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उत्तराखंड में बड़ा हादसा: ऋषिकेश-इंदौर बस में लगी आग, 8 लोगों की जिंदा जलकर मौत

इंदौर / दौसा ऋषिकेश से इंदौर आ रही एक निजी बस में टक्कर के बाद आग लगने से 8 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, राजस्थान के दौसा में हुए इस हादसे में मारे गए ज्यादातर लोग मध्य प्रदेश के इंदौर शहर से बताए जा रहे हैं. वहीं, कई लापता ओंकारेश्वर के पास के भी बताए जा रहे हैं. इस भीषण दुर्घटना में 29 लोग घायल भी हुए. वहीं, इंदौर से मृतकों के परिजन राजस्थान के दौसा के लिए रवाना हो गए हैं।  मरने वालों में ज्यादातर इंदौर से ऋषिकेश से इंदौर चलने वाली हंस ट्रेवल्स की एक बस से कई यात्री इंदौर आने के लिए निकले थे लेकिन बुधवार अल सुबह दौसा के पास बस की टक्कर सामने चल रहे ट्रक से हो गई, जिसके बाद अचानक आग लग गई. आग लगने से बस में सवार 8 लोग जिंदा जल गए. वहीं, तकरीबन 29 घायल हो गए, जिनका इलाज दौसा स्थित सरकारी अस्पताल में चल रहा है. मृतकों में इंदौर की याचिका, नेहा, दिशा, सुवानंद, प्रदीप, महक, योगिनी, जितेंद्र शामिल हैं. इस बात की पुष्टि मृतकों के परिजनों द्वारा की जा रही है. वहीं, इंदौर के पास रहने वाली निर्मला, प्रियंका और भूमि घटना के बाद से लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही।  मृतकों के परिजनों का बुरा हाल, बोले- कुछ पता नहीं चल रहा पूरे घटनाक्रम की जानकारी इंदौर में रहने वाले अभिनव पांडे के परिजनों को लगी तो वह दौसा के लिए रवाना हुए हैं. उन्होंने ईटीवी भारत से कहा, '' घटना कैसे हुई और कौन कहां है इसे लेकर कुछ साफ जानकारी नहीं मिल पा रही है. इसलिए सभी घटनास्थल के लिए इंदौर से रवाना हो गए हैं और उसके बाद ही कुछ कह पाएंगे.'' प्रारंभिक तौर पर बताया जा रहा है कि जिन लोगों की इस पूरे घटनाक्रम में मौत हुई है वह ऋषिकेश और हरिद्वार घूमने के लिए गए हुए थे और देर रात वहां से बस के माध्यम से इंदौर के लिए निकले थे, तभी राजस्थान में हादसा हो गया।  दौसा एडिशनल एसपी योगेंद्र फौजदार ने बताया कि घटनाक्रम रात करीब 3 बजे के आसपास का है. हादसे में अब तक 6 लोगों के शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया जा चुका है. मामुली घायलों को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है. उन्होंने बताया कि घायलों को अभी मृतकों के बारे में जानकारी नहीं दी गई है. एडिशनल एसपी ने बताया कि बस में 39 से अधिक सवारियां होने का अनुमान लगाया है. हालांकि इसकी अभी पुष्टि नहीं हो पाई है. हादसे के दौरान आगे चल ट्रेलर का चालक और खलासी भी घायल हुए हैं।  जानकारी के अनुसार, हादसा शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे हुआ. टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और देखते ही देखते उसमें आग लग गई. बस में फंसे 6 यात्रियों की जिंदा जलने से मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 अन्य यात्रियों ने सिर में गंभीर चोट लगने के कारण दम तोड़ दिया. हादसे की सूचना मिलते ही जिला पुलिस प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया. वहीं, दौसा की जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा का कहना है कि बस ऋषिकेश से इंदौर जा रही थी, तभी सुबह करीब 3:15 या 3:30 बजे जयपुर-बांदीकुई एक्सप्रेसवे पर टक्कर के बाद उसमें आग लग गई. करीब 24 या 25 लोग सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे और उन्हें बचा लिया गया. वे अभी ठीक हैं. कुल हताहतों की संख्या के बारे में हम इस समय केवल अनुमानित आंकड़ा ही बता सकते हैं, अंतिम संख्या अभी पक्की नहीं है. करीब सात से आठ लोगों की मौत हुई है।  समय पर पहुंचती फायर ब्रिगेड टीम तो कई जान बच जाती : इस दर्दनाक हादसे के बाद राहत कार्य को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े हो गए हैं. स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि दुर्घटना की सूचना पुलिस और एक्सप्रेसवे प्रबंधन को तत्काल दे दी गई थी, लेकिन करीब एक घंटे तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर राहत और बचाव कार्य शुरू हो जाता तो बस में फंसे कई यात्रियों की जान बचाई जा सकती थी. उनका दावा है कि मदद के इंतजार में यात्री बस के भीतर ही फंसे रहे, जिससे पांच लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई. फिलहाल पुलिस ने मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है, जबकि घायलों का उपचार जारी है. प्रशासन दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रहा है।  घटना को लेकर CM और सांसद ने दुख जताया : हादसे को लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने एक्स पर पोस्ट पर दुख जताया. उन्होंने लिखा कि दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई सड़क दुर्घटना में जनहानि का समाचार पीड़ादायक है. ईश्वर दिवंगत आत्माओं को अपने श्री चरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना करता हूं. दौसा सांसद मुरारीलाल मीना ने भी दुख प्रकट किया है. साथ ही सरकार से पैसेंजरों की सुरक्षा को लेकर काम करने की बात कही है।  राज्यपाल और पूर्व सीएम ने भी व्यक्त की संवेदना : राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने दौसा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस पर हुए भीषण सड़क हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने ईश्वर से मृतकों की पुण्यात्मा की शांति और शोक संतप्त परिजनों को यह दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की है. साथ ही घायलों के जल्द स्वस्थ होने की भी कामना की है. हादसे को लेकर पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने भी एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर हुई एक भीषण सड़क दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु होने का समाचार बेहद दुखद है. इस हादसे में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करता हूं. ईश्वर उन्हें इस कठिन समय में संबल प्रदान करें एवं दिवंगतों की आत्मा को शांति प्रदान करें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं। 

CM मोहन यादव बोले- औद्योगिक विस्तार की नई इबारत लिख रहा है उज्जैन, निवेश को मिल रही नई रफ्तार

उज्जैन अब लिख रहा है औद्योगिक विस्तार की नई इबारत : मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम उद्योगपुरी में 1200 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से निर्मित पेप्सिको के फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र का किया वर्चुअली लोकार्पण उज्जैन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि  दिन मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उज्जैन जो पहले से ही धार्मिक नगरी के रूप में पूरे विश्व में प्रसिद्ध है अब औद्योगिक विस्तार की भी नई इबारत भी लिख रहा है। हमारे लिए यह अत्यंत गौरवशाली क्षण है। राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों से मध्यप्रदेश ग्लोबल निवेश का हब बन रहा है। औद्योगिक विस्तारीकरण से प्रदेश के कई युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी के ग्राम नरवर स्थित 1266 करोड़ रूपए की लागत से निर्मित पेप्सिको फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण संयंत्र के लोकार्पण समारोह को भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य के शासन काल में उज्जैन नगरी विश्व के सबसे समृद्ध और सम्पन्न व्यापारिक नगरों में गिनी जाती थी। हमारा लक्ष्य है कि उज्जैन नगरी उसी वैभव को पुन: प्राप्त करें। आस्था के साथ उज्जैन उद्योग निवेश और रोजगार का भी अग्रणी केंद्र बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्योग स्थापित कर मालवा की प्रगति को निरंतर गति दी जा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प की सिद्धि के लिए सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश का सफल आयोजन किया जा रहा है। देश का फ्लेवर कंसनट्रेट का दूसरा संयंत्र उज्जैन में हुआ प्रारंभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पेप्सिको इंडिया होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड की इस अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई का शुभारंभ होने पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों को शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारत में इस विशिष्ट और उच्च तकनीकी फ्लेवर कंसनट्रेट निर्माण के केवल 02 संयंत्र है, जिनमें से 01 आज से उज्जैन में प्रारंभ हो रहा है। विक्रम उद्योगपुरी में 22 एकड़ क्षेत्र में 1226 करोड़ रुपए के निवेश से इस संयंत्र की स्थापना की गई है। पूरी तरह ऑटोमेशन पर आधारित इस संयंत्र से 800 युवाओं को प्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। यह नया संयंत्र भारत में कंपनी की विनिर्माण क्षमता को और मजबूत करेगा। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलने के साथ क्षेत्र में सहायक उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में पेप्सिको इंडिया और साउथ एशिया के सीईओ जागृत कोटेचा ने कहा कि हमारे लिए यह अत्यंत हर्ष का क्षण है कि हमारी कंपनी को बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में म.प्र. शासन के सहयोग से संयंत्र स्थापित करने का अवसर मिला। उन्होंने इसके लिये मुख्यमंत्री डॉ. यादव, म.प्र. शासन और एमपीआईडीसी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया। राज्यसभा सदस्य बाल योगी उमेंश नाथ जी महाराज ने कहा कि उज्जैनवासियों के लिए आज का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे विशेष प्रयासों से औद्योगिक क्षेत्र में निरंतर प्रगति हो रही है। नवीन उद्योगों की स्थापना हो रही है। उज्जैन नगरी धार्मिक पहचान के साथ औद्योगिक और निवेश केंद्र के रूप में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगी। कार्यक्रम में म.प्र. हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन, नगर निगम सभापती श्रीमती कलावती यादव, प्रबंध निर्देशक एमपीआईडीसी चंद्रमौली शुक्ला, एमपीआईडीसी उज्जैन के कार्यकारी निदेशक राजेश राठौर, पेप्सिको कंपनी के हरदीप भाटिया, कंपनी के सीईओ इंटरनेशनल बेवरेजेस यूजीन विलेमसेन, जनरल मैनेजर एवं सीनियर वाईस प्रेसिडेंट इवान नॉर्टन सहित नागरिक उपस्थित थे।  

चंडीगढ़ के स्कूलों को मिली धमकी भरी ईमेल, हरियाणा CM भी निशाने पर; जांच में कुछ नहीं मिला

चंडीगढ़  चंडीगढ़ के स्कूलों और हरियाणा सीएम नायब सैनी के दफ्तर को बम से उड़ाने की धमकी आई है। यह धमकी मेल पर आई है। जिसके बाद पुलिस अलर्ट पर आ गई है। चंडीगढ़ के स्कूल आज ही गर्मी की छुटि्टयों के बाद खुले है।इसके बाद यह मेल आई है।  इसके बाद एक-एक कर सेक्टर-37बी और 37डी के गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सेक्टर-38 के विवेक हाई स्कूल, सेक्टर-26 के सेक्रेड हार्ट स्कूल और स्ट्रॉबेरी फील्ड्स हाई स्कूल, सेक्टर-40 के डीपीएस तथा सेक्टर-9 के कार्मेल कॉन्वेंट स्कूल को भी इसी तरह के धमकी भरे ई-मेल मिलने की सूचना मिली। मेल में कहा कि बम धमाके, आईडी ड्रोन। चंडीगढ़ के सारे स्कूलों में दोपहर 1.11 बजे, जबकि सीएम सैनी हरियाणा आफिस दोपहर 3.11 बजे का समय दिया है। वहीं, एक दिलचस्प बात यह है कि इस बार यह धमकी मेल जीमेल से नहीं, जबकि रेडिफमेल से आई है। अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर का भी जिक्र धमकी भरे ई-मेल में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और विदेश मंत्री एस. जयशंकर को भी निशाना बनाया गया है। इसके साथ ही दावा किया गया है कि रेलवे ट्रैक भी उनके निशाने पर हैं। लोगों से रेल यात्रा नहीं करने और 15 अगस्त को अपने बच्चों को परेड में नहीं भेजने की धमकी भी दी गई है। अब जानिए मेल में क्या लिखा है चंडीगढ़ बनेगा खालिस्तान 15 अगस्त पंजाब सिखों का आजादी दिवस नहीं हरियाणा सीएम सैनी को ठोकना बम धमाका – आईडी, ड्रोन चंडीगढ़ स्कूल्स – 1.11 बजे सीएम सैनी हरियाणा ऑफिस – 3.11 बजे खालिस्तान बच्चों के खिलाफ नहीं है – अपने बच्चों को बचाएं कोई भी बच्चा 15 अगस्त को परेड में न जाए, जिस दिन चंडीगढ़ हरियाणा बोलेगा खालिस्तान, खालिस्तान। हरियाणा रेल ट्रैक निशाने पर अंबाला से दिल्ली ट्रेन सफर न करो जंग हिंदी, पंजाब दी है – इस बीच हरियाणा सीएम सैनी – ठोका, साथ ही जयशंकर, अमित शाह जुलाई – अगस्त 15 आईडी मनुखी हरियाणा, चंडीगढ़ पर कब्जा खालिस्तान दा खालिस्तान नेशनल आर्मी इंजीनियर गुरखंक सिंह रुकन वाला डॉ. गुरु निरवैर सिंह खान राजदा 2026 में चंडीगढ़ के स्कूलों को कब-कब मिली धमकी 21 मई 2026: चितकारा, सेंट स्टीफंस और सेक्रेड हार्ट समेत कई बड़े स्कूलों के साथ मुख्यमंत्री कार्यालय और मेयर कार्यालय को भी ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। 16 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के 4 से 5 स्कूलों को खालिस्तान के नाम से धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। 5-6 अप्रैल 2026: चंडीगढ़ के कुछ स्कूलों के साथ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को भी बम धमाके की धमकी मिली। 11 फरवरी 2026: चंडीगढ़ और मोहाली के कई निजी स्कूलों को सुबह-सुबह धमकी भरे ई-मेल भेजे गए। 28 जनवरी 2026: साल की शुरुआत में चंडीगढ़ के 26 से अधिक स्कूलों को एक साथ बम से उड़ाने की धमकी मिली, जिसके बाद स्कूलों को खाली कराकर व्यापक तलाशी अभियान चलाया गया। गिरफ्तार करने का दावा कर चुकी पुलिस चंडीगढ़ पुलिस ने पंजाब सिविल सचिवालय, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट और शहर के नामी स्कूलों को ई-मेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियां भेजने के मामले में पश्चिम बंगाल निवासी सौरव बिस्वास को तिहाड़ जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया था कि वही चंडीगढ़ में ई-मेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजता था। हालांकि, अब एक बार फिर इसी तरह की धमकियां मिलने लगी हैं। ऐसे में पुलिस के पहले किए गए दावों पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस स्टेशन-3 की ओर से बताया गया था कि आरोपी डिजिटल कंटेंट क्रिएटर है और डार्क वेब पर ई-मेल आईडी से जुड़ा डेटा बेचता था। पुलिस के अनुसार, वह विभिन्न संस्थानों को धमकी भरे ई-मेल भेजने के साथ-साथ फर्जी ई-मेल आईडी और वीपीएन का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने में भी मदद करता था। जांच में यह भी सामने आया था कि वह ई-मेल से संबंधित डेटा सीमा पार बैठे लोगों को करीब 24 हजार रुपए में बेचता था।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन

रायपुर : रामगढ़ की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को विश्व पटल पर दिलाएंगे नई पहचान – मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में रामगढ़ महोत्सव-2026 का भव्य समापन रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये की घोषणा, उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री ने 6 पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स का किया सम्मान रायपुर रामगढ़ केवल एक सांस्कृतिक आयोजन का केंद्र नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, प्रकृति पूजा, आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक चेतना का जीवंत प्रतीक है। सरगुजा की यह पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्ता को प्रमाणित करता है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज सरगुजा जिले के ऐतिहासिक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 के  समापन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जनश्रुतियों के अनुसार त्रेतायुग में वनवास के दौरान भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण ने इस क्षेत्र में समय व्यतीत किया था। सीताबेंगरा गुफा आज भी श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र है तथा रामगढ़ की हवाओं और शिलाओं में रामायण की स्मृतियां आज भी जीवंत हैं। उन्होंने कहा कि सीताबेंगरा गुफा भारत की सबसे प्राचीन नाट्यशालाओं में से एक मानी जाती है, जहां हजारों वर्ष पूर्व सांस्कृतिक आयोजन और नाट्य प्रस्तुतियां होती थीं। वहीं जोगीमारा गुफा अपनी प्राचीन भित्तिचित्र कला के लिए विश्वविख्यात है। हाथीपोल जैसी प्राकृतिक शैल संरचना तथा यहां के प्राचीन शिल्प हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के साक्षी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महाकवि कालिदास द्वारा मेघदूतम् की रचना इसी क्षेत्र में किए जाने का उल्लेख मिलता है, जिससे रामगढ़ का साहित्यिक महत्व और अधिक बढ़ जाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक इस क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें। उन्होंने कहा कि जिस भव्यता के साथ इस वर्ष रामगढ़ महोत्सव का आयोजन हुआ है, उसी भव्यता के साथ यह महोत्सव प्रतिवर्ष आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2,387 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। प्रदेश में लोगों के पक्के आवास का सपना तेजी से साकार हो रहा है। 18 लाख परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की स्वीकृति प्रदान की गई है तथा प्रतिदिन लगभग 1,600 आवास बनकर तैयार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस के कारण बस्तर क्षेत्र में नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक सफलता मिली है। पुनर्वासित नक्सलियों तथा विशेष पिछड़ी जनजाति (पीवीटीजी) परिवारों को भी आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से किसानों से 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है। 13 लाख किसानों को दो वर्षों का बकाया बोनस प्रदान किया गया है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिलाओं के खातों में प्रतिमाह 1,000 रुपये अंतरित किए जा रहे हैं। रामलला दर्शन योजना के तहत अब तक 49 हजार से अधिक श्रद्धालुओं को अयोध्या दर्शन कराया गया है। तीर्थयात्रा दर्शन योजना के अंतर्गत देश के 19 प्रमुख तीर्थस्थलों को शामिल किया गया है, जहां वरिष्ठ नागरिक अपनी इच्छा के अनुसार दर्शन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं के लिए विभिन्न विभागों में लगातार भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रारंभ की गई है, जिसके माध्यम से लोगों की शिकायतों का प्रभावी समाधान किया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपये प्रदान करने की घोषणा की। साथ ही क्षेत्रवासियों की मांग पर उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत के गठन की घोषणा भी की। इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोककला और गौरवशाली परंपराओं के संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त माध्यम है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का कार्य कर रहा है। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने सभी को रामगढ़ महोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि लगभग 50 वर्षों से आयोजित हो रहा यह महोत्सव ऐतिहासिक, पौराणिक और पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पहाड़ी कोरवा बच्चों का कराया शाला प्रवेश, टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को किया सम्मानित मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मंच से विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय के छह बच्चों का शाला प्रवेश कराया। उन्होंने बच्चों को तिलक लगाकर मिठाई खिलाई तथा स्कूल बैग, वॉटर बॉटल सहित अध्ययन सामग्री प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने 26 से 30 जून तक सरगुजा जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों का भ्रमण कर विशेष डॉक्यूमेंट्री तैयार करने वाले टूरिज्म इन्फ्लूएंसर्स को प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया। समापन समारोह में विधायक प्रबोध मिंज, विधायक रामकुमार टोप्पो, विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते, विधायक श्रीमती उद्देश्वरी पैंकरा, छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर सहित अन्य विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

LPG Cylinder Price: महंगाई के बीच खुशखबरी! महीने की शुरुआत में घटे गैस सिलेंडर के दाम

 नई दिल्ली LPG Price Cut: जुलाई महीने की शुरुआत हो गई है और ये राहत भरी है. दरअसल, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती की है. LPG Cylinder Price Cut 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर किए गए हैं. ताजा रेट्स की बात करें, तो दिल्ली में 3,113 रुपये का मिलने वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब सस्ता होकर 2,930 रुपये का रह गया है. इस हिसाब से गैस सिलेंडर की कीमत 183 रुपये घटाई गई है. हालांकि, इस बार भी घर की रसोई में इस्तेमाल होने वाले 14 Kg LPG Cylinder Price को स्थिर रखा गया है।  राहत भरी जुलाई की शुरुआत  ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में संशोधन करती हैं और जुलाई महीने की शुरुआत राहत भरी रही है. बीते कुछ समय में मिडिल ईस्ट टेंशन के चलते कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में ताबड़तोड़ इजाफा किया गया था. अब 1 जुलाई 2026 को दिल्ली समेत अन्य शहरों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर का रेट कम कर दिया गया है. बता दें कि साल 2026 में ये पहली बार है जबकि तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम घटाए हैं।  19 Kg LPG Cylinder की कीमत पर इस साल लगभग हर महीने महंगाई का बम फूटा था. शुरुआती महीने जनवरी में इसी कीमत 1691 रुपये प्रति सिलेंडर थी, जो कि लगातार बढ़ोतरी के बाद महंगा होता चला गया. बीते दो महीनों में देखें, तो मई ये 993 रुपये महंगा होकर पहली बार 3000 रुपये के पार पहुंचा था और जून की शुरुआत में भी ये 42 रुपये महंगा हुआ था. इसके बाद कमर्शियल सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 3113.50 रुपये पहुंच गई थी।  कोलकाता से लखनऊ तक अब ये रेट  राजधानी दिल्ली के अलावा अन्य शहरों में 19 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में किए गए बदलाव की बात करें, तो कोलकाता में अब ये कमर्शियल  सिलेंडर 3255.50 रुपये से घटकर 3,081.50 रुपये का हो गया है. इसके अलावा अन्य शहरों की बात करें, तो उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अब कमर्शियल सिलेंडर का दाम 3,052.50 रुपये रह गया है, जबकि बिहार की राजधानी पटना में नई कीमत 3,227 रुपये पर आ गई है. सिलेंडर की नई कीमतें 1 जुलाई से लागू कर दी गई हैं।  घरेलू गैस सिलेंडर के नहीं बदले दाम  जहां एक ओर तेल कंपनियों ने कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती करते हुए राहत दी है. तो वहीं घरेलू एलपीजी सिलेंडर (14 Kg LPG Cylinder) के दाम यथावत बने हुए हैं, यानी इनमें कोई चेंज नहीं किया गया है. दिल्ली में एलपीजी सिलेंडर का दाम 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये है. तो वहीं मुंबई में 14 किलो वाला सिलेंडर 941.50 रुपये, जबकि चेन्नई में ये 957.50 रुपये का मिल रहा है। 

पीडब्ल्यूडी की समीक्षा में सीएम सख्त, लंबित परियोजनाओं में देरी पर होगी कार्रवाई

बरेली  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बरेली मंडल के जनप्रतिनिधियों के करीब 2200 प्रस्तावों पर समीक्षा करते हुए बड़ा फैसला लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की सभी स्वीकृत कार्य योजनाएं 15 जुलाई तक मंजूर कर दी जाएं और बजट जारी होते ही 15 अगस्त तक सड़क, पुल और अन्य परियोजनाओं का भूमि पूजन शुरू कराया जाए। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लंबित परियोजनाओं में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। मंगलवार को सर्किट हाउस सभागार में आयोजित पीडब्ल्यूडी की मंडलीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने मंडल के सभी जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी स्वीकृत योजनाओं को 15 जुलाई तक अंतिम मंजूरी देकर बजट जारी कराया जाए, ताकि 15 अगस्त तक निर्माण कार्यों का भूमि पूजन कर विकास परियोजनाओं को धरातल पर उतारा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य आधारभूत ढांचे के निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि समय सीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी न करने वाले अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। 60 अत्याधुनिक स्वच्छता वाहनों को दिखाई हरी झंडी बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने नगर निगम की ओर से खरीदे गए 60 अत्याधुनिक स्वच्छता वाहनों को सर्किट हाउस परिसर से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें छह रोबोटिक मैनहोल सीवर क्लीनिंग मशीनें, दो स्किड लोडर, 50 सीएनजी ऑटो टिपर और दो बैकहो लोडर शामिल हैं। इन मशीनों के संचालन से शहर की सफाई व्यवस्था अधिक आधुनिक, सुरक्षित और प्रभावी होगी तथा सीवर सफाई में मानव श्रम पर निर्भरता कम होगी। चार श्रेणियों में होगा कूड़ा संग्रहण नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि नए सीएनजी ऑटो टिपरों के माध्यम से घर-घर से कूड़ा चार श्रेणियों—गीला, सूखा, स्पेशल केयर वेस्ट और सैनिटरी वेस्ट—में अलग-अलग एकत्र किया जाएगा। वहीं रोबोटिक मैनहोल मशीनें बिना किसी व्यक्ति को सीवर में उतारे 360 डिग्री सफाई करने में सक्षम हैं। स्किड लोडर और बैकहो लोडर का उपयोग नालों की सिल्ट हटाने और ठोस अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाने में किया जाएगा। बेल का पौधा रोपा, मोबाइल नेत्र चिकित्सा वैन का उद्घाटन कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सर्किट हाउस परिसर में बेल का पौधा रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके बाद उन्होंने 'दीप चैरिटेबल ट्रस्ट, बरेली' की मोबाइल नेत्र चिकित्सा सेवा वैन का उद्घाटन भी किया, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को नेत्र चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

पंजाब में महिलाओं को बड़ी सौगात! ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ लॉन्च, 40 लाख महिलाओं को एक साथ 3 महीने की राशि

 बरनाला  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने महलकलां में कहा कि राज्य महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक दिन लिखने को तैयार है, क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ शुरू करके एक और बड़ी गारंटी पूरी कर रही है। उन्होंने कहा कि दोपहर 12 बजे के बाद पूरे पंजाब में मोबाइल फोन बजने लगेंगे, क्योंकि हर महिला के बैंक खाते में तीन हजार और अनुसूचित जाति (एससी) की महिलाओं के खाते में चार हजार रुपये की तीन महीने की ‘सत्कार राशि’ एक ही किश्त में जमा की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब के तेज़ी से हो रहे विकास से घबराए विरोधी राज्य की प्रगति में बाधा डालने की साजिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "एक जुलाई से महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में पैसे मिलने लगेंगे। 'मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत, हर महिला को हर महीने एक हजार मिलेंगे, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यह रकम सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी और जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन पा रही हैं, वे भी इसके लिए पात्र होंगी। उम्मीद है कि पंजाब की लगभग 97% महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा, जिसके लिए राज्य सरकार ने बजट में कुल 9,300 करोड़ का प्रावधान किया है।" मान ने कहा, "हमारी सरकार लोगों की भलाई के लिए लगातार काम कर रही है। हमने घरों को मुफ़्त बिजली दी है, बिना किसी भ्रष्टाचार के 68,000 से ज़्यादा युवाओं को सरकारी नौकरियां दी हैं, सड़कों को बेहतर बनाया है, टोल प्लाज़ा बंद करके रोज़ाना लगभग 70 लाख की बचत की है, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मज़बूत किया है, बुनियादी ढांचा तैयार किया है और कई अन्य अहम पहल की हैं। जब हमारी सरकार सत्ता में आई थी, तब सिंचाई के लिए नहर के पानी का सिर्फ़ 22% ही इस्तेमाल हो रहा था। आज यह आंकड़ा बढ़कर 80% से ज़्यादा हो गया है। हम राज्य भर में गांवों के विकास के लिए अनुदान भी दे रहे हैं।" राज्य में हेल्थकेयर में किए गए सुधारों के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री सेहत योजना देश की अपनी तरह की पहली योजना है जो पंजाब के हर परिवार को 10 लाख तक का कैशलेस इलाज देती है। इसका मकसद राज्य के हर परिवार को यूनिवर्सल हेल्थकेयर देना है, और लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ से ज़्यादा का मुफ़्त इलाज करवा चुके हैं।" AAP ने पूरी की आखिरी गारंटी  मुख्यमंत्री वेब लिंक लॉन्च कर योजना का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। अब तक योजना के तहत करीब 50 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। जनरल वर्ग की महिलाओं को एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। बाद में रजिस्ट्रेशन कराने वाली महिलाओं को भी इस स्कीम का पूरा लाभ मिलेगा। सीएम मान आज तीन महीने की सम्मान राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर करेंगे। यह राशि 3500 रुपये से लेकर 4000 रुपये के बीच होगी। क्या है मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना? मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना पंजाब सरकार द्वारा शुरू की गई एक महत्वपूर्ण महिला कल्याण स्कीम है। सीएम मान ने इस योजना का एलान पंजाब बजट 2026–27 के दौरान किया था। योजना का उद्देश्य राज्य की महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत पंजाब की सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये सम्मान राशि दी जाएगी। योजना की शुरुआत आज से होगी। कैसे मिलेंगे रुपये? योजना के अंतर्गत राशि महिलाओं के बैंक खाते में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाएगी। पंजाब राज्य की 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं। क्या है पात्रता?     योजना का लाभ लेने के लिए महिला का पंजाब का निवासी होना आवश्यक है।     महिला की उम्र 18 साल से अधिक होनी चाहिए।     महिला का आधार कार्ड बैंक अकाउंट से लिंक होना चाहिए। जरूरी दस्तावेज     महिला का आधार कार्ड।     महिला की बैंक पासबुक की फोटोकॉपी।     पंजाब का राशन कार्ड या वोटर आईडी कार्ड।     मोबाइल नंबर- आधार कार्ड और बैंक पासबुक से लिंक होना चाहिए। आज 97 फीसदी महिलाओं को मिलेगा लाभ मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को घोषणा की बुधवार को दोपहर 12 बजे के बाद राज्य की महिलाओं के मोबाइल फोन पर खास संदेश आएगा। संदेश में लिखा होगा कि आपके खाते में 4,500 या 3,000 रुपये जमा हो गए हैं। यह राशि पंजाब सरकार की ओर से राज्य की महिलाओं के लिए शुरू की जा रही मांवां धीयां सत्कार योजना के तहत डाली जाएगी।  

जुलाई के पहले दिन खुशखबरी! पेट्रोल 5 रुपये और डीजल 3 रुपये सस्ता, ग्राहकों को बड़ी राहत

नई दिल्ली प्राइवेट सेक्टर की दिग्गज तेल कंपनी नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने देश के आम नागरिकों को राहत देते हुए रिटेल नेटवर्क पर पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है. नई दरें बुधवार, 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं।  अब भोपाल में पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए पर आ गया है। नायरा के देशभर में 7 हजार से ज्यादा पेट्रोल पंप हैं। इंडस्ट्री के सूत्रों के मुताबिक, कंपनी की तरफ से कम की गईं कीमतें पूरे देश में नयारा (Nayara) के 7000 से ज्यादा पेट्रोल पंपों  पर लागू होगी.हालांकि, अलग-अलग राज्यों में वैट (VAT) और दूसरे लोकल टैक्स में अंतर के कारण पंप की कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर दिख सकता है।  आज प्राइवेट रिटेलर ने भले ही पेट्रोल-डीजल के दाम घटा दिए हैं, लेकिन सरकारी तेल मार्केटिंग कंपनियों – इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) – ने रिटेल फ्यूल की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है. ये तीनों कंपनियां मिलकर भारत के एक लाख से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों को संभालती हैं।  प्रमुख शहरों में अनुमानित कीमतें शहर            पेट्रोल की अनुमानित कीमत     डीजल की अनुमानित कीमत     सरकारी तेल कंपनियों के रेट दिल्ली            97.12 रुपये                                          92.20 रुपये            102.12 और 95.20 रुपये नोएडा            96.96 रुपये                                          87.03 रुपये           101.96 और 90.03 रुपये मुंबई              106.21 रुपये                                       91.50 रुपये            111.21 और 94.50 रुपये 7000 पेट्रोल पंपों पर सस्ता पेट्रोल-डीजल Nayara Energy रूस की रोसनेफ्ट समर्थित फ्यूल कंपनी है. इसने हाल ही  भारत में अपने पेट्रोल पंप की संख्या 7,000 के पार पहुंचाई है और इसके साथ ही ये प्राइवेट सेक्टर की देश की सबसे बड़ी पेट्रोल-डीजल रिटेल सेलर के रूप में उभरी है. तेल की कीमतों पर बीते कुछ समय में महंगाई की मार से इस कंपनी ने अब अपने देशव्यापी नेटवर्क पर पेट्रोल प्राइस में 5 रुपये और डीजल प्राइस में 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती का तोहफा दिया है।  इंडस्ट्री के सूत्रों ने बताया कि नायरा के 7,000 से ज्यादा फ्यूल स्टेशनों पर नई कीमतें 1 जुलाई 2026 से लागू कर दी गई हैं. यहां ध्यान रहे कि विभिन्न राज्यों में पेट्रोल पंपों पर Petrol-Diesel Price अलग-अलग हो सकती हैं, जो लोकल टैक्स जैसे वैल्यू-एडेड टैक्स (VAT) पर निर्भर करती हैं।  सरकारी तेल कंपनियों की कीमतें स्थिर एक ओर जहां प्राइवेट सेक्टर की नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करते हुए लोगों को राहत दी है, तो वहीं सरकारी फ्यूल रिटेलर्स ने अपनी कीमतों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL),  जो मिलकर भारत के एक लाख से ज्यादा पेट्रोल-पंपों में से 90 फीसदी से ज्यादा का संचालन करती हैं, इनपर फ्यूल प्राइस यथावत बने हुए हैं. राजधानी दिल्ली में, IOC आउटलेट्स पर पेट्रोल की कीमत 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमत 95.20 रुपये प्रति लीटर है।  जितनी बढ़ोतरी, उतनी ही की कटौती गौरतलब है कि अमेरिका-ईरान युद्ध (US-Iran War) से पैदा हुई ग्लोबल टेंशन के बीच इंटरनेशनल ऑयल प्राइस में तेज उछाल देखने को मिला था. इस दौरान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में इजाफा करने के मामले में पहली फ्यूल रिटेलर्स में नायरा एनर्जी भी शामिल थी. बीते 26 मार्च को कंपनी ने अपने पेट्रोल की कीमतों में 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. अब इतनी ही कटौती भी की है।  नायरा के बाद करीब चार साल तक स्थिर रखने के बाद भारत में सरकारी तेल कंपनियों ने भी पेट्रोल-डीजल पर महंगाई का बम फोड़ते हुए देशवासियों को झटका दिया था. इंडियन ऑयल से बीपी, एचपी तक ने मई महीने में एक के बाद एक कई बार Petrol-Diesel Price में बढ़ोतरी की थी और इनकी कीमतों में कुल मिलाकर 7.50 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था. इसके पीछे कंपनियों ने मिडिल ईस्ट युद्ध से पैदा हुए तेल संकट से बढ़ती लागत का हवाला दिया था।  युद्ध थमने, क्रूड सस्ता होने का असर नायारा एनर्जी गुजरात के वाडिनार में हर साल 20 मिलियन टन क्षमता वाली तेल रिफाइनरी संचालित करती है. पेट्रोल-डीजल की कीमतों में यह कटौती वेस्ट एशिया में तनाव कम होने और एक अहम समुद्री रास्ते होर्मुज स्ट्रेट (Hormuz Strait) के फिर से खुलने के बाद ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के बाद की गई है. समुद्री रास्ते के खुलने से क्रूड ऑयल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है और इससे सप्लाई में रुकावट की चिंता कम हो गई है।     

NICU में बार-बार ब्लड टेस्ट पड़ सकते हैं भारी! रिसर्च में सामने आया गंभीर खतरा

नई दिल्ली जब कोई बच्चा समय से पहले जन्म ( प्रीटर्म बर्थ) ले लेता है तो उसको अच्छी देखभाल के लिए NICU में रखा जाता है. इस दौरान कई बार खून की जांच होती है. किसी संक्रमण का पता लगाने के लिए यह ब्लड टेस्ट किए जाते हैं, लेकिन बार-बार होने वाले यह टेस्ट बच्चों की सेहत को बिगाड़ सकते हैं. एनआईसीयू में भर्ती हुए बच्चों पर हुई एक नई स्टडी में इस खतरे के बारे में बताया गया है. यह रिसर्च प्रसिद्ध मेडिकल जर्नल द लैंसेट में छपी है।  इस रिसर्च को 22 यूरोपीय देशों के 64 NICU में  भर्ती हुए 320 प्रीटर्म बर्थ वाले बच्चों पर किया गया है. इसमें बताया गया कि कुछ बच्चों को एनआईसीयू में से एक से तीन दिन में छुट्टी मिल जाती है तो कुछ को कई महीनों तकरखना पड़ता है. इस दौरान किए जाने वाले ब्लड टेस्ट से बच्चे के शरीर में पहले हफ्ते में ही खून की कमी हो सकती है. ये कमी उसको एनीमिया की बीमारी का शिकार बना सकती है. इस बीमारी से उनके शारीरिक और मानसिक विकास पर असर पड़ सकता है. यह स्टडी यूरोप में NICU पर आधारित सबसे बड़ी स्टडी है. इससे यह पता लगाने की कोशिश की गई है कि एनआईसीयू में बच्चों का कितना खून केवल टेस्ट के लिए निकाल लिया जाता है।   28 दिनों के भीतर 50 फीसदी खून ले लिया जाता है रिसर्च में पता चला कि 24 सप्ताह में जन्मे बच्चों में 28 दिनों के भीतर जन्म के समय शरीर में मौजूद कुल खून का लगभग 50% ब्लड टेस्ट के लिए निकाल लिया जाता है. 25 सप्ताह में जन्मे बच्चों में लगभग 26% खून, 26 सप्ताह में लगभग 20% और 27 सप्ताह में लगभग 11.5% खून केवल टेस्ट के लिए निकाल लिया जाता है।  इन आंकड़ों से पता चलता है कि 24 सप्ताह में जन्मे बच्चों में तो जन्म के समय जितना खून था, उसका आधा सिर्फ ब्लड टेस्ट करने में खर्च हो जाता है. इससे आगे चलकर बच्चे के शरीर में खून की कमी होने का रिस्क होता है।  सबसे ज्यादा खून कब निकला? रिसर्चर्स ने पाया कि कुछ अस्पतालों में डॉक्टर NICU में मौजूद बच्चे का कम मात्रा में खून लेकर जांच करते हैं. जबकि कुछ अस्पताल उसी टेस्ट के लिए कई गुना ज्यादा खून लेते हैं. टेस्ट एक ही होता है, लेकिन खून की जरूरत अलग-अलग होती है. जहां अच्छे लैब और डॉक्टर हैं वहां कई टेस्ट के लिए एक बार ही सैंपल ले लिया जाता है, वहीं कई अस्पतालों में हर टेस्ट के लिए अलग- अलग बार सैंपल लिए जाते हैं।  इस तरह की जानी चाहिए बच्चों के खून की जांच रिसर्च में पाया गया कि जिन NICU में कम खून में जांच करने वाली मशीने थीं, वहां बच्चों का ब्लड लॉस लगभग आधा था. कम मात्रा में खून से जांच करने वाली मशीनों ज्यादा बेहतर हैं. रिसर्च से यह साफ हुआ है कि अगर कम खून में जांच करने वाली तकनीके अपनाई जाएं  तो बच्चों में खून की कमी का खतरा काफी कम हो सकता है. इससे एनीमिया की बीमारी का रिस्क भी कम रहता है।  क्या कहते हैं एम्स के एक्सपर्ट दिल्ली एम्स में पीडियाट्रिक विभाग में डॉ. हिमांशु भदानी बताते हैं कि NICU में भर्ती बच्चों को सामान्य बच्चों की तुलना में अधिक रिस्क होता है. उनमें किसी बीमारी की जांच और अलग- अलग इंफेक्शन का पता लगाने के लिए कई प्रकार के टेस्ट किए जाते हैं, हालांकि टेस्ट जरूरत के हिसाब से ही होने चाहिए. एक बार के सैंपल से ही कई जांच की जा सकती हैं. ऐसे में बार- बार सैंपल लेना ठीक नहीं है. अगर बच्चे में खून की कमी हो जाती है तो फिर ये स्थिति भी खतरनाक हो सकती है. इससे एनीमिया की बीमारी का रिस्क होता है।  क्या होती है एनीमिया की बीमारी?  नवजात शिशुओं में एनीमिया एक ऐसी स्थिति है, जिसमें बच्चे के शरीर में रेड ब्लड सेल्स की संख्या सामान्य से कम होती है. ऐसा कई कारणों से हो सकता है, जैसे कि बच्चा समय से पहले पैदा हुआ हो, रेड ब्लड सेल्स बहुत तेज़ी से टूट रहे हों, शरीर में पर्याप्त रेड ब्लड सेल्स न बन रहे हों या बच्चे का बहुत ज़्यादा खून बह गया हो.  डॉ हिमांशु बताते हैं कि एनीमिया की बीमारी में लक्षण गंभीर भी हो सकते हैं. इसमें स्किन का पीला पड़ना, कमजोरी होना और उसकी इम्यूनिटी पर भी इसका असर हो सकता है। 

कैबिनेट विस्तार पर नजरें, यूपी-पंजाब के नेताओं की बढ़ सकती है हिस्सेदारी; बागियों की किस्मत पर भी सस्पेंस

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगुवाई वाली केंद्र सरकार के मंत्रिमंडल में कई बदलावों की तैयारी चल रही है. माना जा रहा है कि अगले कुछ ही दिनों में मोदी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है. कैबिनेट विस्तार में कई नए मंत्रियों का नाम जुड़ सकते हैं तो कुछ पुराने मंत्रियों की मंत्रिमंडल से छुट्टी हो सकती है।  मोदी कैबिनेट के विस्तार का रोडमैप तैयार किया जा रहा है. मंत्रिमंडल विस्तार का फोकस उन राज्यों पर रहेगा, जहां अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. इसके चलते माना जा रहा है कि मोदी मंत्रिमंडल में उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब, उत्तराखंड जैसे राज्यों से प्रतिनिधित्व बढ़ सकता है।  केंद्रीय मंत्रिमंडल के विस्तार की तारीख से लेकर मंत्रिमंडल के चेहरों तक पर कयास लगाए किए जा रहे हैं. 11 जुलाई तक पीएम मोदी का कई कार्यक्रम और दौरे लगे हुए हैं. संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरु हो सकता है. ऐसे में मॉनसून सत्र से पहले मंत्रिमंडल विस्तार हो सकता है?  मोदी कैबिनेट विस्तार से समीकरण साधने का दांव देश की सियासत में सबसे ज्यादा चर्चा मोदी मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर हो रही है. बीजेपी और सरकार के शीर्ष नेतृत्व के बीच राय प्रबल हो रही है कि अहम मंत्रालयों में नए चेहरों को शामिल किए जाए. साथ ही क्षेत्रीय, राज्यवार, जातीय और राजनीतिक निष्ठा से जुड़े समीकरणों को ध्यान में रखकर मंत्रिपरिषद में संतुलन बनाने की राजनीतिक मजबूरियां भी हैं।  मोदी कैबिनेट में शामिल मंत्रियों में पंकज चौधरी उत्तर प्रदेश और हर्ष मल्होत्रा दिल्ली के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बन गए हैं. ऐसे में प्रबल संभावना है कि  बीजेपी 'एक व्यक्ति, एक पद' के अपने नियम का पालन करते हुए दोनों ही मंत्रियों की कैबिनेट से छुट्टी हो सकती है. इसके अलावा जॉर्ज कुरियन केंद्रीय मंत्री पद से इस्तीफा दे चुके हैं तो केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो गया है।  रवनीत बिट्टू भी देर-सबेर मंत्री पद छोड़ सकते हैं. इन चार जगह पर नए मंत्री बनाए जा सकते हैं तो 9 मंत्री पद पहले से ही खाली हैं. मोदी के अगुवाई सरकार में फिलहाल 72 मंत्री हैं, जिसमें 31 कैबिनेट, 5 स्वतंत्र प्रभार और 36 राज्यमंत्री. केंद्र सरकार में अधिकतम 81 मंत्री बन सकते हैं. इस लिहाज से 13 मंत्री पद की साफ जगह बन रही है. इसके अलावा कुछ मंत्रियों को कैबिनेट से हटाया भी जा सकता है तो कुछ नए मंत्रियों को एंट्री मिल सकती है।  मंत्रिमंडल विस्तार में चुनावी राज्यों पर होगा फोकस मोदी कैबिनेट विस्तार में बीजेपी का मुख्य फोकस उन राज्यों पर रह सकता है, जहां पर विधानसभा चुनाव होने हैं. उत्तर प्रदेश,उत्तराखंड और पंजाब सहित सात राज्यों में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं. यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर में साल के शुरू में ही चुनाव हैं तो हिमाचल प्रदेश और गुजरात में साल के आखिर में चुनाव होने हैं।  विधानसभा चुनाव को देखते हुए पीएम नरेंद्र मोदी की नई कैबिनेट में चुनावी राज्यों सेप्रतिनिधित्व बढ़ाया जा सकता है ताकि सियासी समीकरणों को चुनाव के लिहाज से साधा जा सके. इसलिए इन राज्यों के कुछ नेताओं को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है. उत्तराखंड की बात करें तो अजय टम्टा मोदी कैबिनेट में परिवहन राज्य मंत्री हैं. टम्टा मोदी कैबिनेट में दूसरी बार राज्यमंत्री हैं और वे बीजेपी के दलित चेहरे हैं. ऐसे में नई टीम में उनका कद बढ़ाया जा सकता है या फिर एक और चेहरे को शामिल किया जा सकता है।  उत्तर प्रदेश से लेकर पंजाब तक का दिखेगा दबदबा यूपी से फिलहाल केंद्र सरकार में 10 मंत्री हैं, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हैं. अब यूपी चुनाव 2027 का रण साधने और राजनीतिक समीकरणों को जमीन पर उतारने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल के जरिए बदलाव किया सकता है. 2024 में भले ही भाजपा का प्रदर्शन सूबे में खराब रहा हो, लेकिन केंद्रीय मंत्रिमंडल में यूपी की भूमिका कम नहीं हुई. विधानसभा चुनाव से पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल में राज्य की भूमिका को बढ़ाया जा सकता है।  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को देखते हुए पश्चिमी यूपी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बड़ा स्थान मिल सकता है. पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ तक पश्चिमी यूपी पर फोकस करते दिखे हैं. इसके अलावा सूबे के जातीय समीकरण को साधने के लिए ओबीसी व दलित समुदाय से कुछ नए मंत्री बनाए जा सकते हैं।  पंजाब में विधानसभा चुनाव है, जिसे देखते हुए मोदी मंत्रिमंडल में पंजाब का प्रतिनिधित्व दिया जा सकता है. मोदी कैबिनेट में रवनीत सिंह बिट्टू एकलौते मंत्री हैं, जो पंजाब से हैं. रवनीत सिंह बिट्टू पंजाब के पूर्व सीएम बेअंत सिंह के पोते हैं. लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले वे कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए थे,लुधियाना सीट से लोकसभा का चुनाव हार गए थे, लेकिन फिर भी पीएम मोदी ने उन्हें अपने कैबिनेट में जगह दी थी।  सिख समाज से आने वाले केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी यूपी कोटे से मंत्री हैं, लेकिन उन्हें पंजाब में सिख वोटों को साधे रखने के लिए कैबिनेट में जगह दे रखी है. माना जा रहा है कि पंजाब से दो से तीन मंत्री बनाए जा सकते हैं, जिसमें आम आदमी पार्टी से बीजेपी में आने वाले राज्यसभा सदस्यों में से किसी चेहरे को मौका मिल सकता है. बीजेपी का पूराव फोकस पंजाब में सरकार बनाने की है, जिसके लिए अभी से भी पार्टी जुट गई है।  क्या बागी सांसदों को भी कैबिनेट में मिलेगी जगह? पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की मिली भारी जीत के बाद राज्य से भी पार्टी के कुछ सांसदों को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है. तृणमूल कांग्रेस के करीब 20 लोकसभा सांसदों ने ममता बनर्जी से अलग होकर एनसीपीआई में विलय किया है और मोदी सरकार को समर्थन करने का ऐलान किया है. ऐसे में सभी की निगाहें लगी हुई हैं कि टीएमसी के किसी बागी सांसद को मोदी सरकार में क्या मंत्री बनाए जा सकता है?  महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) को 9 में से 6 लोकसभा सांसद उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर एकनाथ शिंदे के साथ आ गए हैं. इस तरह शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में सांसदों की संख्या महाराष्ट्र के एनडीए में सबसे ज्यादा हो … Read more