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जल संरक्षण और भारतीय ज्ञान परंपरा पर होगा राष्ट्रीय विमर्श

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, बुधवार 27 मई को भारत भवन में 'जल गंगा संवर्धन अभियान' के अंतर्गत राष्ट्रीय संगोष्ठी एवं सांस्कृतिक उत्सव “सदानीरा समागम” का शुभारंभ करेंगे। वीर भारत न्यास द्वारा जल संरक्षण, भारतीय संस्कृति, पंचमहाभूतों तथा सतत विकास के विषयों पर केंद्रित यह गरिमामयी आयोजन 2 जून तक चलेगा, जिसमें देश-विदेश के विद्वान, पर्यावरण विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, नीति-निर्माता और कलाकार सहभागिता करेंगे। उद्घाटन समारोह में खेल एवं युवा कल्याण और सहकारिता मंत्री  विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर और संस्कृति एवं पर्यटन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  धर्मेन्द्र भाव सिंह लोधी उपस्थित रहेंगे। वीर भारत न्यास के न्यासी सचिव राम तिवारी ने बताया कि इस सात दिवसीय समागम में भारतीय दर्शन के पंचमहाभूत-जल, पृथ्वी, वायु, आकाश और अग्नि-पर आधारित विभिन्न वैचारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में भूगर्भीय जल स्रोत, नवीकरणीय ऊर्जा, पर्यावरण और पारंपरिक ज्ञान पर देश-विदेश के विशेषज्ञ गहराई से मंथन करेंगे। इस राष्ट्रीय विमर्श में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), आईआईएम बोधगया जैसी देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के प्रतिनिधि और विभिन्न कॉर्पोरेट घरानों के सीएसआर प्रमुख भी शामिल होकर अपने विचार साझा करेंगे। समागम में वैचारिक मंथन के साथ प्रतिदिन सायंकाल सांस्कृतिक और रचनात्मक आयोजनों की धूम रहेगी, जिसमें नृत्य-नाटिकाएं, लोकगायन और रंगमंचीय प्रस्तुतियां शामिल हैं। इस दौरान भारतीय नौसेना बैंड की सिम्फनी, 'गोवर्धन लीला' और 'गंगा यात्रा' की प्रस्तुतियां मुख्य आकर्षण होंगी। इसके साथ ही 'जल, जंगल, जीवन' पर केंद्रित राष्ट्रीय जनजातीय चित्रांकन कार्यशाला और पारंपरिक चित्र शैलियों में जल कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश भर के नामचीन कलाकार हिस्सा लेंगे। आयोजन स्थल पर म.प्र. विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, बरकतुल्ला विश्वविद्यालय और क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय के सहयोग से जलचर जीवन, मध्यप्रदेश के जल गंगा संवर्धन अभियान, लघु चित्रों में जल और भूगर्भीय जल स्रोतों पर आधारित चार विशेष प्रदर्शनियां भी लगाई जाएंगी। कार्यक्रम में जल और संस्कृति पर आधारित महत्वपूर्ण पुस्तकों का लोकार्पण भी किया जाएगा, जिनमें वीर भारत न्यास और मैपकॉस्ट द्वारा प्रकाशित 'अंतर्जली यात्रा', 'पुरोवाक्', प्रेमशंकर शुक्ल की 'आत्मा की घाटी में पानी का संगीत' और राजेश्वर त्रिवेदी की 'जल, संस्कृति और स्थापत्य' शामिल हैं। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में भारत भवन, मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय, जनसंपर्क विभाग, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय, दत्तोपन्त ठेंगड़ी शोध संस्थान, यूनाइटेड कॉन्शसनेस, सेज, एलएनसीटी और सैम ग्लोबल यूनिवर्सिटी सहित केन्द्रीय भूजल बोर्ड, नर्मदा समग्र और जिला प्रशासन भोपाल जैसी अनेक संस्थाएं सहयोगी के रूप में अपना सक्रिय योगदान दे रही हैं।    

कोयला उत्पादन, ऊर्जा सुरक्षा, निवेश और आधारभूत संरचना विस्तार पर हुई सकारात्मक चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय से आज मंत्रालय महानदी भवन स्थित उनके कार्यालय में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री  सतीश चंद्र दुबे ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा, खनिज क्षेत्र के विस्तार तथा आधारभूत संरचना विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत और सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में छत्तीसगढ़ में कोयला उत्पादन बढ़ाने, खनन क्षेत्रों में बुनियादी अधोसंरचना को सुदृढ़ करने, रेल एवं लॉजिस्टिक्स कनेक्टिविटी के विस्तार तथा औद्योगिक गतिविधियों को और गति देने के विषय पर विचार-विमर्श किया गया। इसके साथ ही स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहन, कोयला गैसीकरण, सौर ऊर्जा विकास तथा खनिज संसाधनों के बेहतर उपयोग के माध्यम से निवेश और रोजगार के नए अवसर सृजित करने पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य है और केंद्र सरकार के सहयोग से ऊर्जा, खनन एवं औद्योगिक विकास के क्षेत्र में राज्य नई संभावनाओं की ओर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेश अनुकूल वातावरण तैयार करते हुए युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और क्षेत्रीय विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह,  छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के प्रबंध संचालक  रजत बंसल, साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक  हरीश दुहन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बॉर्डर चेकपोस्टों पर सख्ती बढ़ी, अवैध प्रवासियों में खौफ का माहौल

कोलकाता पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली बीजेपी सरकार का घुसपैठियों पर एक्शन शुरू हो गया है. पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट नीति का जमीनी असर दिखने लगा है. राज्य सरकार की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई और विदेशी नागरिकों के लिए होल्डिंग सेंटर बनाए जाने की घोषणा के बाद, बंगाल के विभिन्न हिस्सों में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी प्रवासियों में भारी हड़कंप मच गया है. मंगलवार सुबह उत्तर 24 परगना के हाकिमपुर चेकपोस्ट और मालदा के सीमावर्ती इलाकों में सैकड़ों बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं वापस अपने देश लौटने के लिए सीमा पर जुटने लगे. दूसरी ओर, मालदा के इंग्लिश बाजार टाउन में राज्य का पहला होल्डिंग सेंटर पूरी तरह सक्रिय हो गया है, जहां कड़ी सुरक्षा और सीसीटीवी निगरानी के बीच संदिग्ध प्रवासियों को रखा जा रहा है।  बांग्लादेशी घुसपैठिया बॉर्डर पर जुटने लगे. नए इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025 के तहत पुलिस को बिना वारंट संदिग्धों को गिरफ्तार करने की खुली छूट दी गई है. हालांकि, सीएए के दायरे में आने वाले हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई अल्पसंख्यकों को इस कार्रवाई से पूरी तरह बाहर रखा गया है, लेकिन अवैध रूप से रह रहे अन्य प्रवासियों के खिलाफ यह अभियान अब राजनीतिक बयानों से निकलकर कड़े प्रशासनिक एक्शन में बदल चुका है।  दरअसल, यह नजारा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का हालिया आदेश के बाद सामने आया है। 21 मई 2026 को सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (RPF) को आदेश दिया कि कहीं भी कोई बांग्लादेशी घुसपैठी पकड़ा जाए, तो सीधा सीमा सुरक्षा दल (BSF) को सौंप दो। उन्होंने कहा कि अब इन्हें अदालत नहीं ले जाया जाएगा बल्कि सीधे वापस बांग्लादेश भेजा जाएगा। सीएम शुभेंदु अधिकारी ने यह आदेश पिछले साल अप्रैल में संसद में पारित आव्रजन और विदेशी अधिनियम 2025 के तहत दिया। इस कानून के तहत विदेशियों के भारत में प्रवेश, प्रवास और निकास को नियंत्रित किया जा सकता है। इस आदेश के बाद बंगाल सरकार ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के लिए ‘होल्डिंग सेंटर‘ बना रही है, जिसमें ‘डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट’ के तहत देश से निकाला जाएगा।  इस फ्रेमवर्क के तहत, जिन लोगों पर अवैध रूप से देश में घुसने का शक है, उन्हें 30 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है. इस दौरान, जिला मजिस्ट्रेट और तय अधिकारी उनकी पहचान की जांच करते हैं, बायोमेट्रिक जानकारी इकट्ठा करते हैं, और उन्हें वापस भेजने से पहले उनका रिकॉर्ड सेंट्रल डेटाबेस में अपलोड करते हैं।  मालदा के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया, “हिरासत केंद्र ने काम करना शुरू कर दिया है. अभी वहां नौ बांग्लादेशी नागरिकों को रखा गया है. जरूरी जांच और कानूनी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं. हिरासत में लिए गए लोगों के साथ तय कानूनी नियमों के मुताबिक ही बर्ताव किया जा रहा है।  इस नए कदम को 'इमिग्रेशन और फॉरेनर्स एक्ट, 2025' से भी जोड़ा जा रहा है. इस एक्ट ने इमिग्रेशन और विदेशी नागरिकों से जुड़े कई पुराने कानूनों की जगह ले ली है।  इस कानून ने निगरानी, ​​​​हिरासत और देश-निकले के लिए एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड ढांचा पेश किया. इसके साथ ही, हेड कांस्टेबल या उससे ऊपर के रैंक वाले पुलिस अधिकारियों को संदिग्ध उल्लंघन पट्टियों को बिना वारंट के गिरफ्तार करने का अधिकार भी दिया।  डिपोर्टेशन पर पॉलिटिक्स सियासी स्तर पर इन डेवलपमेंट्स ने बंगाल में घुसपैठ और सिटिजनशिप पर लंबे वक्त से चल रही बहस को और तेज कर दिया है. बीजेपी नेताओं ने इस ड्राइव का स्वागत किया है और दावा किया है कि राज्य गैर-कानूनी माइग्रेशन और एक्सट्रीमिस्ट नेटवर्क के लिए कमजोर हो गया है।  नॉर्थ मालदा से बीजेपी सांसद खगेन मुर्मू ने कहा, "हमारे देश और हमारे राज्य को सुरक्षा की जरूरत है. बंगाल रोहिंग्या, आतंकवादियों और 'जिहादी' एलिमेंट्स के लिए एक कॉरिडोर बन गया था। हालांकि, राज्य सरकार का कहना है कि सिटिजनशिप (अमेंडमेंट) एक्ट के तहत सुरक्षित कम्युनिटीज इस कार्रवाई के दायरे से बाहर रहेंगी।  केंद्र सरकार के बाद के एक छूट आदेश के तहत, अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाई अल्पसंख्यकों को सुरक्षा दी गई है, जो 31 दिसंबर, 2024 से पहले भारत में दाखिल हुए थे।  जैसे-जैसे सीमा चौकियों के पास भीड़ जमा होती जा रही है और होल्डिंग सेंटर कड़ी सुरक्षा के बीच काम करना शुरू कर रहे हैं, पश्चिम बंगाल का घुसपैठ-रोधी अभियान अब सख़्त कार्रवाई वाले चरण में पहुंचता दिख रहा है. आने वाले हफ्तों में और भी लोगों को हिरासत में लिए जाने, उनकी पहचान की जांच और उन्हें वापस भेजने की प्रक्रियाएं शुरू होने की संभावना है।  सीएए के दायरे से बाहर के लोग सीधे होंगे गिरफ्तार बंगाल में अवैध प्रवासियों को पकड़ने के लिए जिला स्तर पर होल्डिंग सेंटर स्थापित करने की घोषणा के बाद शुरू हुई है. सीमा पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, पकड़े जाने और जेल जाने के डर से ये प्रवासी अब खुद ही अपनी पहचान उजागर कर वापस लौटने की गुहार लगा रहे हैं. इस पूरी कार्रवाई की नींव मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और सीमा सुरक्षा बल के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई एक उच्च स्तरीय बैठक में रखी गई थी. मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में चेतावनी दी थी कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम यानी सीएए (CAA) के दायरे से बाहर के सभी लोगों को अवैध घुसपैठिया माना जाएगा।  24 घंटे सीसीटीवी से निगरानी केंद्रीय गृह मंत्रालय के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए राज्य के गृह और पर्वतीय मामलों के विभाग की फॉरेनर्स ब्रांच ने जिलों में होल्डिंग सेंटर बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है. इस कड़ी में मालदा जिला पूरे राज्य में पहला ऐसा क्षेत्र बन गया है, जहां होल्डिंग सेंटर ने बकायदा काम करना शुरू कर दिया है. मालदा के इंग्लिश बाजार टाउन के चंदन पार्क में बनाए गए इस सेंटर में 24 घंटे की सीसीटीवी निगरानी रखी जा रही है. इसकी सुरक्षा में 12 सशस्त्र पुलिसकर्मियों सहित नागरिक सुरक्षा स्टाफ और सिविक वॉलंटियर्स को तैनात किया गया है।  क्या है इमिग्रेशन एक्ट 2025 इस पूरे अभियान को कानूनी तौर पर बेहद मजबूत और प्रभावी बनाने का काम नए ‘इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट 2025’ ने किया है. इस नए कानून ने पुराने और जटिल … Read more

’प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़े अनुभवों और सार्वजनिक जीवन की आत्मीय यात्रा पर आधारित है केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक’

रायपुर  ’‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय’ मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय आज नई दिल्ली स्थित पूसा परिसर में आयोजित केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘अपनापन’ के विमोचन समारोह में शामिल हुए। यह पुस्तक प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के साथ  चौहान के सार्वजनिक जीवन, आत्मीय संबंधों और कार्य अनुभवों पर आधारित है, जिसमें नेतृत्व, जनसेवा और व्यक्तिगत संवेदनाओं को प्रेरक एवं भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया गया है।  कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  शिवराज सिंह चौहान को पुस्तक के प्रकाशन पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक के माध्यम से समाज तक पहुँचाना एक प्रेरणादायी पहल है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास जनप्रतिनिधियों के अनुभवों, कार्यशैली और जनसेवा के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में जनसेवा, सुशासन और संवेदनशील नेतृत्व की नई कार्यसंस्कृति विकसित हुई है। इस पृष्ठभूमि में सार्वजनिक जीवन के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक निश्चित रूप से पाठकों को प्रेरित करेगी तथा नेतृत्व और समाजसेवा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर प्रदान करेगी। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्रीगण, देश के विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री, जनप्रतिनिधि और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

होर्मुज को लेकर भारत के लिए बड़ी खबर, 1 जून से नए रूट की संभावनाएं तेज

नई दिल्‍ली  भारत पिछले कुछ दशक के सबसे बड़े ऊर्जा संकट से गुजर रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी लंबे युद्ध ने तेल और गैस सहित तमाम सेक्‍टर पर जबरदस्‍त असर डाला है. चौतरफा मुश्किलों से घिरे भारत के लिए अगले महीने की शुरुआत से एक राहत भरी खबर आ रही है. भारत और खाड़ी देश ओमान के बीच मुक्‍त व्‍यापार समझौता 1 जून, 2026 से लागू हो जाएगा. इस समझौते की सबसे खास बात ये है कि ओमान होर्मुज के दायरे से बाहर है तो इस समझौते से भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था को क्‍या फायदा मिलने वाला है।  भारत और ओमान के बीच 18 दिसंबर, 2025 को कॉम्प्रिहेंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) हुआ था, जो 1 जून से प्रभावी हो जाएगा. भारत ने पिछले कुछ समय से ओमान के अलावा कई देशों के साथ मुक्‍त व्‍यापार समझौता किया है. जाहिर है कि इस समझौते से दोनों ही देशों को एक-दूसरे के बाजार में बिना टैरिफ चुकाए अपने सामान बेचने का मौका मिलेगा, लेकिन ओमान इस मामले में कुछ खास है. इसकी सबसे बड़ी वजह उसका होर्मुज के दायरे से बाहर होना. इसका मतलब है कि दोनों देशों के बीच बिना होर्मुज की बाधा के ही कारोबार किया जा सकता है।  एफटीए से क्‍या होगा फायदा इस मुक्‍त व्‍यापार समझौते में ओमान ने भारत के 98.08 फीसदी सामानों पर टैरिफ खत्‍म कर दिया है. इससे भारत का ओमान को किया जाने वाला 99.38 फीसदी एक्‍सपोर्ट पूरी तरह टैरिफ फ्री हो जाएगा. इसका मतलब है कि भारत का लगभग पूरा ही निर्यात टैरिफ फ्री हो जाएगा. भारत ने भी ओमान से आने वाले 77.79 फीसदी सामानों पर टैरिफ खत्‍म कर दी है, जो कुल आयात का 94.81 फीसदी होता है. भारत ने कुछ संवेदनशील सेक्‍टर जैसे डेयरी प्रोडक्‍ट, चॉकलेट और ज्‍वैलरी सेक्‍टर को इस एफटीए से बाहर रखा है।  भारत के किस सेक्‍टर को होगा फायदा     टेक्सटाइल, गारमेंट्स, लेदर, फुटवेयर     जेम्स एंड ज्वेलरी     इंजीनियरिंग गुड्स, ऑटोमोबाइल्स, प्लास्टिक, फर्नीचर     फार्मास्यूटिकल्स, मेडिकल डिवाइसेज     एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स (चावल, अनाज आदि)     भारतीय प्रोफेशनल्स की मोबिलिटी आसान होगी और IT, हेल्थकेयर, एजुकेशन, लॉजिस्टिक्स आदि में बेहतर एक्सेस मिलेगा.     ओमान में 100% FDI की सुविधा कई सेक्टरों में मिलेगी.     दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार अभी करीब 10.6 अरब डॉलर है, जबकि इस समझौते से यह बढ़कर 12.5 अरब डॉलर पहुंच सकता है. होर्मुज संकट में कैसे मददगार होर्मुज से आवाजाही पर असर की वजह से भारत का आयात काफी प्रभावित हो रहा है. अभी शिपिंग रूट बदलने पड़ रहे, जिससे इंश्‍योरेंस की कॉस्‍ट बढ़ रही है और आयात महंगा हो रहा है. ओमान के साथ समझौता होने से वहां के पोर्ट खासकर सलालाह और दुक्‍म को भारत अपने हब के रूप में इस्‍तेमाल कर सकता है. यह दोनों पोर्ट होर्मुज स्‍ट्रेट से बाहर हैं और हिंद महासागर के रास्‍ते सीधे जुड़े हुए हैं. भारत इन पोर्ट के जरिये खाड़ी देश, अफ्रीका और यूरोप को अपना सामान भेज भी सकता है और वहां से मंगवा भी सकता है।  कम हो जाएगी होर्मुज पर निर्भरता ट्रेड मार्केट एक्‍सपर्ट तो इस समझौते को ओमान ट्रेड कॉरिडोर भी कहने लगे हैं. उनका कहना है कि पेट्रोकेमिकल्‍स सहित तमाम सामान को ओमान के रास्‍ते डायवर्ट करके निर्यात अथवा आयात किया जा सकता है. इससे होर्मुज पर निर्भरता कम हो जाएगी और भारत को व्‍यापार का नया रास्‍ता मिलेगा. ओमान हमेशा से न्‍यूट्रल और मीडिएटर की भूमिका निभाता है. इस समझौते से उसका भारत के साथ संबंध तो बेहतर होगा ही, सामान के साथ व्‍यापार के नए कॉरिडोर को खोलने में भी मदद मिलेगी। 

ब्रह्मपुरी में प्रशासन का सख्त एक्शन: पीले पंजे से हटाए गए अवैध कब्जे, सिंहस्थ को लेकर बढ़ी सख्ती

खंडवा आगामी सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को लेकर ओंकारेश्वर के ब्रह्मपुरी क्षेत्र में जिला प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। मंगलवार सुबह नगर परिषद, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शासकीय जमीन पर बने बड़े अतिक्रमणों को बुलडोजर से हटाया। प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पार्किंग, आईकार्ड व्यवस्था तथा अन्य विकास कार्यों हेतु जमीन खाली कराई जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में कई स्थायी निर्माणों और बाउंड्रीवाल को हटाया गया। सिंहस्थ की तैयारियां और कलेक्टर के निर्देश कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बताया कि सिंहस्थ-2028 को ध्यान में रखते हुए ओंकारेश्वर में विकास कार्यों की तैयारी तेज कर दी गई है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाकर वहां पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि श्रद्धालुओं को बेहतर व्यवस्था मिल सके। उन्होंने कहा कि पूर्व में हटाए गए अतिक्रमण वाले क्षेत्रों को समतल किया जा रहा है और वास्तविक विस्थापितों के पुनर्वास की कार्रवाई भी शीघ्र की जाएगी। धर्मशालाओं और गौशाला पर चला बुलडोजर सीएमओ मोनिका पारधी ने बताया कि मंगलवार को पागलदास बाबा गौशाला और दिनेश दयाराम लोवंशी धर्मशाला की बाउंड्रीवाल को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। इसके अलावा लोवंशी धर्मशाला, राजपूत धर्मशाला और सोनी धर्मशाला को भी नोटिस जारी कर दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। आगामी दिनों में भी जारी रहेगा अभियान पुनासा एसडीएम पंकज वर्मा ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर वार्ड क्रमांक-7 ब्रह्मपुरी क्षेत्र में अवैध पक्के और कच्चे निर्माण तथा दुकानों को हटाने की कार्रवाई जारी रहेगी। हटाए गए स्थानों का उपयोग श्रद्धालुओं की सुविधा और यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंगलवार को कुछ अतिक्रमण हटाए गए हैं और आने वाले दिनों में भी अभियान लगातार जारी रहेगा।  

नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा स्त्रोत रहेगी पुस्तक

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के साथ कार्य करने के अनेक अनुभव लाखों कार्यकर्ताओं के पास हैं, लेकिन केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान का लगभग 35 वर्षों का लंबा साथ विशेष महत्व रखता है। केन्द्रीय मंत्री  चौहान ने युवा मोर्चा के अध्यक्ष, केसरिया वाहिनी के दायित्व, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री और वर्तमान में केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में अपने लंबे सार्वजनिक जीवन के अनुभवों को पुस्तक अपनापन में साझा किया है। यह केवल संस्मरणों का संकलन नहीं, बल्कि संगठन, समर्पण, संघर्ष और नेतृत्व की शैली को समझने का महत्वपूर्ण दस्तावेज है। पुस्तक ''अपनापन''नई पीढ़ी और कार्यकर्ताओं को प्रेरणा देने का कार्य करेगी। सभी कार्यकर्ता और युवा यह पुस्तक पढ़ें और उससे मार्गदर्शन प्राप्त करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह विचार केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान की पुस्तक ‘'अपनापन : नरेंद्र मोदी संग मेरे अनुभव'' के नई दिल्ली में हुए लोकार्पण कार्यक्रम के बाद मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा में व्यक्त किए। पूर्व प्रधानमंत्री  देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ कार्यक्रम मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के साथ व्यतीत गए समय और उस काल के अनुभवों पर आधारित यह पुस्तक, कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए अत्यंत प्रेरणादायी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और पुस्तक के प्रकाशक प्रभात प्रकाशन को बधाई और शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम पूर्व प्रधानमंत्री  एच.डी. देवगौड़ा और पूर्व उपराष्ट्रपति  एम. वैंकेया नायडू की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्रीगण, अनेक प्रदेशों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, पत्रकार, समाजधर्मी और लेखक उपस्थित थे।  

भीषण गर्मी से तपा मध्यप्रदेश: ग्वालियर में सबसे गर्म रात, दिन-रात झुलसा रहे गर्म हवाओं के थपेड़े

भोपाल  प्रदेश में नौतपा के दूसरे दिन भीषण और झुलसाने वाली गर्मी से आम जनजीवन बुरी तरह बेहाल रहा। प्रदेश के दिन और रात दोनों के तापमान बढ़े हुए हैं। दिन के समय चुभती हुई धूप लोगों को झुलसा रही है, वहीं रात के समय हवाओं में मौजूद नमी के कारण उमस बढ़ी हुई है, जिससे रातें भी बेहद बेचैन करने वाली हो गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार मंगलवार को प्रदेश का सबसे अधिकतम तापमान छतरपुर जिले के खजुराहो में 46.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि इसी जिले के नौगांव में पारा 45.6 डिग्री रहा। प्रदेश के पूर्वी क्षेत्रों में दिन का तापमान 42.2 डिग्री से 46.4 डिग्री और रात का न्यूनतम पारा 25.6 डिग्री से 31.0 डिग्री के बीच रहा। वहीं प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्रों दतिया में अधिकतम तापमान 45.2 डिग्री रहा, जबकि शेष हिस्सों में पारा 41.2 डिग्री से 45.2 डिग्री के बीच दर्ज हुआ। यहां रात का तापमान 25.0 डिग्री से 33.3 डिग्री तक पहुंचा।   बुरहानपुर समेत कई क्षेत्रों में पड़ी बौछारें, शाम को बदला मौसम का मिजाज भीषण गर्मी के बीच शाम होते–होते प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने करवट बदली। बुरहानपुर, जबलपुर, नरसिंहपुर, सिवनी और पांढुर्णा में गरज–चमक के साथ हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं राजधानी भोपाल में भी दोपहर तीन बजे के बाद धूप–छांव का सिलसिला चलने से लोगों को तीखी धूप से थोड़ी राहत मिली। कई जिलों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी रेड अलर्ट (तीव्र लू और गर्म रात): रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, निवाड़ी में तीव्र लू और टीकमगढ़ में गर्म रात का रेड अलर्ट। ऑरेंज अलर्ट (तीव्र लू): ग्वालियर, दतिया (गर्म रात के साथ), शिवपुरी, भिंड, मुरैना, श्योपुर के साथ–साथ सागर, जबलपुर, दमोह और मैहर सहित 16 जिलों में लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। येलो अलर्ट: भोपाल, इंदौर संभाग के खरगौन, खंडवा, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर और सीहोर सहित कई जिलों में लू का येलो अलर्ट रहेगा। तापमान का पूरा गणित: प्रदेश के चार बड़े शहरों का हाल शहर अधिकतम तापमान (°C) न्यूनतम तापमान (°C) भोपाल 43.2 29.4 इंदौर 41.2 27.0 ग्वालियर 44.1 33.3 जबलपुर 43.9 30.0    

मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की अहम बैठक आज, महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर लगेगी मुहर

रायपुर  मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में मंत्रिपरिषद की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। राज्य सरकार की इस अहम कैबिनेट बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों, विकास कार्यों, प्रशासनिक निर्णयों और जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। बैठक को लेकर मंत्रालय स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। माना जा रहा है कि सरकार प्रदेश के विकास, अधोसंरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य, ग्रामीण विकास, कृषि और युवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर निर्णय ले सकती है। इसके अलावा आगामी योजनाओं की समीक्षा और नई घोषणाओं को लेकर भी मंत्रिपरिषद में चर्चा संभावित है। कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को फैसलों की जानकारी देने के लिए मंत्रालय के भू-तल स्थित एस-0-12 कक्ष में आधिकारिक ब्रीफिंग आयोजित की जाएगी। इस दौरान सरकार के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में लिए गए निर्णयों की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे। मंत्रालय परिसर में प्रवेश के लिए गेट नंबर 4 निर्धारित किया गया है, जहां से मीडिया प्रतिनिधियों और आमंत्रित लोगों को प्रवेश दिया जाएगा। जनसंपर्क संचालनालय की ओर से मीडिया प्रतिनिधियों की सुविधा के लिए विशेष वाहन व्यवस्था भी की गई है। वाहन छोटापारा स्थित जनसंपर्क संचालनालय कार्यालय से शाम 7 बजे मंत्रालय के लिए रवाना होगी। राजनीतिक और प्रशासनिक दृष्टि से इस बैठक को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश में चल रही विकास योजनाओं की प्रगति, नई परियोजनाओं की स्वीकृति और विभिन्न विभागों के बजट संबंधी विषयों पर भी मंत्रिपरिषद में विचार-विमर्श होने की संभावना जताई जा रही है। प्रदेश की जनता की नजरें इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि कैबिनेट में लिए जाने वाले फैसलों का सीधा असर आम लोगों, किसानों, युवाओं, कर्मचारियों और व्यापारिक वर्ग पर पड़ सकता है। अब सभी को बैठक के बाद होने वाली आधिकारिक ब्रीफिंग का इंतजार है, जिसमें सरकार के बड़े फैसलों का खुलासा होगा।

गरीबों के लिए नई योजना, ₹5 में फिश-राइस देने का CM शुभेंदु अधिकारी ने किया ऐलान

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि राज्य की 400 कैंटीनों में 5 रुपये में माछ भात (मछली और चावल) मिलेगा. वहीं अवैध बांग्लादेशियों को लेकर उन्होंने सख्त बयान दिया और कहा कि उन्हें सीधे बांग्लादेश भेज दिया जाएगा. जेल में रखकर  उन पर एक भी पैसा खर्च नहीं किया जाएगा।   अब शुभेंदु अधिकारी की सरकार ने माछ-भात को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने ऐलान किया है कि उनकी सरकार 5 रुपये में माछ-भात मुहैया कराएगी. उन्होंने बताया कि इसके लिए राज्यभर में 400 कैंटीन खोली जाएंगी, जहां सिर्फ 5 रुपये में माछ-भात मिलेगा।  शुभेंदु सरकार का ये फैसला राजनीतिक लिहाज से भी काफी मायने रखता है, क्योंकि बंगाल की संस्कृति में मछली का एक अपना महत्व है. बंगाल में 'माछे-भात बंगाली' कहावत भी चलती है. बंगाल में माछ-भात को सांस्कृतिक पहचान माना जाता है।  अब सरकार ने सिर्फ 5 रुपये में माछ-भात देने का ऐलान किया है. कल्याणी में एक बैठक में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सब्सिडाइज्ड फूड की सुविधा पूरे बंगाल में बनी डेडिकेटेड कैंटीनों में शुरू की जाएगी, जहां 5 रुपये में माछ-भात मिलेगा।  पश्चिम बंगाल सरकार कल (27 मई) से 'अन्नपूर्णा योजना' के लिए फॉर्म जारी करेगी, जिसके तहत महिलाओं को हर महीने 3,000 रुपये दिए जाएंगे। फॉर्म भरते ही 3,000 रुपये ट्रांसफर होने शुरू हो जाएंगे। सीएम ने एक और बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि पूरे बंगाल में 400 विशेष कैंटीनों में 5 रुपये में मछली-चावल का भोजन मिलेगा। लक्ष्मी भंडार योजना की भी शुरुआत होगी। इसकी कल विस्तृत जानकारी मिलेगी। आपको कल ही फॉर्म की एक प्रति भी मिलेगी। ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों व्यवस्थाएं रहेंगी। क्या है सरकार का प्लान? बताया जा रहा है कि बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद ही शुभेंदु अधिकारी ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया था. ममता सरकार में 5 रुपये में अंडा-भात मिलता था, लेकिन अब यहां इतने ही रुपये में मछली को शामिल किया जाएगा।  बंगाल में ममता सरकार के दौर में सरकारी कैंटीन बनाई गई थीं, जहां दिहाड़ी मजदूर, मजदूर, ऑटो-रिक्शा चलाने वाले और गरीब लोग 5 रुपये में अंडा-भात खा सकते थे. अब राज्य की 400 कैंटीनों में माछ-भात दिया जाएगा।  ममता बनर्जी ने फैलाया था डर बंगाल में विधानसभा चुनाव के दौरान मछली बड़ा मुद्दा बनी थी. तब टीएमसी चीफ ममता बनर्जी ने मांस-मछली खाने को लेकर डर फैलाया था।  ममता बनर्जी ने कई चुनावी रैलियों में आरोप लगाया था कि अगर बीजेपी सत्ता में आ गई तो मांस, मछली और अंडा खाने पर बैन लगा देगी. उन्होंने आरोप लगाया था कि बीजेपी वाला अपनी मर्जी का खाना दूसरों पर थोपते हैं।  इसके बाद बीजेपी के तमाम नेताओं ने भरोसा दिलाया था कि ऐसा कुछ नहीं होगा. बीजेपी सांसद रवि किशन ने तो यहां तक कह दिया था कि बंगाल के लोग 4 मई के बाद 4 गुना मछली खाएंगे. उन्होंने कहा था कि जहां-जहां एनडीए सरकार है, वहां से मछली लाकर बंगाल के कुएं-तालाबों में डालेंगे।