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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पटना में की भगवान श्रीकृष्ण के विचारों पर केंद्रित सांस्कृतिक सम्मेलन में सहभागिता

तीन सौ से अधिक सांदीपनि विद्यालयों के जरिए हमारी सरकार दे रही गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहन भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। हमारे पूर्वजों ने लोकतंत्र रूपी पौधे की जड़ों को इतनी खूबसूरती से सींचा है कि अब यह विशाल वटवृक्ष बन चुका है। भगवान श्रीकृष्ण सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक व्यवस्था के पक्षधर थे। उन्होंने अपने राजकाज में लोकतांत्रिक मूल्यों और सभी के विचारों को महत्व दिया। हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर ही चल रही है। उनके विचार हमारे लिए अमूल्य पूंजी और हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियों को चिरस्थाई बनाने के लिए मध्यप्रदेश एवं देश में उनकी लीला स्थलों को चिन्हित कर श्रीकृष्ण पाथेय विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। श्रीकृष्ण के लीला स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को पटना (बिहार) में भगवान श्रीकृष्ण के विचारों का जन समरस 'सांस्कृतिक सम्मेलन' को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने यहां अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर की बिहार इकाई द्वारा आयोजित नियमित समाज सुधार श्रृंखला में भी सहभागिता की और समाज सुधार की दिशा में अपने विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सांस्कृतिक सम्मेलन में कहा कि भगवान श्रीकृष्ण यदुकुल के महान गौरव हैं। वे योगीराज थे। सभी ललित कलाओं में निपूण थे। उन्होंने मात्र 11 साल की उम्र में कंस जैसे शक्तिशाली एवं आततायी राजा से युद्ध कर तत्समय लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व को गीता का ज्ञान देने वाले भगवान श्रीकृष्ण के सम्मान में हमारी सरकार मध्यप्रदेश के हर नगरीय निकायों में गीता भवनों का निर्माण करने जा रही है। भगवान श्रीकृष्ण के गुरु सांदीपनि के नाम पर हम मध्यप्रदेश में 300 से अधिक स्थानों पर सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना कर गुरुकुल शिक्षा पद्धति को प्रोत्साहित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पाटलिपुत्र (पटना) और अवन्तिका (उज्जैन) देश के सबसे पुराने नगर हैं। कभी पाटलिपुत्र में सम्राट, तो अन्वतिका (उज्जैन) में युवराज विराजते थे। बौद्ध धर्म के विचारों का प्रवाह बिहार से ही पूरे विश्व में फैला। इस मायने में बिहार ने पूरे विश्व को शांति, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना की दिशा दी है। उन्होंने कहा कि भारत की मूल पहचान हमारी समृद्ध संस्कृति है। यदि आप विदेश में भारत का नाम लिए बगैर सिर्फ इतना कह दें कि आप राम-कृष्ण-बुद्ध की धरती से आएं हैं, तो भी विदेशी यह समझ जाएंगे कि हम भारतीय हैं। यही हमारी मूल पहचान है। उन्होंने कहा कि भगवान गोपाल श्रीकृष्ण की इस पावन धरती पर हम अपनी संस्कृति, अपने मूल्यों और अपने विचारों पर दृढ़ता से आगे बढ़ें, यही हमारा संकल्प होना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बिहार राज्य के नागरिकों को मध्यप्रदेश आने का आमंत्रण देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने हमारे प्रदेश में अपना बाल्यकाल बिताया। यहीं सांदीपनि आश्रम में उनकी शिक्षा-दीक्षा हुई। श्रीकृष्ण-सुदामा की अजर-अमर दोस्ती की नींव भी यहीं पड़ी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मामले में हम परम सौभाग्यशाली हैं कि मध्यप्रदेश के कण-कण में भगवान श्रीकृष्ण की स्मृतियां और उनकी लीलाएं समाई हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सबका समग्र विकास ही लोक कल्याणकारी राज्य का मूल उद्देश्य है। यह शासन का लक्ष्य भी है और कर्तव्य भी। सबके विकास की चिंता कर शासन की सुव्यवस्था (सुशासन) के जरिए हर जरूरतमंद को सरकार की योजनाओं और सुविधाओं का लाभ दिलाने के लिए मध्यप्रदेश तेजी से अग्रसर है। हम विरासत से विकास की अवधारणा को हृदय से आत्मसात कर देश के विकास में योगदान के लिए समर्पित हैं। इससे पहले मुख्यमंत्री डॉ. यादव एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन एवं भगवान श्रीकृष्ण का पूजन कर सांस्कृतिक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन में बिहार राज्य के विधानसभा अध्यक्ष श्री नंदकिशोर यादव, छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्री श्री हरिलाल यादव, पूर्व केन्द्रीय मंत्री श्री रामप्रकाश यादव, श्री गजेन्द्र यादव, श्री हंसराज यादव, अखिल भारतीय यादव महासभा अहीर के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांस्कृतिक सम्मेलन के सूत्रधार डॉ. अशोक यादव सहित बड़ी संख्या में यादव समाजजन उपस्थित थे।  

रतलाम SP को चेतावनी देते हुए CM बोले- ‘अगर नहीं बन पा रहा तो छोड़ दो’

रतलाम अतिवृष्टि से खराब हुई फसलों को देखने व किसानों से संवाद के लिए 12 सितंबर को रतलाम के सैलाना क्षेत्र में आए सीएम डॉ. मोहन यादव एसपी अमित कुमार पर नाराज हो गए। खेत में किसानों से चर्चा के दौरान सामने आई मीडियाकर्मियों व ग्रामीणों की भीड़ पर सीएम ने एसपी को फटकार लगा दी। दरअसल सीएम करिया रोड पर किसानों से बात करने के लिए उतरे और खेत में गए। यहां मीडिया व ग्रामीणों की भीड़ आने पर सीएम ने सभी को पीछे हटने को कहा और कुछ देर तक सभी को पीछे करने के बाद जब किसानों से चर्चा शुरू की तो फिर से भीड़ जमा हो गई। इस पर सीएम डॉ. यादव ने पूछा कि एसपी कहां है।   एसपी अमित कुमार के आने पर नाराज होकर सीएम बोले कि सब मैं ही कर लूं क्या, छोड़ो फिर सब। इसके बाद एसपी को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए। साथ चल रहे जावरा विधायक डॉ. राजेंद्र पांडेय किसानों को समझाइश देते रहे कि आपके लिए ही आएं हैं। इधर, रतलाम कलेक्ट्रेट में बैठे किसान, बोले- बगैर सर्वे मुआवजा दो अतिवृष्टि और पीले मौजेक रोग से फसलों के नुकसान की भरपाई की मांग को लेकर किसानों ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। करनी सेना परिवार प्रमुख जीवन सिंह शेरपुर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसान कृषि उपज मंडी से रैली निकालकर कलेक्ट्रेट पहुंचे और मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम आर्ची हरित को ज्ञापन सौंपा। जीवन सिंह शेरपुर ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गई तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। किसानों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में पटवारी सही आकलन नहीं कर रहे और केवल 70 प्रतिशत नुकसान का सर्वे किया जा रहा है, जबकि फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। सर्वे में समय बर्बाद न कर सीधे खातों में मुआवजा राशि जमा की जाए। किसान नेता संजयराम पाटीदार ने बताया कि ग्रामीणों को नकली दवाईयां बेची गई। जिससे कई किसानों को नुकसान हुआ, लेकिन संबंधित पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। शेरपुर ने भी अधिकारियों पर दुकानदारों से सांठगाठ का आरोप लगाया।

PM मोदी बोले – मां को गाली देने वालों को भी माफ करता हूं, शिव का भक्त हूं

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज असम के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने खुद को भगवान शिव का भक्त बताया। उन्होंने कहा कि कोई मुझे कितनी भी गाली दे, मैं सारा जहर निगल जाता हूं। उन्होंने कांग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा कि मेरा रिपोर्ट कंट्रोल सिर्फ देश की 140 करोड़ जनता है, वही मेरा मालिक है। पीएम मोदी ने कांग्रेस पर भूपेन हजारिका का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार भूपेन हजारिका जैसे असम के महान सपूतों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम मोदी ने कहा, "मेरे लिए तो जनता-जनार्दन ही मेरा भगवान है। मेरे भगवान के पास जाकर मेरी आत्मा की आवाज नहीं निकलेगी तो और कहां निकलेगी। यही मेरे मालिक हैं, यही मेरे पूजनीय हैं, यही मेरा रिमोट कंट्रोल हैं और कोई मेरा रिमोट कंट्रोल नहीं है। 140 करोड़ देशवासी मेरा रिमोट कंट्रोल हैं।" प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने असम के दरांग में 6,300 करोड़ रुपये की स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की आधारशिला रखी। उन्होंने गुवाहाटी रिंग रोड परियोजना की भी आधारशिला रखी। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार असम आया हूं। गौरतलब है कि पिछले दिनों इंडिया गठबंधन की वोटर अधिकार यात्रा के समय बिहार के दरभंगा में एक मंच से विपक्षी दलों के कुछ कार्यकर्ताओं ने पीएम मोदी और उनके मां को गाली दी थी जिसका वीडियो सामने आया था। इस मामले में बिहार भाजपा की तरफ से एक प्राथमिकी दर्ज करवाई थी जिसमे कहा गया था कि वोटर अधिकार यात्रा के एक कार्यक्रम के दौरान मंच से भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गाली दी गई। इस मामले में दरभंगा जिले की पुलिस ने सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भवानीपुर पंचायत (वार्ड सं० 1) के भपुरा गंव निवासी अनीश कुरैशी के पुत्र मोहम्मद रिजवी उर्फ राजा को गिरफ्तार किया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा, "भारत वर्तमान में दुनिया में सबसे तेजी से विकास करने वाला देश है और असम इसके सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक है। कभी विकास के साथ तालमेल बिठाने के लिए संघर्ष कर रहा असम अब काफी बदल गया है और 13% की विकास दर के साथ उल्लेखनीय प्रगति कर रहा है। यह प्रभावशाली उपलब्धि यहां के लोगों के दृढ़ संकल्प और समर्पण का प्रमाण है। यह असम के लोगों की कड़ी मेहनत और भाजपा की डबल इंजन सरकार के योगदान से प्रेरित सहयोगात्मक प्रयासों का भी परिणाम है। यही कारण है कि हिमंत बिस्वा सरमा जी और उनकी टीम को असम के लोगों का भारी समर्थन मिल रहा है।"  

पासपोर्ट बनवाना हुआ आसान: पोस्ट ऑफिस स्टाफ करेंगे आपके घर विज़िट : सिंधिया

मुरैना शनिवार को पासपोर्ट सेवा केंद्र भवन के भूमिपूजन अवसर पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि अब पासपोर्ट के लिए आपको कहीं चक्कर नहीं लगाना होगा, बल्कि पोस्ट ऑफिस के कर्मचारी आपके चक्कर लगाएंगे। अभी लोकसभा मुख्यालय पर सुविधा शुरू हो रही है, जल्द ही हर जिले में पासपोर्ट बनना शुरू होंगे। बता दें कि मुरैना में तीन माह में भवन बनकर तैयार होगा। यहां पासपोर्ट के 40 स्लाट मिलेंगे। सिंधिया ने इस दौरान आयोजित सुकन्या समृद्धि योजना सम्मेलन में 27 सुकन्या हितग्राहियों को उपहार आदि भेंट करते हुए कहा कि एक मई 2025 से एक मई 2026 तक उनके संसदीय क्षेत्र गुना, शिवपुरी व अशोक नगर में जितनी बेटियां जन्म लेंगी, उनके सुकन्या खातों में सिंधिया परिवार राशि जमा कराएगा। सिंधिया ने मुरैना सांसद शिवमंगल सिंह तोमर, कृषि मंत्री ऐंदल सिंह कंषाना, प्रभारी मंत्री करण सिंह वर्मा्, ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर व पूर्व विधायकों से भी कहा कि वह भी अपने-अपने क्षेत्र की सुकन्याओं के खातों में राशि जमा कराने का बीड़ा उठाएं। पत्रकारों से चर्चा के दौरान केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस की आदत बन गई है कि देश को कैसे नीचा दिखाना है। सेना को कैसे नीचा दिखाना है। चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट पर कैसे प्रश्न उठाएं, उप राष्ट्रपति का कैसे असम्मान करें? यह कांग्रेस की नियति बन गई है।  

भरूच: फैक्ट्री में लगी आग से मचा हड़कंप, आसमान में उठे धुएं के गुबार

भरूच भरुच जिले के जीआईडीसी (GIDC) पानोली में स्थित संघवी ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड (Sanghvi Organics Pvt Ltd) में शनिवार को एक बड़ी आग लग गई। दूर से ही धुएं के मोटे गुबार और आग की लपटें दिखाई दे रही थीं, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई। अधिकारियों ने बताया कि दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और आग बुझाने का काम फिलहाल जारी है। हालांकि, आग लगने की वजह और नुकसान का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग पर काबू पाने के लिए मौके पर 15 से अधिक दमकल गाड़ियां मौजूद हैं। किसी के हताहत या घायल होने की खबर नहीं है। इस नई घटना से कुछ महीने पहले 2 अप्रैल को गुजरात में बनासकांठा जिले के डीसा में भी एक और भयानक आग लगी थी। वह आग एक गोदाम में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में एक बड़े धमाके से लगी थी, जिसमें कम से कम 21 लोग मारे गए थे, जिनमें से कई मध्य प्रदेश के प्रवासी मजदूर थे। उस समय के चश्मदीदों ने बताया था कि धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि आस-पास के घरों तक हिल गए और धुएं का गुबार आसमान में छा गया। गोदाम के कुछ हिस्से गिर गए, जिससे मजदूर मलबे में फंस गए। बाद में, पुलिस ने पुष्टि की कि यह यूनिट बिना किसी वैध लाइसेंस और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए चलाई जा रही थी। इस त्रासदी के बाद फैक्ट्री के मालिक खूबचंद ठक्कर और उनके बेटे को गिरफ्तार कर लिया गया था।

पीएम मित्रा पार्क से मध्यप्रदेश बनेगा देश की कॉटन कैपिटल

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जैविक कपास उत्पादन में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में है। देश में जितना जैविक कपास उत्पादन होता है उसमें मध्यप्रदेश का योगदान लगभग 40 प्रतिशत है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा धार जिले में प्रथम पीएम मित्रा पार्क के शिलान्यास से मध्यप्रदेश देश की कॉटन कैपिटल बन जायेगा। कपास उत्पादक किसानों का सीधा संपर्क अंतर्राष्ट्रीय बाजार से हो जायेगा। पीएम मित्रा पार्क किसानों की मेहनत को वैश्विक पहचान दिलाने वाला ऐतिहासिक क्षण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इसे प्रदेश के औद्योगिक भविष्य की आधारशिला और किसानों के लिए नई संभावनाओं का द्वार बताया। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्ट‍ि से किसानों की उपज खेतों से सीधे वैश्विक बाजार तक पहुँच जायेगी। इसमें मध्यप्रदेश की कपास उत्पादक धरती सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभायेगी। इस पार्क से कपास उत्पादक किसानों की समृद्धि के नये द्वार खुलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का मानना है कि पीएम मित्रा पार्क किसानों, श्रमिकों, महिलाओं और युवाओं का जीवन बदलने वाली औदयोगिक परियोजना है। कपास उत्पादक किसान अब सीधे कपास आधारित उद्योगों से जुड़ जायेंगे, जिससे मध्यप्रदेश का कपास केवल फसल न रहकर प्रदेश की औद्योगिक पहचान बनेगा। मध्यप्रदेश कपास उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। प्रदेश के मालवा अंचल के जिलों में सबसे ज्यादा कपास उत्पादन होता है। इनमें प्रमुख रूप से इंदौर, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगौन, बड़वानी, खण्डवा और बुरहानपुर शामिल हैं। पिछले तीन वर्षों में कपास उत्पादन की स्थ‍िति अच्छी रही है। वर्ष 2022-23 में 8.78 लाख मीट्रिक टन, 2023-24 में 6.30 लाख मीट्र‍िक टन और 2024-25 में 5.60 लाख मीट्र‍िक टन कपास उत्पादन हुआ।‍ इसके अतिरिक्त प्रदेश के अन्य जिलों में भी कपास की अच्छी फसल ली जाती है। देश में ऑर्गेनिक कॉटन उत्पादन में मध्यप्रदेश प्रसिद्ध‍ि पा चुका है। यही वजह है कि वस्त्र उद्योग के लिए मध्यप्रदेश सबसे उपयुक्त राज्य साबित हुआ है। इसी पृष्ठभूमि के आधार पर धार को पीएम मित्रा पार्क की स्थापना के लिए चुना गया है। सर्व-सुविधायुक्त होगा पीएम मित्रा पार्क करीब 2,158 एकड़ में विकसित हो रहा पार्क विश्व स्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां 20 MLD का कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट, 10 MVA का सौर ऊर्जा संयंत्र, पानी और बिजली की पुख्ता आपूर्ति, आधुनिक सड़कें और 81 प्लग-एंड-प्ले यूनिट्स जैसी व्यवस्थाएँ विकसित की जा रही हैं। श्रमिकों और महिला कर्मचारियों के लिए आवास और सामाजिक सुविधाएं इसे केवल औद्योगिक क्षेत्र नहीं, बल्कि आदर्श औद्योगिक नगर का रूप देती हैं। निवेशकों ने जताया भरोसा निवेशकों ने भी भरोसा जताते हुए पीएम मित्रा पार्क में अब तक 27 हजार 109 करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव दिये हैं। यह निवेश उद्योगों की स्थापना के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए रोजगार का मार्ग प्रशस्त करेगा। वस्त्र क्षेत्र के बड़े संगठनों और उद्योग समूहों ने यहां निवेश करने की इच्छा जताई है। इससे न केवल प्रदेश को औद्योगिक लाभ मिलेगा, बल्कि निर्यात भी बढ़ेगा। धार से तैयार वस्त्र और परिधान अब सीधे ग्लोबल मार्केट में पहुंचेंगे। जल्दी ही मध्यप्रदेश की पहचान अब टेक्सटाइल हब के रूप में होने लगेगी। प्रधानमंत्री के विजन पर केन्द्रित है पार्क की थीम प्रधानमंत्री श्री मोदी के विज़न के अनुरूप यह पार्क “फार्म से फाइबर, फैक्ट्री से फैशन और विदेश” की संपूर्ण वैल्यू चैन बनायेगा। किसानों से प्राप्त कच्चा कपास उद्योगों में धागा बनेगा, वहीं से वस्त्र और परिधान तैयार होंगे और यही उत्पाद विदेशों तक जाएंगे। इस तरह पूरी वैल्यू चैन एक ही स्थान पर पूरी होगी। यही इस पार्क की विशिष्टता होगी और अन्य पार्कों में आदर्श बनायेगी। पीएम मित्रा पार्क से लगभग 3 लाख रोजगार सृजित होंगे। इसमें एक लाख प्रत्यक्ष और दो लाख अप्रत्यक्ष रोजगार शामिल होंगे। कपास आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों को उनकी फसल का दोगुना मूल्य मिलेगा। यह अवसर केवल रोजगार तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि गांव-गांव तक आर्थिक गतिविधियों को गति देगा और स्थानीय बाजारों से लेकर निर्यात तक नई संभावनाएँ पैदा करेगा।  

पीएम मोदी 17 सितंबर को धार में मनाएंगे जन्मदिन, करेंगे सेवा पर्व और सुमन सखी चैटबॉट का शुभारंभ

धार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को धार जिले के बदनावर में विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री पीएम मित्र पार्क का शिलान्यास करने के साथ ही स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अभियान, सुमन सखी चैटबॉट का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान पोषण माह का राष्ट्रीय स्तर पर उद्घाटन और लाभार्थियों को पीएमएमवीवाई की किस्त का हस्तांतरण किया जाएगा। जनजातीय क्षेत्रों में आदि सेवा पर्व का शुभारंभ भी किया जाएगा, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलाया जाएगा। प्रधानमंत्री के इस दौरे को ऐतिहासिक माना जा रहा है, क्योंकि पहली बार धार जिले से इतने बड़े पैमाने पर जनकल्याणकारी योजनाओं की शुरुआत होगी। इन अभियानों से ग्रामीण और आदिवासी समाज की भागीदारी बढ़ेगी तथा महिलाओं को स्वास्थ्य और पोषण संबंधी अधिक जानकारी मिलेगी।   साथ ही, जनजातीय पंचायतों में विकास की ठोस योजना तैयार होगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और शिक्षा के अवसर बढ़ाने में मदद मिलेगी। यह कार्यक्रम न केवल सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा बल्कि स्थानीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का भी आधार बनेगा। डिजिटल इंडिया के विजन को आगे बढ़ाते हुए मध्यप्रदेश सरकार अब स्वास्थ्य सेवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जोड़ने जा रही है। सुमन सखी चैटबाॅट इसी का हिस्सा है, इसके जरिये महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान देखभाल, जोखिम कारकों और सरकारी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। खास बात यह है कि यह चैटबाॅट हिंदी भाषा में होगा और वाट्सऐप पर आसानी से उपयोग किया जा सकेगा।आदि सेवा पर्व के दौरान सभी जनजातीय बहुल गांव के लोग अपनी-अपनी ग्राम पंचायत में गांव के विकास के बारे में चर्चा-परिचर्चा करेंगे। गांव की विकास योजना को अंतिम रूप दिया जाएगा। जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार जनजातीय बहुल ग्राम पंचायतों में आदि सेवा केंद्र बनाए जाएंगे।प्रधानमंत्री इसके साथ ही प्रधानमंत्री एक बगिया मां के नामअभियान में भागीदारी के प्रतीक के रूप में महिला लाभार्थियों को पौधों का वितरण, सिकल सेल स्क्रीनिंग काउंसलिंग कार्ड का वितरण करेंगे।

सोने ने रचा इतिहास: 61 साल में पहुँचा ₹113,736.75 तक, जानें साल-दर-साल रेट

मुंबई  सोने की खरीद करने वालों के लिए एक बहुत ही महत्पूर्ण जानकारी है. वह यह है कि 31 दिसंबर 2024 के बाद साल 2025 की शुरुआत से लेकर 12 सितंबर 2025 तक देश के सर्राफा बाजारों में सोना रिकॉर्ड की झड़ी लगाते हुए करीब 34,850 रुपये या 44.14% तक महंगा हो गया है. साल 2025 में अब तक इसकी कीमतों में उछाल आने के पीछे कई कारकों को अहम माना जा रहा है. इनमें वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, अमेरिकी टैरिफ नीतियां, कमजोर डॉलर, फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीदों और भारत में त्योहारी मांग प्रमुख हैं. सबसे अहम बात यह है कि सोने की चिड़िया कहे जाने वाले भारत में आज से करीब 60 साल पहले 1964 में सोने की कीमत जानकर आप माथा पकड़कर बैठ जाएंगे, क्योंकि उस समय इसकी कीमत मात्र 63.25 रुपये प्रति 10 ग्राम था. इन 60 सालों के दौरान सोने की कीमतों आई उछाल का मूल्यांकन करेंगे, उस समय से अब तक इसकी कीमत में करीब 1798 गुना बढ़कर 1,13,800 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है. इसका मतलब यह है कि आज के 60 साल पहले वर्ष 1964 में जिस व्यक्ति ने 100 सोना खरीदकर रख लिया होगा, आज वह करोड़पति हो गया होगा. आइए, टाइमलाइन के माध्यम से जानते हैं कि साल 2025 में सोने की कीमत ने कब-कब रिकॉर्ड बनाया और साल 1964 से लेकर 12 सितंबर 2025 तक साल-दर-साल सोना कैसे महंगा होता चला गया? 2025 में किन कारणों से सोना हुआ महंगा     वैश्विक स्तर पर: गोल्ड का अंतरराष्ट्रीय भाव 3,500 डॉलर प्रति औंस को पार कर 3,674 डॉलर तक पहुंचा, जो ट्रंप की टैरिफ नीतियों और भू-राजनीतिक तनावों से प्रेरित है.     भारतीय बाजार में: कमजोर रुपये (88.16 तक गिरावट), सेंट्रल बैंक खरीदारी (आरबीआई ने 2025 में 72.6 टन सोना जोड़ा) और त्योहारी सीजन की मांग से सोना महंगा हुआ.     उपभोग का प्रभाव: भारत में 2025 का गोल्ड उपभोग 600-700 टन अनुमानित है, लेकिन ऊंची कीमतों से ज्वेलरी डिमांड 10% घट गई. 2025 में सोने की कीमतों ने कब-कब बनाया नया रिकॉर्ड वर्ष 2025 की शुरुआत से अब तक सोने की कीमतों में भारी उछाल आया है. 31 दिसंबर 2024 को सोने का भाव 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम था, यानी इस साल अब तक 34,850 रुपये या 44.14% की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है.        31 दिसंबर 2024: 78,950 रुपये प्रति 10 ग्राम     16 अप्रैल 2025: 94,579 रुपये प्रति 10 ग्राम     17 अप्रैल 2025: 97,310 रुपये प्रति 10 ग्राम     18 अप्रैल 2025: 97,580 रुपये प्रति 10 ग्राम     22 अप्रैल 2025: 1,01,350 रुपये प्रति 10 ग्राम     30 अप्रैल 2025: 1,02,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     23 जुलाई 2025: 1,00,510 रुपये प्रति 10 ग्राम     7 अगस्त 2025: 101,470 रुपये प्रति 10 ग्राम     8 अगस्त 2025: 101,900 रुपये प्रति 10 ग्राम     29 अगस्त 2025: 1,02,490 रुपये प्रति 10 ग्राम     2 सितंबर 2025: 1,06,140 रुपये प्रति 10 ग्राम     3 सितंबर 2025: 1,08,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     9 सितंबर 2025: 1,12,750 रुपये प्रति 10 ग्राम     10 सितंबर 2025: 1,10,000 रुपये प्रति 10 ग्राम     11 सितंबर 2025: 1,13,100 रुपये प्रति 10 ग्राम     12 सितंबर 2025: 1,13,800 रुपये प्रति 10 ग्राम स्रोत: दिल्ली एमसीएक्स 61 साल में 113,736.75 रुपये महंगा हो गया सोना आपको बता दें कि साल 1964 में जब गुलजारी लाल नंदा और लाल बहादुर शास्त्री देश के प्रधानमंत्री थे, तब भारत के सर्राफा बाजारों में सोने की कीमत करीब 63.25 रुपये प्रति 10 ग्राम थी. आज करीब 61 साल बाद 12 सितंबर 2025 तक देश के सर्राफा बाजारों में इसकी कीमत 1,13,800 रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई है. इन 61 सालों में सोना करीब 113,736.75 रुपये प्रति 10 ग्राम महंगा हो गया है. 1964 से 2025 तक सोने का भाव     1964: 63.25 रुपये प्रति 10 ग्राम     1965: 71.75 रुपये प्रति 10 ग्राम     1966: 83.75 रुपये प्रति 10 ग्राम     1967: 102.50 रुपये प्रति 10 ग्राम     1968: 162.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1969: 176.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1970: 184.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1971: 193.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1972: 202.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1973: 278.50 रुपये प्रति 10 ग्राम     1974: 506.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1975: 540.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1976: 432.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1977: 486.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1978: 685.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1979: 937.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1980: 1,330.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1981: 1670.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1982: 1,645.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1983: 1,800.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1984: 1,970.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1985: 2,130.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1986: 2,140.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1987: 2,570.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1988: 3,130.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1989: 3,140.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1990: 3,200.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1991: 3,466.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1992: 4,334.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1993: 4,140.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1994: 4,598.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1995: 4,680.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1996: 5,160.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1997: 4,725.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1998: 4,045.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     1999: 4,234.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2000: 4,400.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2001: 4,300.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2002: 4,990.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2003: 5,600.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2004: 5,850.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2005: 7,000.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2007: 10,800.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2008: 12,500.00 रुपये प्रति 10 ग्राम     2009: 14,500.00 रुपये … Read more

नया नियम: लोन डिफॉल्ट पर बैंक कर सकेंगे आपके मोबाइल को लॉक — जानें क्या होगा असर

मुंबई  लोन पर लिए गए मोबाइल फोन्स को जल्द ही लॉक करने की मंजूरी मिल सकती है. RBI लोन देने वालों को ये सुविधा देने पर विचार कर रहा है. रिपोर्ट्स की मानें, तो रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अपने फेयर प्रैक्टिस कोड्स को अपडेट कर सकता है. लोन डिफॉल्ट के बढ़ते मामलों को देखते हुए बैंक ये सुविधा लेंडर्स को दे सकता है.  इसके बाद से लोगों की डेटा प्राइवेसी और अधिकार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. 2024 में आई होम क्रेडिट फाइनेंस की एक स्टडी के मुताबिक, भारत में एक तिहाई कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स को छोटे लोन पर लिया जाता है. इसमें स्मार्टफोन्स भी शामिल हैं.  1.4 अरब की आबादी वाले इस देश में 1.16 अरब मोबाइल कनेक्शन हैं. ऐसा नहीं है कि पहले लेंडर्स पहले ऐसा नहीं करते थे. पहले भी कई लेंडर्स लोन पर लिए गए फोन्स को लॉक करने के लिए ऐप का इस्तेमाल करते थे. पिछले साल RBI ने लेंडर्स की प्रैक्टिस पर रोक लगा दिया था. लोन ना चुकाने पर लेंडर्स कंज्यूमर्स का फोन लॉक कर देते थे.  RBI दे सकता है मंजूरी इसके लिए वे एक ऐप का इस्तेमाल करते थे, जो फोन में इंस्टॉल किया जाता था. लेंडर्स से बातचीत के बाद RBI इस प्रक्रिया को मंजूरी दे सकता है. इसके लिए केंद्रीय बैंक एक गाइडलाइन जारी कर सकता है, जो आने वाले कुछ महीनों में जारी होगी.  बैंक चाहता है कि छोटे लोन देने वालों के पास भी उन्हें रिकवर करने की शक्ति हो. साथ ही बैंक का फोकस लोगों की डेटा को सुरक्षित रखना भी है. इसलिए बैंक एक ऐसा मैकेनिज्म तैयार कर रहा है, जिससे लेंडर्स को यूजर्स का डेटा एक्सेस करने से रोका जा सके. हालांकि, इस पूरे मामले में RBI ने आधिकारिक तौर पर अभी कोई जानकारी नहीं दी है.  कैसे लॉक होगा लोन पर चल रहा फोन?  इसके लिए बैंक और NBFC एक ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं. इस ऐप को डिवाइस खरीदने के वक्त कंज्यूमर के फोन में इंस्टॉल किया जाएगा. Google Device Lock Controller, Samsung Finance+ ऐप (सिर्फ सैमसंग यूजर्स के लिए) और दूसरे ऐप्स का इस्तेमाल किया जा सकता है.  कब लॉक किया जाएगा फोन?  रिपोर्ट्स की मानें, तो ऐप को इंस्टॉल करने से पहले लेंडर्स को कंज्यूमर की परमिशन लेनी होगी. लेंडर्स किसी भी यूजर के पर्सनल डेटा को एक्सेस नहीं कर पाएंगे. किसी फोन को तभी लॉक किया जा सकेगा, जब कंज्यूमर्स लोन अमाउंट नहीं चुकाएंगे.

सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम रिपोर्ट 2023: मध्य प्रदेश में 0-9 वर्ष के बच्चों का अनुपात घटकर 42.2% से 24.2% हुआ

भोपाल  मध्य प्रदेश में 14 वर्ष तक के बच्चों की संख्या में तेजी से गिरावट हो रही है. बीते 52 सालों में प्रदेश में बच्चों की जनसंख्या में 42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. हालांकि बच्चों की संख्या में यह गिरावट अचानक से नहीं है. मध्य प्रदेश में 0-9 साल तक के बच्चों की संख्या में गिरावट का दौर 1971 से चल रहा है. इसका खुलासा सैंपल रजिस्ट्रेशन सिस्टम स्टेटिकल रिपोर्ट 2023 में हुआ है. साल 1991 के बाद तेजी से कम हो रही संख्या एसआरएस की रिपोर्ट में बताया गया है कि मध्य प्रदेश में 0 से 14 साल के बच्चों की जनसंख्या में क्रमिक रूप से गिरावट आ रही है. साल 1971 में इस उम्र वर्ग के बच्चों की संख्या कुल जनसंख्या की 42.2 प्रतिशत थी. वहीं साल 1981 में कुल जनसंख्या की 38.1 प्रतिशत पर पहुंच गई. 1991 में 0 से 14 साल तक के बच्चों की जनसंख्या 36.3 प्रतिश थी, लेकिन साल 2023 में ऐसे बच्चों की संख्या 24.2 प्रतिशत तक पहुंच गई है. यानि कि 1971 से 2023 के बीच में 0 से 9 साल तक के बच्चों की जनसंख्या में 42 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है. युवाओं और बुजुर्गों की संख्या में बढ़ोत्तरी एसआरएस 2023 की रिपोर्ट में भले ही मध्य प्रदेश में बच्चों की संख्या में गिरावट दर्ज की गई है. लेकिन युवाओं और बुजुर्गों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो रही है. 15 से 59 वर्ष के आर्थिक रूप से सक्रिय जनसंख्या का अनुपात साल 1971 में 53.4 प्रतिशत था, जो साल 1981 में बढ़कर 56.3 प्रतिशत हो गया. वहीं साल 1991 से 2023 के दौरान ऐसे आर्थिक रूप से सक्रिय जनसंख्या का प्रतिशत 57.7 से बढ़कर 66.1 हो गया है. वहीं 60 प्लस और 65 वर्ष या इससे अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है. महिला-पुरुष दोनों की जनसंख्या में सुधार यदि 15 से 59 साल तक के महिला और पुरुष की बात करें तो दोनों की जनसंख्या में सुधार देखा गया है. ग्रामीण क्षेत्रों में पुरुषों का प्रतिशत साल 2022 में 7.7 की तुलना में साल 2023 में बढ़कर 7.8 हो गया है. वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं का प्रतिशत साल 2022 में 8.2 था, जो साल 2023 में 9.0 प्रतिशत हो गया है. इसी तरह शहरी क्षेत्रों में 15 से 59 साल तक के पुरुषों की संख्या साल 2022 में 8 प्रतिशत की तुलना में साल 2023 में 8.5 प्रतिशत बढ़ गई है. जबकि इसी आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या में साल 2022 की तुलना में 2023 में 8.6 की तुलना में 9.5 प्रतिशत हो गई है. बच्चों के मामले में मध्य प्रदेश तीसरे नंबर पर मध्य प्रदेश में भले ही क्रमिक रूप से 0 से 14 वर्ष के बच्चों की संख्या में गिरावट हो रही है. इसके बावजूद मध्य प्रदेश बच्चों की संख्या के मामले में देश में उत्तर प्रदेश के साथ सयुंक्त रूप से तीसरे स्थान पर है. देश में सबसे अधिक बच्चों की संख्या बिहार में 11.3 प्रतिशत, दूसरे नंबर पर राजस्थान में 9.5 प्रतिशत और मध्य प्रदेश व उत्तर प्रदेश में बच्चों की जनसंख्या का प्रतिशत 9.2 है. वहीं मध्य प्रदेश के बाद तमिलनाडु में 5.7 प्रतिशत, पंजाब में 6 प्रतिशत और केरल में 0 से 14 वर्ष तक के बच्चों की संख्या का प्रतिशत 6.2 है.