samacharsecretary.com

1 से 15 जून तक होंगे कर्मचारियों-अधिकारियों के तबादले, MP कैबिनेट का बड़ा फैसला

भोपाल  मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में मोहन सरकार ने ट्रांसफर पॉलिसी को लेकर बड़ा निर्णय लिया है. इस बैठक में राज्य सरकार की तबादला नीति-2026 को मंजूरी मिल गई है. प्रदेश में राज्य और जिला स्तर पर कर्मचारियों और अधिकारियों को 1 जून से 15 जून तक तबादले किए जाएंगे. सामान्य प्रशासन विभाग (ने ड्राफ्ट तैयार कर मुख्यमंत्री सचिवालय भेजा था. सीएम और मंत्रियों की सहमति के बाद नीति को अंतिम रूप दिया गया. बता दें कि प्रदेश के कर्मचारी और अधिकारी तबादला नीति को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।  तबादला नीति में क्या खास है? नई तबादला नीति के तहत प्रत्येक संवर्ग में अधिकतम 20% अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादले किए जा सकेंगे. इससे बड़े पैमाने पर मनमाने तबादलों पर रोक लगेगी और प्रक्रिया को नियंत्रित रखा जाएगा. जिलों के भीतर होने वाले तबादलों के लिए प्रभारी मंत्री का अनुमोदन अनिवार्य किया गया है. इस नीति के तहत प्रथम श्रेणी (Class‑I) अधिकारियों के तबादले मुख्यमंत्री के अनुमोदन से ही किए जा सकेंगे. वहीं अन्य संवर्गों के अधिकारियों और कर्मचारियों के तबादलों को संबंधित विभागीय मंत्री अनुमोदित कर सकेंगे. यह व्यवस्था वरिष्ठ अधिकारियों के स्थानांतरण में अतिरिक्त सतर्कता सुनिश्चित करेगी. इसमें यह भी स्पष्ट किया गया है कि उन अधिकारियों और कर्मचारियों को पहले प्राथमिकता दी जाएगी, जो एक ही स्थान पर तीन वर्षों से अधिक समय से पदस्थ हैं।  कैबिनेट मंत्री चेतन्य कश्यप ने दी कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी. वहीं कैबिनेट पीएम मोदी को नार्वे और स्वीडन के दिए गए सम्मान के लिए शुभकामनाएं दी।  सरस्वती लोक बनाने की तैयारी धार जिले के भोजशाला परिसर को लेकर उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि धारा के भोजशाला मंदिर को वागदेवीकी प्रतिमा को वापस लाने का प्रयास केंद्र सरकार के माध्यम से की जाएगी. साथ ही यहां सरस्वती लोक बनाने पर भी विचार कर रहे हैं. सीएम ने कहा कि करीब 750 वर्ष पुराने इस धार्मिक विवाद पर न्यायालय ने सकारात्मक और शांतिपूर्ण निर्णय दिया है और राज्य सरकार सभी पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए फैसले का पालन सुनिश्चित करेगी।  उन्होंने बताया कि बीते दिन सीएम जगदलपुर गए थे, जहां केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने बैठक रखी थी. यह बैठक बस्तर में हुई थी. केंद्रीय गृहमंत्री ने एक प्रमुख बिंदु रेखांकित किया हैं. उन्होंने कहा कि कभी नक्सल प्रभावित रहे जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नए योजना बनाने की बात कही हैं।  कैबिनेट बैठक में ई-रिक्शा से पहुंचे मंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इजरायल-ईरान युद्ध के कारण बने वैश्विक हालात को देखते हुए पेट्रोल-डीजल जैसे ईंधन का संयमित उपयोग करने की अपील की थी। पीएम की इस अपील को अनदेखा कर मध्य प्रदेश के नवनियुक्त निगम, मंडल और बोर्ड के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों ने वाहन रैलियां निकालीं, जिसके बाद पूरे देश में एमपी बीजेपी नेताओं की फजीहत हुई। मामले में दिल्ली से केंद्रीय नेतृत्व की फटकार पड़ी तो एमपी बीजेपी ने दो नेताओं पर एक्शन लिया। साथ ही कई नेताओं को हिदायत भी दी गई। वाहन रैलियों को लेकर आलोचना होने के बाद अब संगठन ने सख्ती दिखाई है। इसके बाद मंत्री, विधायक और सांसद भी इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करते नजर आ रहे हैं। मंत्रालय ई-रिक्शा से पहुंचे 2 मंत्री बुधवार को मंत्रालय में हो रही कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए मंत्री गौतम टेटवाल और नारायण सिंह पवार ई-रिक्शा के जरिए पहुंचे। भोपाल के चार इमली में पास-पास रहने वाले दोनों मंत्री एक ही ई-रिक्शा से करीब ढाई किलोमीटर का सफर तय कर मंत्रालय पहुंचे। मंत्रियों के पीछे दूसरे ई-रिक्शा में उनके स्टाफ के लोग पहुंचे, लेकिन जिनके पास पास नहीं थे, उन्हें सुरक्षा कर्मियों ने अंदर नहीं जाने दिया। मंत्रियों के बाद उनके स्टाफ के लोग अलग-अलग गाड़ियों से थोड़ी देर के अंतराल पर मंत्रालय पहुंचे। ये हैं वाहन रैलियां निकालने वाले नेता     सौभाग्य सिंह ठाकुर (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम): पदभार ग्रहण करने के दौरान उज्जैन से भोपाल तक 200 से 700 गाड़ियों का विशाल काफिला निकाला। वीडियो वायरल होने के बाद सीएम डॉ. मोहन यादव ने सख्त एक्शन लिया। कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। साथ ही जांच पूरी होने तक सभी प्रशासनिक और वित्तीय अधिकार तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए।     सज्जन सिंह यादव (जिलाध्यक्ष, किसान मोर्चा भिंड): नियुक्ति के बाद लग्जरी कारों की विशाल वाहन रैली निकालकर शक्ति प्रदर्शन किया था। संगठन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता मानते हुए तत्काल प्रभाव से उनकी नियुक्ति रद्द कर दी।     वीरेंद्र गोयल (अध्यक्ष, सिंगरौली विकास प्राधिकरण): जब पदभार ग्रहण करने पहुंचे, तब उनके समर्थकों ने भी विशाल वाहन रैली निकाली थी। इस रैली के कारण सिंगरौली शहर की सड़कों पर भारी ट्रैफिक जाम लगा था। आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा।     पंकज जोशी (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड): नियुक्ति का जश्न मनाने के लिए विशाल वाहन रैली निकाली थी। काफिले में करीब 100 से ज्यादा गाड़ियां शामिल थीं, जिसे पीएम की ईंधन बचाने की अपील का उल्लंघन माना गया।     सत्येंद्र भूषण सिंह (अध्यक्ष, मध्य प्रदेश लघु उद्योग निगम): नियुक्ति के बाद भोपाल के अवधपुरी स्थित घर से बीजेपी प्रदेश कार्यालय तक ई-रिक्शा से पहुंचे। इसके बाद न्यू मार्केट स्थित कार्यालय में पदभार ग्रहण करने भी ई-रिक्शा से ही पहुंचे। हालांकि भाजपा कार्यालय के बाहर उनके समर्थकों की गाड़ियों की लंबी लाइन नजर आई थी।     राकेश सिंह जादौन (उपाध्यक्ष, मध्य प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड): यह भी प्रदेश बीजेपी कार्यालय पहुंचने के लिए ई-रिक्शा का उपयोग करते नजर आए। हालांकि विदिशा से भोपाल तक वे गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे थे। अब ई-व्हीकल्स और बस से सफर कर रहे नेता प्रद्युम्न सिंह तोमर (ऊर्जा मंत्री): पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर दिखाते हुए उन्होंने अपनी लग्जरी गाड़ी छोड़ दी और ई-स्कूटी (E-Scooter) से मंत्रालय पहुंचे। सीएम हाउस में सत्ता और संगठन की वन-टू-वन मीटिंग में शामिल होने भी वे ई-स्कूटी से ही पहुंचे थे। गौतम टेटवाल (तकनीकी शिक्षा मंत्री): तकनीकी शिक्षा मंत्री गौतम टेटवाल अपने विधानसभा क्षेत्र में सारंगपुर से पचोर तक बस से सफर कर पहुंचे थे। इसके दो दिन बाद वे प्रभारी जिले बड़वानी में भी कलेक्टर जयति सिंह और अधिकारियों के … Read more

शौर्य स्मारक से निकली रैली, ट्विशा मामले में कार्रवाई को लेकर पूर्व सैन्य अधिकारियों का प्रदर्शन

भोपाल  राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर बुधवार को पूर्व सेना अधिकारी और जवान सड़क पर उतर आए। वर्दी वेलफेयर सोसाइटी के नेतृत्व में निकाली गई रैली में बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक शामिल हुए और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। शौर्य स्मारक से शुरू हुई रैली रैली की शुरुआत शौर्य स्मारक से की गई, जहां पूर्व सैनिकों ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद मार्च करते हुए प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री निवास, पुलिस मुख्यालय और राजभवन की ओर बढ़ गए, जहां ज्ञापन सौंपने की तैयारी की गई। पुलिस जांच पर उठे सवाल मंगलवार को ट्विशा शर्मा के पिता, परिजनों और पूर्व सैन्य अधिकारियों ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए थे। उनका आरोप है कि मामले की जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं की जा रही। इसी के विरोध में पूर्व सैनिकों ने बुधवार को प्रदर्शन कर सरकार से न्याय की मांग की। सड़ने लगा है ट्विशा का शव', डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन में भी बड़ा खुलासा ट्विशा का शर्मा का शव 13 मई से भोपाल एम्स में पड़ा हुआ है। परिजन दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। ऐसे में भोपाल पुलिस की ओर से ट्विशा के परिजनों को एक चिट्ठी लिखी गई है, जिसमें कहा गया है कि ट्विशा शर्मा का शव सड़ने लगा है। शव को ज्यादा दिन तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था भोपाल एम्स में नहीं है। परिजनों को भोपाल पुलिस ने लिखी चिट्ठी दरअसल, ट्विशा शर्मा के परिजन ससुराल के लोगों पर लगातार हत्या के आरोप लगा रहे हैं। साथ ही अंतिम संस्कार करने से मना कर रहे हैं। इस बीच भोपाल पुलिस ने ट्विशा शर्मा के माता-पिता को एक चिट्ठी लिखी है। उसमें कहा गया है कि ट्विशा शर्मा का शव लंबे समय से मोर्चरी में रखा है। उसे सड़ने की संभावना ज्यादा है। ऐसे में आपसे अनुरोध किया जाता है कि कृप्या शव को लेने की व्यवस्था करें। -80 डिग्री तापमान की है जरूरत भोपाल पुलिस की चिट्ठी में इस बात का जिक्र है कि अभी शव को भोपाल एम्स में रखा गया है। भोपाल एम्स की मोर्चरी में -4 डिग्री सेल्सियस तापमान है। शव को सड़ने से बचाने के लिए -80 डिग्री सेल्सियस पर रखना जरूरी है। यह सुविधा भोपाल एम्स में उपलब्ध नहीं है। पुलिस के अनुसार ट्विशा शर्मा का पहला पोस्टमार्टम 13 मई को पूरा हो गया था। ऐसे में पुलिस ने कहा है कि हमें दोबारा पोस्टमार्टम पर कोई आपत्ति नहीं है। पिता कर रहे हैं दूसरी जगह पर पोस्टमार्टम की मांग वहीं, ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा लगातार दिल्ली एम्स में पोस्टमार्टम की मांग कर रहे हैं। उन्होंने बुधवार को भी मीडिया से बातचीत में कहा है कि सभी फॉरेंसिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद ट्विशा के पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार शांति और गरिमा के साथ किया जा सकेगा। ये उठ रहे हैं सवाल     पोस्टमार्टम के दौरान भोपाल पुलिस के चूक भी हुई है     पीएम के दौरान पुलिस ने वो बेल्ट डॉक्टरों के सामने नहीं पेशी की, जिससे ट्विशा ने खुदकुशी की     मेडिकल टीम महिला की गर्दन पर मिले लिगेचर निशानों की जांच साइंटीफिक तरीके से नहीं कर पाई     ट्विशा के परिजनों का कहना है कि इससे जांच प्रभावित हुई उलझता जा रहा है मामला इसी लापरवाही की वजह से ट्विशा शर्मा का केस उलझता जा रहा है। उसकी गर्दन पर दो सामानांतर निशान मिले हैं। इससे मामला उलझता दिख रहा है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में भी टाइम मिसमैच है। ससुराल वालों का कहना है कि उसने रात 10 बजे के बाद फांसी लगाई है। वहीं, सीसीटीवी फुटेज में टाइम 7 बजकर 20 मिनट दिख रही है, जिस वक्त ट्विशा छत पर जा रही थी। साइकियाट्रिक ट्रीटमेंट पर थी ट्विशा वहीं, ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने दावा किया था कि उसका इलाज साइकियाट्रिक के पास चल रहा है। डॉक्टर के प्रिस्क्रिप्शन से यह पता चला है कि ट्विशा शर्मा नींद और डिप्रेशन की दवा ले ही थी। 28 अप्रैल से 6 मई तक उसका इलाज चला है। वह एडजसमेंट डिसऑर्डर की शिकार थी। सुसाइड से पहले भी वह डॉक्टर से संपर्क की थी।  

नवा रायपुर अटल नगर बन रहा नए भारत का स्मार्ट चेहरा, विकास और निवेश से बदल रही तस्वीर

नवा रायपुर अटल नगर: विकास, निवेश और आधुनिक भारत का उभरता स्मार्ट शहर नवा रायपुर अटल नगर: उपलब्धियों से नई ऊँचाइयों की ओर रायपुर छत्तीसगढ़ की आधुनिक और योजनाबद्ध राजधानी नवा रायपुर अटल नगर आज देश के सबसे तेजी से विकसित हो रहे स्मार्ट शहरों में शामिल है। सुव्यवस्थित अधोसंरचना, हरित विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, आईटी, पर्यटन और महिला सशक्तिकरण जैसे विविध क्षेत्रों में हुई उल्लेखनीय प्रगति ने नवा रायपुर को भविष्य के भारत का आदर्श शहरी मॉडल बना दिया है। यह केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि निवेश, नवाचार और समावेशी विकास का उभरता हुआ केंद्र है। स्मार्ट अधोसंरचना और शहरी सेवाओं में बड़ी उपलब्धियाँ नवा रायपुर अटल नगर में 52 एमएलडी क्षमता की पाइपलाइन और अत्याधुनिक जल शोधन संयंत्र के माध्यम से पूरे शहर में दीर्घकालिक पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की गई है। इससे वर्तमान आबादी के साथ-साथ नए विकसित हो रहे सेक्टरों की आवश्यकताओं की भी पूर्ति हो सकेगी। वर्षाजल संरक्षण और भूजल पुनर्भरण को बढ़ावा देने के लिए 10.66 किलोमीटर लंबी बायोस्वेल्स, रिचार्ज पिट्स और प्राकृतिक जल निकासी तंत्र विकसित किए गए हैं। इन पहलों ने न केवल जल संरक्षण को मजबूत किया है, बल्कि शहर के पर्यावरणीय संतुलन को भी सुदृढ़ किया है। परिवहन और कनेक्टिविटी को मिला नया आयाम रायपुर-राजिम रेल सेवा का नवा रायपुर के सीबीडी स्टेशन तक विस्तार शहर की कनेक्टिविटी को नई गति प्रदान कर रहा है। महिलाओं की सुरक्षित आवाजाही और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए पिंक ई-रिक्शा सेवा शुरू की गई है। साथ ही, ई-बस संचालन के लिए आवश्यक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो चुका है और सेवा प्रारंभ होने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। यह पहल हरित और टिकाऊ शहरी परिवहन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। शिक्षा के क्षेत्र में विकसित हो रहा एडूसिटी नवा रायपुर के 13 सहकारी विद्यालयों का उन्नयन किया गया है और दो उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को स्मार्ट स्कूल के रूप में विकसित किया गया है। लगभग 200 एकड़ क्षेत्र में एडूसिटी का विकास किया जा रहा है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों जैसे National Institute of Fashion Technology (NIFT), National Institute of Electronics and Information Technology (NIELIT) और National Forensic Sciences University (NFSU), Narsee Monjee को भूमि आवंटित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सेक्टर-7 में 17 एकड़ भूमि पर आवासीय विद्यालय की स्थापना प्रस्तावित है। मेडिसिटी: स्वास्थ्य सेवाओं का नया केंद्र मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगभग 500 एकड़ क्षेत्र में विश्वस्तरीय मेडिसिटी विकसित की जा रही है। यहाँ सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग कॉलेज, डायग्नोस्टिक सेंटर, धर्मशाला, होटल और आवासीय सुविधाएँ विकसित की जाएँगी। इस परियोजना के तहत Bombay Hospital को 300 बिस्तरों वाले सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए भूमि आवंटित की जा चुकी है। साथ ही, लगभग 50 एकड़ भूमि पर आवासीय विकास हेतु निजी निवेशकों को भूखंड आवंटित किए गए हैं, जिनमें लगभग 350 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है। महिला सशक्तिकरण और श्रमिक कल्याण कार्यरत महिलाओं के लिए 1,000 क्षमता वाले वर्किंग वुमन हॉस्टल का निर्माण 109 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह परियोजना महिला सुरक्षा, सुविधा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करेगी। इसके अतिरिक्त, प्रवासी श्रमिकों के लिए 1,100 क्षमता वाला सर्वसुविधायुक्त श्रमिक आवास भवन 40 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जा रहा है। पर्यटन, संस्कृति और MICE गंतव्य के रूप में उभार नवा रायपुर में 77 एकड़ भूमि पर सेवाग्राम तथा सेक्टर-39 में Art of Living Foundation को 40 एकड़ भूमि आवंटित की गई है, जहाँ सांस्कृतिक और सामुदायिक गतिविधियों के बड़े केंद्र विकसित हो रहे हैं। सेक्टर-4 और 10 में लगभग 120 एकड़ क्षेत्र में निजी निवेश के माध्यम से कन्वेंशन सेंटर कम स्पोर्ट्स सिटी विकसित की जा रही है। लगभग 800 करोड़ रुपये की इस परियोजना में विश्वस्तरीय कन्वेंशन सेंटर और टेनिस, तैराकी, कुश्ती, तीरंदाजी तथा स्क्वैश जैसी खेल सुविधाएँ शामिल होंगी। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी का उभरता हब नवा रायपुर में राज्य का पहला SEZ आधारित एआई डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जा रहा है, जिसमें लगभग 4,000 करोड़ रुपये का निजी निवेश अपेक्षित है। यहाँ भारत का पहला GaN तकनीक आधारित सेमीकंडक्टर प्लांट स्थापित करने के लिए भी भूमि आवंटित की गई है। इसके साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) हेतु भारत सरकार से स्वीकृति प्राप्त हुई है, जहाँ PCB प्रोटोटाइपिंग, 3D प्रिंटिंग और EMC टेस्टिंग जैसी आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध होंगी। सीबीडी क्षेत्र में प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर आईटी कंपनियों को सुसज्जित कार्यालय स्थान उपलब्ध कराए गए हैं। वर्तमान में लगभग 1,000 युवा कार्यरत हैं और 2,000 अतिरिक्त रोजगार सृजन की संभावना है। सतत विकास और हरित पहल “पीपल फॉर पीपल” अभियान के अंतर्गत 1 लाख से अधिक पौधे लगाए गए हैं, जिससे शहर के 26 प्रतिशत हरित क्षेत्र को संरक्षित और विस्तारित करने में मदद मिली है। बायोस्वेल्स, रिचार्ज सिस्टम और हरित कॉरिडोर जैसे उपाय नवा रायपुर को पर्यावरण-अनुकूल और जल-संवेदनशील शहर के रूप में स्थापित कर रहे हैं। प्राधिकरण की आगामी कार्ययोजना नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण आने वाले वर्षों में शहर को और अधिक आधुनिक एवं निवेश-आकर्षक बनाने हेतु कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर कार्य कर रहा है: सेरीखेड़ी और मंदिरहसौद क्षेत्र में लगभग 1,100 एकड़ पर 800 करोड़ रुपये की लागत से अधोसंरचना विकास। राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के एकीकृत विकास हेतु विशेष प्राधिकरण गठन। 500 एकड़ में मेडिसिटी और 200 एकड़ में एडूसिटी का विस्तार। नवा रायपुर को IT, ITeS और AI हब के रूप में स्थापित करना। वार्षिक पूंजीगत व्यय क्षमता को 1,000 करोड़ रुपये तक बढ़ाना। वेलनेस सेंटर, वेडिंग डेस्टिनेशन, MICE कैपिटल और पर्यटन परियोजनाओं में निजी निवेश को प्रोत्साहन। प्रभावित ग्राम पंचायतों में ग्राम विकास योजना के आधार पर आधुनिक अधोसंरचना विकास। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का तकनीकी उन्नयन। सार्वजनिक परिवहन को सुदृढ़ करने हेतु 40 नई ई-बसों का संचालन। नई राजधानी, नए भारत की पहचान नवा रायपुर अटल नगर आज योजनाबद्ध विकास, आधुनिक सुविधाओं और सतत शहरीकरण का सशक्त उदाहरण बन चुका है। शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रौद्योगिकी, पर्यटन और हरित विकास के क्षेत्रों में निरंतर प्रगति इसे न केवल छत्तीसगढ़ की नई पहचान बना रही है, बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरक मॉडल के रूप में स्थापित कर रही है। आने वाले वर्षों में नवा रायपुर अटल नगर निश्चित ही भारत … Read more

105 निकाय चुनावों से तय होगी पंजाब की सियासी दिशा, विधानसभा चुनाव से पहले बढ़ी हलचल

चंडीगढ़  पंजाब में विधानसभा चुनाव अगले साल है, लेकिन सियासी दलों ने अपनी-अपनी एक्सरसाइज शुरू कर दी. इससे पहले सियासी दलों की अग्निपरीक्षा निकाय चुनावों में होनी है, जिसके लिए राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है. यही वजह है कि पंजाब में हो रहे स्थानीय निकाय चुनाव को 2027 के विधानसभा चुनाव का सेमीफाइनल माना जा रहा है।   पंजाब की 105 स्थानीय निकायों में चुनाव हो रहे हैं, जहां पर 26 मई को मतदान है.  इन निकाय चुनावों का सीधा असर पंजाब के 117 विधानसभा सीटों में से करीब 90 सीट के सियासी समीकरणों पर पड़ेगा. निकाय चुनावों के नतीजे राजनीतिक दलों के लिए आगामी चुनाव से पहले बहुत कुछ तय कर देंगे।  निकाय चुनाव के जरिए आम आदमी पार्टी अपने सियासी माहौल को बनाए रखने की कवायद करेगी, तो कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल और बीजेपी जैसी पार्टियां अपनी खोई जमीन वापस पाने के लिए बेताब हैं. ऐसे में देखना है कि निकाय चुनाव में क्या किसका दबदबा रहता है?  पंजाब के 105 निकाय के लिए चुनाव  पंजाब के 105 सीटों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जहां पर 26 मई को चुनाव जबकि नतीजे 29 मई को आएंगे. 105 नगर निकाय में 8 नगर निगमों, 76 नगर कौंसिल (नगर पालिका) और 21 नगर पंचायतों में चुनाव है. बठिंडा, मोहाली,होशियारपुर, मोगा, पठानकोट, बटाला, अबोहर और कपूरथला नगर निगम के पार्षद सीटों पर चुनाव है. ऐसे ही नगर पालिका और नगर पंचायत के लिए भी अलग-अलग वार्डों में चुनाव है।  चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 105 नगर निकाय के लिए कुल  10,809 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किए थे. इसमें 713 प्रत्याशियों के नामांकन रद्द कर दिए गए हैं, जिसके बाद  10096 उम्मीदवार ही मैदान में रह गए।  पंजाब के जिन 8 नगर निगमों में चुनाव हो रहे हैं, उसे अलग-अलग वार्डों (सीटों) पर पार्षदों के लिए 2003 उम्मीदवार बचे हैं.  76 नगर कौंसिल की सीटों के लिए 6,887 उम्मीदवार मैदान में है तो 21 नगर पंचायत के लिए मैदान में 1,206 उम्मीदवार किस्मत आजमा रहे हैं.  हालांकि, नामांकन वापस लिए जाने के बाद उम्मीदवारों के अंतिम आंकड़े सामने आ सकेंगे।  2027 चुनाव का सेमीफाइनल  पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव है, जिसके चलते निकाय चुनाव को 2027 के सत्ता का सेमीफाइनल माना जा रहा है. पंजाब का निकाय चुनाव सिर्फ मेयर या पार्षद चुनने का जरिया नहीं है. यह पंजाब की राजनीति का वो थर्मामीटर है, जो यह मापेगा कि सूबे में राजनीतिक हवा किस तरफ बह रही है. निकाय चुनाव के बाद सीधे 2027 के विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में निकाय चुनाव के नतीजों से प्रदेश के सियासी माहौल का पता चल सकेगा।  निकाय चुनाव में मिलने वाली हार जीत को सियासी दल अपने-अपने हिसाब से पेस करेंगे.  निकाय चुनाव सभी दलों के लिए इसलिए अहम हैं, क्योंकि ये चुनाव सीधे तौर पर एक करोड़ से ज्यादा शहरी मतदाताओं से जुड़े हुए हैं. इन चुनावों में 90 विधानसभा क्षेत्रों में पार्टियों का टेस्ट होगा. सभी राजनीतिक दलों ने पूरी ताकत झोंक दी है ताकि चुनाव से पहले जीत मिल सके और उसका फायदा विधानसभा चुनाव में पार्टियों को मिले।  किसके लिए कितना अहम बना चुनाव बीजेपी अब पंजाब में सरकार बनाने का सपना देख रही है, जिसके लिए निकाय चुनाव काफी अहम है. राघव चड्डा सहित आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसदों को बीजेपी ने अपने साथ मिलाने के बाद सियासी समीकरण को साधने की कवायद की है, लेकिन इन नेताओं की पहली अग्निपरीक्षा निकाय चुनाव में होनी है।  वहीं, पंजाब की सत्ता पर काबिज आम आदमी पार्टी के लिए अपने सियासी साख को बचाए रखना के चुनाव माना जा रहा है.  'आप' प्रमुख शहरों के निगमों पर कब्जा बरकरार रखती है, तो 90 विधानसभा सीटों पर उसका कैडर मजबूत होगा. ऐसे में अगर नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे, तो पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ सकता है और विधायकों पर परफॉर्मेंस का दबाव दोगुना हो जाएगा।  कांग्रेस पंजाब में मुख्य विपक्षी दल है. लोकसभा चुनाव में अच्छे प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के हौसले बुलंद हैं. शहरी इलाकों में कांग्रेस का पारंपरिक वोट बैंक रहा है. इन चुनावों में अगर कांग्रेस अच्छा करती है, तो वह 90 विधानसभा सीटों पर खुद को 'आप' के एकमात्र विकल्प के रूप में स्थापित कर लेगी।  वहीं, शिरमणि अकाली दल इस समय अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है, पार्टी के भीतर अंतर्कलह और नेतृत्व संकट जगजाहिर है. अकाली दल के लिए अर्ध-शहरी और कस्बाई इलाकों की सीटें बेहद अहम हैं. इन निकाय चुनावों में अगर अकाली दल खाता खोलने या सम्मानजनक सीटें पाने में नाकाम रहता है, तो कम से कम 40-50 विधानसभा सीटों पर उसका वजूद खतरे में पड़ जाएगा।     

दवा दुकानों की बंदी से बुजुर्गों की चिंता बढ़ी, बोले- पत्नी को दवा नहीं मिली तो तबीयत बिगड़ जाएगी

भोपाल  मध्य प्रदेश में 41  हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद, दवा व्यापार पर बड़ा असर Bhopal में देशभर के केमिस्टों की ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में हड़ताल का असर देखने को मिला है. ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिसमें लाखों केमिस्ट, फार्मासिस्ट और दवा वितरक शामिल हुए. मध्य प्रदेश में भी लगभग 41 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर बंद रहे. भोपाल केमिस्ट एसोसिएशन के अनुसार ऑनलाइन दवा व्यापार ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट का उल्लंघन है और इससे आम जनता के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. केमिस्टों ने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना फार्मासिस्ट निगरानी के दवाओं की सप्लाई कर रहे हैं, जिससे नकली और गलत दवाओं के वितरण की आशंका बढ़ जाती है. साथ ही भारी छूट और कम कीमत की वजह से छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोर्स आर्थिक संकट में हैं. दवा विक्रेताओं ने GSR 220(E) और GSR 817(E)/870(E) जैसे प्रावधानों का विरोध करते हुए ऑनलाइन दवा व्यापार को तुरंत नियंत्रित करने की मांग की है।  अकेले भोपाल में 3 हजार से ज्यादा मेडिकल स्टोर्स इस बंद में शामिल हैं। सिर्फ अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को ही खुला रखा गया है। यह बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) की ओर से ऑनलाइन दवा बिक्री के विरोध में बुलाया गया है। आईओएसीएडी को जनरल सेक्रेटरी राजीव सिंघल ने बताया कि प्रदेश के सभी रिटेल और थोक दवा व्यवसायियों ने इस बंद का समर्थन किया है। यह मुद्दा सीधे आम लोगों की सेहत से जुड़ा है। घर-घर पहुंच रही ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता और निगरानी को लेकर अभी स्पष्ट सिस्टम नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है। हड़ताल से मरीज परेशान, दवा नहीं मिलने पर बुजुर्ग भटकते रहे ग्वालियर के दवा बाजार में दवा लेने पहुंचे बुजुर्ग हरिओम कश्यप ने बताया कि वह अपनी 75 साल की पत्नी के लिए दवा लेने आए थे, लेकिन बाजार बंद होने के कारण उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी देर भटकने पर भी उन्हें दवा नहीं मिलीं। उन्होंने कहा कि जिस दवा के लिए वह आए हैं, वह उनकी पत्नी के लिए बेहद जरूरी है। समय पर दवा नहीं मिलने से उनकी तबीयत और बिगड़ सकती है। अस्पतालों के मेडिकल स्टोर्स बंद से मुक्त     अस्पतालों के अंदर संचालित मेडिकल स्टोर्स को बंद से मुक्त रखा गया है, ताकि मरीजों को कोई परेशानी न हो।     इमरजेंसी मरीजों के लिए जिला स्तर पर टास्क फोर्स बनाई गई है। संपर्क के लिए नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर कॉल कर मरीज दवा की मांग कर सकते हैं। टास्क फोर्स जरूरतमंदों तक दवाएं पहुंचाने का काम करेगी कोविड-19 के दौरान सरकार ने ई-फार्मा को छूट दी कोविड-19 महामारी के दौरान, भारत सरकार ने लॉकडाउन में लोगों तक जरूरी दवाइयां पहुंचाने के लिए ई-फार्मा स्टोर्स (ऑनलाइन मेडिकल स्टोर्स) को कई बड़ी रियायतें दी थीं। सरकार ने ई-फार्मा को आवश्यक सेवा का दर्जा दिया, जिससे लॉकडाउन में भी उनकी डिलीवरी बिना रोक-टोक जारी रही। इसके अलावा, नियमों में ढील देते हुए डॉक्टरों के डिजिटल प्रिसक्रिप्शन (व्हाट्सएप या ईमेल पर भेजी गई पर्ची) के आधार पर दवाइयां बेचने की मंजूरी दी गई। घर-घर जाकर दवाइयां पहुंचाने की प्रक्रियाओं को आसान बनाया गया ताकि लोग अस्पतालों या मेडिकल स्टोर पर भीड़ लगाने के बजाय सुरक्षित तरीके से घर बैठे ही अपनी रेगुलर और जरूरी दवाइयां मंगा सकें।

लुधियाना सहित पूरे पंजाब में मेडिकल स्टोर बंद, मरीजों को अस्पतालों का सहारा

लुधियाना. लुधियाना में बुधवार को केमिस्टों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। शहर के अधिकांश मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिससे आम लोगों और मरीजों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही शहर के विभिन्न इलाकों में दवा दुकानों के शटर गिरे दिखाई दिए और दवाइयां खरीदने पहुंचे लोगों को निराश होकर लौटना पड़ा। सबसे अधिक परेशानी उन मरीजों को हुई जिन्हें रोजाना नियमित दवाइयों की आवश्यकता रहती है। कई बुजुर्ग मरीज और उनके परिजन एक मेडिकल स्टोर से दूसरे मेडिकल स्टोर तक भटकते दिखाई दिए। कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें काफी दूर तक जाकर खुली दवा दुकानों की तलाश करनी पड़ी। केमिस्ट संगठनों का कहना है कि उनकी कई मांगें लंबे समय से लंबित हैं और संबंधित विभागों द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। इसी के विरोध में यह हड़ताल की गई। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जा सकता है। सिविल अस्पताल के अंदर खुली दुकानें हालांकि राहत की बात यह रही कि सिविल अस्पताल और सीएमसी अस्पताल के भीतर संचालित फार्मेसियां खुली रहीं। वहां मरीजों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाई जाती रहीं। अस्पतालों में भर्ती मरीजों और बाह्य रोगी विभाग में आने वाले लोगों को इससे काफी राहत मिली। अस्पताल प्रशासन की ओर से भी दवाइयों की उपलब्धता बनाए रखने के प्रयास किए गए, ताकि मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो। मोगा में ऑनलाइन दवा नीति के खिलाफ केमिस्टों का हल्लाबोल – ऑल इंडिया आर्गेनाइजेशन ऑफ कैमिस्ट एंड ड्रगिस्ट की ओर से घोषित देशव्यापी हड़ताल के दौरान बुधवार को मोगा डिस्टिक केमिस्ट एसोसिएशन के बैनर तले जिले की करीब 800 होलसेल व रिटेल दवा दुकानें बंद रखी गई। हड़ताल को लेकर जिले भर के केमिस्ट मोगा के सिविल अस्पताल के बाहर एकत्रित हुए इस दौरान सभी ने केंद्र सरकार की गलत पॉलिसी और पंजाब सरकार के नियमों में बदलाव न करने के चलते रोष जताया। इस दौरान सिविल अस्पताल में दवाई लेने वाले आए मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस दौरान मोगा डिस्ट्रिक्ट कैमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद व संजीव कुमार मिन्ना ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से चलाई गई ऑनलाइन स्कीम योजना उनके कारोबार के लिए एक बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है, क्योंकि कोविड़ काल के दौरान केंद्र सरकार ने ऑनलाइन दवाई सप्लाई करने को लेकर प्रस्ताव पारित किया था। कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा लेकिन कोविड़ खत्म होने के बाद उस प्रस्ताव को रद नहीं किया गया। जिसके कारण उनका कारोबार बहुत हद तक प्रभावित हो रहा है। उन्होंने बताया कि बड़ी कंपनियां ऑनलाइन माध्यम से दवाइयां 40 प्रतिशत तक कम कीमत पर बेच रही हैं, जिससे स्थानीय मेडिकल स्टोर और दवा सप्लायरों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। हड़ताल के दौरान एसोसिएशन के प्रधान राजीव गर्ग ,दीपक कुमार दीपू सचिव नवीन सूद बताया कि ऑनलाइन कंपनियों को ज्यादा कमीशन दिया जाता है। इससे छोटे दुकानदार आर्थिक दबाव में आ गए हैं। यही नही ड्रग विभाग की गाइडलाइन बहुत सख्त है ऑनलाइन की आड़ में प्रतिबंधित दवाइया सप्लाई की जा रही हैं। लेकिन ऑनलाइन सप्लाई करने वाले कारोबारी पर कोई भी कार्रवाई नहीं होती है। अगर लोकल केमिस्ट कोई प्रतिबंधित दवाई बेचता है तो उसके खिलाफ ड्रग विभाग कार्रवाई कर देता है। इस मौके पर समस्त एग्जीक्यूटिव के सदस्य मौजूद थे।

मोदी- मेलोनी की दोस्ती फिर चर्चा में, डिनर डेट के बाद साथ देखा रोम का ऐतिहासिक कोलोसियम

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के अहम कूटनीतिक दौरे के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को इटली की राजधानी रोम पहुंचे। रोम पहुंचने पर इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने बेहद खास अंदाज में उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं ने डिनर के बाद रोम के ऐतिहासिक 'कोलोसियम' का एक साथ दौरा किया है। इसके बाद, सोशल मीडिया पर एक बार फिर 'मेलोडी' (Meloni+Modi = Melodi) ट्रेंड कर रहा है। तस्वीरों में 'मेलोडी' का खास अंदाज पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इन तस्वीरों को शेयर किया है। इन खास तस्वीरों में भारत-इटली की मजबूत होती दोस्ती और दोनों नेताओं के बीच की सहजता साफ देखी जा सकती है। पहली दो तस्वीरों में पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी एक बालकनी से रोम शहर के खूबसूरत नजारों को निहारते और गहरी बातचीत करते नजर आ रहे हैं। इस दौरान पीएम मोदी अपने चिर-परिचित नीले रंग के लिबास में हैं, जबकि मेलोनी पीच रंग के खूबसूरत और सौम्य परिधान में हैं। एक तस्वीर में दोनों नेता कार की पिछली सीट पर बैठे हैं और कैमरे की तरफ देखकर मुस्कुरा रहे हैं। यह तस्वीर दोनों के बीच की बेहतरीन व्यक्तिगत बॉन्डिंग को दर्शाती है। कोलोसियम का ऐतिहासिक नजारा: एक अन्य तस्वीर रात के समय की है, जहां दोनों नेता रोम की सबसे भव्य और प्राचीन इमारत 'कोलोसियम' के सामने खड़े होकर पोज दे रहे हैं। पीएम मोदी ने क्या कहा? प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा करते हुए लिखा, "रोम में उतरने के बाद, मुझे प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ रात्रिभोज पर मिलने का अवसर मिला, जिसके बाद मैंने मशहूर कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने विचार साझा किए। आज होने वाली हमारी बातचीत का मुझे बेसब्री से इंतजार है, जिसमें हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत बनाने के विषय पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे।" मेलोनी ने क्या कहा? जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोम पहुंचने पर उनका स्वागत किया। उन्होंने एक्स पर पीएम मोदी के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, “वेलकम टू रोम, माय फ्रेंड!" पहले भी वायरल हुईं मोदी-मेलोनी की तस्वीरें यह पहला मौका नहीं है जब पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोरी हों। इससे पहले साल 2023 में दुबई में हुए COP28 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी की 'Good friends at COP28' वाली सेल्फी काफी वायरल हुई थी। वहीं, साल 2024 में इटली के अपुलिया में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान 'मेलोडी टीम की तरफ से हैलो' वीडियो ने भी दुनियाभर में चर्चा बटोरी थी। दोनों नेताओं की यह आठवीं मुलाकात विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, साल 2023 के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच यह आठवीं मुलाकात है। मार्च 2023 में मेलोनी की भारत यात्रा और जी-20 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी ने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी थी।   पीएम मोदी और मेलोनी का संदेश इन पलों को शेयर करते हुए पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "रोम में उतरने के बाद, प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ डिनर पर मुलाकात का अवसर मिला, जिसके बाद ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा किया। हमने कई विषयों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए। आज होने वाली हमारी वार्ता को लेकर उत्सुक हूं, जहां हम भारत-इटली की दोस्ती को और मजबूत करने के तरीकों पर अपनी चर्चा जारी रखेंगे। वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने भी पीएम मोदी के साथ की तस्वीर साझा करते हुए गर्मजोशी से लिखा- रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त! इस मुलाकात का एक वीडियो भी सामने आया है जहां पीएम मेलोनी पीएम मोदी को रोम शहर के बारे में बता रही हैं। आज की द्विपक्षीय वार्ता का मुख्य एजेंडा यह यात्रा केवल इन शानदार तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए मुकाम पर ले जाने का एक बड़ा अवसर है। ताज़ा जानकारियों के अनुसार, आज होने वाली आधिकारिक मुलाकातों के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: रणनीतिक साझेदारी (2025-2029): दोनों देश 'जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान 2025-2029' की समीक्षा करेंगे। इसके तहत व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ाया जाएगा। (आंकड़ों के अनुसार, साल 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 16.77 बिलियन डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है)। IMEC पर जोर: इस द्विपक्षीय वार्ता में 'भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे' (IMEC) को लेकर विशेष चर्चा होने की उम्मीद है। FAO मुख्यालय का दौरा: पीएम मोदी संयुक्त राष्ट्र के 'खाद्य और कृषि संगठन' (FAO) के मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जो वैश्विक खाद्य सुरक्षा और बहुपक्षवाद के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। राष्ट्रपति से मुलाकात: पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भी मुलाकात करेंगे। प्रवासी भारतीयों द्वारा भव्य स्वागत रोम पहुंचने पर पीएम मोदी का भारतीय समुदाय ने बेहद शानदार स्वागत किया। इस दौरान इतालवी कलाकारों ने भारतीय शास्त्रीय संगीत (राग हंसध्वनि) और कथक नृत्य प्रस्तुत किया। पीएम मोदी ने बच्चों को ऑटोग्राफ दिए, वाराणसी के घाटों की एक पेंटिंग देखी और भारतीय मूल के लोगों से खास बातचीत की। इसके अलावा, उन्होंने 'सनातन धर्म संघ' की इटली में आधिकारिक मान्यता को लेकर आध्यात्मिक गुरुओं से भी मुलाकात की। यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के सफल दौरे के बाद, इटली में पीएम मोदी का यह स्वागत भारत की मजबूत होती वैश्विक पकड़ और इटली के साथ गहरी होती साझेदारी का एक स्पष्ट संकेत है। इन तस्वीरों ने कूटनीति के साथ-साथ दो वैश्विक नेताओं की व्यक्तिगत दोस्ती को भी बखूबी बयां किया है।

स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर एक्शन मोड में उप मुख्यमंत्री शुक्ल, विकास कार्यों की की बड़ी समीक्षा

स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने की वृहद समीक्षा निर्माण कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने के निर्देश भोपाल  उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने मंत्रालय में मध्यप्रदेश भवन विकास निगम (एमपी बीडीसी) द्वारा निर्माणाधीन स्वास्थ्य अधोसंरचना विकास कार्यों की वृहद समीक्षा की। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सहित अन्य स्वास्थ्य संस्थाओं के उन्नयन, सुदृढ़ीकरण एवं नवनिर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक, तकनीकी एवं आर्थिक विषयों को तत्काल अग्रेषित किया जाए, ताकि उनका शीघ्र निराकरण कर आमजन को स्वास्थ्य सेवाओं का त्वरित लाभ उपलब्ध कराया जा सके। स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने के लिए स्वीकृत परियोजनाओं में तेजी से कार्य किया जा रहा है। विभिन्न योजनाओं अंतर्गत परियोजनाओं की प्रगति, तकनीकी स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्यों की उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने वृहद समीक्षा की। राज्य एवं केंद्र मद की राशि ₹446 करोड़ 50 लाख लागत की कुल 24 में तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, निविदा, कार्यादेश एवं निर्माण कार्य प्रारंभ हो चुके हैं। कार्य में 32.2 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। 4 परियोजनाएं पूर्ण हो चुकी हैं। 8 परियोजनाएं मई, 7 जुलाई एवं 2 परियोजनाएं अगस्त-अक्टूबर तक पूर्ण होने की संभावना है। एनएचएम/ईसीआरपी/पीएम-अभिम योजना अंतर्गत कुल 51 परियोजनाएं स्वीकृत हैं। इनमें 49 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 49 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। 15 परियोजनाएं नवंबर-दिसंबर तक पूर्ण होने की संभावना है। समीक्षा के दौरान बताया गया कि धार स्थित सीसीएचबी परियोजना भूमि आवंटन, मैहर जिला अस्पताल हेतु भूमि अभी अंतिम रूप से निर्धारित नहीं हुई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने स्थानीय प्रशासन से संपर्क में रहकर शीघ्र कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। चिकित्सा शिक्षा अंतर्गत राज्य मद की कुल 17 परियोजनाएं स्वीकृत हैं, जिनकी प्रशासकीय स्वीकृति राशि ₹2 हजार 780 करोड़ 2 लाख है। इनमें 15 परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति, निविदा एवं कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं तथा 15 परियोजनाओं में कार्य प्रारंभ हो चुका है। कार्य में 76.28 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है।सिंगरौली नर्सिंग कॉलेज के लिए भूमि आवंटन, मंडला नर्सिंग कॉलेज के शीघ्र डीपीआर तैयार करने के उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने निर्देश दिए। कुल ₹4 हजार 293 करोड़ लागत की 92 परियोजनाओं में अब तक कुल 67.59 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है। बुधनी, जिला सीहोर में नवीन मेडिकल कॉलेज एवं 500 बिस्तरीय अस्पताल निर्माण परियोजना ₹714.91 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन है। परियोजना में 88.44 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उज्जैन में मेडिकल कॉलेज निर्माण एवं विकास कार्य ₹592.30 करोड़ की लागत से संचालित किया जा रहा है। परियोजना में 42.86 प्रतिशत कार्य किया जा चुका है। इंदौर में महाराजा यशवंतराव चिकित्सालय में उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य ₹773.07 करोड़ की लागत से किए जा रहे हैं। रीवा स्थित श्यामशाह मेडिकल कॉलेज में ओपीडी ब्लॉक, मैटरनिटी ब्लॉक, स्टाफ क्वार्टर, नर्सिंग कॉलेज एवं हॉस्टल सहित संबद्ध निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य ₹321.94 करोड़ की लागत से प्रगति पर हैं।मंडला में नवीन मेडिकल कॉलेज निर्माण परियोजना ₹249.63 करोड़ की लागत से संचालित की जा रही है। परियोजना में 42 प्रतिशत भौतिक प्रगति दर्ज की गई है। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने समीक्षा के दौरान निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रशासन एवं विभागीय अधिकारियों को निर्माण एजेंसियों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने तथा सभी परियोजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक में आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा धनराजू एस, एमडी एमपीबीडीसी सिबी चक्रवर्ती, एमडी एमपीपीएचएससीएल मयंक अग्रवाल सहित विभागीय अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

एमपी में सूरज का कहर जारी, आसमान से बरस रहे अंगारे; कई जिलों में लू का रेड अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में इन दिनों सूरज के सख्त तेवर और लू के थपेड़ों का सितम जारी है. मंगलवार को प्रदेश में पारा 47 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. इस सीजन में पहली बार अधिकतम तापमान 47 डिग्री पर पहुंचा. इस बीच मौसम विभाग ने अगले 4 दिनों तक हीटवेव की चेतावनी जारी की है. IMD के अनुसार, बुधवार को भी मौसम बेहद गर्म रहने वाला है, जिससे स्थिति और बिगड़ने वाली है।  लू के थपेड़े से परेशान लोग एमपी में सुबह से निकली तेज धूप ने दोपहर तक आग बरसने जैसा एहसास करा रहा है. वहीं लू के थपेड़ों ने लोगों को बेहाल कर दिया है. सड़कों पर निकलने वाले लोग चेहरे को कपड़े से ढककर चलते नजर आ रहे हैं. राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर समेत कई शहरों के बाजार दोपहर में सूने पड़ गए हैं।  गर्मी की वजह से दोपहर के समय में शहर के बाजारों और चौराहों पर आवाजाही कम हो गई है. जरूरी काम से ही लोग घर से बाहर निकल रहे हैं. हालांकि ठंडे पेय, नींबू पानी और गन्ने के रस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई।  MP के इन शहरों में आज तीव्र लू का अलर्ट मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश भिंड, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़, सतना, रीवा, मऊगंज, दमोह, सीधी, सिंगरौली, सागर, रायसेन और रतलाम में तीव्र लू का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. वहीं राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, नीमच, मंदसौर, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी, श्योपुर, मुरैना, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, खरगोन, शाजापुर, विदिशा, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, मंडला, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, सीहोर, शहडोल और मैहर में लू चलने का अलर्ट है. बैतूल, पांढुर्णा, अनूपपुर और सिवनी में भी भीषण गर्मी का दौर रहेगा. इसके अलावा उमरिया, डिंडौरी, बालाघाट, राजगढ़, रायसेन, कटनी और छिंदवाड़ा में वॉर्म नाइट घोषित किया गया है।  47 डिग्री पहुंचा पारा मंगलवार को छतरपुर के नौगांव सबसे गर्म रहा. यहां टेम्परेचर रिकॉर्ड 47 डिग्री दर्ज किया गया. वहीं खजुराहो में तापमान 46.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया. दतिया में तापमान 45.8 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा राजगढ़ में पारा 45.6 डिग्री सेल्सियस, दमोह में 45.5 डिग्री सेल्सियस, शाजापुर, टीकमगढ़, गुना-सागर में तापमान 45.2 डिग्री सेल्सियस, सतना में 45.1 डिग्री सेल्सियस, मुरैना, शहडोल, रायसेन, रीवा-श्योपुर में 45 डिग्री, मंडला में 44.6 डिग्री सेल्सियस, उमरिया में 44.5 डिग्री, खरगोन में 44.4 डिग्री सेल्सियस, रतलाम में 44.2 डिग्री सेल्सियस और खंडवा में 44.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  इधर, ग्वालियर में तापमान 45 डिग्री पहुंच गया है. राजधानी भोपाल में पारा 44.2 डिग्री, इंदौर में तापमान 43.7 डिग्री सेल्सियस, उज्जैन में 43.8 डिग्री सेल्सियस और जबलपुर में पारा 44.6 डिग्री दर्ज किया गया।   मौसम विभाग ने गर्मी से बचने के लिए कुछ स्वास्थ्य सुझाव दिए हैं..     दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर को हाइड्रेट रखें.     धूप के सबसे गर्म घंटों (12 से 3 बजे) के दौरान बाहर जाने से बचें. यात्रा करते समय अपने साथ पानी जरूर रखें.     ओआरएस, छाछ की एवं पेय पदार्थ, ताजे फल (तरबूज, खीरा), नींबू पानी, मौसमी फल सेवन करें, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं.     गर्मी के समय बाहर निकलते के वक्त सिर को ढककर रखें और सूती कपड़े पहनने से बचें की सलाह दी जाती है.     छोटे बच्चों, बुजुर्गों एवं गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखें, उन्हें धूप से बचें.     बुखार एवं दस्त (डायरिया) होने पर लापरवाही न बरतें, शरीर गर्म होने पर डॉक्टर से संपर्क करें.     खेत, खदान और बाहर काम करने वाले श्रमिक दोपहर में धूप में काम करने से बचें.     भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और स्थानीय अधिकारियों की अधिकृत सूचना से अपडेट रहें.

PM मोदी और मेलोनी ने साथ बिताया खास वक्त, डिनर और कोलोसियम विजिट ने बढ़ाई दोस्ती की चर्चा

 नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को इटली पहुंचे। रोम पहुंचने के बाद उन्हें PM जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। PM मोदी ने X पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं ने साथ में डिनर भी किया। इस दौरान कई अहम मुद्दों पर बातचीत की। इसके बाद मोदी और मेलोनी ने रोम के ऐतिहासिक कोलोसियम का दौरा भी किया। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया पर मोदी के साथ तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, ‘वेलकम टु रोम, माय फ्रेंड।’ PM मोदी ने कहा कि आज होने वाली औपचारिक बातचीत में भारत-इटली दोस्ती को और मजबूत करने पर चर्चा जारी रहेगी। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, निवेश, एडवांस टेक्नोलॉजी और वैश्विक मुद्दों पर बातचीत होने की संभावना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मोदी इटली में कई अहम कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। इस दौरान वे इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला से भी मुलाकात करेंगे। अपनी पांच देशों की यात्रा के आखिरी पड़ाव पर मंगलवार को वह रोम पहुंचे, जहां इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया. मेलोनी ने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री के साथ तस्वीर साझा करते हुए लिखा, "Welcome my friend ." दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी और इटली पीएम मेलोनी की मुलाकातें औपचारिक कूटनीतिक मुलाकातों से कहीं ज्यादा अहमीयत रखता है. पिछले कुछ वर्षों में दोनों नेताओं ने भारत-इटली संबंधों को एक नई दिशा दी है. कभी सीमित व्यापारिक रिश्तों तक सिमटे दोनों देशों के संबंध अब रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, AI और ग्लोबल सप्लाई चेन जैसे बड़े रणनीतिक मुद्दों तक पहुंच चुके हैं।  प्रधानमंत्री मोदी रोम पहुंचते ही अपना एजेंडा भी बताया. उन्होंने एक एक्स पोस्ट में बताया, "इस दौरे में भारत और इटली के बीच सहयोग को कैसे मजबूत किया जाए, इस पर फोकस किया जाएगा, जिसमें इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) पर खास ध्यान दिया जाएगा।  मोदी-मेलोनी की पहली मुलाकात बाली में इस नई साझेदारी की शुरुआत नवंबर 2022 में इंडोनेशिया के बाली में हुए G20 शिखर सम्मेलन से मानी जाती है. उस वक्त मेलोनी हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री बनी थीं. दोनों नेताओं की पहली मुलाकात में यह साफ हो गया था कि भारत और इटली नए दौर की शुरुआत करना चाहते हैं. इसी बैठक में ग्रीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और इटैलियन मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों की भारत में भागीदारी बढ़ाने पर सहमति बनी।  भारत-इटली में स्ट्रेटेजिक पार्टनर्शिप इसके बाद मार्च 2023 में मेलोनी भारत आईं और रायसीना डायलॉग में चीफ गेस्ट बनीं. यही वह मोड़ था जहां दोनों देशों के रिश्तों को आधिकारिक तौर पर "स्ट्रेटेजिक पार्टनर्शिप" का दर्जा मिला. इस दौरान रक्षा सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर हुए. इसके तहत दोनों देशों ने संयुक्त सैन्य अभ्यास, सिक्योर इंटेलिजेंस शेयरिंग और आतंकवाद विरोधी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई. इटली की बड़ी रक्षा कंपनियों को भारत में सैन्य उपकरणों के को-प्रोडक्शन का रास्ता भी खुला।  भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर का हिस्सा इटली सितंबर 2023 में नई दिल्ली में हुए G20 सम्मेलन के दौरान दोनों देशों के रिश्ते एक और स्तर ऊपर पहुंच गए. इटली भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर यानी IMEC का हिस्सा बना. इस कॉरिडोर का मकसद भारत को यूरोप से जोड़ने वाला नया व्यापारिक और समुद्री नेटवर्क तैयार करना है. इसी दौरान माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप एग्रीमेंट भी फाइनल हुआ, जिससे भारतीय छात्रों, रिसर्चर्स और स्किल्ड प्रोफेशनल्स के लिए इटली में अवसर बढ़े।  AI, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स पर करार जून 2024 में इटली में आयोजित G7 सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी की फिर मुलाकात हुई. यहां बातचीत का फोकस भविष्य की टेक्नोलॉजी पर रहा. दोनों देशों ने AI, स्पेस टेक्नोलॉजी, क्रिटिकल मिनरल्स, टेलीकॉम और क्लीन एनर्जी सप्लाई चेन को लेकर सहयोग बढ़ाने का फैसला किया. साथ ही इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी राइट्स यानी पेटेंट और डिजाइन से जुड़े समझौतों पर भी हस्ताक्षर हुए।  जी-20 में मेलोनी-मोदी की मुलाकात इसके बाद नवंबर 2024 में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में हुए G20 सम्मेलन में दोनों देशों ने 2025-2029 के लिए फाइव ईयर जॉइंट स्ट्रैटेजिक एक्शन प्लान लॉन्च किया. यह अब तक का सबसे बड़ा रोडमैप माना गया, जिसमें रक्षा, टेक्नोलॉजी, ऊर्जा, शिक्षा, व्यापार और वैश्विक सहयोग समेत 10 बड़े सेक्टर शामिल किए गए।  नवंबर 2025 में साउथ अफ्रीका के जोहोन्सबर्ग में हुए G20 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री मेलोनी की मुलाकात में आतंकवाद के खिलाफ एक बेहद अहम समझौता हुआ. दोनों देशों ने "इंडिया-इटली जॉइंट इनीशियेटिव टू काउंटर फाइनेंसिंग ऑफ टेररिज्म" लॉन्च किया, जिसका मकसद आतंकवादी संगठनों की फंडिंग पर लगाम लगाना था।  दिल्ली में हुए हाई-प्रोफाइल आतंकी हमले के बाद मेलोनी ने भारत के साथ खुलकर एकजुटता दिखाई थी. इस पहल के तहत दोनों देशों ने आतंकियों को मिलने वाली अवैध फंडिंग और क्रॉस-बॉर्डर वित्तीय नेटवर्क को रोकने, संदिग्ध ट्रांजैक्शन पर निगरानी बढ़ाने और एफएटीएफ और ग्लोबल काउंटरटेररिज्म फोरम जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी तालमेल मजबूत करने पर सहमति जताई।  "इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर" पर करार अब मई 2026 में प्रधानमंत्री मोदी की यह रोम यात्रा दोनों देशों के रिश्तों को और गहरा करने वाली मानी जा रही है. इस दौरान "इंडो-मेडिटेरेनियन कॉरिडोर" की अवधारणा को औपचारिक रूप दिया गया है. इसका मकसद हिंद महासागर से लेकर यूरोप तक समुद्री व्यापार और रणनीतिक कनेक्टिविटी को मजबूत करना है. साथ ही AI को लेकर भी बड़ा समझौता हुआ है, जिसमें इटली के "एल्गोर-एथिक्स" मॉडल और भारत की "ह्युमन सेंट्रिक एआई" सोच को साथ लाने की कोशिश की गई है।  विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत और इटली की यह बढ़ती नजदीकी सिर्फ दो देशों के रिश्तों की कहानी नहीं है, बल्कि बदलती वैश्विक राजनीति का संकेत भी है. एक तरफ भारत यूरोप में अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत करना चाहता है, वहीं इटली एशिया में भारत को एक भरोसेमंद और स्थिर साझेदार के रूप में देखता है।