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जो प्रदेश 2017 के पहले उपद्रव से ग्रस्त था, वह अब उत्सव का प्रदेश हैः सीएम योगी

असीमित संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला प्रदेश बना यूपीः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संग अशोक लेलैंड कंपनी के नवीन इलेक्ट्रिक व्हीकल विनिर्माण संयंत्र का किया उद्घाटन  डबल इंजन सरकार की फास्ट ट्रैक अप्रूवल प्रणाली और सुशासन का परिणाम, मात्र 18 महीने के रिकॉर्ड समय में देश को समर्पित हो रहा यह विश्वस्तरीय प्लांटः मुख्यमंत्री  जो प्रदेश 2017 के पहले उपद्रव से ग्रस्त था, वह अब उत्सव का प्रदेश हैः सीएम योगी   "इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर्स फर्स्ट" के दृष्टिकोण से निवेशकों का पसंदीदा स्थल बन चुका है यूपीः मुख्यमंत्री  "फियरलेस बिजनेस", "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" और "ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस" नए यूपी की पहचान: मुख्यमंत्री  यूपी में अब 34 सेक्टरियल पॉलिसी हैं, निवेशक किसी भी सेक्टर में निवेश करके यूपी की विकास यात्रा में योगदान दे सकते हैं यूपी के 10 हजार युवाओं को प्रतिवर्ष "स्किल डेवलपमेंट" से जोड़ने के लिए हिंदुजा समूह व यूपी सरकार के साथ होने जा रहा एमओयूः योगी  उत्तर प्रदेश "ट्रस्ट एंड ट्रांसफॉर्मेशन" की नई भूमिका के रूप में खुद को स्थापित करेगा यूपीः सीएम योगी  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्री व लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह के साथ शुक्रवार को अशोक लेलैंड कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) विनिर्माण संयंत्र का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री व अन्य अतिथियों ने फैक्ट्री का निरीक्षण किया और सिंदूर-रुद्राक्ष के पौधे भी रोपे। सीएम योगी ने निवेश के लिए हिंदुजा परिवार को शुभकामनाएं दीं और यूपी सरकार पर विश्वास के लिए आभार जताया। सीएम ने कहा कि यूपी के लिए यह निवेश अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2017 के पहले यूपी की अराजकता किसी से छिपी नहीं थी, निवेशक पलायन कर रहे थे परंतु 2017 में सरकार में आने पर हमने कहा कि यह अनलिमिटेड पोटेंशियल का प्रदेश है। अपने राजनैतिक स्वार्थ के लिए कुछ लोगों ने इसे बदनाम किया, लेकिन यूपी अब अनलिमिटेड पोटेंशियल यानी संभावनाओं को परिणाम में बदलने वाला प्रदेश बन गया है। पिछले आठ-साढ़े आठ साल में हुआ परिवर्तन इसका उदाहरण है। यह समारोह प्रदेश के प्रति उद्योगों के बढ़ते विश्वास का प्रतीक है।  5000 यूनिट प्रतिवर्ष तक इसकी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता बढ़ाना है  सीएम योगी ने कहा कि इस इकाई की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता अभी 2500 यूनिट प्रति वर्ष है। इसे चरणबद्ध ढंग से 5000 यूनिट प्रतिवर्ष तक बढ़ाना है। यह परियोजना यूपी के औद्योगिक विकास व पर्यावरण संरक्षण के प्रति पीएम की प्रतिबद्धता और हम सभी के दृढ़ विश्वास का प्रतीक भी है। जब दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग व ग्लोबल कूलिंग से त्रस्त है। तमाम आपदाएं चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। उन स्थितियों में हम सब भी अपने आप को तैयार कर सकें, यह इलेक्ट्रिक व्हीकल मैन्युफैक्चरिंग प्लांट इस दिशा में किए जाने वाला प्रयास का एक हिस्सा है। इसमें प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए नौकरी व रोजगार की संभावनाएं भी विकसित हुई हैं।  आज यूपी के सभी 75 जनपदों में हो रहा निवेश  सीएम योगी ने कहा कि आज यूपी के सभी 75 जनपदों में निवेश हो रहा है। सीएम ने बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए बताया कि देश के एक्सप्रेसवे का 55 फीसदी एक्सप्रेसवे यूपी के पास है। देश में सर्वाधिक शहरों में पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों व मेट्रो का संचालन यूपी में हो रहा है। देश का सबसे बड़ा रेल नेटवर्क यूपी के पास है। देश में बन रहे दो डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर यूपी से होकर जा रहे हैं। इन पर यूपी का लॉजिस्टिक टर्मिनल व लॉजिस्टिक एंड ट्रांसपोर्ट हब को भी विकसित करने का कार्य हो रहा है। देश में पहली रैपिड रेल व वाटर वे का संचालन भी यूपी में हो चुका है।  जो प्रदेश 2017 के पहले उपद्रव से ग्रस्त था, वह अब उत्सव का प्रदेश है  सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले यूपी पहचान का मोहताज और उपद्रव से ग्रसित था, लेकिन आज यूपी उत्सव का प्रदेश है। यूपी अब बीमारू राज्य नहीं, बल्कि इसने खुद को रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में स्थापित किया है। दृढ़ निश्चय से लिए गए फैसले, साफ नीयत व स्पष्ट सोच के कारण "फियरलेस बिजनेस", "ईज ऑफ डूइंग बिजनेस" और "ट्रस्ट ऑफ डूइंग बिजनेस" नए यूपी की पहचान बन चुके हैं। यहां पर कोई निवेशक पॉलिसी पैरालिसिस का शिकार नहीं हो सकता। यूपी में अब 34 सेक्टरियल पॉलिसी हैं, जिनके माध्यम से निवेशक किसी भी सेक्टर में निवेश करके यूपी की विकास यात्रा में योगदान दे सकते हैं।  "इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर्स फर्स्ट" के दृष्टिकोण से निवेशकों का पसंदीदा स्थल बन चुका है यूपी सीएम योगी ने पीएम मोदी के विजन-2047 का जिक्र किया और कहा कि हर देशवासी ने भारत को विकसित-आत्मनिर्भर बनाने का संकल्प लिया है। यह प्लांट मेक इन इंडिया के साथ ही आत्मनिर्भर भारत के पीएम मोदी के संकल्प को बढ़ाने की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम है। यूपी आज "इंडस्ट्री फर्स्ट, इन्वेस्टर्स फर्स्ट" के दृष्टिकोण से देश-दुनिया के हर निवेशक का महत्वपूर्ण पसंदीदा स्थल बन चुका है। पिछले 8-9 वर्ष में यूपी में 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए। इसमें से 15 लाख करोड़ के प्रस्ताव की ग्राउंड ब्रेकिंग हो चुकी है। अगले महीने छह लाख करोड़ के अन्य निवेश प्रस्तावों की ग्राउंड ब्रेकिंग की जाएगी। पांच लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव अभी पाइपलाइन में और हैं, जिनकी यूपी में ग्राउंड ब्रेकिंग कराई जाएगी।  देश की जीडीपी में 9.5 प्रतिशत का योगदान कर रहा यूपी सीएम योगी ने कहा कि यूपी देश की जीडीपी में 9.5 प्रतिशत का योगदान कर रहा है। यूपी की जीएसडीपी इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 36 लाख करोड़ की हो जाएगी। वित्तीय अनुशासन व बेहतर वित्तीय प्रबंधन के साथ यूपी एक लक्ष्य लेकर चला है। प्रधानमंत्री जी ने 2027 में भारत की अर्थव्यवस्था को पांच ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी के रूप में बदलने को कहा है तो हमने भी लक्ष्य तय किया है कि 2029-30 में यूपी वन ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी बनेगा।  हर क्षेत्र में तेजी से बढ़ा उत्तर प्रदेश  सीएम योगी ने कहा कि यूपी अब ग्लोबल इलेक्ट्रॉनिक व आईटी हब बनने की राह पर तेजी से बढ़ा है। देश के मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग का 55 फीसदी यूपी में बन रहा है। देश के 60 फीसदी इलेक्ट्रॉनिक आइटम यूपी में बन रहे हैं। यूपी "ईज … Read more

योगी आदित्यनाथ सरकार की औद्योगिक नीति को मिला उद्योग जगत का भरोसा

लखनऊ में हिंदुजा ग्रुप की कंपनी अशोक लेलैंड का इलेक्ट्रिक वाहन संयंत्र शुरू योगी आदित्यनाथ सरकार की औद्योगिक नीति को मिला उद्योग जगत का भरोसा योगी सरकार के सहयोग से रिकॉर्ड समय में इस संयंत्र को तैयार किया जाना संभव हुआ : धीरज हिंदुजा  उत्तर प्रदेश बना हरित परिवहन और निवेश का नया केंद्र लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में शुक्रवार को वाहन निर्माता कंपनी अशोक लेलैंड के नवीन विनिर्माण संयंत्र के उद्घाटन के साथ ही वाहन निर्माण और औद्योगिक विकास की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई। यह संयंत्र विशेष रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन पर केंद्रित है, जिससे लखनऊ को हरित औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान मिलने जा रही है। अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि योगी सरकार के सहयोग और प्रशासनिक तत्परता के कारण रिकॉर्ड समय  में इस संयंत्र को तैयार किया जाना संभव हो सका। योगी सरकार के ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ से निवेश को प्रोत्साहन उद्घाटन के अवसर पर अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में यह कंपनी का पहला विनिर्माण संयंत्र है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि औद्योगिक विकास और निवेश के लिए प्रदेश में एक सुदृढ़ और भरोसेमंद तंत्र तैयार किया गया है। आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, मजबूत कनेक्टिविटी, प्रभावी कानून व्यवस्था और जवाबदेह प्रशासन आज उत्तर प्रदेश की पहचान है जो उद्योगपतियों और निवेशकों को आकर्षित कर रहा है। प्रदेश में निवेश के साथ ही इससे बड़ी संख्या में रोजगार का भी सृजन होगा। उन्होंने इस परियोजना को धरातल पर उतारने में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सहयोग के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्पष्ट नीति और मजबूत नेतृत्व के साथ कोई भी लक्ष्य दूर नहीं होता। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में आज उत्तर प्रदेश ‘फियरलेस बिजनेस’, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ट्र्स्ट ऑफ डूइंग बिजनेस’ के लिए जाना जाता है। उल्लेखनीय है कि अशोक लेलैंड की स्थापना वर्ष 1948 में हुई थी और आज कंपनी 15 देशों में भारतीय विनिर्माण क्षमता और तकनीकी सामर्थ्य का वैश्विक स्तर पर प्रतिनिधित्व कर रही है। निवेश के लिए स्थायित्व और भरोसे का माहौल धीरज हिंदुजा ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि रक्षा तंत्र की मजबूती और स्थायित्व से देश में निवेश का भरोसेमंद वातावरण बना है। इसके साथ ही उन्होंने केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच डी कुमारस्वामी के नेतृत्व में उद्योगों के लिए विकसित सकारात्मक माहौल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा आधारित परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में ठोस और प्रभावी पहल की जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र में देश लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। भविष्य की जरूरतों के अनुसार डिजाइन किया गया संयंत्र अशोक लेलैंड कंपनी के अनुसार लखनऊ का यह संयंत्र भविष्य को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। आधुनिक विनिर्माण तकनीक और डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से यहां तीव्र गति से इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन किया जा सकेगा।  स्थानीय समुदाय के लिए लाभ और सामाजिक पहल अशोक लेलैंड के चेयरमैन धीरज हिंदुजा ने कहा कि जहां भी अशोक लेलैंड का संयंत्र स्थापित होता है, वहां स्थानीय समुदाय को प्रत्यक्ष लाभ मिलता है। उत्तर प्रदेश में भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। उन्होंने कंपनी की रोड टू स्कूल पहल का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में सरकारी स्कूलों के 25 हजार से अधिक छात्रों को पोषण और शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा

निवेश का नया अध्याय लिख रहा उत्तर प्रदेश, और तेज हुई औद्योगिक रफ्तार योगी सरकार के संकल्प का लाभ उठाकर अशोक लीलैंड ने दो वर्षों से भी कम समय में निवेश को धरातल पर उतारा प्रदेश सरकार के प्रयासों से यूपी में निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं, बल्कि प्लांट और प्रोडक्शन में बदल रहा उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है लखनऊ  उत्तर प्रदेश अब निवेश और औद्योगिक विकास के नए केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। बीते कुछ वर्षों में राज्य सरकार द्वारा किए गए व्यापक नीतिगत और विनियामक सुधारों का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी का ताजा उदाहरण है अशोक लीलैंड का नया प्लांट। यह प्लांट न केवल औद्योगिक प्रगति का प्रतीक है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि उत्तर प्रदेश अब बड़े निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। अशोक लीलैंड के इस प्लांट में लगभग 252 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है। इस परियोजना के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी 20 फरवरी 2024 को हुई थी। इतने कम समय में परियोजना का धरातल पर आ जाना इस बात का प्रमाण है कि अब निवेश केवल एमओयू तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि तेजी से प्लांट, उत्पादन और रोजगार में बदल रहा है। इस प्लांट से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नया बढ़ावा मिलेगा। राज्य में निवेश की यह सफलता किसी एक परियोजना तक सीमित नहीं है। वर्ष 2018 में आयोजित उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में प्रदेश को 4.28 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले थे। इसके बाद वर्ष 2023 में आयोजित यूपी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट ने नया रिकॉर्ड बनाया, जिसमें करीब 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश आशय पत्र प्राप्त हुए। कुल मिलाकर पौने 9 वर्षों में 45 लाख करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है, जिसे चार ग्राउंड ब्रेकिंग समारोहों के माध्यम से धरातल पर उतारने की ठोस शुरुआत हुई है।   अब तक 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश की 16,000 से अधिक परियोजनाओं के लिए ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह हो चुके हैं। इनमें से लगभग 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक निवेश वाली 8,300 से अधिक परियोजनाएं वाणिज्यिक संचालन के चरण में पहुंच चुकी हैं। वहीं करीब 10 लाख करोड़ रुपये मूल्य की 8,100 से अधिक परियोजनाएं क्रियान्वयनाधीन हैं। यही नहीं, योगी सरकार जीबीसी 5 के माध्यम से फिर 6 लाख करोड़ से अधिक के निवेश को जल्द ही जमीन पर उतारने जा रही है। ये आंकड़े बताते हैं कि निवेश केवल कागजों पर नहीं, बल्कि हकीकत में उद्योग और रोजगार में बदल रहा है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक भी इस प्रगति को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में मार्च 2025 में विनिर्माण का सूचकांक 167.97 और सामान्य सूचकांक 157.73 दर्ज किया गया। यह बताता है कि प्रदेश में औद्योगिक उत्पादन लगातार बढ़ रहा है। अशोक लीलैंड का प्लांट इस पूरी यात्रा का मजबूत प्रतीक है। यह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि क्रियान्वयन की मजबूत व्यवस्था भी मौजूद है। तेज अनुमतियां, सिंगल विंडो सिस्टम, उद्योग-अनुकूल वातावरण और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।

65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी

गौसेवा में समर्पित योगी सरकार, प्रदेश के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सुदृढ़ निगरानी  65 जिलों के गौ-आश्रय स्थलों पर मजबूत मॉनिटरिंग सिस्टम लागू, शेष में प्रक्रिया जारी 20 जिलों के विकास भवनों में स्थापित केंद्रीकृत कंट्रोल रूम से व्यवस्थाओं पर रखी जा रही सतत नजर ठंड, भोजन, उपचार और आश्रय की समुचित व्यवस्था, गोवंश संरक्षण को मिली रफ्तार लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश के गौ-आश्रय स्थलों पर लगातार निगरानी, प्रबंधन और सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण का कार्य तेज गति से जारी है। प्रदेश के 75 जनपदों के कुल 6718 ग्रामीण गौ-आश्रय स्थलों में से 65 जनपदों के 4366 गौ-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी के माध्यम से निगरानी तंत्र को मजबूत किया गया है। बाकी जनपदों में भी निगरानी तंत्र को सुदृढ़ किए जाने की कार्यवाही प्रक्रिया में है। साथ ही प्रदेश के हरदोई, आगरा, जालौन सहित 20 जनपदों के विकास भवनों में केंद्रीकृत निगरानी कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं, जिसके माध्यम से आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं पर सतत नजर रखी जा रही है। गो-आश्रय स्थलों को यूपी सरकार दे रही है मूलभूत सुविधाएं योगी सरकार निराश्रित गोवंश के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। गौ-आश्रय स्थलों पर गोवंश के लिए शेड, स्वच्छ भोजन एवं पेयजल की व्यवस्था, खड़ंजा, भूसा भंडार गृह, उपचार कक्ष, प्रकाश और सोलर लाइट जैसी सुविधाओं को सुदृढ़ और व्यवस्थित ढंग से विकसित किया जा रहा है। 20 जनपदों में स्थापित निगरानी कंट्रोल रूम पशुपालन विभाग के प्रमुख सचिव मुकेश मेश्राम ने बताया कि गौ-आश्रय स्थलों की बेहतर निगरानी एवं व्यवस्था के समन्वय के लिए राज्य के 20 जनपदों के विकास भवनों में कंट्रोल रूम स्थापित किए गए हैं। हरदोई, आगरा, जालौन, झांसी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली, जौनपुर, अयोध्या, आजमगढ़, पीलीभीत, कौशांबी, शामली, बस्ती, अंबेडकरनगर, बलिया, एटा, अमरोहा, फर्रुखाबाद और चंदौली में ये कंट्रोल रूम कार्यरत हैं। शेष जनपदों में भी चरणबद्ध ढंग से यह व्यवस्था सुदृढ़ की जा रही है। उन्होंने कहा कि निगरानी तंत्र मजबूत होने से गौवंश की देखभाल अधिक व्यवस्थित और जिम्मेदाराना ढंग से हो रही है। किसी भी प्रकार की लापरवाही की स्थिति में तत्काल कार्रवाई संभव हो रही है। ठंड से किसी गोवंश की मृत्यु न हो गो-आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर और सक्षम बनाने के साथ-साथ ठंड से सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। स्थलों पर हरा चारा, तिरपाल, काउ-कोट, अलाव, औषधियां, उपचार सुविधा और पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि ठंड अथवा अव्यवस्था के कारण किसी भी गोवंश की मृत्यु न हो।

राज्य सरकार की अभिनव पहल से संस्थागत स्वच्छता में सुधार, मंत्री नेताम ने शुरू किया ‘जोश’ कार्यक्रम

रायपुर : संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने राज्य सरकार की अभिनव पहल आदिम जाति विकास मंत्री नेताम ने किया ‘जोश’ का शुभारंभ  रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार  संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरूआत हुई है। आदिम जाति विकास मंत्री राम विचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से प्रदेश में जर्नी आफ सेनिटेशन हाइजिन (जोश) का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया है।      गौरतलब है कि ‘जोश’ पहल के माध्यम से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत व सामुदायिक शौचालयों की नियमित, वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।     जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। ‘जोश’ पहल से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद में एक स्वच्छता प्रहरी नियुक्त किया गया है। योजना की सफलता के आधार पर इसे पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा।     स्वच्छता प्रहरी निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे और आधुनिक उपकरणों की सहायता से शौचालयों की पाक्षिक व मासिक सफाई सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता प्रहरियों को आधुनिक सफाई उपकरणों से युक्त स्वच्छता किट एवं सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था प्रभारी के अनुरोध पर सफाई उपरांत प्रति यूनिट 200 रूपए स्वच्छता शुल्क का भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा। 

‘नेहरू के कुछ फैसलों के कारण चीन से हारे’, शशि थरूर ने पूर्व पीएम को लेकर किया बड़ा बयान

नई दिल्ली देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू को लेकर तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बड़ा बयान दिया है. शशि थरूर ने गुरुवार को कहा कि वह भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को भारतीय लोकतंत्र का संस्थापक मानते हैं, मगर उनकी तारीफ आलोचना से खाली नहीं है. शशि थरूर ने माना कि नेहरू के कुछ फैसलों के कारण 1962 में भारत को चीन से हार मिली, मगर हर चीज के लिए नेहरू को दोषी ठहराना ठीक नहीं. शशि थरूर ने इस बात पर जोर दिया कि नेहरू की गलतियों को मानना ​​जरूरी है, लेकिन भारत की सभी समस्याओं के लिए उन्हें दोष देना गलत है. समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, ‘मैं जवाहरलाल नेहरू का प्रशंसक हूं, लेकिन आंख बंद करके समर्थन नहीं करता. मैं उनकी सोच और दृष्टिकोण की बहुत सराहना करता हूं और उनके प्रति गहरा सम्मान रखता हूं. हालांकि मैं उनकी सभी नीतियों और विचारों से सौ फीसदी सहमत नहीं हूं. उन्होंने जो कई काम किए, वे सबसे ज्यादा सराहना के योग्य हैं. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि नेहरू ने भारत में लोकतंत्र को मजबूती से स्थापित किया… मैं यह नहीं कहूंगा कि मोदी सरकार लोकतंत्र विरोधी है, लेकिन वे निश्चित रूप से नेहरू विरोधी हैं. नेहरू को एक सॉफ्ट टारगेट यानी आसान निशाना बना दिया गया है.’ नेहरू के फैसलों की आलोचना साल 1962 के भारत-चीन युद्ध को याद करते हुए शशि थरूर ने कहा कि मौजूदा सरकार की पंडित नेहरू पर की जा रही आलोचना का कुछ आधार हो सकता है. उन्होंने कहा, ‘उदाहरण के लिए 1962 में चीन के खिलाफ मिली हार को कुछ हद तक नेहरू के फैसलों से जोड़ा जा सकता है. लेकिन अब जो हो रहा है, वह यह है कि नेहरू को हर बात के लिए दोषी ठहराया जाता है, चाहे मुद्दा कुछ भी हो.’ उन्होंने कहा, 'सबसे जरूरी यह है कि नेहरू ही थे, जिन्होंने भारत में लोकतंत्र स्थापित किया…। मैं ये नहीं कहूंगा कि वो (मोदी सरकार) लोकतंत्र के विरोधी हैं, लेकिन वो नेहरू विरोधी जरूर हैं। नेहरू को आसान बली का बकरा बना दिया गया है।' उन्होंने कहा, 'कुछ मामलों में उनका (मोदी सरकार की) आलोचना का आधार हो सकता है। उदाहरण के लिए, 1962 में चीन के खिलाफ हार का कुछ श्रेय नेहरू के कुछ फैसलों को दिया जा सकता है।' पार्टी लाइन पर दी थी सफाई थरूर ने सोमवार को कहा कि वह कभी भी पार्टी लाइन से अलग नहीं हुए हैं। उन्होंने कहा, 'मेरा सवाल यह है कि किसने कहा कि मैंने पार्टी की विचारधारा का उल्लंघन किया है? मैंने विभिन्न विषयों पर अपनी राय व्यक्त की है, लेकिन अधिकतर मामलों में पार्टी और मैं एक ही रुख पर कायम रहे हैं।' थरूर ने कहा कि उन्होंने संसद में मंत्रियों के सामने जो सवाल उठाए थे, उनकी एक स्पष्ट दिशा थी और पार्टी को उनसे परेशान नहीं होना चाहिए। यादों की गलियों में सफर अपनी यादों को ताजा करते हुए शशि थरूर ने बताया कि उन्हें पढ़ने का शौक बचपन में ही लग गया था, जब न टीवी था और न ही मोबाइल फोन. कांग्रेस सांसद ने याद किया कि उन्होंने पहली बार बहुत कम उम्र में ही उपन्यास लिखा था, लेकिन बाद में वह स्याही गिरने की वजह से खो गया. शशि थरूर ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में पढ़ने की आदतें कम हो रही हैं, लेकिन केरल में पढ़ने की संस्कृति अब भी आगे है. कांग्रेस नेता ने दिल्ली के प्रसिद्ध सेंट स्टीफन कॉलेज के अपने कॉलेज के दिनों को भी याद किया, जहां उन्होंने एक बार मंच पर एंटनी का किरदार निभाया था और फिल्म निर्माता मीरा नायर ने क्लियोपेट्रा की भूमिका निभाई थी.

रायपुर: मंत्री जायसवाल ने शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया, व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के दिए निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश रायपुर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज राजधानी रायपुर के आयुर्वेदिक हॉस्पिटल कैंपस स्थित 50 बिस्तर वाले शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं की गुणवत्ता की जांच करना और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति को आमजन के लिए अधिक प्रभावी बनाना था।  निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से अवलोकन किया और वहां उपलब्ध संसाधनों तथा मरीजों को दी जा रही उपचार सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। उसके साथ ही स्वास्थ्य मंत्री ने वहां तैनात चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य स्टाफ के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि  बेहतर उपचार और स्वास्थ्य संसाधनों का विस्तार करना सरकार की प्राथमिकता है, ताकि इसका सीधा लाभ मरीजों को मिले।

हिमाचल के हरिपुरधार में प्राइवेट बस खाई में गिरी, 7 लोग मरे, 50 घायल

 सिरमौर  सिरमौर जिले के हरिपुरधार में निजी बस हादसे में नौ के करीब लोगों की मौत हो गई है। जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घायलों को घटनास्थल से निकाला जा रहा है। वहीं बचाव कार्य तेजी से चलाया जा रहा है। ये बस कुपवी से शिमला जा रही थी। जो हरिपुरधार के पास खाई में गिर गई। जानकारी के अनुसार बस में 30 से 35 लोग सवार थे। स्थानीय लोग हादसे में घायलों को बाहर सड़क तक लेकर आ रहे हैं। घटना के बाद मौके पर चीखों पुकार मची है। हादसा इतना भयानक था कि बस के परखच्चे उड़ गए हैं। जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुई बस शिमला से कुपवी की ओर जा रही थी. दुर्घटना हरिपुरधार बाजार पहुंचने से पहले उस समय हुई, जब बस अचानक अनियंत्रित होकर खाई में लुढ़क गई. बस में 50 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया. इसके साथ ही पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें भी घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गईं. घायलों को खाई से निकालकर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया जा रहा है, जबकि गंभीर रूप से घायल यात्रियों को उच्च चिकित्सा केंद्रों में रेफर किए जाने की तैयारी है. दुर्घटना के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.  दरअसल, हरिपुरधार बाजार से ठीक पहले यह बस खाई में गिरी है. हालांकि, हादसे के पीछे की वजह पता नहीं चल पाई है. घटना के बाद लोगों की भीड़ मौके की तरफ भागी और लोगों को हादसे का शिकार बस से निकाला. अहम बात है कि बस के परखच्चे उड़ गए हैं. बताया जा रहा है कि बस खचाखच्च भरी हुई थी. फिलहाल, घायलों की संख्या का पता नहीं चल पाया है. लेकिन उन्हें हरिपुरधार अस्पताल में भर्ती किया गया है. डिप्टी सीएम मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि सिरमौर जिला के हरिपुरधार में सोलन से हरिपुरधार जा रही निजी बस के गहरी खाई में गिरने से 7 लोगों के दुःखद निधन एवं कई यात्रियों के घायल होने का समाचार अत्यंत पीड़ादायक है. इस भीषण हादसे में दिवंगत आत्माओं को ईश्वर अपने श्रीचरणों में स्थान तथा शोकाकुल परिवारों को यह अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें. ईश्वर से घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करतें हैं. सुक्खू सरकार में मंत्री और सिरमौर के शिलाई से विधायक हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि अब तक 8 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है. हादसे के कारणों का पता नहीं चला है. पांच लोगों को रेफर किया है. जिला प्रशासन में अलर्ट है. नाहन, संगड़ाह और ददाहू अस्पतालों में अलर्ट भेजा गया है. हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में बस हादसा. उधर, रेणुका जी से कांग्रेस विधायक और मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने बताया किया कि अभी-अभी एक अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है कि हरिपुरधार में जीत कोच बस का एक गंभीर सड़क हादसा हो गया है। यह घटना अत्यंत पीड़ादायक है और इससे हम सभी व्यथित हैं. उन्होंने बताया कि एसपी और डीसी से बात की है. वह कहते हैं कि बस में 60 से अधिक लोग सवार थे. प्रशासन को फौरी राहत देने के लिए भी कहा है और घायलों का इलाज मुफ्त किया जाएगा. कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विनम्र अपील: विधायक उन्होंने बताया कि मेरी हरिपुरधार ज़ोन के सभी कांग्रेस कार्यकर्ताओं से विनम्र अपील है कि वे तुरंत घटनास्थल पर पहुँचकर प्रशासन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर राहत एवं बचाव कार्य में पूरा सहयोग करें. इस कठिन घड़ी में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ खड़ा होना हमारा नैतिक दायित्व है, ईश्वर से प्रार्थना है कि सभी घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ मिले। इस दुख की घड़ी में कांग्रेस परिवार पूरी संवेदना और एकजुटता के साथ पीड़ितों के साथ खड़ा है. उन्होंने कहा कि वह कांगड़ा दौरे पर पालमपुर पहुंचे थे. लेकिन अब अपने विधानसभा क्षेत्र लौट रहे हैं.  केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत कई नेताओं ने जताया दुख हादसे को लेकर केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा, प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल, भाजपा सांसद एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर, सांसद राजीव भारद्वाज, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर एवं सांसद सुरेश कश्यप ने गहरा शोक व्यक्त किया है. प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने शोक संदेश में कहा कि अनेक लोगों की असमय मृत्यु होना अत्यंत दुखद, पीड़ादायक और हृदयविदारक है, डॉ. बिंदल ने कहा कि यह घटना पूरे प्रदेश के लिए गहरे शोक का विषय है.  

ट्रंप के टैरिफ से बाजार में गहरा संकट, 13 लाख करोड़ की गिरावट, 5 दिनों में सेंसेक्स 2200 अंक टूटा

मुंबई  सोमवार से लेकर शुक्रवार तक पूरा सप्‍ताह भारतीय शेयर बाजार के लिए बुरा वक्‍त रहा. पिछले पांच दिनों के दौरान सेंसेस में करीब 2200 अंकों की गिरावट आई है. सप्‍ताह के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्‍स 604 अंक टूटकर 83576 और निफ्टी 193 अंक गिरकर 25683 लेवल पर बंद हुआ. निफ्टी बैंक में भी 435 अंकों की गिरावट आई.  BSE टॉप 30 शेयरों में 21 शेयर लाल निशान पर बंद हुए, जबकि 9 शेयर हरे निशान पर थे. पिछले पांच कारोबारी दिनों के दौरान सेंसेक्‍स में 2186 अंकों की बड़ी गिरावट आई है. वहीं NSE निफ्टी में 2.5 फीसदी की गिरावट रही है. इस भारी गिरावट के कारण लगातार पांच कारोबारी सत्रों में बीएसई के मार्केट कैप में 13 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा की गिरावट रही.  इस बड़ी गिरावट के कारण बीएसई के मिड-कैप और स्मॉल-कैप इंडेक्‍स में गिरावट दर्ज की गई. यह बिकवाली मुख्य रूप से रूस से तेल आयात करने वाले देशों के खिलाफ अमेरिकी व्यापारिक कार्रवाइयों में बढ़े टेंशन के कारण हुआ है. आइए जानते हैं किन-किन कारणों से शेयर बाजार में गिरावट आई है.   5 दिन में 13 लाख करोड़ साफ बीएसई के मार्केट कैप के आधार पर मापी गई निवेशक संपत्ति पिछले सत्र के 472.25 लाख करोड़ रुपये से घटकर 467.87 लाख करोड़ रुपये रह गई, जिसमें 4.38 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई है. पिछले पांच सत्रों में यह आंकड़ा 13.37 लाख करोड़ रुपये कम हुआ है.  क्‍यों आई भारतीय शेयर बाजार में गिरावट?      अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक विधेयक को मंजूरी दे दी है जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बावजूद रूसी तेल खरीदना जारी रखने वाले भारत, चीन और ब्राजील जैसे देशों पर टैरिफ में भारी वृद्धि हो सकती है, जो 500% तक हो सकता है.      विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली ने पांच दिनों की गिरावट के दौरान बाजार की कमजोरी को और बढ़ा दिया है. विदेशी निवेशकों ने 8 जनवरी को 3,367.12 करोड़ रुपये के भारतीय शेयर बेचे.      ग्लोबल बाजारों में कमजोरी ने भारतीय इक्विटी में सतर्कता को और भी बढ़ा दिया है. एशियाई स्टॉक मार्केट थोड़े नीचे आए हैं. साथ ही भारत अमेरिका में डील भी रुका हुआ है.        डोनाल्‍ड ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में आज फैसला आने वाला है. जिसमें यह तय होगा कि क्‍या दूसरे देशों पर टैरिफ लगाना उचित है कि नहीं.      कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें भारतीय इक्विटी के लिए एक और चुनौती बनकर उभरी हैं, खासकर देश की कच्चे तेल के आयात पर भारी निर्भरता को देखते हुए. भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से तेल की कीमतें बढ़ीं और ग्‍लोबल दबाव दिख रहा है.  

145 मौतों के बाद सरकार का कदम – स्लीपर कोच बसों के लिए सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू

नई दिल्ली पिछले 6 महीनों में देश भर में स्लीपर कोच बसों की अलग-अलग दुर्घटनाओं में तकरीबन 145 लोगों की जान चली गई. स्लीपर कोच बसों में लगातार हो रही आग की घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने यात्री सुरक्षा को लेकर बड़ा और सख्त फैसला लिया है. जिसके तहत अब स्लीपर कोच बसों का निर्माण केवल मान्यता प्राप्त कंपनियां ही करेंगी. इसके अलावा मौजूदा बसों में भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए जरूरी गाइडलाइन जारी की गई है. पिछले छह महीनों में स्लीपर बसों में होने वाल भयानक एक्सीडेंट में 145 लोगों की मौत के बाद सरकार ने सुरक्षा नियमों को और मजबूत कर दिया है. इसका मकसद लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों को सुरक्षित रखना है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नए नियमों की घोषणा करते हुए कहा कि, "अब स्लीपर बसों का निर्माण केवल वही ऑटोमोबाइल कंपनियां या निर्माता कर सकेंगे, जिन्हें केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त हो.  नए नियम के तहत स्थानीय और मैनुअल बॉडी बिल्डर्स को स्लीपर बस बनाने की अनुमति नहीं होगी. सरकार का मानना है कि इससे मैन्युफैक्चरिंग क्वॉलिटी और सेफ्टी लेवल में बड़ा सुधार होगा. ऐसा देखा जाता है कि, ट्रैवेल एजेंसियां लोकल बॉडी मेकर्स से अपने मन माफिक बसों का निर्माण कराती हैं, जिसमें सेफ्टी स्टैंडर्ड पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता है.   मौजूदा स्लीपर बसों में लगेंगे जरूरी सेफ्टी फीचर्स सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि देश में चल रही सभी मौजूदा स्लीपर बसों को अनिवार्य रूप से नए सेफ्टी डिवाइसेज से लैस किया जाए. इनमें फायर डिटेक्शन सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग, ड्राइवर को नींद का अलर्ट देने वाला सिस्टम यानी ADAS, इमरजेंसी एग्जिट और सेफ्टी हैमर शामिल हैं. सरकार का मानना है कि, ये सेफ्टी फीचर्स और डिवाइसेज किसी भी आपात स्थिति में बड़े मददगार साबित होंगे. AIS-052 और नए बस बॉडी कोड का पालन जरूरी नए नियमों के अनुसार सभी स्लीपर बसों को AIS-052 बस बॉडी कोड और मॉडिफाइड बस बॉडी कोड का पालन करना अनिवार्य होगा. यह मॉडिफाइड कोड 1 सितंबर 2025 से लागू हो चुका है. इसके बिना किसी भी स्लीपर बस को ऑपरेट नहीं किया जा सकेगा. यानी ऐसी बसें जो इस कोड का पालन नहीं करती हैं वो सड़कों पर नहीं दिखेंगी. बड़े फैसलों पर एक नज़र     स्लीपर बसों का निर्माण अब केवल ऑटोमोबाइल कंपनियां या केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त निर्माता ही कर सकेंगे.     स्थानीय और मैनुअल बॉडी बिल्डर्स को अब स्लीपर बस बनाने की अनुमति नहीं होगी.     देश में चल रही सभी मौजूदा स्लीपर बसों में जरूरी सेफ्टी फीचर्स लगाना अनिवार्य होगा. मौजूदा स्लीपर बसों में देना होगा ये फीचर     फायर डिटेक्शन सिस्टम     इमरजेंसी लाइटिंग सिस्टम     ड्राइवर की नींद का अलर्ट देने वाला सिस्टम      एडवांस ड्राइवर असिस्टें सिसटम (ADAS)     इमरजेंसी एग्जिट और सेफ्टी हैमर क्या है AIS-052 बस बॉडी कोड AIS-052 यानी ऑटोमोटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड-052 भारत का आधिकारिक बस बॉडी सेफ़्टी और डिजाइन कोड है. इसमें बस के मैन्युफैक्चरिंग, स्ट्रक्चर और सेफ्टी से जुड़े जरूरी स्टैंडर्ड तय किए गए हैं. चाहे बस फैक्ट्री में बनी हो या कोच बिल्ट हो, रजिस्ट्रेशन और सड़क पर चलने से पहले इन नियमों का पालन जरूरी होता है. यह स्टैंडर्ड केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है. सरकार का कहना है कि इन कड़े कदमों का उद्देश्य भविष्य में होने वाली दुखद घटनाओं को रोकना और लंबी दूरी की स्लीपर कोच सेवाओं में यात्रियों की सुरक्षा को काफी बेहतर बनाना है. नए नियमों से स्लीपर बसों की क्वॉलिटी और भरोसे में भी इजाफा होने की उम्मीद जताई जा रही है.