अवसर मनाए जाएंगे। इस दौरान अलग-अलग राज्यों में बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। इनमें कर्म पूजा, ओणम, ईद-ए-मिलाद, इंद्रजात्रा, नवरात्र स्थापना, दुर्गा पूजा और महाराजा हरि सिंह की जयंती जैसे पर्व शामिल हैं। ग्राहकों को सलाह दी जाती है कि वे बैंक जाने से पहले छुट्टियों की लिस्ट जरूर देख लें। कई बार बैंक बंद होने पर असुविधा का सामना करना पड़ता है। नियमित साप्ताहिक अवकाश त्योहारों के अलावा हर महीने की तरह सितंबर में भी दूसरे और चौथे शनिवार और सभी रविवार को बैंकों की छुट्टी रहेगी। राज्यवार बैंक छुट्टियों की लिस्ट 3 सितंबर (बुधवार): झारखंड में कर्म पूजा के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 4 सितंबर (गुरुवार): केरल में पहला ओणम के अवसर बैंक की छुट्टी रहेगी। 5 सितंबर (शुक्रवार): गुजरात, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, मिजोरम, केरल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मणिपुर में ईद-ए-मिलाद और तिरुवोनम के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 6 सितंबर (शनिवार): सिक्किम, छत्तीसगढ़ में ईद-ए-मिलाद/इंद्रजात्रा पर बैंक की छुट्टी रहेगी। 12 सितंबर (शुक्रवार): जम्मू, श्रीनगर में ईद-ए-मिलाद-उल-नबी के बाद के शुक्रवार के दिन बैंक बंद रहेंगे। 22 सितंबर (सोमवार): राजस्थान में नवरात्र स्थापना के अवसर पर बैंक बंद रहेंगे। 23 सितंबर (मंगलवार): जम्मू, श्रीनगर में महाराजा हरि सिंह जयंती के मौके पर बैंक बंद रहेंगे। 29 सितंबर (सोमवार): त्रिपुरा, असम, पश्चिम बंगाल में महा सप्तमी/दुर्गा पूजा के मौके पर बैंकों की छुट्टियां रहेंगी। 30 सितंबर (मंगलवार): त्रिपुरा, ओडिशा, असम, मणिपुर, राजस्थान, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल में महा अष्टमी/दुर्गा पूजा पर बैंकों का अवकाश रहेगा।

पूर्व विधायक नलिन कोटडिया और अन्य 13 आरोपियों को गुजरात बिटकॉइन केस में उम्रकैद

अहमदाबाद  गुजरात के बहुचर्चित बिटकॉइन घोटाले में अहम फैसला सुनाते हुए स्पेशल एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) कोर्ट ने आज शुक्रवार को पूर्व विधायक नलिन कोटडिया, अमरेली के पूर्व एसपी जगदीश पटेल और पूर्व पीआई अनंत पटेल सहित 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पाया कि सभी आरोपी 2018 में सामने आए 12 करोड़ रुपए मूल्य के 176 बिटकॉइन और 32 लाख रुपए नकद की जबरन वसूली और अपहरण की साजिश में शामिल थे। यह मामला नोटबंदी के बाद सुर्खियों में आया था। बता दें कि इस केस में कुल 15 लोगों को नामजद किया गया था, जिनमें से 14 को कोर्ट ने दोषी ठहराया, जबकि एक आरोपी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया। बचाव पक्ष के वकीलों ने कोर्ट के फैसले को गुजरात हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही है।  क्या है पूरा मामला? यह मामला साल 2018 में उस समय सामने आया था, जब सूरत के बिल्डर शैलेश भट्ट ने आरोप लगाया था कि उनसे 176 बिटकॉइन (करीब 12 करोड़ रुपये मूल्य) और 32 लाख रुपये नकद की जबरन वसूली की गई। इसमें पुलिस अफसरों से लेकर राजनेता और वकील तक शामिल थे। शैलेश भट्ट ने आरोप लगाया था कि तत्कालीन पुलिस निरीक्षक अनंत पटेल और उनकी टीम ने सरकारी वाहनों का इस्तेमाल करते हुए उनका अपहरण किया और उन्हें गांधीनगर के पास एक जगह ले जाकर 176 बिटकॉइन ट्रांसफर करने के लिए मजबूर किया। इतना ही नहीं, बिटकॉइन ट्रांसफर होने के बाद भी उनसे फिरौती की मांग की गई। सीआईडी क्राइम ब्रांच ने इस मामले की जांच की, जिसमें तत्कालीन अमरेली एसपी जगदीश पटेल, सूरत के वकील केतन पटेल और अन्य 10 पुलिसकर्मियों की संलिप्तता सामने आई। पूछताछ के दौरान यह भी सामने आया कि पूर्व विधायक नलिन कोटडिया इस पूरे मामले में ‘फिक्सर’ की भूमिका में थे। अगस्त 2024 में, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इस मामले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के तहत शैलेश भट्ट को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि भट्ट ने खुद भी बिटकनेक्ट के प्रमोटर सतीश कुंभानी के दो कर्मचारियों का अपहरण कर 2,091 बिटकॉइन, 11,000 लाइटकॉइन और 14.50 करोड़ रुपए नकद वसूले थे। सतीश कुंभानी पर 2017-18 में बिटकनेक्ट नामक क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी करने का आरोप है। जनवरी 2018 में उन्होंने अचानक बिटकनेक्ट और उसका लेंडिंग प्लेटफॉर्म बंद कर दिया और निवेशकों का पैसा लेकर फरार हो गए। यह पूरा मामला गुजरात के सबसे हाई-प्रोफाइल साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग केस में से एक बन गया है, जिसमें राजनीतिक, प्रशासनिक और आपराधिक गठजोड़ साफ तौर पर उजागर हुआ है।

एशिया कप हॉकी: भारत ने राजगीर में चीन को 4-3 से हराया, भारतीय टीम का विजयी आगाज

राजगीर भारतीय हॉकी टीम ने एशिया कप 2025 में जीत के साथ आगाज किया है. 29 अगस्त (शुक्रवार) को बिहार के राजगीर में खेले गए मुकाबले में भारत ने चीन को 4-3 से हराया. भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने तीन गोल (20वें मिनट, 33 वें मिनट और 47वें मिनट) दागे. जबकि जुगराज सिंह ने एक गोल (18वें मिनट) किया. चीन की तरफ से दु शिंहाओ (12वें मिनट), चेन बेनहाई (35वें मिनट) और गाओ जिशेंग (41वें मिनट) गोल करने में सफल रहे. भारतीय टीम अब अपने अगले मुकाबले में 31 अगस्त को जापान का सामना करेगी. मुकाबले में पहले क्वार्टर में भारतीय टीम चीन पर हावी रही, लेकिन वो कोई गोल नहीं कर पाई. दूसरी ओर दु शिंहाओ ने खेल के 12वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके चीनी टीम को 1-0 की लीड दिला दी. फिर दूसरे क्वार्टर के तीसरे मिनट में जुगराज सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारतीय टीम को बराबरी दिला दी. इसी क्वार्टर के पांचवें मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने भी गोल किया, जिसके चलते भारत ने 2-1 की लीड ले ली. हाफटाइम तक स्कोर यही रहा. इसके बाद तीसरे क्वार्टर के तीसरे मिनट में कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को 3-1 की लीड दिला दी. हालांकि कुछ मिनट बाद ही चेन बेनहाई ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके स्कोर 3-2 कर दिया. गाओ जिशेंग ने तीसरे क्वार्टर के 11वें मिनट में गोल दागा जिससे स्कोर 3-3 हो गया. फिर चौथे एवं आखिरी क्वार्टर के दूसरे मिनट में हरमनप्रीत सिंह ने पेनल्टी कॉर्नर पर गोल करके भारत को 4-3 की निर्णायक लीड दिलाई. भारत ने कितनी बार जीता एशिया कप? एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट का ये 12वां संस्करण है. भारतीय टीम अब तक तीन बार एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट अपने नाम कर चुकी है. भारतीय टीम ने 2003, 2007 और 2017 में खिताब जीता था. पाकिस्तानी टीम भी तीन बार (1982, 1985, 1989) एशिया कप में विजेता रह चुकी है. साउथ कोरिया ने सर्वाधिक पांच बार (1994, 1999, 2009, 2013, 2022) एशिया कप जीता है. भारत को पूल-ए में चीन, कजाकिस्तान और जापान के साथ रखा गया है. जबकि पूल-बी में साउथ कोरिया, मलेशिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे की टीमें हैं. देखा जाए तो कजाकिस्तान की टीम तीन दशक में पहली बार एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में भाग ले रही है. कजाकिस्तान ने ओमान की जगह ली है. उधर बांग्लादेश ने पाकिस्तान का स्थान लिया है. पाकिस्तानी टीम ने सुरक्षा कारणों का हवाला देकर टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था. दोनों पूल से शीर्ष पर रहने वाली दो-दो टीमें सेमीफाइनल खेलेंगी. खिताबी मुकाबला सात सितंबर को खेला जाएगा. इस टूर्नामेंट की विजेता टीम अगले साल 14 से 30 अगस्त तक बेल्जियम और नीदरलैंड्स में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई करेगी. यानी भारत के पास एशिया कप खिताब जीतकर वर्ल्ड कप का टिकट पाने का बेहतरीन मौका है. भारत ने पहला मौका गंवा दिया क्योंकि वह खराब प्रदर्शन के चलते एफआईएच प्रो लीग में सातवें स्थान पर खिसक गया था. एशिया कप के लिए भारत का स्क्वॉड गोलकीपर: सूरज करकेरा, कृष्ण बहादुर पाठक. डिफेंडर: हरमनप्रीत सिंह (कप्तान), अमित रोहिदास, जरमनप्रीत सिंह, सुमित, संजय, जुगराज सिंह. मिडफील्डर: मनप्रीत सिंह, विवेक सागर प्रसाद, राजिंदर सिंह, राज कुमार पाल, हार्दिक सिंह. फॉरवर्ड: मनदीप सिंह, अभिषेक, सुखजीत सिंह, दिलप्रीत सिंह, शिलानंद लाकड़ा.

मोदी बोले- अस्थिर हालात में भारत और चीन का साथ आना बड़ी बात

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने बहुप्रतीक्षित चीन दौरे से पहले भारत और चीन के संबंधों पर बातचीत की है। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को जापानी अखबार द योमिउरी शिंबुन को दिए एक इंटरव्यू में कहा है कि उनकी यह यात्रा चीन के साथ स्थिर द्विपक्षीय संबंधों का प्रतीक है। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा है कि इंडो पैसिफिक रीजन में शांति बनाए रखने और वैश्विक अस्थिरता के बीच चीन के साथ स्थिर और मजबूत संबंध बेहद जरूरी हैं। प्रधानमंत्री ने चीन की यात्रा और चीन के साथ संबंधों पर पूछे गए एक लिखित सवाल के जवाब में कहा, "राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर मैं शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए यहां से तियानजिन जाऊंगा। पिछले साल कजान में राष्ट्रपति शी के साथ मेरी मुलाकात के बाद से हमारे द्विपक्षीय संबंधों में स्थिर और सकारात्मक प्रगति हुई है।" पीएम मोदी ने आगे कहा कि विश्व के दो सबसे बड़े देशों के बीच इस साझेदारी से पूरे क्षेत्र की समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा, “दुनिया के दो सबसे बड़े राष्ट्रों के रूप में भारत और चीन के बीच स्थिर और सौहार्दपूर्ण द्विपक्षीय संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और समृद्धि पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।” प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा, “वैश्विक अर्थव्यवस्था में वर्तमान अस्थिरता को देखते हुए, दो प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के रूप में भारत और चीन वैश्विक आर्थिक व्यवस्था में स्थिरता लाने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं। भारत आपसी सम्मान, हित और संवेदनशीलता के आधार पर रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने और चुनौतियों का समाधान करने के लिए बातचीत को बढ़ाने के लिए तैयार है।” गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को दिल्ली से जापान की दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर रवाना हुए। जापान दौरे के बाद प्रधानमंत्री तियानजिन में शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन के लिए चीन जाएंगे। इस दौरान पीएम मोदी चीनी प्रधानमंत्री शी जिनपिंग और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ द्विपक्षीय बैठकों में भी हिस्सा लेंगे।  

CM मोहन यादव बोले – मध्यप्रदेश के कण-कण में बसा है सौंदर्य

सीएम ब्लॉग भोपाल  भारत का हह्यदय प्रदेश मध्यप्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है। जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उदयोग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है। मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्चिक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी है। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहुआयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है। प्रदेश में अब पर्यटकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है। गत वर्ष देश में सर्वाधिक पर्यटक मध्यप्रदेश में आए। नैसर्गिक सौन्दये, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक ऐतिहासिक विरासतें और हरे-भरे वन हमारी विशेषता है। हमारे वन जीवत है। देश में सर्वाधिक बाघ मध्यप्रदेश में हैं। चंबल सबसे साफ नदी है जिसमें घड़ियालों का संरक्षण हो रहा है। नर्मदा मैया के दर्शन करने हजारों श्रद्धालु दूर-दूर से आते है। प्रधानमवी नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टि से मध्यप्रदेश अब देश का एकमात्र चौता प्रदेश बन गया है। चौतों का परिवार पालपुर कूनो में फल फूल रहा है। सांची, खजुराहो और भीमबेटका जैसी विश्वविख्यात धरोहर हमारी वैश्विक सांस्कृतिक पहचान है। अब यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में ग्वालियर किला, बुरहानपुर का खूनी भंडारा, चंबल के पत्थर कला स्थल, भोजेश्वरा महादेव मंदिर भोजपुर, रामनगर मंडला के गाँड स्मारक और मंदसौर का धमनार भी जुड़ने की तैयारी में हैं। इसके अलावा नर्मदा परिक्रमा, गौड चित्रकला और भगोरिया उत्सव भी पर्यटन के नक्शे पर प्रमुखता से उभरे हैं। मध्यप्रदेश ऐसा अग्रणी राज्य चल गया है. जिसने सबसे ज्यादा 18 स्थलों को विश्व विरासत सूची में शामिल करने की पहल की है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार के सहयोग से मध्यप्रदेश के पर्यटन को नई दिशा मिली है। केन्द्र का भरपूर सहयोग मिल रहा है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां इको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उदयान और बोरी वन्य जीव अभ्यारण्य में पूरा हो गया। हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं। प्रदेश में अधोसंरचना मजबूत होने, सड़क संपर्क में निरंतर सुधार होने और केन्द्र सरकार के सहयोग से रेल सुविधाओं के बढ़ने से पर्यटन क्षेत्र और उदयोग को लाभ मिला है। इस क्षेत्र में निवेश निरंतर बढ़ रहा है। हाल में रीवा पर्यटन कॉन्क्लेव में तीन हजार करोड के निवेश प्रस्ताव मिले। पर्यटन स्थलों सुविधाएं निरंतर बढ़ाई जा रही हैं। पीएमपर्यटन वायु सेवा की शुरुआत हुई है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, सतना और सिगरौली के मध्य वायु सेवा का संचालन हो रहा है। मध्यप्रदेश सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पुनर्जागरण के दौर से गुजर रहा है। इसी समय आध्यात्मिक पर्यटन भी निरंतर विस्तार ले रहा है। भगवान श्रीमहाकाल की नगरी उज्जैन और यहां श्रीमहाकाल लोक विश्व विख्यात हैं। पिछले साल सात करोड़ श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। प्रदेश की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र के योगदान में आध्यात्मिक पर्यटन भागीदारी को और ज्यादा सशक्त बनाने की तैयारी चल रही है। ओरछा में भगवान श्रीराम का मंदिर है। यह विश्व का एकमात्र मंदिर है जहां भगवान को राजा के रूप में गार्ड ओफ आनर दिया जाता है। यह अभूतपूर्व आध्यात्मिक घटनाक्रम है। यहां भगवान श्रीराम राजा की सरकार स्थापित है। ग्वालियर के ऐतिहासिक भव्य किले के संबंध में उल्लेख मिलता है कि भारत में पहली बार जीरो का लिखित इस्तेमाल कहां हुआ। ग्वालियर किले में नीं शताब्दी के इस चतुर्भुज मंदिर में शूल्य का सबसे शुरुआती शिलालेख पर उकेरा हुआ प्रमाण मिलता है। इस मंदिर को दुनिया में टैपल ऑफ जीरो के नाम से भी पहचाना जाता है। धार्मिक आयोजनों को नया स्वरूप दिया जा रहा है। बाबा श्रीमहाकाल की दिव्य सवारी को भव्य रूप दिया गया। रक्षा बंधन के त्यौहार और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को सार्वजनिक रूप से प्रदेश के कोने-कोने में मनाया गया। धार्मिक महत्व के स्थलों में धार्मिक और सांस्कृतिक लोगों और स्मारकों का निर्माण अध्यात्मिक पर्यटन को नया आयाम देगा। संत रविदास लोक सागर, रानी दुर्गावती स्मारक जबलपुर देवी लोक सलकनपुर सीहोर रामराजा लोक ओरछा, जाम सांवली हनुमान लोक पांढुर्ना, पशुपतिनाथ लोक मंदसौर, परशुराम लोक जानापाव महू, महाराणा प्रताप लोक भोपाल, भादवामाता लोक नीमच, रानी अवंतीबाई स्मारक जबलपुर, मा नर्मदा महालोक अमरकंटक अनूपपुर देवी अहिल्या लॉक खरगौन और नागलवाडी लोक बड़वानी में किया जा रहा है। एक और जहां आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन समृद्ध हो रहा है वहीं दूसरी ओर फिल्म पर्यटन भी तेजी से बढ़ रहा है। फिल्म निर्माताओं को मध्यप्रदेश में आकर्षक सुविधाएं मिल रही है। कई प्रसिद्ध फिल्मों की शूटिंग मध्यप्रदेश में हुई है। इससे स्थानीय कलाकारों को फिल्मो में काम मिला। फिल्म यूनिट के सदस्यों को होम स्टे की सुविधाओं का लाभ मिला। होम स्टे की संख्या निरंतर बढ़ते जा रही है। प्रदेश की ग्रामीण संस्कृति को देखने-समझने में होम स्टे अच्छी भूमिका निभा रहे हैं। फिलहाल 100 पर्यटन ग्राम विकसित किए गए हैं, जिसमें से 63 पर्यटन याम विकसित हो चुके हैं। इनमें 470 से ज्यादा होम स्टे हैं। देश के पहले हैंडलूम गाव प्राणपुर को वैश्विक पहचान मिली है। गॉड, भील पेंटिंग और मांडना आर्ट जैसी जनजातीय … Read more

सड़क पर लगे ‘इस्लाम जिंदाबाद’ बैनर से हंगामा, इंदौर में बढ़ा विवाद

इंदौर   इंदौर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। शहर के मुस्लिम कॉलोनी में बीच सड़क पर इस्लाम जिंदाबाद के बैनर लगे हुए हैं। इसका वीडियो सामने आते ही हड़कंप मच गया है। इसके बाद विश्व हिंदू परिषद ने विरोध जताया है। विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने बैनर को हटवा दिया है। साथ ही मामले की जांच की जा रही है कि इसे किसने लगवाया था। बैनर पर लिखा था इस्लाम जिंदाबाद इंदौर के मुस्लिम बहुल इलाके में कुछ बैनर लगाए गए थे। इन बैनरों पर 'इस्लाम जिंदाबाद' लिखा हुआ था। वीएचपी के कुछ नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। उन्होंने पुलिस से इसकी शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। थाने पहुंचकर दी शिकायत वीएचपी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज थाने पहुंचे। उन्होंने एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात की। उन्होंने बैनर को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने कहा कि ऐसे बैनर धार्मिक भावनाओं को भड़का सकते हैं। उनका कहना था कि यह एकतरफा प्रचार करने का तरीका है। उन्होंने पुलिस से इस पर कार्रवाई करने की मांग की। विवादित बैनर जिंसी चौराहे पर लगाए गए थे, जिसकी जानकारी मिलते ही हिंदूवादी नेता तन्नू शर्मा मल्हारगंज पहुंचे और एसीपी विवेक सिंह से मुलाकात कर आपत्ति दर्ज कराई। शर्मा ने बताया कि यह बैनर धार्मिक भावनाएं भड़काने और एकतरफा प्रचार के उद्देश्य से लगाए गए हैं। शिकायत के बाद मल्हारगंज थाना क्षेत्र की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और विवाद को देखते हुए बैनर तत्काल हटा दिए गए। पुलिस का कहना है कि इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई की गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस ने बैनर को तुरंत हटा दिया वहीं, पुलिस ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की है। मौके पर पहुंची पुलिस ने तुरंत बैनर को हटा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है कि आखिर सड़क पर यह बैनर किसने लगाए थे। साथ ही उनका मकसद क्या था। लोगों से अपील की है कि अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

कलेक्टर से विवाद पर पार्टी की नाराज़गी, विधायक नरेंद्र कुशवाह को BJP ने लगाई फटकार

भोपाल  भिंड कलेक्‍टर से अभद्रता व हाथापाई की कोशिश मामले के सामने आने के बाद भाजपा विधायक नरेंद्र कुशवाह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संगठन ने उन्‍हें भोपाल बुलाकर कड़े शब्‍दों में चेतावनी दी है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है। अब पार्टी ने अपनी साख बचाने के लिए अपने बेलगाम विधायक को समझाइश देकर डेमेज कंट्रोल की शुरुआत की है। इस क्रम में भाजपा प्रदेश अध्‍यक्ष हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने नरेंद्र कुशवाह से चर्चा की। विधायक ने संगठन महामंत्री से की मुलाकात भोपाल में कुशवाह ने प्रदेश अध्यक्ष व विधायक हेमंत खंडेलवाल, प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा से मुलाकात की। इस दौरान संगठन ने उनके व्यवहार को गंभीर मानते हुए साफ चेतावनी दी कि 'आपका आचरण पार्टी लाइन के खिलाफ है, इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भविष्य में इस तरह की घटना स्वीकार्य नहीं होगी।' अन्य जिलों के विवाद बड़वानी– प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल ने कलेक्टर काजल जावला को हटाने की मांग मुख्यमंत्री से की। भोपाल- सांसद आलोक शर्मा ने निगम आयुक्त हरेंद्र नारायण पर फोन न उठाने का आरोप लगाकर बैठक छोड़ दी थी। डिंडोरी- विधायक ओमप्रकाश धुर्वे ने कलेक्टर नेहा मारव्या पर अभद्रता और योजनाएं बिगाड़ने के आरोप लगाए। मंडला– विधायक नारायण सिंह पट्टा ने प्रशिक्षु IAS आकिब खान पर घर में घुसकर उनकी मां को धक्का देने का आरोप लगाया। रायसेन– राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने अवैध शराब बिक्री पर कार्रवाई न करने को लेकर कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा को घेरा। ग्वालियर- पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव ने आबकारी अधिकारी राकेश कुर्मी को कांग्रेस समर्थक बताकर मुख्यमंत्री से हटाने की मांग की। सेवानिवृत्त अपर मुख्य सचिव केके सिंह का कहना है – 'विवाद की स्थिति आनी ही नहीं चाहिए। चाहे जनप्रतिनिधि हों या प्रशासनिक अधिकारी, सभी को संयमित रहना चाहिए। पहले अधिकारी और नेता बहुत शालीनता से रहते थे, लेकिन अब माहौल बिगड़ता जा रहा है।'

पश्चिम बंगाल में SIR का श्रीगणेश, भर्ती प्रक्रिया शुरू, तैयारियों में तेजी

कलकत्ता पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की तीखी आलोचना करने के बावजूद राज्य में यह कवायद जल्द ही शुरू हो रही है. निर्वाचन आयोग ने इसका श्रीगणेश कर दिया है. आयोग के निर्देश पर राज्य प्रशासन ने 24 घंटे के भीतर निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (ईआरओ) और सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओएस) की नियुक्ति का निर्देश दिया है. बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) की लंबित नियुक्ति को भी निश्चित समय सीमा में भरने को कहा गया है. राज्य प्रशासन को यह निर्देश पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी यानी सीईओ मनोज अग्रवाल के पत्र के जरिए दिया गया है. इसमें राज्य के मुख्य सचिव मनोज पंत को ईआरओएस और एईआरओएस के सभी रिक्त पदों को भरने के लिए कहा गया है. सीईओ अग्रवाल ने इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ) या डीएम (जिला मजिस्ट्रेट) को भी इस बाबत पत्र भेजा है. राज्य में बूथ लेवल ऑफिसर्स यानी बीएलओ की भर्ती प्रक्रिया पहले से ही चल रही है. इसे शुक्रवार तक पूरा करना है. 'एसआईआर के लिए तैयार रहें' अगले चुनाव के लिए बनाई जा रही व्यवस्था के मुताबिक पश्चिम बंगाल में लगभग 80,000 मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 95,000 से अधिक हो जाएगी. निर्वाचन आयोग में उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक इन पत्रों का उद्देश्य बंगाल में एसआईआर शुरू करने के लिए तैयार रहना है. जब भी निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी कर इसकी घोषणा करे काम तत्काल आगे बढ़े. इसीलिए मुख्य सचिव ने सभी डीएम के साथ बैठक में सभी ईआरओ और एईआरओ को नियुक्त करने का आदेश दिया है. शुक्रवार तक पूरी करनी होगी बीएलओ भर्ती की प्रक्रिया राज्य के सभी जिलाधिकारियों को कहा गया है कि ईआरओ पदों पर डिप्टी मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए. आमतौर पर एसडीओ (उप-विभागीय अधिकारी) स्तर के अधिकारियों को ईआरओएस के रूप में नियुक्त किया जाना चाहिए. हालांकि, यदि उस स्तर का कोई अधिकारी उपलब्ध न हो, तो वरिष्ठ डब्ल्यूबीसीएस अधिकारियों को ईआरओ को भी ये जिम्मेदारी दी जा सकती है. वर्तमान में राज्य भर में एईआरओ के 610 पद रिक्त हैं. इनके लिए भर्ती प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी की जानी है. बीएलओ भर्ती की प्रक्रिया पहले से ही चल रही है. इसे शुक्रवार तक पूरा करना है. उसके बाद 95,000 मतदान केंद्रों, बीएलओ पर्यवेक्षकों के इन पदों पर भर्ती और 'रिजर्व' की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.  बिहार में दूसरे चरण के सिर्फ चार दिन बाकी इस बीच, बिहार में मतदाता सूची के दूसरे चरण के समापन में केवल चार दिन शेष रह गए हैं. राज्य विधानसभा में मुख्य विपक्षी दल राजद ने तीन शिकायतें दर्ज कराकर इस प्रक्रिया में प्रवेश कर लिया है. निर्वाचन आयोग के अधिकारियों ने बताया कि कुल 1.95 लाख आवेदन मतदाताओं से प्राप्त हुए हैं, जिनमें सीपीआई (एमएल) लिबरेशन के 79 आवेदन शामिल हैं.  उन्होंने बताया कि ईसीआई को व्यक्तिगत मतदाताओं से प्राप्त कुल 1,95,802 आवेदनों में से 24,991 का निपटारा ईआरओ द्वारा किया जा चुका है. उन्होंने बताया कि दावे और आपत्तियां की अवधि, जो 1 अगस्त को शुरू हुई थी, 1 सितंबर तक सक्रिय रहेगी. सिर्फ सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और आरजेडी ने दर्ज कराईं शिकायतें   अधिकारियों ने बताया कि सीपीआई (एमएल) लिबरेशन और आरजेडी ही दो राजनीतिक दल हैं जिन्होंने अब तक मसौदा सूची से संबंधित 82 शिकायतें दर्ज करते हुए आपत्तियां दर्ज कराई हैं. उन्होंने आगे बताया कि बार-बार अपील के बावजूद, अन्य राजनीतिक दलों ने संशोधन प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग नहीं लिया है.  उन्होंने बताया कि 1 अगस्त से अब तक 8,51,788 नए मतदाताओं ने, जो एसआईआर के शुरू होने के बाद 18 वर्ष के हो गए हैं, नामावलियों में शामिल होने के लिए आवेदन किया है और उनमें से 37,050 फार्मों का निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा निपटारा किया जा चुका है.

BCCI में बड़ा बदलाव: राजीव शुक्ला को मिली कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी

नई दिल्ली बीसीसीआई अध्यक्ष रोजर बिन्नी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। एक मीडिया रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। नए अध्यक्ष के चुने जाने तक राजीव शुक्ला बीसीसीआई के कार्यवाहक प्रमुख की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। वह इससे पहले उपाध्यक्ष की भूमिका में थे। सूत्रों पर आधारित रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को बीसीसीआई के एपेक्स कमिटी की बैठक हुई शीर्ष परिषद की बैठक की अध्यक्षता राजीव शुक्ला ने की। बैठक के मुख्य अजेंड में स्पॉन्सरशिप था। उसमें ड्रीम11 से करार खत्म होने और अगले दो-ढाई साल के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश को लेकर चर्चा हुई। रिपोर्ट के मुताबिक एशिया कप में दो हफ्ते भी नहीं बचे हैं, इसलिए तब तक नया स्पॉन्सर मिलना मुश्किल है। रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है, 'अब दो सप्ताह भी नहीं बचे हैं। हम प्रयास कर रहे हैं लेकिन नई निविदा निकालना, कानूनी प्रक्रिया का पालन करना और बाकी तकनीकी चीजों में समय लगता है।' सूत्र ने शॉर्ट टर्म यानी सिर्फ एशिया कप के लिए अलग प्रायोजक लाने के सवाल पर कहा कि ऐसी नहीं करेंगे। फोकस 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक के लिए प्रायोजक लाने पर है। राजीव शुक्ला नए बीसीसीआई अध्यक्ष का चुनाव होने तक कार्यवाहक प्रमुख की भूमिका में रहेंगे। राष्ट्रीय खेल प्रशासन कानून बन जाने के बावजूद बीसीसीआई को अगले महीने अपनी एनुअल जनरल मीटिंग कराने के अलावा चुनाव भी कराने होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक बीसीसीआई चुनाव को नहीं टाल सकता क्योंकि सरकार ने जो खेल कानून बनाया है, अभी उसकी अधिसूचना जारी नहीं की गई है। उसे अधिसूचित होने में कुछ महीने लग सकते हैं लिहाजा बीसीसीआई ने चुनाव नहीं टालने का फैसला किया है। वर्तमान में बीसीसीआई का प्रशासन लोढ़ा समिति की सिफारिशों पर आए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बने संविधान के हिसाब से चलता है। जब तक संसद से पारित नए खेल कानून की अधिसूचना जारी नहीं हो जाती, तब तक बीसीसीआई और राज्य क्रिकेट संघों को उसी संविधान से चलना होगा। उन पर लोढ़ा समिति की सिफारिशें ही लागू रहेंगी। उसके हिसाब से पदाधिकारी 70 वर्ष की उम्र के बाद पद नहीं संभाल सकते। नए कानून की अधिसूचना जारी होने के बाद उम्र का ये बंधन नहीं रहेगा।