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जबलपुर के NICU वार्ड में लगी आग, डॉक्टर ने फायर एक्सटिंग्विशर से 27 बच्चों की जान बचाई

जबलपुर नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शिशु रोग विभाग में डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर शॉर्ट सर्किट लगी आग को काबू में पा लिया. जिस समय एनआईसीयू में आग लगी थी उस दौरान वार्ड में 27 नवजात भर्ती थे. हालांकि इस घटना के तुरंत पहले एक बच्चे की मौत हो गई थी. उनके परिजनो ने अस्पताल में भारी हंगामा भी मचाया था. आगजनी की घटना गुरुवार देर रात की है. एनआईसीयू वार्ड से निकलने लगा धुआं जबलपुर के नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल अस्पताल में शिशु रोग विभाग में उसे समय अफरा तफरी फैल गई. जब एक पंख से धुआं निकलने लगा और देखते ही देखते आज बढ़ने लगी. यह पंखा मेडिकल कॉलेज अस्पताल के NICU वार्ड के बाहर वेटिंग एरिया में लगा हुआ था. देखते ही देखते वेटिंग एरिया के साथ ही NICU के भीतर भी धुआ पहुंच गया. वार्ड में भर्ती थे 27 बच्चे जिस समय मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बच्चा वार्ड में आग फैली उस समय वार्ड में 27 बच्चे भर्ती थे, इसलिए परिजन भी घबरा गए और लोगों ने बार्ड के भीतर जाना शुरू कर दिया. समस्या को देखते हुए तुरंत बच्चा वार्ड की बिजली को बंद कर दिया गया ताकि आज आगे न फैल सके. हालांकि मौके पर पहुंचे सिक्योरिटी और अग्निशमन दल ने तुरंत ही आग पर काबू पा लिया. इस बीच में तुरंत बच्चों को दूसरे वार्ड में शिफ्ट किया गया. हालांकि स्थिति सामान्य होने के बाद दोबारा उन्हें एनआईसीयू में भर्ती कर दिया गया. लेकिन शिफ्टिंग की वजह से नवजात बच्चों की माताएं परेशान नजर आए और अफरा तफरी में वह अपने बच्चों को ढूंढती हुई देखी गई. लेकिन इसी दौरान अस्पताल में इलाज करवा रहे एक बच्चे की मौत हो गई. पीड़ित परिजन ने अस्पताल में जमकर हंगामा मचाया. मौके पर पहुंची पुलिस ने परिवार को लोगों को समझाया दी. ड्यूटी डॉक्टर ने वक्त रहते बुझाई आग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक डॉक्टर अरविंद शर्मा ने बताया कि, ''जैसे ही पंखे से धुआं निकला मौके पर मौजूद ड्यूटी डॉक्टर ने ही फायर एक्सटिंग्विशर उठाकर आग बुझा दी.'' मेडिकल कॉलेज अस्पताल की बिल्डिंग 70 साल पुरानी है कुछ दिनों पहले मेडिकल कॉलेज अस्पताल ने करोड़ों रुपया खर्च करके फायर सेफ्टी के समान लिए थे लेकिन अस्पताल की बिजली की वायरिंग अभी भी पुरानी है और उसमें ऐसी घटनाएं होने की संभावना बनी रहती है. काफी पुरानी हो चुकी है अस्पताल की बिल्डिंग जबलपुर का मेडिकल कॉलेज अस्पताल महाकौशल की सबसे बड़ी स्वास्थ्य इकाई है, इसमें केवल जबलपुर ही नहीं महाकौशल और विंध्य क्षेत्र के लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं. इसलिए इस इमारत में हमेशा हजारों लोग मौजूद रहते हैं. लेकिन इमारत अब इतनी पुरानी हो गई है कि मरीज के बढ़ते दबाव को यहां महसूस किया जा सकता है. मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में पहले भी आग की घटनाएं हुई हैं, जहां बच्चों की जलने से मौत हो गई. हालांकि जबलपुर के ड्यूटी डॉक्टर्स की सूझबूझ की वजह से जबलपुर का हादसा टल गया. आग की स्थिति में यदि तुरंत काबू पा लिया जाए तो आग को फैलने से रोका जा सकता है.

पालम में बिल्डिंग में आग लगने से 8 की मौत, घर में कितने लोग थे और कैसे मची आपात स्थिति?

नई दिल्ली  इंदौर के बाद आज दिल्ली में आग ने कोहराम मचाया है. दिल्ली में आज सुबह अग्निकांड ने कई जिंदगियां लील लीं. दिल्ली के पालम इलाके में एक इमारत में भीषण आग लगने से कम से कम आठ लोगों की मौत हो गई. इसमें तीन बच्चे शामिल हैं. इस घटना में कई लोग घायल हो गए. आग लगने की यह घटना सुबह करीब 6-7 बजे की है. करीब 30 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर आग बुझाने व राहत कार्य में जुटीं. जिस बिल्डिंग में आग लगी, वह इलाके में पालम कॉलोनी की गली नंबर 2 में है। दमकल सेवा के मुताबिक, पालम मेट्रो स्टेशन के पास की गली नंबर 2 में मौजूद बिल्डिंग के एक घर में आग लगने की कॉल मिली थी. इसमें कुछ लोग फसने की आशंका भी थी. दमकल की 30 गाड़ियों को मौके पर भेजा गया. इसमें राजेंद्र कश्यप का पूरा परिवार रहता है. परिवार के तकरीबन 15 लोग हैं. राजेंद्र कश्यप मार्केट के प्रधान भी है और यह पूरी बिल्डिंग उनकी ही है। इसके बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर ब्यूटी पार्लर, चूड़ी की दुकान और दूसरे व्यवसाय चलते हैं. ऊपर के फ्लोर में उनके परिवार के लोग रहते हैं. रविवार सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी. जब बिल्डिंग में आग लगी तब राजेंद्र कश्यप घर पर नहीं थे. इस बिल्डिंग के ऊपर वाले फ्लोर में ही उनका परिवार रहता है। दिल्ली आग पर अधिकारी ने क्या कहा? अधिकारियों ने बताया कि बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के पालम इलाके में एक बहुमंजिला इमारत में आग लगने से कम से कम सात लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल हैं, और दो अन्य घायल हो गए.  अधिकारियों ने यह भी बताया कि अभी भी कई लोगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। पालम में आग कैसे लगी? बताया गया कि आज यानी बुधवार की सुबह 6:30 बजे के आसपास आग लगी थी. आग लगते ही हड़कंप मच गया. आग देखते ही घबरा कर परिवार के कई लोग ऊपर से कूद गए. लेकिन बाकी परिवार के लोग अंदर फस गए. इनमें महिलाएं भी शामिल थीं. फायर ब्रिगेड की टीम जब तक पहुंची, तब तक आज बहुत ज्यादा लग गई थी. आसपास के लोग भी कोशिश कर रहे थे. फिलहाल, इस घटना में आठ लोगों की जिंदा जलकर मौत हो चुकी है. मरने वालों में 3 बच्चे हैं। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है. आग की लपटों से बचने की हताश कोशिश में दो लोगों ने इमारत से छलांग लगा दी, जिससे उन्हें चोटें आईं. उन्हें इलाज के लिए पास के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कहां आग लगी? शुरुआती जानकारी के अनुसार, इस इमारत में एक बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर और चार मंजिलें हैं, साथ ही छत पर एक अस्थायी टिन का शेड भी बना हुआ है. बताया जा रहा है कि बेसमेंट, ग्राउंड और पहली मंजिल का इस्तेमाल कपड़े और कॉस्मेटिक्स के भंडारण के लिए किया जा रहा था, जबकि दूसरी और तीसरी मंजिल का इस्तेमाल रहने के लिए किया जाता था। दिल्ली पुलिस की एक टीम भी मौके पर पहुंच गई है और बचाव और सुरक्षा कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए इलाके को घेर लिया है. इसके अलावा, घायलों को तत्काल चिकित्सा सहायता और अस्पताल पहुंचाने की सुविधा के लिए सेंट्रलइज्ड एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विसेज (CATS) की एक एम्बुलेंस और एक मेडिकल टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. फिलहाल, उनकी प्राथमिकता आग को पूरी तरह से बुझाना और इमारत के अंदर फंसे किसी भी व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकालना है. राहत और बचाव कार्य जारी हैं और अधिकारी स्थिति पर बारीकी से नज़र रखे हुए हैं। यह घटना उसी दिन हुई, जब इससे पहले मध्य प्रदेश में भी एक और भीषण आग लगने की खबर आई थी. इंदौर में भी आग लगने से आठ लोगों की मौत हो गई थी. यह आग तब लगी, जब इलेक्ट्रिक कार को रात में चार्जिंग से लगाया गया था. सुबह करीब 4 बजे शॉर्ट सर्किट से आग लगी और घर में धमाका हुआ।

इंदौर में आग हादसा: घर में 8 शव मिले, रेस्क्यू टीम ने शुरू किया बचाव कार्य

इंदौर  इंदौर के तिलक थाना क्षेत्र के छोटा राजवाड़ा के पास प्रीति नगर में एक घर में भीषण आग लई। इस हादसे में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित 8 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि कार में आग लगने के बाद वह फैलते हुए पूरे घर को चपेट में ले लिया। देखते ही देखते पूरा घर जलकर खाक हो गया। घर से अभी तक 8 लाशें निकाली गई हैं। एसीपी कुंदन मंडलोई ने इस हादसे में मकान मालिक सहित 8 लोगों की जानकारी दी है। इंदौर शहर के छोटा राजवाड़ा क्षेत्र स्थित प्रीति नगर में देर रात एक भीषण आगजनी की घटना ने पूरे इलाके को दहला दिया। तिलक नगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुए इस हादसे में एक कार में लगी आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पूरे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। इस दर्दनाक घटना में मकान मालिक मनोज पुगलिया सहित कुल 8 लोगों की मौत हो गई, जिससे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग सबसे पहले घर के बाहर खड़ी एक कार में लगी। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। आशंका जताई जा रही है कि शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी इसकी वजह हो सकती है। कार में लगी आग तेजी से फैलती हुई पूरे घर तक पहुंच गई और कुछ ही मिनटों में मकान धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भीषण थी कि घर में मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिल सका। कैसे लगी आग दरअसल, पुगलिया परिवार में यह लाशें बिछी हैं. इस परिवार ने घर के बाहर खड़ी इलेक्ट्रिक कार को चार्जिंग पर लगाया था. मंगलवार रात से ईवी की चार्जिंग चल रही थी. चार्ज में लगाकर सभी सो गए थे. अचानक बुधवार तड़के तीन-चार बजे के आसपास चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट हो गया. इलेक्ट्रिक कार तुरंत आग का गोला बन गई. आग तेजी से घर की ओर फैल गई और घर के अंदर रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद जो धमाके हुए, उसका शोर पूरे इंदौर शहर में सुनाई दिया। कैसे धमाकों से दहला इंदौर जी हां, ईवी चार्जिंग वाले प्वाइंट से लगी यह आग देखते ही देखते घर में रखे गैस सिलेंडरों तक पहुंच गई. इसके बाद एक के बाद एक जोरदार धमाके से फट गए. धमाके इतने तेज थे कि पूरा इलाका दहल गया. घर का एक हिस्सा ढह गया. अंदर सो रहे लोग सोते ही रह गए और किसी को संभलने का भी मौका नहीं मिला. बताया जा रहा है कि इस परिवार में कोई फंक्शन था. इसके कारण कई रिश्तेदार आए थे। 8 लोग जिंदा जलकर मरे बहरहाल, इस हादसे में अब तक 8  लोगों की जलकर मौत हो चुकी है. ये लोग जिंदा ही आग में जल गए. वहीं 3 लोगों ने किसी तरह अपनी जान बचा ली, लेकिन वे गंभीर रूप से घायल हैं. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को निकलने का मौका ही नहीं मिला. संकरी गलियों और तेज लपटों की वजह से फायर ब्रिगेड को भी राहत कार्य में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. घर में लगी आग बुझाने की कोशिश जारी है। प्रशासन मौके पर मौजूद इस बीच पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई है. पुलिस ने बताया कि शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट और गैस सिलेंडर का विस्फोट मुख्य कारण लग रहा है. इलेक्ट्रिक कार की बैटरी में भी आग लगने की आशंका जताई जा रही है. पूरे मामले की जांच चल रही है. इंदौर के लोग इस हादसे से काफी सदमे में हैं।

ओडिशा के हॉस्पिटल में भयानक आग, ICU में भर्ती 10 मरीजों ने गंवाई जान

 भुवनेश्वर ओडिशा के कटक स्थित SCB मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में सोमवार तड़के एक दर्दनाक हादसा हो गया. अस्पताल के मेडिसिन विभाग की इमारत में स्थित ट्रॉमा केयर ICU में भीषण आग लग गई. इस हादसे में अब तक कम से कम 10 मरीजों की मौत की खबर है। सोमवार सुबह करीब 3 बजे ट्रॉमा केयर यूनिट की पहली मंजिल पर आग लगी. कुछ ही मिनटों में पूरी ICU वार्ड में धुआं भर गया. उस समय वार्ड में कई गंभीर मरीज लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर थे। अस्पताल के कर्मचारी और अग्निशमन कर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया. हालांकि, कई नाजुक हालत वाले मरीज धुएं और आग की तेज लपटों की चपेट में आ गए। अस्पताल प्रशासन और दमकल विभाग की मुस्तैदी से दर्जनों मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. जो मरीज बच गए और जिनकी हालत गंभीर थी, उन्हें तुरंत 'न्यू मेडिसिन ICU' में शिफ्ट किया गया ताकि उनका इलाज जारी रह सके. आग पर काबू पाने के लिए दमकल की तीन गाड़ियों को लगाया गया, जिन्होंने घंटों की मशक्कत के बाद आग बुझाई। मुख्यमंत्री ने लिया जायजा हादसे की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री मोहन माझी घटनास्थल पर पहुंचे. उन्होंने स्थिति का जायजा लिया और पीड़ित परिवारों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं.  मौके पर स्वास्थ्य सचिव, कटक जिला कलेक्टर और डीसीपी भी राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए मौजूद रहे। हादसे में 10 लोगों की मौत मुख्यमंत्री मांझी ने कहा, 'उस वार्ड में 23 मरीज भर्ती थे. बचाव अभियान से पहले ही वार्ड के अंदर 7 लोगों की मौत हो गई. बचाए जाने के बाद 3 लोगों की मौत चोटों और धुएं के कारण हुई. कुल मिलाकर 10 लोगों की मौत हुई. कम से कम पांच मरीज गंभीर रूप से घायल हो गए। इलाज करा रहे अस्पताल के दो कर्मचारी भी गंभीर रूप से घायल हो गए। सीएम ने मृतकों के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा भी की. कैसे लगी आग? शुरुआती जांच में माना जा रहा है कि ICU के एयर कंडीशनिंग सिस्टम या किसी मेडिकल उपकरण में इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट की वजह से ये आग लगी होगी. सरकार ने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. जांच में ये भी पता लगाया जाएगा कि क्या अस्पताल में फायर सेफ्टी प्रोटोकॉल के पालन में कोई लापरवाही बरती गई थी।

नोएडा में फैक्ट्री में आग, 30 घायल, 250 लोगों को लपटों से बचाया गया

नोएडा  नोएडा में एक बड़ा अनर्थ होने से बच गया है। मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग में 250 लोगों की जिंदगी बाल-बाल बच गई। फायर ब्रिगेड के कर्मचारियों ने लपटों के बीच फंसे कर्मचारियों को निकाल लिया। हालांकि, कई लोग मामूली रूप से झुलस गए तो कुछ धुएं में बेहोश हो गए थे और कुछ भगदड़ में जख्मी हो गए। ऐसे 30 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुरुवार तड़के सेक्टर-चार स्थित में विद्युत मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग लगने से फंसे करीब 250 कर्मियों को दमकल विभाग ने बचाया। साथ ही घायल हुए 30 से अधिक लोगों को जिला अस्पताल में उपचार के लिए भेजा। दमकल कर्मियों ने करीब 30 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पा लिया। फैक्ट्री में 24 घंटे चलता है काम अपर पुलिस आयुक्त सुरक्षा और कानून व्यवस्था राजीव नारायण मिश्रा ने बताया कि गुरुवार सुबह फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिली। मौके पर दमकल विभाग के कर्मियों के अलावा कई थानों के पुलिस बल को भी भेजा गया। मौके पर पहुंचने पर पता लगा कि फैक्ट्री में बिजली मीटर बनाने का कार्य 24 घंटे चलता है। फैक्ट्री में 250 से अधिक कर्मचारी फंसे हुए थे। जिनका टीम ने सीढ़ी और हाइड्रॉलिक लिफ्ट की मदद से सुरक्षित बाहर निकाला। जख्मी और बेहोश हुए लोग जिलाअस्पताल में भर्ती आग लगने के बाद फैक्ट्री में मची भगदड़ से कुछ कर्मचारी मामूली रूप से घायल हो गए। जिन्हें जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार दिलाया गया। वहीं धुएं से बेहोश हुए कर्मचारियों को भी अस्पताल पहुंचाया गया। इस घटना के बाद फैक्ट्री और उसके आसपास भारी संख्या में भिड़ एकत्रित हो गई। पुलिसकर्मियों ने लोगों को वहां से हटाया, ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा उत्पन्न न हो। शॉर्ट सर्किट से तीसरी मंजिल पर लगी आग वहीं, सूचना मिलने पर कर्मियों के परिजन भी फैक्ट्री और अस्पताल पहुंच गए। अपने परिजन को सुरक्षित देख राहत की सांस ली। शुरुआती जांच में पता चला है कि फैक्ट्री की तीसरी मंजिल पर शॉर्ट सर्किट के चलते लगी थी। दमकल विभाग के अधिकारी फैक्ट्री की फायर एनओसी के संबंध में जांच कर रहे हैं।

आग का तांडव: राइस मिल में लगी भीषण आग, भारी नुकसान का अनुमान

राजिम गरियाबंद जिले के बोरिद गांव के पास स्थित तिरुपति सम्पत्ति राइस मिल में शुक्रवार को भीषण आग लगने से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि पलक झपकते ही धान से भरी बोरियां और खाली बारदाने आग की चपेट में आ गए। देखते ही देखते लाखों रुपए का धान जलकर खाक हो गया। घटना की सूचना मिलते ही फिंगेश्वर पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को फैलने से रोका, जिससे आसपास के हिस्से को सुरक्षित बचा लिया गया। प्राथमिक अनुमान के अनुसार आग में करीब 10 लाख रुपये का धान जलकर नष्ट हो गया है। आग लगने का प्रारंभिक कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारणों की पुष्टि के लिए फिंगेश्वर पुलिस जांच में जुटी हुई है। घटना के बाद राइस मिल प्रबंधन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं, समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

भीषण आग में फंसे छात्र! हैदराबाद कोचिंग सेंटर से 90 की जान बची

हैदराबाद तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में आज सुबह एक कोचिंग सेंटर में आग लग गई। जानकारी के अनुसार, यह अमीरपेट स्थित मैत्रीवनम नाम के एक अपार्टमेंट में आग लगी, इस दौरान कुछ छात्र अंदर फंस गए थे, लेकिन दो दमकल गाड़ियां और बचाव दल मौके पर पहुंचे और छात्रों को सुरक्षित बाहर निकाला। फिलहाल, आग पर काबू पा लिया गया और किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। बहुमंजिला व्यावसायिक इमारत में बिजली के शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है, जिससे इमारत से भारी धुआं निकल रहा था। अधिकारियों ने बताया कि तीन दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और आग पर जल्द ही काबू पा लिया गया। घनी आबादी वाला अमीरपेट इलाका सॉफ्टवेयर कोर्स कराने वाले कई कोचिंग सेंटरों का घर है। वहीं इस घटना के बाद हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने एक्स पर एक पोस्ट में यातायात को लेकर चेतावनी जारी की है। जिसमें लिखा गया- आग लगने की घटना का प्रभाव, मैत्रीवनम जंक्शन के पास आग लगने की घटना और भारी यातायात के कारण, एसआर नगर रोड और मैत्रीवनम जंक्शन से सत्यम थिएटर रोड की ओर वाहनों की आवाजाही धीमी है। यातायात कर्मी मौके पर मौजूद हैं और यातायात को नियंत्रित करने के साथ-साथ आपातकालीन सेवाओं के साथ समन्वय कर रहे हैं। यात्रियों को सलाह दी जाती है कि प्रभावित मार्ग से बचें, वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करें, ड्यूटी पर तैनात यातायात अधिकारियों के साथ सहयोग करें, असुविधा के लिए खेद है और आपसे धैर्य रखने का अनुरोध है।

चलती ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में लगी आग, नई दिल्ली से चेन्नई जा रही ट्रेन में हड़कंप

 नागपुर नई दिल्ली से चेन्नई जा रही ग्रैंड ट्रंक एक्सप्रेस में उस समय हड़कंप मच गया, जब ट्रैक पर दौड़ रही ट्रेन में आग लग गई। जीटी एक्सप्रेस ( ट्रेन नंबर 12616) के स्लीपर कोच में मंगलवार दोपहर आग लग गई। यह घटना सेंट्रल रेलवे के नागपुर डिविजन में सिंधी और तुलजापुर स्टेशनों के बीच हुई। ट्रेन चल रही थी तभी SLR कोच से धुआं निकलता देखा गया. धुआं देखते ही ट्रेन को सुरक्षा के मद्देनजर तुरंत रोक दिया गया। यात्रियों को सुरक्षित रखा गया और किसी को चोट नहीं आई है। रेलवे स्टाफ ने तेजी से कार्य करते हुए प्रभावित कोच को ट्रेन से अलग कर दिया। इसके साथ ही स्थानीय फायर ब्रिगेड को भी बुलाया गया। रेलवे कर्मचारियों ने शुरुआती तौर पर कोच में उपलब्ध फायर एक्सटिंग्विशर का इस्तेमाल करके आग पर काबू पाया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का सही कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। रेलवे अधिकारी मामले की आगे जांच कर रहे हैं। सेंट्रल रेलवे के प्रवक्ता संजय मुले ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ट्रेन 12616 नई दिल्ली-चेन्नई (तंबरम) ग्रांट ट्रंक एक्सप्रेस सुबह नागपुर से रवाना हुई थी। वर्धा के सिंधी रेलवे स्टेशन की ओर जाते समय सुबह 11:09 बजे ट्रेन के आखिरी गार्ड कोच में धुआं देखा गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन को सिंधी-तुलजापुर खंड पर रोक दिया गया, प्रभावित डिब्बे को तुरंत अलग कर दिया गया और दमकल कर्मियों को बुलाया गया। अधिकारी ने बताया कि ट्रेन और उस डिब्बे में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं. विस्तृत जांच के बाद आग लगने का कारण पता चलेगा। अधिकारी ने बताया कि प्रभावित डिब्बे के बिना ट्रेन कुछ समय बाद रवाना होगी।

धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में आग से अफरा-तफरी, मरीजों ने छोड़ा अस्पताल

धनबाद धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में शनिवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में अचानक आग लग गई। आग से कार्यालय में रखा जरूरी कागजात जल गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा धनबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के कार्यालय में शनिवार की शाम अचानक आग लग गई। कार्यालय से धुआं उठता देख सुरक्षा कर्मियों और अस्पताल कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। घटना के समय कार्यालय बंद था और बाहर ताला लगा हुआ था। धुआं निकलता देख तुरंत शोर मचाया गया और ताला तोड़कर दरवाजा खोला गया। अंदर घना धुआं फैला हुआ था। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए सुरक्षा कर्मियों और कर्मचारियों ने सबसे पहले बिजली का कनेक्शन काटा। इसके बाद कार्यालय में प्रवेश कर आग पर काबू पाया गया। समय रहते आग बुझा ली गई, लेकिन तब तक विभाग की कई महत्वपूर्ण फाइलें जलकर नष्ट हो चुकी थीं। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। धुएं के कारण अफरातफरी का माहौल घटना की जानकारी मिलते ही अस्पताल अधीक्षक डॉ. डी.के. गिंदोरिया, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजलक्ष्मी तुबिद, वरीय अस्पताल प्रबंधक डॉ. सुमन समेत अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। अधीक्षक ने बताया कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और आग से हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए बिजली सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी। आग का धुआं पास के वार्डों तक पहुंच गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। धुएं के कारण कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया और कई लोग अपने मरीजों को लेकर बाहर निकल आए। हालांकि अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों की तत्परता से जल्द ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया और हालात सामान्य होने के बाद मरीजों को दोबारा वार्डों में भेज दिया गया।  

भयंकर अग्निकांड: कपड़ा दुकान में लगी आग से भारी नुकसान

सरगुजा बतौली थाना क्षेत्र के शांतिपारा स्थित ‘अमित क्लॉथ’ नामक दुकान में देर रात भीषण आग लग गई. आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते दुकान में रखा लाखों रुपये का कपड़ा और कीमती सामान जलकर खाक हो गया. स्थानीय लोगों की सूचना पर तत्काल दमकल की टीम और बतौली पुलिस मौके पर पहुँची, जिन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. आग लगने का कारण फिलहाल अज्ञात है और पुलिस मामले की जांच कर रही है. दुकानदार के अनुसार इस अग्निकांड में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. गनीमत रही कि दमकल की सक्रियता से आग आसपास की अन्य दुकानों और रिहायशी इलाके में फैलने से पहले ही बुझा ली गई.