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वनडे सीरीज में वापसी के लिए भारत को दिखानी होगी दमदार बल्लेबाजी

होबार्ट मौजूदा विश्व चैंपियन भारत को पहले मैच में बुरी तरह हारने के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ तीन मैच की वनडे श्रृंखला को अगर जीवंत रखना है तो उसे शुक्रवार को यहां होने वाले दूसरे महिला एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में बल्लेबाजी में बेहतर प्रदर्शन करना होगा। टी20 श्रृंखला 2-1 से जीतने के बाद भारतीय टीम वनडे श्रृंखला की अच्छी शुरुआत नहीं कर पाई और ब्रिस्बेन में खेले गए पहले मैच में छह विकेट से हार गई। भारतीय महिला टीम ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कभी भी द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला नहीं जीती है। इस प्रारूप में इन दोनों देशों के बीच खेली गई श्रृंखलाओं में ऑस्ट्रेलिया का दबदबा रहा है। दोनों टीमों के बीच अभी तक 11 द्विपक्षीय वनडे श्रृंखला खेली गई हैं जिनमें सभी में ऑस्ट्रेलिया ने जीत हासिल की। इनमें 2024 में 3-0 से और सितंबर 2025 में 2-1 से जीत भी शामिल है। लेकिन भारत 2025 में महिला वनडे विश्व कप के सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया पर मिली पांच विकेट की जीत से प्रेरणा लेने की कोशिश करेगा। वर्तमान श्रृंखला के पहले मैच में भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया की चुनौती का सामना करने में नाकाम रहे और पूरी टीम केवल 214 रन पर आउट हो गई। उप-कप्तान स्मृति मंधाना (58), कप्तान हरमनप्रीत कौर (53) और कासवी गौतम (43) को छोड़कर कोई भी अन्य भारतीय बल्लेबाज बड़ी पारियां नहीं खेल सका। वे ऑस्ट्रेलिया की अनुशासित गेंदबाजी के सामने संघर्ष करते हुए नजर आए। प्रतिका रावल पारी की शुरुआत करते हुए खाता भी नहीं खोल पाई। शेफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स और दीप्ति शर्मा भी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरीं। भारत को शुक्रवार को इन चारों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी। बड़े शॉट लगाने में माहिर विकेटकीपर ऋचा घोष को भी संघर्ष करना पड़ा और वह केवल 23 रन ही बना सकी। टीम को उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद रहेगी। गेंदबाजों में बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने अपने नौ ओवर में 41 रन देकर दो विकेट लिए लेकिन उन्हें बीच के ओवरों में दीप्ति शर्मा और कासवी जैसी गेंदबाजों से मदद की जरूरत है। लेकिन शुरुआती ओवरों में विरोधी टीम को नुकसान पहुंचाने की जिम्मेदारी तेज गेंदबाज रेणुका सिंह और क्रांति गौड़ पर होगी, जो पहले मैच में असफल रहीं। भारतीय टीम प्रबंधन ऑलराउंडर अमनजोत कौर और स्नेह राणा को टीम में शामिल करने पर भी विचार कर सकता है। भारत की सीनियर ऑलराउंडर दीप्ति को उम्मीद है कि टीम दूसरे वनडे में वापसी करके श्रृंखला बराबर करने में सफल रहेगी। उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया लेकिन परिणाम हमारे अनुकूल नहीं रहा। हम अगले मैच में मजबूत वापसी करेंगे। हम इसके बारे में ज्यादा नहीं सोच रहे हैं और अपने मजबूत पक्षों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।’’ दूसरी तरफ ऑस्ट्रेलिया की निगाह दूसरे मैच में ही श्रृंखला अपना नाम करके कप्तान एलिसा हीली को शानदार विदाई देने पर होगी। हीली अपनी आखिरी अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला में खेल रही हैं। उन्होंने पिछले मैच में अर्धशतक लगाया था। हीली और फोबे लिचफील्ड ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए पहले विकेट के लिए अर्धशतकीय साझेदारी की और वे इसी लय को जारी रखना चाहेंगी। ऑस्ट्रेलिया के लिए लक्ष्य का पीछा करना बेहद आसान रहा। बेथ मूनी (76) और एनाबेल सदरलैंड (48 नाबाद) ने चौथे विकेट के लिए 85 रन की साझेदारी करके टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया था। ऑस्ट्रेलिया की गेंदबाजी भी शानदार रही है, जिसमें मेगन शट, एशले गार्डनर, अलाना किंग, ताहिला मैकग्रा और सोफी मोलिनक्स सभी ने किफायती गेंदबाजी करते हुए विकेट भी हासिल किए। इन दोनों टीम के बीच वनडे श्रृंखला के बाद पर्थ में एक दिन रात्रि टेस्ट मैच खेला जाएगा। इन तीनों प्रारूप के प्रदर्शन को मिलाकर श्रृंखला की ट्रॉफी का फैसला अंकों के आधार पर किया जाएगा, जिसमें प्रत्येक टी20 और 50 ओवर की जीत के लिए दो अंक और टेस्ट में जीत के लिए चार अंक होंगे। टीम इस प्रकार हैं: भारत: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शेफाली वर्मा, रेणुका ठाकुर, श्री चरणी, वैष्णवी शर्मा, क्रांति गौड़, स्नेह राणा, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), उमा छेत्री (विकेटकीपर), अमनजोत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, काशवी गौतम, हरलीन देयोल, प्रतिका रावल। ऑस्ट्रेलिया: एलिसा हीली (कप्तान), सोफी मोलिनी (उप-कप्तान), डार्सी ब्राउन, निकोला कैरी, एशले गार्डनर, किम गार्थ, अलाना किंग, फोबे लिट्चफील्ड, बेथ मूनी, ताहलिया मैकग्रा, एलिस पेरी, एनाबेल सदरलैंड, जॉर्जिया वोल, जॉर्जिया वेयरहैम। मैच सुबह 9.20 बजे शुरू होगा।  

आर-पार की जंग में टीम इंडिया दांव पर, हार हुई तो खतरे में पड़ेंगे चार सितारों के करियर

 चेन्नई  साउथ अफ्रीका और वेस्टइंडीज से हारने के बाद भारत और जिम्बाब्वे दोनों के लिए गुरुवार (26 फरवरी) को होने वाला ग्रुप 1 का सुपर 8 गेम अहम हो गया है. चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में दोनों ही टीमें यह मुकाबला सेमीफाइनल की रेस में बने रहने के लिए जीतना चाहेंगी. भारत पर तो खैर इस मुकाबले को लेकर एक अलग ही दबाव है.  वहीं भारतीय टीम को यह दुआ भी करनी है द‍िन के पहले मैच (26 फरवरी को वेस्टइंडीज vs साउथ अफ्रीका ) में वेस्टइंडीज की टीम को साउथ अफ्रीका हरा दे, बाद में भारतीय टीम वेस्टइंडीज को हरा दे. क्योंकि वेस्टइंडीज का नेट रनरेट 5 पार है. वहीं साउथ अफ्रीका का नेट रन रेट +3.800 है. चूंकि भारतीय टीम ड‍िफेंड‍िंग चैम्प‍ियन है और अपने घर पर खेल रही है, ऐसे में उस पर दोहरा दबाव है. साउथ अफ्रीका से हार के बाद भारतीय टीम का नेट रन रेट -3.800 में है. ऐसे में सूर्या ब्रिगेड चाहेगी कि उनके पक्ष में ही समीकरण रहें. वेस्टइंडीज की अफ्रीका पर जीत से भारत का सेमीफाइनल समीकरण बिगड़ सकता है.  सुपर 8 में आज (गुरुवार) द‍िन के मुकाबले दोपहर 3 बजे वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के बीच अहमदाबाद में है. वहां दो पॉइंट्स के लिए मुकाबला होगा. पर अहमदाबाद से लगभग 2,000 किलोमीटर दूर चेन्नई में भारत और ज‍िम्बाब्वे की टीमें इस मुकाबले को ध्यान से देखेंगे.  वैसे आज भारतीय टीम के साथ उनकी उम्मीद के मुताब‍िक नहीं हुआ तो कई ऐसे प्लेयर्स हैं, ज‍िनके टी20 कर‍ियर पर खतरा हो जाएगा. क्योंकि ऑप्शन तो बेंच पर कई तैयार हैं.    1: अभ‍िषेक शर्मा: इस समय भारत में सबसे ज्यादा किसी ख‍िलाड़ी की आलोचना हो रही है तो वो अभ‍िषेक शर्मा हैं. ज‍िन्होंने टी20 वर्ल्ड 2026 के 4 मैचों में 15 रन बनाए हैं. ये 15 रन भी उनके साउथ अफ्रीका संग प‍िछले टी20 में आए थे. उन्होंने शुरुआती टी20 में तो 3 डक (शून्य) बनाए थे. अभ‍िषेक शर्मा इस समय टी20 रैंकिंग में नंबर 1 बल्लेबाज हैं, पर उनके हाल‍िया फॉर्म ने टीम इंड‍िया की टेंशन बढ़ा दी है.  1 जनवरी 2025 से अब तक के टी20 आंकड़े देखे जाएं तो अभ‍िषेक शर्मा भारतीय टीम के सबसे सफल बल्लेबाज हैं.उन्होंने अब तक 30 मैचों की    30 पार‍ियों में  1056 रन  37.71 के एवरेज और  196.64 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं.  पर इस बात में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि भारतीय टीम की यही इस वर्ल्ड कप में सबसे कमजोर कड़ी बनकर उभरा है. एक आंकड़ा देखा जाए तो पहले विकेट के लिए भारत का औसत 6.80 है, जो 20 टीमों में सबसे कम है. अभ‍िषेक अगर आगे भी फ्लॉप होते हैं, उनके ऑप्शन के रूप में यशस्वी जायसवाल, वैभव सूर्यवंशी भी हैं. वैभव आने वाली 27 मार्च को सीन‍ियर टीम इंड‍िया में चुनने के पात्र हो जाएंगे. वैभव अभी 14 वर्ष के हैं और ICC के नियमों के अनुसार, इंटरनेशनल क्रिकेट खेलने के लिए खिलाड़ी की न्यूनतम आयु 15 वर्ष होनी चाहिए 2: त‍िलक वर्मा: मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में त‍िलक वर्मा भी भारतीय टीम की कमजोर कड़ी बनकर सामने आए हैं. वो टीम की सबसे मजबूत 3 नंबर पोजीशन पर खेल हैं. उन्होंने 5 पारियों में 107 रन बनाए हैं. इसमें उनका एवरेज 21.40 और स्ट्राइक रेट 118.88 है. जो 3 नंबर के बल्लेबाज के लिए कहीं से भी सटीक नहीं माना जाएगा. उनकी जगह लेने के लिए भी श्रेयस अय्यर जैसे बल्लेबाज हैं. त‍िलक जिस तरह वो साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ निकलकर शॉट खेलने के चक्कर में आउट हुए, उसके बाद तो सुनील गावस्कर ने भी उनको लताड़ा था.  3: र‍िंकू सिंह: टी20 वर्ल्ड कप 2026 में रिंकू सिंह ने अब तक खेले 5 मैचों में सिर्फ 29 गेंदें खेलीं और सिर्फ 24 रन बनाए हैं. रिंकू ने अमेर‍िका के खिलाफ मैच में 14 गेंदों पर 6 रन, नामीबिया के खिलाफ 6 गेंद में 1 रन, पाकिस्तान के खिलाफ 4 गेंद में नाबाद 11 रन और नीदरलैंड्स के खिलाफ 3 गेंद में नाबाद 6 रन बनाए. वहीं साउथ अफ्रीका के खिलाफ उन्होंने 2 गेंदें खेलीं लेकिन बिना खाता खोले आउट हो गए. वैसे क्रिकेट के जानकार एक हिस्से का कहना है कि रिंकू को ज्यादा मौका नहीं मिले हैं, ऐसे में उन पर सवाल उठाना ठीक नहीं हैं. रिंकू की जगह लेने के लिए भी टीम में कई प्लेयर्स हैं.  4: सूर्यकुमार यादव: इस टी20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव हैं. लेकिन उनका फॉर्म भी वैसा नहीं है, जिसके लिए वो जाने जाते हैं. भारतीय टीम का सफर वर्ल्ड कप में खत्म हुआ तो 35 साल के सूर्या के कर‍ियर पर ब्रेक लग सकता है. सूर्या इस वर्ल्ड कप में भले ही भारतीय टीम की ओर इस वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज है . सूर्या ने 5 मैचों की 5 पार‍ियों में  1 बार नाबाद रहते हुए 180 रन 45.00 के एवरेज और 127.65 के स्ट्राइक रेट से बनाए हैं. सूर्या का हाइएस्ट स्कोर 84* का था, जो उन्होंने ओपन‍िंग मैच में अमेर‍िका के ख‍िलाफ बनाया था. पर सूर्या का कर‍ियर टी20इंटरनेशल मैचों का स्ट्राइक रेट 162.77 और एवरेज 37.32 है, जो वर्ल्ड कप में गिर चुका है. 

इस्राइल के साथ खड़ा भारत: संसद में पीएम मोदी ने कहा—हमास हमले के बाद आपका दर्द हमारा भी है

तेल अवीव पीएम मोदी ने इजरायल को फादर लैंड और  इंडिया को मदरलैंड बताया और कहा कि हमें इस पर गर्व है. उन्होंने कहा कि विश्व युद्ध के दौरान हजारों भारतीयों ने इस इलाके में अपनी जान कुर्बान की थी. उन्होंने मेजर ठाकुर दलपत सिंह को हीरो ऑफ हाइफा बताया. भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा हैः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि भारत इजरायल के साथ मजबूती से खड़ा है.  उन्होंने कहा कि कोई भी चीज आतंकवाद को जस्टिफाई नहीं कर सकती. भारत भी आतंकवाद का लंबे समय से पीड़ित रहा है. मुंबई हमलों को याद करते हुए कहा कि इस हमले में इजरायली नागरिक समेत बहुत से लोग मारे गए थे.  इसी के बाद हमने आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. इजरायल की मान्यता और मेरे जन्मदिन का अनोखा नाताः पीएम मोदी पीएम मोदी ने कहा कि इजरायली संसद नेसेट को भारतीय रंगों में रंगा गया है, ये हमारे बीच गहरे संबंधों का प्रतीक है. पिछली बार जब मैं आया था, तब ऐसा करने वाला भारत का पहला प्रधानमंत्री बना था. अब मैं दूसरी बार आया हूं. उन्होंने बताया कि मेरा जन्म उसी दिन हुआ, जिस दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी.   इजरायली संसद में आना मेरे लिए सम्मान की बातः पीएम मोदी पीएम मोदी ने नमस्ते से शुरूआत करते हुए कहा कि यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मैं इस प्रतिष्ठित सदन में खड़ा हूं. भारत के प्रधानमंत्री के रूप में, दुनिया की सबसे प्राचीन सभ्यता के प्रतिनिधि के रूप में, मैं 1.4 अरब लोगों की शुभकामनाएं और संदेश लेकर यहां आया हूं. मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी का संबोधन शुरू इजरायली संसद को मोदी-मोदी के नारों के बीच पीएम मोदी ने अपना संबोधन शुरू किया. पीएम मोदी और मैंने कई चमत्कार किए हैं, बोले नेतन्याहू इजरायली पीएम नेतन्याहू ने भूमध्यसागर के तट पर पीएम मोदी के साथ पिछली यात्रा को याद करते हुए कहा कि भारत और इजरायल ने मिलकर कई चमत्कार जरूर किए हैं. 'भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी, नहीं भूलेंगे ' इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि भारतीय सैनिकों ने इजरायल के लिए अपनी जान दी है. इसे हम कभी नहीं भूलेंगे.   नेतन्याहू ने कहा, मोदी का गले लगाना दुनिया में मशहूर नेतन्याहू ने कहा कि पीएम मोदी के गले लगाने की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि 'मोदी हग' की वजह ने भारत और इजरायल के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाई है. नेतन्याहू ने कहा कि हम दोनों के बीच व्यक्तिगत दोस्ती है. दोनों देशों और हमारे लोगों के बीच भी शानदार दोस्ती रही है. आज सुबह मेरी पत्नी सारा और मैंने एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया. जैसे ही आप सीढ़ियों से नीचे आए, हमने एक-दूसरे को गले लगा लिया. प्रधानमंत्री मोदी का गले लगना कुछ खास है. इसे मोदी हग कहा जाता है. यह दुनिया भर में मशहूर है, और जब आप किसी को करीब से सच में गले लगाते हैं, तो आप जानते हैं कि यह कोई दिखावा नहीं है, यह असल है. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को बताया अपना भाई नेतन्याहू ने पीएम मोदी के लिए कहा कि वह मेरे लिए मित्र से बढ़कर हैं, मेरे भाई की तरह हैं. नेतन्याहू ने पीएम मोदी को कहा- माई डियर फ्रेंड इजरायली पीएम नेतन्याहू ने अपने संबोधन में पीएम मोदी को माई डियर फ्रेंड कहकर संबोधित किया.  उन्होंने पीएम को ग्रेट लीडर कहकर संबोधित किया. पीएम मोदी को इजरायली संसद में मिला स्टैंडिंग ओवेशन इजरायली संसद में पीएम मोदी का सभी ने खड़े होकर स्वागत किया. मोदी-मोदी के नारों के बीच जय हिंद भी गूंजा. मोदी-मोदी के नारों के बीच इजरायली संसद में गूंजा- जय हिंद इजरायल की संसद में मोदी-मोदी के नारों के बीच प्रधानमंत्री का स्वागत किया गया. इजरायली स्पीकर ने कहा कि पीएम मोदी लोगों के लिए प्रेरणास्त्रोत हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने डिजिटल इनोवेशन की नींव रखी और लाखों लोगों की जिंदगी की नई दिशा. जय हिंद और भारत जिंदाबाद के नारों के बीच कहा कि पीएम मोदी भारत के पहले प्रधानमंत्री हैं, जो इजरायली संसद नेसेट को संबोधन करने वाले हैं. तेल अवीव के होटल में प्रधानमंत्री का भव्य स्वागत पीएम मोदी का तेल अवीव के होटल पहुंचने पर रंगारंग स्वागत किया गया. इजरायली और भारतवंशी कलाकारों ने देसी अंदाज में नृत्य-संगीत से समां बांध दिया. भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों ने उनका जोरदार स्वागत किया.

टैरिफ विवाद के बीच भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर नए सिरे से होगी चर्चा, सरकार ने बदला रुख

नई दिल्ली.  केंद्र सरकार अमेरिका के साथ ट्रेड डील पर दोबारा विचार करने की योजना बना रही है. यूएस सुप्रीम कोर्ट द्वारा डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने टैरिफ को अवैध बताकर खत्म किए जाने के बाद अब भारत डील रीनेगोशिएट करने के लिए मजबूत स्थिति में पहुंच गया है. मनीकंट्रोल ने एक सरकारी अधिकारी के हवाले से लिखा है कि सरकार अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के हर पहलू को परख रही है इसलिए दोनों देशों के बीच अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क पर बात भी टाल दी गई थी. वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अमेरिका के टैरिफ सिस्टम में आए बदलावों के कारण मौजूदा डील के फायदे खत्म हो गए हैं, इसलिए अब भारत नई रणनीति के साथ बातचीत करने की तैयारी में है ताकि दूसरे देशों के मुकाबले बढ़त हासिल की जा सके. सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भारत का यू टर्न सरकारी अधिकारी ने बताया कि फिलहाल यह साफ नहीं है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बातचीत पर क्या असर पड़ेगा, लेकिन सरकार सभी पहलुओं का मूल्यांकन कर रही है. एक अन्य सूत्र के अनुसार, भारत कुछ प्रावधानों पर नए सिरे से बातचीत करना चाहता है ताकि उसे दूसरे देशों पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सके. पहले 18 प्रतिशत टैरिफ रेट भारत को मामूली बढ़त देता था, लेकिन अब जब अमेरिका ने ग्लोबल टैरिफ 15 प्रतिशत कर दिया है, तो यह फायदा खत्म हो गया है. इसी वजह से सरकार उन सेक्टरों की पहचान कर रही है जहां ट्रेड डील के जरिए ज्यादा रियायत या छूट हासिल की जा सकती है. टली भारत अमेरिका ट्रेड मीटिंग, डील पर फिर से मंथन भारत और यूएस के अधिकारियों के बीच तीन दिन की ट्रेड मीटिंग 23 फरवरी से शुरू होने वाली थी, जिसमें अंतरिम ट्रेड डील की शर्तों को अंतिम रूप दिया जाना था. इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमति जताई थी और दोनों देशों ने आगे व्यापक समझौते की दिशा में रोडमैप जारी किया था. लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद, जिसने ट्रंप प्रशासन के रेसिप्रोकल टैरिफ को अवैध करार दिया, भारत सरकार अब पूरी बातचीत की समीक्षा कर रही है. 18 प्रतिशत से शून्य तक का खेल सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने रेसिप्रोकल टैरिफ को खत्म कर दिया, जिससे 18 प्रतिशत वाला प्रस्तावित रेट भी प्रभावी रूप से शून्य हो गया. इसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 24 फरवरी से सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लागू किया, जिसे एक दिन बाद 15 प्रतिशत तक बढ़ाने की घोषणा की गई. फिलहाल भारत के लगभग 55 प्रतिशत निर्यात पर 15 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जिसकी कुल वैल्यू करीब 48.4 अरब डॉलर है. हालांकि, स्टील और ऑटोमोबाइल जैसे सेक्टरों पर सेक्शन 232 के तहत अलग से टैरिफ लागू है, जिसकी वैल्यू 8 से 9 अरब डॉलर के बीच है. 34 अरब डॉलर के निर्यात पर छूट का प्लान अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत करीब 34 अरब डॉलर के भारतीय निर्यात को टैरिफ से छूट मिलने की संभावना है. ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत प्रस्तावित टैरिफ में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरणों को छूट दी गई है और सिविल एविएशन प्रोडक्ट्स को नए कैटेगरी के रूप में जोड़ा गया है. इन छूटों पर बातचीत मार्च तक पूरी होनी थी, लेकिन अब इसे दोबारा समीक्षा के लिए खोल दिया गया है. छूट वाले सेक्टरों में फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकॉम उपकरण, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स, इंजीनियरिंग गुड्स और सिविल एविएशन कंपोनेंट्स शामिल हैं. भारत की बड़ी कमिटमेंट, अमेरिका से खरीद बढ़ाने का वादा यूएस इंडिया अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क के फैक्टशीट के अनुसार, भारत अमेरिकी इंडस्ट्रियल गुड्स और कई कृषि उत्पादों पर टैरिफ घटाने या खत्म करने की योजना बना रहा है. इनमें ड्राइड डिस्टिलर्स ग्रेन्स, रेड सोरघम, ट्री नट्स, फ्रेश और प्रोसेस्ड फ्रूट, सोयाबीन ऑयल, वाइन और अन्य कृषि उत्पाद शामिल हैं. भारत ने अमेरिका से 500 अरब डॉलर से ज्यादा एनर्जी, आईसीटी, कोयला और अन्य उत्पाद खरीदने की भी मंशा जताई है.  

व्हाइट हाउस का बयान: ‘भारत टेक्नोलॉजी का पावरहाउस’, लेकिन AI पर दी चेतावनी

वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रमुख विज्ञान सलाहकार ने कहा है कि भारत एक ‘तकनीकी महाशक्ति’ है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को आगे बढ़ाने की व्हाइट हाउस की योजना में उसकी अहम भूमिका है. उन्होंने भारत की इंजीनियरिंग क्षमता और तेजी से बढ़ते इकोसिस्टम की सराहना की. राष्ट्रपति के सहायक और व्हाइट हाउस के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नीति कार्यालय के निदेशक माइकल क्रैटसिओस ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा, ‘भारत एक तकनीकी महाशक्ति है.’ विकासशील देशों को क्या चेतावनी दे रहे? हाल ही में इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में शामिल होकर लौटे टॉप अमेरिकन साइंटिफिक एडवाइजर ने कहा, ‘भारत हर साल बड़ी संख्या में इंजीनियर तैयार करता है, उसके पास मजबूत घरेलू प्रतिभा है और वह अच्छे उत्पाद और एप्लिकेशन विकसित कर रहा है.’ उन्होंने कहा कि विकसित और विकासशील देशों के बीच AI अपनाने की रफ्तार में अंतर हर दिन बढ़ रहा है. उनके मुताबिक दुनिया को मोटे तौर पर दो श्रेणियों में देखा जा सकता है और दोनों के लिए अलग तरह के उपायों की जरूरत है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर विकासशील देश स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा ढांचा, कृषि और आम नागरिकों से जुड़ी सरकारी सेवाओं जैसे क्षेत्रों में AI को प्राथमिकता नहीं देंगे, तो वे एक अहम मोड़ पर पीछे छूट सकते हैं. व्हाइट हाउस इस दिशा में ‘अमेरिकन AI एक्सपोर्ट्स प्रोग्राम’ को आगे बढ़ा रहा है. क्रैटसिओस ने कहा कि अब तक विकासशील देशों के सामने एक कठिन विकल्प होता था, लेकिन यह कार्यक्रम उन्हें बेहतर तकनीक, वित्तीय सहायता और लागू करने में सहयोग का नया रास्ता देता है. उन्होंने ‘वास्तविक AI स्वायत्तता’ का मतलब समझाते हुए कहा कि इसका अर्थ है सर्वोत्तम तकनीक का अपने लोगों के हित में उपयोग करना और वैश्विक बदलावों के बीच अपने देश की दिशा खुद तय करना. उन्होंने स्पष्ट किया कि यह रणनीति किसी एक प्रतिस्पर्धी देश के खिलाफ नहीं है. उन्होंने कहा, ‘यह इस बात के बारे में है कि यूनाइटेड स्टेट्स के पास दुनिया की सबसे अच्छी एआई टेक्नोलॉजी है और कई देश इसे अपने इकोसिस्टम में चाहते हैं.’ भारत को बताया मजबूत पार्टनर मानकों के बारे में उन्होंने कहा कि एआई के अगले चरण में ‘एजेंट’ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे. ये एजेंट किस तरह आपस में संवाद करें और मिलकर काम करें, इसके लिए एक समान मानकों की जरूरत होगी. इसके लिए अमेरिकी संस्थान NIST ने पहल शुरू की है, ताकि ये सिस्टम्स सुरक्षित और प्रभावी तरीके से साथ काम कर सकें. वित्तीय संसाधन भी एक बड़ी चुनौती हैं, खासकर उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए. क्रैटसिओस ने कहा कि एआई का पूरा ढांचा महंगा होता है. इसमें ‘डेटा सेंटर्स, सेमीकंडक्टर्स, पावर जेनरेशन’ जैसी बुनियादी सुविधाएं जरूरी होती हैं. उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन यूएस इंटरनेशनल डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन, एक्सपोर्ट इंपोर्ट बैंक और दूसरी एजेंसियों के ज़रिए सपोर्ट जुटा रहा है. उन्होंने एक यूएस टेक कॉर्प्स की भी घोषणा की. उन्होंने कहा, ‘ये पीस कॉर्प्स वॉलंटियर्स की तरह होंगे, बस फोकस टेक्नोलॉजी पर होगा. हम टेक्निकल बैकग्राउंड वाले ऐसे लोगों की तलाश कर रहे हैं जो एआई सॉल्यूशन्स को इम्प्लीमेंट करने में मदद करना चाहते हैं.’ क्रैट्सियोस ने कहा कि भारत ‘लंबे समय से इस मामले में एक मजबूत पार्टनर रहा है कि यूनाइटेड स्टेट्स विदेशों में टेक्नोलॉजी कैसे शेयर करता है.’ उन्होंने बताया कि अमेरिकी बड़ी तकनीकी कंपनियों के भारत में डाटा सेंटर और शोध केंद्र मौजूद हैं, जिससे दोनों देशों के बीच एआई क्षेत्र में सहयोग और गहरा हो रहा है.

साउथ अफ्रीका से हार के बाद टीम इंडिया में दो अहम बदलाव, सेमीफाइनल का गणित उलझा

 नई दिल्ली आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया को रविवार को साउथ अफ्रीका ने 76 रनों से करारी शिकस्त दी. सुपर-8 में इस करारी हार के बाद टीम की जमकर आलोचना हो रही है. आलोचना का कारण हार से ज्यादा टीम के इंटेंट को लेकर है. क्योंकि 8 नंबर तक की बल्लेबाजी वाली टीम 111 के स्कोर पर ढेर हो गई.  किसी भी बल्लेबाज ने संघर्ष नहीं दिखाया. खासकर बाएं हाथ के बल्लेबाज ऑफ स्पिन के सामने पूरी तरह असहज नजर आए. इस हार के बाद अब टीम में बड़े बदलाव की मांग भी उठ रही है. भारत का अगला मैच 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ है. कहा जा रहा है कि इस मैच में दो बदलाव हो सकते हैं. अक्षर पटेल को वापस लाने की मांग पूर्व विकेटकीपर बल्लेबाज पार्थिव पटेल समेत कई पूर्व क्रिकेटरों ने टीम में बदलाव की मांग की है. सबसे ज्यादा चर्चा अक्षर पटेल को लेकर हो रही है, जिन्हें पिछले दो मैचों में मौका नहीं मिला. पार्थिव पटेल का मानना है कि अक्षर पटेल को टीम में वापस लाना चाहिए. उन्होंने कहा कि अक्षर दबाव में अहम पारियां खेलने की क्षमता रखते हैं और गेंदबाजी में भी किफायती साबित होते हैं. उनका कहना है कि मैच-अप की रणनीति अपनी जगह है, लेकिन अक्षर जैसा ऑलराउंडर टीम संतुलन के लिए जरूरी है. अभिषेक शर्मा पर खतरा पार्थिव पटेल ने सलामी बल्लेबाजी पर भी सवाल उठाए. अभिषेक शर्मा लगातार चौथे मैच में नाकाम रहे हैं. ऐसे में उन्हें बाहर किया जा सकता है. उन्होंने संकेत दिए कि चेन्नई में होने वाले मुकाबले में संजू सैमसन को मौका मिल सकता है. उनके अनुसार बाएं हाथ के बल्लेबाजों को ऑफ स्पिन के खिलाफ परेशानी हो रही है, इसलिए टीम प्रबंधन बदलाव पर विचार कर सकता है. भारत की ओर से ईशान किशन सबसे सफल बल्लेबाज रहे हैं. उन्होंने अब तक 177 रन बनाए हैं, हालांकि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वह खाता नहीं खोल सके. बिगाड़ा टीम इंडिया का खेल, उलझ गया सेमीफाइनल का गणित  आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 का रोमांच जारी है. मैच दर मैच सेमीफाइनल की जंग और पेचीदा होती जा रही है. रविवार को साउथ अफ्रीका ने टीम इंडिया को करारी शिकस्त दी. इसके बाद वेस्टइंडीज ने सोमवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ बड़ी जीत हासिल की. वेस्टइंडीज की इस महाजीत ने सेमीफाइनल के गणित को और उलझा दिया है. अब भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह और मुश्किल हो गई है. आइए इसका पूरा इक्वेशन समझते हैं… पहले अंक तालिका का हाल जान लीजिए इस जीत के साथ ही सुपर-8 के ग्रुप 1 में वेस्टइंडीज की टीम टॉप पर आ गई है. दो अंक के साथ ही वेस्टइंडीज का रन रेट +5.350 का हो गया है. वहीं, दूसरे नंबर पर साउथ अफ्रीका है जिसका नेट रन रेट दो अंकों के साथ +3.800 का है. अब तीसरे पायदान पर भारत है जिसके पास अंक नहीं है लेकिन उसका नेट रन रेट (-3.800) जिम्बाब्वे (-5.350) से बेहतर है.  अब आगे क्या… वेस्टइंडीज की इस जीत और जिम्बाब्वे की हार से अब वेस्टइंडीज का पलड़ा भारी हो गया है. वहीं, जिम्बाब्वे की हालत खराब हो गई है. वेस्टइंडीज के अब दो मैच भारत और साउथ अफ्रीका से हैं. वहीं, जिम्बाब्वे को साउथ अफ्रीका और भारत से खेलना है. अगर वेस्टइंडीज अपने आगे के दो मैच में से एक मैच जीतता है और एक हारता है तो भी उसके सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीद जिंदा रहेगी. कारण है उसका सबसे बेहतर नेट रन रेट. वहीं, भारत और साउथ अफ्रीका भी अगर दोनों मैच जीतते हैं तो फिर 3 टीमें होंगी जिनके पास 6 अंक होंगे. यानी फैसला नेट रन रेट से ही होगा.  भारत कैसे करेगा क्वालिफाई अगर भारत को सेमीफाइनल में जगह बनानी है तो गणित बिलकुल साफ है. भारत अपने दोनों मैच बेहतर अंतर से जीते. साथ ही वो दुआ करे की साउथ अफ्रीका भी अपने सारे मैच जीते. अगर साउथ अफ्रीका और भारत दोनों अपने बाकी के दो-दो मैच जीतते हैं तो मतलब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के पास केवल 2-2 अंक ही बचेंगे. ऐसे में भारत और साउथ अफ्रीका इस ग्रुप से सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई कर जाएगा. लेकिन अगर साउथ अफ्रीका अपना एक मैच हारती है तो फिर फैसला नेट रन रेट से ही होगा और वहां भारत के लिए मुश्किल बढ़ सकती है. क्योंकि मौजूदा समय में भारत का नेट रन रेट वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका दोनों से ही बेहद खराब स्थिति में है. अब वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे मैच के बारे में जानें… आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप का 44वां मैच सोमवार को जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया. मुकाबले में टॉस जीतकर जिम्बाब्वे ने पहले गेंदबाजी का फैसला लिया था. वेस्टइंडीज के बल्लेबाजों ने तूफानी बैटिंग की और 254 रन ठोक डाले. इसके जवाब में उतरी जिम्बाब्वे की टीम महज 147 रन ही बना सकी और 18वें ओवर में ऑलआउट हो गई.    अब भारत का अगला मुकाबला 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ है. यह मैच टीम इंडिया के लिए करो या मरो जैसा हो सकता है, क्योंकि सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए जीत बेहद जरूरी है.

पैक्स सिलिका: भारत की भागीदारी से बदला वैश्विक समीकरण, जानें सदस्य देश

नई दिल्ली  भारत शुक्रवार को अमेरिका की अगुवाई वाले ‘पैक्स सिलिका’ अलायंस में औपचारिक रूप से शामिल हो गया। AI इंपैक्ट समिट के दौरान दोनों देशों ने इस पहल से जुड़े दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। दिसंबर 2025 में जब इस अलायंस की औपचारिक घोषणा हुई थी, तब भारत इसका हिस्सा नहीं था। अब इस रणनीतिक गठबंधन में शामिल होकर भारत तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका के विश्वसनीय साझेदारों में शामिल हो गया है। इस कदम को AI, सेमीकंडक्टर और क्रिटिकल मिनिरल्स की सप्लाई चेन जैसे क्षेत्रों में भारत-अमेरिका सहयोग को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है। कार्यक्रम में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर, अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग और केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव सहित दोनों देशों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। आइए, जानते हैं, क्‍या है पैक्‍स‍ सलिका और इसका मकसद क्‍या है। क्या है पैक्स सिलिका? पैक्स सिलिका अमेरिकी सरकार का एक प्रमुख रणनीतिक फ्रेमवर्क है। इसके तहत अमेरिका अपने विश्वसनीय साझेदार देशों के साथ तकनीक और औद्योगिक इकोसिस्टम का साझा नेटवर्क विकसित कर रहा है। इसे वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग सप्लाई चेन पर चीन के प्रभुत्व को चुनौती देने की पहल के रूप में देखा जा रहा है। पैक्स सिलिका में कौन-कौन से देश? इसका मुख्य उद्देश्य AI और सेमीकंडक्टर इंडस्‍ट्री के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद ग्‍लोबल सप्लाई चेन तैयार करना है। तकनीकी विकास के लिए आवश्यक क्रिटिकल मिनरल्स की लगातार आपूर्ति इस रणनीति का अहम हिस्सा है। दिसंबर में बने इस समूह में जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और इस्राइल सहित कई देश शामिल हैं। अब भारत के औपचारिक रूप से जुड़ने के बाद इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ गई है। क्यों बनाया गया यह गठबंधन यह गठबंधन पूरी चिप निर्माण प्रक्रिया को सुरक्षित करने के लिए बनाया गया है। यानी खदानों से निकलने वाले जरूरी खनिजों से लेकर चिप बनाने वाली फैक्ट्रियों तक और उन डेटा सेंटर्स तक, जहां अडवांस AI चलाया जाता है- हर स्तर पर सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई सुनिश्चित करना इसका उद्देश्य है। क्या इससे और गहरे होंगे रिश्ते? भारत ऐसे समय इस पहल में शामिल हुआ है जब हाल के महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में ट्रेड डील और अन्य वैश्विक मुद्दों को लेकर कुछ असहजता देखी गई थी। हालांकि हाल ही में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौते पर सहमति बनी है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से द्विपक्षीय सहयोग, खासकर इमरजिंग टेक्नोलॉजी और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में, और गहरा होगा। चीन के दबदबे को संतुलित करने की रणनीति में भारत की भूमिका मजबूत होगी।

भारत का सेमीफाइनल सपना: कितने मैचों की जरूरत और कौन सी टीम है सबसे मजबूत चुनौती

नई दिल्ली  आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम ने शानदार खेल दिखाते हुए सुपर 8 में जगह बनाई है. अब टीम के सामने तीन और मुकाबले हैं जिसे जीतकर सूर्यकुमार यादव अपने अजय रथ को सेमीफाइनल तक पहुंचाना चाहेंगे. हालांकि ये इतना आसान नहीं होने वाला है. टीम इंडिया के सामने साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज से होना है. तीनों टीमें दमदार है और कांटे की टक्कर देखने को मिलेगी. फैंस के मन में ये सवाल जरूर होगा कि सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए टीम को कितने मुकाबले जीतने होंगे. भारत ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप में अब तक शानदार खेल दिखाया है. ग्रुप स्टेज में बिना एक भी मैच हारे टीम सुपर 8 में पहुंची है. यूएई के खिलाफ भारत 29 रन से जीता इसके बाद नामीबिया को 93 रन से हराया. इसके बाद पाकिस्तान के खिलाफ 61 रन की शानदार जीत हासिल की. आखिरी ग्रुप मुकाबले में नीदरलैंड्स को 17 रन से हराया. सुपर 8 में किन टीमों से भारत के मुकाबले रविवार, 22 फरवरी- भारत बनाम साउथ अफ्रीका, नरेंद्र मोदी स्टेडियम (अहमदाबाद), शाम 7 बजे गुरुवार, 26 फरवरी- भारत बनाम जिम्बाब्वे, एमए चिदंबरम स्टेडियम (चेन्नई), शाम 7 बजे रविवार, 01 मार्च- भारत बनाम वेस्टइंडीज, ईडन गार्डन्स (कोलकाता), शाम 7 बजे भारतीय टीम के लिए सुपर 8 की चुनौती आसान नहीं होने वाली. साउथ अफ्रीका के साथ पहला मुकाबला है और इसे सबसे खतरनाक माना जा रहा है. जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की टीम भी कड़ी टक्कर देगी. जानकार असली खतरा साउथ अफ्रीका को ही मान रहे हैं. कितने मैच जीतकर सेमीफाइनल में मिलेगी एंट्री? टी20 वर्ल्ड कप के सुपर 8 के लिए दो ग्रुप बनाए गए हैं. टूर्नामेंट के शुरुआत में 20 टीमों के 4 ग्रुप बनाए गए थे जिसमें 5-5 टीमों को रखा गया था. हर एक ग्रुप की टॉप 2 टीम सुपर-8 में पहुंची. इस राउंड में टीम इंडिया अगर अपने 3 में से तीनों मैच जीत लेती है तो फिर सीधा सेमीफाइनल का टिकट मिलेगा. 3 में से 2 मुकाबले जीतकर भी भारतीय टीम सेमीफाइनल में पहुंच सकती है लेकिन इसका फैसला ग्रुप की बाकी टीमों के नेट रन रेट से तय होगा. अंतिम चार में जगह बनाने के लिए हर टीम को कम से कम दो मैच जीतना जरूरी है. नेट रन रेट होगा सबसे अहम भारतीय टीम ने अब तक तीनों मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की है और इस ग्रुप में उसका नेट रन रेट सबसे बेहतर है. भारत का नेट रन रेट 2.5 से ऊपर है जबकि साउथ अफ्रीका, जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज 2 अंकों से भी पीछे है. आसान शब्दों में समझें तो अगर टीम इंडिया सुपर-8 में दो मैच में जीत पाती है तो उसके 4 अंक होंगे. जिस टीम को भारत के बराबर अंक होंगे उसके साथ नेट रन रेट में सूर्यकुमार यादव की टीम को आगे रहना होगा. तभी मिलेगी सेमीफाइनल का टिकट

भारत में घुसी ईरानी टैंकर की चालाकी, पाकिस्तानी सीमा में छुपकर हुआ था प्रवेश

मुंबई  भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard) ने 6 फरवरी को भारत के पश्चिमी तट के पास ईरान से जुड़े जिन तीन प्रतिबंधित तेल टैंकरों को जब्त किया, उनमें से एक जहाज के बारे में बड़ा खुलासा हुआ है. दर्ज एफआईआर के अनुसार, इन टैंकरों में से एक जहाज एमटी एस्फाल्ट स्टार कई दिनों तक पाकिस्तान के समुद्री क्षेत्र में अपनी ट्रैकिंग सिस्टम बंद रखे हुए था. जब्त किए गए तीन जहाजों के नाम MT Asphalt Star, MT Stellar Ruby और MT Al Jafzia हैं. इन पर ईरान से जुड़े तेल की तस्करी और अवैध गतिविधियों का आरोप है. भारतीय तटरक्षक ने 4-5 फरवरी को इन जहाजों की संदिग्ध शिप-टू-शिप ट्रांसफर गतिविधियों का पता लगाया और उन्हें मुंबई लाकर जांच के लिए रखा. कुल 55 क्रू मेंबर्स इन जहाजों पर सवार थे. रिपोर्ट के मुताबिक, 15 फरवरी को येलो गेट पुलिस स्टेशन में तटरक्षक कमांडेंट अनिरुद्ध धर्मपाल दबाश की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई. इसमें नौ लोगों को आरोपी बनाया गया है, जिसमें तीनों जहाजों के मालिक अबू धाबी (यूएई) स्थित भारतीय नागरिक जोगिंदर सिंह बरार शामिल हैं. एस्फाल्ट स्टार के कप्तान श्याम बहादुर चौहान और एक क्रू मेंबर को तेल तस्करी तथा जालसाजी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. एफआईआर के अनुसार, एमटी एस्फाल्ट स्टार के इलेक्ट्रॉनिक चार्ट डिस्प्ले एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम (ECDIS) डेटा की जांच में पाया गया कि 20 जनवरी से 28 जनवरी तक यह जहाज पाकिस्तान की विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में प्रवेश कर गया था. 28 जनवरी को सुबह करीब 11 बजे जहाज ने अपना ऑटोमैटिक आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (AIS), वेरी हाई फ्रीक्वेंसी (VHF) और सभी सेंसर बंद कर दिए, जिससे उसकी पहचान छिपाई गई और संदिग्ध गतिविधियां की गईं. कप्तान ने पूछताछ में कहा कि जहाज का वॉयेज डेटा रिकॉर्डर सिस्टम खराब हो गया था. तीनों जहाजों ने AIS स्पूफिंग (झूठी लोकेशन दिखाना) और फर्जी पहचान डेटा का इस्तेमाल करके जांच से बचने की कोशिश की. एफआईआर में कहा गया है कि एमटी अस्फाल्ट स्टार ने भारतीय महासागर की ईईज़ेड में बिना किसी भारतीय सरकारी अधिकारी को सूचित किए एमटी अल जफजिया को 30 मीट्रिक टन हेवी फ्यूल ऑयल ट्रांसफर किया. साथ ही, एमची स्टेलर रूबी को 5473 मीट्रिक टन बिटुमेन (सड़क निर्माण के लिए इस्तेमाल) ट्रांसफर किया गया. जोगिंदर सिंह बरार ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनके जहाज संकट में फंसे अन्य जहाजों को आवश्यक आपूर्ति प्रदान कर रहे थे तथा कोई अवैध गतिविधि नहीं की गई. उन्होंने भारतीय अधिकारियों के खिलाफ मानहानि का मुकदमा करने की धमकी दी है. यह कार्रवाई ईरान से जुड़े ‘शैडो फ्लीट’ (गुप्त जहाजों के नेटवर्क) के खिलाफ अमेरिका के प्रतिबंधों का समर्थन करने वाली भारत की बढ़ती सतर्कता का हिस्सा मानी जा रही है. तटरक्षक ने भारतीय EEZ में निगरानी बढ़ा दी है और अवैध तेल व्यापार पर सख्ती बरती जा रही है. जांच जारी है और आरोपी जहाज मुंबई में लंगर डाले हुए हैं.  

जीत की रफ्तार बरकरार: टीम इंडिया ने नीदरलैंड्स को किया पस्त

 अहमदाबाद टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बुधवार को नीदरलैंड्स और टीम इंडिया के बीच मैच खेला गया. इस मैच में टीम इंडिया ने 17रनों से जीत हासिल की और इस वर्ल्ड कप में लगातार चौथा मैच जीता. ये मैच अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेड‍ियम में खेला गया. जहां टॉस भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने जीता और पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. सूर्या ब्रिगेड ने पहले खेलते हुए श‍िवम दुबे के 31 गेंदों पर 66 रनों की बदौलत 193/5 का स्कोर बनाया. इसके जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारतीय टीम ने ये मैच 17 रन से जीत लिया. भारत इस वर्ल्ड कप में अपने चारों मैच जीत चुकी है. वहीं नीदरलैंड्स की टीम का टी20 वर्ल्ड कप से सफर खत्म हो गया है, उसको इस वर्ल्ड कप में एकमात्र जीत नामीब‍िया के ख‍िलाफ मिली थी. ऐसी रही नीदरलैंड्स की पारी 194 रनों के जवाब में उतरी नीदरलैंड्स की शुरुआत ठीक ठाक रही. पहला झटका उसे छठे ओवर में लगा जब मैक्स 35 के स्कोर पर आउट हुए. इसके बाद 51 के स्कोर पर उसे दूसरा झटका लगा जब माइकल लेविट आउट हुए. बास डी लीडे और कॉलिन के बीच अच्छी साझेदारी पनपी. लेकिन फिर भारतीय गेंदबाजों ने शिकंजा कस लिया. नीदरलैंड्स की टीम 176 रन ही बना सकी. भारत की ओर से सबसे सफल गेंदबाज वरुण चक्रवर्ती रहे जिन्होंने 3 ओवर में 14 रन देकर 3 विकेट झटके. वहीं, शिवम दुबे को 2 और बुमराह को एक विकेट मिला.  भारतीय टीम की पारी की हाइलाइट्स  इस मुकाबले में भारतीय टीम की ओर से ओपन‍िंंग करने के लिए अभ‍िषेक शर्मा और ईशान किशन आए. अभ‍िषेक शर्मा एक बार फ‍िर अनलकी साबित हुए और पहले ही ओवर में नीदरलैंड्स के आर्यन दत्त की गेंद पर 0 पर आउट हो गए. अभ‍िषेक शर्मा महज 3 गेंद ही फेज कर पाए. यह उनका इस वर्ल्ड कप में 0 की हैट्र‍िक रही. इसके बाद ईशान किशन भी 7 गेंदों पर 18 गेंदों पर जड़कर बोल्ड हो गए. ईशान के आउट होते ही टीम इंड‍िया का स्कोर 39/2 हो गया. एक समय तिलक वर्मा (31) और कप्तान सूर्या टीम को संभाले हुए लग रहे, लेकिन फ‍िर रोएलोफ वैन डेर मर्व ने शानदार डाइव‍िंंग कैच लोगान वैन बीक की गेंद पर पकड़कर उनको पवेल‍ियन की द‍िशा द‍िखा दी. इसके बाद आउट होने वाले अगले बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव रहे जो 28 गेंदों पर 34 रन बनाकर काइल क्लेन की गेंद पर आउट हुए. सूर्या के आउट होते ही भारतीय टीम का स्कोर 110/4 हो गया. इसके बाद श‍िवम दुबे और हार्द‍िक पंड्या ने अंत‍िम ओवर्स में अच्छी बल्लेबाजी की, एक समय लग रहा था कि भारत आसानी से 200 रन क्रॉस कर लेगा. लेकिन अंत‍िम ओवर श‍िवम दुबे (31 बॉल, 4 चौके, 6 छक्के, 66 रन) और हार्द‍िक (30 रन, 21 गेंद) के आउट होने से ऐसा नहीं हो पाया. दुबे और पंड्या दोनों  ही लोगन वैन बीक की गेंदों पर आउट हुए. लोगन नीदरलैंड्स की टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे, ज‍िन्होंने 3 विकेट झटके.  टीम इंड‍िया की प्लेइंग 11 में दो बदलाव  इस मुकाबले में भारतीय टीम की प्लेइंग 11 में दो बदलाव हुए थे. कुलदीप यादव की जगह अर्शदीप सिंह टीम में आए थे. वहीं अक्षर पटेल आराम द‍िया गया, और उनकी जगह टीम में वॉश‍िंंगटन सुंदर को  शाम‍िल किया गया था. सुंदर का यह टी20 वर्ल्ड कप में डेब्यू मैच भी था.   नीदरलैंड्स की भारत के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: माइकल लेविट, मैक्स ओ'डॉड, बास डी लीडे, कॉलिन एकरमैन, स्कॉट एडवर्ड्स (कप्तान और विकेटकीपर), जैक लायन-कैशेट, लोगन वैन बीक, नोआ क्रोस, आर्यन दत्त, रोएलोफ वैन डेर मर्व, काइल क्लेन भारत की नीदरलैंड्स के ख‍िलाफ प्लेइंग इलेवन: अभिषेक शर्मा, ईशान किशन (विकेटकीपर), तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), हार्दिक पंड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, वॉशिंगटन सुंदर, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती