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मुरैना में नकली शराब का बड़ा खुलासा, 600 लीटर स्प्रिट, राइफल और कारतूस समेत कई सामान बरामद

मुरैना  माता बसैया थाना पुलिस ने नाका गांव में आसन नदी किनारे बीहड़ क्षेत्र में नकली शराब बनाने का प्लांट पकड़ा है। यहां बड़ी मात्रा में अवैध शराब और नकली शराब बनाने की सामग्री मिली है। पुलिस ने मौके से सात आरोपितों को भी गिरफ्तार किया है। माता बसैया थाना प्रभारी अरुण कुशवाह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। आसन नदी किनारे बीहड़ के सुनसान क्षेत्र में झोपड़ी बनाकर अवैध शराब बनाने का कारोबार चल रहा था। पुलिस ने घेराबंदी कर दबिश दी। 1000 लीटर अवैध शराब बरामद मौके से 1000 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। इसके अलावा 600 लीटर ओपी (स्प्रिट) केमिकल भी मिला है, जिससे नकली शराब बनाई जा रही थी। आरोपितों के पास से 12 बोर की राइफल और चार कारतूस भी बरामद किए गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था यहां तैयार की जाने वाली नकली शराब को ग्रामीण क्षेत्रों में खपाया जाता था। शराब नकली न लगे, इसके लिए उसे हूबहू उन्हीं कार्टनों में पैक किया जाता था, जिनमें आबकारी विभाग के ठेकों की शराब आती है। सातों आरोपितों के खिलाफ आबकारी एक्ट और आर्म्स एक्ट की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है।  

न्यू ईयर सेलिब्रेशन में झारखंडियों ने तोड़े सारे रिकॉर्ड, तीन दिन में करोड़ों की शराब बिकी

रांची नए साल के जश्न ने झारखंड में शराब की बिक्री के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। 31 दिसंबर की रात राज्यभर में जश्न, पार्टियों और नाइट सेलिब्रेशन का असर सीधा शराब की दुकानों पर दिखा, जहां देर रात तक भारी भीड़ लगी रही। तीन दिनों में 65 करोड़ रुपये की शराब बिकी 30 दिसंबर से 1 जनवरी तक राज्य में लगभग 65 करोड़ रुपये के शराब की बिक्री का अनुमान है। झारखंड शराब व्यापारी संघ के प्रदेश महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल ने बताया कि तीन दिनों में बिक्री 65 से 70 करोड़ रुपये के बीच रही। उन्होंने कहा कि मांग के अनुरूप पूरी बिक्री नहीं हो पाई। सर्वाधिक बिक्री 31 दिसंबर को हुई, जब पूरे राज्य में लगभग 30 करोड़ रुपये की शराब बिकी। पिछले वर्ष 60 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई थी कहा जा रहा है कि यह पिछले साल 31 दिसंबर की तुलना में लगभग ढाई करोड़ रुपये अधिक है। पिछले वर्ष इसी मौके पर तीन दिनों में लगभग 60 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई थी।  

मालीघोरी गांव में ड्राई डे पर शराब की तस्करी पकड़ाई, पुलिस ने की कड़ी कार्रवाई

बालोद ड्राई डे पर भी अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम मालीघोरी में गुरुवार देर रात पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 498 पव्वा अवैध शराब जब्त की। यह जखीरा गांव के निवासी खिलेश गौतम के घर से बरामद हुआ है। गांव में शराब पकड़े जाने के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ड्राई डे पर भी खुलेआम शराब बेची जा रही थी और बेचने वाला दबंगई कर रहा था। इस बात से नाराज होकर ग्रामीण लामबंद हो गए। देखते ही देखते गांव का माहौल बिगड़ गया और गांव छावनी में तब्दील हो गया। शिकायत मिलते ही बालोद थाने की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को काबू में किया। पुलिस ने खिलेश गौतम के घर से शराब का जखीरा जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू की है। गांव के लोग इस कार्रवाई को लेकर संतुष्ट नजर आए, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक अवैध शराबखोरी पर रोकथाम को लेकर ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद कारोबार फल-फूल रहा है।

शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ में बड़ा सुराग, ED सक्रिय, अधिकारियों से लगातार पूछताछ

रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है. आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है. इन आबकारी अफसरों को भेजा गया है समन आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.

भाजपा नेता के परिजन के फॉर्म हाउस से 12 लाख रुपए की शराब बरामद, सागर में छापेमारी

सागर  एमपी पुलिस ने सागर में एक बड़ी कार्रवाई की है। बीजेपी के बड़े नेता के फॉर्म हाउस पर छापेमारी की है, यहां से लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की है। शराब जब्ती के बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब रखी गई है। इसके बाद पुलिस ने छापेमारी की और शराब बरामद की है। 219 पेटी देसी और विदेशी शराब बरामद पुलिस ने सागर जिले के बहेरिया पुलिस स्टेशन अंतर्गत छापेमारी की है। रुद्र प्रताप सिंह के फॉर्म हाउस से 219 पेटी में भरी देसी और विदेशी शराब बरामद की है। इसके बाद सोमवार को एफआईआर दर्ज हुई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि फॉर्म हाउस में अवैध रूप से शराब को स्टोर किया जा रहा है। 12 लाख रुपए की शराब बरामद स्थानीय पुलिस (बहेरिया पुलिस स्टेशन) की एक टीम ने तलाशी ली और लगभग 12 लाख रुपए की शराब बरामद की। FIR में यह जानकारी दी गई है। शराब बरामद होने के बाद रुद्र प्रताप सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। उन पर मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 32 (2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। FIR में यह भी बताया गया है। हालांकि, अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि पुलिस ने रुद्र प्रताप सिंह को गिरफ्तार किया है या नहीं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस ने रविवार देर रात तक कुछ अन्य स्थानों पर भी व्यापक तलाशी ली। सभी रिश्तेदारों से तोड़ लिए हैं संबंध दिलचस्प बात यह है कि सागर जिला पुलिस द्वारा अपने भतीजे के खिलाफ कार्रवाई करने के बाद, खुरई विधानसभा क्षेत्र से BJP विधायक भूपेंद्र सिंह ने एक अधिसूचना (अपने वकील के माध्यम से) जारी की। इसमें उन्होंने घोषणा की कि उन्होंने अपने सभी रिश्तेदारों से संबंध तोड़ लिए हैं। किसी से नहीं है संबंध भूपेंद्र सिंह ने अपने वकील को जारी एक पत्र में उल्लेख किया है कि उनका अपने तीन बेटियों, एक बेटे और अपनी पत्नी को छोड़कर किसी भी सदस्य या रिश्तेदार से कोई लेना-देना नहीं है।