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यूपी में 5.38 लाख महिलाओं के लिए सरकार का तोहफा, दिवाली पर मुफ्त मिलेगा गैस सिलेंडर

लखीमपुर खीरी  उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में दीपावली पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक विशेष तोहफा दिया जा रहा है. इस योजना के तहत जिले में कुल 5,38,996 लाभार्थी हैं, जिन्हें दीपावली के अवसर पर एक गैस सिलेंडर की कीमत के बराबर धनराशि दी जाएगी. विभाग ने इस संबंध में तैयारी शुरू कर दी है. लखीमपुर खीरी जिले में भारत गैस की 29 एजेंसियां हैं, जिनमें 2,11,316 लाभार्थी हैं. इसके अलावा, HP की 15 एजेंसियों में 93,700 और इंडियन ऑयल की 40 एजेंसियों में 2,33,945 लाभार्थियों को उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर दिए गए हैं. त्योहारों पर प्रदेश सरकार ने किया था वादा  राज्य सरकार ने होली और दीपावली के त्योहारों पर मुफ्त सिलेंडर देने का वादा किया था. हालांकि तरीका सब जगह एक ही होता है. लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिलिंग के लिए धनराशि सरकार द्वारा दी जाएगी, लेकिन उन्हें पहले गैस एजेंसी पर जाकर नगद सिलेंडर खरीदना होगा. जितनी धनराशि उपभोक्ता गैस एजेंसी पर देंगे, उतनी ही राशि उनके खाते में वापस कर दी जाएगी. लाभार्थियों को सलाह दी जाती है कि अगर उनका बैंक खाता एनपीसीआई से लिंक नहीं है, तो वे इसे लिंक करवा लें, ताकि धनराशि में कोई दिक्कत न हो. इसके बिना वे योजना का लाभ नहीं उठा पाएंगे और पैसे उनके एकाउंट में नहीं आ पाएंगे. लोकल 18 को महिला नीरज ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से दीपावली पर घरेलू गैस सिलेंडर का लाभ दिया जा रहा है. यह महिलाओं लिए सौभाग्य की बात है.  

एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग में भोपाल के मॉडल स्कूल को शीर्ष स्थान

एजुकेशन वर्ल्ड इंडिया स्कूल रैंकिंग में भोपाल के मॉडल स्कूल को पहला स्थान मिला हैट्रिक बनाने वाला मध्यप्रदेश का सरकारी क्षेत्र का पहला स्कूल भोपाल  भोपाल के मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल, टी.टी. नगर ने एजुकेशन वर्ल्ड संस्था की ओर से जारी सरकारी स्कूलों के रैंकिंग में वर्ष 2025-26 में पहला स्थान प्राप्त किया है। मॉडल स्कूल को यह सम्मान स्टूडियो क्लास, इन्फ्रास्ट्रक्चर और साइकोलॉजी और अन्य विशेषताओं के कारण मिला है एजुकेशन वर्ल्ड शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए पोर्टल है, जो हर साल विश्व स्तरीय स्कूलों की रैंकिंग जारी करता है। इस रैंकिंग में मॉडल स्कूल ने पिछले परीक्षा परिणाम, सांस्कृतिक गतिविधियों, इंफ्रास्ट्रक्चर, शिक्षकों की उपलब्धता उनका आउटपुट, मेंटल और इमोशनल वैलबीइंग सेवाओं, खेल, अकादमिक गतिविधियों एवं अन्य आधारों पर की गई है। इन सभी क्षेत्रों में पूरे भारत से विद्यालय चयनित किए जाते हैं एवं उनके आधार पर निर्धारित मानकों में से अंक दिए जाते हैं स्कूल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर मार्किंग की जाती है। माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा संचालित मॉडल हायर सेकेंडरी स्कूल टी.टी. नगर ने लगातार 3 वर्ष शासकीय क्षेत्र के विद्यालयों की कैटेगरी में अपना स्थान बनाया है। यह स्कूल प्रदेश का एकमात्र स्कूल बन गया है, जिसने शिक्षा की गुणवत्ता के आधारपर अपना स्थान बनाया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केन्द्र सरकार के वित्तीय सलाहकार  विनय प्रताप सिंह ने मॉडल स्कूल की प्राचार्य रेखा शर्मा को गुरूवार को पुरस्कृत किया गया। मॉडल स्कूल में स्टूडियो क्लास शुरू की गई। इससे अन्य स्कूल वर्चुअली जुड़कर मॉडल स्कूल में जो लैक्चर होते हैं, उनका वे लाभ उठा रहे हैं। स्कूल में बनाई गई साइकालॉजी लैब में बच्चों का समय-समय पर टेस्ट होता है, इससे पता चलता है कि बच्चा पढ़ाई के बोझ के कारण किसी प्रकार के तनाव में तो नहीं है। मॉडल स्कूल की प्राचार्य मती रेखा शर्मा ने बताया कि यह गौरव सभी सरकारी स्कूलों के लिये है। इस उपलब्धि को हासिल करने के लिये माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के अधिकारियों और विद्यालय के संपूर्ण स्टाफ का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि मॉडल स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों की भलाई के लिये और भी नवाचार किये जाते रहेंगे।  

मुख्यमंत्री साय बोले – बस्तर में नए विश्वास और विकास की सुबह — माओवादी कैडर की मुख्यधारा में वापसी

रायपुर आज का दिन केवल बस्तर ही नहीं, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लिए ऐतिहासिक है। वर्षों तक हिंसा और भय की छाया में जी रहे 210 माओवादी कैडरों ने आज “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” कार्यक्रम के अंतर्गत बंदूक छोड़कर संविधान को अपनाने का निर्णय लिया है। यह छत्तीसगढ़ में शांति, विश्वास और विकास के नए युग का शुभारंभ है। मुख्यमंत्रीविष्णुदेव साय ने आज जगदलपुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए यह बात कही। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जो युवा कभी माओवाद की झूठी विचारधारा के जाल में उलझे हुए थे, वे आज लोकतंत्र की शक्ति, संविधान के आदर्शों और राज्य सरकार की संवेदनशील नीतियों पर विश्वास जताते हुए समाज की मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उल्लेखनीय है कि कुल 210 आत्मसमर्पित माओवादी कैडरों में एक सेंट्रल कमेटी सदस्य, चार दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी सदस्य, एक रीजनल कमेटी सदस्य, 22 डिविजनल कमेटी सदस्य, 61 एरिया कमेटी सदस्य और 98 पार्टी सदस्य शामिल हैं। इन पर कुल 9 करोड़ 18 लाख रुपये का इनाम घोषित था। समारोह में 210 माओवादी कैडरों ने कुल 153 हथियार समर्पित किए, जिनमें 19 AK-47, 17 SLR, 23 INSAS राइफलें, एक INSAS LMG, 36 .303 राइफलें, 4 कार्बाइन, 11 BGL लॉन्चर, 41 शॉटगन और एक पिस्तौल शामिल हैं। मुख्यमंत्रीसाय ने इस अवसर को अपने जीवन के सबसे भावनात्मक और संतोषजनक क्षणों में से एक बताया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं ने बंदूकें नीचे रखकर संविधान को थामा, उन्होंने छत्तीसगढ़ के भविष्य में शांति और एकता के बीज बोए हैं। यह इस बात का प्रमाण है कि बदलाव नीतियों और विश्वास से आता है, भय और हिंसा से नहीं। राज्य सरकार की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025”, “नियद नेल्ला नार योजना” और “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी पहल आज न केवल बस्तर, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ में बदलाव की ठोस आधारशिला सिद्ध हो रही हैं। इन योजनाओं ने बंदूक और बारूद की जगह संवाद, संवेदना और विकास को स्थापित किया है।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभूतपूर्व आत्मसमर्पण केंद्र एवं राज्य सरकार के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। पुलिस, सुरक्षा बल, स्थानीय प्रशासन, सामाजिक संगठन और नागरिक समाज — सभी ने मिलकर जिस समन्वित और निरंतर प्रयास से यह परिवर्तन संभव किया, वह बस्तर के इतिहास में मील का पत्थर है। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि यह दृश्य न केवल बस्तर बल्कि पूरे भारत के लिए प्रेरणा है — कि यदि नीयत साफ हो और नीतियाँ जनसंबंधी हों, तो हिंसा का अंत और शांति की शुरुआत संभव है।मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सामूहिक आत्मसमर्पण बस्तर में नक्सल उन्मूलन अभियान के इतिहास की सबसे बड़ी सफलता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण हिंसा की जड़ को समाप्त करने की दिशा में निर्णायक कदम है। “अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर, जहाँ कभी भय का शासन था, वहाँ आज विश्वास का शासन है। जो कल जंगलों में छिपे थे, आज वे समाज के निर्माण में सहभागी बन रहे हैं,”।  मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि डबल इंजन सरकार की यह दृढ़ प्रतिज्ञा है कि छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से पूर्णतः मुक्त किया जाए। उन्होंने कहा — “प्रधानमंत्रीनरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्रीअमित शाह जी के नेतृत्व में हम इस लक्ष्य की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं। बस्तर का यह परिवर्तन उसी संकल्प का प्रमाण है।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आत्मसमर्पित कैडरों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रत्येक व्यक्ति को स्वरोजगार, प्रशिक्षण, आवास, शिक्षा और आजीविका के अवसर प्रदान किए जाएंगे ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें और समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभा सकें।  मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आत्मसमर्पण “पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” के उस मूल भाव का विस्तार है, जो यह संदेश देता है कि परिवर्तन का मार्ग हिंसा नहीं, बल्कि विश्वास है। यह कार्यक्रम अब पूरे बस्तर क्षेत्र में पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका सुधार की दिशा में नई ऊर्जा लेकर आएगा। मुख्यमंत्रीसाय ने कहा कि यह ऐतिहासिक घटना यह सिद्ध करती है कि जब सरकार की नीतियाँ संवेदनशील और जनकेंद्रित होती हैं, तब सबसे कठिन समस्याएँ भी सुलझाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा — “हमारा लक्ष्य केवल नक्सलवाद का अंत नहीं, बल्कि एक नए बस्तर का निर्माण है — जहाँ हर घर में विश्वास और हर मन में विकास का उजाला हो।” मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की जनता, जनप्रतिनिधियों, मीडिया, सुरक्षा बलों और नागरिक समाज को इस परिवर्तन के सहयोगी बनने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शांति, विकास और समृद्धि की यह यात्रा तभी स्थायी होगी जब समाज का प्रत्येक वर्ग इस परिवर्तन की भावना को आत्मसात करेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बस्तर को नए उद्योग, बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और कनेक्टिविटी के माध्यम से आत्मनिर्भर क्षेत्र में परिवर्तित करेगी। जंगलों की हरियाली के साथ यहाँ के युवाओं के जीवन में भी उजाला फैलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर के इतिहास में यह वह क्षण है, जब “बंदूक की गूंज” की जगह “विकास की गूंज” सुनाई दे रही है। यह उस बस्तर का पुनर्जन्म है, जहाँ अब भय नहीं, विश्वास और बंधुत्व का शासन होगा। अंत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा — “यह केवल आत्मसमर्पण नहीं, बल्कि आत्मजागरण की यात्रा है। यह छत्तीसगढ़ की नई पहचान है — शांति, विश्वास और विकास की। आने वाले समय में बस्तर न केवल नक्सल मुक्त होगा, बल्कि देश के लिए शांति और परिवर्तन का मॉडल बनेगा।   इस अवसर पर उपमुख्यमंत्रीद्वयअरुण साव औरविजय शर्मा, सांसदमहेश कश्यप, जगदलपुर विधायककिरण सिंह देव, पुलिस महानिदेशकअरुणदेव गौतम, एडीजी सीआरपीएफअमित कुमार, एडीजी बीएसएफनामग्याल, एडीजी (एएनओ)विवेकानंद झा, बस्तर रेंज के आईजीसुंदरराज पी, बस्तर के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक तथा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।  

सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ महिलाओं को आत्मविश्वास और सशक्तीकरण का नया रास्ता दिखा रही योगी सरकार

मिशन शक्ति 5.0 योगी सरकार की जागरूकता चौपालों से गांव-गांव बुलंद हो रही महिलाओं की आवाज  सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ महिलाओं को आत्मविश्वास और सशक्तीकरण का नया रास्ता दिखा रही योगी सरकार दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा के सामाजिक दुष्प्रभावों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने में जुटी योगी सरकार  स्थानीय पुलिस, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और स्वयंसेवी संस्थाएं कर रही सक्रिय भागीदारी  मिशन शक्ति 5.0 के तहत अबतक 15.50 लाख से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है योगी सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार का मिशन शक्ति 5.0 अभियान नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन की दिशा में नया इतिहास रच रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा 17 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 तक प्रदेश की हर ग्राम पंचायत में 'जागरूकता चौपाल' कार्यक्रमों का आयोजन शुरू हो गया है। इन चौपालों का उद्देश्य दहेज प्रथा और घरेलू हिंसा जैसी सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना और महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराना है। योगी सरकार की यह पहल न केवल नारी सशक्तीकरण को बढ़ावा दे रही है, बल्कि ग्रामीण समाज में समानता और संवेदनशीलता की संस्कृति को मजबूत कर रही है। मिशन शक्ति 5.0 के तहत जागरूकता चौपालें दहेज उन्मूलन और घरेलू हिंसा की रोकथाम पर केंद्रित हैं। इन चौपालों में महिलाओं, किशोरियों, पुरुषों और समुदाय के प्रतिनिधियों को दहेज और घरेलू हिंसा के सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी जा रही है। विशेषज्ञ वक्ता और विभागीय अधिकारी 'घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005' और 'दहेज निषेध अधिनियम, 1961' को सरल भाषा में समझा रहे हैं। महिलाओं को बताया जा रहा है कि वे किसी भी हिंसा को सहन न करें, बल्कि महिला हेल्पलाइन 181 और वन स्टॉप सेंटर्स के जरिए त्वरित सहायता प्राप्त करें।  चौपालों के माध्यम से दी जा रही महिला केंद्रित योजनाओं की जानकारी इन चौपालों में स्थानीय पुलिस, आशा बहुएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, ग्राम प्रधान और स्वयंसेवी संस्थाएं सक्रिय भागीदारी कर रही हैं। महिलाएं और किशोरियां अपने अनुभव साझा कर रही हैं, जिससे सामुदायिक सहानुभूति का माहौल बन रहा है। चौपालों में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, वन स्टॉप सेंटर और समग्र महिला सुरक्षा योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है। यह प्रयास ग्रामीण समुदायों तक सरकारी सेवाओं की पहुंच बढ़ाने और विश्वास स्थापित करने में कारगर साबित हो रहा है। विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 22 सितंबर से 16 अक्टूबर 2025 तक मिशन शक्ति 5.0 के तहत 15.50 लाख लोगों को जागरूक किया गया, जिसमें महिलाएं, पुरुष, बालक और बालिकाएं शामिल हैं। नारी सुरक्षा और स्वावलंबन का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा उत्तर प्रदेश योगी सरकार की यह पहल नारी सशक्तीकरण को केवल नीति तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप दे रही है। हर चौपाल से नारी गरिमा की आवाज बुलंद हो रही है, जो समाज में समानता और सम्मान की नई संस्कृति को बढ़ावा दे रही है। मिशन शक्ति 5.0 के जरिए उत्तर प्रदेश नारी सुरक्षा और स्वावलंबन का राष्ट्रीय मॉडल बन रहा है।  महिला एवं बाल विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव लीना जोहरी ने कहा कि दहेज और घरेलू हिंसा का अंत केवल कानून से नहीं, बल्कि सामाजिक चेतना से संभव है। मिशन शक्ति की जागरूकता चौपालें हर गांव में संवाद शुरू कर रही हैं, ताकि हर महिला को यह भरोसा मिले कि राज्य सरकार उनके साथ है।

श्रीसन फार्मा पर बढ़ी मुश्किलें, प्रोपिलीन ग्लायकॉल की खरीद का कोई बिल नहीं मिला

भोपाल  मध्य प्रदेश के तीन जिलों में 24 बच्चों की जान लेने वाले 'कोल्ड्रिफ' कफ सीरप को बनाने में उद्योगों में उपयोग होने वाला प्रोपेलीन ग्लायकाल मिलाए जाने की जांच की जा रही है। दरअसल, इसी आरोप में श्रीसन फार्मा कंपनी की केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी को गिरफ्तार किया गया है। इसी बीच मध्य प्रदेश एसआइटी की जांच में सामने आया है कि कफ सीरप बनाने में उपयोग होने वाले प्रोपेलीन ग्लायकाल का बिल ही कंपनी से गायब है, जबकि एसआईटी की पूरी जांच इसी पर टिकी है कि इस केमिकल के आपूर्तिकर्ता को औषधीय उपयोग वाले प्रोपेलीन ग्लायकाल का आर्डर दिया गया था या औद्योगिक उपयोग वाले का। यदि आपूर्तिकर्ता ने औषधीय की जगह औद्योगिक उपयोग वाला प्रोपेलीन ग्लायकाल दिया होगा, तो उसे भी आरोपित बनाया जा सकता है। एनालिस्ट को तीन दिन के लिए रिमांड पर सौंपा एसआईटी की एक टीम केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी को लेकर बुधवार को छिंदवाड़ा जिले के परासिया पहुंची। यहां उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से तीन दिन के लिए रिमांड पर सौंप दिया गया। पुलिस यहां माहेश्वरी से यह जानने की कोशिश करेगी कि कंपनी में गुणवत्ता जांच में क्या लापरवाही हुई। असली जिम्मेदार कौन है। औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के नियमों की कहां अनदेखी की गई है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने माहेश्वरी से कोल्ड्रिफ कप सीरप की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट मांगी थी, लेकिन वह रिपोर्ट नहीं दी गई। इस बात पर संदेह है कि सीरप की टेस्टिंग कराई गई थी या नहीं। उल्लेखनीय है कि कफ सीरप में डायथिलीन ग्लायकाल (डीइजी) की मात्रा 48.6 प्रतिशत मिली थी, जिसकी मान्य सीमा 0.1 प्रतिशत है। डीइजी के कारण ही बच्चों की जान चली गई। इस मामले में अब तक कफ सीरप लिखने वाले डॉ. प्रवीण सोनी, कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन और के माहेश्वरी सहित पांच आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है। केमिकल एनालिस्ट को कोर्ट में गुपचुप प्रस्तुत किया विषाक्त कफ सीरप से मृत 24 बच्चों में से 15 परासिया ब्लाक के थे। इस कारण क्षेत्र के लोगों में श्रीसन फार्मा के अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध बेहद गुस्सा है। सुरक्षा की दृष्टि से एसआईटी ने बुधवार रात में केमिकल एनालिस्ट के. माहेश्वरी को न्यायालय में प्रस्तुत किया। बता दें कि इसके पहले एसआईटी कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को तमिल नाडु से गिरफ्तार कर छिंदवाड़ा लेकर आई थी। कोर्ट में प्रस्तुत करने के दौरान भीड़ उमड़ पड़ी थी, जिसमें पीड़ित परिवारों के लोग भी थे। लोग 'फांसी दो' के नारे भी लगाए थे। यही कारण है माहेश्वरी के मामले में पुलिस कोई जोखिम नहीं उठाना चाह रही थी। श्रीसन फार्मा के विरुद्ध अब तक ये की गईं कार्रवाई     एक अक्टूबर- मप्र के औषधि नियंत्रक ने तमिल नाडु के औषधि नियंत्रक को पत्र लिखकर श्रीसन फार्मा के कांचीपुरम स्थित प्लांट का निरीक्षण करने की मांग की।     दो से तीन अक्टूबर- तमिल नाड़ु औषधि प्रशासन विभाग ने प्लांट का निरीक्षण किया, जिसमें 364 कमियां मिलीं। प्लांट में उत्पादन बंद कराया गया।     पांच अक्टूबर- परासिया थान में कंपनी के संचालक व अन्य के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की गई।     आठ अक्टूबर- मध्य प्रदेश पुलिस ने कंपनी के मालिक जी. रंगनाथन को फरार घोषित कर 20 हजार रुपये का ईनाम घोषित किया।     नौ अक्टूबर- एसआईटी ने रंगनाथन को चेन्नई से गिरफ्तार कर लिया।     10 अक्टूबर- रंगनाथन को छिंदवाड़ा के परासिया कोर्ट में प्रस्तुत कर 10 दिन (20 अक्टूबर) पुलिस रिमांड पर लिया गया।     13 अक्टूबर- कंपनी का उत्पादन लाइसेंस स्थायी तौर पर तमिल नाडु औषधि प्रशासन विभाग ने रद कर दिया।  

प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- अपना रहे हैं अंग्रेजों की नीति

हमारा संकल्प, 'एक भारत श्रेष्ठ भारत', कांग्रेस-सपा का 'फूट डालो, हुकूमत करो' : योगी आदित्यनाथ  प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- अपना रहे हैं अंग्रेजों की नीति – 31 अक्टूबर को पूरे प्रदेश में ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन – 1 से 26 नवंबर तक हर विधानसभा में निकलेगी ‘एकता पदयात्रा’ – बाबा साहब आंबेडकर को समर्पित 26 नवंबर को मनाया जाएगा संविधान दिवस – हर जिले से पांच युवाओं की टोली गुजरात में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी तक पदयात्रा में होगी शामिल – सीएम योगी बोले- “फूट डालो और राज करो” की नीति अपनाकर विपक्ष तोड़ रहा समाज – मुख्यमंत्री ने हर जिले में आयोजित स्वदेशी मेले में पार्टी के नेताओं को जाने और उत्पाद खरीदने का किया आग्रह 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दोहराया संकल्प लखनऊ  सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती समारोह अभियान को लेकर राजधानी के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित प्रदेश स्तरीय कार्यशाला में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी गठबंधन अंग्रेजों की “फूट डालो और राज करो” नीति को आज भी अपनाए हुए हैं। ये दल समाज में जाति, पंथ और मजहब के आधार पर फूट डालने का काम कर रहे हैं ताकि देश की एकता और अखंडता कमजोर हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश आज़ाद हो रहा था, तब अंग्रेजों ने भारत को कई हिस्सों में बांटने की साजिश रची थी। उनकी कोशिश थी कि भारत कभी एक न हो सके। लेकिन लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी अद्भुत दूरदृष्टि और दृढ़ इच्छाशक्ति से 563 रियासतों को भारत गणराज्य में विलय कर राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि आज उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक जो भारत एकजुट दिखता है, वह सरदार पटेल की देन है। इसलिए उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 11 वर्ष से हर साल 31 अक्टूबर को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में मनाया जाता है। सीएम योगी ने कहा कि भाजपा और केंद्र व राज्य की सरकारें सरदार पटेल के ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के सपने को साकार करने के लिए कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष समाज को बांटने की राजनीति कर रहा है, तब भाजपा की जिम्मेदारी है कि एकता और अखंडता के संदेश को हर गांव और हर विधानसभा तक पहुंचाया जाए। यूनिटी मार्च और राष्ट्रीय एकता दिवस का कार्यक्रम मुख्यमंत्री ने बताया कि 31 अक्टूबर को ‘रन फॉर यूनिटी’ का आयोजन पूरे प्रदेश में होगा। इसके बाद 1 नवंबर से 26 नवंबर तक हर विधानसभा क्षेत्र में 8 से 10 किलोमीटर लंबी ‘एकता पदयात्रा’ निकाली जाएगी। इसमें आर्मी के रिटायर्ड जवान, अन्नदाता, श्रमिक, भाजपा के अनुशांगिक संगठन, एनएसएस, एनसीसी, स्काउट गाइड सभी को जोड़ा जाएगा। यात्रा के दौरान 'भारत माता की जय', 'वंदे मातरम' और 'नेता जी सुभाष चंद्र बोस अमर रहें' के जयघोष गूंजेंगे। हर दो किलोमीटर पर पड़ाव होगा, जहां समाज से संवाद कायम करते हुए एकता का संदेश दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम सिर्फ औपचारिकता नहीं होना चाहिए, बल्कि हर कार्यकर्ता को इसमें अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी। बूथ स्तर से लेकर जिला पदाधिकारी तक सभी को सक्रिय होना होगा। बाबा साहब को समर्पित संविधान दिवस और युवा पदयात्रा सीएम योगी ने बताया कि 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाएगा, जो बाबा साहब भीमराव आंबेडकर को कृतज्ञता ज्ञापित करने का अवसर है। इस दिन प्रत्येक जिले से पांच युवाओं को दिल्ली भेजा जाएगा, जहां से वे गुजरात में होने वाली पदयात्रा में शामिल होंगे। यह यात्रा 26 नवंबर से 6 दिसंबर तक चलेगी, ताकि युवा देशभर में सरदार पटेल और बाबा साहब दोनों के योगदान से प्रेरणा ले सकें। ‘विकसित भारत’ और ‘स्वदेशी उत्पादों’ पर जोर मुख्यमंत्री ने कहा कि 1946-47 में जो अंग्रेज भारत की अखंडता को तोड़ना चाहते थे, आज वही भारत ब्रिटेन को पछाड़कर चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है और जल्द ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। उन्होंने कहा कि 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र बनेगा, यह हर भारतीय का संकल्प होना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि त्योहारों पर स्वदेशी उत्पाद खरीदें। इससे स्थानीय कारीगरों, महिला समूहों और आत्मनिर्भर भारत अभियान को बल मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम स्वदेशी खरीदते हैं, तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करते हैं। इस अवसर पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष चौधरी भूपेंद्र सिंह, संगठन महामंत्री धर्मपाल, संयोजक संजय राय, प्रदेश उपाध्यक्ष देवेश कोरी, बीजेपी प्रदेश मंत्री शंकर लोधी समेत बड़ी संख्या में प्रदेश पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और संगठन से जुड़े कार्यकर्ता उपस्थित रहे।    

व्यापक हित में मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय, मार्च 2026 तक ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार वहन करेगी सरकार

दीपावली पर मुख्यमंत्री योगी का बड़ा उपहार: प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों व पेंशनरों के महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत की वृद्धि व्यापक हित में मुख्यमंत्री का बड़ा निर्णय, मार्च 2026 तक ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार वहन करेगी सरकार अब 55 प्रतिशत से बढ़कर 58 प्रतिशत हुआ महंगाई भत्ता और महंगाई राहत, 01 जुलाई 2025 से लागू होगा निर्णय कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध: मुख्यमंत्री महंगाई से राहत और जीवन स्तर सुधार के लिए योगी सरकार का संवेदनशील कदम मुख्यमंत्री ने दिए निर्देश, बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता व राहत अक्टूबर 2025 से नकद भुगतान के रूप में मिले नवंबर 2025 में ₹795 करोड़ का आएगा अतिरिक्त नकद व्ययभार, ओपीएस कार्मिकों के जीपीएफ में ₹185 करोड़ जमा होंगे जुलाई से सितंबर 2025 के एरियर भुगतान पर सरकार उठाएगी ₹550 करोड़ से अधिक का अतिरिक्त भार दिसंबर 2025 से प्रत्येक माह ₹245 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार वहन करेगी राज्य सरकार लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रकाश पर्व दीपावली के अवसर पर प्रदेश के 28 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को महंगाई भत्ता (डीए) और महंगाई राहत (डीआर) की दरों में वृद्धि का उपहार दिया है। गुरुवार को लिए गए मुख्यमंत्री के इस निर्णय के अनुसार अब प्रदेश के सभी पात्र 16.35 लाख कर्मचारियों एवं 11.52 लाख पेंशनरों व पारिवारिक पेंशनरों को 01 जुलाई 2025 से 55 प्रतिशत के स्थान पर 58 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता एवं महंगाई राहत का लाभ प्राप्त होगा। बढ़ोतरी की घोषणा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य सरकार अपने कर्मचारियों और पेंशनरों के हितों के प्रति पूर्णतः प्रतिबद्ध है। महंगाई के प्रभाव से उन्हें राहत पहुंचाना और उनके जीवनस्तर में सुधार करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों के प्रति संवेदना और सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दीपावली का यह उपहार उनके जीवन में नई ऊर्जा, प्रसन्नता और समृद्धि लेकर आएगा।  इस निर्णय का लाभ सभी कर्मचारियों को मिलेगा, जिनमें सहायता प्राप्त शिक्षण एवं प्राविधिक शिक्षण संस्थानों के कर्मचारी, शहरी स्थानीय निकायों के नियमित एवं पूर्णकालिक कर्मचारी, कार्यप्रभारित कर्मचारी तथा यूजीसी वेतनमान के कर्मचारी शामिल हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी निर्देश दिए हैं कि बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एवं राहत का भुगतान माह अक्टूबर 2025 से नकद रूप में किया जाए। व्यापक हित मे लिए गए इस निर्णय से मार्च 2026 तक राज्य सरकार पर ₹1960 करोड़ का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। बता दें कि मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत का भुगतान माह अक्टूबर, 2025 से नकद किये जाने की स्थिति में माह नवम्बर, 2025 में क्रमशः ₹161 करोड़ तथा ₹84 करोड़ का व्ययभार का व्ययभार आयेगा। माह जुलाई से सितम्बर, 2025 तक के मंहगाई भत्ता एवं मंहगाई राहत के एरियर के भुगतान पर माह नवम्बर, 2025 में क्रमशः ₹298 करोड़ एवं ₹252 करोड़ का अतिरिक्त नकद व्ययभार आयेगा। इस प्रकार माह नवम्बर, 2025 में कुल ₹795 करोड़ का अतिरिक्त नकद व्ययभार आयेगा। ओपीएस से आच्छादित कार्मिकों के जीपीएफ में ₹185 करोड़ जमा होगा, तत्पश्चात् माह दिसम्बर, 2025 से प्रत्येक माह ₹245 करोड़ का अतिरिक्त व्ययभार आयेगा।

विश्व बैंक अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में कृषि को तकनीक से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा

उत्तर प्रदेश में छोटे किसानों के लिए रेज़िलिएंस मॉडल बना उदाहरण: अजय बंगा विश्व बैंक अध्यक्ष ने एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में कृषि को तकनीक से जोड़ने के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहा अजय बंगा बोले- उत्तर प्रदेश में देखा ‘रेज़िलिएंट एग्रीकल्चर’ का जीवंत मॉडल छोटे किसानों के लिए यूपी का कृषि मॉडल बना वैश्विक मिसालः बंगा गर्मी-सहनशील बीज और डिजिटल तकनीक से बदल रहा यूपी का ग्रामीण परिदृश्यः विश्व बैंक अध्यक्ष  बोले- उत्तर प्रदेश ने दिखाया रास्ता, एक खराब सीजन अब नहीं बिगाड़ेगा कृषक की पूरी जिंदगी डिजिटल प्लेटफॉर्म बना किसानों की मजबूती की रीढ़, यूपी में तकनीक, बीमा और वित्त का अनूठा संगम विश्व बैंक प्रमुख बोले — उत्तर प्रदेश का मॉडल पूरी दुनिया अपना सकती है लखनऊ  विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष अजय बंगा ने एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे छोटे किसानों के कृषि मॉडल की सराहना करते हुए कहा है कि “यह सिद्धांत नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत है जिसे मैंने अपनी आँखों से देखा है।” उन्होंने कहा कि राज्य में कृषि प्रणाली को इस तरह से तैयार किया गया है कि उसमें रेज़िलिएंस (लचीलापन) शुरुआत से ही निहित है, यह बाद में जोड़ा गया तत्व नहीं है। अजय बंगा एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे और यहां उन्होंने उत्तर प्रदेश और योगी सरकार की प्रशंसा करते हुए कहा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए उत्तर प्रदेश में किसानों के साथ जो प्रयोग हो रहे हैं, वे अद्भुत हैं। यहाँ गर्मी सहन करने वाले बीज, मिट्टी के अनुकूल उर्वरक, पुनर्जीवित करने की तकनीकें, कुशल सिंचाई व्यवस्था और मजबूत बीमा-फाइनेंसिंग प्रणाली किसानों के जीवन को स्थिरता देती है। इसका मकसद यही है कि एक खराब मौसम या एक खराब सीज़न किसी किसान के लिए पूरी ज़िन्दगी का संकट न बन जाए। डिजिटल तकनीक है प्रणाली की रीढ़ विश्व बैंक अध्यक्ष ने आगे कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का केंद्र डिजिटल तकनीक है। उन्होंने कहा कि डिजिटल ही वह ग्लू (गोंद) है जो पूरे सिस्टम को जोड़ता है। एक साधारण एआई टूल और बेसिक मोबाइल फ़ोन किसान की फ़सल की बीमारी की पहचान कर सकता है, उर्वरक की जानकारी दे सकता है, मौसम की चेतावनी पहले ही दे सकता है और भुगतान को सुरक्षित बना सकता है। यही डेटा आगे चलकर किसान की क्रेडिट हिस्ट्री बन जाता है, जिससे उसे सस्ता ऋण और बेहतर वित्तीय पहुंच मिलती है। उन्होंने इसे ‘वर्चुअस लूप’ (सकारात्मक चक्र) बताया, जहां डेटा आधारित विश्वास बेहतर अंडरराइटिंग को बढ़ाता है, ऋण सस्ता होता है और अधिक निवेशक इस पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़ते हैं। उत्तर प्रदेश बना उदाहरण अजय बंगा ने कहा कि उन्होंने कुछ महीने पहले उत्तर प्रदेश का दौरा किया था, जहां उन्होंने इस मॉडल को वास्तविक रूप में क्रियान्वित होते देखा। उन्होंने कहा कि मैंने वहाँ देखा कि नींव से लेकर सहकारी संस्थाओं तक, किसानों की रेज़िलिएंस और सबसे बढ़कर डिजिटल प्रणाली, सबने मिलकर एक जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र तैयार किया। यह एक प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट है, यह मॉडल काम करता है। अब इसे बड़े पैमाने पर लागू करने की आवश्यकता है, और यह पूरी तरह स्केलेबल है। उन्होंने कहा कि इस तरह का मॉडल तभी सफल हो सकता है जब सरकार, व्यवसाय और डेवलपमेंट पार्टनर्स एक ही दिशा में आगे बढ़ें। उत्तर प्रदेश और विश्व बैंक की साझेदारी हाल ही में विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश सरकार ने मिलकर ‘यूपी एग्रीज’ परियोजना शुरू की है, जिसका उद्देश्य राज्य में कृषि प्रणाली को तकनीकी और वित्तीय रूप से मजबूत बनाना है। इस परियोजना से लगभग 10 लाख छोटे और सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने डिजिटल एग्रीकल्चर इकोसिस्टम की रूपरेखा भी तैयार की है, जिससे किसानों को मौसम, बीज, बाजार और बीमा से जुड़ी जानकारी वास्तविक समय पर उपलब्ध होगी। विश्व बैंक अध्यक्ष का यह बयान इस बात का संकेत है कि उत्तर प्रदेश अब सिर्फ एक राज्य नहीं, बल्कि “स्मार्ट कृषि परिवर्तन” का मॉडल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह समय है जब दुनिया ऐसे मॉडल्स को खुले तौर पर अपनाए, ताकि छोटे किसानों की आजीविका सुरक्षित और समृद्ध हो सके।

CM मोहन यादव की बिहार में रैली, कांग्रेस पर साधा निशाना – कहा युवाओं के भविष्य से किया खिलवाड़

भोपाल/पटना  मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 16 अक्टूबर को बिहार की राजधानी पटना में विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रचार किया। उन्होंने पटना की कुम्हरार निर्वाचन क्षेत्र के कदमकुआं और बिक्रम विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत पार्वती स्कूल स्पोर्ट्स ग्राउंड में विशाल जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने विधानसभा कुम्हरार में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी संजय गुप्ता और बिक्रम नर्वाचन क्षेत्र में सिद्धार्थ सौरव के पक्ष में जनता से वोट की अपील की। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का आर्थिक तंत्र बदल रहा है। सीएम डॉ. यादव की रैलियों में हुजूम उमड़ पड़ा। वे जैसे ही मंच पर आए, लोगों ने एनडीए और बीजेपी के समर्थन में नारे लगाना शुरू कर दिए। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मैं विक्रमादित्य की नगरी से आता हूं और विक्रम विधानसभा में आने का अलग ही आनंद है। विक्रम नाम से ही सुशासन, दान, वीरता का भाव प्रकट होता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में हमारी सरकार मध्यप्रदेश में विकास के कई काम कर रही है। बिहार में नीतीश कुमार एनडीए सरकार में मुख्यमंत्री है। उन्होंने सुशासन के सिद्धांतों से बिहार को विकास की नई गति प्रदान की है। बिहार हर काल में अच्छा ही करता है। अवंतिका उज्जैनी और पाटिलपुत्र का 2 हजार साल पुराना रिश्ता है। जब सम्राट अशोक को गद्दी संभालने का अवसर मिला तो वे उज्जैन में थे और वहीं से बिहार लौटे थे। बिहार ने झेला है जंगलराज सीएम डॉ. यादव ने कहा कि बिहार महात्मा गौतम बुद्ध की धरती है। इस चुनाव में हमारे प्रत्याशी सिद्धार्थ ने निस्वार्थ भाव से जनता की सेवा की है। बिहार की जनता ने कभी जंगलराज भी झेला है। कांग्रेस और विपक्षी दलों की सरकारों में लाइसेंस, कोटा और परमिट राज चलता था। कांग्रेस के राज में देश की हालत दयनीय हो गई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने युवाओं की योग्यता का गला घोंटा और बिहार को बर्बाद किया। उसके बाद हाथ में लालटेन पकड़ा दी। बिहार की ऐसी दुर्दशा तब है, जब देश में सबसे ज्यादा आईएएस यहीं से निकलते हैं। एनडीए में मौजूद है लोकतंत्र मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने लोकतंत्र की रक्षा की। हमारी पार्टी और एनडीए में एक चाय बेचने वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है, क्योंकि यहां लोकतंत्र है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का भी इतिहास यही है। आज लोकतंत्र को बचाने की चुनौती है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर, लाल किताब वाले की बुद्धि को अजीरण हो गया। भाषा और भाव कैसा हो, पता ही नहीं। सुप्रीम कोर्ट में बार-बार माफी मांगते हैं, लेकिन सुधरने को तैयार ही नहीं हैं। कांग्रेस परिवारवादी पार्टी है। अयोध्या के बाद अब बारी मथुरा की मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश के आर्थिक तंत्र में बदलाव आया है। आज गरीबों को 5 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज मिल रहा है। दुनिया में भारत की साख बढ़ रही है। कांग्रेसी तो भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने रामजी के लिए फैसला दे दिया है, अब बारी मथुरा की है। जमुना किनारे भी कन्हैया मुस्कुराएंगे। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनेगी।  

स्वदेशी शक्ति को मिलाजुला बल: IAF के तेजस Mk‑1A अब बम गिराने में सक्षम, HAL की नई जेट लाइन तैयार

नासिक भारत का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A नासिक में आज यानी 17 अक्टूबर 2025 को अपनी पहली आधिकारिक उड़ान भरी. इस मौके पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी मौजूद थे. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की नासिक फैक्ट्री में यह उड़ान थी. इसी दिन HAL की LCA (लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट) के लिए तीसरी प्रोडक्शन लाइन और HTT-40 ट्रेनर विमान की दूसरी प्रोडक्शन लाइन का उद्घाटन भी हुआ. यह भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने का बड़ा कदम है.   तेजस Mk1A: भारत का गौरव, क्यों है यह खास? तेजस भारत का अपना बनाया हुआ लड़ाकू विमान है. यह 4.5 पीढ़ी का मल्टी-रोल फाइटर जेट है, यानी यह हवाई रक्षा, जमीन पर हमला और समुद्री हमले सब कर सकता है. पहले तेजस Mk1 विमान पहले से ही वायुसेना में हैं, लेकिन Mk1A इसका एडवांस्ड वर्जन है. इसमें नई तकनीकें लगी हैं, जो इसे और ताकतवर बनाती हैं. पिछले कुछ सालों में तेजस ने कई ट्रायल उड़ानें भरी हैं, लेकिन आज की उड़ान खास थी, क्योंकि यह वायुसेना में शामिल होने से पहले की आखिरी तैयारी है. HAL ने इसके लिए बहुत मेहनत की है. इंजन की देरी की वजह से प्रोजेक्ट थोड़ा धीमा पड़ा था, लेकिन अब जनरल इलेक्ट्रिक ने 4 इंजन दे दिए हैं. इस साल कुल 12 इंजन मिलने का वादा है. 10 विमान तैयार हैं. ट्रायल में स्वदेशी अस्त्र BVR (बियॉन्ड विजुअल रेंज) एयर-टू-एयर मिसाइल, ASRAAM (एडवांस शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल) और लेजर-गाइडेड बम का सफल टेस्ट हो चुका है. अनुबंध और उत्पादन: कितने विमान बनेंगे? भारतीय वायुसेना को तेजस की सख्त जरूरत है. 26 सितंबर को मिग-21 के दो स्क्वॉड्रन (कुल 40 विमान) को रिटायर कर दिया गया. इससे वायुसेना के फाइटर स्क्वॉड्रन की संख्या घटकर 30 रह गई है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान चीन से पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट खरीद रहा है. चीन भी अपने सभी विमानों को 5वीं पीढ़ी में बदल रहा है. ऐसे में भारत को अपनी ताकत बढ़ानी है. तेजस इसी कमी को पूरा करेगा.     पहला अनुबंध: 40 तेजस Mk1 विमान. लगभग पूरा हो चुका, दो स्क्वॉड्रन बन चुके हैं.     दूसरा अनुबंध: 2021 में 83 तेजस Mk1A का ऑर्डर. डील पूरी, डिलीवरी 2029 तक. आज का पहला विमान इसी का है.     नया अनुबंध: 25 सितंबर को 97 और विमान का डील साइन. डिलीवरी 2027 से 2034 तक. इससे कुल 4 स्क्वॉड्रन बनेंगे. HAL की नई प्रोडक्शन लाइनें उत्पादन को तेज करेंगी. नासिक में तीसरी LCA लाइन और HTT-40 की दूसरी लाइन से सालाना ज्यादा विमान बन सकेंगे. क्यों है यह मील का पत्थर? यह उड़ान सिर्फ एक विमान की नहीं, बल्कि भारत की आत्मनिर्भरता की जीत है. वायुसेना की ताकत बढ़ेगी, ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी आएगी. तेजस Mk1A Mk2 (2027 में रोलआउट) और AMCA (पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ विमान) तक का पुल बनेगा. नासिक फैक्ट्री पहले रूसी विमान जोड़ती थी, अब स्वदेशी उत्पादन कर रही है. इससे नौकरियां बढ़ेंगी और रक्षा निर्यात भी संभव होगा. ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों ने दिखाया कि भारत को मजबूत हवाई ताकत चाहिए. पाकिस्तान-चीन की बढ़ती साजिशों के बीच तेजस जवाब देगा. HAL तेजस Mk2 पर काम कर रही है, जो और एडवांस्ड होगा. AMCA प्रोजेक्ट भी तेजी पकड़ रहा है. नई प्रोडक्शन लाइनें से सालाना 24 से ज्यादा विमान बन सकेंगे. वायुसेना को 30-40 स्क्वॉड्रन चाहिए, तेजस इसे पूरा करेगा.