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राज्यमंत्री गौर मार्गों के गड्ढे तत्काल भरने और बंद स्ट्रीट लाइटें चालू करने के दिए निर्देश

राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौर ने अवधपुरी में किया सड़कों का निरीक्षण राज्यमंत्री गौर मार्गों के गड्ढे तत्काल भरने और बंद स्ट्रीट लाइटें चालू करने के दिए निर्देश राज्यमंत्री गौर ने कहा अतिक्रमण हटाकर मार्ग चौड़ीकरण एवं संधारण का कार्य रात्रि में कराएँ रहवासी क्षेत्र में संचालित अवैध गोदाम को सील करें भोपाल पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्रीमती कृष्णा गौर ने गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र के अवधपुरी स्थित आदर्श विहार, रीगल टाउन, सरला स्टेट, न्यू फोर्ट कॉलोनी एवं कंचन नगर में सड़कों की स्थिति तथा मूलभूत नागरिक सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मार्गों की जर्जर स्थिति, स्थान-स्थान पर उभरे गड्ढों एवं खुले सीवेज नेटवर्क को देखकर राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने कार्यपालक एजेंसियों एवं ठेकेदारों की शिथिलता पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में सुधारात्मक कार्यवाही पूर्ण करने के कड़े निर्देश दिए। राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने कहा कि निर्माण एजेंसियों एवं ठेकेदारों की लापरवाही का खामियाजा आम नागरिकों को नहीं भुगतने दिया जाएगा। आगामी पर्वों एवं त्योहारों के दृष्टिगत नागरिकों को सुगम, सुरक्षित एवं बाधारहित आवागमन उपलब्ध कराना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए उन्होंने वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों के गड्ढों का भराव कार्य तत्काल एवं पूर्ण मजबूती के साथ कराने के निर्देश दिए। साथ ही राजस्व एवं नगर निगम दल को सीमांकन कर सड़कों पर व्याप्त अतिक्रमण अविलंब हटाने तथा आवश्यकतानुसार मार्ग चौड़ीकरण की कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि दिन के समय आमजन की आवाजाही एवं यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए सड़कों के निर्माण एवं संधारण कार्य मुख्य रूप से रात्रिकालीन समय में निष्पादित किए जाएं। क्षेत्र की प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने के संबंध में राज्यमंत्री श्रीमती गौर ने बंद पड़ी समस्त स्ट्रीट लाइटों को आगामी 10 दिवस की निर्धारित समय-सीमा में अनिवार्य रूप से चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने रहवासी क्षेत्र में नियमों के विपरीत संचालित गोदाम को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी कर सीलिंग की कठोर कार्यवाही करने के भी आदेश दिए। रहवासियों से संवाद करते हुए उन्होंने आश्वस्त किया कि मानसून पश्चात क्षतिग्रस्त मार्गों के स्थाई एवं गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण का कार्य शीघ्र प्रारंभ कराया जाएगा। स्थलीय निरीक्षण के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, नगर पालिक निगम भोपाल तथा मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।  

मोबाइल यूजर्स को राहत! बिना डेटा वाले प्लान लाएंगी Jio-Airtel-Vi, 28 दिन की वैलिडिटी से छुटकारा

नई दिल्ली प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज कराने वाले करोड़ों लोगों के हित में टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) ने बड़ा फैसला लिया है। ट्राई ने ‘टेलीकॉम कंज्यूमर प्रोटेक्शन (तेरहवां संशोधन) रेगुलेशन, 2026’ के नियमों को जारी कर दिया है। इसके बाद अब Jio-Airtel-Vi-BSNL को ग्राहकों के लिए सिर्फ कॉल और एसएमएस वाले नए व सस्ते मोबाइल रिचार्ज लेकर आने होंगे। इससे लोगों को मजबूरन डेटा वाले प्लान नहीं लेने होंगे और उन्हें सस्ते रिचार्ज मिल पाएंगे। ट्राई ने इस संबंध में एक नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। क्या हैं ट्राई के नए नियम आसान भाषा में समझाएं तो ट्राई ने टेलीकॉम कंपनियों को स्पष्ट बता दिया है कि उन्हें ग्राहकों के लिए सस्ते मोबाइल रिचार्ज लेकर आने होंगे। ऐसे लोग जिन्हें मोबाइल रिचार्ज कराते समय डेटा की जरूरत नहीं होती, उन्हें ज्यादा और सस्ते विकल्प मिल पाएंगे। नए नियमों के तहत     टेलीकॉम कंपनियों को Voice & SMS Only STV देने होंगे।     30 दिन और उससे कम वैलिडिटी के लिए ऐसे प्लान जरूरी कर दिए गए हैं।     हर महीने एक ही तारीख को रिन्यू होने वाला विकल्प भी ग्राहकों को देना होगा।     30 दिन से अधिक वैलिडिटी वाला कम-से-कम 1 Voice-SMS प्लान भी जरूरी हो गया है। (REF.) ट्राई के फैसले से लोगों को क्या फायदा?     पैसे की बचत: डेटा इस्तेमाल नहीं करने वाले ग्राहकों को बेवजह डेटा के पैसे नहीं देने पड़ेंगे।     ज्यादा विकल्प: ग्राहक अपनी जरूरत और खर्च के हिसाब से छोटे-बड़े रिचार्ज चुन सकेंगे। टेलीकॉम कंपनियां नहीं दे रही थीं ऑप्शन ट्राई ने कहा है कि टेलीकॉम कंपनियां 'वॉइस और SMS' ओनली वाले STV (स्पेशल टैरिफ वाउचर) बहुत कम और सिर्फ लंबी वैलिडिटी पर ही दे रही थीं। इससे कम आय वाले उपभोक्ताओं को सस्ते और कम वैलिडिटी के रिचार्ज नहीं मिल पा रहे थे। ट्राई ने कुछ महीने पहले इस मामले पर सुझाव मांगे थे। ट्राई को 1132 प्रतिक्रियाएं/सुझाव मिले थे। लॉन्च करना होगा सस्ता टैरिफ वाउचर TRAI ने TCPR 2026 के 13वें संसोधन को मंजूरी दे दी है, जिसमें टेलीकॉम ऑपरेटर्स को बिना डेटा वाले वॉइस और SMS ओनली वाले स्पेशल टैरिफ वाउचर (STV) लाने का निर्देश दिया गया है। इस नए नियम का ड्राफ्ट दूरसंचार नियामक ने 7 अप्रैल 2026 को अपनी वेबसाइट पर पब्लिश की थी। इस प्लान को खास तौर पर उन यूजर्स के लिए लाया जाएगा, जिनकी आय बहुत कम है। टेलीकॉम सर्विस लोगों के लिए एक जरूरी माध्यम बन गया है, जिसकी वजह से दूरसंचार नियामक ने टेलीकॉम ऑपरेटर्स को सस्ते मंथली प्लान लाने का आदेश दिया है। क्या है नया नियम? दूरसंचार नियामक ने अपने नए नियम में टेलीकॉम ऑपरेटर्स को आदेश दिया है कि हर टेलीकॉम ऑपरेटर्स को 30 दिन या इससे कम वैलिडिटी के स्पेशल टैरिफ वाउचर लॉन्च करने होंगे, जिनमें केवल वॉइस और SMS ऑफर किया जाएगा।  इसके अलावा दूरसंचार कंपनियों को यह भी आदेश दिया है कि उन्हें रिचार्ज कराने वाले ग्राहकों के सामने एक ऐसा विकल्प भी रखना होगा, जिसमें ग्राहक हर महीने एक तय तारीख पर अपना रिचार्ज रिन्यू कर सके। इससे ग्राहकों को अलग-अलग तारीखों पर रिचार्ज कराने की झंझट नहीं रहेगी। साथ ही, 30 दिन से ज्यादा वैलिडिटी वाला कम से कम एक वॉइस और SMS ओनली प्लान भी ग्राहकों को देना होगा। इसका मतलब साफ है कि अब ग्राहकों के पास लंबी वैलिडिटी वाला भी वॉइस और SMS ओनली प्लान से रिचार्ज कराने का विकल्प रहेगा। दूरसंचार नियामक ने यह भी कहा है कि इन प्लान की कीमतों में उचित कटौती की जाए ताकि ये प्लान डेटा वाले प्लान के मुकाबले सस्ते हो। इसके अलावा TRAI ने फर्जी कमर्शियल कॉल्स के नियमों को और सख्त कर दिया है। नए नियम के तहत संदिग्ध स्पैम की पहचान के लिए एआई बेस्ड तरीकों को शामिल किया गया है। साथ ही, ऑटोमैटेड कॉल्स के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। संशोधित नियमों के मुताबिक, टेलीकॉम ऑपरेटर्स को संदिग्ध स्पैम एक्टिविटी से जुड़े नंबरों की जानकारी शेयर करनी होगी। यही नहीं, एक्टिविटी से जुड़े कई नंबरों पर संदेह होने पर आगे की जांच की अनुमति दी गई है। कब तक आ जाएंगे नए रिचार्ज? ट्राई ने अपने नोटिफिकेशन में किसी तारीख का जिक्र नहीं किया है। ऐसे में माना जाना चाहिए कि अब टेलीकॉम कंपनियों को कदम उठाना है। उम्मीद है कि अगले कुछ दिनों में ऐसे नए प्रीपेड प्लान्स आ सकते हैं जो कम वैलिडिटी के साथ सिर्फ कॉल और एसएमएस की सुविधा पेश करेंगे। यानी आने वाले दिनों में अगर किसी को 30 दिन की वैलिडिटी वाला रिचार्ज चाहिए और डेटा की जरूरत नहीं है तो उसे ओनली वॉयस और एसएमएस वाला रिचार्ज जरूर मिलेगा।  

नवा रायपुर में मंत्री राजेश अग्रवाल का जनदर्शन, दूर-दराज से पहुंचे नागरिकों से किया संवाद

जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता : पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन, दूर-दराज से पहुंचे नागरिकों से आत्मीय संवाद कर सुनीं समस्याएं और मांगें अधिकारियों को प्रकरणों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने दिए निर्देश रायपुर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने आज नवा रायपुर स्थित निवास कार्यालय में जनदर्शन के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों एवं आगंतुकों से भेंट की। इस दौरान उन्होंने आमजन से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी मांगों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विषयों पर आवश्यक जानकारी ली। जनदर्शन में दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे नागरिकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं एवं आवश्यकताओं से मंत्री अग्रवाल को अवगत कराया। मंत्री अग्रवाल ने प्रत्येक व्यक्ति की बात को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को प्रकरणों का निराकरण करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण के साथ ही प्रकरणों पर समय-सीमा के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब नहीं होना चाहिए तथा पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर मिलना सुनिश्चित करें। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि जनसेवा ही सुशासन सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। प्रदेश की जनता की समस्याओं को सुनना और उनका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना शासन की जिम्मेदारी है। आमजन से निरंतर संवाद के माध्यम से उनकी आवश्यकताओं को समझते हुए प्रभावी निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक नागरिक की समस्या के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जनदर्शन के माध्यम से नागरिकों को अपनी बात सीधे रखने का अवसर मिल रहा है और प्राप्त प्रकरणों पर संबंधित विभागों के अधिकारियों के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जनदर्शन के दौरान नागरिकों ने अपनी समस्याओं के साथ विभिन्न सुझाव भी साझा किए। मंत्री अग्रवाल ने कहा कि आमजन के सुझाव शासन की कार्यप्रणाली को और बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। सरकार जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य कर रही है।

भटगांव के 7 धान उपार्जन केंद्र होंगे सुविधा-संपन्न, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े की पहल से भटगांव विधानसभा के 7 धान उपार्जन केंद्र होंगे सुविधा-संपन्न 69.58 लाख रुपए से पक्के फड़ एवं समतलीकरण कार्य को मिली स्वीकृति, किसानों को मिलेगी बेहतर उपार्जन सुविधा रायपुर  किसानों को धान उपार्जन के दौरान बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भटगांव विधानसभा क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की गई है। भटगांव विधायक एवं कैबिनेट मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े के प्रयासों से विधानसभा क्षेत्र के 7 धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण कार्य के लिए 69.58 लाख रुपए की स्वीकृति मिली है। इससे इन केंद्रों में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी और किसानों को धान बेचने के दौरान अधिक व्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण मिलेगा। स्वीकृत कार्यों में सूरजपुर विकासखंड के टमकी, सिरसी, करोटी बी, खोपो, बतरा, सांवारांवां एवं कुर्रीडीह स्थित धान उपार्जन केंद्र शामिल हैं। प्रत्येक केंद्र में 9.94 लाख रुपए की लागत से पक्के फड़ निर्माण एवं समतलीकरण का कार्य किया जाएगा। धान उपार्जन केंद्रों में पक्के फड़ और समतलीकरण होने से उपार्जन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी। इससे धान की आवक, खरीदी और रख-रखाव के दौरान होने वाली व्यावहारिक परेशानियों को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही किसानों को उपार्जन केंद्रों पर बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने में यह कार्य महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को गति देने के क्रम में यह स्वीकृति एक महत्वपूर्ण कदम है। मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े द्वारा भटगांव विधानसभा क्षेत्र में किसानों से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से आगे बढ़ाने के प्रयासों का यह एक और परिणाम है। इससे धान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्था मजबूत होने के साथ किसानों को सुविधाजनक उपार्जन व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

UP Rise 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के आइडिया को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी

यूपी राइज 2026: इन्वर्टिस में युवाओं के विचारों को मिला मंच, ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने मारी बाजी युवाओं को नौकरी खोजने के बजाय रोजगार देने वाला बनने के लिए किया गया प्रेरित ‘संवाद, संकल्प, सफलता’ थीम पर विद्यार्थियों ने पेश किए नए कारोबारी विचार ‘ट्रैवल देखो’ दूसरे और ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट’ लिमिटेड तीसरे स्थान पर रही बरेली मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को युवाओं तक पहुंचाने के लिए इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में ‘यूपी राइज-2026’ का आयोजन किया गया। संवाद, संकल्प, सफलता’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने स्टार्टअप व नए व्यावसायिक विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने पहला स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में युवा उद्यमिता, नवाचार और स्वरोजगार पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि बदलते दौर में युवाओं को केवल सरकारी या निजी नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने विचारों को व्यावसायिक मॉडल में बदलकर दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करने चाहिए। मुख्य अतिथि अध्ययन फाऊंडेशन फॉर पॉलिसी एंड रिसर्च के सीईओ शशांक सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने विद्यार्थियों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें नए भारत की मजबूत नींव बताया। कहा कि युवाओं में नए विचारों और नवाचार की कमी नहीं है। आवश्यकता अपने विचार पर विश्वास करने, सही मार्गदर्शन लेने और उसे धरातल पर उतारने की है। शक्ति क्षेत्र में युवाओं ने लिखे आत्मनिर्भर यूपी के सपने विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए आयोजन स्थल पर विशेष ‘शक्ति क्षेत्र’ बनाया गया। यहां छात्र-छात्राओं ने पर्चियों पर आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश को लेकर अपने विचार और सपने लिखकर साझा किए। युवाओं ने बताया कि वे अपने कौशल और नवाचार के माध्यम से प्रदेश के विकास में किस तरह योगदान देना चाहते हैं। कार्यक्रम में घूमते पहिये पर आधारित मनोरंजक गतिविधि भी आकर्षण का केंद्र रही। तत्काल तस्वीर निकालकर देने की व्यवस्था को लेकर विद्यार्थियों में खास उत्साह दिखाई दिया। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान 300 से अधिक तस्वीरें निकालकर छात्र-छात्राओं को दी गईं। सक्रिय भागीदारी करने वाले 200 विद्यार्थियों को मिले उपहार कार्यक्रम में बेहतर प्रदर्शन और सक्रिय भागीदारी करने वाले करीब 200 विद्यार्थियों को विशेष उपहार देकर प्रोत्साहित किया गया। इनमें डायरी, कपड़े के थैले, टी-शर्ट और डेटा सुरक्षित रखने वाले छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल रहे। विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करने वाले मेंटर्स और प्रतियोगिता के निर्णायकों को भी स्मृति चिह्न, कॉफी मग और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजन स्थल को 12 प्रचार पट्टिकाओं, छह बड़े प्रचार पटों, 10 दिशा-सूचक पट्टों और भव्य प्रवेश द्वार से सजाया गया था। मिष्टी, आशु, अन्नू और सचिन ने संभाली आयोजन की कमान आयोजन में विद्यार्थियों के नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर भी जोर दिया गया। विश्वविद्यालय के चार विद्यार्थियों मिष्टी, आशु गुप्ता, अन्नू गंगवार और सचिन गंगवार को महाविद्यालय प्रतिनिधि बनाया गया। चारों विद्यार्थियों ने पंजीकरण से लेकर अतिथियों के प्रबंधन, मंच के आसपास की व्यवस्था और कार्यक्रम संचालन तक में सक्रिय भूमिका निभाई।  ब्रह्माबाइट इनोवेशंस ने जीता खिताब प्रतियोगिता में विद्यार्थियों और युवा उद्यमियों के कारोबारी विचारों का नवाचार, उपयोगिता और रोजगार सृजन की संभावनाओं के आधार पर मूल्यांकन किया गया। ‘ब्रह्माबाइट इनोवेशंस एंड टेक प्राइवेट लिमिटेड’ ने निर्णायकों को प्रभावित करते हुए विजेता का खिताब हासिल किया। ‘ट्रैवल देखो’ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि ‘एसएस पार्ट्स प्लैनेट प्राइवेट लिमिटेड’ तीसरे स्थान पर रही। आयोजन के माध्यम से युवाओं को अपने विचारों को कारोबार में बदलने, नेतृत्व क्षमता विकसित करने और स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया गया।

होमगार्ड भर्ती प्रशिक्षण की तैयारी तेज, 41,424 अभ्यर्थियों के लिए खरीदे जाएंगे 10 लाख+ कारतूस

योगी सरकार 41,424 हजार होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए खरीदेगी 10 लाख से अधिक कारतूस – 3 करोड़ 55 लाख रुपये की कीमत से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के लिए खरीदे जाएंगे कारतूस – ट्रेनिंग के लिए कारतूस के साथ 1 करोड़ 44 लाख की कीमत से खरीदी जाएंगी 5.56 एमएम की 155 एसएलआर राइफल – सितंबर के अंत तक जारी हो जाएगा 41,424 हजार होमगार्ड भर्ती का रिजल्ट, नवंबर से होगी ट्रेनिंग – रिजल्ट जारी होने के बाद अक्टूबर में पूरी कर ली जाएगी मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया -नव चयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों की फरवरी में फील्ड में कर दी जाएगी तैनाती लखनऊ, योगी सरकार 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 5.56 एमएम राइफल के 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदने जा रही है। यह खरीदारी एसटीएफ के माध्यम से होमगार्ड विभाग करेगा। इसके लिए 3 करोड़ 55 लाख रुपये खर्च किये जाएंगे। यह उत्तर प्रदेश में पहली बार है, जब होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जा रहे हैं। वर्तमान में होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया चल रही है। इन सभी की शारीरिक दक्षता परीक्षा अंतिम चरण में है। वहीं होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों का रिजल्ट जारी होने के बाद 7,600 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।  अंतिम दौर में शारीरिक दक्षता परीक्षा   डीजी होमगार्ड ध्रुवकांत ठाकुर ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है। इसके तहत पुलिस और सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के साथ-साथ विभिन्न स्तरों पर मानव संसाधन और प्रशिक्षण क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि योगी सरकार के मिशन रोजगार के तहत होमगार्ड विभाग में 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की भर्ती प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। वर्तमान में अभ्यर्थियों की शारीरिक दक्षता परीक्षा (पीईटी) चल रही है, जो अंतिम दौर में है। सितंबर के अंत तक भर्ती का परिणाम जारी कर दिया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों की मेडिकल और पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया अक्टूबर में पूरी करने का लक्ष्य है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद चयनित अभ्यर्थियों को नवंबर में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से खरीदी जाएंगी 155 एसएलआर राइफल   डीजी होमगार्ड डीके ठाकुर ने बताया कि नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग नवंबर से शुरू किए जाने की तैयारी है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें होमगार्ड की जिम्मेदारियों, अनुशासन, कानून-व्यवस्था में सहयोग, आपदा एवं आपात परिस्थितियों में भूमिका के साथ-साथ हथियार संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा। ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों के प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था भी शुरू कर दी है। प्रशिक्षण के दौरान हथियार संचालन और फायरिंग अभ्यास के लिए 10 लाख से अधिक कारतूस खरीदे जाएंगे। इसके लिए करीब 3 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से एसटीएफ के माध्यम से 5.56 एमएम एसएलआर राइफल के कारतूस खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विभाग एसटीएफ के माध्यम से कारतूस के साथ करीब 1 करोड़ 44 लाख रुपये की लागत से 155 एसएलआर राइफल भी खरीदेगा। नवचयनित 41,424 होमगार्ड अभ्यर्थियों को 90 दिनों की ट्रेनिंग दी जाएगी, जो नवंबर से शुरू करने की तैयारी है। वहीं अभ्यर्थियों की ट्रेनिंग को जनवरी में पूरा कर लिया जाएगा और फरवरी में नवचयनित होमगार्ड अभ्यर्थियों को फील्ड में तैनाती दे दी जाएगी। बॉक्स जल्द होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए जारी किया जाएगा विज्ञापन डीजी होमगार्ड ने बताया कि होमगार्ड के 41,424 रिक्त पदों पर एनरोलमेंट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद होमगार्ड स्वयंसेवकों के 7,600 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया जाएगा। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई। प्रदेश में होमगार्ड स्वयंसेवकों के कुल 1,18,348 पद हैं। वर्तमान में 69,324 कार्यरत हैं। वर्तमान में भर्ती बोर्ड की ओर से 41,424 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके बाद भी निर्धारित पदों के अनुसार 7,600 पद रिक्त हैं।

सेवा संकल्प अभियान: महतारी वंदन की हितग्राहियों से मंत्री राजवाड़े ने जानी योजनाओं की उपयोगिता

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े पहुंचीं ग्राम कुंजनगर, महिलाओं से किया आत्मीय संवाद सेवा संकल्प अभियान के तहत महतारी वंदन और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राहियों से जानी योजनाओं की उपयोगिता रायपुर सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत महिला एवं बाल विकास विभाग की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले रहीं महिलाओं से सीधे संवाद की पहल को आगे बढ़ाते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ग्राम कुंजनगर पहुंचीं। उन्होंने महिलाओं और अन्य हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं से मिल रहे लाभ, उनके अनुभवों और परिवार के जीवन में आए बदलावों की जानकारी ली। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने विशेष रूप से महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने जाना कि योजनाओं से प्राप्त आर्थिक सहायता महिलाओं की दैनिक आवश्यकताओं, परिवार के खर्च और मातृत्व से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में किस प्रकार सहयोगी बन रही है। महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि शासकीय योजनाओं से उन्हें आर्थिक संबल और आत्मविश्वास मिला है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाएं महिलाओं को सामाजिक एवं आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ मातृत्व और परिवार के बेहतर पोषण में भी सहयोग प्रदान कर रही हैं। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से इन योजनाओं के वास्तविक लाभ और हितग्राहियों के अनुभवों को सामने लाने के साथ शासन और जनता के बीच सीधा संवाद मजबूत किया जा रहा है। मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्रामीण महिलाओं की बातों को गंभीरता से सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े उनके अनुभव जाने। ग्राम कुंजनगर में महिलाओं से हुआ यह संवाद महिला सशक्तिकरण, जनभागीदारी और सेवा की भावना को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मध्यप्रदेश में हाईवे पर देना पड़ सकता है शुल्क, लागू हुआ नया कानून

भोपाल  मध्यप्रदेश में स्टेट हाईवे के विकास, रखरखाव और संचालन के लिए नया कानूनी ढांचा लागू हो गया है। राज्य सरकार अब स्टेट हाईवे या उसके किसी हिस्से के उपयोग से मिलने वाली सेवाओं और सुविधाओं के बदले यूजर फीस लगा सकेगी। शुल्क की दर और वसूली की प्रक्रिया नियमों के जरिए तय होगी। इसके साथ ही सरकार हाईवे के विकास और रखरखाव के लिए किसी व्यक्ति या संस्था के साथ समझौता भी कर सकेगी। इसके तहत संबंधित निजी संस्था को तय शर्तों के अनुसार शुल्क वसूलने और उसे अपने पास रखने का अधिकार भी दिया जा सकेगा। यह प्रावधान मप्र राजमार्ग (संशोधन) अधिनियम 2026 में किया गया है। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह तत्काल प्रभावी हो चुका है। संशोधन में मूल मप्र राजमार्ग अधिनियम, 2004 की प्रस्तावना में भी बदलाव किया है। इसमें राजमार्गों से अतिक्रमण रोकने और हटाने के साथ यूजर फीस लगाने का प्रावधान जोड़ा गया है। वहीं सड़क सुरक्षा तथा सड़क परिवहन के सभी साधनों की अधिकतम दक्षता सुनिश्चित करने वाली सुविधाओं को भी कानून के दायरे में शामिल किया गया है। नए नियम के फायदे रखरखाव के लिए अतिरिक्त आयः यूजर फीस से हाईवे के विकास और रखरखाव के लिए अतिरिक्त संसाधन आसानी से जुटाए जा सकेंगे। निजी निवेश का रास्ताः विकास और रखरखाव के लिए निजी संस्थाओं के साथ करार होने से पूंजी और तकनीकी विशेषज्ञता का इस्तेमाल भी संभव होगा। सुविधाओं में सुधारः अतिरिक्त शुल्क से मिलने वाले संसाधनों का उपयोग सड़क की गुणवत्ता. संचालन, सुरक्षा और संबंधित सुविधाओं में किया जा सकता है। जिम्मेदारी तय करने में मददः करार में निर्माण, रखरखाव, प्रबंधन और संचालन की शर्तें स्पष्ट की जा सकेंगी। नए नियम को लेकर ये चुनौतियां वाहन चालकों पर अतिरिक्त बोझः यूजर फीस से नियमित यात्रियों और मालवाहक वाहनों की यात्रा लागत बढ़ सकती है। दोहरी फीस की आशंकाःकिसी मार्ग पर पहले से अन्य शुल्क लागू होने की स्थिति में नया शुल्क अतिरिक्त आर्थिक बोझ डॉल सकता है। यह अनिवार्य प्रावधान नहीं, बल्कि संभावित प्रशासनिक चुनौती है। निजी एजेंसी की निगरानीःशुल्क वसूली का अधिकार निजी संस्था को मिलने पर दर, सेवा की गुणवत्ता और करार की निगरानी जरूरी होगी। कम ट्रैफिक वाले मार्गः कम यातायात वाले हाईवे निजी निवेश के लिए कम आकर्षक होंगे। ऐसे मार्गों के रखरखाव के लिए सरकार को अलग संसाधन जुटाने पड़ सकते हैं। सरकार तय करेगी फीस की नई दरें अधिनियम में नई धारा 8-ए जोड़ी गई है। इसके तहत राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना जारी कर स्टेट हाईवे के पूरे या किसी हिस्से के उपयोग से संबंधित सेवाओं या लाभों के लिए नियमों में तय दरों पर शुल्क लगा सकेगी। शुल्क की वसूली भी निर्धारित नियमों के अनुसार ही होगी। हालांकि, किस हाईवे पर कितनी फीस लगेगी और किन वाहनों या उपयोगकर्ताओं पर लागू होगी, यह संबंधित नियमों और अधिसूचनाओं से स्पष्ट होगा। वहीं नई धारा 8-बी के तहत सरकार को स्टेट हाईवे के पूरे या किसी हिस्से के विकास और रखरखाव के लिए किसी व्यक्ति या संस्था से समझौता करने का अधिकार मिला है। करार की शर्तों के तहत संबंधित संस्था को सेवाओं या सुविधाओं के बदले शुल्क वसूलने और अपने पास रखने का अधिकार दिया जा सकता है। संशोधन अधिनियम के तहत मध्यप्रदेश राजमार्ग अधिनियम, 1936 और भारतीय टोल (मध्यप्रदेश संशोधन) अधिनियम, 1932 को निरस्त कर दिया गया है। हालांकि पहले जारी अधिसूचनाएं, निर्धारित यूजर फीस. रियायत समझौते, लाइसेंस, प्राधिकरण और शुल्क वसूलने से जुड़े अधिकार तत्काल खत्म नहीं होंगे।

375 अनुमेय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का करें चयन- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा

उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से वीसी द्वारा की वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन पर की चर्चा 375 अनुमेय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का करें चयन- उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा रायपुर  विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) (वीबी-जीरामजी) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों से संवाद किया। बैठक में योजनांतर्गत जिलों में स्वीकृत कार्यों, प्रगति तथा योजना के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।         उपमुख्यमंत्री शर्मा ने जिला पंचायत प्रतिनिधियों से बारी-बारी संवाद करते हुए योजना के क्रियान्वयन की जानकारी ली तथा उनके सुझाव और जमीनी स्तर पर आ रही कठिनाइयों को जाना। उन्होंने सभी को वीबी-जीरामजी के अंतर्गत अब 375 प्रकार के अनुमय कार्यों में से स्थानीय आवश्यकता के अनुसार कार्यों का चयन एवं स्वीकृति के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायतों में पर्याप्त संख्या में कार्य स्वीकृत किए गए है, स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप ग्राम सभा के माध्यम से नए कार्य भी लिए जा सकते हैं।      उन्होंने बताया कि योजना में मजदूरी एवं सामग्री का 60:40 अनुपात बनाए रखते हुए तथा जल संरक्षण से संबंधित कम से कम 30 प्रतिशत कार्यों को प्राथमिकता देते हुए ग्राम सभाएं आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कार्य स्वीकृत कर सकती हैं। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों से योजना का लाभ ग्रामीणों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप कार्यों का चयन करने पर जोर दिया।      बैठक में अपर मुख्य सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा ने पंचायतों में स्वीकृत कार्यों के गुणवत्तापूर्ण निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जल्द ही क्वालिटी मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जाएंगे, जिससे निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी की जा सकेगी।       आयुक्त, विकसित भारत–जीरामजी तारन प्रकाश सिन्हा ने जिला पंचायत सदस्यों के योजना के प्रभावी क्रियान्वयन तथा तकनीकी समस्याओं से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों तथा किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए खेत सड़क और धरसा को भी अनुमय कार्यों में शामिल किया गया है। प्रदेश में बालिका शौचालय, मुक्तिधाम शेड तथा डिफंक्ट बोरवेल रिचार्ज जैसे कार्यों को प्राथमिकता से लिया जा रहा है। ग्राम पंचायतें अपनी स्थानीय आवश्यकता के अनुसार इन कार्यों का चयन कर सकती हैं। सिन्हा ने बताया कि विभिन्न योजनाओं के अभिसरण (कन्वर्जेंस) से संबंधित भारत सरकार का नोटिफिकेशन जल्द जारी होने की प्रक्रिया में है। वहीं मनरेगा के शेष लंबित भुगतान के संबंध में भारत सरकार को पत्र प्रेषित किया गया है।        वीबी-जीरामजी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 175 पदों पर भर्ती की स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें कार्यक्रम अधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर एवं लेखापाल के पद शामिल हैं तथा भर्ती प्रक्रिया वर्तमान में जारी है। इसके अतिरिक्त बस्तर, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में 63 रोजगार सहायक पदों पर भर्ती की अनुमति भी प्रदान की गई है।       बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों, उपाध्यक्षों एवं सदस्यों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए तथा मैदानी स्तर पर आ रही विभिन्न कठिनाइयों से अधिकारियों को अवगत कराया। बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों से प्राप्त सुझावों एवं समस्याओं को आवश्यक कार्रवाई हेतु संकलित किया गया है।

नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार

नियुक्ति पत्र पाकर बोले चयनित शिक्षक, पारदर्शी प्रक्रिया से मिला रोजगार, मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार पहले की सरकारों में रद्द हो जाती थीं परीक्षाएं, योगी सरकार में मिला नियुक्त पत्र: ममता मौर्या योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव मिल रहे रोजगार के अवसर: आंचल शुक्ला पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को योगी सरकार ने किया खत्म: गोपाल प्रजापति लखनऊ  उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से चयनित अभ्यर्थियों के चेहरे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर खिल उठे। पारदर्शी और त्वरित चयन प्रक्रिया के लिए उन्होंने योगी सरकार की खुलकर सराहना की। अभ्यर्थियों ने कहा कि निष्पक्ष प्रक्रिया के जरिए युवाओं को यह अवसर मिला है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार भी प्रकट किया। आंचल शुक्ला ने बताया कि उनकी नियुक्ति अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज टाउनहॉल वाराणसी में कला विषय, प्रवक्ता (पीजीटी) के पद पर हुई है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र मिलने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि उनका बड़ा सपना पूरा हुआ है। योगी सरकार में महिलाओं को बिना भेदभाव रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी भी तेजी से बढ़ी है। योगी सरकार ने महिला सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया है। इसी सुरक्षा के माहौल से महिलाओं की प्रदेश में भागीदारी बढ़ी है। पिछली सरकारों में रद्द हो जाती थी परीक्षाएं ममता मौर्या ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। वह 2005 में एमए करने के बाद से इसके लिए प्रयास कर रही थीं। पहले बार-बार परीक्षाएं रद्द हो जाती थीं या लंबे समय तक परिणाम नहीं आता था। आज योगी सरकार की पारदर्शी व्यवस्था का नतीजा है कि परीक्षा में सफल होने के साथ ही नियुक्ति-पत्र भी मिल गया। इतने लंबे इंतजार के बाद चयनित होने पर खुशी का कोई ठिकाना नहीं है। इसके लिए वह योगी सरकार का आभार व्यक्त करना चाहती हैं। टीजीटी गणित के पद पर चयनित मऊ के शिवम बरनवाल ने नियुक्ति-पत्र मिलने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि योगी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। बिना रिश्वतखोरी, पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं। योगी सरकार ने खत्म की अव्यवस्था गोपाल प्रजापति ने बताया कि उनका चयन श्री वैष्णव हरिहर दास इंटर कॉलेज, आजमगढ़ में प्रवक्ता (पीजीटी) रसायन विज्ञान के पद पर हुआ है। योगी सरकार की त्वरित प्रक्रिया से उनका पूरा परिवार उत्साहित और खुश है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों में होने वाली अव्यवस्था को खत्म कर व्यवस्था को सुदृढ़ किया है। इससे प्रदेश के युवाओं को रोजगार के अवसर स्पष्ट और पारदर्शी तरीके से मिल रहे हैं। कुमारी ऊषा सिंह ने बताया कि उनका चयन पं. दीनदयाल इंटर कॉलेज, गोरखपुर में गृह विज्ञान सहायक अध्यापक (टीजीटी) के पद पर हुआ है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन से चयन प्रक्रिया निष्पक्ष तरीके से पूरी हो सकी है। मुख्यमंत्री के हाथों नियुक्ति-पत्र पाकर वह और उनका पूरा परिवार गौरवान्वित महसूस कर रहा है। मुख्यमंत्री की अपेक्षानुसार वह अपने सेवाकाल में पूरी निष्ठा के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगी। हजारों अभ्यर्थियों को मिला सीधा लाभ अमेठी के शिव प्रसाद मिश्रा ने बताया कि उनका चयन टीजीटी संस्कृत के पद पर हुआ है। उन्होंने योगी सरकार और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की निष्पक्ष चयन प्रक्रिया की सराहना की। कहा कि चयन प्रक्रिया त्वरित गति से पूरी हुई, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सीधे लाभ मिला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से जिस ईमानदारी की अपेक्षा की है, उसे वह पूरी निष्ठा से पूरा करेंगे।