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सोशल मीडिया इनकम पर सरकार का नया नियम, लाइक्स-डील से होने वाली कमाई पर टैक्स अनिवार्य

भोपाल  सोशल मीडिया पर रील्स बनाकर फेमस होना, यूट्यूब पर वीडियोज से लाखों की कमाई करना या इंस्टाग्राम पर ब्रांड प्रमोशन से पैसा कमाना अब सिर्फ लाइक्स और फॉलोअर्स का खेल नहीं रहा. अगर आप भी डिजिटल दुनिया से कमाई कर रहे हैं, तो अब सरकार की नजर भी आप पर है. आयकर विभाग ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूबर्स और ट्रेडर्स के लिए आईटीआर फाइलिंग से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव किया है. आप भी सोशल मीडिया पर रील बनाकर पैसे कमाते हैं, तो यह खबर आपके लिए है। अब सरकार आपके हर लाइक्स व ब्रांड डील (Brand Deals) पर टैक्स लेगी। आयकर विभाग ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर (content creators) की कमाई को ट्रैक करने के लिए नया प्रोफेशनल कोड 16021 (New professional code) लागू किया है। इसके लागू होते ही प्रदेश के 300 से ज्यादा इन्फ्लुएंसर आयकर की रडार पर आ गए हैं। अब तक उन्हें कंपनियां टीडीएस काटकर रुपए देती थी। लेकिन पहली बार अब इनकम टैक्स रिटर्न भी भरना होगा। बताते हैं, मप्र में रील, सोशल मीडिया पर ब्रांडिंग करने वालों की संख्या दो हजार तक जा सकती है। सीए पंकज शर्मा ने कहा, बदलते समय में यह जरूरी है। डिजिटल प्लेटफॉर्म की आइटीआर-3 या आइटीआर-4 में दर्ज नए कोड के तहत, ब्रांड प्रमोशन, प्रोडक्ट बेचने या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कंटेंट बनाने से होने वाली आय को आइटीआर-3 या आइटीआर-4 फॉर्म में स्पष्ट रूप से दर्ज करना अनिवार्य है। धारा 44 एडीए में अनुमानित आय पर टैक्स छूट लेने के लिए आइटीआर-4 फॉर्म भरना होगा। यदि सालाना प्रोफेशनल इनकम 50 लाख रुपए से कम है, तो 50 फीसदी आय यानी 25 लाख पर टैक्स लगेगा। जिनकी आय 50 लाख से अधिक है तो उन्हें 25 लाख पर टैक्स तो देना होगा। खर्च का ऑडिट भी कराना होगा। आयकर को नहीं पता चलता था कमाई का स्रोत अब तक कुछ इन्फ्लुएंसर आयकर रिटर्न को अन्य प्रोफेशनल कैटेगरी में भरते थे। इससे विभाग को उनका पेशा पता करने में दिक्कत होती थी। कमाई का स्रोत भी पता नहीं चलता था। 2020 तक देश में करीब 10 लाख इंफ्लुएंसर्स थे। 2024 में यह बढ़कर करीब 40 लाख से ज्यादा हो गए। देश के टॉप इंफ्लुएंसर     केरी मिनाटी- 21.3 मिलियन     भुवन बाम – 20.8 मिलियन     अमित भड़ाना- 9.8 मिलियन     प्रजकता कोली- 8.8 मिलियन     जाकिर खान- 7.8 मिलियन मप्र के टॉप इंफ्लुएंसर्स     पायल धरे- 4 मिलियन     नमन देशमुख- 3.6 मिलियन     ऋत्विक धनजानी- 3 मिलियन     तान्या मित्तल- 2.8 मिलियन अब कौन भरेंगे ITR-3 या ITR-4? अब तक सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर अन्य प्रोफेशनल कैटेगरी में आईटीआर भरते थे, जिससे उनकी आय का वर्गीकरण ठीक से नहीं हो पाता था. लेकिन अब यदि आप यूट्यूब, इंस्टाग्राम, फेसबुक या अन्य किसी डिजिटल प्लेटफॉर्म से ब्रांड प्रमोशन, डिजिटल कंटेंट या विज्ञापन से पैसा कमा रहे हैं, तो आपको ITR-3 या ITR-4 फॉर्म में नया कोड 16021 चुनना होगा. टैक्स कितना देना होगा? टैक्स का गणित आपकी सालाना आय पर निर्भर करता है. सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स भी अब प्रोफेशनल्स की तरह माने जाएंगे. अगर आपकी प्रोफेशनल इनकम सालाना 50 लाख से कम है, तो 44ADA के तहत आप अनुमानित 50% इनकम पर ही टैक्स दे सकते हैं. इससे टैक्स का बोझ कम हो सकता है. क्यों जरूरी है यह बदलाव? सरकार का मकसद है कि डिजिटल पेशों से होने वाली आय पारदर्शी तरीके से रिकॉर्ड हो. इसके अलावा टैक्स चोरी की संभावनाएं भी कम हों. सोशल मीडिया से कमाई करने वालों के लिए यह बदलाव एक अलार्म की तरह है.  अगर आप अपनी कमाई पर धारा 44ADA के तहत अनुमानित आय के आधार पर टैक्स देना चाहते हैं, तो आपको ITR-4 फॉर्म भरना होगा. लेकिन अगर आपकी आय कॉम्प्लिकेटेड है और प्रोफेशनल एकाउंटिंग करते हैं, तो ITR-3 जरूरी होगा. और भी पेशों के लिए जोड़े गए नए कोड * कमीशन एजेंट- 09029 * सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर- 16021 * सट्टा कारोबार- 21009 * वायदा-ऑप्शन ट्रेडर (F&O)- 21010 * शेयर ट्रेडिंग- 21011 

UP सरकार का शिक्षक दिवस सरप्राइज: शिक्षामित्र और अनुदेशक भी होंगे कैशलेस इलाज के लाभार्थी

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को बड़ा उपहार दिया है। इनमें शिक्षामित्रों के साथ अनुदेशकों को भी लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस समारोह के दौरान शुक्रवार को लोकभवन में 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को एक बड़े तोहफे की भी घोषणा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महान शिक्षाविद और देश के पूर्व राष्ट्रपति एस.राधाकृष्णन की जयंती शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को बड़ा तोहफा दिया। लोक भवन में आयोजित सम्मान समारोह में उन्होंने घोषणा की कि अब सभी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना का लाभ शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भी मिलेगा। प्रदेश के नौ लाख परिवार लाभान्वित प्राथमिक और उच्च प्राथमिक के साथ वित्त पोषित विद्यालयों के शिक्षकों को कैशलैस उपचार की सुविधा मिलगी। इनके साथ ही शिक्षा मित्र, अनुदेशक और रसोइया को भी इसके साथ जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम से प्रदेश के नौ लाख परिवार लाभान्वित होंगे। शिक्षा मित्र और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने को लेकर भी काम मुख्यमंत्री ने कहा कि इसके साथ ही आने वाले समय में शिक्षा मित्र और अनुदेशकों के मानदेय बढ़ाने को लेकर भी काम होगा। इसके लिए कमेटी बनाई गई है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि एक उच्च स्तरीय समिति गठित की गई है। समिति की रिपोर्ट जल्द आने वाली है, जिसके बाद उनका मानदेय बढ़ा दिया जाएगा। राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 81 शिक्षकों को किया सम्मानित मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए चयनित 81 शिक्षकों को सम्मानित किया। उन्हाेंने बेसिक शिक्षा विभाग के 66 और माध्यमिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकाे काे सम्मानित किया। उन्हाेंने 2,204 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को टैबलेट वितरण करने के साथ 1,236 राजकीय माध्यमिक विद्यालयों (प्रति विद्यालय-2) में स्थापित स्मार्ट क्लास का लोकार्पण किया। बाल कथाओं के संग्रह 'गुल्लक', शैक्षिक नवाचारों के संकलन 'उद्गम' एवं बाल वाटिका हस्तपुस्तिका' का विमोचन करने के साथ 'उद्गम' के डिजिटल प्लेटफॉर्म की लॉन्चिंग की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ माध्यमिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी, बेसिक शिक्षा मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह, प्रभारी मुख्य सचिव एवं माध्यमिक शिक्षा एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार, महानिदेशक स्कूल शिक्षा कंचन वर्मा सहित प्रदेशभर से आये शिक्षकगण उपस्थित रहे।

अब सिगरेट, तंबाकू और कोल्ड ड्रिंक पर सिर्फ GST नहीं, अतिरिक्त टैक्स भी लागू होगा!

नई दिल्ली  GST रिफॉर्म के तहत तंबाकू, सिगरेट और कोल्‍ड ड्रिंक्‍स जैसे सिन प्रोडक्‍ट्स पर 40 फीसदी जीएसटी लगाया गया है. लेकिन अब इन उत्‍पादों पर और भी ज्‍यादा टैक्‍स लग सकता है. बिजनेस टुडे की रिपोर्ट में ऐसा दावा किया गया है कि सरकार इन चीजों पर टैक्‍स को और भी अधिक बढ़ा सकती है.  सरकार तंबाकू और सिगरेट जैसे हानिकारक वस्‍तुओं पर टैक्‍स के इम्‍पैक्‍ट को वर्तमान स्‍तर पर बनाए रखने के लिए 40% GST के अलावा, सेस भी लगा सकती है. केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के अध्यक्ष संजय कुमार अग्रवाल ने कहा कि GST के तहत, 40% अधिकतम टैक्‍स लगाया जा सकता है. बाकी टैक्‍स को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने के लिए कोई व्यवस्था करेंगे. हालांकि उन्‍होंने उस व्‍यवस्‍था के बारे में विस्‍तार से जानकारी नहीं दी है. उन्होंने बिजनेस टुडे को दिए एक इंटरव्‍यू में आगे कहा कि अगर विधायी संशोधन या विधेयक की आवश्यकता होगी तो उस पर ध्यान दिया जाएगा. लग्‍जरी कार-बाइक पर एक्‍स्‍ट्रा टैक्‍स नहीं उन्‍होंने यह भी स्‍पष्‍ट किया कि लग्‍जरी कारों, लग्‍जरी बाइक और सुपर लग्‍जरी अन्‍य वस्‍तुओं जैसी वस्‍तुओं एक्‍स्ट्रा टैक्‍स नहीं लगाया जाएगा. उनपर 40 फीसदी का ही टैक्‍स लगेगा.  नए जीएसटी रिफॉर्म के तहत हानिकारक वस्‍तुओं और सुपर लग्‍जरी आइटम्स पर मौजूदा 28% के बजाय 40% टैक्‍स लगेगा. अग्रवाल ने आगे बताया कि हानिकार सबटैक्‍स 28 फीसदी दिसंबर 2025 तक जारी रहने की संभावना है, जबकि पहले यह उम्मीद थी कि यह इस साल 31 अक्टूबर तक यह समाप्त हो जाएगा. 22 सितंबर से लागू करने पर चल रहा काम उन्‍होंने कहा कि CBIC जीएसटी की नई दरों को लागू करने के लिए भी काम कर रहा है, जो 22 सितंबर से लागू होंगी. अग्रवाल ने बताया कि वर्तमान में दो प्रॉसेस चल रही हैं. पहला- हमें आवश्यक नोटिफिकेशन जारी करनी होंगी, और केंद्र के साथ-साथ राज्यों द्वारा भी नोटिफाई किए जाएंगे. हम जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगे. दूसरा- दरों में बदलाव, नया आसान रजिस्‍ट्रेशन प्रॉसेस और रिफंड प्रॉसेस को ध्यान में रखते हुए, हमारी आईटी सिस्‍टम में आवश्यक बदलाव किए जा रहे हैं.  उन्होंने आगे कहा कि उद्योग को भी 22 सितंबर से अपने ERP को नई दरों के साथ अपडेट करना होगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इनवॉयसिंग सही ढंग से की जा रही है. 

मुख्यमंत्री साय ने किया बायंग एनीकट कम काजवे का भूमिपूजन, 38 करोड़ की लागत से सिंचाई और आवागमन सुविधा होगी बेहतर

  100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए उपलब्ध होगी सिंचाई सुविधा रायगढ़, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के ग्राम बायंग (कछार) में 38 करोड़ रुपये की लागत से मांड नदी बायंग एनीकट कम काजवे निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इससे लाभान्वित गांवों में भू-जल संवर्द्धन होगा तथा आवागमन की सुविधा भी बढ़ेगी। एनीकट कम काजवे निर्माण से 100 हेक्टेयर क्षेत्र में सोलर संयंत्र और पाइपलाइन के जरिए सिंचाई सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी और महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े उपस्थित थीं। मुख्यमंत्री साय ने लोकार्पण कार्यक्रम में ग्रामवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र में जब भी मैं आता हूँ तो ऐसा लगता है जैसे अपने ही परिवार के बीच आया हूँ। आप सभी ने 20 वर्षों तक आशीर्वाद देकर मुझे सांसद बनाकर दिल्ली भेजा, अब मुख्यमंत्री के रूप में मैं अपने परिवार से मिलने आप सबके बीच आया हूँ। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस तथा 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को प्रतिवर्ष 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद जैसी योजनाएँ शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे देश के यशस्वी प्रधानमंत्री ने कहा था कि छत्तीसगढ़ के युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आज प्रदेश के युवा देख रहे हैं कि जिन्होंने पीएससी परीक्षा में घोटालेबाजी की, वे जेल के अंदर हैं और कुछ जाने की तैयारी में हैं। श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार में श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना और बुजुर्गों के लिए तीर्थ स्थलों की यात्रा की योजना प्रारंभ की गई है। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने एनीकट भूमिपूजन के अवसर को बायंग (कछार) गांव के लिए ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि हमने जो वादा किया था, उसे पूरा किया। अब गांव-गांव में प्रधानमंत्री आवास बन रहे हैं, महतारी वंदन योजना का पैसा समय पर हर महीने मिल रहा है।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के सुशासन तथा डबल इंजन की सरकार में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। वित्त मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि रायगढ़ क्षेत्र का संसद में पिछले 20 वर्षों से प्रतिनिधित्व करने वाले हमारे मुख्यमंत्री प्रत्येक गांव के लिए परिवार के सदस्य जैसे हैं। रायगढ़ से सांसद रहते हुए शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो जहाँ मुख्यमंत्री श्री साय न गए हों। छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार बने मात्र 20 महीने हुए हैं और इस अवधि में अनेक कार्य किए गए हैं। किसानों के एक-एकड़ पर 3100 रुपये प्रति क्विंटल धान खरीदी, दो वर्षों का बकाया बोनस, भूमिहीन मजदूरों के खाते में हर साल 10 हजार रुपये की राशि पहुँच रही है। हर गांव में प्रधानमंत्री योजना के अंतर्गत मकान बनाए जा रहे हैं। राजमिस्त्री और सेंट्रिंग प्लेट कम पड़ गए हैं, फिर भी लगातार कार्य हो रहे हैं। केवल कछार गांव में ही 180 से अधिक प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत किए गए हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ विकास की नई गाथा लिख रहा है। हमारी माताएँ-बहनें हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त हो रही हैं। ग्राम पंचायत कछार के किसानों के लिए आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है। एनीकट बनने से कृषि संबंधी सुविधाएँ बढ़ेंगी। छत्तीसगढ़ की जनता देख रही है कि विष्णुदेव साय के सुशासन में सभी घोषणाएँ पूरी हो रही हैं और ऐसी योजनाएँ चलाई जा रही हैं जिनके परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ निरंतर प्रगति कर रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, जनपद पंचायत अध्यक्ष सुजाता सुखलाल चौहान, जनपद पंचायत सदस्यगंगाबाई पटेल, ग्राम बायंग के सरपंच गौरीशंकर सिदार सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।

आपदा पीड़ितों के साथ संवेदनशील राष्ट्रपति, लोगों से सहयोग और एकजुटता की अपील

नई दिल्ली राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को मानसून के दौरान देश में हुई प्राकृतिक आपदाओं पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने प्रभावित लोगों के प्रति संवेदना जताते हुए लोगों से एकजुटता का आह्वान किया। साथ ही इस संकट की घड़ी में राहत बचाव कार्यों में जुटी एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की सराहना की।   राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया, "बादल फटने और बाढ़ जैसी आपदाओं ने उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, असम सहित देश के कई हिस्सों में भारी तबाही मचाई है। इन आपदाओं के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है।" उन्होंने पीड़ितों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। राष्ट्रपति ने लिखा, "इस साल मानसून के दौरान प्राकृतिक आपदाओं की खबरों ने मुझे बहुत दुखी किया। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और मैदानी इलाकों में बाढ़ ने भारी विनाश किया है।" उन्होंने राष्ट्र की ओर से प्रभावित लोगों के साथ एकजुटता दिखाई और इस संकट की घड़ी में उनके साथ खड़े होने का आश्वासन दिया। उन्होंने लिखा, "राष्ट्र प्रभावित लोगों के दुख में शामिल है और इस संकट की घड़ी में उनके साथ है।" राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्यों में लगे लोगों के समर्पण और जज्बे की भी सराहना की। उन्होंने कहा, "मैं उन सभी के प्रयासों को सलाम करती हूं जो इस मुश्किल समय में लोगों की मदद के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं।" साथ ही उन्होंने देशवासियों से एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करने का आह्वान किया। बता दें कि हाल के दिनों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे पहाड़ी राज्यों में बादल फटने की घटनाएं और मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ ने कई परिवारों को बेघर कर दिया है। केंद्र और राज्य सरकारें राहत कार्यों में जुटी हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ जैसी टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। प्रभावित लोगों को राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी है।

शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिये सम्मानित हुए हैं प्रदेश के 2 शिक्षक

भोपाल  राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने शिक्षक दिवस पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में मध्यप्रदेश के 2 शिक्षकों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय कार्य के लिये राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्रदान किया। इस मौके पर केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेन्द्र प्रधान भी मौजूद थे। पुरस्कार स्वरूप सम्मानित शिक्षकों को शॉल-श्रीफल और स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। प्राथमिक शिक्षक श्रीमती शीला पटेल श्रीमती शीला पटेल दमोह जिले की शासकीय प्राथमिक शाला देवरान टपरिया में पदस्थ हैं। श्रीमती पटेल ने अपनी शाला में बच्चों को खेल-खेल में आनंदमयी शिक्षा दी है। उन्होंने गीत, कविता, कहानी और अभिनय के माध्यम से फाउण्डेशन लिटरेसी मिशन (एफएलएन) का क्रियान्वयन किया है। इसी के साथ उन्होंने अवकाश के दिनों में महिला साक्षरता को बढ़ावा देने के लिये विशेष कक्षाओं का संचालन किया। श्रीमती शीला पटेल ने अवकाश के दिनों में समर कैम्प एवं विंटर कैम्प का आयोजन किया। उन्होंने अपनी पदस्थापना के शाला के गाँव की हर गली व मोहल्लों में जगह-जगह पर बच्चों को सिखाने के उद्देश्य से शैक्षिक पटल व लर्निंग प्लेस तैयार करवाया। शिक्षिका श्रीमती पटेल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये शून्य लागत पर टीचिंग लर्निंग मटेरियल (टीएलएम) तैयार किया। बच्चों में समझ को बढ़ावा देने के लिये समूह में आपस में चर्चा और उनकी सहभागिता को बढ़ाने का काम प्रमुख रूप से किया। प्राथमिक शिक्षक भेरूलाल ओसारा प्राथमिक शिक्षक श्री भेरूलाल ओसारा आगर-मालवा जिले के शासकीय ईपीईएस माध्यमिक शाला में पदस्थ हैं। ने अपनी पदस्थ शाला में विषय-वस्तु की गहन समझ के साथ शिक्षण कार्य किया और बच्चों में नैतिकता और सृजनात्मकता को प्रोत्साहित किया। विद्यालय में पर्यावरण संरक्षण के लिये ईको क्लब और क्लैप क्लब के संयोजन से ठोस कार्य किया। बच्चों को स्वच्छता, जल संरक्षण, पौधरोपण, प्लास्टिक उन्मूलन और हरित जीवन-शैली के बारे में नवाचार करते हुए शिक्षा दी। शिक्षक श्री भेरूलाल ने बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि पैदा करने के लिये नुक्कड़ नाटक, रैलियों, पोस्टर, निबंध प्रतियोगिता के साथ लेखन की वर्कशॉप भी निरंतर आयोजित की। उन्होंने डिजिटल युग की महत्ता को समझते हुए विद्यार्थियों में ऑनलाइन सुरक्षा जागरूकता फैलाने के लिये महत्वपूर्ण काम किया। बच्चों को साइबर अपराध के खतरों, सोशल मीडिया का सुरक्षित रूप से उपयोग, पासवर्ड की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जानकारी दी। उनके इस कार्य से आसपास के अनेक शिक्षकों ने भी प्रेरणा ली है।

पेट्रोल और डीजल पर GST नहीं, वित्त मंत्री सीतारमण ने समझाया कारण

नई दिल्ली जीएसटी में बड़े सुधार के ऐलान के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को एक्‍सक्‍लूसिव बातचीत की. उन्‍होंने जीएसटी रेट कट को लेकर कई सवालों का जवाब दिया और कहा कि इसका लाभ सीधे आम जनता तक पहुंचेगा. अगर कोई कंपनी या संस्‍था इसका लाभ लोगों तक नहीं पहुंचाता है तो उसपर काईवाई की जा सकती है.  क्‍यों पेट्रोल और डीजल को जीएसटी के दायरे में नहीं रखा जाता है? इस सवाल के जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार इस योजना पर पूरी तरह तैयार है. सरकार आज भी इसे जीएसटी के दायरे में रख सकती है, लेकिन यह GST के प्रस्‍ताव में नहीं था. उन्‍होंने कहा कि जीएसटी लाने के समय भी हमने पेट्रोल-डीजल को इस कैटेगरी में रखने की कोशिश की थी, लेकिन राज्‍य तैयार नहीं हुए.   वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि जब कभी भी राज्य रेट को लेकर तैयार होंगे, तब पेट्रोल डीजल को जीएसटी के दायरे में लाया जा सकेगा. हालांकि अभी इसे जीएसटी में रखने का कोई प्रस्‍ताव नहीं है.  शेयर बाजार में तेजी क्‍यों नहीं?  जीएसटी सुधार के ऐलान पर भी शेयर बाजार में तेजी क्‍यों नहीं आ रही है? इस सवाल पर जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि मार्केट कभी एक फैक्‍टर्स पर काम नहीं करता है. इसके नहीं चलने के अलग-अलग कारण हो सकते हैं.  99 फीसदी चीजें हुईं सस्‍ती  वित्त मंत्री बातचीत में GST 2.0 पर सवालों का जवाब दे रही थीं. उन्‍होंने आगे कहा कि जीएसटी में नए सुधार से 99 फीसदी वस्‍तुओं को सस्‍ता किया गया है. फूड आइटम्‍स को ज्‍यादा से ज्‍यादा सस्‍ता करने का प्रयास किया गया है.  जनता के लिए टैक्‍स कटौती, कंपनियों के लिए नहीं उन्‍होंने कहा कि हमारी सरकार ने हर साल जीएसटी में टैक्‍स सुधार का प्रयास किया है और यह गुंजाइश देखी है कि कहां पर जीएसटी टैक्‍स रेट में कटौती हो सकती है. इस बार के सुधार में भी हमने यही किया है. यह जनता का के लिए टैक्‍स कटौती है, ना कि आम कंपनियों के लिए.  विपक्ष ले रहा क्रेडिट  वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष की ओर से GST को गब्बर सिंह टैक्स कहने को लेकर कहा कि आज 91 फीसदी टैक्स लगाने वाले GST का श्रेय ले रहे हैं. विपक्षी दलों की ओर से GST को सपोर्ट मिल रहा है… वही काफी है. कांग्रेस पार्टी इंदिरा गांधी के समय इनकम टैक्स पर 91 फीसदी टैक्स लेती और आज जीएसटी को बेहतर बनाने का क्रेडिट ले रही है. 

महतारी वंदन योजना: माताओं और बहनों के सम्मान से चमकेगा छत्तीसगढ़ : सीएम साय

  महतारी वंदन योजना के तहत 69 लाख से अधिक महिलाओं को 647 करोड़ से अधिक की राशि की गई अंतरित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि सीधे हितग्राहियों तक पहुँची, महिलाओं के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव रायपुर, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज रायगढ़ जिले के खरसिया में आयोजित भव्य कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 19वीं किस्त का भुगतान किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की 69,15,994 महिलाओं के बैंक खातों में सीधे 1000-1000 रुपये की राशि अंतरित की। कुल 647.13 करोड़ रुपये की यह राशि एक क्लिक के माध्यम से हस्तांतरित की गई। मुख्यमंत्री साय ने इस अवसर पर कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन स्तर को बेहतर बनाने और उनके आत्मसम्मान को सशक्त करने की दिशा में एक क्रांतिकारी पहल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह आर्थिक सहयोग न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि परिवार की आर्थिक मजबूती और सामाजिक सुरक्षा में भी सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने महिलाओं से संवाद करते हुए भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी है और उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए निरंतर कदम उठाती रहेगी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि यह योजना छत्तीसगढ़ की माताओं-बहनों के जीवन में आशा, विश्वास और नई प्रेरणा का संचार कर रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि राज्य सरकार महिलाओं की बेहतरी और समाज की उन्नति के लिए इसी प्रकार लगातार कार्य करती रहेगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 69 लाख पात्र महिलाओं को प्रतिमाह सीधे उनके बैंक खातों में आर्थिक सहायता दी जा रही है। आज की 19वीं किस्त सहित अब तक कुल 12,376.19 करोड़ रुपये की राशि हितग्राहियों तक पहुँचाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने, आत्मनिर्भरता की दिशा में अग्रसर करने और उनके आत्मविश्वास को बढ़ाने में अभूतपूर्व भूमिका निभा रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश की महिलाओं को नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सम्मान प्रदान कर रही है। यह उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।  उन्होंने कहा कि योजना का प्रभाव न केवल महिलाओं तक सीमित है, बल्कि इससे पूरे परिवार को मजबूती मिल रही है और समाज में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।राज्य सरकार ने घोषणा की है कि महिलाओं के विकास, सुरक्षा और स्वाभिमान को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए महतारी वंदन योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें : राज्यपाल पटेल ज्ञान का दान सेवा भी है और समर्पण भी : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने की शिक्षक संवर्ग को चतुर्थ वेतनमान देने की घोषणा प्रदेश के 55 लाख विद्यार्थियों को गणवेश खरीदने 330 करोड़ राशि हुई अंतरित राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को किया सम्मानित भोपाल  राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शिक्षक दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही शासकीय विद्यालयों में कक्षा एक से 8 तक के 55 लाख विद्यार्थियों के खातों में शाला गणवेश की 330 करोड़ की राशि अंतरित की। आर.सी.व्ही.पी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी भोपाल में आयोजित राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी तथा नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक एवं माध्यमिक शिक्षकों को क्रमोन्नत योजना प्रभावशील होने से चतुर्थ समयमान वेतनमान के लाभ के समरूप चतुर्थ क्रमोन्नत वेतनमान का लाभ दिये जाने की घोषणा की। राज्यपाल पटेल ने कहा है कि समय की जरूरत है कि सामाजिक चुनौतियों के समाधान के लिए शिक्षक आगे आयें और परिवार एवं समाज का मार्गदर्शन करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ विवेकानंद जयंती पर संवाद कर इस दिशा में पहल की है। गुरूजन के सम्मान और गुरू शिष्य परम्परा की महत्ता भारत की गौरवशाली संस्कृति की धरोहर है। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण युग की गुरू शिष्य परम्परा से प्रेरणा लेकर बच्चों को संस्कारित करना होगा। राज्यपाल पटेल ने कहा कि देश और समाज के निर्माता शिक्षक होते हैं, वह भावी पीढ़ी को संस्कार, ज्ञान और कौशल प्रदान करते हैं। व्यक्तित्व का विकास और चरित्र निर्माण करते हैं। भावी जीवन की सफलताओं के लिए तैयार करते हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार का भाव सारे जीवन बना रहे, इसके लिए शिक्षकों और पालकों को आगे आना होगा। उन्होंने आधुनिक समाज में बच्चों की आत्म हत्या की बढ़ती चुनौती के प्रति चिंता व्यक्त की। पटेल ने कहा कि समारोह का आयोजन राष्ट्र निर्माता शिक्षकों के देश, समाज के निर्माण में उनके समर्पण और निष्ठा के प्रति देशवासियों का आभार प्रदर्शन है। शिक्षा वह शक्ति और साधन है जो राष्ट्र को ज्ञान, कौशल और जीवन के मूल्यों से संस्कारित करती है। राष्ट्र को सामाजिक, आर्थिक विकास के लिए सक्षम बनाती है। राज्यपाल पटेल ने गर्व के साथ कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत निर्माण में शिक्षकों की भूमिका को नया आयाम प्रदान किया है। उन्होंने देश की स्थानीय, वैश्विक जरूरतों और भारत को दुनिया की ज्ञान की महाशक्ति बनाने के लिए दूरगामी छात्र केंद्रित राष्ट्रीय शिक्षा नीति तैयार कराई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति संभवतः आजादी के बाद शिक्षा के क्षेत्र में सबसे अभिनव प्रयास और राष्ट्र की जन भावनाओं का जीवंत दस्तावेज है। शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में राज्य के प्रथम नागरिक के रूप में राज्यपाल ने सभी शिक्षकों का अभिनंदन किया और सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी। राष्ट्र के स्वतंत्रता आंदोलन के सेनानी, भारतीय संस्कृति के प्रबल पोषक, चिंतक और संवाहक डॉ. राधाकृष्णन की जयंती पर नमन भी किया। एक लाख 50 हजार शिक्षकों को मिलेगा चतुर्थ समयमान वेतनमान: मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की प्रदेश के शैक्षणिक संवर्ग के सहायक शिक्षक, उच्च शिक्षक, नवीन शैक्षणिक संवर्ग के प्राथमिक शिक्षक, माध्यमिक शिक्षकों को चतुर्थ समयमान वेतनमान दिया जाएगा। इससे प्रदेश के 1 लाख 50 हजार शिक्षक लाभान्वित होंगे। इसके लिए जल्द ही कैबिनेट में प्रस्ताव लाया जाएगा। सभी पात्र शिक्षकों को चौथे वेतनमान की सौगात वित्त वर्ष 2025-26 से मिलेगी। इससे सरकार पर करीब 117 करोड़ रुपए का अतिरिक्त व्यय भार आएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के मान-सम्मान और उन्हें सुविधा सम्पन्न बनाने के लिए हमारी सरकार हर जरूरी कदम उठायेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भारतीय परंपरा में अनंत काल से ध्यान का आधार गुरु का स्वरूप, पूजा का आधार गुरु के चरण, मंत्र का आधार गुरु के वचन और मोक्ष का आधार गुरु की कृपा है। प्राचीन काल में गुरु ही भविष्य के लिए शासक तैयार करते थे, जिस प्रकार महर्षि विश्वामित्र भगवान श्रीराम और लक्ष्मण को अपने साथ ले गए और उन्हें शस्त्र और शास्त्रों का ज्ञान देकर राक्षसों का नाश कराया। उसी प्रकार कंस का वध करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण उज्जैन में महर्षि सांदीपनि आश्रम पहुंचे और अनेक लीलाएं कीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि ज्ञान पाना और ज्ञान देना दोनों सुसंस्कृत समाज के निर्माण के लिए जरूरी है। ज्ञान का दान समाज की सेवा भी और अपने नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पण भी है। हमारे गुरुजन बड़े प्रभावी तरीके से इस भूमिका का निर्वहन कर रहे हैं। गुरु के बिना जीवन तमस में होता है। गुरु ही अपने ज्ञान से सबके जीवन को ज्योतिर्मय बनाते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि शिक्षा ही व्यक्ति को सुसंस्कृत और संस्कारवान इंसान बनाती है। दशरथनंदन श्रीराम को मर्यादा पुरुषोत्तम बनाने का श्रेय आचार्य विश्वामित्र को जाता है, वहीं गुरु सांदीपनि ने कान्हा को वह शिक्षा दी, जिसने उन्हें भगवत गीता का ज्ञान देने वाला श्रीकृष्ण बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरुजन सदैव पूजनीय हैं, क्योंकि वे अपने ज्ञान और परिश्रम से शिक्षा के मंदिरों को प्रकाशित करते हैं। प्रदेश सरकार शिक्षकों के मान-सम्मान के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सम्मानित सभी शिक्षकों का अभिवादन कर प्रदेश के विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में उनके योगदान की सराहना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को आदरांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वे एक महान दार्शनिक और विद्वान थे, जिन्होंने राष्ट्रपति पद की गरिमा को अपनी प्रतिभा से गौरवान्वित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है। दुश्मन से रक्षा के लिए हमारे वैज्ञानिकों ने आधुनिक सुदर्शन चक्र विकसित कर सेना को सौंपा है। भारत ने हमेशा वसुधैव कुटुम्बकम, जियो और जीने का संदेश दुनिया को दिया है। भारत ने विश्व गुरु रहते हुए शिक्षा के माध्यम से … Read more

बीजेपी बैठक में सीएम बोले– विपक्ष खतरे से भागता है, वन नेशन-वन इलेक्शन पर चर्चा

भोपाल  भोपाल में भाजपा कार्यालय में सेवा पखवाड़े की तैयारियों को लेकर हुई बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस न्यायालय और लोकतांत्रिक संस्थाओं की धज्जियां उड़ाने वाली पार्टी है. सीएम ने कहा कि – 'विपक्ष शुतुरमुर्ग की तरह खतरे से आंख मूंदकर जनता को भ्रमित कर रहा है, जबकि भाजपा के तपोनिष्ठ कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। उन्होंने कहा कि आने वाला समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है और कांग्रेस के लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।' 17 दिनों में हम अपने कामों को नीचे तक लेकर जाएं CM ने कहा- 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्म दिवस पर सेवा पखवाड़े चलेगा। सारी गतिविधियां और कार्यक्रम चलेंगे। आज के समय हमारी भूमिका को जनता के बीच जिस ढंग का माहौल हमारे विपक्षी लोग कर रहे हैं। दुनिया भारत को सम्मान और गर्व की निगाह से देख रही है। आज के इस दुविधापूर्ण समय में कांग्रेस अपना काम कर रही है। लेकिन, हम अपनी पार्टी और केन्द्र सरकार के एक-एक काम को सेवा पखवाड़े के माध्यम से नीचे तक ले जाएं। और ताकत के साथ हम अपने विषय रखें। हम अपनी जड़ें और नीचे तक बनाते जाएं। ये 17 दिन का समय हमारे लिए हमारी पूरी व्यवस्थाओं को नीचे तक विश्वास बनाने का अवसर है। दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बनने का गौरव भाजपा ने प्राप्त किया है। आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं सीएम ने कहा- शहजादों की भाषा उनके अपने आचरण और व्यवहार जो अपने आपको पार्टी भले ही कहती हो। लेकिन, सच्चे अर्थों में लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा है। हम अपने एक-एक काम से संदेश दे रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता यदि काम कर रहे हैं तो वह राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत होकर सांस्कृतिक धारा में तपोनिष्ठ कार्यकर्ता की तरह अपनी भूमिका निभा रहे हैं। राजनीतिक विचारधारा में आइडियोलॉजी को लेकर कोई दुविधा नहीं हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हैं सीएम ने कहा- हमारी राजनीतिक यात्रा जनसंघ के जमाने से शुरू हुई थी। उस यात्रा के आधार पर हमने सफलता के परचम लहराए हैं। हमारी सफलता से दुश्मन बौखलाए हुए हैं। दुश्मनों के हालात आज उनके लिए तो करो या मरो के समान हैं। इसलिए वो सारे नाटक कर रहे हैं। जिसके आधार पर उनको लगता है कि वो मूल उद्देश्य की प्राप्ति कर लेंगे। हमारे दुश्मन रावण की तरह आते हैं सीएम ने कहा- आज हमारे राज्य में और कई सारे राज्यों में चुनाव की कोई बेला नहीं हैं। ऐसे में हम अपनी बात बहुत शिष्टता से करें। लेकिन दुश्मन बहुत चालाक है। वो भगवान राम के समय से माता सीता का अपहरण करने साधु के वेश में आता है। वो उसी नाटक से आज भी बाहर नहीं आ रहे। इसलिए, आज भी वो संविधान की किताब दिखाते हुए। उन्होंने सौ-सौ बार संविधान का संशोधन करते हुए अपना चरित्र दिखाया। चुनाव आयोग ने दमदारी से जवाब दिया सीएम ने कहा कि आज कांग्रेस न्यायालय की बात करती है, लेकिन न्यायालय की धज्जियां उड़ाने का इतिहास भी कांग्रेस का ही रहा है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी विश्वसनीयता चुनाव आयोग की होती है, लेकिन कांग्रेस उसके खिलाफ जिस तरह की भाषा इस्तेमाल कर रही है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मैं चुनाव आयोग का धन्यवाद करता हूं कि आजादी के बाद पहली बार चुनाव आयोग ने मजबूती और दमदारी से अपनी बात रखी है। चुनाव आयोग की यही भूमिका होनी चाहिए- सही को सही और गलत को गलत कहना। विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पक्षपात कर रहा है, लेकिन आयोग ने स्पष्ट कर दिया कि वह न पक्ष में है, न विपक्ष में, बल्कि निष्पक्ष है। आयोग ने कहा कि सभी पंजीकृत दल हमारे लिए बराबर हैं। खतरे को देख रेत में सिर घुसा लेते हैं सीएम ने कहा- न्यायालय की परंपरा के आधार पर देश गौरवान्वित हुआ था, जब इंदिरा गांधी प्रधानमंत्री होते हुए पद का दुरुपयोग कैसे कर सकती हैं। इसके खिलाफ वो सच्चाई सामने लाए। और ये शुतुरमुर्ग की तरह आने वाले खतरे को देखकर अपनी मुंडी रेत में घुसाकर जनता को बेवकूफ बनाने वाले लोग हैं। शुतुरमुर्ग का यह तरीका रहता है जब वह खतरे का सामना नहीं कर पाता है तो रेत में अपना सिर घुसा कर सोचता है कि खतरा टल गया। राम के नाम पर देश में दंगे कराने का पाप मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक-एक फैसले से देश का नुकसान किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यही वे लोग हैं, जिन्होंने भगवान राम के मुद्दे पर देश में दंगे कराए। इन्हीं के कारण तीन तलाक की प्रथा बनी रही, जिसने मुस्लिम बहनों की जिंदगी को नरक बना दिया। आजादी के बाद धारा 370 लगाने के चलते 40 हजार निर्दोष लोगों की जान गई, जिसका पाप भी कांग्रेस के सिर पर है। विपक्ष के लिए आने वाला वक्त और चुनौती का सीएम ने कहा कि आज का समय वन नेशन, वन इलेक्शन का है। विपक्ष को मालूम है कि आने वाला वक्त उनके लिए और भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है। इसी कारण वे आखिरी कोशिश करेंगे कि किसी भी तरह भाजपा के विजय रथ को रोक सकें। लेकिन हमें पूरा विश्वास है कि भाजपा के कार्यकर्ता कच्ची मिट्टी के नहीं बने हैं। वे तपोनिष्ठ और समर्पित हैं। मध्यप्रदेश तो संगठन की नर्सरी है, जहां हर बूथ से मजबूत कार्यकर्ता तैयार होकर निकलते हैं। इसी संगठन और कार्यकर्ताओं की फौज के बल पर हम हर चुनौती का सामना करने में सक्षम हैं।