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महिला एकल फाइनल में सरप्राइज! रिबाकिना ने सबालेंका को दी मात, ऑस्ट्रेलियन ओपन ट्रॉफी अपने नाम

मेलबर्न  कजाकिस्तान की टेनिस खिलाड़ी एलिना रयबाकिना ने ऑस्ट्रेलिया ओपन का खिताब जीत लिया है।महिला एकल वर्ग के फाइनल में उन्होंने बेलारूस की एरिना सबालेंका को 3 सेट तक चले मुकाबले में हरा दिया। रयबाकिना ने खिताबी मुकाबला 6-4, 4-6 और 6-4 से अपने नाम किया। इस खिलाड़ी ने पहली बार ऑस्ट्रेलिया ओपन का खिताब जीता है। फाइनल में शिकस्त झेलने वाली सबालेंका दुनिया की नंबर-1 खिलाड़ी हैं और वह दो बार (2023, 2024) यह खिताब जीत चुकी हैं। कजाकिस्तान की एलेना रिबाकिना ने ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में महिला सिंगल्स का खिताब जीत लिया. शनिवार (31 जनवरी) को मेलबर्न के रॉड लेवर एरिना में खेले गए फाइनल में पांचवीं वरीयता हासिल रिबाकिना ने वर्ल्ड नंबर-1 आर्यना सबालेंका को 6-4, 4-6, 6-4 से हराया. रिबाकिना को खिताबी मुकाबला जीतने में 2 घंटा और 18 मिनट लगे. खिताबी मुकाबले में एलेना रिबाकिना ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला सेट जीत लिया था. फिर सबालेंका ने वापसी की और दूसरा सेट जीत स्कोर 1-1 किया. आखिरी सेट में एक समय सबालेंका 3-0 से आगे थीं, लेकिन फिर उनका मोमेंटम टूटता चला गया और रिबाकिना ने सेट के साथ-साथ मैच पर कब्जा जमाया. एलेना रिबाकिना पहली बार ऑस्ट्रेलियन ओपन चैम्पियन बनी हैं. इससे पहले  रिबाकिना ने 2023 में यहां पर फाइनल में जगह बनाई थी. तब उन्हें सबालेंका ने ही हरा दिया था. बता दें कि रिबाकिना ने अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब 2022 में जीता था. तब वो विम्बलडन चैम्पियनशिप में महिला सिंगल्स चैम्पियन बनी थीं. अब रिबाकिना दूसरी बार ग्रैंड स्लैम जीतने में कामयाब रहीं. उधर आर्यना सबालेंका के पास तीसरी बार ऑस्ट्रेलियन ओपन जीतने का मौका था, लेकिन वो इस बार कामयाब नहीं हो पाईं. बता दें कि उन्होंने 2023 और 2024 में यहां पर खिताब जीता था. सबालेंका कुल मिलाकर चार ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुकी हैं.  इसमें दो यूएस ओपन (2024, 2025) टाइटल भी शामिल हैं. 27 साल की आर्यना सबालेंका ने सेमीफाइनल में यूक्रेन की एलिना स्वितोलिना को 6-2, 6-3 से हराकर खिताबी मुकाबले में जगह बनाई थी. वहीं 26 वर्षीय एलेना रिबाकिना ने सेमीफाइनल में यूएसए (संयुक्त राज्य अमेरिका) की जेसिका पेगुला को 6-3, 7-6 (7) से हराया था. जोकोविच-अल्कारेज के बीच  मेन्स सिंगल्स फाइनल उधर ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 के मेन्स सिंगल्स फाइनल में 1 फरवरी (रविवार) को वर्ल्ड नंबर-1 कार्लोस अल्कारेज का सामना सर्बियाई दिग्गज नोवाक जोकोविच से होगा. स्पेनिश खिलाड़ी अल्कारेज ने पहले सेमीफाइनल में तीसरी सीड जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव को 6-4, 7-6, 6-7 (3), 6-7 (4), 7-5 से हराया था. वहीं चौथी वरीयता प्राप्त जोकोविच ने दूसरे सेमीफाइनल में वर्ल्ड नंबर-2 इटली के जैनिक सिनर को 3-6, 6-3, 4-6, 6-4, 6-4 से परास्त किया. रयबाकिना के सफर पर एक नजर  रयबाकिना ने अपना सेमीफाइनल मुकाबला जेसिका पेगुला के खिलाफ 6-3, 7-6 से जीता था।     क्वार्टर फाइनल में उनको इगा स्वियातेक के खिलाफ 7-5, 6-1 से शानदार जीत मिली थी।     चौथे राउंड में उन्होंने जर्मनी की एलिस मर्टेंस को आसानी से 6-1, 6-3 से हरा दिया था।     तीसरे राउंड का मुकाबला भी रयबाकिना ने आराम से 6-2, 6-3 से अपने नाम किया था।     दूसरे राउंड में उन्हें 7-5, 6-2 और पहले राउंड में 6-4, 6-3 से जीत मिली थी।      ऐसा रहा सबालेंका का सफर  सबालेंका ने सेमीफाइनल मुकाबले में एलिना स्वितोलिना को सीधे मुकाबले में 6-2, 6-3 से हराया था।     क्वार्टर फाइनल में उन्हें 6-3, 6-0 से जीत मिली थी। उन्होंने USA की इवा योविच को मात दी थी।     चौथे राउंड में उनको कनाडा की विक्टोरिया एमबोको के खिलाफ 6-1, 7-6 से जीत मिली थी।     तीसरे राउंड में उन्होंने अनास्तासिया पोटापोवा 7-6, 7-6 हराया था।     दूसरा राउंड उन्होंने 6-3, 6-1 और टूर्नामेंट का पहला राउंड 6-4, 6-1 से अपने नाम किया था।       

भारत और न्यूजीलैंड का पांचवां टी20 आज, तिरुवनंतपुरम में लाइव अपडेट, प्लेइंग इलेवन और पिच रिपोर्ट

तिरुवनंतपुरम  आज भारत और न्यूजीलैंड के बीच पांच मैचों की टी20 सीरीज का अंतिम मुकाबला खेला जाएगा. दोनों टीमें तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में भिड़ेंगी. टीम इंडिया शुरुआती तीन मैच जीतकर सीरीज पहले ही अपने नाम कर चुकी है. हालांकि, चौथे टी20 में कीवी टीम ने बाजी मारी थी. दोनों ही टीमों के लिए 2026 टी20 वर्ल्ड कप की तैयारी का यह अंतिम मौका है. भारत के लिए इस मैच में भी तिलक वर्मा और वाशिंगटन सुंदर उपलब्ध नहीं हैं. तिरुवनंतपुरम में खेले जाने वाले पांचवें टी20 मैच में टीम इंडिया उसी टीम के साथ उतर सकती है, जो 2026 टी20 वर्ल्ड कप में होगी. हालांकि, इसमें तिलक के फिट होने पर बदलाव जरूर किया जाएगा. न्यूजीलैंड भी अपनी विश्व कप टीम के साथ तिरुवनंतपुरम में उतर सकता है. संजू सैमसन का होम ग्राउंड, फिल एलन की भी वापसी वर्ल्ड कप से पहले खुद को साबित करने का यह संजू सैमसन के पास अंतिम मौका है. वह अपने होम ग्राउंड पर पांचवां टी20 मैच खेलेंगे. इस सीरीज में अब तक सैमसन कमाल नहीं कर सके हैं. वहीं न्यूजीलैंड की टीम में एक बड़ा बदलाव होगा. विस्फोटक बल्लेबाज फिन एलन टीम से जुड़ गए हैं. वह पांचवें टी20 मैच में पारी का आगाज करेंगे. तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच रिपोर्ट पांचवें टी20 में टॉस की भूमिका काफी रहेगी, क्योंकि दूसरी पारी में गेंदबाजी करना आसान नहीं होने वाला है. यहां ओस का प्रभाव काफी रहेगा. पिच की बात करें तो बल्लेबाजों के लिए रन बनाना आसान रहेगा. ऐसे में एक बार फिर हमें हाई स्कोरिंग मैच देखने को मिल सकता है. मैच प्रिडिक्शन  हमारा मैच प्रिडिक्शन मीटर कह रहा है कि इस मैच में टीम इंडिया की जीत होगी. भले ही कीवी टीम ने चौथा टी20 मैच जीत लिया था, लेकिन फिर भी पांचवें टी20 में टीम इंडिया फेवरेट है. मुकाबला 60-40 का है. अगर न्यूजीलैंड पहले खेलने के बाद 210 से ज्यादा का स्कोर बना देता है तो फिर उसकी जीत के चांस बढ़ जाएंगे.  पांचवें टी20 के लिए न्यूजीलैंड की संभावित प्लेइंग इलेवन– टिम सीफर्ट (विकेटकीपर), फिन एलन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, मिचेल सैंटनर (कप्तान), जकारी फाउल्क्स, मैट हेनरी, ईश सोढ़ी और जैकब डफी पांचवें टी20 के लिए भारत की संभावित प्लेइंग इलेवन- संजू सैमसन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), शिवम दुबे, रिंकू सिंह, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह

बिहार में परीक्षा शुरू होने से आधा घंटा पहले बंद हो जाएगा गेट

पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) की इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा दो से 13 फरवरी तक राज्य के एक हजार 762 परीक्षा केंद्र पर होगी। अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि सभी परीक्षार्थियों की दो स्तर पर तलाशी ली जाएगी। पहला प्रवेश के समय तथा दूसरा परीक्षा कक्ष में वीक्षक करेंगे। 25 परीक्षार्थियों की जांच के लिए एक वीक्षक होगा। परीक्षा कक्ष में किसी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यथा मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, पेजर, इलेक्ट्रॉनिक वॉच, स्मार्ट वॉच, मैग्नेटिक वॉच आदि पूरी तरह से प्रतिबंधित है।  10 सेट में होगा प्रश्न पत्र  केंद्र में पकड़े जाने पर संबंधित विद्यार्थी परीक्षा से वंचित कर दिए जाएंगे। प्रश्न पत्र 10 सेट में होगा। सभी सेट में प्रश्नों का क्रम अलग-अलग होगा। एक सेट का पहला प्रश्न अन्य सेटो में अन्य क्रम में होंगे। आसपास बैठे परीक्षार्थियों को अलग-अलग सेट का प्रश्न मिलेगा। परीक्षा में शामिल होने के लिए 13 लाख 17 हजार 846 परीक्षार्थियों को प्रवेश पत्र जारी किया गया है। इसमें छह 75 हजार 844 छात्राएं तथा छह लाख 42 हजार दो छात्र हैं। परीक्षा दो से 13 फरवरी तक दो पालियों में होगी। केंद्र में प्रवेश निर्धारित अवधि से एक घंटा पहले मिलेगा। सभी परीक्षार्थी गेट बंद होने के पहले केंद्र में हर हाल में प्रवेश सुनिश्चित करेंगे। पहली पाली में सुबह नौ बजे और दूसरी में डेढ़ बजे तक प्रवेश बिहार बोर्ड के अनुसार परीक्षा प्रारंभ होने के लिए प्रथम पाली में निर्धारित समय 09:30 बजे पूर्वाह्न से एक घंटा पहले 8:30 बजे से केंद्र में प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा आधा घंटा पहले 09:00 बजे केंद्र का मुख्य द्वार बंद कर दिया जायेगा।  इसी प्रकार द्वितीय पाली में निर्धारित समय 02:00 बजे अपराह्न से एक घंटा पूर्व 01:00 बजे से परीक्षा केंद्र में प्रवेश प्रारंभ हो जायेगा तथा 02:00 बजे अपराह्न से आधा घंटा पहले 01:30 बजे केंद्र का मुख्य द्वार बंद हो जाएगा। केंद्र के 200 मीटर तक भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 प्रभावी रहेगी। इनका भी रखें ध्यान – परीक्षार्थी भीड़-भाड़ से बचने के लिए समय से पहले पहुंचे केंद्र केंद्रों के आसपास जाम की स्थिति उत्पन्न होती है, इसका ध्यान रखें केंद्र पर ले जाने वाले दस्तावेज की सूची बनाकर घर से निकलते समय जांच कर लें अन्य महत्वपूर्ण बातें – 10 सेट में होगा प्रश्न पत्र, परीक्षार्थियों की दो बार ली जाएगी तलाशी 13.18 लाख परीक्षार्थियों के लिए राज्य में बनाए गए हैं एक हजार 762 परीक्षा केंद्र दो फरवरी को प्रारंभ होगी इंटरमीडिएट वार्षिक परीक्षा, आधा घंटा पहले तक मिलेगा प्रवेश एक घंटा पहले से परीक्षार्थियों को केंद्र में दिया जाएगा प्रवेश, केंद्र में जबरदस्ती व अवैध प्रवेश पर होगी कार्रवाई दो वर्ष के लिए बोर्ड परीक्षा से हो जाएंगे निष्कासित, यदि परीक्षा संचालन नियम के विरुद्ध करेंगे आचरण दो स्तर पर परीक्षार्थियों की होगी जांच, सीसीटीवी व वीडियोग्राफी हर केंद्र पर की गई है सुनिश्चित राज्य के सभी जिलों में शिक्षा विभाग द्वारा प्रतिनियुक्त किए गए हैं नोडल पदाधिकारी दुविधा पर हेल्पलाइन से लें समाधान परीक्षा के दौरान सूचना के त्वरित आदान-प्रदान तथा समस्याओं के समय पर निवारण के लिए कंट्रोल रूम एक फरवरी से चौबीस घंटे काम करेगा। परीक्षार्थी व अभिभावक परीक्षा से संबंधित जानकारी और दुविधा का समाधान प्राप्त कर सकते हैं। कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 0612-2232257 तथा 0612-2232227

NCP अपडेट: सुनेत्रा पवार चुनी गईं विधायक दल की नेता, डिप्टी CM पद संभालेंगी आज

मुंबई      एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए सुनेत्रा पवार को पार्टी का नया विधायक दल नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही उनके आज ही महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने का रास्ता साफ हो गया है. बैठक से पहले ही संकेत मिल गए थे. पार्टी नेता दिलीप वलसे ने उनके नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के अन्य नेताओं ने समर्थन दिया. सुनेत्रा पवार राज्यसभा सांसद के रूप में विधान भवन पहुंची थीं, जहां सर्वसम्मति से उन्हें पार्टी का नेता बनाए जाने का फैसला लिया गया. इससे पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि दी. पार्टी नेताओं के मुताबिक यह फैसला संगठन और राज्य की राजनीति के लिए निर्णायक माना जा रहा है. परिवार में कोई समस्या नहीं जब शरद पवार से पूछा गया कि क्या परिवार के सदस्य के तौर पर उन्हें सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने के बारे में भरोसे में लिया गया था, इस पर शरद पवार ने कहा, ‘अगर परिवार पर कोई विपदा आती है, तो परिवार एकजुट रहता है। परिवार में कोई समस्या नहीं है।’ – सुनेत्रा पवार को एनसीपी विधायक दल का आधिकारिक नेता चुन लिया गया है. उनके चयन के बाद, पार्टी सभी उपस्थित विधायकों के हस्ताक्षर के साथ एक औपचारिक पत्र राज्यपाल और मुख्यमंत्री को सौंपेगी. यह पत्र नेतृत्व परिवर्तन की आधिकारिक सूचना का काम करेगा और पार्टी की पूरी एकजुटता और समर्थन को उनकी नियुक्ति के लिए प्रमाणित करेगा. इस कदम से सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया और भी मजबूत हुई है, जबकि पार्टी के भीतर एकजुटता का संदेश भी साफ तौर पर दिखाई देता है. – एनसीपी (अजित गुट) के विधायकों ने शनिवार को सर्वसम्मति से सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुन लिया. इसके साथ ही महायुति सरकार में उनके उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. उनके नाम का प्रस्ताव पार्टी के वरिष्ठ नेता दिलीप वलसे ने रखा, जिसे कई वरिष्ठ नेताओं का समर्थन मिला. राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को आज शाम 5 बजे राज्यपाल शपथ दिलाएंगे. इस फैसले के साथ सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री बनने जा रही हैं. यह फैसला अजित पवार के निधन के बाद पार्टी की नई सियासी दिशा और नेतृत्व को भी दर्शाता है. – अब तक अनुपस्थित रहे विधायक अशुतोष काळे भी विधान भवन पहुंच गए हैं, जो लगभग थकावट के साथ पहुंचे. उनके आने के साथ ही NCP (अजित पवार गुट) के सभी विधायक एकत्रित हो चुके हैं. यह बैठक सुनेत्रा पवार के विधायक दल नेता चुने जाने और उपमुख्यमंत्री पद की शपथ की प्रक्रिया के लिए अहम मानी जा रही है. – एनसीपी (अजित गुट) की विधायक दल बैठक में औपचारिक प्रक्रिया की शुरुआत दिवंगत नेता अजित पवार को श्रद्धांजलि देने के साथ हुई. पार्टी नेता सुनील तटकरे ने शोक प्रस्ताव पेश कर अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद दिलीप वलसे पाटिल ने विधायक दल के नए नेता को लेकर अहम प्रस्ताव सदन के सामने रखा, जिसे वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने समर्थन दिया. – राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार विधान भवन पहुंची हैं, जहां एनसीपी की विधायक दल की अहम बैठक शुरू हो गई है. इस बैठक में पार्टी अपना नया नेता चुन सकती है. माना जा रहा है कि इस फैसले से महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव हो सकता है. बैठक के नतीजे सुनेत्रा पवार के महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनने का रास्ता भी खोल सकते हैं. – महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार को एनसीपी नेताओं ने विधायिका दल की अहम बैठक से पहले श्रद्धांजलि अर्पित की. पार्टी की ओर से जारी अंदरूनी दृश्यों में वरिष्ठ नेता, विधायक और सांसद अजित पवार के चित्र पर पुष्प अर्पित करते नजर आए. यह श्रद्धांजलि ऐसे समय दी गई है, जब एनसीपी की बैठक में पार्टी के नए नेता के चुनाव को लेकर चर्चा होनी है. – एनसीपी नेता सुनील तटकरे ने कहा है कि पार्टी दिवंगत अजित दादा की अस्थियां पूरे महाराष्ट्र में ले जाएगी. उन्होंने हालिया वीडियो और बैठक को लेकर सफाई देते हुए बताया कि यह मुलाकात एक कृषि प्रदर्शनी के दौरान चाय पर हुई थी, जिसमें स्थानीय निकाय चुनावों पर चर्चा हुई. तटकरे के मुताबिक, उसी के बाद अजित दादा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बातचीत की पुष्टि की थी. उन्होंने कहा कि बैठक के बाद पूरे घटनाक्रम पर विस्तार से जानकारी दी जाएगी. साथ ही तटकरे ने साफ किया कि एनसीपी के विधायकों, सांसदों और वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार को लेकर सर्वसम्मति से फैसला लिया है, जो पार्टी की अगली रणनीति के लिए अहम माना जा रहा. – NCP MP प्रफुल्ल पटेल NCP विधायकों की मीटिंग के लिए विधान भवन पहुंचे. महाराष्ट्र की राजनीति में क्या चल रहा है? डिप्टी सीएम अजित पवार के निधन के बाद एनसीपी के दो गुटों के संभावित विलय पर वरिष्ठ नेता शरद पवार ने बातचीत फिर शुरू की, यह कहते हुए कि अजित पवार अपने जीवनकाल में इसे चाहते थे. इस बीच, अजित पवार के बेटे पार्थ पवार बारामती में शरद पवार के निवास पर डेढ़ घंटे से अधिक समय तक मौजूद रहे, जो परिवार और पार्टी के बीच जारी चर्चा का संकेत है. विधायक दल की बैठक से पहले एनसीपी नेताओं ने दिवंगत अजित पवार को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके महाराष्ट्र के प्रति समर्पण और जनता के लिए किए गए कार्यों को याद किया.

बिहार में नए गन्ना किसानों को फ्री में मिलेगा बीज

पटना. सरकार नई चीनी मिल लगाने से पहले गन्ने की खेती का रकबा बढ़ाने के लिए हर जतन कर रही है। प्रयास है कि अधिक से अधिक गन्ना की खेती को बढ़ाया जाए, ताकि मिलों को गन्ना की कमी नहीं रहे। इसके लिए जिन इलाकों में गन्ना की खेती नहीं होती है, वहां के किसानों को पांच एकड़ तक गन्ना की खेती करने के लिए निशुल्क गन्ना बीज दिया जाएगा। गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के सेंथिल कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जिस क्षेत्र में गन्ने की खेती नहीं है, उसे डेवलप किया जाए। गन्ना की खेती करने के लिए किसानों के बीच प्रचार-प्रसार कराया जाए, ताकि वह गन्ना की खेती करने के लिए जागरूक हो सकें। 15 दिन कें अंदर रजिस्ट्रेशन करने के निर्देश उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों के बकाये मूल्य का 15 दिनों के अंदर भुगतान किया जाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने राज्य के सभी गन्ना किसानों का 15 दिनों के अंदर रजिस्ट्रेशन कराने का सख्त निर्देश दिया। इसके पहले उन्होंने ईख मूल्य भुगतान, मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना, यांत्रिकरण योजना, गुड़ प्रोत्साहन योजना, चीनी मिलों की समस्या, नई चीनी मिलों की स्थापना और अन्य योजनाओं की समीक्षा की। सरकारी योजनाओं को किसानों तक पहुंचाने पर फोकस उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित के लिए कई योजनाएं चला रही है। इसका लाभ उन किसानों को कैसे मिले, इसके बारे सोंचना होगा। वहीं, गन्ना आयुक्त अनिल कुमार झा ने कहा कि प्रमाणित बीज उत्पादन प्रोत्साहन कार्यक्रम मद का जो लक्ष्य निर्धारित किया गया है, उसे हर हालत में प्राप्त करना है। बेहतर करने वालों को प्रशस्ति पत्र से सम्मानित भी किया जाएगा। बैठक में संयुक्त गन्ना आयुक्त जेपीएन सिंह, सभी चीनी मिलों के महाप्रबंधक, सभी उपनिदेशक, सहायक निदेशक सभी पदाधिकारी मौजूद थे। गन्ना क्षेत्र को जलजमाव से मुक्त करने के लिए 72 योजनाएं चिह्नित गन्ना कृषि क्षेत्रों में जल-जमाव की समस्या के निराकरण हेतु संबंधित अभियंताओं को सर्वेक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं तैयार करने का निर्देश पिछले वर्ष 30 दिसंबर को दिया गया था। शुक्रवार को जल संसाधन विभाग और गन्ना उद्योग विभाग ने निर्देश के अनुपालन की संयुक्त रूप से समीक्षा की। गन्ना कृषि क्षेत्रों से संबंधित नहरों, नहर संरचनाओं तथा स्लुइस गेट, पुलिया निर्माण, नाला उड़ाही (सफाई) एवं अतिक्रमण मुक्ति के लिए जिलों में सर्वेक्षण हो रहा है। अब तक 72 योजनाएं चिह्नित पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण और समस्तीपुर में अब तक कुल 72 योजनाएं चिह्नित हुई हैं, जिनके क्रियान्वयन से 61,590 एकड़ क्षेत्र को जल-जमाव से मुक्ति मिलेगी। बैठक की अध्यक्षता कर रहे जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव एसके मल्ल ने सर्वेक्षण कार्य शीघ्र पूर्ण कर विभाग को रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि प्राथमिकता के आधार पर योजनाएं बनाई जा सकें।

एनजीटी सख्त: भोपाल के वेटलैंड पर अवैध कब्जे पर कार्रवाई न होने पर प्रशासन को चेतावनी

 भोपाल  कलियासोत जलाशय क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के मामलों को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को हुई सुनवाई में ट्रिब्यूनल ने साफ कहा कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा कार्रवाई नहीं की गई, जो चिंताजनक है। एनजीटी के समक्ष यह मामला कलियासोत जलाशय, केरवा जलाशय और आसपास के ग्रीन बेल्ट, बाटनिकल गार्डन व रीजनल गार्डन की जमीन पर हुए अतिक्रमण से जुड़ा है। ट्रिब्यूनल ने माना कि इन अवैध गतिविधियों से न सिर्फ पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि घड़ियाल, मगरमच्छ और कछुओं जैसे जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास भी खतरे में है। 97 अतिक्रमण चिह्नित किए बीते कुछ वर्षों में इन जीवों का रिहायशी इलाकों में दिखना मानव जीवन के लिए भी जोखिम बनता जा रहा है। एनजीटी ने अपने आदेश में खुलासा किया कि कलियासोत जलाशय क्षेत्र में कुल 97 अतिक्रमण चिह्नित किए गए हैं, जिनमें से अधिकांश सरकारी भूमि पर हैं। इसके अलावा लगभग 150 हेक्टेयर भूमि, जो बाटनिकल गार्डन के लिए आरक्षित है, उसकी न तो समुचित सीमांकन हुआ और न ही सुरक्षा। वहीं, बिना उपचारित सीवेज जलाशयों प्रवाह अब भी एक बड़ी समस्या बना हुआ है। कई एसटीपी वर्षों से अधूरे या ट्रायल रन की स्थिति में हैं। दो सप्ताह के भीतर रिपोर्ट पेश करने के आदेश ट्रिब्यूनल ने कलेक्टर भोपाल और नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत निगरानी में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आदेश दिया गया है कि दो सप्ताह के भीतर शपथपत्र के साथ विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पेश की जाए। एनजीटी ने यह भी कहा कि लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच कर जिम्मेदारी तय की जाए। समय सीमा बीतने के बाद भी शुरू नहीं हुए एसपीटी एनजीटी ने यह भी चिंता जताई कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी पूरी तरह चालू नहीं हो पाए हैं, जिसके कारण बिना उपचारित गंदा पानी जलाशयों में छोड़ा जा रहा है । अधिकरण ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक भूमि की रक्षा करना राज्य की संवैधानिक जिम्मेदारी है और अधिकारियों की निष्क्रियता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च को याचिकाकर्ता डॉ. सुभाष सी. पांडेय और राशिद नूर खान की ओर से प्रस्तुत तर्कों पर सुनवाई के बाद एनजीटी ने राज्य सरकार के अधिवक्ता को निर्देश दिए कि यह आदेश मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव तक पहुंचाया जाए, ताकि तत्काल और ठोस कार्रवाई हो सके। अधिकरण ने स्पष्ट किया कि वह स्वामित्व विवाद तय नहीं करेगा, बल्कि उसका उद्देश्य केवल जलाशयों से अतिक्रमण हटाकर भोज वेटलैंड की रक्षा करना है। मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च 2026 को होगी।

कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा में कांग्रेस ने 73 जिला महामंत्री बनाए; 18 नए महासचिव और सागर-मऊगंज DCC घोषित

भोपाल  कांग्रेस हाईकमान के साथ हाल ही में हुई बैठक के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस (Madhya Pradesh Congress) संगठन में लंबे समय से लंबित संगठनात्मक नियुक्तियों को तेजी से आगे बढ़ाया गया है. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच लगातार उठ रही नाराजगी और संगठनात्मक ढिलाई पर असंतोष जताए जाने के बाद प्रदेश में ताबड़तोड़ नियुक्तियों का दौर शुरू हो गया है. इसी क्रम में पार्टी ने 18 जिलों में संगठन महासचिवों की नियुक्ति और 14 प्रकोष्ठों के अध्यक्षों एवं संयोजकों की घोषणा कर दी है. सूत्रों के अनुसार, दिल्ली में हुई बैठक में संगठनात्मक देरी पर नाराजगी जताए जाने के बाद प्रदेश नेतृत्व ने प्राथमिकता के आधार पर जिला इकाइयों का पुनर्गठन शुरू किया. कहां किसे मिली नियुक्ति सागर, छिंदवाड़ा और मऊगंज जिलों की जिला कार्यकारिणी घोषित की गई. पार्टी के अंदरूनी समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई असंतुष्ट नेताओं को भी संगठन में एडजस्ट किया गया है ताकि स्थानीय स्तर पर मनमुटाव कम किया जा सके. सागर जिले में पूर्व जिलाध्यक्ष राजकुमार पचौरी को जिला संगठन महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है. पचौरी पहले भी जिला अध्यक्ष रह चुके हैं और दोबारा उसी पद के लिए प्रयासरत थे. उन्हें कमलनाथ समर्थक माना जाता है. इसी तरह सिंगरौली ग्रामीण में संकठा सिंह और सिंगरौली शहर में सुरेश कुमार दुबे को संगठन महासचिव बनाया गया है. पार्टी सूत्र बताते हैं कि इन नियुक्तियों में क्षेत्रीय संतुलन, स्थानीय प्रभाव और वरिष्ठ नेताओं को साधने की रणनीति प्रमुख रही. 14 प्रकोष्ठों के प्रमुखों की नियुक्ति कांग्रेस ने 14 प्रकोष्ठों के अध्यक्ष, संयोजक और समन्वयकों की नियुक्ति की है। अलग-अलग जातियों को साधने के लिए बंगाली समाज, बंजारा समाज, तैलिक साहू राठौर समाज, सर्व विश्वकर्मा समाज, स्वर्णकला, कोली/कोरी समाज, रजक समाज के नेताओं को समन्वयक संयोजक बनाया है। छिंदवाड़ा में ज्यादा फोकस पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी में पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलाकर 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को जिला कांग्रेस कमेटी में संरक्षक बनाया गया है। छिंदवाड़ा की जिला कार्यकारिणी में 73 महामंत्री बनाए पूर्व सीएम कमलनाथ के गढ़ छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी(DCC) में पदाधिकारियों और सदस्यों को मिलाकर 258 पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई है। छिंदवाड़ा में कमलनाथ और नकुलनाथ को जिला कांग्रेस कमेटी में संरक्षक बनाया गया है। छिंदवाड़ा की जिला कांग्रेस कमेटी में कुल 258 नेताओं की नियुक्ति कार्यवाहक अध्यक्ष- 2 कोषाध्यक्ष-1 कार्यालय मंत्री- 2 प्रवक्ता- 1 मीडिया प्रभारी- 1 सोशल मीडिया प्रभारी उपाध्यक्ष- 33 महामंत्री-73 सचिव- 70 सहसचिव- 3 आमंत्रित सदस्य- 62 विशेष आमंत्रित- 9 कुल पदाधिकारी – 258 छिंदवाड़ा में 258 की नियुक्ति कार्यवाहक अध्यक्ष- 2, कोषाध्यक्ष-1, कार्यालय मंत्री- 2, प्रवक्ता- 1, मीडिया प्रभारी- 1, सोशल मीडिया प्रभारी, उपाध्यक्ष- 33, महामंत्री-73, सचिव- 70, सहसचिव- 3, आमंत्रित सदस्य- 62, विशेष आमंत्रित- 9, कुल पदाधिकारी – 258 की नियुक्ति की गई है। सागर में 23 जिला महामंत्री   उपाध्यक्ष-8, महामंत्री- 23, सचिव- 21, कार्यकारिणी सदस्य- 8, संरक्षक सदस्य- 11, विशेष आमंत्रित सदस्य- 42, प्रवक्ता-2, स्थाई आमंत्रित सदस्य- 23, स्थाई कार्यालय मंत्री-1, सोशल मीडिया अध्यक्ष-1 और निर्वाचन प्रभारी -1 की नियुक्ति की गई है। सागर में 23 जिला महामंत्री बनाए उपाध्यक्ष-8 महामंत्री- 23 सचिव- 21 कार्यकारिणी सदस्य- 8 संरक्षक सदस्य- 11 विशेष आमंत्रित सदस्य- 42 प्रवक्ता-2 स्थाई आमंत्रित सदस्य- 23 स्थाई कार्यालय मंत्री-1 सोशल मीडिया अध्यक्ष-1 निर्वाचन प्रभारी -1 मऊगंज में 23 महामंत्री विंध्य की मऊंगज विधानसभा सीट में कांग्रेस ने उपाध्यक्ष-7, महामंत्री- 23, सचिव- 28 और कोषाध्यक्ष- 1 की नियुक्ति की है। हालांकि इस नियुक्ति से स्थानीय कार्यकर्ता नाराज बताए जा रहे हैं। दरअसल, जिन्हें उम्मीद थी कि पद मिलेगा उन्हें कुछ नहीं मिला। नेताओं की परिक्रमा करने वालों को प्राथमिकता दी गई है। प्रदेश कांग्रेस संगठन महासचिव संजय कामले ने कहा कि शेष जिला कार्यकारिणियों की घोषणा भी जल्द की जाएगी. उनका कहना है कि वर्तमान चरण में प्राथमिकता उन जिलों को दी गई जहां संगठनात्मक गतिविधियाँ लंबे समय से रुकी हुई थीं या स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति थी. पार्टी अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देश पर प्रदेश में यह प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है. संगठन प्रभारी डॉ. संजय कामले के नेतृत्व में जिला इकाइयों का पुनर्गठन और नियुक्तियों की श्रृंखला जारी है. पार्टी की रणनीति आगामी चुनावी तैयारियों के लिए जिलों में अधिक सक्रिय और मजबूत संगठनात्मक ढांचा खड़ा करने पर केंद्रित बताई जा रही है.  

रीवा अपडेट: सीएम मोहन यादव आज करेंगे भैरवनाथ मंदिर का उद्घाटन

 रीवा  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 31 जनवरी को एक दिवसीय प्रवास पर रीवा आएंगे। इस दौरान वे गूढ़ विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में भैरवनाथ मंदिर का लोकार्पण करेंगे। दोपहर 1 बजे मुख्यमंत्री गुड़ के समीप ग्राम खामडीह स्थित भैरवनाथ मंदिर(Bhairavnath Temple) परिसर में आयोजित समारोह में शामिल होंगे। सहमडीह में भैरव बाबा की विशाल एवं प्राचीन प्रतिमा स्थापित है, जो दुर्लभ सयन मुद्रा में है। स्थापत्य कला की दृष्टि से यह प्रतिमा लगभग 10वीं शताब्दी के कल्पुरि काल की मानी जाती है। वर्षों तक यह प्रतिमा खुले आसमान के नीचे स्थित थी। शासन की एलएडी योजना के अंतर्गत प्राचीन मंदिर का जीर्णोद्धार एवं अन्य निर्माण कार्य कराए गए हैं। भैरव बाबा की विशाल प्रतिमा के चारों ओर दो मंजिला मंदिर का निर्माण किया गया है, जिसकी कुल लागत 1.80 करोड़ रुपए हैं। 17 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत मुख्यमंत्री डॉ. यादव(CM Mohan Yadav) मंदिर पहुंचकर भगवान भैरवनाथ की पूजा-अर्चना करेंगे तथा ध्वज चढ़ाएंगे। इसके बाद वे जनसभा को संबोधित करेंगे। समारोह में उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल, सांसद जनार्दन मिश्र, विधायक नागेंद्र सिंह, दिव्यराज सिंह, सिद्धार्थ तिवारी, नरेंद्र प्रजापति, जिला पंचायत अध्यक्ष नीता कोल, भाजपा जिला अध्यशा वीरेंद्र गुप्ता सहित अन्य उपस्थित रहेंगे। इस अवसर पर रुपए मुख्यमंत्री 17 करोड़ 13 लाख रुपए की लागत से पूर्ण हुए चार निर्माण कार्यों का लोकार्पण करेंगे तथा शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत हितग्राहियों को हितलाभ का वितरण भी करेंगे। देश की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में एक है भैरवनाथ ऐतिहासिक धरोहरों से समृद्ध रहा है। विध्य क्षेत्र प्राधीन मंदिरों और किंग और बुंदेलखंड के विभिन्न अवलों में चैव कालीन, राजपूत कालीन तथा कल्चुरि चालीन स्थापत्य के उत्कृष्ट उदाहरण देखने को मिलते हैं। प्राचीन मूर्तिकला का एक अद्‌भुत और दुर्लभ उदाहरण गुढ़ विधानसभा क्षेत्र के समीप ग्राम आमडीह में स्थित भैरवनाथ बाबा की विशाल प्रतिमा है। यह प्रतिमा भगवान शिव के उग्र रूप काल भैरव की देश की सबसे बड़ी प्रतिमाओं में से एक मानी जाती है। अद्‌भुत शयन मुद्रा में निर्मित निर्मित यह यह प्रतिमा अपनी भव्यता और सौंदर्य के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। प्रतिमा की लंबाई 8.5 मीटर तथा चौड़ाई 3.7 मीटर है। वर्षों तक यह प्रतिमा विश्य की प्रमुख कैमौर पता माला की गोद में खुले आसमान के नीधे स्थित रही। एलएडी योजना के अंतर्गत हुआ निर्माण शासन की एलएडी योजना के अंतर्गत अब इसके चारों ओर दो मंजिला मंदिर का निर्माण किया गया है। मंदिर परिसर में सामुदायिक भवन, आठ दुकानें एवं अन्य सहायक निर्माण कार्य भी कराए गए हैं। माना जाता है कि भैरवनाथ की यह विशाल प्रतिमा 10वीं से 11वीं शताब्दी के मध्य कल्पुरि काल में निर्मित कराई गई थी। शयन मुद्रा में यह प्रतिमा एक ही विशाल पत्थर से बनाई गई है। मूर्ति शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण काले रंग के बलुआ पत्थर से निर्मित यह मूर्ति शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। भैरवनाथ के चेहरे पर रौद्र भाव के साथ असीम शांति का भाव स्पष्ट रूप से झलकता है। चतुर्भुज रूप में अंकित इस प्रतिमा के दाहिने ऊपरी हाथ में सृष्टि के पालन और संहार का प्रतीक त्रिशूल है, जबकि नियाले दाहिने हाथ में ध्यान और भक्ति का प्रतीक रुचाउदक्ष माला सुशोभित है। ऊपरी बाएं हाथ में तीन शीषों वाला सर्प लिपटा हुआ है, जो जितावित कर प्रतीक माना जाता है। बाएं निचले हाथ में बीज और फल दर्साए गए हैं. जो जो उर्वरता और सूजन शक्ति के प्रतीक हैं।

पानी की जांच का बड़ा कदम: इंदौर के सभी वार्डों में वाटर टेस्टिंग लैब, नगर निगम ने टेंडर जारी किया

इंदौर  इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी से 31 लोगों की मौत के बाद नगर निगम ने पानी सप्लाई सिस्टम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. इस घटना से यह साफ हो गया कि सिर्फ सेंट्रल लेवल पर पानी की टेस्टिंग काफी नहीं है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने शहर के सभी 85 वार्डों में पानी टेस्टिंग लैब बनाने का फैसला किया है. इससे हर वार्ड में पानी की क्वालिटी की रेगुलर मॉनिटरिंग हो सकेगी और दूषित पानी की शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी. 85 वार्डों में बनेंगी वाटर टेस्टिंग लैब निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने कहा है कि भागीरथपुरा इलाके में अभी पानी की सप्लाई पूरी तरह से बहाल नहीं की जाएगी. वहां पाइपलाइनों में सीवेज मिलने और लीकेज की जांच के लिए गहन टेस्टिंग की जा रही है. जब तक हर घर में पहुंचने वाला पानी 100% सुरक्षित नहीं पाया जाता, तब तक निवासियों को निगम के पानी के टैंकरों पर निर्भर रहना होगा. अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि टैंकरों की कोई कमी न हो. शहर के सभी 85 वार्डों में पानी टेस्टिंग लैब स्थापित की जाएंगी. नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, अब तक पानी की जांच सीमित स्तर पर होती थी, लेकिन भागीरथपुरा की घटना के बाद यह साफ हो गया कि वार्ड स्तर पर निगरानी जरूरी है। इसी के तहत निगम ने निजी एजेंसी के माध्यम से वाटर टेस्टिंग और वाटर ऑडिट कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इसके लिए टेंडर भी जारी कर दिया गया है। भागीरथपुरा में अभी नहीं शुरू होगा पूर्ण जलप्रदाय निगम ने साफ कर दिया है कि भागीरथपुरा इलाके में अभी कुछ दिनों तक नल से पानी की नियमित सप्लाई शुरू नहीं की जाएगी। जब तक पाइपलाइनों की पूरी जांच, लीकेज और सीवेज मिक्सिंग की संभावना को पूरी तरह खत्म नहीं कर दिया जाता, तब तक क्षेत्र के रहवासियों को टैंकरों के माध्यम से ही पानी उपलब्ध कराया जाएगा। नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि टैंकरों की संख्या कम न हो और पानी की सप्लाई में किसी तरह की कटौती न की जाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि लोगों को सुरक्षित पानी मिलना प्राथमिकता है, भले ही इसके लिए अस्थायी व्यवस्था कुछ और समय तक चलानी पड़े। मौतों के बाद लोगों में भय का माहौल भागीरथपुरा में गंदे पानी से हुई मौतों के बाद इलाके में भय का माहौल अब भी बना हुआ है। लोग टैंकर से मिलने वाले पानी को भी उबालकर पीने को मजबूर हैं। जिन इलाकों में सीमित जलप्रदाय शुरू किया गया था, वहां भी रहवासी नल का पानी पीने से कतरा रहे हैं। कई परिवारों ने आरओ सिस्टम लगवा लिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक पानी की जांच रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से नहीं दी जाती और निगम खुद पानी को सुरक्षित घोषित नहीं करता, तब तक वे नल का पानी इस्तेमाल नहीं करेंगे। निगम ने जारी किए टेंडर नगर निगम अधिकारियों के अनुसार पहले पानी की टेस्टिंग सीमित पैमाने पर की जाती थी, लेकिन भागीरथपुरा की घटना से यह साफ़ हो गया कि वार्ड लेवल पर मॉनिटरिंग ज़रूरी है. इसलिए कॉर्पोरेशन ने एक प्राइवेट एजेंसी के ज़रिए पानी की टेस्टिंग और वॉटर ऑडिट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए टेंडर जारी किया जा चुका है. दूषित पानी से खौफ में लोग इस बीच चंदन नगर और ग्रीन पार्क जैसी शहर की दूसरी कॉलोनियों में भी दूषित पानी की खबरों से निवासियों में डर का माहौल बन गया है. लोग अब नगर निगम के पानी की सप्लाई पर भरोसा करने के बजाय पीने से पहले नल के पानी को उबाल रहे हैं या अपने घरों में महंगे RO सिस्टम लगवा रहे हैं. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए नगर निगम ने प्रभावित इलाकों का दौरा करने और पानी के सैंपल इकट्ठा करने के लिए खास टीमें भेजी हैं. इस कदम का मकसद न सिर्फ तुरंत राहत देना है, बल्कि यह इंदौर के पानी वितरण सिस्टम को स्थायी रूप से सुरक्षित करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल है.  वार्ड स्तर पर होगी तुरंत जांच, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई निगम अधिकारियों का कहना है कि 85 वार्डों में वाटर टेस्टिंग लैब शुरू होने के बाद किसी भी क्षेत्र से गंदे पानी की शिकायत आने पर तुरंत सैंपल लेकर जांच की जा सकेगी। इससे दूषित पानी की समस्या को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सकेगा और भागीरथपुरा जैसी घटना की पुनरावृत्ति नहीं होगी। गंदे पानी की शिकायतों पर निगम की टीमें मैदान में भागीरथपुरा में 31 मौतों के बाद शहरभर में गंदे पानी को लेकर डर का माहौल है। चंदननगर, ग्रीन पार्क सहित कई कॉलोनियों के रहवासी निगम कार्यालय पहुंचे और गंदे पानी की परेशानी बताई। निगम ने इन शिकायतों के निराकरण के लिए विशेष टीमें गठित की हैं। अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि जिन इलाकों से शिकायतें मिल रही हैं, वहां खुद मौके पर पहुंचकर जांच की जाए और लापरवाही किसी भी हाल में न हो। कुएं-बावड़ियों में भी गंदगी, पंचम की फैल में दो कुएं बंद शहर के कई इलाकों में वर्षों पुराने कुएं-बावड़ियां भी अब सुरक्षित नहीं रह गई हैं। पंचम की फैल क्षेत्र में तीन पुराने कुओं में से दो कुओं का पानी पूरी तरह खराब हो गया है। रहवासियों के अनुसार, इन कुओं में गंदा पानी आने के साथ लाल कीड़े निकलने लगे, जिसके बाद लोगों ने इनसे पानी लेना बंद कर दिया। शिकायतों के बाद एमआईसी मेंबर नंदकिशोर पहाड़िया ने मामला निगमायुक्त तक पहुंचाया। निरीक्षण के दौरान निगमायुक्त क्षितिज सिंघल खुद मौके पर पहुंचे और रहवासियों से बातचीत की। लोगों ने आशंका जताई कि नालों या जल लाइनों का गंदा पानी कुओं में मिक्स हो रहा है। आयुक्त ने अधिकारियों को पूरे मामले की जांच कर कुओं के संरक्षण और सफाई की कार्रवाई तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

घना कोहरा और बूंदाबांदी के साथ बारिश का अलर्ट, गुना और शाजापुर समेत कई जिलों में सतर्कता जरूरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मौसम ने करवट ले ली है। पश्चिमी विक्षोभ और दक्षिण-पूर्वी हवाओं के सक्रिय होने से कई जिलों में घना कोहरा, ठंडी हवाएं और हल्की बारिश देखी जा रही हैं। शनिवार सुबह ग्वालियर, रीवा और दतिया में सबसे अधिक कोहरा रहा। रीवा में विजिबिलिटी 50-200 मीटर तक रह गई। सतना, भोपाल, उज्जैन, श्योपुर, शाजापुर, सीहोर, रायसेन, देवास, रतलाम, राजगढ़, नर्मदापुरम, धार, गुना, दमोह, जबलपुर, खजुराहो, मंडला, नरसिंहपुर और बालाघाट में मध्यम कोहरा बना रहा। इधर रात के तापमान में बढ़ोतरी हुई है। वहीं दिन में सर्दी का असर बढ़ा है। बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ज्यादा रहा। छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6 डिग्री दर्ज किया गया। पचमढ़ी-दतिया में 7.8 डिग्री, उमरिया में 7.9 डिग्री, रायसेन में 8.2 डिग्री, सतना में 8.6 डिग्री, मंडला में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री, दमोह में 9.5 डिग्री, नौगांव में 9.6 डिग्री, मलाजखंड में 9.7 डिग्री और सीधी में तापमान 9.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों के दौरान गुना, शाजापुर समेत 8 जिलों में आंधी, बारिश और गरज चमक होने का अलर्ट जारी किया है। शाजापुर में तो हल्की बारिश का दौर शुरू भी हो गया है। इंदौर में भी बूंदाबांदी हुई। मौसम विभाग के अनुसार, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, विदिशा, राजगढ़, शाजापुर में बिजली चमकने के साथ तेज हवा चलने और दोपहर में गुना, राजगढ़, सागर, रायसेन के सांची में हल्की बारिश होने की संभावना है। अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम     1 फरवरी- ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में गरज-चमक और बारिश का अलर्ट है।     2 फरवरी- नीमच, मंदसौर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में बारिश हो सकती है।     3 फरवरी- ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में बारिश का अलर्ट है। गरज-चमक और आंधी का दौर भी बना रहेगा। किसानों के लिए सलाह     खेतों में पानी का निकास सुनिश्चित करें ताकि अल्पकालिक वर्षा से नुकसान न हो।     गेहूं, चना और सरसों की फसल पर तेज हवा और नमी से होने वाले रोगों की निगरानी करें।     बागवानी फसलों में फल झड़ने से बचाने के लिए पौधों को सहारा दें और अनावश्यक गतिविधियों से बचें।     मौसम साफ होने तक सिंचाई स्थगित करें और कटाई हुई फसल को खुले में न छोड़ें। सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव उत्तर भारत में भारी बर्फबारी और बारिश के कारण जेट स्ट्रीम हवाओं की गति बढ़ी। इसका असर मध्य प्रदेश के दिन के तापमान में गिरावट और ठंडी हवाओं के रूप में देखा गया। मौसम विभाग का कहना है कि, जब यह सिस्टम लौटेगा तो ठंड का एक और दौर प्रदेश में आएगा।