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अब घर बैठे बदलें आधार में मोबाइल नंबर, ये है पूरा ऑनलाइन प्रोसेस

नई दिल्ली आधार कार्ड आज हर भारतवासी के लिए उनकी पहचान बताने का सबसे जरूरी दस्तावेज है। आपको चाहे बैंक से जुड़ा कोई काम करवाना हो या कोई सरकारी काम करवाना हो, हर जगह आधार कार्ड की जरूरत पड़ती है। अगर आपके आधार कार्ड में मोबाइल नंबर गलत प्रिंट हो गया तो आप ये सब काम घर बैठे आसानी से कर सकते हैं। दरअसल, UIDAI ने आधार से संबंधित कई सेवाओं को और आसान बना दिया है। अब आप घर बैठे आधार कार्ड पर मोबाइल नंबर बदल सकेंगे। सरकार ने नए आधार ऐप में इस सुविधा को शुरू कर दिया है। UIDAI ने इसकी घोषणा की है। इन बदलावों के लिए आधार कार्डधारक को किसी दस्तावेज की जरूरत नहीं होगी। बस आधार ऐप पर OTP वेरिफिकेशन और फेस ऑथेंटिकेशन से मोबाइल नंबर चेंज हो जाएगा। यूजर अपना चेहरा स्कैन करते ही ऐप के भीतर से आधार से लिंक मोबाइल नंबर को खुद अपडेट कर पाएंगे। ऐसे बदले मोबाइल नंबर     सबसे पहले यूजर्स AADHAAR ऐप डाउनलोड करें।     फिर अपना 12-डिजिट आधार नंबर और नया मोबाइल नंबर डालना होगा।     रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP जाएगा, वेरिफिकेशन करना होगा।     फिर फेस स्मार्टफोन कैमरे से फेस ऑथेंटिकेशन पूरा करना होगा।     अब आपको 75 रुपये की पेमेंट करनी होगी और प्रोसेस पूरी हो जाएगी। बदलाव का उद्देश्य UIDAI के अनुसार, इन नए नियमों का मकसद आधार सेवाओं को डिजिटल, तेज और अधिक सुलभ बनाना है ताकि हर नागरिक अपने दस्तावेज़ों को बिना किसी परेशानी के अपडेट कर सके। वहीं, पता, नाम और ईमेल आईडी भी अपडेट करने की सुविधा जल्द शुरू होगी।

एंटी-ड्रोन गन्स से लेकर फेस रिकग्निशन तक—भारत में पुतिन की सुरक्षा होगी फ़ुल हाई-टेक

 नई दिल्ली रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के चार साल बाद भारत दौरे को लेकर दिल्ली पूरी तरह सतर्क हो गई है. 4-5 दिसंबर को होने वाले इस दो दिवसीय दौरे के लिए राजधानी को किले में बदल दिया गया है. लगभग 130 सदस्यीय रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ पुतिन के आने से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां, पैरामिलिट्री फोर्सेस और रूसी स्पेशल फोर्सेस मिलकर मल्टी-लेयर सिक्योरिटी रिंग तैयार कर चुकी हैं. हाल ही में दिल्ली में हुए ब्लास्ट की घटना के बाद सुरक्षा पहले से ही हाई अलर्ट पर थी, अब पुतिन के दौरे के लिए अतिरिक्त सावधानियां बरती जा रही हैं.   पुतिन का दौरा: क्या है प्लान? पुतिन का यह दौरा भारत-रूस के 23वें वार्षिक समिट के लिए है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते पर वे 4 दिसंबर को दिल्ली पहुंचेंगे. पहले दिन शाम को पीएम मोदी के साथ प्राइवेट डिनर होगा, उसके बाद द्विपक्षीय बातचीत. 5 दिसंबर को बिजनेस मीटिंग्स और स्टेट बैनक्वेट (राजकीय भोज) का कार्यक्रम है. एजेंडा में रक्षा, ऊर्जा, स्पेस और ट्रेड पर फोकस होगा. रूस S-400 मिसाइल सिस्टम की नई डील, Su-57 फाइटर जेट्स और तेल निर्यात बढ़ाने की बात करेगा. यह दौरा यूक्रेन युद्ध के बाद पुतिन का पहला भारत दौरा है, जो दोनों देशों की दोस्ती को मजबूत करेगा. सुरक्षा का मल्टी-लेयर जाल: कोई चूक नहीं होगी दिल्ली को हाई सिक्योरिटी जोन बना दिया गया है. रूसी एडवांस सिक्योरिटी टीम के 50 से ज्यादा सदस्य पहले ही दिल्ली पहुंच चुके हैं. उन्होंने रूट्स, वेन्यूज और पूरी सिक्योरिटी प्लानिंग चेक की है. रूसी स्पेशल फोर्सेस आंतरिक सर्कल में रहेंगी, जबकि भारतीय फोर्सेस के साथ तालमेल बिठाएंगी.    भारतीय एजेंसियां: दिल्ली पुलिस, सेंट्रल सिक्योरिटी, पैरामिलिट्री और एनएसजी कमांडोज मुख्य भूमिका निभाएंगे. एसडब्ल्यूएटी टीम्स, एंटी-टेरर स्क्वॉड्स और क्विक रिएक्शन फोर्सेस को रणनीतिक जगहों पर तैनात किया गया है. ये तुरंत किसी भी खतरे का जवाब देंगी.  रूसी सिक्योरिटी: पुतिन की पर्सनल सिक्योरिटी में 50+ जवान हैं. उनका खाना रूस से ही आएगा. कई चेक के बाद ही परोसा जाएगा. उनके साथ पोर्टेबल सिक्योरिटी किट भी है, जो कार और होटल में रहेगी.     ट्रैफिक और एरिया कंट्रोल: दिल्ली पुलिस के टॉप ऑफिसर्स ट्रैफिक मैनेजमेंट और एरिया सैनिटाइजेशन देखेंगे. पुतिन के कन्वॉय के रास्ते पर ट्रैफिक डायवर्जन होगा लेकिन आम लोगों को कम परेशानी हो, इसके लिए एडवाइजरी जारी की जाएगी.  सभी जगहों को पहले से साफ-सुथरा और सुरक्षित बनाया जा रहा है. पुतिन के ठहरने की जगह की डिटेल्स सिक्योरिटी कारणों से गुप्त रखी गई हैं. टेक्नोलॉजी से निगरानी: ड्रोन, सीसीटीवी और एंटी-ड्रोन गन्स सुरक्षा सिर्फ इंसानों पर नहीं, टेक्नोलॉजी पर भी निर्भर है. मिनट-टू-मिनट रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक उपकरण लगाए गए हैं…     एंटी-ड्रोन गन्स: हवाई खतरे से बचाव के लिए ड्रोन को मार गिराने वाली गन्स तैनात.       मूविंग ड्रोन सर्विलांस: हवा में ड्रोन उड़ाकर लगातार नजर रखी जा रही है.       सीसीटीवी और सिग्नल मॉनिटरिंग: रूसी डेलिगेशन पर एरियल, सिग्नल और ग्राउंड लेवल की निगरानी. फेस रिकग्निशन कैमरे कन्वॉय को ट्रैक करेंगे. दिल्ली पुलिस कंट्रोल रूम में 24×7 मॉनिटरिंग डेस्क बनी है. सभी एजेंसियां रीयल-टाइम कोऑर्डिनेशन करेंगी, ताकि कोई गलती न हो. हाल के दिल्ली ब्लास्ट के बाद ये इंतजाम और सख्त हो गए हैं.  हाल के ब्लास्ट का असर: अतिरिक्त सावधानियां नवंबर 2025 में दिल्ली में हुए ब्लास्ट ने सुरक्षा एजेंसियों को और अलर्ट कर दिया. उसके बाद से ही हाई अलर्ट था, लेकिन पुतिन के दौरे के लिए दो दिनों के लिए अतिरिक्त प्रोटोकॉल लागू किए गए. खुफिया एजेंसियां किसी भी संभावित खतरे पर नजर रख रही हैं. विशेषज्ञ कहते हैं, पुतिन की सिक्योरिटी दुनिया की सबसे सख्त है, इसलिए भारत-रूस का संयुक्त प्रयास फूलप्रूफ होगा.  मजबूत दोस्ती का संदेश यह दौरा भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाई देगा. रक्षा में Su-57 जेट्स, ऊर्जा में तेल डील और ट्रेड में नई संभावनाएं खुलेंगी. लेकिन सुरक्षा पहले, इसलिए दिल्ली किले जैसी हो गई है. पुतिन के आने पर सबकी नजरें टिकी हैं. क्या होगा बड़ा ऐलान? जल्द पता चलेगा.  

अमेरिका वेनेजुएला पर कार्रवाई कर सकता है—डोनाल्ड ट्रंप ने दिया ऑपरेशन का संकेत

वॉशिंगटन कैरिबियन में कथित वेनेजुएला के ड्रग तस्करों की नावों पर अमेरिका के बार-बार हवाई हमलों के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बहुत जल्द वेनेजुएला के अंदर रहने वाले 'बुरे लोगों' पर हमला करना शुरू कर देगा. मंगलवार की कैबिनेट मीटिंग में ट्रंप की टिप्पणी से वॉशिंगटन और काराकास के बीच और तनाव बढ़ने का इशारा मिलता है. ट्रंप ने कैबिनेट मीटिंग के दौरान कहा, 'हम जमीन पर भी ये हमले शुरू करने जा रहे हैं. जमीन पर हमला करना ज्यादा आसान है. हम जानते हैं कि बुरे लोग कहाँ रहते हैं, और हम यह बहुत जल्द शुरू करने जा रहे हैं.' ट्रंप की यह बात तब आई है जब उनके प्रशासन पर ड्रग तस्करी करने वाली नावों को निशाना बनाने के लिए किए गए हमले को लेकर कड़ी जांच हुई है, जिसमें अब तक 80 से ज्यादा लोग मारे गए हैं. बैठक में ट्रंप ने वॉर सेक्रेटरी पीट हेगसेथ का बचाव किया और कहा कि न तो उन्हें और न ही वॉर सेक्रेटरी को संदिग्ध ड्रग जहाज पर दूसरे हमले के बारे में पता था. अमेरिकी सेना ने 2 सितंबर को कैरिबियन में चल रहे एक संदिग्ध ड्रग जहाज पर एक और हमला किया था, जब शुरुआती हमले में जहाज पर सवार सभी लोग नहीं मारे गए थे. ट्रंप ने कहा, 'मुझे दूसरे हमले के बारे में नहीं पता था. मुझे लोगों के बारे में कुछ नहीं पता था. मैं इसमें शामिल नहीं था और मुझे पता था कि उन्होंने एक नाव ली थी, लेकिन मैं यह कहूंगा कि उन्होंने हमला किया था.' राष्ट्रपति ने कहा कि हेगसेथ हमले से संतुष्ट थे लेकिन उन्हें दूसरे हमले के बारे में पता नहीं था, जिसमें दो लोग शामिल थे. हेगसेथ ने अपने बचाव में कहा कि उन्होंने पहला हमला लाइव देखा था, लेकिन फिर अपनी अगली मीटिंग में चले गए. वॉर सेक्रेटरी ने आगे कहा कि उन्हें दूसरे हमले के बारे में कुछ घंटे बाद पता चला और उन्होंने किसी भी जिंदा को नहीं देखा. हेगसेथ ने कहा, 'कुछ घंटों बाद मुझे पता चला. मैंने खुद किसी को जिंदा नहीं देखा क्योंकि उस चीज में आग लगी हुई थी. इसे युद्ध का कोहरा कहते हैं. व्हाइट हाउस ने कहा है कि अमेरिकी स्पेशल ऑपरेशन्स कमांड के कमांडर एडमिरल फ्रैंक एम 'मिच' ब्रैडली ने दूसरे हमले का आदेश दिया था.

मध्य प्रदेश: CM मोहन यादव की समीक्षा बैठक, कैबिनेट फेरबदल की उल्टी गिनती शुरू, 3 मंत्री निशाने पर!

भोपाल  सीएम डॉ. मोहन यादव ने राज्य में संभावित कैबिनेट फेरबदल की अटकलों के बीच सभी मंत्रिस्तरीय विभागों की समीक्षा शुरू कर दी है। यह मूल्यांकन 2 दिसंबर से 9 दिसंबर तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक मंत्री के दो साल के प्रदर्शन का आंकलन किया जाएगा और शासन के लिए तीन साल का रोडमैप तैयार किया जाएगा। इस समीक्षा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाना और यह सुनिश्चित करना है कि योजनाओं का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचे। पहले दिन इन विभागों की जांच समीक्षा के पहले दिन मुख्यमंत्री यादव ने स्कूल शिक्षा विभाग की जांच की, जिसमें योजनाओं, बुनियादी ढांचे, डिजिटल शिक्षा और शिक्षक प्रबंधन पर विस्तृत प्रतिक्रिया मांगी गई। ग्रामीण विकास, पंचायत और परिवहन विभागों की भी समीक्षा की गई। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री ने शिक्षा योजनाओं के प्रभाव का गहनता से अध्ययन किया। अधिकारियों ने बताया कि स्कूल छोड़ने वालों की दर में उल्लेखनीय गिरावट आई है और नामांकन में पिछले साल की तुलना में 120% की वृद्धि हुई है, खासकर निजी स्कूलों से। मंत्री प्रह्लाद पटेल क्या बोले? ग्रामीण विकास एवं पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि सरकार ग्राम पंचायत कार्यालयों, सामुदायिक हॉल, ग्रामीण सड़कों के निर्माण और पेयजल व्यवस्था में सुधार पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने पारंपरिक जल संरचनाओं को पुनर्जीवित करने और संरक्षित करने के प्रयासों पर जोर दिया और दावा किया कि कई योजनाएं गांवों को आत्मनिर्भरता की ओर धकेल रही हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री ने भी दी रिपोर्ट परिवहन और स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार शैक्षिक सुविधाओं को मजबूत करने, योग्यता को बढ़ावा देने और परिवहन बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री की विस्तृत समीक्षा से सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। सरकार का कहना है कि ये समीक्षाएं जमीनी स्तर पर प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाएंगी और राज्य की योजनाओं का लाभ अंतिम लाभार्थी तक पहुंचाना सुनिश्चित करेंगी। बदलाव की चर्चा भी तेज 31 सदस्यीय कैबिनेट में चार मंत्रिस्तरीय पद रिक्त होने के साथ, राजनीतिक गलियारों में बड़े बदलावों की चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के अनुसार, कई वरिष्ठ विधायकों को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है। कुछ मौजूदा मंत्रियों को महत्वपूर्ण संगठनात्मक भूमिकाओं में स्थानांतरित किया जा सकता है। दो महिला विधायकों को शामिल किया जा सकता है। खराब प्रदर्शन के कारण कम से कम तीन वर्तमान मंत्रियों को हटाया जा सकता है। कांग्रेस के एक पूर्व विधायक, जिन्होंने भाजपा का दामन थामा है, को भी पद की पेशकश पर विचार किया जा रहा है।  

आरएसएस के हिंदू सम्मेलन में योगी केंद्र में, क्या यूपी 2027 की राजनीतिक तैयारी शुरू?

लखनऊ बिहार विधानसभा चुनाव के बाद अब आरएसएस की निगाहें उत्तर प्रदेश पर केंद्रित हो गई हैं. बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाने का तानाबाना बुनना शुरू कर दिया है. 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव में संघ और बीजेपी हिंदुत्व के एजेंडे को और धार देने की रणनीति पर अभी से काम शुरू कर दिया है ताकि पूरे सूबे में हिंदुत्व का सियासी रंग चढ़ सके. आरएसएस और बीजेपी ने संयुक्त रूप से उत्तर प्रदेश में हिंदुत्व आधारित माहौल को मजबूती देने की रणनीति बनाई. संघ के साथ बीजेपी राम मंदिर के मुद्दे को गांव-गांव पहुंचाने का प्लान बनाया है, तो साथ ही लखनऊ में 'विराट हिंदू सम्मेलन' कराने की तैयारी की है. इस सम्मेलन में सीएम योगी आदित्यनाथ भी शिरकत करेंगे, जिसके मायने साफ हैं कि पार्टी ने उन्हें हिंदुत्व का चेहरा बनाकर पेश करने की रणनीति अपनाई है. आरएसएस-बीजेपी की मंथन से निकलेगा अमृत उत्तर प्रदेश में सवा साल के बाद सोमवार को सरकार, संगठन और संघ की समन्वय बैठक हुई. पहली बैठक संघ की भारती भवन के बंद कमरे में हुई, जिसमें संघ के सरकार्यवाह अरुण कुमार, बीजेपी राष्ट्रीय महामंत्री संगठन बीएल संतोष, अतुल लिमये, पश्चिम क्षेत्र प्रचारक महेंद्र शर्मा, पूर्वी क्षेत्र प्रचारक अनिल सिंह और यूपी बीजेपी के संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह मौजूद रहे. यह बैठक करीब डेढ़ घंटे तक चली. इसके बाद संघ की सरकार और बीजेपी संगठन के साथ मीटिंग हुई. संघ, सरकार और संगठन की बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ, बीएल संतोष, अरुण कुमार, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी सहित संघ के क्षेत्रीय प्रचारकों के बीच बैठक हुई. इस बैठक में मिशन-2027 को लेकर रणनीति बनी और अब उसे अमलीजामा पहनाने का काम शुरू कर दिया गया है. यूपी से फीडबैक लेकर वापस दिल्ली लौटे बीएल संतोष ने प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर पीएम मोदी, अमित शाह और जेपी नड्डा के साथ बैठक की. योगी के बहाने हिंदुत्व को धार देने का प्लान संघ के 100 साल पूरे हो गए हैं. संघ अपना शताब्दी वर्ष मना रहा है. ऐसे में संघ और बीजेपी जनवरी 2026 में लखनऊ में 'विराट हिंदू सम्मेलन' करने जा रहे हैं. इस कार्यक्रम में सीएम योगी भी शिरकत करेंगे. माना जा रहा है कि इस रैली के जरिए योगी आदित्यनाथ की हिंदुत्ववादी छवि को और भी मजबूत कर पेश करने की रणनीति है. सीएम योगी को केंद्र में रखकर विशेष रूप से रणनीति तैयार की जा रही है. इसी बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इन तमाम कार्यक्रमों में मुख्य चेहरे के तौर पर आगे रखने का भी प्लान है और उन्हीं के बहाने हिंदुत्व को धार देने की कोशिश है. योगी आदित्यनाथ सिर्फ अपने काम से ही नहीं बल्कि अपने लिबास से भी हिंदुत्व के रंग में रचे-बसे नजर आते हैं. यूपी में 'विराट हिंदू सम्मेलन' 2027 से पहले संघ के शताब्दी वर्ष के मद्देनजर राज्यभर में बड़े पैमाने पर हिंदू सम्मेलनों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी. इसी क्रम में लखनऊ में होने वाले 'विराट हिंदू सम्मेलन' को शक्तिशाली राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है. बीजेपी और संघ की साझा रणनीति से एक बात साफ है कि यूपी में विकास को आधार बनाकर हिंदुत्व के भावनात्मक मुद्दों को भुनाने की तैयारी है. लखनऊ में होने वाला विराट हिंदू सम्मेलन इस रोडमैप का केंद्रबिंदु माना जा रहा है. मिशन 2027 के हिंदुत्व को धार देने का प्लान जनवरी में राम मंदिर के कैलेंडर और तस्वीर के साथ संघ और बीजेपी के कार्यकर्ता लोगों से जनसंपर्क करते हुए घर-घर पहुंचने की कोशिश करेंगे. इसके बाद 20 फरवरी तक हिंदू सम्मेलन शुरू होंगे, जिसमें हिंदू समाज को एकजुट करने, खासकर दलित, अति पिछड़े और पिछड़े वर्गों तक पहुंच कर संघ और हिंदुत्व को लेकर सभी शहरों में कार्यक्रम करेंगे. एक कार्यक्रम लखनऊ में भी प्लान किया जा रहा है जो विराट हिंदू सम्मेलन के तौर पर होगा. इसमें भाजपा और संघ के कार्यकर्ता जुड़ेंगे और उनकी कोशिश पिछड़े और दलित परिवारों तक पहुंचने की होगी. इस समीक्षा में विराट हिंदू सम्मेलन की तैयारियां और विभिन्न समूहों से मिले फीडबैक शामिल रहे. यूपी में भाजपा–संघ ने राजनीतिक समीकरणों को साधने की कवायद शुरू कर दी है. सपा के पीडीए का क्या काउंटर प्लान संघ और बीजेपी के इन कार्यक्रमों को सपा के पीडीए की काट के तौर पर देखा जा रहा है. इस संबंध में बैठक में पीडीए के काउंटर प्लान पर चर्चा हुई. सपा ने 2024 में पीडीए फॉर्मूले के जरिए बीजेपी को झटका दिया था. 2024 में यूपी की 80 लोकसभा सीटों में से सपा 37 और कांग्रेस 6 सीटें जीतने में कामयाब रही थी. वहीं, बीजेपी सिर्फ 33 सीट पर सिमट गई थी. 2019 की तुलना में उसे 31 सीटों का नुकसान उठाना पड़ा था. बीजेपी का सियासी समीकरण बिगड़ गया था, जिसके बाद से योगी आदित्यनाथ लगातार 'बंटोगे तो कटोगे' के नारे के जरिए हिंदुओं को एकजुट करने में लगे हैं. बीजेपी और संघ का प्लान है कि दलित, अति पिछड़े और पिछड़े वर्गों तक अपनी पहुंच बनाई जाए. संघ और हिंदुत्व गांव-गांव ही नहीं बल्कि तमाम शहरों में कार्यक्रम करेंगे. इस तरह बीजेपी अलग-अलग जातियों में बिखरे हिंदू वोटों को फिर से एक छतरी के नीचे लाने के लिए विराट हिंदू सम्मेलन की रूप रेखा तैयार कर रही है. माना जा रहा है कि इस दांव से सपा के विनिंग फॉर्मूला पीडीए को काउंटर करने की रणनीति है.

भारत-रूस संबंधों में नई गति? पुतिन के आगमन से पहले मिले मजबूत आर्थिक संकेत

नई दिल्ली  भारत के दौरे पर आ रहे रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पहले ही ये संकेत दे दिए हैं कि भारत के साथ उनके व्यापारिक संबंधों में कमी नहीं आने जा रही है. उनका ये बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे को काटता है, जिसमें वे कई बार कह चुके हैं कि भारत अगले कुछ महीनों में रूस के साथ तेल के व्यापार को घटाने वाला है. व्लादिमीर पुतिन की ओर से दिए गए बयान ने साफ कर दिया है कि भारत-रूस के बीच ट्रेड बढ़ने वाला है और इसका फायदा भारतीय अर्थव्यवस्था को जरुर होगा. रूसी राष्ट्रपति का दौरा ऐसे वक्त में भारत में हो रहा है, जब रूसी तेल की खरीद को लेकर भारत, अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ की मार झेल रहा है. इस दौरे के जरिये पुतिन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये मैसेज देना चाहते हैं कि भारत-रूस के संबंधों पर किसी भी टैरिफ का असर नहीं पड़ेगा, हालांकि रूस से मानता है कि मौजूदा हालात में भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दबाव झेल रहा है. रूस की ओर से इसकी आलोचना भी की गई है. भारत को मालामाल करने वाले हैं पुतिन व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि वे भारत दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ऊर्जा, उद्योग, अंतरिक्ष, कृषि और कई अन्य क्षेत्रों में चल रहे नए संयुक्त प्रोजेक्ट पर बात करेंगे. वे इस दिशा में चल रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा करेंगे- खासकर भारतीय सामानों के आयात को बढ़ाने को लेकर. पुतिन की ओर से कहा गया है कि उनका लक्ष्य चीन और भारत दोनों के साथ सहयोग को एक नए और उच्च स्तर तक ले जाना है. उन्होंने कहा है कि पिछले तीन वर्षों में रूस ने भारत और चीन जैसे विश्वसनीय और बड़े साझेदार देशों के साथ व्यापार को काफी बढ़ाया है और वे इसे आगे ले जाना चाहते हैं. पुतिन का ये आत्मविश्वास पश्चिमी देशों को चेताने वाला है. भारत के लिए रूस का निर्यात बाजार और खुल सकता है. उनका यह बयान भारत के साथ ट्रेड रिलेशन को लेकर बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिका ने भारतीय सामानों को उसके बाजार में ले जाने पर भारी शुल्क लगा रखा है. पश्चिमी देशों को पुतिन का मैसेज भारत के साथ दोस्ती को लेकर पुतिन ने साफ तौर पर कहा है कि उनके बीच कई वर्षों से गहरी दोस्ती और रणनीतिक साझेदारी है, जो लगातार मजबूत हो रही है. उन्होंने अपने पश्चिमी देशों की नीतियों की आलोचना पर मुखर होकर कहा है कि आज की दुनिया अत्यधिक उथल-पुथल से गुजर रही है, जिसका कारण है पश्चिम की ओर से कुछ बाजारों पर जबरन एकाधिकार स्थापित करना. उन्होंने भारत के संदर्भ में कहा कि पश्चिम उन देशों पर दबाव डाल रहा है, जो स्वतंत्र और स्वायत्त नीतियां अपनाते हैं. पुतिन के मुताबिक पश्चिम किसी भी तरह की प्रतिस्पर्धा को बाजार से खत्म करना चाहता है.

पुतिन दौरे में भारत में बन सकते हैं 120-140 स्टील्थ जेट, Su-57 डील की उम्मीद

 नई दिल्ली भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए एक ऐतिहासिक मौका आ गया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के 4-5 दिसंबर के भारत दौरे के दौरान Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट्स की डील हो सकती है. दुबई एयरशो 2025 में रूस ने भारत को पूरी तकनीक ट्रांसफर का वादा किया है, जिसमें इंजन, सेंसर और स्टील्थ मटेरियल सब शामिल हैं.  यह डील न सिर्फ वायुसेना को 5वीं पीढ़ी के जेट देगी, बल्कि फ्रांस के राफेल जेट्स के साथ इसकी जोड़ी (जुगलबंदी) भारत को एशिया का हवाई सुपरपावर बना देगी. इससे आईएएफ की ताकत 50-60% बढ़ जाएगी, खासकर ऑपरेशन सिंदूर (मई 2025) जैसे संघर्षों में.  डील का लेटेस्ट स्टेटस: पुतिन दौरे पर सबकी नजरें पुतिन का यह दौरा महज औपचारिक नहीं, बल्कि रक्षा समझौतों का बड़ा मंच बनेगा. क्रेमलिन स्पोक्सपर्सन दिमित्री पेस्कोव ने कन्फर्म किया कि Su-57 और अतिरिक्त S-400 एयर डिफेंस सिस्टम्स पर बात होगी. रूस की रोस्टेक कंपनी के सीईओ सर्गेई चेमेज़ोव ने दुबई एयरशो में कहा कि भारत को जो चाहिए, हम देंगे—चाहे Su-57 हो या S-400.  Su-57 का प्लान: शुरुआत में 50-60 रेडीमेड जेट्स रूस से आएंगे, फिर हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के नासिक प्लांट पर 120-140 जेट्स लोकल प्रोडक्शन होगा. कीमत प्रति जेट 670-800 करोड़ रुपये, जो F-35 ($110 मिलियन) से सस्ता है. फुल टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (टीओटी) से भारत अपना वर्जन बना सकेगा, जिसमें ब्रह्मोस मिसाइल इंटीग्रेशन होगा.    राफेल का एक्सपैंशन: पहले से 36 राफेल हैं, अब 114 और F-4/F-5 वर्जन की डील पर फोकस. नेवी के लिए 26 राफेल-M भी आ रहे हैं. कुल लागत: 1 लाख करोड़ से ज्यादा, लेकिन मेक इन इंडिया से 60% पार्ट्स लोकल.     बैकग्राउंड: ऑपरेशन सिंदूर में पाकिस्तान ने राफेल को चुनौती दी, जहां चीनी J-10सी ने लंबी रेंज मिसाइल यूज की. इससे IAF के 31 स्क्वाड्रन (अधिकृत 42) का संकट सामने आया. S-500 मिसाइल शील्ड भी डिस्कस होगा, जो हाई-एल्टीट्यूड थ्रेट्स को हैंडल करेगा.   2028 तक 20 जेट्स प्रति साल प्रोडक्शन शुरू होगा, जो भारत को एक्सपोर्ट हब बना सकती है. राफेल: बहुमुखी योद्धा, जो युद्ध के हर मोर्चे पर राज करे राफेल फ्रांस का 4.5 जेनरेशन मल्टी-रोल फाइटर है, जो 2016 से भारतीय वायुसेना में तैनात है. ऑपरेशन सिंदूर में इसने पाकिस्तानी एयरबेस पर ब्रह्मोस स्ट्राइक्स किए. इसके विस्तृत फायदे…       उन्नत सेंसर और रडार: थेल्स आरबीई2 एईएसए रडार 200+ किमी दूर दुश्मन को डिटेक्ट करता है.सेंसर फ्यूजन से पायलट को 360° व्यू मिलता है, जो नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर में कमाल करता है.       मिसाइल पावर: मेटियोर बीवीआर मिसाइल (150-200 किमी रेंज) दुश्मन को दूर से नेस्तनाबूद करता है.  एससीएएलपी क्रूज मिसाइल गहरे हमलों के लिए, जबकि माइका शॉर्ट-रेंज डॉगफाइट में बेस्ट. भारत के अस्त्र और रुद्रम मिसाइल्स भी इंटीग्रेट हो सकते हैं.      लंबी रेंज और एंड्योरेंस: 3700 किमी रेंज, एयर रिफ्यूलिंग से 9000 किमी तक. हिमालय जैसे हाई-एल्टीट्यूड एरिया में परफेक्ट.      इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर (ईडब्ल्यू): स्पेक्ट्रा सिस्टम दुश्मन रडार को जाम कर देता है, स्टील्थ जैसी सिक्योरिटी देता है.       भारत-स्पेसिफिक फायदे: मेक इन इंडिया से 60% लोकलाइजेशन, जॉब्स क्रिएशन. नेवी-एयरफोर्स इंटीग्रेशन से एकरूपता. ट्रेनिंग आसान, क्योंकि पहले से 36 जेट्स हैं. कीमत: 1,000 करोड़ प्रति यूनिट, लेकिन मेंटेनेंस कम.     राफेल की स्ट्रेंथ: तुरंत उपलब्धता और कॉम्बैट-प्रूवन परफॉर्मेंस. Su-57: स्टील्थ का राजा, अदृश्य हमलावर जो दुश्मन को सोचने न दे Su-57 (Felon) रूस का 5वीं जेनरेशन स्टील्थ फाइटर है, जो 2020 से रूसी एयरफोर्स में है. भारत के लिए एक्सपोर्ट वर्जन Su-57E. ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह जरूरी हो गया, क्योंकि पाकिस्तान के J-10सी ने लंबी रेंज दिखाई.     स्टील्थ टेक्नोलॉजी: रडार क्रॉस-सेक्शन 0.1 वर्ग मीटर, जो J-20 से बेहतर. इंटरनल वेपन बे से अदृश्य रहते हुए हमला.       सुपर मैन्युवरेबिलिटी: 3डी थ्रस्ट वेक्टरिंग इंजन (एएल-51) से हवा में 180° टर्न, डॉगफाइट में अजेय. सुपरक्रूज (1975 km/hr बिना आफ्टरबर्नर) से तेज पहुंच.       हाइपरसोनिक वेपन्स: आर-37एम मिसाइल (300-400 किमी रेंज) पाक/चीनी जेट्स को दूर से मार गिराएगी. ब्रह्मोस-ए और हाइपरसोनिक मिसाइल्स इंटीग्रेट हो सकती हैं.      एडवांस्ड एवियोनिक्स: एन-036 बेलका एईएसए रडार + आईआरएसटी सेंसर से 400 किमी डिटेक्शन. सेंसर फ्यूजन से एआई-बेस्ड थ्रेट एनालिसिस.       भारत के लिए स्पेशल: Su-30एमकेआई (260 जेट्स) से 70-80% कॉमन पार्ट्स, मेंटेनेंस आसान. फुल सोर्स कोड एक्सेस से अस्त्र, रुद्रम इंटीग्रेशन हो सकता है.      लोकल प्रोडक्शन से एएमसीए प्रोजेक्ट को बूस्ट. कीमत सस्ती, डिलीवरी 2028 तक. Su-57 की ताकत: 5जी टेक और लो कॉस्ट, जो भारत को इंडिपेंडेंट बनाएगा. जुगलबंदी का कमाल: राफेल-Su-57 से वायुसेना बनेगी अजेय दोनों जेट्स की जोड़ी भारतीय वायुसेना को लेयर्ड स्ट्रक्चर देगी—राफेल मीडियम-वेट वर्कहॉर्स, Su-57 लॉन्ग-रेंज स्टील्थ स्ट्राइकर.     तकनीकी एकीकरण: Su-30 से मैच, लॉजिस्टिक्स 50% कम. राफेल का ईडब्ल्यू + Su-57 का स्टील्थ से हाइब्रिड फोर्स. मेटियोर (150 किमी) + आर-37एम (300 किमी) से बीवीआर वॉर में डोमिनेंस.       स्क्वाड्रन बूस्ट: 3-5 नए स्क्वाड्रन (36-54 जेट्स) बनेंगे, मिग-21 जैसे पुराने बाहर. टू-फ्रंट वॉर (चीन-पाक) में राफेल क्विक स्ट्राइक, Su-57 डीप पेनेट्रेशन.       इकोनॉमिक गेन: लोकल मैन्युफैक्चरिंग से 1 लाख जॉब्स, एक्सपोर्ट पोटेंशियल. AMCA को टेक बूस्ट मिलेगा.        ऑपरेशनल एज: हिमालय में Su-57 की मैन्युवरेबिलिटी, इंडियन ओशन में राफेल की एंड्योरेंस काम आएगी. कुल ताकत: 50% इजाफा, हवाई वर्चस्व सुनिश्चित होगी.  विशेषज्ञ कहते हैं यह जोड़ी J-20 और J-35 को काउंटर करेगी.  चीन और पाकिस्तान पर डायरेक्ट इम्पैक्ट: बैलेंस ऑफ पावर शिफ्ट यह डील चीन-पाकिस्तान के लिए रेड अलर्ट है, खासकर ऑपरेशन सिंदूर के बाद जहां पाक ने चीनी हार्डवेयर यूज किया.  चीन पर असर: चीन के 200+ J-20 स्टील्थ जेट्स हैं, लेकिन Su-57 की थ्रस्ट वेक्टरिंग और 300 किमी मिसाइल से एज मिलेगा. लद्दाख बॉर्डर पर दो-मोर्चा वॉर में भारत मजबूत होगा. इंडियन ओशन में चीनी नेवी को चेक करना आसान होगा, जहां Su-57 पैट्रोलिंग करेगा. अगर चीन J-35 एक्सपोर्ट करता है, तो भारत का काउंटर तैयार. रूस-भारत टाई से चीन की स्ट्रैटेजी कमजोर होगी.    पाकिस्तान पर असर: पाक के JF-17 और J-10सी (PL-15 मिसाइल, 200 किमी) पुराने पड़ जाएंगे. 2025 अंत तक पाक को 40 J-35 मिल सकते हैं, लेकिन Su-57 की 300 किमी रेंज से एयरबेस दूर से नष्ट. ऑपरेशन सिंदूर में पाक को झटका लगा; अब यह डील उसे डराएगी. भारत का हवाई बैलेंस शिफ्ट, पाक-चीन अलायंस को चैलेंज मिलेगा. … Read more

शुगर-फ्री प्रोडक्ट्स में मौजूद सोर्बिटोल लिवर को नुकसान पहुंचा सकता है, स्टडी में चेतावनी

 नई दिल्ली आइसक्रीम, डाइट सोडा, च्युइंग गम और अन्य शुगर-फ्री प्रोडक्ट ऐसे होते हैं जो हर उम्र के लोगों को पसंद होती हैं. मार्केट में हों या फिर मॉल में, ये चीजें काफी आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं. एक नई स्टडी के मुताबिक, इन  शुगर-फ्री आइटम्स में कृत्रिम मिठास के लिए सोर्बिटोल का उपयोग होता है जो लिवर के लिए खतरनाक होता है और फैटी लिवर डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है. इस स्टडी ने इन चीजों का इस्तेमाल करने वाले लोगों के मन में सवाल पैदा कर दिया है. क्या कहती है स्टडी? European Medical Journal में पब्लिश हुई स्टडी के मुताबिक, शुगर-फ्री या डाइट प्रोडक्ट में जो सोर्बिटोल होता है, उस स्वीटनर को छोटी आंत में ठीक से तोड़ नहीं पाती जिससे यह लिवर में जाकर फैट जमने की प्रोसेस को बढ़ा देता है और लिवर की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये स्वीटनर सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन लंबे समय तक सेवन करने पर नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) का खतरा बढ़ा सकते हैं. रिसर्च कहती है जो रोजाना लगभग 1 कैन डाइट सोडा या शुगर-स्वीटेड ड्रिंक पीने से नॉन-अल्कोहॉल फैटी लिवर डिजीज को जोखिम बढ़ जाता है. ये खतरा डाइट सोडा से लगभग 60% और शुगर ड्रिंक से 50% अधिक होता है. इसलिए एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि पानी या बिना स्वीटनर वाले लिक्विड्स का सेवन करना अधिक सुरक्षित और हेल्दी होता है. सोर्बिटोल और लिवर डिजीज का संबंध रिसर्च में सामने आया है कि हेल्दी आंतों के बैक्टीरिया सोर्बिटोल को तोड़ते हैं लेकिन जब ये बैक्टीरिया कम हो जाते हैं या संक्रमित हो जाते हैं, तब सोर्बिटोल का शरीर में जमाव होना शुरू हो जाता है. यह सोर्बिटोल सीधे लिवर तक पहुंचकर वहां फैट के जमाव का कारण बनता है जिससे नॉन-अल्कोहॉलिक फैटी लिवर डिजीज का खतरा बढ़ जाता है. इससे पहले की यह बीमारी आमतौर पर शराब से जुड़ी जानी जाती थी, लेकिन अब यह नॉन-अल्कोहॉल फैटी लिवर डिजीज के रूप में अधिक सामान्य हो गई है. डाइट सोडा और शुगर फ्री चीजों से कैसे खतरा? डाइट सोडा और अन्य कम चीनी या शुगर-फ्री ड्रिंक्स के सेवन से भी लिवर की समस्याएं हो सकती हैं क्योंकि इनमें इस्तेमाल होने वाले आर्टिफिशियल स्वीटनर्स और सोर्बिटोल, आंत के बैक्टीरिया के संतुलन को बिगाड़ सकते हैं. यह न केवल लिवर फैट को बढ़ाता है बल्कि मेटाबोलिक सिंड्रोम, टाइप 2 डायबिटीज और दिल की बीमारियों के जोखिम को भी बढ़ा सकता है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि शुगर-फ्री ऑपशंस हमेशा हेल्दी नहीं होते, बल्कि इनसे लिवर डिजीज का जोखिम भी हो सकता है. आइसक्रीम, डाइट सोडा और च्युइंग गम जैसी चीजों में उपयोग हो रहे सोर्बिटोल और अन्य आर्टिफिशियल स्वीटनर्स लिवर की हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकते हैं, जिससे इनके सेवन को सीमित करना चाहिए.

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक

बॉन्ड वाले डॉक्टर्स की भर्ती नियम बदलेगी सरकार, जल्द ही कैबिनेट में लाया जाएगा प्रस्ताव अब प्रदेश में है शासकीय और निजी कुल मिलाकर 52 मेडिकल कॉलेज प्रदेश के एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने की तैयारी पन्ना, बैतूल, कटनी और धार में बनेंगे नए मेडिकल कालेज, भूमिपूजन जल्द ही भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन लाना ही सरकार की मंशा है। स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और चिकित्सा शिक्षा के व्यापक विस्तार के लिए सरकार बहुस्तरीय सुधार लागू कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकाधिक नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया जाए। ऐसे अस्पताल या डॉक्टर आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करते हैं या इस योजना में इम्पैनल्ड नहीं है, उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉक्टर्स की आपूर्ति के लिए विभाग भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाए। यह प्रयास किया जाए कि फील्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन के लिए निजी चिकित्सकों की भी सेवाएं ली जाए। इसके लिए उन्हें कॉल पर बुलाने के अलावा अच्छा मानदेय (इन्सेंटिव) भी दिया जाए। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे विद्यार्थी, जिनकी फीस सरकार द्वारा अदा की जा रही है, ऐसे बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को मध्यप्रदेश में ही सेवाएं देने के लिए रोका जाए। ऐसे डॉक्टर्स को प्रदेश के जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए इन्हें भी आकर्षक मानदेय राशि दी जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेजेस स्थापित हो रहे हैं, ऐसे में अधिक संख्या में डॉक्टर्स की आवश्यकता होगी। बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को प्रमोट कर, इनके मानदेय को रिवाईज़ कर सभी नए मेडिकल कॉलेजेस एवं फील्ड के अस्पतालों में इनकी सेवाएं ली जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सहित खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की योजनाओं, कार्यक्रमों और संचालित गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री राजेन्द्र शुक्ल, राज्यमंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल, मुख्य सचिव श्री अनुराग जैन सहित अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) श्री नीरज मंडलोई भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पात्र हितग्राहियों तक इनका लाभ समय पर और प्रभावी रूप से पहुंचे, इसके लिए डिलेवरी सिस्टम को और मजबूती और पारदर्शिता के साथ लागू किया जाए। मुख्यमंत्री ने फील्ड अमले की भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि फील्ड स्तर पर संवेदनशीलता, तत्परता और जवाबदेही से ही स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि विभागीय सेवाओं का समन्वय और योजनाबद्ध क्रियान्वयन ही सरकार की लक्ष्य पूर्ति का वास्तविक माध्यम है। बैठक में बताया गया कि बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को शासकीय डॉक्टर्स के रूप में भर्ती करने के लिए, इनके भर्ती नियम संशोधित किए जा रहे हैं। इसके लिए जल्द ही मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश में तेजी से नए मेडिकल कॉलेजेस की स्थापना के लिए विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्राइवेट अस्पतालों में गर्भवती माताओं का बेवजह सीजेरियन आपरेशन करने की शिकायत आती रहती हैं, इस पर सख्ती से नियंत्रण किया जाए। उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस के चालकों द्वारा ज़बरदस्ती मरीजों को प्राइवेट हॉस्पिटल में ले जाने की शिकायत भी आती हैं, इसकी सख्ती से निगरानी करें और ऐसी प्रवृत्ति को रोकें। बताया गया कि बीते दो साल मे 84000 से अधिक कार्डियक सर्जरी शासकीय अस्पतालों में हुई है। प्राइवेट अस्पतालों की तुलना में शासकीय अस्पतालों में कार्डियक सर्जरी बहुत कम खर्चे में होती है। इस पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय व्यवस्थाओं की सराहना की। बताया गया कि प्रदेश में देहदान करने वाले 38 मृतकों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक बेहद अच्छी योजना है और पूरे समाज के बीच इसे बेहद प्रमुखता से प्रचारित किया जाना चाहिए। बैठक में उप मुख्यमंत्री लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा श्री राजेन्द्र शुक्ल ने बताया कि अगले तीन सालों में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा सीएम-केयर योजना के सफल क्रियान्वयन को कार्य योजना में ले लिया गया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 की समाप्ति तक राजगढ़, मंडला, छतरपुर, उज्जैन, दमोह एवं बुधनी में निर्माणाधीन गवर्मेंट मेडिकल कॉलेज प्रारंभ कर देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा पीपीपी मोड पर तैयार किए जाने वाले सभी मेडिकल कॉलेजेस का निर्माण कार्य भी इसी अवधि के दौरान पूरा कर लेने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा प्रदेश के एक जिले को मेडिकल टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य लिया गया है। प्रदेश के सभी संभागीय मुख्यालय में कैथलैब की स्थापना भी वर्ष 2028 तक कर दी जाएगी। वर्ष 2028 तक मातृ मृत्यु दर 100 प्रति लाख जीवित जन्म करने का लक्ष्य लिया गया है। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए FSSAI द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए 41.07 करोड़ रुपए की कार्य योजना मंजूर कर दी गई है। इसी प्रकार औषधि प्रशासन के सुदृढ़ीकरण के लिए 211 करोड़ रुपए की लागत से 5 साल की कार्य योजना बनाकर CDSCO को भेज दी गई है। इसमें उल्लेखित सभी पूंजीगत कार्य 3 साल की समय-सीमा में पूरे कर लिए जाएंगे।   प्रमुख बिन्दु     प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं में आमूलचूल परिवर्तन लाना सरकार की मंशा।     स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण और चिकित्सा शिक्षा के व्यापक विस्तार के लिए सरकार बहुस्तरीय सुधार लागू कर रही।     प्रदेश में अधिकाधिक नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ दिलाया जाए।     अस्पताल या डॉक्टर आयुष्मान योजना के तहत इलाज नहीं करते हैं या इस योजना में इम्पैनल्ड नहीं है, उन्हें भी इस योजना से जोड़ा जाए।     डॉक्टर्स की आपूर्ति के लिए विभाग भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाए।     चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर रहे ऐसे विद्यार्थी, जिनकी फीस सरकार द्वारा अदा की जा रही है, ऐसे बॉन्ड वाले डॉक्टर्स को मध्यप्रदेश में ही सेवाएं देने के लिए रोका।     डॉक्टर्स को प्रदेश के जनजातीय एवं दूरस्थ क्षेत्रों में सेवाएं देने के लिए इन्हें भी आकर्षक मानदेय राशि दी जाए।     बॉन्ड वाले डॉक्टर्स … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- सहकारी संस्थाएं किसानों को सशक्त बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास करें

वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा सहकारी समितियों का प्राथमिकता से किया जाए कंप्यूटराईजेशन पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं पैक्स के डिफॉल्टर किसानों को लाया जाएगा मुख्य धारा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सहकारिता विभाग की समीक्षा भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य है। आगामी वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा। अतः किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने और फसल चक्र के अनुसार उन्हें सुगमता से सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग कृषि विपणन सहकारी समितियां को मजबूत बनाने बनाने पर विशेष ध्यान दे। सहकारी समितियों का प्राथमिकता के आधार पर कंप्यूटराईजेशन किया जाए, ताकि किसानों को सुगमता और पारदर्शिता के साथ आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सके। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने समिति के पदाधिकारियों के लिए प्रतिवर्ष संपत्ति का वार्षिक विवरण आवश्यक रूप से देने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अपेक्स बैंक की 4 करोड़ 27 लाख 4 हजार 190 रुपए अंश पूंजी का लाभांश चेक भेंट किया। बैंक के प्रबंध संचालक श्री मनोज गुप्ता इस अवसर पर उपस्थित थे। बैठक में अल्पकालीन कृषि ऋण वितरण, खाद और बीज वितरण, कृषि उपज के समर्थन मूल्य पर उपार्जन, उचित मूल्य दुकानों के संचालन और सहकार से समृद्धि के अंतर्गत संचालित गतिविधियों के तहत पिछले 2 वर्ष में प्राप्त उपलब्धियों, नवाचारों का प्रस्तुतीकरण किया गया। बैठक में आगामी 3 वर्ष की कार्य योजना पर भी विचार विमर्श हुआ। विभाग की 2 वर्ष की उपलब्धियाँ     15 कमजोर जिला सहकारी बैंकों के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रत्येक जिला बैंक को 50-50 लाख रूपए की अंशपूंजी शासन द्वारा उपलब्ध कराई गई।     मध्यप्रदेश एम-पैक्स के कम्प्यूटराईजेशन और ऑनलाईन ऑडिट में देश में सबसे आगे है।     कृषकों को उनके खातों के संबंध में जानकारी एस.एम.एस. से उपलब्ध कराई जा रही है।     पैक्स के सोसायटी मैनेजर के लिए कैडर व्यवस्था लागू।     राष्ट्रीयकृत बैंकों के मापदंड के अनुरूप सहकारी बैंकों में प्रबंधकों और बैंकिंग सहायकों की भर्ती तथा प्रशिक्षण की व्यवस्था।     पैक्स से बहुउद्देशीय गतिविधियों का संचालन आरंभ।     कुल 4460 कॉमन सर्विस सेंटर, 4518 प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केन्द्र, 63 जन औषधि केन्द्र, 59 जल कर वसूली केन्द्र, दो एग्री ड्रोन और 25 इफ्को आउटलेट की व्यवस्था।     अब तक पैक्स को 4060 तथा डेयरी समिति को एक माइक्रो एटीएम वितरित।     सहकारी कानूनों में जनसामान्य की सुविधा की दृष्टि से संशोधन किए गए हैं।     सहकारी, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी से सहकारी समितियों को व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध हो रहे हैं।     किसानों से पूसा बासमती धान क्रय करने के लिए किसानों का आर्थिक लाभ सुविधा सुनिश्चित करते हुए मैजिस्टिक प्रायवेट लिमिटेड से अनुबंध किया गया है।     पराली की समस्या के निराकरण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।     बीज संघ द्वारा बीज व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए एमपी चीता ब्रांड लांच किया गया है।     नवीन एम पैक्स, डेयरी सहकारी समिति और मत्स्य सहकारी समिति के तहत कुल 1,601 समितियों का गठन।     मध्यप्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में अभिनव पहल CPPP के तहत 19 एम.ओ.यू का निष्पादन।     कंपनियों से 10,000 से अधिक विस्थापित लोगों की 350 सहकारी समितियां गठित कराकर विस्थापितों को सुरक्षा गार्ड, माली, श्रमिक जैसे कार्यों के लिये रोजगार दिया गया। आगामी तीन वर्षों की कार्य योजना     पैक्स के डिफॉल्टर किसानों को मुख्य धारा में लाया जाएगा।     रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया और नेशनल पैमेंट कार्पोरेशन ऑफ इंडिया से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर ग्राहकों को क्यूआर कोड की सुविधा उपलब्ध कराना।     समस्त जिला बैंकों में इंटरनेट बैंकिंग (व्यू फैसिलिटी) की सुविधा।     सहकारी क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं के कौशल विकास के लिए कौशल इको सिस्टम को विस्तार दिया जाएगा।     प्रमुख बिन्दु     किसानों को सशक्त बनाना और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार लाना सहकारी संस्थाओं का मुख्य उद्देश्य।     वर्ष 2026 को प्रदेश में कृषि एवं किसान वर्ष के रूप में मनाया जाएगा।     किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलवाने और फसल चक्र के अनुसार उन्हें सुगमता से सुविधाऐं उपलब्ध कराने के लिए सहकारिता विभाग कृषि विपणन सहकारी समितियां को मजबूत बनाने बनाने पर विशेष ध्यान दे।     सहकारी समितियों का प्राथमिकता के आधार पर कंप्यूटराईजेशन किया जाए।     मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत स्तर पर पैक्स स्थापित किए जाएं।     सहकारिता मंत्री श्री विश्वास सारंग ने अपेक्स बैंक की 4 करोड़ 27 लाख 4 हजार 190 रुपए अंश पूंजी का लाभांश चेक भेंट किया।