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बरसाना होली उत्सव का कार्यक्रम जारी, 24 फरवरी लड्डू और 25 को लठामार होली

मथुरा विश्व प्रसिद्ध बरसाना की होली का कार्यक्रम तय हो चुका है। 24 फरवरी से 26 फरवरी तक बरसाना और नंदगांव राधा-कृष्ण प्रेम की जीवंत लीला के साक्षी बनेंगे। श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से उत्सव का शुभारंभ होगा। अगले दिन राधारानी के आंगन में लाठियों की गूंज उठेगी और तीसरे दिन नंदगांव में प्रेम रस की लीला होगी। देश-विदेश के श्रद्धालु इस दिव्य उत्सव में शामिल होंगे।   बरसाना की होली केवल तीन दिनों का पर्व नहीं, बल्कि चालीस दिवसीय परंपरा है। वसंत पंचमी पर श्रीजी मंदिर में होली का डांडा गढ़ते ही उत्सव शुरू हो जाता है। मंदिर में समाज गायन फाल्गुन पूर्णिमा तक चलता है और महाशिवरात्रि को लठामार होली की प्रथम चौपाई निकलते ही राधारानी के आंगन की लीला का विधिवत शुभारंभ हो जाता है। बरसाना-नंदगांव की लठामार होली कोई साधारण उत्सव नहीं, बल्कि विक्रम संवत 1569 से चली आ रही भक्ति और प्रेम की परंपरा है। रसिक संत नारायण भट्ट द्वारा शुरू की गई यह लीला आज भी उसी उल्लास और मर्यादा के साथ निभाई जाती है।   कार्यक्रम के अनुसार, 24 फरवरी को लड्डू होली के साथ फाल्गुन महोत्सव अपने मुख्य चरण में प्रवेश करेगा। प्रसाद हाथों में पड़ते ही फाग की तान गूंज उठेगी और पूरा धाम गुलाल में रंग जाएगा। 25 फरवरी को बरसाना की लठामार होली होगी। रंगीली गली में हुरियारिन घूंघट ओढ़े लाठियां थामेंगी। नंदगांव के हुरियारे ढाल सजाकर राधा के आंगन में पहुंचेंगे। पहली लाठी की थाप के साथ जय राधे का उद्घोष गूंजेगा। 26 फरवरी को यही लीला नंदगांव में सजेगी। बरसाने की गोपियां नंदगांव की गलियों में फाग गीतों, ढोल-नगाडों की धुन पर थिरकेंगी। उधर, श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को लेकर मंदिर सेवायत, आयोजन समितियां और प्रशासन तैयारियों में जुट गए हैं।   मंदिर सेवायत रास बिहारी गोस्वामी ने बताया कि वसंत पंचमी पर श्रीजी मंदिर में होली का डांडा गढ़ते ही चालीस दिवसीय होली उत्सव की शुरुआत होती है। इसी दिन से मंदिर में समाज गायन चलता है और महाशिवरात्रि को प्रथम चौपाई निकलते ही लठामार होली शुरू होती है। ब्रजाचार्य पीठ के प्रवक्ता घनश्याम भट्ट ने कहा कि लठामार होली राधा-कृष्ण प्रेम की परंपरा को दर्शाती है।

कोटा में PM मोदी, पूर्व CM गहलोत, अमिताभ बच्चन समेत 50 मूर्तियों वाला अनूठा मंदिर

कोटा. देशभर में देवी-देवताओं के मंदिर बहुत हैं, लेकिन शिक्षा नगरी कोटा में नयापुरा स्थित कर्मयोगी भारत माता भवन में एक ही स्थान पर न सिर्फ देवी-देवताओं और आराध्यों के दर्शन होंगे, बल्कि संतों, महापुरुषों, नेताओं, अभिनेताओं और खेल व कला जगत से जुड़ी हस्तियों के भी दर्शन किए जा सकेंगे। सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मयोगी सेवा संस्थान ने देश के महापुरुषों का विशेष ‘मंदिर’ तैयार किया है। इसमें देवी-देवताओं समेत करीब 50 मूर्तियों की स्थापना की गई है। इनमें भारत रत्न सम्मानित विभूतियां, विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियों के माध्यम से विश्वभर में देश का मान बढ़ाने वाले महापुरुष, देश की आजादी में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले क्रांतिकारी, शिक्षा नगरी के विकास में योगदान देने वाले जनप्रतिनिधि, क्रिकेट के भगवान, स्वर कोकिला, आजादी के नायक और सदी के महानायक तक शामिल हैं। चार मंजिला कर्मयोगी भवन में वर्ष 2023 में तीन प्रतिमाओं की स्थापना से इसकी शुरुआत की गई थी। संस्थान के संस्थापक राजाराम जैन ‘कर्मयोगी’ का मानना है कि संभवतः ऐसा कोई अन्य भवन नहीं है, जहां एक ही स्थान पर इतनी विविध हस्तियों की मूर्तियों की स्थापना की गई हो। भारत के ये नौ रत्न भवन के अलग-अलग भागों में देश की पहली महिला प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न इंदिरा गांधी, पं. जवाहरलाल नेहरू, लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल, पूर्व राष्ट्रपति व वैज्ञानिक डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, डॉ. भीमराव आंबेडकर, राजीव गांधी, स्वर कोकिला लता मंगेशकर, सचिन तेंदुलकर और मदर टैरेसा की मूर्तियां स्थापित की गई है। इनके अलावा श्रद्धा व आस्था के प्रतीक भगवान राम, महादेव, हनुमान, देवी दुर्गा, देवी सरस्वती, राधा-कृष्ण, भगवान परशुराम, भगवान देवनारायण, महाराजा अग्रसेन, बाबा रामदेव, तेजाजी महाराज, भगवान झूलेलाल, मीनेश भगवान, महर्षि वाल्मीकि, भगवान महावीर की मूर्तियों की स्थापना की गई है। देशभक्ति भावना के प्रतीक भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, स्वामी विवेकानंद, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सुभाषचंद्र बोस, महात्मा गांधी, लाल बहादुर शास्त्री, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और झांसी की रानी, शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह और खेतसिंह खंगार की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। गायिका लता मंगेशकर, सदी के महानायक अमिताभ बच्चन, साहित्यकार हरिवंश राय बच्चन, मुंशी प्रेमचंद, हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद और क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर की प्रतिमाएं भी मंदिर में स्थापित हैं। शहर व देश के ये गौरव देशभर में कोटा का नाम रोशन करने वाले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, विकास की दृष्टि से कोटा को विशेष पहचान दिलाने वाले पूर्व मंत्री शांति धारीवाल, ‘जादूगर’ के नाम से प्रख्यात पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तथा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रतिमा भी स्थापित की गई है। कर्मयोगी का कहना है कि मोदी के कार्यकाल में कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं, इसी कारण उनकी प्रतिमा यहां स्थापित की गई है। भारत बनेगा कोहिनूर – महात्मा गांधी और सुभाषचंद्र बोस के मध्य 7 फीट ऊंची व 5 फीट चौड़ी भारत माता की आकृति दीवार में उकेरी गई है। प्रतिमा के दोनों ओर शेरमुख बनाए गए हैं। एक हाथ में कोहिनूर दर्शाया गया है, जो यह संदेश देता है कि अब तक ‘सोने की चिड़िया’ कहलाने वाला भारत, आगे चलकर ‘कोहिनूर’ बनेगा। करीब 56 फीट की ऊंचाई पर तीन मूर्तियां स्थापित की गई हैं, जबकि शेष प्रतिमाएं लगभग 50 फीट की ऊंचाई तक स्थापित की गई हैं। इनमें 12 प्रतिमाएं 3-3 फीट ऊंची हैं और शेष 15-15 इंच की हैं। सभी प्रतिमाएं सफेद संगमरमर से तैयार की गई हैं। बड़ी प्रतिमाओं का वजन लगभग 250 किलो और छोटी प्रतिमाओं का वजन 50-50 किलो है। कला, संस्कृति, सद्भाव और देशभक्ति का संदेश संस्थान के कर्मयोगी और अल्का दुलारी का मानना है कि यह मंदिर महापुरुषों द्वारा बताए गए आदर्शों पर चलने के लिए प्रेरित करेगा। साथ ही यह सद्भाव, कला, संस्कृति, अध्ययन और पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। कर्मयोगी बताते हैं कि उनके परिसर में 15 अगस्त और 26 जनवरी का विशेष महत्व है। मंदिर निर्माण के प्रेरक उनके पिता मेवालाल जैन का जन्म, मृत्यु और विवाह 26 जनवरी को हुआ, जबकि दादा श्रीबख्श जैन का जन्म और विवाह 15 अगस्त को हुआ था। इसी कारण 26 जनवरी को मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा। उद्घाटन मां कांता जैन करेंगी।

महाकाल लोक की सुरक्षा के लिए 488 होमगार्ड जवानों की तैनाती, ESB करेगा भर्ती, ट्रांसफर नहीं होंगे

 उज्जैन  उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर में बाबा के दर्शन के लिए उमड़ने वाली लाखों श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने की जिम्मेदारी अब होमगार्ड के जवानों को सौंपी जाएगी. मंदिर परिसर में 488 होमगार्ड जवानों की तैनाती की जाएगी. इन जवानों की भर्ती कर्मचारी चयन मंडल (ESB)  के माध्यम से की जाएगी. मुख्यमंत्री मोहम यादव की घोषणा के बाद महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की 4 विशेष कंपनियों के गठन को राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी है. होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इनकी भर्ती के लिए आधिकारिक प्रस्ताव गृह विभाग को भेज दिया है. इन पदों पर भर्ती राज्य स्तर पर कर्मचारी चयन मंडल के माध्यम के की जाएगी. गृह विभाग जल्द ही ESB को आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी. महाकाल मंदिर के लिए बनेगी होमगार्ड की चार विशेष कंपनियां मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के बाद राज्य सरकार ने श्री महाकालेश्वर मंदिर के लिए होमगार्ड की चार विशेष कंपनियों के गठन को मंजूरी दे दी है। यह पहली बार होगा जब किसी धार्मिक स्थल के लिए अलग से विशेष होमगार्ड कैडर बनाया जा रहा है। होमगार्ड मुख्यालय भोपाल ने इस संबंध में गृह विभाग को आधिकारिक प्रस्ताव भेज दिया है, जिसे जल्द ही अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है। 488 होमगार्ड जवान होंगे तैनात बता दें कि महाकाल लोक कॉरिडोर बनने के बाद मंदिर आने वाले भक्तों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है. औसतन हर दिन एक लाख से ज्यादा भक्त मंदिर आते हैं. इसे देखते हुए मंदिर परिसर की सुरक्षा सुनिश्चित करने और मंदिर आने वाले भक्तों की मदद के लिए 488 होमगार्ड जवान तैनात रहेंगे. इन जवानों को तैनाती से पहले बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी, जिसमें भीड़ को मैनेज करने की तकनीक भी शामिल होगी, ताकि भक्तों को आसानी से और आराम से दर्शन हो सकें. फिलहाल महाकाल मंदिर की सुरक्षा प्राइवेट एजेंसियों के हाथ में है.  कर्मचारी चयन मंडल के जरिए होगी भर्ती प्रक्रिया इन 488 होमगार्ड जवानों की भर्ती राज्य स्तर पर कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से की जाएगी। गृह विभाग जल्द ही ESB को भर्ती का आधिकारिक विज्ञापन जारी करने के निर्देश देगा। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन, परीक्षा और चयन प्रक्रिया शुरू होगी। इस कैडर में चयनित होमगार्ड जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं किया जाएगा। ये जवान अपनी पूरी सेवा अवधि में केवल महाकाल मंदिर, महाकाल लोक और उससे जुड़े क्षेत्रों में ही तैनात रहेंगे। जवानों का कहीं और नहीं होगा ट्रांसफर होमगार्ड के इस स्पेशल कैडर की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन जवानों का ट्रांसफर कहीं और नहीं होगा। ये जवान कॉल ऑफ और कॉल ऑन से मुक्त रहेंगे। होमगार्ड में भर्ती होने वाले ऐसे जवान अपने पूरे सेवाकाल के दौरान केवल महाकाल मंदिर में ही सेवाएं देंगे। इससे उन्हें मंदिर की भौगोलिक स्थिति और सुरक्षा बारीकियों का विशेषज्ञ बनने में मदद मिलेगी। मामले में होमगार्ड के अफसरों का कहना है कि महाकाल मंदिर के लिए होमगार्ड की चार कंपनियों की भर्ती के लिए मंजूरी मिली हैं। 488 पदों पर ESB के जरिए भर्ती होगी। गृह विभाग को विज्ञापन जारी करने के लिए पत्र लिखा है। हर रोज लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं उज्जैन महाकाल लोक बनने के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। यहां हर रोज औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं का आना जाना होता है। इसे देखते हुए यह नई होमगार्ड फोर्स मंदिर परिसर की सुरक्षा के साथ यात्रियों की सहायता के लिए भी मुस्तैद रहेगी। इन जवानों को होमगार्ड को नियुक्ति से पहले बेसिक ट्रेनिंग के साथ ही भीड़ प्रबंधन के गुर भी सिखाए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन हो सकें। अभी महाकाल मंदिर में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों के हवाले है। सुरक्षा में लगने वाले होमगार्ड     कुल पद 488 होंगे।     कुल कंपनियां 4 रहेगी।     हर कंपनी में 122 जवान होंगे।     केवल महाकाल मंदिर, मुख्य परिसर और महाकाल लोक में सेवा देंगे।     जवानों का वेतन महाकाल मंदिर ट्रस्ट देगा     3 शिफ्टों में ड्यूटी लगाई जाएगी।     निजी सुरक्षा व्यवस्था बंद होगी। प्राइवेट एजेंसियों की जगह अब सरकारी सुरक्षा बल फिलहाल महाकाल मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था प्राइवेट एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा रही है। हालांकि बढ़ती भीड़ और सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यह जिम्मेदारी अब सरकारी बल को सौंपने का निर्णय लिया है। होमगार्ड जवानों की तैनाती से सुरक्षा व्यवस्था अधिक भरोसेमंद और जवाबदेह होगी। साथ ही, सरकारी निगरानी में काम होने से पारदर्शिता भी बनी रहेगी। यह फैसला न केवल श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है, बल्कि मंदिर प्रशासन की व्यवस्थाओं को भी मजबूत करेगा।

कोविड के असर से हड्डियों में कमजोरी, डॉक्टरों ने दी गंभीर चेतावनी

इंदौर  इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित नेशनल हिप कोर्स और इंडोकॉन 2026 के दूसरे दिन वैज्ञानिक सत्रों का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य केंद्र हिप प्रिजर्वेशन और कूल्हे से जुड़े जटिल मामलों के आधुनिक उपचार रहे। कॉन्फ्रेंस के ऑर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. हेमंत मंडोवरा और उनकी टीम के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में देश-विदेश के विशेषज्ञों ने हिप फ्रैक्चर और ट्रोकेन्टर एरिया की समस्याओं पर अपने महत्वपूर्ण शोध प्रस्तुत किए। इसमें बताया गया कि कोविड के बाद हिप आर्थराइटिस के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बच्चों और युवाओं की हड्डियां भी गलत जीवनशैली और तकनीक पर अधिक निर्भरता की वजह से कमजोर होती जा रही हैं।  संक्रमण और तकनीकी सत्रों का आयोजन दिन की शुरुआत हड्डी के संक्रमण से जुड़े मॉड्यूल के साथ हुई जिसमें विशेषज्ञों ने माइक्रोब्स की दुनिया और सर्जरी के बाद होने वाले संक्रमणों पर विस्तार से बात की। सत्र के दौरान कृत्रिम जोड़ संक्रमण और फ्रैक्चर से जुड़े संक्रमण के बीच का अंतर समझाते हुए उनके प्रबंधन के सटीक तरीके बताए गए। इसके साथ ही फीमरल नेक और ओस्टियोनेक्रोसिस जैसे विषयों पर लाइव वीडियो और केस स्टडी के माध्यम से नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। युवा मरीजों में बढ़ती कूल्हे की समस्या इंग्लैंड से आए विशेषज्ञ डॉ. अजय मालवीया ने बताया कि कई युवा मरीज हिप जॉइंट में संरचनात्मक असमानता की शिकायत लेकर आ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कूल्हे के जोड़ में बॉल और सॉकेट का तालमेल ठीक नहीं होता है, तो टकराने के कारण आर्थराइटिस का खतरा बढ़ जाता है। ऐसी स्थिति में हिप प्रिजर्वेशन तकनीक काफी कारगर साबित हो रही है क्योंकि यह रिप्लेसमेंट की जरूरत को भविष्य के लिए टाल देती है, जिससे सक्रिय जीवनशैली वाले युवाओं को काफी लाभ मिलता है। पोस्ट-कोविड प्रभावों और जीवनशैली पर चिंता नागपुर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुश्रुत बाभुलकर ने साझा किया कि कोविड के बाद हिप आर्थराइटिस के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वहीं गुजरात के डॉ. कश्यप ने दवाइयों के अनियंत्रित उपयोग और अल्कोहल के सेवन से कूल्हे के जोड़ की रक्त-आपूर्ति पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों की जानकारी दी। दिन के अंत में स्किल लैब में चिकित्सकों को 3-डी आधारित हिप तकनीकों का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया गया। 

सोने और चांदी के रेट में बदलाव: 20, 22, 24 कैरेट का भाव क्या है, चांदी में हफ्तेभर में कितना बदलाव

 नई दिल्ली सोना-चांदी की कीमतों (Gold-Silver Rates) में बीते हफ्तेभर में बड़ा चेंज आया है, जहां सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोना मामूली सस्ता हुआ, तो चांदी का भाव भी टूटा था. वहीं अगर पूरे हफ्ते में दोनों कीमती धातुओं के दाम में उतार-चढ़ाव की बात करें, तो ये महंगी ही हुई हैं. अगर आप सोना-चांदी खरीदने का प्लान कर रहे हैं, तो इनके New Rates जान लेना जरूरी है. बीते पांच कारोबारी दिनों में एमसीएक्स पर सोना 13000 रुपये से ज्यादा महंगा हुआ है. आइए जानते 1 Kg Silver Price के बारे में…  आखिरी दिन फिसला, फिर भी इतना महंगा Gold  मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर चांदी की कीमत में आए साप्ताहिक बदलाव पर नजर डालें, तो बीते 16 जनवरी को 5 फरवरी की एक्सपायरी वाले गोल्ड का वायदा भाव 1,42,517 रुपये था, जो पिछले शुक्रवार को 74 रुपये की गिरावट लेकर 1,55,963 रुपये पर बंद हुआ था. इस हिसाब से कैलकुलेशन करें, तो हफ्ते के पांच कारोबारी दिनों में सोने की कीमत (Gold Price) में 13,446 रुपये प्रति 10 ग्राम का उछाल आया है.  वहीं सोने के हाई लेवल से देखें, तो ये काफी सस्ता मिल रहा है. दरअसल, एमसीएक्स पर गोल्ड का लाइफ टाइम हाई लेवल 1,59,226 रुपये प्रति 10 ग्राम है, जहां से ये अभी भी 3,263 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता मिल रहा है.  चांदी भी महंगी, लेकिन हाई से इतना कम रेट   सोना के बाद बात करें, चांदी की कीमत (Silver Rates) के बारे में, तो इसकी कीमत भी बीते सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को मामूली 99 रुपये फिसलकर 3,34,600 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई. पिछले हफ्ते के पांच कारोबारी दिनों को देखें, तो 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी की वायदा कीमत 16 जनवरी को 2,87,762 रुपये प्रति किलो थी. ऐसे में पांच दिन में 1 Kg Silver Rate में तगड़ा 46,838 रुपये का उछाल आया है.  अगर चांदी के हाई लेवल की बात करें, तो ये कीमती धातु ताबड़तोड़ तेजी के साथ 3,39,927 रुपये प्रति किलोग्राम के लेवल पर जा पहुंची थी और यहां से अभी भी ये सस्ती बनी हुई है. फिलहाल हाई से इसकी कीमत 5,326 रुपये प्रति किलो कम है.  घरेलू मार्केट में कितना बदला Gold-Silver इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट IBJA.Com पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो बीते हफ्तेभर में 10 Gram 24 Karat Gold की कीमत 1,41,593 रुपये प्रति 10 ग्राम से बढ़कर बीते शुक्रवार को 1,54,310 रुपये पर क्लोज हुई थी. ऐसे में घरेलू बाजार में सोना पांच दिन में 12,717 रुपये प्रति 10 ग्राम तक महंगा हुआ है. अलग-अलग क्वालिटी के गोल्ड रेट पर नजर डालें, तो…  क्वालिटी गोल्ड     गोल्ड रेट (प्रति 10 ग्राम) 24 Karat Gold     1,54,310 रुपये/10 ग्राम 22 Karat Gold     1,50,610 रुपये/10 ग्राम 20 Karat Gold     1,37,340 रुपये/10 ग्राम 18 Karat Gold     1,24,990 रुपये/10 ग्राम 14 Karat Gold     99,530 रुपये/10 ग्राम चांदी की धरेलू मार्केट में कीमत पर नजर डालें, तो यहां पर ये भी महंगी हुई है. इसका प्राइस 2,81,890 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 3,17,705 रुपये पर पहुंचकर बंद हुआ. यानी चांदी का भाव 35,815 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ गया.  ज्वेलरी पर GST+Making Charge बता दें कि IBJA की वेबसाइट पर अपलोड किए जाने वाले गोल्ड-सिल्वर रेट्स देशभर में समान होते हैं, लेकिन जब आप ज्वेलरी खरीदने के लिए दुकान पर जाते हैं, तो फिर आपको इसपर लागू जीएसटी के साथ ही मेकिंग चार्ज भी देना होता है. इनके जुड़ने से कीमत में इजाफा भी देखने को मिलता है. Gold Making Charge अलग-अलग शहरों और राज्यों में अलग-अलग हो सकते हैं.

एम्स का नया कदम: CAPE सेंटर शुरू, कैंसर मरीजों को मिलेगा मानसिक और वैज्ञानिक सहयोग

भोपाल  एम्स भोपाल ने कैंसर मरीजों और उनके परिजनों के लिए एक बड़ी और संवेदनशील पहल की है। संस्थान में कैंसर जागरूकता एवं रोगी सशक्तिकरण (CAPE) सुविधा केंद्र की शुरुआत की गई है, जिसका मकसद कैंसर से जुड़े डर, भ्रम और गलतफहमियों को तोड़कर मरीजों को सही जानकारी से सशक्त बनाना है।यह CAPE सेंटर कैंसर के तकनीकी इलाज और मरीज की सामान्य समझ के बीच एक मजबूत सेतु के रूप में काम करेगा। यहां मरीजों को उनकी बीमारी, इलाज के विकल्प, दवाओं के दुष्प्रभाव और जीवनशैली में जरूरी बदलावों की जानकारी सरल और संवेदनशील भाषा में दी जाएगी। डर और तनाव कम करेगा CAPE सेंटर कैंसर का नाम सुनते ही मरीज और उनके परिजन मानसिक दबाव में आ जाते हैं। CAPE सेंटर का मुख्य लक्ष्य इसी डर को खत्म करना है। यहां इलाज की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई जाएगी, ताकि मरीज बिना घबराए सही और समय पर निर्णय ले सकें। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 के उस सिद्धांत को भी मजबूत करती है, जिसमें मरीज को इलाज की प्रक्रिया का केंद्र माना गया है। समय पर जांच से बचेंगी जानें केंद्र का एक अहम उद्देश्य लोगों को समय पर जांच और इलाज के लिए प्रेरित करना है। जानकारी के अभाव में होने वाली देरी कैंसर में जानलेवा साबित होती है। CAPE सेंटर इस देरी को कम कर अनावश्यक मौतों को रोकने में मदद करेगा और देश में बढ़ते कैंसर बोझ को घटाने में सहायक बनेगा। सरल भाषा, वीडियो और दो-तरफा संवाद इस केंद्र की खासियत इसकी कार्यप्रणाली है। यहां जटिल मेडिकल शब्दों के बजाय आम बोलचाल की भाषा का इस्तेमाल होगा। वीडियो, दृश्य-श्रव्य सामग्री और दो-तरफा बातचीत के जरिए मरीज और उनके परिजन खुलकर सवाल पूछ सकेंगे। इलाज के दौरान ही नहीं, बल्कि इलाज के बाद भी यह केंद्र मरीजों के साथ जुड़ा रहेगा। एम्स भोपाल का CAPE सेंटर यह संदेश देता है कि कैंसर केवल बीमारी नहीं, सही जानकारी और भरोसे से लड़ी जाने वाली चुनौती है। एम्स भोपाल के कार्यपालक निदेशक प्रो. (डॉ.) माधवानंद कर के निर्देशन में और सेट (सिमुलेशन, ई-लर्निंग एवं टेलीमेडिसिन) समिति के मार्गदर्शन में इस केंद्र को विकसित किया गया है। इसके निर्माण और योजना में वरिष्ठ संचार विशेषज्ञ श्री बीरेंद्र दास की अहम भूमिका रही। वहीं, सेट समिति के प्रो. (डॉ.) रजनीश जोशी (डीन-अकादमिक), डॉ. संजीव कुमार (चेयरमैन, सेट), डॉ. सैकत दास (सदस्य, सेट एवं सदस्य सचिव, ट्यूमर बोर्ड) और डॉ. गुंजन चौकसे (सदस्य सचिव, सेट) ने इस पहल को जमीन पर उतारने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

यात्रियों को बड़ी सौगात: गणतंत्र दिवस पर शुरू हुईं 12 नई एसी लोकल

मुंबई मुंबई के लाखों लोकल ट्रेन यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। यात्रियों के बीच बढ़ती लोकप्रियता और लगातार बढ़ रही मांग को देखते हुए पश्चिम रेलवे (Western Railway) ने एसी लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का फैसला किया है। आज से मुंबई उपनगरीय खंड में 12 नई एसी लोकल ट्रेन सेवाएं शुरू की जाएंगी। इसके बाद पश्चिम रेलवे पर एसी लोकल ट्रेनों की कुल संख्या 109 से बढ़कर 121 हो जाएगी। खास बात यह है कि ये सभी सेवाएं सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेंगी। भीड़ से मिलेगी राहत, कुल सेवाओं में नहीं होगा बदलाव पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विनीत अभिषेक के अनुसार, एसी ट्रेनों में यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। इसी को ध्यान में रखते हुए मौजूदा 12-डिब्बों वाली नॉन-एसी लोकल ट्रेनों के स्थान पर ये नई एसी सेवाएं शुरू की जा रही हैं। रेलवे ने स्पष्ट किया है कि कुल लोकल सेवाओं की संख्या 1406 ही रहेगी। नई शुरू होने वाली 12 सेवाओं में से 6 अप (चर्चगेट की ओर) और 6 डाउन (विरार/बोरीवली की ओर) में चलेंगी।   नई शुरू की जा रही 12 एसी लोकल ट्रेनों में से 6 अप दिशा और 6 डाउन दिशा में होंगी। अप दिशा में विरार-चर्चगेट और गोरेगांव-चर्चगेट के बीच दो-दो ट्रेनें चलेंगी। इसके अलावा बोरीवली-चर्चगेट और भायंदर-चर्चगेट के बीच एक-एक एसी लोकल सेवा शामिल है। वहीं डाउन दिशा में चर्चगेट-विरार और चर्चगेट-गोरेगांव के बीच दो-दो ट्रेनें, जबकि चर्चगेट-भायंदर और चर्चगेट-बोरीवली के बीच एक-एक एसी लोकल ट्रेन चलाई जाएगी। टाइमटेबल के अनुसार, सुबह और शाम के व्यस्त समय के साथ-साथ दिन के मध्य भी एसी लोकल सेवाएं उपलब्ध रहेंगी, जिससे नौकरीपेशा यात्रियों के साथ-साथ अन्य यात्रियों को भी सहूलियत मिलेगी। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इन अतिरिक्त एसी लोकल ट्रेनों से भीड़ का दबाव कम होगा और यात्रियों को ज्यादा आरामदायक सफर का विकल्प मिलेगा।

Republic Day से पहले किले में तब्दील जम्मू-कश्मीर, जगह-जगह पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती

श्रीनगर जम्मू-कश्मीर में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर रविवार को सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात कर दिए गए हैं। हर वाहन की चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है। जम्मू के एमए स्टेडियम में सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जाएगा, जहां उपराज्यपाल मनोज सिन्हा राष्ट्रीय ध्वज फहराएंगे और परेड की सलामी लेंगे। वहीं श्रीनगर में उप मुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी बख्शी स्टेडियम में गणतंत्र दिवस समारोह की अध्यक्षता करेंगे। जम्मू-श्रीनगर दोनों जगहों पर जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सीआरपीएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, आपदा प्रबंधन, होम गार्ड और स्कूली बच्चों की टुकड़ियाँ पोडियम के सामने मार्च करेंगी। झंडा फहराने और मार्च पास्ट के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम और केंद्रशासित प्रदेश में विकास और प्रगति को दर्शाने वाले कार्यक्रम होंगे। जम्मू और कश्मीर के सभी अन्य जिला मुख्यालयों में भी इसी तरह के समारोह आयोजित किए जाएंगे। केंद्र शासित प्रदेश के 20 जिलों में गणतंत्र दिवस समारोह के सभी स्थानों पर शनिवार को फुल ड्रेस रिहर्सल हुई। श्रीनगर और जम्मू में कई जगहों पर ह्यूमन इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस, ड्रोन से हवाई निगरानी, ​​अस्थायी ड्रॉप गेट, चेकपोस्ट और लोगों की तलाशी और गाड़ियों की चेकिंग की जा रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा को अधिकतम अलर्ट पर रखा गया है और हम गणतंत्र दिवस के मद्देनजर सुरक्षा को लेकर कोई चांस नहीं ले रहे हैं।" देश के 77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रीय उत्सवों का संदेश फैलाने के लिए सभी सरकारी इमारतों, फ्लाईओवर और मुख्य पुलों को रोशन किया गया है। वहीं, दिल्ली में 10 नवंबर 2025 को लाल किले के पास हुए आतंकी हमले के बाद गणतंत्र दिवस समारोह मनाया जा रहा है, जिसमें 12 बेगुनाह नागरिक मारे गए थे और 32 अन्य घायल हो गए थे। जिसे देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि एजेंसी से मिले इनपुट के आधार पर भी कार्रवाई की जा रही है। सेना पूरे इलाकों को अपने कब्जे में लेकर चेकिंग अभियान भी चला रही है। साथ ही कोई भी इनपुट मिलने पर कार्रवाई के लिए भी टीम तैनात की गई है।

बड़ा डेटा ब्रीच: Facebook, Instagram, Gmail यूजर्स सावधान, 14 करोड़ लॉग-इन डिटेल्स लीक

अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। एक बेहद चौंकाने वाले और चिंताजनक मामले में 14 करोड़ से ज्‍यादा यूजरनेम और पासवर्ड लीक हो गए हैं। इसमें जीमेल से लेकर फेसबुक और इंस्‍टाग्राम से लेकर नेटफ्लिक्‍स चलाने वालों की जानकारी शामिल है। यह काम किसी हैकर ने नहीं किया, बल्कि एक साइबर सिक्‍योरिटी रिसर्चर ने इन यूजरनेम और पासवर्ड को इंटरनेट पर बिना सिक्‍योरिटी या एन्‍क्र‍िप्‍शन के ढूंढा है। बताया जाता है कि कुल 96 जीबी डेटा को कोई भी आसानी से देख सकता था। रिसर्चर जेरेमिया फाउलर ने इसका पता लगाया है। अगर आप भी जीमेल, फेसबुक, इंस्‍टाग्राम और नेटफ्लिक्‍स आदि ऐप्‍स चलाते हैं तो फौरन जरूरी काम कर लें, जिनकी जानकारी हम इस आर्टिकल में आपको देने वाले हैं। क‍िन प्‍लेटफॉर्म्‍स का डेटा लीक हुआ है? एक रिपोर्ट के अनुसार, लेटेस्‍ट डेटा ब्रीच में हर बड़ी ऑनलाइन सर्विस के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। इनमें Facebook, Instagram, TikTok, X, Onlyfans, Netflix, HBO Max, Disney Plus, Roblox, Gmail, Yahoo, Outlook के यूजरनेम और पासवर्ड शामिल हैं। जो नहीं जानते उनके लिए बता दें कि Onlyfans एक डेटिंग साइट है, जबकि Roblox भी नेटफ्लिक्‍स की तरह कंटेंट स्‍ट्रीमिंग प्‍लेटफॉर्म है। Gmail, Facebook, Instagram का क‍ितना डेटा लीक? रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 4.8 करोड़ जीमेल अकाउंट, 40 लाख याहू, 15 लाख आउटलुक की लॉगइन डिटेल लीक हुई है। फेसबुक की 1.7 करोड़, Instagram के 65 लाख, TikTok के करीब 8 लाख अकाउंट का डेटा लीक हुआ है। नेटफ्लिक्‍स के 42 लाख अकाउंट की जानकारी लीक हुई है। कई देशों के सरकारी लॉगइन डेटा की जानकारी भी लीक की गई है। हैकर नहीं मैलवेयर से लीक हुआ डेटा रिपोर्ट में बताया गया है कि डेटा को किसी हैकर ने लीक नहीं किया है। इसे ‘इन्फोस्टीलर’ (infostealer) नाम के मैलवेयर से लीक किया गया। इन्‍फोस्‍टीलर बेहद खतरनाक है और किसी भी डिवाइस में चुपके से घुसकर यूजरनेम और पासवर्ड आदि को चुरा लेता है। जानकारी के अनुसार, जेरेमिया फाउलर ने इस डेटाबेस की जानकारी होस्टिंग प्रोवाइडर को दे दी थी, लेकिन इसे बंद होने में एक महीना लग गया। यह पता नहीं चल पाया है कि डेटा कितने लोगों के हाथ लगा हो सकता है। खास बात है कि जब तक डेटा खुला पड़ा था, उसमें चोरी किए गए यूजरनेम-पासवर्ड की संख्‍या बढ़ रही थी क्‍योंकि मैलवेयर लगातार अपने काम में जुटा था और लोगों को जानकारी को अपडेट करता जा रहा था। यूजरनेम-पासवर्ड को कैसे करें सेफ     अपने फोन या अन्‍य डिवाइस जहां ईमेल वगैरह हैं, उसे स्‍कैन करें। मैलवेयर से स्‍कैन करके आप अपनी ड‍िवाइस को सुरक्ष‍ित बनाएं।     अपने फोन में टू फैक्‍टर ऑथेंटिकेशन (2FA) को चालू करें। आप पासवर्ड या बायोमेट्र‍िक्‍स जोड़कर इसे चालू कर सकते हैं।     जीमेल, इंस्‍टाग्राम, नेटफ्लिक्‍स जैसे ऐप्‍स के लिए अलग-अलग पासवर्ड इस्‍तेमाल करें और उन्‍हें बदलते रहें।

देवभूमि का भविष्य उज्ज्वल हो — हिमाचल दिवस पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी बधाई

शिमला हिमाचल प्रदेश में रविवार को गर्व और उत्साह के साथ प्रदेश का स्थापना दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए स्वर्णिम भविष्य की कामना की। राष्ट्रपति भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल ने एक पोस्ट में राष्ट्रपति मुर्मू के हवाले से लिखा, "हिमाचल प्रदेश के 'पूर्ण राज्यत्व दिवस' पर राज्य के सभी निवासियों को मैं हार्दिक बधाई देती हूं। आध्यात्मिक परंपराओं के कारण देवभूमि और शौर्य परंपरा के कारण वीरभूमि कही जाने वाली हिमाचल की धरती पर प्रकृति का असीम वरदान है जो इस राज्य के प्रति अद्भुत आकर्षण उत्पन्न करता है। मुझे विश्वास है कि हिमाचल प्रदेश के कर्मठ निवासी राष्ट्र निर्माण तथा देश की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे। मैं राज्य के सभी लोगों के स्वर्णिम भविष्य की मंगलकामना करती हूं।" इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर अपने एक्स पोस्ट में लिखा, "प्रकृति और संस्कृति की संगमस्थली हिमाचल प्रदेश के अपने सभी परिवारजनों को पूर्ण राज्यत्व दिवस की अनेकानेक शुभकामनाएं। अपनी अद्भुत प्रतिभा और पराक्रम से वे सदैव मां भारती की सेवा करते आए हैं। मैं उनके सुनहरे भविष्य के साथ-साथ इस देवभूमि की समृद्धि की कामना करता हूं।" लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने लिखा, "देव-भूमि’ हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर राज्य के समस्त वासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। हिमालय की गोद में बसा यह प्रदेश समृद्ध प्राकृतिक सौंदर्य, शांत वातावरण, सांस्कृतिक विविधता, अतिथि-भाव से परिपूर्ण जनमानस और गौरवशाली धार्मिक परंपराओं के लिए विश्वभर में विख्यात है। कामना है कि देवभूमि निरंतर प्रगति, समृद्धि और संतुलित विकास के मार्ग पर आगे बढ़े तथा प्रदेशवासी सुख, स्वास्थ्य और खुशहाली के साथ हिमाचल की गौरवशाली पहचान को और सुदृढ़ करें।" भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन ने लिखा, "अतुल्य प्राकृतिक सौंदर्य और गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध देवभूमि हिमाचल प्रदेश के स्थापना दिवस पर समस्त हिमाचलवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं। ईश्वर से प्रार्थना है कि हिमाचल प्रदेश निरंतर विकास, समृद्धि और उन्नति की दिशा में आगे बढ़ता रहे।"