samacharsecretary.com

टीपू-अकबर से ‘ग्रेट’ हटाने पर सियासी घमासान, CM हिमंता का बयान सुर्खियों में

  एनसीईआरटी ने इतिहास के पाठ्यक्रम में बड़ा बदलाव किया है। एनसीईआरटी ने बादशाह अकबर और टीपू सुल्तान  जैसे महत्वपूर्ण मुगल शासकों  के सामने से महान (ग्रेट) शब्द को हटा दिया है। यह फैसला लंबे समय से चल रही उस बहस को आगे बढ़ाता है, जिसमें भारतीय इतिहास को सही और संतुलित नजरिए से दिखाने की मांग की जा रही थी। एनसीईआरटी के इस फैसले का राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) नेता सुनील आंबेकर और असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने स्वागत किया है। वहीं एनसीईआरटी के इस फैसले का विपक्ष ने विरोध किया है। हालांकि अभी ये सिर्फ दावा किया जा रहा है। एनसीईआरटी ने फिलहाल इसपर कुछ भी प्रतिक्रिया नहीं दी है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने अपनी खुशी जताते हुए कहा कि बहुत अच्छा हुआ है… मैंने अभी देखा नहीं है कि ऐसा हुआ। लेकिन अगर ये काम कर दिया गया है तो NCERT को मेरी ओर से धन्यवाद। आगे वह बोले- “टीपू-इपू को मारो एकदम, जहाँ भेजना है उधर भेज दो। समुद्र में फेंक दो। वहीं RSS नेता सुनील आंबेकर ने कहा कि कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में ये संशोधन अगले साल से लागू होंगे। इन बदलावों से नई पीढ़ी को इतिहास की पूरी सच्चाई बताने में मदद मिलेगी। RSS नेता ने साफ किया कि किसी भी ऐतिहासिक व्यक्ति को किताबों से पूरी तरह हटाया नहीं गया है। इसके बजाय उनके अच्छे और बुरे.. यानी सकारात्मक और क्रूर, दोनों कामों का सही मूल्यांकन पेश किया गया है।   इतिहास की किताबों में सकारात्मक बदलाव RSS नेता सुनील आंबेकर के दावे के अनुसार, NCERT की इतिहास की पाठ्यपुस्तकों से अब मुगल शासक अकबर और मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के नाम के साथ जुड़े ‘महान’ जैसे विशेषण हटा दिए गए हैं। यह फैसला इस विचार पर आधारित है कि किसी भी शासक को ‘महान’ कहने से पहले उसके सभी तरह के कामों और भारतीय समाज पर पड़े उनके प्रभाव का निष्पक्ष मूल्यांकन होना चाहिए। किस क्लास की किताबों में हुआ बदलाव? दावा किया गया है कि NCERT ने कुल 15 कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकों में से 11 कक्षाओं की किताबों में ये सकारात्मक बदलाव लागू कर दिए हैं। कक्षा 9, 10 और 12 की किताबों में ये संशोधन अगले शैक्षणिक वर्ष से पूरी तरह से लागू किए जाएंगे। यह बदलाव धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है। इससे छात्रों और शिक्षकों को नए सिलेबस के साथ तालमेल बिठाने में आसानी होगी।

कांग्रेस की हालत पर शिवराज का तंज— ‘हम तो डूबे हैं सनम…’, विपक्ष पर जमकर बरसे

विदिशा  मध्यप्रदेश के पूर्व सीएम और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर अपने अंदाज में कांग्रेस पर जमकर हमला बोला है। शिवराज सिंह चौहान रविवार को विदिशा जिले के गंजबासौदा में सिविल अस्पताल के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। जहां उन्होंने पहले तो सीएम मोहन यादव के साथ रोड शो किया और फिर सिविल अस्पताल के लोकार्पण के बाद कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने मंच से ये भी कहा कि शिव और मोहन में कोई अंतर नहीं है। 'हम तो डूबेंगे सनम तुम्हें भी ले डूबेंगे' शिवराज सिंह चौहान ने गंजबासौदा में मंच से कांग्रेस और राहुल गांधी पर जमकर हमला बोला। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि- कांग्रेस तो अब ऐसा बोझ हो गई है कि जो पार्टी उसे लेकर चलती है वही दब जाती है। शिवराज यहीं नहीं रुके उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस के हाल ऐसे हैं कि सनम हम तो डूबे हैं तुम्हें भी ले डूबेंगे। उन्होंने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां–जहां पांव पड़े भैया के, वहां बंटाधार। दिल्ली में केजरीवाल, यूपी में अखिलेश और बिहार में लालू को ले डूबे।   150 बिस्तरीय सिविल अस्पताल का लोकार्पण शिवराज सिंह चौहान की मौजूदगी में मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव ने गंजबासौदा में 150 बिस्तरीय नए सिविल अस्पताल का लोकार्पण किया। इस दौरान सीएम मोहन यादव ने गंजबासौदा में 64 करोड़ 29 लाख की लागत से 26 विकास कार्यों का लोकार्पण किया और 85 करोड़ 84 लाख के 28 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया। सीएम ने नर्सिंग और पैरा मेडिकल कॉलेज भी गंजबासौदा में खोलने का ऐलान किया। गंजबासौदा को सीएम मोहन यादव के द्वारा दी गई करोड़ों रुपयों के विकासकार्यों की सौगातों को लेकर शिवराज सिंह चौहान ने मंच से सीएम मोहन यादव की तारीफ की और कहा कि शिव और मोहन में कोई अंतर नहीं है।

त्रिपक्षीय सहयोग पर जोर: आईबीएसए बैठक में मोदी, लूला और रामाफोसा की संयुक्त सहभागिता

जोहान्सबर्ग भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को जोहान्सबर्ग में भारत-ब्राजील-दक्षिण अफ्रीका (आईबीएसए) नेताओं की बैठक में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने ग्लोबल साउथ के लिए भाग लेने वाले देशों के त्रिपक्षीय सहयोग और प्रतिबद्धता पर चर्चा की। पीएम मोदी के साथ इस बैठक में ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा और दक्षिण अफ्रीका के प्रेसिडेंट सिरिल रामाफोसा भी मौजूद थे। फिलहाल, दक्षिण अफ्रीका ही आईबीएसए की अध्यक्षता कर रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार आईबीएसए एक ऐसा फोरम है जो भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका को एक साथ लाता है, जो एक जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। यह तीन अलग-अलग महाद्वीपों के तीन बड़े लोकतंत्र और बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं। इसके बाद, इस समूह को औपचारिक रूप दिया गया और इसका नाम आईबीएसए डायलॉग फोरम रखा गया। तीनों देशों के विदेश मंत्री 6 जून, 2023 को ब्रासीलिया में मिले और 'ब्रासीलिया घोषणा' जारी की। बता दें, 20 नवंबर को पीएम मोदी के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर एक खास मीडिया ब्रीफिंग में, विदेश मंत्रालय में आर्थिक संबंध विभाग के सचिव सुधाकर दलेला ने कहा, "जैसा कि आप सभी जानते हैं, भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका तीन महाद्वीपों के तीन लोकतंत्र हैं, जो सभी ग्लोबल साउथ से हैं। और हमारे पास कोऑपरेशन के तीन पिलर के आस-पास आपस में कोऑर्डिनेट करने का एक बहुत ही यूनिक फोरम है। एक है राजनीतिक कोऑर्डिनेशन। दूसरा है त्रिपक्षीय कोऑपरेशन जो हम करते हैं, जिसमें पीपल-टू-पीपल कॉन्टैक्ट शामिल है। और तीसरा, हम ग्लोबल साउथ के देशों के लिए आईबीएसए के तौर पर मिलकर क्या करते हैं, खासकर आईबीएसए फंड के जरिए खाने और भूख के मामले में।" उन्होंने आगे कहा, "यह बैठक, हालांकि समिट के दौरान हो रही है, एक छोटी मीटिंग होगी। मुझे पूरा भरोसा है कि तीनों नेता इस बात की समीक्षा करेंगे कि हमने हाल के दिनों में सहयोग के इन तीन पिलर के तहत क्या किया है। मैं यह भी कहना चाहूंगा कि इसी साल सितंबर में, न्यूयॉर्क में यूएनजीए के दौरान, आईबीएसए के विदेश मंत्रियों ने भी मुलाकात की थी और कुछ ऐसे बिंदुओं पर बयान जारी किया था जिन पर हम एक जैसी सोच वाले देशों के तौर पर आपस में चर्चा करते रहते हैं।" पीएम मोदी ने रविवार को जोहान्सबर्ग में जी20 समिट के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रामफोसा के साथ बैठक की। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किए गए वीडियो में दोनों नेता बैठक शुरू करने से पहले एक-दूसरे का गर्मजोशी से स्वागत करते दिख रहे हैं। मीटिंग में विदेश मंत्री एस जयशंकर और आर्थिक विभाग के विदेश सचिव सुधाकर दलेला समेत दूसरे अधिकारी मौजूद थे।

राष्ट्रवादी विचारधारा का केंद्र रहा विदिशा, कृषि और उद्योग में भी दे रहा महत्वपूर्ण योगदान

गंजबासौदा में 150 बिस्तरीय नवीन सिविल अस्पताल का किया लोकार्पण त्योंदा में कॉलेज और ग्यारसपुर को नगर पंचायत बनाने की घोषणा गंजबासौदा में शुरू होगा नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज विदिशा जिले के गंजबासौदा में विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राष्ट्रवादी विचार धारा का केन्द्र रहा विदिशा जिला, राजमाता सिंधिया, पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी और पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्रद्धेय श्रीमती सुषमा स्वराज्य की कर्म भूमि रही है। वर्तमान में यह क्षेत्र कृषि, उद्योग और व्यापार-व्यवसाय में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। गंजबासौदा विरासत से विकास के पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में राज्य सरकार अन्नदाता, गरीब, महिला और युवाओं के कल्याण के लिए समर्पित है। सनातन संस्कृति को सर्वेभवन्तु सुखिनं:-सर्वे संतु निरामया: और वसुधैव कुटुम्बकम् के भाव के अनुसार सबके कल्याण के लिए राज्य सरकार समर्पित भाव से कार्य कर रही है। समाज के अंतिम पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास गतिविधियों का लाभ पहुंचाना हमारा उद्देश्य है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को विदिशा जिले के गंजबासौदा में सिविल अस्पताल के नवनिर्मित भवन के लोकार्पण सहित अन्य विकास कार्यों के लोकार्पण और भूमिपूजन को कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान, विदिशा के प्रभारी, पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री लखन पटेल विशेष रूप से उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने त्योंदा में कॉलेज खोलने, ग्यारसपुर को नगर पंचायत बनाने, गंजबासौदा नगर पालिका की सीमा बढ़ाने, गंजबासौद में नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज आरंभ करने की घोषणा भी की। कार्यक्रम का शुभारंभ कन्या-पूजन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों, महिलाओं और युवाओं के बेहतरी के लिए राज्य सरकार द्वारा विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। नदी जोड़ो अभियान के अंतर्गत प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाने और हर खेत तक पानी पहुंचाने के लक्ष्य का कार्य जारी है। भावान्तर योजना से सोयाबीन का वाजिब मूल्य दिलाते हुए किसानों के हक के पैसे उनके खातों में भेजे जा रहे हैं। किसानों से गेंहूँ की खरीदी भी 2600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। महिला सशक्तिकरण के लिए लाड़ली बहना योजना की राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रति माह की गई है। उद्योगों में काम करने वाली बहनों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह दिलाने के उद्देश्य से नारी सशक्तिकरण योजना के तहत उद्योगों को राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रदेश में हर युवा को रोजगार से जोड़ते हुए उनकी जिन्दगी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। 150 करोड़ रुपए की लागत वाले 54 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज बासौदा को 150 करोड़ रुपये की लागत से 54 विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें 32 करोड़ 42 लाख रुपये की लागत से बने 150 बिस्तरीय नवीन सिविल अस्पताल लोकार्पित किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जमांधर नदी पर 4 करोड़ की लागत से बने ब्रिज, 13 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से निर्मित विभिन मार्गों, लगभग 3 करोड़ रुपये की लागत से 04 केवी उपकेन्द्र में ट्रांसफार्मर, लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से 11 ग्रामो में नलजल योजनाओं, 1 करोड़ 50 लाख रुपये की लागत से सब जेल गंजबासौदा में 40 बंदियों के लिए बनी जेल बैरक, 1 करोड़ 79 लाख रुपये की लागत से बने सीएचओ आवास सहित 03 उप स्वास्थ्य केंद्र भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 85 करोड़ 84 लाख रुपये की लागत से 28 विकास कायों का भूमिपूजन भी किया। मध्यप्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी : केंद्रीय कृषि मंत्री श्री चौहान केंद्रीय कृषि किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश के विकास में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी। केंद्र और राज्य सरकार दोनों मिलकर प्रदेश के विकास की गति को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में विकास का एक नया अध्याय लिखा जा रहा है। प्रदेश में कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क और पेयजल सहित विभिन्न बुनियादी सुविधाओं के साथ रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। भारत सरकार की योजनाओं को मध्यप्रदेश में गति देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार प्रयास कर रहे हैं और उनका पूरा सहयोग मिल रहा है। विदिशा जिला और बासौदा से मेरा वर्षों से संबंध रहा है। यहां की जनता में मेरे लिए अद्भुत प्रेम है, मेरी सांसों और हृदय में यहां की जनता बसती है। यहां के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मुझे कृषि एवं ग्रामीण विकास की जिम्मेदारी सौंपी है जिसका निर्वहन करने में कोई कसर नहीं रहने दी जाएगी। कृषि को उद्यानिकी और पशुपालन से जोड़कर और अधिक आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदेश में कृषि- उद्योग के क्षेत्र में नया चमत्कार कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेतवा नदी का पानी पाराशरी नदी में डालने का प्रयास किया जाए। यहां की मिट्टी सोना उगलती है लेकिन यहां पत्थरों सहित विभिन्न प्रकार की खदानें मौजूद है। बासौदा को उद्योग के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है।  केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में गौरवशाली, वैभवशाली और शक्तिशाली भारत का निर्माण हो रहा है। किसानों की तरक्की के लिए विभिन्न प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री मोदी की मंशानुसार स्वदेशी वस्तुओं का उपयोग करने और प्रोत्साहित करने की अपील की। उन्होंने नशा मुक्ति अभियान में सभी के सहयोग के लिए आह्वान किया। केन्द्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रदेश में महिला सशक्तिकरण के लिए किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। बासौदा विधायक श्री हरिसिंह रघुवंशी ने क्षेत्र में चल रही विकास गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती गीता कैलाश रघुवंशी, शमशाबाद विधायक श्री सूर्यप्रकाश मीणा, सिरोंज विधायक श्री उमाकांत शर्मा, कुरवई विधायक श्री हरिसिंह सप्रे, विदिशा विधायक श्री मुकेश टंडन, जन-प्रतिनिधि, अधिकारी, किसान बंधु सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री का बासौदा रोड शो में हुआ भव्य स्वागत मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान का बासौदा नगर में … Read more

350वां शहीदी दिवस: पंजाब मुख्यमंत्री ने आनंदपुर साहिब में नमन कर किया महान बलिदान को स्मरण

चंडीगढ़ सिख गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस के पावन अवसर पर रविवार को श्री आनंदपुर साहिब में धार्मिक समारोह का आयोजन हुआ। इस मौके पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बाबा बुढ़ा दल छावनी में श्री अखंड पाठ साहिब के समक्ष मत्था टेका। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर समारोह की तस्वीर पोस्ट की। मुख्यमंत्री मान के साथ पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भी मौजूद रहे। भगवंत मान ने कहा, "नौवें पातशाह साहिब श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित श्री आनंदपुर साहिब स्थित बाबा बुढ़ा दल छावनी में श्री अखंड पाठ साहिब के आरंभ के अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया और राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के साथ शामिल होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।" उन्होंने कहा कि गुरु के चरणों में पंजाबियों के कल्याण, भाईचारे और एकता के लिए प्रार्थना की। शहीदी दिवस को समर्पित सभी कार्यक्रमों में गुरु साहिब जी सदा अंग-संग सहाई बने रहे और सभी कार्य मर्यादा अनुसार संपन्न हों। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने भी गुरु तेग बहादुर जी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि हिंद दी चादर गुरु साहिब ने मानवता, धर्म और इंसानियत की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। उनकी शिक्षाएं आज भी पूरी दुनिया के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। अरविंद केजरीवाल ने 'एक्स' पर तस्वीर पोस्ट करते हुए लिखा, "श्री आनंदपुर साहिब में नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित श्री अखंड पाठ साहिब का आरंभ हुआ। इस दिव्य समागम में उपस्थित होकर गुरु साहिब जी के चरणों में नतमस्तक होने का सौभाग्य प्राप्त हुआ।" इस खास मौके पर श्री आनंदपुर साहिब को खूबसूरत फूलों और लाइटों से सजाया गया था। हजारों की संख्या में संगत दूर-दूराज से पहुंची और गुरु महाराज के सामने नतमस्तक हुई। बाबा बुढ़ा दल के मुखी और प्रमुख संत-महापुरखों ने भी अखंड पाठ साहिब का भोग डाला।

2035 War Policy पर मध्यप्रदेश में बड़ा बैठक: सेना के शीर्ष दिग्गज होंगे शामिल

महू  डॉ. आंबेडकर नगर (महू) के आर्मी वॉर कॉलेज में 24-25 नवंबर को सेना का दो दिनी सेमिनार होगा। इसमें सीनियर मिलिट्री कमांडर, स्ट्रैटेजिक थिंकर्स, एकेडेमियर और इंडस्ट्री के सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट, टेक्नोलॉजिस्ट और वेटरन्स एक साथ विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श करेंगे। महू में सेना द्वारा रणसंवाद के बाद तीन माह में दूसरा बड़ा सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। ऑर्मी वॉर कॉलेज (Army War College) द्वारा होने वाले इस सेमिनार का विषय ' फ्यूचर रेडी' है। इसमें कल के युद्ध के लिए भारतीय सेना की दक्षता को मजबूत करना है। यह 27वां डाक्ट्रिन और स्ट्रेटेजी सेमिनार है। यह सेमिनार डिसरप्टिव टेक्नोलाजी, बदलते जियो पालिटिकल इक्वेशन और मुश्किल थ्रेट मैट्रिक्स से पैदा होने वाली जरूरी चुनौतियों और मौकों पर फोकस करेगा।  एआइए रोबोटिक्स सहित अन्य तकनीक पर चर्चा सेमिनार में चर्चा का मुख्य उद्देश्य अनमैन्ड सिस्टम, काउंटर ड्रोन कैपेबिलिटीए एआई बेस्ड डिसीजन सपोर्ट, रोबोटिक्स,क्वांटम टेक्नोलाजी, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक स्पेक्ट्रम ऑपरेशन और नियर स्पेस प्लेटफॉर्म में भारत की टेक्नोलाजिकल तैयारी का आकलन करना होगा। बातचीत में आत्मनिर्भरता और लंबे समय की कैपेबिलिटी आटोनामी को आगे बढ़ाने में डिफेंसइकोसिस्टम की ताकत की भी जांच होगी। जिसमें डीआरडीओए डीपीएसयूए प्राइवेट फर्म, स्टार्ट-अप और एकेडेमिया शामिल हैं। सेमिनार भविष्य की लड़ाइयों के लिए जरूरी सैद्धांतिक, स्ट्रक्चर और लीडरशिप सुधारों को बताने पर फोकस करेगा।   ऑर्मी चीफ भी हो सकते हैं शामिल सेमिनार में ऑर्मी चीफ जनरल उपेंद्र ‌द्विवेदी भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि इसको लेकर अभी अधिकृत पुष्टी नहीं हो सकीं। तीन माह पहले रणसंवाद में रक्षामंत्री राजनाथसिंह, सीडीएस जनरल अनिल चौहान सहित एयर चीफ मार्शल और नेवी चीफ भी शामिल हुए थे।   तीन थीम पर होगी चर्च भविष्य के लिए एक तय दिशा देने के लिए मुय तीन थीम पर चर्चा होगी। जिसमें यूचर बैटलफील्ड मिलियू 2035- इंडियन कांटेक्स्ट, आपरेशंस को असरदार तरीके से चलाने के लिए टेक्नोलाजिकल तैयारी और यूचर कोर्स को क्रिस्टल गेजिंग शामिल हैं। थीम में वर्तमान से 2035 तक की सुरक्षा परिस्थितियों को देखा जाएगा। जिसमें मिलिट्री माडनॉईजेशन, इंटेलिजेंट वारफेयर, एसिमेट्रिक स्ट्रैटेजी, ग्रे जोन आपरेशन और दुश्मनों द्वारा पैदा किए गए कोआर्डिनेटेड मल्टी डोमेन मिश्रित वाली स्थितियों की संभावना शामिल है। एक्सपर्ट स्पेस, साइबर, इंफॉर्मेशन और काग्निटिव वारफेयर के पहलुओं व रोकथाम और एस्केलेशन कंट्रोल के लिए उनके असर का एनालिसिस करेंगे।

सोयाबीन का मॉडल रेट 4282 रुपये: भावांतर योजना में किसानों को बड़ी राहत

भोपाल  भावांतर योजना 2025 के अंतर्गत  सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए 23 नवंबर को 4282 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है जिन्होंने अपनी सोयाबीन की उपज मंडी प्रांगणों में विक्रय की है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर की राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट और न्यूनतम समर्थन मूल्य के भावांतर की राशि राज्य सरकार द्वारा दी जा रही है। सोयाबीन का पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को 4020 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया था। इसी तरह 8 नवंबर को 4033 रुपए, 9 और 10 नवंबर को 4036 रुपए, 11 नवंबर को 4056 रुपए, 12 नवंबर को 4077 रुपए, 13 नवंबर को 4130 रुपए, 14 नवंबर को 4184 रुपए, 15 नवंबर को 4225 रुपए, 16 नवंबर को 4234 रुपए, 17 नवंबर को 4236 रुपए, 18 नवंबर को 4255 रुपए, 19 नवंबर को 4263 रुपए, 20 नवंबर को 4267 रुपए, 21 नवंबर को 4271 रुपए और 22 नवंबर को 4285 रुपए प्रति क्विंटल  का मॉडल रेट जारी हुआ था। राज्य सरकार की गारंटी है कि किसानों को हर हाल में सोयाबीन के न्यूनतम समर्थन मूल्य की 5328 रुपए  प्रति क्विंटल की राशि मिलेगी।  

आयुक्त विकास मिश्रा ने कहा- शत-प्रतिशत हो जन्म-मृत्यु एवं विवाह पंजीयन

भोपाल  मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन को शत-प्रतिशत सुनिश्चित करने के लिए आयुक्त, आर्थिक एवं सांख्यिकी श्री विकास मिश्रा ने सभी जिला कलेक्टर एवं जिला विवाह रजिस्ट्रार को निर्देश दिए हैं। “मध्यप्रदेश विवाहों का अनिवार्य रजिस्ट्रेशन नियम-2008”के तहत राज्य में किसी भी विधि या परंपरा से संपन्न हुए सभी विवाहों का पंजीयन अनिवार्य है। व्यवहारिक रूप से सभी विवाह पंजीकृत न हो पाने से विशेषकर महिलाओं को पति की मृत्यु या अन्य कानूनी परिस्थितियों में प्रमाण और अधिकार प्राप्त करने में कठिनाई होती है। इसी समस्या को दूर करने और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए जिलों को विशेष कदम उठाने को कहा गया है। महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा, परिवार को मिलने वाली वैधानिक सुविधाओं की गारंटी तथा शासन की जनहितकारी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने इस प्रक्रिया को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। आयुक्त श्री मिश्रा ने बताया कि सामूहिक विवाह कार्यक्रम जैसे मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, मुख्यमंत्री निकाह योजना तथा अन्य सामाजिक आयोजनों में विवाह स्थल पर ही प्रमाण-पत्र जारी करने की व्यवस्था को सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने सभी नगरीय निकायों और सार्वजनिक स्थानों पर विवाह पंजीयन के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए हैं। शादी हॉल, मैरेज गार्डन और समारोह स्थलों पर विवाह पंजीयन को अनिवार्य बताते हुए सूचनात्मक होर्डिंग लगाने के निर्देश भी जारी किये गये हैं। टेंट हाउस और केटरिंग व्यवसायियों को अपनी रसीदों पर विवाह पंजीयन को बढ़ावा देने वाले स्लोगन—जैसे “विवाह का आठवां वचन—विवाह का हो पंजीयन”और “नारी का सम्मान—विवाह का प्रमाण”अंकित करने के लिए भी कहा गया है। प्रदेश में जन्म-मृत्यु पंजीयन की स्थिति में सुधार के लिए आयुक्त श्री मिश्रा ने कहा कि सभी अनाथालयों, बाल संप्रेषण गृहों तथा बाल सुधार गृहों में रहने वाले बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र तत्काल बनवाए जाएँ। साथ ही महारजिस्ट्रार कार्यालय नई दिल्ली द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन जिले स्तर पर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिले के सभी रजिस्ट्रार और उप-पंजीयक अपने कार्यालयों के बाहर जन्म-मृत्यु पंजीयन संबंधी नियमावली को दीवार पर पेंट करवाकर प्रदर्शित करें, जिससे हर नागरिक को जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से मध्यप्रदेश में विवाह तथा जन्म-मृत्यु पंजीयन की दर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, जिससे न केवल नागरिकों को उनके अधिकार समय पर मिल सकेंगे, बल्कि सरकारी योजनाएँ भी अधिक पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू हो सकेंगी।

यूनिटी मार्च के लिए राज्य के 68 युवाओं के दल को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने हरी झंडी दिखाकर किया रवाना

सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से स्टैच्यू ऑफ यूनिटी केवड़िया तक पदयात्रा में शामिल होंगे युवा रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने  सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित पदयात्रा में शामिल होने के लिए गुजरात जाने वाले राज्य के 68 युवाओं के दल को आज रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये युवा सरदार पटेल की कर्मभूमि करमसद से केवड़िया तक आयोजित राष्ट्रीय पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश की 562 रियासतों और ब्रिटिश शासन के अधीन क्षेत्रों को एकजुट कर अखंड भारत की नींव रखी। उनकी दृढ़ इच्छाशक्ति, अटल संकल्प और अथक परिश्रम ने भारत को एक सूत्र में पिरोया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विगत दिनों वे गुजरात के केवड़िया में आयोजित भारत पर्व में सम्मिलित हुए थे, जहाँ उन्होंने विश्व की सबसे ऊँची प्रतिमा—स्टैच्यू ऑफ यूनिटी—के दर्शन किए और भारत की सांस्कृतिक एकता की जीवंत झलक देखी। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति, विविधता और व्यंजनों का भी प्रदर्शन किया गया था। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 26 नवम्बर से 06 दिसम्बर तक आयोजित होने वाले यूनिटी मार्च में छत्तीसगढ़ के युवाओं के साथ देशभर के जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे, जो हम सभी के लिए गर्व की बात है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और भौगोलिक एकता के निर्माण में सरदार पटेल का योगदान अतुलनीय है। उन्होंने रियासतों के विलय का ऐतिहासिक कार्य किया जो भारत की एकता और अखंडता का आधार बना। उन्होंने चयनित युवाओं को राष्ट्रीय पदयात्रा के लिए शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। जगदलपुर विधायक किरण सिंह देव ने युवाओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पदयात्रा में शामिल होने के लिए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष नवीन अग्रवाल, पूर्व विधायक नवीन मार्कण्डेय, जी. वेंकट राव, श्याम नारंग, राहुल टिकरिया, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव यशवंत कुमार सहित बड़ी संख्या में युवा, अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

क्रिकेटर स्मृति मंधाना की शादी स्थगित, घर में अचानक मेडिकल संकट

मुंबई भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना की शादी को लेकर एक बड़ी अपडेट सामने आई है। संगीतकार पलाश मुछाल के साथ उनकी शादी, जो रविवार को होने वाली थी, अचानक अनिश्चितकाल के लिए टाल दी गई है। यह निर्णय तब लिया गया जब समारोह से कुछ घंटे पहले ही स्मृति मंधाना के पिता की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टर उनकी हालत पर करीबी निगरानी रखे हुए हैं। परिवार के लिए यह समय काफी चुनौतीपूर्ण है और मंधाना ने फिलहाल शादी से ज्यादा पिता के स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी है। पिता की तबीयत बिगड़ी, शादी तुरंत टली रविवार सुबह स्मृति मंधाना के पिता की तबीयत नाश्ता करते समय अचानक खराब हो गई। घटना की जानकारी देते हुए उनके मैनेजर तुहिन मिश्रा ने बताया कि शुरुआत में परिवार को उम्मीद थी कि कुछ देर आराम से उनकी हालत संभल जाएगी, लेकिन स्थिति धीरे-धीरे बिगड़ती चली गई। किसी भी जोखिम से बचने के लिए तुरंत एंबुलेंस बुलाई गई और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। चूंकि शादी उसी दिन होनी थी, इसलिए मंधाना ने बिना देर किए समारोह को रोकने का निर्णय लिया। डॉक्टरों की निगरानी में पिता, परिवार स्तब्ध मैनेजर तुहिन मिश्रा ने बताया कि स्मृति के पिता अभी भी डॉक्टरों की निगरानी में हैं और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में ही रहने की सलाह दी है। परिवार इस अचानक हुई घटना से सदमे में है और सभी पिता के स्वस्थ होने की प्रार्थना कर रहे हैं। मिश्रा ने कहा कि स्मृति अपने पिता से बहुत करीब हैं और किसी भी खुशी से पहले उनका स्वस्थ होना उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण है। स्मृति मंधाना ने लिया दृढ़ निर्णय स्मृति मंधाना ने साफ किया है कि वह पिता की तबीयत ठीक होने से पहले किसी भी शादी की रस्म को आगे नहीं बढ़ाएंगी। शादी अब पूरी तरह से अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है। क्रिकेट और निजी जीवन दोनों में ही अपने शांत और संतुलित स्वभाव के लिए जानी जाने वाली मंधाना ने इस समय परिवार को प्राथमिकता देने का फैसला लिया है। मैनेजर ने की निजता बनाए रखने की अपील समूचा मामला संवेदनशील होने के कारण, मैनेजर तुहिन मिश्रा ने सभी से अनुरोध किया है कि मंधाना और उनके परिवार की निजता का सम्मान किया जाए। उन्होंने कहा कि अभी परिवार पूरी तरह पिता की देखभाल और डॉक्टरों की सलाह पर केंद्रित है, इसलिए मीडिया और फैंस से उम्मीद है कि वे इस कठिन समय में समझदारी दिखाएं। शादी की नई तारीख होगी बाद में घोषित फिलहाल शादी के लिए कोई नई तारीख तय नहीं की गई है। परिवार पहले पिता की सेहत पूरी तरह सुधरने का इंतजार करेगा। फैंस और क्रिकेट समुदाय स्मृति मंधाना के पिता के जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।