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मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा- परम्परा और विरासत को आगे बढ़ाने में बहनों का अहम योगदान

जयपुर मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने रक्षाबंधन पर्व पर शनिवार को मुख्यमंत्री निवास पर वीरागंनाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, अधिवक्ताओं, चिकित्सकों सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी बहनों एवं स्कूल-कॉलेज छात्राओं से रक्षासूत्र बंधवाया।  मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों को रक्षाबंधन की बधाई देते हुए कहा कि इस त्यौहार का हमारी संस्कृति में बहुत महत्व है। यह भाई-बहन के अटूट रिश्ते का प्रतीक है। हमारे ऐसे त्यौहारों में समरसता एवं एकरूपता का संदेश निहित होता है। उन्होंने कहा कि हमारी परम्परा और विरासत को आगे बढ़ाने में बहनों का अहम योगदान है। बहनें परिवार में विभिन्न भूमिकाएं निभाते हुए उसे संजोने एवं संस्कारित करने की जिम्मेदारी निभाती है। इसलिए हमारी संस्कृति में बहनों का स्थान सर्वाेपरि होता है। श्री शर्मा ने कहा कि रक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर छोटी एवं बड़ी बहनों का स्नेह एवं आशीर्वाद मुझे मिला है। यह मेरे लिए अभेद्य सुरक्षा कवच है। श्री शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने अन्य क्षेत्रों के साथ ही सामाजिक सरोकारों के माध्यम से भी देश को आगे बढ़ाया है। उन्होंने स्वच्छता, लिंगानुपात, पर्यावरण संरक्षण जैसे क्षेत्रों में अभियान चलाकर देशभर में जन-जागरूकता की अलख जगाई। मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से आह्वान किया कि वे पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाने के साथ ही सामाजिक कार्यों से भी जुड़ें और केन्द्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित भाई-बहनों को उनका लाभ दिलाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं। इससे ही समाज में बदलाव आएगा।  मुख्यमंत्री ने कहा कि माता-बहनों के शिक्षित एवं सशक्त होने से ही देश और प्रदेश उत्कृष्ट बनेगा। उन्होंने कहा कि हमारे देश की नारियों ने अपने महान कार्याें से इतिहास रचा है, उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे भी जीवन में साहसिक रूप से कार्य करते हुए अपने सपनों को पूरा करें।  कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने उपस्थित बहनों से संवाद किया और उन्हें सम्मानस्वरूप उपहार भेंट किए। इस दौरान चिकित्सा, कानून व्यवस्था एवं न्याय सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी नारी शक्ति ने राज्य सरकार द्वारा महिला सुरक्षा, सम्मान एवं सशक्तीकरण हेतु किए जा रहे प्रयासों के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।  मुख्यमंत्री ने किया वीरांगनाओं का विशेष सम्मान, नन्हीं बहनों को दिया स्नेहिल आशीर्वाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने वीरांगना बहनों से राखी बंधवाई और उनका विशेष सम्मान किया। इस दौरान प्रजापिता ब्रह्मकुमारिज संस्थान की चन्द्रकला दीदी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता शर्मा को रक्षासूत्र बांधा। वहीं, स्कूलों में पढ़ने वाली बहनों ने जब अपने नन्हें हाथों से श्री शर्मा को राखी बांधी तो उन्होंने उनके सिर पर हाथ रखकर स्नेहिल आशीर्वाद दिया।

अमेरिका से बांग्लादेश-पाकिस्तान तक, मंदिरों और अल्पसंख्यकों पर हमलों का केंद्र ने दिया ब्यौरा

नई दिल्ली विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में बताया कि बांग्लादेश में 2021 से अब तक हिंदुओं पर 3,582 हमलों की घटनाएं हुई हैं। रंगपुर-चटगांव जैसे क्षेत्रों में अल्पसंख्यकों पर हिंसा जारी है। उन्होंने शिवसेना (UBT) सांसद अनिल देसाई के सवाल के जवाब देते हुए कहा- भारत ने पाकिस्तान के सामने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के 334 प्रमुख मामले उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका, कनाडा और ब्रिटेन में हिंदुओं पर हमले और मंदिरों में तोड़फोड़ के मामले सामने आए, पिछले साल से अमेरिका में हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ के 5 और कनाडा में 4 मामले सामने आए हैं। राज्यसभा में पूछे गए अन्य सवालों के जवाब     लालमोनिरहाट एयरबेस पर भारत ने संज्ञान लिया विदेश राज्य मंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने राज्यसभा में कहा कि बांग्लादेश के लालमोनिरहाट एयरबेस से जुड़ी रिपोर्टों का संज्ञान लिया है। भारत इस मामले पर सतर्क है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े हर पहलू पर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार से पूछा गया था कि क्या बांग्लादेश ने चीन को लालमोनिरहाट एयरबेस से सैन्य गतिविधि शुरू करने की अनुमति दी है?     1962 में चीन का 38 हजार वर्ग किमी जमीन पर कब्जा था सरकार ने बताया कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के अंत में चीन ने 38,000 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र पर अवैध कब्जा कर लिया था। विदेश राज्य मंत्री सिंह ने कहा कि चीन के साथ सीमा विवाद सुलझाने के लिए भारत ने कई कूटनीतिक प्रयास किए हैं।     1 जुलाई तक 6,774 भारतीय कामगार इजराइल गए इस वर्ष 1 जुलाई तक 6,774 भारतीय कामगार इजराइल गए हैं। ये सभी नवंबर 2023 में हस्ताक्षरित द्विपक्षीय समझौते के तहत वहां काम करने गए। सरकार ने बताया कि मार्च 2024 में लेबनान से हुए एक हमले में एक भारतीय कृषि श्रमिक की मौत हो गई। 3 भारतीय घायल हुए।     आयुष्मान भारत में धोखाधड़ी, 1,504 अस्पतालों पर जुर्माना आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में अनियमितताओं और धोखाधड़ी पर अब तक 1114 अस्पतालों को पैनल से हटाया है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने बताया कि 1,504 अस्पतालों पर ₹122 करोड़ का जुर्माना लगाया और 549 अस्पतालों को निलंबित किया है।     देशभर में सिकल सेल के 2.16 लाख मामले मिले केंद्र सरकार ने बताया कि 17 राज्यों में 6.04 करोड़ लोगों की सिकल सेल रोग की जांच की गई, जिनमें 2.16 लाख संक्रमित पाए गए। स्वास्थ्य मंत्री जे. पी. नड्डा ने बताया कि यह जांच ‘राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत हुई। UN का दावा-बांग्लादेश में हिंसा से 2024 में 1400 की मौत युक्त राष्ट्र (UN) ने बांग्लादेश में पिछले साल सरकार विरोधी छात्र प्रदर्शनों पर की गई कार्रवाई को लेकर फरवरी 2025 में एक रिपोर्ट जारी की थी। UN का दावा था कि इस कार्रवाई में 1400 लोगों की हत्या कर दी गई। इनमें ज्यादातर लोगों की मौत के पीछे सुरक्षा बलों की गोलीबारी जिम्मेदार है। रिपोर्ट में बताया गया था कि पिछले साल शेख हसीना सरकार के तख्तापलट के बाद हिंदुओं के घरों, व्यवसायिक प्रतिष्ठानों और पूजा स्थलों पर हमले हुए। खासतौर पर ग्रामीण और तनाव वाले जिले जैसे ठाकुरगांव, लालमोनिरहाट, दिनाजपुर, सिलहट, खुलना और रंगपुर में हमले हुए। रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेशी सुरक्षा बलों ने आंदोलन को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर गोलीबारी, गिरफ्तारियां और प्रताड़ना का सहारा लिया। ये कार्रवाई राजनीतिक नेतृत्व और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के आदेश पर हुई। UN ने इसे 'मानवता के खिलाफ अपराध' करार देते हुए अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने  लोकसभा में बताया कि साल 2024 में 2,06,378 भारतीयों ने अपनी नागरिकता छोड़कर दूसरे देशों की नागरिकता ले ली। कीर्ति सिंह ने कहा कि नागरिकता छोड़ने के कारण व्यक्तिगत होते हैं और यह वही व्यक्ति जानता है जिसने यह फैसला लिया हो। 

इंदौर का सपना होगा पूरा, 737 करोड़ की केबल कार योजना को मंजूरी का इंतजार

इंदौर  इंदौर में केबल कार से सफर करने का सपना जल्द हकीकत बन सकता है। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) द्वारा कराए गए फिजिबिलिटी सर्वे की रिपोर्ट नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (NHLML) को सौंप दी गई है। NHLML ने इस प्रस्ताव को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय, दिल्ली को अनुमोदन और बजट आवंटन के लिए भेज दिया है। इंदौर विकास प्राधिकरण ( IDA ) की स्कीम 171 को लेकर शुक्रवार को हुई बोर्ड बैठक में प्रस्ताव रखा गया। जैसा कि द सूत्र ने बताया था कि इस मामले में रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है और इसके तहत सोसायटी की जमीन मुक्त की जाएगी और निजी जमीन पर नई स्कीम लाई जाएगी। ऐसी बोर्ड बैठक में चर्चा चली और इसी तरह का स्कीम को मोडिफाइ करने का  विस्तृत प्रस्ताव बनाकर आईडीए द्वारा जल्द मप्र शासन को भेजा जाएगा।  यह निकला है रास्ता संभागायुक्त दीपक सिंह की अध्यक्षता में यह बोर्ड बैठक हुई इसमें कलेक्टर आशीष सिंह, सीईओ आरपी अहिरवार सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इसमें तय किया गया कि सालों से आईडीए स्कीम 171 के पीड़ित परेशान है और वह राशि भी दिसंबर 2024 में पूरी भर चुके हैं तो मप्र शासन के नोटिफिकेशन के तहत इस स्कीम को अप मुक्त करना चाहिए। लेकिन निजी भू स्वामियों की जमीन को लेकर भी बात उठी। तय किया गया कि करीब 171 हेक्टेयर की इस स्कीम में 20 हेक्टेयर सरकारी जमीन है और 38 हेक्टेयर निजी भू स्वामी की जमीन है। ऐेसे में इनस 58 हेक्टेयर जमीन पर अलग से नई स्कीम लागू की जाए और बाकी सोसायटी की जमीन को मुक्त किया जाए। अब इस संबंध में आईडीए द्वारा जमीन का पूरा सर्वे कराकर खसरे नंबर सहित पूरा नक्शा व प्रस्ताव, इस पर होने वाला खर्च, इससे होने वाली आय इन सभी की रिपोर्ट बनाकर मप्र शासन को भेजेगा।  परियोजना की मुख्य बातें कुल लागत: करीब 737 करोड़ रुपये कुल लंबाई: 11 किमी (दो रूट) शुरुआत: 2028 से अनुमानित यात्री: 2028 में प्रतिदिन 29,900, 2068 तक 1.95 लाख पहला रूट: चंदन नगर से शिवाजी वाटिका (6.24 किमी) लागत: 369.32 करोड़ रुपये स्टेशन: चंदन नगर, लाबरिया भेरू, यशवंत निवास रोड गुरुद्वारा, सरवटे, शिवाजी वाटिका यात्री अनुमान (2028): 11,700 प्रतिदिन दूसरा रूट: रेलवे स्टेशन से विजय नगर (4.7 किमी) लागत: 367.68 करोड़ रुपये स्टेशन: रेलवे स्टेशन, मालवा मिल, पाटनीपुरा, विजय नगर यात्री अनुमान (2028): 18,200 प्रतिदिन भविष्य का यात्री अनुमान     2038: 47,400 प्रतिदिन     2048: 78,200 प्रतिदिन     2068: 1.95 लाख प्रतिदिन सेक्शन विवरण     चंदन नगर – शिवाजी वाटिका: 3 सेक्शन (1.74 किमी, 1.93 किमी, 2.59 किमी)     रेलवे स्टेशन – विजय नगर: 2 सेक्शन (2.08 किमी, 2.62 किमी)

चेतक-चीता हेलिकॉप्टर की जगह नई हल्की मशीनें, इंडियन आर्मी और एयरफोर्स को बड़ा तोहफा

नईदिल्ली  इंडियन आर्मी और एयरफोर्स अपने पुराने चेतक और चीता हेलिकॉप्टरों को हटाकर करीब 200 नए हल्के हेलिकॉप्टर खरीदने की तैयारी कर रही है। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने रिक्वेस्ट फॉर इन्फॉर्मेशन (RFI) जारी किया है। इन नए हेलिकॉप्टरों को रिकॉनेसेन्स और सर्विलांस हेलिकॉप्टर (RSH) के तौर पर बांटा गया है। इनमें से 120 हेलिकॉप्टर भारतीय सेना और 80 हेलिकॉप्टर वायुसेना को दिए जाएंगे। ये हेलिकॉप्टर दिन और रात दोनों समय में काम कर सकेंगे। रक्षा मंत्रालय का उद्देश्य तकनीकी जरूरतें तय करना, खरीद प्रक्रिया पर निर्णय लेना और संभावित आपूर्तिकर्ताओं की पहचान करना है। इसमें भारतीय कंपनियों को भी शामिल किया जाएगा जो विदेशी कंपनियों (OEMs) के साथ साझेदारी करके हेलिकॉप्टर बना सकें। इनका उपयोग कई अन्य कामों के लिए किया जाएगा, जैसे…     दुश्मन की निगरानी और जानकारी जुटाना     कम संख्या में सैनिकों को मिशन पर ले जाना     जरूरत पड़ने पर जल्दी प्रतिक्रिया देने वाली टीमों को ले जाना     जमीन पर लड़ाई में मदद देना     घायल सैनिकों को निकालना और राहत-बचाव कार्य     जरूरत पड़ने पर नागरिक प्रशासन की मदद करना डिफेंस मिनिस्ट्री और भी हेलिकॉप्टर खरीदेगा डिफेंस मिनिस्ट्री ने अन्य प्लेटफॉर्म के साथ और भी यूटिलिटी हेलिकॉप्टर खरीदने की योजना बनाई है। संसद में पेश रक्षा मामलों की स्थायी समिति की रिपोर्ट के अनुसार, निम्न-स्तरीय रडार, हल्के लड़ाकू विमान (LCA), मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर, और मिड-एयर रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट भी खरीदे जाएंगे। इसके अलावा, मंत्रिमंडल की सुरक्षा समिति ने हाल ही में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) से 156 हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर खरीदने की मंजूरी दी है, जिसकी कीमत 45,000 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। ये हेलिकॉप्टर भी सेना और वायुसेना में बांटे जाएंगे और चीन-पाकिस्तान सीमा पर तैनात होंगे। रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, यह कदम ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में भी एक बड़ा प्रयास है। भारतीय वायुसेना देश में ही लड़ाकू विमान, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलिकॉप्टर, ट्रेनर विमान, मिसाइल, ड्रोन और रडार बनाने पर जोर दे रही है, ताकि रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल की जा सके। भारत ने अमेरिका से हथियार-विमानों की खरीद रोकी, रक्षा मंत्री का अमेरिका दौरा भी रद्द टैरिफ विवाद के बीच भारत ने अमेरिका से नए हथियार और विमान खरीद की योजना रोक दी है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने 3 भारतीय अफसरों के हवाले से यह जानकारी दी है। ट्रम्प के 50% टैरिफ लगाने के बाद इसे भारत की पहली ठोस प्रतिक्रिया माना जा रहा है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय रक्षा मंत्री आने वाले हफ्तों में डिफेंस डील के लिए अमेरिका जाने वाले थे। अब यह दौरा रद्द कर दिया गया है। भारत अमेरिका से P8i निगरानी विमान, स्ट्राइकर कॉम्बैट व्हीकल्स और जैवलिन एंटी टैंक मिसाइल खरीदने वाला था। टैरिफ के चलते यह सौदा भी रोक दिया गया है।

दाल-सांभर सहित भारतीय सामानों की कीमतों पर US टैरिफ का प्रभाव क्या रहा?

नई दिल्ली अमेरिका ने भारत पर 7 अगस्‍त से 25 फीसदी टैरिफ लगा दिया है और 25% एक्‍स्‍ट्रा टैरिफ 27 अगस्‍त से लागू करने की बात कही है. भारत पर ये टैरिफ लागू होने से एक्‍सपोर्ट में गिरावट की आशंका है, जबकि भारत से अमेरिका जाने वाले सामानों की कीमतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है.  भारत से भारी मात्रा में कपड़ा, दवा, इंजीनियरिंग सामान और कृषि उत्‍पाद, अमेरिका भेजे जाते हैं. एक्‍सपर्ट्स बता रहे हैं कि Trump Tariff की वजह से इन सामानों से प्रॉफिट मार्जिन घट सकता है, जिसका असर अमेरिका में भारतीय प्रोडक्‍ट्स खरीदने वाले कस्‍टमर्स पर भी पड़ सकता है.  अमेरिका में भी ट्रंप के टैरिफ को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं और कई जगहों पर विरोध भी हुए हैं. बिजनेस टुडे के मुताबिक, हाल ही में एक NRI ने सोशल प्‍लेटफॉर्म रेडिट पर भारतीय आयात पर 25 से 50 फीसदी टैरिफ के संभावित नतीजों को लेकर सवाल उठाया और पूछा कि क्‍या इससे अमेरिका में स्‍थानीय किराना दुकानें प्रभावित हुई हैं और क्‍या भारतीय सामानों की कीमत बढ़ी है? NRI ने लिखा, 'मैं कहीं पढ़ र‍हा था कि पटेल ब्रदर्स और बड़ी कंपनियां टैरिफ के प्रभाव को कम करने के लिए दूसरे साउथ एशियाई देशों से दाल, अनाज और मसाले जैसी चीजें मंगा रही हैं. क्‍या आप अपने शहर की किराने की दुकानों में टैरिफ का कोई खास असर देख रहे हैं?  इस पोस्‍ट के बाद अमेरिका में रहने वाले कई यूजर्स के जवाब आए, जिन्‍होंने जानकारी दी कि अमेरिका के किराना स्‍टोर्स में भारतीय सामानों पर क्‍या असर हुआ है? एक यूजर ने लिखा कि मुझे ज्‍यादा कीमत चुकानी पड़ेगी. मैं बांग्‍लादेश से सांभर या किसी दूसरे देश से दाल नहीं खरीदूंगा. भारत और दूसरे देशों से आने वाले प्रोडक्‍ट्स की क्वालिटी में बहुत फर्क होता है. खासकर एक वेजिटेरियन होने के नाते मैं कभी भी नॉन-इंडियन फूड पर भरोसा नहीं करूंगा कि वे सात्विक है या मेरे परिवार के लिए सही है. लेकिन यह सिर्फ मेरी राय है.  दूसरे यूजर ने बताया कि 7 अगस्‍त से भारत के बंदरगाह से रवाना होने वाले जहाजों के लिए नए टैरिफ लागू होंगे. इसलिए मौजूदा सामान पर कीमतें नहीं बढ़ेंगी. एक तीसरे ने कहा कि ज्यादातर भारतीय किराना दुकानों का मुनाफा मार्जिन काफी अधिक है, इसलिए मुझे लगता है कि शुरुआत में वे इस नुकसान को झेल लेंगे. अगर महीनों तक कोई व्‍यापारिक समझौता नहीं होता है तो यह एक समस्‍या होगी. 

जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM यादव

भाई-बहन का स्नेहिल बन्धन शाश्वत है और रहेगा : मुख्यमंत्री डॉ. यादव दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर माह दिये जायेंगे 1500 रूपये : मुख्यमंत्री डॉ. यादव जल्द ही रेल की सौगात भी मिलेगी आगर-मालवा को, जिले के हरेक गांव और एक-एक खेत तक पहुंचेगा पानी : CM  यादव पीकेसी नदी जोड़ो परियोजना से आगर-मालवा भी होगा लाभान्वित आगर-मालवा जिले को मिले दो आईएसओ प्रमाण-पत्र मुख्यमंत्री ने आगर-मालवा में बहनों से बंधवाई राखी और दिये उपहार दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण मुख्यमंत्री आगर मालवा जिले में रक्षाबंधन पर्व में हुए शामिल आगर मालवा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश की सभी बहनें हमारा मान हैं, सम्मान हैं, अभिमान हैं। बहनों के बिना यह संसार सूना है। उन्होंने कहा कि जीवन तो नश्वर है, पर भाई-बहन का ये स्नेहिल रिश्ता शाश्वत है और आगे भी रहेगा। जब तक संसार है, यह अनमोल और अटूट रिश्ता भी अजर-अमर ही रहेगा। उन्होंने कहा कि हमने बहनों को उनका हर वाजिब हक दिलाया है। बहनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए हमारी सरकार पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सबकी राखी स्वीकार की और कहा कि आप सबके आशीर्वाद से ही मुझे प्रदेश के विकास के लिए प्राण-प्रण से जुटे रहने की असीम ऊर्जा मिलती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को आगर मालवा जिले के बाबा बैजनाथ महादेव धाम में श्रावण पर्व के अवसर पर आयोजित भव्य रक्षाबंधन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बहनों और दिव्यांगजनों के प्रति गहरा स्नेह, सम्मान और इनके प्रति अपनी संवेदनशीलता व्यक्त की। उन्होंने दिव्यांगजनों को उनकी जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण भी वितरित किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी बहनों से राखी बंधवाई, उन्हें मिठाई खिलाई, उपहार दिए, सावन के झूले में झूलाया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी प्रदेशवासियों को श्रावण एवं रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में देवी अहिल्या नारी शक्ति कल्याण मिशन चलाया जा रहा है। इस मिशन के जरिए महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में हमारी सरकार मिशन मोड पर तेजी से काम कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारे दिव्यांगजन परमात्मा के दिव्य अंश हैं। इन्हें परमेश्वर ने विशेष शक्तियों से नवाजा है। इन्हें सिर्फ़ प्रोत्साहन की जरुरत है और हमारी सरकार हर कदम पर इनके साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को शैक्षणिक मदद, पेंशन राशि या शासकीय सेवा में आरक्षण देने की बात हो, हमारी सरकार ने इनके समग्र कल्याण के लिए सभी पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए हैं। आने वाला समय महिलाओं का मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बहनें चिंता न करें, आने वाला समय महिलाओं का ही है। राज्य की विधानसभा हो या देश की लोकसभा सबमें महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ने वाला है। उन्होंने कहा कि भारतीय तीज-त्यौहारों में एक संदेश छूपा होता है, जो समझने की जरूरत है। हम कुटुंब परम्परा के संवाहक है। भाई-बहन इसी परम्परा को आगे बढ़ाते हैं। बहनों के आशीष से हर घर में बरकत है। हमारे आनंद के मूल में बहनें ही हैं। बहनें दो घरों को रोशन करती हैं। वे दो कुलों को जोड़ती हैं, उन्हें पालती-पोसती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विरोधी लोगों की बातों में कभी न आएं। प्रदेश की कोई भी जनकल्याणकारी योजना बंद नहीं होगी। अभी बहनों को हर महीने 1250 रूपए मिल रहे हैं। इसी रक्षाबंधन को 250 रूपए शगुन के रूप में दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाली दीपावली की भाईदूज से लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रूपए दिए जाएंगे। इसी तरह साल दर साल राशि बढ़ाते हुए वर्ष 2028 तक हमारी सरकार बहनों को 3000 रूपए महीने देगी। उन्होंने कहा कि बहनों के लिए सब कुर्बान है, बहनों के लिए हम कोई कमी नहीं कखेंगे। आगर-मालवा में हो रहा करीब 4 हजार करोड़ रूपए का निवेश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगर-मालवा जिले की तकदीर और तस्वीर जल्दी बदलने वाली है। यहां करीब 4 हजार करोड़ की बड़ी राशि का निवेश हो रहा है। यहां आलू से जुड़े उत्पादों का बड़ा कारखाना स्थापित होने वाला है। इससे यहीं के लोगों को रोजगार मिलेगा। किसानों को उनके द्वारा उगाए जा रहे आलू की लागत से चार गुना ज्यादा कीमत मिलेगी। पीकेसी के बड़े लाभ का हिस्सा बनेगा आगर-मालवा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना का बड़ा लाभ आगर-मालवा जिले को भी मिलेगा। इससे जिले के हर एक गांव और कस्बे को पीने का पानी मिलेगा साथ ही यहां के एक-एक खेत तक सिंचाई का पानी पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से चर्चा हुई है। आगर-मालवा जिले को भी जल्द ही रेल की सौगत मिलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर में मेट्रो रेल शुरू हो चुकी है, भोपाल में जल्द ही शुरू होने वाली है। इससे पहले रायसेन जिले में वंदे भारत और मेट्रो रेल के कोच बनाने की बीईएमएल की रोलिंग स्टॉक फैक्ट्री का भूमिपूजन होने जा रहा है। केन्द्रीय रक्षा मंत्री 10 अगस्त को इस फैक्ट्री का भूमिपूजन करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर्ष जताया कि आगर-मालवा जिले के थाना आगर-मालवा और एसडीओपी ऑफिस आगर-मालवा को आईएसओ प्रमाण-पत्र मिला है। कार्यक्रम में विधायक आगर-मालवा श्री माधौसिंह गेहलोत, शाजापुर विधायक श्री अरूण भीमावद, श्री ओम मालवीय सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में जिले के स्व-सहायता समूहों, प्रजापिता ब्रह्मकुमारी संस्थान की बहनें, खिलाड़ी बहनें और स्कूल की बेटियां/बहनें भी उपस्थित थीं।  

शिवराज सरकार का बड़ा फैसला, रक्षाबंधन पर लाडली बहना योजना का बजट होगा 3000 रुपए तक

भोपाल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भोपाल में रक्षाबंधन का त्योहार उत्साह के साथ मनाया। इस अवसर पर प्रदेश के विभिन्न जिलों से महिलाएं 'मामा के घर' पहुंचीं और उनकी कलाई पर राखी बांधी। शिवराज ने कहा कि जब तक उनकी सांसें हैं, वे बहनों के सुख, सम्मान और मुस्कान के लिए काम करते रहेंगे। बहनों की सेवा मेरे लिए पूजा शिवराज ने कहा कि बहनों की सेवा मेरे लिए भगवान की पूजा के समान है। मेरे रहते कोई बहन यह नहीं कह सकती कि उसका कोई भाई नहीं है। इस दौरान उन्होंने लाडली बहना और लाडली लक्ष्मी जैसी योजनाओं का जिक्र करते हुए बताया कि इन्हें कई राज्यों ने अलग-अलग नामों से लागू किया है। इस मौके पर उन्होंने वादा किया कि लाडली बहना योजना की राशि को तीन हजार रुपये तक बढ़ाया जाएगा, और सरकार इस दिशा में काम कर रही है। रक्षाबंधन की शुभकामनाएं शिवराज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रक्षाबंधन की बधाई दी। उन्होंने लिखा कि मेरी प्यारी बहनों, आपके प्रेम की डोर मेरी कलाई पर बंधती है तो मुझे सेवा का संकल्प देती है। जब तक सांस है, आपके सुख, सम्मान और मुस्कान के लिए काम करता रहूंगा। शिवराज सिंह ने आगे कहा कि इस राखी पर स्वदेशी का संकल्प भी लें। सभी भाई-बहनों को रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएं।

यासीन मछली गिरोह का पर्दाफाश, टेलीग्राम पर छुपाकर ड्रग्स की तस्करी, दिल्ली-राजस्थान से लाई जाती है ड्रग्स

भोपाल  भोपाल के हाईप्रोफाइल ड्रग तस्करी केस के मास्टरमाइंड यासीन अहमद उर्फ मछली के 15 गुर्गों की गिरफ्तारी क्राइम ब्रांच कर चुकी है। उसके बेहद करीबी अंशुल सिंह उर्फ भूरी को रिमांड खत्म होने के बाद 7 अगस्त को क्राइम ब्रांच ने जेल भेज दिया है। उसने पूछताछ में पूरे नेटवर्क की अहम जानकारियां पुलिस को दी हैं। उसने बताया कि पब-क्लब में आने वाले युवक-युवतियों को यासीन ड्रग तस्करी के नेटवर्क में जोड़ता था।ड्रग डीलिंग के लिए टेलीग्राम सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल सिखाता था। माल की डिलीवरी विश्वासपात्र ग्राहकों को ही दी जाती थी। ऑर्डर देने के लिए खास कोडवर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। पूरे शहर में यासीन के लिए 50 से अधिक लोग ड्रग तस्करी का काम कर रहे थे। यह लोग दिल्ली और राजस्थान से ड्रग लाने से लेकर भोपाल में खपाने तक का काम करते थे।अलग-अलग पब और क्लब में सक्रिय हैं गुर्गे यासीन के गुर्गे शहर के अलग-अलग क्लब और पब में सक्रिय रहते हैं। यहां आने वाली युवतियों और युवकों में से ऐसे लोगों को टारगेट किया जाता था जो पहले से ही शराब या अन्य नशे के आदी हों। उनसे दोस्ती के बाद शुरुआती दिनों में फ्री ड्रग दिया जाता था। लत लगने पर इनसे एक डोज की कीमत 7 से 10 हजार रुपए तक की वसूली जाती थी।विदेशी नागरिकों से ड्रग डील के सबूत मिले यासीन और अंशुल के मोबाइल फोन में नाइजीरियन युवकों से चैट्स मिले हैं। सभी चैट्स में ड्रग डीलिंग के संबंध में बात हैं। इससे पहले भी क्राइम ब्रांच एक नाइजीरियन की गिरफ्तारी कर चुकी है। दो अन्य नाइजीरियन को भी पहचान कर हिरासत में लेने की बात कह रही है। फरारी में मदद करने वाला भी गिरफ्तार केस में ऐशबाग की सोनिया कॉलोनी में रहने वाला आरोपी सनव्वर फरार है। क्राइम ब्रांच ने उसके भाई शाकिर उर्फ छोटू अंसारी की गिरफ्तारी कर ली है। छोटू पर भाई की फरारी में मदद करने का आरोप है। एडिशनल डीसीपी बोले- अब तक 14 गिरफ्तार एडिशनल डीसीपी शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पूरे केस में अब तक 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। हर रोज यासीन के गिरोह से जुड़े होने के संदेह में संदेहियों को बुलाकर पूछताछ की जा रही है। अब तक 50 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। साक्ष्य मिलने पर पूछताछ के बाद कई लोगों को गिरफ्तार किया है। राजस्थान से दिल्ली तक यासीन को ड्रग सप्लाई करने वालों की तलाश की जा रही है।

AIIMS रायपुर और अन्य अस्पतालों की दयनीय स्थिति पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सरकार से सवाल

बिलासपुर  बिलासपुर हाई कोर्ट ने राजधानी रायपुर के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) सहित प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में व्याप्त अव्यवस्था, लापरवाही और घटिया स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि प्रदेश की अधिकांश जनता निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं। ये सभी सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर है। ऐसे में वहां की बदहाली बेहद चिंताजनक और गंभीर है। अदालत ने राज्य सरकार को आदेश दिया कि स्वास्थ्य सचिव के शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब पेश किया जाए। अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं। जांच के बाद सर्जरी के लिए 4 महीने रुकना पड़ता है। एक्स-रे जैसी साधारण जांच के लिए भी 3 घंटे का इंतजार करना पड़ता है। कोर्ट ने इन अव्यवस्थाओं के लिए राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट ने कहा कि राज्य की अधिकांश आबादी निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराने में सक्षम नहीं है और उनकी स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य आधार सरकारी अस्पताल हैं। ऐसे में वहां की लापरवाही और अव्यवस्था बेहद गंभीर है। एम्स में रजिस्ट्रेशन के बाद 48 घंटे इंतजार दरअसल, रायपुर के एम्स में मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद करीब 48 घंटे तक इंतजार करने जैसी अव्यवस्थाओं को लेकर मीडिया रिपोर्ट्स को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई शुरू की है। खबरों के मुताबिक अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे मरीजों का समय और ऊर्जा दोनों बर्बाद हो रहे हैं। जांच के बाद सर्जरी के लिए चार-चार महीने की देरी हो रही है, जबकि एक्स-रे जैसी साधारण जांच के लिए भी तीन घंटे का इंतजार करना पड़ता है। स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल हाईकोर्ट ने कहा कि गर्भावस्था जांच किट के गलत परिणाम, घटिया गुणवत्ता की सर्जिकल सामग्री और दवाओं की आपूर्ति जैसे मामले सामने आए हैं। यहां तक कि कुछ जीवन रक्षक दवाएं लैब परीक्षण में फेल होने के बावजूद बाजार में बिक रही थीं। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि इस तरह की खबरें सही हैं तो यह राज्य के स्वास्थ्य विभाग और छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है। डॉक्टरों की लापरवाही पर हाईकोर्ट सख्त बिलासपुर जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी कोर्ट ने जिक्र किया, जहां रिकॉर्ड में 15 डॉक्टर दर्ज थे। लेकिन, सुबह 11 बजे तक वहां कोई भी डॉक्टर मौजूद नहीं था। 250 से अधिक मरीज सुबह से कतार में खड़े रहे, जबकि एक्स-रे यूनिट जैसी महत्वपूर्ण मशीनें एक साल से अधिक समय से बंद पड़ी थीं। रीएजेंट की सप्लाई नहीं होने से हमर लैब भी बंद पड़ी थी। इन गंभीर खामियों और लापरवाहियों को लेकर हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग के सचिव को व्यक्तिगत शपथपत्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। बता दें कि चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा की डिवीजन बैंच ने सुनवाई की। अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी। डिवीजन बेंच ने यह टिप्पणी मीडिया में प्रकाशित रिपोर्ट पर स्वत: संज्ञान लेते हुए की। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एम्स रायपुर में मरीजों को डॉक्टर से मिलने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद करीब 48 घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। अस्पताल में लंबी कतारें लगी रहती हैं, जिससे मरीजों का समय, ऊर्जा और स्वास्थ्य तीनों प्रभावित हो रहा है। कोर्ट ने कहा कि यदि ये तथ्य सही हैं तो यह न केवल राज्य के स्वास्थ्य विभाग, बल्कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। इन अव्यवस्थाओं की ओर खींचा ध्यान- जांच के बाद सर्जरी के लिए चार-चार महीने तक की देरी हो रही है। साधारण एक्स-रे जांच के लिए भी मरीजों को तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। गर्भावस्था जांच किट के गलत परिणाम सामने आ रहे हैं। गुणवत्ताविहीन सर्जिकल सामग्री और दवाओं की सप्लाई हो रही है। कुछ जीवन रक्षक दवाएं लैब परीक्षण में फेल होने के बावजूद बाजार में बिक रही हैं। डॉक्टरों की अनुपस्थिति और बंद मशीनों पर सवाल- सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने बिलासपुर जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का भी उल्लेख किया, जहां 15 डॉक्टर पदस्थ हैं, लेकिन सुबह 11:15 बजे तक एक भी डॉक्टर मौजूद नहीं थे। इस दौरान 250 से अधिक मरीज सुबह से कतार में खड़े रहे। यहां अस्पताल की एक्स-रे यूनिट एक साल से अधिक समय से बंद थी। इसके अलावा रीएजेंट सप्लाई नहीं होने से हमर लैब भी लंबे समय से काम नहीं कर रहा था। अदालत ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की लापरवाही अस्वीकार्य है और यह आम नागरिकों के मौलिक स्वास्थ्य अधिकारों का उल्लंघन है। कोर्ट की टिप्पणी, तुरंत उठाएं ठोस कदम- हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि शपथ पत्र के साथ विस्तृत जवाब दें और बताए कि एम्स रायपुर सहित सरकारी अस्पतालों में अव्यवस्था को दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते ठोस कार्रवाई नहीं की गई तो यह जनता के भरोसे को तोड़ देगा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर असर डालेगा।

1052 करोड़ रुपए की बड़ी परियोजना: एमपी में फ्लाइओवर का उद्घाटन करेंगे नितिन गडकरी

भोपाल  मध्यप्रदेश का सबसे बड़े फ्लाइओवर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। जबलपुर में बने इस फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण का दिन भी तय हो गया है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इसे लोकार्पित करने जबलपुर आएंगे। फ्लाइओवर कई माह पहले ही बन चुका था लेकिन इसके लोकार्पण पर पेंच फंसा हुआ था। बीजेपी की अंदरुनी राजनीति की वजह से फ्लाइओवर का आधिकारिक तौर पर शुभारंभ नहीं हो सका था। इसके विरोध में कांग्रेस जनांदोलन भी कर चुकी थी। अब बीजेपी और राज्य सरकार ने फ्लाइओवर के आधिकारिक लोकार्पण की तिथि की घोषणा कर दी है। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने गत दिवस नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर फ्लाइओवर के लोकार्पण के लिए विधिवत आमंत्रित किया था। उन्होंने इस पर अपनी सहमति दी।   फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को केंद्रीय सड़क मंत्री नितिन गडकरी की मंजूरी के बाद फ्लाईओवर का लोकार्पण 23 अगस्त को किया जाएगा। जबलपुर में आयोजित लोकार्पण कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री गडकरी के साथ प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी शामिल होंगे।   जबलपुर के इस फ्लाईओवर ने प्रदेश में आधुनिक आधारभूत संरचना के क्षेत्र में एक नया मानक स्थापित किया है। इससे शहर का यातायात का दबाव कम हो गया है। 6.855 किलोमीटर लंबाई वाला यह फ्लाइओवर जबलपुर के नए और पुराने इलाकों को जोडता है। एलिवेटेड कॉरिडोर 1052 करोड़ रुपए की लागत से तैयार किया गया है।