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दक्षिण भारत में बुलेट ट्रेन का मेगा प्लान, बेंगलुरु-हैदराबाद-चेन्नई समेत 20+ शहर होंगे कनेक्ट

बेंगलुरु मुंबई, हैदराबाद की तरह बेंगलुरु भी बुलेट ट्रेन का बड़ा हब बनेगा. बेंगलुरु से निकलने वाले ये हाईस्पीड रेल कॉरिडोर साउथ इंडिया के तीन राज्यों आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु के बड़े शहरों को हाई स्पीड रेल कनेक्टिविटी देंगे. नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन (NHSRCL) मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के बाद अन्य रूट की डीपीआर, अलाइनमेंट की औपचारिकताएं पूरी करने में जुटा है. अभी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट पर काम चल रहा है. इसके अलावा दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन और दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन रूट पर भी मंथन चल रहा है।  चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु हाईस्पीड रेल कॉरिडोर चेन्नई-बेंगलुरु-मैसूरु दक्षिण भारत का सबसे अहम बुलेट ट्रेन रूट है, जो तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक को जोड़ता है. 463 किलोमीटर के कॉरिडोर में चेन्नई से बेंगलुरु 306 किमी और बेंगलुरु से मैसूरु 157 किमी का रूट है. इससे बेंगलुरु से चेन्नई का सफर 5–6 घंटे के बजाय सिर्फ सवा घंटे का रह जाएगा. बेंगलुरु से मैसूरु का सफर 2 घंटे से घटकर लगभग 30-45 मिनट रह जाएगी. ये कॉरिडोर बेंगलुरु-चेन्नई एक्सप्रेसवे के समानांतर चलेगा. इसमें चेन्नई सेंट्रल, पूनमल्ली, चित्तूर (आंध्र प्रदेश), कोलार, कोडिहल्ली, व्हाइटफील्ड, बयप्पनहल्ली (बेंगलुरु), इलेक्ट्रॉनिक्स सिटी, कैंगेरी, मांड्या और मैसूरु स्टेशन हो सकते हैं।  हैदराबाद-बेंगलुरु हाईस्पीड रेल कॉरिडोर यह भारत के दो सबसे बड़े आईटी हब बेंगलुरु और हैदराबाद को जोड़ेगा. 610 किमी के इस रूट पर 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बुलेट ट्रेन दौड़ेंगी. अभी ट्रेन से 10 से 12 घंटे का सफर घटकर सिर्फ 2.5 घंटे रह जाएगा. ये रूट तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के रायलसीमा इलाके और उत्तरी कर्नाटक से होकर जाएगा. हैदराबाद (शमशाबाद एयरपोर्ट), महबूबनगर, करनूल, अनंतपुर, चिकबल्लापुर और बेंगलुरु का कैंपेगौड़ा एयरपोर्ट इसका स्टेशन प्रस्तावित है।  बेंगलुरु-मुंबई हाईस्पीड रेल कॉरिडोर  बेंगलुरु को सीधे पुणे और मुंबई से भी जोड़े जाने की तैयारी है. ये 850 से 900 किलोमीटर लंबा रूट होगा. अभी रेल से 18–20 घंटे का सफर लगता है तो 4 से 5 घंटे रह जाएगा. कर्नाटक, महाराष्ट्र और गोवा सीमा से सटे इलाके इसके दायरे में आएंगे. बेंगलुरु, तुमकुरु, दावणगेरे, हुबली-धारवाड़, बेलगावी, कोल्हापुर, पुणे और मुंबई भी बुलेट ट्रेन के स्टेशन होंगे।  DPR और अलाइनमेंट पर काम ये हाईस्पीड कॉरिडोर जापान की शिंकानसेन बुलेट ट्रेन टेक्नोलॉजी और स्टैंडर्ड गेज पर बनाए जाएंगे. NHSRCL इन बुलेट ट्रेन रूट के लिए  LiDAR सर्वे, अलाइनमेंट ड्राफ्टिंग और ट्रैफिक से जुड़े अध्ययन कर रहा है.घनी आबादी वाले शहरी क्षेत्रों जैसे बेंगलुरु, चेन्नई और हैदराबाद शमशाबाद में सुरंगें और बाकी मैदानी भागों में एलिवेटेड वायडक्ट बनाए जाएंगे। 

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह से नई दिल्ली में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की मुलाकात

नई दिल्ली  मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय वस्त्र मंत्री  गिरिराज सिंह से मुलाकात कर छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार, निवेश और रोजगार की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में टेक्सटाइल सेक्टर को दिए गए विशेष प्रोत्साहनों तथा इस क्षेत्र में आ रहे निवेश की जानकारी दी। दोनों नेताओं के बीच छत्तीसगढ़ को मध्य भारत के प्रमुख टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में विकसित करने तथा आधुनिक तकनीक, डिजाइन और नवाचार को राज्य के पारंपरिक वस्त्र कौशल से जोड़ने को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल सेक्टर के विकास की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में टेक्सटाइल सेक्टर को थ्रस्ट सेक्टर के रूप में शामिल किया है। इसके अंतर्गत इस क्षेत्र में निवेश करने वाले उद्यमियों के लिए आकर्षक प्रोत्साहन एवं अनुदान का प्रावधान किया गया है। इन प्रावधानों के परिणामस्वरूप टेक्सटाइल क्षेत्र में निवेशकों की रुचि तेजी से बढ़ी है और प्रदेश में नई इकाइयों की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की औद्योगिक नीति का प्रमुख उद्देश्य निवेश के साथ स्थानीय युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजगार सृजित करना है। इसी दृष्टि से एक हजार से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने वाली औद्योगिक इकाइयों के लिए विशेष प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। टेक्सटाइल और अपैरल उद्योग श्रम आधारित होने के कारण बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराने की क्षमता रखता है। नई नीति के इन प्रावधानों से छत्तीसगढ़ टेक्सटाइल निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। नवा रायपुर में आकार ले रहा टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग इको-सिस्टम मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री को बताया कि नवा रायपुर अटल नगर में टेक्सटाइल क्षेत्र की नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना को गति मिल रही है। राज्य सरकार का प्रयास है कि यहां केवल उत्पादन इकाइयां ही स्थापित न हों, बल्कि टेक्सटाइल एवं अपैरल क्षेत्र का एक समग्र इको-सिस्टम विकसित हो, जिसमें डिजाइन, उत्पादन, कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और बाजार की सुविधाएं एक-दूसरे से जुड़ी हों। मुख्यमंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग की विशेषता यह है कि अपेक्षाकृत बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन के साथ इसमें महिलाओं और युवाओं के लिए भी व्यापक अवसर उपलब्ध होते हैं। इस क्षेत्र में निवेश बढ़ने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे और सहायक उद्योगों तथा स्थानीय उद्यमिता को भी प्रोत्साहन मिलेगा। छत्तीसगढ़ की परंपरा और आधुनिक फैशन टेक्नोलॉजी का होगा संगम बैठक में मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध वस्त्र एवं हस्तशिल्प परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश का कोसा सिल्क देश-विदेश में अपनी विशिष्ट पहचान रखता है। विशेष रूप से चांपा और आसपास के क्षेत्रों की कोसा परंपरा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। राज्य सरकार का प्रयास है कि इस पारंपरिक कौशल को आधुनिक डिजाइन, तकनीक, ब्रांडिंग और व्यापक बाजार से जोड़कर नई ऊंचाई दी जाए। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और इससे जुड़े आधुनिक क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय बुनकरों, शिल्पकारों और उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी (NIFT) की स्थापना इस दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे प्रदेश के युवाओं को फैशन डिजाइन, टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी और इससे जुड़े आधुनिक क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शिक्षा एवं प्रशिक्षण के अवसर मिलेंगे। साथ ही स्थानीय बुनकरों, शिल्पकारों और उद्यमियों को डिजाइन एवं तकनीकी नवाचार का लाभ मिलने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। NIFT जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान और नई टेक्सटाइल इकाइयों के बीच समन्वय से राज्य में डिजाइन से लेकर मैन्युफैक्चरिंग तक मजबूत वैल्यू चेन विकसित करने में मदद मिलेगी। इससे छत्तीसगढ़ की पारंपरिक वस्त्र कला को आधुनिक बाजार की जरूरतों के अनुरूप नए उत्पादों और डिजाइनों से जोड़ने का अवसर मिलेगा। सेंट्रल इंडिया के बड़े टेक्सटाइल हब के रूप में उभरने की क्षमता केंद्रीय वस्त्र मंत्री श्री गिरिराज सिंह ने छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार की दिशा में राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत के साथ वैश्विक स्तर पर भी टेक्सटाइल एवं अपैरल क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। छत्तीसगढ़ में औद्योगिक विकास के लिए उपलब्ध संसाधन, राज्य सरकार की निवेश-अनुकूल नीति और रोजगार आधारित प्रोत्साहन इसे इस क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण निवेश गंतव्य बना सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल यूनिट्स के विस्तार से छत्तीसगढ़ में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की संभावना है। राज्य जिस प्रकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता देकर आगे बढ़ रहा है, उससे आने वाले समय में छत्तीसगढ़ सेंट्रल इंडिया के एक प्रमुख टेक्सटाइल हब के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर सकता है। तकनीक और नवाचार में केंद्र देगा सहयोग श्री गिरिराज सिंह ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार के लिए हरसंभव सहयोग करेगी। उन्होंने विशेष रूप से आधुनिक तकनीक, नवाचार, कौशल विकास और टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाओं के विस्तार के लिए केंद्र और राज्य के बीच समन्वय पर जोर दिया। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टेक्सटाइल उद्योग तेजी से बदल रहा है और आधुनिक तकनीक तथा नवाचार इसकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के महत्वपूर्ण आधार हैं। केंद्र सरकार इस दिशा में छत्तीसगढ़ के प्रयासों को आवश्यक सहयोग प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य छत्तीसगढ़ में ऐसा टेक्सटाइल इको-सिस्टम विकसित करना है, जिसमें निवेश और रोजगार के साथ स्थानीय कौशल, पारंपरिक वस्त्र कला, आधुनिक डिजाइन और तकनीक का समन्वय हो। नई औद्योगिक नीति के प्रोत्साहन, नवा रायपुर में विकसित हो रहे औद्योगिक वातावरण और NIFT जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के माध्यम से छत्तीसगढ़ आने वाले वर्षों में टेक्सटाइल और अपैरल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्रों में अपनी जगह बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

इंदौर में 23-24 अक्टूबर को होगी “एमपी सेमीकंडक्टर समिट 2026”

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' के माध्यम से देश को इस क्षेत्र में सशक्त बनाने का संकल्प लिया है। प्रधानमंत्री  मोदी के इस संकल्प को साकार करने में मध्यप्रदेश अपनी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर जैसे आधुनिक विज्ञान के अनेक प्रकल्पों पर बेहतरीन काम हो रहा है। इस क्षेत्र में प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार अग्रसर है। एक दौर वो था, जब चिप निर्माण के दिशा में कोई सोचता भी नहीं था। अब मध्यप्रदेश ने इस दिशा में कदम बढ़ाने के लिए ठोस निर्णय लिए हैं।मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा आगामी 23-24 अक्टूबर को इंदौर में होने वाली एमपी सेमीकंडक्टर समिट-2026 के कैम्पेन पोस्टर के विमोचन अवसर पर संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन नागर, प्रमुख सचिव विज्ञान प्रौद्योगिकी  एम. सेल्वेन्द्रम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार अगले महीने 23-24 अक्टूबर को इंदौर में "मध्यप्रदेश सेमीकंडक्टर समिट 2026" का आयोजन करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इस ग्लोबल समिट में शामिल हो जा रहे सभी निवेशकों, तकनीकी विशेषज्ञों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों और नीति-निर्धारकों का मध्यप्रदेश की धरती पर स्वागत करते हुए उन्हें आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी देश-प्रदेशवासियों से एकजुट होकर सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भर होने के स्वप्न को साकार करने और विज़न 2047 के समृद्ध मध्यप्रदेश एवं विकसित भारत की यात्रा में सहभागी होने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने बीते ढाई वर्ष में सभी क्षेत्रों में उद्योग और व्यापार अनुकूल वातावरण तैयार करने के लिए 25 नई नीतियां लागू की हैं। इनसे सरलीकृत, पारदर्शी और वचनबद्धता के साथ कार्य करने का अवसर मिला है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक रोजगार देने वाला, बेरोजगारी दर को न्यूनतम स्तर पर लाने वाला तथा देश-विदेश के निवेशकों का दिल और विश्वास जीतने वाला राज्य बन गया है।  

जानापाव की पावन धरती से भगवान कृष्ण को मिला था सुदर्शन चक्र

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जानापाव वह गौरवशाली धरती है, जहां भगवान कृष्ण ने महर्षि परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया था। यह पवित्र और गौरवशाली स्थान है। महर्षि परशुराम की जन्मस्थली और साढ़े सात नदियों के उद्गम वाले इस पावन स्थल पर जन्माष्टमी के अवसर पर भगवान कृष्ण का स्मरण करना सभी का सौभाग्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को इंदौर जिले के जानापाव में महाकाल लोक की तर्ज पर विकसित किए जाने वाले भगवान  परशुराम लोक एवं भगवान कृष्ण लोक के भूमि-पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण को महर्षि परशुराम द्वारा प्रदान किया गया सुदर्शन चक्र उनके जीवन में धर्म और सत्य की रक्षा का महत्वपूर्ण अस्त्र बना। भगवान कृष्ण ने अपने जीवन में सत्य, धर्म, पराक्रम और पुरुषार्थ का संदेश दिया। शिशुपाल प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपनी बुआ को दिए वचन के अनुसार शिशुपाल की सौ गलतियों तक क्षमा किया और इसके बाद धर्म की रक्षा के लिए उसका अंत किया। 5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को सामने लाएगी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का भगवान कृष्ण और भगवान राम से गहरा संबंध रहा है। सरकार इस लगभग 5000 वर्ष पुराने गौरवशाली इतिहास को फिर से सामने लाने के लिए कार्य कर रही है। भगवान कृष्ण ने मध्यप्रदेश में जहाँ-जहाँ अपने चरण रखे, उन सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जाएगा। इसी प्रकार भगवान राम के चरण जहाँ-जहाँ पड़े, उन स्थलों को भी धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चित्रकूट धाम, जानापाव, राम के वनगमन से जुड़े आश्रम और अन्य पौराणिक स्थलों के साथ भगवान कृष्ण से जुड़े स्थलों को भी विकसित करने की योजना है। भगवान कृष्ण के मध्यप्रदेश से संबंध को दर्शाने वाले स्थलों में रुक्मिणी हरण से जुड़े क्षेत्र तथा धार जिले में हुए युद्ध से संबंधित स्थानों को भी विकसित कर उनके गौरवशाली इतिहास को जीवंत किया जाएगा।  महाकाल लोक की तर्ज पर 17 करोड़ रूपये से विकसित होगा परशुराम लोक और कृष्ण लोक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में मध्यप्रदेश में बड़ा परिवर्तन आया है। महाकाल लोक के विकास के बाद उज्जैन में श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से स्थानीय लोगों को रोजगार और व्यवसाय के नए अवसर मिल रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसी दिशा में जानापाव को भी देश के प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र और आध्यात्मिक चेतना पीठ के रूप में विकसित किया जा रहा है। महाकाल लोक की तर्ज पर लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से ‘परशुराम लोक’ एवं ‘कृष्ण लोक’ का निर्माण किया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत यज्ञ कुंड का पुनर्विकास, भव्य ऑडिटोरियम, ध्यान कुटीर, हर्बल गार्डन, लैंडस्केपिंग, बहुउद्देशीय भवन तथा जनसुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए पहाड़ी पर रोपवे निर्माण भी कार्य योजना में शामिल है। धर्म, सत्य और पराक्रम का संदेश देते हैं भगवान कृष्ण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान कृष्ण ने गोपाल के रूप में गायों का पालन करते हुए वन-वन विचरण किया और सामान्य जीवन से लेकर महाभारत के विराट प्रसंग तक मानव जीवन को अनेक संदेश दिए। उन्होंने गीता के माध्यम से दुनिया को कर्म, धर्म और कर्तव्य का मार्ग दिखाया। भगवान कृष्ण का जीवन सिखाता है कि जीवन की प्रत्येक परिस्थिति में सत्य और धर्म के लिए खड़े रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ऐसे पवित्र स्थलों का विकास केवल पर्यटन की दृष्टि से नहीं, बल्कि हमारी आने वाली पीढ़ियों को सनातन संस्कृति और गौरवशाली इतिहास से परिचित कराने के लिए भी आवश्यक है। जानापाव में विकसित होने वाला ‘परशुराम लोक’ एवं ‘कृष्ण लोक’ इसी दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में भगवान कृष्ण की लीलाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी गईं। दही हांडी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जानापाव स्थित मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष मती रीना सतीश मालवीय, सांसद सु कविता पाटीदार, विधायक सु उषा ठाकुर,  श्रवण चावड़ा सहित अन्य अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे। 

रायपुर एक्सप्रेसवे से बदलेगी सफर की तस्वीर, दिल्ली-आगरा से विशाखापट्टनम तक मिलेगी तेज कनेक्टिविटी

रायपुर   रायपुर से विशाखापट्टनम का सफर अब महज 5 घंटे में पूरा होने वाला है. क्योंकि रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर (NH-130CD) का 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. भारतमाला परियोजना के तहत बन रहा यह 465 किलोमीटर लंबा 6-लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बेहद अहम है. क्योंकि यह छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के बीच कनेक्टिविटी को और मजबूत करने वाला है. इस प्रोजेक्ट से मध्य भारत और पूर्वी समुद्री तट के बीच सीधा कनेक्शन जुड़ जाएगा. जिससे वाहनों का आना जाना बेहद आसान हो जाएगा. यह एक्सप्रेसवे रायपुर को विजयनगरम, नबरंगपुर, कोरापुट जैसे जिलों से सीधा कनेक्ट करने वाला है. 16 हजार 482 करोड़ की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट दिसंबर 2026 तक पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. खास बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे दूसरे बड़े एक्सप्रेसवे से कनेक्ट होने की वजह से दिल्ली-आगरा जैसे बड़े शहरों से भी कनेक्ट रहेगा।  रायपुर से विशाखापट्टनम की दूरी घंटों में पूरी अभी रायपुर से विशाखापट्टनम जाने में NH-26 सड़क की दो-लेन से होकर गुजरना पड़ता है. 597 किलोमीटर की यह कुल दूरी तय करने में 12 से 14 घंटे का समय लगता है. लेकिन नए रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे से यह सफर 132 किलोमीटर कम हो जाएगा और दोनों शहरों की कुल दूरी 465 किलोमीटर रह जाएगी. पुराने हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार भी कम रहती थी. लेकिन इस 6 लेन एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रतिघंटे के रफ्तार से दौड़ सकेगी. जिससे रायपुर से विशाखापट्टनम पोर्ट की दूरी महज 5 से 6 घंटे में पूरी कर ली जाएगी।  छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कनेक्शन     छत्तीसगढ़: रायपुर से अभनपुर, धमतरी, कांकेर, और कोंडागांव का कनेक्शन मजबूत होगा.      ओडिशा: यहां से यह एक्सप्रेसवे ओडिशा के नबरंगपुर और कोरापुट को कनेक्ट करता हुआ आगे बढ़ेगा.     आंध्र प्रदेश: विजयनगरम, अराकू घाटी और सबावरम (विशाखापट्टनम) में जाकर कनेक्ट हो जाएगा.  कैसे दिल्ली-आगरा से जुड़ेगा  इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा फायदा यह है कि रायपुर केवल विशाखापट्टनम तक सीमित नहीं रहेगा. बल्कि यह  नेशनल हाईवे नेटवर्क के जरिए यह सीधे तौर पर देश के उत्तर और मध्य हिस्से के बड़े महानगरों को भी जोड़ रहा है. जिसमें NH-30, NH-34, NH-539, NH-44, यमुना एक्सप्रेसवे, ग्वालियर आगरा एक्सप्रेसवे से जुड़कर रायपुर और विशाखापट्टनम को सीधे दिल्ली, आगरा, ग्वालियर जैसे बड़े शहरों से जोड़ देगा.  इसके अलावा यह आंध्र प्रदेश के विजयनगरम में कोलकाता से कन्याकुमारी कॉरिडोर से भी जुड़ेगा, जिससे दक्षिण और पूर्वी भारत के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी मजबूत हो जाएगी।  95 प्रतिशत काम पूरा  रायपुर-विशाखापट्टनम एक्सप्रेसवे का काम 19 चरणों में चल रहा है. जिसका 95 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है. ओडिशा के कोरापुट खंड में 95 प्रतिशत से अधिक का निर्माण पूरा हो चुका है और वर्तमान में आंध्र प्रदेश व छत्तीसगढ़ के हिस्सों में अंतिम चरण की फिनिशिंग और इंटरचेंज बनाने का काम तेजी से जारी है. छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर उदंती वन्यजीव अभयारण्य और पहाड़ी क्षेत्रों के बीच बनाई जा रही 2.79 किलोमीटर लंबी जुड़वां सुरंग का काम भी तेजी से किया जा रहा है. एक तरफ की टनल बनकर तैयार हो चुकी है. जबकि दूसरी तरफ की टनल पर भी काम शुरू हो चुका है।  सितंबर 2026 तक इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. जिस पर तेजी से काम किया जा रहा है. यह एक्सप्रेसवे मध्य भारत और दक्षिण भारत के बीच मजबूत कनेक्शन करने वाला हाईवे साबित होने वाला है। 

नामी कंपनियों में बढ़ी मध्यप्रदेश में उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। जहां निवेश है वहां रोजगार है। मध्यप्रदेश ने निवेशकों का दिल और विश्वास जीता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को सीहोर जिले के बड़ियाखेड़ी में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के शुभारंभ और पहले ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। यह देश में इस प्रकार की सबसे बड़ी इकाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्माष्टमी के पावन अवसर पर लगभग 900 करोड़ की लागत से तैयार हुई सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का लोकार्पण इस सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग अनुकूल नीतियों के कारण देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों में मध्यप्रदेश आकर उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है। हमारा प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। प्रदेश में आ रहीं फैक्ट्रियों में केवल उत्पाद तैयार नहीं होता है, बल्कि इससे रोजगार के अवसरों में वृद्धि और राज्य की समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश जिस गति से विकास की ओर अग्रसर है, उसी गति से मध्यप्रदेश भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए उद्योगों से स्थानीय स्तर पर युवाओं को रोजगार मिलने के साथ ही व्यापार एवं आर्थिक गतिविधियों का विस्तार होता है। औद्योगिक निवेश बढ़ने से प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होती है और सरकार को विकास एवं जनकल्याण के कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होते हैं। राज्य सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक निवेश आए और इसका लाभ उद्योग, रोजगार के साथ समग्र विकास के रूप में मिले। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन मध्यप्रदेश की नई औद्योगिक पहचान बन गए हैं। उद्योग स्थापित करने वाले निवेशकों को हरसंभव सहयोग उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार तत्पर है। राज्य में निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है, जिससे औद्योगिक विकास के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीहोर में देश की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का लोकार्पण ऐतिहासिक अवसर है। देश के ऊर्जा एवं औद्योगिक इको सिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में इस उद्योग की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि अब ’’डाई से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक का निर्माण सीहोर में’’ होने लगा है, जो जिले में बढ़ते औद्योगिक विकास का प्रमाण है। रिकॉर्ड 13 महीने में तैयार हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गत वर्ष अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री प्रारंभ हुई है। देश के इलेक्ट्रिकल इको सिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बड़ी भूमिका निभाएगी। इस इकाई से क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी। सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक सब कुछ तैयार हो रहा है। सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने अपनी 9 दशक की यात्रा में आज मध्यप्रदेश की धरती पर नया मुकाम हासिल किया है। इस यूनिट में हर वर्ष बड़ी संख्या में ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे और 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह जिला पर्यटन के क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है। सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिससे भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा। मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में शामिल होने से सीहोर में औद्योगिक, व्यावसायिक और रोजगार के अवसरों का विस्तार होगा। बेहतर सड़क, परिवहन और अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास से सीहोर का भोपाल के साथ समन्वित विकास होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉम्पटन ग्रीव्स (सीजी) परिवार को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस को आवश्यकतानुसार भूमि उपलब्ध करवाने में जरूरी सहयोग प्रदान किया जाएगा। दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ  अमर कौल ने कहा कि यह हमारी कंपनी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री  मोदी ने जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 13 प्रतिशत है, इसे वर्ष 2035 तक 25 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सीहोर में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में 2 हजार व्यक्तियों को रोजगार मिला है। कंपनी आधुनिक उपकरणों के माध्यम से प्रोडक्शन कर रही है। इस यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी टेस्ट लैब भी तैयार की गई है। यूनिट की जरूरत के लिए 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी। हमारी कंपनी विकसित भारत और समृद्ध मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है। मुख्यमंत्री ने सीजी पावर की इकाई का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सीहोर के बड़ियाखेड़ी औद्योगिक क्षेत्र स्थित सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस लिमिटेड की ट्रांसफॉर्मर निर्माण इकाई का अवलोकन किया। उन्होंने इकाई में ट्रांसफॉर्मर निर्माण की प्रक्रिया, आधुनिक तकनीक और उत्पादन क्षमता की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कंपनी के अधिकारियों से उद्योग के संचालन एवं विस्तार से संबंधित जानकारी प्राप्त करते हुए प्रदेश में बड़े औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अधिक अवसर सृजित करने पर जोर दिया। कार्यक्रम में राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, विधायक  सुदेश राय, विधायक  रमाकांत भार्गव सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कंपनी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

पंजाब में 82 लाख से ज्यादा बैंक खाते निष्क्रिय, ₹3,111 करोड़ फंसे; ऐसे बचाएं अपनी जमा पूंजी

चंडीगढ़  पंजाब के 82.68 लाख बैंक खातों में 3111 करोड़ रुपये ऐसी रकम है, जिसके असली हकदार या तो खातों से दूर हो चुके हैं या फिर उन्हें अपनी जमा राशि की याद ही नहीं रही। लंबे समय तक लेन-देन नहीं होने के कारण इनमें से बड़ी संख्या में खाते निष्क्रिय हो गए और नियमों के तहत बैंकों ने जमा रकम रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) के डिपॉजिटर एंड अवेयरनेस फंड (डीईए) में ट्रांसफर कर दी गई।  हैरानी की बात यह है कि बैंकों की तमाम कोशिशों के बावजूद महज 0.48 फीसदी खाताधारकों तक ही पहुंच बनाई जा सकी और उनकी रकम लौटाई गई। राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की हालिया बैठक में पेश रिपोर्ट ने बैंक खातों में जमा इस लावारिस धन की तस्वीर सामने रखी है। रिपोर्ट के अनुसार बैंकों की तरफ से विशेष अभियान के तहत 39,918 बैंक खातों में 130 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। पंजाब सरकार ने ओडिशा की तर्ज पर सिंगल नोडल अकाउंट तैयार किया है ताकि खातों में जमा राशि के भुगतान में किसी भी तरह की देरी न हो लेकिन बावजूद इसके अधिकतर बैंक इस खाते में राशि जमा नहीं करवा रहे हैं। जानकारी के अनुसार अधिकतर खाते ऐसी परिस्थितियों में निष्क्रिय हुए जब खाताधारक स्थानांतरित हो गए या फिर उनका बैंक बदल गया। समिति के अनुसार बैंक खाताधारकों को ढूंढ रहे हैं जिसके लिए लगातार बैंकों को उचित दिशा-निर्देश जारी किए जा रहे हैं। इस तरह निष्क्रिय हो जाता है खाता जब किसी खाते में दो साल से ज्यादा कोई लेनदेन या गतिविधि नहीं होती है तो उसे निष्क्रिय कर दिया जाता है। वहीं अगर खाता 10 साल से ज्यादा समय तक निष्क्रिय रहता है तो बैंक उस खाते की राशि को आरबीआई के विशेष फंड में जमा करवा देता है। 2.49 लाख खाते निष्क्रिय  रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न बैंकों में इस समय 2.49 लाख बचत खाते निष्क्रिय हैं जिनमें करोड़ों रुपये जमा हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत खुले 33.50 लाख खाते निष्क्रिय हो गए हैं और इनमें 435 करोड़ रुपये जमा हैं। इनमें ज्यादातर ऐसे खाते शामिल हैं जिन्हें लोगों ने न तो अपडेट करवाया और न ही पिछले काफी समय से लेन-देन किया है जिस कारण यह निष्क्रिय हो रहे हैं। निष्क्रिय होने से बचाने के लिए यह सावधानी जरूरी      अपने खाते में कुछ महीनों में एक बार लेन-देन जरूर करें।     नियमित रूप से अपने सभी बैंक खातों की समीक्षा करें, उपयोग में नहीं आने वाले खाते बंद कर दें     बैंकों में संपर्क के लिए अपनी नवीनतम जानकारी अपडेट करवाएं।     पासबुक, नेट बैंकिंग से समय-समय पर खाता जांचें     बैंक के किसी भी अलर्ट और नोटिस को अनदेखा न करें।  

राज्य सरकार प्रभु राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को भव्य तीर्थ बनाकर कर रही जीवंत

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भगवान राम और कृष्ण के नाम से भारत की पहचान दुनियाभर में बनी है। उन्होंने सृष्टि का उद्धार करने के लिए पृथ्वी पर मानव रूप में जन्म लिया। अपने जीवन में अनेकों कष्ट सहे और दुष्टों का संहार कर जनता के लिए सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त किया। भगवान कृष्ण ने कारागार में जन्म लेने के बाद अपनी बाल्यकाल की लीलाओं से आमजन के कई कष्टों को मुस्कुराते हुए दूर किया। उन्होंने विश्व को संदेश दिया कि हमें मुश्किल परिस्थितियों में धैर्य और संयम से काम लेना चाहिए। भगवान कृष्ण ने हमें कष्टों को दूर कर मार्ग निकालने की प्रेरणा दी है। उज्जैन में महर्षि सांदीपनि के आश्रम में कृष्ण ने 64 कला और 14 विद्याएं सीखीं। कृष्ण के जीवन से हम सभी के लिए शिक्षा का महत्व प्रतिपादित होता है। सांदीपनि आश्रम में सुदामा जी के साथ उनकी मित्रता के प्रसंग हर काल में प्रासंगिक हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित कृष्ण जन्माष्टमी आख्यान पर्व के अवसर पर उपस्थित जनों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान कृष्ण के बाल्य स्वरूप लड्डू गोपाल का जलाभिषेक कर विधिवत पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री ने माखन और मिसरी से भरी मटकी फोड़कर राधारानी और बाल गोपाल की वेशभूषा में आए नौनिहालों को माखन खिलाया और उपहार देकर दुलार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेशवासियों को कृष्ण जन्माष्टमी पर्व की शुभकामनाएं दी। मयूर नृत्य, मलखंभ खिलाड़ियों के करतब से दर्शक हुए मंत्रमुग्ध कृष्ण आख्यान की कला अभिव्यक्तियों के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न कला समूहों ने कृष्ण जन्म, कृष्ण लीला, कालिया नाग मर्दन, गोवर्धन लीला, कंस वध, गीता उपदेश सहित कृष्ण के जीवन पर आधारित नृत्य नाटिकाओं का मंचन किया। जबलपुर से आए  जुगलकिशोर नामदेव और उनके साथी कलाकारों ने मयूर नृत्य, ब्रज में आनंद उमंग भयो जय हो नंदलाल की, आज ब्रज में होली रे रसिया, कृष्ण गोबिंद हरे मुरारी जैसे सुमधुर भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिससे मुख्यमंत्री निवास का वातावरण कृष्णमय होकर भक्तिरस से सराबोर हो गया। कार्यक्रम में  भारत सिंह पालीवाल के निर्देशन में उज्जैन से आए खिलाड़ियों ने मलखंभ की प्रस्तुति दी। खिलाड़ियों के अद्भुत करतब देखकर पंडाल में मौजूद सभी दर्शक मंत्रमुग्ध हो गए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मलखंभ खिलाड़ियों के साथ फोटो खिंचवाकर सभी का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव को वैदिक घड़ी भी भेंट की गई। भव्य तीर्थ के रूप में जीवंत हो रहे प्रभु राम और कृष्ण से जुड़े स्थान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार प्रभु राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थानों को भव्य तीर्थ के रूप में विकसित कर जीवंत करने के लिए संकल्पित है। कृष्ण पाथेय में उज्जैन का सांदीपनि आश्रम, जानापाव, महिदपुर सहित अन्य तीर्थ स्थल शामिल हैं। इसी प्रकार से संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से प्रभु राम से जुड़े चित्रकूट धाम को भव्यता के साथ विकसित किया जा रहा है। हमारी सरकार ने सनातन संस्कृति के गौरवशाली अतीत से दुनिया को परिचित कराने के लिए त्यौहार और पर्वों को हर्षोल्लास के साथ व्यापक स्तर पर मनाने की शुरुआत की है। विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के अथक प्रयासों से आज भारत विश्व बंधुत्व का संदेश देते हुए आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है। हमारी संस्कृति अच्छाई बांटने वाली संस्कृति है। हम इसके वैभव को पुन: प्रतिष्ठित करने के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने बताया कि दुनिया के कई देशों पर युद्ध के संकट का साया है, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है। ग्रोथ रेट के मामले में भारत ने अमेरिका, चीन और जापान जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है। भारत सरकार अपने नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और अपने विदेशी रिश्तों को मजबूत करेगी। कृष्ण के चतुर्भुज रूप की शोभा हैं सुदर्शन चक्र और पांचजन्य शंख मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आचार्य सांदीपनि का पहला आश्रम बनारस में था। इसके बाद वे परिवार के साथ उज्जैन आए और यहां विद्यार्थियों को शिक्षा देना प्रारंभ किया। सांदीपनि आश्रम की शिक्षा पद्धति प्रसिद्ध और अद्भुत थी। तत्कालीन समय में गुजरात के प्रभाषपाटण (वर्तमान में द्वारिका) क्षेत्र में जम जाति के आक्रांताओं का आतंक फैला था। जब आचार्य सांदीपनि ने उनके बच्चों को शिक्षा देने के इनकार कर दिया तो आक्रांताओं ने उनके पुत्र को बंधक बना लिया। इसके बाद महर्षि सांदीपनि उज्जैन लौट आए और इस कठिन काल में भी 11 वर्षों तक विद्यार्थियों को शिक्षित करते रहे। भगवान कृष्ण और बलराम ने शिक्षा पूर्ण होने पर मथुरा जाकर जरासंध से युद्ध किया। आचार्य सांदीपनि के बताने पर कृष्ण जानापाव गए और भगवान परशुराम से सुदर्शन चक्र प्राप्त किया। कृष्ण ने तभी निश्चय कर लिया था कि गुरु के बेटे को जम आक्रांताओं से मुक्त कर उन्हें गुरु दक्षिणा के रूप में सकुशल लौटाएंगे। जब कृष्ण युद्ध समाप्त कर लौट रहे थे तो समुद्र से उन्हें पांचजन्य शंख मिला। सुदर्शन चक्र और पांचजन्य शंख भगवान कृष्ण के चतुर्भुज रूप की शोभा हैं। जन्माष्टमी पर्व कार्यक्रम में खेल एवं युवा कल्याण तथा सहकारिता मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मती कृष्णा गौर, विधायक  रामेश्वर शर्मा, पूर्व राज्यपाल  कप्तान सिंह सोलंकी, वरिष्ठ समाजसेवी  रघुनंदन शर्मा, महापौर मती मालती राय,  रविन्द्र यति, मुख्यमंत्री के संस्कृति सलाहकार  राम तिवारी सहित अनेक संत-वृंद , माताएं-बहनें, बाल-गोपाल, मुख्यमंत्री निवास के अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।  

पंजाब के 85 हजार सरकारी कर्मचारियों को राहत, DA 42% से बढ़ाकर 60% करने की सिफारिश

चंडीगढ़  पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है. पंजाब सरकार ने राज्‍य के 85 हजार कर्मचारियों को जन्‍माष्‍टमी का बड़ा तोहफा दिया है. कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब के 85 हजार कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता मिलेगा. अभी इन कर्मचारियों को बेसिक पे यानी मूल वेतन का 42% महंगाई भत्ता दिया जाता है. भगवंत मान सरकार के नए फैसले के मुताबिक, अब 85,000 सरकारी कर्मियों को केंद्र के बराबर यानी मूल वेतन का 60 फीसदी महंगाई भत्ता मिलेगा।    किन 85 हजार कर्मियों को मिलेगा 60%  DA/ महंगाई भत्ता  पंजाब कैबिनेट सब-कमेटी ने साल 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को केंद्र सरकार के बराबर DA देने का प्रस्ताव तैयार किया है, जिसे मान सरकार मंजूरी देने वाली है. कैबिनेट मंत्री ने बताया कि 17 जुलाई 2020 के बाद जितने कर्मी बहाल हुए हैं उन्‍हें केंद्र के पे-स्‍केल पर बहाल किया गया था, लेकिन उन्‍हें राज्‍य के मुताबिक, 42% महंगाई भत्ता ही दिया जा रहा था. इनकी संख्‍या राज्‍य में करीब 85 हजार है. अब इन्‍हें मान सरकार, केंद्र के बराबर यानी 60 फीसदी महंगाई भत्ता देने जा रही है।     चीमा ने यह भी दावा किया कि राज्य अपने कर्मचारियों को देश में सबसे अधिक वेतन देता है। उन्होंने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते को लेकर विपक्षी दलों पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा और सामाजिक सुरक्षा बलजीत कौर के साथ मौजूद चीमा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि पंजाब के कई प्रमुख श्रेणियों के कर्मचारी पहले से ही अधिक वेतन प्राप्त कर रहे हैं।कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने कर्मचारी संगठनों से अपील की कि वे टकराव का रास्ता अपनाने के बजाय सरकार के साथ बातचीत के माध्यम से अपनी बात रखें। उन्होंने कहा, ‘‘कर्मचारी सुशासन की रीढ़ हैं। हम कर्मचारी संगठनों से अपील करते हैं कि वे विपक्षी दलों के राजनीतिक अवसरवाद को समझें, जिन्होंने चुनाव से पहले बिना आवश्यक वित्तीय प्रावधान किए वादे किए थे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के साथ बातचीत की मेज पर सभी लंबित मुद्दों का समाधान करने के लिए तैयार हैं, ताकि कर्मचारियों के हितों की रक्षा हो सके और पंजाब की जनता पर असहनीय वित्तीय बोझ भी न पड़े।’’ मंत्रियों का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पंजाब सरकार ने उच्च न्यायालय के उस आदेश को शीर्ष अदालत में चुनौती दी है, जिसमें राज्य के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का लंबित महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) का बकाया पैसा दो हफ़्ते के अंदर देने को कहा गया था। सरकार की दलील है कि इतने कम समय में कुल 14,191 करोड़ रुपये का बकाया चुकाने का आदेश संवैधानिक रूप से असंभव है। चीमा ने करीब 14,000 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान नहीं किए जाने के लिए पिछली सरकारों को भी जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने अब तक 4,500 करोड़ रुपये के बकाये का भुगतान कर दिया है।सरकारी कर्मचारी, जिन्होंने 27 अगस्त को राज्यव्यापी हड़ताल की थी, लंबित डीए जारी करने समेत अपनी विभिन्न मांगों को स्वीकार करने के लिए राज्य सरकार पर दबाव बना रहे हैं। चीमा ने कहा कि पंजाब के कर्मचारियों का मूल वेतन और डीए मिलाकर मिलने वाली राशि हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे अन्य राज्यों के कर्मचारियों से अधिक है। उन्होंने दावा किया कि गुजरात में सरकारी कर्मचारियों का वेतन पंजाब सरकार के कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन से 28 प्रतिशत कम है।चीमा ने यह भी दावा किया कि राज्य के कुल राजस्व में सरकारी कर्मचारियों के वेतन और पेंशन पर 51 प्रतिशत राशि खर्च होती है, जबकि अन्य राज्यों में यह औसतन 38 प्रतिशत है।उन्होंने पंजाब में क्लर्क, ड्राइवर, शिक्षक और स्टेनोग्राफर के वेतन की तुलना केंद्र सरकार में इन्हीं पदों पर कार्यरत कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन से भी की।उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार अपने कर्मचारियों को केंद्र सरकार की तुलना में अधिक मूल वेतन दे रही है। वित्त मंत्री ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के सत्ता में आने के बाद उसने अपने कर्मचारियों का डीए 28 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत कर दिया।उन्होंने कहा, ‘‘जब आम आदमी पार्टी की सरकार बनी थी, तब कर्मचारियों को 28 प्रतिशत डीए मिल रहा था। हमने इसे अक्टूबर 2022 में बढ़ाकर 34 प्रतिशत, दिसंबर 2023 में 38 प्रतिशत और 2024 में 42 प्रतिशत कर दिया।’’ उन्होंने विपक्षी दलों पर यह दुष्प्रचार फैलाने का आरोप लगाया कि आप सरकार ने अपने कर्मचारियों का बकाया भुगतान नहीं किया है।

दिल्ली-NCR में बारिश का कहर, गरज के साथ तेज बौछारें; IMD ने जारी किया रेड अलर्ट

नई दिल्ली दिल्ली-NCR में मौसम ने शुक्रवार को अचानक करवट ली है. कई इलाकों में तेज गरज के साथ झमाझम बारिश से लोगों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिली है. मौसम विभाग ने राजधानी और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट को बढ़ाकर रेड अलर्ट कर दिया है. मौसम विभाग के इस अलर्ट के बाद दिल्ली और एनसीआर के लोगों को बेहद सतर्क रहने की सलाह दी गई है।  जानकारी के मुताबिक, दिल्ली के कई इलाकों के साथ-साथ नोएडा-ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में भी बारिश हुई है. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. लगातार बारिश की स्थिति में निचले इलाकों में पानी भरने और सड़कों पर यातायात की रफ्तार धीमी पड़ने की संभावना है. हालांकि राहत की बात यह है कि जन्माष्टमी के चलते स्कूल-कॉलेज और तमाम दफ्तरों में छुट्टी होने के चलते सड़कों पर ट्रैफिक का कम दबाव रहेगा।  मौसम विभाग के ताजा अपडेट के मुताबिक, राजधानी के ज्यादातर हिस्सों में मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश (50 से 100 मिमी) होने की आशंका है. बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है. इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंकों की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और बेहद जरूरी होने पर ही बारिश के दौरान बाहर निकलने की सलाह दी है।  राजस्थान से उत्तर प्रदेश तक भी मौसम विभाग का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर मध्य प्रदेश और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर एक अच्छी तरह से चिह्नित निम्न दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. वहीं मानसून की अक्षीय रेखा भी सक्रिय है और यह श्रीगंगानगर से होकर निम्न दबाव वाले क्षेत्र तक गुजर रही है. इसका असर उत्तर भारत के कई हिस्सों में देखने को मिल रहा है।  राजस्थान के पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है. पिछले 24 घंटे में पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई. सवाई माधोपुर के खंडार में सबसे ज्यादा 130 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई. राजस्थान के अलवर, भरतपुर, डीग, दौसा, धौलपुर, जयपुर, सीकर, भीलवाड़ा, अजमेर, करौली, टोंक, बारां, कोटा और झालावाड़ में भी हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई।