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डीएमई का शेड्यूल जारी, अभ्यर्थी 27 फरवरी को करेंगे संस्थानों में रिपोर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में नीट एमडी/एमएस काउंसलिंग 2025–26 के तहत स्ट्रे वैकेंसी राउंड की समय-सारणी जारी कर दी गई है। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त कार्यालय, भोपाल द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑल इंडिया कोटा की स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग के बाद शेष बची सीटों पर राज्य स्तर पर प्रवेश की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। 23 और 24 फरवरी तक शेष रिक्त सीटों का प्रकाशन जारी सूचना के मुताबिक 23 और 24 फरवरी तक शेष रिक्त सीटों का प्रकाशन किया जाएगा। इसी अवधि में पात्र अभ्यर्थी डीएमई पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते हुए अपनी पसंद के कॉलेज और विषय के विकल्प भर सकेंगे। यह प्रक्रिया 24 फरवरी की रात 11:59 बजे तक पूरी करनी होगी। कॉलेज और विषयवार मेरिट सूची पोर्टल पर उपलब्ध होगी इसके बाद 25 और 26 फरवरी को कॉलेज और विषयवार मेरिट सूची पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। डीएमई के अनुसार रियल-टाइम मेरिट के आधार पर प्रत्येक विषय में उपलब्ध रिक्त सीटों की संख्या के दस गुना अभ्यर्थियों की सूची जारी की जाएगी, ताकि प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु ढंग से पूरी हो सके। स्ट्रे वैकेंसी राउंड की सबसे अहम कड़ी 27 फरवरी को होगी। इस दिन अभ्यर्थियों को आवंटित संस्थान में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करानी होगी। उपस्थिति दर्ज कराने वाले अभ्यर्थियों को ही उसी दिन मेरिट के अनुसार प्रवेश दिया जाएगा।  

राज्य प्रशासनिक सेवा से आईएएस बने अधिकारियों ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज विधानसभा स्थित उनके कार्यालय कक्ष में राज्य प्रशासनिक सेवा तथा एलाइड सर्विस से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में नियुक्त अधिकारियों ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री साय ने सभी अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं. उन्होंने कहा कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्ति न केवल गौरव का विषय है, बल्कि यह जनसेवा के व्यापक अवसरों और जिम्मेदारियों का भी प्रतीक है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे अपने दायित्वों का निष्ठा, पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ निर्वहन करें. उन्होंने कहा कि शासन की लोककल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए. अधिकारियों की सक्रिय भूमिका से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी. इस दौरान भारतीय प्रशासनिक सेवा में नियुक्त तीर्थराज अग्रवाल, सुलीना कोसम, बीरेंद्र बहादुर पंचभाई, सुमित अग्रवाल, संदीप कुमार अग्रवाल, आशीष कुमार टिकरिहा, ऋषभ पाराशर एवं तरुण किरण उपस्थित थे.

सिडनी में हरियाणा के मां-बेटे की जोड़ी ने शूटिंग में जमाई धाक

भिवानी. हरियाणवी हुनर विदेशों में खुद को साबित कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शूटिंग में एक साथ उतरने वाली हरियाणवी मां और बेटे की यह जोड़ी प्रदेश और देश का नाम विदेशी धरती पर चमका रही है। सिडनी इंटरनेशनल शूटिंग सेंटर में 20 से 22 फरवरी तक हुए सिडनी कप प्रथम में हरियाणवी मां सुनैना सांगवान और बेटे सामर्थ्य सांगवान ने टाप टेन में जगह बनाकर शूटिंग प्रेमियों के दिलों में जगह बनाई है। शहर की इंदिरा कालोनी निवासी सुनैना सांगवान ने 10 मीटर एयर पिस्टल महिला वर्ग–2 व्यक्तिगत स्पर्धा में 534 अंक अर्जित कर 11 प्रतिभागियों के बीच 9वां स्थान प्राप्त किया। उन्होंने अपनी छह सीरीज में 88, 89, 88, 93, 89 और 87 अंक हासिल किए। वहीं 10 मीटर एयर पिस्टल पुरुष वर्ग के क्वालिफिकेशन राउंड में सुनैना सांगवान के बेटे सामर्थ्य सांगवान ने उत्कृष्ट निशानेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 541 अंक अर्जित कर प्रतियोगिता में 10वां स्थान हासिल किया। कड़े अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उनका प्रदर्शन सराहनीय रहा। निशानेबाजी सिखाने मां अपने बेटे के साथ जाते-जाते खुद भी कब निशानेबाज बन गई उनको पता ही नहीं चला। सामर्थ्य सांगवान पूर्व सांसद जंगबीर सिंह की बहन के पोते हैं। सामर्थ्य के दादा सज्जन सांगवान बताते हैं कि इंजीनियर बेटे प्रवीण सांगवान वर्ष 2016 में नौकरी के सिलसिले में ऑस्ट्रेलिया चले गए थे। सुनैना सांगवान बेटे के साथ आती थी। उन्होंने खुद भी शूटिंग का अभ्यास शुरू कर दिया। अब वह निशानेबाजी में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। यह उपलब्धि उनकी कड़ी मेहनत का परिणाम है। दोनों मां बेटा अंतरराष्ट्रीय स्तर स्टीक निशाना लगा कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।  – प्रदीप बेनीवाल कोच एवं निदेशक, लक्ष्य स्पोर्ट्स शूटिंग एकेडमी     बहू और पोते की उपलब्धि ने मेरा सीना चौड़ा किया है। मुझे उन पर गर्व है। दोनों की इस उपलब्धि पर परिवार में भी खुशी का माहौल है।  – सज्जन सांगवान, दादा     हरियाणवी चाहे दुनिया में कहीं भी हों, अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा ही लेते हैं। मां-बेटे का अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में खेलना ही अपने आप में बेमिसाल है। सुनैना और उनके बेटे सामर्थ्य ने यह साबित किया है कि उनका निशाना चिड़िया की आंख है। आने वाले समय में मां-बेटा की यह जोड़ी कमाल जरूर करेगी। – एडवोकेट राजनारायण पंघाल, खेल प्रेरक

ब्रिटिश हुकूमत ने सेठ जुम्मा लाल से लिया था 35,000 रुपए का कर्ज, 109 साल बाद पोते ने भेजा नोटिस

सीहोर भोपाल की नवाब सुल्तान जहां बेगम के बाद उस समय अमीरों की सूची में दूसरे नंबर पर आने वाले सीहोर के रईस सेठ जुम्मा लाल रूठिया ने 109 साल पहले 1917 में ब्रिटिश सरकार को 35 हजार रुपए का कर्ज दिया था। ब्रिटिश हुकूमच देश छोड़कर चली गई, लेकिन रूठिया परिवार का उधार अभी तक नहीं चुकाया है। ब्रिटिश सरकार को भेज रहे नोटिस ब्रिटिश हुकूमत के साथ कर्ज के लेन-देन को लेकर हुई लिखा-पढ़ी के आधार पर पोते विवेक रूठिया ब्रिटिश क्राउन को लीगल नोटिस भेज रहे हैं। रूठिया के मुताबिक उस समय की 35 हजार रुपए की राशि इस समय का एक करोड़ से ज्यादा है। सेठ विवेक रूठिया ने बताया कि ब्रिटिश हुकूमत को कर्ज देने के 20 साल बाद 1937 में उनके दादा सेठ जुम्मा लाल की मौत हो गई। पिता सेठ मानकचंद्र रूठिया को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के दस्तावेज मिले। 35000 रुपए का है कर्ज ब्रिटिश हुकूमत ने यह राशि भोपाल रियासत में अपने मैनेजमेंट को व्यवस्थित करने के लिए लिए थे। विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत एक संप्रभु देश सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज को चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है। शहर में 40 फीसदी प्रॉपर्टी रूठिया परिवार की सेठ मानकचंद्र रूठिया के बारे में कहा जाता है कि शहर की 40 से 45 फीसदी बसाहट उनकी जमीन पर बसी है। इंदौर, सीहोर और भोपाल में कई प्रोपर्टी तो ऐसी बताई जाती हैं, जो रूठिया परिवार के नाम पर दर्ज हैं, लेकिन उन्हें पता ही नहीं है, यदि पता भी है तो उन पर दूसरे लोगों का कब्जा है। शहर की कई प्रोपर्टी को लेकर रूठिया परिवार का कब्जेधारियों से विवाद भी चल रहा है। वहीं, कुछ ऐसे भी लोग हैं जो इनके मकान, दुकानों में रहते हैं और पुराने हिसाब से 100 से 500 रुपए तक ही किराया देते हैं। जानकारों का यह है कहना एडवोकेट जीके उपाध्यय का तर्क है कि लिखा-पढ़ी के आधार पर ब्रिटिश क्राउन को नोटिस भेजा जा सकता है, लेकिन जब भी कोई कर्ज लिया-दिया जाता है तो एग्रीमेंट में उसे वापस करने का समय निर्धारित किया जाता है। दस्तावेजों के आधार पर कानूनी कार्रवाई विवेक रूठिया का कहना है कि उनके पास उस समय की लिखा-पढ़ी और लेन-देन से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध हैं, जो उन्हें पारिवारिक वसीयत के माध्यम से प्राप्त हुए। सेठ जुम्मा लाल रूठिया का निधन वर्ष 1937 में, कर्ज देने के लगभग 20 वर्ष बाद हो गया था। विवेक रूठिया के अनुसार, उस समय के 35 हजार रुपए की कीमत आज के हिसाब से करोड़ों रुपए के बराबर है। उनका तर्क है कि यदि 1917 में सोने की कीमत और वर्तमान कीमत के आधार पर गणना की जाए, तो यह राशि कहीं अधिक हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला विवेक रूठिया का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कोई भी संप्रभु राष्ट्र पूर्व में लिए गए कर्ज के भुगतान के लिए सैद्धांतिक रूप से बाध्य होता है। इसी आधार पर वे ब्रिटिश सरकार को कानूनी नोटिस भेजने की तैयारी में हैं। फिलहाल यह मामला ऐतिहासिक दस्तावेजों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ेगा। वसीयत से खुला राज विवेक के अनुसार उनके दादा का निधन 1937 में हुआ था। उनके पिता सेठ मानकचंद्र को वसीयत में ब्रिटिश हुकूमत के साथ हुई लिखा-पढ़ी के पुख्ता दस्तावेज मिले। अब अंतरराष्ट्रीय कानून का हवाला देते हुए विवेक लीगल नोटिस भेज रहे हैं। तर्क है कि एक संप्रभु राष्ट्र सिद्धांतत: अपने पुराने कर्ज चुकाने के लिए कानूनी रूप से बाध्य है, भले ही सत्ता बदल गई हो। ये हैं अहम बातें     जुम्मा लाल रूठिया भोपाल नवाब के बाद सबसे अमीर सेठ थे     सीहोर में इनकी ढेर सारी संपत्तियां आज भी मौजूद     वसीयत के पेपर में हुआ खुलासा कि दादा ने दिया था कर्ज     ब्रिटिश क्राउन को परिवार भेज रहा है नोटिस     35000 हजार रुपए का कर्ज आज की तारीख में एक करोड़ से ज्यादा

Gold-Silver Update: सोना ₹3000 उछला, चांदी एक झटके में ₹15558 तक महंगी

नई दिल्ली : एमसीएक्स पर अप्रैल गोल्ड फ्यूचर कांट्रैक्ट आज 1.94 पर्सेंट ऊपर 159921 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। जबकि, सिल्वर मार्च फ्यूचर 5.79 पर्सेंट की उड़ान के साथ 267600 रुपये प्रति किलो के रेट से खुला। सोना करीब 3000 रुपये महंगा हुआ सोना 156993 है और चांदी के भाव में 15558 रुपये की उछाल थी। 20 फरवरी को एमसीएक्स पर सोना करीब 153000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। जबकि, चांदी 252042 रुपये प्रति किलो पर बंद हुई थी।  Gold-Silver Rate Update 23 Feb: सोने और चांदी के भाव में आज सोमवार, 23 फरवरी को जबरदस्त उछाल देखने को मिला। सोने की कीमतों में 1.61% और चांदी की कीमतों में 5% तक की तेजी दर्ज की गई। यह तेजी अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद आई है, जिसमें अदालत ने पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए व्यापक ग्लोबल टैरिफ को खारिज कर दिया। निवेशक अब इसके बाद अमेरिका की ओर से संभावित नए कदमों का आकलन कर रहे हैं। एशियाई बाजारों में आज स्पॉट गोल्ड की कीमत 1.61% बढ़कर 5,160 डॉलर प्रति औंस और चांदी की कीमत 5% उछलकर 86 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। क्यों बढ़ रहे हैं सोना-चांदी के दाम? अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया भर पर "पारस्परिक" टैरिफ लगाने के लिए आपातकालीन शक्तियों का इस्तेमाल करके अपने अधिकार का उल्लंघन किया था। इस फैसले के साथ ही ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में लगाए गए कई महत्वपूर्ण टैरिफ अब समाप्त हो गए हैं। इस फैसले के जवाब में ट्रंप ने कहा है कि रद्द किए गए टैरिफ को बदलने के लिए वैकल्पिक तंत्र लागू किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वह मौजूदा शुल्कों के अलावा, कानून की धारा 122 के तहत 10% का वैश्विक टैरिफ लागू करेंगे। साथ ही, राष्ट्रीय सुरक्षा और अन्य मामलों से जुड़े मौजूदा टैरिफ पूरी तरह से लागू रहेंगे। वहीं, जियो-पॉलिटिकल मोर्चे पर भी तनाव बना हुआ है। अमेरिकी सेना ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य तैनाती बढ़ा दी है। ट्रंप ने ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर चेतावनी दी है, जिससे क्षेत्र में टकराव की आशंका और बढ़ गई है। ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले से वहां पहले से मौजूद आंतरिक अस्थिरता और गहरी हो सकती है और यह अमेरिका के लिए एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप ले सकता है। क्या सोना-चांडी के भाव में और तेजी आ सकती है? जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के कमोडिटी रिसर्च हेड हरीश वी के अनुसार, हालांकि मजबूत डॉलर और बदलती ब्याज दर की उम्मीदें कीमतों में तेज उछाल को फिलहाल रोक सकती हैं, लेकिन लगातार बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर ले जा रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में सोने-चांदी की कीमतों में और बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हरीश ने कहा, "निवेशक आमतौर पर भू-राजनीतिक संकटों के दौरान सोने और चांदी की ओर रुख करते हैं, क्योंकि ये धातुएं मूल्य संरक्षण करती हैं, बाजार में उतार-चढ़ाव के जोखिम को कम करती हैं और मुद्राओं व वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता के समय एक भरोसेमंद विकल्प के रूप में काम करती हैं।" नई ऊंचाई छूने की संभावना एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने सोने की कीमतों के तकनीकी परिदृश्य पर कहा कि कीमतों में हालिया गिरावट मुनाफावसूली का हिस्सा है और व्यापक रुझान तेजी वाला ही बना हुआ है। उन्होंने कहा कि 4,500-4,700 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी देखी जा रही है और अगर कीमतें 5,100-5,200 डॉलर के स्तर को पार कर जाती हैं, तो नई ऊंचाई छूने की संभावना बन सकती है। वहीं, चांदी के भाव पर पोनमुडी ने कहा कि हालिया गिरावट के बावजूद, बड़े समय के फ्रेम में तेजी वाली संरचना बरकरार है। 65-70 डॉलर के बीच मजबूत खरीदारी का समर्थन स्तर है। अगर यह आधार बना रहता है और कीमतें 85-92 डॉलर के स्तर को पार करके वापसी करती हैं, तो तेजी का रुख फिर से मजबूत हो सकता है। मिड टू लॉन्ग टर्म नजरिए से चांदी के लिए संभावनाएं सकारात्मक बनी हुई हैं।

एमपी के 25 जिलों में बारिश से फसलें प्रभावित, सीएम मोहन ने दिए राहत उपायों के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में हाल ही में बारिश से 25 जिलों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर के कुछ जिलों में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि होने से फसलें खासा प्रभावित हुई हैं। इन क्षेत्रों के जिलों में तेज बारिश के साथ ही 63 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से आंधी चली थी, जिससे कई जिलों में फसलें खेतों में आड़ी हो गईं। सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिये कि, वो अपने-अपने जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराकर प्रभावित किसानों को फसल नुकसान की राहत राशि दिलाए। जनवरी माह में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ा था। तेज हवाओं से भी नुकसान मध्य प्रदेश के 25 जिलों में बारिश से फसलें बर्बाद हो गई हैं। मालवा-निमाड़ और ग्वालियर के कुछ जिलों में बारिश के साथ ओलावृष्टि ने फसलों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ 63 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी भी चली थी, जिससे कई जिलों में फसलें खेतों में आड़ी हो गईं। सीएम यादव ने जारी किए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस स्थिति पर संज्ञान लेते हुए सभी कलेक्टरों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि वे अपने-अपने जिलों में फसल नुकसान का सर्वे कराएं। सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को फसल नुकसान की राहत राशि दिलाई जाए। राज्य सरकार ने खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा आदि का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ जिलों को आपदा नियंत्रण में राज्य राहत कोष (एसआरएफ) राशि भी जारी कर दी गई है। सभी कलेक्टर अपने-अपने जिलों में तत्काल फसल नुकसान का सर्वे कराएं। प्रभावित किसानों को राहत राशि और फसल बीमा का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए। डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री (मध्य प्रदेश) कहीं-कहीं प्रथम चरण पूरा फसल नुकसान के जहां-जहां प्रथम चरण का सर्वे हुआ है, वहां राशि वितरण कार्य शुरू हो गया है। यह प्रक्रिया प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के उद्देश्य से चलाई जा रही है। जनवरी माह में भी इसी तरह मौसम का मिजाज बिगड़ा था और फसलों को नुकसान पहुंचा था। उस समय भी राज्य सरकार ने सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। खबर के 5 मुख्य बिंदु 1. मध्यप्रदेश के कुल 25 जिले इस बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की चपेट में आए हैं, जिससे गेहूं और सरसों की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान है। 2. मौसम विभाग के अनुसार 63 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने फसलों को जमीन पर सुला दिया है। 3.मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा है कि कोई भी प्रभावित किसान सर्वे से छूटना नहीं चाहिए, राहत राशि का वितरण प्राथमिकता पर होगा। 4.जनवरी में हुए नुकसान का सर्वे पूरा हो चुका है और प्रथम चरण की राशि वितरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। 5. जहां सरकार 'कृषि वर्ष' मना रही है, वहीं राजस्व विभाग के बड़े अधिकारी जमीनी हकीकत से अनजान बने हुए हैं। SRF राशि जारी राज्य सरकार ने खराब फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा और फसल बीमा आदि का लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू की थी। कुछ जिलों को आपदा नियंत्रण में राज्य राहत कोष (एसआरएफ) राशि जारी कर दी गई है। राशि वितरण कार्य शुरू फसल नुकसान के जहां-जहां प्रथम चरण का सर्वे हुआ हैं वहां राशि वितरण कार्य शुरू हो गया है। इधर, इस मामले में राजस्व विभाग के प्रमुख सचिव विवेक कुमार पोरवाल से मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने पूरी बात सुनी और कहा कि अभी मेरी जानकारी में यह नहीं है, इसके बाद कॉल काट दिया। ऐसे में ये चिंता का विषय है कि, एक तरफ प्रदेश सरकार साल 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मना रही है तो वहीं अधिकारियों का किसानों के प्रति इस तरह लापरवाह रवैया सरकार की मंशा पर पानी फेरता नजर आ रहा है।

एमपी में बारिश का चौथा अलर्ट, सीधी, सिंगरौली सहित 8 जिलों में आंधी और गरज-चमक का अनुमान

भोपाल  मध्य प्रदेश में फरवरी का महीना जाते-जाते भी अपनी रंगत बदल रहा है। प्रदेश के किसानों और आम जनता के लिए राहत और चिंता की मिली-जुली खबर है। मौसम विभाग (IMD) ने सोमवार को राज्य के पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों में बारिश और गरज-चमक के साथ तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। यह इस महीने में चौथी बार है जब बेमौसम बारिश प्रदेश को भिगोने वाली है। बंगाल की खाड़ी में बना 'लो प्रेशर' बढ़ाएगा मुसीबत मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय है। इसके साथ ही एक 'ट्रफ लाइन' भी गुजर रही है, जो नमी खींच रही है। इस सिस्टम की वजह से मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से के 8 जिलों, जिसमें सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट शामिल हैं, में आज जोरदार बारिश होने का अनुमान है। इन इलाकों में बिजली कड़कने के साथ तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। सिस्टम आगे बढ़ा, इसलिए बूंदाबांदी हुई मौसम विभाग ने पहले 22 फरवरी को एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र को प्रभावित करने का अलर्ट जारी किया था, लेकिन यह सिस्टम आगे बढ़ गया। इसी बीच लो प्रेशर एरिया और टर्फ की एक्टिविटी शुरू हो गई। इसके चलते सोमवार को बारिश होने का अनुमान है। फरवरी में तीन बार बारिश वाला मौसम बता दें कि फरवरी के शुरुआत में ही प्रदेश में दो बार ओले, बारिश और आंधी का दौर रह चुका है। इससे फसलों को खासा नुकसान हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रभावित फसलों का सर्वे भी कराया था। 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश भीग गया है। 19, 20 और 21 फरवरी को भी असर रहा। अब चौथी बार बारिश होने के आसार है। 23 फरवरी को फिर से बारिश हो सकती है। रात में सर्दी से राहत, दिन में पारा लुढ़का बारिश की वजह से दिन के तापमान में गिरावट हुई है। रविवार को सर्द हवाओं से थोड़ी राहत मिली। शनिवार-रविवार की रात में पचमढ़ी में ही पारा सबसे कम 10.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, राजगढ़ में 11 डिग्री, कल्याणपुर में 11.2 डिग्री, करौंदी में 11.4 डिग्री और मंदसौर मे 11.5 डिग्री रहा। बाकी में पारा बढ़ा गया। फरवरी में बारिश से फसलों पर संकट इस साल फरवरी का मिजाज काफी अलग रहा है। महीने की शुरुआत में दो बार ओलावृष्टि और बारिश ने फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया था, जिसका सर्वे अब भी जारी है। 18 से 21 फरवरी के बीच तीसरी बार हुई बारिश के बाद, अब यह चौथी बार है जब मौसम बिगड़ रहा है। पिछले 24 घंटों में उज्जैन और श्योपुर जैसे इलाकों में हुई भारी बारिश और 63 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने खेतों में खड़ी फसलों के लिए नई चिंता पैदा कर दी है। दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर मध्य प्रदेश के तापमान में इन दिनों 'विरोधाभास' देखा जा रहा है। एक तरफ जहां खरगोन में पारा 34.3 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, वहीं पचमढ़ी और राजगढ़ जैसे इलाकों में रातें अभी भी सर्द हैं। राजधानी भोपाल की बात करें, तो यहाँ दिन का पारा 30 डिग्री के पार होने से हल्की गर्मी महसूस हो रही है, लेकिन रात होते ही हल्की ठंडक वापस आ जाती है। 23 फरवरी के बाद रात के तापमान में 1 से 2 डिग्री की और गिरावट आने की संभावना है। अगले 24 घंटों के लिए चेतावनी मौसम विभाग ने आने वाले 24 घंटों के लिए नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा और सिवनी जैसे दक्षिणी जिलों में भी बादलों के डेरा डालने की चेतावनी दी है। वहीं उत्तर मध्य प्रदेश के पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में भी हल्की बौछारें पड़ सकती हैं। राहत की बात यह है कि पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) का जो सिस्टम पहले बहुत शक्तिशाली लग रहा था, वह अब थोड़ा आगे बढ़ गया है, जिससे पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी तबाही की आशंका कम हुई है।

मध्य प्रदेश: 10 जिलों में आज से पुलिस आरक्षक भर्ती के लिए शारीरिक परीक्षा का आयोजन

 भोपाल  मध्य प्रदेश में पुलिस आरक्षक भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) 23 फरवरी से शुरू हो रही है। परीक्षा 10 जिलों भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर, रीवा, बालाघाट, रतलाम और मुरैना में होगी। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल पुलिस आरक्षक (जीडी) के कुल 7,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया करवा रहा है। इसके लिए 30 अक्टूबर से 15 दिसंबर, 2025 तक ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम 25 जनवरी, 2026 को जारी किया जा चुका है। भोपाल में शारीरिक दक्षता परीक्षा लाल परेड ग्राउंड पर होगी। तैयारी के दौरान सेंसर वाली जैकेट, टाइमिंग सिस्टम और अन्य इलेक्ट्रानिक उपकरणों की सटीकता परखी गई, ताकि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिरहित रहे। 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर में दौड़ेंगे 59 हजार अभ्यर्थी आरक्षक के 7,500 पदों के लिए प्रदेश भर से लगभग 59 हजार अभ्यर्थी शारीरिक दक्षता परीक्षा में शामिल होंगे। सभी चयनित प्रतियोगियों को निर्धारित केंद्रों पर पहुंचना होगा, जहां दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। मुख्य रूप से तीन स्पर्धाएं होंगी 800 मीटर दौड़, लंबी कूद,गोला फेंक होगा। परीक्षा के दौरान आधार ई-केवाईसी सत्यापन अनिवार्य है, इसलिए सभी अभ्यर्थियों को अपना मूल आधार कार्ड साथ लाना होगा। अभ्यर्थी यह भी सुनिश्चित करें कि उनका आधार नंबर 'लाक' न हो। इसके साथ ही, दस्तावेज परीक्षण के लिए सभी मूल प्रमाण पत्र और उनकी फोटोकापी का सेट साथ लाना अनिवार्य है। आधार सत्यापन के बाद जैकेट के क्यूआर से लिंक होगा रोल नंबर, हर चरण में होगा स्कैन इस बार फर्जीवाड़ा रोकने के लिए कई नवाचार किए गए हैं। क्यूआर कोड वाली जैकेट पहनाई जा रही है। परीक्षा स्थल पर सबसे पहले आधार कार्ड का सत्यापन फिंगरप्रिंट, रेटिना और फोटो के मिलान से होगा। सत्यापन सफल होने के बाद ही क्यूआर कोड वाली अभ्यर्थी को दी जाएगी। इस जैकेट में क्यूआर कोड होगा, जिसे रोल नंबर से लिंक किया जाएगा। हर चरण में इसी क्यूआर कोड को स्कैनर से स्कैन किया जाएगा, तभी प्रवेश मिलेगा। 5500 अभ्यर्थी आजमाएंगे अपनी किस्मत, पुलिस की कड़ी निगरानी ग्वालियर की 14वीं बटालियन में सोमवार को नव आरक्षकों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा (पीपीटी) आयोजित होने जा रही है। इस परीक्षा में तकरीबन 5500 युवा अभ्यर्थी अपनी किस्मत आजमाने पहुंचेंगे। 14वीं बटालियन के मैदान पर यह परीक्षा प्रक्रिया 14 मार्च तक चलेगी, इसमें हर दिन करीब 400 उम्मीदवारों की परीक्षा ली जाएगी। दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का टेस्ट होगा नवआरक्षकों भर्ती प्रक्रिया के लिए एसएएफ के करीब 300 पुलिस जवान और अधिकारियों तैनात रहेंगे। यह पुलिस के जवान और अधिकारी इस परीक्षा में पहुंचने वाले युवाओं की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद का परीक्षण करवाएंगे। इस भर्ती परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए बटालियन के ग्राउंड पर दो दर्जन CCTV कैमरे भी लगवाए गए हैं। यह भर्ती प्रक्रिया प्रदेश भर में नवआरक्षकों के करीब 7500 पदों के लिए आयोजित की जा रही है। लिखित परीक्षा के बाद अब शारीरिक प्रवीणता परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। इस परीक्षा के लिए एक कमेटी का गठन किया है, जिसके अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी हैं। उनकी निगरानी में यह परीक्षा आयोजित की जाएगी। 800 मीटर की पूरी करनी होगी दौड़ 14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा के लिए रविवार को टैंट, लाइट, CCTV कैमरे और मैदान की साफ-सफाई सहित अन्य सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। परीक्षा देने आने वाले युवाओं के लिए चाय-पानी की भी व्यवस्था की गई है। भर्ती परीक्षा की तैयारी का जायजा बटालियन के कमांडेंट संजीव सिंह ने किया था और प्रक्रिया के लिए तैनात जवानों व अधिकारियों से चर्चा की। रविवार को एसएएफ मैदान पर पीपीटी परीक्षा से एक दिन पहले रिहर्सल की गई, जिसमें कमेटी के अध्यक्ष डीआईजी अमित सांघी, कमांडेंट संजीव सिन्हा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मैदान पर एसएएफ जवानों को उम्मीदवार बनाकर रिहर्सल कराई गई ताकि परीक्षा के दौरान होने वाली किसी भी कमी को पूरी तरीके से पूर्ण किया जा सके। 14वीं बटालियन के मैदान पर पीपीटी परीक्षा में उम्मीदवारों को 800 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। इसके अलावा, गोला फेंक और लंबी कूद भी शामिल होगी। गोला फेंक और लंबी कूद में प्रत्येक उम्मीदवार को तीन-तीन मौके दिए जाएंगे। 300 जवान और अधिकारी किए तैनात ग्वालियर DIG अमित सांघी ने बताया कि एसएएफ मैदान पर 23 मार्च से पीपीटी परीक्षा शुरू होने जा रही है जिसके लिए पुलिस के 300 जवान और अधिकारी तैनात किए जाएंगे। परीक्षा के दौरान इमरजेंसी के लिए चिकित्सा कैंप भी लगाया है। जिसमें अनुभवी डॉक्टर भी तैनात रहेंगे और भर्ती प्रक्रिया के लिए पूरे इंतजाम कर लिए गए हैं। इन केंद्रों पर होगी परीक्षा     भोपाल : लाल परेड ग्राउंड, जहांगीराबाद     इंदौर : माउंटेड ट्रूप डिपार्टमेंट परिसर, आरएपीटीसी     जबलपुर : परेड ग्राउंड, 6वीं वाहिनी विसबल, रांझी     ग्वालियर : परेड ग्राउंड, 14वीं वाहिनी विसबल, कंपू     उज्जैन : महानंदा एरीना ग्राउंड, देवास रोड     सागर : शासकीय इंदिरा गांधी इंजीनियरिंग कालेज, बहेरिया     रीवा : परेड ग्राउंड, 9वीं वाहिनी विसबल     बालाघाट : फुटबाल/हाकी ग्राउंड, 36वीं वाहिनी विसबल     रतलाम : भगत सिंह शासकीय कालेज बस स्टैंड के पास जावरा रतलाम     मुरैना : परेड ग्राउंड, 05वीं वाहिनी विसबल  

अंतरराष्ट्रीय सीमा पर हाई अलर्ट: 3 दिन तक आवाजाही बंद, परिंदा भी नहीं मार पाएगा पर!

महराजगंज आगामी नेपाली संसदीय चुनावों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने और सीमा पार से होने वाली अवांछनीय गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भारत और नेपाल के शीर्ष अधिकारियों ने एक निर्णायक समन्वय बैठक की। इस उच्च स्तरीय मंथन में दोनों देशों ने साझा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने और द्विपक्षीय सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प लिया। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निर्णय नेपाल में प्रस्तावित संसदीय चुनावों को लेकर लिया गया। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत 2 मार्च 2026 की मध्यरात्रि से 5 मार्च 2026 की मध्यरात्रि तक भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा को पूरी तरह सील रखा जाएगा। इसका उद्देश्य चुनाव के दौरान संदिग्ध आवाजाही, अवैध घुसपैठ और सुरक्षा जोखिमों को शून्य करना है। प्रमुख उपस्थिति एवं अध्यक्षता नेपाल के मोरंग जिला स्थित विराटनगर में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता युवराज कटेल ने की। इसमें दोनों देशों के सीमावर्ती जिलों के प्रशासनिक व सुरक्षा प्रमुखों ने हिस्सा लिया। भारत की तरफ से बिहार के सुपौल, किशनगंज और अररिया जिलों के जिला पदाधिकारी तो वहीं नेपाल पक्ष से मोरंग, झापा और सुनसरी जिलों के मुख्य जिला अधिकारी, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और राष्ट्रीय जांच विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। अपराध और तस्करी पर 'जीरो टॉलरेंस' बैठक में केवल चुनावी सुरक्षा ही नहीं, बल्कि दीर्घकालिक सुरक्षा मुद्दों पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। दोनों पक्षों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर संयुक्त कार्रवाई तेज करने पर सहमति जताई: अवैध नेटवर्क पर प्रहार: सीमा पार आतंकवाद, हथियारों की तस्करी, मादक पदार्थों के अवैध कारोबार और जाली मुद्रा (FICN) के नेटवर्क को ध्वस्त करना। मानव तस्करी: महिलाओं और बच्चों की तस्करी जैसे संवेदनशील अपराधों पर कड़ी निगरानी। अतिक्रमण नियंत्रण: ‘नो मैन्स लैंड’ (दशगजा क्षेत्र) में बढ़ते अतिक्रमण की जांच और अनधिकृत रास्तों से होने वाली आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध। खुफिया सूचनाएं: संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी साझा करने के लिए एक त्वरित सूचना तंत्र को और अधिक सक्रिय करना। शांति और मित्रता की प्रतिबद्धता अधिकारियों ने दोहराया कि भारत और नेपाल के बीच की खुली सीमा पारंपरिक मित्रता का प्रतीक है, लेकिन इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसियों का बेहतर तालमेल अनिवार्य है। वर्तमान में दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं, ताकि चुनावी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराया जा सके।

टैरिफ पर ट्रंप को तगड़ा झटका, जबकि शेयर बाजार में सेंसेक्स और निफ्टी में बमबम रैली

मुंबई  अमेरिका (America) में मची किसी भी हलचल का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) पर देखने को मिलता रहा है. बीते सप्ताह भी यूएस में तमाम बड़े घटनाक्रम देखने को मिले, जिनमें सबसे अहम अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में टैरिफ पर ट्रंप की हार अहम है, US Supreme Court ने राष्ट्रपति ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ को गैरकानूनी करार देते हुए रद्द कर दिया, तो ट्रंप ने इस फैसले के तुरंत बाद दुनिया के सभी देशों पर नया 10% का टैरिफ लगा गया और 24 घंटे में ही इसे बढ़ाकर 15% भी कर दिया. इसके असर की बात करें, तो जिस टैरिफ से दुनिया के बाजारों में हड़कंप मचा नजर आया था, उसके हटते ही तेजी देखने को मिली है और Sensex-Nifty भी खुलने के साथ ही रॉकेट बने नजर आए हैं.   Sensex-Nifty ने खुलते ही मचाया गदर शेयर मार्केट में कारोबार ओपन होने के साथ ही बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 82,814.71 की तुलना में उछलकर 82,906.83 पर खुला और फिर कुछ ही मिनटों में ये 83,486 पर जा पहुंचा. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलते हुए अपने पिछले शुक्रवार के बंद 25,571.25 की तुलना में चढ़कर 25,678 पर ट्रेड शुरू किया और फिर रॉकेट की तरह भागते हुए 25,771.45 के लेवल पर जा पहुंचा. ये 10 शेयर सबसे तेज भागे Share Market में शुरुआती तेजी के दौरान सबसे तेज भागने वाले शेयरों की बात करें, तो बीएसई की लार्जकैप कैटेगरी में शामिल Adani Ports Share (2.80%), Axis Bank Share (2.10%), Kotak Bank Share (1.60%) और HDFC Bank Share (1.50%) उछलकर ट्रेड कर रहा था. मिडकैप कैटेगरी को देखें, तो Bharat Forge Share (2%), Policy Bazar Share (1.95%), Paytm Share (1.95%) और BHEL Share (1.50%) की तेजी लिए हुए दिखा. इसके अलावा स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा उछाल Cohance Share (4.80%) और IIFL Share (4.20%) में देखने को मिला.  टैरिफ का डर खत्म, तो झूमे बाजार बता दें कि Donald Trump के रेसिप्रोकल टैरिफ का डर खत्म होने का असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिला, एशियाई बाजारों में जापान को छोड़कर लगभग सभी मार्केट ग्रीन जोन में नजर आए थे. विदेशों से मिले इन पॉजिटिव संकेतों के चलते सेंसेक्स-निफ्टी में भी बमबम नजर आया. शुरुआती कारोबार में करीब 1,676 शेयर अपने पिछले बंद के मुकाबले तूफानी तेजी के साथ ओपन हुए, जबकि 830 शेयरों ने गिरावट के साथ शुरुआत की, वहीं 257 शेयर बिना किसी चेंज के खुले यानी इनकी ओपनिंग फ्लैट रही.