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बिहार में नई सरकार और सीएम का निर्णय दिल्ली में, बीजेपी बैठक में क्या होगा आज?

नई दिल्ली/ पटना  बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से सीएम बनने जा रहे नेता के नाम पर आपसी सहमति बनाने के लिए भाजपा ने आज दिल्ली में राज्य के प्रमुख नेताओं की बैठक रखी है। बीजेपी मुख्यालय में पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन इस बैठक को लेंगे, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, राज्य के मंत्री मंगल पांडेय, दिलीप जायसवाल, सांसद संजय जायसवाल जैसे बड़े नेता शामिल होंगे। बीजेपी की आज की बैठक का मकसद बिहार में भाजपा के पहले सीएम के नाम पर आपसी सहमति हासिल करना है। पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह के दौर में भाजपा में एक नाम पर सहमति बनाना मुश्किल काम नहीं है। बिहार में 14 या 15 अप्रैल को भाजपा के सीएम के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार का गठन हो सकता है। सरकार में पहले की तरह भाजपा के साथ नीतीश की पार्टी जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू), चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी- रामविलास (एलजेपी-आर), जीतनराम मांझी की पार्टी हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा (एचएएम) और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) से मंत्री शामिल होंगे। नीतीश कुमार के मौजूदा कैबिनेट के कई मंत्री अगली सरकार में भी शामिल हो सकते हैं, लेकिन कम से कम भाजपा और जदयू में कुछ नए चेहरों को मौका मिलने की चर्चा है। अगर दोबारा मंत्री बने तो सबसे ज्यादा फायदा में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा रहेंगे। उनको 6 महीने के अंदर एमएलसी या एमएलए बनने का मौका दोबारा मिल जाएगा। इस समय उनके मंत्री बनने का 5वां महीने पूरा होने को है और नियमतः उन्हें छह महीने के अंदर किसी सदन में पहुंचना है। तकनीकी पेच ना हो तो नई सरकार में फिर से शपथ लेने के बाद उन्हें छह महीने की यह मियाद एक बार फिर मिल जाएगी। भाजपा में मुख्यमंत्री का चुनाव कैसे होता है? लिखा-पढ़ी में मुख्यमंत्री का चुनाव पार्टी के विधायक करते हैं, लेकिन भाजपा में विधायक दल की बैठक में नेता चुनने से पहले पार्टी का संसदीय बोर्ड इसका फैसला कर देता है। भाजपा के संसदीय बोर्ड में नितिन नवीन, नरेंद्र मोदी, राजनाथ सिंह, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएस येदियुरप्पा, सर्बानंद सोनोवाल, के लक्ष्मण, इकबाल सिंह लालपुरा, सुधा यादव, सत्यानारायण जाटिया और बीएल संतोष शामिल हैं। संसदीय बोर्ड से फैसले के बाद पार्टी विधायक दल के नेता का चुनाव कराने के लिए एक या दो पर्यवेक्षक भेजती है। पर्यवेक्षक पार्टी हाईकमान के फैसले की जानकारी विधायकों को देते हैं और फिर विधायक उस फैसले का अनुपालन करते हुए नेता चुनने की औपचारिकता पूरी करते हैं। विधायक दल का नेता मुख्यमंत्री बनता है। अभी सम्राट हैं बीजेपी विधायक दल के नेता, विजय सिन्हा उप-नेता, दोनों डिप्टी सीएम बिहार में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है, लेकिन उसके पास अकेले बहुमत नहीं है। इसलिए भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए गठबंधन के विधायक दल का भी नेता चुना जाएगा। इस प्रक्रिया में कोई अड़चन नहीं है, लेकिन औपचारिकता पूरी करनी होगी। सबसे पहले एनडीए के पांचों दल का नेता चुना जाएगा और अंत में एनडीए के सभी विधायकों की एक साथ बैठक होगी, जिसमें भाजपा के विधायक दल के नेता को एनडीए विधायक दल का नेता यानी मुख्यमंत्री चुना जाएगा। बिहार में नई सरकार का सम्राट किसे बनाएगी भाजपा? बिहार में इस समय भाजपा विधायक दल के नेता सम्राट चौधरी और उप-नेता विजय कुमार सिन्हा हैं। दोनों नीतीश सरकार में उप-मुख्यमंत्री हैं, जिसमें सम्राट चौधरी को नंबर 2 का दर्जा हासिल है। सीएम के चयन में भाजपा फिर चौंकाती है या आम तौर पर जिन नेताओं के नाम की चर्चा चल रही है, उनमें ही किसी पर भरोसा जताती है, यह एक पहेली है, जिसे सिर्फ मोदी और शाह सुलझा सकते हैं। बिहार में हर जुबान पर अभी यही सवाल है कि भाजपा बिहार में सरकार का सम्राट किसे बनाएगी। 

विधानसभा और सीवान कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, सुरक्षा एजेंसियां हुईं अलर्ट

पटना   बिहार विधानसभा को एक महीने के अंदर दूसरी बार बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। शुक्रवार दोपहर एक बजे ईमेल के जरिए यह धमकी दी गई। इसके बाद विधानसभा परिसर में हड़कंप मच गया। पटना एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के निर्देश पर फौरन सुरक्षाकर्मी बम निरोधक दस्ते के साथ विधानसभा पहुंचे और जांच में जुट गए। पुलिस ने हर जगह सघन जांच अभियान चलाया। काफी देर खोजबीन के बाद भी बम नहीं मिला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया इधर, पुलिस टीम ने पूरे विधानसभा परिसर को खंगाला। सभी कर्मियों को बाहर निकाला गया। हर एक कार्यालय की जांच की गई। रेस्टोरेंट और कैंटीन की भी जांच की गई लेकिन कहीं कुछ नहीं बरामद हुआ। मामले में पटना एसएसपी ने बताया कि अज्ञात मेल के जरिए धमकी आई है। साइबर सेल की टीम मामले की जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई चल रही है। बता दें कि 13 मार्च 2026 को बिहार विधानसभा को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। इससे पहले ठीक इसी अंदाज में पटना सिविल कोर्ट समेत कुछ जिलों के कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। । किसने क्या लिखा धमकी भरे ईमेल में बिहार विधानसभा को शुक्रवार को जो ईमेल भेजा गया। उसमें धमकी देने वालों ने दावा किया गया है कि दोपहर करीब सवा दो बजे विधानसभा को साइनाइड गैस से निशाना बनाया जाएगा। धमकी भरे संदेश में बांग्लादेश के अब्दुल सईद समेत कई लोगों पर कथित अत्याचार का हवाला दिया गया है। ईमेल भेजने वाले ने खुद को “इस्लामिक फ्राइडे एंटी क्राइस्ट” नामक संगठन से जुड़ा बताया है। सीवान कोर्ट को भी उड़ाने को भी धमकी इतना ही नहीं, इस ईमेल में बिहार विधानसभा के अलावा सीवान सिविल कोर्ट को भी उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सूचना मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गईं। विधानसभा परिसर और सीवान सिविल कोर्ट के आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और बम निरोधक दस्ता भी अलर्ट पर है। पुलिस और जांच एजेंसियां ईमेल के स्रोत का पता लगाने में जुट गई हैं।

रिंग रेस्क्यू नाकाम, भागीरथ की मदद से रिंग फंसी; सुरंग की खुदाई जारी, बोरवेल पर नजरें

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के बड़नगर तहसील के झलारिया गांव में एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गुरुवार शाम करीब 7 बजे, 3 वर्षीय मासूम भागीरथ खेलते समय अचानक एक खुले बोरवेल में जा गिरा। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मुस्तैद हो गया है और युद्धस्तर पर बचाव कार्य जारी है। संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन और चुनौतियां भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी है। भोपाल से आई NDRF (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) की टीम के साथ हरदा, इंदौर और उज्जैन की SDRF टीमें मिलकर जॉइंट रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। घटनास्थल पर पुलिस और रेस्क्यू एजेंसियों की टीमें तैनात हैं। पूरे इलाके को कॉर्डन ऑफ कर दिया गया है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे यहां भीड़ न लगाएं। अधिकारियों के अनुसार, भीड़ से रेस्क्यू कार्य में बाधा आ सकती है। फिलहाल प्रशासन का पूरा फोकस बच्चे को सुरक्षित बाहर निकालने पर है और ऑपरेशन लगातार जारी है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भागीरथ को रिंग रेस्क्यू के जरिए बाहर निकालने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अब बोरवेल के पास समानांतर सुरंग खोदने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि बीती रात से ही रेस्क्यू टीम रोप रिंग और समानांतर सुरंग दोनों तरीकों से बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, रोप रिंग के जरिए बार-बार असफलता मिलने के बाद अब सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास में जुटी हुई है और हर संभव तरीके से भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।     समानांतर खुदाई: जेसीबी (JCB) मशीनों की मदद से बोरवेल के बगल में एक गड्ढा खोदा जा रहा है।     मौजूदा स्थिति: बच्चा लगभग 70 फीट की गहराई पर फंसा हुआ है। राहत की बात यह है कि उसे लगातार ऑक्सीजन सप्लाई दी जा रही है।     कठिन राह: रेस्क्यू टीमें अब तक करीब 40 फीट की खुदाई कर चुकी हैं, लेकिन नीचे कठोर चट्टानें आने की वजह से अभियान की गति थोड़ी धीमी हुई है। कैमरे के जरिए बच्चे की हर हलचल पर पैनी नजर रखी जा रही है। कैसे हुआ हादसा? भागीरथ का परिवार मूल रूप से राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला है। वे भेड़ चराने के सिलसिले में पिछले तीन दिनों से झलारिया इलाके में ठहरे हुए थे। पिता प्रवीण देवासी के अनुसार, भागीरथ दीवार के पास खेल रहा था। मासूम ने जिज्ञासावश बोरवेल का ढक्कन हटाया और उसे बाल्टी समझकर उसमें पैर डाल दिया। मां ने उसे बचाने के लिए हाथ भी बढ़ाया, लेकिन पलक झपकते ही बच्चा गहराई में ओझल हो गया। सुरक्षा के लिहाज से मौके पर दो एंबुलेंस और मेडिकल टीम को तैनात रखा गया है, ताकि रेस्क्यू होते ही बच्चे को तुरंत उपचार मिल सके। उज्जैन में राजस्थान में होने वाले विवाह समारोह को लेकर भागीरथ के घर में उत्साह का माहौल था। मासूम भागीरथ सबसे ज्यादा खुश था, क्योंकि उसे शादी में पहनने के लिए नए कपड़े दिलाए गए थे। कल तक वह उन नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चहक रहा था और उसकी हंसी से आंगन गूंज रहा था। भागीरथ की मौसी ने भारी मन से बताया कि घर के अधिकांश लोग राजस्थान पहुंच चुके थे और भागीरथ का परिवार भी निकलने ही वाला था। शाम को नए कपड़ों में खेलते हुए वह अचानक 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। अब घर के एक कोने में वह नई पोशाक रखी है और दूसरी ओर उसकी मां की पथराई आंखें बस बोरवेल के मुहाने की ओर टिकी हैं।  उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बीती रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कैमरे के माध्यम से उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके। घटनास्थल पर पहुंचे बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। विधायक पंड्या ने कहा कि सभी का यही प्रयास है कि मासूम भागीरथ को सकुशल बाहर निकाला जा सके।  एसडीआरएफ के कमांडेंट संतोष जाट ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर उसे बाहर निकाल लिया जाए। उन्होंने बताया कि इस प्रयास में भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम, हरदा, इंदौर और उज्जैन की एसडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। मौके पर दो एंबुलेंस भी तैनात हैं। रेस्क्यू के दौरान भागीरथ की शर्ट निकाली गई है।

ईमानदार है आम उपभोक्ता, बिना गलती किसी का बिजली कनेक्शन न काटा जाए: मुख्यमंत्री

विशेषज्ञ समिति बनाकर स्मार्ट मीटर शिकायतों की जांच कराएं:मुख्यमंत्री ईमानदार है आम उपभोक्ता, बिना गलती किसी का बिजली कनेक्शन न काटा जाए: मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री का निर्देश, ऊर्जा मंत्री और पॉवर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक फील्ड में दौरा कर उपभोक्ताओं की समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित कराएं हेल्पलाइन नम्बर एक्टिव रहे, सनस्याओं का करायें समुचित समाधान: मुख्यमंत्री निर्बाध और पारदर्शी बिजली हमारी प्राथमिकता, कृषि फीडरों का पृथक्करण का काम समय से पूरा कराएं: मुख्यमंत्री बेहतर हुई डिस्कॉम्स की राष्ट्रीय रेटिंग, मुख्यमंत्री योगी ने कहा रिफॉर्म जारी रखें  मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, गर्मी में पीक डिमांड पूरी करने में कमी न हो, तैयारी पूरी रखें न्यूनतम 05 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए, पीएम कुसुम योजनाओं से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश विजिलेंस को मुख्यमंत्री योगी का निर्देश, ऐसी कार्रवाई न करें कि आम आदमी परेशान हो मुख्यमंत्री का निर्देश, ट्रांसफार्मर बदलवाने के लिए आम आदमी को न होना पड़े परेशान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्मार्ट बिजली मीटर को लेकर विभिन्न क्षेत्रों से प्राप्त उपभोक्ताओं की शिकायतों का संज्ञान लेते हुए इसकी गहन जांच के निर्देश दिए हैं। गुरुवार को ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि आम उपभोक्ता स्वाभाविक रूप से ईमानदार होता है और यदि उसे समय पर सही बिल प्राप्त हो, तो वह भुगतान करने में कोई हिचक नहीं करता। मुख्यमंत्री ने ओवरबिलिंग की समस्या की वास्तविक स्थिति का पता लगाने हेतु विशेषज्ञों की एक समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि उपभोक्ता की कोई गलती नहीं है, तो उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाना चाहिए। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऊर्जा क्षेत्र में किए गए सुधारों का वास्तविक लाभ अंतिम उपभोक्ता तक पहुंचे, इसके लिए विश्वसनीय आपूर्ति, तकनीकी दक्षता और जवाबदेही को आधार बनाकर कार्य किया जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग, लाइन लॉस में कमी, उपभोक्ता सेवाओं के डिजिटलीकरण तथा राजस्व संग्रह में सुधार को तेज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने बिलिंग और भुगतान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं विश्वसनीय बनाने पर जोर देते हुए निर्देश दिए कि उपभोक्ताओं को समय पर और सटीक बिल उपलब्ध कराने के लिए ठोस व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्मार्ट मीटरिंग प्रणाली को उपभोक्ता विश्वास के अनुरूप बनाने तथा शिकायतों के त्वरित एवं निष्पक्ष निस्तारण पर विशेष बल दिया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ऊर्जा मंत्री एवं पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक स्वयं फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित व प्रभावी निराकरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि टॉल फ्री हेल्पलाइन नंबर पूरी तरह सक्रिय रहें तथा प्राप्त शिकायतों का समुचित और समयबद्ध समाधान किया जाए, ताकि आम उपभोक्ता को किसी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में विद्युत उपभोक्ताओं की संख्या वर्ष 2017 के 1.65 करोड़ से बढ़कर 2026 में 3.71 करोड़ से अधिक हो गई है, जो लगभग 126 प्रतिशत वृद्धि को दर्शाता है। इसी अवधि में विद्युत भार में लगभग 80 प्रतिशत तथा ऊर्जा बिक्री में 63 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई है। वर्तमान में कुल ऊर्जा बिक्री 1.27 लाख मिलियन यूनिट तथा कनेक्टेड लोड 84,000 मेगावाट से अधिक है। घरेलू उपभोक्ता कुल कनेक्शनों का 87 प्रतिशत हैं, जबकि राजस्व में वाणिज्यिक एवं औद्योगिक वर्ग का योगदान सर्वाधिक है। डिस्कॉम्स के प्रदर्शन में सुधार पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि राष्ट्रीय रेटिंग में और सुधार सुनिश्चित किया जाए तथा वितरण अवसंरचना को और सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि ट्रांसफार्मर बदलने की प्रक्रिया को और तेज किया जाए ताकि उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि जहां नए विद्युत पोल लगाए जा रहे हैं, वहां उनकी गहराई, केबल की गुणवत्ता एवं अन्य तकनीकी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही बिजली लाइनों को चरणबद्ध रूप से भूमिगत किए जाने की प्रक्रिया को और व्यवस्थित एवं गति देने के निर्देश दिए। प्रिवेंटिव मेंटेनेंस को सुदृढ़ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि फॉल्ट-फ्री सप्लाई के लिए नियमित रखरखाव अनिवार्य है। बैठक में बताया गया कि प्री एवं पोस्ट मानसून अभियानों के परिणामस्वरूप वर्ष 2025-26 में पावर ट्रांसफॉर्मर क्षति में लगभग 80 प्रतिशत तथा बड़े वितरण ट्रांसफॉर्मरों की क्षति में लगभग 48 प्रतिशत की कमी आई है। स्मार्ट मीटरिंग एवं राजस्व सुधार की समीक्षा में बताया गया कि 84 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं तथा फीडर मीटरिंग में लगभग 95 प्रतिशत प्रगति हुई है।  ग्रामीण क्षेत्रों के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि न्यूनतम 05 आवास वाले मजरों में भी विद्युतीकरण सुनिश्चित किया जाए। साथ ही डबल ग्रुप सप्लाई एवं कृषि फीडर पृथक्करण के कार्यों को समयबद्ध पूर्ण किया जाए, ताकि ओवरलोडिंग की समस्या का समाधान हो सके। उपभोक्ता सेवाओं के अंतर्गत 1912 कॉल सेंटर, ऑनलाइन पोर्टल, सोशल मीडिया एवं व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण व्यवस्था को और प्रभावी बनाने तथा सिंगल विंडो मॉडल को व्यापक स्तर पर लागू करने के निर्देश दिए गए। उत्पादन क्षमता के संतुलित विस्तार पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी तापीय इकाइयों को पूर्ण क्षमता के साथ संचालित रखा जाए तथा ग्रीष्मकालीन मांग के दृष्टिगत आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि उत्पादन से जुड़े सभी मुद्दों का समयबद्ध समाधान किया जाए। बैठक में अवगत कराया गया कि प्रदेश में वर्तमान में 12,247 मेगावाट तापीय तथा 526.4 मेगावाट जल विद्युत क्षमता उपलब्ध है तथा वर्ष 2021-22 से 2025-26 के बीच ₹3,143 करोड़ का संचयी लाभ अर्जित किया गया है। घाटमपुर की 660 मेगावाट इकाई अप्रैल में संचालन प्रारंभ करेगी। मुख्यमंत्री ने 5,600 मेगावाट की नई परियोजनाओं; मेजा, ओबरा-डी एवं अनपरा-ई को शीघ्र स्वीकृति देकर समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही 500 मेगावाट सौर एवं 50 मेगावाट फ्लोटिंग सोलर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने तथा न्यूक्लियर पावर के लिए चल रहे सर्वेक्षण को शीघ्र पूर्ण करने को कहा। नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। ‘पीएम सूर्य घर योजना’ के अंतर्गत 4.60 लाख से अधिक रूफटॉप (1560 मेगावाट) स्थापित किए जा चुके हैं। उन्होंने निर्देश … Read more

नीतीश कुमार के बाद अब बिहार में भाजपाई मुख्यमंत्री की तैयारी, 14 अप्रैल को दे सकते हैं इस्तीफा और सम्राट चौधरी का नाम रेस में सबसे आगे

पटना    बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को राज्यसभा सांसद के रूप में शपथ ग्रहण किया। सभापति के रूप में उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही उन्होंने विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा चारों सदनों का सदस्य बनने रिकॉर्ड कायम कर लिया है। यह उपलब्धि सिर्फ राष्ट्रीय जनता दल के सुप्रीमो और पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव ने ही हासिल किया। चारों सदनों में बैठने वाले दूसरे सीएम नीतीश कुमार बने हैं। नीतीश कुमार गुरुवार को कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय झा के साथ शपथ ग्रहण करने के लिए पटना से दिल्ली गए थे। आज शाम वे पटना लौट सकते हैं नीतीश कुमार ने आज से अपने राजनीतिक जीवन की नई पारी की शुरुआत कर दी है। अब वे पटना लौटेंगे और अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री के पद से त्यागपत्र देंगे।बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को नीतीश कुमार अपने कैबिनेट की बैठक करेंगे और खरमास के बाद 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री अपने पद से इस्तीफा सौंपेंगे। इसके साथ ही बिहार में नई सरकार गठन का रास्ता साफ हो जाएगा। बिहार में पहली बार भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनेगी। नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी के रूप में बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन बनेगा, यह सवाल और महत्वपूर्ण हो गया है। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा। दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के कोर ग्रुप की आज शाम बैठक होने वाली है जिसमें सीएम चेहरा फाइनल किया जा सकता है। वैसे तो नित्यानंद राय, विजय कुमार, सिन्हा, संजीव चौरसिया, संजय जायसवाल, दिलीप जायसवाल, रेणू देवी समेत कई नामों की चर्चा सीएम पद की रेस में हो रही है लेकिन, सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे है। माना जा रहा है कि सीएम फेस के चयन में नीतीश कुमार की इच्छा राय को प्रधानता दी जाएगी क्योंकि उनके बाद एनडीए के वोट बैंक को इनटैक्ट रखने के लिए नीतीश कुमार के सामाजिक समीकरण को बरकरार रखा जाएगा। आज का शपथ ग्रहण नीतीश कुमार के केंद्र की राजनीति में वापसी की शुरुआत है। 2005 में दिल्ली की राजनीति छोड़कर पटना गए और बिहार के सीएम बने। करीब 20 सालों की स्टेट पारी निभाने के बाद वे दिल्ली लौट रहे हैं। शपथ ग्रहण समारोह के समय उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, राज्यसभा सांसद संजय झा, बीजेपी सांसद जेपी, निर्मला सीतारमण, नड्डा, राजीव प्रताप रूडी, बिहार के मंत्री सम्राट चौधरी, अशोक चौधरी, विजय चौधरी, मंत्री जमा खान, रामनाथ ठाकुर समेत बीजेपी और जदयू के कई नेता मौजूद रहे। नीतीश कुमार के शपथग्रहण के बाद दिल्ली से पटना तक सियासी तपिश और बढ़ गई है।

सीएम मान ने केंद्रीय कृषि मंत्री से मुलाकात की, पंजाब के गेहूं खरीद और मुआवजा मुद्दों पर की चर्चा

चंडीगढ़  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित कृषि भवन पहुंचे, जहां उन्होंने केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रल्हाद जोशी के साथ अहम बैठक की। इस बैठक में गेहूं की खरीद व्यवस्था, किसानों को मुआवजा, लंबित राशि और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक में खाद्य सुरक्षा और पेट्रोलियम से जुड़े विषयों पर विचार किया गया था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पुराने गेहूं के भंडार को तेजी से उठाने के लिए अतिरिक्त विशेष रेलगाड़ियों की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है, जिससे भंडारण की समस्या कम होगी। आज पंजाब का दौरा कर सकती है केंद्रीय टीम बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की और केंद्र से अपील की कि फसल नुकसान का आकलन करने के लिए तुरंत एक टीम पंजाब भेजी जाए। संभावना जताई जा रही है कि केंद्र की टीम आज ही राज्य का दौरा कर सकती है। ऋण सीमा पर ब्याज दर में बढ़ोतरी से राज्य पर बोझ वित्तीय मामलों पर चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नकद ऋण सीमा पर ब्याज दर में मामूली बढ़ोतरी भी राज्य पर भारी बोझ डालती है। उन्होंने बताया कि केवल 0.005 प्रतिशत की वृद्धि से ही लगभग 500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ता है। इसके अलावा उन्होंने ग्रामीण विकास कोष की लगभग 9000 करोड़ रुपये की लंबित राशि का मुद्दा उठाया और इसे किस्तों में जारी करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में विचाराधीन है, लेकिन राज्य सरकार इसे वापस लेने पर भी विचार कर सकती है। इन दोनों मुद्दों पर केंद्र की तरफ से आश्वासन दिया गया है। आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन मुख्यमंत्री ने आढ़तियों के कमीशन में बढ़ोतरी की मांग का समर्थन करते हुए कहा कि वे किसानों और मंडियों के संचालन में अहम भूमिका निभाते हैं। मंडियों में काम करने वाले मजदूरों, विशेषकर बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से आने वाले श्रमिकों से जुड़े मुद्दों और भविष्य निधि से संबंधित विषयों पर भी चर्चा की गई, जिसे केंद्रीय मंत्री ने जायज बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने गैंगस्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात दोहराई और स्पष्ट किया कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लुंड्रा में 280 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण और शिलान्यास

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सरगुजा जिले के लुंड्रा में 280 करोड़ से अधिक के कार्यों का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ने सरगुजा जिले के लुंड्रा  में   280 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर आयोजित किसान सम्मेलन में बड़ी संख्या में उपस्थित अन्नदाता किसानों और स्थानीय जनसमुदाय को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं न केवल बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ करेंगी, बल्कि क्षेत्र के समग्र और संतुलित विकास को नई गति भी देंगी। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर को सरगुजा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि वर्षों बाद लुंड्रा की धरती पर इतनी बड़ी विकासात्मक पहल एक साथ देखने को मिल रही है। उन्होंने बताया कि कुल 281 करोड़ रुपये के कार्यों में 28 करोड़ रुपये के कार्यों का लोकार्पण एवं 253 करोड़ रुपये के कार्यों का शिलान्यास शामिल है। उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से सरगुजा को अंबिकापुर से दिल्ली एवं कोलकाता तक हवाई सेवाओं की सुविधा भी प्राप्त हुई है, जिससे क्षेत्र का संपर्क और विकास दोनों तेज होंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों के प्रति पूर्णतः संवेदनशील है और उनकी आय बढ़ाने के लिए निरंतर ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में किसानों से 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जा रही है और भुगतान 24 से 48 घंटे के भीतर सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही किसान उन्नति योजना के तहत अंतर की राशि भी समयबद्ध रूप से सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा रही है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और त्यौहारों में उनकी खुशहाली स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक पहलें की गई हैं, जिनमें किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान सिंचाई योजना प्रमुख हैं। राज्य सरकार भी इन योजनाओं को प्रभावी रूप से लागू कर रही है, जिससे खेती को लाभकारी बनाया जा सके। मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारी सरकार ने शपथ ग्रहण के 24 घंटे के भीतर ही 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति प्रदान कर दी थी, जिनमें से 8 लाख से अधिक आवास अब पूर्ण होकर हितग्राहियों को सौंपे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत हजारों परिवारों को आवास, बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बस्तर क्षेत्र ने दशकों तक हिंसा का दंश झेला, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहस के कारण अब प्रदेश नक्सलवाद से मुक्त होकर विकास के नए युग में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास के लिए विशेष आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उन्हें मुख्यधारा में जोड़ने में मदद मिल रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना के माध्यम से प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन में स्थायित्व और सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा तेंदूपत्ता संग्रहण मूल्य में वृद्धि, चरण पादुका योजना की पुनः शुरुआत और पारदर्शी प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित कर सरकार ने जनकल्याण को प्राथमिकता दी है।   मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं तथा 375 नई एंबुलेंस सेवाओं की शुरुआत से आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाएं मजबूत हुई हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना और प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का भी उल्लेख करते हुए आमजन से इन योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल योजनाओं की घोषणा करना नहीं, बल्कि उन्हें जमीनी स्तर तक प्रभावी रूप से लागू करना है, ताकि हर व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचे। उन्होंने कहा कि गांव, गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लुंड्रा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं, जिनमें आधुनिक स्टेडियम निर्माण, सन्ना-जशपुर-धंवरपुर-सरगुजा से होते हुए बनारस तक सड़क निर्माण, ब्लॉक मुख्यालय में नवीन विश्राम भवन तथा कृषि उप मंडी की स्थापना शामिल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन निर्माण कार्यों से क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को नए अवसर प्राप्त होंगे। कार्यक्रम में सांसद चिंतामणि महाराज, कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों की सराहना की और इसे जनकल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

योगी सरकार में युवाओं का बढ़ा इनोवेटिव बिजनेस की ओर रुझान, हजारों स्टार्टअप का हुआ गठन

योगी सरकार में इनोवेटिव बिजनेस में बढ़ा युवाओं का रुझान, इनोवेशन से स्थापित हो रहे हजारों स्टार्टअप सीएम युवा पहल से आत्मनिर्भर बन रहे युवा, नए क्षेत्रों में बढ़ रही भागीदारी प्रदेश में 10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम हुए स्थापित, युवाओं में बढ़ा आत्मविश्वास फूड, ट्रेनिंग, डिजिटल और सर्विस सेक्टर में इनोवेटिव मॉडल बना युवाओं की पहली पसंद बैंकों के सहयोग से स्टार्टअप इकोसिस्टम को मिली मजबूती अब तक 10% इनोवेटिव उद्यम स्थापित, 2026-27 में 25% तक ले जाने का लक्ष्य लखनऊ  उत्तर प्रदेश में सीएम युवा योजना के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। योगी सरकार के प्रयासों से प्रदेश में इनोवेशन आधारित स्टार्टअप तेजी से उभर रहे हैं, जिससे हजारों युवाओं को न केवल रोजगार मिल रहा है बल्कि वे खुद रोजगार सृजनकर्ता भी बन रहे हैं। सीएम युवा योजना के माध्यम से प्रदेश में अब तक 10 हजार से अधिक इनोवेटिव उद्यम स्थापित किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि युवाओं में उद्यमिता को लेकर आत्मविश्वास तेजी से बढ़ा है। खास बात यह है कि युवा पारंपरिक व्यवसायों से आगे बढ़कर नए और आधुनिक क्षेत्रों में भी अपनी पहचान बना रहे हैं। 25% उद्यम स्थापित करने का लक्ष्य सीएम युवा के नोडल अधिकारी और ज्वाइंट कमिश्नर इंडस्ट्रीज सर्वेश्वर शुक्ला के अनुसार, ‘सीएम युवा’ जैसी योजनाओं के माध्यम से न केवल रोजगार के अवसर बढ़े हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश अब आत्मनिर्भर भारत के विजन को साकार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि सीएम युवा के माध्यम से अब तक स्थापित कुल उद्यमों में 10% इनोवेटिव मॉडल पर आधारित उद्यम हैं। मुख्यमंत्री जी की मंशा के अनुरूप मौजूदा वित्तीय वर्ष में इसे 25% तक ले जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।  इन सेक्टर्स में युवाओं की विशेष रुचि अगर सेक्टरवार आंकड़ों पर नजर डालें तो फूड और रेस्टोरेंट व्यवसाय युवाओं की पहली पसंद बनकर उभरा है, जहां सर्वाधिक 763 उद्यम स्थापित हुए हैं। इसके अलावा कंप्यूटर ट्रेनिंग (370), पैथोलॉजी सैंपलिंग (260), फास्ट फूड (253), फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल (253) और ऑनलाइन टीचिंग (189) जैसे क्षेत्रों में भी युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। वहीं जिम (170), मोबाइल आईटी एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म (120), ट्रैवल एंड टूरिज्म (117) और क्लाउड किचन (117) जैसे उभरते क्षेत्रों में भी स्टार्टअप तेजी से बढ़ रहे हैं। लखनऊ, आजमगढ़ और हरदोई टॉप 3 में जनपदवार प्रदर्शन की बात करें तो राजधानी लखनऊ 287 उद्यमों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद आजमगढ़ (286), हरदोई (262), जौनपुर (लगभग 250), अंबेडकर नगर (241), कानपुर (236), वाराणसी (229), रायबरेली (225), बरेली (208) और फिरोजाबाद (197) जैसे जनपद इनोवेटिव मॉडल अपनाने में अग्रणी बनकर उभरे हैं। योगी सरकार की इस पहल ने प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को नई दिशा दी है।  बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका इस पूरे स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में बैंकों की भूमिका भी बेहद अहम रही है। उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक ने सर्वाधिक 2133 इनोवेटिव मॉडलों को ऋण उपलब्ध कराया है। इसके अलावा एसबीआई (1549), बैंक ऑफ बड़ौदा (1170), पंजाब नेशनल बैंक (1018), बैंक ऑफ इंडिया (774), सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (589), केनरा बैंक (585), इंडियन बैंक (573), यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (399) और यूको बैंक (182) ने भी युवाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके स्टार्टअप को गति दी है।

1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना, वैसाखी पर ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन करेंगे

अमृतसर वैसाखी और खालसा साजना दिवस के पावन अवसर पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से 1763 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुधामों के दर्शन के लिए रवाना किया गया।  “जो बोले सो निहाल” के जयकारों के बीच रवाना हुए इस जत्थे में शामिल श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला।   जानकारी के अनुसार, देशभर से करीब 2800 सिख श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हो रहे हैं। यह जत्था अगले 10 दिनों के दौरान ननकाना साहिब, पंजा साहिब, डेरा साहिब, करतारपुर साहिब और सच्चा सौदा सहित विभिन्न पवित्र स्थलों के दर्शन करेगा। श्रद्धालुओं ने बताया कि वे पहली बार इन गुरुधामों के दर्शन के लिए जा रहे हैं और यह उनकी लंबे समय से इच्छा थी। उन्होंने वाहेगुरु से प्रार्थना की कि हर संगत को इस पवित्र अवसर का लाभ मिले। एसजीपीसी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि संगत की अरदासों के फलस्वरूप यह अवसर मिलता है, जिससे श्रद्धालु गुरु नानक देव जी से जुड़े पवित्र स्थलों के दर्शन कर पाते हैं। उन्होंने यात्रा की सफलता और सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी के लिए अरदास की। इस दौरान करतारपुर साहिब कॉरिडोर को पूरी तरह से खोलने की मांग भी दोहराई गई। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर सिख संगत की भावनाओं से जुड़ा है और इसे जल्द से जल्द पूरी तरह खोलना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर सकें। जत्थे के टीम लीडर सुरजीत सिंह तुगलवाला ने कहा कि वह पहली बार इस यात्रा की अगुवाई कर रहे हैं और एसजीपीसी हर साल यात्रियों के लिए बेहतर प्रबंध करती है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस बार भी यात्रा सुचारू रूप से संपन्न होगी। 32 श्रद्धालुओं के आवेदन हुए रद्द एसजीपीसी ने 1795 वीजा के लिए आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 को वीजा जारी किया गया, जबकि 32 श्रद्धालुओं के आवेदन रद्द कर दिए गए। यह जत्था धार्मिक स्थलों के दर्शन करने के बाद 19 अप्रैल को भारत लौटेगा। अधिकारियों के अनुसार, यह पूरी यात्रा 10 दिनों की होगी। खालसा सृजना दिवस (बैसाखी) पर पाकिस्तान स्थित गुरुधामों के दर्शन के लिए विभिन्न कमेटियों के श्रद्धालु गए हैं। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से 409, हरियाणा कमेटी से 255 और एसजीपीसी से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला है, जिससे कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान जा रहे हैं। करतारपुर साहिब का मार्ग खोलने की मांग श्रद्धालुओं ने सरकारों से अपील की है कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा जारी किए जाएं और करतारपुर साहिब का मार्ग खोला जाए।उन्होंने पाकिस्तान द्वारा लगाए गए 20 डॉलर के शुल्क को खत्म करने की भी मांग की। जिन श्रद्धालुओं को वीजा नहीं मिला, उनमें निराशा भी देखी गई। 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस एसजीपीसी के सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने बताया कि 14 अप्रैल को खालसा सृजना दिवस मनाया जाएगा और इसी संबंध में यह जत्था पाकिस्तान भेजा गया है। उन्होंने पुष्टि की कि 1795 पासपोर्ट भेजे गए थे, जिनमें से 32 रद्द हुए और 1763 श्रद्धालु यात्रा पर जा रहे हैं।  

प्रियंक मिश्रा बने भोपाल के नए कलेक्टर, प्रदेश में 26 IAS अफसरों का तबादला

 भोपाल मध्य प्रदेश सरकार ने गुरुवार रात एक बड़ी ट्रांसफर लिस्ट जारी की है. इसमें 2008 से लेकर 2017 बैच तक के 26 IAS अफसरों के नाम शामिल हैं. इस फेरबदल में सबसे चर्चित नाम प्रियंक मिश्रा का है, जिन्हें राजधानी भोपाल की कमान सौंपी गई है।  2013 बैच के IAS प्रियंक मिश्रा को धार कलेक्टर से अब भोपाल के नए कलेक्टर बनाया गया है. वहीं, कौशलेंद्र विक्रम सिंह (2010) निवर्तमान भोपाल कलेक्टर को अब मुख्यमंत्री का सचिव नियुक्त किया गया है. साथ ही उन्हें नगर और ग्राम निवेश का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।  इनको मिली नई जिम्मेदारी  भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को मुख्यमंत्री का सचिव बनाया गया है। वहीं धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा अब भोपाल के नए कलेक्टर होंगे। नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीणा को वित्त विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं मंडला के कलेक्टर रहे सोमेश मिश्रा नर्मदापुरम के नए कलेक्टर होंगे। तबादलों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन के बीच गुरुवार को लंबी बैठक हुई। इसके बाद सूची को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अहम बैठक के लिए पूरा दिन अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन एवं नीति विश्लेषण संस्थान में रिजर्व रखा था। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने तबादलों को अंतिम रूप देते हुए आदेश जारी कर दिए। दरअसल, चुनाव आयोग द्वारा अक्टूबर के अंतिम सप्ताह में शुरू कराई गई SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) की प्रक्रिया के बाद ही इन तबादलों की तैयारी शुरू हो गई थी। योजना के अनुसार 22 फरवरी के बाद तबादले किए जाने थे, लेकिन त्योहारों और बजट सत्र के चलते यह फैसला लगातार टलता रहा। 14 अफसरों में 9 महिलाएं शामिल 14 आईएएस अफसरों में 9 महिलाएं हैं। इनमें शिल्पा गुप्ता, प्रतिभा पाल, सोनिया मीणा, शीतला पटले, नेहा मीना, रानी बाटड, राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी का नाम शामिल हैं। इनमें से 5 को कलेक्टर पद पर पदस्थापना मिली है। इनमें प्रतिभा पाल और नेहा मीना पहले से ही अन्य जिलों में कलेक्टर थीं, जबकि राखी सहाय, शीला दाहिमा और बिदिशा मुखर्जी को अन्य पदों से हटाकर पहली बार जिले की कमान सौंपी गई है। पहली बार जिले की कमान     राखी सहाय – कलेक्टर, उमरिया     शीला दाहिमा – कलेक्टर, श्योपुर     बिदिशा मुखर्जी – कलेक्टर, मैहर पहले से कलेक्टर, अब नई जिले की जिम्मेदारी     प्रतिभा पाल – कलेक्टर, सागर।     नेहा मीना – कलेक्टर, सिवनी। प्रतिभा दूसरी अफसर जिसे रीवा के बाद सागर कलेक्टर बनाया प्रीति मैथिल के बाद प्रतिभा पाल ऐसी दूसरी आईएएस हैं जो रीवा जिले की कलेक्टर बनने के बाद सागर कलेक्टर बनी हैं। इसके पहले पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में प्रीति मैथिल को रीवा कलेक्टर के बाद सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। तीन महिला अधिकारी को कलेक्टर बनाया, दो के जिले बदले, तीन को हटाया तबादला सूची में महिला अधिकारियों को भी अहम जिम्मेदारियां दी गई हैं। इंदौर लोक सेवा आयोग की सचिव राखी सहाय को उमरिया कलेक्टर, सहकारिता विभाग की उप सचिव शीला दाहिमा को श्योपुर कलेक्टर और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की उप सचिव बिदिशा मुखर्जी को मैहर कलेक्टर बनाया गया है। इसके अलावा, नेहा मीना को झाबुआ से स्थानांतरित कर सिवनी कलेक्टर तथा प्रतिभा पाल को रीवा से सागर कलेक्टर की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, नर्मदापुरम की कलेक्टर सोनिया मीना को हटा कर वित्त विभाग में अपर सचिव और सिवनी कलेक्टर शीतला पटले को लोक सेवा आयोग में सचिव बनाया गया है। मैहर कलेक्टर रानी बाटड़ को सहकारिता विभाग में उपसचिव बनाया है।  नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त बदले नर्मदापुरम संभाग के आयुक्त कृष्णगाेपाल तिवारी को हटा कर आयुक्त सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण बनाया गया है। उनकी जगह पर आयुक्त सह संचालक नगर तथा ग्राम निवेश श्रीकांत बनोठ को आयुक्त नर्मदापुरम संभाग बनाया गया है। इनको जिले से हटाया शिवपुरी जिले के कलेक्टर रवींद्र कुमार चौधरी को नर्मदा घाटी विकास विभाग में अपर सचिव बनाया गया है। वहीं, उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन को विमानन विभाग का अपर सचिव बनाया गया। सागर कलेक्टर संदीप जी आर को विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह श्रम आयुक्त इंदौर, दमोह कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर को मुख्यमंत्री कार्यालय में उप सचिव तथा पर्यावरण नियोजन एवं समन्वय संगठन के संचालक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।  इन अधिकारियों को भी फील्ड में भेजा विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी सह आयुक्त-सह संचालक संस्थागत वित्त तथा संचालक, बजट राजीव रंजन मीना को धार कलेक्टर, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग के उप सचिव प्रताप नारायण यादव को दमोह कलेक्टर, नर्मदा घाटी विकास विभाग तथा जल संसाधन के उप सचिव का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे राहुल नामदेव धोटे को मंडला कलेक्टर, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी योगेश तुकाराम भरसट को झाबुआ कलेक्टर, नगर पालिक निगम रीवा के आयुक्त डॉ.सौरभ संजय सोनवणे को बैतूल कलेक्टर बनाया गया है।  इन कलेक्टर के जिले बदले श्योपुर कलेक्टर अर्पित वर्मा को शिवपुरी कलेक्टर, झाबुआ कलेक्टर नेहा मीना को सिवनी कलेक्टर, मंडला कलेक्टर सोमेश मिश्रा को नर्मदापुरम कलेक्टर, धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा को भोपाल कलेक्टर, बैतूल कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी को रीवा कलेक्टर, रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल को सागर कलेक्टर की कमान सौंपी गई है।  संभाग और मंत्रालय स्तर पर फेरबदल कृष्ण गोपाल तिवारी (2008): नर्मदापुरम कमिश्नर से अब सामाजिक न्याय विभाग के आयुक्त होंगे. शिल्पा गुप्ता (2008): लोक शिक्षण आयुक्त से अब गृह विभाग की सचिव होंगी. अभिषेक सिंह (2009): गृह विभाग से अब आयुक्त, लोक शिक्षण की जिम्मेदारी संभालेंगे. श्रीकांत बनोठ (2009): अब नर्मदापुरम संभाग के नए कमिश्नर होंगे. एसीएस की तर्ज पर डीजी, एडीजी बने संभाग प्रभारी:वरुण कपूर भोपाल, उपेंद्र जैन उज्जैन, पंकज श्रीवास्तव जबलपुर संभाग प्रभारी राज्य सरकार ने अपर मुख्य सचिवों की तर्ज पर स्पेशल डीजी और एडीजी स्तर के अधिकारियों को संंभागीय स्तर पर कानून व्यवस्था की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी रेंज स्तर पर पदस्थ आईजी के अलावा संभागों की कानून व्यवस्था की निगरानी करेंगे। डीजी वरुण कपूर को भोपाल, उपेंद्र जैन को उज्जैन तथा स्पेशल डीजी पंकज श्रीवास्तव को जबलपुर संभाग का प्रभारी बनाया गया है। यह व्यवस्था प्रदेश में यूसीसी लागू करने के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के फैसले के बाद प्रभावी की गई है।