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छत्तीसगढ़ में बड़ी सफलता: शीर्ष नक्सली कमांडर समेत 50 माओवादी पकड़े गए

बस्तर/आंध्र प्रदेश  कुख्यात नक्सली कमांडर माडवी हिडमा के खात्मे के बाद बुधवार को नक्सलवाद के खिलाफ पुलिस को एक और बड़ी सफलता मिली है। बस्तर-आंध्र बॉर्डर पर चलाए गए संयुक्त अभियान में आंध्रप्रदेश पुलिस ने माओवादियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 50 नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन ने चार दशक से बस्तर में मजबूत पकड़ बनाए बैठे माओवादी नेटवर्क को गहरा झटका दिया है। बड़े स्तर के माओवादी गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए माओवादियों में संगठन के शीर्ष स्तर के भी कई बड़े चेहरे शामिल है। 03 SZCM (सब जोनल कमेटी मेंबर) : लखमा, मदन्ना और सोढ़ी मनीला 05 DVCM (डिविजनल कमेटी मेंबर) 19 ACM (एरिया कमेटी मेंबर) 23 PM (पार्टी मेंबर) यह कार्रवाई आंध्रप्रदेश के 5 जिलों में एक साथ की गई, जिससे कई जिलों में फैला माओवादी नेटवर्क पूरी तरह से ध्वस्त हो गया। छत्तीसगढ़ से जुड़े माओवादी गिरफ्तार कार्रवाई में पकड़े गए माओवादियों में छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग से जुड़े कई माओवादी भी शामिल हैं, जानिए किस जिले से कितने माओवादी गिरफ्तार हुए। बीजापुर जिला – 28 सुकमा जिला – 21 नारायणपुर जिला – 1 हथियारों का जखीरा और नगदी जब्त गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने माओवादियों के पास से 25 लाख रुपये नगद, AK-47 राइफल, दो अन्य राइफलें, एक पिस्टल और बड़े पैमाने पर विस्फोटक सामग्री बरामद की है। यह पूरी कार्रवाई इस बात का संकेत है कि माओवादी संगठन अब अपनी सबसे कमजोर स्थिति में पहुंच चुका है। शीर्ष कमांडरों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में हथियार–नगदी जब्ती ने संगठन की वर्षों पुरानी जड़ों को हिलाकर रख दिया है। बस्तर और आंध्रप्रदेश की इस संयुक्त कार्रवाई ने माओवादियों पर अब तक का सबसे बड़ा और निर्णायक प्रहार किया है। जिलेवार गिरफ्तार माओवादियों की सूची – कृष्णा जिला से 28 माओवादी गिरफ्तार हुए हैं।     उद्दे रघु – SZCM (BNPC बैटेलियन हेडक्वार्टर कंपनी)     मड़कम दिवाकर @ मिट्टू – ACM     वेत्ती नांदे – ACM (पामेड AC)     ओयम संबत्ती / समिता – ACM     कोरसा सोमली /परमिला – ACM (PPCM)     कुंजम राम्बू – PM (पार्टी मेंबर)     डोडी नीलेश – PM     मड़कम गंगी – PM     हेमला रामे – PM     मड़कम हाइमा – PM     सोड़ी अर्जुन / संजू – PM     करताम बांदी – PM     मड़कम बुज्जी /मंगली – PM     मड़कम नव्या / उंगी – PM     मांडवी लक्ष्मी – PM     मड़कम पोज्जे / रितिका – PM     हेमला हिड़मे / निर्मला – PM (डॉक्टर टीम)     पुनेम इस्नू / सरीना – PM     मड़कम हुंगा /रोहन – PM     पुल्सू लक्ष्मण – PM     मड़वी जोगी – PM     टाटी लक्ष्मी – PM     नुप्पो कोसी – PM     ओयम ज्योति – PM     कोरसा शांति – PM     कुंजम भीमे – PM     मड़वी जोगी (दूसरा) – PM     मड़वी महीनी – PM एलुरु जिला से 15 माओवादी गिरफ्तार किये गए हैं।     सोड़े लाचू / गोपाल – SZCM (साउथ बस्तर DVC)     सोड़े लक्मा / भीमा – DVCM (जगरगुंडा AC)     गंगी लक्ष्मी/ माड़े – DVCM (केरलापाल AC)     वेत्ती वेंकट – ACM     मड़कम वागा – ACM (प्रेस कमिटी इंचार्ज)     कश्यप भीमा / योगेश – ACM     पोडियम आनंद / दन्नू – ACM     मड़कम लक्ष्मण / कोसा – ACM (PPCM)     कुंजुम बुज्जी – ACM     टाटी कमला – ACM     डुडी अदमा / मल्लश – ACM     मड़वी जोगा – ACM     मड़वी सुनीता – ACM     कुंजुम नंदिनी – ACM     बडिसा राजू – ACM एनटीआर विजयवाड़ा से 4 गिरफ्तार     पोडियम रेंगू – SZCM (BNPC बैटेलियन हेडक्वार्टर कंपनी)     सोड़ी मनीला – DVCM (पामेड AC इंचार्ज)     मड़कम मदन /मधन्ना/ जग्गू / लखमा – DVCM (जगरगुंडा AC इंचार्ज)     सोड़ी मांगी – ACM (PPCM) काकिनाडा जिला से 2 गिरफ्तार     पोट्टम कांति – ACM (PPCM)     मड़वी कोसी – ACM (PPCM) डॉ. बी.आर. अंबेडकर कोनासीमा जिला से 1 गिरफ्तार     मड़वी हंधा – DVCM (संचार टीम, SBT DVC)  

श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में ऐश्वर्या राय ने पीएम मोदी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया

पुट्टपर्थी बॉलीवुड की ब्यूटी क्वीन ऐश्वर्या राय हाल ही में आंध्र प्रदेश के पुट्टपर्थी स्थित श्री सत्य साईं बाबा के जन्म शताब्दी समारोह का हिस्सा बनीं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मुख्य अतिथि के तौर पर इस ऐतिहासिक अवसर में शामिल हुए. इस दौरान ऐश्वर्या राय ने पीएम मोदी से खास मुलाकात की और उनके पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया. पीएम मोदी संग ऐश्वर्या राय की मुलाकात का ये लम्हा हर किसी के लिए यादगार बन गया है.  ऐश्वर्या ने लिया पीए मोदी का आशीर्वाद ऐतिहासिक समारोह में ऐश्वर्या राय ने धर्म और जाति पर खास स्पीच दी. उन्होंने धर्म, जाति को लेकर अपनी राय दुनिया के सामने रखी. लेकिन स्पीच देने से पहले एक्ट्रेस ने स्टेज पर मौजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया. ऐश्वर्या के संस्कारों ने फैंस का दिल जीत लिया है. फैंस उनकी तारीफ करते थक नहीं रहे हैं.  सत्य साईं बाबा की महासमाधि पर पीएम मोदी हुए नतमस्तक, श्रद्धासुमन किया अर्पित  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को आंध्र प्रदेश के श्री सत्यसाई जिले स्थित प्रशांति निलयम में दिवंगत आध्यात्मिक गुरु श्री सत्य साई बाबा के जन्म शताब्दी समारोह में भाग लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने सत्य साई बाबा की महासमाधि पर जाकर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धासुमन भेंट किए। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने श्री सत्य साई बाबा के जीवन, शिक्षाओं और विरासत के सम्मान में 100 रुपये का विशेष स्मारक सिक्का तथा डाक टिकटों का एक सेट जारी किया। सचिन तेंदुलकर और ऐश्वर्या राय भी रहे मौजूद इस अवसर पर आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण, पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी, के. राम मोहन नायडू तथा बॉलीवुड अभिनेत्री ऐश्वर्या राय बच्चन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, “प्रशांति निलयम के साईं कुलवंत हॉल में श्री सत्य साई बाबा को श्रद्धांजलि अर्पित की और ओंकार हॉल में दर्शन किए। इन पवित्र स्थलों में आना उनकी असीम करुणा और मानवता के उत्थान के प्रति आजीवन समर्पण की याद दिलाता है। निस्वार्थ सेवा का उनका संदेश आज भी लाखों लोगों को प्रेरित करता है।” पीएम मोदी ने आगे लिखा कि श्री सत्य साई सेंट्रल ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में पशु कल्याण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। आज गौदान समारोह में शामिल हुआ, जिसमें जरूरतमंद किसानों को गायें वितरित की जा रही हैं। उन्होंने सभी से अपील की कि हम श्री सत्य साई बाबा के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज के कल्याण के लिए निरंतर कार्य करते रहें। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु थे सत्य साई बाबा श्री सत्य साई बाबा भारत ही नहीं, विश्व के प्रसिद्ध आध्यात्मिक गुरु, शिक्षाविद् और मानवतावादी थे। वे प्रेम, सेवा, शांति और एकता के संदेश के लिए जाने जाते थे। उनके लाखों अनुयायी उन्हें शिरडी साईं बाबा का पुनर्जन्म और दिव्य अवतार मानते हैं। उनके भक्तों में सचिन तेंदुलकर से लेकर ऐश्वर्या राय बच्चन जैसी हस्तियां शामिल हैं। जन्म शताब्दी समारोह के तहत प्रशांति निलयम में पूरे वर्ष विभिन्न धार्मिक और सेवा संबंधी आयोजन हो रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा सत्य साई बाबा की शिक्षाओं और विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। स्पीच में क्या बोलीं ऐश्वर्या राय? ऐश्वर्या राय ने फिर मानवता, धर्म, जाति पर जबरदस्त स्पीच भी दी. एक्ट्रेस की स्पीच का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. अपनी स्पीच में ऐश्वर्या ने कहा- सिर्फ एक ही जाति है, वो है मानवता की जाति. केवल एक ही धर्म है, वो है प्यार का धर्म. केवल एक ही भाषा है, वो है दिल की भाषा, और केवल एक ही ईश्वर है, जो हर जगह मौजूद है.  पीएम मोदी के लिए क्या बोलीं ऐश्वर्या राय ऐश्वर्या राय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा. एक्ट्रेस बोलीं- मैं पीएम नरेंद्र मोदी जी का दिल से शुक्रिया अदा करती हूं, क्योंकि वो आज हमारे साथ समारोह में शामिल हुए हैं. उन्होंने इस खास मौके की शोभा बढ़ाई है. मैं आपके बुद्धिमान और प्रेरणादायक शब्दों को सुनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रही हूं. आपका यहां होना इस जन्म शताब्दी समारोह को और भी पवित्र और खास बना रहा है. यह हमें स्वामी के उस संदेश की याद दिलाता है कि असली नेतृत्व सेवा करना है और इंसान की सेवा ही भगवान की सबसे बड़ी सेवा है. ऐश्वर्या राय की स्पीच का वीडियो भी सोशल मीडिया पर छाया हुआ है.  इस समारोह में श्री सत्य साईं बाबा की विरासत को भी याद किया गया. उनका जन्म 23 नवंबर, 1926 को पुट्टपर्थी में सत्यनारायण राजू के रूप में हुआ था. दया, एकता और निस्वार्थ सेवा जैनी शिक्षाओं के कारण वो दुनियाभर में मशहूर हुए थे. श्री सत्य साईं बाबा का 24 अप्रैल, 2011 को 84 साल की उम्र में निधन हो गया था. वो अपने लाखों भक्तों के लिए एक अनमोल विरासत छोड़ गए. दुनिया के करोड़ों लोग उन्हें एक महान आध्यात्मिक गुरु के रूप में याद करते हैं.

MSP के तहत ज्वार और बाजरा का उपार्जन शुरू 24 नवंबर से, धान 1 दिसंबर से, कलेक्टर्स को निर्देश

भोपाल  ज्वार, बाजरा और धान की फसल की पैदावार करने वाले किसानों के लिए ये जरूरी खबर है सरकार MSP पर उनकी  उपज का उपार्जन शुरू करने वाली है, इसके लिए राज्य सरकार ने उपार्जन नीति घोषित कर दी है, शासन ने उपार्जन से जुड़े महत्वपूर्ण दिशा निर्देश प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को दिए हैं, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश हैं कि उपार्जन केंद्रों पर ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए जिससे किसान को कोई परेशानी ना हो। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत ने कहा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में केंद्र सरकार द्वारा समय – समय पर घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य पर औसत अच्छी गुणवत्ता की धान, ज्वार एवं बाजरा का उपार्जन किसानों से किया जाएगा। राज्य शासन ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा की उपार्जन नीति घोषित कर दी है। समर्थन मूल्य पर ज्वार एवं बाजरा की 24 नवम्बर से 24 दिसम्बर तक और धान की खरीदी एक दिसम्बर से 20 जनवरी, 2026 तक की जायेगी। खरीदी सोमवार से शुक्रवार तक की जायेगी। सख्त निर्देश, किसानों को ना हो कोई परेशानी  खाद्य मंत्री राजपूत ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर्स, नागरिक आपूर्ति निगम तथा वेयर हाउसिंग कॉर्पोरेशन के अफसरों को निर्देश दिए गए हैं कि उपार्जन नीति का अक्षरशः पालन सुनिश्चित कराएं, जिससे किसानों को लाभ पहुंचाने की सरकार की मंशा पूरी हो सके। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर उपार्जन कार्य से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी। एमपी स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी खाद्य मंत्री ने बताया कि निर्धारित अवधि में उपार्जन किया जाएगा। समर्थन मूल्य पर धान, ज्वार एवं बाजरा के उपार्जन के लिए मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज़ कार्पोरेशन नोडल एजेंसी होगी। इसके अलावा विभाग द्वारा केन्द्र एवं राज्य सरकार की अन्य एजेन्सी अथवा उनके द्वारा अधिकृत संस्था को भी उपार्जन एजेन्सी घोषित किया जा सकेगा। ये है फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य धान कॉमन MSP 2369 रुपये प्रति क्विंटल। धान ग्रेड-ए MSP 2389 रुपये  प्रति क्विंटल। ज्वार मालदण्डी MSP 3749 हजार रुपये प्रति क्विंटल। ज्वार हाइब्रिड MSP 3699 रुपये प्रति क्विंटल। बाजरा MSP 2775 रुपये प्रति क्विंटल । किसानों की सुविधा अनुसार होंगे उपार्जन केन्द्र मंत्री श्री राजपूत ने बताया कि उपार्जन केन्द्र के स्थान का निर्धारण किसानों की सुविधा अनुसार किया जाएगा। उपार्जन केन्द्र प्राथमिकता से गोदाम/केप परिसर में स्थापित किए जाएंगे। गोदाम/केप उपलब्ध न होने पर समिति एवं अन्य स्तर पर उपार्जन केन्द्र स्थापित किए जा सकेंगे। जिले में उपार्जन केन्द्रों की संख्या का निर्धारण किसान पंजीयन, पंजीयन में दर्ज बोया गया रकबा एवं विगत वर्ष निर्धारित उपार्जन केन्द्रों के आधार पर राज्य उपार्जन समिति द्वारा किया जाएगा। ऐसी रहेगी बारदाना व्यवस्था खाद्य मंत्री ने बताया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन के लिये 46 प्रतिशत पुराने और 54 प्रतिशत नवीन जूट बारदाने उपयोग किये जायेंगे। बारदानों की व्यवस्था उपार्जन एजेंसी द्वारा की जायेगी। ज्वार एवं बाजरे का उपार्जन नवीन जूट बारदानों में किया जायेगा। इन निर्देशों का पालन करना जरूरी      केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा धान, ज्वार एवं बाजरा के समर्थन मूल्य पर उपार्जन के लिये निर्धारित यूनिफार्म स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार एवं समय-समय पर इसमें दी गई शिथिलता के अनुसार उपार्जन किया जायेगा।     गुणवत्ता परीक्षण का दायित्व उपार्जन केन्द्र में उपार्जन करने वाली संस्था और भण्डारण स्थल पर उपार्जन एजेंसी का होगा।     कृषि उपज मण्डियों में एफएक्यू मानक की धान, ज्वार एवं बाजरा की खरीदी समर्थन मूल्य से कम पर क्रय नहीं किया जायेगा। नॉन एफएक्यू उपज का सैम्पल कृषि उपज मण्डी द्वारा संधारित किया जायेगा।     किसान पंजीयन में दर्ज फसल के रकबे एवं राजस्व विभाग द्वारा तहसीलवार निर्धारित उत्पादकता के आधार पर कृषक द्वारा खाद्यान्न की विक्रय योग्य अधिकतम मात्रा का निर्धारण किया जायेगा।     कृषक द्वारा उपज बेचने के लिये उपार्जन केन्द्र एवं विक्रय दिनांक के चयन के लिये स्लॉट बुकिंग करानी होगी।     उपार्जित खाद्यान्न का उपार्जन केन्द्र से गोदाम तक परिवहन का दायित्व उपार्जन एजेंसी का और धान को उपार्जन केन्द्र/गोदाम से सीधे मिलर्स तक परिवहन का दायित्व मिलर्स का होगा।  

छतरपुर में बागेश्वर धाम पहुंचे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री, पदयात्रा के अनुभव भक्तों के साथ साझा किए

छतरपुर   दिल्ली से वृंदावन तक सनातन हिंदू एकता पदयात्रा निकालने के बाद पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री बागेश्वर धाम पहुंच गए. उन्होंने धाम में बालाजी के दर्शन करते हुए पूजा अर्चना की. पुरानी पेशी का दरबार लगाते हुए सबको आशीर्वाद दिया. इस दौरान बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी के प्रभाव से यात्रा निर्विघ्न संपन्न हुई. सभी लोग हनुमान जी पर भरोसा रखें, सब संकट दूर हो जाएंगे.इतनी बड़ी यात्रा के बीच कई झंझट आए, आतंकवादी पीछे लगे, फरीदाबाद में भारी विस्फोटक मिला, हथियार मिले, इन सबका मकसद यात्रा को रोकना था लेकिन बालाजी ने यात्रा नहीं रुकने दी. आतंकियों की तो ठठरी बर गई." पदयात्रा में हिंदुओं का चलता समुद्र दिखा बाबा बागेश्वर ने कहा "यात्रा के दौरान सड़कों पर हिंदुओं का चलता समुद्र दिखाई दिया. दुनिया ने देखा हिंदुओं का ज्वार भाटा, अंगूर की कीमत गुच्छे में है अलग होने में नहीं. जिस तरह से सिर्फ कठपुतली दिखाई देती है लेकिन कठपुतली को चलाने वाला कोई और होता है, ठीक उसी तरह से हम सब पदयात्री के रूप में दिखाई देते रहे लेकिन चलाते बालाजी रहे." 7 नवंबर से दिल्ली के कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू हुई सनातन हिंदू एकता पदयात्रा के 16 नवंबर को वृंदावन में संपन्न हुई. पूरे देश में समरसता का संदेश गया बाबा बागेश्वर ने कहा "हनुमान जी की पूंछ पर आग लगाने की कोशिश वालों के घर जल गए, पूंछ सुरक्षित है. पदयात्रा से 03 सफलताएं मिली. पदयात्रा का संदेश दूर-दूर तक गया. पहली सफलता यह कि हिंदू एकता को इससे ताकत मिली है. दूसरी सफलता समरसता का संदेश सबको मिला. रास्ते में संत समाज ने उन लोगों के साथ बैठकर भोजन पाया, जिन्हें लोग अछूत कहते हैं. वहां उन गांवों में समरसता की चर्चा हुई. सभी ने छुआछूत मिटाकर सबके साथ एक भाव रखने का काम शुरू किया. तीसरी सफलता वृंदावन में मदिरा की खुली दुकानें बंद करने की कार्रवाई शुरू हुई." यात्रा में विघ्न डालने वाले हुए नाकाम धीरेंद्र शास्त्री ने कहा "पदयात्रा में विघ्न डालने के मंसूबे पाले बैठे आतंकियों की ठठरी बर गई. इतनी बड़ी यात्रा में इतने झंझट आये, विरोध हुआ, आतंकवादी पीछे लग गए, बम विस्फोट हुआ, फरीदाबाद में जहां हम रुके थे वही पास में कट्टा, बंदूक, AK 47, RDX पकड़ा गया. खूब तैयारी में थी डराने की लेकिन देशविरोधी ताकतों को नाकामी मिली." 

नक्सल विरोधी अभियान तेज, CM साय बोले— ‘अब अंत करीब है’

रायपुर छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती इलाकों में जारी एंटी नक्सल ऑपरेशन को लेकर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बुधवार को मीडिया से चर्चा में बयान दिया. उन्होंने कहा कि करीब 2 साल होने को आया, हमारे जवान ताकत के साथ नक्सली के खिलाफ लड़ते आ रहे हैं. अब नक्सलवाद का समापन होने वाला है, वह अपनी अंतिम सांस गिन रहा है. केंद्र में हमारी (भाजपा) सरकार है, जिसका लाभ मिल रहा है. प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री के नक्सलवाद को समाप्त करने का संकल्प अवश्य पूर्ण होगा. बिजली बिल हाफ योजना के फैसले पर सीएम साय मुख्यमंत्री साय ने बिजली बिल हाफ योजना को लेकर कहा कि मंगलवार को विधानसभा का पुराने भवन, जो 25 वर्षों तक छत्तीसगढ़ की जनता का आशा और विश्वास का प्रतीक रहा, वहां दिनभर चर्चा हुई. इसी के साथ विधानसभा में एक महत्वपूर्ण घोषणा भी की गई. हाफ बिजली बिल जो 100 यूनिट था, उसमें वृद्धि कर 200 यूनिट किया गया है. इसका काफी लोगों को फायदा मिलेगा, और जो बच गए हैं, उनके लिए प्रधानमंत्री सूर्य मुफ्त योजना से लाभ दिया जाएगा. उन्होंने बताया कि एक किलोवाट में भारत सरकार की ओर से 30 हजार रुपए और राज्य सरकार की तरफ से 15 हजार रुपए की सब्सिडी दी जा रही है. लगभग लागत का तीन चौथाई सब्सिडी के रूप में कंज्यूमर को मिलेगा. एक चौथाई उनको लगाना पड़ेगा और कुछ वर्षों में उनका पूरा लोन समाप्त हो जाएगा. उसके बाद वह मुफ्त में बिजली का इस्तेमाल कर सकेंगे. साथ ही जो बिजली उत्पन्न करेंगे वह बिजली बेच भी पाएंगे. किसानों के लिए आज सौभाग्य का दिन धमतरी में किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त अंतरण कार्यक्रम को लेकर मुख्यमंत्री साय ने  कहा कि आज का दिन हमारे छत्तीसगढ़ सहित देश के किसान भाईयों के लिए सौभाग्य का दिन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कोयंबटूर से देश के 9 करोड़ किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के 18 हजार करोड़ रुपए भेजने वाले हैं. छत्तीसगढ़ के 24 लाख 70 हजार किसानों के खाते में 494 करोड़ दिए जाएंगे. उन्होंने प्रदेश के सभी किसानों को बधाई दी. साथ ही देश के प्रधानमंत्री मोदी और कृषि मंत्री शिवराज को धन्यवाद ज्ञापित किया.

रायपुर ATS की बड़ी कार्रवाई: छत्तीसगढ़ में ISIS नेटवर्क पर शिकंजा, FIR दर्ज

रायपुर  छत्तीसगढ़ में एक बड़ा आतंकी नेटवर्क तैयार करने की कोशिश को एटीएस (Anti-Terrorism Squad) ने समय रहते विफल कर दिया है। रायपुर एटीएस की जांच में सामने आया है कि पाकिस्तान स्थित इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (ISIS) मॉड्यूल इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर भारतीय किशोरों को अपने नेटवर्क में जोड़ने की कोशिश कर रहा था। इस मामले में एटीएस ने सोमवार देर रात गैरकानूनी गतिविधि (निवारण) अधिनियम, 1967 (UAPA) के तहत पहली एफआईआर दर्ज की है। इसकी स्थापना के बाद से पहली बड़ी कार्रवाई है। सूत्रों के अनुसार, एटीएस ने दो नाबालिग लड़कों की पहचान की है, जिनकी उम्र 16 और 17 वर्ष बताई जा रही है। इनमें से एक रायपुर का रहने वाला है और दूसरा भिलाई का। खुफिया एजेंसियां इन दोनों पर पिछले डेढ़ साल से नजर रख रही थीं। जांच के दौरान इनके मोबाइल फोनों से कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाले कई संदेश और वीडियो सामग्री मिली है, जिससे साफ संकेत मिलता है कि विदेशी हैंडलर्स इन युवाओं को आतंकी विचारधारा की ओर मोड़ने की कोशिश कर रहे थे। फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए गुमराह कर रहा था ISIS मॉड्यूल जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि पाकिस्तानी हैंडलर फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट्स का इस्तेमाल कर भारतीय नाबालिगों से संपर्क साध रहे थे। एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक, ये हैंडलर्स पहले किशोरों से दोस्ती करते, फिर धीरे-धीरे उन्हें कट्टरपंथी सामग्री भेजकर उनकी मानसिकता को प्रभावित करते थे। ग्रुप चैट्स के जरिए उन्हें जिहादी वीडियो, कथित धार्मिक संदेश और ISIS से जुड़ी गलत सूचनाएं भेजी जाती थीं। हैंडलर्स का उद्देश्य नाबालिगों को इस कदर ब्रेनवॉश करना था कि वे स्थानीय स्तर पर ISIS की जड़ें फैलाने में मदद कर सकें। इसके तहत उन्हें "अंदरूनी सूचनाएं जुटाने", "स्थानीय समर्थन आधार बनाने" और "छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल खड़ा करने" के लिए प्रेरित किया जा रहा था। एजेंसियों को मिला संदिग्ध डिजिटल सबूत एटीएस और खुफिया एजेंसियों की जांच में यह भी पाया गया कि दोनों नाबालिगों के मोबाइल में ऐसे कई चैट, नोट्स और वीडियो मौजूद हैं जो कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देते हैं। एजेंसियों को संदेह है कि इन युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से "लोन वुल्फ" हमलों और स्थानीय स्तर पर अस्थिरता पैदा करने के तरीकों पर भी प्रभावित किया जा रहा था। एटीएस अधिकारियों ने बताया कि पाकिस्तान स्थित ISIS नेटवर्क का यह मॉड्यूल भारत में अस्थिरता पैदा करने के लिए किशोरों और युवाओं को सबसे आसान निशाना मानकर उन पर फोकस कर रहा था। स्थापना के बाद ATS की पहली FIR छत्तीसगढ़ एटीएस की स्थापना वर्ष 2017 में की गई थी। हालांकि विशेष मामलों में आमतौर पर स्थानीय पुलिस स्टेशन के माध्यम से UAPA लागू किया जाता था, लेकिन इस बार एटीएस ने स्वयं UAPA की पहली FIR दर्ज की है। यह कार्रवाई आतंकवाद-रोधी तंत्र को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।  एटीएस अधिकारियों के अनुसार, राज्य में ऐसे अन्य संभावित संपर्कों की तलाश की जा रही है जो विदेशी आतंकी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं। एजेंसियों का कहना है कि आने वाले समय में इस तरह की जांच और सख्ती बढ़ाई जाएगी। राज्य की सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती छत्तीसगढ़ में आतंकवादी संगठनों की ऑनलाइन घुसपैठ सुरक्षा एजेंसियों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। सोशल मीडिया के माध्यम से कट्टरपंथ फैलाने की यह नई रणनीति युवा वर्ग को तेजी से प्रभावित कर रही है, जिसे रोकने के लिए एटीएस और साइबर सेल मिलकर रणनीतिक कदम उठा रहे हैं। इस कार्रवाई के बाद राज्य की एजेंसियां अधिक सतर्क हो गई हैं और सोशल मीडिया के माध्यम से आतंकी संगठनों की घुसपैठ रोकने के लिए व्यापक अभियान चलाने की तैयारी कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में ISIS मॉड्यूल की यह साजिश बेनकाब होना राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

भोपाल:मुंह पर गमछा बांधकर कैफे में टूटे 20 बदमाश, तलवार-डंडों से मचाई दहशत

 भोपाल राजधानी भोपाल में एक बार फिर बदमाशों के हौसले बुलंद हो गए हैं. शहर के होशंगाबाद रोड स्थित मैजिक स्पॉट कैफे में बदमाशों ने जमकर तोड़फोड़ की. पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है.  मिसरोद थाना इलाके में मैजिक स्पॉट कैफे संचालक सक्षम गोस्वामी ने बताया कि मंगलवार शाम 7:00 बजे करीब 20 से 25 बदमाश मुंह पर कपड़ा बांध अपने हाथों में डंडे, तलवार, बेसबॉल डंडा लेकर आए और दुकान का फर्नीचर, कांच का सामान फोड़कर चले गए. एक कर्मचारी को हाथ में तलवार भी लगी है. साथ ही एक ग्राहक को डंडा मारा था, जिससे उसकी उंगली फैक्चर हो गई.  कैफे संचालक ने बताया, ''मेरा कभी किसी से कोई भी विवाद नहीं हुआ. पुलिस में FIR दर्ज कराई है, जिसमें पुलिस ने बलवा, तोड़फोड़ मारपीट की धाराएं लगाकर हमको मदद का आश्वासन दिया है. ये गुंडे हाथों में तलवारें, डंडे और अन्य हथियार लेकर कैफे के अंदर घुस आए. उन्होंने वहां जमकर तोड़फोड़ शुरू कर दी. कैफे का काउंटर तोड़ दिया, कांच के शीशे चकनाचूर कर दिए, फर्नीचर को तहस-नहस कर दिया. डिस्प्ले में रखी चीजें और मशीनें भी नहीं बख्शीं. सब कुछ तोड़ते-फोड़ते हुए ये बदमाश चिल्ला रहे थे और डर का माहौल बना रहे थे. कैफे में मौजूद कर्मचारियों को भी इन गुंडों ने नहीं छोड़ा. उन्होंने स्टाफ के साथ मारपीट की. डंडों और तलवारों से हमला किया, जिससे कई कर्मचारी घायल हो गए. कैफे में उस समय कुछ ग्राहक भी मौजूद थे. जैसे ही तोड़फोड़ शुरू हुई, ग्राहक अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे. कोई बाहर की ओर भागा, तो कोई छिपने की कोशिश करने लगा. पूरा कैफे अफरा-तफरी से भर गया. यह पूरी घटना कैफे में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई. वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे नकाबपोश बदमाश एक-एक करके चीजें तोड़ रहे हैं. काउंटर पर कूदकर सामान फेंक रहे हैं, ग्लास फोड़ रहे हैं और फर्नीचर पर डंडे बरसा रहे हैं. यह फुटेज सामने आने के बाद इलाके में दहशत फैल गई. लोग सहम गए कि इतनी बड़ी संख्या में गुंडे दिनदहाड़े कैसे हमला कर सकते हैं. कैफे के मालिक बहुत डर गए. उन्होंने तुरंत पुलिस में शिकायत की. मिसरोद थाने में जाकर उन्होंने एफआईआर दर्ज करवाई. मालिक ने बताया कि यह हमला किसी पुरानी रंजिश या फिर जबरन वसूली की वजह से हो सकता है. उन्होंने कुछ नामों का जिक्र किया. एफआईआर में योगी, निखिल, अभिषेक और कई अन्य लोगों के नाम शामिल किए गए. पुलिस ने इन नामों पर मुकदमा दर्ज कर लिया है. अब पुलिस जांच कर रही है. सीसीटीवी फुटेज की मदद से बदमाशों की पहचान करने की कोशिश हो रही है. इलाके में लोगों का कहना है कि गुंडागर्दी बढ़ रही है, पुलिस को सख्ती दिखानी चाहिए. नया कैफे खुला था, लोग खुशी-खुशी आते थे, लेकिन इस घटना ने सबको डरा दिया. उम्मीद है कि जल्दी ही सभी आरोपी पकड़े जाएंगे और कैफे मालिक को न्याय मिलेगा.यह घटना बताती है कि शहर में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की जरूरत है. आम लोग सुरक्षित महसूस करें, इसके लिए पुलिस को सक्रिय रहना होगा. दो संदेही उठाए, पूछताछ कर रही पुलिस डीसीपी विवेक सिंह ने बताया कि एफआईआर में जिन नामों का जिक्र था, उनमें से दो को राउंड अप कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। हमने 2 संदेहियों को उठाया है। उनके बयान लिए जा रहे हैं। अभी वजह स्पष्ट नहीं है, रंजिश थी या कोई पुराना विवाद, इसकी पड़ताल की जा रही है। तीन थानों की संयुक्त टीमें लगीं हमले की गंभीरता देखते हुए पुलिस ने तीन थानों की संयुक्त टीमें लगाई हैं। जिसमें मिसरोद, बागसेवनिया और कटारा हिल्स शामिल हैं विवेक सिंह ने बताया, तीनों थानों की टीमें अलग-अलग एंगल पर जांच कर रही हैं। फुटेज, शक के आधार, रूट मैप, और संभावित विवादों को लेकर जांच की जा रही है। हमलावरों ने अपने चेहरे बांध रखे थे, जिससे पहचान में दिक्कत हो रही है। लेकिन पुलिस को कुछ क्लू मिले हैं, जिन पर टीमें काम कर रही हैं। कैफे संचालक सक्षम गिरि ने योगी, निखिल, अभिषेक समेत पांच नामजद और अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई है।   डीसीपी जोन 2 विवेक सिंह ने बताया कि मैजिक स्पॉट कैफे में कुछ बदमाशों ने तोड़फोड़ की है. कैफे संचालक शुभम गोस्वामी ने थाने जाकर FIR दर्ज कराई है. तत्काल पुलिस ने मारपीट, बलवा, आर्म्स एक्ट की धारा लगाकर जांच शुरू कर दी है.  पुलिस अफसर ने बताया कि कई थानों की टीम बदमाशों को पकड़ने के लिए लगाई हुई है. कैफे मालिक की तरफ से अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि उसकी किसी से पुरानी रंजिश है या नहीं. कैफे संचालक ने कुछ संदेहियों के फोटो दिए हैं, उसी के आधार पर दो से तीन लोगों को पुलिस ने राउंडअप किया है और उनसे पूछताछ की जा रही है.

अनमोल विश्नोई को अमेरिका से रिफ्रेड किया भारत, दिल्ली कोर्ट में होगी पेशी

 नई दिल्ली कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का भाई और NIA की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल अनमोल बिश्नोई आखिरकार भारत लौट आया है. अमेरिका से डिपोर्ट किए गए अनमोल को बुधवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारा गया. एयरपोर्ट पर लैंड होते ही NIA की टीम ने उसे हिरासत में ले लिया, जहां से उसे सीधे पटिलाया हाउस कोर्ट ले जाया जाएगा. अनमोल पर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड, सिद्धू मूसे वाला मर्डर और सलमान खान के घर पर फायरिंग जैसे कई हाई-प्रोफाइल केसों में आरोप हैं. बता दें कि अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट ने मंगलवार (18 नवंबर 2025) को अनमोल बिश्नोई को डिपोर्ट किया है. एयरपोर्ट पर NIA की टीम ने अनमोल को हिरासत में ले लिया. सूत्रों के अनुसार, पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद NIA उसकी कस्टडी लेगी. उसके खिलाफ 18 से ज्यादा केस दर्ज हैं, जिनमें हथियारों की आपूर्ति और लॉजिस्टिक सपोर्ट का आरोप हैं. NIA अधिकारी ने कहा, 'अनमोल लॉरेंस बिश्नोई का मुख्य ओवरसीज हैंडलर था. वह एक्सटॉर्शन, थ्रेट्स और असाइनमेंट्स को एन्क्रिप्टेड चैनलों से कंट्रोल करता था. अब उसकी कस्टडी में कई राज खुलेंगे.' अनमोल को अमेरिका ने निकाला बाहर गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भाई अनमोल बिश्नोई को अमेरिका ने देश से बाहर निकाल दिया है. सूत्रों के मुताबिक उसे अमेरिका से भारत प्रत्यर्पित किया जा रहा है. सेंट्रल एजेसियों और दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के लिए यह बड़ी कामयाबी मानी जा रही है. अनमोल बिश्नोई के खिलाफ देश भर के कई राज्यों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. अनमोल पर घोषित था 10 लाख का इनाम एनआईए ने अनमोल बिश्नोई पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। 2022 में हुई पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या मामले में भी अनमोल बिश्नोई का नाम सामने आया था। इसके अलावा, एनसीपी नेता नेता बाबा सिद्दीकी के बेटे जीशान सिद्दीकी ने बताया कि उन्हें एक ईमेल मिला था जिसमें बताया गया कि अनमोल बिश्नोई को अमेरिका से "निकाल" दिया गया। कैसे दिया था बाबा सिद्दीकी मर्डर को अंजाम? जान लें कि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी को 12 अक्टूबर, 2024 की रात को उनके बेटे जीशान के बांद्रा वाले दफ्तर के सामने मार दिया गया था। बाइक सवार बदमाशों ने बाबा सिद्दीकी को गोली मार दी थी। इस हत्याकांड में अनमोल के बड़े भाई लॉरेंस बिश्नोई के गैंग से जुड़े कई लोगों को अरेस्ट किया गया था। कौन है अनमोल बिश्नोई?     अनमोल बिश्नोई गैंगस्टर लॉरेंस का छोटा भाई है.     अमेरिका में बैठकर वह भारत में आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहा था.     .अनमोल के खिलाफ 18 मामले दर्ज हैं, जिनमें मूसेवाला की हत्या के लिए हथियार और रसद मुहैया कराना भी शामिल है.     मुंबई के बांद्रा में सलमान खान के घर के बाहर हुई गोलीबारी की ज़िम्मेदारी अनमोल बिश्नोई ने ली थी     बाबा सिद्दीकी की 12 अक्टूबर, 2024 को उनके बेटे के दफ्तर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, अनमोल उन शूटरों के भबी संपर्क में था.  अनमोल को भारत लाना लॉरेंस पर बड़ी चोट बीते सालों में विदेश में पंजाबी सिंगर करन औजला के साथ एक नाइट पार्टी में अनमोल बिश्नोई भी नजर आया था. 2024 में उसे अमेरिका में हिरासत में भी ले लिया गया था. जानकारी के मुताबिक, तब से ही अनमोल अमेरिका की पुलिस और एजेसियों की कस्टडी मे था. अनमोल बिश्नोई के भारत डिपोर्ट होने के बहुत बड़े मायने हैं. क्योंकि अनमोल बिश्नोई गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेन्स बिश्नोई का सगा भाई है. लॉरेश गैंग के हर ऑपरेशन का ज़िम्मा भी अनमोल पर हुआ करता था. उसको भारत वापस लाया जाना लॉरेंस के लिए बड़ी चोट से कम नहीं है. बाबा सिद्दीकी हत्याकांड का मास्टरमाइंड है अनमोल  भारत सरकार लंबे समय से अमेरिका से अनमोल के प्रत्यर्पण की कोशिश में लगी हुई थी. अब जाकर उसे कामयाबी हाथ लगी है. अनमोल न सिर्फ बाबा सिद्धीकी हत्या मामले का साजिशकर्ता है, बल्कि अप्रैल में एक्टर सलमान खान के घर के बाहर फायरिंग और 12 अक्टूबर को एनसीपी नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी उसका अहम रोल रहा है. एनआईए ने तो अनमोल को मोस्ट वांटेड बताते हुए उस पर 10 लाख रुपये के इनाम घोषित किया हुआ है. वहीं मुंबई पुलिस ने उसके खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी कर रखा है.  

सरकार पर निर्भरता कम करें, परियोजना निर्धारित करते समय आय सृजन की संभावनाओं का भी रखें ध्यान: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन की विकास कार्ययोजना की समीक्षा की परियोजनाओं में निजी क्षेत्र की भागीदारी के लिए रेवेन्यू शेयरिंग और पीपीपी मॉडल अपनाने पर जोर सरकार पर निर्भरता कम करें, परियोजना निर्धारित करते समय आय सृजन की संभावनाओं का भी रखें ध्यान: मुख्यमंत्री तीनों शहरों में 478 विकास परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार मेरठ में बिजली बम्बा बाईपास को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की संभावना तलाशने के निर्देश यातायात सुधार, मल्टीलेवल पार्किंग, स्मार्ट रोड और शहरी सौंदर्यीकरण को प्राथमिकता कानपुर और मथुरा वृंदावन में विरासत, संस्कृति और पर्यटन आधारित विकास मॉडल लागू होगा जनहित से जुड़े कार्यों के लिए धनराशि की कमी नहीं होगी, जरूरत पड़ेगी तो अतिरिक्त बजट भी मिलेगा: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के समग्र नगरीय विकास की कार्ययोजना की समीक्षा करते हुए कहा कि इन नगरों का विकास केवल सड़कों और इमारतों के निर्माण तक सीमित न हो, बल्कि उनका स्वरूप ऐसा बने जिसमें स्थानीय पहचान, इतिहास, संस्कृति और आधुनिक सुविधाओं का संतुलन दिखे। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाएं चरणबद्ध ढंग से लागू हों, कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरे किए जाएं और नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ दिखे। मुख्यमंत्री ने मेरठ में प्रस्तावित बिजली बम्बा बाईपास को लखनऊ ग्रीन कॉरिडोर की तर्ज पर पीपीपी मोड में विकसित करने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से तीनों मंडलों के मंडलायुक्तों ने बारी-बारी से अपनी कार्ययोजना से अवगत कराया। बताया गया कि अयोध्या, वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज की तर्ज पर अब मेरठ, कानपुर और मथुरा-वृंदावन के लिए भी समेकित विकास मॉडल अपनाया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों से विमर्श और विभागों के बीच समन्वय के आधार पर इन शहरों में कुल 478 परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार की गई है। इनमें मेरठ में 111, कानपुर में 109 और मथुरा-वृंदावन में 258 परियोजनाओं का विकास प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक श्रेणी में विभाजित कर स्पष्ट समयसीमा तय की गई है। बैठक में बताया गया कि पहले चरण की कार्ययोजना के रूप में वर्ष 2025-26 में मेरठ में 11, कानपुर में 13 और मथुरा-वृंदावन में 14 प्राथमिक परियोजनाओं पर कार्य किया जाए। इन परियोजनाओं में यातायात सुधार, चौराहों का पुनर्विकास, मल्टीलेवल पार्किंग, हरित क्षेत्र, सड़क और पेवमेंट सुधार, बिजली लाइनों का भूमिगतकरण, जल प्रबंधन, पर्यटन सुविधाओं का उन्नयन और शहरी सौंदर्यीकरण जैसी जरूरतों को प्राथमिकता दी गई है। बैठक में बताया गया कि मेरठ में यातायात सुगमता के लिए बिजली बम्बा बाईपास, लिंक रोड, हापुड़ अड्डा से गांधी आश्रम तक चौड़ीकरण, ईस्टर्न कचहरी रोड, सूरजकुंड चौराहा, क़य्यम नगर पार्क, 19 प्रमुख चौराहों पर जंक्शन इम्प्रूवमेंट, संजय वन, शताब्दी नगर एसटीपी से मोहकमपुर औद्योगिक क्षेत्र तक जल पुनर्चक्रण व्यवस्था, स्मार्ट रोड और यूनिवर्सिटी रोड क्षेत्रीय पुनर्विकास जैसी परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। कानपुर के संबंध में बताया गया कि विकास का आधार “रूटेड इन लेगेसी, राइजिंग टू टुमॉरो” की अवधारणा होगी। मैनावती मार्ग चौड़ीकरण, मल्टीलेवल पार्किंग, मास्टर प्लान सड़कों का निर्माण, ग्रीन पार्क के आसपास शहरी डिजाइन सुधार, मकसूदाबाद सिटी फॉरेस्ट, बोटैनिकल गार्डन, वीआईपी रोड, रिवरफ्रंट लिंक, ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, मेट्रो विस्तार और ग्रेटर कानपुर के रूप में नए विस्तार क्षेत्र की दृष्टि इस योजना में शामिल है। मथुरा-वृंदावन के लिए प्रस्तुत मास्टर प्लान के तहत शहर को 'विजन-2030' के रूप में विकसित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। बैठक में बताया गया कि श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए स्ट्रीट फसाड डेवलपमेंट, मल्टीलेवल पार्किंग, बस पार्किंग, प्रवेश द्वारों का सौंदर्यीकरण, नए मार्गों का निर्माण, बरसाना-गोवर्धन-राधाकुंड कॉरिडोर सुधार, परिक्रमा मार्ग पर सुविधाएं और नगर प्रवेश से धार्मिक स्थलों तक संकेतक एवं प्रकाश व्यवस्था की योजना शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के लिए नवाचार, बेहतर प्रबंधन और वित्तीय संयोजन पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने अधिकारियों को रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल पर निजी क्षेत्र का सहयोग लेने और जहां संभव हो वहां पीपीपी मोड अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास का उद्देश्य ऐसा शहरी ढांचा तैयार करना है जो यातायात को सुगम बनाए, पैदल यात्रियों और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दे, हरे-भरे शहरों की दिशा में आगे बढ़े और स्थानीय पहचान को मजबूत करे। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के लिए यदि अतिरिक बजट की आवश्यकता होगी तो उसे उपलब्ध कराया जाएगा।

₹39453 लाख की परियोजनाओं से 36 हजार हेक्टेयर में पुनर्स्थापित होगी सिंचाई क्षमता

नहर व्यवस्था सुधार के लिए 95 नई परियोजनाओं को मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी ₹39453 लाख की परियोजनाओं से 36 हजार हेक्टेयर में पुनर्स्थापित होगी सिंचाई क्षमता मुख्यमंत्री का निर्देश सभी परियोजनाएं तय समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूरी हों अनुपयोगी भूमि के उपयोग के लिए विभाग को कार्ययोजना बनाने के निर्देश सिंचाई सुधार कार्यक्रम से करीब 9 लाख किसानों को होगा सीधा लाभ सिंचाई एवं जल प्रबंधन और अन्नदाता किसान हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक में नहर व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से 95 नई परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं प्रदेश के कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने और किसानों को समयबद्ध सिंचाई उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कुल ₹39453.39 लाख की लागत वाली इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर 36 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई क्षमता पुनर्स्थापित होगी, जिससे लगभग 9 लाख किसान और ग्रामीण आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। साथ ही 273 हेक्टेयर विभागीय राजकीय भूमि को संरक्षित किया जा सकेगा। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित समयसीमा में पूर्ण हों और गुणवत्ता पर किसी भी स्थिति में समझौता न किया जाए। बैठक में बताया गया कि नहर पुनर्स्थापना से जुड़ी इन 95 परियोजनाओं में नहर प्रणाली के गैप्स में नहर निर्माण, हेड रेगुलेटर, क्रॉस रेगुलेटर, साइफन, फॉल तथा अन्य पक्की संरचनाओं का निर्माण शामिल है। नहरों के आंतरिक एवं बाह्य सेक्शन के सुधार, फिलिंग रीच में लाइनिंग के कार्य, क्षतिग्रस्त कुलाबों के पुनर्निर्माण, नहरों पर पुल-पुलियों के निर्माण एवं मरम्मत तथा नहर पटरियों पर खड़ंजा निर्माण को भी परियोजनाओं में शामिल किया गया है। निरीक्षण भवनों, कार्यालय भवनों तथा नहरों पर निर्मित पनचक्कियों के जीर्णोद्धार के साथ ही विभागीय भूमि की सुरक्षा हेतु बाउंड्रीवाल निर्माण भी प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन से सिंचाई नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी और विभिन्न क्षेत्रों में जल उपलब्धता सुचारू होगी, विशेष रूप से पूर्वांचल, तराई, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों को इनसे बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल निर्माण नहीं बल्कि जल प्रबंधन की दक्षता, किसान हित, कृषि उत्पादन वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी किसान सिंचाई के अभाव में अपनी फसल प्रभावित न होने पाए।  मुख्यमंत्री ने बैठक में विभाग को अनुपयोगी पड़ी भूमि के सर्वेक्षण और उसके सदुपयोग हेतु विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विभागीय भूमि का सुविचारित उपयोग विभाग की आय संवर्द्धन में सहायक होगा।  बैठक में मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रबंधन से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि आगामी वर्ष की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां जनवरी माह से प्रारंभ कर दी जाएं। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन से विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए ताकि समय रहते आगे की कार्यवाही सुनिश्चित हो सके।