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बड़े तालाब पर चलेगी कश्मीर की शिकारा नाव: मुख्यमंत्री डॉ. यादव देंगे नई पर्यटन सुविधा की सौगात

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, झीलों की नगरी भोपाल के सौंदर्य में अभिवृद्धि करते हुए, गुरुवार 4 दिसम्बर को सुबह 9 बजे बड़े तालाब के बोट क्लब पर 20 नवीन 'शिकारा नाव' की सेवा का शुभारंभ करेंगे। विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति रहेंगी। प्रदेश में पर्यटन विकास के नए आयाम स्थापित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में पर्यटन सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। भोपाल के बड़े तालाब में कश्मीर की प्रसिद्ध डल झील की तर्ज पर शिकारे संचालित करने की यह अनूठी पहल की गई है। यह पहल न केवल प्रदेश के जल-पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर एक नई पहचान देगी, बल्कि पर्यटकों के लिए प्रकृति के सानिध्य में सुकून के कुछ पल बिताने का एक जरिया भी बनेगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में जल-पर्यटन (वॉटर टूरिज्म) को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशानुसार, प्रदेश में पहली बार इतने वृहद स्तर पर शिकारों का संचालन किया जा रहा है। विशेष रूप से पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए, इन सभी 20 शिकारों का निर्माण प्रदूषण रहित आधुनिक तकनीक से किया गया है। इनका निर्माण 'फाइबर रीइन्फोर्स्ड पॉलीयूरिथेन' और उच्च गुणवत्ता वाली नॉन-रिएक्टिव सामग्री से हुआ है, जो जल के साथ किसी भी प्रकार की रासायनिक क्रिया नहीं करती। इससे बड़े तालाब की पारिस्थितिकी और जल की शुद्धता पूर्णतः सुरक्षित रहेगी। ये शिकारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संस्था द्वारा निर्मित किए गए हैं, जिनके द्वारा निर्मित शिकारे पूर्व में केरल, बंगाल और असम में भी पर्यटकों द्वारा अत्यंत पसंद किए जा रहे हैं। भोपाल का बोट क्लब इन आकर्षक शिकारों के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार होगा। पर्यटक बर्ड वाचिंग, के साथ हैंडीक्रॉफ्ट प्रोडक्ट, स्थानीय व्यंजन, आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूट्स और खरीद सकेंगे इन शिकारा बोट्स राइड के दौरान पर्यटक बर्ड वाचिंग भी कर सकेंगे इसके लिए शिकारे में दूरबीन की व्यवस्था भी की गई हैं साथ ही पर्यटक अन्य शिकारों में उपलब्ध आर्गेनिक वेजिटेबल्स और फ्रूटस और मध्यप्रदेश में निर्मित हस्तशिल्प के उत्पाद भी खरीद सकेंगे, वहीं राइड के दौरान पर्यटक स्थानीय व्यंजन का लुत्फ़ भी ले सकेंगे।  

स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय कर गतिविधियों का करें संचालन

लाड़ली लक्ष्मी बेटियों के ड्राप आऊट पर रखें सख़्त निगरानी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में देश का पहला राज्य बना मध्यप्रदेश टेक होम राशन की फेस रिकग्निशन सिस्टम प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर मिली सराहना स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ, देश में दूसरा स्थान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि महिला एवं बाल विकास विभाग की गतिविधियां बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वस्थ सर्वांगीण विकास और महिला सशक्तिकरण पर केंद्रित हैं। अधिक से अधिक लोगों तक विभाग की योजनाओं और कार्यक्रमों का सुगमता पूर्वक लाभ पहुंचाने के लिए सुशासन की भावना के अनुसार पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए गतिविधियों का संचालन किया जाए। कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग करें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय अधिकारियों को बच्चों और महिलाओं के पोषण व स्वास्थ्य के लिए स्कूल शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग तथा महिलाओं की आत्मनिर्भरता और सशक्तिकरण के लिए कौशल उन्नयन व रोजगार की दृष्टि से तकनीकी शिक्षा तथा उद्योग विभाग से बेहतर समन्वय कर गतिविधियां संचालित करने के निर्देश महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में हुई बैठक में महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन, अपर मुख्य सचिव श्री नीरज मंडलोई तथा विभागीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों और नवाचारों का प्रेजेंटेशन किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आगामी वर्षों की कार्य योजना के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि लाड़ली लक्ष्मी योजना प्रदेश की बेटियों के उज्ज्वल भविष्य से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। विभाग यह सुनिश्चित करे कि किसी भी चरण पर लाड़ली लक्ष्मी बेटियों का ड्रॉप आउट न हो। ड्रॉपआउट होने वाली बालिकाओं पर सख़्त निगरानी रखी जाए और तुरंत कारणों का निराकरण कर उन्हें योजना में पुनः जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि महिलाओं और बच्चों से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, समयबद्धता और लाभार्थी-केंद्रित व्यवस्था को और मजबूत बनाना है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिला स्तर पर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से समन्वय कर आंगनवाड़ियों की बाउण्ड्रीवॉल बनवाने के संबंध में निर्देश दिए। मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन ने जिलों द्वारा किए जा रहे नवाचारों की प्रभावशीलता का अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान से वैज्ञानिक आधार पर अध्ययन कराने और उनकी उपयुक्तता के आधार पर अन्य जिलों में क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। समीक्षा बैठक में महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने जानकारी देते हुए कहा कि पीएम जनमन योजना अंतर्गत भवनों की डिज़ाइन एवं ऑनलाइन मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। इसी योजना में प्रदेश को सर्वाधिक 704 आंगनवाड़ी भवनों की स्वीकृति मिली है, जिनमें निर्माण प्रगति देश में सर्वोच्च है। कुपोषण निवारण में झाबुआ जिले के “मोटी आई” नवाचार को देश के सर्वोच्च सम्मान—प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया।  विभाग की दो वर्ष की उपलब्धियों आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूर्णत: ऑनलाइन पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया लागू करने में मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य बना।     टेक होम राशन की एफआरएस प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम। राष्ट्रीय स्तर पर हुई सराहना।     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ। प्रदेश, देश में दूसरे स्थान पर रहा।     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित किया गया।     उपस्थिति के लिए 20 मीटर जियो-फेंसिंग व्यवस्था डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल बनी।     प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रूपए से अधिक की सहायता उपलब्ध कराई गई।     लाड़ली बहना योजना में जनवरी 2024 से नवंबर 2025 तक 36 हजार 778 करोड़ रूपए का अंतरण कि किया गया।     1 लाख 72 हजार महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता प्रदान की गई। वन स्टॉप सेन्टर्स द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा उपलब्ध कराई गई।     बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के अंतर्गत 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं का प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया।     आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन करते हुए 12 हजार 670 केंद्र ‘सक्षम आंगनवाड़ी’घोषित किए गए। जिलों में हुए नवाचार डिण्डौरी में संचालित रेवा प्रोजेक्ट के अंतर्गत्‍ बच्चों की स्वास्थ्य जाँच के साथ-साथ उन्हें पोषण किट और स्वच्छता किट उपलब्ध कराई जा रही है।     अशोकनगर में हृदय अभियान के अंतर्गत बच्चों को जनसहयोग से पोषण सामग्री वितरित की जा रही है और पोषण स्तर का निरंतर फॉलोअप किया जा रहा है।     देवास में किलकारी अभियान के अंतर्गत विभाग की गतिविधियों में निजी संस्थाओं की भागीदारी को प्रोत्साहित किया जा रहा है।     नीमच में 'हमारी आंगनवाड़ी अभियान' में कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने, उनकी देखभाल और नियकित हेल्थ चेक अप में पोषण मित्र महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।     दतिया में मेरा बच्चा अभियान के अंतर्गत सक्षम व्यक्तियों को कुपोषित बच्चों को गोद लेने और उनका फॉलोअप करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना के अंतर्गत निम्न बिन्दुओं पर हुआ विचार-विमर्श      मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन की व्यवस्था 2026 से लागू की जाएगी।     विजन 2047 अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा की गुणवत्ता वृद्धि के लिए वर्क बुक और विकास कार्ड की व्यवस्था की जाएगी।     मुख्यमंत्री लाड़ली लक्ष्मी योजना के अंतर्गत 34 लाख से अधिक बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।     आंगनवाड़ी भवन निर्माण के मेगा प्लान के अंतर्गत अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन बनाए जाएंगे।     हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमन योजना के अंतर्गत जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता के संबंध में बड़े पैमाने जागरूकता गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।     बेटो बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शाला त्यागी बालिकाओं को स्कूल शिक्षा पूर्ण कराने, बालिकाओं के कौशल प्रशिक्षण, आत्मरक्षा व ड्राइविंग लायसेंस उपलब्ध कराने के लिए गतिविधियों का संचालन किया जाएगा। प्रमुख बिन्दु     कार्यक्रम क्रियान्वयन के अनुवीक्षण में आईटी का अधिक से अधिक उपयोग … Read more

समावेशी भारत का संकल्प: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू बोलीं, विकास तभी पूरा जब दिव्यांग बनें बराबरी के हिस्सेदार

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को विश्व दिव्यांग दिवस के मौके पर राष्ट्रपति भवन में साल 2025 के राष्ट्रीय पुरस्कार वितरित किए। ये सम्मान उन लोगों और संस्थाओं को दिए गए जिन्होंने दिव्यांगजनों को सशक्त बनाने में बेहतरीन काम किया। समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति ने साफ कहा, “दिव्यांगजन दया के नहीं, बराबरी के हकदार हैं। समाज और देश का विकास तभी पूरा माना जाएगा, जब हर दिव्यांग व्यक्ति उसमें बराबर का हिस्सेदार बने। ये कोई एहसान या दान का काम नहीं, बल्कि हम सबका फर्ज है।” इस साल की थीम है – “सामाजिक प्रगति के लिए दिव्यांगता-समावेशी समाज को बढ़ावा देना”।  राष्ट्रपति ने कहा कि ये थीम बिल्कुल सही दिशा दिखाती है। भारत अब पुरानी कल्याण वाली सोच से निकलकर अधिकार और सम्मान वाली सोच अपना रहा है। 2015 में “दिव्यांगजन” शब्द को अपनाकर सरकार ने यही संदेश दिया था कि ये लोग कमजोर नहीं, बल्कि दैवीय शक्ति वाले हैं। राष्ट्रपति ने सरकार की कोशिशों की तारीफ की। उन्होंने बताया कि देश में साइन लैंग्वेज रिसर्च, मेंटल हेल्थ रिहैबिलिटेशन और स्पोर्ट्स ट्रेनिंग के लिए कई राष्ट्रीय संस्थान बनाए गए हैं। अब तक लाखों दिव्यांगजनों को यूनिक डिसेबिलिटी आईडी कार्ड मिल चुका है, जिससे उन्हें नौकरी, शिक्षा और यात्रा में आरक्षण व सुविधाएं आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि सरकार अकेले सब कुछ नहीं कर सकती। हमें अपने घर, मोहल्ले, स्कूल और ऑफिस में दिव्यांगजनों को साथ लेकर चलना होगा। उनकी इज्जत और आत्मनिर्भरता बढ़ाना हर नागरिक का कर्तव्य है। राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी और कहा, “आप सबने साबित कर दिया कि अगर मौका मिले तो दिव्यांगजन किसी से पीछे नहीं रहते। आप सब समाज के लिए मिसाल हैं। इस मौके पर केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार, राज्य मंत्री रामदास आठवले और प्रतिभा पाटिल समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

रोहित शर्मा और तिलक वर्मा ने दिखाई Team India की 2026 T20 WC जर्सी, फैंस बोले—‘वाह!’

रायपुर  टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम इंडिया की जर्सी लॉन्च कर दी गई है। बुधवार को रायपुर में इंडिया वर्सेस साउथ अफ्रीका दूसरे वनडे के इनिंग ब्रेक के दौरान जर्सी का अनावरण किया गया। पूर्व भारतीय कप्तान रोहित शर्मा और युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा ने जर्सी की पहली झलक दिखाई। रोहित आगामी टी20 वर्ल्ड कप के ब्रांड एंबेसडर हैं, जो भारत और श्रीलंका की मेजबानी में खेला जाएगा। रोहित के नेतृत्व में भारत ने 2024 में टी20 वर्ल्ड कप जीता था। वह टेस्ट और टी20 इंटरनेशनल से संन्यास ले चुके हैं। रोहित सिर्फ वनडे में एक्टिव हैं। वह पहले एक्टिव प्लेयर हैं, जिन्हें आईसीसी ने ब्रांड एंबेसडर घोषित किया।   टी20 वर्ल्ड कप के दसवें संस्करण की शुरुआत सात फरवरी को होगी जबकि फाइनल 8 मार्च को होगा। कुल 20 टीमें अपनी किस्मत आजमाएंगी। यह टूर्नामेंट आठ स्थलों (भारत में पांच और श्रीलंका में तीन) पर आयोजित किया जाएगा। टूर्नामेंट में दिल्ली, कोलकाता, अहमदाबाद, चेन्नई, मुंबई, कोलंबो और कैंडी में 55 मैच होंगे। भारत ग्रुप-ए का हिस्सा है, जिसमें चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के अलावा नीदरलैंड्स, नामीबिया और अमेरिका हैं। भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी ) के बीच टूर्नामेंट के लिए हुए समझौते के अनुसार पाकिस्तान अपने सभी मैच श्रीलंका में खेलेगा। इस दिन भिड़ेंगे भारत और पाकिस्तान मौजूदा चैंपियन भारत टूर्नामेंट में अपने अभियान की शुरुआत सात फरवरी को मुंबई में अमेरिका के खिलाफ करेगा। भारतीय टीम 12 फरवरी को दिल्ली में नामीबिया से टकराएगी। इसके बाद, भारत 15 फरवरी पाकिस्तान से भिड़ेगा। यह हाई-वोल्टेज मैच कोलंबो के आर प्रेमदासी स्टेडियम में होगा। वहीं, भारत 18 फरवरी को अहमदाबाद में नीदरलैंड के खिलाफ अपना आखिरी लीग मैच खेलेगा। टूर्नामेंट का फॉर्मेट 2024 में हुए पिछले टी20 वर्ल्ड कप जैसा ही है। 20 टीमों को चार-चार के पांच ग्रुप में बांटा गया है। चारों ग्रुप में से शीर्ष दो टीमें सुपर-8 चरण में एंट्री करेंगी। इसके बाद टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी। फिर फाइनल होगा।

छत्तीसगढ़ का निर्णायक ऑपरेशन: सुरक्षा बलों ने 12 नक्सलियों का सफाया, तीन सिपाही शहीद

बीजापुर  छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 12 नक्सली मारे गए हैं। बस्तर के IG पी. सुंदरराज ने बताया कि CRPF और CoBRA टीमों का संयुक्त ऑपरेशन बीजापुर-दंतेवाड़ा सीमा पर वेस्ट बस्तर डिवीजन एरिया में हुआ। नक्सलियों के साथ मुठभेड़ में 3 जवान शहीद हो गए जबकि 1 अन्य घायल हो गया। सुरक्षा बलों की एक जॉइंट टीम नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन पर निकली थी। जंगल में सुबह के वक्त नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। फिर सुरक्षा बल के जवानों ने भी मोर्चा संभाल लिया। एक अधिकारी ने बताया कि बीजापुर जिले में पश्चिम बस्तर डिवीजन के जंगल में नक्सलियों की गतिविधियां देखे जाने की खुफिया जानकारी मिली थी। इसके बाद सुरक्षा बलों की ज्वाइंट टीम को मौके पर रवाना किया गया था। जैसे ही सुरक्षा बलों की टीम घने जंगल में पहुंची। नक्सलियों की ओर से भीषण गोलीबारी शुरू हो गई। सुरक्षा बलों ने भी फौरन मोर्चा संभाल लिया। अधिकारी ने आगे बताया कि दोनों तरफ से भीषण गोलीबारी होने लगी। इस मुठभेड़ में अब तक 12 नक्सलियों के मारे जाने की खबर है। हालांकि सुरक्षा बलों के 3 जवान भी शहीद हुए हैं। ऑपरेशन में डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड यानी डीआरजी और स्पेशल टास्क फोर्स (राज्य पुलिस की दोनों यूनिटें) और CoBRA (कमांडो बटालियन फॉर रेजोल्यूट एक्शन- CRPF की एलीट यूनिट) के जवान शामिल रहे। अधिकारी ने बताया कि मुठभेड़ में 2 जवान घायल भी हुएं हैं जिसको इलाज के लिए ले जाया गया है। अब तक मौके से नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इस साल अब तक छत्तीसगढ़ में अलग-अलग मुठभेड़ में 268 नक्सली मारे जा चुके हैं। इनमें से 239 बस्तर डिवीजन में ही मारे गए हैं। बस्तर डिवीजन में बीजापुर और दंतेवाड़ा समेत 7 जिले आते हैं। 27 नक्सली गरियाबंद जिले में मारे गए हैं यह रायपुर डिवीजन में आता है। दुर्ग डिवीजन के मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में इस साल 2 नक्सली मारे जा चुके हैं।

CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक: आंगनवाड़ी भर्ती ऑनलाइन, पारदर्शिता और निगरानी पर जोर

भोपाल  . मध्य प्रदेश सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए 9,948 पदों पर भर्ती के आदेश दिए हैं। यह भर्ती मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशों पर की जाएगी। सीएम ने इसके निर्देश महिला और बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दिए थे। इस भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह से ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कुपोषण को समाप्त करने के लिए तीन साल की कार्ययोजना बनाने का आदेश भी दिया है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन मध्यप्रदेश आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की पूरी भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन पारदर्शी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है और टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में भी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना प्राप्त हुई है। स्पॉन्सरशिप योजना के तहत 20,243 बच्चों को लाभ मिला, झाबुआ के ‘मोटी आई’ नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार और PM जनमन भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल को भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना मिली। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल और 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था लागू की गई है। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना में शहरी आंगनवाड़ियों में सेंट्रल किचन से गर्म भोजन, शाला पूर्व शिक्षा में निवेश, लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार, 9,000 नए आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण और HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ शामिल हैं। सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ से अधिक सहायता, लाड़ली बहना योजना के तहत 36,778 करोड़ का अंतरण, महिला हेल्पलाइन और वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 1.72 लाख महिलाओं को सहायता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के तहत पौधारोपण, ड्राइविंग लाइसेंस और प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण, आंगनवाड़ी केंद्रों का बड़े पैमाने पर उन्नयन और सामग्री टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं, जिसमें गड़बड़ी होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराने के निर्देश दिए गए हैं। प्रदेश के शहरी आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए सेंट्रल किचन व्यवस्था की जाएगी जिससे आंगनबाड़ी केंद्रों तक गर्म भोजन पहुंचेगा. यह नई व्यवस्था वर्ष 2026 तक लागू कर दी जाएगी. निपुण भारत के तहत शाला पूर्व शिक्षा में बड़ा निवेश किया जाएगा ताकि 2047 के विजन को पूरा किया जा सके. लाडली बहना योजना का विस्तार किया जाएगा, प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान किया जाएगा. आगामी तीन वर्षों में आंगनबाड़ी के 9,000 भवन निर्मित किए जाएंगे.     टेक होम राशन की FRS प्रक्रिया में मध्यप्रदेश प्रथम—लाभ पहुँचाने में राष्ट्रीय स्तर पर सराहना     स्पॉन्सरशिप योजना में 20,243 बच्चों को लाभ—देश में दूसरा स्थान     झाबुआ के ‘मोटी आई' नवाचार को प्रधानमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार     PM JANMAN भवनों की डिज़ाइन व मॉनिटरिंग मॉड्यूल की भारत सरकार द्वारा विशेष सराहना     भवन निर्माण की रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए अत्याधुनिक मॉड्यूल विकसित     डिजिटल पारदर्शिता की मिसाल: 20 मीटर जियो-फेंसिंग आधारित उपस्थिति व्यवस्था     3 वर्ष की भविष्य कार्ययोजना     मध्यप्रदेश में सेंट्रल किचन से शहरी आंगनवाड़ियों में गर्म भोजन—2026 से नई व्यवस्था लागू     2047 विज़न के अनुरूप शाला पूर्व शिक्षा पर बड़ा निवेश—निपुण भारत आधारित विकास कार्ड से गुणवत्ता सुधार     34 लाख बालिकाओं को छात्रवृत्ति/प्रोत्साहन—लाड़ली लक्ष्मी योजना का विस्तार     आंगनवाड़ी भवन निर्माण का मेगा प्लान—अगले तीन वर्षों में 9,000 नए भवन     HEW के माध्यम से 1.47 लाख से अधिक जागरूकता गतिविधियाँ—जेंडर, सुरक्षा व कानूनी सहायता में व्यापक प्रभाव समीक्षा बैठक में बताया गया कि महिला बाल विकास विभाग राज्य और केंद्र सरकार की योजना का लाभ आदि आबादी तक पहुंचा रहा है. 'प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना' में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को 512 करोड़ रुपए से अधिक की सहायता दी गई है. लाडली बहना योजना के तहत जनवरी 2024-नवंबर 2025 में 36,778 करोड़ रुपए का अंतरण किया गया है.     PMMVY में 9.70 लाख गर्भवती महिलाओं को ₹512 करोड़ से अधिक की सहायता     लाड़ली बहना योजना के तहत जनवरी 2024–नवंबर 2025 में ₹36,778 करोड़ का अंतरण     1.72 लाख महिलाओं को महिला हेल्पलाइन से सहायता—57 वन स्टॉप सेंटरों द्वारा 52,095 महिलाओं को सुरक्षा      बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण राज्य में स्थापित महिला हेल्पलाइन से 172000 महिलाओं को सहायता प्रदान की गई, वहीं वन स्टाफ सेंटर से 52000 महिलाओं को सुरक्षा मिली. इसके अतिरिक्त बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 1.89 लाख पौधारोपण, 6,520 ड्राइविंग लाइसेंस, और 8,637 बालिकाओं को प्रतियोगी परीक्षा प्रशिक्षण दिया गया.

पूर्व एएसआई केके मोहम्मद का बयान: मथुरा और ज्ञानवापी में पहले मंदिर थे, मुस्लिम पक्ष का दावा मुश्किल

नई दिल्ली  बाबरी मस्जिद का सर्वे करने वाले एएसआई के पूर्व अफसर के.के मोहम्मद ने काशी और मथुरा को लेकर बड़ा खुलासा किया है. केके मोहम्मद ने कहा कि काशी और मथुरा में पहले से ही मंदिर थे. उन्होंने मुसलमानों को नसीहत दी कि गुड जेस्चर दिखाते हुए मुस्लिमों को काशी और ज्ञानवापी की जमीन को हिंदुओं को दे देना चाहिए, ताकि वहां मंदिर बन सके.  सवाल के जवाब में कि क्या मथुरा और काशी पर मुस्लिम पक्ष का दावा कोर्ट में टिक पाएगा? इस पर केके मोहम्मद ने कहा कि मैं इन दोनों जगहों (मथुरा और काशी) को बहुत करीब से जानता हूं. मैंने दोनों जगहों पर काम कर चुका हूं. इन दोनों जगहों पर पहले मंदिर थे. इस पर कोई शक नहीं है. मथुरा में भी मंदिर था और ज्ञानवापी में भी पहले मंदिर ही था. मुस्लिम पक्ष का दावा कोर्ट में नहीं टिक पाएगा. केके मुहम्मद ने मक्का-मदीना का क्यों किया जिक्र उन्होंने कहा कि मुसलमानों के लिए जितना मक्का और मदीना इंपॉर्टेंट है, उतना ही एक आम हिंदू के लिए ज्ञानवापी (शिवजी का मंदिर) और मथुरा (कृष्ण जन्मभूमि) इंपॉर्टेंट है. अयोध्या (राम मंदिर) तो ऑलरेडी हो गया है. तीन जगहों को मुसलमानों को हिंदुओं को मंदिर बनाने के लिए छोड़ देना चाहिए. उन्होंने हिंदुओं को भी नसीहत दी और कहा कि हर मस्जिद के नीचे उन्हें मंदिर देखना छोड़ देना चाहिए. जो मस्जिदों पर दावे के लिए केस फाइल कर रहे हैं, उन्हें भी छोड़ देना चाहिए. एएसआई के पूर्व सर्वे अफसर के.के मोहम्मद ने क्या-क्या कहा?     अयोध्या, मथुरा और काशी ये तीनों जगह मुसलमानों को हिंदुओं के लिए छोड़ देना चाहिए. अयोध्या हो चुका है.     हिंदुओं को भी हर मस्जिद के पीछे, मस्जिद के नीचे मंदिर का मुद्दे पर आत्मनियंत्रण होना चाहिए.     मुसलमानों को ये तीनों जगह छोड़ने के लिए तैयार होना चाहिए.     लीगल मुद्दे पर मैं कुछ नहीं कह सकता लेकिन सामाजिक तौर पर एक साथ बैठकर सॉल्व करना चाहिए.     मथुरा और ज्ञानवापी… मैं दोनों जगह पर काम कर चुका हूं और अच्छे से जानता हूं. ये दोनों जगह मंदिर थे. इस पर कोई शक नहीं. मुसलमानों को चाहिए कि खुद से छोड़ दें. बहुत सारी चीजें मानने के लिए तैयार हो जाते हैं. कौन हैं केके मुहम्मद? के.के. मुहम्मद एएसआई के पूर्व सर्वेअर रहे हैं. उनका पूरा नाम: करिंगमनु कुजियिल मुहम्मद है. वह एक प्रसिद्ध भारतीय पुरातत्वविद् रहे हैं. उननका जन्म 1 जुलाई 1952 को हुआ.  वे भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर) रह चुके हैं. अयोध्या खुदाई में बी.बी. लाल की टीम में शामिल रहे, जहां उन्होंने राम मंदिर के प्रमाण दिए.  चंबल घाटी में बटेश्वर मंदिरों की बहाली में योगदान दिया, जिसे ‘टेम्पल मैन ऑफ इंडिया’ कहा जाता है. वह मथुरा और ज्ञानवापी मामले में भी काम कर चुके हैं.

टिकट खरीदने में बदलाव, रेलवे ने तय किया—विंडो टिकट पर OTP जरूरी

नई दिल्ली रेलवे ने दलालों पर लगाम लगाने के लिए विंडो तत्‍काल टिकट बुकिंग पर बड़ा फैसला किया है.अब बुकिंग के दौरान यात्री के पास ओटीपी आएगा, जिसके बाद टिकट बुकिंग होगी. अगले दिन कुछ दिनों में देशभर में चलने वाली सभी ट्रेनों में यह व्‍यवस्‍था लागू होगी. रेलवे के मुताबिक, अगले कुछ दिनों में सभी ट्रेनों के तत्काल काउंटर टिकटों के लिए ओटीपी आधारित सिस्टम लागू होगा. इसका उद्देश्‍य तत्काल सुविधा का दुरुपयोग और दलालों पर लगाम लगाकर यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्‍ध कराना है. दरअसल, रेलवे ने आम यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए ओटीपी आधारित तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम का प्रस्ताव रखा. सबसे पहले जुलाई 2025 में ऑनलाइन तत्काल टिकटों के लिए आधार आधारित प्रमाणीकरण शुरू किया गया. इसके बाद अक्टूबर 2025 में  सभी जनरल रिजर्वेशन की फर्स्ट-डे बुकिंग के लिए OTP आधारित ऑनलाइन सिस्टम लागू हुआ. दोनों सिस्टम आम यात्रियों द्वारा सफलतापूर्वक अपनाए गए और इससे रिजर्वेशन प्रक्रिया में पारदर्शिता और सुविधा बढ़ी है. पायलट प्रोजेक्‍ट पूरा भारतीय रेलवे ने 17 नवंबर 2025 से इसका पायलट प्रोजेक्‍ट शुरू किया था. अभी केवल 52 ट्रेनों में ओटीपी अनिवार्य किया गया था, जो काफी सफल रहा है. इसी वजह से सभी ट्रेनों में यह व्‍यवस्‍था लागू की जा रही है. जल्‍द ही इसकी डेट का ऐलान किया जाएगा. यह तरह होगी बुकिंग विंडो जाकर रिवर्जेशन कराते समय यात्री रिजर्वेशन फॉर्म में अपना मोबाइल नंबर भरना होगा. अगर वो तत्‍काल टिकट बुक करता है तो उसके मोबाइल पर एक ओटीपी आएगा. विंडो पर बैठा कर्मी आपसे ओटीपी पूछेगा, ओटीपी डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म होगा. इस तरह दलालों से मिलेगा छुटकारा इससे दलालों का खेल पूरी तरह बंद हो जाएगा, क्योंकि बिना असली यात्री के मोबाइल के टिकट नहीं बन सकेगा. अगले कुछ दिनों में यह ओटीपी सिस्टम सभी बची हुई ट्रेनों के तत्काल काउंटर टिकटों पर भी लागू हो रहा है. भारतीय रेलवे का मानना है कि यह कदम तत्काल कोटे की टिकटों को वाकई जरूरतमंद यात्रियों तक पहुंचाने में बड़ी मदद करेगा. ऐसे होगा सत्यापन रेलवे ने 17 नवंबर 2025 को रिजर्वेशन काउंटरों से बुक होने वाले तत्काल टिकटों के लिए ओटीपी आधारित प्रणाली का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया. फिलहाल यह व्यवस्था 52 ट्रेनों तक विस्तारित की जा चुकी है. इस सिस्टम के तहत जब यात्री रिजर्वेशन फॉर्म भरकर तत्काल टिकट बुक करते हैं तो उनके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाता है. इसमें यात्रियों का टिकट तभी सुनिश्चित हो पाता है जब ओटीपी का सफल सत्यापन हो जाता है. यात्रियों को मिलगी बेहतर सुविधा आने वाले दिनों में यह ओटीपी आधारित तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम सभी शेष ट्रेनों पर लागू कर दिया जाएगा. यह कदम रेलवे टिकटिंग में पारदर्शिता, यात्री सुविधा और सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है. अब सभी ट्रेनों में OTP आने वाले कुछ दिनों में, यह OTP आधारित Tatkal टिकट सिस्टम सभी बाकी ट्रेनों के लिए भी लागू कर दिया जाएगा। इस कदम का मुख्य उद्देश्य Tatkal सुविधा के दुरुपयोग को रोकना है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि जरूरतमंद यात्रियों को आसानी से हाई-डिमांड टिकट मिल सकें। रेलवे का कहना है कि टिकट बुकिंग में पारदर्शिता, यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। तत्काल टिकट टाइमिंग क्या है भारतीय रेल के ट्रेनों में तत्काल टिकट की बुकिंग यात्रा की तारीख से एक दिन पहले शुरू होती है। ट्रेन के एसी क्लास के लिए सुबह 10:00 बजे और नॉन-एसी क्लास के लिए सुबह 11:00 बजे बुकिंग शुरू होती है। उदाहरण के लिए, यदि आप 12 दिसंबर को यात्रा करना चाहते हैं, तो एसी क्लास के लिए तत्काल बुकिंग 11 दिसंबर को सुबह 10 बजे से और नॉन-एसी क्लास के लिए 11 दिसंबर को सुबह 11 बजे से शुरू होगी।

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता, पांच नक्सली मारे गए, दो जवान शहीद

जगदलपुर दंतेवाड़ा और बीजापुर सीमा से लगे भैरमगढ़ क्षेत्र के केशकुतुल के जंगलों में सुबह से नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो रही है। एनकाउंटर में पांच माओवादियों को जवानों ने ढेर कर दिया है। मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवान बलिदान हो गए हैं, जबकि एक अन्य जवान घायल है जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। जंगल में बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है, मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि आज सुबह दंतेवाड़ा से टीम निकली थी जहां बीजापुर की सीमा भैरमगढ़ के केशकुतुल में जवानों और नक्सलियों के बीच में मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच बटालियन के बारसे देवा, पापाराव, केसा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल के बाद एक बार फिर से सुकमा बीजापुर दंतेवाड़ा जैसे जिलों में जॉइंट ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है। बीते दिनों देवा समेत पापाराव, केसा, चैतू के आत्मसमर्पण की चर्चा तेज थी जिसके बाद चैतू अपने 10 साथियों के साथ जगदलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद भी सुरक्षा एजेंसियों ने देवा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए जंगलों में अनुकूल माहौल बनाए रखा। इसके तहत जंगलों में ऑपरेशन और किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं की गई। लेकिन 15 दिनों के अनुकूल माहौल के बावजूद जब आत्मसमर्पण को लेकर बटालियन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं नजर आई और बटालियन से आत्मसमर्पण के संपर्क खत्म होने के बाद एक बार फिर से एजेंसियों के निर्देश पर ऑपरेशन को तेज किया गया है। इससे पहले डीकेएसजेडसी सदस्य ने अपने 9 साथियों के साथ लाल गलियारे को त्याग करते हुए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि लगातार नक्सली की टीम बिखरती जा रही है, नक्सलियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर नक्सली अब धीरे-धीरे जागरूक होते जा रहे है और अपने साथियों को समर्पण करने के लिए तैयार कर रहे हैं। इसी का परिणाम था कि डीकेएसजेडसी सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा के साथ ही उसके 9 साथियों ने आत्मसमर्पण किया है। कॉलेज के समय नक्सलियों के संपर्क में आया था चैतू नक्सलियों के दरभा डिवीजन में कई वर्षों तक उनके साथ काम करने के साथ ही उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले चैतू उर्फ श्याम दादा ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस समर्पण के साथ ही दरभा डिवीजन और भी कमजोर हो गई। चैतू दादा उर्फ श्याम ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि कॉलेज के दिनों में ही वे नक्सलियों के मेडिकल टीम के संपर्क में आया और वर्ष 1985 में भूमिगत हो गया था।

सौर ऊर्जा क्रांति के दौर से गुजर रहा है उत्तर प्रदेश

रोशन हुआ उत्तर प्रदेश : सौर ऊर्जा में योगी सरकार की ऐतिहासिक छलांग सौर ऊर्जा क्रांति के दौर से गुजर रहा है उत्तर प्रदेश  ऊर्जा बचत और आर्थिक लाभ का नया अध्याय, रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत… लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की सौर ऊर्जा नीति से उत्तर प्रदेश आज ऊर्जा क्रांति के दौर से गुजर रहा है। प्रदेश की कुल सौर ऊर्जा क्षमता अब 1003.64 मेगावाट तक पहुंच चुकी है, जिससे वार्षिक बिजली बिल में औसतन 40 से 60 प्रतिशत तक की बचत होने का अनुमान है। यह बचत बड़े उद्योगों से लेकर ग्रामीण उपभोक्ता तक पहुंच रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्पष्ट सन्देश है कि विकसित यूपी 2047 विजन के अंतर्गत आने वाले 22 वर्षों में प्रदेश के सभी प्रमुख शहरों को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जाये। सौर ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी बचत लंबी अवधि में प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगी। वहीं इससे बिजली खपत का भार भी काफी हद तक कम हो जाएगा। रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत… प्रदेश में सौर ऊर्जा के बढ़ते दायरे के साथ लगभग 50 हजार युवाओं को तकनीशियन, इंस्टॉलर और सर्विस स्टाफ के तौर पर प्रत्यक्ष रूप से रोजगार हासिल हुआ। रोजगार के अवसर गांव और कस्बों तक पहुंचे हैं। इसका सकारात्मक परिणाम यह हुआ है कि पलायन में कमी आई है और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। इसी के साथ, ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में लोड शेडिंग में कमी दर्ज की जा रही है। पहले जहां बिजली कटौती के कारण छोटे व्यवसायों जैसे मिल, वेल्डिंग और प्रोसेसिंग यूनिट प्रभावित होते थे, वहीं अब इनकी आय में 10 से 15 प्रतिशत तक का सुधार हुआ है। सौर ऊर्जा गांव के प्रगति की एक प्रमुख धुरी बनती दिख रही है।  ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रदेश उत्तर प्रदेश अब ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसमें सौर ऊर्जा की भूमिका को और सशक्त करने के प्रयास जारी हैं। जैसे-जैसे सौर ऊर्जा का दायरा बढ़ेगा वैसे-वैसे परंपरागत बिजली आपूर्ति पर निर्भरता कम होगी और इसका लाभ उद्योग और छोटे व्यवसायों को मिलेगा। योगी आदित्यनाथ सरकार का विश्वास है कि आने वाले वर्षों में सौर ऊर्जा प्रदेश की आर्थिक रीढ़ साबित होगी और उत्तर प्रदेश को स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में अग्रणी बनाएगी। सूर्य की रोशनी पर आधारित यह परिवर्तन अब कल्पना नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर दिखाई देने वाली वास्तविकता है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऊर्जा नीति को लोककल्याण और आर्थिक उन्नति के साथ जोड़ा है।  सौर ऊर्जा से संबंधित आंकड़े… – प्रदेश के 2.90 लाख घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित – कुल 2,600 करोड़ रुपये का अनुदान – सोलर सेक्टर में अब तक 50,000 नए रोजगार सृजित