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कोडीन के काले कारोबार पर शिकंजा: योगी सरकार ने 128 फर्मों के खिलाफ दर्ज कराई FIR

लखनऊ  योगी सरकार ने कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक दवाओं के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रदेशभर में 128 FIR दर्ज कर लाखों की दवाएं जब्त की हैं। एएनटीएफ और एफएसडीए की संयुक्त कार्रवाई से कई ड्रग तस्कर गिरफ्तार हुए और संदिग्ध मेडिकल स्टोर्स पर बिक्री पर रोक लगाई गई।   लखनऊ में योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को नशे की आगोश में धकेलने वाले अवैध नशे के सौदागरों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। सीएम योगी के निर्देश पर पूरे प्रदेश में एएनटीएफ (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा बड़ा एक्शन लिया गया है। इसी क्रम में एफएसडीए द्वारा प्रदेश भर में कोडीनयुक्त कफ सिरप और नॉरकोटिक्स श्रेणी की औषधियों के अवैध भंडारण, क्रय-विक्रय और वितरण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए ताबड़तोड़ कार्रवाई की जा रही है। इस विशेष अभियान में अब तक प्रदेशभर में लाखों की अवैध नॉरकोटिक और कोडीनयुक्त औषधियां जब्त की गई हैं जबकि अब तक 128 एफआईआर दर्ज की गई हैं। वहीं आधा दर्जन से अधिक अवैध नशे के सौदागरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे धकेला गया है।   नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर लगाई रोक आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, डॉ. रोशन जैकब ने बताया की मुख्यमंत्री जी के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में अब तक प्रतिष्ठानों पर निरीक्षण/छापेमारी की गई, लाखों की औषधियां सीज की गईं।जांच में संदिग्ध पाए गए अभिलेखों की अग्रिम विवेचना तक दो दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर्स पर कोडीनयुक्त सिरप एवं नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री पर रोक लगाई गई है। प्रदेश भर में कोडीन युक्त / नॉरकोटिक्स/साईकोट्रॉपिक श्रेणी औषधियों की अवैध आवाजाही की जांच हेतु संदिग्ध मेडिकल स्टोर की सघन जांच, विशेष अभियान के रूप में जारी है। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से नकली एवं नशे के रूप में दुरूपयोग होने वाली औषधि के भंडारण, क्रय-विक्रय अथवा आवाजाही से संबंधित सूचना विभाग द्वारा जारी व्हाट्सप्प नंबर 8756128434 पर दी जा सकती है। अवैध नॉरकोटिक औषधियों की बिक्री और भंडारण के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने कई जिलों में छापेमारी की है और एनडीपीएस एक्ट में सख्त कार्रवाई की गई। इन जिलों में दर्ज की गई एफआईआर आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि अभियान के दौरान 28 जिलों में कुल 128 एफआईआर दर्ज की गई। इनमें वाराणसी में 38, जौनपुर में 16, कानपुर नगर में 8, गाजीपुर में 6, लखीमपुर खीरी 4, लखनऊ 4 और बहराइच, बिजनौर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सीतापुर, सोनभद्र, बलरामपुर, रायबरेली, संतकबीर नगर, हरदोई, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, उन्नाव, बस्ती, अंबेडकरनगर, आजमगढ़, सहारनपुर, बरेली, सुल्तानपुर, चंदौली, मीरजापुर आदि जिलों में 52 एफआईआर दर्ज की गई।  

महिलाओं की सुरक्षा को नई ताकत: प्रदेश में शुरू हुई ‘अभया ब्रिगेड’ की तैनाती

पटना महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से बिहार पुलिस मुख्यालय ने राज्य के सभी जिलों में थानास्तर पर ‘अभया ब्रिगेड'  गठित करने का आदेश शुक्रवार को जारी किया है। यह विशेष दल स्कूल, कॉलेज, कोचिंग संस्थानों और उन क्षेत्रों में सक्रिय रहेगा, जहां छात्रायें प्रतिदिन आवाजाही करती हैं और जहां छेड़खानी जैसी घटनाओं की आशंका अधिक रहती है। प्रत्येक ब्रिगेड का नेतृत्व एक महिला पुलिस अवर निरीक्षक करेंगी, जबकि दल में उनके साथ तीन पुलिसकर्मी (एक महिला और दो पुरुष सिपाही) शामिल होंगे। दल के सुचारू संचालन के लिए स्कूटी और वाहन उपलब्ध कराए जाने की प्रक्रिया भी मुख्यालय स्तर से शुरू की गई है। अभया ब्रिगेड दल के सदस्य थाना क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्कूल, कॉलेज, हॉस्टल, कोचिंग सेंटर और निर्जन मार्गों के आसपास संभावित हॉट स्पॉट चिन्हित करेंगे। इन स्थानों पर ब्रिगेड के सदस्य वर्दी और सादे लिबास में तैनात रहकर मनचलों की पहचान करेंगे और विधि- सम्मत कार्रवाई करेंगे।   इन स्थानों पर होगी विशेष निगरानी दो या अधिक छेड़खानी मामलों में पकड़े जाने वाले आरोपियों के नाम गुंडा पंजी के ईव टीज़र सूची में दर्ज करने के लिए प्रस्ताव भी तैयार किए जाएंगे। यदि कोई नाबालिग ऐसे मामलों में पकड़ा जाता है तो उसका परामर्श कराया जाएगा और बार- बार पकड़े जाने पर उसका सोशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट तैयार कर उसे किशोर न्याय बोर्ड के सुपुर्द किया जाएगा। अभया ब्रिगेड स्कूल और कॉलेज प्रशासन, महिला छात्रावास के वाडर्न, कोचिंग संचालकों और छात्राओं से सीधा संवाद स्थापित करेगी। छात्राओं को डायल-112 के बारे में भी जागरूक किया जाएगा और सुरक्षा से संबंधित समस्याओं की जानकारी एकत्र की जाएगी। भीड़भाड़ वाले प्रमुख स्थलों, चौराहों, बाजारों, मॉल, धार्मिक स्थानों, पार्क और रेलवे स्टेशन आदि पर भी हॉट स्पॉट चिन्हित कर विशेष निगरानी रखी जाएगी। समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेंगे पुलिस अधीक्षक पुलिस मुख्यालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, प्रतिदिन अभियान से पूर्व ब्रिगेड की ब्रीफिंग वरीय अधिकारी की ओर से की जाएगी। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी दल की गतिविधियों की सतत समीक्षा करेंगे, जबकि वरीय पुलिस अधीक्षक या पुलिस अधीक्षक समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करेंगे। किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर थानाध्यक्ष और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी जिम्मेदार माने जाएंगे। हर महीने की 15 तारीख से पहले अभया ब्रिगेड की एक्शन टेकेन रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक (कमजोर वर्ग), अपराध अनुसंधान विभाग को भेजी जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने संबंधी ली बैठक

कृषि क्षेत्र में गरीब वर्ग और किसानों को लाभ पहुंचाने, युवाओं को रोजगार और स्वावलंबन के अवसर उपलब्ध कराने की पर्याप्त संभावना नई पीढ़ी के कृषि आधारित रोजगार जैसे ड्रोन सर्विस, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, हाइड्रोपोनिक्स आदि के अवसरों का सृजन किया जाए भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कृषि का क्षेत्र गरीब वर्ग और किसानों को लाभ पहुंचाने वाला मुख्य क्षेत्र है। कृषि से संबद्ध गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वावलंबन के भी कई अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसी उद्देश्य से प्रदेश में वर्ष 2026 को कृषि वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश में कृषि के क्षेत्र में नवाचार की पर्याप्त संभावना है। प्रदेश की विविधता से परिपूर्ण भौगोलिक स्थिति को देखते हुए खेती से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को गति दी जाए। धान की खेती को प्राथमिकता देने के साथ गेहूं, चना, दलहन, तिलहन, हॉर्टीकल्चर आदि के क्षेत्र में भी अन्य राज्यों के साथ ही अन्य देशों में हो रहे नवाचारों से अवगत कराने के लिए कृषकों को विविध देशों का भ्रमण कराया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह निर्देश शुक्रवार को वर्ष 2026 के कृषि वर्ष मनाने के संबंध में विधानसभा के समिति के कक्ष में आयोजित बैठक में दिए। बैठक में किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल, पूर्व मंत्री श्री गोपाल भार्गव, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2026 को समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की टैगलाइन के साथ कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा। किसानों की आय दोगुनी करने से आगे बढ़कर कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक प्रेरित, रोजगार सृजन मॉडल में परिवर्तित करना कृषि वर्ष का मूल उद्देश्य है। अत: आत्मनिर्भर किसान, उन्नत कृषि और कृषकों के हित में बाजार से संबंधों के आधार पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के माध्यम से समृद्ध प्रदेश के निर्माण के विजन से गतिविधियां संचालित की जाएं। कृषि उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य एवं वानिकी सहित सभी संबद्ध क्षेत्रों को एकीकृत करते हुए जिला आधारित क्लस्टर विकास के लिए गतिविधियां संचालित की जाएं। उच्च उत्पादकता, प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं, प्रसंस्करण एवं निर्यात उन्मुख कृषि के माध्यम से किसान की शुद्ध आय में वृद्धि के लिए प्रयास हों और ग्रामीण युवाओं के लिए नई पीढ़ी के कृषि आधारित रोजगार जैसे ड्रोन सर्विस, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण, हाइड्रोपोनिक्स आदि के अवसरों का सृजन किया जाए। किसानों की शुद्ध आय में तेजी और स्थायी वृद्धि करने, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में रोजगार के अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध करने, किसानों के लिए उनके उत्पादों की बाजार में पहुंच सुनिश्चित करने और उनकी खाद्य प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से गतिविधियां संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में कृषि वर्ष का मासिक कैलेंडर तैयार किया गया, जिसमें किसानों को साथ लेकर राज्य से जिला स्तर तक महोत्सव, मेले आदि की रूपरेखा बनी। गैर सरकारी और उन्नत किसानों को भी इन प्रयासों से जोड़ा जाएगा।  बैठक में बताया गया कि कृषि वर्ष 2026 में प्राकृतिक खेती को हर गांव तक पहुंचाने, आर्गेनिक तथा अन्य कृषि उत्पादों को बेहतर बाजार मूल्य उपलब्ध कराने, कृषि और कृषि मंडियों के आधुनिकीकरण, बेहतर मृदा संरक्षण, उद्यानिकी और खाद्य प्रसंस्करण पशुपालन और डेयरी तथा मछली पालन में नवाचार पर विशेष फोकस रहेगा। वर्ष 2026 में कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में की जाने वाली गतिविधियों और वातावरण निर्माण और किसानों की जागरूकता के लिए चलाए जाने वाले अभियानों की माहवार जानकारी दी गई। कृषि वर्ष में होने वाली गतिविधियों के अंतर्गत राज्य स्तरीय एग्रो विजन कार्यक्रम और प्रत्येक जिला और विकासखंड स्तर पर मृदा स्वास्थ्य परीक्षण, आधुनिक कृषि तकनीक, प्राकृतिक खेती और उर्वरकों के संतुलित उपयोग के संबंध में गतिविधियां संचालित की जाएंगी। कृषक हितैषी योजनाओं की जानकारी के लिए भी जिला मुख्यालय पर गतिविधियां होंगी। साथ ही मोटे अनाज, गोपालन और दुग्ध उत्पादन, मखाना, मशरूम, मधुमक्खी पालन, धान, आम, सोयाबीन, कृषि उपज निर्यात, कपास, मिर्च, मत्स्य पालन, कृषक उत्पादक संगठनों, फसल अवशेष (पराली) प्रबंधन, उद्यानिकी फसलों आदि पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रमुख बिंदु     समृद्ध किसान-समृद्ध प्रदेश की टैगलाइन के साथ कृषि वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।     कृषि से संबद्ध गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को रोजगार और स्वावलंबन के भी कई अवसर उपलब्ध कराए जा सकते हैं।     कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों के विकास और रोजगार सृजन पर विशेष फोकस रहेगा।     प्रदेश की विविधता से परिपूर्ण भौगोलिक स्थिति को देखते हुए खेती से किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को गति दी जाए।      नवाचारों से अवगत कराने के लिए कृषकों को विविध देशों का भ्रमण कराया जाए।      किसानों की आय दोगुनी करने से आगे बढ़कर कृषि को लाभकारी, टिकाऊ और तकनीक      प्रेरित , रोजगार सृजन मॉडल में परिवर्तित करना कृषि वर्ष का मूल उद्देश्य है।     कृषि वर्ष का मासिक कैलेंडर तैयार किया गया, जिसमें किसानों को साथ लेकर राज्य से जिला     स्तर तक महोत्सव, मेले आदि की रूपरेखा बनी।      कृषि वर्ष 2026 में प्राकृतिक खेती को हर गांव तक पहुंचाने के होंगे प्रयास।  

DGCA ने रोस्टर नियमों में ढील देकर सुलझाया IndiGo विवाद, कंपनी की गलती से देशभर में मचा था हाहाकार

 नई दिल्ली  इंडिगो को डीजीसीए ने FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशंस) मानदंडों के कुछ प्रावधानों से 10 फरवरी 2026 तक के लिए अस्थायी एकमुश्त छूट दी है. यह छूट रात की ड्यूटी (0000-0500) और रात की ड्यूटी को अव्यवस्थित करने वाले ऑपरेशन से संबंधित मामलों पर दी गई है. इंडिगो ने कहा है कि 5 दिसंबर 2025 को दिल्ली एयरपोर्ट (DEL) से प्रस्थान करने वाली उसकी सभी डोमेस्टिक फ्लाइट्स रात 11:59 बजे तक रद्द रहेंगी. एयरलाइन ने प्रभावित ग्राहकों और हितधारकों से माफी मांगी है. डीजीसीए ने सभी पायलट एसोसिएशन्स से सहयोग करने की गुजारिश की है.  DGCA ने क्या कहा DGCA ने अपने नोटिफिकेशन में कहा कि मौजूदा हालात और एयरलाइंस की तरफ से ऑपरेशन्स को स्थिर रखने की मांग को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। नोटिफिकेशन में साफ लिखा गया, ‘चल रहे ऑपरेशनल डिसरप्शन और एयरलाइंस से मिली अपीलों को देखते हुए यह निर्देश कि साप्ताहिक आराम की जगह कोई छुट्टी नहीं दी जा सकती। तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाता है।’ इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगीं इंडिगो ने कहा कि अप्रत्याशित घटनाओं से उसके कस्टमर्स प्रभावित हुए हैं. एयरलाइन प्रभावित ग्राहकों को जलपान (Refreshments), उनकी पसंद के मुताबिक अगले उपलब्ध फ्लाइट ऑप्शन, होटल आवास और सामान (Luggage) फिर से प्राप्त करने में सहायता दे रही है. लागू होने पर उन्हें पूरा रिफंड भी दिया जा रहा है. एयरलाइन ने आज दिल्ली से उड़ान भरने वाले सभी यात्रियों से लगेज कलेक्शन के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ से संपर्क करने की गुजारिश की है. बता दें कि FDTL नियमों के लागू होते ही इंडिगो की उड़ानें धड़ाधड़ रुकने लगी थीं। इन नियमों के तहत पायलटों की साप्ताहिक आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई है। रात की ड्यूटी का समय अब रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक माना जाएगा, और पायलट अब हफ्ते में सिर्फ 2 नाइट लैंडिंग ही कर सकते हैं, जबकि पहले यह सीमा 6 थी। लगातार दो नाइट ड्यूटी से भी रोक लगा दी गई है। साथ ही, 00:00–06:00 के बीच आने वाली उड़ानों की अधिकतम फ्लाइट टाइम सीमा 8 घंटे तय हुई है। चूंकि इंडिगो का बिजनेस मॉडल हाई-फ्रीक्वेंसी और रेड-आई फ्लाइट्स पर चलता है, ऐसे में अचानक क्रू की उपलब्धता बुरी तरह प्रभावित हुई। FDTL नियमों में क्या बदला गया?     पायलटों की साप्ताहिक अनिवार्य आराम अवधि 36 घंटे से बढ़ाकर 48 घंटे कर दी गई।     नाइट ड्यूटी की परिभाषा बढ़ाकर अब रात 12 से सुबह 6 बजे तक कर दी गई।     पायलट अब हफ्ते में केवल 2 नाइट लैंडिंग ही कर पाएंगे (पहले यह संख्या 6 थी)।     नाइट ड्यूटी में पायलट की अधिकतम उड़ान अवधि में भी कटौती की गई है। इन बदलावों ने पायलटों की उपलब्धता को सीधे प्रभावित किया, जिससे शेड्यूल गड़बड़ा गया और बड़ी संख्या में फ्लाइट कैंसिल या लेट होने लगीं। ये भी हैं दिक्कतें किस लिए मिली है छूट? डीजीसीए ने बताया कि यह छूट सिर्फ फ्लाइट ऑपरेशन को पटरी पर लाने के लिए दी गई है. इसे सुरक्षा आवश्यकताओं में कमी नहीं समझा जाएगा. इंडिगो ने कहा कि परिचालन संबंधी चुनौतियां मुख्य रूप से संशोधित फेज-II FDTL सीमाओं के कारण उत्पन्न हुईं. क्रू प्लानिंग और रोस्टरिंग की तैयारी अपर्याप्त थी, जिसकी वजह से बड़े स्तर पर दिक्कतें सामने आईं.  डीजीसीए ने कहा कि यात्रियों को हुई असुविधा के लिए प्राथमिक जवाबदेही ऑपरेटर्स की है. ऑपरेटर ने जरूरी मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में क्रू की भर्ती का संकेत दिया है. डीजीसीए की पायलटों से खास अपील डीजीसीए ने पायलटों से सहयोग करने की गुजारिश की है, क्योंकि इंडिगो से जुड़े चल रही परेशानियों की वजह से हवाई यात्रा से जुड़ा तनाव बढ़ रहा है. डीजीसीए ने कहा की यात्रा ज्यादा होने और शादी के सीजन से पहले यात्रियों की तादाद में बढ़ोतरी होने वाली है. डीजीसीए ने बेहतर ऑपरेशन, कम देरी और रद्दीकरण का आह्वान किया है. पत्र में पायलटों और एयरलाइनों के बीच कोऑर्डिनेशन की जरूरत पर जोर दिया गया है. डीजीसीए ने साफ किया है कि यह छूट 10 फरवरी 2026 तक वैध रहेगी और परिचालन डेटा और अनुपालन रिपोर्टों के आधार पर हर 15 दिनों में अनिवार्य समीक्षा के अधीन रहेगी. विमानन नियामक (Aviation Regulator) ने यात्री सुरक्षा और FDTL CAR के लागू करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है. डीजीसीए ने कहा कि स्टेबल फ्लाइंग ऑपरेशन सुनिश्चित करने के लिए पायलटों का समर्थन अहम है और उनका मुख्य मकसद यात्रियों को होने वाली असुविधा से बचना है. इससे पहले Airbus A320 के सॉफ्टवेयर एडवाइजरी ने दिक्कतें बढ़ा दी थीं। वीकेंड पर टेक्निकल अपडेट के कारण उड़ानें लेट हुईं। देर से उतरने या उड़ान भरने का सीधा मतलब था कि कई पायलटों की ड्यूटी नाइट विंडो में चली गई। नतीजतन, सोमवार से FDTL लागू होने पर बहुत-से क्रू मेंबर ऑटोमैटिकली अनिवार्य रेस्ट पीरियड में चले गए। इतनी बड़ी संख्या में क्रू अचानक उपलब्ध न होने से पूरा शेड्यूल चरमरा गया। विंटर शेड्यूल 26 अक्टूबर से शुरू हुआ था, जिससे फ्लाइट्स की संख्या और बढ़ी और परेशानी भी। इंडिगो ने क्या गलत किया? अब सवाल है—इंडिगो ने क्या गलत किया? तो बता दें एयरलाइन पिछले कई दिनों से 50% से कम ऑन-टाइम परफॉर्मेंस दिखा रही थी, यात्रियों की शिकायतें बढ़ रहीं थीं, ग्राउंड स्टाफ तक कह रहा था कि 'पायलट उपलब्ध नहीं हैं।' यानी संकट साफ दिख रहा था, फिर भी कंपनी ने समय रहते फ्लाइट्स को घटाया नहीं या क्रू प्लानिंग नहीं सुधारी। एक्सपर्ट कहते हैं कि DGCA को भी विंटर शेड्यूल में अतिरिक्त उड़ानों की मंजूरी देते वक्त नए FDTL नियमों का असर ध्यान में रखना चाहिए था। कई लोग इसे ‘स्टेज मैनेज्ड’ स्थिति मान रहे हैं, लेकिन एक लिस्टेड कंपनी अपनी साख दांव पर लगाने का जोखिम नहीं लेती। असलियत यही लगती है- एक सिस्टमेटिक फेल्योर, जिसके लिए अब तुरंत सुधारात्मक कदम जरूरी हैं, वरना हालात और बिगड़ सकते हैं। IndiGo की सेवाएं कब होंगी सामान्य? इंडिगो ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि अगले 48 घंटों में संचालन सामान्य होने लगेगा। कंपनी का कहना है कि उसकी टीमें चौबीसों घंटे काम कर रही हैं ताकि यात्रियों … Read more

द्वितीय अनूपूरक बजट में 13,476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण

द्वितीय अनूपूरक बजट में 13476.94 करोड़ के प्रावधान से विभिन्न वर्गों का होगा कल्याण प्रधानमंत्री  मोदी के विकसित भारत के स्वप्न को करेंगे साकार मुख्यमंत्री डॉ यादव ने सत्र समाप्ति पर दिए संबोधन में पक्ष और विपक्ष के सदस्यों को दिया धन्यवाद भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि यशस्वी  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी जी के विकसित भारत के स्वप्न को विकसित मध्य प्रदेश बनाकर साकार करेंगे। हमारे प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विकसित भारत बनाना केवल एक मिशन नहीं हमारा धर्म भी है। मुख्यमंत्री डॉ.यादव शुक्रवार को मध्य प्रदेश विधानसभा के सत्र के समापन अवसर पर सदन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि विधानसभा प्रजातंत्र का मंदिर है।अध्यक्ष  नरेंद्र सिंह तोमर जी ने कुशलता के साथ सदन का संचालन किया है, जो अभिनंदन है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सत्ता पक्ष और विपक्ष प्रजातंत्र की धुरी  है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने नेता प्रतिपक्ष को भी धन्यवाद दिया कि उनके नेतृत्व में विपक्ष ने पूरे सत्र में सकारात्मक चर्चा की और अपने प्रश्नों एवं उद्बोधनों से लाभान्वित किया। द्वितीय अनुपूरक के संबंध में मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि 13,476.94 करोड़ का प्रावधान किया गया है जिसमें अनेक महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित होगी। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 4000 करोड़, उपार्जन संस्थाओं को ऋण देने के लिए 2000 करोड़, लाडली बहना  योजना के लिए 1794 करोड़, पंचायत विभाग के अंतर्गत 15वें वित्त आयोग के दिए 1,633 करोड़ और उद्योग ,कृषि और अन्य महत्वपूर्ण विकास कार्यों के लिए सदन ने राशि स्वीकृत की है। अनूपूरक बजट की विशेषताएं ·         द्वितीय अनुपूरक अनुमान में कुल ₹ 13476.94 करोड़ का प्रावधान ·         विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं ·         जरूरतमंद को आवास देना प्रदेश सरकार की पहली प्राथमिकता ·         प्रधानमंत्री आवास योजना में 4000 करोड़ का प्रावधान. आगे और भी करने का प्लान ·         बहनों को आर्थिक रूप से और ज्यादा सक्षम बनाने के लिए मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 1794 करोड़ का प्रावधान ·         मध्य प्रदेश का परफॉर्मेंस देखते हुए 15वें वित्त आयोग का विशेष सहयोग ·         मूलभूत जन सुविधाओं के लिये स्थानीय निकायों को 1633 करोड़ का प्रावधान ·         मध्यप्रदेश पूंजीगत व्यय में सदैव अग्रणी ·         अधोसंरचना विकास के लिए बजट में कोई कमी नही ·         पूंजीगत मद में ₹ 5028.37 करोड़ का प्रावधान ·         मुख्य बजट 4 लाख 21 हजार 32 करोड़ रुपये का बजट था. यह अब तक का सबसे बड़ा बजट. ·         गरीब, महिला, किसान और युवा सभी वर्गों की बेहतरी के लिए सरकार आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि इन स्वीकृतियों से मध्य प्रदेश विकास के पथ पर तेज गति से अग्रसर होगा। इसके साथ ही एक महत्वपूर्ण विधेयक मध्य प्रदेश नगर पालिका संशोधन विधायक 2025 प्रस्तुत हुआ, जिसमें नगर पालिकाओं और नगर पंचायत में अध्यक्ष का निर्वाचन प्रत्यक्ष प्रणाली से करने का प्रावधान किया गया है। निश्चित रूप से इससे वर्तमान में निकायों में कार्य करने में आ रही समस्याओं में काफी कमी आएगी और ये  निकाय स्वतंत्र रूप से ओर भी तेज गति से कार्य कर सकेंगे। पक्ष और विपक्ष दोनों का आभार माना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने  मुख्यमंत्री डॉ यादव ने पक्ष और विपक्ष दोनों के सदस्यों को धन्यवाद दिया जिसके कारण यह सत्र गरिमामय  ढंग से संचालित हुआ। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश विधानसभा का स्वर्णिम इतिहास रहा है। इस सत्र से इसमें एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं के प्रति सदन में हम उपस्थित हैं और केवल निवेश की बात नहीं कर रहे ,मध्य प्रदेश के भाग्य और भविष्य की नींव रख रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चरैवेति चरैवेति के मंत्र के अनुसार राज्य सरकार द्वारा जनकल्याण के लिए निरंतर कार्य करने के संकल्प को व्यक्त किया।

संभागायुक्त सिंह का आदेश: सभी जिलों में 15 दिन में सभी वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेशन करवाएं

संभाग के सभी जिलों में 15 दिवस में सभी वाहनों का पीयूसी सर्टिफिकेशन करवाएं – संभागायुक्त  सिंह संभागायुक्त  सिंह ने भोपाल शहर वायु गुणवत्ता सुधार के लिए समीक्षा बैठक ली  भोपाल         संभागायुक्त  संजीव सिंह ने कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में शहर वायु गुणवत्ता सुधार के लिए आयोजित बैठक में ट्रैफिक पुलिस, आरटीओ, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा भोपाल शहर में वायु प्रदूषण रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए। श्री सिंह ने आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए कि बिना पीयूसी वाले वाहनों को 15 दिवस का समय निर्धारित किया गया है। सभी वाहनों का 15 दिवस के अंदर पीयूसी प्रमाण पत्र बनवाएं, 15 दिवस के बाद ट्रैफिक पुलिस वृहद अभियान चलाकर चलानी कार्यवाही करें। शहर के सभी भारी वाहन, स्कूल बस, मध्यम लोडिंग वाहन एवं कार चालक अनिवार्य रूप से दो सप्ताह में पीयूसी सर्टिफाईड कराएं।        संभागायुक्त श्री सिंह ने संभाग के सभी जिलों के आरटीओ एवं ट्रैफिक पुलिस भोपाल को निर्देशित किया कि परिवहन पोर्टल के माध्यम से सभी वाहन मालिकों को पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने के लिए सूचना दी जाए। उन्होंने कहा कि मॉडरेड श्रेणी के हॉट स्पॉट की मॉनीटरिंग के लिए विस्तृत रणनीति तैयार कर कारण एवं निवाकरण की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। त्रैमासिक स्तर पर निरंतर तुलनात्मक गणना की जाए। उन्होंने मध्यप्रदेश प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के अधिकारी को पीयूसी मशीनों के केलिब्रेशन मॉनीटरिंग को ऑनलाइन कर व्यापक स्तर पर जांच करें।              बैठक में उपायुक्त राजस्व श्रीमती किरण गुप्ता, संभाग के सभी जिलों के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, ट्रैफिक पुलिस पीयूसी सर्टिफिकेशन करने वाली संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।   

मोदी और पुतिन की बैठक: दोनों देशों में बनी सहमति, पुतिन बोले—भारत को लगातार तेल देते रहेंगे

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच द्विपक्षीय वार्ता के बाद दोनों ने अपने संयुक्त बयान में आपसी संबंधों को मजबूत करने और मिलकर आतंकवाद पर प्रहार करने का संकल्प जाहिर किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और रूस के बीच की दोस्ती ध्रुव तारे की तरह है। उन्होंने कहा, पिछले आठ दशकों में विश्व में अनेक उतार चढ़ाव आए हैं। मानवता को अनेक चुनौतियों और संकटों से गुजरना पड़ा है और इन सबके बीच भी भारत–रूस मित्रता एक ध्रुव तारे की तरह बनी रही है। परस्पर सम्मान और गहरे विश्वास पर टिके ये संबंध समय की कसौटी पर हमेशा खरे उतरे हैं। जब हमारे द्विपक्षीय संबंध कई ऐतिहासिक माइलस्टोन से गुजर रही है. उनके राष्ट्रपति रहने के दौरान ही साल 2000 में दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी शुरू हुई थी. 25 साल पहले पुतिन ने पार्टनरशिप की नींव रखी थी. इस बीच मानवता को कई संकट देखने पड़े. लेकिन भारत-रूस दोस्ती ध्रुव तारे की तरह बनी रही. पिछले 25 साल के उन्होंने अपनी लीडरशिप से हमारे संबंध मजबूत किए हैं. पुतिन की वजह से रूस-भारत का रिश्ता मजबूत हुआ.  हर परिस्थिति में उनकी नेतृत्व क्षमता ने भारत-रूस संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया. मैं अपने दोस्त पुतिन का दिल से आभार व्यक्त करता हूं. रूस के साथ भारत की दोस्ती ग्लोबल चैलेंज से लड़ेगी. यूक्रेन के संबंध में भारत ने शुरुआत से शांति का पक्ष रखा है. हम इस विषय के शांतिपूर्ण और स्थाई समाधान के लिए किए जा रहे सभी प्रयासों का स्वागत करते हैं. भारत सदैव अपना योगदान देने के लिए तैयार रहा है और आगे भी रहेगा.  भारत को बिना रोक-टोक तेल देते रहेंगे- पुतिन पुतिन ने कहा कि शानदार स्वागत के लिए भारत का आभार. रूस तेल-गैस का प्रमुख सप्लायर है. भारत को फ्यूल सप्लाई जारी रहेगी. भारत को बिना रोक-टोक तेल देते रहेंगे. दोनों देश आर्थिक सहयोग बढ़ाएंगे. सेनाओं के आधुनिकीकरण में सहयोग देंगे. भारत-रूस में लगातार बातचीत है. रूस तेल, कोयला, गैस का 'भरोसेमंद सप्लायर' है. भारत को एनर्जी की 'बिना रुकावट सप्लाई' देने के लिए तैयार है. पुतिन ने भारत को छोटे न्यूक्लियर रिएक्टर टेक्नोलॉजी का ऑफ़र दिया.  कोऑपरेशन और माइग्रेशन पर एग्रीमेंटः भारत और रूस के बीच अहम समझौते हुए. कोऑपरेशन और माइग्रेशन पर एग्रीमेंट हुआ. हेल्थकेयर और मेडिकल एजुकेशन पर समझौता हुआ. फूड सेफ्टी और स्टैंडर्ड्स पर एग्रीमेंट, फर्टिलाइजर पर एग्रीमेंट हुआ. पोलर शिप्स और मैरिटाइम कोऑपरेशन पर समझौता हुआ.  आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार पीएम मोदी ने कहा, क्रिटिकल मिनिरल्स को लेकर अहम सहयोग बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत शुरू से ही यूक्रेन मामले में शांति के ही पक्ष में रहा है। वहीं राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि रूस बिना किसी दबाव के भारत को फ्यूल की सप्लाई करता रहेगा।पुतिन ने अपने बयान में कहा कि रूस और भारत के बीच संबंधों को लेकर उन्होंने हर पहलू पर चर्चा की है। हम सुरक्षा, अर्थव्यवस्था, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्र में अपने संबंधों को लगातार मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त बयान जारी करते हुए कहा कि आतंकवाद मानवता के मूल्यों पर प्रहार है और रूस-भारत इसके खिलाफ मिलकर लड़ाई लड़ेंगे। पीएम मोदी ने कहा, भारत-रूस आर्थिक साझेदारी को नई ऊंचाई पर ले जाना हमारी प्राथमिकता है। हम भारत-रूस आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को 2030 तक जारी रखने पर सहमत हुए हैं। भारत और रूस यूरेशियन आर्थिक संघ के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को शीघ्र पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। भारत और रूस के बीच कौन से अहम समझौते -दोनों ने प्रवासन और आसान आवाजाही से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत एक से दूसरे देश जाकर नौकरी या बिजनेस करना आसान होगा। -स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा क्षेत्रों में सहयोग से जुड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। -प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच वार्ता के बाद भारत, रूस ने बंदरगाह और पोत परिवहन क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए।

इंद्रेश उपाध्याय की शादी की पहली झलक, दुल्हन शिप्रा की सादगी पर फिदा हुए लोग

जयपुर    जाने-माने कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय आज जयपुर में शादी के बंधन में बंध गए. उनकी हल्दी, मेहंदी, संगीत के बाद अब उनकी शादी की पहली झलक सामने आ गई है, जो आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. कथावाचक इंद्रेश और उनकी दुल्हन की मंडप से पहली फोटो सामने आई है, जिसे देखने के बाद लोग काफी खुश हो गए हैं और दूल्हा-दुल्हन की तारीफ कर रहे हैं.   मंडप से पहली तस्वीर आई सामने इंद्रेश उपाध्याय और उनकी दुल्हन शिप्रा की मंडप से फोटो सामने आई है, जिसमें उनके पीछे काफी सारे मेहमान नजर आ रहे हैं. इंद्रेश उपाध्याय  ने लाइट पीच कलर का धोती-कुर्ता पहन रखा है और सिर्फ मैचिंग कलर की पगड़ी भी पहन रखी है, जिसमें वो किसी राजा से कम नहीं लग रहे हैं.  दुल्हन की सादगी ने जीता दिल  कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय की दुल्हन शिप्रा का ब्राडल लुक ने लोगों का ध्यान खींच लिया है. उन्होंने लहंगे की बजाय ट्रेडिशनल कपड़े पहने हैं, जिसमें वो बहुत खूबसूरत लग रही हैं. गोल्डन कलर की सिल्क साड़ी पहनी है, जिसके साथ लाल रंग का दुप्पटा ओढ़ रखा है. दुल्हनिया शिप्रा ने किसी ट्रेंड को फॉलो किए बिना सादगी भरे अंदाज से लोगों को दिल जीत लिया है और हर तरफ उनकी तारीफ हो रही है. कथावाचक के हाथ में लगाई थी मेहंदी शादी के पहले दिन की रस्म मेहंदी की थी, इस दौरान दुल्हन शिप्रा ने खुद इंद्रेश के हाथों पर मेहंदी लगाई थी. मेहंदी की  रस्म में भी वो राजस्थानी लहंगा-चोली पहने नजर आई थीं, और उनकी खूब तारीफ भी हुई थी. मेहंदी सेरेमनी के वीडियो भी जमकर वायरल हुए थे और लोग दोनों की जोड़ी की तारीफ कर रहे थे. शादी में शरीक हुए धीरेंद्र शास्त्री बागेश्वर सरकार धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री और कवि कुमार विश्वास दोनों भी इस शादी में शरीक होने आज ही जयपुर पहुंचे. दोनों का सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वो दोनों जयपुर एयरपोर्ट पर बाहर निकलते हुए दिखाई दे रहे हैं. 

एआई संचालित सुशासन का नया मॉडल पेश कर रहा उत्तर प्रदेश

अत्याधुनिक तकनीकी का इस्तेमाल कर सुदृढ़ सुशासन दे रही योगी आदित्यनाथ सरकार   एआई संचालित सुशासन का नया मॉडल पेश कर रहा उत्तर प्रदेश त्रिनेत्र 2.0 और स्मार्ट मॉनिटरिंग से कानून व्यवस्था हुई मजबूत एआई आधारित फोरेंसिक और जेल सुरक्षा प्रणाली ने बढ़ाई जांच और निगरानी की सटीकता   लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार सुशासन के अपने मॉडल को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तेजी से उन्नत तकनीकों को माध्यम बना रही है। कानून व्यवस्था को मजबूत करने और न्याय प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सरकारी तंत्र में डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित समाधानों का दायरा लगातार विस्तृत और समृद्ध हो रहा है। इसका उद्देश्य अपराध नियंत्रण से लेकर न्याय की प्रक्रिया तक की दक्षता में वृद्धि करना है। गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चीकृत क्षेत्रीय विधि विज्ञान प्रयोगशाला के उद्घाटन के दौरान कहा भी था कि “अब प्रदेश में अपराधी के बचने का कोई रास्ता नहीं बचेगा। फोरेंसिक जांच अपराध की कड़ी को मिनटों में उजागर कर देगी और हर गंभीर मामले में वैज्ञानिक साक्ष्य निर्णायक भूमिका निभाएंगे”। राज्य पुलिस प्रणाली को स्मार्ट तथा अधिक सक्षम बनाने के लिए सरकार ने त्रिनेत्र 2.0 के रूप में एक नया उन्नत डिजिटल डेटाबेस तैयार किया है। यह एक एआई एन्हांस्ड प्लेटफॉर्म है,  जिसमें पुलिस रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित और व्यवस्थित किया जाता है। यह सिस्टम अपराधियों की पहचान और उनके इतिहास को समझने के काम को त्वरित और सटीक बनाता है। त्रिनेत्र फेशियल रिकग्निशन वॉइस आइडेंटिफिकेशन और टेक्स्ट बेस्ड क्वेरी जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए पुलिस को संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान करने में मदद मिलती है। इससे क्राइम के जांच की गति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।  जुलाई 2023 से प्रदेश के समस्त जनपदों में ऑपरेशन त्रिनेत्र प्रारम्भ किया गया, जिसके अन्तर्गत महत्वपूर्ण चौराहों, संवेदनशील स्थानों, हॉटस्पॉट, बैंक, स्कूल, कॉलेज, व्यवसायिक प्रतिष्ठान, धार्मिक स्थल, मोबाइल टॉवर, पेट्रोल पम्प, ढाबा आदि स्थानों पर नागरिक स्वयंसेवी सस्थाओं के माध्यम से सीसीटीवी कैमरे लगाने की कार्यवाही प्रारम्भ की गयी थी और 2025 की शुरुआत तक ही तक प्रदेश के समस्त थानों में चिन्हित स्थलों पर 11,07,782 सीसीटीवी कैमरों का अधिष्ठापन कर दिया गया है। और इसी का परिणाम है कि 2025 की शुरुआत तक ही त्रिनेत्र के माध्यम से डकैती, लूट सहित अन्य गम्भीर कुल 5,718 घटनाओं का सफल अनावरण किया गया। जेल प्रशासन को स्मार्ट बनाने की दिशा में भी योगी सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। राज्य की जेलों में एआई पावर्ड वीडियो एनालिटिक्स प्लेटफॉर्म लागू किया गया है जो बंदियों की गतिविधियों पर रियल टाइम नजर रखने में सक्षम है। इसके माध्यम से किसी भी संदिग्ध हरकत या संभावित जोखिम की पहचान तुरंत हो जाती है जिससे जेल सुरक्षा में प्रभावी सुधार आया है। इसके साथ ही वरिष्ठ अधिकारी विभिन्न जेलों की स्थिति को रियल टाइम में मॉनिटर कर सकते हैं और आवश्यक निर्देश तत्काल जारी कर सकते हैं। गोरखपुर में फोरेंसिक साइंस लैब के उन्नयन के बाद जांच एजेंसियों की वैज्ञानिक जांच क्षमता में भी उल्लेखनीय विकास हुआ है। अत्याधुनिक मशीनों और प्रशिक्षित विशेषज्ञों से लैस इस लैब ने अपराध जांच की गुणवत्ता को नई ऊंचाई दी है। सरकार का स्पष्ट मानना है कि आधुनिक फोरेंसिक तकनीकें अपराधों की सटीक और वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करती हैं और यही कारण है कि प्रदेश भर में फोरेंसिक और इन्वेस्टिगेटिव क्षमताओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इन सभी पहल का लक्ष्य उत्तर प्रदेश में सुशासन की ऐसी प्रणाली विकसित करना है, जिसमें पारदर्शिता दक्षता और तकनीकी सशक्तिकरण केंद्र बिंदु में हो। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार की यह रणनीति प्रदेश को एक सुरक्षित कानून आधारित और तकनीक संचालित राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री

ब्रांड यूपी की पहचान बनने के बाद अब लॉंच होगा ओडीओपी 2.0 ओडीओपी योजना को और विस्तार देना समय की मांग, बेहतर प्रशिक्षण, ऋण सुविधा का विस्तार किया जाना आवश्यक: मुख्यमंत्री अब खान-पान की परंपरा भी बनेगी ब्रांड, उत्तर प्रदेश में शुरू होगी एक जनपद-एक व्यंजन की नई पहल सभी यूनिटी मॉल और बड़े रीटेल नेटवर्क में प्रमुखता से प्रदर्शित होंगे उत्तर प्रदेश के उत्पाद डिजिटल रणनीति से बढ़ेगा निर्यात, बनेगा ओडीओपी निर्यात सहायता केंद्र स्थानीय उद्योग, निर्यात और रोज़गार को नई ऊँचाई देगा ओडीओपी 2.0: मुख्यमंत्री ओडीओपी और ओडीओसी मिलकर बनाएंगे उत्तर प्रदेश को लोकल से ग्लोबल की नई ताकत: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि ब्रांड उत्तर प्रदेश की पहचान बन चुकी 'एक जनपद- एक उत्पाद योजना' अब अपने अगले चरण ओडीओपी 2.0 टू के माध्यम से स्थानीय उद्योग, स्वरोज़गार और निर्यात को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि बदलते वैश्विक बाजार, आधुनिक मांग, तकनीकी उन्नयन, गुणवत्ता और पैकेजिंग की नई आवश्यकताओं को देखते हुए ओडीओपी को अब और अधिक व्यापक, व्यावसायिक और परिणामोन्मुखी स्वरूप में आगे बढ़ाने की जरूरत है। ओडीओपी 2.0 के माध्यम से सरकार का लक्ष्य होगा कि प्रदेश के पारंपरिक उत्पाद बड़े बाज़ार, निर्यात और स्थायी रोजगार का मजबूत आधार बनें।  शुक्रवार को इस संबंध में हुई महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रत्येक जनपद की विशिष्ट खाद्य परंपरा को भी एक संगठित पहचान देने की दिशा में 'एक जनपद-एक व्यंजन' (ओडीओसी) की अवधारणा को साकार करने की भी जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि 'एक जनपद-एक व्यंजन' योजना उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक आत्मा से जुड़ी हुई है। प्रदेश के हर क्षेत्र में खान-पान की कुछ न कुछ विशिष्ट परंपरा है। कहीं हलवा अच्छा है तो कहीं दालमोठ। उन्होंने कहा कि हर जिले के विशेष व्यंजनों की मैपिंग कर उनकी गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और विपणन को सुदृढ़ किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'ओडीओपी' और 'ओडीओसी' मिलकर उत्तर प्रदेश को 'लोकल से ग्लोबल' की दिशा में नई गति देंगे। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 में प्रारंभ ओडीओपी योजना आज उत्तर प्रदेश के निर्यात और स्थानीय उद्योगों की रीढ़ बन चुकी है। अब तक 1.25 लाख से अधिक टूलकिट वितरित किए जा चुके हैं, 06 हजार करोड़ रुपये से अधिक का ऋण वितरण हो चुका है और 08 हजार से अधिक उद्यमियों को प्रत्यक्ष विपणन सहायता दी गई है। प्रदेश में तीस साझा सुविधा केंद्र स्वीकृत किए गए हैं और 44 ओडीओपी उत्पादों को अब तक जियो टैग प्राप्त हो चुके हैं। ओडीओपी उत्पाद आज प्रतिष्ठित ई-कॉमर्स  प्लेटफार्म पर उपलब्ध हैं और राज्य के कुल निर्यात में इनका योगदान पचास प्रतिशत से अधिक है। ओडीओपी को लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री ने ओडीओपी 2.0 को लेकर कहा कि यह अब केवल एक योजना नहीं, बल्कि स्थायी रोजगार, स्थानीय उद्यम और निर्यात को नई ऊँचाई देने का सशक्त माध्यम बने। उन्होंने कहा कि अब उन इकाइयों और उद्यमियों को आगे बढ़ाने पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है, जिन्होंने पहले चरण में उत्कृष्ट कार्य किया है, ताकि वे अपने व्यवसाय का और विस्तार कर सकें। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं को इस तरह आगे बढ़ाया जाए कि तकनीक, पैकेजिंग, गुणवत्ता और बाजार सहित चारों मोर्चों पर उत्तर प्रदेश के उत्पाद सशक्त रूप में स्थापित हों। बैठक में यह भी बताया गया कि ओडीओपी से जुड़े कॉमन फैसिलिटी सेंटरों को अब और अधिक उपयोगी बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कॉमन फैसिलिटी सेंटरों के साथ विशेषज्ञों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि छोटे उद्यमियों को तकनीकी परामर्श, डिज़ाइन, पैकेजिंग और उत्पादन से जुड़ा पूरा सहयोग एक ही स्थान पर सुलभ हो सके। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि ओडीओपी उत्पादों को केवल पारंपरिक बाजारों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें बड़े रीटेल नेटवर्क और आधुनिक बाजारों से जोड़ा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि देश के विभिन्न राज्यों में स्थापित हो रहे यूनिटी मॉल में ओडीओपी के समर्पित केंद्र बनाए जाएं। साथ ही सभी प्रतिष्ठित रीटेल नेटवर्क के साथ संवाद कर यह सुनिश्चित किया जाए कि वहां उत्तर प्रदेश के उत्पाद प्रमुख रूप से प्रदर्शित हों। बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि ओडीओपी उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को और सुदृढ़ करने के लिए उन्हें प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से प्रमाणन और ब्रांड मूल्य प्रदान किया जाएगा, जिससे वैश्विक बाजार में उत्तर प्रदेश के उत्पाद विशिष्ट पहचान बना सकें।