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औद्योगिक इकाइयों की आवश्यक्ताओं के अनुरूप तैयार करें ट्रेंड मैनपॉवरः मुख्यमंत्री

यह समय उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए गोल्डन टाइमः मुख्यमंत्री    मुख्यमंत्री जी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत इंडिया चिप प्रा. लि., एसेंट सर्किट प्रा. लि., अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को औद्योगिक इकाई व बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए प्रदान किया भूमि आवंटन पत्र औद्योगिक इकाइयों की आवश्यक्ताओं के अनुरूप तैयार करें ट्रेंड मैनपॉवरः मुख्यमंत्री   निवेश संबंधी कार्यों को तेज गति, समयबद्ध व पारदर्शी व्यवस्था के साथ आगे बढ़ाएं सभी डवलपमेंट अथॉरिटीः मुख्यमंत्री बेहतरीन कानून व्यवस्था, विश्व स्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी, सुशासन का लाभ उठाएं निवेशकः मुख्यमंत्री    लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र के अंतर्गत इंडिया चिप प्रा. लि., एसेंट सर्किट प्रा. लि., अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को औद्योगिक इकाई व बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए रविवार को भूमि आवंटन पत्र प्रदान किया। निवेशकों ने मुख्यमंत्री जी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए उत्साहित हैं। सरकार व प्राधिकरण की ओर से हरसंभव सहयोग प्राप्त हो रहा है। अन्य प्रदेशों की अपेक्षा यूपी में सबसे तेज गति से विकास कार्यों को बढ़ाया जा रहा है।  मुख्यमंत्री जी ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए धन्यवाद देते हुए उद्यमियों से संवाद स्थापित किया। उन्होंने कहा कि विगत साढ़े 8 वर्षों में उत्तर प्रदेश ने नीति स्थिरता, सुशासन और त्वरित कार्य निष्पादन के माध्यम से अभूतपूर्व औद्योगिक परिवर्तन किया है। आज उत्तर प्रदेश संभावनाओं से आगे बढ़कर ‘परिणामों’ का प्रतीक बन चुका है। यह समय उत्तर प्रदेश में निवेश का गोल्डन टाइम है।  मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ‘उद्योग प्रथम, निवेश प्रथम’ दृष्टिकोण के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश वैश्विक निवेशकों के लिए स्थिर, सुरक्षित व विश्वसनीय गंतव्य के रूप में स्थापित हुआ है। यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के माध्यम से 45 लाख करोड़ रुपये का निवेश प्राप्त हो चुका है, इसमें से 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतर चुके हैं। जल्द ही पांच लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रस्ताव जमीन पर उतारे जाएंगे।  मजबूत सुरक्षा व कानून व्यवस्था के कारण यूपी में निवेशक आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर, बेहतरीन कनेक्टिविटी है। यहां देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क स्थापित है। सिक्सलेन, फोरलेन की इंटर स्टेट कनेक्टिविटी विकसित की गई है। हर जनपद मुख्यालय को फोरलेन से जोड़ा गया है। देश के कुल एक्सप्रेसवे का 55 फीसदी हिस्सा उत्तर प्रदेश में है। उत्तर प्रदेश सर्वाधिक शहरों में मेट्रो का संचालन कर रहा है। दिल्ली से मेरठ के बीच रैपिड रेल संचालित की जा रही है।  उत्तर प्रदेश शीघ्र ही जेवर में अपना पांचवां अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा प्रारंभ करने जा रहा है। यह यात्री परिवहन के साथ ही कार्गो परिवहन के संचालन का भी बड़ा केंद्र होगा।  प्रदेश में निवेश प्रक्रिया को तकनीक के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। निवेशकों की सहायता के लिए 118 उद्यमी मित्र कार्य कर रहे हैं। इंसेंटिव वितरण की कार्रवाई भी समयबद्ध ढंग से बढ़ रही है। विगत वर्षों में तेज निर्णय, सुशासन और पारदर्शी कार्यप्रणाली से यीडा निवेश के बेहतरीन सर्किट के रूप में विकसित हुआ है।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के विजन को आगे बढ़ाने के लिए उत्तर प्रदेश में सेमीकंडक्टर चिप के निर्माण/उत्पादन में निजी क्षेत्रों द्वारा कार्यों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इसमें एचसीएल फॉक्सकॉम-इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड, एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड जैसे निजी क्षेत्रों द्वारा निवेश कार्य को बढ़ाया गया है। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे।   प्रदेश में आई.टी. एवं इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की संभावनाएं तेजी से आगे बढ़ी हैं। इसमें अंबर इंटरप्राइजेज लिमिटेड द्वारा किया जा रहा निवेश महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने कहा कि देश में बनने वाले कुल मोबाइल का 55 प्रतिशत उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है।    मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हमें उद्योग जगत की आवश्यकताओं के अनुरूप उन्हें ट्रेंड मैनपॉवर उपलब्ध कराना होगा। इस दिशा में यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण सक्रिय ढंग से कार्य को आगे बढ़ाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि श्रम सुधार के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है।  मुख्यमंत्री के हाथों इन्हें मिला भूमि आवंटन पत्र मुख्यमंत्री जी के हाथों चार कंपनियों को भूमि आवंटन पत्र मिला। मुख्यमंत्री जी को अधिकारियों ने अवगत कराया गया कि इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड को यीडा में 48 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। इंडिया चिप प्राइवेट लिमिटेड-एचसीएल फॉक्सकॉम का संयुक्त उपक्रम है। इस कंपनी द्वारा सेमीकंडक्टर चिप का उत्पादन किया जायेगा। इस उपक्रम से 3706.15 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।  एसेंट सर्किट प्राइवेट लिमिटेड को सेक्टर-10 में स्थापित इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में 16 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। कंपनी द्वारा 3250 करोड़ का निवेश हो रहा है। जो फ्लेक्सिबल पीसीबी, सेमीकंडक्टर सब्सट्रेट्स का उत्पादन करेगी।  अंबर इंटरप्राइजेज इंडिया लिमिटेड को सेक्टर-08 में 100 एकड़ भूमि का आवंटन किया गया है। कंपनी द्वारा 3532 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। इससे 1500 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। यह कंपनी कॉपर क्लेड लेमिनेट्स, पीसीबी असेंबली, कंप्यूटर इलेक्ट्रॉनिक्स एंड अप्लायंसेज आदि का उत्पादन करेगी।  बोधिसत्व चैरिटेबल ट्रस्ट को मेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए सेक्टर-17ए में 20.50 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इनके द्वारा 532.18 करोड़ का किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में 2,09,421 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई पहली किस्त

दो लाख से अधिक परिवारों का साकार होगा अपने घर का सपना: सीएम योगी प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में 2,09,421 लाभार्थियों के खातों में भेजी गई पहली किस्त यूपी सरकार ने पौने नौ वर्षों में बनाया रिकॉर्ड, 62 लाख परिवारों को मिला अपना घर आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हुआ सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे यूपी आगे बढ़ा : सीएम योगी किसी भी लाभार्थी के साथ किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी न होने का सख्त निर्देश लखनऊ  प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश के 2 लाख 9 हजार 421 स्वीकृत लाभार्थियों के खातों में प्रथम किस्त की धनराशि अंतरित की। राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने इसे गरीब, मध्यम वर्ग और शहरी जरूरतमंदों के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर निकाय में नोडल अधिकारी तैनात कर यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी लाभार्थी के साथ किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी न हो, निर्माण सामग्री समय पर और उचित दर पर मिले तथा किस्तें समयबद्ध जारी हों। सीएम योगी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन एक क्रांति लेकर आया है। लोग अब स्वच्छता से रहने लगे हैं। सरकार ने माफिया को दूर किया और आपने गंदगी को, इससे उत्तर प्रदेश आगे बढ़ गया। आज 2,094 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजी गई है। प्रथम किस्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी को एक लाख रुपये मिलेंगे। 75 प्रतिशत निर्माण पूरा होने पर दूसरी किस्त एक लाख रुपये और अंतिम किस्त 50 हजार रुपये की दी जाएगी। इस तरह प्रत्येक परिवार को कुल ढाई लाख रुपये की सहायता मिलेगी। पीएम मोदी को लिखें धन्यवाद पत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि मौनी अमावस्या के अवसर पर प्रयागराज में अब तक चार करोड़ लोग मां गंगा, मां यमुना और मां सरस्वती की पावन त्रिवेणी में स्नान कर चुके होंगे। इसके साथ अयोध्या, काशी और गढ़मुक्तेश्वर जैसे तीर्थों पर करोड़ों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। ऐसे पावन अवसर पर आवास योजना की पहली किस्त मिलना लाभार्थियों के लिए विशेष सौगात है। मुख्यमंत्री ने सभी लाभार्थियों को बधाई देते हुए उनसे प्रधानमंत्री को धन्यवाद पत्र लिखने का आह्वान किया और विश्वास जताया कि समयबद्ध तरीके से आवास निर्माण पूरा कर प्रदेश को अधिक सशक्त व आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। पहली बार इतनी बड़ी संख्या में पक्के घर का सपना साकार मुख्यमंत्री ने बताया कि सर्वाधिक लाभार्थी वाले जनपदों में गाजियाबाद, बरेली, लखनऊ, गोरखपुर, प्रतापगढ़, अलीगढ़, बिजनौर, कुशीनगर, प्रयागराज, अयोध्या और महाराजगंज शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले पौने नौ वर्षों में प्रदेश में ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में 60 लाख से अधिक परिवारों को आवास का लाभ दिया गया था और आज 2 लाख से अधिक परिवारों के जुड़ने के साथ यह संख्या 62 लाख पहुंच गई है। आजादी के बाद पहली बार इतनी बड़ी संख्या में परिवारों का अपने पक्के घर का सपना साकार हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का परिणाम मुख्यमंत्री ने कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और नेतृत्व का परिणाम है। वर्ष 2017 से 2025 के बीच 17 लाख 66 हजार शहरी परिवारों को आवास दिया गया और आज यह संख्या बढ़कर 19 लाख 75 हजार हो चुकी है। आवास केवल छत नहीं, बल्कि स्वावलंबन की नींव है। आवास के साथ शौचालय, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला गैस, आयुष्मान कार्ड जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने अयोध्या व सोनभद्र के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आवास मिलने के बाद परिवारों ने ई-रिक्शा, डेयरी जैसे कार्य शुरू कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की। पीएम मोदी ने हर गरीब के लिए ये तीनों सुविधाएं प्रदान कर दी हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हम बचपन से सुनते हुए आए हैं – रोटी, कपड़ा और मकान। पीएम मोदी ने हर गरीब के लिए ये तीनों सुविधाएं प्रदान कर दी हैं। रोटी के लिए राशन कार्ड, कपड़े के लिए हर गरीब को रोजगार से जोड़ा जा रहा और मकान के लिए पीएम आवास योजना है। कार्यक्रम को केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने वर्चुअल रूप से संबोधित किया। इस अवसर पर प्रदेश के नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा, राज्य मंत्री राकेश कुमार राठौर, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सदस्य बृजलाल, राज्यसभा सदस्य संजय सेठ, विधायक डॉ. नीरज बोरा, विधायक योगेश शुक्ला, विधान परिषद सदस्य इंजीनियर अवनीश कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और लाभार्थी उपस्थित रहे।

चौंकाने वाला शोध: रात में जागना और मोबाइल की लत कैंसर के जोखिम को बढ़ा रहे

भोपाल  अकसर लोग आजकल रात में अधिक देर तक मोबाइल चलाने और देर रात तक जागते हैं। लेकिन अगर आप भी ऐसे ही लोगों में से एक हैं तो आज से ही अपनी जीवन शैली बदल लीजिए। क्योंकि, मध्य प्रदेश की राजधानी में स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) भोपाल में हालही में हुए एक शोध में चौंकाने वाला तथ्य सामने आए हैं कि, नींद की किसी भी प्रकार की गड़बड़ी सीधे तौर पर कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का आमंत्रण है। शधकर्ता और एम्स के डॉ. अशोक कुमार ने मीडिया से चर्चा के दौरान कहा कि, हमारा शरीर दिन और रात के एक चक्र में काम करने के लिए बना है। यही चक्र हमारी नींद, पाचन, हार्मोन और सबसे खास रोग प्रतिरोधक क्षमता को नियंत्रित करने का काम करता है। देर रात तक जागने, नाइट शिफ्ट में काम करने और अनियमित दिनचर्या से जैविक घड़ी पटरी से उतर जाती है। ये होता है नुकसान अगर ऐसा होता है तो ऐसी स्थिति में शरीर की रक्षा कोशिकाएं 'सुस्त' पड़ जाती हैं, जिसके चलते कैंसर कोशिकाएं हमारी ऊर्जा प्रणाली पर कब्जा कर लेती हैं। धीरे-धीरे कैंसर कोशिकाएं इतनी शक्तिशाली हो जाती हैं कि, हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली उन्हें पहचानने के बावजूद नष्ट करने में असमर्थ रहती है। इंटरनेशनल जर्नल में मिली पहचान, मिला सम्मान डॉ. अशोक कुमार ने यह शोध डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव (केजीएमयू लखनऊ), मनेन्द्र सिंह तोमर और मोहित के सहयोग से पूरा हुआ। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित जर्नल 'स्लीप मेडिसिन रिव्यूज' में प्रकाशित किया गया है। यही नहीं, डॉ. अशोक कुमार को 'बेस्ट पेपर अवार्ड' से भी नवाजा गया है। आमजन को 'सुरक्षा मंत्र' -सोने का समय तय करें। रोज एक तय समय पर सोएं और जागें, ताकि जैविक घड़ी का संतुलन बना रहे। -सोने से 01 घंटे पहले मोबाइल, लैपटॉप और टीवी की स्क्रीन से दूरी बनाएं। -अनियमित खान-पान शरीर के मेटाबॉलिज्म को बिगाड़ता है। समय पर भोजन करें। क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स? इस संबंध में भोपाल एम्स के कार्यपालक निदेशक और सीईओ डॉ. माधवानन्द कर का कहना है कि, नींद और कैंसर के बीच छुपे संबंध पर ये शोध समाज के लिए एक वेकअप कॉल का काम करेगा। यह वैज्ञानिक उपलब्धि न सिर्फ चिकित्सकीय जगत में सबसे मूल्यवान है, बल्कि आम लोगों को ये समझाने में भी कारगर होगी कि, स्वस्थ जीवनशैली ही कैंसर के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में अयोध्या में सरयू नदी पर फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का चल रहा निर्माण

अयोध्या को होली तक मिलेगा फ्लोटिंग पब्लिक बाथ कुंड का तोहफा पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में अयोध्या में सरयू नदी पर फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का चल रहा निर्माण -25×15 मीटर के आधुनिक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर में विकसित होगा स्नान कुंड परिसर -मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन में अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा धार्मिक पर्यटन को नई ऊँचाई देने का प्रयास साढ़े तीन करोड़ का है प्रोजेक्ट, श्रद्धालु व पर्यटकों के लिए दो भव्य स्नान कुंड रहेंगे -पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन देने के लिए परिसर में 7 दुकानों की भी व्यवस्था अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि के रूप में विश्व प्रसिद्ध अयोध्या अब धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में एक और अनोखी पहल की ओर बढ़ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के तहत अयोध्या विकास प्राधिकरण द्वारा सरयू नदी पर आधुनिक फ्लोटिंग पब्लिक बाथिंग कुंड का निर्माण करा रहा है। उपाध्यक्ष अनुराग जैन ने बताया कि संभवतः फरवरी तक इसकी सौगात मिल जाएगी। लगभग होला तक इसके संचालित होने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट की लागत तकरीबन साढ़े तीन करोड़ रुपए है। यह परियोजना धार्मिक श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आधुनिक स्नान की सुविधा प्रदान करेगी, जिससे अयोध्या का पर्यटन और भी आकर्षक बनेगा। श्री जैन ने बताया कि लिटमस मरीन इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड फ्लोटिंग बाथिंग कुंड का निर्माण कर रही है। आधुनिक स्ट्रक्चर पर आधारित है फ्लोटिंग कुंड यह फ्लोटिंग स्नान कुंड 25 मीटर × 15 मीटर के आधुनिक फ्लोटिंग स्ट्रक्चर पर आधारित होगा, जो पोंटून और उच्च-शक्ति वाले फाइबर सामग्री से निर्मित होगा। यह संरचना नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के अनुसार स्वचालित रूप से समायोजित हो सकेगी, जिससे हर मौसम में स्थिरता बनी रहेगी।  दो स्नान कुंड, दस चेंजिंग रूम परिसर में दो भव्य स्नान कुंड बनाए जा रहे हैं। प्रत्येक का आकार 15 मीटर × 4 मीटर। इनमें से एक पुरुषों के लिए और दूसरा महिलाओं के लिए होगा, ताकि गोपनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसमें दस चेंजिंग रूम होंगे। पांच महिलाओं व पांच पुरुषों के लिए रहेंगे। सुरक्षा के मद्देनजर सेफ्टी बैरियर, रेलिंग, सोलर लाइट, बेंच और इमरजेंसी सपोर्ट बोट की व्यवस्था होगी। इसके अलावा, पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए परिसर में 7 दुकानें भी स्थापित की जाएंगी, जहां स्थानीय उत्पाद, पूजा सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध होंगी। विदेशी पर्यटकों के लिए भी रहेगा आकर्षण सरयू नदी में स्नान हिंदू परंपरा का अभिन्न अंग है। रामायण काल से ही इस नदी को पवित्र माना जाता है और यहां स्नान करने से पापों का नाश होता है। राम मंदिर के बाद लाखों-करोड़ों श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। फ्लोटिंग बाथिंग कुंड जैसी आधुनिक सुविधा से न केवल देशी पर्यटक, बल्कि विदेशी पर्यटक भी आकर्षित होंगे। यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ नदी की स्वच्छता बनाए रखने पर भी जोर देती है, क्योंकि फ्लोटिंग संरचना से घाटों पर कचरा फैलने की संभावना कम होगी।

SC का आदेश: कर्नल सोफिया अपमान मामले में MP सरकार को 2 हफ्ते में बताना होगा केस कब शुरू होगा

भोपाल  सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिया कि कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले मंत्री कुंवर विजय शाह पर मुकदमा चलाने की अनुमति दिए जाने के मुद्दे पर फैसला लिया जाए। ऑपरेशन सिंदूर का ब्योरा देश को देने वाली कर्नल को मध्य प्रदेश के मंत्री ने 'आतंकियों की बहन' कह डाला था।सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने इस बात पर कड़ी नाराजगी जताई कि राज्य सरकार विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट पर कई महीनों से कोई फैसला नहीं ले रही है। जबकि विशेष जांच दल ने अपनी जांच पूरी कर ली है और अंतिम रिपोर्ट दाखिल कर दी है। बार एंड बेंच की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्य कांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) की ओर से मुकदमा चलाए जाने की मांगी गई अनुमति पर देरी को लेकर सवाल उठाए। सर्वोच्च अदालत के आदेश पर एसआईटी इस मामले की जांच कर रही है। सीजेआई कांत ने कहा, 'आप 19 अगस्त से एसआईटी रिपोर्ट पर बैठे हुए हैं। कानून आप पर दायित्व डालता है और आपको निर्णय लेना होगा। आज 19 जनवरी है।' अदालत ने एसआईटी की सीलबंद रिपोर्ट खोली और पाया कि विभिन्न पहलुओं की जांच के बाद मंत्री के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए सरकार की मंजूरी मांगी है। सर्वोच्च अदालत ने कहा, 'हमें बताया गया कि राज्य की ओर से कोई ऐक्शन हीं लिया गया है और मामला लंबित है। हम मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश देते हैं कि कानून के मुताबिक मंजूरी पर उचित कदम उठाए जाएं।' इससे पहले राज्य सरकार ने कहा था कि उन्होंने एसआईटी की अपील पर फैसला नहीं लिया है क्योंकि मामला सर्वोच्च अदालत में लंबित है। शाह की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने जब यह बताया कि शाह ने पहले ही अपनी टिप्पणियों के लिए माफी मांग ली थी तो अदालत ने कहा, 'माफी कहां है? रिकॉर्ड में तो कुछ भी नहीं है। अब तो बहुत देर हो चुकी है।' प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा बेंच ने यह भी कहा कि एसआईटी की रिपोर्ट में कुछ अन्य मामलों का भी जिक्र है, जहां शाह ने कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी से इन मामलों में की जाने वाली प्रस्तावित कार्रवाई पर भी रिपोर्ट पेश करने को कहा। सोमवार को मंत्री विजय शाह की ओर से सीनियर वकील मनिंदर सिंह ने कोर्ट को सूचित किया कि उन्होंने (विजय शाह ने) अपना माफीनामा दर्ज करा दिया है। वे जांच में सहयोग कर रहे हैं। हालांकि, बेंच ने कहा कि ये कोई माफीनामा नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा- माफी मांगने में बहुत देर हो चुकी है। हमने पहले ही इस बात पर टिप्पणी की थी कि किस तरह की माफी मांगी जा रही है। इससे पहले, कोर्ट ने शाह की ओर से दी गई सार्वजनिक माफी को "कानूनी दायित्व से बचने के लिए महज मगरमच्छ के आंसू" बताकर खारिज कर दिया था। बाद की सुनवाई में, अदालत ने उनकी "ऑनलाइन माफी" पर असंतोष जताया। अदालत ने कहा था- धैर्य की परीक्षा ले रहे अदालत मंत्री कुंवर विजय शाह की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्होंने भारतीय सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक बयान के आरोप में खुद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई 2025 को कर्नल कुरैशी के खिलाफ अपनी टिप्पणियों पर सार्वजनिक रूप से माफी न मांगने के लिए शाह को फटकार लगाई थी और कहा था कि वह ‘अदालत के धैर्य की परीक्षा ले रहे हैं।’ ऑपरेशन सिंदूर के बाद बयान पर घिरे मंत्री सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल 28 मई को कर्नल कुरैशी के खिलाफ शाह की विवादास्पद टिप्पणियों के लिए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के सामने कार्यवाही बंद करने का आदेश दिया और एसआईटी से स्थिति रिपोर्ट मांगी थी। इससे पहले हाई कोर्ट ने शाह को फटकार लगाई थी और उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एक वीडियो वायरल होने के बाद शाह आलोचनाओं के घेरे में आ गए थे, जिसमें उन्हें कथित तौर पर कर्नल कुरैशी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए देखा गया था। कुरैशी ने एक अन्य महिला अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह के साथ मिलकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर मीडिया ब्रीफिंग के दौरान देश भर में प्रसिद्धि हासिल की थी।

मध्यप्रदेश की बड़ी छलांग: सौर ऊर्जा से 30% से अधिक बिजली, 2030 तक 20 GW हासिल करने का लक्ष्य

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश सौर ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए पारंपरिक ऊर्जा के संसाधनों पर अपनी निर्भरता दिनों दिन कम करता जा रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने देश में वर्ष 2070 तक कार्बन फुट-प्रिंट को शून्य तक लाने और समाप्त होते जीवाश्म ईंधन के विकल्प तलाशने के लिए वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट (अक्षय) नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त करने में मध्यप्रदेश पूर्ण समर्पण और प्रतिबद्धता के साथ योगदान दे रहा है। राज्य में पिछले 12 वर्षों में नवीन और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में 14 प्रतिशत अभूतपूर्व वृ‌द्धि हुई है, जिससे अब कुल ऊर्जा उत्पादन में सहभागिता 30 प्रतिशत से अधिक हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने गत वर्ष हुई ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट भोपाल में सौर ऊर्जा के क्षेत्र देश में मध्यप्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए बताया कि राज्य वर्तमान में लगभग 31 हजार मेगावाट की विद्युत उत्पादन क्षमता रखता है, जिसमें से 30% हरित ऊर्जा है। हमारे लिये गौरव की बात है कि मध्यप्रदेश के रीवा सोलर पार्क और देश के सबसे बड़े ओंकारेश्वर फ्लोटिंग सोलर प्लांट का भी उल्लेख पूरे देश में हो रहा है। इससे अक्षय ऊर्जा उत्पादन को नई दिशा मिली है। मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है, जिसने टेक्नोलॉजी एग्नोस्टिक रिन्यूएबल एनर्जी पॉलिसी लागू की है। इस नीति में सौर और पवन ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए निवेशकों को अनुकूल और लचीले अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में नया आयाम जुड़ रहा है। मध्यप्रदेश अपनी भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक संसाधनों की प्रचुरता के कारण देश के अग्रणी ऊर्जा सरप्लस राज्यों में से एक है। राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा आत्म निर्भरता को प्राथमिकता देते हुए नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निरंतर प्रयासरत है। मध्यप्रदेश हरित ऊर्जा हब के रूप में उभर रहा है। वर्तमान में राज्य में 5 बड़ी सौर परियोजनाएँ संचालित हैं, जिनकी कुल उत्पादन क्षमता 2.75 गीगावाट (2,750 मेगावाट) है। सरकार की योजना वर्ष 2030 तक नवकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता को बढ़ाकर 20 गीगावाट (20,000 मेगावाट) करने की है। नवकरणीय ऊर्जा में 5.72 लाख करोड़ से अधिक के निवेश से 1.4 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। मध्यप्रदेश सरकार नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 5.21 लाख करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित कर रही है, जिससे 1.46 लाख रोजगार सृजित होंगे। राज्य सरकार की यह पहल भारत के 'नेट ज़ीरो कार्बन लक्ष्य वर्ष-2070 को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मध्यप्रदेश तेजी से नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में देश का नेतृत्वकर्ता बन रहा है और आत्मनिर्भर भारत व स्वच्छ ऊर्जा मिशन में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए तैयार है।

दावोस में मध्यप्रदेश का मजबूत प्रदर्शन: CM मोहन यादव निवेश और ग्रीन ग्रोथ पर ग्लोबल रोडमैप पेश करेंगे

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF), दावोस के वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक प्राथमिकताओं, औद्योगिक क्षमताओं और दीर्घकालिक विकास दृष्टि को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करेगा। दावोस में वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के शीर्ष नेतृत्व और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के समक्ष मध्यप्रदेश की स्थिर नीतियां, संसाधन-समृद्ध संरचना और भविष्य उन्मुख विकास मॉडल को प्रमुखता से रखा जाएगा। दावोस में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सत्रों के माध्यम से ऊर्जा उत्पादन और ग्रीन ग्रोथ पर राज्य के संतुलित दृष्टिकोण को सामने रखा जाएगा। उपयोगिता-स्तर की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं, स्वच्छ ऊर्जा अवसंरचना और ऊर्जा परिवर्तन से जुड़े मॉडल राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में दीर्घकालिक निवेश के भरोसेमंद गंतव्य के रूप में स्थापित करेंगे। उद्योग और विनिर्माण से जुड़े सत्रों में रक्षा उत्पादन, उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक अवसंरचना जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रहेगा। वैश्विक उद्योग प्रतिनिधियों के साथ संवाद के दौरान मध्यप्रदेश की निवेश-अनुकूल औद्योगिक नीति, सरल प्रक्रियाएं और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन की क्षमता को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाएगा। डिजिटल तकनीक और नवाचार से जुड़े सत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल गवर्नेंस और टेक्नोलॉजी-ड्रिवन सॉल्यूशंस पर चर्चा होगी। इन विमर्शों में प्रशासन, उद्योग और सेवा क्षेत्रों में तकनीक के प्रभावी उपयोग को लेकर राज्य का व्यावहारिक और परिणाम-केंद्रित नजरिया सामने आएगा। पर्यटन से जुड़े वैश्विक सत्रों में मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जैव-विविधता, अनुभव-आधारित पर्यटन और बेहतर कनेक्टिविटी को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा। सतत पर्यटन विकास और स्थानीय समुदायों की भागीदारी पर केंद्रित संवाद राज्य के पर्यटन क्षेत्र में नए निवेश अवसरों को रेखांकित करेंगे। स्वास्थ्य, सामाजिक अवसंरचना और मानव विकास से जुड़े सत्रों में प्रिवेंटिव हेल्थकेयर, तकनीक-समर्थित स्वास्थ्य सेवाओं और मानव-केंद्रित विकास मॉडल पर चर्चा होगी, जिससे सामाजिक विकास को आर्थिक प्रगति से जोड़ने वाले राज्य के दृष्टिकोण को वैश्विक पहचान मिलेगी। दावोस के दौरान विषयगत सत्रों, गोलमेज बैठकों और वन-टू-वन उच्चस्तरीय संवादों के माध्यम से निवेश, औद्योगिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी के ठोस अवसर सामने आने की उम्मीद है। इन प्रयासों से राज्य में पूंजी निवेश, तकनीक हस्तांतरण और रोजगार सृजन के नए आयाम खुलेंगे। वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में यह सहभागिता मध्यप्रदेश को एक भरोसेमंद, दूरदर्शी और भविष्य-उन्मुख निवेश गंतव्य के रूप में वैश्विक मंच पर मजबूती से स्थापित करेगी।

प्रतीक ने सोशल मीडिया पर खोली दिल की बात: अपर्णा यादव से तलाक का ऐलान

 लखनऊ अपर्णा यादव से अखिलेश के भाई प्रतीक यादव तलाक लेंगे. इसको लेकर उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट भी किया है. जिसमें उन्होंने लिखा कि स्वार्थी महिला ने मेरा परिवार बर्बाद कर दिया. इसने मेरी दिमागी हालत भी खराब कर दी है. हालांकि, तलाक की खबरों पर अभी अपर्णा यादव का कोई बयान नहीं आया है. साथ ही प्रतीक की तरफ से भी अभी मीडिया में कोई ऑफिशियल बयान नहीं दिया गया है.  प्रतीक ने सोशल मीडिया पर लिखी ये पोस्ट अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव अपनी पत्नी को तलाक देने जा रहे हैं. उन्होंने अपर्णा को परिवार तोड़ने वाला बताया है. प्रतीक यादव ने लिखा कि मैं जल्द से जल्द इस मतलबी औरत को तलाक देने जा रहा हूं. उसने मेरे पारिवारिक रिश्ते खराब कर दिए. वह बस मशहूर और प्रभावशाली बनना चाहती है. अभी, मेरी मानसिक हालत बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता. क्योंकि उसे सिर्फ़ अपनी ही चिंता है. मैंने इतनी बुरी आत्मा कभी नहीं देखी, और मेरा दुर्भाग्य था कि मैंने उससे शादी की. आपको बता दें कि प्रतीक रीयल स्टेट कारोबार से जुड़े हैं. जबकि अपर्णा भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़ीं हैंं. प्रतीक यादव से शादी के बाद अपर्णा यादव ने बीजेपी का दामन दाम थाम लिया था. दोनों मुलायम परिवार से अलग रहते हैं.  अपर्णा यादव से जुड़े लोगों ने क्या कहा? इस मामले में अपर्णा यादव से जुड़े लोगों की तरफ से आज तक को बताया गया है कि प्रतीक का आईडी हैक हो गया है. जिसकी वजह से वह पोस्ट में बदलाव भी नहीं कर पा रहे हैं. जल्दी ही उनकी तरफ से स्टेटमेंट जारी किया जाएगा. कौन हैं अपर्णा यादव? अपर्णा यादव, मुलायम सिंह यादव की सबसे छोटी बहू हैं व उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक जानी-मानी हस्ती हैं. राजनीति से परे वह एक प्रशिक्षित क्लासिकल और सेमी-क्लासिकल सिंगर हैं. उन्होंने लखनऊ के भातखंडे संगीत संस्थान से पढ़ाई की है. उन्हें अपने सामाजिक कार्यों के लिए संयुक्त राष्ट्र से सराहना मिली है. इसके अलावा उन्होंने इंग्लैंड की मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी से इंटरनेशनल रिलेशन्स और पॉलिटिक्स में पोस्टग्रेजुएशन भी किया है.  कौन हैं प्रतीक यादव? प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के सौतेले भाई हैं. प्रतीक हमेशा एक्टिव पॉलिटिक्स से दूर रहे हैं. वह मुख्य रूप से बिज़नेस करते हैं और अपनी हाई-प्रोफाइल लाइफस्टाइल के लिए जाने जाते हैं. वह अक्सर अपनी लग्ज़री कारों के कलेक्शन की वजह से सुर्खियों में रहते हैं, उनके पास कई महंगी गाड़ियां हैं. प्रतीक और अपर्णा की एक बेटी भी है.

सर्दी का सितम जारी: कई जिलों में कोहरा और बादलों के बीच बारिश के आसार

भोपाल  मध्य प्रदेश इस समय कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। प्रदेश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान लगातार नीचे बना हुआ है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। सोमवार सुबह भिंड, ग्वालियर, दतिया, सतना, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जैसे जिलों में मध्यम से घना कोहरा देखने को मिला, वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन समेत कई अन्य जिलों में हल्का कोहरा छाया रहा। सबसे ठंडे इलाके बने कल्याणपुर और करौंदी मौसम विभाग के अनुसार शहडोल जिले का कल्याणपुर और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे, जहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा खजुराहो, नौगांव, उमरिया, रीवा और पचमढ़ी जैसे इलाकों में भी तापमान 7 डिग्री से नीचे रहा, जिससे सर्दी और ज्यादा तेज महसूस की गई। ग्वालियर-चंबल अंचल, मैहर, कटनी, अनुपपुर और आसपास के क्षेत्रों में शीतलहर का असर बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों से आ रही ठंडी हवाएं मैदानी इलाकों तक पहुंच रही हैं, जिससे रात और सुबह के समय ठिठुरन बढ़ गई है। इस वजह से ऐसा मौसम मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश के कई जिलों में बादल वाली स्थिति है। इस वजह से पारे में बढ़ोतरी हुई है। रविवार को दिन के तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिली। दरअसल, प्रदेश के ऊपरी हिस्से से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान के ऊपर एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) एक्टिव है। दो वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) 19 जनवरी और 21 जनवरी की रात से उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकते हैं। यह एमपी में भी असर दिखा सकता है। यानी, 22-23 जनवरी के बाद प्रदेश में कहीं-कहीं हल्की बारिश भी हो सकती है। न्यूनतम और अधिकतम तापमान आज सुबह प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान उमरिया जिले में 3.7 डिग्री सेल्सियस रहा। अन्य स्थानों के तापमान इस प्रकार रहे: खजुराहो: 5.8°C नौगांव-उमरिया: 6°C रीवा: 6.4°C पचमढ़ी: 6.8°C मंडला: 7.2°C मलाजखंड: 7.6°C पांचों बड़े शहरों में तापमान 10 डिग्री से ऊपर रहा भोपाल: 11°C इंदौर: 12°C ग्वालियर: 10°C उज्जैन: 13°C जबलपुर: 10.5°C आगामी मौसम मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, चक्रवात के असर से तापमान बढ़ रहा है, लेकिन 22 जनवरी के बाद मावठे की बारिश के साथ ठंड एक बार फिर लौट सकती है। सबसे ठंडा शहडोल का कल्याणपुर, पारा 3.7 डिग्री मौसम विभाग के अनुसार, अभी शहडोल का कल्याणपुर सबसे ठंडा है। यहां न्यूनतम तापमान 3.7 डिग्री पहुंच गया है। शनिवार-रविवार की रात में इतना टेम्परेचर दर्ज किया गया। खजुराहो में 5.8 डिग्री, नौगांव-उमरिया में 6 डिग्री, रीवा में 6.4 डिग्री, पचमढ़ी में 6.8 डिग्री, मंडला में 7.2 डिग्री और मलाजखंड में पारा 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े सभी 5 शहरों में तापमान 10 डिग्री से अधिक है। भोपाल में 11 डिग्री, इंदौर में 12 डिग्री, ग्वालियर में 10 डिग्री, उज्जैन में 13 डिग्री और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया है। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। मौसम में बदलाव की वजह क्या है मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक प्रदेश के ऊपर से दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन गुजर रहे हैं, जबकि पाकिस्तान के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसी वजह से पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बादल छाए रहे और दिन के तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान मौसम विभाग का कहना है कि अगले दो दिन तक तेज ठंड से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन सुबह के समय कोहरा बना रहेगा। इसके बाद 22 और 23 जनवरी के आसपास प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है। घने कोहरे और शीतलहर का अलर्ट मंगलवार के लिए ग्वालियर, दतिया, भिंड, रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में घने कोहरे की चेतावनी जारी की गई है। वहीं अनुपपुर, शहडोल, कटनी और मैहर में शीतलहर का अलर्ट है। प्रदेश के पांच बड़े शहरों भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और जबलपुर में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री से ऊपर दर्ज किया गया है, हालांकि सुबह-शाम की ठंड अभी भी लोगों को परेशान कर रही है। मौसम विभाग ने लोगों को सुबह और रात के समय सतर्क रहने, कोहरे में वाहन सावधानी से चलाने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

NZ के खिलाफ खराब फॉर्म बना कारण? कोहली-रोहित के बाद अब रोहित के वनडे करियर पर संकट

 नई दिल्ली टीम इंडिया के लिए नए साल का आगाज बेहद निराशाजनक रहा है. 37 साल बाद न्यूजीलैंड की टीम ने भारत में पहली बार वनडे सीरीज अपने नाम की है. 3 मैचों की इस सीरीज में रोहित शर्मा का खराब फॉर्म चर्चा का विषय रहा. रविवार को सीरीज के निर्णायक मुकाबले में भी रोहित बड़ी पारी नहीं खेल सके. इस सीरीज में रोहित का बल्ला खामोश रहा. पहले दो मैचों में 26 और 24 रन बनाने के बाद तीसरे मैच में सिर्फ 11 रन बनाकर वह पवेलियन लौट गए. इस तरह, पांच महीने के लंबे वनडे ब्रेक से पहले रोहित शर्मा बिना कोई अर्धशतक लगाए इस फॉर्मेट से विदा हो गए. ऐसे में सोशल मीडिया पर हिटमैन के संन्यास को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं. कई यूजर्स लिख रहे हैं कि शायद ये रोहित शर्मा का आखिरी वनडे हो और वो इस फॉर्मेट से भी संन्यास ले लें… रोहित शर्मा दिखे निराश रोहित ने पारी की शुरुआत काइल जेमीसन की गेंद पर शानदार कवर ड्राइव से की थी. लेकिन जैसे ही जेमीसन ने अपनी लाइन बदली और बाहर की गेंदें फेंकना बंद किया, रोहित को रन बनाने में परेशानी होने लगी और वह लय में नजर नहीं आए. तीनों मैचों में रोहित ने कुल 61 रन बनाए, उनका औसत 20.33 और स्ट्राइक रेट 76.25 रहा. यह प्रदर्शन उनके पिछले अंतरराष्ट्रीय दौरे से बिल्कुल उलट रहा, जहां उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैचों में 146 रन बनाए थे. क्या रोहित शर्मा ले रहे हैं संन्यास? सोशल मीडिया पर कई फैंस यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या यह रोहित शर्मा का आखिरी वनडे मैच था. अब रोहित सिर्फ एक ही फॉर्मेट खेल रहे हैं, ऐसे में उनकी फिटनेस और 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलने की भूख को लेकर सवाल उठने लगे हैं. हालांकि, सीरीज के बाद कप्तान शुभमन गिल ने रोहित शर्मा का बचाव किया. उन्होंने कहा कि वे कितने अनुभवी खिलाड़ी हैं ये सभी को पता है. कोई भी खिलाड़ी हर मैच में रन नहीं बना सकता है. वो अच्छी लय में हैं बस अपनी पारी को कन्वर्ट नहीं कर पाए. लेकिन वो जल्द ही लय में होंगे.  फिलहाल भारत का अगला वनडे दौरा जुलाई में इंग्लैंड के खिलाफ होगा. उम्मीद है कि उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली एक बार फिर भारतीय टीम के लिए मैदान पर उतरेंगे. बता दें कि रविवार को इंदौर में खेले गए तीसरे वनडे में न्यूजीलैंड ने पहले बैटिंग करते हुए डेरिल मिचेल के शानदार शतक के दम पर भारत को जीत के लिए 338 रनों का लक्ष्य दिया था. लेकिन इसके जवाब में भारतीय टॉप ऑर्डर बिखर गया. कोहली ने शानदार शतक जरूर लगाया. लेकिन वो टीम को जीत नहीं दिला सके और भारतीय टीम 41 रन से हार गई. इस तरह सीरीज 2-1 से न्यूजीलैंड के नाम रही. 14 महीने पहले न्यूजीलैंड ने ही खत्म किया था कोहली-रोहित का करियर 'यह हार चुभेगी'… भारत के पूर्व क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने ये बात रविवार को कही जब न्यूजीलैंड ने टीम इंडिया को वनडे सीरीज हराया. इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेले गए निर्णायक मुकाबले में शुभमन गिल की कप्तानी वाली भारतीय टीम 338 रन का लक्ष्य हासिल नहीं कर पाई. भारत यह मैच 41 रन से हार गया और इसके साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज भी 1–2 से गंवा बैठा.  डेढ़ साल में दूसरी बार भारत को मिली शर्मनाक हार पिछले डेढ़ साल में यह दूसरी बार है जब न्यूजीलैंड ने भारतीय क्रिकेट को आईना दिखाया है. साल 2024 में टॉम लैथम की कप्तानी में न्यूजीलैंड की टीम भारत आई थी और टेस्ट सीरीज में भारत को 3–0 से क्लीन स्वीप कर दिया था. यह न्यूजीलैंड क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ था. उस हार के बाद भारतीय क्रिकेट में बड़े बदलाव हुए. रोहित शर्मा, विराट कोहली और रविचंद्रन अश्विन की साख पर सवाल खड़े हुए और कुछ ही दिन बाद तीनों ने इस फॉर्मेट से संन्यास ले लिया. अब 14 महीने बाद न्यूजीलैंड ने फिर वही काम किया है लेकिन इस बार वनडे फॉर्मेट में. इस हार के बाद भी उठेंगे कई सवाल भारतीय क्रिकेट में घरेलू सीरीज की हार अक्सर सिर्फ मैच तक सीमित नहीं रहती. यह हार भी अलग नहीं होगी. शायद और ज्यादा असर डाले, क्योंकि भारत अब अगले पांच महीनों तक कोई वनडे मैच नहीं खेलेगा. यह समय आत्ममंथन के लिए काफी है. और फैसलों के लिए भी. 2027 वनडे वर्ल्ड कप की तैयारी शुरू हो चुकी है. ऐसे में सबसे पहले नजर सीनियर खिलाड़ियों पर ही जाएगी.  कीमत कौन चुकाएगा? विराट कोहली फिलहाल सुरक्षित नजर आते हैं. पिछले तीन महीनों में उन्होंने अपने खेलने के अंदाज में बदलाव किया है और आधुनिक वनडे क्रिकेट के हिसाब से खुद को ढाला है. रोहित शर्मा के लिए राह इतनी आसान नहीं दिखती.  यह भी पढ़ें: रोहित शर्मा वनडे से भी लेने जा रहे संन्यास? न्यूजीलैंड के खिलाफ फ्लॉप शो के बाद उठे सवाल भारत की मौजूदा वनडे टीम में 36 साल से ऊपर के सिर्फ तीन खिलाड़ी हैं. कोहली- रोहित और रवींद्र जडेजा. कोहली सुरक्षित हैं. रोहित के साथ उनका लंबा प्रभावी करियर है. लेकिन जडेजा पर गाज गिर सकती है. जडेजा का बेहद खराब सीरीज प्रदर्शन आंकड़े भी इसी ओर इशारा करते हैं. जडेजा पूरी सीरीज में एक भी विकेट नहीं ले पाए. यह 2017 के बाद पहली बार हुआ जब वह लगातार तीन वनडे मैचों में विकेट नहीं निकाल सके. बल्ले से भी उनका योगदान बेहद कमजोर रहा. निर्णायक मुकाबले में, जब विराट कोहली को दूसरे छोर से सहारे की जरूरत थी, जडेजा ने गैर-जरूरी शॉट खेलकर अपना विकेट गंवा दिया. हैरानी की बात यह रही कि निचले क्रम के बल्लेबाज हर्षित राणा ने उनसे बेहतर बल्लेबाजी की छाप छोड़ी. Advertisement जडेजा की सबसे बड़ी ताकत फील्डिंग में भी गिरावट दिखी. निर्णायक मैच में उन्होंने पॉइंट पर एक आसान कैच भी छोड़ दिया. अलग-अलग देखें तो ये छोटी गलतियां लग सकती हैं, लेकिन मिलाकर देखें तो यह गिरावट की कहानी कहती हैं. यह भी पढ़ें: पहले टेस्ट अब ODI, गंभीर युग में एक और शर्मनाक रिकॉर्ड… न्यूजीलैंड ने 37 साल, 7 ODI सीरीज का सूखा किया खत्म ये … Read more