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गुरुवार, 13 नवंबर: चांदी-सोने के दामों में जोरदार उछाल, देखें लेटेस्ट रेट

नई दिल्ली आज गुरुवार को चांदी की कीमत में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है और सोने के दाम भी बढ़ गए हैं. 13 नवंबर को 24 कैरेट सोना बुधवार 12 नवंबर की तुलना में 2 हजार से ज्यादा महंगा हुआ है, जबकि चांदी आज 7 हजार से ज्यादा महंगी हुई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, बुधवार 12 नवंबर को 22 कैरेट सोना ₹113,504 प्रति 10 ग्राम था, जो आज गुरुवार को ₹115,530 प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है.  सोना-चांदी का लेटेस्ट रेट गुरुवार को चांदी (999, प्रति 1 किलो) के रेट में 7 हजार 103 रुपये की बढ़ोतरी हुई है.                                  शुद्धता          बुधवार शाम का रेट                  गुरुवार सुबह का रेट                           कितना महंगा?       सोना (प्रति 10 ग्राम)     999 (24 कैरेट)     123913                                      126124                                         ₹2211 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     995 (23 कैरेट)     123417                                       125619                                          ₹2202 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     916 (22 कैरेट)     113504                                        115530                                          ₹2026 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     750 (18 कैरेट)     92935                                            94593                                     ₹1658 महंगा सोना (प्रति 10 ग्राम)     585 (14 कैरेट)     72489                                             73783                                    ₹1294 महंगा चांदी (प्रति 1 किलो)     999                  156705                                            163808                                    ₹7103 महंगी बुधवार को सोने का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹123362 प्रति 10 ग्राम शाम का रेट: ₹123913 प्रति 10 ग्राम बुधवार को चांदी का भाव (999 शुद्धता) सुबह का रेट: ₹155046 प्रति किलो शाम का रेट: ₹156705 प्रति किलो इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) द्वारा जारी किए गए दाम पूरे देश में मान्य होते हैं, लेकिन इनमें जीएसटी शामिल नहीं होता है. गहने खरीदते समय सोने या चांदी की कीमत टैक्स समेत होने के कारण अधिक होती है.  IBJA की ओर से केंद्र सरकार द्वारा घोषित भाव शनिवार, रविवार और केंद्र सरकार की छुट्टियों पर जारी नहीं किए जाते हैं.  

भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत, 233 करोड़ रुपये सीधे खाते में डाले गए

 देवास  सीएम डॉ. मोहन यादव ने भावांतर योजना के तहत मध्य प्रदेश के 1 लाख 33 हजार सोयाबीन किसानों के खाते में 233 करोड़ रुपये राशि भेजी। सीएम ने कहा कि मध्य प्रदेश देश का पहला राज्य है, जहां भावांतर योजना लागू की गई। उन्होंने कहा- किसान को फसलों का सही दाम दिलवाना सरकार का लक्ष्य। किसानों का भला करेंगे। दूध उत्पादन को प्रोत्साहन किया जाएगा, उत्पादन बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं। सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा- 1 दिसंबर को गीता जयंती मनाएंगे। नगर पालिका, नगर परिषद स्तर पर गीता भवन खोलने वाले हैं। आने वाला साल कृषि आधारित उद्योग के लिए जाना जाएगा। गेहूं धीरे धीरे 2700 किया जाएगा। कांग्रेसी रोते रहेंगे… हम योजनाओं का लाभ देते रहेंगे। सीमा पर जवान, खेत पर किसान दोनों बराबर। किसानों की मेहनत से मध्य प्रदेश देश में सोयाबीन स्टेट बना। हर साल केंद्र सरकार समर्थन मूल्य बढ़ा रही है। कांग्रेस अगले 50 साल सत्ता से बाहर रहेगी। बिहार में चुनाव हो रहा था राहुल गांधी पचमढ़ी में छुट्टी मना रहे थे। देवास को 188 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात दे रहे हैं। प्रदेश में दूध का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई योजना चला रहे हैं। घर आंगन में गाय, बछड़े होने से आनंद आता है। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का किया अवलोकन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस लाइन स्थित कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने कृषि यंत्रों में रोटावेटर, ड्रोन, सुपर सीडर, ब्रोड बेड फरो प्लांटर, मल्चर, फर्टीलाइजर ब्राड कास्टर, भूसा लोडर, लेजर एंड लेवलर, स्वचलित टूलबार, राउंड बेलर, स्लेशर, स्टॉरीपर, रीपर कम बाइंडर, स्प्रे पंप, सीड ग्रेडर विथ कन्वेयर, डिस्क प्लाउ सहित अन्य यंत्रों का अवलोकन किया। इस साथ ही कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगाई गई जैविक खेती प्रदर्शनी, प्राकृतिक खेती की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा किसानों से चर्चा की।

जैश की महिला विंग का खुलासा — डॉक्टर शाहीन ने कैसे गरीब लड़कियों को बनाया हथियार?

नई दिल्ली दिल्ली कार ब्लास्ट को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. दिल्ली ब्लास्ट आतंकी हमला है और इसका फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से कनेक्शन है. सरकार अब दिल्ली बम ब्लास्ट को आतंकी घटना मान चुकी है. अब जांच एजेंसियां भी इसी एंगल से जांच में लगी हैं. आतंकी डॉक्टर उमर और फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में अरेस्ट आतंकियों के तार जुड़ते जा रहे हैं. डॉक्टर बनकर आतंकी साजिश रचने वाले आतंकियों की कुंडली खंगाली जा रही है. इस बीच जैश की लेडी कमांडर डॉ. शाहीन को लेकर नए-नए खुलासे हो रहे हैं. जी हां, आतंकी डॉ. शाहीन की कहानी अब बहुत दिलचस्प हो गई है. जानकारी के मुताबिक, आतंकी डॉक्टर शाहीन श्रीलंका के LTTE की तर्ज पर काम करना चाहती थी. उसके इरादे बहुत खौफनाक थे. वह भारत में मौजूद मुस्लिम लड़कियों को जिहादी बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों को शिकार बनाना चाहती थी और उनके नाम पर टेरर फंडिंग लेना चाहती थी. उसे आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से फंडिंग भी मिल रही थी. दरअसल, जांच एजेंसियों के मुताबिक, अब तक की जांच में पांच ऐसे खुलासे हुए हैं, जिन्हें जानकर डॉक्टरों के टेरर मॉड्यूल का खतरनाक इरादा पता चल जाएगा. आतंकी डॉक्टर शाहीन को लेकर पांच चौंकाने वाले खुलासे:     डॉक्टर शाहीन श्रीलंका की आतंकी संगठन लिट्टे (LTTE) की तर्ज पर जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग खड़ी करने की योजना में लगी हुई थी. वह लिट्टे से सम्बंधित लेख को भी पढ़ चुकी थी. जांच एजेंसी डॉक्टर शाहीन को बहुत हार्ड कोर रेडिकलाइज मान करके आगे बढ़ रही है. ताकि उसके असल इरादे का पता चले.     डॉ. शाहीन दिखावे के लिए दवाखाना भी खोलना चाहती थी. उसकी मुस्लिम लड़कियों को जिहाद की ओर ढकेलने की साजिश थी. इसके लिए वह रिक्रूट सेंटर के लिए तहखाना बनाना चाहती थी. वह गरीब लड़कियों के नाम पर टेरर फंडिंग ले रही थी.     भारत में आतंकी ट्रेनिंग के लिए डॉक्टर शाहीन सीक्रेट जगह ढूंढ रही थी. रिक्रूट-कमांड सेंटर के लिए आंतकी शाहीन यूपी के सहारनपुर और हापुड़ में जगह की तलाश कर रही थी. पाकिस्तानी आतंकी संगठन जैश से डॉ. शाहीन को फंडिंग मिली थी.     डॉ. शाहीन के भाई डॉ. परवेज को जांच एजेंसी फरीदाबाद-दिल्ली ले गई है. जांच एजेंसी उसके लखनऊ स्थित घर से बरामद इलेक्ट्रॉनिक गैजेट, मोबाइल फ़ोन और हार्ड डिस्क को खंगाल रही है. उसके कांटेक्ट में रहने वाले लोग भी राडार पर हैं.     डॉक्टर शाहीन के संपर्क में रहने वाले एक डॉक्टर से यूपीए ATS पूछताछ कर रही है. डॉक्टर शाहीन ने जिन जिन लोगों से मुलाकात की और लोकेशन पर गई थी, वो सभी UP ATS के राडार पर हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में डॉक्टर शाहीन और उसके नापाक इरादों को लेकर और भी कई खुलासे हो सकते हैं. कौन है डॉक्टर शाहीन दरअसल, डॉक्टर शाहीन को फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल के भंडाफोड़ के तहत ही गिरफ्तार किया गया है. कहा जाता है कि डॉक्टर शाहीन दिल्‍ली ब्‍लास्‍ट के आरोपी आतंकी मुजम्मिल की कथित गर्लफ्रेंड है. वह लखनऊ की रहने वाली है. उसकी उम्र 46 साल है. घरवालों के मुताबिक वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थी. वह अपने क्लास में टॉप करती थी. सरकारी स्कूलों से शुरू हुई उसकी पढ़ाई ने उसे एक सफल एमबीबीएस डॉक्टर और प्रोफेसर बना दिया. उसने मेडिसिन के फील्ड में कई साल काम किया. स्टूडेंट्स को पढ़ाया और प्रैक्टिकल नॉलेज दी. फरीदाबाद में क्या हुआ दिल्ली ब्लास्ट से पहले हरियाणा के फरीदाबाद में बड़ा खुलासा हुआ. जम्मू-कश्मीर पुलिस की जांच के तार जब हरियाणा के फरीदाबाद पहुंचे तो पूरी दुनिया के होश उड़ गए. हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से 2,900 किलोग्राम से अधिक विस्फोटक और गोला-बारूद बरामद हुए. इसके साथ कई आतंकी डॉक्टरों की गिरफ्तारियां भी हुईं. इनमें शाहीन भी है. इसके बाद उसी शाम को यानी सोमवार शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास कार में विस्फोट हुआ. फरीदाबाद वाली रेड से बच निकले आतंकी डॉक्टर उमर ने यह धमाका किया. लाल किले वाली विस्फोट में बारह लोग मर गए, जिनमें आतंकी उमर भी था. फरीदाबाद में विस्फोटकों की बरामदगी से डॉक्टरों से जुड़े एक आतंकवादी नेटवर्क का पर्दाफाश हो गया, जो कथित तौर पर अखिल भारतीय हमलों की योजना बना रहे थे.

भावांतर योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को सीएम देंगे मदद, 233 करोड़ का भुगतान जल्द

भोपाल  मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी। आज 13 नवम्‍बर गुरुवार को सीएम डॉ. मोहन यादव भावांतर योजना (Bhavantar Yojana) के तहत प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक 1.33 लाख किसानों के खातों में राशि भेजेंगे। बता दें कि देवास में भावांतर योजना का राज्य स्तरीय उत्सव कार्यक्रम होने जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से सीएम मोहन यादव 233 करोड़ रुपए की भावांतर राशि का अंतरण करेंगे। इसके अलावा देवास जिले के 183 करोड़ 25 लाख रुपए की लागत के 8 विकास कार्यों का भूमि-पूजन भी सीएम करेंगे। थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे सीएम सीएम मोहन यादव थोड़ी देर में देवास पहुंचेंगे। इससे पहले वे सीएम हाउस में वीडियो कॉन्फ्रेंस लेंगे। फिर 11.50 बजे देवास पहुंचेंगे। इस कार्यक्रम के बाद वे दोपहर 01.35 बजे देवास से इंदौर के लिए रवाना हो जाएंगे। यहां वे टेक्नो ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 में शामिल होंगे। यहां जानें भावांतर योजना का मॉडल रेट, कितने मिलेंगे पैसे भावांतर योजना 2025 (bhavantar yojana) के अंतर्गत सोयाबीन विक्रेता किसानों के लिए बुधवार 12 नवंबर को 4077 रुपए प्रति क्विंटल का मॉडल रेट जारी किया गया है। यह मॉडल रेट उन किसानों के लिए है, जिन्होंने सोयाबीन को उपज मंडियों में विक्रय किया है। इस मॉडल रेट के आधार पर ही भावांतर राशि की गणना की जाएगी। मॉडल रेट में लगातार वृद्धि जारी है। पहला मॉडल रेट 7 नवंबर को जारी किया गया था, यह 4020 रुपए प्रतिक्विंटल था। फिर 8 नवंबर को यह 4033 रुपए किया गया, 9 और 10 नवंबर को यह 3 रुपए बढ़कर 4036 रुपए प्रतिक्विंटल हो गया। वहीं 11 नवंबर को मॉडल रेट 4056 रुपए प्रति क्विंटल जारी किया गया। अब तक 9.36 किसानों का रजिस्ट्रेशन मध्य प्रदेश में सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए शुरू की गई भावांतर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया संपन्न की गई। इस दौरान प्रदेश के 9.36 पात्र किसानों ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया। प्रदेश के उज्जैन, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, देवास, सागर समेत 7 जिलों से 50-50 हजार किसानों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसान इस योजना का लाभ लेने रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं। ऐसे समझें क्या है भावांतर योजना का गणित प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय करने की अवधि तय की गई है। यदि किसानों की सोयाबीन एमएसपी से कम कीमत पर बिकती है, तो किसानों को होने वाले घाटे की भरपाई मध्य प्रदेश सरकार भावांतर योजना के माध्यम से करेगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अंतर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी। हेल्प लाइन नंबर जारी, परेशानी या समस्या हो तो यहां कर सकेंगे बात भावांतर योजना को सुचारू रूप से क्रियान्वित करने के लिए किसानों, व्यापारी संगठनों, मंडी बोर्ड, मंडी समितियों के अधिकारियों की सुविधा के लिए भावांतर हेल्पलाइन कॉल सेंटर भी शुरू किया गया है। यह सेंटर सुबह 7 बजे से रात 11 बजे तक निरंतर कार्य करेगा। योजना से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी लेने या समस्या पर बात इस नंबर 0755-2704555 पर की जा सकेगी।

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश होगा साझीदार राज्य, 343 ओडीओपी स्टॉल एवं 2750 प्रतिभागी लेंगे भाग

भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025, उत्तर प्रदेश की लोकल टू ग्लोबल  की आर्थिक रणनीति का वैश्विक प्रदर्शन भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश होगा साझीदार राज्य, 343 ओडीओपी स्टॉल एवं 2750 प्रतिभागी लेंगे भाग  उत्तर प्रदेश अपने युवा स्टार्टअप्स और बढ़ती हुई महिला उद्यमिता का वैश्विक मंच पर करेगा प्रदर्शन उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को मिलेगा वैश्विक मंच    लखनऊ  44वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 (अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला) का आयोजन इस वर्ष 14 से 27 नवंबर को होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की थीम पर आधारित 44वें अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले 2025 का आयोजन भारत मंडपम नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस वर्ष आयोजित किये जा रहे अतंर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान के साथ "साझेदार राज्य" के रूप में भाग ले रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन और मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश इस अतंर्राष्ट्रीय मंच पर अपनी “लोकल टू ग्लोबल” की आर्थिक रणनीति को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करेगा। जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को एक वैश्विक व्यापर के केंद्र के तौर पर विकसित करना, साथ ही प्रदेश के स्थानीय उत्पादों की पहुंच वैश्विक बाजार तक स्थापित करना है। इसके अतिरिक्त उत्तर प्रदेश सरकार की मंशा इस मेले को राज्य की 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ओडीओपी) योजना, युवा स्टार्टअप्स और बढ़ती हुई महिला उद्यमिता को प्रदर्शित करने के लिये भी की जाएगी। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश सरकार द्वार इसी वर्ष 25 से 29 सितंबर को ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो 2025 भी “लोकल से ग्लोबल” की थीम पर आधारित था। भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश का पवेलियन राज्य की व्यापारिक प्रगति को मजबूती प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में उत्तर प्रदेश एक साझीदार राज्य के रूप में शामिल हो रहा है, जिसमें राज्य से 2,750 से अधिक प्रदर्शक भागीदारी करेंगे। जो व्यापार मेले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की “लोकल टू ग्लोबल” की मुहीम को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करेंगे। इस मेले में 343 स्टॉल ओडीओपी योजना के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं। व्यापार मेले में राज्य की ओर से लगाये जा रहे ओडीओपी स्टॉल्स में आगरा का पेठा, भदोही की कार्पेट, मेरठ के खेल सामान, कानपुर के चमड़े के उत्पाद, फिरोजाबाद के ग्लासवेयर और सहारनपुर की लकड़ी की कलाकृतियों जैसे उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के सामने प्रदर्शित किया जाएगा। ये स्टॉल्स न केवल उत्पादों की गुणवत्ता और शिल्पकला को उजागर करेंगे, बल्कि स्थानीय कारीगरों की कहानियों को भी वैश्विक पटल पर प्रस्तुत करेंगे। आधुनिक पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और सस्टेनेबल प्रैक्टिसेज के साथ पेश किए जा रहे ये उत्पाद अमेरिका, यूरोप, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजारों में प्रवेश करने की क्षमता रखते हैं। मेले के दौरान आयोजित बी टू बी मीटिंग्स में विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने ओडीओपी उत्पादों में गहरी रुचि दिखाई है, जिससे राज्य के स्थानीय उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन मिलेगा। भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 में यूपी सरकार विशेष तौर पर राज्य के युवा स्टार्टअप्स और महिला उद्यमियों को प्राथमिकता दे रही है। उत्तर प्रदेश से लगभग 150 से अधिक युवा स्टार्टअप्स और महिला उद्यमी मेले में अपनी नवोन्मेषी पहल पेश करने के लिये भेजे जाएगें। राज्य की 'स्टार्टअप पॉलिसी 2020' और 'महिला उद्यमिता प्रोत्साहन योजना' के तहत प्रशिक्षित ये उद्यमी कृषि-आधारित तकनीक, हर्बल कॉस्मेटिक्स, हैंडलूम प्रोडक्ट्स और ईको-फ्रेंडली सामग्री पर काम करते हैं। ये स्टार्टअप्स न केवल रोजगार सृजन कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को डिजिटल युग से जोड़ रहे हैं। महिला उद्यमियों की भागीदारी सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है—ये महिलाएं गांवों से निकलकर वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना रही हैं। मेले में उनके लिए विशेष वर्कशॉप्स और नेटवर्किंग सेशन आयोजित किये जाएंगे, जहां वे निवेशकों और खरीदारों से प्रत्यक्ष जुड़ेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'लोकल टू ग्लोबल' रणनीति का मूल आधार निर्यात वृद्धि है। पिछले आठ वर्षों में राज्य ने इस नीति के तहत व्यापार में 132 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹2 लाख करोड़ के निर्यात का लक्ष्य प्राप्त किया है। जो कि राज्य की ओडीओपी, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स और इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारों जैसी दूरगामी नीतियों का परिणाम हैं। वर्तमान में राज्य में लगभग 12,000 से अधिक स्टार्टअप्स रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 35 फीसदी से अधिक स्टार्ट अप का संचालन महिलाएं करेंगी। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 के दौरान ओडीओपी उत्पादों के लिए विशेष 'ग्लोबल मार्केट एक्सेस' सेमिनार किए जाएगें साथ ही डिजिटल शोरूम भी निर्मित किये जाएगें , जो भविष्य में निर्यात को और बढ़ावा देंगे। साथ ही ओडीओपी उत्पादों को लेकर विदेशी दूतावासों और व्यापार मंडलों के साथ समझौतों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 के माध्यम से उत्तर प्रदेश वैश्विक व्यापारिक परिदृश्य में नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी कर रहा है—जहां राज्य के स्थानीय उत्पाद वैश्विक ब्रांड बनेंगे और ग्रामीण भारत वैश्विक अर्थव्यवस्था का हिस्सा बनेगा।

एआई बना कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन का माध्यम, छोटे किसानों की उन्नति को दे रहा गति

सीएम योगी की दूरदर्शिता व एआई की तकनीक से बदल रही यूपी के किसानों की तकदीर एआई बना कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन का माध्यम, छोटे किसानों की उन्नति को दे रहा गति -स्मार्ट गवर्नेंस की दिशा में आईसीसीसी और एआई बने नगरीय प्रबंधन का उत्कृष्ट उदाहरण  -भविष्य-उन्मुख शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्र में उन्नत तकनीक रख रहा सशक्त उत्तर प्रदेश की आधारशिला महाकुंभ 2025 में एआई ने साबित की उपयोगिता, सुरक्षा को सुनिश्चित करने के साथ ही दक्षता व सांस्कृतिक संरक्षण का भी बना माध्यम  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश भविष्य आधारित तकनीक को आत्मसात कर एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। यूपी में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के माध्यम से शासन तंत्र के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की जा रही है। प्रदेश के छोटे किसानों के उन्नति का भी एआई के माध्यम से नया अध्याय लिखा जा रहा है। यह उपलब्धि योगी सरकार की उस दूरदर्शी नीति का परिणाम है जिसके अंतर्गत परंपरागत क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक को एकीकृत कर ग्रामीण समाज को सशक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।         नवाचार और सहयोग की भावना को प्रोत्साहन देते हुए पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उत्तर प्रदेश भारत के पहले एआई आधारित शासन प्रणाली को आत्मसात करने का केंद्र बन रहा है, जिसे विश्व बैंक–गूगल साझेदारी के अंतर्गत आरंभ किया गया। इस ऐतिहासिक पहल ने यह सिद्ध कर दिया कि कैसे एआई अभूतपूर्व स्तर पर सार्वजनिक सेवा प्रदायगी में क्रांतिकारी परिवर्तन ला सकता है। उत्तर प्रदेश बना डिजिटल परिवर्तन का जीवंत उदाहरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बनी दूरदर्शी नीतियां डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन व समावेशी विकास के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को परिलक्षित करती हैं। इन प्रयासों ने उत्तर प्रदेश को एक जीवंत उदाहरण बना दिया है। दृष्टि और नवाचार के सम्मिलन से शासन की परिभाषा कैसे वैश्विक स्तर पर पुनःनिर्धारित की जा सकती है इसका भी यह अनुपम उदाहरण है। एआई आज उत्तर प्रदेश में शासन और सेवा प्रदायगी के प्रत्येक क्षेत्र को नया स्वरूप प्रदान कर रहा है। चाहें वह नगरीय प्रबंधन हो, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि या सांस्कृतिक आयोजन, प्रदेश के प्रमुख नगरों में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्मार्ट गवर्नेंस की रीढ़ बन चुके हैं। ये केंद्र एआई-संचालित विश्लेषण के माध्यम से यातायात प्रबंधन, सुरक्षा निगरानी और आपातकालीन स्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित कर रहे हैं। इस तकनीकी एकीकरण से नगरीय जीवन अधिक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और नागरिक-अनुकूल बन गया है। उन्नाव बनेगा अत्याधुनिक तकनीकों के प्रशिक्षण का केन्द्र उत्तर प्रदेश ही वह राज्य है जहाँ भारत का पहला एआई-अग्मेंटेड बहुविषयक विश्वविद्यालय उन्नाव में स्थापित किया जा रहा है। यह संस्थान विद्यार्थियों को एआई, रोबोटिक्स, डेटा साइंस तथा साइबर सुरक्षा जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देगा। साथ ही, यह प्रदेश में चिकित्सा, कृषि और प्रबंधन जैसे विविध विषयों से भी जोड़कर एक भविष्य-उन्मुख कार्यबल तैयार करने का माध्यम बनेगा। उल्लेखनीय है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में भी एआई ने उपचार की दिशा ही बदल दी है। राज्य के प्रमुख अस्पतालों में रोबोटिक सर्जरी के माध्यम से शल्य-चिकित्सा अब अधिक सटीक और सुरक्षित हो गई है। एआई-आधारित डायग्नोस्टिक उपकरणों से रोगों की प्रारंभिक पहचान संभव हो रही है, जिससे प्रदेश के शहरी व ग्रामीण अंचल में नागरिकों को समय पर और प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं। महाकुम्भ 2025 में एआई बना करोड़ों श्रद्धालुओं के कुशल प्रबंधन का माध्यम महाकुंभ 2025 में प्रयागराज ने दुनिया के समक्ष एआई के वास्तविक अनुप्रयोग का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया। इस ऐतिहासिक आयोजन में एआई-सक्षम रीयल-टाइम निगरानी, फेशियल रिकग्नीशन और पूर्वानुमान विश्लेषण का उपयोग कर करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को सहज बनाया गया। एआई-संचालित खोया-पाया केंद्र ने मात्र कुछ मिनटों में लापता बच्चों और वृद्धजनों को उनके परिजनों से मिलाया। साथ ही, स्मार्ट लाइटिंग, डिजिटल समन्वय और डेटा-संचालित सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आयोजन को आध्यात्मिक और तकनीकी दोनों दृष्टियों से अद्वितीय बना दिया। इस प्रकार, महाकुंभ 2025 ने यह सिद्ध किया कि परंपरा और प्रौद्योगिकी का संगम विश्व-स्तर पर भारत की नई पहचान बन सकता है। एआई साबित हो रहा किसानों का सच्चा सहायक  कृषि क्षेत्र में एआई आज किसानों का सच्चा सहायक सिद्ध हो रहा है। एआई-संचालित ड्रोन फसलों के स्वास्थ्य की निगरानी करते हैं, सिंचाई की आवश्यकता का आकलन करते हैं और कीटनाशकों के उपयोग को न्यूनतम रखते हैं। इन स्मार्ट कृषि तकनीकों से न केवल उत्पादन में वृद्धि हुई है, बल्कि कृषि को टिकाऊ और पर्यावरण-अनुकूल स्वरूप भी प्राप्त हुआ है। इससे छोटे किसानों को वैज्ञानिक खेती अपनाने का नया आत्मविश्वास मिला है। नगरों से लेकर ग्रामों तक, कक्षाओं से लेकर अस्पतालों तक, उत्तर प्रदेश एआई-आधारित शासन की एक नई परिभाषा रच रहा है। शासन के प्रत्येक क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता को समाहित कर राज्य न केवल भविष्य का स्वागत कर रहा है, बल्कि नवाचार, दक्षता और नागरिक-केंद्रित शासन के वैश्विक मानक स्थापित कर रहा है।

श्रीराम मंदिर निर्माण के पश्चात अविस्मणीय बनेगा ध्वजारोहण कार्यक्रम

लोकल टू ग्लोबल मिशन की सबसे बड़ी मिसाल बनेगा अयोध्या का ध्वजारोहण समारोह  श्रीराम मंदिर निर्माण के पश्चात अविस्मणीय बनेगा ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम मंदिर के शिखर पर फहराएंगे भगवा ध्वज अयोध्या के लोकल उत्पादों को ग्लोबल बना रहे विदेशी पर्यटक  लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या की अर्थव्यवस्था एक बार फिर रफ्तार पकड़ने वाली है। 25 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिखर पर भगवा ध्वज फहराएंगे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दे रहा है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन व सीएम योगी के नेतृत्व में रामनगरी नव्यता, दिव्यता व भव्यता के साथ नई आभा बिखेर रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में न सिर्फ समूचा भारत, बल्कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि हुई है। इससे पूरे उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिल रही है। विदेशी पर्यटक अयोध्या के लोकल उत्पादों को ग्लोबल बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।  अर्थव्यवस्था को मिल रही है नई ऊंचाई अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के पहले से ही सीएम योगी आदित्यनाथ के निर्देशन में हो रहे दीपोत्सव ने साल दर साल नया कीर्तिमान स्थापित किया और देश-विदेश के श्रद्धालुओं को अयोध्या की तरफ आकर्षित किया। अब अयोध्या में होने वाले ध्वजारोहण में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद जताई जा रही है। इससे न केवल स्थानीय व्यापारियों के रोजगार में और वृद्धि होगी, बल्कि लघु उद्यमियों और हस्तशिल्पियों के व्यापार को भी गति मिलेगी। होटल और लॉज तेजी के साथ बुक हो रहे हैं। अयोध्या में पर्यटकों की संख्या बढ़ने से रेस्टोरेंट और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर की आय में भी वृद्धि होनी है। पर्यटक हस्तशिल्प और हथकरघा उद्योग के तहत बनने वाली मूर्तियों, बैग, कपड़े और सामानों की बड़ी तादाद में खरीदारी करते हैं। इससे स्थानीय छोटे और मझोले व्यावसायियों को भी बड़ा बाजार मिलता है।  बड़े आयोजनों के समय ट्रांसपोर्ट सेक्टर की भी कमाई में बड़ा उछाल आता है। लाखों की संख्या में तीर्थयात्रियों को भ्रमण करने के लिए ई-रिक्शा, ऑटो, बस, कार और टूरिस्ट बसों की आवश्यकता होती है। ऐसे में टूर-ट्रैवल्स व्यवसाय से जुड़े लोगों की आय में भी वृद्धि होती है।   उत्तर प्रदेश की आय में अयोध्या का बड़ा योगदान    राम मंदिर बनने के बाद अयोध्या ने अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं तो इसका श्रेय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जाता है, क्योंकि उनके अथक परिश्रम से ही यह संभव हो सका। अयोध्या का विकास सिर्फ सांस्कृतिक और धार्मिक चेतना का प्रतीक ही नहीं, बल्कि विकास और समृद्धि का भी परिचायक है। राम मंदिर बनने के बाद 2024 में करीब 16.44 करोड़ तीर्थयात्रियों ने रामलला के दर्शन किए, जो अपने आप में रिकॉर्ड है। जनवरी-जून 2025 में अयोध्या में रिकॉर्डतोड़ 23.82 करोड़ से अधिक तीर्थयात्री आ चुके हैं। इसकी वजह से अयोध्या की अर्थव्यवस्था तेजी के साथ बढ़ रही है। राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के बाद पर्यटकों की संख्या में 40%-50% की तेजी आई है।  स्थानीय हस्तशिल्पकारों की आय में वृद्धि अयोध्या विकास और समृद्धि के लिए देश में रोल मॉडल बन चुकी है। मंदिर पर्यटन के क्षेत्र में अयोध्या ने एक रिकॉर्ड बनाया है। बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के आने से स्थानीय हस्तशिल्पकारों को भी काफी रोजगार मिल रहा है। हथकरघा उद्योग भी फल-फूल रहा है। राम मंदिर निर्माण के बाद स्थानीय हस्तशिल्पकारों की संख्या में 25% से अधिक वृद्धि देखी गई है। इनकी आय भी कई गुना बढ़ गई है। पहले रोजाना इनकी आमदनी 200-300 रुपये थी, अब ये 1000 से 1500 रुपये कमा रहे हैं। विशेष दिनों में तो इनकी कमाई कई गुना बढ़ जाती है। इसी तरह दीपोत्सव के दौरान स्थानीय कारोबारियों के साथ ही निम्न आय वालों (कुम्हार, फूल, नाविक आदि) को भी बड़ी आय हुई। दीपोत्सव के दौरान लाखों पर्यटक अयोध्या आए थे। 90 फीसदी होटल बुक थे। रेस्टोरेंट, प्रसाद की दुकानों, फोटो और मूर्तिकारों ने बड़ा मुनाफा कमाया। अयोध्या में दीपोत्सव के दौरान 5 करोड़ से ज्यादा की आय दर्ज की गई।  तीर्थयात्रा से जुड़े उद्योगों को बड़ा मुनाफा अयोध्या में राम मंदिर बनने के बाद तीर्थयात्रा से जुड़े उ‌द्योगों का वार्षिक कारोबार दिनों दिन बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में केवल आर्थिक विकास ही नहीं हुआ, बल्कि सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिल रही है। उत्तर प्रदेश में मंदिर और उससे जुड़ी गतिविधियों ने उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था में करीब ₹1.25 लाख करोड़ का योगदान किया है। आंकड़ों के मुताबिक 2023 में अयोध्या आने वाले पर्यटकों की संख्या 5.76 करोड़ थी, जो 2024 में बढ़कर 16.44 करोड़ तक पहुंच गई।   ODOP से  अयोध्या के उत्पाद विदेश पहुंचे ODOP के तहत अयोध्या के हथकरघा और अन्य उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच रहे हैं। अयोध्या में पीढ़ियों से पारंपरिक रूप से गुड़ बनाने की प्रक्रिया चली आ रही है । इस जनपद की कुल कृषि योग्य भूमि के 20 % भाग पर गन्ने की खेती होती है । यह जनपद गुड़ और इससे जुड़े अन्य उत्पाद यथा गज़क, लड्डू , चिक्की , गुड़ के लड्डू इत्यादि तैयार करता है । अयोध्या आने वाले पर्यटक गुड़ और उससे जुड़े उत्पाद भी खरीदकर अपने साथ ले जाते हैं। इससे गन्ना उत्पादकों और गुड़ कारोबारियों को भी लाभ हो रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उत्सव का शुभारंभ, जनजातीय समाज को समर्पित होगा पूरा सप्ताह

धरती आबा बिरसा मुंडा की 150 वीं जयंती पर जनजाति भागीदारी उत्सव से गूंजेगा लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करेंगे उत्सव का शुभारंभ, जनजातीय समाज को समर्पित होगा पूरा सप्ताह 13 से 18 नवम्बर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान बनेगा जनजातीय संस्कृति का संगम स्थल देशभर की जनजातियों के लोकनृत्य, लोकगीत और शिल्पकला से सजेगा छह दिवसीय महोत्सव अरुणाचल प्रदेश बनेगा सह-आमंत्रित राज्य, पूर्वोत्तर भारत की झलक पेश करेगा विशेष मंडप 1090 चौराहे से निकलेगी भव्य सांस्कृतिक समागम शोभा यात्रा, जनजातीय रंगों से सजेगी राजधानी मुखौटा प्रदर्शनी, धरती आबा नाटक, माटी कला और जनजातीय व्यंजनों का ‘जेवनार’ बनेंगे उत्सव के आकर्षण शिल्प मेला से लेकर सांस्कृतिक संध्या तक, जनजातीय आत्मगौरव का होगा भव्य उत्सव जनजातीय समाज के उत्थान और आत्मनिर्भरता के लिए संकल्पबद्ध है योगी सरकार प्रधानमंत्री वन धन योजना से जनजातीय समुदायों को मिल रहा आजीविका सृजन का नया आधार प्रदेश के 517 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ से आया विकास का नया सवेरा वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बुक्सा, गोंड, बैगा, थारु और सहरिया जनजातियों को मिला आवास का अधिकार मुख्यमंत्री आवास योजना से अब वनवासी परिवारों के जीवन में आया स्थायित्व और सम्मान एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय छात्रावासों से जनजातीय बच्चों को मिल रही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर में एकलव्य विद्यालय 09 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में जनजातीय छात्र-छात्राओं को मिल रही निःशुल्क शिक्षा, आवास, वस्त्र और पुस्तकें थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी और राजी समेत प्रदेश की जनजातियाँ बन रही हैं ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ की नई शक्ति बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संग्रहालय स्थापित, मीरजापुर, सोनभद्र और महराजगंज में नए संग्रहालयों की स्थापना प्रक्रियाधीन लखनऊ  धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में राजधानी लखनऊ में गुरुवार से 'जनजाति भागीदारी उत्सव' का भव्य शुभारंभ होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस ऐतिहासिक आयोजन का उद्घाटन करेंगे। छह दिवसीय यह महोत्सव 13 से 18 नवंबर तक इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित होगा, जो देश की विविध जनजातीय संस्कृतियों का अद्वितीय संगम बनेगा। जनजातीय अस्मिता, कला, परंपरा और जीवन मूल्यों का यह उत्सव “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” की भावना को नई ऊंचाई देगा। पूरे सप्ताह राजधानी लखनऊ जनजातीय रंगों से सजेगी। 1090 चौराहे से भव्य सांस्कृतिक शोभा यात्रा निकाली जाएगी, जिसमें देशभर की जनजातियों के लोकनृत्य, पारंपरिक परिधान, मुखौटे और वाद्ययंत्र झांकियों के रूप में दिखाई देंगे। अरुणाचल प्रदेश इस आयोजन का सह-आमंत्रित राज्य होगा और पूर्वोत्तर भारत की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करेगा। इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के प्रांगण में जनजातीय शिल्प मेला, लोकनृत्य-लोकगीत प्रस्तुतियां, मुखौटा प्रदर्शनी, धरती आबा नाटक और माटी कला प्रदर्शन विशेष आकर्षण रहेंगे। साथ ही, जनजातीय व्यंजनों का “जेवनार” (फूड फेस्ट) भी आगंतुकों को वनवासी समाज की परंपरागत स्वाद संस्कृति से परिचित कराएगा। सुबह 11 बजे से मेला और प्रदर्शनी खुलेंगे, जबकि प्रतिदिन शाम 5 से 9 बजे तक सांस्कृतिक संध्या में देश के 18 राज्यों के 600 से अधिक कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे। बता दें कि बीते साढ़े 08 वर्षों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जे जनजातीय समाज के समग्र उत्थान को अपनी प्राथमिकता में रखा है। प्रधानमंत्री वन धन योजना के तहत राज्य के जनजातीय समुदायों को आजीविका सृजन का नया आधार मिला है। प्रदेश के 517 जनजाति बाहुल्य ग्रामों में संचालित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान से विकास और सशक्तिकरण की नई दिशा मिली है। इसी तरह, वनाधिकार अधिनियम 2006 के अंतर्गत बुक्सा, गोंड, बैगा, थारु और सहरिया जनजातियों को आवासीय अधिकार प्राप्त हुए हैं, जिससे मुख्यमंत्री आवास योजना के जरिए वनवासी परिवारों के जीवन में स्थायित्व और सम्मान का नया अध्याय जुड़ा है। शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार ने जनजातीय बालकों के भविष्य को मजबूत आधार दिया है। एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय और जयप्रकाश नारायण सर्वोदय छात्रावासों के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नई राह खुली है। लखीमपुर-खीरी, बहराइच, सोनभद्र और ललितपुर में एकलव्य विद्यालय संचालित हैं, जबकि नौ राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में जनजातीय छात्र-छात्राओं को निःशुल्क आवास, वस्त्र, पुस्तकें और शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। राज्य की थारु, बुक्सा, भोटिया, जौनसारी और राजी जनजातियाँ आज विकसित उत्तर प्रदेश की नई शक्ति बनकर उभर रही हैं। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संग्रहालय स्थापित किया गया है, जबकि मीरजापुर, सोनभद्र और महराजगंज में नए जनजातीय संग्रहालयों की स्थापना प्रक्रिया में है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बोले — भारत की ऋषि परंपरा हमारा गौरव, दद्दा जी से मिलना सौभाग्य की बात

भारत में प्राचीन काल से है ऋषि परंपरा, दद्दा जी से मिलना मेरा सौभाग्य : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री कटनी में दद्दा जी धाम में प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत में प्राचीन ऋषि परंपरा रही है। दद्दा जी ने करोड़ों शिवलिंग निर्माण करवाए। उन्होंने कहा ‍कि दद्दा जी से मिलना मेरे जीवन का सौभाग्य रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सत्संग और भक्ति के माध्यम से समाज को संस्कार दिए। संस्कारों से लोगों के विकार दूर होते हैं और जीवन धन्य हो जाता है। शिव निराकार ब्रह्म हैं। महाकाल की कृपा हम सभी पर है। राज्य सरकार ने भगवान राम और कृष्ण से जुड़े सभी स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित करने की योजना बनाई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कटनी जिले के झिंझरी स्थित दद्दा जी धाम में आयोजित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण महारुद्राभिषेक में ये बातें कहीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गृहस्थ संत पूज्य पंडित देवप्रभाकर शास्त्री दददा जी के समाधि स्थल पहुंच कर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना कर कटनी जिला एवं प्रदेशवासियों की सुख, समृद्धि एवं जन-कल्याण की कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पवित्र गीता के विविध पक्षों से विश्व को परिचित कराने के लिए राज्य सरकार लाखों विद्यार्थियों के लिए गीता-ज्ञान प्रतियोगिता आयोजित करवा रही है। उज्जैन में सिंहस्थ : 2028 के भव्य आयोजन के लिए तैयारियां की जा रही हैं। दद्दाजी का आशीर्वाद हम सभी के साथ है। कटनी के दद्दाजी धाम की प्रतिष्ठा दुनिया में पहुंचेगी। दुनिया सनातन संस्कृति और हमारी तरफ देख रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि शिरडी सहित अन्य तीर्थ स्थलों की तरह ही कटनी का दददा जी धाम भी भविष्य में देव स्थान के रूप में विख्यात होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भगवान महाकाल और दद्दा जी के आर्शीवाद से हम उज्जैन में होने वाले सिंहस्थ को भव्यता प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में सनातन संस्कृति का पवित्र अनुष्ठान चल रहा है। राज्य सरकार भी इस दिशा मे अनेक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने इस पवित्र कार्य के लिए संत समाज से मार्गदर्शन करने का आग्रह किया। इसके पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंचासीन धर्माचार्यो और साधु-संतों का सम्मान कर आशीर्वाद प्राप्त किया। विजयराघवगढ़ विधायक  संजय सत्येन्द्र पाठक नें संबोधित करते हुए दददा जी के व्यक्तिव, कृतित्व व जीवन वृतांत पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि यह महोत्सव धर्म, अध्यात्म और भक्ति का अद्भुत संगम है। यहाँ विश्वकल्याण के लिये असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण, महारुद्राभिषेक एवं अमृतमयी कथा का आयोजन हो रहा है। प्रातःकाल शिव आराधना और संध्याकाल हरिकथा एवं भजन संध्या के माध्यम से दद्दा जी धाम में दिव्यता का आलोक व्याप्त है। प्राण प्रतिष्ठा समारोह में प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री और कटनी जिले के प्रभारी मंत्री  उदय प्रताप सिंह, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण मंत्री  गोविंद सिंह राजपूत, खजुराहो सांसद  विष्णुदत्त शर्मा, विधायक विजयराघवगढ़  संजय सत्येन्द्र पाठक, फिल्म अभिनेता आशुतोष राणा सहित धर्माचार्य और सुप्रसिद्ध कथा वाचक पंडित मोहित मराल गोस्वामी, कथा वाचक पंडित इन्द्रेश उपाध्याय, पंडित अनिरूद्धाचार्य  महाराज सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा समाजसेवी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।  

राज्यपाल पटेल ने एन.जी.ओ. से की अपील — जनजातीय सशक्तिकरण में बढ़ाएँ भागीदारी

जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण प्रयासों में सहभागी बनें एन.जी.ओ. : राज्यपाल पटेल राज्यपाल ने ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट को किया संबोधित भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट का आयोजन जनजातीय विकास और उत्थान प्रयासों की दिशा में सराहनीय पहल है। देशभर के सभी एन.जी.ओ. जनजातीय समुदाय के सशक्तिकरण प्रयासों में सहभागी बनें। राज्यपाल पटेल मंगलवार को भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती एवं जनजातीय गौरव वर्ष के उपलक्ष्य में कुशाभाऊ सभागार में आयोजित ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी मौजूद थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जनजातीय समुदाय के प्रति विशेष संवेदनशील है। उनके उत्थान के लिए संकल्पित और सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में पीएम जनमन योजना अति पिछड़ी जनजातियों के सर्वांगीण विकास का अभूतपूर्व प्रयास है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान ग्रामीणों की मैदानी स्तर पर ही समस्याओं के समाधान का अभिनव कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि सभी एन.जी.ओ. जनजातीय कल्याण की योजनाओं को दूरस्थ अंचलो तक पहुँचाने में सक्रिय सहयोग करें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आप जब ग्रामीण अंचलों में जांए जो जनजातीय समुदाय के साथ आत्मीय और विनम्र रहें। उनकी समस्याओं को धैर्य के साथ सुनें और त्वरित निवारण करने का प्रयास करें। चुनौतियों के व्यावहारिक समाधान पर चिंतन करें राज्यपाल पटेल ने देशभर के एन.जी.ओ. का आह्वान किया कि ऑल इंडिया मीट के विचार-विमर्श और सुझावों पर गंभीर चिंतन करें। चुनौतियों का व्यावहारिक समाधान खोजे। जनजातीय सशक्तिकरण के लिए आवश्यक शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, ट्राईबल गवर्नेंस आदि विभिन्न आयामों को जनजातीय क्षेत्रों की भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक परिस्थितियों के अनुरूप लागू करने के नवाचार करें। उन्होंने कहा कि सभी एन.जी.ओ. जनजातीय समुदाय को शिक्षा का महत्व जरूर बताएं। उन्हें सिकल सेल एनिमिया सहित अन्य स्वास्थ्य चुनौतियों के प्रति जागरूक करें। राज्यपाल पटेल ने जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के चिंतन पर आधारित ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट के आयोजन के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार का विशेष आभार व्यक्त किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि जनजातीय समाज में भारत की संस्कृति, पर्यावरण और मानवीय मूल्यों की जड़ें गहराई तक बसी हैं। उनका जीवन दर्शन हमें सिखाता है कि प्रकृति के साथ सामंजस्य, आत्मनिर्भरता और सहयोग ही समावेशी विकास का आधार हैं। उन्होंने कहा कि ऑल इंडिया एन.जी.ओ. मीट का आयोजन अत्यंत प्रासंगिक और समयानुकूल है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की दिशा में देश जब आगे बढ़ रहा है, ऐसे में जरूरी है कि जनजातीय समाज की भागीदारी इस यात्रा का अभिन्न हिस्सा बने। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि जनजातीय विकास के लिए शिक्षा का स्वरूप ऐसा हो जो केवल साक्षरता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उसमें जीवन कौशल, स्थानीय ज्ञान और संस्कृति संरक्षण का भी समावेश हो। उन्होंने कहा कि अशासकीय संस्थाएँ, स्थानीय भाषा में पाठ्य सामग्री तैयार करें। डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देकर बच्चों की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में बड़ा योगदान दिया जा सकता है। साथ ही स्वास्थ्य शिक्षा, मातृ-शिशु पोषण, टी.बी., सिकल सेल रोग जागरूकता और स्वास्थ्य शिक्षा को व्यापकता प्रदान करना भी जरूरी है। नीति निर्माण में समर्पित संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका, राज्य सरकार देगी पूरा सहयोग जनजाति कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने कहा कि जनजाति बहुल क्षेत्रों में काम कर रहे समर्पित अशासकीय संस्थाओं को राज्य सरकार पूरा सहयोग देगी। उनकी विशेषज्ञता का लाभ लेते हुए जनजातीय कल्याण की कार्ययोजनाएं और रणनीतियां बनाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि जनजातीय विकास की योजनाएं बनाने में जमीनी स्तर के सुझावों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। समर्पित स्वैच्छिक संगठन गहन रूप से सामाजिक आर्थिक संदर्भों में समस्याओं का परीक्षण करते हैं। जनजातीय समुदाय के आचार-व्यवहार को भी करीब से जानते हैं। उन्होंने जनजातीय समुदाय के उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे छोटी घटनाओं से सबक लेकर व्यापक जनहितैषी नीतियां बन जाती हैं। डॉ. शाह ने कहा कि सरकार, समुदाय और समर्पित सहयोगी संगठनों के साथ मिलकर काम करने से सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। उदघाटन सत्र के बाद विशेषज्ञ संस्थाओं के समूहों ने जनजातीय समुदाय की शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, वन अधिकार, शासन, प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव दिए। ट्राइफेड की डीजीएम सु प्रीति मैथिल ने आजीविका पर अपने समूह का प्रस्तुतिकरण करते हुए बताया कि वित्तीय समावेश, आजीविका स्कूल, संसाधनों का एटलस, उद्यमिता विकास करने संबंधी सुझाव दिए और राज्य के लिए अपने विचार रखे। जनजातीय समुदाय की शिक्षा और सशक्तिकरण में अशासकीय संगठनों की भूमिका, चुनौतियां एवं मुद्दे, वर्तमान में शिक्षा का स्तर, समग्र शिक्षा में संगठनों की भूमिका पर विशेषज्ञों ने चर्चा की। रामकृष्ण मिशन मेघालय के स्वामी अनुरागनंदा ने सत्र की अध्यक्षता की। स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट कर्नाटक के प्रवीन कुमार सैयापराजु ने विशेषज्ञ के रूप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि ड्रॉप आउट की चुनौती को नियमित संपर्कों से दूर किया जा सकता है। जनजातीय समुदाय की महिलाओं के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़ी समस्याओं और चुनौतियां, टीकाकरण एवं अन्य राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की पहुंच बढ़ाने, टेली मेडिसिन, एमहेल्थ जैसे आधुनिक हस्तक्षेप से स्वास्थ्य सेवा बढ़ाने में अशासकीय संगठनों की भूमिका पर विचार हुआ। विवेकानंद मेडिकल मिशन वायनाड केरल के सुरेश ने सत्र की अध्यक्षता की। डॉ. सलोनी सिडाना एमडी नेशनल हेल्ड मिशन ने स्वास्थ्य सेवाओं के प्रदाय संबंधी कठिनाइयों की चर्चा करते हुए बताया कि भाषा और भौगोलिक दूरी बड़ी समस्या है। ट्राइफेड की डीजीएम सु मैथिल ने जनजाति अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं, और आजीविका बढ़ाने, जनजातीय युवाओं में उद्यमिता बढ़ाने, आजीविका के नए अवसर, स्व-सहायता समूहों के माध्यम से आर्थिक उद्यमिता को बढ़ावा देने जैसे विषयों पर स्वैच्छिक संगठनों ने अपने विचार रखे। राजस्थान बाल कल्याण समिति उदयपुर के मुकेश गौर ने सत्र की अध्यक्षता की। मती मीनाक्षी सिंह ट्राइबल सेल राजभवन ने जनजातीय विकास एवं शासन प्रशासन से जुड़े विषयों, राज्य की भूमिका, पंचायत राज संस्थाओं, ग्राम सभा पारंपरिक जनजातीय संस्थाओं जनजाति विकास एजेंसियों की भूमिकाओं पर चर्चा की। शिव गंगा झाबुआ के पद्म महेश शर्मा ने सत्र की अध्यक्षता की। राज्यपाल पटेल ने भगवान बिरसा मुंडा के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह ने तुलसी का पौधा भेंट कर स्वागत और स्मृति चिन्ह स्वरूप गोंडी पेंटिंग भेंट कर अभिनंदन किया। मंत्री डॉं. कुंवर विजय शाह ने कहा कि राज्य सरकार, एन.जी.ओ. मीट में प्राप्त … Read more