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एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन स्थल के रूप में ग्राम केरे को किया जाएगा विकसित

रायपुर, जशपुर जिले को एक प्रमुख इको-पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की उपस्थिति में आज मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय बगिया में आयोजित कार्यक्रम में भारत के अग्रणी होमस्टे प्लेटफॉर्म होमस्टेज़ ऑफ इंडिया, छत्तीसगढ़ शासन और जशपुर जिला प्रशासन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। इसके अंतर्गत ग्राम केरे को एक मॉडल सामुदायिक पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ग्राम केरे में तैयार किए गए होमस्टे का शुभारंभ किया गया।   एमओयू के अंतर्गत जशपुर का पहला संगठित होमस्टे ग्राम बनाने की दिशा में कार्य होगा। एक सुव्यवस्थित एवं विस्तार योग्य होमस्टे-आधारित ग्रामीण पर्यटन पारिस्थितिकी तंत्र की स्थापना होगी। इस पहल के माध्यम से स्थानीय परिवारों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, सतत आजीविका को सुदृढ़ किया जाएगा तथा क्षमता निर्माण और कौशल विकास के जरिए युवाओं एवं महिलाओं में उद्यमिता को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इस परियोजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, परंपराओं एवं प्राकृतिक विरासत का संरक्षण एवं संवर्धन करना है, ताकि पर्यटन विकास समावेशी, समुदाय-स्वामित्व वाला और पर्यावरण की दृष्टि से सतत बना रहे तथा क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहे। मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में हुए इस समझौता का ज्ञापन पर कलेक्टर जशपुर श्री रोहित व्यास तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनोद वर्मा और होमस्टेज़ ऑफ इंडिया प्रा. लि. के प्रतिनिधियों ने हस्ताक्षर किए।  अधिकारियों ने बताया कि यह पहल राज्य सरकार की इको-पर्यटन, समावेशी विकास एवं समुदाय-नेतृत्व वाले आर्थिक विकास की परिकल्पना के अनुरूप है। स्थानीय संस्कृति और प्रकृति पर आधारित प्रामाणिक पर्यटन अनुभवों के माध्यम से यह परियोजना जशपुर की पहचान को सशक्त करेगी और उसे राष्ट्रीय स्तर पर मुख्य पर्यटन मानचित्र में स्थापित करने में सहायक होगी।

India–US Defence Bond मजबूत: आर्मी चीफ और अमेरिकी सेना सचिव के बीच रणनीतिक चर्चा

नई दिल्ली यूएस सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी (अमेरिकी सेना सचिव) डैनियल पी. ड्रिस्कॉल व भारतीय थल सेना के प्रमुख जनरल उपेन्द्र द्विवेदी की एक महत्वपूर्ण मुलाकात हुई है। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को और मजबूत करने, मिलिट्री-टू-मिलिट्री सहभागिता को और गहन करने तथा वैश्विक शांति और सुरक्षा के प्रति दोनों सेनाओं की साझा प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने पर व्यापक चर्चा की गई। बैठक में दोनों पक्षों ने भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी से संबंधित कई विषयों पर बातचीत की। भविष्य में सहयोग के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया। गौरतलब है कि दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यासों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, पेशेवर आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण तथा आपसी समन्वय को और प्रभावी बनाने जैसे विषयों पर विशेष जोर देते रहे हैं। अब सेना प्रमुख व अमेरिकी सेक्रेटरी ऑफ द आर्मी की यह मुलाकात दोनों देशों के बीच बढ़ते रणनीतिक एवं रक्षा संबंधों को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुलाकात साझा मूल्यों, आपसी विश्वास और वैश्विक शांति एवं सुरक्षा के प्रति समान दृष्टिकोण पर आधारित है। गौरतलब है कि भारत और अमेरिका रक्षा साझेदारी पर एक ऐतिहासिक समझौता भी कर चुके हैं। कुछ महीने पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीटर हेगसेथ से मुलाकात के दौरान 10 वर्षीय ‘फ्रेमवर्क फॉर द यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप’ पर हस्ताक्षर किए थे। रक्षा मंत्री ने कुआलालंपुर में अपने अमेरिकी समकक्ष पीटर हेगसेथ के साथ यह महत्वपूर्ण बैठक व समझौता किया था। इसके तहत दोनों देशों ने 10 वर्षों के लिए ‘यूएस-इंडिया मेजर डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क’ पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद भारत व अमेरिका के बीच 22वीं मिलिट्री कोऑपरेशन ग्रुप की बैठक भी हुई थी। इस बैठक में इस समझौते से जुड़े विषयों पर आगे की चर्चा हुई। इसमें रक्षा सहयोग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा और संयुक्त प्रशिक्षण जैसे विषय शामिल थे। भारत व अमेरिका के बीच सैन्य सहयोग को मजबूत करने के लिए दोनों देशों के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक 3 व 4 नवम्बर को अमेरिका के हवाई में हुई थी। यह भारत–अमेरिका सैन्य सहयोग समूह की 22वीं बैठक थी। यह भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को और सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। उस बैठक में सैन्य प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास, उभरती प्रौद्योगिकियों का साझा उपयोग, रक्षा उद्योग सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा के प्रति साझा प्रतिबद्धता जैसे विषय शामिल थे। वहीं, बीते दिनों भारतीय नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी अमेरिका यात्रा पर गए थे। यहां उन्होंने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में क्षमता निर्माण के नए अवसरों पर भी विचार किया था। एडमिरल त्रिपाठी की इस यात्रा का उद्देश्य भारतीय नौसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की नौसेना के बीच पहले से प्रगाढ़ और सुदृढ़ समुद्री साझेदारी को और अधिक मजबूत बनाना था। वहीं, बीते नवंबर महीने में ही भारतीय वायुसेना और संयुक्त राज्य अमेरिका की वायुसेना के बीच एक बेहद महत्वपूर्ण द्विपक्षीय वायु अभ्यास को अंजाम दिया गया था। दोनों देशों के इस संयुक्त अभ्यास का उद्देश्य वायु सेनाओं के बीच आपसी समझ, सामरिक सहयोग और अंतरसंचालन क्षमता को बढ़ाना था।

नितिन नबीन में दिखती है नई पीढ़ी की ऊर्जा: मुख्यमंत्री योगी

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन संग प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ सुनी। वृंदावन के अक्षयपात्र में आयोजित कार्यक्रम में दोनों नेता सम्मिलित हुए। मुख्यमंत्री ने पहली बार यूपी के दौरे पर पहुंचे भाजपा अध्यक्ष का ब्रज की धरा पर स्वागत-अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने राधे-राधे, वृंदावन बिहारी लाल, राधा रानी, यमुना मैया, हर-हर महादेव, जय श्रीराम, भारत माता की जय, और वंदे मातरम की गूंज के साथ आध्यात्मिक व राष्ट्रवादी चेतना का संचार करते हुए अपने संबोधन की शुरुआत की। सीएम योगी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन युवा ऊर्जा के प्रतीक हैं। बिहार विधानसभा में पांचवीं बार विधायक के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। संगठन के विभिन्न पदों का निर्वहन करने के उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में भाजपा ने नितिन नबीन को राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में नया दायित्व दिया है। इस दायित्व के पश्चात योगेश्वर श्रीकृष्ण की पावन धरा पर उनका प्रथम आगमन आह्लादकारी क्षण है। सीएम योगी ने कहा कि ब्रज प्राचीन काल से तीर्थ भूमि रही है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, नंदगांव, बलदेव तीर्थ हजारों वर्षों से सनातन धर्मावलंबियों के लिए प्रेरणा हैं। यहां के रज-रज, कण-कण में श्रीकृष्ण, राधा रानी और हजारों वर्षों की विरासत का अंश श्रद्धालु आज भी ढूंढते हैं। उसके साथ तारतम्य स्थापित करने का प्रयास करते हैं। अंत्योदय के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की पावन जन्मभूमि भी मथुरा में पड़ती है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से ब्रज भूमि भारत की आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत के साथ ही विकास के नित नए प्रतिमान स्थापित करते हुए बढ़ रही है। सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ‘बीमारू’ नहीं, बल्कि भारत की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू बनकर संबल बन रहा है। पांच साल से अधिक समय से यूपी रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में है। डबल इंजन सरकार डबल स्पीड के साथ बड़े-बड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर के कार्यों को धरातल पर उतारती है। हर नागरिक को सुरक्षा का अहसास कराती है। गरीब कल्याणकारी योजनाओं के साथ बिना भेदभाव वंचित, नौजवान, किसान, महिलाओं समेत हर तबके को वरीयता के आधार पर शासन की योजना का लाभ दे रही है। डबल इंजन सरकार के माध्यम से यूपी में विकास की योजनाओं को बिना भेदभाव गांव से शहर तक, प्रत्येक जगह प्रभावी ढंग से लागू करने का कार्य देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का नौजवान अब पहचान के लिए मोहताज नहीं है। देश में अब वह कहीं भी जाकर गर्व से कह सकता है कि मैं यूपी का नागरिक हूं। एक समय था, जब यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा किया गया था, लोग यहां की विरासत को कोसते थे, हमें अपमानित करते थे, बीमारू राज्य होने के कारण हमारे बारे में लोगों का दृष्टिकोण भिन्न था, लेकिन यूपी अब बीमारू नहीं है। देश के विकास के अभियान में जुड़कर यहां के युवा, किसान व आधी आबादी भी कार्य कर रही है। यह भाजपा के प्रति आमजन के विश्वास का प्रतीक है। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के मार्गदर्शन, प्रेरणा व नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने पिछले 9 वर्ष में विकास के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि इस गति को और तेजी से बढ़ाने के लिए यूपी का एक-एक कार्यकर्ता प्राणप्रण से जुटकर वर्तमान व भावी भविष्य के निर्माण में योगदान देगा।

गणतंत्र दिवस पर 982 कर्मियों को मिलेगा वीरता और सेवा मेडल, CBI अधिकारी भी सम्मानित

नई दिल्ली गणतंत्र दिवस 2026 के मौके पर केंद्र सरकार ने गैलेंट्री अवॉर्ड और सेवा मेडल की घोषणा की है। इस बार पुलिस, फायर ब्रिगेड, होमगार्ड, सिविल डिफेंस और करेक्शनल सर्विस से जुड़े कुल 982 कर्मियों को उनके बेहतरीन काम के लिए सम्मानित किया जाएगा। इनमें 125 वीरता पदक शामिल हैं। सबसे ज्यादा 45 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर में तैनात जवानों को मिले हैं। इसके बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में तैनात 35 और पूर्वोत्तर भारत में तैनात 5 कर्मियों को वीरता पदक दिया गया है। फायर ब्रिगेड के 4 जवानों को भी जान जोखिम में डालकर किए गए काम के लिए यह सम्मान मिला है। आरजी कर केस की जांच करने वाले CBI अधिकारी को सम्मान इन 982 पुरस्कारों में 101 प्रेसिडेंट मेडल और 756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल भी शामिल हैं। सबसे ज्यादा 33 वीरता पदक जम्मू-कश्मीर पुलिस को मिले हैं। इसके बाद महाराष्ट्र पुलिस को 31, उत्तर प्रदेश पुलिस को 18 और दिल्ली पुलिस को 14 मेडल दिए गए हैं। केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में केवल CRPF को 12 वीरता पदक मिले हैं। वहीं CBI के 31 अधिकारियों को प्रेसिडेंट और मेरिटोरियस मेडल से सम्मानित किया गया है। इनमें आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर केस की जांच करने वाले CBI के जॉइंट डायरेक्टर वी. चंद्रशेखर भी शामिल हैं। उन्होंने इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच में अहम भूमिका निभाई थी। किसे कितने मेडल मिले     125 वीरता पदक: 121 पुलिस कर्मी और 4 फायर ब्रिगेड कर्मी     101 प्रेसिडेंट मेडल: 89 पुलिस, 5 फायर ब्रिगेड, 3 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 4 करेक्शनल सर्विस     756 मेरिटोरियस सर्विस मेडल: 664 पुलिस, 34 फायर ब्रिगेड, 33 सिविल डिफेंस/होमगार्ड और 25 करेक्शनल सर्विस जानिए इन अवॉर्ड्स का मतलब वीरता पदक उन कर्मियों को दिया जाता है, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की जान-माल बचाई हो या अपराध रोकने में असाधारण साहस दिखाया हो। प्रेसिडेंट सेवा मेडल लंबे समय तक बेहतरीन और अनुकरणीय सेवा के लिए दिया जाता है। मेरिटोरियस सर्विस मेडल ईमानदारी और निष्ठा के साथ की गई उत्कृष्ट सेवा के लिए दिया जाता है।  

अब WhatsApp पर मिलेगा पंचायत सेवा का पूरा अनुभव, सरकार ने लॉन्च किया PANCHAM

नई दिल्ली  डिजिटल इंडिया की मुहिम अब शहर की तंग गलियों से होते हुए गांव-गांव तक तेजी से पहुंच रही है. पंचायत के चक्कर, फाइलों की देरी और जानकारी की कमी के कारण ग्रामीणों को बहुत परेशानी का सामना करना पड़ता था, इसी समस्या को दूर करते हुए सरकार ने ग्रामीणों को बड़ा तोहफा दे दिया है. अब ग्राम पंचायत से जुड़े कई काम घर बैठे ही WhatsApp के माध्यम से हो सकेंगे. इसके लिए सरकार ने PANCHAM नाम का खास चैटबॉट लॉन्च कर दिया है जो ग्रामीणों को पंचायत सर्विस, नई योजनाओं और जरूरी जानकारियों से सीधे जोड़ने का काम करेगा. आइए जानते हैं कि क्या है PANCHAM और कैसे काम करता है, साथ ही यह भी जानेंगे कि इससे गांव वालों को क्या-क्या फायदे मिलने वाले हैं? भारत सरकार की केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए जानकारी दी कि पंचम नाम का चैटबॉट लॉन्च कर दिया गया है. इस चैटबॉट के पीछे का मकसद देश की पंचायत व्यवस्था को डिजिटल रूप से मजबूत बनाना है. पंचम को पंचायतों के लिए एक भरोसेमंद डिजिटल सहयोगी के रूप में देखा जा रहा है जो प्रशासनिक कार्यों में मदद देने के साथ साथ जरूरी दिशा-निर्देश और सूचनाएं सरल भाषा में लोगों तक पहुंचाएगा. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यह चैटबॉट पहली बार केंद्र सरकार को देशभर के 30 लाख से ज्यादा निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और पंचायत अधिकारियों से सीधे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ने का भी काम करेगा. इससे पंचायत स्तर पर जानकारी का आदान-प्रदान तेज और ज्यादा प्रभावी होने की उम्मीद है.     PANCHAM एक WhatsApp-आधारित डिजिटल टूल, जो पंचायत से जुड़ी जानकारी सीधे और तुरंत उपलब्ध कराने समर्थ होगा। इसके माध्यम से योजनाओं के अपडेट, प्रशिक्षण सामग्री, सर्वे और पंचायत सेवाओं से जुड़ी जानकारी अब कुछ ही पलों में आसानी से प्राप्त की जा सकेगी। WhatsApp पर इसलिए हुआ लॉन्च PANCHAM चैटबॉट को अभी WhatsApp प्लेटफॉर्म पर शुरू किया गया है, जिससे पंचायत से जुड़े प्रतिनिधि और अधिकारी इसे आसानी से यूज कर सकें. भारत में ज्यादा यूजर्स WhatsApp का इस्तेमाल करते हैं इसलिए इस चैटबॉट को चलाने में किसी तरह की समस्या नहीं होगी. इसका इंटरफेस बहुत ही नार्मल है जिससे यूजर को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होगी और चैटिंग जैसा एक्सपीरियंस मिलेगा. सबसे बड़ी बात यह है कि पंचम के लिए किसी नए ऐप को डाउनलोड या सीखने की जरूरत नहीं है. WhatsApp के जरिए ही पंचायत से जुड़े काम, जानकारी और सहायता पहले से कहीं ज्यादा सरल हो जाएगी. इस काम में करेगा मदद सरकार ने पंचम चैटबॉट को ई-ग्राम स्वराज प्लेटफॉर्म से कनेक्ट किया है और यह पंचायत अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर के आधार पर काम करता है. इसके जरिए ई-ग्राम स्वराज, एलजीडी, जीपीडीपी और पंचायती राज मंत्रालय की बड़ी योजनाओं और पहलों से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी. फिलहाल यह चैटबॉट एआई चैटबॉट्स की तरह जवाब खुद से नहीं बनाएगा बल्कि इसमें पहले से मौजूद और प्रमाणित जानकारी ही दी जाएगी. हालांकि इसमें मौजूद डेटा को समय-समय पर अपडेट किया जाता रहेगा. जिससे आम लोग भी पंचम के जरिए पंचायत सेवाओं, प्रमाण पत्र, सरकारी योजनाओं और जरूरी प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जानकारी सरल तरीके से हासिल कर सकेंगे. 

मन की बात में बोले पीएम मोदी: ‘भारत के युवा हैं दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप्स इकोसिस्टम के हीरो’

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को 'मन की बात' के 130वें एपिसोड के जरिए देशवासियों को संबोधित किया. यह 2026 में पीएम मोदी के मन की बात कार्यक्रम का पहला एपिसोड है. देशवासियों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत के लोग बेहद इनोवेटिव हैं और समस्याओं का समाधान खुद ढूंढ लेते हैं. उन्होंने उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले में स्थानीय लोगों द्वारा की गई पर्यावरण संरक्षण की सफल पहलों का जिक्र कर जन-भागीदारी की ताकत पर जोर दिया. पीएम मोदी ने तमसा नदी के पुनरुद्धार की कहानी सुनाई. उन्होंने कहा कि अयोध्या से निकलकर गंगा में मिलने वाली तमसा नदी कभी स्थानीय लोगों के जीवन की धुरी थी, लेकिन प्रदूषण के कारण इसकी धारा रुक गई थी. लेकिन, आजमगढ़ के लोगों ने एकजुट होकर नदी की सफाई अभियान चलाया, किनारों पर पेड़ लगाए और नदी को नया जीवन दिया. इसी तरह, आंध्र प्रदेश के अनंतपुर में लंबे समय से सूखे की समस्या थी. यहां 'अनंत निरु संकल्प प्रोजेक्ट' के तहत स्थानीय लोगों ने करीब 10 जलाशयों को साफ किया और पुनर्जीवित किया. पीएम मोदी ने कहा कि इससे न केवल जल संरक्षण हुआ, बल्कि ग्रीन कवर भी बढ़ा और पूरा इकोसिस्टम निखर उठा. प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि आजमगढ़ हो या अनंतपुर, ये देखकर खुशी होती है कि लोग एकजुट होकर संकल्प लेते हैं. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है. उन्होंने जोर दिया कि ऐसी छोटी-छोटी पहलें बड़े बदलाव लाती हैं और पर्यावरण संरक्षण में जन-भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है. यही हमारे देश की सबसे बड़ी ताकत है. पीएम मोदी ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहार दुनिया भर में अपनी पहचान बना रहे हैं. दुनिया भर में भारत के त्योहार बड़े उत्साह और उल्लास के साथ मनाए जाते हैं. देश के लोग जहां भी हैं, वे अपनी संस्कृति की मूल भावना को संरक्षित कर रहे हैं और उसे आगे बढ़ा रहे हैं. पीएम मोदी ने कहा कि आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि मलेशिया में 500 से ज्यादा तमिल स्कूल हैं. इन स्कूलों में तमिल भाषा की पढ़ाई के साथ ही अन्य विषयों को भी तमिल में पढ़ाया जाता है. इसके अलावा, यहां तेलुगु और पंजाबी सहित अन्य भारतीय भाषाओं पर भी बहुत फोकस रहता है.  'स्टार्टअप इंडिया' के हीरो हमारे युवा साथी हैं: पीएम मोदी इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के युवाओं की प्रशंसा भी की. 'स्टार्टअप इंडिया' के 10 साल की यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप इकोसिस्टम' बन चुका है. 'मन की बात' कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दस साल पहले जनवरी 2016 में हमने एक महत्वपूर्ण सफर शुरू किया. तब हमें इस बात का एहसास था कि भले ही ये एक छोटा क्यों ना हो, लेकिन ये युवा पीढ़ी और देश के भविष्य के लिए काफी अहम है. यह 'स्टार्टअप इंडिया' की यात्रा है और इस अद्भुत यात्रा के 'हीरो' हमारे युवा साथी हैं. पीएम मोदी ने कहा कि भारत में दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' बना. ये 'स्टार्टअप्स इकोसिस्टम' लीक से हटकर हैं. वे ऐसे सेक्टर में काम कर रहे हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले तक कल्पना भी नहीं की जा सकती थी. एआई, स्पेस, न्यूक्लियर एनर्जी, सेमीकंडक्टर, मोबिलिटी, ग्रीन हाइड्रोजन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में न कोई भारतीय स्टार्टअप काम करते हुए दिखेगा. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मैं अपने उन सभी युवा-साथियों को सेल्यूट करता हूं, जो किसी-न-किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या फिर अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं. पीएम मोदी ने 'मन की बात' के माध्यम से देशवासियों, खासकर इंडस्ट्री और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं से आग्रह करते हुए कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है. भारत पर दुनिया की नजरें हैं. ऐसे समय में हम सब पर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी भी है. वह जिम्मेदारी है गुणवत्ता पर जोर देने की. इस वर्ष हम पूरी ताकत से गुणवत्ता को प्राथमिकता दें. उन्होंने आगे कहा कि हम सबका एक ही मंत्र हो, 'गुणवत्ता, गुणवत्ता और सिर्फ गुणवत्ता. हम जो भी उत्पादन कर रहे हैं, उसकी गुणवत्ता को बेहतर बनाने का संकल्प लें. हमारे टेक्सटाइल, टेक्नोलॉजी और इलेक्ट्रॉनिक्स, यहां तक ​​कि पैकेजिंग भी, भारतीय उत्पाद का मतलब 'उच्च गुणवत्ता' होना चाहिए. 

माइनस 48 डिग्री ठंड और बर्फ की सुनामी, अमेरिका के 18 राज्य जूझ रहे अंधेरे में

न्यूयॉर्क: अमेरिका इन दिनों मानो किसी हॉलीवुड डिजास्टर फिल्म का सेट बना हुआ है, जहां आसमान से गिरती बर्फ, सड़कों पर जमी मोटी आइस की परत और हवा में सिहरन का ऐसा आतंक कि 13,000 से ज्यादा उड़ानें आसमान में उड़ने से पहले ही ठंड की कैद में थम गईं. यह बर्फीला तूफान न सिर्फ पेड़ों को ताश के पत्तों की तरह गिरा दे रहा है बल्कि बत्ती भी गुल कर दे रहा है, जिस वजह से लोग अंधेरे में रहने को मजबूर है. तूफान का असर इतना भयंकर है कि करोड़ों अमेरिकियों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी जमाकर रख दे रहा है. अमेरिका में बर्फीले तूफान से तबाही अमेरिका में एक विशाल और खतरनाक विंटर स्टॉर्म ने तबाही मचानी शुरू कर दी है. शनिवार को तूफान ने बिजली, ट्रांसपोर्ट सिस्टम सबकुछ ठप कर दिया. यहां तक कि हजारों उड़ानें रद्द कर दी गईं और कई राज्यों में बिजली गुल हो गई. मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 2,300 मील से ज्यादा क्षेत्र में फैला है और इसका असर 180 मिलियन से अधिक लोगों पर पड़ रहा है, यानी अमेरिका की आधी आबादी से ज्यादा. राष्ट्रपति ट्रंप ने किया इमरजेंसी का ऐलान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार तक 1 दर्जन राज्यों के लिए इमरजेंसी की घोषणा को मंजूरी दे दी थी और आगे भी और राज्यों के लिए इसकी घोषणा होने की उम्मीद है। गृह सुरक्षा सचिव क्रिस्टी नोएम ने बताया कि संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी ने कई राज्यों में आवश्यक सामग्री, कर्मचारी और खोज एवं बचाव दल तैनात कर दिए हैं। नोएम ने कहा कि हम बस यही अपील करते हैं कि सभी लोग समझदारी दिखाएं और अगर संभव हो तो घर पर ही रहें। बर्फ, बारिश से नहीं बची कोई जगह नेशनल वेदर सर्विस ने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में तापमान बेहद कम रहेगा और बर्फ जल्दी नहीं पिघलेगी. जिससे राहत और बहाली के कार्यों में देरी होगी. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार तक कम से कम दर्जनभर राज्यों में आपातकाल की मंजूरी दे दी है. FEMA ने कई राज्यों में राहत सामग्री, खोज व बचाव दल और अतिरिक्त स्टाफ पहले ही तैनात कर दिया है. होमलैंड सिक्योरिटी की सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि कृपया घर पर रहें, अनावश्यक यात्रा बिल्कुल न करें. टेक्सास, लुइजियाना में पावर बत्ती गुल, पेड़‑तार टूटकर गिरे पावरआउटेज.us के अनुसार शनिवार तक तूफान से प्रभावित क्षेत्रों में 120,000 से ज्यादा घरों में बिजली कट गई. टेक्सास और लुइजियाना में ही लगभग 50,000 लोग प्रभावित हुए. टेक्सास के शेल्बी काउंटी में बर्फ के भार से पेड़ टूटे और बिजली की लाइनें गिर गईं. 13,000 उड़ानें रद्द – महामारी के बाद सबसे खराब स्थिति FlightAware के अनुसार शनिवार और रविवार को मिलाकर 13,000 से ज्यादा उड़ानें रद्द की गईं. यह संख्या कोविड‑19 महामारी के बाद एक दिन में सबसे ज्यादा रद्द उड़ानों में से है. सबसे ज्यादा प्रभावित एयरपोर्ट:     ओक्लाहोमा सिटी — शनिवार की सभी उड़ानें रद्द, रविवार सुबह की उड़ानें भी बंद     डलास–फोर्ट वर्थ — 700 से ज्यादा उड़ानें रद्द     शिकागो, अटलांटा, नैशविल, शार्लोट — भारी व्यवधान     वॉशिंगटन D.C. — रविवार की लगभग सभी उड़ानें पहले ही रद्द कर दी गईं पूर्वी और दक्षिणी राज्यों में अलर्ट: “48 घंटे घर से न निकलें” जॉर्जिया में अधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि लोग 48 घंटे तक घरों में रहें. राज्य के प्रमुख मौसम विज्ञानी विल लैंक्सटन ने कहा कि यह दशक का सबसे बड़ा आइस स्टॉर्म हो सकता है… बर्फ जैसा नहीं, आइस सबसे खतरनाक होती है. राज्य में हाईवे पर नमक‑पानी (brine) डालने का काम रात भर चलता रहा, लेकिन अधिकारी बोले कि इस दौरान सड़कों को सुरक्षित रखना बहुत मुश्किल होगा. उत्तर‑पूर्व में एक फुट से ज्यादा बर्फ की भविष्यवाणी तूफान अब उत्तर‑पूर्व की ओर बढ़ रहा है. न्यूयॉर्क सिटी के मेयर ज़ोहरन ममदानी ने कहा कि इस मौसम में कृपया बाहर न निकलें… कोई जोखिम न लें. गर्म कपड़े पहनें और घर पर ही रहें.     टेक्सस में पारा –24°C तक गिरा- अमेरिका के कई राज्यों में रिकॉर्ड‑तोड़ ठंड दर्ज की गई, जिसमें टेक्सस में विंड चिल माइनस 24 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया.     कई राज्यों में इमरजेंसी का ऐलान- राष्ट्रपति और गवर्नर्स ने हालात को देखते हुए दर्जनभर से अधिक राज्यों में आपातकाल घोषित किया.     14 करोड़ से ज्यादा अमेरिकी तूफान की चपेट में- लगभग 140 मिलियन (14 करोड़) लोग इस बर्फीले तूफान और आइस‑स्टॉर्म के मार्ग में हैं.     9,000 से अधिक फ्लाइटें रद्द- देशभर में 13000 उड़ानें रद्द हुईं, कुछ एयरपोर्ट्स पर सभी उड़ानें बंद करनी पड़ीं     आइस स्टॉर्म का असर तूफान जैसा- बिजली गुल, कई राज्यों में 68,000 से अधिक पावर आउटेज दर्ज हुए, सबसे ज्यादा प्रभावित टेक्सस और लुइजियाना.     सड़कों पर खतरनाक स्थिति- राजमार्ग बंद, बर्फीली सड़कें, गिरते पेड़ और आइस के कारण कई राज्यों में रोड शटडाउन करना पड़ा.     पूर्वोत्तर में 30 सेमी तक बर्फबारी- वॉशिंगटन D.C. से बोस्टन तक 1 फुट (30 सेंटीमीटर) तक बर्फ गिरने की भविष्यवाणी     स्कूल–चर्च–इवेंट्स बंद- कई शहरों में स्कूल, चर्च सर्विसेज, म्यूज़िक शोज़ और परेड रद्द या ऑनलाइन कर दिए गए मिडवेस्ट में –40°C तक की ठंड, प्रदर्शनकारी भी जमे मिडवेस्ट के कई राज्यों में तापमान माइनस 40°C तक गिर गया, जहां 10 मिनट में ही फ्रॉस्टबाइट हो सकता है. विस्कॉन्सिन के राइनलैंडर में –38°C तापमान दर्ज हुआ, जो 30 वर्षों में सबसे कम है. मिनियापोलिस में ICE के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोग –21°C में भी सड़कों पर डटे रहे. स्कूल और कार्यक्रम रद्द, चर्च ऑनलाइन, परेड बंद फिलाडेल्फिया और ह्यूस्टन में सोमवार को स्कूल बंद किए गए. UNC Chapel Hill और University of Mississippi ने भी क्लास कैंसिल कर दी. नैशविल में Grand Ole Opry शो बिना दर्शकों के हुआ. जबकि लुइजियाना में मार्डी ग्रास परेड रद्द कर दी गई. यह तूफान इतना अनोखा क्यों है? NOAA के मौसम विज्ञानी जॉश वीस के अनुसार, यह तूफान दो कारणों से एकदम अलग है, क्योंकि इसका दायरा बहुत विशाल है, ये तूफान 2,000 मील से ज्यादा के एरिया को चपेट में लेगा. सिर्फ … Read more

पद्म पुरस्कार 2026 के विजेताओं की सूची जारी, इन नायकों को मिलेगा सम्मान

 नई दिल्ली     नई दिल्ली पद्म पुरस्कार 2026 की घोषणा हो गई है और इसे लेकर एक शुरुआती सूची भी सामने आई है. सूत्रों के मुताबिक, यह प्रारंभिक सूची ऐसे नायकों की है, जिन्हें इस साल पद्म पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की तैयारी है. हालांकि पूरी और आधिकारिक सूची सरकार की ओर से शाम को जारी की जाएगी. सूत्रों के अनुसार, इस शुरुआती सूची में साहित्य, शिक्षा, समाजसेवा, चिकित्सा, कला और जनकल्याण से जुड़े कई नाम शामिल हैं. इनमें साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए अंके गौड़ा के अलावा ब्रजलाल भट्ट, बुधरी ताती, भगवान दास रायकवार, धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या, डॉ. श्याम सुंदर, चरण हेम्ब्रम और के. पाजनिवेल जैसे नाम शामिल हैं. सूची में शामिल ये प्रमुख नाम सूत्रों के मुताबिक, पद्म श्री 2026 के लिए जिन नामों की चर्चा है, उनमें तमिलनाडु से डॉ. पुन्नियामूर्ति नटेसन, राजस्थान से गफरुद्दीन मेवाती, महाराष्ट्र से डॉ. आर्मिडा फर्नांडिस और भिकल्या लाडक्या ढिंडा, उत्तर प्रदेश से चिरंजी लाल यादव, तेलंगाना से डॉ. कुमारस्वामी थंगराज और जम्मू-कश्मीर से डॉ. पद्मा गुरमेट शामिल हैं. पद्म पुरस्कार 2026 की पूरी और अंतिम सूची भारत सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर शाम को जारी की जाएगी. यहां देखें पूरी लिस्ट: अंके गौड़ा आर्मिडा फर्नांडिस भगवान दास रायकवार भिकल्या लाडक्या ढिंडा बृजलाल भट्ट बुधरी ताती चरण हेम्ब्रम चिरंजी लाल यादव धार्मिक लाल चुन्नी लाल पांड्या गफरुद्दीन मेवाती जोगी हैली वार इंदरजीत सिंह सिद्धू के. पाजनिवेल कैलाश चंद्र पंत खेम राज सुंद्रियाल कोल्लक्कायिल देवकी अम्मा जी कुमारस्वामी थंगराज महेंद्र कुमार मिश्रा मीर हाजीभाई कासंभाई मोहन नगर नरेश चंद्र देव वर्मा निलेश विनोदचंद्र मंडलेवाला नूरुद्दीन अहमद ओथुवार तिरुथानी स्वामिनाथन पद्मा गुरमेट पोखिला लेकथेपी पुन्नियामूर्ति नटेसन आर. कृष्णन रघुपत सिंह रघुवीर तुकाराम खेड़कर राजस्थापति कालीअप्पा गौंडर रामा रेड्डी मामिडी रामचंद्र गोडबोले और सुनीता गोडबोले एस. जी. सुशीला अम्मा सांग्युसांग एस. पोंगेनर शफी शौक श्रीरंग देवबा लाड श्याम सुंदर सिमांचल पात्रो सुरेश हनगावड़ी तगा राम भील तेची गुबिन तिरुवारूर भक्तवत्सलम विश्व बंधु युमनाम जात्रा सिंह

लालू की छाया में तेजस्वी की ताजपोशी! मंगनी लाल मंडल ने किया RJD के नए कार्यकारी अध्यक्ष का ऐलान

पटना तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुन लिया गया है। पटना में राजद के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की आज अहम बैठक हुई। इस बैठक में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत पार्टी के लगभग सभी बड़े नेता मौजूद थे। बैठक के दौरान राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने इसक ऐलान किया। पटना के एक होटल में राजद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में इसका प्रस्ताव भोला यादव ने रखा। लालू प्रसाद के निर्देश पर रखे गये गये इस प्रस्ताव पर कार्यकारिणी के सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया। लालू प्रसाद के अस्वस्थता को देखते हुए पार्टी ने पहली बार कार्यवाहक अध्यक्ष चुना है। तेजस्वी को अध्यक्ष की सभी शक्तियाँ दी गई है।   एक राजद नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बैठक में मौजूद लगभग सभी नेताओं की मांग थी कि तेजस्वी यादव को अब जिम्मेदारी सौंपी जाए। पार्टी नेताओं का कहना था कि तेजस्वी यादव ही अब बिहार तथा राजद के भविष्य हैं। इसके बाद तेजस्वी यादव को सर्वसम्मति से पार्टी का नया कार्यकारी बॉस चुना गया। लालू प्रसाद यादव ने इसका सर्टिफिकेट तेजस्वी यादव को सौंपा है। राजद ने पार्टी के सोशल मीडिया अकाउंट पर ट्वीट कर तेजस्वी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने की सूचना साझा करते हुए राजद में एक नये युग के शुरू होने की बात कही है। पिछले वर्ष बिहार विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने अपनी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक बुलाने का निर्णय लिया था। जिसमें “नेतृत्व संबंधी महत्वपूर्ण फैसले” लिए जाने की संभावना जताई गई थी। जिसके बाद अब तेजस्वी यादव को पार्टी का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बना दिया गया है। बता दें कि वर्ष 1997 में जनता दल से अलग होकर राजद की स्थापना करने वाले लालू प्रसाद पार्टी की स्थापना के बाद से ही शीर्ष पद पर बने हुए हैं। हालांकि उनकी सर्वोच्चता निर्विवाद है, लेकिन पार्टी सूत्रों का मानना था कि 80 वर्ष से अधिक आयु और खराब स्वास्थ्य को देखते हुए संगठन के रोजमर्रा के कामकाज के लिए नेतृत्व की दूसरी पंक्ति की जरूरत है। राजद की इस अहम बैठक में शामिल होने के लिए 20 से अधिक प्रदेशों के प्रदेश अध्यक्ष और राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य शनिवार को ही पटना पहुंच चुके थे। राजद के राष्ट्रीय महासचिव भोला यादव ने कहा था कि 25 जनवरी को होने वाली इस बैठक में देश की वर्तमान स्थिति के साथ ही आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। JDU का तंज तेजस्वी यादव के राजद के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने पर जदयू प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने कटाक्ष किया है। नीरज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि राजद एक परिवार की पार्टी है और परिवार के ही सदस्य को फिर कमान मिला है। तेजस्वी यादव पर 22 मुकदमे चल रहे हैं, ऐसे में उनको पार्टी का अध्यक्ष बनाना दुर्भाग्य की बात है।  

यूक्रेन में बर्फीली ठंड, माइनस 10 डिग्री तापमान में 12 लाख लोग परेशान, रूसी हमले का असर

कीव  यूक्रेन पर रूस के हमले लगातार और भी घातक होते जा रहे हैं. शनिवार तड़के रूस ने यूक्रेन के एनर्जी सिस्टम पर एक और बड़े पैमाने पर हमला किया, जिससे राजधानी कीव समेत देश के कई हिस्सों में जोरदार धमाकों की आवाजें गूंजीं. इस हमले के बाद पूरे यूक्रेन में करीब 12 लाख संपत्तियां बिजली से वंचित हो गईं, जबकि तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस तक गिर चुका है. यूक्रेन के उप प्रधानमंत्री ओलेक्सी कुलेबा ने बताया कि राजधानी कीव में देर रात तक 3,200 से ज्यादा इमारतों में हीटिंग की व्यवस्था ठप हो गई है. सुबह यह संख्या करीब 6,000 थी, जिसे इमरजेंसी मरम्मत के जरिए कुछ हद तक कम किया गया. उन्होंने कहा कि राजधानी में 160 से ज्यादा आपातकालीन टीमें हीटिंग सिस्टम बहाल करने में जुटी हुई हैं. ऊर्जा मंत्री डेनिस श्मिहाल ने बताया कि सिर्फ कीव में ही 8 लाख से ज्यादा घरों में अब भी बिजली नहीं है. वहीं, राजधानी के उत्तर में स्थित चेर्निहिव क्षेत्र में करीब 4 लाख लोग अंधेरे में हैं. उन्होंने कहा कि "दुश्मन" के लगातार हमलों के कारण स्थिति को स्थिर करना बेहद मुश्किल हो गया है. यूक्रेन के कई हिस्से में हीटिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त इन हमलों का असर आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिख रहा है. पहले से ही कई इलाकों में केंद्रीय हीटिंग सिस्टम क्षतिग्रस्त था, जिससे अपार्टमेंट पहले ही ठंडे हो चुके थे. अब नए हमलों ने हालात और खराब कर दिए हैं. यूक्रेन की प्रधानमंत्री यूलिया स्विरीडेन्को ने कहा कि रूस ने राजधानी कीव के साथ-साथ देश के उत्तर और पूर्व के चार अन्य क्षेत्रों को भी निशाना बनाया. उन्होंने बताया कि सरकार तेजी से क्षतिग्रस्त बिजली संयंत्रों की मरम्मत कर रही है, बिजली आयात बढ़ाया जा रहा है और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को भी जोड़ा जा रहा है. रूसी हमले में शख्स की मौत, 30 घायल इस बीच कीव के मेयर विताली क्लिच्को ने बताया कि राजधानी में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं, जिनमें से तीन को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. वहीं यूक्रेन के दूसरे बड़े शहर खारकीव में 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं, जिनमें एक बच्चा भी शामिल है. गौरतलब है कि ये हमले ऐसे समय में हुए हैं जब अमेरिका की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच संयुक्त अरब अमीरात में बातचीत चल रही है. हालांकि दो दिन की वार्ता के बाद भी किसी समझौते के संकेत नहीं मिले हैं और अगले सप्ताह फिर बातचीत होने की संभावना है.