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सरकार का बड़ा बयान: देश में पेट्रोल, डीजल और LPG की कोई कमी नहीं

नई दिल्ली ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच कुछ शहरों के पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ उमड़ती दिख रही है। इसके अलावा, एलपीजी सिलेंडरों में भी कथित संकट का दावा किया जा रहा है। इस बीच, इन दावों को सरकार ने गलत बताया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने कहा है कि भारत में पेट्रोलियम और एलपीजी की आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित और नियंत्रण में है। सभी खुदरा ईंधन आउटलेट्स पर पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है। देश में कहीं भी पेट्रोल, डीजल या एलपीजी की कोई कमी नहीं है। मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे जान-बूझकर चलाए जा रहे एक शरारतपूर्ण और सुनियोजित दुष्प्रचार अभियान से गुमराह न हों, जिसका उद्देश्य बेवजह घबराहट फैलाना है। 'पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं' भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनर और पेट्रोलियम उत्पादों का पांचवां सबसे बड़ा निर्यातक है, जो 150 से ज्यादा देशों को रिफाइंड ईंधन की आपूर्ति करता है। क्योंकि भारत दुनिया के लिए एक शुद्ध निर्यातक है, इसलिए घरेलू पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता संरचनात्मक रूप से सुनिश्चित है। पूरे देश में एक लाख से ज्यादा खुदरा ईंधन आउटलेट खुले हैं और बिना किसी रुकावट के ईंधन दे रहे हैं। किसी भी आउटलेट से आपूर्ति की राशनिंग करने के लिए नहीं कहा गया है। पूरी दुनिया में, देश कीमतों में बढ़ोतरी, राशनिंग, ऑड-ईवन वाहन प्रतिबंधों और स्टेशनों को जबरन बंद करने जैसी स्थितियों का सामना कर रहे हैं। मंत्रालय ने अपने बयान में आगे कहा, ''कुछ देशों ने राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है। भारत को ऐसे किसी भी उपाय की जरूरत महसूस नहीं होती। जहां दूसरे देश राशनिंग कर रहे हैं, वहीं भारत में आपूर्ति की कोई कमी नहीं है। जहां कुछ चुनिंदा पंपों पर घबराहट में खरीदारी के इक्का-दुक्का मामले सामने आए, वे सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो के जरिए जान-बूझकर फैलाई गई गलत जानकारी के कारण हुए थे। ऐसे पंपों पर मांग में अचानक बढ़ोतरी के बावजूद, सभी उपभोक्ताओं को ईंधन दिया गया और तेल कंपनियों के डिपो आपूर्ति बढ़ाने के लिए पूरी रात काम करते रहे। तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को दिए जाने वाले क्रेडिट को पहले के एक दिन से बढ़ाकर 3 दिन से ज्यादा करने के कदम भी उठाए हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पंप मालिकों की कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) से जुड़ी समस्याओं के कारण किसी भी पंप पर पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो।'' कच्चे तेल की आपूर्ति: कमी की पूरी भरपाई हो गई है मंत्रालय ने आगे कहा, ''होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की स्थिति के बावजूद, भारत को आज दुनिया भर में अपने 41 से ज्यादा आपूर्तिकर्ताओं से पहले की तुलना में ज़्यादा कच्चा तेल मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाज़ारों में उपलब्ध बड़ी मात्रा ने किसी भी रुकावट की पूरी भरपाई कर दी है। भारत की हर रिफाइनरी 100 फीसदी से ज्यादा क्षमता पर चल रही है। अगले 60 दिनों के लिए कच्चे तेल की आपूर्ति भारतीय तेल कंपनियों द्वारा पहले ही सुनिश्चित कर ली गई है। आपूर्ति में कोई कमी नहीं है।''

LPG गैस बुकिंग के नए नियम 2026, अब सिलेंडर मिलेगा 2-3 दिन बाद

भोपाल  आम आदमी की रसोई पर एक बार फिर महंगाई और इंतज़ार की मार पड़ने वाली है। एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग को लेकर नए नियम लागू कर दिए गए हैं, जिससे अब उपभोक्ताओं को पहले से ज्यादा इंतजार करना पड़ेगा। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों के इस फैसले ने खासकर शहरों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। क्या बदला नए नियमों में? अब जिन उपभोक्ताओं के पास दो गैस सिलेंडर (डबल कनेक्शन) हैं, उन्हें अगली बुकिंग के लिए 35 दिन का इंतजार करना होगा। पहले यह अवधि 25 दिन थी। यानी सीधे 10 दिन का अतिरिक्त इंतजार बढ़ा दिया गया है। ये आए नए नियम नए नियमों के मुताबिक जिन घरों में दो गैस सिलेंडर हैं उन्हें अब 35 दिन बाद ही नया सिलेंडर मिलेगा। जिनके पास एक सिलेंडर है उन्हें पहले की तरह 25 दिन बाद सिलेंडर मिलेगा। यानी सीधी सी बात है कि अब दो सिलेंडर रखने वालों को कुछ और  लंबा इंतजार करना होगा। एलपीजी सप्लाई को लेकर बदलते हालात के बीच सरकार ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब उज्ज्वला उपभोक्ताओं को दूसरे गैस सिलिंडर की बुकिंग के लिए 25 दिन की जगह 45 दिन का इंतजार करना होगा। साथ ही, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच बुकिंग अंतर का फर्क भी खत्म कर दिया गया है। वहीं, एलपीजी संकट के चलते कॉमर्शियल गैस सिलिंडर की सप्लाई भी प्रभावित हुई है। केंद्र सरकार ने 23 मार्च से होटल, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 50 प्रतिशत गैस देने का निर्देश दिया था, लेकिन प्रदेश में यह पूरी तरह लागू नहीं हो सका है। अब नई व्यवस्था के तहत प्रतिष्ठानों को उनकी औसत खपत के आधार पर केवल 20 प्रतिशत गैस ही दी जाएगी और इसके लिए पहले जांच की जाएगी।  किसे कितने दिन इंतजार? डबल सिलेंडर वाले: 35 दिन बाद बुकिंग  सिंगल सिलेंडर वाले: 25 दिन (कोई बदलाव नहीं) उज्ज्वला योजना लाभार्थी: 45 दिन बाद बुकिंग 10 किलो कम्पोजिट सिलेंडर: 18 दिन बाद छोटे (5 किलो) सिलेंडर: 9 से 16 दिन सबसे बड़ा बदलाव क्या है? अब बुकिंग का समय पिछली डिलीवरी की तारीख से गिना जाएगा, न कि बुकिंग की तारीख से। अगर कोई उपभोक्ता तय समय से पहले बुकिंग करेगा तो सिस्टम खुद ही रिक्वेस्ट रिजेक्ट कर देगा। शहरों में ज्यादा असर क्यों? शहरी इलाकों में ज्यादातर परिवार डबल सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में अब गैस खत्म होने पर तुरंत नया सिलेंडर मिलना आसान नहीं होगा।  कमर्शियल गैस पर भी असर 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडरों की सप्लाई भी दबाव में है। फिलहाल इन्हें प्राथमिकता के आधार पर आपात सेवाओं और शिक्षण संस्थानों को ही दिया जा रहा है। सरकार का क्या कहना है? अधिकारियों के मुताबिक, ये बदलाव गैस की खपत को नियंत्रित करने और सप्लाई सिस्टम को संतुलित रखने के लिए किए गए हैं।  जरूरी सूचना: किसी भी समस्या के लिए उपभोक्ता टोल-फ्री नंबर 1800-2333-555 पर संपर्क कर सकते हैं। कुल मिलाकर: अब गैस सिलेंडर सिर्फ महंगा ही नहीं, बल्कि समय पर मिलना भी चुनौती बनता जा रहा है। ऐसे में उपभोक्ताओं को पहले से प्लानिंग करके चलना होगा, वरना रसोई की आग ठंडी पड़ सकती है।

योगी सरकार की सख्ती: पेट्रोल, डीजल और एलपीजी आपूर्ति पर प्रदेश भर में तेज़ कार्रवाई

पेट्रोल-डीजल और एलपीजी आपूर्ति पर योगी सरकार सख्त, पूरे प्रदेश में ताबड़तोड़ कार्रवाई कालाबाजारी पर कड़ी कार्रवाई, अब तक प्रदेश भर में 12,732 छापे एलपीजी वितरकों के खिलाफ 25 एफआईआर दर्ज, कालाबाजारी में शामिल अन्य 152 व्यक्तियों पर भी मुकदमे दर्ज अब तक 16 लोगों की हुई गिरफ्तारी और 185 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई, 24 घंटे कंट्रोल रूम सक्रिय एफआईआर, गिरफ्तारी से लेकर अतिरिक्त सिलेंडर आवंटन तक उपभोक्ताओं को निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था लागू लखनऊ  प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने व्यापक स्तर पर सख्त कदम उठाए हैं। सरकार की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए प्रदेशभर में 12 मार्च से अब तक 12,732 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 25 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि कालाबाजारी में शामिल अन्य 152 व्यक्तियों पर भी मुकदमे दर्ज हुए। कार्रवाई के दौरान 16 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 185 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। उल्लेखनीय है कि शासन स्तर से 12 मार्च 2026 को जारी निर्देशों के तहत मुख्य सचिव द्वारा सभी जिलाधिकारियों को आवश्यक आपूर्ति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की बाधा को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। आवश्यकतानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रदेश के 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां बुकिंग के अनुरूप उपभोक्ताओं को गैस रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। वर्तमान में सभी वितरकों के पास पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकतानुसार घरेलू एलपीजी सिलेंडर उपभोक्ताओं को लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।इस बीच भारत सरकार द्वारा भी सहयोग करते हुए 23 मार्च 2026 से वाणिज्यिक गैस सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन की अनुमति प्रदान की गई है, जिससे बाजार में आपूर्ति और अधिक सुदृढ़ हुई है। जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में स्थिति की सतत निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान और समस्याओं का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है। इसके साथ ही होम कंट्रोल रूम में भी खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की तैनाती की गई है। प्रदेश के सभी जनपदों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार सक्रिय हैं। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में लगातार भ्रमण कर उपभोक्ताओं को एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं।

पीएनजी वाले घरों में अब एलपीजी सिलिंडर नहीं चलेगा, सरकार ने जारी किए सरेंडर के आदेश

चंडीगढ़  हरियाणा में अब रसोई गैस की व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जिन घरों तक पाइप नेचुरल गैस यानी पीएनजी पहुंच चुकी है, वहां अब एलपीजी सिलिंडर नहीं चलेगा। यानी एक ही घर में दो तरह की गैस रखने का दौर अब खत्म होगा। सोमवार को मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की अध्यक्षता में हुई अहम बैठक के बाद ये सख्त फैसले लिए गए हैं। इसमें राज्य में एलपीजी और पीएनजी की स्थिति की समीक्षा करते हुए यह तय किया गया कि जहां पीएनजी उपलब्ध है, वहां के उपभोक्ताओं को उसी पर शिफ्ट करना होगा। भले ही वे पीएनजी को न चाहते हों लेकिन फिर भी उन्हें पीएनजी ही लेनी होगी।  बैठक में निर्णय लिया गया है कि पीएनजी कनेक्शन होने के बावजूद एलपीजी कनेक्शन रखना अब गैरकानूनी माना जाएगा। ऐसे सभी उपभोक्ताओं को तुरंत अपना सिलिंडर कनेक्शन सरेंडर करना होगा। आदेश में यह भी स्पष्ट है कि इसके बाद कोई भी उपभोक्ता सरकारी तेल कंपनियों से गैस सिलिंडर की रिफिल यानी भरवा नहीं ले सकेगा। सबसे सख्त प्रावधान ये है कि अगर किसी इलाके में पीएनजी की सुविधा उपलब्ध है और उपभोक्ता इसे लेने से इनकार करता है, तो उसका एलपीजी कनेक्शन ही सस्पेंड कर दिया जाएगा। यानी अब विकल्प की गुंजाइश लगभग खत्म कर दी गई है। जिन घरों में पीएनजी मीटर पहले ही लगाए जा चुके हैं, वहां तुरंत प्रभाव से एलपीजी सप्लाई बंद करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि एक ही घर में दोहरी गैस व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो जाए। अफसरों को सख्ती से आदेश करवाने होंगे लागू- राज्य सरकार ने प्रदेश के सभी उपायुक्तों, जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रकों और सिटी गैस कंपनियों को निर्देश दिए हैं कि इस फैसले को जमीनी स्तर पर सख्ती से लागू कराया जाए। साथ ही पीएनजी पाइपलाइन बिछाने में आ रही अड़चनों जैसे रोड कटिंग और राइट ऑफ वे को भी तुरंत दूर करने को कहा गया है। ताकि गैस कंपनी शहर की सड़कों पर अपनी पाइपलाइन बिछा सकें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पीएनजी के कनेक्शन पहुंच सकें। सरकार का दावा है कि पीएनजी ज्यादा सुरक्षित, सस्ती और सुविधाजनक है। इससे सिलिंडर ढुलाई, गैस खत्म होने और ब्लैक मार्केटिंग जैसी समस्याएं खत्म होंगी। अधिकारी के अनुसार सरकार की ओर से ये आदेश मिले हैं। इनको धरातल पर सख्ती से लागू कराया जाएगा। जहां पीएनजी की पाइपलाइन हैं वहां के उपभोक्ताओं को पीएनजी कनेक्शन ही लेना होगा। जिनके कनेक्शन चल रहे हैं उन्हें अपना एलपीजी सिलिंडर सरेंडर करना होगा। पाइपलाइन बिछाने के लिए सरकार की ओर से नगर निगम और एचएसवीपी को भी निर्देश जारी किए हैं। -मुकेश कुमार, डीएफएससी, करनाल।

नई गाइडलाइन के तहत प्रदेश में LPG गैस सिलेंडर वितरण, कोटा निर्धारित

भोपाल  मध्यप्रदेश सरकार ने गैस सिलेंडरों के वितरण का कोटा तय कर दिया है। घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह 100 प्रतिशत आपूर्ति मिलती रहेगी। वहीं, शिक्षा और चिकित्सा क्षेत्रों को संबंधित जिले में उपलब्ध कमर्शियल गैस के कुल स्टॉक में से 30 प्रतिशत आपूर्ति देने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि ऐसे में दोनों क्षेत्रों की जरूरत पूरी हो सकेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के उप सचिव बीके चंदेल ने सभी कलेक्टरों को इस संबंध में निर्देश जारी किए। इससे पहले विभागीय मंत्री गोविंद सिंह राजपूत और अपर मुख्य सचिव रश्मि अरुण शमी ने गैस व पेट्रोल-डीजल आपूर्ति की समीक्षा की। सरकार ने कहा कि जमाखोरी या कालाबाजारी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। तय कर दिया गया सबका कोटा केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, सुरक्षा एजेंसियां, पुलिस, एयरपोर्ट, रेलवे, दीनदयाल रसोई, जेल, सामाजिक न्याय विभाग और महिला-बाल विकास को 35 प्रतिशत सिलेंडर मिलेगा। होटल क्षेत्र को 9 प्रतिशत, रेस्टोरेंट व केटरिंग को भी समान आपूर्ति तथा ढाबा व स्ट्रीट फूड वेंडरों को 7 प्रतिशत आपूर्ति होगी। उद्योगों में फार्मास्यूटिकल, फूड प्रोसेसिंग, पोल्ट्री फीड व सीड प्रोसेसिंग क्षेत्र को 5 प्रतिशत और अन्य उद्योगों को भी इतनी ही मात्रा में सिलेंडर दिए जाएंगे। किया जाएगा निरिक्षण सरकार ने स्पष्ट किया है कि जमाखोरी, अवैध भंडारण और कालाबाजारी को रोकने के लिए जिला प्रशासन द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाएगा। आवश्यक वस्तु अधिनियम सहित अन्य संबंधित कानूनों के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने संस्थानों और प्रतिष्ठानों को अस्थायी रूप से वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है, ताकि गैस की उपलब्धता का संतुलन बनाए रखा जा सके। यह नई व्यवस्था अगले आदेश तक लागू रहेगी, जिससे आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए आम आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू रखा जा सके। कमर्शियल गैस सिलिंडरों की दिक्कत राजधानी में अभी भी कमर्शियल गैस सिलिंडरों की किल्लत हो रही है। बीते दो सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था सामान्य नहीं हो सकी है। अब इसका सीधा असर होटल, रेस्तरां और छोटे ढाबा संचालकों पर पड़ रहा है। कारोबार चौपट होने की कगार पर पहुंच चुका है, जिससे व्यापारियों में नाराजगी बढ़ रही है।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत: इस साउथ अमेरिकी देश से LPG सप्लाई बढ़ी, आयात हुआ डबल

नई दिल्ली ईरान में छिड़ी जंग का सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली सप्लाई पर पड़ा है तो वहीं उत्पादन भी प्रभावित है। इस बीच भारत के लिए साउथ अमेरिका के देश अर्जेंटीना से महत्वपूर्ण राहत आई है। अर्जेंटीना से बीते तीन महीनों में आयात दोगुना हो गया है और यह भारत के लिए बड़ी राहत है। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि अर्जेंटीना इस साल अब तक 50 हजार टन एलपीजी की खरीद की जा चुकी है, जो बीते साल 22 हजार टन ही थी। इस तरह अब तक दोगुने से ज्यादा का आयात भारत कर चुका है। ऐसे समय में जब ईरान से लेकर कतर तक में गैस फील्ड्स पर हमले हो रहे हैं, तब अर्जेंटीना से आयात का बढ़ना बड़ी राहत है। अर्जेंटीना के पोर्ट ऑफ बाहिया ब्लांका से इस जंग की शुरुआत से ठीक पहले भारत ने 39 हजार टन गैस मंगाई थी। इसके बाद 5 मार्च को फिर से 11 हजार नई खेप मंगाई गई थी। अर्जेंटीना का जनवरी महीने में गैस उत्पादन 2,59,000 टन था। उसने तेजी से अपने उत्पादन में भी इजाफा करने के प्रयास किए हैं। इससे स्पष्ट है कि मिडल ईस्ट के देशों से इतर गैस की खरीद के लिए प्रयास कर रहे भारत को इससे बड़ी राहत मिल सकती है। कतर, सऊदी अरब जैसे देशों पर ईरान के हमले हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अर्जेंटीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। भारत पहले ही नॉर्वे और अमेरिका जैसे देशों से गैस की खरीद में बढ़ोतरी कर चुका है। इसके अलावा भारत ने अपनी खरीद को डाइवर्सिफाई करने के जो प्रयास किए हैं, उसी के तहत अर्जेंटीना भी जुड़ा है। भारत 2024 से पहले अर्जेंटीना से तेल और गैस की कोई खरीद नहीं करता था। अब यह देश जुड़ा है और भारत तेजी से उससे खरीद बढ़ाने का इच्छुक है। यही नहीं मांग को देखते हुए अर्जेंटीना ने भी अपनी प्रॉसेसिंग यूनिट के विस्तार का फैसला लिया है। इस तरह भारत ने एक नया पार्टनर एनर्जी के मामले में तलाश लिया है। बता दें कि भारत पहले ही अर्जेंटीना से एडिबल ऑयल खरीदता रहा है। इसमें भी बड़ा हिस्सा सोयाबीन तेल का रहा है। इसके अलावा लेदर, सूरजमुखी का तेल, दाल और कुछ केमिकल्स आदि की खरीद करता रहा है। भारत की कंपनी ONGC विदेश ने किया है करार अर्जेंटीना से तेल और गैस की खरीद के लिए भारत की कंपनी ONGC विदेश लिमिटेड ने समझौता भी किया है। गौरतलब है कि लंबे समय से यह बात होती ही है कि भारत को अपनी तेल और गैस की खरीद को डाइवर्सिफाई करने की जरूरत है। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में ईरान और खाड़ी देशों से इतर किन मुल्कों से भारत अपनी खरीद में इजाफा करता है। फिलहाल गैस का संकट देश में बड़ा है और उससे निपटने की जरूरत है।  

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरेंगे भारतीय झंडे वाले 2 गैस टैंकर, LPG पर मिली गुड न्यूज

 नई दिल्ली दुनिया में जितना भी तेल और गैस समुद्र के रास्ते जाता है, उसका करीब 20 फीसदी सिर्फ एक रास्ते से गुजरता है होर्मुज की खाड़ी. यह एक बहुत ही पतली सी जलधारा है जो ईरान और ओमान के बीच में है. एक तरफ खाड़ी के देश हैं – UAE, कुवैत, सऊदी अरब, इराक. और इन सबका तेल बाहर जाने का एकमात्र समुद्री रास्ता यही है।  अब सोचिए – अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो क्या होगा? दुनिया के पांचवें हिस्से का तेल और गैस रुक जाएगा. कीमतें आसमान छू लेंगी. और भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगाते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ होगी।  हुआ क्या है अभी? ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग छिड़ी हुई है. ईरान ने धमकी दे दी कि जो भी जहाज होर्मुज से निकलने की कोशिश करेगा, उस पर हमला होगा।  बस इतना सुनते ही सैकड़ों जहाज वहीं लंगर डालकर रुक गए. कोई आगे जाने को तैयार नहीं. पिछले 24 घंटों में एक भी तेल का बड़ा जहाज होर्मुज से नहीं गुजरा. यह बहुत बड़ी बात है. मतलब रास्ता व्यावहारिक रूप से बंद पड़ा है।  भारत का क्या हाल है? भारत के 22 जहाज इस वक्त खाड़ी के अंदर फंसे हुए हैं. न आगे जा पा रहे हैं, न वापस आ पा रहे हैं. इनमें दो जहाज खास तौर पर चर्चा में हैं. पाइन गैस जिसे आईओसी यानी इंडियन ऑयल ने किराए पर लिया है. जग वसंत – जिसे बीपीसीएल ने किराए पर लिया है।  ये दोनों LPG टैंकर हैं. मतलब इनमें रसोई गैस जैसा ईंधन भरा है जो भारत के घरों तक पहुंचना है. ये दोनों जहाज UAE के शारजाह के पास लंगर डाले खड़े हैं. शनिवार को निकलने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।  मोदी सरकार क्या कर रही है? भारत सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत चाहता है कि उसके जहाज सुरक्षित और बिना रोक-टोक के निकल सकें।  और सबसे अहम बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दूसरे देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं ताकि इन जहाजों का सुरक्षित रास्ता निकाला जा सके. यह कूटनीति का खेल है. प्रधानमंत्री की कोशिश है कि ईरान तक यह बात पहुंचे कि भारत के जहाजों को जाने दिया जाए।  खबर के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान ने दो भारतीय LPG जहाजों को होरमुज से गुजरने दिया था. यानी ईरान ने भारत को थोड़ी रियायत दी. यह इसलिए भी समझ में आता है क्योंकि भारत और ईरान के रिश्ते पहले से ही ठीक-ठाक रहे हैं, और भारत ने हमेशा इस जंग में किसी एक तरफ खड़े होने से परहेज किया है।  पाकिस्तान वाला दिलचस्प किस्सा इस पूरी खबर में एक बहुत दिलचस्प बात और है. डेटा से पता चला है कि पाकिस्तान जाने वाला एक तेल का जहाज हाल ही में होर्मुज से गुजर गया. इसका मतलब यह है कि ईरान ने पूरी तरह रास्ता बंद नहीं किया है. वो चुन-चुनकर कुछ देशों को जाने दे रहा है. जिनसे उसके संबंध ठीक हैं, या जो उसके लिए काम के हैं – उन्हें रास्ता मिल रहा है।  यह एक तरह का दबाव का हथियार है. ईरान कह रहा है, "देखो, मैं सबको रोक सकता हूं, लेकिन जिसे चाहूं उसे जाने भी दे सकता हूं।  असली मुद्दा क्या है? यह सिर्फ कुछ जहाजों की कहानी नहीं है. यह उस रास्ते की कहानी है जिससे भारत का रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल आता है. अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत में गैस और तेल की कमी हो सकती है. कीमतें बढ़ सकती हैं और आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 

सरकार का दावा, देश में घरेलू LPG और कच्चे तेल का है पर्याप्त भंडार

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हुई है. जिसके दुनिया में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. भारत में भी इसका असर दिखने लगा है. हालांकि, सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आज की स्थिति के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि घरेलू LPG उत्पादन जारी है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, देशभर में किसी भी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) पर ड्राय-आउट की कोई सूचना नहीं है. प्राकृतिक गैस के संबंध में, सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वे पीएनजी (PNG) पर शिफ्ट करें. इस संबंध में राज्य सरकारों को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है. पैनिक बुकिंग में कमी आई… सुजाता शर्मा ने कहा कि शीर्ष 15 गैस क्षेत्रों में लगभग 13,700 से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं और लगभग 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हुए हैं. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग लगभग 93% है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से की जा रही है. पैनिक बुकिंग में कमी आई है और कल लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग प्राप्त हुईं. उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है. वाणिज्यिक एलपीजी के लिए लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं और पिछले एक सप्ताह में लगभग 11,300 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है. सभी राज्यों के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है. खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित वहीं, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पोत, पत्तन एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, जिनकी निगरानी डीजी शिपिंग द्वारा लगातार की जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में 24×7 हेल्पलाइन, संचार केंद्र और कंट्रोल रूम को लगभग 125 कॉल और 200 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए, जिनका समय पर जवाब दिया गया. इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में 25 भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से वापस लाया गया है. सिन्हा ने बताया कि न्यू मंगलौर पोर्ट ने क्रूड (Crude) और LPG से संबंधित कार्गो जहाजों के लिए वेवर (छूट) प्रदान करने हेतु एक सर्कुलर जारी किया है, जो 14 मार्च से 31 मार्च तक मान्य है. इसके अलावा, लगभग 3,500 वर्ग मीटर का अतिरिक्त कवर शेड और 76,000 वर्ग मीटर का ओपन यार्ड अतिरिक्त भंडारण क्षमता के लिए निर्धारित (ईयरमार्क) किया गया है. पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्रालय का बयान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से बात की. उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत का पक्ष रखा और बातचीत, तनाव कम करने और शांति पर जोर दिया. उन्होंने ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की, जबकि सभी पक्षों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन और लगातार तालमेल के लिए अपना समर्थन दोहराया. उन्होंने त्योहारों की शुभकामनाएं भी दीं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में मिले सहयोग की सराहना की. जायसवाल ने कहा कि मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी इसी तरह की चर्चाएं हुईं, जिसमें स्थिरता, सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन और लगातार तालमेल के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई. ईरान में फंसे 913 भारतीयों को वापस लाया गया उन्होंने कहा कि भारत खाड़ी देशों से लोगों को निकालने के अपने प्रयास जारी रखे हुए है; अब तक आर्मीनिया और अजरबैजान के रास्ते 913 फंसे हुए भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है. विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम ने कई कॉल संभाले हैं, जो मुख्य रूप से व्यापारिक जहाजों से संबंधित थे. सरकार लगातार सक्रिय है और भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर नजर रख रही है.

सरकार का बयान: पैनिक न करें, 7 दिन में मिलेगा PNG कनेक्शन, LPG बुकिंग न करें

 नई दिल्ली आजकल चारों तरफ बस एक ही चर्चा है गैस और ईंधन की किल्लत. लेकिन इस संकट के बीच कुछ शातिर लोग आपकी मजबूरी का फायदा उठाने की फिराक में हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सी. सेंथिल राजन ने एक बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि आजकल लोगों के मोबाइल पर गैस बिल APK फाइल के नाम से मैसेज आ रहे हैं. इसमें आपसे बैंक की जानकारी मांगी जाती है और जैसे ही आप डिटेल भरते हैं, आपका बैंक खाता साफ हो जाता है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आए, तो सावधान रहें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें। ईंधन की सप्लाई को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कर दिया है कि पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म नहीं होने दिया जाएगा. सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि कहीं भी खत्म की स्थिति न बने. वहीं, मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग के विशेष सचिव राजेश के. सिन्हा और विदेश मंत्रालय के रणधीर जायसवाल भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि विदेशों से आने वाली सप्लाई में कोई दिक्कत न आए। सरकार अब एलपीजी यानी रसोई गैस के इस्तेमाल को कम करने और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. विदेश मंत्रालय के असीम महाजन ने बताया कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द पीएनजी पर शिफ्ट हो जाएं. अच्छी खबर यह है कि पिछले एक हफ्ते में ही  1.25 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं. सरकार ने आदेश दिया है कि पीएनजी के लिए आने वाले किसी भी आवेदन को एक हफ्ते के भीतर मंजूरी दी जाए। कुवैत में फंसे भारतीयों की वापसी और उड़ानों का ताजा अपडेट अब बात करते हैं उन भारतीयों की जो विदेशों में फंसे हैं. विदेश मंत्रालय के असीम आर. महाजन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक करीब 28 लाख लोग सुरक्षित भारत लौट चुके हैं. कुवैत का हवाई रास्ता 28 फरवरी से बंद है, जिससे वहां फंसे लोगों की चिंता बढ़ गई थी. लेकिन अब राहत की बात यह है कि जजीरा एयरवेज सऊदी अरब के रास्ते स्पेशल उड़ानें चला रही है.कल कोच्चि के लिए पहली स्पेशल फ्लाइट रवाना होगी, जिससे केरल के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार का पूरा जोर इस वक्त दो चीजों पर है. पहला, देश के भीतर ईंधन की कमी न होने देना और दूसरा, साइबर ठगों से जनता को बचाना. पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं ताकि गैस की किल्लत को पीएनजी के जरिए दूर किया जा सके. अगर आप भी कमर्शियल गैस इस्तेमाल करते हैं, तो पीएनजी अपनाना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है क्योंकि सरकार इसमें पूरी मदद कर रही है। चलते-चलते बस इतना ही कहेंगे कि संकट के इस समय में घबराएं नहीं, बल्कि समझदारी से काम लें. न तो किसी अनजान लिंक पर क्लिक करें और न ही गैस की किल्लत को लेकर अफवाहों पर ध्यान दें. सरकार के अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि आपकी रसोई और आपकी गाड़ी का पहिया थमे नहीं। रूस से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है एक्वा टाइटन मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग के विशेष सचिव राजेश के. सिन्हा ने जानकारी दी है कि रूसी कच्चे तेल से लदा टैंकर एक्वा टाइटन 21 मार्च को भारत पहुंचेगा. इस विशाल जहाज को एमआरपीएल (MRPL) ने किराए पर लिया है, जो सीधे मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा. ईंधन की किल्लत की खबरों के बीच रूस से आ रही कच्चे तेल की यह बड़ी खेप भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

एमपी में LPG की बढ़ी डिमांड, 4 दिन तक वेटिंग; होटल-रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल सिलेंडर की नई गाइडलाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी की किल्लत लगातार बनी हुई है और इसका असर खास तौर पर होटल व रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पाई है. हालांकि ऑयल कंपनियों ने नई गाइडलाइन में कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, जिसमें 10 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बुधवार को निर्देश मिलते हैं तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट को राहत मिल सकती है. घरेलू सिलेंडर की मांग में तेज उछाल दूसरी ओर, इस संकट का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसके कारण अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार शहर में करीब साढ़े 5 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू कनेक्शन शामिल हैं. पहले जहां रोजाना करीब 8500 सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है. इधर, एलपीजी संकट के बाद प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की डिमांड 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस वजह से वेटिंग 3 से 4 दिन तक चल रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में साढ़े 5 लाख घरेलू-कमर्शियल सिलेंडर कनेक्शन हैं। इनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू सिलेंडर कनेक्शन शामिल हैं। 7 दिन पहले तक भोपाल में हर रोज एवरेज 8500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब 14 हजार तक पहुंच गई है। डिमांड बढ़ने से 5 से 6 हजार सिलेंडर का अंतर आ गया। इस वजह से आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच गया है। सिलेंडर सप्लाई बढ़ाई फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया, पिछले 2-3 दिन में भेपाल में ही रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की सप्लाई कर रहे हैं। अगले 3 से 4 दिन में क्लियर कर देंगे। भरत और एचपी कंपनी की ऑनलाइन और इंडेन की ऑफलाइन बुकिंग की जा रही है। इंडेन के सबसे ज्यादा 65% तक कनेक्शन हैं। गाइडलाइन आई, आदेश का इंतजार कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मंगलवार को ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन आई। जिसमें 12 कैटेगिरी को कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है। इनमें रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों को खपत की 10% आपूर्ति भी शामिल हैं। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि विस्तृत आदेश आएंगे, तब सप्लाई शुरू कर देंगे। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल मंगलवार को भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा। पिछले 8 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया।