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वीर सैनिकों के सम्मान में सीएम योगी ने झंडा दिवस पर किया फ्लैग पिन और स्मारिका लॉन्च

लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर अपने सरकारी आवास 5-कालिदास मार्ग, लखनऊ उत्तर प्रदेश पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘फ्लैग पिन’ और ‘स्मारिका’ (स्मृति चिन्ह) का विमोचन किया। उन्होंने कहा, “यह दिवस देश की रक्षा करते हुए शहीद हुए वीर जवानों को नमन करने और उनके परिवारों के कल्याण तथा सम्मान के प्रति पूरे राष्ट्र की प्रतिबद्धता को दोहराने का प्रतीक है। यह दिन हमें याद दिलाता है कि हमें अपने सैनिकों और उनके आश्रितों के प्रति हमेशा आभारी रहना चाहिए और उनके सहयोग के लिए योगदान देना चाहिए।” मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान व्यक्त किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "देश के सशस्त्र बलों के वीर जवानों एवं उनके परिजनों को ‘सशस्त्र सेना झंडा दिवस’ की हार्दिक बधाई व शुभकामनाएं। अदम्य साहस, शौर्य और पराक्रम से अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए देश की एकता, अखंडता और सीमाओं की रक्षा के लिए सर्वस्व न्योछावर करने वाले सशस्त्र बलों के सभी सैनिकों को नमन। जय हिंद!" उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मां भारती की रक्षा हेतु सतत समर्पित भारतीय सेना के वीर जवानों को सशस्त्र सेना झंडा दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं! देश की रक्षा में सदैव तत्पर हमारे सशस्त्र बलों के वीर जवानों का साहस, अनुशासन और समर्पण वंदनीय है। मैं प्रत्येक सैनिक को उनके पराक्रम एवं कर्तव्यनिष्ठा के लिए हृदय से नमन करता हूं।" उत्तर प्रदेश सरकार में वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मातृभूमि की सुरक्षा में सतत समर्पित हमारे सशस्त्र बलों के जांबाज जवानों और उनके परिजनों को "सशस्त्र सेना झंडा दिवस" की हार्दिक शुभकामनाएं व उनके वीरता, साहस, शौर्य व बलिदान को कोटि कोटि नमन। जय हिंद!" भारत 1949 से 7 दिसंबर को सशस्त्र सेना झंडा दिवस मना रहा है ताकि उन शहीदों और सैनिकों को सम्मानित किया जा सके जिन्होंने देश के सम्मान की रक्षा के लिए बहादुरी से लड़ाई लड़ी और लड़ रहे हैं। यह दिन राष्ट्रीय एकजुटता व्यक्त करने और दान के माध्यम से युद्ध में विकलांग सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों के कल्याण के लिए धन जुटाने के लिए मनाया जाता है।

मुख्यमंत्री साय बोले – राष्ट्र की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे सैन्य जवानों का योगदान अतुलनीय

रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य सैनिक कल्याण बोर्ड के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने मुख्यमंत्री साय को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के प्रतीक स्वरूप सम्मान बैज लगाया तथा संचालनालय सैनिक कल्याण द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों एवं योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि “सशस्त्र सेना झंडा दिवस हमारे वीर सैनिकों और उनके परिवारों के त्याग, साहस और राष्ट्रसमर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर है। देश की सुरक्षा में निरंतर तैनात हमारे जवानों का योगदान अतुलनीय है।” उन्होंने आगे कहा कि इस दिवस का संदेश है कि राष्ट्र की रक्षा में लगे हमारे जवानों और शहीद परिवारों के प्रति हम सभी अपनी जिम्मेदारी समझें और उनके कल्याण हेतु सहयोग की भावना से आगे आएं। मुख्यमंत्री ने सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिकों एवं उनके परिवारों के कल्याण हेतु अपनी ओर से अंशदान भी प्रदान किया। इस अवसर पर सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते तथा पद्मश्री उषा बारले भी उपस्थित थीं।

जहरीली हवा + कड़ाके की ठंड: दिल्ली की सांसें थमीं, AQI फिर खतरे के स्तर पर

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में ठंड के कहर के साथ-साथ प्रदूषण की मार भी जारी है। बीता दिन शनिवार (6 दिसंबर) भी दिल्लीवासियों के लिए बेहद प्रदूषित रहा जहां 24 घंटे का औसत AQI 330 दर्ज किया गया जो 'बहुत खराब' श्रेणी में आता है। केंद्र और राज्य सरकारों के तमाम प्रयासों के बावजूद राजधानी पिछले डेढ़ महीने से ज़हरीली हवा की गिरफ़्त से बाहर नहीं निकल पाई है। CPCB के समीर ऐप के अनुसार दिल्ली के 40 में से 31 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज हुआ। मुंडका में AQI 387 और नेहरू नगर में 369 तक पहुंच गया। शनिवार सुबह 9 बजे तक भी औसत AQI 335 बना रहा। शनिवार शाम को दिल्ली-NCR की हवा में PM10 का स्तर 275.7 और PM2.5 का स्तर 157.4 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर रहा जो मानक से करीब तीन गुना ज़्यादा है। 14 अक्टूबर के बाद एक भी दिन ऐसा नहीं रहा जब AQI 200 से नीचे आया हो। अगले 3-4 दिन सुधार के आसार नहीं वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक AQI इसी खराब स्तर के आसपास बना रहेगा। मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक रविवार सुबह हल्की धुंध का अनुमान है और आसमान आंशिक रूप से बादलों से ढका रहेगा। सरकारी एजेंसियों का कहना है कि प्रदूषण को कम करने के लिए बारिश या तेज़ हवा ही चाहिए लेकिन फिलहाल ऐसी किसी मौसमी गतिविधि की संभावना कम है। सेहत पर बढ़ता सीधा खतरा राजधानी में बढ़ते वायु प्रदूषण का सीधा असर लोगों की सेहत पर दिख रहा है। सबसे अधिक समस्या अस्थमा मरीजों और बुजुर्गों को हो रही है। लोगों में आंखों में जलन, संक्रमण, गले में खराश, खांसी और दर्द की शिकायत बढ़ रही है। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ रहा है और लोगों में थकान, घबराहट, सिरदर्द जैसे लक्षण भी बढ़े हैं। ठंड का सितम भी जारी प्रदूषण के साथ-साथ दिल्ली के लोगों को ठंड का सितम भी झेलना पड़ रहा है। न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस पर बना हुआ है जबकि अधिकतम 24 डिग्री सेल्सियस रहने की उम्मीद है। पहाड़ों में बर्फबारी जारी रहने के कारण इसका असर मैदानी इलाकों में देखा जा रहा है। 10 से 12 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं ने शहर की सिहरन और बढ़ा दी है। वहीं मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए शीतलहर के लिए अलर्ट भी जारी कर दिया है।  

प्रदेश में विजन 2047 को साकार करने के लिए 98 लाख सुझावों पर आधारित 12 सेक्टरों वाला विजन डॉक्यूमेंट हो रहा तैयारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहाः 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा जब राज्य समान गति व संकल्प से बढ़ेगा आगे नई दिल्ली,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत के विजन 2047 को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे अहम है। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक निजी समाचार पत्र के कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को वर्ष 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा हो सकता है जब देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य समान गति और संकल्प के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक विमर्श और जनभागीदारी के आधार पर राज्य का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है जिसमें जनप्रतिनिधियों तथा जनता दोनों के सुझाव शामिल किए गए हैं। जनता की भागीदारी का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश को अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी। इसके लिए विधानसभा में 27 घंटे तक लगातार चर्चा कराई गई, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जनता से भी व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे गए और अब तक 98 लाख विचार प्राप्त हुए। इन सुझावों को आधार बनाकर राज्य के 12 प्रमुख सेक्टरों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और राज्य की वर्तमान प्रगति इस दिशा में उत्साहजनक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश 'विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश' और 'आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को पूरा करेगा। उत्तर प्रदेश ने नकारात्मक धारणा को पीछे छोड़ा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक दौर में कई उद्यमी उत्तर प्रदेश लौटने से हिचकिचाते थे और राज्य के प्रति नकारात्मक धारणा रखते थे। योगी ने कहा कि उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि नया उत्तर प्रदेश उन्हें अवश्य दिखाई देगा। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप रोड शो में ढाई लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए और पहले इन्वेस्टर समिट में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग चार लाख पचहत्तर हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 के तीसरे इन्वेस्टर समिट में उत्तर प्रदेश को कुल 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को अब तक कुल 45 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं जिनमें से 15 लाख करोड़ की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और उनमें उत्पादन शुरू हो चुका है। अगली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी किया जिक्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के अगले संस्करण का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी ग्राउंड ब्रेकिंग के अगले संस्करण के आयोजन की तिथि तय की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेश के क्षेत्र में यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के लिए एक नया मील का पत्थर है और डबल इंजन सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है जो अब सभी को प्रत्यक्ष दिख रहा है।

डुमना एयरपोर्ट पर आज आएंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव, ट्रांजिट विजिट का कार्यक्रम तय

जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आज रविवार 7 दिसम्बर को ट्रांजिट विजिट पर डुमना एयरपोर्ट जबलपुर आगमन होगा। मुख्यमंत्री मंत्री डॉ यादव दोपहर 2.35 बजे भोपाल से वायुयान द्वारा डुमना एयरपोर्ट आयेंगे और और दोपहर 2.40 बजे हेलीकॉप्टर से बालाघाट प्रस्थान करेंगे। आप दोपहर 3.20 बजे बालाघाट पहुँचेंगे और वहाँ स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 4.20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा वापस डुमना एयरपोर्ट जबलपुर के लिये रवाना होंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शाम 5 बजे डुमना एयरपोर्ट पहुँचेंगे तथा शाम 5.05 बजे यहाँ से वायुयान द्वारा भोपाल प्रस्थान करेंगे।

देश के रक्षकों के सम्मान में आगे आएं: पीएम मोदी ने झंडा दिवस फंड में सहयोग की अपील की

नई दिल्ली उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर सशस्त्र बलों के प्रति आभार व्यक्त किया और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण की सराहना की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, हम उन बहादुर पुरुषों और महिलाओं के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं जो अटूट साहस के साथ हमारे देश की रक्षा करते हैं। उनका अनुशासन, दृढ़ संकल्प और भावना हमारे लोगों की रक्षा करती है और हमारे देश को मजबूत बनाती है। उनकी प्रतिबद्धता हमारे देश के प्रति कर्तव्य, अनुशासन और समर्पण का एक शक्तिशाली उदाहरण है। आइए हम भी सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान दें।" वहीं, सशस्त्र सेना झंडा दिवस के मौके पर रक्षा मंत्रालय के एक प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन को सशस्त्र सेना झंडा दिवस का लैपल पिन लगाया। जिसका नेतृत्व पूर्व सैनिक कल्याण विभाग की सचिव सुकृति लिखी ने किया। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अपनी पूरे एक महीने की सैलरी सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में दान की। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने लोगों से अपील करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सभी नागरिकों से भी अपील की कि वे स्वेच्छा से सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान देकर हमारे शहीदों, विकलांग सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति अपना आभार व्यक्त करें।" जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर, मैं हमारे बहादुर सशस्त्र सेना के जवानों और शहीदों को देश के लिए उनके सर्वोच्च बलिदान और सेवा के लिए दिल से धन्यवाद देता हूं। आइए, हम अपने बहादुर सैनिकों और उनके परिवारों की भलाई और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में दिल खोलकर दान करें।" चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल (सीडीएस) अनिल चौहान ने भी सभी भारतीय सशस्त्र बलों के सैनिकों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों को शुभकामनाएं दीं और भारत की रक्षा तैयारियों और राष्ट्रीय सुरक्षा में उनकी दृढ़ सेवा, अदम्य भावना और स्थायी योगदान को स्वीकार किया। केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोशल मीडिया पर भारतीय सशस्त्र बलों की सराहना की। उन्होंने देशवासियों से सशस्त्र सेना झंडा दिवस फंड में योगदान देने की भी अपील की।

नाइटक्लब में लगी आग ने छीनी 14 कर्मचारियों की जान, गोवा हादसे का भयावह वीडियो वायरल

गोवा गोवा के नाइटक्लब में भीषण आग लगने की वजह से कम से कम 25 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो गई है। इनमें से 14 नाइटक्लब में काम करने वाले लोग थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘गोवा के अरपोरा में आग लगने की घटना बहुत दुखद है। मेरी संवेदनाएं उन सभी लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजन को खो दिया है। घायल लोगों के जल्द से जल्द स्वस्थ होने की कामना करता हूं।’ उन्होंने कहा, ‘‘गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत जी से स्थिति के बारे में बात की। राज्य सरकार प्रभावित लोगों की हर संभव मदद कर रही है।’’ प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक बयान में कहा, ‘‘गोवा के अरपोरा में हुए हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।’ ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नामक नाइट क्लब में शनिवार आधी रात के बाद आग लग गई। यह नाइट क्लब राज्य की राजधानी पणजी से लगभग 25 किलोमीटर दूर अरपोरा में स्थित है। सावंत ने बताया कि मारे गए अधिकतर लोग क्लब की रसोई में काम करते थे। उन्होंने बताया कि मृतकों में तीन महिलाएं और ‘‘तीन से चार पर्यटक’’ भी शामिल हैं। उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि 25 लोगों में से तीन की मौत जलने जबकि अन्य की मौत दम घुटने से हुई। मुख्यमंत्री सावंत ने कहा, ‘‘हम क्लब प्रबंधन और उन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे जिन्होंने सुरक्षा मानदंडों के उल्लंघन की अनदेखी की।’’ सावंत ने कहा, ‘‘तटीय राज्य में यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना ऐसे समय में हुई है जब बड़ी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं।’’ मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हम घटना की गहन जांच करेंगे और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।’’ गोवा पुलिस प्रमुख आलोक कुमार ने बताया कि आग सिलेंडर फटने के कारण लगी। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्थानीय विधायक माइकल लोबो ने कहा, ‘‘परिसर से सभी 25 शव बरामद कर लिए गए हैं और उन्हें बम्बोलिम में स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया है।’’ लोबो ने संवाददाताओं को बताया कि अग्निशमन विभाग और पुलिस की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और रात भर बचाव कार्य में लगी रहीं। उन्होंने कहा कि अधिकारी सभी क्लब का अग्नि सुरक्षा ऑडिट करेंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। विधायक ने कहा कि कलंगुटे पंचायत सोमवार को सभी नाइट क्लब को नोटिस जारी कर अग्नि सुरक्षा अनुमतियां दिखाने करने के लिए कहेगी। उन्होंने कहा कि जिन क्लब के पास आवश्यक अनुमतियां नहीं हैं, उनके लाइसेंस रद्द कर दिए जाएंगे।  

एयर ट्रैवल पर सरकार की बड़ी घोषणा: जानें 500 किमी से लेकर लंबी दूरी तक के नए फिक्स किराए

नई दिल्ली इंडिगो संकट को लेकर सरकार अब सख्त नजर आ रही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इस संकट से निपटने के लिए कई दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सरकार की ओर से इंडिगो को यात्रियों का पैसा तुरंत वापस करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही सरकार ने दूसरी एयरलाइन के किराये में हुए बेहताशा बढ़ोतरी पर भी लगाम लगा दी। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सभी प्रभावित रूट्स पर सही और वाजिब किराया सुनिश्चित करने के लिए अपनी रेगुलेटरी पावर का इस्तेमाल किया है। सरकार ने एयरलाइन से कहा कि वह तय हवाई किराये से ज्यादा न लें। घरेलू एयरलाइंस यात्रियों से नीचे बताई गई सीमा से अधिक किराया नहीं वसूल सकती हैं। • 500 किमी तक की दूरी: अधिकतम किराया 7500 रुपये • 500-1000 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 12000 रुपये • 1000-1500 किमी की दूरी: अधिकतम किराया 15000 रुपये • 1500 किमी से अधिक की दूरी: अधिकतम किराया 18000 रुपये सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देश सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उपरोक्त किराया सीमाएं लागू उपयोगकर्ता विकास शुल्क, यात्री सेवा शुल्क और करों को छोड़कर हैं। ये किराया सीमाएं बिजनेस क्लास और आरसीएस उड़ानों पर लागू नहीं होंगी। सरकार की ओर से कहा गया है कि किराया सीमाएं तब तक लागू रहेंगी जब तक किराये स्थिर नहीं हो जाते या अगला आदेश जारी नहीं होता। ये किराया सीमाएं सभी प्रकार की बुकिंग पर लागू होंगी, चाहे टिकट एयरलाइन की आधिकारिक वेबसाइट से खरीदा गया हो या किसी ऑनलाइन ट्रैवल एजेंट के प्लेटफॉर्म से। एयरलाइंस सभी श्रेणियों में टिकट उपलब्धता बनाए रखेंगी और आवश्यकता होने पर उन सेक्टरों में क्षमता बढ़ाने पर विचार करेंगी जहां मांग अचानक बढ़ गई हो। सरकार ने आदेश दिया है कि एयरलाइंस रद्दीकरण से प्रभावित सेक्टरों में अचानक या असामान्य किराया वृद्धि से बचेंगी। एयरलाइंस प्रभावित यात्रियों को अधिकतम संभव सहायता प्रदान करेंगी, जिसमें संभव होने पर वैकल्पिक उड़ान विकल्प शामिल हैं। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा। सरकार ने इंडिगो से रद्द उड़ानों के लिए रिफंड प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी करने को कहा इंडिगो की उड़ान बाधित होने से हजारों यात्रियों के प्रभावित होने के बीच नागर विमानन मंत्रालय ने शनिवार को एयरलाइन को निर्देश दिया कि रद्द की गई उड़ानों के लिए टिकट के रिफंड की प्रक्रिया रविवार शाम तक पूरी कर ली जाए। सरकार ने साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि यात्रियों के छूटे हुए सामानों को अगले दो दिनों में उन तक पहुंचा दिया जाए। यात्रियों के सामान को घर पहुंचाने के दिए निर्देश इसके अलावा, एयरलाइन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जिन यात्रियों का ट्रैवल प्लान रद्द या प्रभावित हुआ है, उनसे कोई रिशेड्यूलिंग चार्जेस न लिए जाएं। मंत्रालय ने साफ किया कि रिफंड प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या नियमों का पालन न करने पर तुरंत नियामक कार्रवाई की जाएगी। मंत्रालय ने यह भी निर्देश दिया कि एयरलाइन यह सुनिश्चित करे कि उड़ान रद्द होने या देरी के कारण यात्रियों के छूटे हुए सामान का पता लगाया जाए और अगले 48 घंटों के भीतर उन तक पहुंचाया जाए। यात्रियों की सुविधा और शिकायत निवारण को सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया कि वह डेडिकेटेड पैसेंजर सपोर्ट और रिफंड फैसिलिटेशन सेल्स स्थापित करें। इन सेल्स का काम होगा प्रभावित यात्रियों से संपर्क करना और यह सुनिश्चित करना कि वे रिफंड और अन्य ट्रैवल अरेंजमेंट्स के लिए बार-बार फॉलो-अप करने की जरूरत न महसूस करें। मंत्रालय ने कहा कि परिचालन पूरी तरह से स्थिर होने तक ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम सक्रिय रहेगा। इंडिगो का बयान इंडिगो के परिचालन में आ रही समस्याओं पर एयरलाइन की ओर से शनिवार को बयान जारी किया गया। इस बयान में इंडिगो ने कहा कि एयरलाइन पूरे नेटवर्क में अपने परिचालन को पटरी पर लाने के लिए पूरी लगन से काम कर रही है।  इंडिगो ने कहा, 'हमारी टीमें शेड्यूल को स्थिर करने, देरी को कम करने और इस दौरान ग्राहकों की मदद करने पर केंद्रित हैं। शनिवार को रद्दीकरण की संख्या 850 उड़ानों से नीचे आ गई है, जो कल की तुलना में काफी कम है। हम अगले कुछ दिनों में इस संख्या को धीरे-धीरे कम करने की दिशा में काम कर रहे हैं।'

शिक्षा विभाग में सुनहरा अवसर: UPPSC करेगा 7,466 सहायक अध्यापकों की भर्ती, युवाओं में खुशी की लहर

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को रोज़गार प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को लगातार पूरा कर रही है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा दिसंबर और जनवरी माह में सहायक अध्यापक (प्रशिक्षित स्नातक) भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस परीक्षा के माध्यम से 15 विषयों में कुल 7,466 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। यह भर्ती न केवल युवाओं के सपनों को नई ऊंचाई देगी, बल्कि प्रदेश के शैक्षणिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। मुख्यमंत्री के सख्त निर्देशों के तहत, परीक्षा को पूरी तरह से नकलविहीन, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से सम्पन्न कराने की व्यापक तैयारी की गई है। परीक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।   सुरक्षा और निगरानी के पुख्ता इंतजाम परीक्षा केन्द्रों की निगरानी संबंधित जिलाधिकारी स्वयं व्यक्तिगत रूप से करेंगे। परीक्षा के लिए एंट्री के समय बायोमेट्रिक सत्यापन और कड़ाई से फ्रिस्किंग की जाएगी। इसके अलावा सभी केंद्रों पर पूर्णतः क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस दौरान एलआईयू (LIU) और एसटीएफ (STF) की टीमें सक्रिय रूप से निगरानी करेंगी। प्रश्नपत्रों की गोपनीयता के लिए कलर एवं कोड आधारित एसएमएस प्रणाली लागू की गई है। सेक्टर मजिस्ट्रेट द्वारा गोपनीय सामग्री की ट्रेजरी से निकासी और केंद्रों तक सुरक्षित पहुंच सुनिश्चित की जाएगी।   भर्ती में नया कीर्तिमान योगी आदित्यनाथ सरकार ने पिछले साढ़े आठ सालों में 8.5 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां प्रदान करके एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। सरकार की पारदर्शी, त्वरित और तकनीक-आधारित भर्ती व्यवस्था युवाओं को व्यापक अवसर प्रदान कर रही है। इसके साथ ही, राज्य में बढ़ते निवेश के कारण निजी क्षेत्र में भी बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित हुए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय, प्रकाश और बैठने की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।

9 दिसंबर को खजुराहो में कैबिनेट बैठक और सम्मेलन, सरकार का महत्वपूर्ण निर्णय

खजुराहो मध्य प्रदेश में शासन और प्रशासनिक कार्यों की व्यापक समीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 8 और 9 दिसंबर को सभी विभागों की खजुराहो में विस्तृत समीक्षा बैठकें लेंगे। इन बैठकों में विभागों द्वारा पिछले दो वर्षों में किए गए कार्यों, सामने आई चुनौतियों, उपलब्धियों और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि किन-किन विभागों ने नवाचार (Innovation) के माध्यम से बेहतर कार्य किया है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है। सूत्रों के अनुसार, इस बड़े समीक्षा अभियान के साथ ही अगले वर्ष राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार होने की संभावना भी तेज हो गई है। वर्तमान में राज्य कैबिनेट में चार पद रिक्त हैं। लंबे समय से प्रदेश में कैबिनेट विस्तार की अटकलें लगाई जा रही है। माना जा रहा है कि विभागों की समीक्षा रिपोर्ट के आधार पर मंत्रिमंडल विस्तार तथा विभागों को बदला जा सकता है। भाजपा में कई वरिष्ठ विधायक मंत्री बनने की राह देख रहे हैं। डॉ. मोहन यादव सरकार को दो साल हो गए हैं। सरकार ने निगम मंडलों में भी नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह समीक्षा प्रदेश में प्रशासनिक पारदर्शिता और कार्यक्षमता बढ़ाने के लक्ष्य के तहत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके जरिए सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आगामी चुनावों से पहले सभी विभाग निर्धारित मानकों के अनुरूप प्रदर्शन करें और जनता से किए गए वादों का प्रभावी रूप से पालन हो। 9 दिसंबर को खजुराहो में अगली कैबिनेट बैठक  कैबिनेट की बैठक भी 9 दिसंबर को खजुराहो में आयोजित की जाएगी। हर गतिविधि केन बेतवा लिंक परियोजना और बुंदेलखंड के विकास को समर्पित होगी।  ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले खजुराहो में होने वाली यह बैठक विकास योजनाओं, निवेश, पर्यटन और प्रशासनिक सुधार से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर केंद्रित रहेगी। बता दें इससे पहले भी प्रदेश के अलग-अलग शहरों में कैबिनेट बैठक आयोजित की जा चुकी हैं।  अपर कलेक्टर श्री मिलिंद नागदेवे ने इस संबंध में निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इंटरनेट सेवाओं में किसी भी प्रकार की बाधा न आए, इस पर पूरा ध्यान रखा जाएगा। उन्होंने जनता से समझदारी और सहयोग की अपील की है ताकि ये महत्वपूर्ण कार्यक्रम बिना किसी व्यवधान के संपन्न हो सकें। जिला प्रशासन के इन कदमों से खजुराहो एक सुरक्षित और व्यवस्थित प्रांतीय केंद्र के रूप में स्थापित होगा, जिससे सभी सरकारी बैठकों का प्रभावी संचालन सुनिश्चित हो सकेगा। महाराजा छत्रसाल कन्वेंशन सेंटर का वैश्विक महत्व है और यह प्रदेश का प्रमुख सम्मेलन स्थल है, जो जिले की छवि को भी मजबूत कर रहा है।