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गरीबों को राहत: ‘मेरी रसोई योजना’ का विस्तार, पांच जरूरी राशन एक साथ देने की तैयारी

पठानकोट पंजाब सरकार ने राज्य के जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने ‘मेरी रसोई योजना’ के तहत मिलने वाले राशन में महत्वपूर्ण विस्तार किया है। अब लाभार्थियों को गेहूं (कनक) के साथ-साथ पांच अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुएं भी उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे महंगाई के दौर में घरेलू रसोई का खर्च कम होगा और पोषण स्तर भी सुधरेगा। 'महंगाई से मिलेगी राहत' पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चन्द कटारूचक्क ने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी पहल ‘मेरी रसोई योजना’ के विस्तार के लिए मुख्यमंत्री भागवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद करते हुए इस फैसले की सराहना की है। मंत्री ने कहा कि यह कदम आम लोगों विशेषकर जरूरतमंद परिवारों की रसोई को मजबूत करने और महंगाई से राहत देने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय है। इस योजना से राज्य के करीब 40 लाख परिवारों को प्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य है कि गरीब एवं जरूरतमंद वर्गों को केवल अनाज ही नहीं, बल्कि दैनिक उपयोग की आवश्यक खाद्य सामग्री भी सुनिश्चित की जाए। मेरी रसोई योजना के तहत अब लाभार्थियों को कनक (गेहूं) पूर्व की तरह के साथ 2 किलोग्राम चीनी, 2 किलोग्राम चने की दाल, 1 किलोग्राम नमक, 200 ग्राम हल्दी एवं 1 लीटर सरसों का तेल मिलेगा। डिपो स्तर पर होगा राशन का वितरण इन वस्तुओं को शामिल करने का उद्देश्य रसोई की बुनियादी जरूरतों को एक ही योजना में पूरा करना है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने वर्षभर वितरण को व्यवस्थित रखने के लिए इसे चार सर्कलों में बांटा है जिसमें पहला सर्कल 1 अप्रैल से शुरू, दूसरा सर्कल जुलाई से शुरू, तीसरा अक्टूबर से और चौथा सर्कल जनवरी से शुरू होगा। इस चरणबद्ध प्रणाली से वितरण में पारदर्शिता और नियमितता सुनिश्चित की जाएगी। योजना के तहत आवश्यक खाद्य सामग्री की खरीद की जिम्मेदारी मार्कफेड को सौंपी गई है। यह एजेंसी राज्य स्तर पर गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समयबद्ध सप्लाई उपलब्ध करवाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा डिपो स्तर पर राशन का वितरण किया जाएगा, ताकि लाभ सीधे पात्र परिवारों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो। 'आम लोगों की रसोई होगी मजबूत' सरकार ने फेयर प्राइस शॉप (डिपो) संचालकों को राहत देते हुए उनका मार्जिन 45 पैसे प्रति किलोग्राम कर दिया है। इससे डिपो होल्डरों की आय में वृद्धि होगी और वितरण प्रणाली को मजबूती मिलेगी। मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का किया धन्यवादखाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने इस जनहितकारी फैसले के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का तहेदिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आम लोगों की रसोई को मजबूत करने वाली ऐतिहासिक पहल है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी परिवार महंगाई के कारण आवश्यक खाद्य सामग्री से वंचित न रहे, और यह निर्णय उसी दिशा में एक ठोस कदम है। सरकार का मानना है कि इस विस्तारित योजना से न केवल खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि गरीब परिवारों के मासिक खर्च में कमी आएगी और पोषण संतुलन भी बेहतर होगा।  

निवेश के मोर्चे पर यूपी को बढ़त: योगी सरकार ने सिंगापुर में किए 6,650 करोड़ के समझौते, हजारों युवाओं को मिलेगा रोजगार

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे का आगाज प्रदेश के लिए बड़ी निवेश उपलब्धि के साथ हुआ। दौरे के पहले ही दिन यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप के साथ कुल 6,650 करोड़ रुपए के तीन महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इन निवेश प्रस्तावों के तहत ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक्स पार्क और हाइपरस्केल डेटा सेंटर जैसी रणनीतिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी, जिनसे 20 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलने का अनुमान है। सीएम योगी ने निवेशकों के साथ बैठक में उत्तर प्रदेश की नीतिगत स्थिरता, बेहतर कनेक्टिविटी, मजबूत औद्योगिक ढांचे और तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर की जानकारी साझा की। उन्होंने प्रदेश सरकार की ओर से निवेशकों को हर स्तर पर सहयोग और त्वरित स्वीकृति देने का आश्वासन दिया। साथ ही डेटा सेंटर परियोजना के लिए समूह को लखनऊ आने का आमंत्रण भी दिया गया। अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट पहले एमओयू के तहत यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास 100 एकड़ भूमि पर अंतरराष्ट्रीय थीम आधारित टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस परियोजना में 3,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना के 2027 तक शुरू होने की योजना है और इससे करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलेगा। यह प्रोजेक्ट जेवर एयरपोर्ट क्षेत्र को वैश्विक स्तर की पहचान दिलाने में सहायक साबित होगा। कानपुर-लखनऊ हाईवे पर लॉजिस्टिक्स पार्क दूसरी परियोजना के अंतर्गत कानपुर-लखनऊ हाईवे पर 50 एकड़ भूमि में लॉजिस्टिक्स पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में 650 करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा, जिससे लगभग 7,500 रोजगार सृजित होंगे। वर्ष 2027 में शुरू होने वाली यह परियोजना प्रदेश की औद्योगिक गतिविधियों और निर्यात क्षमता को नई गति देगी। नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क तीसरे एमओयू के तहत नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी पावर क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना में 2,500 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलेगा। इसे वर्ष 2028 तक शुरू करने की योजना है। यह कदम उत्तर प्रदेश को देश के अग्रणी डेटा सेंटर हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती सिंगापुर दौरे के पहले दिन हुए ये समझौते उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने, शहरी विकास को बढ़ावा देने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन सुनिश्चित करने की दिशा में अहम उपलब्धि माने जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से प्रदेश में निवेश का वातावरण और मजबूत होगा तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।  

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भीषण दुर्घटना: लखनऊ में बस पलटने से मचा हड़कंप, कई घायल

लखनऊ पंजाब के लुधियाना से बिहार के दरभंगा जा डबल डेकर बस सोमवार को दिन में करीब 3.30 बजे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर पलट गई। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई और 16 लोग घायल हैं। गोसाईगंज के खेमा खेड़ा गांव के पास बस अनियंत्रित होकर पलटने का कारण तेज रफ्तार बताया जा रहा है। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने बताया कि ड्राइवर को नींद आ जाने से हादसा हुआ है। राहगीरों ने सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची गोसाईगंज पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा है। टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। तीन बच्चों सहित पांच की मौत मौके पर पहुंचे पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) दक्षिण निपुण अग्रवाल ने बताया कि हादसे में कुल पांच लोगों की मौत हुई हैं। मृतकों में एक महिला एक पुरुष व तीन बच्चे शामिल हैं। घायलों को इलाज के लिए पीजीआइ और केजीएमयू भेजा गया है। हादसे में मृतकों के साथ ही घायलों के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। घटना की सूचना पर जिलाधिकारी विशाख जी, पुलिस आयुक्त अमरेंद्र सेंगर गोसाईगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे हैं। दोनों अफसर पुलिस और प्रशासनिक टीम के साथ घायलों के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीसी से ग्वालियर के कृषि मंथन में कृषि वैज्ञानिकों को दिया संदेश

कृषि में शोध बढ़ायेंगे, मंडी निर्यात नीति भी लायेंगे सरसों को भी लायेंगे भावांतर के योजना में दलहन-तिलहन, औषधीय और मसाला फसलों का भी बढ़ा रहे उत्पादन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसान हमारे प्रदेश की अर्थव्यवस्था के आधार स्तंभ हैं। इनके अथक परिश्रम से ही हमारे बाजार गुलजार है। हम वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रहे हैं। यह वर्ष प्रदेश के इतिहास में किसानों के हित और समग्र कल्याण के मामले में मील का पत्थर साबित होगा।उन्होंने कहा कि यह वर्ष 'खेत से लेकर कारखाने तक और बाग से लेकर बाजार तक' की पूरी मूल्य संवर्धन श्रृंखला को एक सूत्र में जोड़ेगा। इस वर्ष हम क़ृषि उत्पादों के प्रसंस्करण और इनमें वैल्यू एडिशन के लिए अधिकाधिक रोजगार आधारित उद्योगों के विकास, उन्नत किस्म के बीजोत्पादन, पशुपालन, दुग्धोत्पादन, मत्स्योत्पादन में वृद्धि सहित हर वो कदम उठाएंगे, जिनसे खेती और अन्नदाताओं का विकास हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास से कृषि विश्वविद्यालय परिसर, ग्वालियर में हो रहे 'कृषि मंथन एवं कृषि प्रौद्योगिकी मेला 2026' को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना संबंधी कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि प्रदेश में तेज़ी से सिंचाई सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। हमारी सरकार प्रदेश में औषधीय और मसाला फसलों का उत्पादन बढ़ाने के सभी प्रयास कर रही है। हम जल्द ही कृषि उत्पादन निर्यात नीति लाने वाले हैं। हम कृषि में शोध कार्य भी बढ़ायेंगे। उन्होंने कहा कि हम खेती-किसानी और फल-फूलों की खेती को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए कोई कसर नहीं रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस कृषि मंथन से जो अमृत निकलेगा, वह हमें किसानो के कल्याण के लिये प्रभावी और कारगर कदम उठाने में सहायक होगा। 'कृषि मंथन' राजमाता विजयाराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय, ग्वालियर, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् (आईसीएआर) नई दिल्ली और कृषि विभाग, म.प्र. शासन के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि "समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश" की थीम पर हो रहा कृषि मंथन निश्चित ही किसानों को खेती में जरूरी सुधार और बदलाव लाने में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आधुनिक कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों में मूल्य-श्रृंखला विकास, प्रोसेसिंग, तकनीक अपनाने और ग्रामीण युवाओं की उद्यमिता को बढ़ावा देकर व्यापक रोजगार सृजन करने पर फोकस कर रही है। तकनीकी नवाचार, विविधीकरण और नीतिगत समर्थन से इन क्षेत्रों में न केवल उत्पादकता बढ़ाई जा सकेगी, बल्कि विपणन एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में बाजार अनुरूप लाभकारी व्यवस्था कृषकों के लिए निर्मित होगी। हम कृषि के अलावा उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन एवं सहकारिता क्षेत्र में भी नई सोच से आगे बढ़ रहे है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज कृषि जलवायु परिवर्तन के बढ़ते जोखिमों का सामना कर रही है। इस मंथन में देश के विभिन्न कृषि संस्थानों के वरिष्ठ वैज्ञानिक विचार मंथन कर नई तकनीकों के विकास की राह प्रशस्त करेंगे। वीडियो काँफ्रेंसिंग में सचिव कृषि एवं किसान कल्याण विभाग निशांत वरवड़े, सचिव परिवहन एवं आयुक्त जनसम्पर्क मनीष सिंह ने भोपाल से सहभागिता की। यूनिवर्सिटी परिसर में हो रहे इस कृषि मंथन में कृषि विश्वविद्यालय ग्वालियर के कुलगुरू प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार शुक्ला, आचार्य नरेन्द्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, अयोध्या के कुलपति डा. ब्रजेन्द्र सिंह, यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चरल साइंसेज, धारवाड़, कर्नाटक के कुलपति डॉ. पी.एल पाटिल, भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान संस्थान, मोदीपुरम, मेरठ के निदेशक डॉ. सुनील कुमार, देश के विभिन्न कृषि संस्थानों से आये वैज्ञानिक, आईसीएआर के पदाधिकारी सहित कृषि अधिकारी भी उपस्थित थे।  

राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा- बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप दे

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि बंदी पुनर्वास प्रयासों को समग्रता और बहुआयामी स्वरूप में किया जाना चाहिए। कार्य का दृष्टिकोण मानवतावादी हो। भाव संवेदनशील और विचारशील होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पुनर्वास प्रयासों में सकारात्मक सोच के निर्माण पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम बंदियों की सोच को रचनात्मक दिशा देने। भविष्य के प्रति विश्वास और आत्मबल को मजबूत करने में बहुत सहयोगी होगा। राज्यपाल पटेल सोमवार को लोकभवन में गृह एवं जेल विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला, राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, विशेष महानिदेशक जेल अखितो सेमा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। राज्यपाल पटेल ने अधिकारियों से कहा कि बंदी उत्पादक गतिविधियों के द्वारा बंदियों के परिवारों के जीवन निर्वाह में आर्थिक सहयोग के उद्देश्य से नियोजन गतिविधियों का संयोजन किया जाए। उन्होंने कहा कि जेलों में बंद मामूली अपराधों के विचाराधीन कैदियों को केवल दंड देना ही नहीं, बल्कि उन्हें सकारात्मक सुधार के जरिए समाज की मुख्य धारा में वापस भेजना पुनर्वास प्रयासों का मूलाधार होना चाहिए। भाव उनको अपराधी की पहचान से मुक्त होकर बेहतर नागरिक के रूप में स्थापित होने में मदद का होना चाहिए। समाज के नव-निर्माण में वे अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ‘मन की बात’ कार्यक्रम को सुनकर जेल की दीवारों के पीछे एकाकी जीवन जी रहे बंदियों को देश की प्रगति और प्रेरक कहानियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। उनके जीवन में आशावाद और नव-निर्माण का संचार होगा। बंदियों के भीतर छिपी नकारात्मकता में कमी आएगी। सकारात्मक दृष्टिकोण और आत्म-सुधार की भावना जागृत होगी। उन्होंने जेलों में लंबित दया याचिकाओं, महिला बंदियों के बच्चों के उचित लालन-पालन की व्यवस्थाओं, महिला बंदियों के पुनर्वास, दिव्यांग एवं बुजुर्ग बंदियों के लिए आवश्यक कृत्रिम उपकरणों की उपलब्धता और श्रम शक्ति के उत्पादक गतिविधियों में नियोजन के संबंध चर्चा की। अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि वर्ष 2025-26 में प्राप्त 18 दया याचिकाओं का प्रक्रिया के विभिन्न स्तरों पर परीक्षण किया जा रहा है। जेल विभाग द्वारा विगत पांच वर्षों में प्राप्त सभी दया याचिकाओं का परीक्षण कराया जा रहा है। विभाग द्वारा उनके त्वरित निराकरण के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 180 देशों के 11 लाख लोगों के द्वारा देखे जाने वाले गीता पाठ के ऑनलाइन कार्यक्रम का प्रदेश की जेलों में प्रसारण की अभिनव पहल जेल विभाग द्वारा की गई है। साप्ताहिक प्रसारण में गीता के श्लोक का शुद्ध उच्चारण और श्लोक का भावार्थ कर समझाया जाता है।

करोड़ों किसानों को राहत: इस तारीख को खाते में आ सकती है 22वीं किस्त

 नई दिल्ली देश के करोड़ों अन्नदाताओं के लिए खुशखबरी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) की 21वीं किस्त सफलतापूर्वक जारी होने के बाद, अब सभी की नजरें 22वीं किस्त पर टिकी हैं। हालांकि सरकार ने अभी तक आधिकारिक तारीख का ऐलान नहीं किया है, लेकिन वित्तीय कैलेंडर और पिछले साल के रुझानों को देखें तो फरवरी का आखिरी सप्ताह किसानों के बैंक खातों में खुशियां लेकर आ सकता है। पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता तीन किस्तों में दी जाती है। 21वीं किस्त 19 नवंबर को जारी की गई थी। पिछले साल 19वीं किस्त 24 फरवरी को जारी हुई थी। इसी आधार पर कयास लगाए जा रहे हैं कि 24 फरवरी 2026 के आसपास सरकार 22वीं किस्त के 2,000 रुपये जारी कर सकती है। सावधान! इन 3 वजहों से रुक सकता है आपका पैसा भले ही किस्त जारी हो जाए, लेकिन नियमों में सख्ती के कारण कुछ किसानों को इस लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है। यदि आपने निम्नलिखित कार्य पूरे नहीं किए हैं, तो आपकी राशि अटक सकती है: ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य: जिन किसानों ने अभी तक अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनके खाते में पैसे नहीं भेजे जाएंगे। इसे पीएम किसान पोर्टल या नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर से तुरंत पूरा करें।

मध्य प्रदेश में सरकारी स्कूलों के छात्रों को कक्षा 1 से 8 तक मिलेगा फ्री दूध, बड़ी खुशखबरी

भोपाल  मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को डॉ. अंबेडकर नगर (महू) में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को दूध उपलब्ध कराने का भी एलान किया। सीएम ने बताया कि अगले एकेडमिक सेशन से बच्चों के लिए ये व्यवस्था कर दी जाएगी। सीएम ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि 'हमारी सरकार गरीब, महिला, युवा, किसान सबकी बेहतरी के लिए है। हम तो दूध का उत्पादन बढ़ाने वाले लोग हैं। ऐसे में स्कूल के अंदर, सरकारी स्कूलों में भी कक्षा 1 से लेकर 8 तक बच्चों को अगले सत्र से दूध पिलाने की व्यवस्था सरकार के माध्यम से करने वाले हैं।' बजट में भी हो चुका इसका एलान विधानसभा में उप मुख्यमंत्री एवं वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 16 फरवरी को छठवीं बार बजट पेश किया था जिसमें बच्चों को दूध देने की बात कही गई थी। बजट भाषण के दौरान उन्होंने जानकारी दी थी कि बच्चों को टेट्रा पैक में दूध दिया जाएगा। महू-खंडवा रेलवे लाइन जल्द सीएम ने जानकारी दी है कि 'भविष्य की दृष्टि से सर्वसुविधायुक्त 'सांदीपनि विद्यालय' पूरे प्रदेश में बन रहे हैं। आने वाले समय में महू-खंडवा रेलवे लाइन प्रारंभ होने से कनेक्टिविटी बेहतर होगी और क्षेत्र के विकास को गति भी मिलेगी। राज्य में उद्योग स्थापना को प्रोत्साहित कर निवेशकों को इंडस्ट्री ग्रोथ के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकार हर क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के लिए लगातार कोशिश कर रही है।' टेंपल मैनेजमेंट के लिए एकेडमिक कोर्स सीएम ने जानकारी दी है कि 'सरकार ने विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर टेंपल मैनेजमेंट के लिए एकेडमिक कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके जरिए मंदिर प्रबंधन को पेशेवर और रोजगारपरक बनाया जाएगा।' आपको बता दें कि मुख्यमंत्री इंदौर जिले के महू विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत महूगांव में 85 करोड़ रुपये लागत के विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण एवं भूमिपूजन कार्यक्रम में शामिल हुए थे। कार्यक्रम में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, विधायक सुश्री उषा ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

मणिशंकर अय्यर ने राहुल गांधी को घेरा, ममता बनर्जी को INDIA गठबंधन का नेता बताया

नई दिल्ली कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर पार्टी पर ही सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने रायबरेली सांसद राहुल गांधी को विपक्षी गठबंधन INDIA का नेतृत्व किसी अन्य नेता को देने की सलाह दी है। इसके लिए उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी के नाम का सुझाव दिया है। हालांकि, कांग्रेस ने एक बार फिर अय्यर के बयान से दूरी बनाई है। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, रविवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में पत्रकारों से बातचीत के दौरान अय्यर ने INDIA नेतृत्व का जिक्र किया। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी इस गठबंधन की नेता हैं। उनके साथ दो चार लोग और भी हैं, जो इस पद को हासिल कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'मुझे उम्मीद है कि इस पद पर बने रहने की कोशिश करने के बजाए, जो छोटी पार्टियों की है। फिर चाहे स्टालिन हों, ममता दीदी हों, अखिलेश हों, तेजस्वी हों या कोई और। राहुल गांधी को उन्हें संभालने देना चाहिए। कांग्रेस ने क्या कहा चैनल से बातचीत में कांग्रेस के पश्चिम बंगाल महासचिव सुमन रॉय चौधरी ने कहा, 'हम शुरुआत से ही एक चीज साफ कर देना चाहते हैं कि लंबे समय से मणिशंकर अय्यर कांग्रेस पार्टी की गतिविधियों से नहीं जुड़े हैं। बंगाल की अब 5 राज्यसभा सीटें खाली हैं। क्या मणिशंकर के बयान की यही वजह है? हमें हैरानी होती है।' उन्होंने कहा, 'मणिशंकर जी क्या आप जानते हैं कि ममता बनर्जी पर्दे के पीछे से भाजपा की कठपुतली की तरह काम करती हैं, जिसके खिलाफ INDIA गठबंधन लड़ रहा है। मुझे नहीं लगता कि पार्टी से दूर रहने के बाद आप कांग्रेस पार्टी के लिए कोई फैसला ले सकते हैं।' राहुल गांधी पर दूसरी बार उठाया सवाल अय्यर ने बुधवार को कहा कि वह ''गांधीवादी'', ''नेहरूवादी" और "राजीववादी" हैं लेकिन "राहुलवादी" नहीं हैं क्योंकि राहुल गांधी उनसे उम्र में बहुत छोटे हैं और राजनीतिक जीवन में भी उनसे बहुत दूर हैं। अय्यर ने कहा कि उन्होंने खुद को 'इंदिरावादी' नहीं कहा क्योंकि वह इंदिरा गांधी द्वारा आपातकाल की घोषणा करके "हमारे लोकतंत्र को तानाशाही में बदलने" के कदम से "पूरी तरह असहमत" थे, भले ही यह आपातकाल केवल 18 महीनों के लिए ही क्यों न रहा हो। हाल ही में राहुल गांधी पर की गई उनकी टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अय्यर ने पीटीआई-भाषा से कहा, ''कोई मुझसे 'राहुलियन' (राहुलवादी) होने की उम्मीद कैसे कर सकता है, जब वह मुझसे लगभग 30 साल छोटे हैं और मुझे उसके साथ काम करने का मौका नहीं मिला है?" पहले भी केरल में कर दी थी कांग्रेस की हार की भविष्यवाणी अय्यर ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा उस वक्त खोला, जब उन्होंने बीते रविवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की तारीफ की और उनके फिर से मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई, जिसके बाद कांग्रेस ने उनकी टिप्पणी को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी से उनका कोई संबंध नहीं है।

पंजाब में मुफ्त राशन की नई योजना ‘मेरी रसोई’ लॉन्च, 40 लाख परिवार होंगे लाभान्वित; बजट सत्र की तारीख तय

चंडीगढ़ पंजाब में मेरी रसोई स्कीम का आगाज किया गया है। पंजाब कैबिनेट की बैठक के बाद सीएम भगवंत मान ने पत्रकारवार्ता में इसका एलान किया।  सीएम मान ने कहा कि 40 लाख परिवारों को फूड किट दी जाएगी। इस स्कीम के तहत तीन माह का राशन एक साथ दिया जाएगा। किट में 2 किलो माह-छोले की दाल, 2 किलो चीनी, एक किलो नमक, दो किलो हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। पुरानी गेहूं वितरण की योजना भी जारी रहेगी। नीले कार्ड धारकों को इसका फायदा होगा। इससे पहले कैबिनेट की बैठक में बजट सत्र की तारीखों पर मुहर लगाई गई। पंजाब का बजट सत्र 6 मार्च से 16 मार्च तक चलेगा। पहली बार रविवार आठ मार्च को बजट पेश किया जाएगा। सीएम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को एक हजार रुपये मिलेंगे। बजट के दौरान इसकी घोषणा की जाएगी। सीएम ने कहा कि आगामी बजट लोक भलाई पर केंद्रित होगा। वहीं गुरदासपुर मामले पर सीएम ने कहा कि यह जांच का विषय है। सीएम ने कहा कि पंजाब में एसआईआर को लेकर सहयोग किया जाएगा।  

कंधमाल (ओडिशा) में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़, दो माओवादी मारे गए, एक की पहचान रश्मि के रूप में हुई

बरहामपुर  ओडिशा में गंजम-कंधमाल बॉर्डर के पास जंगल में  सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में दो माओवादी मारे गए. एसपी हरीशा बीसी ने बताया कि यह एनकाउंटर कंधमाल जिले के राइकिया पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में कराडा जंगल इलाके में हुआ. मरने वालों की पहचान एरिया कमेटी मेंबर जगेश और सीपीआई (माओवादी) की पार्टी मेंबर रश्मि के तौर पर हुई है. दोनों पर कुल 27.50 लाख रुपये का इनाम था. पुलिस ने बताया कि मरने वाले सीपीआई (माओवादी) के कालाहांडी कंधमाल बौध नयागढ़ (KKBN) डिवीजन से था और जिले में एक्टिव था और उस पर कई हिंसक घटनाओं में शामिल होने का आरोप है. सुरक्षाकर्मियों ने मौके से कई हथियार और सामान जब्त किए हैं. यह एनकाउंटर तब शुरू हुआ जब सिक्योरिटी फोर्स ने 31 मार्च तक माओवादियों को जड़ से खत्म करने के लिए पूरे राज्य में चलाए जा रहे अभियान के तहत इलाके में कॉम्बिंग ऑपरेशन तेज कर दिया. सूत्रों ने बताया कि माओवादी कंधमाल जिले के कुछ हिस्सों में छिपे हुए थे. इससे पुलिस ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया. पिछले हफ़्ते, राइकिया पुलिस की इंद्रगढ़ पंचायत में माओवादियों से झड़प हुई, जिसके बाद भारी फायरिंग हुई और चरमपंथियों को पीछे हटना पड़ा. सुरक्षा बलों ने अब पूरे जिले में सर्च ऑपरेशन बढ़ा दिया है और उन जंगली इलाकों पर फोकस किया है जहां माओवादियों के फिर से इकट्ठा होने का शक है. अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि चल रही कार्रवाई का मकसद माओवादी नेटवर्क को खत्म करना और इलाके में शांति बहाल करना है. ओडिशा के गंजम-कंधमाल सीमा के जंगल में रविवार को सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में दो नक्सलियों को मार गिराया। इसमें एक महिला नक्सली है। मुठभेड़ कंधमाल जिले के राइकीया थाना क्षेत्र के कराडा जंगल में हुई।ढकंधमाल के पुलिस अधीक्षक (एसपी) हरीश बीसी ने बताया कि मारे गए नक्सलियों की पहचान जगेश (एरिया कमेटी सदस्य) और रश्मि (भाकपा-माओवादी की सदस्य) के रूप में हुई है। दोनों पर कुल 27.50 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, दोनों केकेबीएन (कालाहांडी-कंधमाल-बौध-नयागढ़) डिवीजन से जुड़े थे और जिले में कई हिंसक घटनाओं में शामिल रहे थे। सुरक्षाबलों ने मौके से कई हथियार और अन्य सामान बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि खुफिया सूचना के आधार पर पिछले दो दिनों से इलाके में नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में दो नक्सली मारे गए।  खुफिया सूचना पर चला सर्च ऑपरेशन अधिकारियों ने बताया कि इलाके में माओवादी गतिविधियों की पुख्ता सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने पिछले दो दिनों से संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया था। रविवार सुबह कराडा वन क्षेत्र में करीब नौ से दस माओवादियों का एक दल दिखाई दिया। आरोप है कि समूह के दो से तीन सदस्यों ने सुरक्षा बलों पर अचानक गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला। कुछ देर चली मुठभेड़ के बाद दो माओवादी मारे गए, जबकि अन्य घने जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने हथियार, गोला-बारूद और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की है। इलाके में अभी भी व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि फरार माओवादियों का पता लगाया जा सके। कंधमाल एसपी हरीश बीसी ने बताया कि इस कार्रवाई में किसी भी सुरक्षाकर्मी के घायल होने की सूचना नहीं है। पुलिस का कहना है कि केकेबीएन डिवीजन के सक्रिय सदस्यों के मारे जाने से क्षेत्र में माओवादी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। गंजाम और कंधमाल की सीमा पर लंबे समय से माओवादी गतिविधियां चिंता का विषय रही हैं। सुरक्षा बलों की इस सफलता को क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।