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MP की लोक परिवहन सेवा 7 चरणों में सड़कों पर लौटेगी, इंदौर में 50 किमी क्षेत्र में पहले चरण की बसें

भोपाल   प्रदेश में 20 साल से बंद सरकारी लोक परिवहन सेवा नए सिरे से 7 चरणों में सड़कों पर उतरेगी। पहले चरण में इंदौर और आसपास के 50 किमी क्षेत्र में अनुबंधित बसें चलेंगी। दूसरे चरण में इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार होगा। भोपाल व उज्जैन शहर के 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहर व अंतर शहरी रूट पर बसें दौडे़ंगी। 7वें चरण में ग्वालियर-चंबल संभाग के जिले कवर होंगे। परिवहन विभाग के सचिव व मप्र यात्री परिवहन और इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के एमडी मनीष सिंह ने संचालक मंडल की पहली बैठक में सीएम डॉ. मोहन यादव(CM Mohan Yadav) के सामने पूरी कार्ययोजना पेश की। परिवहन सचिव ने सीएम को बताई योजना     इंदौर शहर से 50 किमी के दायरे में आने वाले सभी शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें चलेंगी।     इंदौर संभाग के सभी जिलों तक विस्तार। उज्जैन व भोपाल शहर से 50 किमी दायरे में आने वाले शहरी व अंतर शहरी रूट पर बसें दौड़ेंगी।     उज्जैन संभाग के सभी जिले कवर होंगे।     सागर व जबलपुर संभाग के जिलों में शुरुआत, रूट चिह्नित।     भोपाल-नर्मदापुरम संभाग के सभी जिलों में लोक परिवहन सेवा जमीन पर उतरेगी।     रीवा व शहडोल संभाग के जिले कवर होंगे।     ग्वालियर व चंबल संभाग के सभी जिलों तक सेवा का विस्तार। देश में पहली बार परिवहन सचिव मनीष सिंह ने सीएम को बताया कि लोक परिवहन सेवा के लिए इंटीग्रेटेड ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम बना रहे हैं। यह देश का पहला सिस्टम होगा, जिसमें बस लोकेशन ट्रैकिंग, ऑटोमेटिक किराया संकलन, अलर्ट, शिकायत निवारण जैसे 18 मॉड्यूल होंगे। मुख्यमंत्री: फायदे वाले रूट पर ही दौड़कर न रह जाएं बसें मुख्यमंत्री ने पूरी कार्ययोजना देखी और परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह, मुख्य सचिव अनुराग जैन समेत अन्य अफसरों से राय ली। बोले-यह सरकार का सबसे बड़ा महत्वाकांक्षी और जनकल्याण से जुड़ा काम है। ध्यान रहे, बसें सिर्फ फायदे वाले रूटों तक ही न चलाएं। लोगों की जरूरत वाले रूट भी चिह्नित कर बसें दौड़ाएं। सीएम के ये सुझाव 15 साल या उससे पुरानी बसें नहीं चलाई जाएं। राज्यों के मॉडलों का एक बार और अध्ययन कराएं। जो अच्छा हो, उसे भी कार्ययोजना में शामिल करें। मप्र यात्री परिवहन व इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड कंपनी का लोगो प्रतियोगिता के आधार पर तय करें। ऐसे तय होगा किराया यात्री किराए का निर्धारण थोक मूल्य सूचकांक, श्रम दर, ईंधन दर, पूंजीगत लागत और वर्तमान किराये के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा अन्य मापदंड भी देखे जाएंगे।

इंडिया-US ट्रेड एग्रीमेंट फाइनल स्टेज पर, टैरिफ में बड़ी कटौती की उम्मीद

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच व्यापार को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है, और अब बस इसकी घोषणा का इंतजार है। यह वही समझौता है जिसके तहत ट्रंप प्रशासन द्वारा भारतीय सामान पर लगाए गए 50% तक के भारी शुल्क को दोबारा से रिव्यू किया जा सकता है। क्या भारत को आखिरकार राहत मिलने वाली है? अभी अमेरिका ने भारत पर कितना ट्रैफिक लगा रखा है? पिछले कुछ सालों में अमेरिकी बाजार में भारतीय सामान पर भारी शुल्क लगने से व्यापार पर बड़ा असर पड़ा है। रूसी तेल से जुड़े अंतरराष्ट्रीय तनाव के बाद अमेरिका ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25% पारस्परिक शुल्क और 25% अतिरिक्त पेनल्टी लगा दी थी। इससे भारत के निर्यात की प्रतिस्पर्धा काफी कम हो गई थी। लेकिन अब ऐसी खबरें हैं कि भारत और अमेरिका दोनों इस टैरिफ मुद्दे को हल करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहे हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि, “ट्रेड डील का पहला पैकेज लगभग अंतिम चरण में है। यह पैकेज पारस्परिक शुल्कों को संबोधित करेगा।” इसका मतलब साफ है कि इस डील का पहला चरण भारी शुल्कों में बड़ी राहत दे सकता है, जो भारतीय उद्योग और किसानों के लिए बड़ी खबर है। क्या ट्रंप के भारी टैरिफ अब हट जाएंगे? सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या अमेरिका भारत पर लगाए गए भारी जुर्माने (25% पेनल्टी) को वापस लेगा? अधिकारी का कहना है कि “अगर यह 25% पेनल्टी नहीं हटती, तो इस समझौते का कोई मतलब नहीं रह जाएगा।” यानी भारत साफ संकेत दे चुका है कि बिना टैरिफ रिलीफ के वह यह डील आगे नहीं बढ़ाएगा। कृषि उत्पादकों को क्या मिलेगा बड़ा फायदा? अमेरिका ने हाल ही में एक बड़ा कदम उठाते हुए चाय, कॉफी, मसाले, कोको, उष्णकटिबंधीय फल, जूस, टमाटर, केले, संतरे और बीफ़ जैसे उत्पादों पर से पारस्परिक शुल्क हटा दिए हैं। भारत इन वस्तुओं का 1 अरब डॉलर से अधिक का निर्यात करता है। यानि इस फैसले से भारतीय किसानों और कृषि निर्यातक कंपनियों को बड़ी राहत मिल सकती है। क्या अमेरिका 500% टैरिफ लगाने की तैयारी में है? यहीं कहानी और रोचक हो जाती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया कि “अगर कोई देश रूस के साथ व्यापार करता है, तो अमेरिका 500% तक टैरिफ लगाने में हिचकेगा नहीं।” यानी अमेरिका अब एक नया कड़ा कानून लाने पर विचार कर रहा है, जिसमें रूस के साथ व्यापार करने वाले देशों पर भारी प्रतिबंध होंगे। यहां सवाल उठता है-     क्या भारत भी इस नीति की चपेट में आ सकता है?     क्या इस वजह से भारत-अमेरिका व्यापार डील और तेज की जा रही है? इस मुद्दे ने पूरी चर्चा को और ज्यादा रहस्यमय बना दिया है। क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील रिश्तों में बड़ा मोड़ साबित होगी? भारत और अमेरिका लंबे समय से व्यापारिक मतभेदों को कम करने की कोशिश कर रहे हैं। अगर पहला चरण सफल होता है, तो आने वाले महीनों में और भी कई पैकेज लाए जा सकते हैं। यह डील न सिर्फ भारतीय उद्योगों को फायदा देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर भारत की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत करेगी।

सीएम मोहन ने बनाया ऐसा माहौल कि उद्योगपतियों को हर चीज की गारंटी, MP में निवेश को लेकर उत्साह

भोपाल दुनिया के उद्योगपतियों को मध्यप्रदेश रास आ रहा है। वे प्रदेश में करोड़ों रुपये का निवेश और हजारों लोगों को रोजगार देने के लिए तैयार हैं। इन निवेशकों को दूसरे राज्यों से भी उद्योग स्थापित करने के लिए निमंत्रण हैं, लेकिन वे व्यापार के लिए मध्यप्रदेश को ही चुन रहे हैं। दरअसल, उद्योगपतियों-इंवेस्टर को राज्य के मुखिया डॉ. मोहन यादव का व्यवहार बेहद पसंद आ रहा है। उनका व्यवहार देख बिजनेसमैन को अपने बिजनेस और सुरक्षा की गारंटी नजर आ रही है। इसलिए वे देश के दिल को प्राथमिकता दे रहे हैं। कुछ इंवेस्टर के उद्योगों का तो कुछ ही महीनों में भूमि-पूजन से लोकार्पण भी होने जा रहा है। इन सब बातों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रदेश की नई उद्योग नीति पूरे देश में मॉडल बनकर उभरेगी।     गौरतलब है कि, देश-प्रदेश के उद्योगपति मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की प्रशंसा करते नहीं थक रहे। इसी कड़ी में जैस्कन ग्रुप के चेयरमैन समीर गुप्ता ने भी बड़ी बात कही। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि देश का विकास जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में हो रहा है, ठीक उसी तरह मध्यप्रदेश का विकास मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हो रहा है। मक्सी में निवेश करने का केवल एक ही कारण है वह है मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वभाव और स्नेह। गुप्ता ने कहा कि जिस तरह उन्होंने हमारा स्वागत किया, वह अद्भुत है।  8 हजार करोड़ का निवेश समीर गुप्ता ने कहा कि हमें अन्य राज्यों से भी निमंत्रण थे, लेकिन हमने निवेश के लिए मक्सी का ही चयन किया। हम तीन साल में यहां 8 हजार करोड़ का निवेश करने वाले हैं। मुझे यह घोषणा करने में प्रसन्नता हो रही है कि हमारे निवेश का पहला चरण 15 जुलाई 2026 में पूरा हो जाएगा। मैं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से निवेदन करूंगा कि वे उस वक्त भी समय निकालकर उसका उद्घाटन करने आएं।  तेजी से विकास कर रहा प्रदेश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि  समीर गुप्ता का वक्तव्य यह बता रहा है कि आज भूमि-पूजन हुआ और जुलाई में लोकार्पण हो जाएगा। सात महीने के अंदर जिस कारखाने का भूमि-पूजन होकर लोकार्पण हो जाए तो इससे राज्य के विकास की गति का पता चलता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व देश विकसित होने की ओर बढ़ रहा है। क्या है मध्यप्रदेश की उद्योग नीति  सरकार ने इसी साल औद्योगिक संवर्धन नीति-2025 को स्वीकृति दी। इसका उदेश्य प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने और राज्य की वर्तमान जीडीपी को 2.9 लाख करोड़ रुपये से बढ़ाकर वर्ष 2030 तक लगभग 6 लाख करोड़ रुपये करने में उद्योगों का योगदान बढ़ाना है। निवेशकों को एक समग्र औद्योगिक ईको सिस्टम प्रदान करने के लिए विश्व स्तरीय औद्योगिक अधोसंरचना का विकास करना, एनवायरनमेंटली सस्टेनेबल इंडस्ट्रियल ग्रोथ और संतुलित क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना, राज्य में रोजगार के अवसरों को बढ़ाना, विशेष रूप से रोजगार-गहन क्षेत्रों पर जोर देते हुए अगले पांच वर्षों में लगभग 20 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करना,निवेशक सुविधा में सुधार करना और राज्य में व्यापार करने की प्रक्रिया को सरल बनाना और प्रदेश की योजनाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के साथ संरेखित कर भविष्य के लिए प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करना है।

MP में हेली सेवाओं की बड़ी सुविधा: इंदौर–ओंकारेश्वर 25 मिनट, भोपाल–पचमढ़ी का समय घटा; किराया जारी

भोपाल   मध्य प्रदेश टूरिज्म विभाग 8 बड़े शहर और 3 नेशनल पार्क के लिए हेलिकॉप्टर सेवा कल 20 नवंबर से शुरू कर रहा है। इंदौर से ओंकारेश्वर जाने में सिर्फ 25 और भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने में 40 मिनट लगेंगे। यह खबर पर्यटकों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहींl इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी हो या कान्हा, बांधवगढ़-STR (सतपुड़ा टाइगर रिजर्व) और दोनों ज्योतिर्लिंग। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा की नियमित उड़ानें यहां के लिए रहेंगी। इंदौर-ओंकारेश्वर का किराया 2500 और भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार रुपए तय किया गया है। पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। अंतरराज्यीय वायु सेवा वाला पहला स्टेट बनेगा हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सुविधा मिलेगी, लेकिन प्रोसेस लंबी होगी पीएमश्री पर्यटन हेलिकॉप्टर सेवा में एक बड़ा दावा किया जा रहा है कि कम समय पर सीधे स्पॉट तक लोग जा सकेंगे, लेकिन यदि टेक ऑफ और लैंडिंग की प्रोसेस लंबी है। बात भोपाल की करें तो गांधीनगर में एयरपोर्ट है। ऐसे में शहरी क्षेत्र के पर्यटक को एयरपोर्ट पहुंचने में ही 30 से 40 मिनट लग जाते हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। थोड़ा समय बचेगा, पर खर्च ज्यादा होगा भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। फिर चेक इन की प्रोसेस। ऐसे में 2 से 3 घंटे का वक्त लगेगा। दूसरी ओर, भोपाल से पचमढ़ी का किराया 5 हजार है। यदि भोपाल से पचमढ़ी कार से पहुंचा जाए तो एक फैमिली 5 हजार रुपए से कम खर्च में पहुंच जाएगी, जबकि हेलिकॉप्टर से एक फैमिली के 5 सदस्यों का किराया 25 हजार रुपए लगेगा। दूसरी ओर, हेलिकॉप्टर से पचमढ़ी पहुंचने में औसत समय ढाई से तीन घंटे आएगा। इसमें घर से एयरपोर्ट, फिर चेक इन और आउट, उड़ान का समय भी शामिल हैं। अब बचे दो से ढाई घंटे के लिए पांच सदस्यों की एक फैमिली पर 20 हजार रुपए का खर्च बढ़ेगा। हालांकि, जिम्मेदार हेलिकॉप्टर को लेकर अच्छा रिस्पांस मिलने की बात कह रहे हैं। हेलिकॉप्टर सेवा शुरू होने के बाद एमपी देश में अंतरराज्यीय वायु सेवा संचालित करने वाला पहला स्टेट बन जाएगा। सप्ताह में 5 दिन हेलिकॉप्टर उड़ेंगे, जो 3 सेक्टर- वेलनेस, वाइल्ड लाइफ और धार्मिक स्थलों को जोड़ेंगे। अभी 4 बड़े शहर- भोपाल, इंदौर, उज्जैन-जबलपुर, 2 ज्योतिर्लिंग- महाकाल उज्जैन और ओंकारेश्वर खंडवा, 3 नेशनल पार्क- कान्हा, बांधवगढ़ और सतपुड़ा और 3 धार्मिक शहर- अमरकंटक, चित्रकूट-मैहर को जोड़ा गया है। सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच उड़ान इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुमंतिया, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा शामिल हैं। यानी, मालवा-निमाड़ का बेल्ट शामिल रहेगा। पहले फेज में इंदौर, उज्जैन और ओंकारेश्वर के बीच हेलिकॉप्टर की सप्ताह में 5 दिन नियमित उड़ान रहेगी। सबसे कम किराया 5 हजार तो सबसे ज्यादा साढ़े 6 हजार रुपए है। इन पांच दिन सेवा होगी     सोमवार, मंगलवार, शुक्रवार, शनिवार और मंगलवार।     2 दिन- बुधवार और गुरुवार को कोई उड़ान नहीं रहेंगी। सेक्टर-2: भोपाल, पचमढ़ी-मढ़ई के बीच सेवा इस सेक्टर में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो, ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, नर्मदापुरम, बैतूल, टीकमगढ़ शामिल हैं। फस्र्ट फेज में भोपाल, पचमढ़ी और मढ़ई के बीच उड़ान रहेगी। भोपाल से पचमढ़ी की दूरी 1.10 घंटे में और पचमढ़ी से मढ़ई की दूरी सिर्फ 20 मिनट में तय होगी। यहां दो तरह की उड़ानें रहेंगी। पहली डायरेक्ट और दूसरी कनेक्टिंग। कलेक्टिंग भोपाल से पचमढ़ी के बीच ही होगी। न्यूनतम 3 हजार और अधिकतम 5 हजार रुपए किराया रहेगा। सेक्टर-3: दो नेशनल पार्क…मैहर, अमरकंटक-चित्रकूट भी शामिल इसमें जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसुली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी शामिल हैं। फस्ट फेज में जबलपुर, मैहर, चित्रकूट, कान्हा, बांधवगढ़, अमरकंटक शामिल हैं।     यानी, दो नेशनल पार्क– कान्हा और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में हेलिकॉप्टर के जरिए पहुंच सकेंगे तो अमरकंटक, चित्रकूट और मैहर जैसे धार्मिक स्थलों पर भी उड़कर आ-जा सकेंगे।     सबसे कम किराया मैहर से चित्रकूट का है। वहीं, सबसे ज्यादा 6250 रुपए किराया जबलपुर से कान्हा पार्क तक लगेगा। आसमान से दिखेंगी सतपुड़ा की वादियां भोपाल से पचमढ़ी पहुंचने के लिए सड़क मार्ग से 200 किमी की दूरी तय करना पड़ती है। जिसमें 4.5 से 5 घंटे तक लगते हैं। यहां सीधी रेल सेवा नहीं है। पिपरिया तक रेल और फिर सड़क मार्ग से ही पचमढ़ी जाया जा सकता है। ऐसे में अब टूरिस्ट आसमान के रास्ते भी पचमढ़ी-मढ़ई जा सकेंगे। सुबह 11.15 से दोपहर 12 बजे तक 45 मिनट तक पचमढ़ी के ऊपर जॉय राइड भी होगी। यानी, हेलिकॉप्टर में बैठकर टूरिस्ट सतपुड़ा की वादियां भी देख सकेंगे। दो दिन बंद रहेगी, पांच दिन उड़ेंगे हेलिकॉप्टर बुधवार और गुरुवार को सेवा बंद रहेगी। PPP मॉडल के तहत यह सेवा संचालित होगी। सेक्टरों के लिए तीन साल का अनुबंध किया गया है। सेक्टर-1: ट्रांस … Read more

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू छत्तीसगढ़ पहुंचेंगी 20 नवंबर को, जनजातीय गौरव दिवस में शिरकत

रायपुर  राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज 20 नवंबर को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रही है। इस दौरान वे अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित राज्य स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस के मुख्य कार्यक्रम में शामिल होंगी। बता दें कि राष्ट्रपति के आगमन की तैयारियां पूरी हो गई है। राष्ट्रपति के अलावा राज्यपाल रमेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सहित मंत्री, सांसद, विधायक और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेंगे। दो दिन तक चलेगा कार्यक्रम जानकारी अनुसार, 19 और 20 नवंबर को अंबिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन का मुख्य आकर्षण राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति रहेगी। वे इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी और प्रदेश के जनजातीय समुदायों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हेलीकॉप्टर के आगमन से लेकर राष्ट्रपति के स्थल तक जाने का पूरा मार्ग सील किया जाएगा और हर दिशा से निगरानी की जाएगी। वहीं कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए 1700 से अधिक जवानों की तैनाती की जाएगी।कार्यक्रम की सफलता और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए एसपीजी (स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप) की टीम भी निगरानी रख रही है। मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ बता दें कि राष्ट्रपति मुर्मू प्रदेश में मुख्यमंत्री वैद्यराज सम्मान निधि योजना का शुभारंभ करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश में परंपरागत उपचार करने वाले वैद्यों को हर साल 5000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए एक तीन स्तरों वाला चयन प्रक्रिया तैयार किया है, जिसके तहत योग्य वैद्यों का चयन किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक उपचार विधाओं को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना को मिलेगी हरी झंडी इसके अलावा राष्ट्रपति मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री अखरा विकास योजना का भी उद्घाटन करेंगी। इस योजना के तहत प्रदेश के देवस्थलों का विकास और पुनरोद्धार किया जाएगा। योजना के अंतर्गत प्रत्येक देवस्थान पर 5 से 20 लाख रुपए तक की राशि खर्च की जाएगी। योजना का उद्देश्य न केवल धार्मिक स्थलों का संरक्षण करना है बल्कि इन स्थानों को पर्यटन और स्थानीय सांस्कृतिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित करना भी है।

नीतीश कुमार आज 10वीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री, 20 मंत्रियों का शपथ ग्रहण भी होगा; बीजेपी के नाम तय

पटना  पटना में सियासी हलचल तेज है. बिहार में नई सरकार के गठन की तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. नीतीश कुमार को जदयू विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. कल दोपहर बाद एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार के नाम पर मुहर लगेगी. शाम में राज्यपाल उन्हें सरकार बनाने को आमंत्रित करेंगे. 20 नवंबर को 20 मंत्रियों के साथ नीतीश कुमार 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. यह शपथ ग्रहण समारोह पटना के गांधी मैदान में आयोजित होगा. नीतीश कुमार की नयर कैबिनेट में बीजेपी और जेडीयू के साथ-साथ एनडीए के तमाम सहयोगी दलों के विधायकों को जगह मिलने की संभावना है. सहयोगी दलों को भी मिलेगी जगह अब तक की जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार अपने साथ करीब 20 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायेंगे. इनमें जदयू से आठ, भाजपा से आठ, लोजपा से दो, हम से एक और रालोमो से एक विधायक शामिल हैं. जदयू में अधिकतर पुराने चेहरों को जगह दिये जाने की सूचना है. भाजपा अपने कई चेहरों को बदल रही है. भाजपा एक ओर जहां अनुभव को जगह दे रही है तो दूसरी ओर उसका युवा और महिला पर भी फोकस है. भाजपा कोटे से जिन नामों पर चर्चा है, उनमें सम्राट चौधरी, नितिन नवीन, विजय कुमार सिन्हा और नीतीश मिश्रा शामिल हैं. वहीं जेडीयू कोटे से विजय कुमार चौधरी, विजेंद्र यादव और श्रवण कुमार जैसे दिग्गजों को मंत्री पद मिल सकता है. यह शपथ ग्रहण समारोह न केवल सत्ता समीकरण को मजबूत करेगा बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए भी एनडीए को गति देने वाला माना जा रहा है. भाजपा की संभावित सूची सम्राट चौधरी विजय कुमार सिन्हा प्रेम कुमार कृष्ण कुमार ऋषि राम कृपाल यादव संगीता कुमारी अरूण शंकर प्रसाद मिथिलेश तिवारी नीतिन नवीन वीरेंद्र कुमार रमा निषाद मनोज शर्मा कृष्ण कुमार मंटू शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी समेत ये बड़े नेता होंगे शामिल 20 नवंबर को नीतीश कुमार एक बार फिर सीएम पद की शपथ लेंगे. जिसमें पीएम मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मध्यप्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के भजन लाल शर्मा और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस समेत कई नेताओं को शामिल होने के लिए बुलाया गया है. इसके अलावा पद्म पुरस्कार प्राप्त व्यक्तियों, वैज्ञानिकों, साहित्यकारों और विभिन्न क्षेत्रों की हस्तियों को भी निमंत्रण भेजा गया है. बीजेपी कोटे के संभावित मंत्री नीतीश कुमार की नयी कैबिनेट में भाजपा की ओर से नये पुराने नामों को जगह देने की बात चल रही है. भाजपा की ओर से दो डिप्टी सीएम बनाये जायेंगे. सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा को एक बार फिर यह जिम्मेदारी सौंपने की बात कही जा रही है. इसके अलावा नीतिश मिश्रा और नीतिन नवीन का मंत्री बनना भी लगभग तय हो चुका है. भाजपा कोटे से 8 मंत्रियों के नाम लगभग फाइनल हो चुके हैं. इनमें प्रेम कुमार, रामकृपाल और रमा निषाद के नाम प्रमुख हैं. इसके अलावा मिथिलेश तिवारी और कृष्ण कुमार ऋषि के नाम की भी चर्चा चल रही है. जदयू कोटे के संभावित मंत्री जदयू की ओर से अधिकतर पुराने चेहरे ही कैबिनेअ में नजर आयेंगे. जदयू से विजय कुमार चौधरी, अशोक चौधरी, श्रवण कुमार और विजेंद्र यादव के नाम तय माने जा रहे हैं. इसके अलावा शीला मंडल और लेशी सिंह का मंत्री बनना भी तय माना जा रहा है. नीतीश कुमार इस बार अपनी कैबिनेट में श्याम रजक को जगह दे सकते हैं. इसके अलावा जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा के नाम की भी चर्चा चल रही है. अल्पसंख्यक से जमा खान के मंत्री बनने की बात कही जा रही है. नीतीश कुमार की इस कैबिनेट में जदयू का फोकस मुख्य रूप से अनुभव और युवा के समन्वय पर रहेगा. नयी कैबिनेट में सभी सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन को भी देखे जाने की बात कही जा रही है. शपथ के लिए गांधी मैदान में दो विशाल मंच तैयार, लग्जरी होटलों में 250 से अधिक कमरे बुक, राजभवन में स्पेशल दावत बिहार में सत्ता परिवर्तन के साथ ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. गुरुवार को नीतीश कुमार रिकॉर्ड 10वीं बार सीएम पद की शपथ लेंगे. पटना के गांधी मैदान में इस ऐतिहासिक पल को भव्य तरीके से आयोजित किया जा रहा है. समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे. यह सिर्फ शपथ ग्रहण नहीं, बल्कि NDA का शक्ति प्रदर्शन भी माना जा रहा है. तीन लाख से अधिक लोगों की भीड़ जुटाने की तैयारी गांधी मैदान में 3 लाख से ज्यादा लोगों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी जदयू, भाजपा, रालोमो, लोजपा (R) और हम के नेताओं-कार्यकर्ताओं को दी गई है. हर विधायक को अपने इलाके से कम से कम 5 हजार लोगों को पटना लाने का टारगेट मिला है. पूरा मैदान बैरिकेडिंग, बैठने की व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा के लिहाज से कई सेक्टरों में बांटा गया है. SPG ने संभाली सुरक्षा, 2500 जवान तैनात प्रधानमंत्री की मौजूदगी को देखते हुए गांधी मैदान की सुरक्षा SPG के हवाले की गई है. 250 से अधिक मजिस्ट्रेट, 250 पुलिस अधिकारी और 2500 से अधिक जवान तैनात किए गए हैं. मैदान के चारों ओर ऊंची इमारतों पर स्नाइपरों की तैनाती और हर प्रवेश द्वार पर मेटल डिटेक्टर लगाए गए हैं.  128 CCTV कैमरों में खराब पड़े आधे कैमरों को दुरुस्त कर दिया गया है. 61 स्थिर, 22 PTZ और 45 एनालिटिकल कैमरों की मदद से मैदान की पल-पल की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है. इसके अलावा 24 घंटे ड्रोन कैमरों से निगरानी हो रही है. दो मंच तैयार- एक पर नेताओं की मौजूदगी, दूसरे पर अतिथियों की व्यवस्था शपथ ग्रहण के लिए गांधी मैदान में दो मंच बनाए जा रहे हैं. मुख्य मंच तैयार हो चुका है, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शपथ लेंगे. इसी मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह और भाजपा व NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री बैठेंगे. मुख्य मंच के बगल में विशेष अतिथियों के लिए दूसरा मंच बनाया जा रहा है. दोनों मंचों पर लगभग 150-150 लोगों के बैठने की व्यवस्था है. योगी आदित्यनाथ सहित कई … Read more

गूगल की रिपोर्ट: 2025 में भारत में सबसे लोकप्रिय Apps की लिस्ट

नई दिल्ली Google Play ने भारत के लिए Best of 2025 की लिस्ट जारी कर दी है, जिसमें उन ऐप्स और गेम्स को जगह मिली है जिन्होंने इस साल लोगों की डिजिटल लाइफ पर सबसे बड़ा असर डाला. इस लिस्ट से साफ है कि भारतीय यूजर्स अब एआई फीचर्स, लोकल कल्चर और प्रैक्टिकल प्रोडक्टिविटी टूल्स को अधिक पसंद कर रहे हैं. District App: भारत का Best App of 2025 इस साल का सबसे बड़ा विनर है District: Movies Events Dining ऐप. Zomato के इस नए ऐप ने देशभर में, खासकर बड़े शहरों के यूजर के बीच, जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की. District आपकी पसंद, आपके शहर के रुझान और आपकी एक्टिविटी को समझकर बताता है कि आपको कौन सी फिल्म देखनी चाहिए, कहां खाना खाने जाना चाहिए और कौन सा इवेंट अटेंड करना चाहिए. एआई की मदद से यह ऐप एक तरह से आपका पर्सनल एंटरटेनमेंट और फूड असिस्टेंट बन गया है. इसी वजह से Google ने इसे India’s Best App of 2025 का खिताब दिया. CookieRun India: Best Game of 2025 गेमिंग कैटेगरी में पहला स्थान मिला है CookieRun India: Running Game को. यह गेम भारतीय खिलाड़ियों के साथ इसलिए जुड़ पाया क्योंकि इसमें भारतीय थीम्स, भारतीय कैरेक्टर, भारतीय कपड़े और भारतीय म्यूजिक का तड़का लगाया गया है. गेम इतना आसान और मजेदार है कि हर उम्र के लोग इसे पसंद कर रहे हैं. इसी वजह से इसे Best Game of 2025 के साथ-साथ Best Pick Up and Play अवॉर्ड भी मिला है. एआई वाले ऐप्स की बाढ़ 2025 की लिस्ट को देखकर साफ है कि भारत में एआई ऐप्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है. InVideo AI, जिसे Best for Personal Growth का अवॉर्ड मिला, लोगों को सिर्फ टेक्स्ट लिखकर वीडियो बनाने की सुविधा देता है. Toonsutra, जिसे Best Hidden Gem चुना गया, भारतीय कॉमिक्स को एआई की मदद से सिनेमेटिक और मॉडर्न डिजिटल एक्सपीरियंस में बदल देता है. यहें तक कि Goodnotes और Luminar: Photo Editor जैसे कामकाजी ऐप्स भी एआई का इस्तेमाल कर लोगों के रोजमर्रा के काम आसान बना रहे हैं — जैसे नोट लेना या फोटो एडिट करना. हेल्थ, वेलनेस और रोजमर्रा की जरूरतें लोग अब डिजिटल वेलनेस और समय प्रबंधन पर भी खास ध्यान देने लगे हैं. Daily Planner: To Do List Task, जिसे Best Everyday Essential चुना गया, टास्क मैनेजमेंट, जर्नलिंग और मूड ट्रैकिंग को एक ही ऐप में जोड़ता है. SleepisolBio, जिसे Best for Watches मिला, लोगों की नींद सुधारने और तनाव कम करने में मदद करता है. नए Trending Apps भी सुर्खियों में Google ने इस बार पहली बार Top Trending कैटेगरी भी शामिल की है. इसमें Instamart, Seekho, और Adobe Firefly जैसे ऐप्स को जगह मिली, जो तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और जिनके यूजर एंगेजमेंट में बड़ा उछाल देखा गया है. भारत का गेमिंग इकोसिस्टम और भी मजबूत गेमिंग हमेशा से भारतीय यूजर्स का पसंदीदा सेगमेंट रहा है. CookieRun India के साथ-साथ Free Fire Max, जिसे Best Ongoing Game का अवॉर्ड मिला, लगातार अपनी पकड़ बनाए हुए है. भारतीय डेवलपर्स द्वारा बनाए गए Kamala – Horror Exorcism Escape और Real Cricket Swipe जैसे गेम भी इस साल खूब पसंद किए गए. भारत की डेवलपर कम्युनिटी की ताकत Google का कहना है कि Android और Play Store इकोसिस्टम भारत में 3.5 मिलियन से ज्यादा नौकरियां सपोर्ट करता है और ₹4 ट्रिलियन से ज्यादा का आर्थिक योगदान देता है. 2025 की यह लिस्ट बताती है कि भारत की ऐप और गेम डेवलपर कम्युनिटी अब दुनिया की सबसे बड़ी और सबसे इनोवेटिव टीमों में से एक बन चुकी है. 

पन्ना डायमंड अब बन गया है एक ब्रांड, इससे बनेंगे निवेश के नए अवसर

जीआई टैग मिलने से पन्ना डायमंड को मिली है वैश्विक पहचान रैपुरा में बनेगा नवीन महाविद्यालय ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाया जाएगा शाहनगर ब्लॉक में खुलेंगे दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि पन्ना की रत्नगर्भा भूमि किसी पहचान की मोहताज नहीं है। पन्ना ने खुद के साथ मध्यप्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि इन दिनों जहां देखो, उधर अपना पन्ना ही चमक रहा है। पन्ना की पुण्यधरा से निकलने वाले पारस (हीरा) से मध्यप्रदेश पूरे विश्व में मशहूर हो रहा है। मध्यप्रदेश को 'डायमंड स्टेट' और 'टाइगर स्टेट' का दर्जा दिलाने का श्रेय भी पन्ना को ही जाता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पन्ना डायमंड को जीआई टैग मिलने पर जिलेवासियों को बधाई देते हुए कहा कि जीआई टैग ने पन्ना की पहचान पर अब वैश्विक मुहर लगा दी है। अब पूरी दुनिया यहां के हीरों को 'पन्ना डायमंड' के नाम से ही जानेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि 'पन्ना डायमंड' अब एक ब्रांड के रूप में उभर रहा है। इससे न सिर्फ अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में पहचान बढ़ेगी, बल्कि वैल्यू-चेन, माइनिंग, प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट और जेम-आधारित उद्योग, सबमें निवेश के नए अवसर सामने आएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि पन्ना जिले को बहुत जल्द मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलने वाली है। आज पन्ना और छतरपुर के बीच भव्य राजगढ़ पैलेस होटल का शुभारंभ भी हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को पन्ना जिले की पवई विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत शाहनगर में हितग्राही सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यहां करीब 83 करोड़ रूपए की लागत वाले 14 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इसमें 9 करोड़ रूपए की लागत से बनी बिसानी-श्यामगिरी-कल्दा-सलेहा वाया मैन्हा मार्ग के उन्नयन कार्य का लोकार्पण एवं 74 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले 13 विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल हैं। इसके अंतर्गत मुख्यमंत्री ने 4.25 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले पवई में तिघरा बैराज का भूमिपूजन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन एवं कन्या पूजन कर हितग्राही सम्मेलन की शुरूआत की। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मारतम् गायन के साथ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर रैपुरा में नवीन महाविद्यालय खोलने, वर्तमान ग्राम पंचायत शाहनगर को नगर परिषद बनाने तथा शाहनगर ब्लॉक में दो अतिरिक्त स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने करीब 135 करोड़ की लागत से टिकरिया-रीठी वाया खमरिया मार्ग का निर्माण करने, शाहनगर-बोरी-चमरईया सड़क मार्ग के चौड़ीकरण सहित पुराने बांधों की नहरों का सर्वे कराकर मरम्मत एवं जीर्णोद्धार का काम कराने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पवई और शाहनगर महाविद्यालय में विधि और विज्ञान संकाय भी शुरु किया जाएगा तथा शाहनगर के बंद उद्योग फिर से शुरू कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना के विकास को नई उड़ान देने के लिए राज्य सरकार पन्ना में 15 करोड़ की लागत से डायमंड बिजनेस पार्क तैयार कर रही है। यह पार्क पन्ना की अर्थव्यवस्था में एक नया अध्याय लिखेगा। इसके साथ बड़ागांव में 40 हेक्टेयर क्षेत्र में औद्योगिक पार्क का विकास लगभग पूर्ण है। वर्षों से बंद पड़ी एनएमडीसी परियोजना को हमने पुनः प्रारंभ कराया गया है, जिससे बड़े स्तर पर हीरो का खनन एक बार फिर प्रारंभ हो चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आने वाले समय में केन-बेतवा राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना जिले के विकास को नया रूप देगी। केन-बेतवा नदी लिंक परियोजना से जिले में 1 लाख 35 हज़ार हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी और 600 से अधिक गांवों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी। हमारे पवई को भी इसका भरपूर लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व, विश्व प्रसिद्ध हीरे, समृद्ध वन संपदा, केन नदी का अ‌द्भुत कछार और राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियां सब मिलकर आने वाले वर्षों में जिले की अर्थव्यवस्था को एक नए स्वरूप में ढालने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पन्ना टाइगर रिज़र्व वाइल्ड लाइफ टूरिज्म के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। बाघों की बढ़ती संख्या, पार्क की वैश्विक प्रतिष्ठा और पर्यटकों का रुझान, स्थानीय युवाओं के लिए गाईडिंग, होटल रिसॉर्ट, ट्रांसपोर्ट और हैंडीक्राफ्ट जैसे क्षेत्रों में रोज़गार के नए अवसर बना रहा है। सरकार द्वारा होम-स्टे, एडवेंचर टूरिज्म और कनेक्टिविटी सुधारने के प्रयासों से क्षेत्र के विकास को गति मिल रही है। हम पन्ना जिले के विकास में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि महिला सशक्तिकरण में पन्ना पूरे प्रदेश में अग्रणी है। यहां 10 हज़ार 301 स्व-सहायता समूहों की 1 लाख से अधिक बहनों को 180 करोड़ रुपए से ज़्यादा का बैंक लिंकेज मिला है, जिसमें से लगभग 18 हज़ार महिलाएं लखपति दीदी बनी हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पन्ना जिले की महिलाएं स्व-सहायता समूहों से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। लाड़ली बहनों को प्रति माह 1500 रुपए राशि भेजी जा रही है। उन्होंने कहा कि पन्ना जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापना के लिए करीब 25 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है और संबंधित निवेशक के साथ एमओयू भी हो चुका है। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत पवई बांध ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना द्वारा 158 ग्रामों में पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।  

किसानों को बड़ी सौगात: पीएम किसान सम्मान निधि की नई किस्त जारी, लाखों परिवारों को मिलेगा लाभ

कोयंबटूर (तमिलनाडु)  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को तमिलनाडु के कोयंबटूर में ‘दक्षिण भारत प्राकृतिक खेती शिखर सम्मेलन’ को संबोधित किया और पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त जारी की। इसके तहत देशभर के करीब 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधे 18,000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई। तमिलनाडु के लाखों किसानों को भी इस योजना का लाभ मिला। पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 11 साल में देश के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव आया है। कृषि निर्यात लगभग दोगुना हो चुका है। सरकार ने किसानों के लिए हर तरह की मदद के दरवाजे खोल दिए हैं, ताकि खेती को आधुनिक बनाया जा सके। उन्होंने भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा, “आने वाले समय में भारत प्राकृतिक खेती का विश्व केंद्र बनेगा। हमारी जैव विविधता नया रूप ले रही है। आज का युवा खेती को आधुनिक और बड़ा अवसर मान रहा है। इससे गांवों की अर्थव्यवस्था को बहुत ताकत मिलेगी।" प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "कुछ समय पहले, हमने इसी मंच से पीएम-किसान सम्मान निधि की किस्त जारी की थी। देश के सभी कोनों में किसानों को 18,000 करोड़ रुपए हस्तांतरित किए गए। तमिलनाडु के लाखों किसानों को भी पीएम-किसान सम्मान निधि के तहत उनके खातों में राशि प्राप्त हुई है।" उन्होंने प्राकृतिक खेती को अपने दिल के बहुत करीब बताते हुए सम्मेलन के आयोजन और प्रदर्शनी की तारीफ की। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में कई युवा किसानों से उनकी मुलाकात हुई। कोई मैकेनिकल इंजीनियर है, कोई पीएचडी धारक है, तो कोई नासा छोड़कर खेती कर रहा है और दूसरों को प्रशिक्षण दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, “अगर मैं आज इस कार्यक्रम में नहीं आया होता तो जिंदगी में बहुत कुछ मिस कर देता। यहां आकर मैंने बहुत कुछ सीखा है। मैं तमिलनाडु के किसानों के हौसले और बदलाव अपनाने की ताकत को सलाम करता हूं।” वहीं, मंच पर आते ही जब कुछ किसानों ने हवा में गमछा लहराया तो प्रधानमंत्री मुस्कुराते हुए बोले, “लग रहा है बिहार की हवा मुझसे पहले यहां पहुंच गई।” बता दें कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, युवा और कृषि विशेषज्ञ मौजूद रहे। प्रधानमंत्री ने सभी को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और नई पीढ़ी को जोड़ने का आह्वान किया।

सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक में मंत्री सारंग ने ग्रामीण विकास योजनाओं पर की चर्चा

पैक्स एवं स्व-सहायता समूह साझेदारी से खुलेगा ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण का नया अध्याय मंत्री  सारंग ने ली सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक भोपाल सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने बुधवार को मंत्रालय में सहकारिता विभाग की समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीपीपीपी अंतर्गत जीआईएस-2025 के दौरान हुए एमओयू की प्रगति, नवाचार प्रकोष्ठ की गतिविधियों तथा सहकारिता तंत्र को मजबूत बनाने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री  सारंग ने कहा कि पैक्स और स्व-सहायता समूहों के बीच सहयोगात्मक ढांचा तैयार कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था में बड़े अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने निर्देशित किया कि पैक्स–स्व सहायता समूह के बीच साझेदारी का स्पष्ट एवं क्रियाशील रोडमैप तैयार किया जाए। जिससे ग्रामीण स्तर पर नए रोजगार व उद्यमों को बढ़ावा दिया जा सके। मंत्री  सारंग ने कहा कि सहकारिता ही वह सशक्त नेटवर्क है जो हर घर तक आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को पहुँचा सकता है। हमें स्थानीय आवश्यकताओं और संसाधनों को पहचानकर योजनाओं को धरातल पर उतारना होगा। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि CPPP (Co-operative Public Private Partnership) नवाचार की सक्सेस स्टोरी तैयार की जाए। इस नवाचार को दस्तावेज़ रूप में भी संकलित किया जाए। मंत्री  सारंग ने कहा कि जिला स्तर पर सहकारी बैंकों के सीईओ के माध्यम से किसानों, सहकारी समितियों के प्रबंधकों तथा अन्य संबंधित हितधारकों से सुझाव एकत्र किए जाएं। जिससे मुख्यालय से आवश्यक सुधार करते हुए योजनाओं का प्रभावी कियान्वयन किया जा सके। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी.पी. आहूजा, आयुक्त सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबंध संचालक (उपभोक्ता संघ)  ऋतुराज रंजन, प्रबंध संचालक (बीज संघ)  महेंद्र दीक्षित, प्रबंध संचालक (अपेक्स बैंक)  मनोज गुप्ता सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।