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PF निकासी हुई आसान! नौकरी छोड़ने पर अब नहीं होगी फंड की दिक्कत, EPFO का बड़ा फैसला

नई दिल्ली  केंद्रीय युवा मामले एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया ने बुधवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के नियमों में भारी ढील दिए जाने पर प्रकाश डाला. इससे कर्मचारियों के लिए ईपीएफ निकासी आसान हो गई है. नए नियमों के अनुसार नौकरी छूटने वाले कर्मचारी अब अपनी ईपीएफ राशि का 75फीसदी तुरंत निकाल सकते हैं. शेष 25 प्रतिशत राशि एक वर्ष बाद निकाली जा सकती है. इससे यह सुनिश्चित होता है कि कर्मचारी का 10 साल का सेवाकाल बरकरार रहे. मंडाविया ने कहा, 'ईपीएफ निकासी अब आसान बना दी गई है. अगर किसी की नौकरी चली जाती है तो 75 फीसदी राशि तुरंत निकाली जा सकती है और एक साल बाद पूरी राशि निकालने की सुविधा उपलब्ध होगी. 25 फीसदी राशि एक वर्ष के लिए रखने के पीछे उद्देश्य यह है कि 10 साल का सेवाकाल बाधित न हो. इन नए सुधारों से कर्मचारी की सेवा निरंतरता बनी रहेगी और पेंशन प्राप्त करने से उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी. इसके अतिरिक्त सरकार ने नौकरी छूटने के बाद धनराशि निकालने की अवधि दो महीने से बढ़ाकर एक वर्ष कर दी है, जिससे सदस्यों को नया रोजगार खोजने और नौकरी जारी रखने के लिए अधिक समय मिल जाएगा. एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत जिन प्रतिष्ठानों ने पहले ईपीएफओ में योगदान नहीं किया है, वे अब मामूली जुर्माने के साथ नामांकन करा सकते हैं. इससे अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा. इसके अलावा बुजुर्ग और दूरदराज के ईपीएफओ लाभार्थियों की सहायता के लिए डाक सेवाओं के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं ताकि उनके घरों पर ही जीवन प्रमाण पत्र का प्रमाणीकरण और जारी करने की सुविधा प्रदान की जा सके. इससे यह सुनिश्चित होता है कि लाभार्थी ईपीएफओ कार्यालयों में जाए बिना ही अपना लाभ प्राप्त कर सकें.

दिवाली पर सेहत का आशीर्वाद! महाकाल मंदिर में मिलेंगे रागी लड्डू, ब्लड प्रेशर-शुगर कंट्रोल का दावा

उज्जैन  श्री महाकाल मंदिर का लड्डू प्रसाद यूं तो पहले से ही FSSAI (Food Safety and Standards Authority of India) द्वारा 5 स्टार रेटिंग प्रमाणित है. जो गुणवत्ता और शुद्धता को दर्शाता है. यह प्रसाद देश में सुरक्षित भोग के लिए नंबर 1 है. लेकिन अब इसमें एक और खास प्रसाद को जोड़ा जा रहा है. मंदिर में श्री अन्न रागी के लड्डू प्रसाद की शुरुवात दीपावली पर्व से होने जा रही है. मंदिर समिति का दावा है देश में पहली बार कोई मंदिर रागी के लड्डू को प्रसाद रूप में बेचने जा रहा है. इसमें गुड़ और पंचमेवा भी शामिल रहेगा. बीमारियों से बचाएगा बाबा महाकाल का प्रसाद! हालांकि इसके साथ बेसन के लड्डू भी मिलते रहेंगे. रागी ब्लड प्रेशर एवं शुगर कंट्रोल के लिए फायदेमंद माना जाता है. एनीमिया से भी बचाता है. ऐसे में माना जा रहा है कि, अब महाकाल का प्रसाद ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल और एनीमिया से बचाव करेगा. श्री अन्नम रागी के लड्डू कैसे और कहां मिलेंगे? क्या होगी इसकी कीमत? स्वास्थ्य के लिए यह कितने फायदेमंद होंगे? आइए जानते हैं तमाम सवालों के जवाब. खास होने जा रहा है बाबा महाकाल का प्रसाद  विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग बाबा महाकाल का धाम लाखों-करोड़ों श्रद्धलुओं की आस्था का खास केंद्र है. मंदिर में प्रसाद के तौर पर बेसन के लड्डू मंदिर समिति द्वारा 'नो प्रॉफिट नो लॉस' में बेचे जाते हैं. मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक के अनुसार, ''श्री अन्न रागी के लड्डू का प्रसाद भी 'नो प्रॉफिट नो लॉस' के साथ मंदिर में दिए जाएंगे. बेसन के लड्डू के बराबर ही रागी के प्रसाद की कीमत होगी. श्रद्धालुओं के पास दोनों खरीदने के ऑप्शन रहेंगे. बाद में अच्छा रिस्पांस मिलता है तो समय अनुसार बदलाव होंगे. मंदिर समिति जल्द ही इसके भाव साझा करेगी.'' क्या है अभी कीमत? मंदिर में मिल रहे बेसन के लड्डू प्रसाद, श्री चिंतामण गणेश मंदिर मार्ग पर श्री महाकालेश्वर लड्डू प्रसाद यूनिट में बनाकर तैयार किए जाते हैं. जहां से प्रसाद मंदिरों के काउंटर तक पहुंचता है. मंदिर में मिलने वाले प्रसाद की कीमत 400रु किलो है. अभी 50रु, 100रु, 200रु और 400रु के अलग अलग पैकेट मिलते हैं. इसी तरह रागी के लड्डू भी मिलेंगे. महाकाल भगवान को भोग के बाद होगी शुरुआत मंदिर प्रशासक प्रथम कोशिक ने बताया, ''दीपावली पर्व पर भगवान को श्री अन्नम रागी के लड्डू प्रसाद का भोग लगाया जाएगा. जिसके बाद लड्डू प्रसाद को मंदिर के अलग-अलग प्रसाद काउंटर से बेचना शुरू कर दिया जाएगा. मंदिर के सभी प्रवेश और निकासी द्वार पर लड्डू प्रसाद के काउंटर बने हुए हैं. मंदिर में प्रसाद के लिए मशीने भी लगी हैं, जहां से श्रद्धालु खुद ही मशीन ऑपरेट कर प्रसाद ले जाते हैं.'' क्या होंगे रागी के लड्डू के फायदे? मंदिर समिति का दावा है कि रागी के लड्डू का ये प्रसाद श्रद्धालुओं के वरदान साबित होगा. श्रीअन्नम रागी के लड्डू जो ब्लड प्रेशर, शुगर कंट्रोल के साथ ही एनीमिया से बचाएंगे, हड्डियों को मजबूत रखेंगे, ऊर्जा का बेहतर स्त्रोत होंगे और त्वचा के लिए फायदेमंद होंगे. रागी में कैल्शियम, मैग्नेशियम और फॉस्फोरस होता है जो हड्डियों को मजबूत करता है. विटामिन, एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा के लिए बेहतर है. यह एजिंग के लक्षणों को रोकेगा. इससे शरीर में थकान महसूस नहीं होती, एनर्जी बूस्ट करता है व अन्य फायदे हैं. इसलिए इसे प्रसाद के रूप में देने का विचार मंदिर समिति कर रहा है.

छात्रवृत्ति वितरण के द्वितीय चरण में शुक्रवार को 4.83 लाख से अधिक छात्रों को वितरित करेंगे ₹126.68 करोड़ की धनराशि

पिछड़े वर्ग के 5 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करेंगे सीएम योगी  छात्रवृत्ति वितरण के द्वितीय चरण में शुक्रवार को 4.83 लाख से अधिक छात्रों को वितरित करेंगे ₹126.68 करोड़ की धनराशि पहले चरण में 2.5 लाख से अधिक ओबीसी छात्रों को लगभग ₹62.13 करोड़ की धनराशि से किया जा चुका है लाभान्वित पिछड़े वर्गों के छात्रों के लिए ₹188 करोड़ से अधिक की छात्रवृत्ति होगी वितरित, डीबीटी से बढ़ी पारदर्शिता योगी सरकार ने छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति बजट में रिकॉर्ड वृद्धि करते हुए 2025-26 में ₹3124 करोड़ से अधिक की व्यवस्था की लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को लोक भवन स्थित ऑडिटोरियम में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा आयोजित छात्रवृत्ति वितरण समारोह में डीबीटी के माध्यम से प्रदेश के लाखों युवाओं के खाते में सीधे छात्रवृत्ति ट्रांसफर करेंगे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर प्रदेश सरकार ने पहली बार वित्तीय वर्ष 2025-26 से सितंबर माह में ही छात्रवृत्ति वितरण का प्रारंभ किया है। पहले चरण में लगभग ₹62.13 करोड़ की धनराशि व्यय कर 2.5 लाख से अधिक अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को लाभान्वित किया जा चुका है। वहीं, द्वितीय चरण में शुक्रवार को ₹126.68 करोड़ की धनराशि व्यय कर 4.83 लाख से अधिक छात्रों को लाभान्वित किया जाएगा।  तेज, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल हो रही व्यवस्था कार्यक्रम के विषय में जानकारी देते हुए प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि जब प्रदेश का युवा शिक्षित होगा तभी विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश के ‘शताब्दी संकल्प-2047’ को साकार किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली छात्र आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने वंचित एवं कमजोर आय वर्ग के छात्रों के शैक्षिक उन्नयन हेतु छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और पूर्णतः डिजिटल बनाया है। इसी के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में पहली बार सितंबर माह से ही छात्रवृत्ति वितरण प्रारंभ किया गया है। 2016-17 से ढाई गुना अधिक हुआ बजट  उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का बजट ₹1295 करोड़ था, जिसे बढ़ाकर वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में ₹3124.45 करोड़ कर दिया गया है। यानी यह 2.5 गुना से अधिक वृद्धि है। केवल छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजनाओं के बजट में भी उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी की गई है। वर्ष 2016-17 में यह ₹1092.36 करोड़ था, जो अब बढ़कर ₹2825 करोड़ हो गया है। उन्होंने कहा कि छात्रवृत्ति का वितरण अब पूरी तरह ऑनलाइन व डीबीटी के माध्यम से आधार-संलग्न बैंक खातों में किया जा रहा है, जिससे प्रक्रिया में पारदर्शिता और त्वरितता दोनों बढ़ी हैं। सरकार की इन पहलों का उद्देश्य हर वर्ग के युवा को आत्मनिर्भर बनाना और शिक्षा के माध्यम से समाज में समान अवसर सुनिश्चित करना है।  विभागीय योजनाओं के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि योजना का नाम         बजट 2016-17              बजट 2025-26 पूर्वदशम छात्रवृत्ति      ₹107.33 करोड़               ₹325 करोड़ दशमोत्तर छात्रवृत्ति /शुल्क प्रतिपूर्ति              ₹984.62 करोड़       ₹2500 करोड़ शादी अनुदान              ₹141.55 करोड़               ₹200 करोड़ कंप्यूटर प्रशिक्षण              ₹11 करोड़                       ₹35 करोड़ छात्रावास अनुरक्षण       00                                        ₹5 करोड़ योजनाओं का प्रचार        00                                        ₹1 करोड़

समोसे–पकौड़े बिना डर खाएं! जानिए डॉक्टर के बताए 4 बेस्ट तेल फ्राइंग के लिए

नई दिल्ली भारतीय लोगों को तले-भुने स्नैक्स खाना बहुत पसंद होता है. आलम तो ये है कि ज्यादातर घरों में शाम के स्नैक्स में चाय के साथ समोसे या पकौड़े खाए जाते हैं. क्या आप भी उन्हीं लोगों में से हैं जिन्हें समोसे, पकौड़े या फ्रेंच फ्राइज देखकर खुद पर कंट्रोल नहीं रहता? अगर हां, तो आपको इनका स्वाद भूलकर इस बात पर भी ध्यान देना चाहिए कि ये सभी तेल में तला हुआ होता है. अगर आपको भी तेल का नाम आते ही सेहत का डर सताने लगता है, तो ये खबर आपके लिए है.   जाने-माने गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (लिवर के डॉक्टर) डॉ. सौरभ सेठी ने हाल ही में बताया है कि अगर सही तेल चुना जाए, तो तला-भुना खाना उतना नुकसानदायक नहीं होता जितना हम समझते हैं. बस ध्यान ये रखना होता है कि तेल का स्मोक पॉइंट यानी वो तापमान, जिस पर तेल धुआं छोड़ने लगता है, ज्यादा होना चाहिए. क्योंकि जब तेल ज्यादा गरम होकर धुआं छोड़ने लगता है, तो उसमें मौजूद हेल्दी फैट्स टूटने लगते हैं, जिससे वो हानिकारक कंपाउंड्स में बदल सकता है. डॉ. सेठी ने ऐसे 4 तेल के बारे में बताया, जो फ्राइंग के लिए सबसे ज्यादा सेफ ऑप्शन हो सकते हैं. चलिए जानते हैं. 1. रिफाइंड नारियल तेल: डॉ.सेठी बताते हैं ये तेल सैचुरेटेड फैट्स से भरपूर होता है और लगभग 400°F के स्मोक पॉइंट के साथ फ्राइंग के लिए काफी स्टेबल है. इससे खाने में स्वाद भी बना रहता है और ये जल्दी खराब भी नहीं होता. 2. रिफाइंड ऑलिव ऑयल: जहां एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल सलाद या लो-हीट कुकिंग के लिए अच्छा होता है, वहीं रिफाइंड ऑलिव ऑयल का स्मोक पॉइंट 465°F तक होता है, जो डीप फ्राइंग के लिए परफेक्ट है. इसमें मौजूद मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स हार्ट हेल्थ के लिए भी फायदेमंद हैं. 3. घी (क्लैरिफाइड बटर): घी पिछले कई दशकों से भारतीय रसोई का हिस्सा रहा है और इसका इस्तेमाल लोग काफी समय से कर रहे हैं. घी का स्मोक पॉइंट करीब 450°F होता है और ये तले हुए खाने में एक रिच फ्लेवर जोड़ देता है. घी में मौजूद ब्यूट्रिक एसिड डाइजेशन के लिए भी फायदेमंद माना जाता है. 4. एवाकाडो ऑयल: अगर आप हाई टेंप्रेचर पर डीप फ्राइंग करते हैं, तो एवाकाडो ऑयल सबसे बेहतरीन ऑप्शन होता है. इसका स्मोक पॉइंट लगभग 520°F होता है यानी ये आसानी से ज्यादा गर्मी झेल सकता है. साथ ही, इसमें मौजूद हेल्दी फैट्स हार्ट और स्किन दोनों के लिए अच्छे हैं.

बड़ी खबर! 7500 MP पुलिस कॉन्स्टेबल पदों में पहली बार ट्रांसजेंडरों के लिए मौका

भोपाल मध्य प्रदेश पुलिस इस बार अपनी आरक्षक भर्ती में ट्रांसजेंडरों को भी अवसर देने जा रही है। कर्मचारी चयन मंडल ने बुधवार देर शाम जारी अधिसूचना में संशोधन किया और लिंग विकल्प में पुरुष, महिला के साथ ‘अन्य’ शामिल किया। इससे पहले भर्ती अधिसूचना में केवल पुरुष और महिला के लिए विकल्प थे। नए बदलाव के तहत आवेदन प्रक्रिया अब 16 अक्टूबर से शुरू होकर 22 अक्टूबर तक चलेगी। इसके बाद 23 अक्टूबर तक आवेदन पत्र में संशोधन किए जा सकेंगे और 29 अक्टूबर तक प्रमाणपत्र अपलोड किया जा सकेगा।   7500 आरक्षक पदों पर चयन  इस भर्ती के माध्यम से 7500 आरक्षक पदों पर चयन किया जाएगा। न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है और आयु सीमा 18 से 33 वर्ष निर्धारित है। कर्मचारी चयन मंडल ने बताया कि इस बदलाव के पीछे सर्वोच्च न्यायालय का 2014 का निर्णय है, जिसमें ट्रांसजेंडरों को तीसरे लिंग के रूप में मान्यता दी गई और सरकारी सेवाओं में भर्ती का रास्ता खोला गया। हालांकि, प्रदेश पुलिस में अभी तक कोई ट्रांसजेंडर कर्मचारी नहीं हैं। केवल दो महिला कर्मियों को लिंग परिवर्तन कर पुरुष बनने की अनुमति मिली थी। अधिकारियों का कहना है कि यदि इस भर्ती प्रक्रिया में कोई ट्रांसजेंडर सफल होता है, तो वह प्रदेश पुलिस में अपने समुदाय का पहला सदस्य बनेगा। कई राज्यों में ट्रांसजेंडरों की पुलिस भर्ती पहले ही शुरू देश के अन्य राज्यों में ट्रांसजेंडरों की पुलिस भर्ती पहले ही शुरू हो चुकी है। तमिलनाडु ने 2017 में पहली सब-इंस्पेक्टर की नियुक्ति की थी। 2022 में छत्तीसगढ़ में 13 ट्रांसजेंडर आरक्षकों की भर्ती हुई थी। बिहार, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, कर्नाटक, बंगाल और महाराष्ट्र में भी ट्रांसजेंडरों को पुलिस भर्ती में शामिल किया जा चुका है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस बार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसे फिर से शुरू किया है ताकि ट्रांसजेंडर उम्मीदवार भी अवसर का लाभ उठा सकें। कर्मचारी चयन मंडल ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया में सभी आवश्यक दिशा-निर्देश और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी अधिसूचना में उपलब्ध है। प्रदेश पुलिस में सामाजिक समावेशन को मिलेगा बढ़ावा इस बदलाव से प्रदेश पुलिस में सामाजिक समावेशन को बढ़ावा मिलेगा। ट्रांसजेंडर समुदाय के युवाओं को सरकारी सेवाओं में आने का रास्ता खुलेगा और समान अवसर मिलेंगे। यह कदम न्यायालय के निर्णय के अनुसार उचित अवसर देने और भर्ती प्रक्रिया को अधिक समावेशी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भर्ती के लिए इच्छुक उम्मीदवार 16 अक्टूबर से आवेदन शुरू कर सकते हैं और 22 अक्टूबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। योग्य उम्मीदवारों को पात्रता मानदंडों का पालन करना होगा और सभी प्रमाणपत्र समय पर अपलोड करना आवश्यक होगा।

मोदी-शाह के साथ पवन सिंह मैदान में, भाजपा के 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी

पटना  भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा, यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा भोजपुरी स्टार पवन सिंह, निरहुआ, मनोज तिवारी और रवि किशन का नाम भी शामिल है। पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे को भी स्टार प्रचारक बनाया है। बिहार भाजपा के स्टार प्रचारकों की पूरी लिस्ट यहां देखें-     नरेंद्र मोदी     जगत प्रकाश नड्डा (जेपी नड्डा)     राजनाथ सिंह     अमित शाह     नितिन गडकरी     शिवराज सिंह चौहान     धर्मेंद्र प्रधान     गिरिराज सिंह     योगी आदित्यनाथ     देवेंद्र फडणवीस     हिमंता बिस्वा सरमा     मोहन यादव     रेखा गुप्ता     स्मृति ईरानी     केशव प्रसाद मौर्य     सी.आर. पाटिल     दिलीप कुमार जायसवाल     सम्राट चौधरी     विजय कुमार सिन्हा     रेणु देवी     प्रेम कुमार     नित्यानंद राय     राधामोहन सिंह     साध्वी निरंजन ज्योति     सतीश चंद्र दुबे     राज भूषण चौधरी     अश्विनी कुमार चौबे     रवि शंकर प्रसाद     नंद किशोर यादव     राजीव प्रताप रूडी     संजय जायसवाल     विनोद तावड़े     बाबुलाल मरांडी     प्रदीप कुमार सिंह     गोपालजी ठाकुर     जनक राम     पवन सिंह     मनोज तिवारी     रवि किशन     दिनेश लाल यादव "निरहुआ" 5 राज्यों के सीएम बिहार में भाजपा का प्रचार करेंगे भाजपा ने बिहार चुनाव में पांच राज्यों के मुख्यमंत्रियों को भी स्टार प्रचारक बनाया है। यूपी के योगी आदित्यनाथ, एमपी के मोहन यादव, असम के हिमंता बिस्वा सरमा और महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस के साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का नाम भी लिस्ट में शामिल है। इनमें से योगी की सबसे ज्यादा रैलियां होने की संभावना है, क्योंकि यूपी सीएम की सभा के लिए कई प्रत्याशियों ने मांग भाजपा नेतृत्व से की है। 4 भोजपुरी सितारे भी स्टार प्रचारक भाजपा ने 40 स्टार प्रचारकों की लिस्ट में 4 भोजपुरी सिनेमा के स्टार को भी शामिल किया है। पवन सिंह, मनोज तिवारी, रवि किशन और निरहुआ बिहार चुनाव में भाजपा का प्रचार करेंगे। पवन सिंह पिछले दिनों ही भाजपा में शामिल हुए थे।  

प्रहलाद सिंह पटेल का बड़ा ऐलान: श्मशानों में अतिक्रमण नहीं, पौधरोपण और सुरक्षा होगी प्राथमिकता

भोपाल पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने गुरूवार को विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की तथा आगामी कार्ययोजनाओं को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों की तीन दिवसीय कांफ्रेंस के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। यह कांफ्रेंस आगामी 24, 25 एवं 26 नवंबर 2025 को भोपाल में आयोजित की जाएगी। मंत्री श्री पटेल ने सम्मेलन के एजेंडे को इस प्रकार तैयार करने के निर्देश दिए जिससे पंचायत प्रतिनिधियों के साथ ग्रामीण विकास, स्वच्छता, सतत आजीविका, स्थानीय स्वशासन और जनसहभागिता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक मंथन हो सके। बैठक में प्रदेश के सभी ग्राम पंचायतों के श्मशानों को व्यवस्थित करने हेतु एक व्यापक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। श्री पटेल ने कहा कि वर्ष 2026 तक प्रदेश के सभी श्मशान स्थलों को अतिक्रमण मुक्त किया जाए और फेंसिंग, पौधरोपण सहित अप्रोच रोड की सुविधा से जोड़ा जाए ताकि उन्हें स्वच्छ एवं सम्मानजनक स्वरूप प्रदान किया जा सके। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि “माँ की बगिया” योजना के अंतर्गत प्रदेश ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस योजना को और गति प्रदान करते हुए अधिकाधिक ग्राम पंचायतों को इससे जोड़ा जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण एवं महिला स्व-सहायता समूहों को सतत आजीविका के अवसर प्राप्त हों। बैठक में विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विभिन्न योजनाओं के प्रभारी उपस्थित रहे। 

श्रीशैलम की पवित्रता पर पीएम मोदी का बयान, कहा- हर हिस्से में महसूस की दिव्यता

श्रीशैलम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित श्री शिवाजी ध्यान मंदिर और श्री शिवाजी दरबार हॉल का दौरा किया। उन्होंने भगवान मल्लिकार्जुन स्वामी और देवी भ्रामरांबिका के दर्शन किए। पीएम मोदी ने कहा कि श्रीशैलम में होना अत्यंत आनंद की बात है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि महान छत्रपति शिवाजी महाराज वर्ष 1677 में श्रीशैलम आए थे और यहां श्री मल्लिकार्जुन मंदिर में प्रार्थना की थी। उन्होंने कहा कि "ध्यान मंदिर वह स्थान है, जहां शिवाजी महाराज ने ध्यान किया था और भ्रामराम्बा देवी से आशीर्वाद प्राप्त किया था।" बता दें कि ध्यान मंदिर के चारों कोनों पर चार प्रतिष्ठित किलों (प्रतापगढ़, राजगढ़, रायगढ़ और शिवनेरी) के मॉडल स्थापित हैं। इसके केंद्र में छत्रपति शिवाजी महाराज की गहन ध्यान मुद्रा में एक प्रतिमा है। यह केंद्र श्री शिवाजी स्मारक समिति की ओर से संचालित है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "श्रीशैलम में होना आनंद की बात है। इस पवित्र स्थान के हर कण में दिव्यता व्याप्त है। मैं यहां के लोगों के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए उनका आभारी हूं। श्री भ्रामराम्बिका देवी और मल्लिकार्जुन स्वामी सदैव हमारे राष्ट्र पर कृपा बनाए रखें।" श्री भ्रामराम्बा और मल्लिकार्जुन स्वामी वरला देवस्थानम 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक और 52 शक्तिपीठों में से एक है। इस मंदिर की अनूठी विशेषता एक ही मंदिर परिसर में एक ज्योतिर्लिंग और एक शक्तिपीठ का सह-अस्तित्व है, जो इसे पूरे देश में अपनी तरह का एक अनूठा मंदिर बनाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। उन्होंने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि 2047 में आजादी के जब 100 साल होंगे, तब 'विकसित भारत' होकर रहेगा। मैं विश्वास से कहता हूं कि 21वीं सदी हिंदुस्तान की होने वाली है। 21वीं सदी 140 करोड़ हिंदुस्तानियों की सदी होने वाली है। उन्होंने कहा, "आज दुनिया भारत को 21वीं सदी के नए मैन्युफैक्चरिंग सेंटर के रूप में देख रही है। इस सफलता का सबसे बड़ा आधार आत्मनिर्भर भारत का विजन है। हमारा आंध्र प्रदेश आत्मनिर्भर भारत का प्रमुख केंद्र बन रहा है। हमारी सरकार का विजन नागरिक-केंद्रित विकास है। हम लगातार नए रिफॉर्म के जरिए नागरिकों के जीवन को आसान बना रहे हैं।"

चीन ने अफगानिस्तान-पाकिस्तान तनाव पर तोड़ी चुप्पी, कहा– ‘पड़ोसी बदले नहीं जा सकते’

बीजिंग  अफगानिस्तान और तालिबान के बीच हफ्तेभर के संघर्ष के बाद 48 घंटे का सीजफायर लागू है. लेकिन दोनों ओर से हल्की-फुल्की झड़प की रह-रहकर खबरें आ रही हैं. इस बीच चीन ने भी इस सीजफायर पर प्रतिक्रिया दी है. चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि अस्थाई सीजफायर लागू करने और बातचीत के जरिए समाधान खोजने के पाकिस्तान और अफगानिस्तान के फैसले पर गौर किया है. यह दोनों पक्षों के साझा हितों को पूरा करता है और क्षेत्रीय शांति एवं स्थिरता के अनुकूल है. चीन इस कदम का स्वागत और समर्थन करता है. लिन जियान ने कहा कि चीन ने बार-बार इस मुद्दे पर अपनी रुख साफ किया है. चीन का रूस सहित दुनियाभर के देशों के साथ व्यापार और ऊर्जा सहयोग सामान्य है और यह पूरी तरह से वैध है. उन्होंने कहा कि अमेरिका का रुख एकतरफा और धौंस जमाने का रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार नियमों पर असर पड़ा है और दुनियाभर के उद्योगों की स्थिरता और सप्लाई चेन बाधित हुई है.  उन्होंने कहा कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान दोनों चीन के मित्रवत पड़ोसी हैं. ऐसे पड़ोसी हैं जिन्हें बदला नहीं जा सकता. चीन दोनों देशों का समर्थन करता है कि वे शांत और संयमित रहें, एक व्यापक और स्थायी युद्धविराम हासिल करें. संवाद और बातचीत के जरिए आपसी मतभेदों को सुलझाएं, राजनीतिक समाधान के रास्ते पर लौटें और दोनों देशों के बीच और क्षेत्र में शांति और स्थिरता को संयुक्त रूप से बनाए रखें. लिन ने कहा कि हम पाकिस्तान-अफगानिस्तान संबंधों को बेहतर बनाने और विकसित करने में रचनात्मक भूमिका निभाने के लिए तैयार है. बता दें कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच 48 घंटे के लिए अस्थायी युद्धविराम लागू करने पर सहमति बनी है. सीमा पर ताजा झड़पों के बाद यह कदम उठाया गया है. पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच आठ अक्टूबर को संघर्ष शुरू हुआ था. यह संघर्ष पिछले हफ्ते शुरू हुआ जब पाकिस्तान ने काबुल में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान के ठिकानों पर हमला किया. पाकिस्तानी सेना के मीडिया विंग (ISPR) ने कहा था कि सुरक्षा बलों ने बलूचिस्तान बॉर्डर पर अफगान तालिबान के हमले को नाकाम कर दिया. इसके बाद पाकिस्तान सुरक्षा बलों और अफगान तालिबान के बीच मंगलवार रात को झड़पें हुई थीं. अफगानिस्तान के तालिबान प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने बताया था कि पाकिस्तानी सेना ने कंधार के स्पिन बोल्डक इलाके में हमला किया. इसके बाद बुधवार को पाकिस्तानी हवाई हमलों में काबुल और कंधार में 15 अफगान नागरिक मारे गए और 100 से ज्यादा घायल हो गए थे. इस घटना के बाद ही अफगानिस्तान ने बॉर्डर पर टैंक भेजे थे. इस तरह हफ्तेभर की जंग के बाद बुधवार शाम को 48 घंटे के लिए सीजफायर का ऐलान किया गया.

खान मंत्रालय ने राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग की जारी

भोपाल  मध्यप्रदेश ने एक बार फिर खनन क्षेत्र में अपनी नेतृत्व क्षमता को सिद्ध करते हुए देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा गुरुवार को राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व और खनन क्षेत्र को उत्तरदायी एवं औद्योगिक विकास का केन्द्र बनाने की उनकी प्राथमिकता का परिणाम है। राज्य सरकार द्वारा खनन क्षेत्र में किये गये सुधार, आधुनिकीकरण और सतत विकास के प्रयासों की बड़ी सफलता को दर्शाती है। एसएमआरआई के अंतर्गत राज्यों को उनके खनिज भण्डार के आधार पर तीन श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है। श्रेणी-ए में शीर्ष तीन स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों में मध्यप्रदेश, राजस्थान और गुजरात शामिल हैं। श्रेणी-बी में गोवा, उत्तर प्रदेश और असम शीर्ष तीन स्थान पर है और श्रेणी-सी में पंजाब, उत्तराखण्ड और त्रिपुरा शीर्ष तीन स्थान पर है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश खनिज नीलामी के क्षेत्र में देश में अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में राज्य ने बड़े पैमाने पर खनिज ब्लॉकों की नीलामी कर देश में पहला स्थान प्राप्त किया था। हाल ही में क्रिटिकल मिनरल्स की नीलामी में केंद्र सरकार की नीति को लागू करने में मध्यप्रदेश ने देश का पहला राज्य बनने का गौरव भी हासिल किया है। खनिज ब्लॉकों की सर्वाधिक नीलामी के लिए मध्यप्रदेश को भारत सरकार ने सम्मानित भी किया है। मध्यप्रदेश खनन और खनिज संसाधनों के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में उभरा है। खनिजों की प्रचुरता और राज्य सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण मध्यप्रदेश देश की औद्योगिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। खनन क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों से राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। केन्द्रीय खान मंत्रालय द्वारा खनन क्षेत्र में राज्य स्तर पर सुधारों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य खनन तत्परता सूचकांक और राज्य रैंकिंग जारी की गई है। सूचकांक जारी करने की घोषणा केन्द्रीय बजट 2025-26 में की गई थी। राज्यों के खनन क्षेत्र में तैयारियों और प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया है। इसमें नीलामी, खनन पट्टों का शीघ्र संचालन, अन्वेषण और सतत खनन जैसे प्रमुख मानकों के आधार पर राज्य रैंकिंग निर्धारित की गयी है।