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रंगों से सराबोर होगा इंदौर: लाखों लोगों की मौजूदगी में 4 किमी लंबा रंगोत्सव, आसमान से बरसेंगे फूल

इंदौर एक बार फिर इंदौर की रंग-रंगीली रंगपंचमी का उल्लास रविवार को राजवाड़ा पर दिखाई देगा। इसमें लाखों लोग अपनेपन रंग-गुलाल में रमने के लिए शामिल होंगे। 77 वर्ष से चली आ रही संस्थाओं के बैनर तले निकलने वाली गेर परंपरा को निभाने के लिए एक के बाद एक रसिया कॉर्नर, टोरी कॉर्नर, मारल क्लब, संगम कॉर्नर की गेर और नगर-निगम, हिंदरक्षक संगठन फाग यात्रा निकलेगी। रंग-गुलाल से हर एक को भिगोते हुए जब चार किलोमीटर लंबे मार्ग से हजारों लोगों की भागीदारी वाला यह कारवां जब निकलेगा तो यह दृश्य देखते ही बनेगा। धार्मिक, सामाजिक और देशभक्ति के रंग इसमें धार्मिक-सामाजिक के साथ ही देश भक्ति के रंग नजर आएंगे। हिंद रक्षक की फाग यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति तो संगम कॉर्नर की गेर में महाकाल की जटा से गंगाजी के अवतरित होने का दृश्य नजर आएंगे। किसी का गीत-संगीत युवाओं को उत्साहित करने तो कहीं रंगों से बनने वाला तिरंगा देशभक्ति भक्ति की भावना को प्रबल करेगा। शहर की हृदय स्थली पर जब सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक टैंकरों, बोरिंग मशीन, मिसाइलों के साथ ही विभिन्न उपकरणों से लाल-गुलाबी, हरे, पीले, नीले रंग उत्साह से उड़ाकर धरती के साथ आसमान भी रंगों से सराबोर होगा।   गेर मार्ग पर दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्था स्मार्ट सिटी कंपनी द्वारा रंगपंचमी पर इंदौर में निकलने वाली पारंपरिक गेर को निहारने के लिए तीन इमारतों की छतों पर बैठक व्यवस्था की है। इसमें गौराकुंड के पास पृथ्वीलोक होटल की दो इमारत व बालाजी टावर पर यह बैठक व्यवस्था है। यहां की छतों पर तिरपाल लगाई गई है और दर्शकों के लिए पेयजल व सुविधाघर की व्यवस्था भी रहेगी। ऑनलाइन सीट बुकिंग और एनआरआई का उत्साह बुक माय शो से यहाँ पर 150 सीटों की बुकिंग की प्रक्रिया की गई, हालांकि शनिवार शाम 6 बजे तक 50 सीटें ही बुक हुई थीं। एक सीट का शुल्क 100 रुपये लिया गया है। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह ऑनलाइन सीट बुकिंग की व्यवस्था की गई थी। इसमें 90 सीटों पर बुकिंग हुई थी। कई एनआरआई खास तौर पर गेर को देखने के लिए इंदौर आए थे और उन्होंने अपनी सीट बुक की थी।

महिलाओं की समस्याओं का समाधान: 9 मार्च को जयपुर पहुंचेगा राष्ट्रीय महिला आयोग, होगी जनसुनवाई

जयपुर महिलाओं की समस्याओं के त्वरित समाधान और उन्हें न्याय दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत सोमवार, 9 मार्च को जयपुर में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। इस जनसुनवाई में राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर स्वयं उपस्थित रहकर महिलाओं की शिकायतों और समस्याओं की सुनवाई करेंगी। यह महिला जनसुनवाई सोमवार, 9 मार्च को प्रातः 11 बजे से राजस्थान पुलिस अकादमी के बैठक कक्ष में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं से संबंधित विभिन्न प्रकार की शिकायतों, पारिवारिक विवाद, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, संपत्ति संबंधी विवाद तथा अन्य सामाजिक मुद्दों से जुड़ी समस्याओं पर सुनवाई कर उनके समाधान के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाएंगे। जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी ने कार्यक्रम के सफल एवं सुचारू आयोजन के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक जिम्मेदारियां सौंपी हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनसुनवाई में प्राप्त होने वाली शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभाग पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहें और महिलाओं को आवश्यक सहयोग प्रदान करें। जनसुनवाई के समन्वय एवं व्यवस्थाओं के लिए उपखण्ड अधिकारी जयपुर दक्षिण श्री अरुण कुमार को समग्र प्रभारी नियुक्त किया गया है। उनके नेतृत्व में विभिन्न विभागों के अधिकारी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं, शिकायतों के संकलन और उनके त्वरित निस्तारण के लिए समन्वय करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा महिलाओं से अपील की गई है कि जिन महिलाओं को किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत है, वे इस जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपनी समस्या सीधे राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष के समक्ष प्रस्तुत कर सकती हैं। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा उनकी समस्याओं का शीघ्र एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना है।

लक्ष्य सेन का कमाल, इतिहास रचा और ऑल इंग्लैंड ओपन में फाइनल में पहुंचे

बर्मिंघम भारतीय बैडमिंटन के उभरते हुए सितारे लक्ष्य सेन ने बर्मिंघम में चल रहे प्रतिष्ठित ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जगह बनाकर इतिहास रच दिया है। एक बेहद रोमांचक और शारीरिक रूप से थका देने वाले सेमीफाइनल मुकाबले में 24 वर्षीय सेन ने कनाडा के उभरते खिलाड़ी विक्टर लाई को तीन सेटों के कड़े संघर्ष में 21-16, 18-21, 21-15 से शिकस्त दी। यह लक्ष्य सेन के करियर का दूसरा ऑल इंग्लैंड फाइनल है, इससे पहले वे 2022 में भी इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंचे थे। बर्मिंघम के कोर्ट पर यह मुकाबला केवल खेल कौशल का नहीं, बल्कि सहनशक्ति और मानसिक मजबूती की परीक्षा भी था। तीसरे और निर्णायक सेट में लक्ष्य सेन पैर में ऐंठन (cramps) और मांसपेशियों में खिंचाव के कारण काफी दर्द में नजर आए। उन्हें कोर्ट पर लंगड़ाते हुए और अपने पैर को घसीटते हुए देखा गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। मैच के दौरान एक समय पर उन्होंने 354 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से एक अविश्वसनीय विनर मारकर अपनी आक्रामकता का परिचय दिया। दूसरी ओर, उनके प्रतिद्वंद्वी विक्टर लाई भी चोटिल थे और उनकी उंगली से खून निकल रहा था, जिसके लिए उन्हें खेल के बीच में मेडिकल सहायता लेनी पड़ी। फाइनल तक का लक्ष्य सेन का सफर बेहद चुनौतीपूर्ण और प्रभावशाली रहा है। उन्होंने टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में ही दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा चैंपियन शी यूकी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दुनिया के छठे नंबर के खिलाड़ी ली शिफेंग को सीधे सेटों में मात देकर अपना आत्मविश्वास बढ़ाया। अब लक्ष्य सेन के पास प्रकाश पादुकोण (1980) और पुलेला गोपीचंद (2001) के बाद इस प्रतिष्ठित खिताब को जीतने वाला तीसरा भारतीय पुरुष खिलाड़ी बनने का सुनहरा मौका है। खिताबी मुकाबले में अब लक्ष्य सेन का सामना चीनी ताइपे के लिन चुन-यी से होगा, जिन्होंने दूसरे सेमीफाइनल में बड़ा उलटफेर करते हुए दुनिया के नंबर दो खिलाड़ी कुलवुत वितिदसर्न को शिकस्त दी है। लक्ष्य ने अपनी फिटनेस और कोर्ट पर मूवमेंट पर संतोष व्यक्त किया है और वे फाइनल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने के लिए तैयार हैं। पूरे भारत की नजरें अब इस महामुकाबले पर टिकी हैं कि क्या लक्ष्य 25 साल का सूखा खत्म कर भारत के लिए यह ट्रॉफी घर ला पाएंगे।  

3 हजार करोड़ की लागत के बनेगा मार्ग इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में विकास के नए युग का होगा सूत्रपात

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इंदौर-उज्जैन ग्रीनफील्ड के किसानों के हित में जमीनी स्तर पर मार्ग निर्माण को स्वीकृति और उचित मुआवजे की व्यवस्था किए जाने पर इंदौर जिले के सांवेर क्षेत्र के निवासियों ने मुख्यमंत्री निवास पहुंचकर आभार व्यक्त किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पगड़ी और बड़ी माला पहनाकर उनका अभिवादन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री निवास पधारे सभी लोगों को होली और रंगपचमी की बधाई दी। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री  तुलसी सिलावट उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 3 हजार करोड़ रुपए की लागत से इंदौर और उज्जैन के बीच बनने वाली सड़क से इंदौर और उज्जैन का सफर सवा घंटे की जगह आधे घंटे का रह जायेगा। दोनों शहरों के बीच तेज कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी। स्थानीय स्तर पर उद्योग, लॉजिस्टिक पार्क, किसानों को मण्डियों तक पहुंच और व्यापारियों तथा उद्योगों को सीधा लाभ मिलेगा। यह मार्ग, देश के व्यापार व्यवसाय के लिए भी महत्वपूर्ण है। देश के प्रमुख औद्योगिक और व्यापारिक केंद्रो के बीच इस मार्ग से यात्रा सुगम और कम समय में होगी। परिणामस्वरूप आवागमन बढ़ेगा और देश में इंदौर-उज्जैन क्षेत्र का महत्व और अधिक बढ़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पारम्परिक और ऐतिहासिक रूप से इंदौर और उज्जैन के बीच इस मार्ग का ही उचित उपयोग होता था। इस मार्ग से इंदौर के 20 और उज्जैन के 6 गांव लाभान्वित होंगे। सिंहस्थ के लिए भी यह मार्ग सुविधाजनक और उपयोगी होगा। इंदौर-उज्जैन क्षेत्र में विकास की दृष्टि से नए युग का सूत्रपात हो रहा है। राज्य सरकार के लिए किसान हित सर्वोपरि है। किसानों के सुझावों के अनुसार इस मार्ग का निर्माण कराना और उसके लिए उचित मुआवजे की व्यवस्था करना इस बात का परिचायक है कि सरकार जो कहती है वह करके दिखाती है। यह परियोजना किसान और सरकार के बीच विश्वास की मिसाल बनेगी। जल संसाधन मंत्री  तुलसी सिलावट ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव अन्नदाता किसान की पीड़ा और कष्ट को समझते हैं। इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड मार्ग को इस रूप में स्वीकृति मिलना उनकी संवेदनशीलता का ही परीणाम है। किसानों को इस परियोजना में अब 816 करोड़ रुपए से अधिक की मुआवजा राशि वितरित की जाएगी। मंत्री  सिलावट ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस पहल के लिए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।  

विश्वास से मजबूत हुआ उत्तर प्रदेश, सीएम योगी बोले- यही हमारी असली ताकत

आगरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज, सरकार और संस्थाएं एक साथ एक दिशा में सोचना शुरू करती हैं तो उसका परिणाम विश्वास में बदलता है। विश्वास ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी होनी चाहिए। इसके लिए लोगों को प्रयास करना होता है। यूपी आज विश्वास का प्रतीक बना है। सीएम याेगी शनिवार को आगरा में यथार्थ हॉस्पिटल का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने अपने संबोधन में 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश में मेडिकल क्षेत्र में आए सकारात्मक बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि स्वास्थ्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है। स्वास्थ्य सुविधा सही, सस्ती और विश्वसनीय होनी चाहिए। सीएम ने आशा जताई कि यथार्थ ग्रुप अवश्य परिणाम देगा और लोगों को स्वस्थ जीवन देकर पुण्य अर्जित करेगा। सरकार भी इस क्षेत्र में हर सहयोग देने को तैयार है। उन्‍होंने कहा कि हर व्यक्ति को अच्छी स्वास्थ्य सुविधा का अधिकार मिलना चाहिए और हर संप्रभु देश को अपने नागरिकों को यह सुविधा देनी चाहिए। 11 वर्ष में पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को दुनिया में नई पहचान मिली है। हम सभी नए भारत का दर्शन कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरते भारत को देख रहे हैं। यहां विरासत व विकास के अद्भुत समन्वय का स्वरूप है तो समग्र विकास की सभी अवधारणाओं को भी साकार रूप से उद्घाटित होते हुए देख रहे हैं। हाईवे, एक्सप्रेसवे, मेट्रो, रेलवे की नई लाइनें और टेक्नोलॉजी के साथ ही वंदे भारत, अमृत भारत, नमो भारत में यात्रा करने का आनंद प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार अपने स्तर पर प्रयास कर रही है, लेकिन जब सरकार व समाज मिलकर कार्य करते हैं तो परिणाम कई गुना आता है। इस क्षेत्र में निजी निवेश आज की आवश्यकता है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए आवश्यक है कि सरकार भी प्रयास करे और निजी क्षेत्र भी आगे आए। निजी क्षेत्र की तरफ से सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के लिए सरकार नई पॉलिसी लेकर आ रही है। नए मेडिकल कॉलेज के लिए भी कोई निवेश करता है तो सरकार सहयोग कर रही है। सीएम योगी ने यथार्थ ग्रुप का आह्वान किया कि किसी जनपद में मेडिकल कॉलेज बनाने के लिए आगे आएं। उन्‍होंने कहा कि मेडिकल काउंसिल ने अपनी शर्तों को सरल किया है। यह सबसे अच्छा समय है, जब नए मेडिकल संस्थान स्थापित करके नौजवानों के लिए यूपी को मेडिकल की उच्चतम शिक्षा का केंद्र बना सकते हैं। सरकार हर सहयोग के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यथार्थ ग्रुप का आठवां हॉस्पिटल है। अष्टसिद्धि के रूप में आगरा के अंदर हॉस्पिटल की स्थापना की है। अष्टसिद्धि होती है तो नवनिधि भी प्राप्त होती है, यह हॉस्पिटल उसका प्रतीक बनेगा। पहले देश में एक एम्स था, अटल जी ने इसकी संख्या छह और पीएम मोदी ने 23 तक पहुंचा दी। आईआईटी, आईआईएम, एनआईटी, ट्रिपल आईटी की लंबी श्रृंखला खड़ी हुई। जब देश बढ़ रहा है तो सबसे बड़ी आबादी का राज्य भी पीछे नहीं है। 2017 के पहले यूपी में केवल 17 मेडिकल कॉलेज थे, आज 81 मेडिकल कॉलेजों का संचालन हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि पहले प्रदेश में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन माफिया’ हावी थे। पहले सरकारों की सोच माफिया तक सीमित थी तो उन्होंने माफिया पैदा किए, जबकि डबल इंजन सरकार ने हर जनपद को मेडिकल कॉलेज दिया। आज प्रदेश में दो एम्स (रायबरेली व गोरखपुर) संचालित हो रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने विकास व वेलफेयर स्कीम लागू की हैं। छह करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से निकलकर सामान्य जीवन व्यतीत कर रहे हैं। सीएम ने कहा कि एक समय ऐसा था, जब कोई व्यक्ति बीमार होता था तो पूरे परिवार में कोहराम मच जाता था, सामान गिरवी रखने पर मजबूर हो जाता था। आज मोदी जी ने स्वास्थ्य बीमा के रूप में आयुष्मान भारत का कवर दिया है। यूपी में 5.60 करोड़ लोगों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं। यह संख्या बहुत जल्द 10 करोड़ तक पहुंचने वाली है। राज्य में शिक्षामित्रों, शिक्षकों, अनुदेशकों, आंगनबाड़ी व आशा वर्कर और रसोइयों की संख्या 10 लाख से अधिक है। इन्हें भी पांच लाख की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध करा दी गई है। उन्‍होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधा के दृष्टिगत मुख्यमंत्री राहत कोष से 1300 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। यूपी के हर जनपद में फ्री डायलिसिस, सीटी स्कैन समेत अनेक सुविधाएं मुहैया कराने के साथ ही दुनिया की नई तकनीकें लाने का कार्य भी प्रारंभ किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मेडटेक के लिए आईआईटी कानपुर व एसजीपीजीआई लखनऊ में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बन रहे हैं। दवाएं बाहर से न आएं, बल्कि इनका प्रोडक्शन यूपी में हो, इसके लिए ललितपुर में 1500 एकड़ में फॉर्मा पार्क विकसित कर रहे हैं। मेडिकल उपकरणों की भी मैन्युफैक्चरिंग यूपी में हो, इसके लिए यमुना एक्सप्रेसवे में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क की स्थापना हो रही है। प्रदेश में आज टेलीमेडिसिन की व्यवस्था की गई है। सीएम योगी ने कहा कि हर क्षेत्र में नया करने का प्रयास हुआ है। सरकार बनने के बाद सामूहिक प्रयास हुआ तो पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारी समाप्त हो गई। 40 वर्ष में इससे 50 हजार से अधिक मौतें हुई थीं। डेंगू, कालाजार, मलेरिया, चिकनगुनिया को समाप्त करने की दिशा में यूपी सरकार, भारत सरकार के साथ मिलकर अपने सर्विलांस कार्यक्रम को बढ़ा रही है। कोविड के दौरान सरकार द्वारा सामूहिक प्रयास से इसे नियंत्रित किया गया।

नारी सशक्तिकरण की दिशा में नई पहल-वर्किंग वुमेन हॉस्टल : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के साथ महिलाओं के सुरक्षित और सम्मानजनक कार्य परिवेश को सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित, सुविधाजनक और किफायती आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि राज्य औद्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025 के अंतर्गत रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति कर्मचारी प्रति माह 5 हजार रुपए. की सहायता पांच वर्षों तक प्रदान की जा रही है, वहीं कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए पहले पांच वर्षों में नियुक्त प्रत्येक नए कर्मचारी के लिए 13 हजार रुपए की सहायता का प्रावधान किया गया है। इन पहलों का उद्देश्य महिलाओं के लिए अधिक रोजगार अवसर सृजित करना और उन्हें सुरक्षित आवासीय सुविधा उपलब्ध कराते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। औद्योगिक विकास के साथ महिला सुविधाओं पर विशेष ध्यान प्रदेश में औद्योगिक आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने के लिए 48 औद्योगिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं, जिनमें आईटी पार्क, प्लग एण्ड प्ले पार्क, प्लेटेड इंडस्ट्रीज तथा कमर्शियल कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-नागपुर औद्योगिक कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक क्षेत्रों का विस्तार करते हुए प्रदेश में बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित किया जा रहा है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ महिला कर्मचारियों के लिए आवश्यक सुविधाओं के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सके। औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित होंगे आधुनिक वर्किंग वुमेन हॉस्टल कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और व्यवस्थित आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश के चार प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में वर्किंग वुमेन हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। भारत सरकार की स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस 2024-25 के अंतर्गत एमपीआईडीसी क्षेत्र में चार वर्किंग वुमेन हॉस्टल स्वीकृत किए गए हैं। इन परियोजनाओं के अंतर्गत कुल 26 आवासीय ब्लॉक्स का निर्माण किया जाएगा और प्रत्येक ब्लॉक में 222 बेड्स की व्यवस्था की जाएगी। हजारों महिलाओं को मिलेगा सुरक्षित आवास इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर लगभग 5700 से अधिक कार्यशील महिलाओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध होगी। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को रहने और आवागमन से जुड़ी कठिनाइयों से राहत मिलेगी तथा वे अधिक आत्मविश्वास और सुविधा के साथ अपने कार्यक्षेत्र में योगदान दे सकेंगी। औद्योगिक क्षेत्रों में महिलाओं के लिए सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल वर्किंग वुमेन हॉस्टल का विकास विक्रम उद्योगपुरी (उज्जैन), पीथमपुर सेक्टर-1 एवं 2 (धार), मालनपुर-घिरींगी (भिंड) और मंडीदीप (रायसेन) में किया जा रहा है। लगभग 6.66 हेक्टेयर भूमि पर इन परियोजनाओं का निर्माण करीब 250 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। यह सुविधाएं औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल आवासीय वातावरण प्रदान करेंगी। महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल औद्योगिक क्षेत्रों में विकसित हो रहे वर्किंग वुमेन हॉस्टल महिलाओं को सुरक्षित आवास, बेहतर जीवन सुविधा और कार्यस्थल के निकट रहने की सुविधा प्रदान करेंगे। इससे महिलाओं की कार्य भागीदारी बढ़ेगी, उनके आत्मनिर्भर बनने की प्रक्रिया को बल मिलेगा और औद्योगिक विकास में महिलाओं की भागीदारी और अधिक मजबूत होगी। मध्यप्रदेश में महिला सशक्तिकरण और औद्योगिक विकास को साथ लेकर आगे बढ़ाने की दिशा में यह पहल महत्वपूर्ण होगी।  

लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री साय

रायपुर लखपति दीदी अभियान से छत्तीसगढ़ की महिलाएं लिख रही समृद्धि की नई कहानी – मुख्यमंत्री  साय छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता, मेहनत और नवाचार के बल पर नई पहचान बना रही हैं और हमारी सरकार उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री  साय ने अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर रायपुर के इंडोर स्टेडियम में आयोजित ‘लखपति दीदी संवाद’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में प्रदेश भर से आई स्व-सहायता समूह की हजारों महिलाएं और लखपति दीदियां उत्साहपूर्वक शामिल हुईं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी संस्कृति में नारी को शक्ति का स्वरूप माना गया है और जहां नारी का सम्मान होता है, वहीं देवताओं का निवास होता है। उन्होंने कहा कि पहले महिलाएं घरों तक सीमित रहती थीं, लेकिन आज प्रदेश की महिलाएं स्व सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।  मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि शासन का लक्ष्य लखपति दीदियों को और अधिक सशक्त बनाकर गांव की प्रत्येक महिला को लखपति बनाना और भविष्य में लखपति ग्राम का निर्माण करना है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के आह्वान पर छत्तीसगढ़ में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसमें से वर्तमान में लगभग 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में 10 लाख से अधिक लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के लोगों के लिए 18 लाख प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत कर चुकी है और इनके निर्माण में बिहान की दीदियां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राज्य सरकार द्वारा महतारी वंदन योजना प्रारंभ की गई है, जिसके तहत  लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को 24 किश्तों में 15 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जा चुकी है तथा इस वर्ष के बजट में इसके लिए 8,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि लखपति दीदी योजना से प्रदेश की 5 लाख से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भर बन चुकी हैं और अब लखपति दीदी भ्रमण योजना शुरू कर उन्हें देश-प्रदेश के व्यावसायिक केंद्रों और शक्ति पीठों का भ्रमण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि पंचायत विभाग द्वारा 250 महतारी सदनों का निर्माण, आंगनबाड़ी संचालन और पोषण योजनाओं के लिए भी इस वर्ष के बजट में प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए रानी दुर्गावती योजना शुरू की जाएगी, जिसके तहत 18 वर्ष की आयु पूरी होने पर 1.5 लाख रुपये दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि हमारी लखपति दीदियों से पूरे प्रदेश की माताओं-बहनों को प्रेरणा मिल रही है और अब हमारा लक्ष्य लखपति दीदियों को करोड़पति दीदी बनाना है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुई बकरी पालन क्लस्टर परियोजना से प्रदेश में बकरी पालन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इन्क्यूबेशन सेंटर की स्थापना और आईआईएम रायपुर के साथ एमओयू से स्व-सहायता समूहों की आमदनी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में माताओं-बहनों की बड़ी भूमिका होगी। आज महिलाएं गांवों में सेंट्रिंग प्लेट उपलब्ध कराने से लेकर ड्रोन उड़ाने तक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि जहां नारियों की पूजा होती है, वहां देवताओं का वास होता है। एक नारी शिक्षित होती है तो दो परिवार और पूरा समाज शिक्षित होता है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने लखपति दीदी आधारित कॉफी टेबल बुक तथा छत्तीसकला आधारित ब्रांड बुक का विमोचन किया और लखपति दीदी ग्राम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पोर्टल के माध्यम से ग्राम पंचायतों का मूल्यांकन कर उन्हें लखपति दीदी ग्राम घोषित किया जाएगा। कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली स्व-सहायता समूह की महिलाओं, कैडर्स और लखपति दीदियों को सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाएं आज आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि महिलाओं को लखपति बनाना संभव नहीं है, लेकिन आज प्रदेश में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में ये महिलाएं लखपति से करोड़पति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगी।  कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आई महिलाओं ने अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक की लखपति दीदी  राजकुमारी कश्यप ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके क्षेत्र में बाइक से आना-जाना भी कठिन था, लेकिन आज वह लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने बताया कि उनका परिवार खेती पर निर्भर है और मुर्गीपालन से उन्हें सालाना 6–7 लाख रुपये की आय हो रही है। बालोद जिले की भुनेश्वरी साहू ने बताया कि उन्होंने 20 हजार रुपये का ऋण लेकर सिलाई मशीन से काम शुरू किया और बाद में उन्हें सरकार की पहल से ड्रोन पायलट की ट्रेनिंग मिली। आज वह अपने क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती हैं। जशपुर जिले की लखपति दीदी  अनिता साहू ने बताया कि वह ईंट निर्माण का कार्य करती हैं। उन्होंने कहा कि एक समय था जब समूह की साप्ताहिक बैठक में 10 रुपये जमा करने के लिए भी दूसरों पर निर्भर होना पड़ता था, लेकिन आज वह लखपति बन चुकी हैं। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव  निहारिका बारीक ने बताया कि छत्तीसगढ़ में 8 लाख महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिनमें से लगभग एक लाख महिलाएं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 10 लाख 26 हजार स्व-सहायता समूहों से जुड़कर 30 लाख 85 हजार महिलाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनी हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री  टंकराम वर्मा, महिला एवं बाल विकास मंत्री  लक्ष्मी राजवाड़े, कौशल विकास मंत्री  गुरु खुशवंत साहेब, विधायक  सुनील सोनी, सचिव  भीम सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त  महादेव कावड़े, कलेक्टर  गौरव सिंह, मिशन संचालक  अश्वनी देवांगन  सहित बड़ी संख्या में लखपति दीदियां और स्व-सहायता समूह की महिलाएं उपस्थित थी।

कल आएगा पंजाब बजट: महिलाओं को ₹1000 महीना, 22,000 नौकरियां और टैक्स में राहत की उम्मीद

चंडीगढ़  पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार कल अपने 5 साल के कार्यकाल का आखिरी बजट पेश करेगी। वित्तमंत्री हरपाल चीमा 2.50 लाख करोड़ से ज्यादा का बजट पेश करेंगे। पंजाब में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं।  वित्तमंत्री हरपाल चीमा के जरिए सरकार चुनाव से पहले महिलाओं से 2022 में किया चुनावी वादा 2026 में पूरा करेगी। जिसमें हर महिला को 1,000 रुपए प्रति महीने देने के लिए बजट रखा जाएगा। 8 मार्च को संडे है। लेकिन उसी दिन अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस भी है। इसी वजह से AAP सरकार खास तौर पर महिलाओं को फोकस करते हुए छुट्‌टी के दिन बजट पेश कर रही है। पंजाब में करीब 2.13 करोड़ वोटर हैं, जिनमें से 1.01 करोड़ महिला वोटर हैं, ऐसे में AAP सरकार इन्हें टारगेट करेगी। वहीं बजट में पंजाबियों को खुश करने में AAP सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा। इसके संकेत सरकार ने बजट से पहले ही बिजली सस्ती करके दे दिया है। युवाओं को खुश करने के लिए नई 22 हजार सरकारी नौकरियों का ऐलान होना तय है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मुद्दे पर AAP ने 117 में से 92 सीटें जीतकर 2022 में सरकार बनाई थी, ऐसे में इनका बजट भी बढ़ेगा। पिछले साल AAP सरकार ने 2.36 लाख करोड़ रुपए का बजट पेश किया था। महिलाओं को कैसे मिलेंगे 1000 रुपए  AAP सरकार प्रदेश की 18 साल से बड़ी उम्र की महिलाओं को 1 हजार रुपए महीने की स्कीम के लिए बजट का प्रावधान करेगी। अभी इस स्कीम का कोई नाम नहीं रखा गया है। 18 मार्च से रुपए देने की शुरुआत की जाएगी। सरकार ने औपचारिक तौर पर शर्तें नहीं बताईं हैं। लेकिन सरकारी सोर्सेज से जो खबरें बाहर आई हैं, उसके मुताबिक लाभार्थी महिला के पास पंजाब का आधार कार्ड और वोटर कार्ड होना अनिवार्य है। सरकार नौकरीपेशा, कारोबारी, पेंशनधारक के साथ टैक्सपेयर महिलाओं को फिलहाल स्कीम का लाभ नहीं देगी। पंजाब में महिला वोटरों की गिनती करीब 1 करोड़ है। लेकिन अगर शर्तें सच हुईं तो फिर 40 लाख महिलाएं ही इसके दायरे में आएंगी। हालांकि सरकारी स्तर पर इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। लाभार्थी महिलाओं के रजिस्ट्रेशन कैसे होंगे, इसको लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट नहीं की है। विरोधी सवाल उठा रहे थे कि 4 साल से यानी सरकार बनते ही रुपए क्यों नहीं दिए तो इस पर AAP का जवाब है कि जनता ने उन्हें 5 साल का टाइम दिया था। इसलिए इसी टर्म में वह इस गारंटी को पूरा कर रहे हैं। कोई नया टैक्स नहीं लगेगा  सरकार का बजट पूरी तरह से चुनावी मूड पर होगा। ऐसे में नए टैक्स के बारे में AAP सरकार सोच भी नहीं रही। 2 हफ्ते पहले गुजरात दौरे पर गए CM भगवंत मान साफ कहा कि पंजाब सरकार इस बार कोई भी नया टैक्स नहीं लाएगी और न ही टैक्स की दरें बढ़ाएगी। आम लोग पहले से ही महंगाई के बोझ तले दबे हैं, इसलिए यह बजट आम आदमी के हित में होगा और विकास कार्यों को गति देगा। AAP सरकार ने पिछले 4 सालों में कोई नया टैक्स नहीं लगाया। लेकिन पहले से चल रहे पेट्रोल-डीजल वैट, शराब एक्साइज ड्यूटी, स्टांप ड्यूटी, GST, मोटर व्हीकल टैक्स और प्रोफेशनल टैक्स की वसूली जरूर बढ़ाई है। युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियां  बजट में सरकार युवाओं के लिए 22 हजार सरकारी नौकरियों की घोषणा कर सकती है। 3 दिन पहले ही सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा था कि सरकार 17 हजार पदों पर भर्ती करने जा रही है। इसमें दिव्यांग कोटे के पद भी शामिल हैं। इसके अलावा पंजाब पुलिस में 3,298 कॉन्स्टेबल के पदों पर भर्ती शुरू हो चुकी है। पंजाब सरकार पिछले 4 सालों में 63 हजार से ज्यादा सरकारी नौकरियों का दावा कर रही है। इसके अलावा इन नियुक्तियों को भ्रष्टाचार और सिफारिश मुक्त भी बता रही है। पुलिस के लिए बजट  बजट में पंजाब पुलिस पर भी सरकार का पूरा फोकस रहेगा। एक तो बार्डर पार से हथियारों और हेरोइन की तस्करी बढ़ रही है। इससे निपटने के लिए सरकार द्वारा नए एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदे जाने हैं। करीब ड्रोन सिस्टम आने हैं। इसके लिए बजट रखा जाएगा। दूसरा बार्डर एरिया के लिए स्पेशल व्हीकल व उपकरण खरीदे जाएंगे। गैंगस्टरों के खिलाफ लड़ाई चल रही है। नई टेक्नोलॉजी के लिए बजट में प्रावधान किया जाएगा। मोहाली में नया साइबर क्राइम सेंटर बनना है। इसके लिए उपकरण खरीदे जाएंगे। इसके अलावा जेलों, सरकारी मकानों, पुलिस वालों के बच्चों के लिए स्कॉलरशिप के लिए बजट तय किया जाएगा।

CM भगवंत मान की अगुवाई में ऐतिहासिक निर्णय, आनंदपुर साहिब को मिलेगा विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय

चंडीगढ़ राज्य में उच्च शिक्षा, औद्योगिक विकास और प्रशासनिक सुधारों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण फैसले लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने आज श्री आनंदपुर साहिब में श्री गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में सरकारी कॉलेजों में 1158 सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियन की भर्ती को भी हरी झंडी दे दी गई। इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार कैबिनेट ने विश्वविद्यालय की स्थापना और ‘श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय’ के लिए ड्राफ्ट बिल को भी मंजूरी दे दी है। साथ ही विश्वविद्यालय की स्थापना समय पर सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक फैसले लेने हेतु मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है। नई औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति-2026 को मंजूरी मंत्रिमंडल ने ‘पंजाब उद्योग क्रांति’ के तहत औद्योगिक और व्यापार विकास नीति-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस नीति में सेक्टर आधारित नीतियां, विस्तृत योजनाएं और दिशानिर्देश शामिल हैं। इस नीति का उद्देश्य राज्य में वित्तीय रियायतें, क्षेत्रीय विकास, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और उभरते उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक व्यापक और संरचित व्यवस्था स्थापित करना है। इससे आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और पंजाब को उच्च आर्थिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ाने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश के दौरान खिलाड़ियों के लिए आरक्षण को अधिक व्यवस्थित बनाने वाली नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत खेल उपलब्धियों के प्रमाण पत्रों को अंक देने के लिए स्पष्ट और सरल मानदंड तय किए गए हैं। नई नीति के अनुसार 75 प्रतिशत महत्व खेल उपलब्धियों को और 25 प्रतिशत महत्व प्रवेश परीक्षा के प्रदर्शन को दिया जाएगा। पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी कैबिनेट ने ‘पंजाब स्वास्थ्य और परिवार कल्याण तकनीकी (ग्रुप-सी) सेवा नियम-2016’ में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत फार्मासिस्ट पद के लिए डिप्लोमा इन फार्मेसी को अतिरिक्त शैक्षणिक योग्यता के रूप में शामिल किया गया है। इससे डिप्लोमा धारकों को फार्मासिस्ट पद के लिए आवेदन करने का अवसर मिलेगा और राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी। पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार के लिए एक्स ग्रेशिया ग्रांट को मंजूरी मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए मंत्रिमंडल ने पंजाब होमगार्ड के शहीद वालंटियर अशोक कुमार, नंबर 25140/जी एस पी के परिवार को विशेष मामले के रूप में 1 करोड़ रुपये की एक्स-ग्रेशिया सहायता देने को मंजूरी दी। उन्होंने हाल ही में गुरदासपुर में ड्यूटी के दौरान अपनी जान गंवाई थी।देश की एकता, अखंडता और प्रभुसत्ता की रक्षा के लिए उनके महान योगदान को मान्यता देते हुए मंत्रिमंडल ने यह निर्णय लिया। ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति मंत्रिमंडल ने विधान सभा के वर्तमान सत्र में ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करने के लिए सहमति प्रदान कर दी है। इस कदम का उद्देश्य ‘द पंजाब रेगुलेशन ऑफ क्रशर यूनिट, स्टॉकिस्ट एंड रिटेलर्स (संशोधन) अध्यादेश, 2026’ को अधिनियम में बदलना है। सरकारी कॉलेजों में सहायक प्रोफेसरों और लाइब्रेरियनों की 1,158 असामियों को भरने की सहमति एक अन्य बड़े निर्णय में मंत्रिमंडल ने पूरे राज्य के सरकारी कॉलेजों में 1,158 असामियों के लिए नई भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मंजूरी दे दी है, जिसमें 1,091 सहायक प्रोफेसर और 67 लाइब्रेरियन शामिल हैं। यह भर्ती पंजाब लोक सेवा आयोग (पी.पी.एस.सी.) के माध्यम से यू.जी.सी. नियम-2018 के अनुसार सख्ती से की जाएगी। सरकार पी.पी.एस.सी. के पास लंबित सहायक प्रोफेसर की 612 असामियों की पूर्व मांग को वापस लेगी और सभी असामियों के लिए नई संयुक्त मांग जमा करवाएगी। सभी उम्मीदवारों को निष्पक्ष अवसर प्रदान करने के लिए, जिनमें वे उम्मीदवार भी शामिल हैं जिन्होंने 19 अक्टूबर, 2021 के विज्ञापन के तहत आवेदन दिया था, उन्हें ऊपरी आयु सीमा में एक बार की छूट दी जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को मौजूदा सरकारी नीति के अनुसार अतिरिक्त आयु छूट मिलेगी। एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्ट और बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी भगवंत सिंह मान की अगुवाई में मंत्रिमंडल ने विश्व स्तरीय एम.आई.सी.ई. (मीटिंग्स, इंसेंटिव्स, कॉन्फ्रेंसेज एंड एक्जीबिशन्स) प्रोजेक्ट और व्यावसायिक, वैज्ञानिक, शैक्षिक तथा सरकारी आयोजनों के लिए बहु-उद्देशीय ढांचे को मंजूरी दे दी। राज्य में एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों के खर्चों में स्पष्टता की कमी के कारण निवेशकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसे हल करने के लिए, सरकार ने 4 जून, 2025 की अधिसूचना में संशोधन करके एम.आई.सी.ई. प्रोजेक्टों को एक अलग श्रेणी के रूप में शामिल किया है और व्यावसायिक खर्चों के 50 प्रतिशत पर लागू खर्च निर्धारित किए हैं। मेडिसिटी पॉलिसी-2014 में संशोधन को मंजूरी मंत्रिमंडल ने मेडिसिटी नीति-2014 में संशोधनों को मंजूरी दे दी है ताकि कुछ स्थानों को मौजूदा नीति के माध्यम से और अन्यों को ई-नीलामी के माध्यम से निपटाया जा सके। जिन स्थानों की ई-नीलामी होनी है, उसके लिए आवास एवं शहरी विकास मंत्री को अधिकृत किया गया है। ई-नीलामी स्थानों की कीमत ई-नीलामी प्लॉटों के लिए कीमत निर्धारण नीति के अनुसार निर्धारित की जाएगी, जबकि नीति के तहत आवंटित साइटें विज्ञापन के समय प्रचलित दरों पर पेश की जाएंगी। हालांकि ई-नीलामी में भागीदारी के लिए योग्यता शर्तों में ढील दी गई है, लेकिन भूमि का उपयोग अस्पताल के उद्देश्यों के लिए सीमित रहेगा। गमाडा द्वारा स्कूलों के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को मंजूरी मंत्रिमंडल ने गमाडा द्वारा के-12/सीनियर सेकेंडरी स्कूलों की स्थापना के लिए शिक्षा प्लॉटों की आवंटन नीति को भी मंजूरी दे दी। यह नीति ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत साइटों के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप (इंडिया) की सिफारिशों पर तैयार की गई है। यह तकनीकी योग्यता मापदंड पेश करता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि केवल वास्तविक और सक्षम शैक्षिक संस्थान ही ग्रेटर मोहाली क्षेत्र में स्कूल विकास के लिए भूमि प्राप्त कर सकें, जिसमें एसएएस नगर (मोहाली), न्यू चंडीगढ़ और एरोसिटी शामिल हैं। ग्लाडा की संपत्तियों की कीमतों को तर्कसंगत बनाने की मंजूरी मंत्रिमंडल ने स्वतंत्र मूल्यांककों द्वारा पेश की गई मूल्यांकन रिपोर्टों और … Read more

नेपाल में शांतिपूर्ण चुनाव पर Narendra Modi की बधाई, लोकतंत्र की सराहना

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल को सफलतापूर्वक चुनाव कराने के लिए बधाई दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत करीबी दोस्त और पड़ोसी नेपाल के साथ काम करने को तैयार है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने नेपाल की जनता और सरकार को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "मैं नेपाल के लोगों और सरकार को चुनावों के सफल और शांतिपूर्ण तरीके से होने पर दिल से बधाई देना चाहता हूं। अपने नेपाली भाइयों और बहनों को अपने डेमोक्रेटिक अधिकारों का इतने जोश के साथ इस्तेमाल करते देखना बहुत अच्छा लग रहा है।” उन्होंने 'इस ऐतिहासिक कामयाबी को नेपाल की डेमोक्रेटिक यात्रा में गर्व का पल बताया।' पीएम मोदी ने आगे लिखा, "करीबी दोस्त और पड़ोसी होने के नाते, भारत नेपाल के लोगों और उनकी नई सरकार के साथ मिलकर शांति, तरक्की और खुशहाली की नई ऊंचाइयों को हासिल करने लिए काम करने को तैयार है।" नेपाल में आम चुनाव की काउंटिंग जारी है। 165 सीटों पर रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (आरएसपी) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। आरएसपी ने शाम छह बजे तक 60 सीटें जीत ली हैं। यह एक ऐसी पार्टी है जो सिर्फ 4 साल पहले एक पत्रकार रहे रबि लामिछाने ने बनाई थी। देश के बड़े नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली झापा सीट पर 43 हजार मतों से पीछे चल रहे थे। उनका हारना और यहीं से बालेन शाह का जीतना लगभग तय माना जा रहा है। ओली ने झापा-5 सीट से दो बार विजय हासिल की है। एक 2017 में और दूसरी 2022 में बड़ी जीत हासिल की थी। नेपाल में बाकी 110 सीटें पार्टियों को मिले कुल वोट प्रतिशत के आधार पर तय होती हैं। इसमें वोटर किसी प्रत्याशी को नहीं बल्कि पार्टी को वोट देते हैं। पूरे देश में दल को जितने प्रतिशत वोट मिलते हैं, उसी हिसाब से उन्हें संसद में सीट मिलती है।