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‘ज्ञान भारतम् पोर्टल’ का शुभारंभ आज, पीएम मोदी लेंगे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन की अध्यक्षता

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज दिल्ली के विज्ञान भवन में 'ज्ञान भारतम्' पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य भारत की अमूल्य पांडुलिपि धरोहर को फिर से जीवंत बनाना और उसे वैश्विक ज्ञान संवाद के केंद्र में लाना है। पीएम मोदी इस अवसर पर 'ज्ञान भारतम् पोर्टल' का शुभारंभ करेंगे, जो पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण, संरक्षण और सार्वजनिक पहुंच को बढ़ावा देने के लिए एक समर्पित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा। सम्मेलन का आयोजन 11 सितंबर से शुरू हुआ है, जो 13 सितंबर तक चलेगा और इसका मुख्य विषय है "पांडुलिपि धरोहर के माध्यम से भारत के ज्ञान धरोहर को पुनः प्राप्त करना।" इस सम्मेलन में देश-विदेश के प्रमुख विद्वान, संरक्षणकर्मी, प्रौद्योगिकी विशेषज्ञ और नीति विशेषज्ञ एकत्र होंगे। वे भारत की बेजोड़ पांडुलिपि धरोहर को पुनर्जीवित करने के रास्तों पर चर्चा करेंगे और उसे वैश्विक ज्ञान चर्चा में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाने के लिए विचार-विमर्श करेंगे। सम्मेलन के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी, जिसमें दुर्लभ पांडुलिपियों को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके अलावा, पांडुलिपि संरक्षण, डिजिटलीकरण प्रौद्योगिकियां, मेटाडेटा मानक, कानूनी ढांचे, सांस्कृतिक कूटनीति, और प्राचीन लिपियों का लेखन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विद्वानों द्वारा प्रस्तुतियां भी दी जाएंगी। इस सम्मेलन का उद्देश्य भारत के प्राचीन ज्ञान और संस्कृति को पुनः जागृत करना है। पांडुलिपियां हमारे ऐतिहासिक ज्ञान, विज्ञान, चिकित्सा, साहित्य और दर्शन का अमूल्य स्रोत हैं, जिन्हें सुरक्षित रखने और उन्हें डिजिटल रूप में दुनिया भर में उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम होगा। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से, पांडुलिपियों को डिजिटलीकरण के जरिये संरक्षित किया जाएगा, जिससे उन्हें कहीं से भी एक्सेस किया जा सकेगा और उनकी जानकारी दुनिया भर में साझा हो सकेगी। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान, सरकार के इस कदम को लेकर संस्कृति, तकनीकी विकास और शोध जगत में एक नई दिशा दिखने की उम्मीद जताई जा रही है।

लाड़ली बहना योजना: इंतजार खत्म! आज आएगी 28वीं किस्त

भोपाल  मध्य प्रदेश की लाडली बहनों के लिए सितंबर महीने की खुशखबरी आ गई है। मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा कब आएगा, इसकी तारीख के बारे में जानकारी मिल गई है। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव इस बार झाबुआ जिले से लाडली बहना योजना का पैसा 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में ट्रांसफर करेंगे। झाबुआ जिले में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियां हुई पूरी । सीएम के आगमन के लिए झाबुआ में तैयारियां पूरी । हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल का निर्माण हुआ पूर्ण  । सूत्रों से जानकारी म‍िली है क‍ि मुख्यमंत्री लाडली बहना योजना की 28वीं किस्त का पैसा 12 सितंबर यानी आज शुक्रवार को लाडली बहना योजना का बड़ा कार्यक्रम होगा। झाबुआ कलेक्‍टर ऑफ‍िस ने भी फेसबुक पोस्‍ट में 12 स‍ितंंबर की ही जानकारी दी है। कहा जा रहा था कि पैसा 13 सितंबर को ट्रांसफर होगा। हालांक‍ि अभी तक सरकार की ओर से कार्यक्रम को लेकर आध‍िकार‍िक ऐलान नहीं क‍िया गया है। इस बार आएंगे कितने पैसे पिछले महीने अगस्त में लाडली बहनों को रक्षाबंधन के शगुन के रूप में 250 रुपये अलग से मिले थे और उनके खाते में 1500 रुपये आए थे। लेकिन इस महीने 28वीं किस्त के रूप में पहले की तरह 1250 रुपये मिलेंगे। महिलाओं के खाते में पैसा भेजने के लिए सरकार को हर महीने करीब 1550 करोड़ रुपये खर्च करने होते हैं। कब से मिलेंगे 1500 रुपये लाडली बहना योजना के लिए 1500 रुपये कब से मिलने शुरू होंगे? इस पर मुख्यमंत्री मोहन यादव पहले ही अपडेट दे चुके हैं। महिलाओं का 1500 रुपये का इंतजार जल्द ही खत्म होने वाला है। सीएम मोहन यादव के मुताबिक भाई दूज से 1500 रुपये हर महीने मिलना शुरू हो जाएंगे। इस बार भाई दूज अगले ही महीने 23 अक्टूबर को है। इस बात की पूरी संभावना है कि लाडली बहना योजना की 29वीं किस्त के रूप में महिलाओं को 1500 रुपये मिलना शुरू हो जाए। लाडली बहना योजना की 27वीं किस्त पिछले महीने 7 अगस्त को ही मिल गई थी। रक्षाबंधन के मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 1.26 करोड़ महिलाओं के खाते में 1250 रुपये की किस्त और 250 रुपये रक्षाबंधन का शगुन एक साथ भेज दिया था। लाड़ली बहना योजना के तहत हर महीने 1,500 रुपये कब से मिलेंगे? पहले ही सीएम मोहन यादव ऐलान कर चुके हैं कि लाडली बहनों को मिलने वाली राशि को हर महीने बढ़ाया जाएगा। 2028 तक लाभार्थियों के खाते में 3000 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। उन्होंने हाल ही में कहा था कि लाड़ली बहनों के खाते में अक्टूबर से हर महीने 1500 रुपये आने शुरू हो जाएंगे। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के बारे में पिछली शिवराज सिंह चौहान सरकार द्वारा मई 2023 में लाड़ली बहना योजना (Ladli Behna Scheme) शुरू की गई थी। इस योजना के तहत 21 से 60 वर्ष की विवाहित महिलाओं को 1000 रुपए देने का फैसला किया गया था। जून 2023 को इस योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। सरकार ने 2023 रक्षाबंधन में इस राशि को बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया था। तभी से अभी तक लाड़ली बहना योजना के तहत 1250 रुपए महीना मिल रहे हैं। सरकार ने अब इस योजना की राशि को बढ़ाने का निर्णय लिया है। किन्हें मिलेगा लाड़ली बहना योजना का फायदा? – 1 जनवरी 1963 के बाद लेकिन 1 जनवरी 2000 तक जन्मी प्रदेश की समस्त विवाहित महिलाएं लाड़ली बहना योजना में 2023 में आवेदन के लिए पात्र मानी जाती है। किन्हें नहीं मिलेगा लाड़ली बहना योजना का फायदा? – महिलांए या उनके परिवार के कोई सदस्य इनकम टैक्स देते है। – अगर ज्वाइंट फैमिली है और 5 एकड़ से अधिक भूमि है। फटाफट चेक कर लें अपना नाम आपके खाते में 1250 रुपये आएंगे या नहीं, इसका पता आप आज ही लगा सकती हैं। इसके लिए लाडली बहना योजना के पोर्टल पर जाएं और 'आवेदन एवं भुगतान की स्थिति' पर क्लिक करें। यहां अपने रजिस्ट्रेशन नंबर या समग्र आईडी और ओटीपी से अपना नाम चेक कर सकती हैं।  

PWD ने धार के लिए भेजा प्रस्ताव: 8 स्थाई हेलीपैड से बढ़ेगी सुविधा

धार  एमपी के धार जिले में पर्यटन और तीर्थ स्थल को बढ़ावा देने के लिए शासन द्वारा कई प्रयास किए जा रहे हैं। अब इसमें एक कदम और आगे बढ़ाते हुए हवाई सफर की सौगात शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए जिले में आठ स्थानों पर स्थाई हेलीपैड बनाने की योजना पर काम चल रहा है। सबकुछ ठीक रहा है, तो जिल के प्रमुख स्थान हेलीपैड जैसी सुविधा से जुड़ जाएंगे। जहां आने वाले समय में आमजन हेलीकॉप्टर उड़ान भरते देखे जा सकते हैं। सरकार द्वारा वीआईपी कल्चर को फोकस करते हुए दिशा में काम शुरू कर दिया है। पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा जिले के प्रमुख जगह पर स्थाई हेलीपैड बनाने के लिए प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के विमानन विभाग को भेजा है, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद स्थाई तौर पर हेलीपैड बनाने का काम शुरू किया जाएगा। अभी इसी प्रकार की सुविधा केवल धार जिला मुख्यालय और पीथमपुर में है। धार में पुलिस लाइन में पक्का हेलीपैड बना है। हवाई सुविधा से सीधे कनेक्ट होगा धार आजादी के बाद से धार जिला विकास के मामले में पड़ोसी जिलों से पिछड़ा हुआ है। आवागमन के रूप में सडक़ परिवहन और संसाधन कम रहे। हालांकि अब इंदौर-दाहोद रेलवे परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। निकट भविष्य में धार में रेल सेवा भी शुरु हो जाएगी। ऐसे ही वीआईपी सुविधा के दृष्टि से हवाई सफर की सौगात मिल सकती है। अभी ये आ रही परेशानी राजनेता, वीआईपी और अन्य बड़े मेहमानों के आने पर हवाई सेवा की सुविधा नहीं है। इंदौर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद टैक्सी या फिर प्राइवेट वाहन से पर्यटक और मेहमानों को मांडू और मोहनखेड़ा पहुंचना पड़ता है। इसी प्रकार चुनाव अथवा किसी राजनेता के दौरा कार्यक्रम के समय अस्थाई हेलीपैड तैयार करना होता है। इसमें बार-बार पैसा खर्च होता है। इसलिए सरकार की मंशा है कि जिले में कुछ चुंनिदा जगह पर स्थाई हेलीपैड तैयार किया जाए। मांडू, अमझेरा और मोहनखेड़ा तीर्थ स्थल शामिल ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मांडू, अमझेरा सहित जैन तीर्थस्थल मोहनखेड़ा में स्थाई हेलीपैड तैयार करने की योजना है। इसके अलावा कुक्षी, गंधवानी, मनावर, धरमपुरी और बदनावर में स्थाई हेलीपैड बनाने की योजना है। जिसका प्रस्ताव पीडब्ल्यूडी विभाग ने तैयार किया है। बदनावर को छोडक़र अन्य सभी स्थानों पर जगह का चयन हो चुका है। पीडब्ल्यूडी द्वारा दो प्रकार के स्थाई हेलीपैड बनाए जाते हैं। इसमें एक सीमेंट कांक्रीट और दूसरा डामरी-गिट्टी से बनता है। जिले में बनने वाले आठों हेलीपैड डामर से बनाएं जाएंगे। प्रस्ताव भेजा है… विभाग द्वारा आठ स्थानों पर स्थाई हेलीपैड बनाने के लिए जगह चयनित कर प्रस्ताव बनाया है। इसे भारत सरकार के विमानन विभाग को भेजा गया है, जहां से स्वीकृति और बजट सेशन होने पर काम शुरू किया जाएगा।- बबीता सोनगर, ईई पीडब्ल्यूडी विभाग धार पूरे साल पहुंचते हैं सैलानी मांडू: ऐतिहासिक पर्यटन स्थल के रूप में विख्यात। जहां पूरे साल देशी-विदेशी पर्यटक व सैलानी आते हैं। एक साल में तकरीबन चार लाख से अधिक पर्यटक आते हैं, जिससे स्थानीय लोगों की रोजी-रोटी चलती है। मोहनखेड़ा: जैन श्वेतांबर ट्रस्ट की पेढ़ी और प्रमुख जैन तीर्थस्थल। गुरुपूर्णिमा पर भव्य आयोजन। जनसंतों व अनुयायियों की साधना स्थली, जहां पूरे साल देशभर से समाज के लोग पहुंचते हैं। अमझेरा: अमका-झमका माता मंदिर। द्वापर में इसी जगह से भगवान श्रीकृष्ण रुक्मिणी हरण कर ले गए थे। धार्मिक मान्यता है कि रुक्मिणी हरण के लिए जो रथ इस्तेमाल हुआ था, वह आज भी मंदिर के पास स्थापित है। मुयमंत्री डॉ. मोहन यादव अमझेरा को धार्मिक स्थल घोषित कर चुके हैं।

एमपी में ट्रैफिक सुविधा के लिए बड़ा कदम, 4-लेन बायपास 3000 करोड़ में बनेगा

भोपाल  राजधानी भोपाल में पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट के लिए नए सिरे से भू-अर्जन शुरू किया जा रहा है। कलेक्टर ने प्रोजेक्ट के लिए तय 155 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण करने के लिए हुजूर एसडीएम की अध्यक्षता में टीम बनाई है। इसमें तहसीलदार, वार्ड पार्षद, सरपंच- सदस्य समेत संबंधित ग्राम के पटवारी व राजस्व निरीक्षक को शामिल किया है। अगले छह माह में इन्हें भू- अर्जन की प्रक्रिया पूरी करना होगी। 35.60 किमी लंबा पश्चिमी बायपास रतनपुर सड़क स्थित 11 मील जोड़ से रोड का काम शुरू होगा जो फंदा कला तक चार लेन बनेगा। सरकार ने प्रोजेक्ट के लिए करीब 3000 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। यहां की इतनी जमीन लेंगे तब बनेगा बायपास     15.9929 हेक्टेयर जमीन भानपुर केकडिया     14.0685 हेक्टेयर जमीन समसगढ़     10.2719 हेक्टेयर जमीन समसपुरा     2.0694 हेक्टेयर जमीन सरवर     17.8365 हेक्टेयर जमीन झागरिया खुर्द     12.8594 हेक्टेयर जमीन मूंडला     13.5931 हेक्टेयर जमीन नरेला     4.5198 हेक्टेयर जमीन टीलाखेड़ी     8.2897 हेक्टेयर जमीन जाटखेड़ी     7.0626 हेक्टेयर जमीन खोकरिया     4.0910 हेक्टेयर जमीन हताईखेड़ी     7.5226 हेक्टेयर जमीन दूबड़ी     7.4606 हेक्टेयर जमीन पिपलिया धाकड़ 9163 हेक्टेयर जमीन फंदा खुर्द 14.1189 हेक्टेयर जमीन फंदा कलां 155.731 हेक्टेयर कुल अर्जित क्षेत्र है इसलिए जरूरी पूरा बायपास बायपास एक तरह से शहर की सीमा को तय करता है और जिन वाहनों को शहर में नहीं आना होता है वह बायपास से बाहर निकल जाते हैं। छह माह में प्रक्रिया पूरी नए सिरे से भू अर्जन करने हमने टीम तय कर दी है। आगामी छह माह में प्रक्रिया पूरी की जाएगी। बायपास जल्द बने इसके लिए जल्द से जल्द काम पूरा किया जाएगा।-कौशलेंद्र विक्रमसिंह, कलेक्टर

सीएम डॉ. यादव करेंगे गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट का शुभारंभ, लक्ज़री कैंपिंग और हवाई रोमांच का केंद्र बनेगा

लक्ज़री कैंपिंग से हवाई एडवेंचर का मिलेगा रोमांचक अनुभव भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार 12 सितम्बर को मंदसौर में गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के चौथे संस्करण का शुभारंभ करेंगे। यह रिट्रीट लल्लूजी एंड संस द्वारा मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के सहयोग से विकसित किया गया है, जो लक्ज़री कैंपिंग, एडवेंचर टूरिज्म और सांस्कृतिक गतिविधियों का अनूठा संगम है। गांधीसागर फॉरेस्ट रिट्रीट के दौरान पर्यटक टेंट सिटी में हॉट-एयर बलूनिंग, पैरामोटरिंग, जेट स्कीइंग, कायाकिंग और मोटर बोटिंग जैसी रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। हिंगलाजगढ़ किले की हेरिटेज ट्रेल, गांधीसागर अभयारण्य में वन्यजीव सफारी और ग्रामीण जीवन के अनुभव भी पर्यटकों के आकर्षण का हिस्सा रहेंगे। इस रिट्रीट में पर्यावरण संरक्षण और जैव विविधता पर विशेष ध्यान दिया गया है। लगभग 2,500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित बटरफ्लाई गार्डन में 4,000 से अधिक पोषक एवं पराग प्रजातियों के पौधे लगाए गए हैं। यहां पहले से ही 40 से अधिक तितली प्रजातियां दर्ज की जा चुकी हैं। यह केंद्र शिक्षा एवं इंटरप्रिटेशन स्थल के रूप में पर्यटकों को तितलियों के जीवन चक्र की जानकारी प्रदान करेगा। इसके अलावा इस सीज़न में रॉक आर्ट इंटरप्रिटेशन ज़ोन, जो चतुर्भुज नाला की प्राचीन शैलचित्र कला से प्रेरित है, तथा बायोडायवर्सिटी वॉक जैसी गतिविधियां भी शामिल की गई हैं। पर्यटक इस रिट्रीट में गाइडेड बटरफ्लाई गार्डन टूर, नेचर वॉक, बर्ड वॉचिंग, वाटर स्पोर्ट्स (स्पीड बोट, बनाना राइड, जेट स्की, कयाकिंग) और हवाई एडवेंचर (हॉट एयर बैलूनिंग व पैरामोटरिंग) जैसी शानदार गतिविधियों का अनुभव लेकर प्रकृति के और करीब आ सकेंगे।  

देशी तकनीक से सशक्त हुई नौसेना, पहला 3D एयर रडार कमीशन — हवाई खतरे होंगे नाकाम

नई दिल्ली टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) ने स्पेन की डिफेंस कंपनी इंद्रा के साथ मिलकर भारतीय नौसेना के लिए पहला 3D एयर सर्विलांस रडार (3D-ASR) – लांजा-एन कमीशन किया है. यह रडार एक भारतीय नौसेना के युद्धपोत पर लगाया गया है. यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है. लांजा-एन रडार क्या है? लांजा-एन इंद्रा का लांजा 3D रडार का नौसैनिक संस्करण है, जो दुनिया के सबसे एडवांस लॉन्ग-रेंज एयर डिफेंस और एंटी-मिसाइल रडार में से एक है. यह रडार हवा और सतह दोनों के लक्ष्यों को 3D में ट्रैक करता है. इसकी रेंज 254 नॉटिकल माइल्स (लगभग 470 किमी) है. यह ड्रोन, सुपरसोनिक फाइटर जेट, एंटी-रेडिएशन मिसाइल, और नौसैनिक प्लेटफॉर्म को पकड़ सकता है. यह खराब मौसम में भी काम करता है और दुश्मन के हमलों को रोकने में माहिर है. यह पहली बार है जब लांजा-एन रडार स्पेन के बाहर काम करेगा. इंद्रा ने इसे भारतीय महासागर की नमी और गर्मी के लिए अनुकूलित किया है. रडार को युद्धपोत के सभी सिस्टम से जोड़ा गया है. सख्त समुद्री परीक्षणों के बाद इसे स्वीकार किया गया. परीक्षणों में विभिन्न नौसैनिक और हवाई प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया. टाटा और इंद्रा का सहयोग यह उपलब्धि टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) और इंद्रा के बीच 2020 में हुए समझौते का नतीजा है. इस समझौते में 23 रडारों की डिलीवरी का प्रावधान है, जिनमें से तीन पूरे इंद्रा से आएंगे. बाकी 20 टाटा भारत में असेंबल करेगा. टाटा ने कर्नाटक में एक रडार असेंबली, इंटीग्रेशन और टेस्टिंग फैसिलिटी बनाई है, जो डिलीवरी को तेज करेगी. TASL के CEO और MD सुकर्ण सिंह ने कहा कि इंद्रा के साथ हमारा सहयोग भारत में रडार निर्माण क्षमता को मजबूत करने का प्रतीक है. हम स्थानीय सप्लाई चेन और तकनीकी विशेषज्ञता से उन्नत रक्षा प्रणालियों का इकोसिस्टम बना रहे हैं. इंद्रा के नेवल बिजनेस यूनिट की हेड आना बुएंडिया ने कहा कि यह प्रोजेक्ट रडार डिलीवरी से आगे है. हमने बेंगलुरु में टाटा के साथ रडार फैक्ट्री बनाई, जो हमें स्थानीय उत्पादन और सेवा प्रदान करने में मदद करेगी.  भारतीय नौसेना के लिए महत्व यह रडार भारतीय नौसेना के फ्रिगेट, डिस्ट्रॉयर और एयरक्राफ्ट कैरियर पर लगाया जाएगा. पहले कमीशंड रडार एक युद्धपोत पर लगाया गया है. बाकी जल्द ही आएंगे. यह नौसेना की निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा. खासकर दुश्मन के ड्रोन, जेट और मिसाइलों के खिलाफ.  इंद्रा का लांजा-एन रडार मॉड्यूलर, सॉलिड-स्टेट और पल्स्ड टैक्टिकल रडार है, जो सभी प्रकार के हवाई और सतही लक्ष्यों को ट्रैक करता है. यह भारत की रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है. टाटा पहली भारतीय कंपनी बनी जो नेक्स्ट-जनरेशन नेवल सर्विलांस रडार बना और इंटीग्रेट कर रही है. 50% से ज्यादा लोकलाइजेशन होगा, जो ‘मेक इन इंडिया’ को बढ़ावा देगा.

मुख्यमंत्री ने जिले में खराब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे कराने के दिये निर्देश

भोपाल  प्रदेश सरकार किसानों के साथ है और हम किसानों को किसी तरह का नुकसान नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरूवार को शाजापुर जिले की पोलायकलां तहसील के ग्राम खड़ी में विभिन्न कारणों से खराब हुई सोयाबीन की फसल के अवलोकन के बाद किसानों को यह भरोसा दिलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शाजापुर कलेक्टर सहित प्रदेश के सभी कलेक्टर्स को खराब हुई सोयाबीन की फसल का सर्वे कराने के निर्देश दिये। किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री एदल सिंह कंषाना, विधायक श्री घनश्याम चन्द्रवंशी, श्री अरूण भीमावद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री हेमराज सिंह सिसोदिया एवं डॉ. रवि पाण्डेय भी इस अवसर पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने किसान चौपाल में कहा कि बारिश कम होने एवं कीट प्रकोप के कारण जहां-जहां भी सोयाबीन की फसल को नुकसान हुआ है, उसका पूरा सर्वे कराया जायेगा, किसानों को नुकसान नहीं होने देंगे। किसानों को अधिकतम लाभ दिया जायेगा। किसानों की जिंदगी बेहतर हो, इसके लिए केन्द्र एवं राज्य की सरकार लगातार प्रयासरत हैं। उन्होंने कलेक्टर शाजापुर को निर्देश दिये कि जिन किसानों को पिछले वर्षों की बीमा राशि प्राप्त नहीं हुई है, उनके प्रकरणों का निराकरण कराएं। आने वाले समय में शाजापुर जिले के किसानों को नर्मदा-पार्वती-चंबल-कालीसिंध लिंक परियोजना से पानी उपलब्ध कराया जायेगा। इससे गरीब किसानों के जीवन में बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने देशी गाय पालन को प्रोत्साहन देने के लिए शुरू की गई कामधेनु योजना के बारे में बताते हुए कहा कि इस योजना में किसानों से गाय का दूध क्रय किया जायेगा। उन्होंने 25 गाय के पालन पर लगने वाली राशि 40 लाख पर सरकार द्वारा 10 लाख रूपये का अनुदान भी दिया जायेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में गायों के लिए गौशालाएं भी बनाई जायेगी। गौशालाओं को गायों के रखरखाव के लिए 40 रूपये प्रति गाय की दर से अनुदान दिया जायेगा। पांच हजार से अधिक पशु रखकर गौशाला संचालित करने पर भूमि भी उपलब्ध कराई जायेगी। इसी तरह क्षेत्र में विचरण कर रहे वन्यप्राणियों हिरण, नील गाय आदि के समुचित व्यवस्थापन के निर्देश भी वन विभाग को दिये। उन्होंने कहा कि किसान बिना किसी चिंता के अपनी फसलों का उत्पादन प्राप्त करें और खुशहाल बनें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने “एक बगिया माँ के नाम” योजना के बारे में बताया और कहा कि किसानों को एक एकड़ जमीन में फलोद्यान लगाने पर प्रथम वर्ष 2 लाख रूपये तथा इसके अगले वर्ष 55 हजार रूपये इस प्रकार 3 वर्ष तक अनुदान दिया जायेगा। कपास उत्पादन को प्रदेश सरकार प्रोत्साहित करेगी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में कपास उत्पादन को प्रोत्साहित किया जायेगा। इसके लिए धार जिले के बदनावर में “पीएम मित्रा” औद्योगिक पार्क विकसित करने जा रहे हैं, जिसका 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शिलान्यास किया जायेगा। उन्होंने कहा कि धार जिले सहित मालवा निमाड़ अंचल के कपास उत्पादक किसानों के जीवन में अभूतपूर्व परिवर्तन लाने का माध्यम बनेगा। किसान से नुकसान की जानकारी ली मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम खड़ी के किसान श्री परवत सिंह बगाना के निवास पर जाकर उनसे सोयाबीन की खराब हुई फसल से हुए नुकसान की जानकारी ली।

भारत और मॉरीशस ने लिया बड़ा आर्थिक कदम, काशी में हुई समझौता से डॉलर की पकड़ कमजोर

वाराणसी मॉरीशस के साथ भारत की काशी में द्वि‍पक्षीय बैठक में एक अहम फैसला स्‍थानीय मुद्रा में कारोबार रहा है। इस फैसले के बाद अब वैश्‍व‍ि‍क कारोबार में आपसी मुद्रा में ही लेन देन शुरू होगा। इसकी वजह से अब दोनों देशों के कारोबार में डालर का वर्चस्‍व टूट गया है।  बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता ने देश- दुनिया को कई बड़े संदेश दिए। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत-मारीशस के संबंधों का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे यह कहते हुए गर्व हो रहा है कि भारत और मारीशस सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि एक परिवार हैं। पिछले साल मारीशस में यूपीआइ और रुपे कार्ड लांच किए गए थे। अब हम लोकल करेंसी में व्यापार को सक्षम करने की दिशा में काम करेंगे।   प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी होटल ताज में गुरुवार को भारत-मारीशस के बीच द्विपक्षीय वार्ता को संबोधित कर रहे थे। कहा कि ये मेरे लिए गर्व का विषय है कि मुझे अपने संसदीय क्षेत्र में आपका स्वागत करने का अवसर मिल रहा है। चिर काल से काशी भारत की सभ्यता और सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक रही है। इसके अलावा दोनों देशों में कारोबार के साथ ही रुपे कार्ड ही नहीं बल्‍क‍ि यूपीआई का भी प्रयोग शुरू हो चुका है। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच डालर में कारोबार का वर्चस्‍व अब टूट चुका है।    हमारी संस्कृति और संस्कार, सदियों पहले भारत से मारीशस पहुंचे और वहां की जीवन-धारा में रच-बस गए। काशी में मां गंगा के अविरल प्रवाह की तरह भारतीय संस्कृति का सतत प्रवाह मारीशस को समृद्ध करता रहा है। यह केवल औपचारिक नहीं बल्कि एक आत्मिक मिलन है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला था।मारीशस भारत की पड़ोसी प्रथम नीति और विजन महासागर का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है। मार्च में मुझे मारीशस के राष्ट्रीय दिवस समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला। उस समय हमने अपने संबंधों को उन्नत रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया।   वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से म‍िलेगी सुव‍िधा दो देशों के बीच आपसी मुद्रा में लेन देन के ल‍िए भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये में वोस्ट्रो अकाउंट खोलने से जुड़े नियमों में भी इसी वर्ष बदलाव किया है। इस कड़ी में बैंकों को अब बिना क‍िसी पूर्व अनुमति के विदेशी बैंकों के लिए विशेष रुपये का वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति म‍िल चुकी है। वोस्ट्रो अकाउंट एक घरेलू बैंक द्वारा विदेशी बैंक के लिए खोला गया खाता होता है। यह खाता घरेलू बैंक की मुद्रा में ही शाम‍िल होता है। रिजर्व बैंक की पूर्वानुमति से विदेशी बैंकों के विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोलने की अनुमति देने के बाद दोनों देशों के स्‍थानीय मुद्रा में लेन देन सहज हो सकेगा। वोस्ट्रो अकाउंट खोलने के लिए आरबीआई की मंजूरी लेने की आवश्यकता को खत्म करने का फैसला लेने के साथ ही डालर का वर्चस्‍व टूटना शुरू हो चुका है। विदेशी बैंकों में विशेष रुपया वोस्ट्रो अकाउंट खोल सकने की प्रक्र‍िया में अब काफी तेजी आएगी। दरअसल वोस्ट्रो अकाउंट एक प्रकार का बैंक खाता है जो एक घरेलू बैंक किसी विदेशी बैंक की ओर से, लोकल करेंसी में कारोबार अथवा लेन देन की अनुमत‍ि रखता है। एक विदेशी बैंक फंड के लिए मध्यस्थ के रूप में काम करता है।  

मॉरीशस दौरे में पीएम मोदी ने परोसा स्वादिष्ट बनारसी भोजन, विदेशियों ने की तारीफ

वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा मॉरीशस के प्रधानमंत्री के सम्‍मान में ताज होटल में द‍िए गए मध्याह्न भोज में व‍िदेशी म‍ित्रों के स्‍वाद का जहां ध्‍यान रखा गया वहीं बनारसी जायके की सुवास भी टेबल पर ब‍िखरी और सुस्‍वादु बनारसी जायका भी विदेशी मेहमानों ने खूब पसंद क‍िया। दरअसल गुरुवार को भारत के प्रधानमंत्री और काशी के सांसद नरेन्‍द्र मोदी मेजबान की भूम‍िका में नजर आए। उनके द्वारा डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम और श्रीमती वीणा राम गुलाम के सम्मान में मध्याह्न भोज में जो मीनू परोसा गया वह खांटी भारतीय और बनारसी जायके से भरपूर था।    भुने भुट्टे और पुदीना का रस से बने पुदीना और भारतीय मसाले से युक्त भुने हुए मक्के का पतला सूप मीनू में पहले नंबर पर था। वहीं टिक्की टमाटर चाट में स्थानीय व्यंजन मसालेदार टमाटर मैश के ऊपर भुनी हुई कुरकुरी आलू पैटी, रागी दही बड़ा में मीठे मसाले वाली दही की चटनी में भिगोई हुई रागी थी। वहीं पनीर लौंग लता में स्थानीय व्यंजन के क्रम में मखमली टमाटर अखरोट से तैयार ग्रेवी में पका हुआ भरवा पनीर था। बनारसी कढ़ी पकौड़ी में छाछ से तैयार ग्रेवी में पक्के अजवाइन और बेसन के तले हुए पकौड़े थे। आलू कुटी मिर्च में दरदरे भरे कश्मीरी मिर्च से सजे जीरे के तड़के वाली मसालेदार सूखी आलू की सब्जी भी थी। तुवर दाल में तड़का में जीरा टमाटर और भारतीय मसाले से युक्त पीली दाल भी शाम‍िल थी। सब्जी दम बिरयानी में दम शैली में पकाई गई सुगंधित सब्जियों के साथ केसर उत्तर लंबे दाने वाले बासमती चावल भी थे। इसके अलावा मिश्रित भारतीय रोटियां भी मीनू में शाम‍िल थीं। इसके अलावा लाल पेड़ा भी था जो धीरे-धीरे पकाए गए दूध से बनी सूखी मिठाई है। स्थानीय व्यंजन में जलेबी- रबड़ी गाढ़े दूध के साथ परोसे गए केसर चीनी सिरप में भिगोए हुए खमीर युक्त आटे के कुरकुरे स्पाइरल भी थे। इसके अलावा आखि‍र में बनारसी पान के पत्‍ते में लपेटा हुआ गुलाब गुलकंद, सौंफ और कटे हुए खजूर के अलावा चाय- कॉफी के साथ कश्‍मीरी कहवा का भी जायका रखा गया था। व‍िदेशी मेहमान बनारसी जायके को जहां खूब पसंद क‍िए वहीं पीएम ने भी बनारसी जायके का आनंद ल‍िया।   

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- पीएम मित्रा पार्क से क्षेत्र का होगा समग्र विकास

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का 17 सितंबर को धार जिले के ग्राम भैंसोला में प्रस्तावित आगमन अत्यंत गौरवपूर्ण क्षण है। उन्होंने कहा कि पीएम मित्रा पार्क के ज़रिए नया दौर आने वाला है, जिससे क्षेत्र के विकास में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह अवसर प्रदेश के किसानों, महिलाओं और आम नागरिकों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित होगा। प्रधानमंत्री का दौरा पीएम मित्रा पार्क का भूमिपूजन के अलावा स्वस्थ नारी-सशक्त परिवार अभियान की शुरुआत भी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने 17 सितंबर को प्रस्तावित प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे को लेकर धार जिले के ग्राम भैंसोला में गुरूवार को कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित और समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम राज्य के समग्र विकास में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पीएम मित्रा पार्क का निर्माण प्रधानमंत्री जन-कल्याण के उद्देश्य को साकार करने में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि देशभर में सात पीएम मित्रा पार्क बनेंगे, जिनमें से सबसे पहले मध्यप्रदेश पार्क का भूमि-पूजन प्रधानमंत्री श्री मोदी करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि यह क्षेत्र कपास की खेती के लिए प्रसिद्ध है और अब कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। पार्क के प्रारंभ हो जाने पर इससे लगभग 6 लाख किसानों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा और एक लाख लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल की सजावट, मंच व्यवस्था, बैठने की व्यवस्था, ध्वनि और प्रकाश व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं का व्यक्तिगत रूप से अवलोकन करें। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा। पुलिस विभाग, सुरक्षाबल एवं अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रधानमंत्री के आगमन से पहले हर प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम स्थल, प्रधानमंत्री के आवागमन मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में विशेष निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यातायात प्रबंधन का प्रभावी ढंग से संचालन करने के निर्देश दिए जिससे जनता को सुचारू आवागमन की सुविधा मिल सके। उन्होंने नागरिकों से भी सहयोग की अपील की, जिससे आयोजन सुरक्षित, भव्य और सफलतापूर्वक संपन्न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के दौरे से प्रदेश में किसान आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि पीएम मित्रा पार्क की सौगात से भैंसोला क्षेत्र में सामाजिक, आर्थिक और कृषि क्षेत्र में समग्र विकास की नई दिशा मिलेगी। प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन श्री राघवेन्द्र सिंह और धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं की जानकारी दी। सोयाबीन फसल के नुकसान सर्वे के निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कलेक्टर्स को निर्देश दिए कि जिन जिलों में सोयाबीन की फसल में मोजेक बीमारी के कारण नुकसान हुआ है। वहां तत्काल सर्वेक्षण प्रारंभ किया जाए। उन्होंने कलेक्टरों से मुआवजे की प्रक्रिया को प्रभावी रूप से पूरा करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, श्री चेतन्य कुमार काश्यप, सुश्री निर्मला भूरिया, केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, श्री हेमंत खंडेलवाल, सांसद श्री सुधीर गुप्ता, विधायक सर्वश्री हितानंद शर्मा, राजेन्द्र गुप्ता, मथुरालाल डामोर, जितेन्द्र पंडया, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेढ़ा, धार विधायक श्रीमती नीना वर्मा, श्री नीलश भारती, श्री राजवर्धन दत्तीगांव समेत जनप्रतिनिधिगण, पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।