samacharsecretary.com

माता मंदिर में ऊर्जा मंत्री तोमर की जन चौपाल, पौधरोपण और स्वच्छता अभियान से दिया खास संदेश

माता मंदिर में रात्रि विश्राम के दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने लगाई जन चौपाल एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत किया पौध-रोपण झाड़ू लगाकर दिया स्वच्छता का संदेश ग्वालियर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में चल रहे महाअभियान के तहत उप नगर ग्वालियर के वार्ड नंबर 5 आनंद नगर स्थित बड़ा पार्क माता मंदिर परिसर में  रात्रि विश्राम के दौरान जन चौपाल के जरिए स्थानीय नागरिकों से सीधे संवाद किया। इस अवसर पर नागरिकों ने जनसुविधा से जुड़े कई मुद्दे उठाए, जिन पर ऊर्जा मंत्री तोमर ने सकारात्मक पहल और समाधान का आश्वासन दिया। ऊर्जा मंत्री तोमर ने कहा कि जनता का विश्वास और स्नेह ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने संकल्प लिया कि क्षेत्र के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति की समस्याओं का समाधान किया जाएगा और हर गली-मोहल्ले तक विकास पहुंचाया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और उनकी बात सुनना जनसेवक का सबसे बड़ा दायित्व है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी हैं। जनता को भरोसा दिलाया कि उनकी हर जायज मांग को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाएगा। रात्रि विश्राम के उपरांत शुक्रवार सुबह ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क में संचालित जिम में स्थानीय निवासियों के साथ संवाद करते हुए उनका हालचाल पूछा। तदोपरान्त पार्क और मंदिर परिसर में झाड़ू लगाकर स्वच्छता अभियान में शिरकत की। ऊर्जा मंत्री तोमर ने संगठन के राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत एक पेड़ मां के नाम अभियान में शामिल होकर पौध-रोपण भी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर एक पेड़ मां के नाम अभियान की शुरूआत देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता को पर्यावरण से जोड़ना और व्यक्तिगत स्तर पर पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि एक पेड़ मां के नाम' अभियान पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और अपनी माँ के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी पौधरोपण अभियान है। इस दौरान ऊर्जा मंत्री तोमर ने बड़ा पार्क आनंद नगर में क्रिकेट खेला।  

World Bank Report: भारत पर जताया भरोसा, कहा- वैश्विक चुनौतियों के बीच सबसे मजबूत इकोनॉमी

 नई दिल्ली अमेरिका-ईरान युद्ध से गहराया मिडिल ईस्ट संकट हो या फिर कोई और ग्लोबल टेंशन, तमाम चुनौतियों के बाद भी भारत रुकने वाला नहीं है. विश्व बैंक ने भी इंडियन इकोनॉमी का लोहा माना है और अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इन सबके बीच भी भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यस्थाओं में बना रहेगा. वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की विकास दर (India Growth Rate) 6.6% होने की उम्मीद जताई गई है।  इस रफ्तार से भागेगी इकोनॉमी World Bank ने गुरुवार को जारी अपनी वैश्विक आर्थिक संभावनाओं पर रिपोर्ट में ये बड़ी बात कही है. विश्व बैंक ने कहा कि भारत वित्त वर्ष 2026-27 में 6.6 फीसदी की दर से ग्रोथ करते हुए दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा. बीते साल इसकी रफ्तार 7.7 फीसदी रही थी, हालांकि ताजा अनुमान इससे काफी कम है।  ग्रोथ में बीते साल के मुकाबले कमी आने के पीछे विश्व बैंक ने कारण बताते हुए कहा है कि मिडिल ईस्ट युद्ध से ऊर्जा की कीमतों आए उछाल और अन्य इनपुट लागतों के कारण निजी डिमांड में वृद्धि धीमी पड़ सकती है और इसका असर ग्रोथ रेट पर देखने को मिल सकता है।  गिरावट के बाद उछाल की उम्मीद विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर यानी GST रेट कट से उपभोक्ता मांग को कुछ हद तक समर्थन मिलना चाहिए. इसके साथ ही भारतीय अर्थव्वस्था की रफ्तार को लेकर वर्ल्ड बैंक ने आगे कहा कि 2026-27 में ग्रोथ में गिरावट के बाद अगले वित्त वर्ष 2027-28 में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट 7.2 फीसदी होने की उम्मीद है. मतलब भारत रुकने वाला नहीं है. घरेलू डिमांड में मजबूती और निर्यात वृद्धि में तेजी के चलते अगले दो वित्तीय वर्षों में विकास दर में फिर से उछाल आने की उम्मीद है।  युद्ध भी नहीं रोक पाया डिमांड विश्व बैंक के मुताबिक, अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष से बढ़ती ग्लोबल अनिश्चितता के बावजूद, इस वर्ष 2026 की शुरुआत में भारत में आर्थिक गतिविधि मजबूत बनी रही, जिसे लचीली घरेलू मांग का सपोर्ट मिला था. इसमें कहा गया है कि प्राइवेट कंजंप्शन, खासतौर पर ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत रहा है, जबकि शहरी डिमांड में भी तेज सुधार देखने को मिल रहा है।  घरेलू बिक्री से टैक्स कलेक्शन भी लगातार बढ़ा है. इसके बीच ऊर्जा की बढ़ती लागत के साथ-साथ कृषि उत्पादों, उर्वरकों की कमी से पैदा हुए दबाव को कम करने के लिए, भारत में फ्यूल टैक्ट कट समेत कई बड़े कदम भी उठाए हैं. इसके साथ ही विश्व बैंक ने कहा है कि अमेरिकी टैरिफ में कटौती, तमाम देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTAs) से मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण कमजोर बाहरी डिमांड को कम करने में मदद मिली है।  दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा भारत मीडिया से बातचीत में वर्ल्ड बैंक के डिप्टी चीफ इकोनॉमिस्ट आयहान कोसे ने कहा कि इस दौरान भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बना रहेगा। भारत के आर्थिक प्रदर्शन और मध्य पूर्व संकट के असर के बारे में आईएएनएस के सवाल का जवाब देते हुए, कोसे ने कहा कि बेहतर अनुमान घरेलू मांग में "उम्मीद से अधिक मजबूत गति" को दिखाता है, जो अब तक मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बुरे असर की भरपाई से कहीं ज्यादा है। क्षेत्रीय विकास दर 7 प्रतिशत से घटकर 6.3 प्रतिशत होने की उम्मीद  वर्ल्ड बैंक की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 2026 में दक्षिण एशिया दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला क्षेत्र बना रहेगा। हालांकि, एनर्जी की ज्यादा कीमतों और संघर्ष के व्यापक असर के कारण 2025 में क्षेत्रीय विकास दर 7 प्रतिशत से घटकर 6.3 प्रतिशत होने की उम्मीद है। कोस ने कहा कि अनिश्चित वैश्विक माहौल के बावजूद भारत के आर्थिक आधार मजबूत बने हुए हैं। उन्होंने कहा, "भारत ने जरूरी नीतिगत उपाय लागू किए हैं। जब हम भारत की बड़ी तस्वीर को देखते हैं, तो उसमें अभी भी जबरदस्त गति दिखाई देती है।" वर्ल्ड बैंक ने दी चेतावनी वर्ल्ड बैंक ने चेतावनी दी कि मध्य पूर्व में संघर्ष के कारण 2026 में वैश्विक विकास दर 2025 के 2.9 प्रतिशत से घटकर 2.5 प्रतिशत होने की उम्मीद है, जो कोविड-19 महामारी की शुरुआत के बाद से सबसे धीमी गति होगी। तेल की ज्यादा कीमतें बढ़ती महंगाई और कड़े वित्तीय हालात का असर दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में आर्थिक गतिविधियों पर पड़ने की उम्मीद है। इसके बावजूद, भारत उन कुछ बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक था जिनकी रेटिंग में सुधार हुआ। कोस ने कहा कि बेहतर आउटलुक की वजह घरेलू मांग और एक्सपोर्ट में आई तेजी थी। उन्होंने कहा, "घरेलू मांग और एक्सपोर्ट में तेजी की वजह से उम्मीद से अधिक ग्रोथ हुई," और इसी वजह से अनुमान को बढ़ाया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत के लगातार विस्तार की वजह से दक्षिण एशिया दुनिया भर में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बना रहेगा। इस साल सुस्ती के बाद, 2027 में क्षेत्रीय ग्रोथ के 6.9 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। 2028 में भारत की ग्रोथ 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है। भारत-China को छोड़ बाकी का बुरा हाल विश्व बैंक का कहना है कि चीन और भारत को छोड़कर, विकासशील देशों में प्रति व्यक्ति आय की धीमी रह सकती है. साउथ एशिया में विकास दर 2026 में घटकर 6.3 फीसदी रहने की उम्मीद है, जो मुख्य रूप से मिडिल ईस्ट युद्ध के निगेटिव प्रभाव को दर्शाती है. इसमें एनर्जी कॉस्ट में तेजी, तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई में कमी और पर्यटन  सेक्टर में व्यवधान शामिल हैं। 

‘हमें अब भी इंसाफ का इंतजार’ : राजा रघुवंशी के परिवार ने दोहराई CBI जांच की मांग, सोनम पर जताई चिंता

इंदौर  राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। उनका तर्क है कि यह मामला भी बेहद चर्चित है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। ऐसे में राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। बता दें कि इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम रघुवंशी के साथ हनीमून पर शिलांग गए थे। आरोप है कि वहां सोनम ने अन्य लोगों के साथ मिलकर राजा की हत्या कर दी और शव को खाई में फेंक दिया। घटना के बाद वह फरार हो गई थी, लेकिन बाद में पुलिस ने सोनम सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है। ऐसे में राजा के भाई विपिन रघुवंशी ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपा जाना चाहिए। लड़के के मामले में सीबीआई जांच क्यों नहीं? विपिन का कहना है कि इस मामले में जल्द से जल्द सीबीआई जांच होनी चाहिए। क्योंकि सोनम जमानत पर बाहर है और वह सबूतों को नष्ट कर सकती है। हमारी राज्य सरकार से यही मांग है कि इस मामले की भी सीबीआई जांच कराई जाए। सीबीआई जांच होने पर हमारे भाई राजा को जल्द न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल सोनम जमानत पर बाहर है, लेकिन यदि मामले की गहन जांच होती है तो सच्चाई सामने आएगी। विपिन ने कहा कि भोपाल में एक युवती की मौत के मामले में सीबीआई जांच कराई जा रही है, जबकि राजा की हत्या के मामले में अब तक सीबीआई जांच नहीं हुई है। जबकि यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित रहा है और इसमें दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा हुआ है। विपिन का कहना है कि सरकार को इस मामले में भी सहयोग करना चाहिए था। इतना बड़ा मामला होने के बावजूद यदि सोनम को जमानत मिल गई है, तो यह उनके परिवार के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि राजा को अभी तक न्याय नहीं मिला है और परिवार अब भी इंसाफ का इंतजार कर रहा है।

शिक्षा, संस्कार और सपनों की उड़ान ही बच्चों का अधिकार: अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस पर मंत्री राजवाड़े

रायपुर. अंतर्राष्ट्रीय बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल बचपन प्रदान करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल श्रम बच्चों के अधिकारों का हनन है, जो उनके शिक्षा, स्वास्थ्य और सर्वांगीण विकास के अवसरों को छीन लेता है। मंत्री राजवाड़े ने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके हाथों में किताबें, खेल और रचनात्मक अवसर होने चाहिए, न कि श्रम का बोझ। किसी भी बच्चे से मजदूरी कराना उसके सपनों और संभावनाओं को सीमित करने के समान है। बाल श्रम केवल सामाजिक बुराई ही नहीं, बल्कि कानूनन दंडनीय अपराध भी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों को शिक्षा, सुरक्षा और संरक्षण का अधिकार दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बाल श्रम, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण जैसी कुप्रथाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। लेकिन इस अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। राजवाड़े ने नागरिकों से आह्वान किया कि यदि किसी बच्चे से अवैध रूप से कार्य कराया जा रहा हो, उसे शिक्षा से वंचित रखा जा रहा हो अथवा उसके साथ किसी प्रकार का शोषण या दुर्व्यवहार हो रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, महिला एवं बाल विकास विभाग या स्थानीय प्रशासन को दें। उन्होंने कहा कि एक संवेदनशील और जागरूक समाज ही बच्चों को सुरक्षित बचपन और उज्ज्वल भविष्य दे सकता है। आइए, हम सभी मिलकर यह संकल्प लें कि किसी भी बच्चे का बचपन श्रम में नहीं, बल्कि शिक्षा, सुरक्षा और अवसरों के साथ विकसित हो, ताकि वे अपने सपनों को साकार कर देश और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।

सिनेमा बदल सकता है समाज की सोच, राज्यपाल डेका ने फिल्मों की भूमिका को बताया महत्वपूर्ण

फिल्में समाज को संदेश देने का सशक्त माध्यम- राज्यपाल डेका रायपुर,  फिल्में और डॉक्युमेंट्री केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि समाज को जागरूक करने और सकारात्मक संदेश देने का एक प्रभावी साधन हैं। राज्यपाल रमेन डेका ने आज राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता डॉक्यूमेंट्री फिल्मों के सम्मान समारोह में उक्त बातें कही। यह कार्यक्रम रायपुर के एक निजी होटल में छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम और संस्कृति विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था।           राज्यपाल ने कहा कि आदिम युग से ही मनुष्य विभिन्न माध्यमों से अपने विचार और संदेश व्यक्त करता रहा है। समय के साथ नाटक, रेडियो, टेलीविजन और अब डिजिटल माध्यमों ने इस भूमिका को और व्यापक बनाया है। उन्होंने कहा कि पहले सिनेमा का मूल उद्देश्य केवल धन अर्जित करना नहीं था, बल्कि समाज को संदेश देना और जागरूक करना था। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान भी भारतीय सिनेमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।           राज्यपाल ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद के विरुद्ध उल्लेखनीय सफलता मिली है। फिल्म निर्माताओं को चाहिए कि अब वे बस्तर की समृद्ध संस्कृति से  देश और दुनिया  को परिचित कराएं। इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि को मजबूती मिलेगी।           राज्यपाल ने सद्गति, चरणदास चोर और देवदास जैसी फिल्मों और नाटकों का उल्लेख करते हुए कहा कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता लाने वाली फिल्मों की आज भी उतनी ही आवश्यकता है। राज्यपाल ने कहा की लोककलाओं, लोकगीतों, जनजातीय परंपराओं और पर्व-त्योहारों जैसे हमारे धरोहर को स्थायी रूप से संरक्षित करने का महत्वपूर्ण माध्यम डॉक्यूमेंट्री फिल्में हैं। उन्होंने कलाकारों से लोककला, लोकगीत, जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।            राज्यपाल ने कहा कि मोबाइल की बढ़ती लत आज गंभीर सामाजिक समस्या बनती जा रही है। बच्चे खेल के मैदानों से दूर हो रहे हैं और उनकी रचनात्मकता प्रभावित हो रही है। उन्होंने कलाकारों  से आग्रह किया कि वे नई पीढ़ी को कला, संगीत, नाटक और नृत्य जैसी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने के लिए आगे आएं। इस अवसर पर राज्यपाल ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त डॉक्युमेंट्री फिल्मों छत्तीसगढ़ के भीम दाऊ चिंताराम, हैप्पी बर्थडे और स्क्रीन के निर्माता-निर्देशकों को सम्मानित किया।           कार्यक्रम में स्वागत उद्बोधन संस्कृति विभाग के संचालक संजय कन्नौजे ने दिया। छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुमोना सेन ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रसिद्ध फिल्म निर्माता-निर्देशक मनोज वर्मा ने किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, विभिन्न डॉक्युमेंट्री फिल्मों के निर्माता-निर्देशक कलाकार एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

Stock Market Rally: जंग खत्म होने की उम्मीद से बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स ने लगाई 1700 अंकों की छलांग

मुंबई  सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली. यह तेजी तब आई, जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता होने की खबर आई है. इस खबर के आने के बाद सेंसेक्‍स 1695 अंक या 2.30% चढ़कर 75,527.95 पर पहुंच गया. इसी तरह, निफ्टी 461.30 अंक या 1.99% चढ़कर 23,622.90 पर बंद हुआ।  बैंक निफ्टी में और भी बड़ी रैली देखने को मिली, जो 1638 अंक या 2.97 फीसदी चढ़कर 56,800 के ऊपर बंद हुआ. पूरे मार्केट में तेजी के कारण सभी इंडेक्‍स ग्रीन जोन में रहे और निवेशकों ने मोटी रकम बना ली. बीएसई के टॉप 30 शेयरों की बात करें तो पावरग्रिड और टेक महिंद्रा को छोड़कर सभी शेयर शानदार तेजी पर बंद हुए. सबसे ज्‍यादा तेजी बजाज फाइनेंस में 5.62 फीसदी की रही. इसके बाद L&T, Indigo, Titan और एटर्नल जैसे शेयरों में 5 फीसदी तक की उछाल रही।  आज 10 लाख करोड़ की कमाई  मिड और स्‍मॉल कैप इंडेक्‍स में भी धुंआधार तेजी देखने को मिली, जिस कारण रिटेल से लेकर बड़े निवेशकों तक ने मोटी कमाई की. इस तेजी के कारण बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 452.66 लाख करोड़ रुपये से करीब 10 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 462 लाख करोड़ रुपये के ऊपर पहुंच गया।  शेयर बाजार में क्यों आई इतनी तेजी?  ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने बताया है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच प्रस्तावित समझौता ज्ञापन में प्रतिबंधों को हटाना, होर्मुज में अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी को समाप्त करना और ईरान के चारों ओर तैनात अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी शामिल है. वहीं अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ जंग समाप्‍त करने का समझौता करीब पूरा हो चुका है और इस सप्‍ताह भर में साइन किए जाएंगे. यह ऐलान ईरान के तेल इंडस्‍ट्री पर कंट्रोल करने की धमकी देने के कुछ ही घंटों के बाद आई।  इस खबर के आने के बाद अमेरिकी बाजारों में जबरदस्‍त तेजी देखने को मिली. अमेरिकी बाजार शानदार तेजी पर बंद हुए और आज इसका असर भारतीय बाजार में भी दिखाई दे रहा है, जो शानदार तेजी के साथ कारोबार कर रहा है. इसके अलावा, कुछ और वजहों से भी मार्केट में तेजी रही।  कच्‍चे तेल के दाम में गिरावट  ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 5 फीसदी गिरकर  86.4 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गई, जो दो महीने के निचले स्‍तर के करीब है. इस तेज गिरावट के कारण क्रूड ऑयल पर निर्भर शेयरों में तेजी देखने को मिली. वहीं एशियाई बाजारों में भी रैली रही. दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्‍स 8 प्रतिशत से अधिक और जापान का निक्केई 225 इडेक्‍स 3 प्रतिशत से अधिक बढ़ा. चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्‍स भी पॉजिटिव रहा।  रुपये में मजबूती अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 65 पैसे की मजबूती आई और यह 95.20 पर पहुंच गया. अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते के संकेतों के बाद वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई. विदेशी मुद्रा व्यापारियों के अनुसार, डॉलर के कमजोर होने और घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुझान ने भी रुपये को मजबूती दी। 

मध्य प्रदेश में बदला मौसम का मिजाज, भिंड-मुरैना सहित 6 जिलों में ओले गिरने का अलर्ट; मानसून 3-4 दिन लेट

भोपाल  मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार थोड़ा और लंबा हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून प्रदेश में 3 से 4 दिन की देरी से पहुंच सकता है। फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय हैं, जिसके चलते कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक शुक्रवार को भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में ओले गिरने की संभावना है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश भी हो सकती है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, ग्वालियर, जबलपुर, सागर, रीवा, शहडोल सहित 40 से अधिक जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई है।  इससे पहले प्री-मानसून की एक्टिविटी जारी रहेगी। मौसम वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि शुक्रवार को मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में ओलावृष्टि होने का भी अनुमान है। वहीं, भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, बुरहानपुर, खंडवा, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना और दमोह में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। आंधी की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा तक होने का अनुमान है। इन जिलों में गर्मी का असर मौसम विभाग ने शुक्रवार को इंदौर, उज्जैन, रतलाम, झाबुआ, अलीराजपुर, धार, बड़वानी और खरगोन के लिए आंधी-बारिश का अलर्ट जारी नहीं किया है। यानी, यहां पर गर्मी का असर बना रहेगा। 17-18 जून तक पहुंच सकता है मानसून एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ चुका है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अनुकूल परिस्थितियां बनी रहीं तो मानसून 17 या 18 जून तक मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है और इसके बाद अगले 10 से 15 दिनों में पूरे प्रदेश को कवर कर लेगा।  ग्वालियर में आधा इंच बारिश…मंडला, सिवनी-दतिया में गिरा पानी मध्य प्रदेश में गुरुवार को आंधी-बारिश के साथ गर्मी का असर भी रहा। ग्वालियर में आधा इंच बारिश दर्ज की गई। वहीं, शाम तक मंडला, सिवनी, दतिया समेत कई जिलों में बारिश हुई। इधर, प्रदेश के कई शहरों में दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखी गई। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर में सबसे ज्यादा 42 डिग्री दर्ज किया गया। जबलपुर में 41.3 डिग्री, उज्जैन में 39.7 डिग्री, इंदौर में 38 डिग्री और भोपाल में 39.7 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में सबसे गर्म खजुराहो और नौगांव रहे। यहां अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दमोह में 42.8 डिग्री, सतना में 42.7 डिग्री, रीवा में 42.5 डिग्री, दतिया में 42.2 डिग्री, टीकमगढ़-मंडला में 42 डिग्री, उमरिया में 41.6 डिग्री, छिंदवाड़ा में 41.4 डिग्री, मलाजखंड में 41.1 डिग्री, रायसेन-राजगढ़ में 41 डिग्री, गुना में 40.7 डिग्री, खंडवा में 40.5 डिग्री, सागर में 40.4 डिग्री और श्योपुर में पारा 40 डिग्री सेल्सियस रहा। ब्रेक के बाद आगे बढ़ा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, एक दिन के ब्रेक के बाद दक्षिण-पश्चिम मानसून 11 जून को कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में पहुंच गया। यदि परिस्थितियां अनुकूल रही तो मानसून तेजी से आगे बढ़ेगा। इसलिए यह एमपी में 17 या 18 जून को पहुंच सकता है।एमपी में इन सिस्टम की एक्टिविटी प्रदेश के पूर्वी हिस्से से टर्फ गुजर रही है। वहीं, ऊपर एक साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) एवं एक अन्य ट्रफ सक्रिय है। इसकी वजह से गुरुवार को प्रदेश में मौसम बदला रहा।

छत्तीसगढ़ में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव; सरकार ने बिछाया रेड कारपेट

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव इन्वेस्टर कनेक्ट में हैदराबाद के निवेशकों को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का न्योता आईटी, टेक्सटाइल, डेटा सेंटर, फार्मा के क्षेत्र में खुली 7,800 रोजगार की राह  रायपुर  छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है।  कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं। सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे।  फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,000 करोड़ के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे। सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है।  सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹528 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे। हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें गूगल इंडिया, आईबीएम, पॉलीकैब इंडिया, पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर  रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की। इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई। कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुऋतु सेन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारीगण शामिल थे।

CM भगवंत मान की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय, युवाओं के लिए नौकरियां और छात्रों को बड़ी राहत

चंडीगढ़ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई अहम फैसलों को मंजूरी दे दी है. इन फैसलों का उद्देश्य नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी-कम-एंट्रेंस टेस्ट) की दोबारा होने वाली परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थियों को बड़ी राहत देना, नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना, जनता के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, कचरा प्रबंधन और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्रदेश में ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ (कारोबार को आसान बनाने) में और सुधार करना है. मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक के दौरान लिए गए इन फैसलों में नीट परीक्षार्थियों और उनके साथ एक अटेंडेंट (सहायक) के लिए मुफ्त बस सफर, 1,013 लेक्चरारों और 156 जूनियर इंजीनियरों (जे.ई.) की भर्ती, पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस प्रोजेक्टों की स्थापना और पंजाब में निवेश व औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति, 2026’ में अहम संशोधन शामिल हैं।  इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया, “मंत्रिमंडल ने विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा, रोजगार के अवसर पैदा करने, बुनियादी ढांचे के विकास, नवीकरणीय ऊर्जा, प्रशासनिक सुधारों और औद्योगिक विकास से संबंधित कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है, जो जनता की भलाई और आर्थिक प्रगति के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराते हैं.” नीट (अंडर ग्रेजुएट) की दोबारा परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने उम्मीदवारों और उनके साथ जाने वाले एक अटेंडेंट के लिए पंजाब और चंडीगढ़ में परीक्षा केंद्रों तक मुफ्त बस सफर को मंजूरी दी है. उल्लेखनीय है कि 3 मई, 2026 को हुई नीट की परीक्षा रद्द कर दी गई थी और अब यह परीक्षा 21 जून, 2026 के लिए पुनर्निर्धारित की गई है।  विद्यार्थियों और उनके अटेंडेंट की सुविधा के लिए पंजाब रोडवेज, पनबस और पी.आर.टी.सी. की बसें 20, 21 और 22 जून को पंजाब और चंडीगढ़ के परीक्षा केंद्रों तक आने-जाने के लिए मुफ्त सफर की सुविधा प्रदान करेंगी. विद्यार्थियों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए सिर्फ अपना एडमिट कार्ड दिखाना होगा और उनसे कोई किराया नहीं लिया जाएगा. मुफ्त सफर सुविधा का वित्तीय बोझ ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा उठाया जाएगा और वित्त विभाग द्वारा इसकी भरपाई की जाएगी. यह पहल विद्यार्थी कल्याण, शिक्षा को बढ़ावा देने और किफायती व सुलभ जनता परिवहन सेवाओं को सुनिश्चित करने के प्रति पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।  लेक्चरार कैडर के 1,013 पद भरे जाएंगे; आयु सीमा में पांच साल की छूट को मंजूरी मंत्रिमंडल ने एजुकेशन रिक्रूटमेंट डायरेक्टोरेट के माध्यम से लेक्चरार कैडर (ग्रुप-बी) के बैकलॉग और नए सृजित पदों सहित 1,013 मंजूरशुदा रिक्त पदों को भरने की भी मंजूरी दे दी. कैबिनेट ने स्कूल शिक्षा विभाग में लेक्चरार कैडर के पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के लिए ऊपरी आयु सीमा में पांच साल की एकमुश्त छूट भी दी है. इस कदम का उद्देश्य नौजवानों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करना और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है।  लोक निर्माण विभाग में जूनियर इंजीनियर के 156 पदों को मंजूरी एक और अहम फैसला लेते हुए, मंत्रिमंडल ने लोक निर्माण विभाग में 156 जूनियर इंजीनियरों की भर्ती को मंजूरी दे दी है, जिसमें जूनियर इंजीनियर (सिविल) के 127 पद और जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के 29 पद शामिल हैं. इस भर्ती से विभाग का कामकाज और सुचारू बनेगा और प्रभावी योजना, निगरानी और कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सकेगी. ये सभी पद पंजाब अधीनस्थ सेवाएं चयन बोर्ड (पी.एस.एस.एस.बी.) द्वारा सीधी भर्ती के माध्यम से भरे जाएंगे।  पटियाला और जालंधर में गीले कचरे पर आधारित सी.बी.जी. प्रोजेक्ट को मंजूरी कचरे के स्थायी प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रिमंडल ने नगर निगम पटियाला और नगर निगम जालंधर में 100 टी.पी.डी. की क्षमता वाले गीले कचरे पर आधारित कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्रोजेक्टों को मंजूरी दे दी है और ये प्रोजेक्ट नामांकन के आधार पर एच.पी.सी.एल. रीन्यूएबल एंड ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एच.पी.आर.जी.ई.) को सौंपे जाएंगे. प्रदेश भर की 166 शहरी स्थानीय इकाइयों में प्रतिदिन लगभग 4,000 टन म्यूनिसिपल ठोस कचरा पैदा होता है. इस प्रोजेक्ट के तहत गीले कचरे की वैज्ञानिक ढंग से प्रोसेसिंग की जाएगी जिससे कचरे के नीचे दबी जगहें साफ हो सकेंगी, शहरी सफाई और जनता के स्वास्थ्य में सुधार होगा, नवीकरणीय ऊर्जा और जैविक खाद पैदा होगी, मीथेन का उत्सर्जन घटेगा और अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा।  सीनियरिटी से संबंधित विवादों को सुलझाने के लिए पंजाब सिविल सेवाएं नियमों में संशोधन मंत्रिमंडल ने पंजाब सिविल सर्विसेज (जनरल एंड कॉमन कंडीशंस ऑफ सर्विस) रूल्स-1994 के नियम-8 में संशोधन को भी मंजूरी दे दी है. यह संशोधन उन स्थितियों का समाधान करता है जहां एक जैसी योग्यता प्राप्त करने वाले उम्मीदवारों की जन्म तिथि भी एक जैसी होती है. ऐसे मामलों में अंतर-सीनियरिटी अब मेरिट के आधार पर निर्धारित की जाएगी, जिसमें संबंधित पद के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षिक योग्यता में प्राप्त अंतिम ग्रेडिंग या प्रतिशतता शामिल होगी।  निवेश को बढ़ावा देने के लिए ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ में संशोधन पंजाब के औद्योगिक माहौल को और मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण फैसले में मंत्रिमंडल ने ‘औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026’ और पंजाब उद्योग क्रांति पहल के तहत विभिन्न सेक्टोरल नीतियों में संशोधनों को मंजूरी दी है. इन संशोधनों में वित्तीय रियायतें सिर्फ मौजूदा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एम.एस.एम.ई.) की बजाय मौजूदा औद्योगिक इकाइयों पर लागू होने का प्रावधान किया गया है. ये औद्योगिक क्लस्टरों, अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं और पर्यावरण-अनुकूल प्रौद्योगिकियों से संबंधित प्रावधानों को भी मजबूत करती हैं।  पहली 50 योग्य इकाइयों के लिए 10 लाख रुपये का एकमुश्त प्रोत्साहन में अब न्यूनतम गोल्ड लेवल जेड.ई.डी. सर्टिफिकेशन या उससे अधिक सर्टिफिकेशन प्राप्त करने वाले उद्योग शामिल होंगे, जबकि सेक्टोरल नीतियों में समग्र प्रोत्साहन सीमाओं से संबंधित प्रावधानों को संकेतात्मक और गैर-कानूनी माना जाएगा. इन सुधारों से निवेश को बढ़ावा मिलने, औद्योगिक विकास को मजबूती मिलने और पंजाब के देश में सबसे आकर्षक निवेश स्थान के रूप में उभरने की उम्मीद है। 

3 मेजबान देश, 14 टीमें और 54 मैच… जानिए कैसा होगा वनडे वर्ल्ड कप 2027 का महाकुंभ

नई दिल्ली क्रिकेट के सबसे बड़े टूर्नामेंट आईसीसी वनडे विश्व कप 2027 को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. 24 साल बाद यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट एक बार फिर अफ्रीकी धरती पर लौटने जा रहा है. साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस मेगा इवेंट की संभावित तारीखें भी सामने आ गई हैं. ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के मुताबिक विश्व कप 4 अक्टूबर 2027 से शुरू होकर 21 नवंबर 2027 तक खेला जाएगा।  आईसीसी बोर्ड की अहमदाबाद में हुई बैठक में इन तारीखों पर सहमति बन चुकी है. अब जुलाई में स्कॉटलैंड के एडिनबर्ग में होने वाली आईसीसी की वार्षिक आम बैठक (AGM) में इस पर अंतिम मुहर लग सकती है. आखिरी बार अफ्रीका में वनडे वर्ल्ड कप 2003 में खेला गया था, जब साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और केन्या ने इसकी मेजबानी की थी. अब करीब ढाई दशक बाद क्रिकेट का यह महाकुंभ फिर अफ्रीकी महाद्वीप में लौट रहा है।  हालांकि साउथ अफ्रीका इससे पहले 2007 टी20 विश्व कप, 2009 चैम्पियंस ट्रॉफी और 2023 महिला टी20 विश्व कप की सफल मेजबानी कर चुका है. लेकिन वनडे विश्व कप की वापसी को लेकर उत्साह अलग स्तर पर है. 2023 और 2025 के संस्करणों में सिर्फ 10 टीमों ने हिस्सा लिया था, लेकिन 2027 विश्व कप में एक बार फिर 14 टीमें मैदान पर उतरेंगी. इससे प्रतियोगिता और भी रोमांचक होने की उम्मीद है।  टूर्नामेंट के प्रारूप के अनुसार 14 टीमों को दो समूहों में बांटा जाएगा, जिनमें प्रत्येक समूह में 7-7 टीमें होंगी. दोनों ग्रुप से शीर्ष तीन-तीन टीमें सुपर सिक्स चरण में पहुंचेंगी. इसके बाद सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि 14 टीमों के फॉर्मेट की वापसी से विश्व कप में बड़े उलटफेर और रोमांचक मुकाबलों की संख्या बढ़ेगी।  टूर्नामेंट में कुल 54 मुकाबले खेले जाएंगे. इनमें से कम से कम 41 मैच साउथ अफ्रीका के आठ अलग-अलग स्टेडियमों में आयोजित होंगे. जिम्बाब्वे को 8 से 10 मुकाबलों की मेजबानी मिलने की संभावना है. हरारे और बुलावायो के अलावा इस बार विक्टोरिया फॉल्स भी विश्व कप का हिस्सा बनेगा।  विक्टोरिया फॉल्स के पास बन रहा खूबसूरत स्टेडियम विक्टोरिया फॉल्स में बन रहा फाले मोसी-ओ-तुन्या इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम इसी साल तैयार हो जाएगा और विश्व कप से पहले यहां घरेलू क्रिकेट भी खेला जाएगा. नामीबिया को भी कुछ मैचों की मेजबानी मिलने वाली है, जिससे पहली बार यह देश वनडे विश्व कप आयोजन का हिस्सा बनेगा. साउथ अफ्रीका और जिम्बाब्वे पूर्ण सदस्य देश होने के कारण सीधे विश्व कप के लिए क्वालिफाई कर चुके हैं. वहीं नामीबिया को टूर्नामेंट में जगह बनाने के लिए क्वालिफिकेशन प्रक्रिया से गुजरना होगा।  अगर प्रस्तावित कार्यक्रम पर अंतिम मुहर लग जाती है, तो अक्टूबर 2027 में दुनिया की 14 सर्वश्रेष्ठ टीमें क्रिकेट के सबसे बड़े खिताब के लिए अफ्रीकी धरती पर भिड़ती नजर आएंगी. 2027 विश्व कप सिर्फ एक टूर्नामेंट नहीं, बल्कि 2027-31 फ्यूचर टूर प्रोग्राम (FTP) की शुरुआत भी होगा. इसी दौरान आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप (WTC) के भविष्य पर भी बड़ा फैसला ले सकती है।  फिलहाल जिम्बाब्वे, आयरलैंड और अफगानिस्तान डब्ल्यूटीसी का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन आईसीसी सभी 12 पूर्ण सदस्य देशों को इसमें शामिल करने पर विचार कर रही है. साथ ही एकमात्र टेस्ट मैचों को भी डब्ल्यूटीसी अंक प्रणाली का हिस्सा बनाने की चर्चा चल रही है।