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व्हाइट हाउस फायरिंग: रहमानुल्लाह लकनवाल का खतरनाक हमला, ट्रंप ने अमेरिका में अफगानों की एंट्री पर रोक लगाई

वाशिंगटन अमेरिकी राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास वाइट हाउस के सामने बुधवार को हुई गोलीबारी ने पूरे अमेरिका में सनसनी फैला दी है। शूटर ने वहां पर तैनात दो नेशनल गार्ड के सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। वाइट हाउस के मुताबिक दोनों सदस्यों को जानलेवा चोटें आई हैं, दोनों ही अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहे हैं। वहीं,तैनात दूसरे नेशनल गार्ड्स की तरफ से की गई फायरिंग में आरोपी को भी गोली लगी है, हालांकि वह खतरे से बाहर है। उसे कस्टडी में रखा गया है। घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने भी इस पर अपना गुस्सा निकालते हुए आरोपी को जानवर कहा। वॉशिंगटन डीसी में व्हाइट हाउस से कुछ ही दूरी पर बुधवार दोपहर नेशनल गार्ड के दो जवानों को गोली मार दी गई. यह हमला दोपहर फरागट मेट्रो स्टेशन के पास 17वीं और आई स्ट्रीट के कोने पर हुआ. दोनों जवानों की हालत गंभीर बनी हुई है. हमलावर भी मुठभेड़ में घायल हुआ और उसे भारी सुरक्षा के बीच स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है. रहमानुल्लाह लाकनवाल ने चलाई गोली कानून प्रवर्तन एजेंसियों के अनुसार संदिग्ध की पहचान रहमानुल्लाह लाकनवाल के रूप में हुई है, जो 29 वर्षीय अफगान नागरिक है. वह साल 2021 में अमेरिका में दाखिल हुआ था. शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि उसने अकेले ही इस हमले को अंजाम दिया. हालांकि उसके पहचान संबंधी कुछ पहलुओं की अभी भी पुष्टि की जा रही है. दो नेशनल गार्ड्स सदस्यों के साथ वाइट हाउस के बाहर हुई इस घटना ने पूरे अमेरिका में रोष है। सीबीएस न्यूज के अनुसार शूटर की पहचान अफगान मूल के 29 बर्षीय रहमानुल्लाह लकनवाल के रूप में हुई है। आरोपी 2021 में बाइडन प्रशासन की नीति के तहत अमेरिका आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफबीआई इस मामले की जांच आतंकी हमले के रूप में कर रही है। सोशल मीडिया पर एक तस्वीर की वायरल हो रही है, जिसे कथित तौर पर वाइट हाउस शूटिंग के आरोपी की बताई जा रही है। 'ऑपरेशन एलाइज वेलकम' के तहत ली अमेरिका में एंट्री इस मामले को अब FBI संभावित आतंकी हमले के रूप में जांच रही है. वहीं Department of Homeland Security का कहना है कि संदिग्ध 2021 में अफगानिस्तान से अमेरिका आया था और उसने 'ऑपरेशन एलाइज वेलकम' के तहत एंट्री ली थी, जिसके जरिए अफगान नागरिकों को शरण दी गई थी. ट्रंप ने बताया 'आतंकी हमला' घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे 'आतंकी हमला' करार दिया है. उन्होंने वॉशिंगटन डीसी की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त 500 सैनिकों को तैनात करने का निर्देश दिया है. साथ ही ट्रंप ने कहा है कि 2021 में अफगानिस्तान से जिन लोगों को अमेरिका में प्रवेश दिया गया था, उनकी दोबारा गहन जांच की जानी चाहिए. White House ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर नेशनल गार्ड और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के प्रति समर्थन जताया और घायलों के जल्द ठीक होने की कामना की है. फिलहाल हमले के पीछे की साजिश, मकसद और आतंकी संबंधों की जांच जारी है. 'अफगानिस्तान धरती पर बना एक नरक' देर रात दिए गए अपने संबोधन में डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पूर्ववर्ती जो बाइडेन पर जमकर हमला बोला. ट्रंप ने दावा किया कि संदिग्ध को सितंबर 2021 में बाइडेन सरकार 'नरक जैसे अफगानिस्तान' से अमेरिका लेकर आई थी. ट्रंप ने कहा, 'डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी को पूरा भरोसा है कि हिरासत में लिया गया संदिग्ध एक विदेशी नागरिक है, जो अफगानिस्तान से अमेरिका आया था. अफगानिस्तान धरती पर बना एक नरक है.' इससे पहले दिन में अपने ट्रुथ सोशल पोस्ट में ट्रंप ने संदिग्ध हमलावर को 'जानवर' बताया और कहा कि उसे इसकी 'बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी'. उन्होंने हमलावर को काबू में करने वाले नेशनल गार्ड के जवानों की सराहना भी की. राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी कहा कि बाइडेन सरकार के कार्यकाल में अमेरिका में आए सभी अफगान नागरिकों की दोबारा जांच होनी चाहिए. उन्होंने शरणार्थियों को 'हमारे अस्तित्व के लिए जोखिम' बताया. 'अकेले और अचानक किया हमला' मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट में कार्यकारी सहायक प्रमुख जेफरी कैरोल ने कहा कि यह हमला 'अचानक और पूरी तरह से जानबूझकर किया गया' प्रतीत होता है. उन्होंने कहा, 'ऐसा लगता है कि यह एक अकेला हमलावर था, जिसने अचानक हथियार उठाकर नेशनल गार्ड के जवानों पर घात लगाकर हमला किया.' कैरोल ने बताया कि हमलावर ने पहले गोली चलाई, जिसके बाद पुलिस और गार्ड के जवान हरकत में आए. हमलावर को नेशनल गार्ड, मेट्रोपॉलिटन पुलिस डिपार्टमेंट, सीक्रेट सर्विस और मेट्रो ट्रांजिट पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जल्दी ही हिरासत में ले लिया गया. इन एजेंसियों के कई जवान घटना के समय पहले से ही मौके के आसपास मौजूद थे, जब गोलियों की आवाज सुनाई दी. अफगान नागरिकों से जुड़े सभी इमिग्रेशन आवेदन सस्पेंड U.S. Citizenship and Immigration Services (USCIS) ने घोषणा की है कि वॉशिंगटन डीसी में नेशनल गार्ड के जवानों पर अफगान नागरिक की ओर से किए गए हमले के बाद, अफगान नागरिकों से जुड़े सभी इमिग्रेशन आवेदनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जा रहा है. यह फैसला वॉशिंगटन डीसी में हुई आज की घटना के बाद लिया गया है. क्या था मकसद? राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास के सामने हुई इस गोलीबारी को लेकर डीसी के मेयर म्यूरिल बाउजर ने जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी ने यह टार्गेटेड अटैक किया था। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक आरोपी वहां ऐसे ही टहलते हुए आकर एक मोड़ पर रुका और उसने हैंडगन निकालर फायरिंग करनी शुरू कर दी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस फायरिंग का शिकार दोनों नेशनल गार्ड्स सदस्यों के सिर में गोली लगी है, जिससे उनकी हालत गंभीर है। इस गोलीबारी के बाद आसपास मौजूद अन्य सदस्यों ने तुरंत ही वहां आकर हालात को काबू में किया। एफबीआई प्रमुख काश पटेल ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि आरोपी को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच जारी है। उसका क्या मकसद था इसके बारे में फिलहाल जांच के बाद ही पता चलेगा। अफगानिस्तान में अमेरिकी सैनिकों संग किया काम एपी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले की जानकारी रखने … Read more

खंडवा :युवती ने जहर खाकर ली जान, आरोपी अरबाज शाह धर्म परिवर्तन के प्रयास में था, ठिकानों पर बुलडोजर चला

खंडवा  हरसूद क्षेत्र में युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद शुरू हुए हंगामे और जनता के आक्रोश के बीच गुरुवार को प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। लव जिहाद के आरोपों में जेल भेजे गए आरोपी अरबाज शाह और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों को राजस्व विभाग और हरसूद पुलिस ने जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग दरअसल जिले के हरसूद में लव जिहाद के आरोपी अरबाज के घर बुलडोजर की कार्रवाई हुई है। आरोपी अरबाज पर युवती के फोटो और वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग कर रहा था। इतना ही नहीं धर्म परिवर्तन का भी दबाव बना रहा था। आरोपी जेल में बंद आरोपी अरबाज की प्रताड़ना से तंग आकर युवती ने जहर खा लिया था जिससे उसकी मौत हो गई थी। आरोपी अरबाज पर धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम सहित अन्य धाराओं में जेल में बंद है। कार्रवाई के दौरान हरसूद नगर परिषद और जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे। युवती ने प्रताड़ना से तंग आकर खाया था जहर परिजनों के अनुसार, आरोपी अरबाज शाह लंबे समय से उनकी बेटी पर दोस्ती और शादी के लिए दबाव बना रहा था। परिवार का आरोप है कि अरबाज लगातार फोन और मैसेज के जरिए उसे परेशान करता था। युवती के बालिग होने के बाद यह दबाव और बढ़ गया था। परिवार ने बताया कि अरबाज की प्रताड़ना के कारण जिस युवक से युवती की शादी तय हुई थी, वह रिश्ता भी टूट गया। इससे वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी। 28 अक्टूबर 2025 को विवाद के दौरान आरोपी ने युवती के साथ मारपीट की। घर लौटने पर उसने तनाव में आकर जहर खा लिया। परिजन उसे स्थानीय अस्पताल ले गए, लेकिन 29 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मौत के बाद हरसूद में भड़का गुस्सा युवती की मौत की खबर फैलते ही हरसूद में तनावपूर्ण माहौल बन गया था। बड़ी संख्या में लोग हरसूद थाने के बाहर जमा हो गए और आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करने लगे थे। प्रदर्शनकारियों ने शव को सड़क पर रखकर चक्का जाम तक कर दिया था। भीड़ का कहना था कि आरोपी की गिरफ्तारी के बिना अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और IPC की धाराओं में मामला दर्ज हरसूद थाना पुलिस ने आरोपी अरबाज शाह के खिलाफ मध्य प्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 के तहत गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया। इसके साथ ही आईपीसी की तीन अन्य धाराएं भी जोड़ी गईं। घटना के बाद आरोपी कुछ दिनों तक फरार रहा। पुलिस ने लगातार दबिश देते हुए उसे पकड़ा और जेल भेज दिया। परिवार के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की गई और सभी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। हिंदू संगठनों ने की थी बुलडोज़र कार्रवाई की मांग घटना के बाद कई हिंदू संगठनों ने एसपी खंडवा से मिलकर आरोपी के अवैध मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग की थी। प्रशासन ने इस संबंध में मकान की वैधता की जांच शुरू की। तहसील कार्यालय की जांच में पाया गया कि अरबाज और उसके चाचा आशिक शाह के मकानों में निर्माण संबंधी कई अनियमितताएँ थीं। अवैध निर्माण पाए जाने पर ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू कर दी गई। इस दौरान मकान में मौजूद सामान पहले ही तहसीलदार की निगरानी में बाहर निकलवाकर तहसील कार्यालय में सुरक्षित रखवा दिया गया था, क्योंकि आरोपी का परिवार जमानत मिलने के बाद इस घर में रहना बंद कर चुका था। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ढहाए गए दोनों मकान गुरुवार सुबह प्रशासनिक दल, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरा देकर कार्रवाई शुरू कराई। जेसीबी मशीन से पहले आरोपी अरबाज का मकान ढहाया गया, इसके बाद उसके चाचा आशिक शाह के मकान पर भी कार्रवाई की गई। ध्वस्तीकरण के दौरान पुलिस अधिकारी, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक मौजूद रहे। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम न केवल अवैध निर्माण को ध्वस्त करने के लिए है, बल्कि अपराधियों को संदेश देने के लिए भी जरूरी है। आरोपी ने बेटी की जिंदगी छीन ली मृत युवती के परिवार के अनुसार, आरोपी अरबाज ने लगातार धमकाकर और मानसिक प्रताड़ना देकर उनकी बेटी को टूटने पर मजबूर किया। परिजनों ने कहा कि हमने कई बार समझाया, पर वह पीछा नहीं छोड़ता था। शादी का रिश्ता टूटने के बाद वह और ज्यादा दबाव बनाने लगा। अंततः हमारी बेटी ने हार मान ली। न्याय की दिशा में मजबूत कदम हरसूद पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की यह प्रक्रिया कानूनन थी और सभी आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी की गईं। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की गई है ताकि समाज में भय और अविश्वास का माहौल न बने।

केंद्र सरकार का आदेश: नीलामी से आवंटित खनिज क्षेत्रों का संचालन जल्द शुरू होगा

नीलामी से आवंटित खनिज क्षेत्रों के शीघ्र संचालन हेतु केंद्र सरकार ने दिए महत्वपूर्ण निर्देश; अब सफल बोलीदाता जिला कलेक्टर से सीधे माँग सकेंगे सतही अधिकार  रायपुर  खनन मंत्रालय, भारत सरकार ने खनिज एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 1957 की धारा 20A के तहत एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है, जिसके माध्यम से राज्यों को सतही अधिकार मुआवज़ा निर्धारण और भूमि उपलब्धता की प्रक्रिया को समयबद्ध करने के निर्देश दिए गए हैं। यह आदेश निजी भूमि खरीद में होने वाली देरी, बिचौलियों की भूमिका और भूमि मूल्य वृद्धि जैसी समस्याओं को समाप्त कर खनिज ब्लॉकों के शीघ्र संचालन का मार्ग प्रशस्त करेगा। मुख्य प्रावधान: जिला कलेक्टर के माध्यम से सीधे सतही अधिकार प्राप्त करने की सुविधा इस आदेश का सबसे बड़ा सुधार यह है कि अब नीलामी में सफल बोलीदाता सीधे जिला कलेक्टर के पास सतही अधिकार के लिए आवेदन कर सकेंगे। पहले कंपनियों को भूमि मालिकों से सीधे भूमि खरीदनी पड़ती थी, जिससे: * लंबी देरी, * दलालों/मध्यस्थों की दखलअंदाजी, * भूमि मूल्य का अनावश्यक बढ़ना, और * परियोजना समय-सीमा में बाधा जैसी समस्याएँ उत्पन्न होती थीं। अब सतही अधिकार जिला प्रशासन/राजस्व विभाग के माध्यम से दिए जाएँगे, जिससे: प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध होगी, दलालों की भूमिका समाप्त होगी परियोजना शीघ्र शुरू होगी, वास्तविक भूमि मालिक को पूरा और उचित लाभ मिलेगा । राज्यों के लिए अनिवार्य समय-सीमाएँ आदेश के अनुसार:     1.    राज्य 30 दिनों के भीतर मुआवज़ा निर्धारण हेतु अधिकारी नियुक्त करें (नियम 52, MCR-2016)।     2.    नियुक्ति न होने पर जिला कलेक्टर/DM/DC स्वतः अधिकृत अधिकारी माने जाएँगे।     3.    वार्षिक सतही मुआवज़ा प्रत्येक वर्ष 30 जून तक अनिवार्य रूप से देय होगा।     4.    वर्ष के मध्य में खनन शुरू होने पर प्रो-राटा मुआवज़ा अग्रिम रूप से देना होगा।     5.    प्राप्त आवेदन पर मुआवज़ा निर्धारण का निर्णय 90 दिनों में अनिवार्य है।     6.    धारा 24A के अनुसार खनन क्षेत्र में निर्बाध प्रवेश सुनिश्चित किया जाए। सुधार का उद्देश्य सैकड़ों खनिज ब्लॉक नीलाम होने के बावजूद, सतही अधिकार प्राप्त करने में देरी के कारण बहुत कम ब्लॉक चालू हो पाए हैं। यह आदेश: * खनन परियोजनाओं की गति बढ़ाएगा, * उत्पादन में वृद्धि करेगा, * स्थानीय रोजगार सृजित करेगा, और * राज्यों की राजस्व प्राप्ति (प्रीमियम, रॉयल्टी, DMF आदि) बढ़ाएगा। उद्योग जगत, विशेष रूप से नेशनल एम्प्लॉयर्स फेडरेशन (NEF) ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे “गेम-चेंजर” बताया है, जो भूमि संबंधी अड़चनों को दूर करके वास्तविक किसानों और भूमि मालिकों को लाभ देगा।

गौहरगंज में आक्रोश बढ़ा, पुलिस और भीड़ में टकराव, धारा 144 लागू, आरोपी की तलाश जारी

 गौहरगंज रायसेन जिले के गौहरगंज में 6 साल की बच्ची से दुष्कर्म के आरोपी सलमान के दो वीडियो सामने आए हैं। इनमें से पहले वीडियो में सलमान एक ट्रैक्टर ड्राइवर को रास्ता बताता दिख रहा है। दूसरे वीडियो में वह एक दुकान से सिगरेट खरीद रहा है।  6 वर्षीय मासूम से दुष्कृत्य करने वाले आरोपी सलमान के पुलिस पकड़ में न आने से हिंदू संगठनों सहित आमजन में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बुधवार को गौहरगंज के स्कूल खेल मैदान में जन आक्रोश रैली और धरने के बाद हालात एकदम बिगड़ गए। भीड़ में से कुछ लोग मुस्लिम बाहुल्य बस्ती की तरफ जाने लगे। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे बात और बिगड़ गई। भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ से निपटने पुलिस को सख्ती दिखाना पड़ी। अश्रु गैस के गोले भी छोड़ने पड़े। इस दौरान मस्जिद की तरफ पथराव होने से स्थिति और बिगड़ने लगी, लेकिन पुलिस ने समय रहते इस पर काबू पा लिया। गौहरगंज में फिलहाल अघोषित कर्फ्यू के हालात हैं। लोग घरों में बंद हैं। यहां सड़कें पूरी तरह से सुनसान हैं। लोग सहमे हुए भी हैं। प्रदर्शनकारियों पर दागे आंसू गैस के गोले     प्राप्त जानकारी अनुसार 6 जिलों की पुलिस ने यहां मोर्चा संभाल कर रखा है, जिसमें 300 से अधिक पुलिसकर्मी हालात पर नजर रख रहे हैं। क्विक रिस्पॉन्स फोर्स भी मौके पर है। डीआईजी प्रशांत खरे के मुताबिक, हालात कंट्रोल में हैं। उल्लेखनीय है कि 6 साल की बच्ची से दुष्कृत्य का आरोपित सलमान उर्फ नजर फरार है, जिसकी तलाश पुलिस की 20 टीमें कर रही हैं। इससे पहले सलमान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वारदात के पांचवें दिन बुधवार को गौहरगंज के स्कूल ग्राउंड में शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया गया। उसके बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों का झुंड मुस्लिम बाहुल्य बस्ती की ओर जाने लगा। पुलिस ने उन्हें रोका, हल्का लाठी चार्ज भी किया। इससे नाराज होकर युवकों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो उपद्रवी भाग निकले। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पीड़िता के पिता से फोन पर चर्चा की है। उन्होंने पिता को आश्वस्त किया है कि बेटी के स्वास्थ्य और भविष्य की चिंता की जाएगी। धारा 144 लागू     जन आक्रोश रैली के दौरान हुए उपद्रव के बाद प्रशासन सख्त हो गया है। गौहरगंज थाना क्षेत्र में एहतियातन धारा 144 लागू कर दी गई है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बीएनएस की धारा 163 के प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए गए हैं। कलेक्टर के निर्देश पर कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने आदेश जारी किए हैं।     गौहरगंज में 4 से अधिक की संख्या में लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई है। गौहरगंज में आरएएफ सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। आरोपित सलमान की गिरफ्तारी के लिए 6 जिलों की 300 से अधिक पुलिस कर्मियों की 20 टीमें सर्चिंग में लगी हुई हैं। आईजी मिथलेश शुक्ला खुद मौके पर मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। रायसेन के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमलेश कुमार खरपुसे ने पुष्टि की है कि यह फुटेज गौहरगंज क्षेत्र के ही हैं और इनमें दिख रहा शख्स सलमान उर्फ नजर ही है। वहीं, आईजी मिथिलेश कुमार शुक्ला ने कहा- जहां भी हमें लीड मिल रही है, पुलिस की टीमें वहां पहुंचकर उसकी खोज में लगे हैं। जल्द ही हम उसे पकड़ लेंगे। 20 टीमों के 300 पुलिसकर्मी ढूंढ रहे 21 नवंबर की शाम 6 साल की बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान सलमान (23) वहां से गुजरा। बच्ची को अकेला देख उससे बातें करने लगा, फिर चॉकलेट दिलाने का कहकर अपने साथ ले गया। कुछ दूर जंगल में ले जाकर उसने बच्ची से रेप किया और भाग निकला। देर तक बच्ची नजर नहीं आई तो परिजन उसे ढूंढने निकले। इसी दौरान कुछ लोगों ने बताया कि वह सलमान के साथ दिखी थी। जिसके बाद सभी जंगल की ओर गए। वहां मासूम रोती हुई मिली। परिजन उसे औबेदुल्लागंज अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां दुष्कर्म किए जाने की पुष्टि हुई। डॉक्टर ने बच्ची को भोपाल रेफर कर दिया। फिलहाल उसका एम्स में इलाज चल रहा है। सलमान की तलाश में पुलिस की 20 टीमों के 300 पुलिसकर्मी लगे हैं। जगह-जगह उसके पोस्टर लगाए गए हैं। ड्रोन के जरिए भी उसे तलाशा जा रहा है। उस पर 30 हजार का इनाम भी घोषित है। गौहरगंज में 6 जिलों की पुलिस तैनात उधर, रायसेन के गौहरगंज में बुधवार को अघोषित कर्फ्यू के हालात रहे। लोग घरों में बंद और सड़कें सुनसान दिखे। 6 जिलों की पुलिस ने मोर्चा संभाला। 500 से अधिक जवानों ने हालात पर नजर बनाए रखे।क्विक रिस्पॉन्स फोर्स भी मौके पर है। DIG प्रशांत खरे के मुताबिक, हालात कंट्रोल में हैं। हालांकि, 6 साल की बच्ची से रेप का आरोपी सलमान उर्फ नजर फरार है। पुलिस की टीमें उसकी तलाश कर रही हैं। इससे पहले सलमान की गिरफ्तारी की मांग को लेकर वारदात के पांचवें दिन बुधवार को गौहरगंज के स्कूल ग्राउंड में शांतिपूर्वक धरना-प्रदर्शन किया गया। इसके बाद लोग अपने-अपने घरों की ओर लौटने लगे। इसी दौरान कुछ युवकों का झुंड मुस्लिम बावली बस्ती की ओर जाने लगा। पुलिस ने उन्हें रोका, हल्का लाठी चार्ज भी किया। इससे नाराज होकर युवकों ने पुलिस के ऊपर पत्थरबाजी शुरू कर दी। पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े तो उपद्रवी भाग निकले।  

ताई पो जिले में बड़ा हादसा: आवासीय इमारतों में आग, कई अपार्टमेंट जलकर खाक—44 मृत, 300 के करीब लापता

हांगकांग  हॉन्ग कॉन्ग के ताई पो जिले में दोपहर गगनचुंबी इमारतों में अचानक भीषण आग लग गई. आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. खबर है कि आग पर काबू पा लिया गया. हालांकि आग पूरी तरह से बुझी नहीं है. इस हादसे में 44 लोगों की मौत होने की खबर है. वहीं बताया जा रहा है कि सैकड़ों लोग अभी भी लापता है. बचाव अभियान युद्धस्तर पर चलाया गया है. इस बीच पुलिस प्रशासन ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है. हांगकांग के एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के कई ऊंचे अपार्टमेंट ब्लॉक में भयानक आग लग गई. इस हादसे में कम से कम 44 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग लापता हैं. आग भड़कने की वजह से दमकलकर्मियों को ऊपरी मंजिलों पर फंसे लोगों तक पहुंचने में मुश्किलें हुई. अधिकारियों ने गुरुवार सुबह बताया कि इस घटना के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इनमें एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो डायरेक्टर और एक कंसल्टेंट शामिल है. रिपोर्ट के मुताबिक जांच करने वालों को अपार्टमेंट में कुछ खिड़कियों को जाम करने वाले ज्वलनशील बोर्ड लगे मिले जिसपर कंपनी का नाम लिखा था. पुलिस ने उन पर बड़ी लापरवाही का आरोप लगाया. अधिकारियों को यह भी शक है कि साइट पर मौजूद दूसरा कंस्ट्रक्शन मटीरियल जैसे सुरक्षात्मक जाल, कैनवस शीट और प्लास्टिक कवरिंग जरूरी सेफ्टी स्टैंडर्ड को पूरा नहीं करते थे. कॉम्प्लेक्स के आठ टावरों में से सात जहाँ कई बुजुर्ग लोग रहते थे. आग लगने के कई घंटों बाद भी जल रहे थे. माना जा रहा है कि यह आग हांगकांग में लगभग 30 सालों में सबसे खतरनाक आग है. इसने 1996 की बदनाम गार्ले बिल्डिंग आग को भी पीछे छोड़ दिया जिसमें 41 लोग मारे गए थे. 700 से ज्यादा फायरफाइटर्स मौके पर मौजूद घटना स्थल पर 700 से अधिक फायरफाइटर्स लगातार आग बुझाने और लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं. कई जगहों पर हाइड्रॉलिक सीढ़ियों के ज़रिये ऊंची मंजिलों पर पानी की बौछारें डाली जा रही हैं. लाइव फुटेज में दिखाई दिया कि तेज आग और घने धुएं के बावजूद राहतकर्मी जान जोखिम में डालकर अंदर प्रवेश कर रहे हैं. ताइ पो जिले में लगी आग लगभग 16 घंटे तक रही. आग पर काबू पाने वाले कर्मचारी सबसे ज्यादा प्रभावित तीन टावरों पर फोकस रखा. उनका कहना था कि चार दूसरी इमारतों में लगी आग पर काबू पा लिया गया है, हालांकि आग पूरी तरह बुझी नहीं हैं. इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि आग इतनी तेजी से कैसे फैली. रिपोर्ट के मुताबिक, फायर सर्विसेज के डायरेक्टर एंडी येउंग ने कहा कि क्रू ने देखा कि कई यूनिट्स में पॉलीस्टाइनिन बोर्ड खिड़कियों को ब्लॉक कर रहे थे. इस देखकर वे अचंभे में रहे. उन्होंने कहा, 'ये पॉलीस्टाइनिन बोर्ड बहुत ज्यादा आग पकड़ने वाले होते हैं और आग बहुत तेजी से फैली.' येउंग ने कहा, 'उनकी मौजूदगी अजीब थी, इसलिए हमने आगे की जांच के लिए घटना को पुलिस को भेज दिया है.' हांगकांग के चीफ एग्जीक्यूटिव जॉन ली ने कहा कि शहर की हाउसिंग अथॉरिटी यह भी जांच करेगी कि रिनोवेशन के दौरान इमारतों पर लगी प्रोटेक्टिव लेयर आग से बचाने के लिए काफी थीं या नहीं. उन्होंने कहा, 'हम कानून और नियमों के हिसाब से उन्हें जिम्मेदार ठहराएंगे.' अधिकारी बांस के मचान की भूमिका पर भी गौर कर रहे हैं, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर हांगकांग की इमारतों को कंस्ट्रक्शन या मरम्मत के काम के दौरान इस्तेमाल किया जाता है, इसे पहले भी आग फैलने का एक कारण बताया गया है.

निवेशकों में जबरदस्त उत्साह, Nifty ने तोड़ा पुराना हाई—बाजार ने रचा नया इतिहास

मुंबई  शेयर बाजार ने आज इतिहास रच दिया है. पिछले साल सितंबर से ही मार्केट अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे कारोबार कर रहा था, लेकिन आज शेयर बाजार ने रिकॉर्ड हाई बना दिया है. Nifty50 आज करीब 90 अंक चढकर 26,295.55 पर पहुंच गया, जो इसका रिकॉर्ड हाई लेवल है. पिछले साल सितंबर में निफ्टी 50 इंडेक्‍स का रिकॉर्ड हाई लेवल 26,277.35 अंक था. वहीं सेंसेक्‍स का रिकॉर्ड हाई 85,978.25 अंक  था. लेकिन आज निफ्टी ने इतिहास रचते हुए 26,295.55 का रिकॉर्ड हाई लेवल बनाया है. हालांकि अभी सेंसेक्‍स ने रिकॉर्ड हाई लेवल टच नहीं किया है, लेकिन यह भी काफी करीब है. सेंसेक्‍स 300 अंक चढ़कर 85,912.94 पर कारोबार कर रहा है. BSE के टॉप 30 शेयरों में से 11 शेयर गिरावट पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 19 शेयरों में तेजी है. बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयर टॉप परफॅामर हैं. लूजर वाले शेयरों में जोमैटो और कोटक महिंद्रा बैंक शामिल हैं. सेक्‍टर्स की बात करें तो PSU Bank, कंज्‍युमर्स और ऑयल एंड गैस को छोड़कर सभी सेक्‍टर्स में अच्‍छी तेजी देखी जा रही है. टॉप गेनर शेयर  गनेश हाउसिंग के शेयर में 10 फीसदी से ज्‍यादा की उछाल है. पटेल इंजीनियरिंग के शेयर भी 10 फीसदी से ज्‍यादा चढ़कर कारोबार कर रहे हैं. टाटा टेली (महा) के शेयर में 5 फीसदी, Gillette India के शेयर में भी 5 फीसदी की तेजी है. तेजस नेटवर्क में 4 फीसदी से ज्‍यादा की तेजी आई है. स्‍वॉन कॉर्पोरेशन के शेयर में 2 फीसदी की तेजी है. इसी तरह, टाटा पावर, बजाज फाइनेंस और श्रीराम फाइनेंस के शेयर में 1.5 फीसदी की उछाल देखी जा रही है.  85 शेयरों में अपर सर्किट बीएसई पर 3,321 शेयरों में से 1,853 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे हैं, जबकि 1,262 शेयर गिरावट पर है. 206 शेयर कारोबार के दौरान अनचेंज रहे हैं. 60 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का हाई लेवल टच किया है, जबकि 53 शेयरों ने 52 सप्‍ताह का निचला स्‍तर टच किया है. 85 शेयरों में अपर सर्किट और 60 शेयरों में लोअर सर्किट लगा है.  गौरतलब‍ है कि बुधवार को शेयर बाजार में गजब की तेजी देखी गई थी, निफ्टी ने काफी दिनों बाद एक ही दिन में 300 अंक उछला था और सेंसेक्‍स 1000 अंक. साथ ही निवेशकों ने भी जबरदस्‍त कमाई की थी. बीएसई मार्केट कैपिटलाइजेशन 5.50 लाख करोड़ रुपये एक ही दिन में चढ़ा था. 

हर थाने और यूनिट में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, आदि की होगी तैनाती

एएनटीएफ होगा और मजबूत, अपना भवन और स्थायी फोर्स की होगी तैनाती हर थाने और यूनिट में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, आदि की होगी तैनाती एएनटीएफ के सभी 06 थानों के लिए यथाशीघ्र कराएं न्यायालय आवंटन: मुख्यमंत्री तीन साल में 775 करोड़ के अवैध मादक पदार्थ नष्ट नशे के खिलाफ लड़ाई में समाज की भूमिका जरूरी, मुख्यमंत्री ने किया आह्वान लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक प्रभावी और सक्षम बनाने के निर्देश दिए हैं। बुधवार को समीक्षा बैठक में उन्होंने कहा कि फोर्स के लिए सभी 06 थानों और 08 यूनिटों में निरीक्षक, उपनिरीक्षक, कम्प्यूटर ऑपरेटर, आरक्षी, सहित आवश्यक मैनपॉवर की स्थायी तैनाती और विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था शीघ्र पूरी की जाए। टीम को आधुनिक उपकरण, डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम और उन्नत तकनीकी संसाधनों से सुसज्जित किया जाए ताकि कार्रवाई तेज और सटीक हो सके। प्रस्तावित थानों के लिए न्यायालय आवंटन की प्रक्रिया बिना विलंब पूरी करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम मामलों की त्वरित सुनवाई और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगा। उन्होंने फोर्स के सभी थानों के लिए स्थायी भवन निर्माण किए जाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि संसाधन और संरचना मजबूत होने के बाद कार्रवाई की गति और परिणामों में और वृद्धि होगी और प्रदेश ड्रग नेटवर्क को जड़ से समाप्त करने की दिशा में अधिक सशक्त होगा। बैठक में बताया गया कि एएनटीएफ के गठन के बाद कार्रवाई में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2023 से 2025 के बीच 310 मुकदमे दर्ज हुए, 35,313 किलो अवैध मादक पदार्थ जब्त हुए और 883 तस्कर गिरफ्तार किए गए। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 343 करोड़ रुपये से अधिक है।  समीक्षा के दौरान यह भी बताया गया कि सामान्य कार्रवाई के साथ साथ बड़े नेटवर्क और माफियाओं पर प्रहार किए गए हैं।। पिछले तीन वर्षों में 2,61,391 किलो अवैध मादक पदार्थों का विधिसम्मत विनष्टीकरण किया गया है जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 775 करोड़ रुपये है। मुख्यमंत्री ने कहा निस्तारण प्रक्रिया नियमित और पारदर्शी ढंग से जारी रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि ड्रग्स के खिलाफ संघर्ष केवल कानून व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों, नागरिक संगठनों और प्रशासन को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि नशे की पहुंच युवाओं तक न हो। उन्होंने कहा कि अपराधियों को यह साफ संदेश मिलना चाहिए कि उत्तर प्रदेश में अवैध ड्रग कारोबार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान

ध्वजारोहण समारोह से ‘अयोध्या ब्रांड’ को मिली वैश्विक पहचान 2020 से 2025 के बीच अयोध्या का ऐतिहासिक विकास, मॉडल शहर के रूप में पहचान अंतर्राष्ट्रीय सुविधाओं वाली अयोध्या में साल के अंत तक 50 करोड़ पर्यटकों के पहुंचने का अनुमान लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विकासवादी नीतियों की वजह से “अयोध्या ब्रांड” की चर्चा विश्व में है। श्रीराम मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण के बाद अयोध्या के वैभव और विकास से लोग आश्चर्यचकित हैं। पर्यटन, निवेश और आधारभूत संरचना के मामले में अयोध्या ने विश्व के अन्य चर्चित धार्मिक स्थलों को भी पीछे छोड़ दिया है।  विश्व में “अयोध्या ब्रांड’’ का डंका उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था और आध्यात्मिक स्थलों को आर्थिक केंद्र के रूप में भी विकसित करने का जो बीड़ा उठाया है, अयोध्या उसमें मील का पत्थर साबित हो रहा है। सनातनी आस्था के केंद्र अब वैश्वक ब्रांड के रूप में उभर रहे हैं। श्रीराम मंदिर बनने के बाद शहर में पर्यटकों की संख्या में 4 से 5 गुना तक वृद्धि हुई है। जनवरी-जून 2025 के बीच लगभग 23 करोड़ पर्यटक रामनगरी आ चुके हैं। अनुमान है कि इस साल के अंत तक करीब 50 करोड़ पर्यटक आएंगे।  विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित अयोध्या अमेरिका, यूरोप, रूस इत्यादि देशों से भी बड़ी संख्या में पर्यटक रामनगरी आ रहे हैं। शहर की साफ सुथरी सड़के, प्रत्येक चौराहे पर संस्कृति और आध्यात्मिका को समेटे हुए कलाकृतियां, चमकते हुआ राम पथ और धर्म पथ, दिव्य और भव्य कुंड, प्राचीन मंदिर, विश्वस्तरीय हॉस्पिटैलिटी सुविधा, अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल, आर्थिक विकास की कहानी खुद बयां कर रहे हैं। अयोध्या के विकास की देन है कि जो होटल पहले सुनसान रहते थे वो अब 90 प्रतिशत फुल रहते हैं। छोटे से छोटा होटल भी प्रतिदिन 40 से 50 हजार तक की कमाई कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या को उसका पुराना वैभव वापस दिलाया है।  अयोध्या का प्रदेश के जीएसडीपी में बड़ा योगदान अयोध्या के विकास का सफर 2020 से प्रारंभ होता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिशा निर्देश में अयोध्या के विकास से जुड़े सरकारी विभागों ने बड़ी गंभीरता से योजनाओं के क्रियान्वयन को अंजाम दिया। शहर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विकसित करने के लिए व्यापक योजना तैयार की गई। शहर में सड़कें, ड्रेनेज सिस्टम, यातायात व्यवस्था, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, हवाई अड्डा जैसी मूलभूत सुविधाओं को विश्वस्तरीय बनाया गया। अयोध्या में पर्यटकों की आमद बढ़ने से यहां की आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ी। आज अयोध्या यूपी के जीएसडीपी में लगभग 1.5 फीसद योगदान कर रही है। अनुमान है कि आने वाले कुछ वर्षों में अयोध्या का सालाना कारोबार लगभग 4 लाख करोड़ तक पहुंच जाएगा।  अयोध्या से वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का लक्ष्य होगा हासिल  अयोध्या का अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा आर्थिक गतिविधियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अयोध्या में फ्लाइट की संख्या 30 तक पहुंच चुकी है। हवाई अड्डे की क्षमता 6 लाख यात्रियों की है। देश के कोने-कोने से पर्यटक यहां आ रहे हैं। इसकी वजह से आर्थिक गतिविधियों में जोरदार उछाल आया है। इसी तरह से रेलवे स्टेशन को भी विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस किया गया है। बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण से यात्रियों को सुविधाएं मिल रही हैं। इस समय अयोध्या उत्तर प्रदेश का सबसे विकसित और सबसे ज्यादा पर्यटकों वाला धार्मिक केंद्र बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2029 तक उत्तर प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने को लेकर दृढ़संकल्पित हैं। इस मिशन को प्राप्त करने में अयोध्या का बड़ा रोल रहने वाला है।

भारत को मिली खुशखबरी: 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन अब अहमदाबाद में

नई दिल्ली  भारत 20 साल बाद कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा और बुधवार को ग्लास्गो में कॉमनवेल्थ गेम्स की आमसभा की बैठक में अहमदाबाद को मेजबान के तौर पर औपचारिक मंजूरी मिल गई । बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल, भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पी टी उषा और गुजरात के खेल मंत्री हर्ष संघवी सहित अन्य लोगों ने किया । कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष ने क्या कहा? कॉमनवेल्थ स्पोर्ट के अध्यक्ष डॉ डोनाल्ड रुकारे ने कहा, ‘यह कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत है। भारत व्यापकता, युवा शक्ति, महत्वाकांक्षा, समृद्ध संस्कृति, अपार खेल-जुनून और प्रासंगिकता लेकर आता है। हम कॉमनवेल्थ गेम्स के अगले शतक की शुरुआत मजबूत स्थिति में कर रहे हैं।’ राष्ट्रमंडल खेल 2030 में अपने सौ साल भी पूरे कर रहे हैं लिहाजा यह संस्करण विशेष रहने वाला है। भारत के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हासिल करना इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश 2036 में होने वाले ओलंपिक खेलों की मेजबानी हासिल करने की दौड़ में भी है और अहमदाबाद को ही मेजबान शहर के रूप में पेश किया गया है । 2010 में दिल्ली ने की थी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भारत ने इससे पहले 2010 में दिल्ली में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था लेकिन 2030 में इन खेलों को अहमदाबाद में आयोजित किया जाएगा जिसने पिछले एक दशक में अपने खेल ढांचे को नए स्तर तक पहुंचाया है। राष्ट्रमंडल खेल बोर्ड ने मूल्यांकन समिति की देखरेख में एक प्रक्रिया पूरी करने के बाद भारत को मेजबानी देने की की सिफारिश की थी। इसने मेजबानी के दावेदार शहरों का ‘तकनीकी वितरण, खिलाड़ियों के अनुभव, बुनियादी ढांचे, प्रशासन और राष्ट्रमंडल खेल मूल्यों के साथ अनुकूलता’ के आधार पर मूल्यांकन किया था । राष्ट्रमंडल खेल 2030 की मेजबानी के लिए भारत को नाइजीरिया के शहर अबुजा से कड़ी टक्कर मिल रही थी, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने 2034 के खेलों की मेजबानी के लिए अफ्रीका के इस शहर के नाम पर विचार करने का फैसला किया। 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने खर्च किए थे तकरीबन 70,000 करोड़ रुपये कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने मंगलवार को एक बयान में कहा, ‘यह राष्ट्रमंडल खेल आंदोलन के भविष्य के लिए एक निर्णायक क्षण होगा और इसके 100 साल के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ेगा।’ भारत ने 2010 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी पर लगभग 70,000 करोड़ रुपये खर्च किए थे, जो शुरुआती अनुमान 1600 करोड़ रुपये से कहीं अधिक था। चार साल में एक बार होने वाले इन खेलों में 72 देश हिस्सा लेते हैं जिनमें से ज़्यादातर पूर्व ब्रिटिश उपनिवेश हैं। राष्ट्रमंडल खेल के अंतरिम अध्यक्ष डॉ. डोनाल्ड रुकारे ने कहा था कि कार्यकारी बोर्ड को भारत और नाइजीरिया दोनों के प्रस्ताव ‘‘प्रेरक’’ लगे, लेकिन आखिर में 2030 में होने वाले खेलों की मेजबानी के लिए अहमदाबाद को चुना गया। अहमदाबाद ने हाल के महीनों में राष्ट्रमंडल भारोत्तोलन चैंपियनशिप, एशियाई एक्वेटिक्स चैंपियनशिप और फुटबॉल के एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2026 क्वालीफायर की मेजबानी की। कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले इन इवेंट्स को भी होस्ट करेगा अहमदाबाद यह शहर अगले साल एशियाई भारोत्तोलन चैंपियनशिप और एशिया पैरा-तीरंदाजी कप की मेजबानी करेगा। इसके अलावा 2029 में विश्व पुलिस और अग्निशमन खेल अहमदाबाद, गांधीनगर और एकता नगर में आयोजित किए जाएंगे। सरदार वल्लभभाई पटेल खेल परिसर उन प्रमुख स्थलों में से एक है, जिसको इन खेलों के लिए तैयार किया जा रहा है। इनमें एक लाख से अधिक दर्शकों की क्षमता वाला नरेन्द्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम भी शामिल है। इसके अलावा इस परिसर में एक जलक्रीड़ा केंद्र और एक फुटबॉल स्टेडियम के साथ-साथ इनडोर खेलों के लिए दो मैदान भी होंगे। इस परिसर के अंदर 3,000 लोगों के रहने की क्षमता वाला खेल गांव भी बनाया जाएगा। ग्लास्गो में 2026 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स का बजट बहुत कम कर दिया गया है। यह शहर पूरे आयोजन को आठ मील (लगभग 12 किमी) के दायरे में आयोजित करना चाहता है। उसने इन खेलों का बजट 114 मिलियन पाउंड (लगभग 1300 करोड़ रुपये) रखा है। इस कारण कुश्ती, निशानेबाजी, बैडमिंटन और हॉकी जैसे कुछ प्रमुख खेलों को बाहर कर दिया गया। भारत इसका कड़ा विरोध कर रहा था क्योंकि इससे उसकी पदक जीतने की क्षमता पर गहरा असर पड़ा। भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) ने हालांकि स्पष्ट कर दिया था कि 2030 के खेलों में उन सभी खेलों को शामिल किया जाएगा जिन्हें ग्लासगो खेलों से हटा दिया गया है। आईओए के संयुक्त सचिव कल्याण चौबे ने कहा था, ‘‘योजना यह है कि निशानेबाजी, तीरंदाजी, कुश्ती आदि जैसे सभी खेलों को इसमें शामिल किया जाए। हमारे पारंपरिक खेल जैसे कबड्डी और खो-खो को भी इसमें शामिल किया जाना चाहिए।’’

3 लाख से अधिक किसानों के खातो में पहुंचेगी 238 करोड़ से अधिक राशि

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 27 नवंबर को श्योपुर जिले के बड़ौदा में आयोजित कार्यक्रम में श्योपुर सहित 6 जिलो के किसानों को फसल क्षति की राहत राशि का वितरण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 3 लाख 5 हजार 410 प्रभावित किसानों के बैंक खातों में 238 करोड़ 78 लाख रूपये की राशि अंतरित करेंगे। श्योपुर, हरदा, विदिशा, नर्मदापुरम, धार, खण्डवा जिलों की 23 तहसीलों के 2 हजार 148 ग्रामों के किसानों को अतिवृष्टि, बाढ और पीला मौजेक कीट व्याधि से हुई फसल क्षति की राहत राशि अंतरित की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव इसी दिन मुरैना जिला मुख्यालय पर आयोजित कार्यक्रम में 162 करोड़ 55 लाख रुपये से अधिक लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि-पूजन करेंगे। बड़ौदा में इन कार्यों का होगा लोकार्पण एवं शिलान्यास मुख्यमंत्री डॉ. यादव बडौदा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विकास निर्माण कार्यो का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य विभाग अंतर्गत 2 करोड 75 लाख रूपये की लागत से सेसईपुरा में निर्मित आदिवासी बालक आश्रम का लोकार्पण होगा। इसके साथ ही 14 करोड 80 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले नर्सिग कॉलेज भवन, 14 करोड 95 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले 50 बिस्तरीय एकीकृत आयुष चिकित्सालय, 96 लाख की लागत से श्योपुर में बनने वाले बागवानी और खाद प्रसंस्करण ज्ञान प्रसार केन्द्र, ग्राम लहरौनी में 2 करोड 61 लाख, ग्राम बलावनी में 2 करोड 53 लाख एवं डाबीपुरा में 2 करोड 49 लाख की लागत से बनने वाले नवीन 33/11 केव्ही विद्युत उपकेन्द्रों के निर्माण के लिए शिलान्यास किया जायेगा। साथ ही विभिन्न विभिन्न योजनाओ में हितग्राहियों को लाभान्वित किया जायेगा। मुरैना में इन कार्यों की देंगें सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुरैना में 70 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले आयुर्वेदिक महाविद्यालय भवन का भूमिपूजन करेंगे। इस महाविद्यालय के अंतर्गत 100 बिस्तरीय चिकित्सालय का निर्माण भी किया जाएगा। इस चिकित्सालय के माध्यम से आसपास के लगभग 20 ग्रामों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शासकीय सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ एवं अम्बाह का लोकार्पण भी करेंगे। वर्तमान में सांदीपनि उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोठ में 812 विद्यार्थी तथा सांदीपनि उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अम्बाह में 1799 विद्यार्थी नामांकित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 19 करोड़ 2 लाख रुपये की लागत से निर्मित संयुक्त तहसील एवं अनुविभागीय अधिकारी कार्यालय मुरैना का लोकार्पण करेंगे। इसके माध्यम से अनुविभाग मुरैना के अंतर्गत आने वाले 182 ग्रामों की लगभग 7 लाख 52 हजार आबादी को सुविधा होगी। अम्बाह में 50 सीटर अनुसूचित जाति सीनियर कन्या छात्रावास का लोकार्पण भी करेंगे। यह छात्रावास 3 करोड़ 93 लाख 36 हजार रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है।