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CM विष्णुदेव साय की पहल, नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेंगे पक्के भवन

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में नक्सल मुक्त जिलों के भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को मिलेंगे पक्के भवन महिला एवं बाल विकास विभाग तथा महात्मा गांधी नरेगा के अभिसरण से 506 आंगनबाड़ी भवनों को मिलेगी स्वीकृति बच्चों और माताओं के बेहतर भविष्य के लिए मजबूत बुनियादी ढांचा हमारी प्राथमिकता – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार बस्तर संभाग के नक्सल प्रभावित एवं अब तेजी से विकास की मुख्यधारा से जुड़ रहे जिलों में बच्चों और माताओं के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। राज्य सरकार ने भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के निर्माण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए बस्तर संभाग के जिलों में संचालित शेष 506 भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए भवन स्वीकृति की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य है कि नक्सल मुक्त घोषित जिलों में कोई भी आंगनबाड़ी भवनविहीन न रहे और प्रत्येक बच्चे तथा माता को बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध हो। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि आंगनबाड़ी केन्द्र केवल पोषण वितरण का माध्यम नहीं, बल्कि बच्चों के समग्र विकास, मातृ स्वास्थ्य, प्रारंभिक शिक्षा और सामाजिक सशक्तिकरण की मजबूत नींव हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर दूरस्थ एवं आदिवासी क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण आंगनबाड़ी व्यवस्था बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य जांच, टीकाकरण, पूर्व-प्राथमिक शिक्षा तथा गर्भवती एवं धात्री माताओं की देखभाल को नई मजबूती प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में गुणवत्ता, समयबद्धता और स्थानीय आवश्यकताओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर और सुकमा जिलों में भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर भवन निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्य सचिव स्तर पर 16 मई 2026 को आयोजित समीक्षा बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुरूप बस्तर संभाग की प्रत्येक ग्राम पंचायत में आंगनबाड़ी भवन निर्माण को शासन की प्राथमिकता बताया गया है। इस संबंध में संबंधित जिलों के कलेक्टरों को संयुक्त निर्देश जारी किए गए हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन निर्माण कराना नहीं, बल्कि ऐसे आंगनबाड़ी केन्द्र विकसित करना है जो बच्चों के सीखने, खेलने और मानसिक विकास के लिए प्रेरक वातावरण तैयार करें। इसी उद्देश्य से भवन निर्माण में “BaLA (Building as Learning Aid)” कॉन्सेप्ट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भवन स्वयं बच्चों के लिए सीखने और समझने का माध्यम बन सके तथा आंगनबाड़ी केन्द्र आकर्षक और पूर्व-प्राथमिक शिक्षा के अनुकूल वातावरण विकसित कर सकें। आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु प्रति भवन 11 लाख 69 हजार रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इसमें महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 2 लाख रुपये, महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत 8 लाख रुपये तथा शेष 1.69 लाख रुपये की राशि जिले में उपलब्ध अन्य स्थानीय संसाधनों जैसे डीएमएफ, सीएसआर अथवा अन्य मदों से उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विभिन्न योजनाओं और स्थानीय संसाधनों के प्रभावी अभिसरण के माध्यम से विकास कार्यों को गति देना राज्य सरकार की कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मांग आधारित प्रक्रिया के अंतर्गत भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को प्राथमिकता के साथ स्वीकृति प्रदान की जाए और मार्च 2027 तक निर्माण कार्य पूर्ण कराना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर संभाग में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रदेश सरकार सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पेयजल और जनसुविधाओं के विस्तार के साथ अब बच्चों और महिलाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाले सामाजिक ढांचे को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत आंगनबाड़ी अवसंरचना गांवों में सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन का आधार बनेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छोटे बच्चों का प्रारंभिक विकास ही भविष्य के सशक्त समाज की नींव तैयार करता है। आंगनबाड़ी केन्द्रों के माध्यम से बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा का जो आधार मिलता है, वही आगे चलकर उनके व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बेहतर भवन, सुरक्षित वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं बच्चों में आत्मविश्वास और सीखने की क्षमता को नई दिशा देंगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने विश्वास व्यक्त किया कि विभागों के समन्वित प्रयास, जिला प्रशासन की सक्रियता तथा स्थानीय संसाधनों के प्रभावी उपयोग से बस्तर संभाग के सभी भवनविहीन आंगनबाड़ी केन्द्रों को शीघ्र पक्के भवन उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल मातृ एवं शिशु कल्याण को नई मजबूती देने के साथ-साथ नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विश्वास और सुशासन के नए अध्याय को भी मजबूत करेगी।

ट्विशा केस में बड़ा खुलासा, शादी में लिए गए थे 20 लाख रुपए; CBI ने पति और सास पर कसा शिकंजा

भोपाल  ट्विशा शर्मा केस में सीबीआई की एंट्री हो गई है। सीबीआई अधिकारियों की पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ कटारा हिल्स थाने में नई एफआईआर भी दर्ज की है। केंद्रीय एजेंसी ने इस मामले में पहले दर्ज FIR को री-रजिस्टर किया। इसमें ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास भोपाल की पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एफआईआर में दहेज हत्या, दहेज मांगने और साजिश रचने की धाराएं लगी हैं। इधर पुलिस जांच में भी बड़ा खुलासा हुआ है। इसमें 20 लाख रुपए मांगने की बात सामने आई। बता दें कि भाई हर्षित शर्मा और पिता नवनिधि शर्मा शुरु से ही इसे दहेज हत्या का केस बता रहे हैं। आरोपी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह केस में बुरी फंस गईं हैं, उनकी अग्रिम जमानत रद्द करवाने दायर याचिकाओं पर सोमवार को मप्र हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। गिरिबाला की ओर से जवाब देने के लिए समय मांगा गया। इस पर जस्टिस देवनारायण मिश्रा की सिंगल बेंच ने अगली सुनवाई 27 मई को दोपहर 2.30 बजे तय की है। जांच एजेंसी ने इन धाराओं में दर्ज किया केस सीबीआई ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 80(2), 85 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है. साथ ही दहेज निषेध अधिनियम की धारा 3 और 4 भी लगाई गई हैं. 25 मई 2026 की रात सीबीआई ने एफआईआर नंबर RC0522026S0004 दर्ज किया।  12 मई को ससुराल में मिला था ट्विशा का शव मॉडल ट्विशा शर्मा की 12 मई को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी. उसका शव उसके ससुराल में पाया गया था. पहले पोस्टमार्टम में मौत का प्रारंभिक कारण खुदखुशी बताया गया था. परिजनों ने मृतका के पति समर्थ और उसकी मां पूर्व जज गिरिबाला पर ट्विशा को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए हैं. शुरुआती जांच में सामने आया कि उनकी मौत फांसी लगाने से हुई. हालांकि शरीर पर चोट के निशान भी मिले, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए।  3 घंटे चला ट्विशा के शव का सेकंड पोस्टमार्टम ट्विशा शर्मा के शव का करीब तीन घंटे तक सेकंड पोस्टमार्टम चला. परिजन की मांग पर दिल्ली एम्स की डॉक्टरों की टीम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के आदेश के बाद सेकंड पोस्टमार्टम किया. एम्स दिल्ली से आई मेडिकल विशेषज्ञों की टीम पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद जरूरी साक्ष्य अपने साथ लेकर वापस रवाना हो गई. इसके बाद ट्वीशा शर्मा का शव परिजनों को सौंपा गया. अस्पताल परिसर में भी मातम पसरा रहा और हर आंख नम दिखाई दी. एक हंसती-मुस्कुराती बेटी की विदाई ने पूरे शहर को गमगीन कर दिया।  सेलिना जेटली का ट्विशा शर्मा पर पोस्ट पिछले साल नवंबर में, सेलिना ने अपने पति पीटर हाग के खिलाफ घरेलू हिंसा, क्रूरता और छल का आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया और मुआवजे के तौर पर 50 करोड़ रुपये की मांग की थी. उन्होंने अपने दोनों बेटों विंस्टन और विराज से दूर रहने के कारण होने वाली भावनात्मक उथल-पुथल के बारे में भी खुलकर बात की है।  अपने नोट में, सेलिना ने शर्मा को एक शिक्षित, प्रतिभाशाली युवती के रूप में वर्णित किया, जिसका जीवन दुर्व्यवहार, अलगाव, भावनात्मक पीड़ा और बंद दरवाजों के पीछे हिंसा से घिरा हुआ था।  उन्होंने इस मामले को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चा का भी जिक्र करते हुए लिखा, 'और जबकि उनकी अस्थियां अभी ठंडी भी नहीं हुई हैं, जबकि उनका शोक संतप्त परिवार अपनी बेटी के लिए जवाब, पोस्टमार्टम और न्याय की गुहार लगा रहा है, वहीं पौधों को पानी न दिए जाने को लेकर हो रही बातचीत ने इस त्रासदी को अपनी आंखों के सामने घटते देख रहे कई लोगों को परेशान कर दिया है' . उन्होंने कहा कि यह मामला दुर्व्यवहार की भयावह सच्चाई को दर्शाता है, जहां महिलाओं की पीड़ा इतनी सामान्य हो जाती है कि धीरे-धीरे उनके आसपास के लोगों के लिए उनका दर्द मायने रखना बंद कर देता है।  उन्होंने आगे कहा, 'शादी हमेशा खुशहाल अंत नहीं होता' और बताया कि हिंसा का सबसे अकेलापन भरा रूप कभी-कभी वह होता है जिसे कोई नहीं देखता. उन्होंने लिखा कि दुर्व्यवहार केवल चोटों तक सीमित नहीं है, बल्कि कभी-कभी यह अलगाव, धीरे-धीरे अपनी दुनिया से अलग हो जाने, बिना परिवार या सहारे के किसी अनजान जगह पर रहने, समस्या की जड़ महसूस करने, या बंद दरवाजों के पीछे अपमान सहने का रूप ले लेता है, जबकि दुनिया मानती है कि जीवन सुंदर है।  सेलिना ने अपनी स्थिति के बारे में भी बात की. उन्होंने लिखा, 'मेरे मामले में, मेरे माता-पिता पहले ही गुजर चुके थे, मैं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं थी, और सबसे बढ़कर, मेरे तीन छोटे बच्चे थे।  अभिनेत्री ने कहा कि वह जरूरत से ज्यादा समय तक वहां रहीं क्योंकि उनका मानना ​​था कि परिवार को एक साथ रखना ही सही था और वह नहीं चाहती थीं कि उनके बच्चों को कष्ट सहना पड़े।  उसने बताया कि उसके पास सहारा देने वाला कोई नहीं था और उसे यह स्वीकार करने में शर्म आती थी कि वह कितनी अकेली हो गई है और उसने आगे कहा कि समय के साथ अकेलापन गहराता जाता है, दीवारें खामोश और भारी होती जाती हैं, और दिन धुंधले होते जाते हैं जब तक कि व्यक्ति अपनी ही वास्तविकता पर संदेह करने लगता है।  अपने नोट के अंत में उन्होंने लिखा, 'आप खुद को यह समझाने लगते हैं कि जीवित रहना ही जीना है'. आगे कहा, 'ट्विशा शर्मा के परिवार और बंद दरवाजों के पीछे पीड़ा सहने वाली हर महिला के प्रति मेरी गहरी संवेदना है. माता-पिता, दोस्तों और परिवार वालों, अगर आपकी बेटी आपसे संपर्क करे, तो उसे वापस ले आइए'. एक्ट्रेस ने नोट के आखिरी में लिखा, उन्हें अपनी बेटी को बर्बाद करने नहीं देना चाहिए।     

मुख्यमंत्री ने जनता का जताया आभार, बोले- सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीटें भाजपा की झोली में डालीं

जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगाः सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निगम लखनऊ की 413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का किया शिलान्यास/लोकार्पण, स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ से संबंधित पुस्तिका का किया विमोचन  जनता का जताया आभार, बोले- सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीटें भाजपा की झोली में डालीं पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने और भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में लगा समयः मुख्यमंत्री लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों का आभार जताते हुए कहा कि जनता ने पहली बार सभी 17 नगर निगमों में मेयर की सीट भाजपा की झोली में डालीं। सभी नगर निगमों में भाजपा का बोर्ड बना। इसका परिणाम रहा कि नगर निगम ने 3 वर्ष में कुछ प्रतिमान भी स्थापित किए, विकास व स्वच्छता का मॉडल दिया। हमें पिछली सरकारों के पापों के गड्ढों को भरने, भ्रष्टाचार के कूड़े को साफ करने में समय भी लगा। विकास पर खर्च होने वाला पैसा जनता का है। इसे मुख्यमंत्री या मंत्री नहीं दे रहे, बल्कि केवल उसका उचित नियोजन कर रहे हैं। जनता का पैसा जनहित में ही खर्च होगा। यही पीएम मोदी जी का विजन है, प्रेरणा है। मुख्यमंत्री ने नगर निगम में महापौर के कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर मंगलवार को लखनऊवासियों को विकास की सौगात दी। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में सीएम ने 413 करोड़ की 342 परियोजनाओं का शिलान्यास/लोकार्पण किया और स्वच्छ-सुंदर-समर्थ लखनऊ से संबंधित पुस्तिका का विमोचन किया। इस दौरान लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने सभी 17 नगर निगमों के महापौर, 200 नगर पालिका परिषद, 545 नगर पंचायतों के चेयरमैन तथा लगभग 14000 पार्षदों को तीन वर्ष का कार्यकाल संपन्न होने पर शुभकामनाएं दीं। स्वच्छता हर नागरिक की जिम्मेदारी  सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छता रैंकिंग में लखनऊ नगर निगम को देश में तीसरा स्थान मिला, इसे पहले स्थान पर लाना है। यह केवल महापौर, पार्षद या सफाई कर्मचारी की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। घर का कूड़ा कूड़ेदान में ही फेंकें, गीला-सूखा कूड़ा अलग करें। सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग न करें। नालियों में कूड़ा न फेंकें और सरकारी संपत्तियों का नुकसान भी न करें। लोग कहते हैं कि लखनऊ बहुत साफ-सुथरा है, जब सरकार की कार्यपद्धति साफ-सुथरी होती है तो ऐसा ही होता है। मंत्री, महापौर, पार्षद, पूरी कार्यकारिणी, अधिकारी, सुपरवाइजर तथा सफाई कर्मचारी, सब जुटते हैं तो स्वच्छता दिखाई देती है। सीएम ने ढाई करोड़ की कार से आकर गमला चोरी करने वालों पर कटाक्ष किया और कहा कि सभी जगहों पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। 45 रुपये का गमला खरीद लेते तो सम्मान भी बना रहता और शहर भी सुंदर दिखता। सीएम ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का दिया उदाहरण सीएम योगी ने राष्ट्र प्रेरणा स्थल का उदाहरण दिया और कहा कि जहां 30 वर्षों से कूड़ा डंप होता था, वह अब बेहतरीन स्थल है। वहां डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पं. दीनदयाल उपाध्याय व भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। सीएम ने तीनों महापुरुषों के व्यक्तित्व व राष्ट्र के लिए योगदान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज लखनऊ में राष्ट्र प्रेरणा स्थल ही नहीं, ग्रीन कॉरिडोर व  मेट्रो समेत हर प्रकार की जन-सुविधाएं हैं।  गरीब, युवा, महिला व किसान को केंद्र में रखा सीएम ने कहा कि 2017 से पहले सपा सरकार में गरीब के लिए मकान स्वीकृत नहीं हुए। उनकी योजनाएं गरीबों, नौजवानों के लिए नहीं थीं। हमने चेहरा, जाति, क्षेत्र, मत-मजहब देखे बिना देश की चार जातियों (गरीब, युवा, महिला व किसान) को केंद्र में रखकर काम किया। शहरी-ग्रामीण क्षेत्र में 65 लाख से अधिक गरीबों को आवास उपलब्ध कराए। पहले की सरकारें परिवार के लिए सोचती थीं, इसलिए फेल थीं। सपा के गुंडे महिला सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा थे। सपा सरकार में शासन की योजनाओं का लाभ चुनिंदा परिवारों को मिलता था, जबकि मोदी जी ने देशवासियों, डबल इंजन सरकार ने 25 करोड़ प्रदेशवासियों और नगर निगम ने पूरे क्षेत्र को अपना परिवार माना। नकारात्मक राजनीति करने वालों को दिया जवाब सीएम ने लखनऊ को प्रदेश का सबसे बड़ा महानगर व नगर निगम बताते हुए कहा कि जितना बड़ा दायित्व होगा, उतनी बड़ी चुनौतियां भी होंगी, लेकिन लखनऊ व प्रदेश चुनौतियों का बखूबी सामना कर रहा है। सीएम ने नकारात्मक राजनीति करने और सकारात्मक पहल पर अंगुली उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि तीन वर्ष में नगर निगम, 9 वर्ष में प्रदेश और 12 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में विकास के कार्यक्रम नए प्रतिमान से बढ़ाए गए। नगर निकाय, प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा सरकार ने कुछ नया करके दिखाया है। हमारे शहर ‘ईज ऑफ लिविंग’ की दृष्टि से स्वच्छ, सुंदर और सुरक्षित हैं। लखनऊ नगर निगम ने गत वर्ष 200 करोड़ से अधिक का बांड जारी किया था, जबकि 2017 के पहले यहां के बांड की कीमत 25 करोड़ भी नहीं थी।  देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता  सीएम योगी ने कहा कि ऊर्जा संकट वैश्विक बन चुका है। अमेरिका-ईरान युद्ध के कारण सप्लाई लाइन बाधित हुई है। दुनिया के तमाम क्षेत्रों में तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। जिस अमेरिका के पास अपने ऊर्जा के क्षेत्र हैं, वहां पेट्रोलियम पदार्थ के दाम दोगुने से अधिक हुए हैं। महंगाई चरम पर है, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत में लगातार इसे नियंत्रित किया गया है। पेट्रोलियम उत्पादों के दाम दुनिया में बढ़ेंगे, सप्लाई चेन बाधित होगी तो उसका असर यहां भी पड़ेगा, लेकिन संकट के समय देश के साथ खड़े होने के बजाय देश को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास अस्वस्थ मानसिकता का पर्याय है। जरूरत के अनुसार ही करें बिजली की खपत सीएम योगी ने कहा कि गर्मी एकाएक बढ़ने से तमाम थर्मल पावर प्लांट ने अचानक शटडाउन ले लिया। उत्पादन पर असर पड़ा। 2017 तक यूपी में पीक पावर की सप्लाई 15-16 हजार मेगावाट रहती थी, आज यह 32-33 हजार मेगावाट पहुंच गई है। उस समय 6 हजार मेगावाट उत्पादन था, जबकि आज 13 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। रिन्युवल एनर्जी का उत्पादन लगभग 10 हजार मेगावाट तक बढ़ा है, लेकिन हमारी आवश्यकता 33-35 हजार मेगावाट है। एलपीजी संकट को देखते हुए लोग … Read more

भगवंत मान का बड़ा बयान, राघव चड्ढा और हरभजन सिंह को लेकर कही ये बात

चंडीगढ़  आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसदों पर पंजाब के सीएम भगवंत मान ने कहा कि उथल पुथल चलती रहती है. आना जाना लगा रहता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यक्ति नहीं बल्कि संगठन बड़ा होता है. उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव 2027 में हम अपने काम को लेकर जनता के बीच जाएंगे. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिस दल ने बीजेपी के साथ हाथ मिलाया वो खत्म हो गई।  राघव चड्ढा को लेकर क्या बोले सीएम मान?  राघव चड्ढा से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा, "पंजाब की जनता के साथ उनका कोई संबंध नहीं था. राज्यसभा में ऐसे भी आते हैं जो हार जाते हैं. अरुण जेटली अमृतसर से हारे, राज्यसभा आ गए. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली कैबिनेट 70 फीसदी राज्यसभा से थी. लेकिन अगर आपको जनता से चुना तो ये बहुत बड़ी बात है. राजेंद्र नगर (दिल्ली विधानसभा की सीट) के लोगों ने राघव चड्ढा को चुन लिया था. लेकिन जब चुने हुए प्रतिनिधि इस्तीफा दे देते हैं तो पब्लिक दोबारा नहीं चुनती।  बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुत सारे देश में ऐसे नेता हुए जो ये बात दिल में ही लेकर चले गए कि काश मुझे जनता चुन ले. सबसे बड़ा उदाहरण  मनमोहन सिंह हैं जो 10 सालों तक प्रधानमंत्री रहे लेकिन कभी जनता द्वारा नहीं चुने गए।  ‘पार्टी लाइन से अलग’ होने का आरोप जब राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के संसद में सक्रिय रहने के दावे पर सवाल किया गया, तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब उनके बयानों का ज्यादा महत्व नहीं रह गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने पार्टी लाइन का पालन नहीं किया, जिससे उनकी विश्वसनीयता पर सवाल उठते हैं। अमन अरोड़ा का सीधा हमला इस विवाद में पंजाब सरकार के मंत्री और पार्टी नेता अमन अरोड़ा भी खुलकर सामने आए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने ही राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) को राजनीति में ऊंचाई तक पहुंचाया, लेकिन उन्होंने सदन में पंजाब से जुड़े अहम मुद्दों को उठाने के बजाय अन्य विषयों पर ध्यान दिया। अरोड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि चड्ढा ने राज्य के हितों की अपेक्षित मजबूती से पैरवी नहीं की। ‘पंजाब के मुद्दे नहीं उठाए’ पार्टी नेताओं का कहना है कि राघव चड्ढा ने संसद में उन मुद्दों को प्राथमिकता नहीं दी, जो सीधे पंजाब से जुड़े थे। विशेष रूप से ग्रामीण विकास फंड और अन्य राज्य हितों के मुद्दों को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया गया है। नेताओं का मानना है कि ऐसे संवेदनशील विषयों पर चुप्पी पार्टी की रणनीति के विपरीत है। बीजेपी के डर का आरोप विवाद यहीं नहीं रुका। अमन अरोड़ा ने आरोप लगाया कि राघव चड्ढा ने कुछ मुद्दों को इसलिए नहीं उठाया क्योंकि वे भारतीय जनता पार्टी से टकराव से बचना चाहते थे। हालांकि, इस आरोप पर राघव चड्ढा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।  AAP के भीतर बढ़ते मतभेद? यह पूरा घटनाक्रम आम आदमी पार्टी के भीतर संभावित मतभेदों की ओर इशारा करता है। जहां एक ओर पार्टी नेतृत्व अनुशासन और सामूहिक रणनीति पर जोर दे रहा है, वहीं दूसरी ओर व्यक्तिगत बयानों और सार्वजनिक प्रतिक्रियाओं ने अंदरूनी असहमति को उजागर कर दिया है। राजनीतिक संदेश या आंतरिक संकेत? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह की बयानबाज़ी (Raghav Chadha Controversy) केवल व्यक्तिगत मतभेद नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर भूमिका और प्राथमिकताओं को लेकर चल रही खींचतान का संकेत भी हो सकती है। यह विवाद आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और नेतृत्व की दिशा को भी प्रभावित कर सकता है। पंजाब में आम आदमी पार्टी के नेताओं के बीच यह बयानबाज़ी अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप लेती दिख रही है। राघव चड्ढा (Raghav Chadha Controversy) के बयान से शुरू हुआ यह विवाद अब पार्टी अनुशासन, राज्य हित और राजनीतिक रणनीति तक पहुंच गया है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह सियासी तकरार किस दिशा में जाती है। हरभजन सिंह के आरोपों पर सीएम ने किया पलटवार सीएम भगवंत मान ने हरभजन सिंह के पैसे लेकर राज्यसभा टिकट देने के आरोपों पर भी जवाब दिया. उन्होंने कहा, "भज्जी से ही पूछ लो कि उनसे कितने पैसे लिए थे।  बता दें कि बीते महीने राघव चड्ढा, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल और संदीप पाठक सहित 7 आप के राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ दी थी और बीजेपी में शामिल हो गए। 

मध्यप्रदेश में Heat Attack! 45 शहरों में लू का अलर्ट, 28 मई से प्री-मानसून देगा राहत

भोपाल  मध्यप्रदेश में इस बार नौतपा की शुरुआत अलग अंदाज में हुई है। एक तरफ प्रदेश के 45 शहर भीषण लू और तेज गर्मी की चपेट में हैं, वहीं दूसरी तरफ कई जिलों में आंधी और बूंदाबांदी ने मौसम का मिजाज बदल दिया। मौसम विभाग ने 28 मई से प्री-मानसून गतिविधियां तेज होने के संकेत दिए हैं। इसके तहत प्रदेश के 14 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया गया है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। वहीं भोपाल, ग्वालियर समेत 45 जिलों में हीटवेव जैसे हालात बने रहे। इधर, इंदौर और नर्मदापुरम संभाग में गर्मी से थोड़ी राहत मिलने के आसार जताए गए हैं।  एमपी के सबसे गर्म शहर शहर     तापमान खजुराहो    47.2 नौगांव    46.8 दतिया    45.6 मंडला     45.5 टीकमगढ़    45.3 खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में तीव्र लू का रेड अलर्ट है। अभी छतरपुर के दो शहर-खजुराहो और नौगांव सबसे गर्म बने हुए हैं। यहां पारा लगातार 45 डिग्री के पार बना हुआ है। भोपाल-ग्वालियर समेत कुल 45 जिले हीटवेव की चपेट में रहेंगे। इंदौर, नर्मदापुरम में भीषण गर्मी से राहत मिल सकती है। प्रमुख शहरों का तापमान शहर     तापमान भोपाल    43.4 ग्वालियर    44.0 नर्मदापुरम     44.6 इंदौर    41.6 उज्जैन    41.8 जबलपुर    43.9 रीवा    44.6 तीन दिन बाद बारिश का दौर मौसम विभाग ने अगले तीन दिन तक मौसम का फोरकास्ट जारी किया है। इनमें 28 मई को ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के 14 जिलों में बारिश, गरज-चमक का अलर्ट है। इससे पहले 25 मई को भी बारिश हुई। पश्चिमी हिस्से से एक टर्फ के गुजरने की वजह से ऐसा मौसम रहा। इन शहरों में रातें सबसे गर्म शहर    तापमान ग्वालियर, दतिया    32.0 गुना     31.6 रायसेन-राजगढ़     31.0 टीकमगढ़    30.2 जबलपुर     30.1 छिंदवाड़ा    30.0 भोपाल में हर साल नौतपा में बारिश भोपाल में पिछले 14 साल में 7 बार नौतपा के दौरान बारिश दर्ज हुई, जबकि 2 बार सिर्फ बूंदाबांदी हुई थी। इस बार शुरुआत में ही बूंदाबांदी हो गई है। 2018 और 2019 में सबसे ज्यादा तपिश रही, जब औसत तापमान 43 से ऊपर पहुंचा था। खजुराहो में पारा 47.2 डिग्री प्रदेश में नौतपा के पहले दिन कहीं बारिश तो कहीं भीषण गर्मी रही। छतरपुर के दोनों शहर- खजुराहो और नौगांव भीषण गर्मी और लू की चपेट में रहे। खजुराहो में पारा रिकॉर्ड 47.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। ओवरआॅल पहली बार इतना पारा पहुंचा। नौगांव में तापमान 46.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 28 मई से बदल सकता है मौसम मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिन तक प्रदेश में भीषण गर्मी का असर बना रहेगा, लेकिन 28 मई से मौसम करवट ले सकता है। ग्वालियर, चंबल, सागर और जबलपुर संभाग के कई जिलों में हल्की बारिश, तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। इसके पीछे पश्चिमी हिस्से से गुजर रहा टर्फ सिस्टम बताया जा रहा है। 28 मई को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडौरी में हल्की बारिश हो सकती है। इन जिलों में लू का सबसे ज्यादा खतरा रेड अलर्ट-निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना। ऑरेंज अलर्ट-  रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, गुना, नरसिंहपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, भिंड और दतिया। येलो अलर्ट- भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और अनूपपुर। दोपहर 12 से 3 बजे तक सबसे ज्यादा खतरा मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में बेवजह बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों को सतर्क रहने को कहा गया है। पर्याप्त पानी पीने, हल्के सूती कपड़े पहनने और शरीर को हाइड्रेट रखने की सलाह दी गई है।  भोपाल में 43.4 डिग्री पर पारा चंबल अंचल के दतिया में 45.6 डिग्री, मंडला में 45.5 डिग्री, टीकमगढ़ में 45.3, सतना में 44.9, दमोह-रीवा में 44.6 डिग्री, राजगढ़ में 44.5 डिग्री, गुना में 44.3 डिग्री और शाजापुर में 44 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में सबसे ज्यादा 44 रहा। भोपाल में 43.4, इंदौर में 41.4, उज्जैन में 41.8 और जबलपुर में 43.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। 18 जिलों में तीव्र लू का आरेंज अलर्ट:  रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया, जबलपुर, मंडला, बालाघाट, दमोह, सागर, गुना, नरसिंहपुर, आगर-मालवा, राजगढ़, भिंड और दतिया में तीव्र लू का आरेंज अलर्ट है। 22 जिलों में लू का येलो अलर्ट: भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, खरगोन, खंडवा, बुरहानपुर, शहडोल, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और अनूपपुर में लू का येलो अलर्ट है।

शिवराज ने लॉन्च की PM मोदी पर किताब, कार्यक्रम में कई मुख्यमंत्री शामिल; सुनाया ‘ईमेल-फीमेल’ किस्सा

भोपाल  केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को अपनी नई पुस्तक 'अपनापन: नरेंद्र मोदी के साथ मेरे अनुभव' का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ताओं की पारंपरिक कार्यशैली और तकनीक को अपनाने में आई शुरुआती झिझक का जिक्र किया। शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि भाजपा कार्यकर्ता पारंपरिक तरीके से काम करते रहे हैं और कई बार तकनीक का व्यापक उपयोग करने की मानसिकता नहीं रही। उन्होंने मोबाइल फोन के शुरुआती दौर का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इसे 'फाइव-स्टार कल्चर' से जोड़ा जाता था। सुनाया ईमेल आईडी और पीएम मोदी से जुड़ा किस्सा विमोचन के दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जुड़ा एक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने बताया कि जब नरेंद्र मोदी पार्टी के प्रभारी के तौर पर मध्य प्रदेश आए थे, तब मैं राज्य इकाई में महासचिव था। इस दौरान चुनाव तैयारियों को लेकर एक बैठक हुई थी। शिवराज सिंह ने कहा, ''बैठक के दौरान जब पीएम मोदी ने पूछा कि किसके पास ईमेल आईडी है, तो उस समय शायद ही किसी के पास इसका जवाब था। लोग एक-दूसरे का चेहरा देखने लगे। तब मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय बाबूलाल गौर ने मजाक में पूछा, ''नरेंद्र भाई, आप यह 'फीमेल-फीमेल' क्या कह रहे हैं? इस फीमेल-ईमेल से क्या होगा?" इस पर सब हंस पड़े और कुछ लोगों के चेहरे पर व्यंग्यात्मक भाव भी थे।''इस पुस्तक का विमोचन पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू और पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवेगौड़ा ने किया। समारोह में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजस्थान समेत करीब एक दर्जन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए। शिवराज ने की पीएम मोदी की दूरदर्शिता की तारीफ उन्होंने कहा कि इसके बावजूद नरेंद्र भाई ने ईमेल और तकनीक के महत्व पर जोर दिया। चौहान ने कहा कि पीएम मोदी ने दूसरों से बहुत पहले यह समझ लिया था कि अगर भारत के भविष्य को आकार देना है और एक विकसित भारत का निर्माण करना है, तो प्रौद्योगिकी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनकी यह दूरदर्शिता पार्टी के भीतर तकनीक को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। पीएम मोदी के साथ पहली मुलाकात का किया जिक्र अपनी पुस्तक के विमोचन पर केंद्रीय मंत्री ने पीएम मोदी के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी बताया। उन्होंने कहा, "आतंकवाद अपने चरम पर था। कश्मीर घाटी में, कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। डॉ. मुरली मनोहर जोशी भाजपा के अध्यक्ष थे। भाजपा ने तय किया कि एकता यात्रा का नेतृत्व वे करेंगे और श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा।" उन्होंने आगे कहा, "नरेंद्र भाई को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। जब मैं पहली बार नरेंद्र भाई से मिला, तो उस पहली मुलाकात में ही मैंने उनके विचार देखे: जनता तक पहुंचना, लोगों को एकजुट करना और देशभक्ति की भावना जगाना। उन्होंने कहा  कि तिरंगा सिर्फ श्रीनगर के लाल चौक पर ही नहीं फहराया जाएगा। तिरंगा देश के हर नागरिक के दिल में लहराना चाहिए।"  कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर और गिरिराज सिंह सहित कई दिग्गज नेता मौजूद हैं। 1991 से लेकर अब तक के अनुभव शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि यह किताब उनके लिए सिर्फ एक पुस्तक नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ बिताए लंबे समय का अपनापन है। 1991 की एकता यात्रा से लेकर आज तक के अनुभवों को इसमें शामिल किया गया है। उस समय मुरली मनोहर जोशी की यात्रा में नरेंद्र मोदी संगठनात्मक प्रभारी थे। किताब युवाओं को प्रेरित करेगी शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि यह पुस्तक युवाओं को विशेष रूप से प्रेरित करेगी। इसमें अनुशासन, तपस्या, समर्पण और लोगों के साथ अपनापन से बड़े लक्ष्य हासिल करने की सीख दी गई है। किताब में मोदी जी के नेतृत्व, सुशासन, राष्ट्र सेवा और नीति निर्माण के व्यक्तिगत पक्षों को खास तौर पर उजागर किया है। वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कभी-कभी आपको ऐसे व्यक्ति के साथ काम करने का मौका मिलता है जिसे दुनिया नेता कहती है, लेकिन वास्तव में वह एक सच्चे कर्मयोगी और असाधारण इंसान होते हैं। वह इंसान हैं नरेंद्र मोदी। आज 26 मई का वह ऐतिहासिक दिन है, जब नरेंद्र मोदी ने पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। 12 वर्ष पूरे हो गए, लेकिन मेरा और उनका साथ 35 साल पुराना है। इन 35 वर्षों में मैंने उन्हें हर क्षण देश के लिए जीते हुए देखा है। उनका हर कदम देश की प्रगति और विकास के लिए उठा है। मुझे उनके साथ अनेक भूमिकाओं में संगठन के कार्यकर्ता के नाते काम करने का मौका मिला। मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया शिवराज ने कहा- मुख्यमंत्री के नाते भी हमने साथ काम किया और फिर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में तथा बाद में प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्री के नाते उनके साथ काम कर रहा हूं। मैंने उनसे अनेक प्रेरणाएं प्राप्त कीं। कैसे ऐसे निर्णय लिए जाएं, जिनसे जनता का जीवन बदले। इसलिए लिखी अपनापन शिवराज ने कहा- मुझे लगा कि यह अनुभव केवल मेरे पास तक क्यों रहे। यह केवल राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग प्रशासनिक अधिकारी, प्रोफेशनल्स, उद्योगपति, समाज सुधारक, महिला सशक्तीकरण और पर्यावरण से जुड़े लोगों सभी के लिए उपयोगी है। इसलिए मेरे मन में यह भाव आया कि अपने अनुभवों और सीख को एक पुस्तक के रूप में देशवासियों को समर्पित करूं। इसी का परिणाम है ‘अपनापन’। एकता यात्रा से शुरू हुआ था मेरा-उनका साथ मेरा और उनका पहला साथ एकता यात्रा से प्रारंभ हुआ था। उस समय आतंकवाद चरम पर था और कश्मीर घाटी के लाल चौक पर तिरंगा फहराने की कल्पना भी कठिन थी। भाजपा ने तय किया कि उनके नेतृत्व में एकता यात्रा निकलेगी और कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराया जाएगा, जिससे पूरे भारत को भावनात्मक रूप से एक किया जा सके। इस यात्रा का संचालन नरेंद्र मोदी को मिला। मैं उस समय लोकसभा उपचुनाव जीतकर पहुंचा … Read more

प्रधान सेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने अंत्योदय को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य किया – मुख्यमंत्री साय

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सेवा, सुशासन और जनकल्याण के 12 वर्ष पूर्ण : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी बधाई प्रधान सेवक के रूप में प्रधानमंत्री मोदी ने अंत्योदय को धरातल पर उतारने का ऐतिहासिक कार्य किया – मुख्यमंत्री साय प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के समग्र विकास को मिली नई गति – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के ‘प्रधान सेवक’ के रूप में राष्ट्रसेवा, सुशासन और  जनकल्याण को समर्पित सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर हार्दिक बधाई एवं अभिनंदन व्यक्त किया है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकेंद्रित नेतृत्व में भारत ने सेवा, सुरक्षा, आत्मविश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शासन की सोच और कार्यशैली को बदलते हुए सेवा, सुशासन और अंत्योदय की भावना को केंद्र में रखा तथा यह सुनिश्चित किया कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि गरीब, किसान, महिला, युवा, वंचित और जनजातीय समाज के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का जो संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया, वह आज देश के कोने-कोने में दिखाई देता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में आज भारत आत्मविश्वास, सुरक्षा और वैश्विक प्रतिष्ठा के नए आयाम स्थापित कर रहा है। मजबूत अर्थव्यवस्था, आधुनिक अधोसंरचना, डिजिटल क्रांति, आत्मनिर्भरता, राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक समावेशन की दिशा में देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। विकसित भारत @2047 का संकल्प आज जनभागीदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नेतृत्व विशेष रूप से प्रेरणादायी रहा है। दशकों तक नक्सल हिंसा से प्रभावित रहे बस्तर और वनांचल क्षेत्रों में आज विकास, विश्वास और जनकल्याण की नई धारा दिखाई दे रही है। सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, मोबाइल कनेक्टिविटी, बैंकिंग सुविधाओं और शासकीय योजनाओं की पहुँच दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक सुनिश्चित हुई है, जिससे लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, जन-धन योजना और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने गरीबों, किसानों, मातृशक्ति, युवाओं तथा जनजातीय समाज के जीवन में आशा, सम्मान और आत्मविश्वास का नया संचार किया है। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोच ने शासन को अधिक संवेदनशील और जवाबदेह बनाया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मंत्र को केवल नारा नहीं रहने दिया, बल्कि उसे व्यवहार और नीति का आधार बनाया। इसी का परिणाम है कि आज देश विकास और सामाजिक समावेशन की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व देश को केवल आर्थिक रूप से सशक्त नहीं बना रहा, बल्कि सांस्कृतिक आत्मगौरव, राष्ट्रीय एकता और जनभागीदारी की भावना को भी नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाते हुए देशवासियों में नए आत्मविश्वास का संचार किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जनकल्याण, सुशासन और अंत्योदय के संकल्प को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि केंद्र सरकार की योजनाओं का लाभ प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी रूप से पहुंचे और विकास का लाभ समाज के हर वर्ग को मिले। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने समस्त छत्तीसगढ़वासियों की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को पुनः बधाई देते हुए उनके स्वस्थ, यशस्वी और दीर्घायु जीवन की कामना की तथा विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में भारत विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा।

मध्यप्रदेश में CNG उपभोक्ताओं को झटका, ₹1 प्रति किलो बढ़े दाम; भोपाल में नई कीमत लागू

भोपाल  ईरान जंग के बीच मध्य प्रदेश में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस यानी, CNG के रेट 10 दिन में दूसरी बार बढ़े हैं। भोपाल में यह 1 रुपए प्रति किलो तक महंगी कर दी गई है। अब यह 94.75 रुपए प्रतिकिलो में मिल रही है। इससे पहले 16 मई को करीब 3 रुपए प्रतिकिलो रेट बढ़े थे। फिलहाल थिंक गैस एजेंसी ने कीमतें बढ़ाई हैं। इसकी सप्लाई भोपाल समेत आसपास के जिलों में है। दो महीने में यह तीसरी बार बढ़ोतरी की गई है। तीन बार में सीएनजी 6 रुपए किलो तक महंगी हुई है। प्रदेश में 3 कंपनियों की सप्लाई मध्य प्रदेश में 3 गैस एजेंसियां- थिंक, गेल और अवंतिका सीएनजी की सप्लाई करती हैं। भोपाल, सीहोर, राजगढ़, शिवपुरी, विदिशा समेत आसपास के जिलों में थिंक कंपनी सप्लाई करती है, जबकि इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर संभाग में अवंतिका की सप्लाई है। गेल कंपनी की भी कई जिलों में सप्लाई है। भोपाल के 25 पंपों पर सीएनजी राजधानी में कुल 152 पेट्रोल पंप है। इनमें से 12 पंप ऐसे हैं। जहां सीएनजी गैस भी मिलती है। वहीं थिंक गैस के मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड, बैरागढ़ रोड समेत कई जगहों पर भी कुल 25 स्टेशन है। यहां पर रेट बढ़े हैं। 50% तक बढ़ी CNG गाड़ियों की बिक्री पिछले तीन साल में भोपाल में सीएनजी गाड़ियों की बिक्री 50% तक बढ़ी है। शोरूम से हर रोज सीएनजी बेस्ड 10 से 15 गाड़ियां बिक रही है। इसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल के मुकाबले सीएनजी से एवरेज ज्यादा मिलना है। वहीं, सीएनजी के रेट भी कम है। सीएनजी क्या है और यह कैसे बनती है? सीएनजी का पूरा नाम कंप्रेस्ड नेचुरल गैस है। यह मुख्य रूप से मीथेन गैस से बनती है और पेट्रोल-डीजल के मुकाबले बहुत कम प्रदूषण फैलाती है। यह गैस जमीन के नीचे बने तेल और गैस के कुओं से प्राकृतिक रूप से निकलती है। इसके बाद फैक्ट्रियों में इसे रिफाइन करके इसकी नमी और अशुद्धियां साफ की जाती हैं। फिर इस प्राकृतिक गैस पर बहुत ज्यादा प्रेशर डाला जाता है, जिससे यह भारी गैस कम जगह में सिमट जाती है। इसी दबी हुई गैस को सिलेंडरों में भरकर गाड़ियों में ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ईंधन महंगा…पेट्रोल-डीजल के चार बार बढ़ चुके हैं रेट इससे पहले सोमवार को ऑयल कंपनियों ने 11 दिन के अंदर पेट्रोल-डीजल के रेट चौथी बार बढ़ा दिए थे। 25 मई को पेट्रोल ₹2.61 प्रति लीटर और डीजल ₹2.71 प्रति लीटर महंगा किया गया। मध्य प्रदेश में रेट 3 रुपए तक बढ़े हैं। नए रेट के बाद एमपी में डीजल 100 रुपए के पार पहुंच गया, जबकि पेट्रोल 116 रुपए या उससे ज्यादा हो गया है। नए रेट के मुताबिक भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपए और डीजल 99.74 रुपए प्रति लीटर हो गया है। प्रदेश के 5 बड़े शहरों में उज्जैन में तेल सबसे महंगा है। वहां डीजल 100.11 रुपए और पेट्रोल 115.03 रुपए में मिलेगा। इंदौर में पेट्रोल 114.54 रुपए और डीजल 99.57 रुपए में मिलेगा। जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतें बढ़ी हैं।

पंजाब चुनाव को लेकर भगवंत मान की भविष्यवाणी, बोले- भाजपा सीमित रहेगी, अकाली दल रहेगा खाली हाथ

 पठानकोट  पंजाब में शहरी निकाय चुनावों के लिए मतदान जारी है। इस बीच, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आगामी विधानसभा चुनाव नतीजों को लेकर एक बड़ी भविष्यवाणी कर प्रदेश का सियासी पारा चढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री का दावा है कि विधानसभा चुनावों में विपक्षी दलों का सूपड़ा साफ होने वाला है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए वोट डाले जा रहे हैं, जिन्हें मिनी चुनाव भी कहा जा रहा है। विपक्ष पर साधा निशाना एक निजी मीडिया हाउस के कार्यक्रम के दौरान सोमवार शाम मान ने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी पठानकोट जिले में महज एक या दो सीटों तक सीमित रह जाएगी। वहीं, कांग्रेस अधिकतम नौ सीटें हासिल कर सकती है, जबकि शिरोमणि अकाली दल का खाता तक नहीं खुलेगा। मुख्यमंत्री ने बाकायदा एक हस्ताक्षर किए हुए नोट के जरिए यह दावा किया। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मान का यह बयान चुनावी आंकड़ों के विज्ञान पर आधारित होने के बजाय, मंगलवार को हो रहे शहरी निकाय चुनावों से ठीक पहले पार्टी कैडर का मनोबल बढ़ाने की एक मजबूत कोशिश है। शुक्रवार को आएंगे नतीजे कानून-व्यवस्था और शासन की चुनौतियों से जुड़ी चिंताओं के बीच इन निकाय चुनावों को जनता के मूड का बैरोमीटर माना जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में अक्सर सत्ता विरोधी लहर यानी एंटी इनकंबेंसी का प्रभाव ग्रामीण इलाकों से अधिक माना जाता है। कांग्रेस को अधिकतम नौ सीटें देने की बात कहकर मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वे मुख्य मुकाबला कांग्रेस से ही मान रहे हैं। संगठन बनाने के लिए संघर्षरत है भाजपा पठानकोट में भाजपा को सीमित बताने वाला बयान इस बात का संकेत है कि दल-बदल और केंद्र सरकार की पहुंच के बावजूद, भाजपा अभी भी पंजाब में एक मजबूत जमीनी संगठन बनाने के लिए संघर्ष कर रही है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने आम आदमी पार्टी के 1801 उम्मीदवारों के लिए सीधे तौर पर प्रचार नहीं किया है, हालांकि उनकी माता ने कुछ प्रत्याशियों के पक्ष में चुनाव प्रचार जरूर किया था। इन निकाय चुनावों के नतीजे शुक्रवार को घोषित किए जाएंगे।

क्वाड बैठक में अमेरिका का बड़ा संदेश, मार्को रुबियो बोले- रूस-चीन भी नहीं चाहेंगे होर्मुज बंद हो

नई दिल्ली दिल्ली में आज क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक शुरू हो गई. इस बैठक की शुरुआत में भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधियों का स्वागत किया और कहा कि क्वाड देशों के बीच साझा गतिविधियों और साझा चुनौतियों पर गंभीर चर्चा की जा रही है. उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में कई बड़े मौके और चुनौतियां सामने हैं, जिन पर मिलकर काम करने की जरूरत है।  वहीं इस बैठक में शामिल अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज हर हाल में खुला रहना चाहिए और रहेगा. उन्होंने कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में जो कुछ हो रहा है, वह गैरकानूनी, अस्थिर और दुनिया के लिए अस्वीकार्य है।  माना जा रहा है कि बैठक का सबसे बड़ा फोकस चीन के बढ़ते प्रभाव और खासकर क्रिटिकल मिनरल्स सेक्टर में उसके दबदबे को चुनौती देना होगा. दरअसल, पिछले साल क्वाड क्रिटिकल मिनरल्स पहल शुरू की गई थी. अब इस बैठक में सप्लाई चेन को विविध बनाने और आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के लिए कई बड़े कदमों का ऐलान हो सकता है. अमेरिका इस पहल की अगुवाई कर रहा है और माना जा रहा है कि QUAD देश मिलकर चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति तैयार कर रहे हैं।  इस बैठक में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की मौजूदा स्थिति पर भी चर्चा होगी. पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर उसके असर को देखते हुए क्वाड देश ऊर्जा सुरक्षा को लेकर साझा रणनीति बना सकते हैं. इसके अलावा समुद्री सुरक्षा, ट्रांसनेशनल क्राइम, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दे भी एजेंडे में शामिल हैं।  समुद्र, मिनरल्स और ऊर्जा… QUAD ने खोला नया मोर्चा, जयशंकर बोले- हुई बेहद अहम बैठक दिल्ली में हुई QUAD देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि चारों देशों के बीच बेहद ‘उपयोगी और उत्पादक’ चर्चा हुई है. भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा, क्रिटिकल मिनरल्स और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसलों पर सहमति बनाई है।  इंडो-पैसिफिक में क्वाड की नई रणनीति, अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है. उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई. रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।  अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि QUAD देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है. उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है. ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है।  रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है. माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है. उन्होंने कहा कि QUAD सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।  इंडो-पैसिफिक पर क्वाड का फोकस, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार पर बनी रणनीति दिल्ली में आयोजित क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक खत्म होने के बाद भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान के विदेश मंत्रियों ने साझा बयान जारी किया. विदेश मंत्री एस. जयशंकर, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वांग और जापान के विदेश मंत्री मोटेगी ने बैठक को सकारात्मक और उपयोगी बताया।  इस बैठक के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि QUAD देशों के बीच इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई. उन्होंने कहा कि चारों देशों ने सुरक्षित समुद्री व्यापार और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया।  जयशंकर ने कहा कि वैश्विक हालात को देखते हुए सप्लाई चेन को मजबूत और भरोसेमंद बनाना बेहद जरूरी है. उन्होंने कहा कि QUAD देशों ने इस दिशा में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है. विदेश मंत्री के मुताबिक बैठक में ऊर्जा सुरक्षा, फर्टिलाइजर्स और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर भी विस्तार से चर्चा हुई. माना जा रहा है कि चीन पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक सप्लाई नेटवर्क तैयार करने को लेकर QUAD देशों के बीच रणनीतिक तालमेल और मजबूत हुआ है।