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चुनावी झटका: भोपाल में 4 लाख मतदाता सूची से बाहर हो सकते हैं, 2 लाख वोटरों पर खतरा

भोपाल राजधानी में लगभग चार लाख मतदाताओं का काम होना तय माना जा रहा है तो वहीं दो लाख से अधिक मतदाताओं के नाम पर तलवार लटक रही है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र में चार नवंबर को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का काम शुरू हुआ था, जिसके तहत अब तक चार विधानसभा क्षेत्र में 100 प्रतिशत पूरा हो चुका है। वहीं बचे हुए तीन विधानसभा क्षेत्र में कुल 23 हजार पत्रक जमा करना शेष रह गए हैं। इस तरह भोपाल ने तय समय सीमा से पहले ही गणना पत्रक वितिरित व जमा करने का काम पूरा कर लिया है। इसके लिए कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने शनिवार को हुजूर विधानसभा क्षेत्र की टीम काे सम्मान कर प्रत्सोहित किया।   बता दें कि जिले में कुल 21 लाख 24 हजार 773 गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से अब तक 21 लाख एक हजार 697 पत्रक जमा करते हुए 98.86 प्रतिशत काम पूरा किया जा चुका है। जिले के सात विधानसभा क्षेत्र हुजूर, उत्तर और मध्य में शनिवार को 100 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इस तरह उत्तर में 2 लाख 49 हजार 710,हुजूर में 3 लाख 87 हजार 135 और मध्य में दो लाख 44 हजार 245 मतदाताओं के गणना पत्रक जमा किए जा चुके हैं। भोपाल जिले में मदताओं के आंकड़ें विवरण     संख्या कुल मतदाता     21,25,908 गणना पत्रक वितरित     21,24,773 डिजिटाइज गणना पत्रक     17,02,349 अनकलेक्टेबल गणना पत्रक     3,99,348 कुल जमा गणना पत्रक     21,01,697 नो मैपिंग वाले पत्रक     2,17,548 वहीं दक्षिण-पश्चिम में दो लाख 34 हजार 104 में से दो लाख 33 हजार 722, नरेला में तीन लाख 54 हजार 530 में से तीन लाख 40 हजार 806 और गोविंदपुरा में चार लाख एक हजार 142 में से तीन लाख 92 हजार 155 पत्रक जमा किए गए हैं। इन तीनों विधानसभा क्षेत्र में रविवार को काम खत्म होने के साथ ही एसआइआर की प्रक्रिया भी पूरी हो जाएगी। 17 लाख मतदाताओं के पत्रक हुए डिजिटाइज जिले में एसआईआर के दौरान 21 लाख 24 हजार 773 मतदाताओं के गणना पत्रक वितरित किए गए थे, जिनमें से कुल 17 लाख दो हजार 349 गणना पत्रक डिजिटाइज किए गए हैं। जबकि 3 लाख 99 हजार 348 पत्रक अनकलेक्टेबल हैं, जिनका नाम मदताता सूची से कम होना तय माना जा रहा है। इस तरह जिले में 21 लाख में से 17 लाख ही मतदाता शेष रहने की उम्मीद जताई जा रही है। 2.17 लाख मतदाताओं को मिलेगा नोटिस सात विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 17 हजार 548 मतदाता ऐसे हैं, जिनको निर्वाचन शाखा द्वारा नोटिस भेजा जाएगा।यह वह मतदाता हैं, जिनके मात-पिता, दादा-दादी और स्वयं का मतदाता सूची 2003 में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला है। ऐसे में अब इनसे दस्तावेज मांगे जाएंगे, जिनके आधार पर ही इनके नाम सूची से कम करने और जोड़े रखने पर निर्णय लिया जाएगा। यह होते हैं अनकलेक्टेबल मतदाता जिन 3 लाख 99 हजार 348 अनकलेक्टेबल मतदाताओं के नाम सूची से कम किए जाने की संभावना है, उनमें ऐसे मतदाता शामिल हैं, जिन्होंने जिला छोड़ दिया है, मृत्यु हो गई है, दो जगह नाम है या फिर मिले ही नहीं है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सूची के प्रकाशन से पहले इनके नामों पर गहन परीक्षण किया जाएगा, जिससे किसी मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से कम न हो।

आज दो दिन खजुराहो से चलेगी सरकार

विकास कार्यों की सौगात के साथ लाड़ली बहनों के खातों में अंतरित होगी राशि सांस्कृतिक विरासत और पर्यटक स्थलों का करेंगे भ्रमण भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव अपने मंत्रिमंडल के साथ दो दिन खजुराहो में रह कर कैबिनेट बैठक के साथ विभिन्न विभागों की समीक्षा करेंगे। सोमवार 8 दिसम्बर को खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की समीक्षा के साथ शुरूआत होगी। इसी क्रम में औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, राजस्व, नगरीय विकास एवं आवास, तकनीकि शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार, जनजातीय कार्य, अनुसूचित जाति कल्याण और खनिज विभाग की समीक्षा की जाएगी। मंगलवार 9 दिसम्बर को मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक होगी, जिसमें महत्वपूर्ण निर्णय लिए जायेंगे। इसी दिन सीसीआईपी की बैठक और लोक निर्माण एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के दो वर्षों में हुए कार्यों की मुख्यमंत्री द्वारा समीक्षा की जाएगी। राजनगर में लाड़ली बहना सम्मेलन मुख्यमंत्री डॉ. यादव 9 दिसम्बर को छतरपुर जिले के राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में भी शामिल होंगे। सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा प्रदेश की 1.26 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खाते में माह दिसम्बर की राशि अंतरित की जायेगी। मुख्यमंत्री लाड़ली बहनों से संवाद भी करेंगे। अन्य गतिविधियां             खजुराहों में आदिवर्त संग्रहालय का भ्रमण एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम।             महाराजा छत्रसाल और सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति का अनावरण।             पन्ना टाइगर रिजर्व कुटनी रिसॉर्ट डैम एवं रनेह फॉल का भ्रमण।             27055 लाख के 9 विकास कार्यों का भूमि-पूजन।             24010 लाख के 20 विकास कार्यों का लोकार्पण।             राजनगर के सती की मढ़िया में लाड़ली बहना सम्मेलन में विकास पर केन्द्रित प्रदर्शनी।            लाड़ली बहनों के खातों में राशि अंतरण और हितलाभ वितरण।  

Aadhaar New Rule: अब आधार की फोटोकॉपी रखना होगा मना? जानिए सरकार का नया प्लान

नई दिल्ली  आधार कार्ड से जुड़ा नया नियम आ रहा है। सरकार जल्द ही ऐसा नियम लाने वाली है जिसमें होटल, इवेंट आयोजकों और ऐसी ही जगहों को आधार कार्ड की फिजिकल फोटोकॉपी लेना और अपने पास रखना पूरी तरह बंद करना होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने PTI को बताया कि यह बदलाव इसलिए किया जा रहा है क्योंकि पेपर पर आधार की कॉपी रखना निजता के लिए जोखिम बन जाता है और यह आधार कानून के खिलाफ भी है। UIDAI ने नए नियम को मंजूरी दे दी है और अब इसे जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा। नए नियम के तहत अब कोई भी संस्था अगर ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन करना चाहती है, तो उसे UIDAI में पंजीकरण कराना होगा और डिजिटल तरीकों से ही सत्यापन करना होगा। UIDAI प्रमुख भूवनेश कुमार ने बताया कि सभी संस्थाओं को अब एक सुरक्षित API (एप्लिकेशन प्रोग्रामिंग इंटरफेस) के जरिए QR कोड और ऐप-आधारित वेरिफिकेशन का ही इस्तेमाल करना होगा। यानी होटल, इवेंट आयोजन स्थल या अन्य जगहों पर अब फिजिकल आधार कॉपी देने की जरूरत खत्म हो जाएगी। इस कदम का मकसद पेपर-बेस्ड वेरिफिकेशन को हतोत्साहित करना और आधार डेटा के दुरुपयोग की संभावना को कम करना है। UIDAI एक नया ऐप UIDAI एक नया ऐप भी बीटा-टेस्ट कर रहा है जो ऐप-टू-ऐप वेरिफिकेशन की सुविधा देगा। इस ऐप की खासियत यह होगी कि हर बार केंद्रीय सर्वर से लाइव कनेक्शन की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे एयरपोर्ट, रिटेल आउटलेट, इवेंट वेन्यू जैसी जगहों पर बिना नेटवर्क समस्या के आसानी से आधार चेक हो सकेगा। ऐप के जरिए यूज़र अपना पता अपडेट कर सकेंगे और जिन परिवार के सदस्यों के पास मोबाइल नहीं है, उन्हें भी जोड़ सकेंगे। नए सिस्टम की खासियत नए सिस्टम की एक बड़ी खासियत यह है कि यह सर्वर डाउन होने जैसी परेशानियों से बचाएगा। अभी कई बार बीच की सर्वर लाइनों में तकनीकी दिक्कत आने से आधार वेरिफिकेशन रुक जाता है, लेकिन QR और ऐप-बेस्ड ऑफलाइन वेरिफिकेशन से यह दिक्कत खत्म हो जाएगी। UIDAI का कहना है कि यह मॉडल यूजर्स की प्राइवेसी को और मजबूत करेगा और पेपर कॉपी लीकेज से होने वाले जोखिम को खत्म करेगा। यह पूरी व्यवस्था डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट के अनुरूप भी है, जो अगले 18 महीनों में पूरी तरह लागू होने की उम्मीद है।  

‘हम और ज्यादा कर सकते थे…’ ऑपरेशन सिंदूर को लेकर राजनाथ सिंह का खुलासा, संयम को बताया भारत की ताकत

लेह रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सशस्त्र बल ‘‘और भी बहुत कुछ कर सकते थे’’ लेकिन उन्होंने जानबूझकर ‘‘संयमित’’ और ‘‘संतुलित’’ प्रतिक्रिया का विकल्प चुना। सिंह ने कहा कि मई में हुए ऑपरेशन ने भारतीय सेना की क्षमता और अनुशासन को रेखांकित किया, जिन्होंने बिना तनाव बढ़ाये आतंकी खतरों को बेअसर कर दिया।   रक्षामंत्री सिंह ने देश के विभिन्न हिस्सों में सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा पूरी की गई 125 बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘‘ऑपरेशन सिंदूर के दौरान, हमने अपने सशस्त्र बलों, नागरिक प्रशासन और सीमावर्ती क्षेत्रों के नागरिकों के बीच जो समन्वय देखा, वह अविश्वसनीय था। मैं लद्दाख और सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रत्येक नागरिक के प्रति हमारे सशस्त्र बलों को अपना समर्थन देने के लिए आभार व्यक्त करता हूं।’’ सिंह ने कहा, ‘‘यह समन्वय ही हमारी पहचान है। हमारा आपसी बंधन ही हमें दुनिया में सबसे अलग पहचान देता है।’’ ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा सात मई को शुरू किया गया था, जिसका लक्ष्य पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाना था। यह अभियान जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को किये गए उस हमले का बदला लेने के लिए शुरू किया गया था, जिसमें 26 लोग मारे गए थे और इस हमले में जान गंवाने वालों में से अधिकतर पर्यटक थे। उन्होंने कहा, “कुछ ही महीने पहले, हमने देखा कि कैसे पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले के जवाब में, हमारे सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया और दुनिया जानती है कि उन्होंने आतंकवादियों के साथ क्या किया।’’ रक्षा मंत्री सिंह ने कहा, ‘‘बेशक, अगर हम चाहते तो और भी बहुत कुछ कर सकते थे, लेकिन हमारे बलों ने ना केवल वीरता, बल्कि संयम का भी परिचय दिया और केवल वही किया जो जरूरी था।’’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इतना बड़ा ऑपरेशन मजबूत कनेक्टिविटी के कारण ही संभव हो पाया। सिंह ने कहा, ‘‘हमारे सशस्त्र बल समय पर रसद पहुंचाने में सक्षम थे। सीमावर्ती क्षेत्रों के साथ संपर्क भी बनाए रखा गया, जिससे ऑपरेशन सिंदूर को ऐतिहासिक सफलता मिली।’’ रक्षा मंत्री सिंह ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी सुरक्षा को कई तरह से बदल रही है और सैनिकों को दुर्गम इलाकों में अधिक प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बना रही है। उन्होंने कहा, ‘‘आज, हमारे सैनिक दुर्गम इलाकों में मजबूती से खड़े हैं क्योंकि उनके पास सड़कें, वास्तविक समय की संचार प्रणाली, उपग्रह सहायता, निगरानी नेटवर्क और रसद कनेक्टिविटी उपलब्ध है।’’ सिंह ने कहा, ‘‘सीमा पर तैनात एक सैनिक का हर मिनट, हर सेकंड बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए, कनेक्टिविटी को केवल नेटवर्क, ऑप्टिकल फाइबर, ड्रोन और रडार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षा की रीढ़ माना जाना चाहिए।’’ रक्षा मंत्री ने कहा कि अगर वह देश के किसी भी कोने में सशस्त्र बलों से मिल पाते हैं, तो यह मजबूत संचार नेटवर्क और कनेक्टिविटी की वजह से ही संभव है। उन्होंने कहा, ‘‘संचार को सिर्फ बुनियादी ढांचे के लिहाज से नहीं देखा जाना चाहिए। यह एक बहुत व्यापक शब्द है। शांति, सद्भाव और समाज की समझ के लिए संचार जरूरी है।’’ उन्होंने कहा कि सरकार का निरंतर प्रयास लद्दाख समेत सभी सीमावर्ती इलाकों के साथ संचार और कनेक्टिविटी को मज़बूत करना रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सीमावर्ती इलाकों के समग्र विकास के लिए पूरे उत्साह से काम कर रही है। रक्षा मंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार, हमारे सशस्त्र बल और बीआरओ जैसे संगठन आपके साथ खड़े हैं। हमें बस इस संबंध को मजबूत करते रहना है ताकि हमारे संबंध किसी बाहरी तत्व से प्रभावित ना हो।’’ उन्होंने कहा कि बेहतर कनेक्टिविटी ना सिर्फ सुरक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है, बल्कि आर्थिक विकास को भी गति दे रही है। वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में 8.2 प्रतिशत सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वृद्धि का हवाला देते हुए सिंह ने कहा कि मजबूत संचार और कनेक्टिविटी नेटवर्क एक प्रमुख कारक रहे हैं, जिसे सरकार की विकास-समर्थक नीतियों और राष्ट्रव्यापी सुधारों का समर्थन प्राप्त है।  

गोवा अग्निकांड की जांच तेज, पुलिस ने मालिकों के खिलाफ दर्ज किया केस, सरपंच गिरफ्तार

गोवा गोवा पुलिस ने बर्च बाय रोमियो लेन नाइटक्लब के 2 मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है, जिसमें भीषण आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई और 6 घायल हैं। पुलिस ने गोवा नाइटक्लब के मालिकों सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा के खिलाफ FIR दर्ज की है। इसके अलावा अर्पोरा-नागोआ पंचायत के सरपंच रोशन रेडकर को इस अग्निकांड से जुड़े मामले में हिरासत में लिया गया है। सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया, 'पुलिस ने नाइटक्लब के मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। क्लब के मैनेजर और इवेंट आयोजकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज हुई है।'   सरपंच रोशन रेडकर को 2013 में परिसर के लिए व्यापार लाइसेंस जारी करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस कार्रवाई उस शुरुआती जांच के बाद हुई, जिसमें अर्पोरा गांव में नाइटक्लब के निर्माण में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसमें संकरे एंट्री गेट, सीमित निकास मार्ग और निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का उपयोग शामिल है।' रविवार को एक ग्राम अधिकारी ने दावा किया कि निर्माण अनधिकृत था, लेकिन क्लब को ढहाए जाने के नोटिस पर सीनियर ऑफिसर ने रोक लगा दी थी। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का संकल्प व्यक्त किया, जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन के बावजूद इसे चलाने की इजाजत दी थी। संकरी गलियों के कारण दमकल को मुश्किल राज्य पुलिस ने शुरुआत में कहा था कि आग सिलेंडर विस्फोट के कारण लगी थी, लेकिन कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने दावा किया कि आग क्लब की पहली मंजिल पर लगी थी, जहां पर्यटक नाच रहे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि जब आग लगी तो 100 लोग डांस फ्लोर पर मौजूद थे। स्वयं को बचाने के लिए उनमें से कुछ लोग नीचे की ओर रसोईघर में भाग गए जहां वे कर्मचारियों के साथ फंस गए। नाइट क्लब संकरी गलियों में स्थित होने के कारण दमकल गाड़ियों के लिए क्लब तक पहुंचना संभव नहीं है और उनके टैंकरों को घटनास्थल से लगभग 400 मीटर दूर खड़ा करना पड़ा। पीड़ित भूतल पर ही फंसे रहे, जिसके कारण अधिकतर लोगों की मौत दम घुटने से हुई।  

पर्यावरण शिक्षा में नया अध्याय: यूपी में 500 करोड़ की लागत से बनेगी पहली फॉरेस्ट यूनिवर्सिटी

लखनऊ योगी सरकार प्रदेश का पहला वानिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर के कैंपियरगंज में बनाने जा रही है। मुख्यमंत्री ने इसकी घोषणा करीब एक वर्ष पहले की थी। इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) फाइनल हो गई है। इसे करीब 500 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। जल्द ही डीपीआर कैबिनेट की बैठक में स्वीकृति के लिए रखी जाएगी। विश्वविद्यालय के अधिनियम का ड्राफ्ट भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। यह विश्वविद्यालय करीब 125 एकड़ में बनाया जाएगा। यहां वानिकी, कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी व औद्यानिकी की पढ़ाई कराई जाएगी। छह सितंबर 2024 को जटायु संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के उद्घाटन के दौरान ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वानिकी विश्वविद्यालय की घोषणा की थी। बजट में भी 50 करोड़ रुपये की प्रविधान कर दिया गया था। जटायु संरक्षण केंद्र के पास ही 125 एकड़ जमीन चिह्नित कर प्रस्ताव शासन को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति भी मिल चुकी है। यहां वानिकी (फारेस्ट्री), कृषि वानिकी, सामाजिक वानिकी और औद्यानिक (हार्टिकल्चर) जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। इसके साथ ही विभिन्न डिग्री व डिप्लोमा कोर्स भी चलाए जाएंगे। विश्वविद्यालय में 500 कमरों के छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग छात्रावास, प्रशासनिक भवन, क्लास रूम, ऑडिटोरियम, अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल का मैदान बनाया जाएगा। शिक्षकों के लिए आवास का भी निर्माण यहां होगा।   इस विश्वविद्यालय की स्थापना से जैव तकनीक का विकास होगा। वन्यजीवों तथा जलवायु परिवर्तन के संबंध में ज्यादा सटीक विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश-विदेश से विद्यार्थी वन्यजीव एवं उनके संरक्षण पर शोध कर सकेंगे। साथ ही छात्र पारिस्थितिकी, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधन एवं उद्यानिकी व वानिकी से संबंधित विषयों पर शिक्षण-प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। डीपीआर कैबिनेट से पास होने के बाद इसका टेंडर होगा और विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।  

पुतिन को कश्मीरी केसर भेंट कर पीएम मोदी ने दिया किसानों को बड़ा संकेत, देशभर में हुई चर्चा

अनंतनाग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक दर्शाने वाले विशेष तोहफे भेंट किए। इन उपहारों में कश्मीर का मशहूर केसर और भगवद्गीता का रूसी संस्करण शामिल रहा। यह उपहार न केवल भारत की कला, आध्यात्मिकता और परंपरा को दर्शाते हैं बल्कि दोनों देशों के सांस्कृतिक संबंधों को और सुदृढ़ करते हैं। कश्मीर के बुरहान दीन ने आईएएनएस से बातचीत में इस कदम पर खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन को कश्मीरी केसर उपहार में दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को जम्मू-कश्मीर के लोगों से विशेष लगाव है। वह चाहें तो कोई कीमती वस्तु भेंट कर सकते थे, लेकिन उन्होंने कश्मीर की पहचान केसर को चुना। यह हमारे लिए सम्मान की बात है। मैं किसानों से अपील करता हूं कि वे केसर की पैदावार बढ़ाएं, क्योंकि अब यह दुनिया के शीर्ष नेताओं तक पहुंच चुका है। सामाजिक कार्यकर्ता सईद अख्तर हुसैन ने कहा कि कश्मीर की हर वस्तु अनमोल है और उसी अनमोलता का प्रतीक यहां का केसर है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कश्मीरी केसर को विश्व पटल पर और प्रख्यात कर दिया है। यदि किसान इसकी खेती को बढ़ावा दें तो यह वैश्विक स्तर पर और बड़ी पहचान बना सकता है। इससे युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और बेरोजगारी कम होगी। जम्मू-कश्मीर में केसर की सबसे अधिक पैदावार होती है और प्रधानमंत्री द्वारा इसका चयन करना हमारे लिए गर्व की बात है। कश्मीर घूमने आए पर्यटकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया। एक पर्यटक ने कहा कि पीएम मोदी द्वारा पुतिन को कश्मीरी केसर भेंट करने से हमारी जिज्ञासा और बढ़ गई है। हम यहां का असली केसर खरीदकर अपने साथ ले जाना चाहते हैं। यहां के किसान मेहनती हैं और केसर की खेती को बढ़ावा देना चाहिए। कश्मीर बेहद खूबसूरत है और यहां के लोग भी बहुत अच्छे हैं।

केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रधान ने बताया- बच्चों में सीखने की ललक बढ़ाने के लिये शिक्षक प्राप्त करते रहें नई-नई जानकारी

बच्चों को पोषण आहार मिलें इसके लिये जनभागीदारी को दें बढ़ावा बच्चों को मातृभाषा में पढ़ने के लिये करें प्रेरित भोपाल  केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा है कि बच्चों के व्यक्तित्व का बहुआयामी विकास हो, इसके लिये जरूरी है कि उन्हें मातृभाषा में पढ़ने के लिये प्रेरित किया जाएं। उन्होंने कहा कि बच्चों को पढ़ाई गई बातें समझने में मातृभाषा ज्यादा कारगर होती है। नई शिक्षा नीति में मातृभाषा में अध्ययन को प्राथमिकता दी गई है। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान रविवार को भोपाल के शासकीय कमला नेहरू सांदीपनि विद्यालय टी.टी. नगर के निरीक्षण के बाद शिक्षकों से चर्चा कर रहे थे। इस मौके पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री इंदर सिंह परमार और विधायक श्री भगवानदास सबनानी भी उनके साथ थे। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान ने सांदीपनि विद्यालय की कक्षाओं में जाकर बच्चों से संवाद किया। उन्होंने बच्चों की पाठ्यपुस्तकों को देखा और बच्चों से पढ़ाई के संबंध में बात की। मंत्री श्री प्रधान के विद्यालय पहुँचने पर छात्राओं ने बैंड की धुनों पर उनका स्वागत किया। उन्होंने आर्ट गैलरी, पुस्तकालय, बच्चों की मार्शल आर्ट 'वुशु' के अभ्यास को देखा और विद्यालय के म्यूजिक रूम का भ्रमण किया। उन्होंने बच्चों द्वारा देशभक्ति गीत पर प्रस्तुत धुनों को सुना और उसकी प्रशंसा की। मंत्री श्री प्रधान विद्यालय की अटल टिकरिंग लैब में भी गए। वहां उन्होंने बच्चों द्वारा बनाए गए साइंस मॉडल के बारे में जानकारी प्राप्त की। साइंस मॉडल और रोबोटिक्स लैब के उपकरणों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। मंत्री श्री प्रधान ने विद्यालय के ऑडिटोरियम को भी देखा और उन्होंने शिक्षकों से कहा कि वे बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ विभिन्न खेलकूद, संगीत और साहित्यिक गतिविधियों के प्रति भी प्रेरित करें। केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री प्रधान ने कहा कि बच्चों को पोषण आहार मिले, इसके लिये जन-भागीदारी के प्रयास किये जायें। पालकों से संवाद मंत्री श्री प्रधान ने पालकों से भी संवाद किया। उन्होंने कहा कि पालक निरंतर स्कूल पहुँचकर बच्चों के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहें। पालकों और शिक्षकों के समन्वय से ही बच्चों का सम्पूर्ण विकास हो सकेगा। उन्होंने शिक्षकों को प्रारंभिक कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के शैक्षणिक अध्ययन पर गहन निगरानी रखने की समझाइश दी। मंत्री श्री प्रधान ने विद्यालय की विजिटर्स बुक पर लिखा कि अगले सत्र में इस विद्यालय की छात्राएं जेईई एवं नीट परीक्षा में चयनित हों इसके लिये शिक्षक सामूहिक रूप से प्रयास करें। ई-अटेंडेंस के मिल रहे हैं बेहतर परिणाम आयुक्त लोक शिक्षण श्रीमती शिल्पा गुप्ता ने बताया कि शिक्षा की गुणवत्ता के लिये प्रदेश में हमारे शिक्षक ऐप के माध्यम से ऑनलाइन ई-अटेंडेंस प्रारंभ की गई है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप 799 स्कूलों को मॉडल स्कूलों में बदला जा रहा है। उन्होंने पीएमश्री स्कूल और सांदीपनि विद्यलाय के बारे में भी जानकारी दी। आयुक्त श्रीमती गुप्ता ने बताया कि सांदीपनि विद्यालय के बच्चों को विद्यालय तक लाने के लिये नि:शुल्क परिवहन सेवा उपलब्ध कराई गई है। स्कूलों में बच्चों को डिजिटल शिक्षा दिये जाने की व्यवस्था की गई है। प्राचार्य कमला नेहरू श्रीमती संगीता सक्सेना ने बताया किविद्यालय की स्थापना 1958 में हुई थी। वर्तमान में इस विद्यालय में कक्षा अरूण (के.जी.-1) से लेकर कक्षा 12 तक करीब 1500 छात्राओं को उच्च स्तर की शिक्षा दी जा रही है। निरीक्षण के दौरान श्री राहुल कोठारी, पार्षद श्रीमती आरती अनेजा भी साथ थी।  

गुजरात को मिला नया तोहफा: अमित शाह ने पीएमएवाई के ईडब्ल्यूएस आवासों का शुभारंभ किया

गांधीनगर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहमदाबाद में प्रधानमंत्री आवास योजना (पीएमएवाई) के तहत बने 800 से ज्यादा नए ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) घरों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने गरीबों को मुफ्त घर देने के मोदी सरकार के वादे को दोहराया, ताकि सभी को सम्मानजनक और इज्जतदार जिंदगी मिल सके। गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अहमदाबाद के थलतेज वार्ड में बने 861 नए ईडब्ल्यूएस घरों के उद्घाटन की तस्वीरें भी शेयर कीं। उन्होंने पोस्ट में लिखा, "प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से मोदी सरकार गरीबों को मुफ्त आवास देकर उन्हें गौरवपूर्ण जीवन देने का काम कर रही है। इसी दिशा में आज अहमदाबाद के थलतेज वार्ड में पीएम आवास योजना के तहत बने 861 नवनिर्मित ईडब्ल्यूएस आवासों का उद्घाटन किया। अहमदाबाद नगर निगम द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक और सुविधा-संपन्न आवास क्षेत्रवासियों के सुगम और सुरक्षित भविष्य के मजबूत आधार बनेंगे।" इस मौके पर कुछ लाभार्थियों ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बात करते हुए अपनी खुशी साझा की। निखिलेश बेन ने कहा, "सरकार ने अच्छे घर और फ्लैट बनाए हैं। इससे हमें समाज में सम्मान मिला है। हमें घर गिफ्ट करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल का दिल से शुक्रिया।" रंजीत ने केंद्र सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा, "हमें झुग्गी से बाहर निकाल दिया गया है। सरकार की कोशिशों की वजह से मुझे अपने सपनों का घर मिल गया है। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि मेरे घर पर पक्की छत होगी, लेकिन यह मुमकिन हो गया है। आंगनवाड़ी, आयुष्मान भवन और बच्चों की पढ़ाई के लिए स्कूल जैसी सभी बेसिक सुविधाएं यहां मौजूद हैं।" लाभार्थी शंभू भाई ने कहा कि वह पहले एक झुग्गी में रहते थे, लेकिन अब उनके पास एक सुरक्षित और अच्छी सुविधाओं वाला घर है। उन्होंने कहा कि सरकार का काम सच में तारीफ के काबिल है। घर के अंदर सभी सुविधाएं दी गई हैं, जिसके लिए हम बहुत शुक्रगुजार हैं।" नानाजी देसाई ने कहा कि लगभग 25 साल की कड़ी मेहनत के बाद, आखिरकार हमारे पास हमारे घर हैं। घर बहुत अच्छे से बने हैं। हम इसके लिए सरकार के शुक्रगुजार हैं।

हाड़ कंपाने वाली सर्दी ने बढ़ाई ठिठुरन, फतेहपुर में पारा लुढ़का

जयपुर राजस्थान में कड़ाके की सर्दी के बीच एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसका असर खासतौर पर पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर, जैसलमेर और आसपास के इलाकों में हल्के बादलों के रूप में दिखाई दिया, हालांकि कहीं भी बारिश नहीं हुई। बादल छाने और पश्चिमी हवाएं चलने से उत्तर से आने वाली बर्फीली हवा कुछ कमजोर पड़ी है। इस विक्षोभ का आंशिक प्रभाव अगले दो दिनों तक जारी रहने की संभावना है। अगले एक सप्ताह तक राज्यभर में मौसम साफ रहने का अनुमान है, जिससे शेखावाटी, बीकानेर और जयपुर संभाग के इलाकों में कड़ाके की सर्दी और शीतलहर से राहत मिल सकती है। शेखावाटी में बीते 24 घंटे के दौरान सबसे अधिक ठंड महसूस की गई। फतेहपुर में न्यूनतम तापमान 2.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ, जबकि माउंट आबू और सीकर में पारा 3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अलवर में 5 और दौसा में 4.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर और गंगानगर सहित कई पश्चिमी जिलों में धूप कमजोर रही। बाड़मेर में अधिकतम तापमान 29.3, जैसलमेर में 28.3, बीकानेर में 23.3 और चूरू में 25.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। कोटा में सुबह हल्की धुंध छाई रही और शीतलहर के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम केंद्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार, कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण अगले दो-तीन दिनों तक कई हिस्सों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। साथ ही, न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे शीतलहर से राहत मिलेगी। अगले तीन-चार दिनों में शेखावाटी क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस से ऊपर और बाकी हिस्सों में 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।