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ग्रीनलैंड विवाद बढ़ने पर डेनमार्क का गंभीर संदेश, ‘घुसपैठ पर गोली चलाएंगे’ – अमेरिका को चेतावनी

कोपेनहेगन वेनेजुएला पर अमेरिका के अटैक के बाद मेक्सिको भी सुर्खियों में हैं. ऐसे में डेनमार्क ने बयान जारी करते हुए अपना रुख साफ किया है. डेनमार्क के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि अगर कोई डेनिश इलाके में घुसपैठ करता है, तो सैनिक तुरंत जंग शुरू करेंगे और अपने कमांडरों के आदेश का इंतज़ार किए बिना गोली चला देंगे.  डेनमार्क ने यह  बात तब कही है, जब अमेरिका ग्रीनलैंड पर मिलिट्री कार्रवाई करने के बारे में सोच रहा है. मंत्रालय ने स्थानीय अखबार बर्लिंगस्के (Berlingske) को बताया कि 1952 (कोल्ड वॉर) का निर्देश साफ तौर पर कहता है कि अगर कोई विदेशी सेना डेनिश इलाके को धमकी देती है, तो सैनिकों को आदेश का इंतज़ार किए बिना पहले गोली चलानी होगी. यह निर्देश अप्रैल 1940 में तब बनाया गया था, जब नाज़ी जर्मनी ने डेनमार्क पर हमला किया था, जिससे इस स्कैंडिनेवियाई देश में कम्युनिकेशन सिस्टम आंशिक रूप से ठप हो गया था, और यह आज तक लागू है. कब माना जाएगा हमला? ग्रीनलैंड में डेनमार्क की मिलिट्री अथॉरिटी जॉइंट आर्कटिक कमांड यह तय करेगी कि द्वीप पर किस चीज़ को हमला माना जा सकता है. यह बयान तब सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नज़रें ग्रीनलैंड पर टिकी हुई हैं, जिसकी देखरेख डेनमार्क करता है, और उन्होंने बार-बार धमकी दी है कि अगर ज़रूरत पड़ी तो वे इस स्वायत्त ज़मीन पर ज़बरदस्ती कब्ज़ा कर लेंगे. ट्रंप ने दावा किया है कि रूसी और चीनी जहाज़ों की मौजूदगी की वजह से यह आर्कटिक इलाका अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बहुत ज़रूरी है. हालांकि, डेनमार्क और ग्रीनलैंड ने बार-बार कहा है कि यह इलाका बिक्री के लिए नहीं है. डेनिश प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिकसेन ने इस हफ़्ते चेतावनी दी थी कि ग्रीनलैंड पर कब्ज़ा करने की कोई भी मिलिट्री कोशिश NATO के खत्म होने की वजह बनेगी. उन्होंने डेनिश ब्रॉडकास्टर TV2 से कहा, "अगर यूनाइटेड स्टेट्स किसी दूसरे NATO देश पर मिलिट्री हमला करने का फैसला करता है, तो सब कुछ रुक जाएगा." 'दुनिया की रक्षा के लिए अहम…' अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को फॉक्स न्यूज़ से बात करते हुए ग्रीनलैंड पर अमेरिकी रुख को सही ठहराया और कहा कि डेनमार्क यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त काम करने में फेल रहा है कि आर्कटिक इलाका 'विश्व सुरक्षा के लिए एक आधार के रूप में काम कर सके.'  उन्होंने कहा, "यूरोप राष्ट्रपति और पूरे प्रशासन द्वारा दिए गए मूलभूत तर्क का सामना करने में फेल रहा है. ग्रीनलैंड न केवल अमेरिका की, बल्कि दुनिया की सुरक्षा के लिए भी अहम है." जेडी वेंस ने मिसाइल रक्षा में इस क्षेत्र की भूमिका पर ज़ोर दिया.

दंतेवाड़ा में 63 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, एक करोड़ से अधिक के थे इनाम, 18 महिलाएं भी शामिल

दंतेवाड़ा. छत्तीसगढ़ राज्य सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ यानी घर वापसी अभियान के तहत कुल 63 इनामी नक्सलियों ने एक साथ आत्मसमर्पण किया है. इन नक्सलियों पर कुल 1 करोड़ 19 लाख 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था. खास बात यह रही कि आत्मसमर्पण करने वालों में 16 महिला नक्सली भी शामिल हैं, जो लंबे समय से बस्तर और उससे सटे इलाकों में सक्रिय थीं. नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले से नक्सलवाद के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी सफलताओं में से एक सामने आई है. यह आत्मसमर्पण न सिर्फ संख्या के लिहाज से बड़ा है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर नक्सल नेटवर्क के लिए गहरा झटका माना जा रहा है. दंतेवाड़ा पुलिस और जिला प्रशासन के समन्वित प्रयासों ने यह साबित कर दिया है कि सरकार की पुनर्वास आधारित नीति जमीन पर असर दिखा रही है. दंतेवाड़ा में हुआ यह सामूहिक सरेंडर केवल स्थानीय स्तर की घटना नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे बस्तर संभाग और पड़ोसी राज्यों तक देखा जा रहा है. आत्मसमर्पित नक्सली दरभा डिवीजन, दक्षिण बस्तर, पश्चिम बस्तर, माड़ क्षेत्र और ओडिशा राज्य के सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय थे. इनमें से कई नक्सली संगठन में अहम पदों पर रहे हैं और लंबे समय से हिंसक गतिविधियों में शामिल थे. सुरक्षा बलों के लगातार ऑपरेशन, जंगलों में बढ़ती घेराबंदी, और दूसरी ओर सरकार की पुनर्वास नीति ने नक्सलियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाया. यही कारण है कि अब हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की प्रवृत्ति तेज हो रही है. यह घटना नक्सलवाद के कमजोर पड़ते ढांचे और बदलते बस्तर की एक बड़ी तस्वीर पेश करती है. प्रमुख नक्सली नेताओं का आत्मसमर्पण आत्मसमर्पण करने वालों में पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी के सचिव मोहन कड़ती भी शामिल है, जिसने अपनी पत्नी के साथ आत्मसमर्पण किया है। इन नक्सलियों पर कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक का इनाम घोषित था, जो उनकी नक्सली गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है। इस बड़े पैमाने पर हुए आत्मसमर्पण से नक्सलियों के संगठन को बड़ा झटका लगा है। अभियान की व्यापकता यह आत्मसमर्पण केवल छत्तीसगढ़ प्रदेश के नक्सलियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसमें छत्तीसगढ़ प्रदेश के बाहर के भी नक्सली शामिल हैं। यह इस बात का संकेत देता है कि राज्य की पुलिस और सुरक्षा बल नक्सलवाद के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई कर रहे हैं और नक्सलियों के प्रभाव को कम करने में सफल हो रहे हैं। लोन वर्राटू (घर वापसी) अभियान के तहत नक्सलियों को मुख्यधारा में वापस लाने के प्रयास सफल हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। सुरक्षाबलों के प्रयास सुरक्षा बलों द्वारा लगातार चलाए जा रहे सघन अभियान, नक्सलियों के विरुद्ध मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने और उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को सरकार की पुनर्वास नीतियों के तहत मुख्यधारा में एकीकृत करने और उन्हें बेहतर जीवन जीने के अवसर प्रदान करने की व्यवस्था की जाएगी। इस सफलता से क्षेत्र में सुरक्षा की स्थिति में सुधार की उम्मीद है और विकास कार्यों को गति मिलेगी। यह घटना छत्तीसगढ़ सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।  ‘पूना मारगेम’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की भूमिका दंतेवाड़ा में नक्सलियों के इस बड़े सरेंडर के पीछे ‘पूना मारगेमः पुनर्वास से पुनर्जीवन’ और ‘लोन वर्राटू’ अभियान की अहम भूमिका मानी जा रही है. इन अभियानों का उद्देश्य नक्सलियों को केवल हथियार छोड़ने के लिए मजबूर करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मानजनक जीवन का विकल्प देना है. सरकार का फोकस भरोसा, संवाद और पुनर्वास पर रहा है. एसपी गौरव राय का बयान दंतेवाड़ा पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने इसे पुलिस और राज्य सरकार की बड़ी सफलता बताया. उन्होंने कहा कि नक्सली विचारधारा छोड़कर मुख्यधारा में लौटना यह साबित करता है कि विकास और विश्वास की नीति सफल हो रही है. आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की सभी योजनाओं से जोड़ा जाएगा.

नर्मदापुरम में बनेगा सिक्योरिटी पेपर, 1788 करोड़ के निवेश से करारे नोटों के कागज तैयार होंगे

नर्मदापुरम  मध्य प्रदेश का नर्मदापुरम अब नोटों के कागज बनाने के मामले में पूरे देश में नई पहचान दर्ज कराएगा. भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने नर्मदापुरम की सिक्योरिटी पेपर मिल (SPM) यानि प्रतिभूति कागज कारखाना के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए कुल 1788 करोड़ रुपये की राशि को संसद में मंजूर किया है. इस राशि से SPM में पूरे कागज कारखाने का अपग्रेडेशन होगा. वहीं नोटों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई मशीन भी लगाई जायेगी. लंबे समय से उठ रही थी मांग नर्मदापुरम नरसिंहपुर लोकसभा क्षेत्र के सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना के आधुनिकीकरण और विस्तार की मांग उठाई थी. उन्होंने इस बात को लोकसभा में वित्त मंत्रालय के समक्ष भी उठाया था. लंबे समय से इसकी मांग चल रही थी. इसी मांग के चलते केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की सहमति के बाद अब SPM नर्मदापुरम के विकास और नई पेपर मशीन की स्थापना की मांग को देखते हुए वित्त मंत्रालय ने SPM के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए 1788 करोड़ की राशि स्वीकृत कर दी. इस राशि का उपयोग कारखाने की उत्पादन क्षमता को बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने के लिए होगा. इस परियोजना से SPM का विकास होगा, जिसका उद्देश्य देश में बैंक नोटों और अन्य सुरक्षा-संबंधित कागजात की बढ़ती मांग को पूरा करना है. जो क्षेत्र के औद्योगिक विकास और रोजगार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी. देश को करारे नोटों का कागज देता है मध्य प्रदेश का मिल जिन करारे रंगीन करेंसी को लेकर लोग इतराते फिरते हैं वो मध्य प्रदेश की एक खास मिल से निकलती है. यहां के जैसा पेपर देश की कोई भी मिल में जेनेरेट नहीं हो पाती. खासियत ऐसी की जानकर चौक जाएंगे. यह पेपर जो बाद में नोट में तब्दील हो जाते हैं इन्हे बनाने के लिए रुई है. जी हां कॉटन और गोंद के बेहतरीन ब्लेंड से तैयार होते हैं भारतीय नोट. ये नोट हमारे और आपके घर की ही नहीं बल्की देश की इकॉनमी रन करते हैं. क्या है नोटों वाले कॉटन के पेपर की खासियत भारतीय रिजर्व बैंक के इन नोटों वाले पेपर की खूबी ऐसी है कि इन पर पानी को अपना रंग दिखाने में लंबा वक्त लगता है. भीगने के बाद भी ये तत्काल नहीं गलता. पसीने का तो इन पर कोई बड़ा असर नहीं होता. बिना मिलावट वाला शुद्ध कॉटन ही इस कागज और साथ ही नोट को वो रुप देता है जिससे इसमें सारी खासियतें आती हैं और ये बेहद टिकाऊ बन जाते हैं. कब से तैयार हो रहा नर्मदापुरम में करारे नोटों का कागज मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिसे अब नर्मदापुरम कहते हैं वहां 1967 में करेंसी नोट के लिए कागज तैयार करने का काम शुरु हुआ. इसके लिए पहला कारखाना खोला गया. अब यहां सरकार नए सिरे से इंवेस्टमेंट कर रही है. यहां अब 1788 करोड़ रुपए का इंवेस्टमेंट किया जा रहा है. यही वो कारखाना है जिसमें देश की विदेशी कागज पर नोटों की निर्भरता खत्म की थी. SPMCIL की प्रमुख इकाई है SPM नर्मदापुरम का प्रतिभूति कागज कारखाना भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) की एक प्रमुख इकाई है, जो देश की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशील कागज आवश्यकताओं की पूर्ति करती है. यहां वर्तमान में संचालित पुरानी मशीनों के स्थान पर नवीन अत्याधुनिक पेपर मशीन की स्थापना से उत्पादन क्षमता, गुणवत्ता और आत्मनिर्भरता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी. इस परियोजना से न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ होगी, बल्कि नर्मदापुरम क्षेत्र में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, औद्योगिक सुदृढ़ीकरण, स्थानीय युवाओं को तकनीकी अवसर तथा क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी. इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान तथा केंद्रीय मंत्रिमंडल एवं शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया गया है. सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कहा कि, ''यह निर्णय नर्मदापुरम को औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान दिलाने वाला सिद्ध होगा.''  नर्मदापुरम के प्रतिभूति कागज कारखाना के PRO संजय भावसार ने जानकारी देते हुए बताया कि, ''इस यूनिट की स्थापना के लिए कैबिनेट से स्वीकृति मिल गई है. इस बारे में अभी हमारे यहां अभी विस्तृत रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है. इस यूनिट की स्थापना होने से SPM के साथ ही क्षेत्र और देश के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि रहेगी.'' 1967 में हुई थी स्थापना की शुरुआत SPM, भारत का प्रमुख औद्योगिक संस्थान है, यह भारत प्रतिभूति मुद्रण तथा मुद्रा निर्माण निगम लिमिटेड (SPMCIL) की एक इकाई है. जो भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के अंतर्गत काम करता है. इसकी स्थापना औपचारिक शुरुआत 9 मार्च 1967 को तत्कालीन भारत के उप प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई द्वारा की गई थी. इसमें उत्पादन कार्य 1968 में प्रारंभ हुआ. इस कारखाने का मुख्य कार्य बैंक नोटों के लिए उच्च सुरक्षा वाले कागज, गैर-न्यायिक स्टाम्प पेपर और पासपोर्ट के लिए कागज का निर्माण करना है. यहां उत्पादित कागज का उपयोग देवास (BNP) और नासिक (CNP) के करेंसी नोट प्रेस द्वारा नोट छापने के लिए किया जाता है. यह वित्त मंत्रालय, भारत सरकार के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत गैर-वाणिज्यिक उपक्रम के रूप में अधिसूचित किया गया था. यह एक भारत की उच्च गुणवत्ता वाले बैंक नोट और अन्य सुरक्षा कागजात बनाने का काम करती है. 2006 में निगमीकरण के समय यह एसपीएमसीआईएल की एक इकाई बन गई. 

योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो व वालमार्ट के बीच हुआ एमओयू

यूपी के एमएसएमई को ग्लोबल मार्केट से जोड़ेगा वालमार्ट वृद्धि कार्यक्रम योगी सरकार का बड़ा कदम, एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो व वालमार्ट के बीच हुआ एमओयू प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल, ई-कॉमर्स और निर्यात प्रतिस्पर्धा के लिए किया जाएगा तैयार एमओयू तीन साल तक होगा प्रभावी, आपसी सहमति से बढ़ेगा कार्यकाल डिजिटल ऑनबोर्डिंग, ई-कॉमर्स और ग्लोबल वैल्यू चेन में जोड़ा जाएगा एमएसएमई लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। एक्सपोर्ट प्रमोशन ब्यूरो (EPB), MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार और वॉलमार्ट इंक के बीच, वॉलमार्ट वृद्धि सप्लायर डेवलपमेंट प्रोग्राम के अंतर्गत, आइडियाज टू इंपैक्ट फाउंडेशन के माध्यम से एक रणनीतिक, गैर-वित्तीय एमओयू हस्ताक्षरित किया गया। यह समझौता तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा और आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। इस सहयोग के तहत प्रदेश के एमएसएमई को डिजिटल सशक्तिकरण, ई-कॉमर्स रेडीनेस, पैकेजिंग, क्वालिटी, सर्टिफिकेशन और मार्केट एक्सेस के क्षेत्रों में क्षमता-वृद्धि प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। उद्यमियों को मिलेगा फ्री-ऑफ-कॉस्ट प्रशिक्षण एवं मेंटरशिप इस एमओयू का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के एमएसएमई को राष्ट्रीय एवं वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़कर निर्यात में वृद्धि और रोजगार सृजन को गति देना है। वॉलमार्ट वृद्धि के तहत उद्यमियों को फ्री-ऑफ-कॉस्ट प्रशिक्षण एवं मेंटरशिप प्रदान की जाएगी और उन्हें घरेलू तथा सीमा-पार ई-कॉमर्स व्यापार में भागीदारी हेतु तैयार किया जाएगा। प्रदेश के निर्यातकों की वैश्विक बाजार में प्रवेश बाधाएं कम होंगी योगी सरकार द्वारा लागू उत्तर प्रदेश निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025–30 में ई-कॉमर्स निर्यात पर विशेष बल दिया गया है। इसके अंतर्गत ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर पहली बार लिस्टिंग के लिए राज्य सरकार द्वारा एकमुश्त 75% शुल्क, अधिकतम तीन लाख रुपए तक का प्रोत्साहन प्रदान किया जा रहा है। इससे प्रदेश के निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रवेश बाधाएं कम होंगी। नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी साझेदारी हस्ताक्षर समारोह में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास, MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई विभाग आलोक कुमार सहित वॉलमार्ट, फ्लिपकार्ट और EPB के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर आलोक कुमार ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आज देश का उभरता हुआ निर्यात और ई-कॉमर्स हब बन रहा है। MSME हमारे राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। इस कार्यक्रम के साथ यह साझेदारी उनके लिए नए अवसर, नए बाजार और नई संभावनाएं खोलेगी।

मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया

दुनिया में जिसे भी लोकतंत्र को जानना है उसे भारत से सीखना होगा : योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी ने ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक का विमोचन किया सिक्कों के प्रमाण से भारत की एकता और लोकतांत्रिक परंपरा को मुख्यमंत्री योगी ने किया रेखांकित पश्चिमी दुष्प्रचार को तथ्य और साक्ष्य से चुनौती देने वाला ग्रंथ है प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के: मुख्यमंत्री योगी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कहा कि भारत ने हमेशा सनातन संस्कृति और इतिहास से जुड़े प्रमाणों को प्रमुखता से रखा है। उन्होंने कहा कि ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ पुस्तक भारत की लोकतांत्रिक चेतना, ऐतिहासिक एकता और हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक विरासत को प्रमाणों के साथ प्रस्तुत करने वाला एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो वर्षों से किए जा रहे पश्चिमी दुष्प्रचार का तथ्यात्मक उत्तर देता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के बारे में यदि किसी को जानना है तो उसे भारत से सीखना होगा। इसी को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जी-20 समिट के दौरान कहा था कि भारत केवल दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र नहीं है बल्कि भारत लोकतंत्र की जननी भी है। इसका प्रमाण वैशाली है जो दुनिया के प्रारंभिक गणराज्यों में से एक था।             मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को मुख्यमंत्री आवास के सभागार में हिंदुजा फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित पुस्तक ‘प्रारंभिक उत्तर भारत व इसके सिक्के’ का विमोचन किया। इस अवसर पर उन्होंने फाउंडेशन द्वारा संग्रहित दुर्लभ और प्राचीन ऐतिहासिक सिक्कों का अवलोकन भी किया। कार्यक्रम में हिंदुजा फाउंडेशन के जनकल्याणकारी कार्यों को दर्शाती लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। भारत ने सभी को दिया समान अवसर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दुनिया की कौन सी ऐसी जाति, मत व संप्रदाय हैं जिसकी भारत ने मदद नहीं की और शरण देकर फलने-फूलने का अवसर नहीं दिया। दुनिया के अंदर क्या कोई और देश या मत, मजहब है जो इस बात की घोषणा करता हो "अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्, उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्", ये केवल भारत ही कर सकता है। मुख्यमंत्री योगी ने “दुर्लभं भारते जन्म, मानुष्यं तत्र दुर्लभम्” का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में जन्म लेना सौभाग्य है और मनुष्य के रूप में जन्म लेना उससे भी अधिक दुर्लभ। उन्होंने कहा कि पश्चिमी विद्वानों द्वारा लंबे समय तक यह प्रचार किया गया कि भारत कभी एक इकाई नहीं था, जबकि वर्ष 1947 का विभाजन स्वयं ब्रिटिश साजिश का परिणाम था। उन्होंने “उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्। वर्षं तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः॥” श्लोक का उल्लेख करते हुए कहा कि यही भारतवर्ष है, जिसमें ऐतिहासिक रूप से आज का पाकिस्तान और बांग्लादेश भी सम्मिलित रहे हैं। हजारों वर्षों की इस विरासत को भुलाने वाले ही भारत की अखंडता पर प्रश्न उठाते हैं। सिक्कों में सुरक्षित भारत का प्रामाणिक इतिहास मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पुस्तक में अयोध्या, मथुरा, कौशाम्बी, काशी और पांचाल सहित अनेक क्षेत्रों के तांबे, चांदी और मिश्रित धातुओं से बने सिक्के उस समय की ऐतिहासिक, भौगोलिक और व्यापारिक स्थिति को प्रमाणित करते हैं। भारत ने सदैव तथ्य और साक्ष्य के साथ अपनी बात रखी है, जबकि पश्चिमी देशों ने लोकतंत्र को अपना योगदान बताकर इतिहास को विकृत करने का प्रयास किया।  मापन, मुद्रा और विज्ञान की सनातन परंपरा मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि भारत ने सबसे पहले मापन और तोल की वैज्ञानिक व्यवस्था दी। माशा, तोला जैसी इकाइयां आज भी प्रचलन में हैं, विशेषकर धातुओं और सोने की तोल में। प्राचीन सिक्कों के मापक भी उसी वैज्ञानिक प्रणाली पर आधारित थे, जो भारत की उन्नत बौद्धिक परंपरा को दर्शाते हैं। मुख्यमंत्री योगी ने मौर्य शासनकाल को भारत का स्वर्ण युग बताते हुए कहा कि उस समय विश्व की अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 46 प्रतिशत थी। 15वीं सदी तक यह 24 प्रतिशत रही, लेकिन विदेशी शासकों के दोहन के कारण स्वतंत्रता के समय यह घटकर डेढ़ से दो प्रतिशत रह गई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। विजन-2047 और विरासत पर गौरव मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का विजन-2047 पंच प्रण और 11 संकल्पों के साथ हर भारतीय को जोड़ता है। इसका पहला प्रण ही विरासत पर गौरव की अनुभूति करना है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम का पुनरोद्धार और सनातन धरोहरों का संरक्षण इसी विजन का साकार रूप है। सावित्री-सत्यवान ऐतिहासिक प्रमाणों से पुष्ट कार्यक्रम में पुस्तक के लेखक प्रो. देवेन्द्र हांडा ने बताया कि ब्रिटिश म्यूजियम में संरक्षित एक सिक्के पर ‘सावित्री पुत्र जनपदस’ अंकित है। इससे सिद्ध होता है कि सावित्री-सत्यवान की कथा केवल कल्पना नहीं, बल्कि सनातन इतिहास की वास्तविक घटनाओं से जुड़ी है। उन्होंने मद्र राज तथा पोरस के वंशजों के सिक्कों का भी उल्लेख किया, जो प्रचलित ऐतिहासिक धारणाओं को चुनौती देते हैं। हिंदुजा फाउंडेशन का शोधपरक प्रयास हिंदुजा समूह के अशोक हिंदुजा ने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत अपनी सनातन संस्कृति को वैज्ञानिक शोध और प्रमाणों के साथ दुनिया के सामने रखे। यह पुस्तक उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व की सराहना करते हुए उत्तर प्रदेश में आगे भी निवेश का भरोसा जताया। कार्यक्रम में हिंदुजा समूह के ट्रस्टी पीपी हिंदुजा, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह, पुस्तक के लेखक प्रो. देवेन्द्र हांडा तथा हिंदुजा परिवार के वरिष्ठ सदस्य और पदाधिकारी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट: दिसंबर 2026 तक सेंसेक्स 95,000 तक पहुंच सकता है

मुंबई   भारत का शेयर बाजार आने वाले समय में अच्छा-खासा मुनाफा दे सकता है। मजबूत आर्थिक स्थिति, स्थिर बाजार, सही कीमत पर शेयरों की उपलब्धता और ग्रोथ साइकिल के चलते भारतीय शेयर बाजार में तेजी की संभावना जताई गई है। बुधवार को जारी एमएस रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि बीएसई सेंसेक्स दिसंबर 2026 तक 95,000 अंक तक पहुंच सकता है। रिपोर्ट के अनुसार, इसके इस लेवल तक पहुंचने की 50 प्रतिशत संभावना है। इसका मतलब है कि सेंसेक्स में लगभग 13 प्रतिशत की बढ़त देखी जा सकती है। रिपोर्ट में माना गया है कि सरकार खर्च पर नियंत्रण बनाए रखेगी, निजी कंपनियों का निवेश बढ़ेगा और देश की आर्थिक वृद्धि दर ब्याज दरों से बेहतर रहेगी। इन सभी कारणों से शेयर बाजार को सपोर्ट मिलेगा।रिपोर्ट के अनुसार, सेंसेक्स से जुड़ी कंपनियों की कमाई साल 2028 तक हर साल लगभग 17 प्रतिशत की दर से बढ़ सकती है। इससे निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले करीब पांच वर्षों में पहली बार शेयर बाजार की कीमतें ब्याज दरों की तुलना में बेहतर दिख रही हैं, जिससे शेयरों में आगे और बढ़त की संभावना बनती है। रिपोर्ट के अनुसार, उपभोक्ता वस्तुओं और उद्योग क्षेत्र में करीब 300 बेसिस प्वाइंट्स, जबकि वित्तीय क्षेत्र में लगभग 200 बेसिस प्वाइंट्स की अतिरिक्त तेजी आ सकती है। इसकी वजह शहरों में मांग का बढ़ना, जीएसटी दरों में कटौती, सरकार का ज्यादा खर्च, कर्ज में बढ़ोतरी और कम कर्ज नुकसान है। रिपोर्ट में कहा गया है कि तेज विकास, कम उतार-चढ़ाव और घटती ब्याज दरों के चलते लोग बचत को शेयर बाजार में लगाना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इससे बाजार को और मजबूती मिल रही है। सरकार द्वारा रेपो रेट में कटौती, कैश रिजर्व रेशियो में कमी, बैंकों के नियमों में आसानी और बाजार में तरलता बढ़ाने जैसे कदमों से आर्थिक विकास को बढ़ावा मिल रहा है।इसके अलावा, सरकार द्वारा पहले से किया गया पूंजी खर्च, लगभग डेढ़ लाख करोड़ रुपए की वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) दरों में कटौती, चीन के साथ संबंधों में सुधार और वहां की नई नीतियां भी बाजार के लिए फायदेमंद मानी गई हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि यदि वैश्विक अर्थव्यवस्था धीमी होती है या दुनिया में राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो इससे बाजार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

WPL 2026 का भव्य आगाज आज, ओपनिंग सेरेमनी कब, कहां और कितने बजे? पूरी गेस्ट लिस्ट देखें

नई दिल्ली महिला क्रिकेट के सबसे बड़े मंचों में से एक विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) 2026 का चौथा सीजन शानदार अंदाज में शुरू होने जा रहा है. टूर्नामेंट की शुरुआत से पहले 9 जनवरी को एक भव्य ओपनिंग सेरेमनी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें क्रिकेट के साथ-साथ बॉलीवुड का तड़का भी देखने को मिलेगा. इस खास मौके पर डिफेंडिंग चैंपियन मुंबई इंडियंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच पहला मुकाबला खेला जाएगा. कब और कहां होगी WPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी WPL 2026 की ओपनिंग सेरेमनी शुक्रवार, 9 जनवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में आयोजित होगी. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला शाम 7:30 बजे (IST) से शुरू होगा, जबकि ओपनिंग सेरेमनी की शुरुआत इससे करीब एक घंटे पहले यानी शाम 6:30 बजे होने की उम्मीद है. भारत में फैंस इस रंगारंग कार्यक्रम और मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे. वहीं, मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाइव स्ट्रीमिंग जियोसिनेमा ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी. बॉलीवुड सितारों से सजी रहेगी शाम BCCI ने इस बार ओपनिंग सेरेमनी को खास बनाने के लिए बड़े सितारों को आमंत्रित किया है. मशहूर सिंगर यो यो हनी सिंह अपने पॉपुलर गानों से स्टेडियम में माहौल बनाएंगे. उनके अलावा बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस भी परफॉर्म करेंगी. बताया जा रहा है कि जैकलीन का डांस परफॉर्मेंस महिला खिलाड़ियों के आत्मविश्वास और जज्बे को समर्पित होगा. इसके साथ ही मिस यूनिवर्स 2021 हरनाज संधू भी इस समारोह में शिरकत करेंगी, जिससे इवेंट की रौनक और बढ़ जाएगी. पिछले तीन संस्करणों से अलग होगी वाइब इस बार का सीजन पिछले तीन संस्करणों से अलग होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि भारतीय टीम की सफलता के बाद दर्शकों का उत्साह, स्टेडियम का माहौल और खिलाड़ियों की लोकप्रियता नए स्तर पर पहुंच चुकी है। हरमनप्रीत कौर, स्मृति मंधाना, दीप्ति शर्मा और शेफाली वर्मा अब सिर्फ चेहरे नहीं, बल्कि राष्ट्रीय आइकॉन बन चुकी हैं। इस बार भारतीय महिला खिलाड़ी दबाव में नहीं, बल्कि कामयाबी के आत्मविश्वास के साथ उतरेंगी…एक विश्व चैंपियन के तौर पर उतरेंगी और उम्मीदों पर खरी उतरने के लिए पूरा दमखम लगाती दिखेंगी। 2007 टी20 विश्व कप जीत के बाद जिस तरह आईपीएल ने भारतीय पुरुष क्रिकेटरों की तकदीर बदल दी थी, कुछ वैसे ही भारतीय महिला क्रिकेट टीम के चैंपियन बनने के बाद यह लीग अब खिलाड़ियों की कामयाबी में चार चांद लगाती दिखेगी।   WPL से टी20 विश्व कप की तैयारी भी 2026 में इंग्लैंड में महिला टी20 विश्व कप होना है, इसलिए महिला प्रीमियर लीग खिलाड़ियों के लिए तैयारी का मैदान भी बनेगा। यहां प्रदर्शन, स्किल्स और प्लानिंग सीधे विश्व कप कॉम्बिनेशन को प्रभावित करेगी।पिछले सीजन ने क्रांति गौड़, काश्वी गौतम और श्री चरणी जैसी नई प्रतिभाएं दीं और इस बार भी नए नाम सामने आने की पूरी उम्मीद है। इसलिए डब्ल्यूपीएल अब सिर्फ लीग नहीं, बल्कि भविष्य के क्रिकेटर तैयार करने की फैक्ट्री बन चुकी है। कब और कहां देख सकेंगे महिला प्रीमियर लीग के मैच? दोपहर वाले मैच भारतीय समयानुसार दोपहर साढ़े तीन बजे (3:30 PM IST) बजे शुरू होंगे, जबकि रात वाले मैच शाम साढ़े सात बजे (7:30 PM IST) शुरू होंगे। टॉस इससे आधे घंटे पहले होगा, यानी साढ़े तीन बजे शुरू होने वाले मैच का टॉस तीन बजे और शाम साढ़े सात बजे शुरू होने वाले मैच का टॉस सात बजे होगा। किस चैनल और ओटीटी पर लाइव देख सकेंगे मैच? महिला प्रीमियर लीग 2026 के प्रसारण अधिकार स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के पास हैं। मैचों की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार एप पर उपलब्ध होगी। इसके साथ ही मैच के लाइव अपडेट्स और इस लीग से जुड़ी अन्य खबरें आप अमर उजाला एप और अमर उजाला वेबसाइट पर पढ़ सकते हैं।  पिछले सीजन्स के विजेता मुंबई इंडियंस ने 2023 में खिताब जीता था, जबकि रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने 2024 में चैंपियनशिप जीती थी। अब देखना दिलचस्प होगा कि 2026 में कौन सी टीम ट्रॉफी पर कब्जा जमाती है। अंक तालिका में शीर्ष पर रहने वाली टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरे और तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को एलिमिनेटर खेलना होगा। सभी टीमें इस प्रकार हैं- मुंबई इंडियंस: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जी कमलिनी (विकेटकीपर), रहीला फिरदौस (विकेटकीपर), हेले मैथ्यूज़, अमनजोत कौर, एमीलिया केर, नैट शीवर-ब्रंट, निकोला कैरी, शबनिम इस्माइल, पूनम खेन्मार, मिली इलिंगवर्थ, एस सजाना, संस्कृति गुप्ता, सायका इशाक, क्रांति रेड्डी, त्रिवेणी वशिष्ठ। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना, ऋचा घोष (विकेटकीपर), जॉर्जिया वॉल, गौतमी नाइक, ग्रेस हैरिस, नादिन डी क्लर्क, पूजा वस्त्राकर, राधा यादव, श्रेयंका पाटिल, अरुंधति रेड्डी, लॉरेन बेल, डी हेमलता, सयाली सतघरे (एलिस पेरी की जगह), प्रेमा रावत, लिन्सी स्मिथ, कुमार प्रत्युशा। नोट: एलिस पेरी निजी कारणों से बाहर हुईं, सयाली सतघरे रिप्लेसमेंट। दिल्ली कैपिटल्स: जेमिमा रॉड्रिग्स (कप्तान), तान्या भाटिया (विकेटकीपर), एम ममता (विकेटकीपर), एल वोल्वार्ट, शेफाली वर्मा, मरिजाने कैप, चिनेल हेनरी, लिजेल ली, एलाना किंग (एनाबेल सदरलैंड की जगह), लूसी हैमिल्टन, स्नेह राणा, मिन्नू मणी, श्री चरणी, दिया यादव, निक्की प्रसाद, नंदनी शर्मा। नोट: एनाबेल सदरलैंड बाहर, उनकी जगह एलाना किंग शामिल। यूपी वॉरियर्स: मेग लैनिंग (कप्तान), श्वेता सेहरावत (विकेटकीपर), शिप्रा गिरी (विकेटकीपर), किरण नवगिरे, हरलीन देओल, फीबी लिचफील्ड, दीप्ति शर्मा, डिएंड्रा डॉटिन, सोफी एक्लेस्टोन, आशा सोभना जॉय, शिखा पांडे, क्रांति गौड़, प्रतिका रावल, सिमरन शेख, क्लो ट्रायोन, जी त्रिशा, सुमन मीणा, चार्ली नॉट। नोट: महिला टी20 विश्व कप क्वालिफायर के लिए यूएसए टीम में चुने जाने के बाद तारा नॉरिस ने नाम वापस ले लिया। उनकी जगह चार्ली नॉट को टीम में शामिल किया गया है। गुजरात जाएंट्स: एशले गार्डनर (कप्तान), बेथ मूनी (विकेटकीपर), यस्तिका भाटिया (विकेटकीपर), शिवानी सिंह (विकेटकीपर), डैनी वायट-हॉज, सोफी डिवाइन, जॉर्जिया वेयरहैम, किम गार्थ, रेणुका सिंह ठाकुर, तितास साधू, तनुजा कंवर, काश्वी गौतम, कनिका आहूजा, राजेश्वरी गायकवाड़, भारती फुलमाली, हैप्पी कुमार, अनुष्का शर्मा, आयुषी सोनी। WPL 2026 पूरा शेड्यूल मैच नं.     तारीख     होम टीम     अवे टीम     वेन्यू 1     9 जनवरी 2026     मुंबई इंडियंस     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु     नवी मुंबई 2     10 जनवरी 2026     यूपी वॉरियर्स     गुजरात जाएंट्स     नवी मुंबई 3     11 जनवरी 2026     मुंबई इंडियंस     दिल्ली कैपिटल्स     नवी मुंबई 4     12 जनवरी 2026     दिल्ली कैपिटल्स     गुजरात जाएंट्स     नवी मुंबई 5     13 जनवरी 2026     रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु    … Read more

अयोध्या बायपास के लिए 8 हजार पेड़ों की कटाई पर NGT की रोक, भोपाल की सांसे अब नहीं थमेंगी

भोपाल   विकास बनाम पर्यावरण की जंग में हरियाली की जीत होती दिख रही है. भोपाल के अयोध्या बायपास रोड को 10 लेन बनाने के लिए प्रस्तावित पेड़ों की कटाई पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने सख्त रुख अपनाया है. एनजीटी ने इस प्रोजेक्ट पर लगी रोक को बरकरार रखा है. इसके साथ ही एनजीटी ने इस मुद्दे को केवल भोपाल तक सीमित न रखते हुए पूरे देश में लागू होने वाली एक समान नीति बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है, जिससे विकास कार्यों की आड़ में पेड़ों का अंधाधुंध सफाया न हो. विकास के साथ पर्यावरण संतुलन जरूरी यह फैसला नितिन सक्सेना बनाम राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) प्रकरण में सुनाया गया. न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने कहा कि सड़क, पुल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर पूरे देश में एक समान और सख्त नीति होना आवश्यक है. इससे आर्थिक प्रगति और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाया जा सकेगा. इसी के साथ इस प्रकरण को एनजीटी की प्रधान पीठ, नई दिल्ली स्थानांतरित करने के निर्देश भी दिए गए हैं. अयोध्या बायपास रोड के लिए कटने हैं हजारों पेड़ सड़कों के विस्तार और शहरों की बढ़ती जरूरतों के बीच पर्यावरण संरक्षण का सवाल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी उठने लगा है. भोपाल के अयोध्या बायपास पर प्रस्तावित 10 लेन सड़क परियोजना के कारण हजारों पेड़ों की कटाई का मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक पहुंचा, जहां कटाई पर स्टे बरकरार रखा गया है. एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके नाम पर प्रकृति की बलि स्वीकार्य नहीं है. यह पेड़ नहीं भोपाल की सांसें हैं सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ताओं ने दलील दी कि ये पेड़ केवल लकड़ी नहीं, बल्कि भोपाल के नागरिकों की सांसों की सुरक्षा हैं. दूसरी ओर एनएचएआई ने परियोजना की आवश्यकता और समयबद्धता का हवाला दिया. इस बीच यह भी सामने आया कि पहले दिए गए स्थगन आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील को वापस ले लिया गया है. हालांकि, इस दौरान कोई आधिकारिक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए, जिसके बाद एनजीटी ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सुप्रीम कोर्ट में पेंडिंग अपील का स्टेटस साफ नहीं होता, तब तक ट्रिब्यूनल इस मामले में आगे कोई सुनवाई नहीं करेगा और पहले से कटाई पर लगाई गई रोक बरकरार रहेगी. पूरे देश में मिसाल बनेगा ये फैसला बता दें की एनजीटी ने भोपाल में काटे जाने वाले 8 से 12 हजार पेड़ों को शहर के फेफड़े बताया. आसाराम तिराहा से करोंद होते हुए रत्नागिरी तिराहा तक प्रस्तावित 16 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए इतने ही पेड़ों को काटे जाने की योजना थी. एनजीटी ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश को भी दोहराया, जिसके तहत किसी भी तरह की कटाई या छंटाई से पहले एनजीटी की समिति की अनुमति अनिवार्य है. शहर के पर्यावरणविदों का मानना है कि इस फैसले के साथ यह स्पष्ट संदेश गया है कि अब देश में विकास की राह हरियाली को कुचलकर नहीं, बल्कि उसे साथ लेकर ही तय होगी.

एमपी में घना कोहरा और शीतलहर, भोपाल-इंदौर ट्रेनें लेट, ग्वालियर में पारा 5 डिग्री तक लुढ़का

भोपाल  मध्यप्रदेश के उत्तरी हिस्से में सर्दी ने इस सीजन का सबसे सख्त रूप दिखाना शुरू कर दिया है। शुक्रवार सुबह ग्वालियर, चंबल, सागर, रीवा और शहडोल संभाग के 17 जिलों में मध्यम से घना कोहरा छाया रहा। दृश्यता बेहद कम होने से दिल्ली से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने-जाने वाली करीब एक दर्जन ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कोहरे के साथ-साथ ठंड ने भी रफ्तार पकड़ ली है। दतिया, रीवा समेत 7 जिलों में मौसम विभाग ने शीतलहर (कोल्ड वेव) का अलर्ट जारी किया है। हालात ऐसे हैं कि कई जगह दिन और रात के तापमान में फर्क लगभग खत्म हो गया है। ग्वालियर-दतिया में दिन भी रात जितना ठंडा गुरुवार को ग्वालियर और दतिया में दिन का तापमान 12 डिग्री से नीचे चला गया। यह इस सीजन में पहली बार हुआ, जब अधिकतम और न्यूनतम तापमान के बीच मामूली अंतर दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा एक ही दिन में 7.8 डिग्री लुढ़ककर 10.4 डिग्री तक पहुंच गया, जो न्यूनतम तापमान से महज 4.3 डिग्री ज्यादा रहा।  गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात छतरपुर जिले का खजुराहो प्रदेश में सबसे ठंडा दर्ज किया गया, जहां न्यूनतम तापमान 3.4 डिग्री सेल्सियस रहा। दतिया में पारा 3.9 डिग्री, शिवपुरी में 4 डिग्री और राजगढ़ में 5 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री, मंडला में 5.9 डिग्री, रीवा में 6 डिग्री, उमरिया में 6.4 डिग्री और सीधी व टीकमगढ़ में 6.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। इन जिलों में शीतलहर का असर मौसम विभाग के अनुसार दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, मऊगंज और शहडोल में कोल्ड वेव का प्रभाव बना रहेगा। शहडोल में ‘कोल्ड डे’ की स्थिति भी दर्ज की गई है, यानी दिनभर ठंड का असर बरकरार रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि शनिवार को भी ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा और मऊगंज में कोहरा छाया रहेगा। इसके बाद मौसम साफ होने के संकेत हैं और अधिकतम-न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इससे पहले गुरुवार को यहां दिन का तापमान 10.4 डिग्री रहा था। राजधानी भोपाल में रात का तापमान 8 डिग्री, इंदौर में 9.4 डिग्री, उज्जैन में 8.3 डिग्री और जबलपुर में 8.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल ठंड और कोहरे से राहत के आसार कम हैं। आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम कोहरा छाए रहने और तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होने की संभावना है, जिससे रेल और सड़क यातायात पर असर बना रह सकता है। मुरैना में आठवीं तक के बच्चों की आज और कल छुट्‌टी वहीं मुरैना में रात का न्यूनतम तापमान 6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पूरे जिले में घना कोहरा छाया हुआ है और कंपकंपाने वाली सर्दी लोगों को परेशान कर रही है। हालात को देखते हुए कलेक्टर ने 9 और 10 जनवरी तक कक्षा 1 से 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टियां बढ़ा दी हैं। खजुराहो सबसे ठंडा, कई शहर 10 डिग्री से नीचे प्रदेश में गुरुवार को छतरपुर का खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 3.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। रीवा में 4.1 डिग्री, दतिया में 4.2 डिग्री, नौगांव और शिवपुरी में 5 डिग्री, उमरिया में 5.4 डिग्री और पचमढ़ी में 5.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया। अधिकतर शहरों में पारा 10 डिग्री से नीचे ही बना रहा।  रिकॉर्ड तोड़ सर्दी की राह पर जनवरी इस बार मध्यप्रदेश में सर्दी लगातार रिकॉर्ड बना रही है। नवंबर में 84 साल और दिसंबर में 25 साल का ठंड का रिकॉर्ड टूटा। जनवरी की शुरुआत भी उसी ट्रेंड पर चल रही है। भोपाल में ठंड ने 10 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, इस बार जनवरी में ‘माइनस जैसी’ ठंड महसूस की जा रही है, जिसमें घना कोहरा और शीतलहर दोनों साथ चल रहे हैं। जनवरी क्यों होती है सबसे सर्द? मौसम वैज्ञानिक बताते हैं कि जैसे मानसून में जुलाई-अगस्त सबसे अहम होते हैं, वैसे ही सर्दी के लिहाज से दिसंबर और जनवरी सबसे प्रभावी महीने हैं। इन दिनों उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा सक्रिय रहती हैं। पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के चलते जनवरी में मावठा पड़ने की संभावना भी रहती है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी, जबकि इस साल जनवरी के पहले दिन ही बादलों ने दस्तक दे दी थी।  इस बार कड़ाके की ठंड का दौर इस बार मध्यप्रदेश में नवंबर-दिसंबर की सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिया। नवंबर में 84 साल में सबसे ज्यादा ठंड पड़ी तो दिसंबर में 25 साल का रिकॉर्ड टूटा। नवंबर-दिसंबर की तरह ही जनवरी में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है। इससे भोपाल में ठंड का 10 साल का रिकॉर्ड टूट गया है। एक्सपर्ट की माने तो जनवरी में प्रदेश में माइनस वाली ठंड गिर चुकी है। अबकी बार भी तेज सर्दी, घना कोहरा छाने के साथ शीतलहर भी चल रही है। ठंड के लिए इसलिए खास जनवरी मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे।

इंदौर में कार-ट्रक हादसा, तीन की मौत – बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा और कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल का बेटा प्रखर भी शामिल

इंदौर  इंदौर में तेजाजी नगर थाना क्षेत्र स्थित बाईपास पर एक भीषण सड़क हादसा सामने आया है, जिसने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। तेज रफ्तार कार एक खड़े ट्रक में जा घुसी, जिसमें कार सवार चार लोगों में से तीन की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक युवती गंभीर रूप से घायल हो गई। इस हादसे में राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े नाम सामने आने के बाद घटना और भी संवेदनशील हो गई है। मृतकों के बारे में सामने आई जानकारी इंदौर में यह हादसा तेजाजी नगर बाईपास पर रालामंडल के पास देर रात हुआ। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार नेक्सन कार पीछे से एक ट्रक में जा घुसी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार के परखच्चे उड़ गए। कार में कुल चार लोग सवार थे, जिनमें तीन युवतियां और एक युवक शामिल था। हादसे में पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की बेटी प्रेरणा बच्चन, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे प्रखर कासलीवाल और मनसिंधु की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, कार में सवार चौथी युवती अनुष्का गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तत्काल निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज जारी है। कैसे हुआ हादसा? प्राथमिक जानकारी के अनुसार, सभी दोस्त प्रखर कासलीवाल का जन्मदिन मनाकर पार्टी से घर लौट रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार और संभवतः चालक का नियंत्रण बिगड़ने के कारण यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस को सूचना मिलते ही तेजाजी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भिजवाया गया। गृह मंत्री बाला बच्चन अस्पताल पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन एमवाय अस्पताल पहुंचे। वहीं, प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल सहित परिजन भी अस्पताल पहुंचे। इस दौरान अस्पताल परिसर में शोक का माहौल नजर आया। हादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और परिचित भी एमवाय अस्पताल पहुंचे। सभी मृतकों के परिजन गहरे सदमे में हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है, वहीं ट्रक चालक से भी पूछताछ की जा रही है।  कांग्रेस नेता बोले- बच्चे घूमने गए थे कांग्रेस नेता धर्मेंद्र गेंदर ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार बच्चे घूमने के लिए कहीं निकल थे। तेजाजी नगर के पहले हादसे का शिकार हो गए। शव एमवाय अस्पताल में रखे गए हैं। पूर्व मंत्री बाला बच्चन अस्पताल में मौजूद हैं। ट्रक चालक फरार, पुलिस ने नाकाबंदी कराई रालामंडल थाना प्रभारी देवेंद्र मरकाम के मुताबिक, कार सवार युवक-युवतियां संभवतः छात्र थे और पार्टी मनाकर लौट रहे थे। फिलहाल, पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। मृतकों की उम्र लगभग 25 वर्ष बताई जा रही है। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर फरार हो गया। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास के मार्गों पर नाकेबंदी की जा रही है। नेताओं ने ट्वीट कर शोक व्यक्त किया पूर्व सीएम कमलनाथ ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा – इंदौर में एक सड़क हादसे में मेरे साथी और मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री बाला बच्चन की सुपुत्री प्रेरणा के निधन का दुखद समाचार प्राप्त हुआ। यह अत्यंत हृदयविदारक घटना है। मेरी सहानुभूति श्री बाला बच्चन के परिवार के साथ है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान दें और परिवार को यह वज्रपात सहन करने की शक्ति प्रदान करे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने लिखा – मध्यप्रदेश शासन के पूर्व गृह मंत्री, बाला बच्चन जी की सुपुत्री प्रेरणा का भीषण सड़क दुर्घटना में असामयिक निधन अत्यंत हृदयविदारक है। घर की बेटी का यूं अचानक चले जाना पूरे परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। ईश्वर से प्रार्थना है कि वे शोकाकुल परिवार को यह असहनीय दुख सहने की शक्ति प्रदान करें और दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें।