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बंगाल की खाड़ी पर दबाव से बढ़ेगी ठिठुरन, उत्तर भारत में शीतलहर का अलर्ट – कब मिलेगी राहत?

नई दिल्ली भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले दो हफ्तों के लिए मौसम का पूर्वानुमान जारी किया है। देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम के दो विपरीत रूप देखने को मिल रहे हैं। दक्षिण भारत के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है, वहीं उत्तर और मध्य भारत कड़ाके की ठंड और घने कोहरे की चपेट में है। बंगाल की खाड़ी में साल का पहला गहरा दबाव बन गया है। वर्तमान में यह दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है और इसके 9 जनवरी की शाम या रात तक श्रीलंका के तट को पार करने की संभावना है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु में 9 और 10 जनवरी को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। केरल में भी 10 जनवरी को कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है। उत्तर भारत के मैदानी इलाकों विशेषकर गंगा के मैदानी क्षेत्रों में घना कोहरा और ठंड का प्रकोप जारी है। आईएमडी ने बताया है कि पंजाब, पश्चिम उत्तर प्रदेश और राजस्थान में 9 जनवरी तक 'बेहद घना कोहरा' छाए रहने का अनुमान है। इसके बाद भी 15 जनवरी तक रुक-रुक कर कोहरा बना रहेगा। बिहार, हरियाणा और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक सुबह के समय घने कोहरे की चेतावनी दी गई है। दिल्ली-एनसीआर में बारिश के क्या संकेत, बढ़ेगी ठिठुरन या मिलेगी राहत? दिल्ली-एनसीआर का मौसम अचानक बदला है. दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम से लेकर गाजियाबाद में शुक्रवार की सुबह हल्की बारिश हुई. दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच यह बारिश हुई है. इसका मतलब है कि तापमान में और गिरावट आएगी. इससे सर्दी का सितम और बढ़ सकता है. आईएमडी यानी इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) के मुताबिक, आज यानी शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर में ठंड का मौसम जारी रहा और पारा 5 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया. इसके साथ ही एनसीआर के कई हिस्सों में बारिश भी हुई. बारिश इतनी तेज जरूर थी कि लोगों को भिंगो दे.दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड के बीच हुई बारिश मौसम में बड़े बदलाव के संकेत हैं. आमतौर पर जनवरी में दिल्ली-एनसीआर में बारिश नहीं होती. जी हां, जनवरी में दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश कम देखने को मिलती है, मगर जब पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) सक्रिय होता है, तब ठंड के साथ बारिश के हालात बनते हैं. मौसम विभाग के संकेतों के मुताबिक, आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर में बादल छाने, हल्की से मध्यम बारिश और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन सकती है. आज दिल्ली का न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस रहा. मौसम विभाग ने आज सुबह ही दिल्ली और आसपास के इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया था. मौसम विभाग ने बताया था कि अगले 2 घंटे में दिल्ली के कुछ इलाकों में हल्की और रुक-रुक कर बारिश/बूंदाबांदी होगी. मौसम विभाग के मुताबिक, दिल्ली में मुण्डका, पश्चिम विहार, राजौरी गार्डन, बुद्धा जयंती पार्क, राष्ट्रपति भवन, राजीव चौक, जाफरपुर, नजफगढ़, द्वारका, दिल्ली कैंट, पालम और IGI एयरपोर्ट वाले इलाके में बारिश हुई. वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम के भी कुछ इलाकों में हल्की बारिश देखी गई. हालांकि, इस दौरान कोहरा भी छाया रहा. इन राज्यों में शीतलहर की चेतावनी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 से 11 जनवरी के दौरान शीतलहर चलने की प्रबल संभावना है। मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और झारखंड में भी 9 और 10 जनवरी को कड़ाके की ठंड पड़ सकती है। उत्तराखंड में 10 जनवरी और मेघालय में 9 जनवरी को पाला पड़ने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी के दूसरे उत्तरार्ध में भी ठंड से राहत मिलने की उम्मीद कम है। पूर्वी और मध्य भारत में न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे रह सकता है, जिससे शीतलहर की स्थिति बनी रहेगी। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश में हल्की बारिश या बर्फबारी की संभावना है। देश के बाकी हिस्सों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा और बारिश सामान्य से कम होने का अनुमान है।

‘लैंड फॉर जॉब घोटाला’ में लालू यादव और उनके परिवार के खिलाफ कोर्ट ने तय किए आरोप

नई दिल्ली पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. दिल्ली की एक अदालत ने शुक्रवार को 'लैंड फॉर जॉब स्कैम' मामले में लालू प्रसाद यादव, उनके परिवार और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया है. रेल मंत्रालय में चतुर्थ श्रेणी में नौकरियों के बदले भूमि लेने के घोटाले में राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल कोर्ट ने लालू यादव और अन्य के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश सुनाया. कोर्ट ने संदेह की कसौटी पर पाया कि लालू और परिवार की ओर से व्यापक साजिश रची गई थी. चार्जशीट में लालू यादव के करीबी सहयोगियों को नौकरियों के बदले जमीन अधिग्रहण में सह-साजिशकर्ता के रूप में मदद मिली. कोर्ट ने कहा कि लालू यादव और उनके परिवार की बरी करने की मांग की दलील सही नहीं है. इसके साथ ही, इस बात के पुख्ता संकेत मिले हैं कि लालू यादव और उनके परिवार के सदस्य सरकारी पद से अलग होकर आपराधिक उद्यम के रूप में काम कर रहे थे.   कोर्ट ने बहु चर्चित लैंड फॉर जॉब मामले में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती समेत 40 से अधिक आरोपियों पर आरोप तय कर दिए है. अदालत ने लालू यादव पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है, साथ ही आईपीसी के तहत अन्य अपराधों का भी आरोप है. जबकि उनके परिवार के सदस्यों पर धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का आरोप लगाया गया है. स्पेशल जज विशाल गोगने ने यह फैसला सुनाया. इससे पहले 19 दिसंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. इस मामले की आरोपी राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर कर केस को कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी.इससे पहले 19 दिसंबर, 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. लैंड फॉर जॉब केस में मीसा भारती  बता दें कि 19 दिसंबर 2025 को सुनवाई के दौरान सीबीआई ने सभी आरोपियों से संबंधित वेरिफिकेशन रिपोर्ट कोर्ट को सौंपा था. सीबीआई ने कहा था कि इस मामले में 103 आरोपी हैं जिसमें से पांच की मौत हो चुकी है. इससे पहले कोर्ट आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने पर दो बार फैसला टाल चुका है. 4 दिसंबर और 10 नवंबर 2025 को कोर्ट किसी न किसी वजह से फैसला टाल चुका है. कोर्ट ने सीबीआई के मामले में आरोप तय करने पर 25 अगस्त को फैसला सुरक्षित रख लिया था. तेज प्रताप यादव पर आरोप तय इस मामले की आरोपी राबड़ी देवी ने प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज के समक्ष याचिका दायर कर जज विशाल गोगने की कोर्ट से दूसरी कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की थी. प्रिंसिपल एंड डिस्ट्रिक्ट जज दिनेश भट्ट ने 19 दिसंबर को राबड़ी देवी की याचिका खारिज कर दिया था. लैंड फॉर जॉब केस में लालू यादव सुप्रीम कोर्ट ने 18 जुलाई 2025 को ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था. 7 अक्टूबर 2022 को लैंड फॉर जॉब मामले में सीबीआई ने लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और मीसा भारती समेत 16 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया था. ट्रायल कोर्ट ने 25 फरवरी 2025 को सीबीआई की ओर से दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया था. लैंड फॉर जॉब घोटाला क्या है? बता दें कि लैंड फॉर जॉब घोटाला, कथित भ्रष्टाचार का केस है। यह साल 2004 से 2009 के बीच हुआ, जब लालू प्रसाद यादव केंद्रीय रेल मंत्री हुआ करते थे। आरोप है कि लालू यादव ने अपने रेल मंत्री के पद का गलत इस्तेमाल किया और इसके जरिए रेलवे के 'ग्रुप-डी' के पदों पर नियुक्तियां की। इन नियुक्तियों के बदले उन्होंने और उनके परिवार ने उम्मीदवारों से रियायती दरों पर या गिफ्ट के तौर पर जमीनें हासिल की थीं। 98 आरोपियों में लालू परिवार का कौन-कौन शामिल? जांच के दौरान, इस केस में लालू यादव के अलावा उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेज प्रताप यादव, बेटे तेजस्वी यादव, बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव सहित कुल 98 लोगों को आरोपी बनाया गया था। इनमें अब लालू परिवार को सदस्यों पर आरोप तय हो गए हैं, जबकि 52 लोगों को आरोप मुक्त किया जा चुका है। लालू परिवार को कितनी सजा हो सकती है? लैंड फॉर जॉब स्कैम केस में आरोप तय होने के बाद लालू परिवार के सदस्यों की संभावित सजा पर बात करते हुए सुप्रीम कोर्ट के वकील संदीप मिश्रा ने INDIA TV से बताया, 'प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के सेक्शन 8, 9, 11, 12 और 13, ये सभी लगे हुए हैं। इन सभी में 7 साल तक की सजा का प्रावधान का है। वहीं, धारा 467, 468 और 471 भी हैं तो कुल मिलाकर इनको अधिकतम 10 साल तक की सजा हो सकती है, अगर सारी सजाएं एक साथ चलती हैं। लेकिन सजा अगर एक के बाद एक शुरू करने वाला कोई ऑर्डर अदालत देती है तो इसमें ये सजा बढ़ भी सकती है।' अलग-अलग सजा को लेकर प्रावधान क्या है? उन्होंने आगे कहा, 'अदालत जब आदेश देती है, तो कहती है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, तो उसमें जो अपर साइड सजा होती है, वही सजा दोषी को भुगतनी पड़ती है। यानी अधिकतम जितने साल की सजा कोर्ट की तरफ से सुनाई जाती है, उतने साल ही दोषी को जेल में रहना पड़ता है।'

वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप

रायपुर : सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए मंत्री केदार कश्यप सभी राज्यों के परिवहन मंत्रियों की बैठक वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर कराया जाएगा कड़ाई से पालन – केदार कश्यप केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को मंत्री कश्यप विभागीय कार्यों और उपलब्धियों की दी जानकारी रायपुर परिवहन मंत्री केदार कश्यप आज नई दिल्ली में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्य के परिवहन मंत्रियों की बैठक में शामिल हुए। बैठक का मुख्य फोकस सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर रहा। गडकरी ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली अधिकांश मौतें सुरक्षा उपायों के पालन न करने के कारण होती हैं। उन्होंने सभी राज्यों को निर्देशित किया कि वाहन चालकों एवं सहयात्रियों द्वारा सीट बेल्ट तथा दोपहिया वाहन चालकों द्वारा हेलमेट के उपयोग को सख्ती से लागू किया जाए।               बैठक में परिवहन मंत्री कश्यप ने छत्तीसगढ़ में संचालित परिवहन से संबंधित योजनाओं, परियोजनाओं और उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी केंद्रीय मंत्री गडकरी को दी। इस अवसर पर सचिव, परिवहन विभाग एस. प्रकाश भी उपस्थित थे। ओवरलोडिंग के विरुद्ध कठोर कार्रवाई को सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने का अहम उपाय बताया गया। बैठक में ओवरलोड वाहनों पर नियमित जांच, तकनीकी निगरानी, प्रवर्तन कार्यवाही और कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू करने पर सहमति बनी।      सड़क सुरक्षा को लेकर व्यापक जन-जागरूकता अभियानों, सड़क सुरक्षा मित्रों की भागीदारी, तथा स्कूलदृकॉलेज स्तर पर यातायात नियमों के प्रचार-प्रसार पर भी चर्चा की गई। इसके अतिरिक्त दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों के कैशलेस उपचार, हिट एंड रन मामलों में मुआवजा व्यवस्था, वाहन सुरक्षा के नए प्रावधान, तथा मोटर व्हीकल अधिनियम में प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार-विमर्श किया गया। आरडीटीसी और डीटीसी भवन समय पर पूर्ण करने का लक्ष्य                 मंत्री कश्यप ने केंद्र सरकार की मंशा के अनुरूप सभी स्वीकृत क्षेत्रीय चालक प्रशिक्षण केंद्र (RDTC) और जिला परिवहन केंद्र (DTC) भवनों के निर्माण को तय समय में पूरा करने की जानकारी भी दी। ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटरों से तकनीकी जांच में सुधार                 परिवहन मंत्री कश्यप ने बताया कि राज्य में अब तक 8 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर (रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कोरबा, राजनांदगांव, रायगढ़) संचालित हैं। मशीनों से होने वाली फिटनेस जांच पारदर्शी और तकनीकी रूप से सटीक है। इन केंद्रों के संचालन में गुजरात के बाद छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। उन्होंने बताया कि जल्द ही जांजगीर-चांपा, बलौदाबाजार, धमतरी, महासमुंद, कांकेर, दंतेवाड़ा, सारंगढ़ और सूरजपुर में भी नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। दुर्घटनाओं में घायल व्यक्तियों का कैशलेस उपचार            मंत्री कश्यप ने बताया कि केंद्र सरकार की पहल पर सड़क दुर्घटना पीड़ितों के कैशलेस उपचार योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। बैठक में सड़क दुर्घटना में कमी लाने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा,सड़क सुरक्षा अभियान,सड़क सुरक्षा मित्र,‘शून्य प्राणहानि जिला’ के लिए रायपुर का चयन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। वाहन सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों पर जोर          बैठक में मोटर व्हीकल अधिनियम के नए प्रस्तावित संशोधनों पर भी विचार किया गया। इसके साथ ही नितिन गडकरी जी ने सड़क सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने,सीट बेल्ट लगाने,वाहनों में ओवरलोडिंग रोकने ट्रैफिक नियमों का पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में प्रस्तुत योजनाओं और प्रस्तावों से स्पष्ट है कि  सरकार सुरक्षित, सुव्यवस्थित और आधुनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

26 टन गोमांस की पुष्टि, हिंदूवादी संगठनों का प्रदर्शन: भोपाल में स्लाटर हाउस सील

भोपाल  राजधानी भोपाल में गोकशी के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं. बीते 8 महीने में ऐसी 14 घटनाएं सामने आ चुकी हैं. जिसमें या तो गोवंशो को मार दिया गया या फिर हिंदूवादी संगठनों के समय पर पहुंचने की वजह से उन्हें बचा लिया गया. लेकिन अब नगर निगम भोपाल के अत्याधुनिक स्लाटर हाउस से गोमांस की सप्लाई का मामला सामने आया है. सरकार द्वारा पीपीपी मोड पर चलाए जा रहे इस स्लाटर हाउस में गोकशी की जानकारी मिलते ही नगर निगम भोपाल के अधिकारियों की नींद उड़ गई है. इधर जिला प्रशासन ने गोमांस की पुष्टि होने के बाद स्लाटर हाउस को सील कर दिया है. विरोध में हिंदू संगठनों ने कमिश्नर कार्यालय का घेराव कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है. एसी वैन में पकड़ा गया था 26 टन गोमांस 17 दिसंबर की रात भोपाल स्थित पुलिस मुख्यालय के सामने हिंदू संगठनों ने मांस से भरा एक ट्रक पकड़ा था. कार्यकर्ताओं का आरोप था कि इस ट्रक में जो मांस का परिवहन हो रहा था, वह गोमांस है. इसकी सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस और अन्य अधिकारी पहुंच गए थे. पुलिस ने सबसे पहले ड्रायवर नवेद को गिरफ्तार किया था. इसके बाद इस मांस को लैब में टेस्टिंग के लिए राज्य पशु चिकित्सालय जहांगीराबाद भेजा गया था. अब इसकी लैब रिपोर्ट आ गई है. जिसमें स्पष्ट हो गया है कि 26 टन मांस जो पुलिस ने जब्त किया था, वह गोमांस ही है. क्यूआर कोड और स्पेशल बाक्स में पैक था मांस पुलिस ने 17 दिसंबर की रात उत्तरप्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर वाले जिस ट्रक को पकड़ा था, जब इसकी तलाशी ली गई तो इसमें पैकेटों में भरा गोमांस मिला था. इनमें बकायदा क्यूआर कोड और स्पेशल टैग भी लगे हुए थे. ट्रक का वजन कराने के बाद इसमें करीब 26 टन गोमांस होने की जानकारी सामने आई थी. अब लैब में जांच के बाद यह भी स्पष्ट हो गया है कि यह गोमांस ही था. संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि "भोपाल नगर निगम के स्लाटर हाउस से गोमांस की सप्लाई की जा रही थी. भोपाल से गोमांस दूसरे प्रदेशों और फिर विदेशों में भेजने की जानकारी भी मिली है." स्लाटर हाउस सील, कानूनी कार्रवाई की तैयारी इस मामले में शहर वृत्त के एसडीएम दीपक पांडे ने बताया कि "गोमांस की पुष्टि होने के बाद स्लाटर हाउस को सील कर दिया गया. स्लॉटर हाउस के लाइसेंस की शर्तों की भी जांच की जा रही है. नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निरस्त करने और संबंधित संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है. वहीं पुलिस की ओर से भी पशु क्रूरता अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है." हिंदू संगठनों ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का किया घेराव जांच रिपोर्ट में 26 टन गोमांस की पुष्टि होने के बाद हिंदू संगठनों में जबरदस्त आक्रोश है. विरोध में बजरंग दल और विश्व हिन्दू परिषद ने गुरुवार को पुलिस कमिशनर कार्यलय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की. विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता जीतेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि गोमाता के सम्मान में सभी हिंदू संगठनों ने सामूहिक रूप से प्रदर्शन किया है. संगठनों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्थायी व्यवस्था की मांग की है. बजरंग दल नेताओं ने कहा कि पिछले दिनों जहांगीराबाद इलाके में जो 26 टन मांस पकड़ा गया था, वह गोमांस ही था. इसकी पुष्टि हो गई है. यह भी स्पष्ट हुआ है कि नगर निगम के इसी स्लाटर हाउस में गोवंश की हत्याएं होती थीं. नेताओं का आरोप है कि नगर निगम, प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत के बना यह संभव नहीं है. ऐसे में मामले की जांच हो और सभी पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए." यह है मामला हिंदू संगठनों ने 17 दिसंबर की रात पुलिस मुख्यालय (PHQ) के ठीक सामने एक संदिग्ध कंटेनर को रोका था। यूपी रजिस्ट्रेशन नंबर वाले इस ट्रक में 26 टन मांस लदा था। सामने आया कि यह मांस कहीं और से नहीं, बल्कि भोपाल नगर निगम के अत्याधुनिक स्लॉटर हाउस से ही लोड होकर निकला था। भड़के हिंदू संगठन विहिप के प्रांत सह मंत्री जितेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि बजरंग दल ने जो 26 टन मांस पकड़ा था, उसके गोमांस होने की पुष्टि हो गई है। इसे नगर निगम द्वारा संचालित स्लॉटर हाउस में ही काटा गया था। इस अपराध के लिए नगर निगम प्रशासन जिम्मेदार है। निगमायुक्त और महापौर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए। संस्कृति बचाओ मंच और हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने इसे 'आस्था पर कड़ा प्रहार' बताया है। दूसरे राज्यों को भेज रहा था गोमांस गोमांस तस्करी के मामले में जहांगीराबाद पुलिस ने स्लॉटर हाउस लाइवस्टाक के संचालक असलम कुरैशी उर्फ असलम चमड़ा और कंटेनर संचालक शोएब को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपित जिंसी स्थित लाइवस्टाक स्लाटर हाउस से दूसरे राज्यों तक गोमांस पहुंचा रहे थे। ये तीन किरदार, जिन पर इसे रोकने की जिम्मेदारी नगर निगम का वेटनरी डाक्टर जिम्मेदारी: स्लॉटर हाउस में जाकर वहां कट रहे पशुओं और मानकों की जांच करनी चाहिए थी, लेकिन अपनी जिम्मेदारी को सही तरीके से नहीं निभाया। हर्षित तिवारी, अपर आयुक्त, वेटनरी शाखा जिम्मेदारी : वेटनरी शाखा के पास स्लॉटर हाउस की गतिविधियों की निगरानी का जिम्मा है। इन्हें वहां से सप्लाई होने वाले मांस के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए थी। संस्कृति जैन, निगमायुक्त जिम्मेदारी: स्लॉटर हाउस नगर निगम द्वारा पीपीपी मोड पर संचालित किया जा रहा है। ऐसे में नगर निगम का समय-समय पर होने वाले निरीक्षण और वहां की गतिविधियों की रिपोर्ट लेनी चाहिए थी, लेकिन इस पर ध्यान नहीं दिया। भोपाल में बीते 8 महीने में गोवंश को लेकर हुई घटनाएं     1. थाना निशातपुरा में 8 मई 2025 को सब्जी मंडी करोंद में गोमाता के अवशेष मिले.     2. 16 मई व 27 जून 2025 को पलाशी रोड शिव मंदिर और हाउसिंग बोर्ड चौकी के पास गोकशी/अवशेष मिले.     3. थाना सूखी सेवनिया में एक कार से 4 गौवंश का मांस पकड़ा गया.   … Read more

दिल्ली में TMC सांसदों का हंगामा: गृह मंत्रालय के बाहर 8 सांसदों का धरना, ममता ने कराई FIR

नई दिल्ली पश्चिम बंगाल में जैसे-जैसे विधानसभा चुनाव नजदीक आ रहा है, सियासी सरगर्मी बढ़ती जा रही है. गुरुवार को, कोलकाता में पॉलिटिकल कंसल्टेंसी और इलेक्शन मैनेजमेंट कंपनी I-PAC के दफ्तर में ईडी ने छापा मारा. इस दौरान सीएम ममता बनर्जी भी मौके पर पहुंचीं और इसके बाद मामले ने तूल पकड़ लिया. बंगाल में ईडी के खिलाफ दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज किया गया है. इसके साथ ही, मामला कोर्ट भी पहुंच गया है. TMC ने कोर्ट से ED की कार्रवाई को गैर-कानूनी घोषित करने और पार्टी के सभी गोपनीय दस्तावेज़ तुरंत वापस करने के निर्देश देने की मांग की है. इससे पहले दिन में, ED ने एक याचिका दायर की और दावा किया कि ये छापे 'बंगाल कोयला खनन' घोटाले से जुड़े थे और ममता पर आधिकारिक जांच में 'बाधा डालने' का आरोप लगाया है. प्रदर्शन में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा और कीर्ति आजाद जैसे प्रमुख सांसद शामिल हैं। टीएमसी सांसद ईडी की कोलकाता में आई-पैक कार्यालयों और इसके सह-संस्थापक प्रतीक जैन के आवास पर छापेमारी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया और महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन को हिरासत में लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाया है। TMC सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के ऑफिस के बाहर विरोध प्रदर्शन करते समय पुलिस ने हिरासत में ले लिया। टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा हिरासत में त्रिणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद रेक ओ ब्रायन और महुआ मोइत्रा को पुलिस ने हिरासत में लिया। यह कार्रवाई तब हुई जब दोनों सांसद केंद्र के गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा 'हम भाजपा को हराएंगे। पूरा देश देख रहा है कि दिल्ली पुलिस एक चुने हुए सांसद के साथ कैसा व्यवहार कर रही है।' वहीं सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने भी कहा 'आप देख रहे हैं कि यहां सांसदों के साथ क्या हो रहा है।    बंगाल में ईडी की कार्रवाई का विरोध, तृणमूल सांसदों ने गृह मंत्री के घर के बाहर प्रदर्शन किया टीएमसी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनाव से पहले पार्टी के रणनीतिक दस्तावेजों तथा डेटा को हाथ लगाने की कोशिश कर रही हैं, जिससे राजनीतिक माहौल और गरमाया गया है। पार्टी का कहना है कि यह कार्रवाई चुनाव वर्ष में राजनीतिक दबाव पैदा करने की साजिश का हिस्सा है। दिल्ली समेत कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन जारी है, जिसमें टीएमसी नेताओं ने प्रवर्तन निदेशालय की I‑PAC के खिलाफ छापेमारी का विरोध करते हुए केंद्र सरकार पर कड़ी टिप्पणियां कीं।  TMC सांसद कीर्ति आजाद ने कहा, "ED ने गलत तरीके से छापे मारे हैं, और यह अलोकतांत्रिक तरीके से चुनाव जीतने की कोशिश है, बीजेपी इस तरह से चुनाव नहीं जीत पाएगी…" सिर्फ चुनाव के दौरान ED, CBI TMC सांसद शताब्दी रॉय ने कहा कि कल ED की टीम भेजी और उन्हें चुनाव के समय सब कुछ याद आता है, वे सिर्फ जीतने के लिए चुनाव के दौरान ED, CBI की टीमें भेजते हैं, लेकिन वे चुनाव नहीं जीतेंगे…" प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी के खिलाफ ममता बनर्जी ने आज यानी शुक्रवार को विरोध मार्च निकालने की का ऐलान किया है. उन्होंने इस कार्रवाई को राजनीतिक रूप से प्रेरित और चुनावों से पहले TMC को डराने की कोशिश बताया. बंगाल कांग्रेस ने भी ईडी की छापेमारी का विरोध किया है. विपक्ष आए दिनों यह आरोप लगाता रहता है कि मोदी सरकार केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए उनके नेताओं को जानबूझकर और चुन-चुनकर निशाना बना रही हैं. 

इंदौर में ई-रिक्शा सेवा सात सेक्टर में शुरू होगी, व्यवस्था के बाद एक महीने का ट्रायल

इंदौर यातायात व्यवस्था बिगाड़ने वाले ई-रिक्शा पर अब लगाम कसी जा रही है। शहर को सात सेक्टरों में बांटकर हर ई-रिक्शा के लिए सीमित क्षेत्र, तय मार्ग और रंग आधारित पहचान लागू की जाएगी। ई-रिक्शा के व्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुगम संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को पलासिया स्थित पुलिस कंट्रोल रूम में बैठक हुई। पुलिस उपायुक्त यातायात आनंद कलादगी ने चालकों से कहा कि आप नए प्रयोग में सहयोग करें। कोई समस्या या आर्थिक नुकसान होता है तो हम बदलाव के लिए तैयार हैं। सेक्टरों को बढ़ा दिया जाएगा। इस व्यवस्था में करीब 30 दिन लगेंगे। फिर एक महीने तक ट्रायल होगा। भविष्य में जरूरत पड़ने पर सेक्टर व्यवस्था में जरूरी सुधार या बदलाव किया जा सकेगा। विशेष शिविर भी लगाए जाएंगे, ‘पहले आएं, पहले पाएं’ नीति के तहत पंजीयन आगामी दो दिनों में ई-रिक्शा सेक्टर वितरण के लिए विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इसमें यातायात थाना पूर्व (एमटीएच कंपाउंड), यातायात नियंत्रण कक्ष पश्चिम, महू नाका, एसीपी ट्रैफिक जोन-1 कार्यालय मल्हारगंज, डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय, पलासिया और एसीपी ट्रैफिक जोन-2 आफिस पिपलियाहाना में ई-रिक्शा चालक अपने वाहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत कर सेक्टर पंजीयन करवा सकेंगे। पंजीयन के बाद चालकों को सेक्टर अनुसार सीरियल नंबर स्टीकर प्रदान किए जाएंगे। शिविर में चालकों को ‘पहले आएं, पहले पाएं’ नीति के तहत पंजीयन किया जाएगा। सेक्टर तय करने के लिए चार से पांच विकल्प होंगे, जिसमें से एक तय करना होगा। चालकों को उनके घर के पास के मार्ग को प्राथमिकता दी जाएगी। आगामी 15 दिन तक रजिस्ट्रेशन होगा। अगले 10 दिन स्टीकर व सेक्टर वितरण होगा। बैठक में एडिशनल डीसीपी नरेश कुमार अन्नोटिया, एडिशनल डीसीपी संतोष कुमार कौल, एसीपी हिंदूसिंह मुवेल, एसीपी सुप्रिया चौधरी सहित अन्य मौजूद थे। वहीं, इंदौर बैटरी रिक्शा चालक महासंघ पदाधिकारी व संस्थापक राजेश बिड़कर ने कहा कि कुछ कार्यकर्ता निर्णय से संतुष्ट नहीं दिखे। उन्होंने 12 जनवरी को ई-रिक्शा बंद की घोषणा की। सुबह 11 बजे सभी गांधी हाल परिसर में एकत्र होकर विरोध करेंगे। इस तरह रहेगी व्यवस्था     ई-रिक्शा के लिए सात कलर कोड रहेंगे।     हर ई-रिक्शा के आगे-पीछे विशेष स्टीकर लगाए जाएंगे, जिन पर सेक्टर का नाम, ई-रिक्शा का सीरियल नंबर, वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित रहेगा।     सवारियों के लिए ई-रिक्शा की पहचान व निगरानी सरल हो सकेगी।     हर सेक्टर में 20 से 25 किमी का रूट मिल रहा है। स्टैंड भी तय होंगे। (जैसा कि बैठक में पुलिस उपायुक्त यातायात आनंद कलादगी ने बताया) 

भोपाल मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के तहत 40 आरा मशीनें शिफ्ट की जाएंगी, योजना दो चरणों में तैयार

भोपाल  शहर के बीचों बीच भारत टाकीज से बोगदा पुल रोड पर स्थित आरा मशीनों की शिफ्टिंग दो चरणों में की जाएगी। इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा योजना बनाई जा रही है। पहले चरण में मेट्रो की राह में आ रहीं 40 आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाएगा, इनके लिए परवलिया सड़क स्थित छोटा रातीबड़ में प्लाट का काम पूरा हो चुका है। बता दें कि मेट्रो ने आरा मशीन जल्द से जल्द शिफ्ट हो, इसके लिए छोटा रातीबड़ में सुविधा विकसित करने के लिए करीब छह करोड़ रुपये प्रशासन को दिए थे। इसके बाद से बिजली, पानी, सड़क आदि सुविधाएं उपलब्ध करवाई हैं। जानकारी के अनुसार फर्नीचर शोरूम एवं आरा मशीनों के संचालक एसडीएम शहर वृत्त दीपक पांडे से मिले थे, जहां उन्होंने अपनी मांग रखी थी कि सभी कारोबारियों को एक साथ परवलिया सड़क स्थित छोटा रातीबड़ में शिफ्ट किया जाए। संचालकों का कहना था कि अभी वहां एप्रोच रोड नहीं बनी है, जिससे वाहनों के आवागमन में दिक्कत तो होगी। साथ ही अभी सभी तरह की सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं। इस पर एसडीएम ने बताया कि आरा मशीनों को शिफ्ट करने की योजना दो चरण में तैयार की जा रही है, पहले वह 40 मशीनें शिफ्ट होंगी, जो मेट्रो रेल लाइन के कार्य में बाधा बनी हुई हैं। इनको हटाने के लिए छोटा रातीबड़ में 40 प्लाट का काम पूरा हो चुका है, जिनके लिए मेट्रो प्रबंधन ने राशि भी दी है। इसके बाद दूसरे चरण में बची हुई 100 आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाएगा। आग लगने के बाद तेज हुई प्रक्रिया पिछले दो महीने में आरा मशीनों में लगातार लगी बड़ी आग के बाद से शिफ्टिंग की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके लिए आरा मशीन संचालक भी प्रशासन से लगातार मांग कर रहे हैं, लेकिन छोटा रातीबड़ में काम की गति बहुत धीमी होने के कारण शिफ्टिंग का काम नहीं हो पा रहा है। हालांकि, आग की घटना के बाद से तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। ऐसे में उम्मीद है जल्द शिफ्टिंग हो सकेगी। कारोबारी कर रहे एक साथ शिफ्टिंग करने की मांग टिंबर मर्चेंट एंड आरा मशीन एसोसिएशन के अध्यक्ष बदर ए आलम ने बताया कि कारोबारियों की मांग है कि छोटा रातीबड़ में एक साथ सभी आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाए, जिससे कि कारोबार की रफ्तार निरंतर बनी रहे। फिलहाल प्रशासन ने दो चरणों में शिफ्टिंग की बात कही है। पहले चरण का काम जल्द शुरू होगा     आरा मशीनों की शिफ्टिंग को लेकर दो चरणों में योजना तैयार की गई है। पहले चरण में मेट्रो कार्य के लिए 40 आरा मशीनों को शिफ्ट किया जाएगा, इसके बाद दूसरे चरण में शेष आरा मशीनों को हटाया जाएगा। पहले चरण का कार्य जल्द ही शुरू कर दिया जाएगा। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर  

MP में 30 लाख फर्जी राशन कार्ड रद्द, अमीरों ने भी गरीबों का राशन किया हड़प

भोपाल  मध्य प्रदेश में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर लोग यही कह रहे हैं MP अजब है, गजब है. सोचिए, जिन लोगों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना मुश्किल है, उन्हीं के लिए बनी मुफ्त राशन योजना का फायदा बड़े-बड़े प्राइवेट कंपनी डायरेक्टर और मोटी कमाई करने वाले लोग उठा रहे थे. ये चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ, जब सरकार ने राशन कार्ड धारकों की बड़े स्तर पर जांच करवाई. सरकार की जांच में निकले 30 लाख अपात्र शिकायतों के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS के लाभार्थियों का सत्यापन अभियान चलाया. इस करीब एक साल लंबी जांच में पता चला कि करीब 30 लाख ऐसे लोग मुफ्त राशन ले रहे थे, जो इसके हकदार ही नहीं थे. इसके बाद सभी अपात्र लोगों के राशन कार्ड रद्द कर दिए गए.  रिपोर्ट के मुताबिक, गलत तरीके से राशन ले रहे लोगों में 1500 तो ऐसे निकले जो निजी कंपनियों में डायरेक्टर जैसे ऊंचे पद पर हैं। इसके अलावा 38 हजार लोग इनकम टैक्स फाइल करने वाले थे जिनकी सालाना आमदनी 6 लाख रुपये से अधिक थी। 14 लाख नए लाभार्थी जुड़ेंगे खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से बड़े पैमाने पर कराए गए वेरिफिकेशन में करीब एक साल का समय लगा। बड़े पैमाने पर राशन कार्ड रद्द किए जाने का बड़ा फायदा उन 14 लाख योग्य लाभार्थियों को होगा जो इसमें शामिल होने का इंतजार कर रहे थे और कोटा खत्म हो जाने की वजह से उन्हें पीडीएस स्कीम का लाभ नहीं मिल रहा था। MP में 1.31 करोड़ के पास राशन कार्ड, वेटिंग में थे लोग अंत्योदय अन्न योजना (AAY) और प्रायोरिटी हाउसहोल्ड (PHH/BPL) के तहत मध्य प्रदेश में अभी 1.31 करोड़ राशन कार्ड वितरित हैं। 28 श्रेणी के लाभार्थियं को हर महीने मुफ्त राशन दिया जाता है। खाद्य आपूर्ति विभाग के कमिश्नर कर्मवारी शर्मा ने कहा, 'यह सत्यापन बहुत महत्वपूर्ण था। अयोग्य लोगों की मौजूदगी की वजह से बहुत से जरूरतमंद परिवार वेटिंग लिस्ट में थे और उन्हें मुफ्त राशन नहीं मिल पाता था।' कैसे पकड़े गए ऐसे लोग शर्मा ने बताया कि उनके विबाग ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के साथ मिलकर पीडीएस डेटाबेसा का आईटीआर डेटा से मिलान किया। उन्होंने बताया, '38 हजार लाभार्थी ऐसे निकले जिन्होंने अपनी सालाना आय 6 लाख रुपये घोषित की थी और राशन भी ले रहे थे। सत्यापन के बाद ऐसे सभी नामों को निकाल दिया गया। डेटा को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनी से भी क्रॉस चेक किया गया। 1500 ऐसे लोग मिले जो निजी कंपनियों में डायरेक्टर के पद पर थे लेकिन मुफ्त राशन का लाभ ले रहे थे। कंपनी डायरेक्टर और IT पेयर भी निकले लाभार्थी जांच में जो आंकड़े सामने आए, वो और भी हैरान करने वाले थे. करीब 1,500 प्राइवेट कंपनियों के डायरेक्टर और 38 हजार ऐसे लोग जो हर साल 6 लाख रुपये से ज्यादा की कमाई दिखाकर इनकम टैक्स भरते हैं, वो भी गरीबों के लिए तय मुफ्त राशन ले रहे थे. यानी जिनके पास गाड़ी, मकान और पक्की कमाई थी, वो भी सरकारी राशन दुकानों से अनाज उठा रहे थे. कैसे पकड़े गए ये लोग खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने इस बार सख्त तरीका अपनाया. विभाग ने इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से डेटा मिलान किया और ITR फाइल करने वालों की जानकारी PDS डेटाबेस से जोड़ी गई. इसके अलावा रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज़ के रिकॉर्ड भी खंगाले गए. इसके बाद फील्ड लेवल पर जांच कर यह तय किया गया कि कौन वाकई पात्र है और कौन गलत तरीके से फायदा उठा रहा है. गरीबों के लिए खुला रास्ता इस जांच का सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि जिन जरूरतमंद परिवारों के नाम कोटा खत्म होने की वजह से सालों से वेटिंग लिस्ट में थे, अब उन्हें भी राशन कार्ड मिल गया. करीब 14 लाख नए पात्र परिवारों को खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो गया है. क्या बोले विभाग के अफसर खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के आयुक्त करमवीर शर्मा का कहना है कि यह जांच बेहद जरूरी थी. अपात्र लोगों की वजह से असली जरूरतमंद वंचित रह जाते थे. उन्होंने साफ कहा कि अब मुफ्त राशन सिर्फ उन्हीं को मिलेगा, जो इसके सही मायनों में हकदार हैं.

625 किमी लंबा टूरिज्म कॉरिडोर: एमपी में पेंच से पन्ना तक जुड़ेगा प्रमुख टूरिस्ट प्लेस

 भोपाल  मध्यप्रदेश को देश का टाइगर स्टेट कहा जाता है, यहां सबसे अधिक बाघ हैं। प्रदेश में सर्वाधिक टाइगर रिजर्व भी हैं। अनेक नेशनल पार्क और अभयारण्य भी हैं। एमपी के इन सभी वन्यजीव पर्यटन स्थलों को अब एक कॉरिडोर से जोड़ा जा रहा है। इसे टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर नाम दिया गया है। सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश की भौगोलिक स्थिति के कारण टाइगर कॉरिडोर पड़ोसी राज्यों के लिए भी बड़ी सौगात साबित होगा। इसके अंतर्गत प्रदेश के प्रमुख टाइगर रिजर्व को आपस में जोड़ने वाली सड़कों को अपग्रेड किया जाएगा। टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर 625 किमी लंबा होगा जिससे सभी प्रमुख टूरिस्ट प्लेस जुडेंगे। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दो दिन मध्यप्रदेश को अनेक राजमार्गों की सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में ग्वालियर, भिंड, श्योपुर सहित चंबल पूरे बेल्ट को अटल प्रगति पथ का लाभ मिलेगा। यह चंबल क्षेत्र को उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर को जोड़ेगा। करीब 12 हजार करोड़ का अटल प्रगति पथ एमपी से दिल्ली-एनसीआर का सफर घटाकर करीब 3 से 4 घंटे का कर देगा। भोपाल-जबलपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के रूप में बड़ी सौगात मिली मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि प्रदेश को भोपाल-जबलपुर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे के रूप में बड़ी सौगात मिली है, जिसकी लागत 9716 करोड़ है। इसके अलावा भोपाल-इंदौर-प्रयागराज, जबलपुर-नागपुर और इंदौर-धुले-पुणे परियोजनाएं विकसित भारत@2047 के लक्ष्य हासिल करने में सहायक सिद्ध होंगी। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से भविष्य में चारों दिशाओं में कई प्रकार के मार्गों को सुदृढ़ करते हुए निर्माण के संबंध में महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ है। टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर को 5 हजार करोड़ रुपए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने प्रदेश को टाइगर टूरिज्म कॉरिडोर की भी सौगात दी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि इसके अंतर्गत टाइगर रिजर्व पेंच से कान्हा, कान्हा से बांधवगढ़ और बांधवगढ़ से पन्ना को परस्पर जोड़ने वाली सड़कों की लम्बाई 625 किलोमीटर होगी। मार्गों के उन्नयन और विकास पर 5 हजार करोड़ रुपए की राशि खर्च की जाएगी। विलुप्त हुए चीतों को अफ्रीका से लाकर श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में बसाया बता दें कि मध्यप्रदेश को वन्य प्राणियों से संबंधित भी कई सौगातें मिल रही हैं। देशभर में विलुप्त हुए चीतों को अफ्रीका से लाकर एमपी के श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया। इसके बाद से ही कूनो वन्यप्राणी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

एमपी में असम के गैंडे लाने की योजना, वन्यजीवों के आदान-प्रदान की प्रक्रिया शुरू

भोपाल   जल्द ही असम राज्य के गैंडे मध्य प्रदेश के जंगलों या ज़ू में चहलकदमी करते नजर आएंगे। इस योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव  गुवाहाटी में राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन में शामिल हुए । यहां असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत बिस्वा सरमा के साथ उनकी महत्वपूर्ण चर्चा वन्यजीवों के आदान-प्रदान को लेकर हुई  । मध्य प्रदेश और असम के बीच वन्यजीवों का आदान-प्रदान जल्द ही हकीकत बन जाएगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव  गुवाहाटी गए थे । राष्ट्रीय वस्त्र मंत्रियों के सम्मेलन के इतर वे असम के मुख्यमंत्री डॉक्टर हिमंत बिस्वा सरमा से मुलाकात करेंगे और इस मुद्दे पर विस्तार से बातचीत करेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, असम से गैंडों को मध्य प्रदेश लाने और मध्य प्रदेश में विलुप्त हो चुकी जंगली भैंसों की पुनर्स्थापना पर फोकस रहेगा। बदले में मध्य प्रदेश से बाघ और मगरमच्छ असम को देने का विचार है। दोनों राज्यों ने इस संबंध में केंद्र सरकार को अपना प्रस्ताव भी भेज दिया है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य इससे पहले भी दोनों राज्यों के बीच इस तरह की चर्चा हो चुकी है और अब ये दौरा इसे आगे बढ़ाने का बड़ा मौका है। वहीं, गुवाहाटी में आयोजित राष्ट्रीय वस्त्र सम्मेलन में केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह भी मौजूद रहेंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य देश के वस्त्र उद्योग के समग्र विकास को गति देना है। यहां कपड़ा उद्योग में निवेश, रोजगार सृजन, नवाचार, कौशल विकास, आधुनिक मांग के अनुसार उत्पादन और राज्यों के बीच सहयोग पर विचार-विमर्श होगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव इस मंच पर मध्य प्रदेश की वस्त्र उद्योग नीति, उद्योग-अनुकूल माहौल, निवेश के अवसर और राज्य के उपलब्ध संसाधनों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करेंगे।