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आध्यात्मिक मुलाकात: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वामी कैलाशानंद गिरी से की विचार-विमर्श

रायपुर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्वर्ण भूमि स्थित पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल के निवास पहुँचकर महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. मुख्यमंत्री के साथ मंत्रिमंडल के कई सदस्य, सांसद और विधायक भी इस आध्यात्मिक समागम का हिस्सा बने. मुख्यमंत्री साय शाम साढ़े सात बजे से रात करीब साढ़े ग्यारह बजे तक स्वामी जी के सानिध्य में रहे और विभिन्न विषयों पर चर्चा की. स्वामी जी का 50वां जन्मदिन और स्वर्ण जयंती वैवाहिक वर्षगांठ यह अवसर बेहद खास रहा क्योंकि कल महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरी जी का 50वां जन्म दिवस था. साथ ही, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल और श्रीमती अंगूरी देवी अग्रवाल की 50वीं वैवाहिक वर्षगांठ भी थी. मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित अतिथियों ने स्वामी जी को जन्मदिन की बधाई दी और अग्रवाल दंपत्ति को उनकी वैवाहिक स्वर्ण जयंती पर शुभकामनाएं प्रेषित कीं. “माता कौशल्या की पवित्र धरा पर आना सौभाग्य” : स्वामी कैलाशानंद भक्ति और अध्यात्म के रस में डूबी स्वर्ण भूमि में अपने अनमोल वचनों में स्वामी जी ने कहा कि छत्तीसगढ़ वासियों का यह परम सौभाग्य है कि उनका जन्म मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री रामचंद्र जी के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा पर हुआ है. उन्होंने आगे कहा कि नितिन अग्रवाल के आग्रह पर इस पवित्र भूमि पर आने और प्रभु श्री राम के दर्शन करने का अवसर मिलना उनके लिए भी सौभाग्य की बात है. दिग्गज नेताओं की रही मौजूदगी स्वामी जी के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने वालों में केंद्रीय मंत्री तोखन साहू, क्षेत्रीय सांसद बृजमोहन अग्रवाल सहित अनेक सांसद, विधायक और वरिष्ठ नेता शामिल रहे. पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा.

राज्यसभा चुनाव CG: 16 मार्च को वोटिंग और रिजल्ट, KTS तुलसी-फूलोदेवी नेताम का कार्यकाल 2 अप्रैल को खत्म

रायपुर  छत्तीसगढ़ की दो राज्यसभा सीटें अप्रैल में खाली हो रही हैं, जिनके लिए चुनाव का ऐलान हो गया है. 16 मार्च 2026 को देश के अलग-अलग राज्यों से खाली हो रही राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होगा, जिसमें छत्तीसगढ़ की भी दो सीटें हैं, जिन पर चुनाव होगा. राज्यसभा चुनाव के लिए छत्तीसगढ़ में सुगबुगाहट पहले से ही शुरू हो चुकी थी. बता दें कि बीजेपी और कांग्रेस विधायकों की संख्या को देखते हुए एक-एक राज्यसभा सीट बीजेपी और कांग्रेस को मिल सकती है. इसके लिए अब सुगबुगाहट और तेज होने वाली है.  इन नेताओं का कार्यकाल पूरा  छत्तीसगढ़ से कांग्रेस के राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम और केटीएस तुलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. दोनों नेताओं का कार्यकाल अप्रैल में ही खत्म हो रहा है, ऐसे में मार्च में सीटों को भरने के लिए राज्यसभा चुनाव होंगे. दोनों नेताओं का कार्यकाल खत्म होने के बाद छत्तीसगढ़ में नए राजनीतिक समीकरण बन रहे हैं, क्योंकि अब एक सीट बीजेपी के खातें में जाने वाली है, ऐसे में बीजेपी के नेता भी सक्रिए हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस के नेता भी एक सीट के लिए एक्टिव हो रहे हैं. क्योंकि यह देखना भी दिलचस्प होगा कि बीजेपी और कांग्रेस स्थानीय नेताओं को राज्यसभा भेजेगी या बाहरी नेताओं को भी मौका मिलेगा.  छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की 5 सीटें राजीव शुक्ला (कांग्रेस) कार्यकाल: 2022–2028 रंजीत रंजन (कांग्रेस) कार्यकाल: 2022–2028 फूलो देवी नेताम (कांग्रेस) कार्यकाल: 2020–2026 केटीएस तुलसी (आईएनसी) कार्यकाल: 2020–2026 देवेन्द्र प्रताप सिंह (भाजपा) कार्यकाल: 2024–2030 केटीएस तुलसी का कार्यकाल 2 अप्रैल को होगा समाप्त केटीएस तुलसी सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। वह वर्ष 2020 में छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद चुने गए थे। संसद में संवैधानिक और कानूनी मामलों पर उनकी सक्रिय भूमिका रही है। उनका कार्यकाल 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा। फूलो देवी नेताम का कार्यकाल भी 2 अप्रैल को होगा पूरा फूलो देवी नेताम बस्तर क्षेत्र से आने वाली आदिवासी नेता हैं। वह छत्तीसगढ़ महिला कांग्रेस की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। सामाजिक और जनजातीय मुद्दों पर उनकी मजबूत आवाज रही है। वह भी वर्ष 2020 में राज्यसभा सांसद चुनी गई थीं। उनका कार्यकाल भी 2 अप्रैल 2026 को समाप्त होगा। कार्यकाल समाप्त होने के बाद राज्यसभा की दो सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नई सदस्यता 3 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। देशभर की 37 सीटों पर चुनाव होंगे चुनाव आयोग ने राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। इन सीटों में छत्तीसगढ़ की दो सीटें भी हैं, जो अप्रैल 2026 में रिक्त हो रही हैं। आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार 20 मार्च तक पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी। छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें  बता दें कि छत्तीसगढ़ में राज्यसभा की पांच सीटें आती है. वर्तमान में कांग्रेस के पास चार और बीजेपी के पास एक सीट है. कांग्रेस से केटीएस तुलसी, फूलोदेवी नेताम, राजीव शुक्ला, रंजीता रंजन हैं, जबकि बीजेपी से देवेंद्र प्रताप सिंह राज्यसभा सांसद हैं. 2023 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी की वापसी के बाद अब राज्यसभा के समीकरण भी बदलते दिख रहे हैं, जहां छत्तीसगढ़ में बीजेपी के राज्यसभा सांसदों की संख्या बढ़ सकती है. क्योंकि बीजेपी के पास 54 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 35 विधायक हैं, इसके अलावा एक विधायक गोंडवाना गणतंत्र पार्टी से हैं, ऐसे में अब बीजेपी के राज्यसभा सांसदों की संख्या 3 हो सकती है, जबकि कांग्रेस के सांसदों की संख्या 2 हो सकती है.  किन राज्यों में कितनी सीटें खाली? राज्यसभा की इन 37 सीटों में सबसे ज्यादा महाराष्ट्र से सात सीटें खाली हो रही हैं. इसके अलावा तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल से पांच-पांच सीटें रिक्त होंगी. ओडिशा से चार और असम से तीन सीटों पर चुनाव होंगे. हरियाणा, छत्तीसगढ़ और तेलंगाना से दो-दो सीटों, जबकि हिमाचल प्रदेश से एक सीट पर मतदान होगा.  इन सीटों का प्रतिनिधित्व कर रहे सांसदों का कार्यकाल 2 अप्रैल से 9 अप्रैल के बीच पूरा हो रहा है. उनके रिटायरमेंट के बाद नए सांसद शपथ लेंगे. बिहार के इन दिग्गजों का कार्यकाल खत्म बिहार की 5 राज्यसभा सीटें भी अप्रैल में खाली हो रही हैं. रिटायर होने वाले प्रमुख चेहरों में राज्यसभा के उपसभापति और जेडीयू सांसद हरिवंश नारायण सिंह शामिल हैं. इसके साथ ही, मोदी कैबिनेट के मंत्री रामनाथ ठाकुर का कार्यकाल भी खत्म हो रहा है. आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा, आरजेडी से अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेमचंद गुप्ता भी इसी लिस्ट में हैं. बिहार की इन महत्वपूर्ण सीटों पर नए चेहरों के आने या पुराने सांसदों की वापसी पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं. देश के बड़े चेहरे जो होंगे रिटायर महाराष्ट्र से शरद पवार, प्रियंका चतुर्वेदी और रामदास आठवले जैसे बड़े नेता रिटायर हो रहे हैं. तमिलनाडु से एम तंबीदुरै, तिरुचि शिवा और कनिमोझी का कार्यकाल खत्म हो रहा है. पश्चिम बंगाल से साकेत गोखले और ऋतब्रत बनर्जी जबकि असम से रामेश्वर तेली विदा होंगे. छत्तीसगढ़ से केटीएस तुलसी, हरियाणा से रामचंद्र जांगड़ा और किरण चौधरी का नाम भी शामिल है. तेलंगाना से कांग्रेस प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी भी रिटायर हो रहे हैं. इन सभी के स्थान पर अब नए सांसदों का चुनाव होगा.

कूनो ने फिर सुनी किलकारी, गामिनी के 3 नए शावक से चीतों का परिवार हुआ बड़ा

श्योपुर मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक बार फिर सुखद खबर सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता गामिनी ने तीन शावकों को जन्म दिया है। शावकों के आगमन के साथ ही कूनो में चीतों का कुनबा और बढ़ गया है। इस उपलब्धि पर केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने प्रसन्नता व्यक्त की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर यह जानकारी साझा करते हुए लिखा कि मध्य प्रदेश चीतों के पुनर्स्थापन का सशक्त केंद्र बनकर उभरा है। प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत दक्षिण अफ्रीका से आई मादा चीता गामिनी द्वारा तीन शावकों को जन्म देना प्रदेश और देश के लिए गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री ने बताया कि कूनो नेशनल पार्क में चीतों के आगमन के तीन वर्ष पूर्ण होने के साथ ही यह नौवां सफल प्रसव है। सीएम मोहन यादव ने दी जानकारी भारत में पैदा हुए शावकों की संख्या बढ़कर 27 हो गई है और कुल चीतों की आबादी 38 हो गई है. सीएम ने कहा कि गामिनी ने 3 शावकों को जन्म दिया है. पार्क चीतों के आने के बाद से नवां सफल प्रसव है.श्योपुर जिले में कूनो नेशनल पार्क में आए चीतों के 3 वर्ष पूर्ण होने के साथ ही 9वां सफल प्रसव है। सीएम ने आगे लिखा है कि भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। यह पूरे देश के लिए वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में ऐतिहासिक उपलब्धि है। कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ ने आजतक को फोन कॉल पर बताया कि कूनो पार्क में चीता गामनी ने 3 आज तीन शावकों को जन्म दिया है,सभी शावक स्वस्थ्य हैं. कूनों के डॉक्टरों की टीम उसकी निगरानी कर रही है. गामिनी ने दूसरी बार मां बनकर कूनो के कुनबे में वृद्धि की है। इन तीन नए सदस्यों के शामिल होने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर अब 38 हो गई है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार, कूनो में अब तक भारत में जन्मे जीवित शावकों की संख्या बढ़कर 27 पहुंच गई है। सरकार इसे वन्यजीव संरक्षण, जैव विविधता और पर्यावरण संतुलन की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि मान रही है।  

जम्मू-कश्मीर पर केंद्रीय मंत्री का बड़ा संकेत, अर्जुन मेघवाल बोले- जल्द सुनेंगे फैसला

श्रीनगर  जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा मिलने को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. दरअसल, केंद्रीय कानून और न्याय राज्य मंत्री, अर्जुन राम मेघवाल ने  इस पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आप बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे. अर्जुन मेघवाल ने कहा कि जम्मू-कश्मीर को जल्द ही राज्य का दर्जा वापस दिया जाएगा. उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा एक सेंसिटिव मुद्दा है. अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पहले ही संसद में भरोसा दिला चुके हैं कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को उनका हक जरूर मिलेगा। मेघवाल ने कहा, 'हमारे गृह मंत्री ने लोकसभा में कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों का जो भी हक है, वह दिया जाएगा। मुझे विश्वास है कि आप इस बारे में बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे।' गौरतलब है कि अगस्त 2019 में भारत सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत जम्मू-कश्मीर को मिला विशेष दर्जा खत्म कर दिया था और तत्कालीन राज्य को दो हिस्सों में बांट दिया था। तब से राज्य का दर्जा बहाल करने का मुद्दा लगातार चर्चा में है। जम्मू-कश्मीर के लोगों में नई उम्मीद केंद्रीय मंत्री के इस ताजा बयान ने राजनीतिक हलकों और जम्मू-कश्मीर के लोगों में नई उम्मीद जगाई है। जानकारों का कहना है कि अगर राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला वाकई जल्द ही होता है तो यह पिछले कई सालों में सबसे बड़ा राजनीतिक विकास होगा। केंद्र सरकार ने पहले भी इशारा किया था कि राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला विधानसभा चुनाव के बाद लिया जा सकता है। आज के बयान में हालांकि समय सीमा साफ नहीं की गयी है। फिर भी, बहुत जल्द शब्द ने राजनीतिक माहौल में हलचल मचा दी है। बड़ा कदम उठाने की तैयारी राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सरकार का यह बयान इस बात का इशारा हो सकता है कि केंद्र ने इस बारे में कोई बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। अगर आने वाले दिनों या हफ्तों में कोई औपचारिक निर्णय होता है तो यह 2019 के बाद सबसे बड़ा संवैधानिक बदलाव होगा। वहीं, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्लाह ने केंद्र शासित प्रदेश में कई पर्यटन स्थलों को फिर से खोलने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, 'इससे स्थानीय निवासियों को राहत मिलेगी और पर्यटन पर निर्भर आजीविका को पुनर्जीवित करने में मदद मिलेगी।' मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में उनकी केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से हुई मुलाकात के दौरान उन्होंने पिछले वर्ष बंद किए गए पर्यटन स्थलों को खोलने का आग्रह किया था। 'बहुत जल्द सुनेंगे बड़ा फैसला' दरअसल, श्रीनगर में एक कार्यक्र के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अर्जुन राम मेघवाल ने केंद्र सरकार के वादे को दोहराते हुए कहा, "हमारे गृह मंत्री ने लोकसभा में पहले ही भरोसा दिलाया है कि सही प्रोसेस का पालन किया जाएगा, और लोगों को उनका हक मिलेगा." फैसले के समय के बारे में उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि आप इस पर बहुत जल्द कोई फैसला सुनेंगे." 2019 में आर्टिकल 370 के तहत स्पेशल स्टेटस किया था खत्म गौरतलब है कि अगस्त 2019 में, भारत सरकार ने संविधान के आर्टिकल 370 के तहत इस क्षेत्र का स्पेशल स्टेटस खत्म कर दिया था और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों,जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में बांट दिया गया था. उमर अबदुल्ला बोले- केंद्र से बातचीत जारी इस इवेंट में जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अबदुल्ला भी मौजूद थे। उन्होंने भी कानून मंत्री की बातों पर थोड़ी उम्मीद जताई। उमर अबदुल्ला ने कहा कि उनकी सरकार केंद्र से लगातार बातचीत कर रही है। सीएम उमर अबदुल्ला ने ये भी कहा कि इस प्रोसेस में उम्मीद से ज्यादा समय लग गया है। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोग डेढ़ साल से अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री का जल्द फैसले का इशारा आखिरकार सच होगा। केंद्रीय मंत्री के इस बयान के बाद जानकारों का कहना है कि अगर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने का फैसला केंद्र सरकार जल्द लेती है तो ये अपने आप में एक बड़ा राजनीतिक विकास होगा।  

मौसम अपडेट: एमपी में 2 सिस्टम का असर, रतलाम में बारिश और 22 जिलों में अलर्ट जारी

भोपाल  मध्य प्रदेश के 22 जिलों में बुधवार, 18 फरवरी को आंधी, बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। इनमें इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन भी शामिल हैं। इसी बीच रतलाम जिले के कई इलाकों में मंगलवार रात को बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, 2 साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के कारण मौसम बदलेगा। गुरुवार, 19 फरवरी को भी ग्वालियर-चंबल में बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इन जिलों में बारिश का अलर्ट बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, धार, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, रतलाम, शाजापुर, राजगढ़, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश होने की संभावना है। भोपाल, बड़वानी, खरगोन, देवास, सीहोर, विदिशा, सागर, दमोह, पन्ना और सतना में बादल छाए रह सकते हैं। गुरुवार को भी रहेगा असर, फिर थमेगा सिलसिला गुरुवार को ग्वालियर-चंबल संभाग के ग्वालियर, भिंड, दतिया, शिवपुरी, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके बाद सिस्टम कमजोर पड़ने लगेगा और मौसम सामान्य हो जाएगा। फरवरी में तीसरी बार बदलेगा मिजाज इस महीने की शुरुआत में दो बार ओले, बारिश और तेज हवाओं ने फसलों को नुकसान पहुंचाया था। प्रभावित इलाकों में सर्वे की प्रक्रिया भी कराई गई। अब 18 फरवरी से तीसरी बार प्रदेश में बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है, जिससे किसानों की चिंता फिर बढ़ सकती है। दिन गर्म, रात में हल्की सर्दी फिलहाल दिन का तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है। मंगलवार को 20 से ज्यादा जिलों में अधिकतम तापमान 30 डिग्री या उससे अधिक दर्ज किया गया। वहीं रात में हल्की सर्दी बनी हुई है, हालांकि न्यूनतम तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो रही है। कटनी जिले के करौंदी में सबसे कम 8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। शहडोल के कल्याणपुर में 8.1 डिग्री, पचमढ़ी में 8.8 डिग्री और रीवा में 9.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। बड़े शहरों में भोपाल में 14 डिग्री, इंदौर में 16.8 डिग्री, ग्वालियर में 13 डिग्री, उज्जैन में 16.2 डिग्री और जबलपुर में 13.1 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अगले दो दिन का पूर्वानुमान 18 फरवरी: 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की चेतावनी, कहीं-कहीं तेज हवा चल सकती है। 19 फरवरी: ग्वालियर-चंबल क्षेत्र में हल्की बारिश का असर, उसके बाद मौसम साफ होने के संकेत।  मध्य प्रदेश में कितना होगा असर उत्तरी राज्यों में ठंड फिर से दस्तक देने वाली है. क्योंकि बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान मोंथा 21 राज्यों में एंट्री करने वाला है. हालांकि मध्य प्रदेश में इसका असर देखने को नहीं मिलेगा, लेकिन तेज हवाएं चलने के आसार हैं. इससे पहले अक्टूबर 2025 चक्रवातीय तूफान मोंथा ने आंध्रप्रदेश सहित दक्षित भारत के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई थी. मध्य प्रदेश में आज 22 जिलों में बारिश! मौसम विभाग के मुताबिक, मध्य प्रदेश में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय है. जिसके चलते आज बुधवार को इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर समेत कुल 22 जिलों में बारिश और गरज-चमक की संभावना है. भोपाल, देवास, सीहोर और विदिशा जैसे जिलों में दिनभर बादल छाए रहने के आसार हैं. फसलों को नुकसान पहुंचा सकता है मोंथा खतरनाक तूफान मोंथा का असर यह होगा कि, जिन राज्यों में तूफान आएगा वहां ओलावृष्टि और तेज हवाएं चलने से गेहूं, सरसों जैसी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा पहाड़ी मार्गों पर हिमपात बढ़ सकता है. बिना मौसम की जानकारी के यात्रा करने से बचना चाहिए. ऐसे समय में सावधानी जरूरी है. घरों की खिड़कियां रखें, आवश्यक इमरजेंसी सामान तैयार रखें. स्थानीय मौसम विभाग के अलर्ट को फॉलो करें. 

सरकार का बड़ा ऐलान: किसानों के लिए 1 लाख सोलर पंप और 25 हजार करोड़ रुपये का ऋण प्रस्ताव, आबकारी नीति पास

भोपाल  मध्य प्रदेश की मोहन सरकार आज विधानसभा में ₹4.65 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश कर रही है। क्या युवाओं को मिलेगी पक्की नौकरी? क्या किसानों और महिलाओं के लिए खुलेगा सरकारी खजाना? विकास की सौगात से लेकर स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश तक, बजट की हर बड़ी घोषणा और उसका आपकी जेब पर होने वाला सीधा असर देखिए हमारे इस लाइव ब्लॉग में। विधानसभा से हर पल की सटीक और सबसे तेज अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें। जन धन योजना: 4.61 करोड़ खातों के साथ वित्तीय समावेशन वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री जन धन योजना की सफलता का उल्लेख करते हुए बताया कि मध्य प्रदेश में अब तक 4 करोड़ 61 लाख खाते खोले जा चुके हैं। इसने बैंकिंग सेवाओं को गरीब से गरीब व्यक्ति तक पहुंचाने का काम किया है। श्रम विभाग के लिए 1 हजार 335 करोड़ का प्रावधान- वित्त मंत्री वित्त मंत्री देवड़ा ने कहा- सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए श्रम विभाग के लिए 1335 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित किया है। इस बजट का उद्देश्य मजदूरों, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और गरीब वर्ग को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक राज्य में 4 करोड़ 61 लाख से ज्यादा खाते खोले जा चुके हैं। इससे बड़ी संख्या में लोगों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। वहीं, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना में अब तक 3 करोड़ 64 लाख लोगों का पंजीयन हो चुका है। इस योजना के तहत दुर्घटना की स्थिति में बीमा सुरक्षा दी जाती है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना से भी बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं। इस योजना में अब तक 1 करोड़ 54 लाख से ज्यादा लोगों ने पंजीयन कराया है, जिससे उनके परिवार को आर्थिक सुरक्षा मिल रही है। शिक्षा के लिए खास बजट में शिक्षा के लिए स्कूलों को बेहतर बनाने के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वहीं, छात्रवृत्ति के लिए 986 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। किसानों को लिए ये भी     पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।     सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।     किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।     वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष घोषित किया गया है।     6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी।     1 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। श्रम विभाग को मिले ₹1335 करोड़, श्रमिकों का होगा कल्याण असंगठित और संगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए श्रम विभाग के बजट में ₹1,335 करोड़ का प्रस्ताव रखा गया है। यह राशि श्रमिकों के कल्याण, उनके अधिकारों की सुरक्षा और विभिन्न सहायता योजनाओं पर खर्च की जाएगी। जनजातीय विकास: 11,277 गांवों के लिए ₹793 करोड़ जनजातीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार ने विशेष बजट आवंटित किया है। जनजातीय क्षेत्रों के 11,277 गांवों के विकास के लिए ₹793 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसका सीधा लाभ पिछड़े और दुर्गम क्षेत्रों के निवासियों को मिलेगा। ग्रामीण सड़कों का जाल: ₹21,630 करोड़ की मंजूरी ग्रामीण कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 'मुख्यमंत्री मजरा–टोला सड़क योजना' के तहत ₹21,630 करोड़ की भारी-भरकम राशि को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों को मुख्य सड़कों से जोड़ा जा सकेगा। मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए ₹412 करोड़ का फंड नीली क्रांति को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने मत्स्य उत्पादन क्षेत्र में ₹412 करोड़ के निवेश का प्रावधान किया है। इससे न केवल मत्स्य पालकों की आर्थिक स्थिति सुधरेगी, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था में इस सेक्टर की हिस्सेदारी भी बढ़ेगी। 'देश का तीसरा युवा प्रदेश' बनेगा आत्मनिर्भर मध्य प्रदेश की जनसांख्यिकी का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि हम देश के तीसरे सबसे युवा प्रदेश हैं। उन्होंने संकल्प दोहराया कि युवाओं के कौशल विकास और स्वरोजगार के लिए सरकार कोई कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट में विशेष प्रावधानों का खाका खींचा गया है। सिंहस्थ 2028 के लिए 'विशेष फंड' का प्रावधान उज्जैन में होने वाले आगामी सिंहस्थ कुंभ के लिए सरकार ने अभी से तैयारी तेज कर दी है। चूंकि केंद्र सरकार के बजट में इसके लिए अलग से राशि नहीं मिली थी, इसलिए राज्य सरकार ने अपने बजट में सिंहस्थ से जुड़े बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रावधान किए हैं। वित्त मंत्री ने लक्ष्य रखा है कि आयोजन से जुड़े अधिकांश बड़े निर्माण कार्य वित्त वर्ष 2026-27 में ही पूरे कर लिए जाएं। किसान सम्मान निधि और कल्याण योजना से ₹12,000 की मदद वित्त मंत्री ने खेती को लाभ का धंधा बनाने के संकल्प को दोहराया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान में किसान परिवारों को 'किसान सम्मान निधि' और 'मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना' के संयोजन से प्रति वर्ष कुल ₹12,000 की नकद सहायता दी जा रही है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खाद-बीज की खरीद में सीधी मदद मिल रही है। सोयाबीन के लिए किसानों को करोड़ों का भुगतान जगदीश देवड़ा ने कहा, ''मध्य प्रदेश देश का तीसरा सबसे युवा प्रदेश है. मध्य प्रदेश में युवाओं की बड़ी संख्या है. प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के नेतृत्व में हमारी सरकार जैविक एवं प्राकृतिक खेती को प्रस्थान तथा पोस्ट हार्वेस्ट कार्रवाई प्रबंधन जैसी गतिविधियों द्वारा कृषि कार्य के प्रत्येक चरण में किसानों के साथ हमारी सरकार खड़ी है. इसके साथ ही किसानों के लिए मुख्यमंत्री किसान सम्मन निधि तथा शून्य ब्याज पर कृषि दिन जैसी आर्थिक समर्थन की योजनाएं भी प्रचलित है कृषि उत्पादन में वृद्धि के लिए सिंचाई की आवश्यकता सर्वोपरि है. किसानों को स्थाई सिंचाई पंप कनेक्शन की योजना अंतर्गत 125000 ट्रांसफार्मर स्थापित है. सिंचाई के लिए ऊर्जा की निर्माण आपूर्ति के सुधार करने के लिए प्रधानमंत्री कृषक सूर्यमित्र योजना अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में रुपए 3000 करोड़ की लागत से 11 सोलर सिंचाई पंप किसानों को उपलब्ध कराया जाना लक्षण है. हमारी सरकार किसानों के लिए कृषि उद्यानिकी पशुपालन तथा मत्स्य पालन आदि को मूल्य संवर्धन से जोड़कर … Read more

महाराष्ट्र में मुस्लिम आरक्षण पर बड़ा ऐलान, सरकार का 5% आरक्षण देने का निर्णय

मुंबई  महाराष्ट्र सरकार ने सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े मुस्लिम वर्ग को दिए गए 5 फीसदी आरक्षण से जुड़ा पुराना फैसला रद्द कर दिया है. साल 2014 में एक अध्यादेश के जरिए मुस्लिम समाज को विशेष पिछड़ा प्रवर्ग-ए (SBC-A) के तहत सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 5 फीसदी आरक्षण दिया गया था. इसके आधार पर जाति प्रमाणपत्र और जाति वैधता प्रमाणपत्र भी जारी किए जा रहे थे. नवंबर 2014 में हाई कोर्ट ने लगा दी थी रोक लेकिन इस अध्यादेश को मुंबई हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी. 14 नवंबर 2014 को हाईकोर्ट ने इस पर रोक (स्टे) लगा दी. बाद में यह अध्यादेश 23 दिसंबर 2014 तक कानून में नहीं बदल पाया, जिससे वह स्वतः निरस्त (लैप्स) हो गया. अब सरकार ने साफ किया है कि उस अध्यादेश के आधार पर जारी सभी शासन निर्णय और परिपत्र भी रद्द माने जाएंगे. अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश वहीं सोमवार (16 फरवरी) को महाराष्ट्र के सीएम देवेंद्र फडणवीस ने उन 75 स्कूलों को दिए गए अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान के दर्जे पर रोक लगाने का आदेश दिया है, जिनके बारे में खबरें थीं कि उपमुख्यमंत्री अजित पवार के निधन के तुरंत बाद इन विद्यालयों को मंजूरी दी गई थी. इसके अलावा, उपमुख्यमंत्री और अल्पसंख्यक विकास मंत्री सुनेत्रा पवार ने अधिकारियों को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने में कथित अनियमितता की विस्तृत जांच करने और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया.  अल्पसंख्यक विकास विभाग सुनेत्रा पवार के पास अधिकारियों के अनुसार, 28 जनवरी से दो फरवरी के बीच 75 संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिया गया. बताया जाता है कि पहला प्रमाण पत्र 28 जनवरी को दोपहर तीन बजकर नौ मिनट पर  जारी किया गया था, उसी दिन अजित पवार की विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. उस दिन सात संस्थानों को स्वीकृति मिली और अगले तीन दिनों में यह संख्या बढ़कर 75 हो गई. उस समय अजित पवार अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे. यह विभाग अब सुनेत्रा पवार के अधीन है, जिन्होंने हाल ही में उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है. 

2027 में उत्तर प्रदेश में फिर बनेगी भाजपा नेतृत्व की डबल इंजन सरकारः योगी आदित्यनाथ

श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए आगे आएं अखिलेशः मुख्यमंत्री  2027 में उत्तर प्रदेश में फिर बनेगी भाजपा नेतृत्व की डबल इंजन सरकारः योगी आदित्यनाथ  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए आगे आने की सलाह दी है। इटावा में निर्माणाधीन केदारेश्वर मंदिर के संभावित निमंत्रण पर उन्होंने कहा कि यदि अखिलेश यादव शुद्ध नीयत से यह मंदिर बनवाते तो मैं अवश्य जाता, लेकिन नीयत साफ नहीं है। फिर भी मैं उनको बधाई दूंगा कि देर आए-दुरुस्त आए, आखिर मंदिर बनवा रहे हैं। अब वह श्रीकृष्ण जन्मभूमि के लिए भी आगे आएं, लोग प्रशंसा करेंगे। मुख्यमंत्री मंगलवार को एक निजी चैनल के कॉन्क्लेव में बोल रहे थे। इस मौके पर सीएम योगी ने साफ शब्दों में ऐलान किया कि 2022 से अधिक सीटें पाकर 2027 में डबल इंजन की भाजपा सरकार फिर सत्ता में आएगी। 2027 में फिर बनेगी भाजपा नेतृत्व की सरकार   सीएम योगी ने कहा कि 2027 को लेकर कोई शक नहीं है। 2022 से अधिक सीट मिलेंगी और 2027 में फिर भाजपा नेतृत्व की डबल इंजन सरकार बनेगी। डबल इंजन सरकार ने यूपी को ट्रिपल-टी (टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट व ट्रांसफॉर्मेशन) से जोड़ा है और वह 2027 में धूम-धड़ाके के साथ फिर से आएगी। कांग्रेस व राजद की जो दुर्गति बिहार में हुई है, 2027 में वही दुर्गति कांग्रेस व सपा की उत्तर प्रदेश में तय है। सीएम ने मीडियाकर्मियों से कहा कि आप सभी 75 जनपदों, 403 विधानसभा क्षेत्रों में जाइए, आम जनता वर्तमान सरकार की वकालत करती नजर आएगी।  राममंदिर के साथ रामराज्य की वास्तविक अवधारणा को धरातल पर उतारा एक प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी को उसकी पहचान वापस दिलाना सबसे बड़ा अचीवमेंट है। यूपी का नौजवान अब पहचान का मोहताज नहीं। किसान खुशहाल है और श्रमिक स्वावलंबन के साथ अपने जनपद-क्षेत्र में रोजगार प्राप्त कर रहा है। महिलाएं सुरक्षित हैं और  यूपी आर्थिक उन्नति के नित नए सोपान प्राप्त कर रहा है। यही रामराज्य है। बिना भेदभाव हर तबके को उसका हक प्राप्त हो रहा है। भगवान राम की जन्मभूमि पर राममंदिर का निर्माण रामराज्य की अवधारणा पर ही आधारित है। हम केवल मंदिर बना देते और यह बदलाव करके नहीं दिखाते तो यह भगवान राम की अवज्ञा होती। हम लोगों ने रामराज्य की वास्तविक अवधारणा को धरातल पर उतारने का कार्य किया। यह डबल इंजन सरकार की ताकत है, जो कहा है, वह करके दिखाया है। आगे भी जो कहेंगे, करके दिखाएंगे। महाराज सुहेलदेव का विरोध और गाजी का मेला लगाते हैं सपाई सीएम योगी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर को अपवित्र करने वाले और अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर पहला आतंकी हमला करने वाले गाजी को उसके पापों की सजा महाराज सुहेलदेव ने दी थी। लेकिन सपा के लोग महाराज सुहेलदेव का गुणगान करने के बजाय गाजी का नाम लेते हैं, उसका मेला लगाते हैं। ये लोग महाराज सुहेलदेव के स्मारक का विरोध करते हैं। हमें गर्व है कि भाजपा सरकार ने बहराइच में महाराज सुहेलदेव का भव्य स्मारक और आजमगढ़ में महाराज सुहेलदेव विश्वविद्यालय का निर्माण किया। परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी (पीडीए) के चेयरमैन हैं अखिलेश  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा के पीडीए को अवसरवाद का दूसरा नमूना बताया। बोले कि पीडीए मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी। यह एक परिवार के विकास के लिए गठित अवसरवादी अथॉरिटी है जिसके चेयरमैन अखिलेश, शिवपाल सीईओ और रामगोपाल यादव वाइस चेयरमैन होंगे। उनके पास महाभारत के सारे रिश्ते हैं, बाकी अन्य भाई-भतीजों को भी इसमें स्थान मिलेगा।  देश राहुल गांधी को और प्रदेश अखिलेश यादव को गंभीरता से नहीं लेता  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि जिसकी जैसी दृष्टि, वैसी सृष्टि। इन लोगों को कोई नहीं समझा सकता, इनकी दृष्टि देश व प्रदेश के लिए हमेशा नकारात्मक रही है। राहुल गांधी को देश और अखिलेश यादव को यूपी गंभीरता से नहीं लेता। कांग्रेस किसी को भी नेता प्रतिपक्ष बना सकती थी। सोनिया जी का स्वास्थ्य ठीक नहीं है, इसलिए परिवारवादी पार्टी ने राहुल जी को नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी सौंप दी। जब जहाज डूबता है तो कैप्टन भी वही व्यक्ति बनता है, जो उसे आसानी से डुबो सके, इसलिए राहुल जी को कैप्टन बनाया गया।  अखिलेश संघ की शाखाओं में जाएंगे तो जल्दी जागना सीख जाएंगे मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव को संघ की शाखाओं में जाकर सामान्य आचार व नियमों की जानकारी लेनी चाहिए। अखिलेश यादव 12 बजे सोकर उठते हैं, वे संघ की शाखा में जाएंगे तो जल्दी जगने की आदत हो जाएगी। समय पर जागेंगे तो यह उनके हित में होगा और जिस पारिवारिक पार्टी को लेकर चल रहे हैं, उसका भी नाम बना रहेगा। सीएम योगी ने वंदे मातरम के जिक्र पर कहा कि यह राष्ट्रगीत है, यह आजादी का मंत्र रहा है। इस गीत को गाते-गाते क्रांतिकारियों ने फांसी के फंदे को चूमने में संकोच नहीं किया। राष्ट्र प्रतीकों का अपमान संविधान निर्माताओं, बाबा साहेब व क्रांतिकारियों का अपमान है। राष्ट्रगीत, राष्ट्रगान व तिरंगा का अपमान राष्ट्रद्रोह है, जिसे भारत स्वीकार नहीं करेगा।  बुलडोजर व ब्रह्मोस एक-दूसरे के पूरक  सीएम योगी ने कहा कि बुलडोजर और ब्रह्मोस एक-दूसरे के पूरक हैं। बुलडोजर यूपी की स्ट्रेंथ का प्रतीक है। हम इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ देश के सबसे बड़े और सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे के नेटवर्क को यूपी में स्थापित कर सकते हैं। यूपी की जनता जिसकी अपेक्षा कर रही थी, बुलडोजर उस माफिया प्रवृत्ति को कुचल सकता है। ब्रह्मोस जैसे सेक्टर में भी यूपी में बड़े निवेश हो रहे हैं। यह भारत की सामरिक शक्ति का प्रतीक है। किसी ने भारत की आन, बान और शान को लेकर गुस्ताखी करने का प्रयास किया तो दुश्मन को उसके ठिकाने पर जाकर मारेंगे। ‘भाग्य नगर’ से भयभीत होकर अनर्गल प्रलाप कर रहे ओवैसी  सीएम योगी ने ओवैसी को भी आड़े हाथ लिया। बोले कि यूपी की जनता व डबल इंजन सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि के माध्यम से संदेश दे दिया है। यूपी के बाद भाजपा अब हैदराबाद की तरफ ही रुख करेगी। ओवैसी की पीड़ा इस बात को लेकर है कि कहीं हैदराबाद को भाग्य नगर न बना दिया जाए। भाग्य नगर से भयभीत होकर वे अनर्गल प्रलाप कर रहे … Read more

81 मेडिकल कॉलेजों के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ विजन को दी गति

इंफ्रास्ट्रक्चर, मेडिकल शिक्षा और सेवाओं के विस्तार से तंदरुस्त हुआ प्रदेश 81 मेडिकल कॉलेजों के साथ ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन मेडिकल कॉलेज’ विजन को दी गति एमबीबीएस और पीजी सीटों में ऐतिहासिक वृद्धि, विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता में हुआ सुधार जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का किया विस्तार लखनऊ  प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में पिछले नौ वर्षों के दौरान व्यापक और संरचनात्मक परिवर्तन आया है। योगी सरकार ने स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत बनाने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने को प्राथमिकता दी है। नये अस्पतालों के निर्माण, पुराने अस्पतालों के कायाकल्प और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि ने तस्वीर को बदल दिया है। अब 81 मेडिकल कॉलेज हो रहे संचालित वर्ष 2017 तक प्रदेश में कुल 36 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित थे। वर्तमान में सरकारी मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। योगी सरकार वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज के विजन के अनुरूप मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही है। वहीं एमबीबीएस सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में जहां लगभग 4,690 एमबीबीएस सीटें थीं, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 12,700 हो चुकी है। पीजी सीटों में भी दोगुने से अधिक वृद्धि दर्ज की गई है जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता में सुधार हुआ है। प्रदेश के 75 जिलों में जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण किया गया है। कई अस्पतालों में आईसीयू, एनआईसीयू, डायलिसिस यूनिट, ट्रॉमा सेंटर और आधुनिक पैथोलॉजी लैब की स्थापना की गई है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी सरकार 1,500 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों को क्रियाशील चुकी है। इनमें मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जांच और गैरसंचारी रोगों की स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन सेवाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों को विशेषज्ञ परामर्श से जोड़ा गया है। 200 से अधिक नई पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक यूनिट स्थापित प्रदेश में ‘आरोग्य मंदिर’ की अवधारणा के तहत स्वास्थ्य सेवाओं को समग्र रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत आयुष पद्धति, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और एलोपैथिक सेवाओं का समन्वय किया जा रहा है। कई जिलों में आयुष अस्पतालों और वेलनेस सेंटर का निर्माण कराया गया है। योगी सरकार ने आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं, जिससे पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को संस्थागत मजबूती मिल रही है। वर्ष 2017 में जहां सीमित जिलों में ही अत्याधुनिक लैब की सुविधा उपलब्ध थी, वहीं अब सभी जिलों में आरटी-पीसीआर लैब, ब्लड बैंक और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कोविड-19 काल में विकसित की गई लैब क्षमता को स्थायी रूप से सुदृढ़ किया गया है। पिछले नौ वर्षों में 200 से अधिक नई पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक यूनिट स्थापित की गई है। इससे जांच की संख्या और गुणवत्ता दोनों में सुधार हुआ है, और मरीजों को निजी लैब पर निर्भरता कम करनी पड़ी है। चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य और आयुष विभाग को दिए लगभग 55 हजार करोड़ योगी सरकार ने 108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं के बेड़े में उल्लेखनीय वृद्धि की है। वर्तमान में प्रदेश में 4,000 से अधिक एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भी शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए विशेष एम्बुलेंस सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट आवंटन में भी निरंतर वृद्धि दर्ज की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में चिकित्सा शिक्षा, आयुष एवं स्वास्थ्य विभाग के लिए 55 ,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा के लिए 14997 करोड़ रुपये और आयुष विभाग को 2867 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसका बड़ा हिस्सा ढांचागत विकास, चिकित्सा उपकरणों की खरीद, मानव संसाधन की भर्ती और मेडिकल कॉलेजों के निर्माण पर व्यय किया जाएगा।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वास्थ्य क्षेत्र को ‘सेवा और सुशासन’ का प्रमुख आधार बताया है। उन्होंने नियमित रूप से निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों की समीक्षा की है और समयबद्ध कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए हैं। कोविड-19 महामारी के दौरान ऑक्सीजन प्लांट, बेड क्षमता और आईसीयू सुविधाओं में जो बढ़ोत्तरी की गई, उसे स्थायी रूप से मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री का लक्ष्य है कि प्रदेश को मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया जाए, ताकि मरीजों को इलाज के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। विशेषज्ञ की राय बीते नौ सालों में प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में जो संरचनात्मक बदलाव हुए हैं, वे केवल संख्या वृद्धि तक सीमित नहीं हैं। यह गुणवत्ता और पहुंच दोनों स्तरों पर प्रभावी हैं। मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों में बढ़ोत्तरी से आने वाले वर्षों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता मजबूत होगी। जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और डिजिटल हेल्थ सेवाओं ने ग्रामीण और शहरी अंतर को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। डायग्नोस्टिक सुविधाओं और एम्बुलेंस नेटवर्क के विस्तार से समयबद्ध उपचार संभव हुआ है। निरंतर बढ़ते बजट प्रावधान से स्पष्ट है कि राज्य सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को दीर्घकालिक निवेश और आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में विकसित कर रही है। अनुराग पटेल, पूर्व आईएएस, उत्तर प्रदेश

मध्य प्रदेश में बजट पेशी का दिन, जगदीश देवड़ा लाएंगे नया बजट, CM ने नवाचार का जताया भरोसा

भोपाल   मध्य प्रदेश विधानसभा में आज बुधवार, 18 फरवरी को बजट 2026 (Madhya Pradesh Budget 2026) पेश किया जाएगा. राज्य के वित्त मंत्री वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा आज सुबह 11 बजे विधानसभा के पटल पर बजट पेश करेंगे. अगले साल 2027 के पंचायत और निकाय चुनावों को देखते हुए इस बार का बजट कई मायनों में अहम माना जा रहा है. सरकार आज बजट में महिलाओं, युवाओं और किसानों के लिए कुछ बड़े ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा कुछ नई विकास योजनाओं की भी घोषणा की जा सकती हैं.  विधानसभा में बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में कैबिनेट की बैठक होगी, जिसमें इस बजट का मंजूरी दी जाएगी. इस बार का बजट एमपी सरकार का सबसे बड़ा बजट हो सकता है. ये बजट मोहन सरकार के कार्यकाल का तीसरा बजट होगा.  किसानों से महिलाओं तक… मोहन सरकार कर सकती है बड़ी घोषणाएं माना जा रहा है कि सरकार इसमें महिलाओं को लेकर बड़ा ऐलान कर सकती हैं. इसके अलावा किसानों को लेकर भी अहम वादे कर सकती हैं. बजट में किसानों के लिए अलग से कुछ प्रावधान किए जा सकते हैं.  इस बजट में ‘सीएम केयर' योजना से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार, स्टेट कार्डियक सेंटर, अंग प्रत्यारोपण संस्थान, मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट सुपर, 1.40 करोड़ बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध, युवाओं के लिए 50 हजार नई भर्तियों की तैयारी में हैं. कर्ज को लेकर क्या बोले वित्त मंत्री देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने आगे कहा कि महंगाई को लेकर केंद्र और राज्य सरकार दोनों गंभीर हैं. बजट से सभी लोगों को राहत मिलेगी. देवड़ा ने बताया कि एमपी में कर्ज नहीं निवेश है. पूंजीगत कार्यों के लिए कर्ज लिया जाता है. ऐसा कोई प्रदेश नहीं है, जिसने कर्ज लेकर काम नहीं किया हो. हम समय पर ब्याज देते हैं और कर्ज चुकाते हैं. कर्ज लिमिट में है. कांग्रेस सरकार ने कर्ज लेकर वेतन भत्ते में खर्च किया, जबकि बीजेपी की सरकार ने पूंजीगत व्यय में खर्च किया. वित्त मंत्री देवड़ा ने आगे कहा कि पहले जीरो बजटिंग के हिसाब से बजट था. अब रोलिंग बजट के हिसाब से हमने प्रयोग किया है. बजट के जरिए 3 साल आगे तक का रोडमैप तैयार किया है, जिसका वित्तीय प्रबंधन में लाभ मिलेगा. कैबिनेट में आज नई आबकारी नीति (MP New Excise Policy) आ सकती है. आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित: देवड़ा वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि मध्यप्रदेश का आगामी बजट पूरी तरह जनता को समर्पित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह बजट “जनता का और जनता के लिए” होगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने बजट में चार प्रमुख वर्गों महिला, युवा, किसान और गरीब पर विशेष फोकस किया है। इन वर्गों के सशक्तिकरण और विकास के लिए ठोस प्रावधान किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष को सरकार ने ‘उद्योग वर्ष’ के रूप में मनाया था, जिसका सकारात्मक परिणाम सामने आया और निवेश को बढ़ावा मिला। वहीं इस वर्ष को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में समर्पित किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि किसान आत्मनिर्भर बनें और उनकी आय में वृद्धि हो। बजट में इस दिशा में विशेष ध्यान रखा गया है। साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि बजट निर्माण प्रक्रिया में आम जनता से मिले सुझावों को भी शामिल किया गया है, ताकि यह बजट अधिक सहभागी और जनहितकारी बन सके। सीएम बोले- अनूठा नवाचार करने जा रहे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा- मध्य प्रदेश देश का ऐसा पहला राज्य होगा, जो अनूठा नवाचार करने जा रहा है। हमारे इस बजट में अगले 3 साल का खाका होगा, जिसमें इस वर्ष के विस्तृत बजट के साथ अगले 2 साल की विकास योजनाओं की आउटलाइन भी शामिल रहेगी। नेता प्रतिपक्ष बोले- बजट जमीनी हकीकत से दूर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा- बजट में प्रदेश को नई सौगात नहीं मिलने वाली। बेहतर बजट वो होता है, जो आम जनता को लाभ पहुंचाए। यह जमीनी हकीकत से दूर का बजट है। बीजेपी की सपने दिखाने की आदत है। बजट एससी-एसटी, किसान, ओबीसी किसी के पक्ष में नहीं है। जो पुरानी योजनाएं चल रही हैं, उन्हीं को नए आंकड़ों के साथ लाएंगे। किसान की आय दोगुनी नहीं कर सकते। किसान को काम नहीं देना चाहते और किसानों का वर्ष मना रहे हैं।