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लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी शनिवार से की जाएगी खरीद

पूर्वी उत्तर प्रदेश में पहली नवंबर से होगी धान खरीद  लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी शनिवार से की जाएगी खरीद  धान (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल एमएसपी तय पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 फरवरी 2026 तक चलेगी खरीद   पश्चिम उत्तर प्रदेश में पहली अक्टूबर से चल रही धान खरीद 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान करा रही योगी सरकार दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण लखनऊ  खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत पहली नवंबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में धान खरीद शुरू होगी, 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। इस अवधि में लखनऊ संभाग के उन्नाव, रायबरेली और लखनऊ में भी धान खरीद होगी। वहीं पहली अक्टूबर से पश्चिमी उत्तर प्रदेश और लखनऊ संभाग के हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जनपद में धान खरीद चल रही है। डबल इंजन सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि भी की है। धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य (कॉमन)-2369 और (ग्रेड ए) का 2389 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है। वहीं योगी सरकार की नीतियों पर समर्थन जताते हुए दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने बिक्री के लिए पंजीकरण भी करा लिया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश व लखनऊ संभाग के इन जनपदों में पहली नवंबर से शुरू होगी खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवम्बर से धान खरीद शुरू होगी। यह खरीद पूर्वी उत्तर प्रदेश के चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, देवीपाटन, बस्ती, आजमगढ़, वाराणसी, मीरजापुर व प्रयागराज संभाग में होगी। इसके साथ ही लखनऊ संभाग के लखनऊ, रायबरेली व उन्नाव में भी पहली नवंबर से खरीद होगी, जो 28 फरवरी 2026 तक चलेगी। दो महीने में 2.17 लाख से अधिक किसानों ने करा लिया पंजीकरण धान बिक्री के लिए पहली सितंबर से पंजीकरण प्रारंभ हो गया था। 31 अक्टूबर (सुबह 11 बजे) तक 2,17,625 किसानों ने पंजीकरण करा लिया। वहीं पश्चिम उत्तर प्रदेश के 17 हजार से अधिक किसानों से एक महीने के भीतर 1.06 लाख मीट्रिक टन से अधिक की धान खरीद की जा चुकी है। योगी सरकार के निर्देश पर तेज गति से चल रहे कार्य की बदौलत 3920 क्रय केंद्र भी खुल गए हैं।  fcs.up.gov.in या UP KISAN MITRA  पर पंजीकरण अनिवार्य  धान बिक्री के लिए किसानों का पंजीकृत होना अनिवार्य है। किसानों को खाद्य व रसद विभाग की वेबसाइट fcs.up.gov.in या मोबाइल ऐप UP KISAN MITRA पर पंजीकरण कराना होगा। खरीद पंजीकृत किसानों से ही होगी। खाद्य व रसद विभाग के मुताबिक किसान किसी भी सहायता या जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 नंबर पर कॉल या अपने जनपद के जिला खाद्य विपणन अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी व ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से भी संपर्क साध सकते हैं। योगी सरकार ने 48 घंटे के भीतर किसानों को भुगतान का निर्देश दिया है।    

मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राष्ट्रीय एकता दिवस की दिलायी शपथ

भोपाल  मुख्य सचिव  अनुराग जैन ने मंत्रालय स्थित सरदार वल्लभ भाई पटेल पार्क में प्रात: 10 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस की शपथ दिलायी। इसके पूर्व सरदार वल्लभ भाई पटेल के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। शपथ में सभी अधिकारियों-कर्मचारियों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए स्वयं को समर्पित करने और अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प लिया। इस अवसर पर  अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा,  के.सी. गुप्ता,  संजय दुबे,  संजय कुमार शुक्ल,  शिवशेखर शुक्लासहित मंत्रालय, विंध्याचल,सतपुड़ा भवन और पुलिस विभाग के अधिकारी- कर्मचारी उपस्थितरहे।

राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण

राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने दिलाई एकता दिवस की शपथ राज्यपाल ने आयोजित किया एकता दिवस समारोह और शपथ ग्रहण  सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर राज्यपाल  पटेल ने किया पुण्य स्मरण भोपाल   राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने राजभवन के अधिकारी-कर्मचारियों को एकता दिवस पर शपथ दिलाई। लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर पुण्य स्मरण किया और सादर श्रद्धांजलि अर्पित की। एकता दिवस शपथ समारोह का आयोजन राजभवन के बैंक्वेट हॉल में शुक्रवार को किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, अपर सचिव  उमाशंकर भार्गव सहित राजभवन में पदस्थ सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। राज्यपाल  मंगुभाई पटेल के नेतृत्व में राजभवन के अधिकारियों-कर्मचारियों ने शपथ ली कि "मैं राष्ट्र की एकता, अखण्डता और सुरक्षा को बनाए रखने के लिये स्वयं को समर्पित करूंगा और अपने देशवासियों के बीच यह संदेश फैलाने का भी भरसक प्रयत्न करूंगा। मैं यह शपथ अपने देश की एकता की भावना से ले रहा हूँ जिसे सरदार वल्लभ भाई पटेल की दूरदर्शिता एवं कार्यों द्वारा संभव बनाया जा सका। मैं अपने देश की आंतरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिये अपना योगदान करने का भी सत्यनिष्ठा से संकल्प करता हूँ।"  

राज्य सरकार की पहल से बदल रही है मजदूरों की दुनिया – रायपुर से उभर रही नई उम्मीदें

रायपुर : विशेष लेख :राज्य सरकार के प्रयासों से श्रमिकों के जीवन में आ रहा है बदलाव श्रम विभाग अंतर्गत 25 वर्षों की विभागीय उपलब्धियां रायपुर, छत्तीसगढ राज्य स्थापना के समय 16 जिलों में से 09 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 04 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कार्यालय संचालित है। वर्तमान में राज्य के समस्त 33 जिलों में श्रम कार्यालय तथा 10 जिलों में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा तथा वर्ष 2008 से रायपुर में इंडस्ट्रीयल हाईजिन लैब का राज्य स्तरीय कार्यालय प्रारंभ किया गया है। राज्य स्थापना के बाद से वर्ष 2008 में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल तथा वर्ष 2011 में छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल का गठन किया गया है। उक्त मण्डलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण तथा विभिन्न योजनाओं में आवेदन विभागीय पोर्टल/श्रमेव जयते मोबाईल ऐप के माध्यम से ऑनलाईन करने की सुविधा दी गयी है तथा विभिन्न योजनाओं में डी०बी०टी के माध्यम से श्रमिकों को लाभान्वित किया जा रहा है। 52 लाख 75 हजार 618 संगठित/निर्माण/असंगठित श्रमिक पंजीकृत 31 जुलाई, 2025 तक छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत 5लाख 41 हजार 920 संगठित श्रमिक, छ0ग0 भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल अंतर्गत 30 लाख 21 हजार 624 निर्माण श्रमिक तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल अंतर्गत 17 लाख 12 हजार 074 असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार विभाग अंतर्गत संचालित मंडलों में कुल 52 लाख 75 हजार 618 संगठित, निर्माण, असंगठित श्रमिक पंजीकृत हैं। राज्य स्थापना के बाद से 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को 23 अरब 70 करेाड 24 लाख 56 हजार 757 रूपये से लाभांवित किया गया। छ0ग0 श्रम कल्याण मंडल में 80 लाख 713 संगठित श्रमिक को 31 जुलाई, 2025 तक राशि रूपये 26 करोड 56 लाख 2 हजार 131 से, छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल में 51 लाख 72, हजार 579 निर्माण श्रमिकों को राशि रूपये 19 करोड 82 लाख 69 लाख 48 हजार 448 तथा छ०ग० असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में 4 लाख 71 हजार 453 अंगठित कर्मकारों को राशि रूपये 3अरब 60 करोड 99 लाख 06 हजार 178 से इस प्रकार राज्य स्थापना के बाद से कुल 57 लाख 24 हजार 745 श्रमिकों को राशि रूपये 23 अरब 70 करोड़ 24 लाख 56 हजार 757 (तेईस अरब सत्तर करोड़ चौबीस लाख छप्पन हजार सात सौ सात रूपये) से लाभांवित किया गया है। श्रमिक सहायता केन्द्र 24×7 संचालित श्रमिकों के हितलाभ संरक्षण, सहायता एवं उनके शिकायतों के निराकरण करने के लिए राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केन्द्र (Helpline Center) रायपुर में 24×7 संचालित है। प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय तथा समस्त विकासखंडों में मुख्यमंत्री श्रम संसाधन केन्द्र संचालित किया जा रहा है, जिसके माध्यम से 31 जुलाई 2025 तक 84 हजार 810 निर्माण श्रमिकों को पंजीयन एवं योजनाओं के आवेदन में सहयोग प्रदान किया गया है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के अंतर्गत विभिन्न श्रम कानूनों के अंतर्गत कारखानों, दुकान व स्थापनाओं, ठेकेदारों आदि का पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा विभाग अंतर्गत गठित मंडलों में श्रमिकों के पंजीयन, नवीनीकरण, संशोधन तथा योजनाओं हेतु आवेदन/स्वीकृति विभागीय वेब पोर्टल एवं श्रमेव जयते मोबाईल एप के माध्यम से ऑनलाईन की जा रही है। साथ ही विभिन्न श्रम अधिनियमों के अंतर्गत पंजियों/अभिलेखों को ऑनलाईन डिजिटल रूप में संधारित करने तथा एकीकृत वार्षिक विवरणी ऑनलाईन प्रस्तुत करने की सुविधा नियोजकों को प्रदान की गई है। ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार भारत सरकार कार्मिक, लोक शिकायत मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा छ०ग० शासन श्रम विभाग को 2020-21 हेतु ‘ई-श्रमिक सेवा‘ सहित सार्वभौमिक पहुंच हेतु ‘ई-गवर्नेस के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार‘ रूपये 02 लाख पुरस्कार राशि के साथ गोल्ड पुरस्कार प्रदान किया गया। प्रवासी श्रमिकों के हित संरक्षण, कल्याण एवं सामाजिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से दिनांक 19 जुलाई 2021 से छ०ग० राज्य प्रवासी श्रमिक नीति, 2020 लागू किया गया है, जिसमें पलायन पंजी के ऑनलाईन संधारण की व्यवस्था की गई है। श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिये अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा एवं श्रम मंत्री के निर्देशानुसार पंजीकृत निर्माण श्रमिक परिवारों के बच्चों को उत्कृष्ट निजी शालाओं में निःशुल्क अध्ययन कराये जाने हेतु छ०ग० भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा ‘अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना‘ 08.जनवरी 2025 से प्रारंभ की गई है। योजना के तहत मंडल में 01 वर्ष पूर्व पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के प्रथम 02 बच्चों को कक्षा 6 वीं में प्रवेश दिया जाकर कक्षा 12 वीं तक आवासीय विद्यालयों में वर्तमान में 100 श्रमिकों के बच्चों को विभिन्न विद्यालयों में प्रवेश दिया जाकर गुणवत्तायुक्त निःशुल्क शिक्षा प्रदान किया जा रहा है। निर्माण श्रमिकों के स्वयं के आवास क्रय एवं आवास निर्माण हेतु एक लाख रूपये एकमुश्त अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा रहा है। 31 जुलाई 2025 तक 2 हजार 278 निर्माण श्रमिकों को नवीन आवास क्रय/आवास निर्माण हेतु अनुदान सहायता राशि प्रदाय किया जा चुका है। निर्माण श्रमिकों के लिये पेंशन योजना 60 वर्ष आयु पूर्ण कर चुके पंजीकृत निर्माण श्रमिक, जिनका मंडल में 10 वर्ष पूर्व का पंजीयन हो, ऐसे 37 निर्माण श्रमिकों को प्रतिमाह रूपये 1500/- पेंशन योजना से लाभांवित किया जा रहा है। शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना इस योजना अंतर्गत पंजीकृत निर्माण, असंगठित एवं संगठित श्रमिकों को रूपये 05 में गरम एवं पौष्टिक भोजन प्रदाय किया जा रहा है। प्रदेश के 17 जिलों में 37 श्रम अन्न योजना केन्द्र संचालित है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 8 हजार श्रमिक गरम भोजन प्राप्त करे रहें है। संचालनालय, कर्मचारी राज्य बीमा सेवायें कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 के अंतर्गत कर्मचारी राज्य बीमा योजना, राज्य निर्माण के समय श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदाय करने वाली यह योजना केवल कारखानों, सिनेमाघरों, ट्रांसपोर्ट, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों पर लागू थी। राज्य निर्माण के पश्चात इस योजना में निजी सहायता प्राप्त शैक्षणिक एवं निजि चिकित्सा संस्थाओं तथा राज्य सरकार द्वारा संचालित नगर निगमों, नगर पालिकाएं, नगर परिषद् एवं अन्य स्थानीय निकाय पर भी लागू की गई है। निःशुल्क चिकित्सा हित लाभ छ.ग. राज्य गठन के उपरांत कर्मचारी राज्य बीमा योजना का विस्तार छ.ग. राज्य के 15 जिलों के सम्पूर्ण क्षेत्र तथा 17 जिलों के नगरीय निकाय क्षेत्रों में किया गया है। कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम 1948 के अंतर्गत छ.ग. राज्य निर्माण के पूर्व लगभग 30 … Read more

नई खेल नीति, नई सोच: पीएम मोदी के मार्गदर्शन में भारत गढ़ रहा है सफलता की नई कहानी

प्रधानमंत्री  मोदी के नेतृत्व में खेलों में आगे बढ़ रहा है देश: मुख्यमंत्री डॉ. यादव फिट इंडिया मूवमेंट अभियान चलाया प्रधानमंत्री  मोदी ने : केन्द्रीय मंत्री  चौहान विदिशा में सांसद खेल महोत्सव का शुभारंभ भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी कल्पनाशील हैं। उनके कुशल नेतृत्व में देश खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है। देश में सांसद खेल महोत्सव का आयोजन करना उन्हीं की ही सोच है। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री  शिवराज सिंह चौहान अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद खेल महोत्सव का अद्भुत आयोजन कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह बात विदिशा के स्टेडियम में आयोजित सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ अवसर पर कही। उन्होंने सांसद खेल महोत्सव के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर खेलों और खिलाड़ियों के विकास में दिल्ली मुंबई जैसे महानगरों को पीछे छोड़ेगा। प्रधानमंत्री  मोदी सभी क्षेत्र के लोगों को प्रोत्साहित करते हैं। खेल क्षेत्र भी इसमें शामिल है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा ऐतिहासिक नगरी है। सम्राट अशोक से इसका संबंध रहा है। साथ ही उज्जैन से भी विदिशा का प्राचीन काल से गहरा संबंध रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सम्राट विक्रमादित्य ने लोकतंत्र के मूल्य की रक्षा की और आज भी विदिशा जैसे नगर लोकतांत्रिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण हैं क्योंकि यहां के विजय मंदिर की प्रतिकृति के आधार पर नए संसद भवन का निर्माण किया गया है। मध्यप्रदेश के मितावली के 64 योगिनी मंदिर के आकल्पन को पुरानी संसद का आधार बनाया गया था। इस नाते मध्यप्रदेश लोकतांत्रिक व्यवस्था में विशेष महत्व रखता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा भोपाल फोरलेन मार्ग के निर्माण का कार्य स्वीकृत किया जाएगा। यह फोरलेन सलामतपुर सांची होकर बनेगा। साथ ही विदिशा अहमदनगर निर्माण सहित अन्य सुझावों को शासन द्वारा स्वीकृति दी जाएगी। खिलाड़ियों और युवाओं के प्रोत्साहन के सभी कार्य होंगे। इस खेल उत्सव में क्रिकेट, कबड्डी, मलखंभ और अन्य खेलों के शामिल करने के प्रयासों की सराहना की।मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विदिशा नगर निगम के लिए निकटवर्ती ग्रामों को जोड़ने संबंधी अध्ययन और सर्वेक्षण की कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय कृषि किसान कल्याण एवं ग्रामीण विकास मंत्री  चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने फिट इंडिया मूवमेंट का अभियान चलाया है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए खेल प्रभावी माध्यम होते हैं। व्यक्तित्व विकास और फिट रहने के लिए खेल जरूरी हैं।  चौहान ने कहा कि हम सोच नहीं सकते थे कि भारत सन 1983 में क्रिकेट का विश्व कप जीत सकता है। यह कार्य महान खिलाड़ी  कपिल देव ने करके दिखाया। उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के अंतर्गत दो महीने तक गांव-गांव में खेल होंगे, इसके लिए 37 हजार खिलाड़ियों ने अपना पंजीयन कराया है। खिलाड़ी खेलों का भरपूर आनंद लें और खेल भावना जागृत करने में कोई कमी नहीं रहने दें। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव के समक्ष विदिशा के विकास के लिए विभिन्न सुझाव रखें। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने खेल महोत्सव में वर्चुअली शामिल होकर कहा कि खेलों में कोई कभी हारता नहीं है, कोई जीतता है तो कोई सीखता है। खेलों से फिर से जीतने का जज्बा आता है। मुझे खुशी है कि देश के युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने के लिए इतना बड़ा सांसद खेल महोत्सव का आयोजन प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में हो रहा है। केंद्रीय खेल मंत्री  मांडविया ने कहा कि मध्यप्रदेश में खेलों को आगे बढ़ाने के लिए कमी नहीं छोड़ी जाएगी। विदिशा में एथलेटिक्स सेंटर चालू किया जाएगा। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव ने कहा कि विदिशा जैसे छोटे शहर में खिलाड़ियों का उत्साह देखते ही बनता है। यह भारत का भविष्य है। बड़े शहरों के बड़े मॉल और बड़ी इमारतें भारत का भविष्य उतना नहीं जितना विदिशा जैसे छोटे शहरों में खिलाड़ियों का उत्साह देखकर हम आश्वस्त होते हैं।  कपिल देव ने सम्मानित खिलाड़ियों को बधाई दी। उन्होंने कहा खेल के साथ पढ़ाई भी बहुत जरूरी है और विदिशा के खिलाड़ी और उनके अभिभावक बधाई के पात्र हैं, जो खेल और पढ़ाई दोनों को महत्व देते हैं। अभिभावक भी खेलों प्रोत्साहित करते हैं ।  कपिल देव ने कहा कि वे जरूर विदिशा दोबारा आना चाहेंगे। आज मौसम की वजह से केंद्रीय खेल मंत्री यहां नहीं आ पाए लेकिन मुख्यमंत्री डॉ. यादव और केंद्रीय मंत्री  चौहान के आग्रह पर भी यहां आकर उन्हें बहुत आनंद का अनुभव कर रहे हैं।  कपिल देव ने कहा कि हमारे देश में खेलों के प्रति इतना सम्मान है। यह इस कार्यक्रम में पहुंचकर अनुभव हुआ। खेलों के प्रति विदिशा के खिलाड़ियों का समर्पण सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि यह सभी खिलाड़ी देश के लिए जरूर खेलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि केंद्रीय मंत्री  चौहान अभिनंदन के पात्र हैं, इस खेल उत्सव की कल्पना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  शिवराज सिंह चौहान और भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान  कपिल देव का विदिशा पहुंचने पर अनेक स्थानों पर फूल मालाओं से हुआ भव्य स्वागत। सांसद खेल महोत्सव में हुआ प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री  चौहान और क्रिकेटर  कपिल देव ने विदिशा में सांसद खेल महोत्सव में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सम्मानित किया। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में युवाओं द्वारा प्रस्तुत किये गये मलखंभ की सभी ने सराहना की। कार्यक्रम में विदिशा जिले के प्रभारी मंत्री  लखन पटेल, राजस्व मंत्री  करण सिंह वर्मा, सांसद मती लता वानखेड़े, जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी सहित बड़ी संखय में खिलाड़ी और नागरिक उपस्थित थे।  

रन फॉर यूनिटी में युवा जुटे, सीएम बोले- सरदार पटेल ने विभाजनकारी रियासतों को जोड़ा

भोपाल  सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती पर भोपाल के शौर्य स्मारक पर एकता दिवस का कार्यक्रम हुआ। इस कार्यक्रम में सीएम डॉ. मोहन यादव, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, पीडब्ल्यूडी मंत्री राकेश सिंह, पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र लोधी। दो हजार युवाओं ने लगाई दौड़ शौर्य स्मारक से लाल परेड ग्राउंड तक करीब दो हजार युवाओं ने दौड़ लगाकर एकता का संदेश दिया। सीएम डॉ. मोहन यादव ने शौर्य स्मारक से रन फॉर यूनिटी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जम्मू कश्मीर का मुद्दा यूएन में ले जाना बड़ी गलती थी सीएम ने कहा कि जम्मू कश्मीर का मुद्दा, धारा 370 के मुद्दे को यूएन में ले जाना ये उस समय की बहुत बड़ी गलती थी। उस घटना पर सरदार पटेल ने कहा था कि देश के मसले को देश के लोग सुलझाएंगे। पड़ोस के देश में कोई विवाद होगा तो पड़ोसी देश के नेता और हमारे नेता बैठकर हल करेंगे। इसमें तीसरे पंचायत की जरूरत नहीं हैं। वो हम सबने भोगा है। सीएम ने कहा – आज भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरदार पटेल के इस भाव पर कायम हैं कि हमें कोई थर्ड पार्टी नहीं चाहिए, वन टू वन बात होना चाहिए। चाहे ऑपरेशन सिंदूर हो या कुछ भी हो ये सरदार पटेल की उसी भावना का प्रकटीकरण है। राष्ट्र को समर्थ होना चाहिए। सरदार पटेल ने अंग्रेजों को टैक्स देने की प्रथा के खिलाफ आंदोलन किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरदार पटेल किसान परिवार से आते थे उनके बडे़ भाई बिट्‌ठल भाई पटेल थे। इन दोनों भाईयों की जोड़ी ने नाम कमाया। बिट्‌ठल भाई तो उस समय के बडे़ नेता थे, लेकिन वल्लभ भाई ने वकालत के जीवन के दौरान कई आश्चर्य जुडे़ हैं। सरदार पटेल का कहना था कि अगर अकाल पड़ गया है लोग भूखे मर रहे हैं तो अंग्रेजों को टैक्स नहीं देना चाहिए। उस समय आक्रोशित भाव से सरदार पटेल, महात्मा गांधी के पास गए और गांधी जी ने सहजता से उस आंदोलन में साथ देकर भूमिका निभाई। पटेल को मिली सरदार की उपाधि सीएम ने कहा कि बारडोली के आंदोलन के बाद वल्लभ भाई पटेल सरदार पटेल के नाम से जाने गए। नमक आंदोलन जो गांधी जी ने शुरू किया था। आजादी के हर आंदोलन की सफलता में कोई रहा तो वह नाम है सरदार वल्लभ भाई पटेल है। पटेल ने देश को एकता के सूत्र में बांधा सीएम ने कहा जब अंग्रेजों ने तय कर लिया कि भारत छोड़कर जाना है और अंग्रेज एक भयंकर षड्यंत्र करके देश के टुकडे़-टुकडे़ करना चाहते थे। विभाजन की विभीषिका में देश को कैसे सुरक्षित रखा जाए, ये पटेल ने सोचा। भारत, पाकिस्तान के विभाजन की विभीषिका लिख दी गई उसके साथ ही 562 रियासतों को फ्री करने का निर्णय लिया। उन रियासतों में हमारा भोपाल भी एक है। राजा भारत का पैसा पाक के बैंक में भिजवा देते थे सीएम ने कहा कि हमारे भारतीय स्टेट बैंक की तरह पाकिस्तान का जो बैंक है उस समय यहां का पैसा उठाकर पाकिस्तान में भिजवा देते थे। भोपाल सहित हैदराबाद, जूनागढ़ ऐसी कई स्टेट थीं जो भारत में मिलने से मना कर रही हैं। लेकिन ये अपने आप में केवल कागज पर नहीं थे। सर्वसुविधायुक्त सैन्य शक्ति से संपन्न थे जिन्हें अंग्रेजों ने यह कहकर छोड़ दिया था कि आपकी इच्छा हो तो मिलो अन्यथा आप स्वतंत्र हो। रियासतों को जोड़ने का काम पटेल ने किया सीएम ने कहा कि आजादी के साथ ही एक नेता जिसने भारत पाकिस्तान के विभाजन के समय में अपनी युक्ति बुद्धि से भारत की एक-एक रियासत के सारे राजा-महाराजाओं को समझाकर जोड़ते जा रहे थे। जोड़ते हुए ये अहसास किया कि आज जोड़ रहे हैं, लेकिन कल क्या होगा? भारतीय प्रशासनिक सेवा के आईएएस, आईपीएस अफसरों की रचना भी उन्होंने बनाई थी। जब वे गृह मंत्री थे उन्होंने सारे प्रबंध किए नियमावली बनाई। सोमनाथ मंदिर का जीर्णोद्धार करके एक हजार साल पुराना विवाद सुलझाया था। सरकारी मदद के बगैर इतना बड़ा मंदिर बनाकर देश का स्वाभिमान जगाने का काम किया। जब देश आजादी की तरफ कदम बढ़ाता है तब ऐसे महापुरुष रहते हैं भविष्य में उनकी बातों की कीमत रहती है।

मध्यप्रदेश में वन्यजीव संरक्षण को नई उड़ान: नौरादेही में भी बसेंगे चीते – सीएम डॉ. यादव

नौरादेही अभयारण्य में भी चीते छोड़ने की योजना : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने मां नर्मदा में मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया को दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश नदियों का मायका है। मध्यप्रदेश में ईश्वर के आशीर्वाद से थलचर, जलचर और नभचर सभी प्रकार के जीव स्वच्छंद रूप से अपना जीवन यापन करते हैं। आज ओंकारेश्वर में मां नर्मदा के निर्जन स्थान पर मगरमच्छ प्राकृतिक आवास पर छोड़े गए हैं। मां नर्मदा के वाहन मगरमच्छ हैं, जो मध्यप्रदेश में विभिन्न क्षेत्रों में पाए जाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को खण्डवा में मां नर्मदा के तट पर मगरमच्छ छोड़ने के बाद मीडिया कर्मियों से चर्चा कर रहे थे। इस अवसर पर वन मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जो चीता पूरे एशिया से गायब हो गया था उन चीतों के पुनर्स्थापन का प्रयास विश्व में कई जगह हुआ, लेकिन हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के आशीर्वाद से मध्यप्रदेश में चीता पुनर्स्थापन का ऐतिहासिक कार्य हुआ। यह पुनर्स्थापना पहले पालपुर कूनो और बाद में राज्य के अंदर ही गांधी सागर में हुआ है। बहुत जल्द नौरादेही एक और अभयारण्य बनने वाला है। इसमें अफ्रीका, नामीबिया से चीते लाकर छोड़े जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मां नर्मदा के प्रवाह में चार मादा दो नर मगर छोड़े गए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में घड़ियाल और मगरमच्छ, चम्बल, सोन बरगी और अन्य नदियों में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जल का ईको -सिस्टम पर्यावरण की भी रक्षा करता है। जिस प्रकार मां नर्मदा का आशीर्वाद सबको मिलता है, मां नर्मदा अपने वाहन मगर को भी आशीर्वाद दे और प्राकृतिक रूप से स्वच्छता का यह कार्य होता रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने खंडवा जिले में हुए इस शुभ कार्य के लिए और प्रदेश की स्थापना दिवस के लिए प्रदेशवासियों को बधाई दी।  

लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि

राष्ट्र की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहींः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ में ‘रन फॉर यूनिटी’ के शुभारंभ पर बोले मुख्यमंत्री, सरदार पटेल के आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रनिर्माताओं को सम्मान देने की परंपरा स्थापित हुईः मुख्यमंत्री सीएम बोले- सरदार पटेल ने 563 रियासतों को जोड़कर गढ़ा अखंड भारत का स्वरूप प्रधानमंत्री मोदी ने धारा 370 हटाकर पटेल के संकल्प को साकार कियाः सीएम योगी जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत के विरुद्ध एकता की मशाल जलाएंः मुख्यमंत्री सीएम योगी का आह्वान, जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने वालों का करें विरोध सरदार पटेल से प्रेरणा लेकर हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करेः सीएम मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय एकता दिवस पर लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण भारत रत्न सरदार पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित कर प्रदेशवासियों को एकता दिवस की दी बधाई लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ में ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभभाई पटेल जी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित ‘रन फॉर यूनिटी’ का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया और कहा कि भारत की अखंडता और एकता के लिए जिन्होंने अपना जीवन समर्पित किया, उन लौह पुरुष सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम उनके आदर्शों को अपने आचरण में उतारें। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन, समर्पण और त्याग आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणास्रोत है। आइए, इस राष्ट्रीय एकता दिवस पर हम संकल्प लें कि जाति, भाषा, धर्म और क्षेत्र से ऊपर उठकर भारत की एकता और अखंडता को सुदृढ़ बनाएंगे। सरदार पटेल के आदर्शों को आचरण में लाना ही सच्ची श्रद्धांजलि मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से ही देश में उन महान सपूतों को सम्मान देने की परंपरा शुरू हुई है, जिन्होंने भारत को एक सूत्र में बांधने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि आज पूरे देश में 600 से अधिक स्थानों पर ‘रन फॉर यूनिटी’ के माध्यम से युवाओं में राष्ट्रभक्ति और एकता की भावना को प्रबल करने का यह अभियान चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी भारतीय परंपरा में कहा गया है कि“शिवो भूत्वा शिवं यजेत”, अर्थात जिसे हम पूजते हैं, उसके अनुरूप हमें स्वयं को ढालना चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल भाषणों में नहीं, बल्कि व्यवहार में भी एकता और अखंडता के मूल्यों को अपनाना ही सच्ची श्रद्धांजलि है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में केवड़िया (गुजरात) में ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ के रूप में सरदार पटेल की स्मृति को जीवंत बनाया गया है, जो आज राष्ट्रीय प्रेरणास्थली बन चुकी है। 563 रियासतों को जोड़कर अखंड भारत की नींव रखी मुख्यमंत्री ने कहा कि सरदार पटेल ने स्वतंत्रता के बाद ब्रिटिश साजिशों को नाकाम करते हुए 563 रियासतों को भारत गणराज्य में शामिल कर अखंड भारत का निर्माण किया। उन्होंने कहा कि जब हैदराबाद और जूनागढ़ की रियासतों ने भारत में विलय से इनकार किया, तब लौह पुरुष ने पहले संवाद का रास्ता अपनाया, लेकिन जब राष्ट्र की अखंडता पर संकट आया, तब उन्होंने कठोर निर्णय लेकर भारत की एकता को सुरक्षित किया। उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की अखंडता के साथ कोई खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर अखंड भारत के उस संकल्प को साकार किया, जो सरदार पटेल ने देखा था। यह उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। उत्तर प्रदेश से केवड़िया जाएगा सांस्कृतिक दल मुख्यमंत्री ने बताया कि सरदार पटेल की 150वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में उत्तर प्रदेश से एक सांस्कृतिक दल और हस्तशिल्पियों का प्रतिनिधिमंडल केवड़िया जाएगा। राज्यपाल महोदया के नेतृत्व में 12 नवंबर को केवड़िया में सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने का कार्यक्रम आयोजित होगा। उन्होंने कहा कि ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘स्वदेशी अभियान’ को मज़बूती देने के साथ उत्तर प्रदेश के कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने का यह अवसर भी है। 75 जिलों में गूंजी राष्ट्रीय एकता की भावना मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी 75 जनपदों में आज ‘रन फॉर यूनिटी’ के कार्यक्रम आयोजित हुए, जिनमें लाखों युवाओं, विद्यार्थियों, स्वयंसेवी संस्थाओं, प्रशासनिक अधिकारियों और नागरिकों ने भाग लेकर राष्ट्रीय एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक दौड़ नहीं, बल्कि भारत की एकता, अखंडता और सामाजिक सौहार्द का प्रतीक है। जातिवाद, परिवारवाद और छुआछूत से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में कार्य करें मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि हमें उन सभी कुत्सित प्रयासों का विरोध करना चाहिए जो जातिवाद, परिवारवाद या छुआछूत के आधार पर समाज को बांटने का काम करते हैं। राष्ट्रीय एकता दिवस का यही संदेश है कि हम सब मिलकर भारत की अखंडता को सशक्त बनाएं और सामाजिक एकता को मजबूत करें। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल के जीवन से प्रेरणा लेकर हमें हर उस शक्ति का विरोध करना चाहिए जो राष्ट्र की एकता को कमजोर करने का प्रयास करती है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद बृजलाल एवं विधायक गण उपस्थित रहे। एक्स पर भी मुख्यमंत्री ने दी लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल को श्रद्धांजलि इससे पूर्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोशल मीडिया पर भी प्रदेशवासियों को राष्ट्रीय एकता दिवस की शुभकामनाएं दीं और भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल को विनम्र श्रद्धांजलि दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, "महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, लौह पुरुष, 'भारत रत्न' सरदार वल्लभ भाई पटेल जी की जयंती पर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि एवं प्रदेश वासियों को 'राष्ट्रीय एकता दिवस' की हार्दिक बधाई। भारत की आंतरिक सुरक्षा और अखण्डता हेतु 'सरदार साहब' द्वारा किए गए अथक प्रयास हमें 'एक भारत-श्रेष्ठ भारत' की संकल्पना की सिद्धि हेतु सदैव प्रेरित करते रहेंगे।"

विशेष आर्टिकल: बदलता उत्तर प्रदेश: ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ से सशक्त हो रही हैं नई पीढ़ी की बेटियाँ

विशेष आर्टिकल: बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ: उत्तर प्रदेश में बेटियों की सुरक्षा और शिक्षा की अनुपम क्रांति लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की मिशन शक्ति फेज-5.0 के अंतर्गत बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ (BBBP) अभियान ने बेटियों के जीवन को नई दिशा दी है। यह योजना न केवल कन्या भ्रूण हत्या और लिंग भेद को रोक रही है, बल्कि बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और स्वावलंबन का मजबूत आधार प्रदान कर रही है। मिशन शक्ति के सुरक्षा और सम्मान स्तंभ का यह अभियान अब तक 75 जिलों में 100% कवरेज हासिल कर चुका है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2025 तक उत्तर प्रदेश का लिंगानुपात 878 से बढ़कर 928 प्रति 1,000 हो गया है – जो राष्ट्रीय औसत से भी बेहतर है। योजना का उद्देश्य और कार्यप्रणाली: एक संरचित दृष्टिकोण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना का मुख्य उद्देश्य है: • कन्या भ्रूण हत्या रोकना • लिंगानुपात में सुधार • बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा • सामाजिक जागरूकता और कानूनी कार्रवाई उत्तर प्रदेश में BBBP के प्रमुख कदम: कार्यक्रम प्रभाव PC-PNDT एक्ट का सख्ती से पालन 2025 में 1,200+ अल्ट्रासाउंड सेंटर सील कन्या पूजन अभियान नवरात्रि में 5 लाख+ बालिकाओं का सम्मान स्कूल एनरोलमेंट ड्राइव 98% बेटियों का प्राथमिक स्कूल में दाखिला महिला सशक्तिकरण मेला 75 जिलों में 1,500+ आयोजन प्रेरणादायक कहानी: बहराइच की राधा – बेटी बचाओ की जीवंत मिसाल बहराइच जिले के एक छोटे से गांव की राधा यादव (16 वर्ष) की कहानी BBBP की सफलता का प्रतीक है। राधा के जन्म के समय (2009) उनके परिवार पर तीसरी बेटी होने के कारण सामाजिक दबाव था। लेकिन बेटी बचाओ अभियान के तहत गांव में आयोजित जागरूकता सभा ने उनके पिता को समझाया कि "बेटी बोझ नहीं, वरदान है"। राधा को मिले लाभ: 1. जन्म के समय सम्मान: गांव पंचायत ने कन्या जन्मोत्सव मनाया, परिवार को 5,000 रुपये का प्रोत्साहन दिया। 2. शिक्षा में सहायता: BBBP के तहत मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और साइकिल प्रदान की गई। 3. सेल्फ-डिफेंस ट्रेनिंग: मिशन शक्ति 5.0 में शामिल होकर कराटे सीखा, अब ब्लैक बेल्ट धारक। 4. स्कॉलरशिप: कक्षा 10 में 92% अंक लाने पर 25,000 रुपये की छात्रवृत्ति। 5. करियर गाइडेंस: अब NEET की तैयारी कर रही हैं, मेडिकल कॉलेज में दाखिला पक्का। राधा कहती हैं: “पहले गांव में लोग कहते थे – ‘बेटी पढ़ाओगी तो क्या डॉक्टर बनेगी?’ आज मैं उसी गांव की पहली लड़की हूँ जो मेडिकल की तैयारी कर रही हूँ। बेटी बचाओ ने मुझे बचाया, बेटी पढ़ाओ ने मुझे उड़ान दी।” मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ऐतिहासिक योगदान: तारीफ के काबिल नेतृत्व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने BBBP को उत्तर प्रदेश में जन आंदोलन बना दिया। उनके नेतृत्व में: • हर पंचायत में ‘बेटी बचाओ समिति’ गठित। • महिला बीट ऑफिसर ने घर-घर जाकर जागरूकता फैलाई। • PC-PNDT एक्ट के तहत 1,200+ क्लीनिक बंद, 800+ डॉक्टरों पर मुकदमा। • नवरात्रि 2025 में 5 लाख कन्या पूजन, योगी जी ने स्वयं 100 बालिकाओं को सम्मानित किया। सीएम योगी का ताजा बयान (गोरखपुर, 27 अक्टूबर 2025): “2017 से पहले बेटियां घर में कैद थीं। आज मिशन शक्ति और BBBP ने उन्हें आसमान दिया है। हमारा संकल्प है – हर बेटी पढ़ेगी, हर बेटी आगे बढ़ेगी।” योगी जी का यह संवेदनशील और सशक्त नेतृत्व उत्तर प्रदेश को ‘बेटी-मैत्री राज्य’ बनाने में मील का पत्थर साबित हुआ है। भाजपा सरकार का सराहनीय कदम: राष्ट्रीय मॉडल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 2015 में शुरू बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार ने मिशन शक्ति के साथ जोड़कर क्रांतिकारी परिणाम दिए हैं। • डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम से हर जिले का लाइव डेटा। • पिंक टॉयलेट, पिंक बसें, पिंक पेट्रोलिंग – बेटियों के लिए समर्पित। • 26 लाख+ बेटियों को कन्या सुमंगला योजना से जोड़ा। यह कदम न केवल सामाजिक सुधार है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है – क्योंकि सशक्त बेटी ही सशक्त भारत बनाएगी। निष्कर्ष: योगी सरकार की दूरदर्शिता से बेटियाँ बन रही हैं राष्ट्र की शान बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और मिशन शक्ति फेज-5.0 ने उत्तर प्रदेश को बेटियों का स्वर्ग बनाने की दिशा में अभूतपूर्व सफलता हासिल की है। राधा जैसी लाखों बेटियाँ आज डॉक्टर, इंजीनियर, पुलिस अधिकारी बनने की राह पर हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार की यह पहल ऐतिहासिक है क्योंकि: • 2017 से पहले अराजकता थी – आज हर गांव में बेटी का जन्म उत्सव। • लिंगानुपात में 50 अंकों का सुधार – भाजपा शासन की देन। • PC-PNDT एक्ट का सख्त पालन – भ्रष्टाचार मुक्त, पारदर्शी शासन। • शिक्षा दर में बेटियों का 98% एनरोलमेंट – विश्व स्तर पर मिसाल। • महिला सशक्तिकरण मेला, कन्या पूजन, सेल्फ-डिफेंस – सांस्कृतिक और आधुनिक का सुंदर संगम। योगी सरकार ने साबित कर दिया है – जब इच्छाशक्ति हो, तो असंभव भी संभव हो जाता है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ कोई सरकारी योजना नहीं, उत्तर प्रदेश की बेटियों का भविष्य है। आइए, हम सब मिलकर इस क्रांति का हिस्सा बनें! 📞 हेल्पलाइन: 181 | 1090 🌐 वेबसाइट: upmissionshakti.in 🎯 #BetiBachaoBetiPadhao #MissionShakti5 #YogiHaiToBetiSafeHai

विशेष आर्टिकल: ODOP ने बदली तस्वीर: यूपी के कारीगरों ने स्थानीय हुनर को बनाया वैश्विक पहचान

विशेष आर्टिकल: एक जिला एक उत्पाद (ODOP): सफलता की अनगिनत कहानियां – उत्तर प्रदेश के कारीगरों की वैश्विक उड़ान लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना ने न केवल राज्य के पारंपरिक उद्योगों को नई जान फूंकी है, बल्कि हजारों कारीगरों, किसानों और छोटे उद्यमियों की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल दिया है। 2018 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा शुरू की गई यह योजना अब 75 जिलों में 74 उत्पादों को कवर कर रही है, और इसके तहत अब तक 40 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिल चुका है। निर्यात में 76% की वृद्धि हो चुकी है, जो ₹2 लाख करोड़ को पार कर गया है। लेकिन ODOP की असली ताकत तो उसके लाभार्थियों की प्रेरणादायक कहानियों में छिपी है। आइए, विस्तार से जानें कैसे यह योजना साधारण लोगों को उद्यमी बना रही है, और कैसे योगी सरकार का यह कदम लाखों परिवारों का सहारा बन गया है। ODOP की सफलता: आंकड़ों से परे, जिंदगियों का बदलाव ODOP ने उत्तर प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण को भी बढ़ावा दिया है। योजना के तहत 80,000 से अधिक कारीगरों को कौशल प्रशिक्षण दिया गया, ₹50,000 से ₹5 लाख तक के बिना गारंटी ऋण वितरित किए गए, और GI टैग प्राप्त 15 उत्पादों को वैश्विक बाजार में पहचान मिली। लेकिन ये आंकड़े सिर्फ संख्याएं नहीं – ये उन कारीगरों की कहानियां हैं जो कभी बाजार की मार झेलते थे, आज अंतरराष्ट्रीय मंचों पर चमक रहे हैं। योजना ने महिलाओं और ग्रामीण युवाओं को विशेष रूप से सशक्त किया, जिससे पलायन रुक गया और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई। अब ODOP उत्पाद अमेज़न, फ्लिपकार्ट जैसे प्लेटफॉर्म पर बिक रहे हैं, और G20 जैसे वैश्विक आयोजनों में उपहार के रूप में भेजे जा रहे हैं। सफलता की प्रेरक कहानियां: कारीगरों की यात्रा से प्रेरणा ODOP की सफलता लाखों कहानियों में बिखरी हुई है। यहां कुछ चुनिंदा उदाहरण हैं, जो दर्शाते हैं कि कैसे योजना ने लोगों की किस्मत पलट दी: 1. झांसी की सॉफ्ट टॉयज क्रांति: रानी लक्ष्मीबाई की धरती पर खिलौनों का साम्राज्य झांसी जिले का ODOP उत्पाद सॉफ्ट टॉयज है, जो भारतीय खिलौना उद्योग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय कारीगर शिवानी शर्मा (28 वर्ष) की कहानी इसका जीवंत उदाहरण है। एक साधारण सिलाई मशीन पर घर से काम करने वाली शिवानी को ODOP के तहत ₹2 लाख का ऋण और 45-दिवसीय डिजाइन ट्रेनिंग मिली। पहले उनकी मासिक आय ₹5,000 थी, लेकिन आज वे 'झांसी क्राफ्ट टॉयज' ब्रांड के तहत 20 महिलाओं को रोजगार दे रही हैं। मासिक टर्नओवर ₹3 लाख हो गया है, और उनके उत्पाद दिल्ली के क्राफ्ट म्यूजियम में बिक रहे हैं। "ODOP ने मुझे सिर्फ पैसा नहीं, आत्मविश्वास दिया। अब मेरी बेटी भी इसी व्यवसाय में हाथ बंटाएगी," शिवानी बताती हैं। योजना ने झांसी में 500+ कारीगरों को जोड़ा, जिससे जिले का खिलौना निर्यात 40% बढ़ा। 2. देवरिया की बांस उत्पाद: पूजा शाही की 'ग्रीन क्राफ्ट' कंपनी – पर्यावरण और रोजगार का संगम देवरिया का ODOP उत्पाद बांस से बने हस्तशिल्प (जैसे थ्रेड्स, कैरी बैग्स और ऑर्गेनिक कंपोस्ट) है। पूजा शाही (32 वर्ष), एक ग्रामीण महिला उद्यमी, ने ODOP के तहत ₹3 लाख सब्सिडी प्राप्त की और देवरिया डिजाइनर प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। पहले वे खेतों में मजदूरी करती थीं, आय ₹4,000 मासिक। अब उनकी कंपनी 30 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर मासिक ₹8 लाख का कारोबार कर रही है। उत्पाद फ्लिपकार्ट पर बिकते हैं, और पर्यावरण-अनुकूल होने से अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर आ रहे हैं। पूजा कहती हैं, "ODOP ने बांस को कचरा से खजाने में बदल दिया। अब मेरा गांव आत्मनिर्भर है।" यह कहानी योजना की सस्टेनेबल डेवलपमेंट को दर्शाती है, जहां 200+ परिवार लाभान्वित हुए। 3. हार्दोई का हथकरघा जादू: इकबाल हुसैन – बुनकर से निर्यातक तक हार्दोई का ODOP उत्पाद हथकरघा वस्त्र (कुर्ता-पजामा) है। इकबाल हुसैन (45 वर्ष) एक पारंपरिक बुनकर थे, जिनकी दुकान बाजार की कमी से बंद होने को थी। ODOP ने उन्हें ₹10 लाख ऋण और मार्केटिंग सपोर्ट दिया। आज वे 50 बुनकरों की टीम के साथ मासिक ₹15 लाख का टर्नओवर कर रहे हैं। उनके उत्पाद ODOP मार्ट पोर्टल पर उपलब्ध हैं, और यूरोप में निर्यात हो रहा है। "पहले चीनी कपड़ों से हम हार जाते थे, अब ODOP ने हमें ब्रांड बना दिया," इकबाल कहते हैं। हार्दोई में योजना से 1,000+ नौकरियां पैदा हुईं। 4. मुरादाबाद का पीतल शिल्प: कारीगरों का वैश्विक बाजार मुरादाबाद का ODOP उत्पाद पीतल के हस्तशिल्प है। मोहम्मद शाहिद (38 वर्ष) ने ODOP के कॉमन फैसिलिटी सेंटर (CFC) से मशीनरी सब्सिडी ली। पहले उनकी आय ₹6,000 मासिक थी, अब 25 कारीगरों को रोजगार देकर ₹20 लाख वार्षिक कमाते हैं। उनके उत्पाद G20 समिट में उपहार बने। योजना ने मुरादाबाद के पीतल निर्यात को दोगुना कर दिया। 5. सिद्धार्थनगर का कलानामक चावल: किसानों की सुनहरी फसल सिद्धार्थनगर का ODOP उत्पाद कलानामक चावल (GI टैग प्राप्त) है। रामप्रसाद यादव (50 वर्ष), एक किसान, ने ODOP ट्रेनिंग से जैविक खेती सीखी और ₹1.5 लाख ऋण से प्रोसेसिंग यूनिट लगाई। पहले फसल बर्बाद हो जाती थी, अब मासिक ₹2 लाख कमाते हैं। 100+ किसान जुड़े, और चावल राष्ट्रीय बाजार में बिक रहा है। 6. गोरखपुर की टेराकोटा: स्थानीय कला का पुनरुत्थान गोरखपुर का ODOP उत्पाद टेराकोटा है। सीता देवी (42 वर्ष) ने योजना से ₹75,000 टूलकिट प्राप्त की। अब वे 15 महिलाओं को प्रशिक्षित कर रही हैं, मासिक आय ₹1 लाख। उनके उत्पाद पर्यटन स्थलों पर बिकते हैं। 7. मुजफ्फरनगर का गुड़ पाउडर: माधुरमीठास ब्रांड की मिठास मुजफ्फरनगर का ODOP उत्पाद रासायनिक-मुक्त गुड़ पाउडर है। माधुरमीठास ब्रांड की संस्थापक अंजली वर्मा ने ODOP से मार्केटिंग सहायता ली। अब राष्ट्रीय स्तर पर बिक्री हो रही है, और 50 किसानों को लाभ। ये कहानियां साबित करती हैं कि ODOP ने न केवल आय बढ़ाई, बल्कि महिलाओं को सशक्त किया और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रेरक उद्गार: ODOP को आत्मनिर्भरता का आधार मुख्यमंत्री योगी ने ODOP को बार-बार 'आत्मनिर्भर भारत' का आधार बताया है। 24 जनवरी 2024 को उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस पर अवध शिल्पग्राम में बोलते हुए उन्होंने कहा, "पहले निर्यात ₹86,000 करोड़ था, ODOP ने इसे ₹2 लाख करोड़ कर दिया। चीनी नकली उत्पादों की जगह अब ODOP … Read more