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भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत: इस साउथ अमेरिकी देश से LPG सप्लाई बढ़ी, आयात हुआ डबल

नई दिल्ली ईरान में छिड़ी जंग का सीधा असर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होने वाली सप्लाई पर पड़ा है तो वहीं उत्पादन भी प्रभावित है। इस बीच भारत के लिए साउथ अमेरिका के देश अर्जेंटीना से महत्वपूर्ण राहत आई है। अर्जेंटीना से बीते तीन महीनों में आयात दोगुना हो गया है और यह भारत के लिए बड़ी राहत है। पूरे मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों का कहना है कि अर्जेंटीना इस साल अब तक 50 हजार टन एलपीजी की खरीद की जा चुकी है, जो बीते साल 22 हजार टन ही थी। इस तरह अब तक दोगुने से ज्यादा का आयात भारत कर चुका है। ऐसे समय में जब ईरान से लेकर कतर तक में गैस फील्ड्स पर हमले हो रहे हैं, तब अर्जेंटीना से आयात का बढ़ना बड़ी राहत है। अर्जेंटीना के पोर्ट ऑफ बाहिया ब्लांका से इस जंग की शुरुआत से ठीक पहले भारत ने 39 हजार टन गैस मंगाई थी। इसके बाद 5 मार्च को फिर से 11 हजार नई खेप मंगाई गई थी। अर्जेंटीना का जनवरी महीने में गैस उत्पादन 2,59,000 टन था। उसने तेजी से अपने उत्पादन में भी इजाफा करने के प्रयास किए हैं। इससे स्पष्ट है कि मिडल ईस्ट के देशों से इतर गैस की खरीद के लिए प्रयास कर रहे भारत को इससे बड़ी राहत मिल सकती है। कतर, सऊदी अरब जैसे देशों पर ईरान के हमले हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में अर्जेंटीना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। भारत पहले ही नॉर्वे और अमेरिका जैसे देशों से गैस की खरीद में बढ़ोतरी कर चुका है। इसके अलावा भारत ने अपनी खरीद को डाइवर्सिफाई करने के जो प्रयास किए हैं, उसी के तहत अर्जेंटीना भी जुड़ा है। भारत 2024 से पहले अर्जेंटीना से तेल और गैस की कोई खरीद नहीं करता था। अब यह देश जुड़ा है और भारत तेजी से उससे खरीद बढ़ाने का इच्छुक है। यही नहीं मांग को देखते हुए अर्जेंटीना ने भी अपनी प्रॉसेसिंग यूनिट के विस्तार का फैसला लिया है। इस तरह भारत ने एक नया पार्टनर एनर्जी के मामले में तलाश लिया है। बता दें कि भारत पहले ही अर्जेंटीना से एडिबल ऑयल खरीदता रहा है। इसमें भी बड़ा हिस्सा सोयाबीन तेल का रहा है। इसके अलावा लेदर, सूरजमुखी का तेल, दाल और कुछ केमिकल्स आदि की खरीद करता रहा है। भारत की कंपनी ONGC विदेश ने किया है करार अर्जेंटीना से तेल और गैस की खरीद के लिए भारत की कंपनी ONGC विदेश लिमिटेड ने समझौता भी किया है। गौरतलब है कि लंबे समय से यह बात होती ही है कि भारत को अपनी तेल और गैस की खरीद को डाइवर्सिफाई करने की जरूरत है। ऐसे में देखना होगा कि आने वाले दिनों में ईरान और खाड़ी देशों से इतर किन मुल्कों से भारत अपनी खरीद में इजाफा करता है। फिलहाल गैस का संकट देश में बड़ा है और उससे निपटने की जरूरत है।  

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरेंगे भारतीय झंडे वाले 2 गैस टैंकर, LPG पर मिली गुड न्यूज

 नई दिल्ली दुनिया में जितना भी तेल और गैस समुद्र के रास्ते जाता है, उसका करीब 20 फीसदी सिर्फ एक रास्ते से गुजरता है होर्मुज की खाड़ी. यह एक बहुत ही पतली सी जलधारा है जो ईरान और ओमान के बीच में है. एक तरफ खाड़ी के देश हैं – UAE, कुवैत, सऊदी अरब, इराक. और इन सबका तेल बाहर जाने का एकमात्र समुद्री रास्ता यही है।  अब सोचिए – अगर यह रास्ता बंद हो जाए तो क्या होगा? दुनिया के पांचवें हिस्से का तेल और गैस रुक जाएगा. कीमतें आसमान छू लेंगी. और भारत जैसे देश, जो अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से मंगाते हैं, उन्हें सबसे ज्यादा तकलीफ होगी।  हुआ क्या है अभी? ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जंग छिड़ी हुई है. ईरान ने धमकी दे दी कि जो भी जहाज होर्मुज से निकलने की कोशिश करेगा, उस पर हमला होगा।  बस इतना सुनते ही सैकड़ों जहाज वहीं लंगर डालकर रुक गए. कोई आगे जाने को तैयार नहीं. पिछले 24 घंटों में एक भी तेल का बड़ा जहाज होर्मुज से नहीं गुजरा. यह बहुत बड़ी बात है. मतलब रास्ता व्यावहारिक रूप से बंद पड़ा है।  भारत का क्या हाल है? भारत के 22 जहाज इस वक्त खाड़ी के अंदर फंसे हुए हैं. न आगे जा पा रहे हैं, न वापस आ पा रहे हैं. इनमें दो जहाज खास तौर पर चर्चा में हैं. पाइन गैस जिसे आईओसी यानी इंडियन ऑयल ने किराए पर लिया है. जग वसंत – जिसे बीपीसीएल ने किराए पर लिया है।  ये दोनों LPG टैंकर हैं. मतलब इनमें रसोई गैस जैसा ईंधन भरा है जो भारत के घरों तक पहुंचना है. ये दोनों जहाज UAE के शारजाह के पास लंगर डाले खड़े हैं. शनिवार को निकलने की तैयारी में बताए जा रहे हैं।  मोदी सरकार क्या कर रही है? भारत सरकार हाथ पर हाथ धरे नहीं बैठी है. विदेश मंत्रालय ने साफ कहा है कि भारत चाहता है कि उसके जहाज सुरक्षित और बिना रोक-टोक के निकल सकें।  और सबसे अहम बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद दूसरे देशों के नेताओं से बात कर रहे हैं ताकि इन जहाजों का सुरक्षित रास्ता निकाला जा सके. यह कूटनीति का खेल है. प्रधानमंत्री की कोशिश है कि ईरान तक यह बात पहुंचे कि भारत के जहाजों को जाने दिया जाए।  खबर के मुताबिक पिछले हफ्ते ईरान ने दो भारतीय LPG जहाजों को होरमुज से गुजरने दिया था. यानी ईरान ने भारत को थोड़ी रियायत दी. यह इसलिए भी समझ में आता है क्योंकि भारत और ईरान के रिश्ते पहले से ही ठीक-ठाक रहे हैं, और भारत ने हमेशा इस जंग में किसी एक तरफ खड़े होने से परहेज किया है।  पाकिस्तान वाला दिलचस्प किस्सा इस पूरी खबर में एक बहुत दिलचस्प बात और है. डेटा से पता चला है कि पाकिस्तान जाने वाला एक तेल का जहाज हाल ही में होर्मुज से गुजर गया. इसका मतलब यह है कि ईरान ने पूरी तरह रास्ता बंद नहीं किया है. वो चुन-चुनकर कुछ देशों को जाने दे रहा है. जिनसे उसके संबंध ठीक हैं, या जो उसके लिए काम के हैं – उन्हें रास्ता मिल रहा है।  यह एक तरह का दबाव का हथियार है. ईरान कह रहा है, "देखो, मैं सबको रोक सकता हूं, लेकिन जिसे चाहूं उसे जाने भी दे सकता हूं।  असली मुद्दा क्या है? यह सिर्फ कुछ जहाजों की कहानी नहीं है. यह उस रास्ते की कहानी है जिससे भारत का रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल आता है. अगर यह रास्ता लंबे समय तक बंद रहा तो भारत में गैस और तेल की कमी हो सकती है. कीमतें बढ़ सकती हैं और आम आदमी की जेब पर सीधा असर पड़ेगा। 

सरकार का दावा, देश में घरेलू LPG और कच्चे तेल का है पर्याप्त भंडार

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में संघर्ष के कारण ऊर्जा की सप्लाई प्रभावित हुई है. जिसके दुनिया में ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं. भारत में भी इसका असर दिखने लगा है. हालांकि, सरकार ने आश्वासन दिया है कि देश के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि आज की स्थिति के अनुसार सभी रिफाइनरियां उच्चतम क्षमता पर संचालित हो रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है. उन्होंने कहा कि घरेलू LPG उत्पादन जारी है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है, देशभर में किसी भी वितरक (डिस्ट्रीब्यूटर) पर ड्राय-आउट की कोई सूचना नहीं है. प्राकृतिक गैस के संबंध में, सभी उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि जहां संभव हो, वे पीएनजी (PNG) पर शिफ्ट करें. इस संबंध में राज्य सरकारों को भी पत्र लिखकर अनुरोध किया गया है. पैनिक बुकिंग में कमी आई… सुजाता शर्मा ने कहा कि शीर्ष 15 गैस क्षेत्रों में लगभग 13,700 से अधिक कनेक्शन दिए गए हैं और लगभग 7,500 उपभोक्ता एलपीजी से PNG पर शिफ्ट हुए हैं. उन्होंने कहा कि ऑनलाइन बुकिंग लगभग 93% है और डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड के माध्यम से की जा रही है. पैनिक बुकिंग में कमी आई है और कल लगभग 55 लाख रीफिल बुकिंग प्राप्त हुईं. उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी सामान्य रूप से जारी है. वाणिज्यिक एलपीजी के लिए लगभग 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने आवंटन आदेश जारी किए हैं और पिछले एक सप्ताह में लगभग 11,300 टन वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति की गई है. सभी राज्यों के पास पर्याप्त आपूर्ति उपलब्ध है. खाड़ी क्षेत्र में मौजूद सभी 22 भारतीय जहाज सुरक्षित वहीं, संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में पोत, पत्तन एवं जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने कहा कि पिछले 24 घंटों में किसी भी समुद्री घटना की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. खाड़ी क्षेत्र में मौजूद हमारे सभी 22 जहाज और 611 भारतीय नाविक सुरक्षित हैं, जिनकी निगरानी डीजी शिपिंग द्वारा लगातार की जा रही है. उन्होंने कहा कि पिछले 24 घंटों में 24×7 हेल्पलाइन, संचार केंद्र और कंट्रोल रूम को लगभग 125 कॉल और 200 से अधिक ईमेल प्राप्त हुए, जिनका समय पर जवाब दिया गया. इसके अलावा, पिछले 24 घंटों में 25 भारतीय नाविकों को सुरक्षित रूप से वापस लाया गया है. सिन्हा ने बताया कि न्यू मंगलौर पोर्ट ने क्रूड (Crude) और LPG से संबंधित कार्गो जहाजों के लिए वेवर (छूट) प्रदान करने हेतु एक सर्कुलर जारी किया है, जो 14 मार्च से 31 मार्च तक मान्य है. इसके अलावा, लगभग 3,500 वर्ग मीटर का अतिरिक्त कवर शेड और 76,000 वर्ग मीटर का ओपन यार्ड अतिरिक्त भंडारण क्षमता के लिए निर्धारित (ईयरमार्क) किया गया है. पश्चिम एशिया संकट पर विदेश मंत्रालय का बयान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ओमान, मलेशिया, फ्रांस, जॉर्डन और कतर के नेताओं से बात की. उन्होंने पश्चिम एशिया संघर्ष पर भारत का पक्ष रखा और बातचीत, तनाव कम करने और शांति पर जोर दिया. उन्होंने ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की, जबकि सभी पक्षों ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित आवागमन और लगातार तालमेल के लिए अपना समर्थन दोहराया. उन्होंने त्योहारों की शुभकामनाएं भी दीं और भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी में मिले सहयोग की सराहना की. जायसवाल ने कहा कि मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय के साथ भी इसी तरह की चर्चाएं हुईं, जिसमें स्थिरता, सामान और ऊर्जा के निर्बाध आवागमन और लगातार तालमेल के प्रति साझा प्रतिबद्धता दोहराई गई. ईरान में फंसे 913 भारतीयों को वापस लाया गया उन्होंने कहा कि भारत खाड़ी देशों से लोगों को निकालने के अपने प्रयास जारी रखे हुए है; अब तक आर्मीनिया और अजरबैजान के रास्ते 913 फंसे हुए भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है. विदेश मंत्रालय के कंट्रोल रूम ने कई कॉल संभाले हैं, जो मुख्य रूप से व्यापारिक जहाजों से संबंधित थे. सरकार लगातार सक्रिय है और भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्थिति पर नजर रख रही है.

सरकार का बयान: पैनिक न करें, 7 दिन में मिलेगा PNG कनेक्शन, LPG बुकिंग न करें

 नई दिल्ली आजकल चारों तरफ बस एक ही चर्चा है गैस और ईंधन की किल्लत. लेकिन इस संकट के बीच कुछ शातिर लोग आपकी मजबूरी का फायदा उठाने की फिराक में हैं. सूचना और प्रसारण मंत्रालय के सी. सेंथिल राजन ने एक बड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने बताया कि आजकल लोगों के मोबाइल पर गैस बिल APK फाइल के नाम से मैसेज आ रहे हैं. इसमें आपसे बैंक की जानकारी मांगी जाती है और जैसे ही आप डिटेल भरते हैं, आपका बैंक खाता साफ हो जाता है. अगर आपके पास भी ऐसा कोई मैसेज आए, तो सावधान रहें और तुरंत पुलिस में शिकायत करें। ईंधन की सप्लाई को लेकर पेट्रोलियम मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने साफ कर दिया है कि पेट्रोल पंपों पर तेल खत्म नहीं होने दिया जाएगा. सरकार पूरी कोशिश कर रही है कि कहीं भी खत्म की स्थिति न बने. वहीं, मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग के विशेष सचिव राजेश के. सिन्हा और विदेश मंत्रालय के रणधीर जायसवाल भी पूरी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए हैं ताकि विदेशों से आने वाली सप्लाई में कोई दिक्कत न आए। सरकार अब एलपीजी यानी रसोई गैस के इस्तेमाल को कम करने और पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है. विदेश मंत्रालय के असीम महाजन ने बताया कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं से अपील की जा रही है कि वे जल्द से जल्द पीएनजी पर शिफ्ट हो जाएं. अच्छी खबर यह है कि पिछले एक हफ्ते में ही  1.25 लाख नए पीएनजी कनेक्शन दिए गए हैं. सरकार ने आदेश दिया है कि पीएनजी के लिए आने वाले किसी भी आवेदन को एक हफ्ते के भीतर मंजूरी दी जाए। कुवैत में फंसे भारतीयों की वापसी और उड़ानों का ताजा अपडेट अब बात करते हैं उन भारतीयों की जो विदेशों में फंसे हैं. विदेश मंत्रालय के असीम आर. महाजन ने बताया कि 28 फरवरी से अब तक करीब 28 लाख लोग सुरक्षित भारत लौट चुके हैं. कुवैत का हवाई रास्ता 28 फरवरी से बंद है, जिससे वहां फंसे लोगों की चिंता बढ़ गई थी. लेकिन अब राहत की बात यह है कि जजीरा एयरवेज सऊदी अरब के रास्ते स्पेशल उड़ानें चला रही है.कल कोच्चि के लिए पहली स्पेशल फ्लाइट रवाना होगी, जिससे केरल के उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं। सरकार का पूरा जोर इस वक्त दो चीजों पर है. पहला, देश के भीतर ईंधन की कमी न होने देना और दूसरा, साइबर ठगों से जनता को बचाना. पेट्रोलियम मंत्रालय और विदेश मंत्रालय मिलकर काम कर रहे हैं ताकि गैस की किल्लत को पीएनजी के जरिए दूर किया जा सके. अगर आप भी कमर्शियल गैस इस्तेमाल करते हैं, तो पीएनजी अपनाना आपके लिए फायदे का सौदा हो सकता है क्योंकि सरकार इसमें पूरी मदद कर रही है। चलते-चलते बस इतना ही कहेंगे कि संकट के इस समय में घबराएं नहीं, बल्कि समझदारी से काम लें. न तो किसी अनजान लिंक पर क्लिक करें और न ही गैस की किल्लत को लेकर अफवाहों पर ध्यान दें. सरकार के अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं ताकि आपकी रसोई और आपकी गाड़ी का पहिया थमे नहीं। रूस से कच्चा तेल लेकर भारत आ रहा है एक्वा टाइटन मिनिस्ट्री ऑफ शिपिंग के विशेष सचिव राजेश के. सिन्हा ने जानकारी दी है कि रूसी कच्चे तेल से लदा टैंकर एक्वा टाइटन 21 मार्च को भारत पहुंचेगा. इस विशाल जहाज को एमआरपीएल (MRPL) ने किराए पर लिया है, जो सीधे मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचेगा. ईंधन की किल्लत की खबरों के बीच रूस से आ रही कच्चे तेल की यह बड़ी खेप भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी अहम मानी जा रही है।

एमपी में LPG की बढ़ी डिमांड, 4 दिन तक वेटिंग; होटल-रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल सिलेंडर की नई गाइडलाइन

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी की किल्लत लगातार बनी हुई है और इसका असर खास तौर पर होटल व रेस्टोरेंट कारोबार पर साफ दिखाई दे रहा है. लगातार आठवें दिन भी कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई नहीं हो पाई है. हालांकि ऑयल कंपनियों ने नई गाइडलाइन में कुछ राहत देने के संकेत दिए हैं, जिसमें 10 प्रतिशत तक कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने की बात कही गई है, लेकिन अभी तक इस संबंध में कोई स्पष्ट आदेश जारी नहीं हुए हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि यदि बुधवार को निर्देश मिलते हैं तो प्रदेश के करीब 50 हजार होटल और रेस्टोरेंट को राहत मिल सकती है. घरेलू सिलेंडर की मांग में तेज उछाल दूसरी ओर, इस संकट का असर घरेलू गैस उपभोक्ताओं पर भी पड़ रहा है. कमर्शियल सिलेंडर की कमी के चलते घरेलू सिलेंडर की मांग अचानक करीब 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है. इसके कारण अब उपभोक्ताओं को सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है. भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार शहर में करीब साढ़े 5 लाख गैस कनेक्शन हैं, जिनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू कनेक्शन शामिल हैं. पहले जहां रोजाना करीब 8500 सिलेंडर बुक होते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 14 हजार तक पहुंच गई है, जिससे सप्लाई और मांग के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है. इधर, एलपीजी संकट के बाद प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की डिमांड 70 प्रतिशत तक बढ़ गई है। इस वजह से वेटिंग 3 से 4 दिन तक चल रही है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में साढ़े 5 लाख घरेलू-कमर्शियल सिलेंडर कनेक्शन हैं। इनमें 80 हजार कमर्शियल और 4.70 लाख घरेलू सिलेंडर कनेक्शन शामिल हैं। 7 दिन पहले तक भोपाल में हर रोज एवरेज 8500 सिलेंडर की बुकिंग होती थी, जो अब 14 हजार तक पहुंच गई है। डिमांड बढ़ने से 5 से 6 हजार सिलेंडर का अंतर आ गया। इस वजह से आंकड़ा 48 हजार तक पहुंच गया है। सिलेंडर सप्लाई बढ़ाई फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया, पिछले 2-3 दिन में भेपाल में ही रोजाना 12 से 13 हजार सिलेंडर की सप्लाई कर रहे हैं। अगले 3 से 4 दिन में क्लियर कर देंगे। भरत और एचपी कंपनी की ऑनलाइन और इंडेन की ऑफलाइन बुकिंग की जा रही है। इंडेन के सबसे ज्यादा 65% तक कनेक्शन हैं। गाइडलाइन आई, आदेश का इंतजार कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई को लेकर मंगलवार को ऑयल कंपनियों की नई गाइडलाइन आई। जिसमें 12 कैटेगिरी को कमर्शियल सिलेंडर देने की बात कही गई है। इनमें रेस्टोरेंट, होटल और ढाबों को खपत की 10% आपूर्ति भी शामिल हैं। फूड कंट्रोलर जादौन ने बताया कि विस्तृत आदेश आएंगे, तब सप्लाई शुरू कर देंगे। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल मंगलवार को भी कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा। पिछले 8 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया।

कालाबाजारी में संलिप्त 12 एलपीजी वितरकों एवं 74 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज

कालाबाजारी पर मुख्यमंत्री योगी के निर्देश पर कड़ी कार्रवाई, 5813 जगहों पर पड़े छापे कालाबाजारी में संलिप्त 12 एलपीजी वितरकों एवं 74 अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कार्रवाई के दौरान 11 गिरफ्तार एवं 85 व्यक्तियों के खिलाफ हुई अभियोजन की कार्रवाई सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में खाद्यायुक्त कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम 24 घंटे संचालित लखनऊ  प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के साथ-साथ कालाबाजारी और अवैध बिक्री पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 12 से 17 मार्च तक पूरे प्रदेश में 5813 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 12 एफआईआर दर्ज कराई गईं, जबकि कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 74 एफआईआर दर्ज हुई हैं। कार्रवाई के दौरान 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 85 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है। यह अभियान लगातार जारी है और स्थानीय स्तर पर अधिकारियों को सक्रिय रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार की इस सख्ती के बीच आपूर्ति व्यवस्था भी नियंत्रण में है। प्रदेश के 4108 एलपीजी गैस वितरकों के यहां बुकिंग के सापेक्ष उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित कराई जा रही है। वितरकों के पास गैस सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार घरेलू एलपीजी रिफिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वाणिज्यिक सिलेंडरों के लिए भारत सरकार द्वारा कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति भी दी गई है, जिससे बाजार में संतुलन बनाए रखने में मदद मिल रही है। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे संचालित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से संबंधित सूचनाओं का आदान-प्रदान किया जा रहा है और सामने आ रही समस्याओं का तत्काल निस्तारण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त होम कंट्रोल में भी खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जनपद स्तर पर भी कंट्रोल रूम स्थापित कर उन्हें सक्रिय रखा गया है, जिससे स्थानीय स्तर पर स्थिति पर लगातार नजर बनी रहे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कहीं भी कृत्रिम कमी की स्थिति न बनने पाए और उपभोक्ताओं को समय से आवश्यक ईंधन उपलब्ध होता रहे। प्रशासनिक स्तर पर की जा रही यह सतत निगरानी प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था को सामान्य बनाए रखने में अहम भूमिका निभा रही है।

घर बैठे WhatsApp, ऐप और कॉल से LPG सिलेंडर कैसे बुक करें, लंबी लाइन से बचने का तरीका

नई दिल्ली अगर आपके घर में LPG सिलेंडर खत्म होने वाला है तो उसे बुक करने के लिए अब सिर्फ गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं है. आजकल Indane, HP Gas और Bharat Gas तीनों कंपनियां कॉल, SMS, WhatsApp और मोबाइल ऐप जैसे कई तरीकों से सिलेंडर बुक करने की सुविधा देती हैं।  हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में LPG बुकिंग सिस्टम पर लोड बढ़ने की खबरें भी आई हैं, जिसकी वजह से ऐप और कॉल सर्विस में दिक्कतें भी देखी गईं.  ऐसे में अगर कॉल से बुकिंग नहीं हो पा रही है तो आप दूसरे तरीकों का इस्तेमाल कर सकते हैं। कॉल करके ऐसे करें LPG सिलेंडर बुक अगर आपके पास HP Gas कनेक्शन है तो आप अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से IVRS नंबर 88888 23456 पर कॉल करके सिलेंडर बुक कर सकते हैं. इसके अलावा 94936 02222 पर मिस्ड कॉल देकर भी बुकिंग की जा सकती है.  Bharat Gas के कस्टमर्स 77150 12345 या 77180 12345 नंबर पर कॉल करके LPG रिफिल बुक कर सकते हैं. वहीं Indane Gas यूजर्स 7718955555 नंबर पर कॉल या SMS के जरिए सिलेंडर बुक कर सकते हैं.  WhatsApp से भी हो जाती है LPG बुकिंग अब गैस सिलेंडर WhatsApp से भी आसानी से बुक किया जा सकता है. इसके लिए आपको अपनी गैस कंपनी का नंबर फोन में सेव करना होगा. लीडिंग कंपनियों के बुकिंग नंबर्स ये हैं:      Indane Gas WhatsApp: 75888 88824     HP Gas WhatsApp: 92222 01122     Bharat Gas WhatsApp: 1800 22 4344 WhatsApp पर इन नंबरों पर Hi या REFILL लिखकर मैसेज भेजना होता है. इसके बाद स्क्रीन पर आने वाले स्टेप्स को फॉलो करके सिलेंडर बुक किया जा सकता है.  मोबाइल ऐप से भी कर सकते हैं बुकिंग तीनों गैस कंपनियों की अपनी मोबाइल ऐप भी हैं.     Indane: IndianOil ONE ऐप     HP Gas: HP Gas ऐप     Bharat Gas: Hello BPCL ऐप इन ऐप्स में लॉगिन करने के बाद आप सिलेंडर बुकिंग, पेमेंट और डिलीवरी स्टेटस भी देख सकते हैं. ये ऐप गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं. डाउनलोड करने के बाद लॉग LPG बुकिंग के नियम में भी हुआ बदलाव हाल ही में सरकार ने LPG सिलेंडर बुकिंग से जुड़ा एक नियम भी बदला है. अब एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए कम से कम 25 दिन का इंतजार करना होगा, पहले यह समय 21 दिन था. सरकार का कहना है कि यह फैसला सिलेंडर की जमाखोरी रोकने और सभी उपभोक्ताओं तक गैस की सप्लाई बराबर पहुंचाने के लिए लिया गया है. ग्रामीण इलाकों में यह गैप और ज्यादा हो सकता है, जहां कुछ जगहों पर इसे 45 दिन तक बढ़ाया गया है.

गैस संकट मामले में केंद्र का कोर्ट को जवाब, क्या मिली राहत?

नई दिल्ली एलपीजी संकट को लेकर केंद्र सरकार ने बॉम्बे हाई कोर्ट को जवाब दिया है। सरकार ने इस जवाब में कहा है कि एलपीजी संकट से उबरने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। ताकि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते भारत में एलपीजी की सप्लाई प्रभावित न होने पाए। सरकार के दूसरे वरिष्ठतम कानून अधिकारी, सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस अनिल एस किलोर और राज डी वाकोड़े की बेंच को बताया कि बातचीत जारी है और सरकार अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जिन कदमों को उठाया जा रहा है, उन्हें जानबूझकर नहीं बताया जा रहा है। साथ ही सरकार पर भरोसा बनाए रखने की भी अपील की। अपनी तरफ से पूरी कोशिश इसलिए, उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि वह एलपीजी डीलरों द्वारा दायर याचिका को बंद कर दे। डीलरों ने दावा किया था कि ईरान-इजरायल युद्ध के चलते घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है। एसजी मेहता ने कहाकि कूटनीतिक स्तर पर बातचीत चल रही है। हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं। सरकार पर भरोसा करते हुए अदालत इसे बंद करने पर विचार कर सकती है। अदालत ने सरकार की प्रस्तुतियों पर विचार किया और याचिका को बंद कर दिया। यह याचिका एलपीजी डीलरों द्वारा दायर की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि घरेलू आपूर्ति की तुलना में निर्यात को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि एलपीजी की गंभीर कमी है। डीलरों ने कहाकि महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में आपूर्ति मध्य पूर्व के संघर्ष के कारण प्रभावित हुई। सरकार को दी थी नोटिस इससे पहले 12 मार्च को बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर बेंच ने घरेलू रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर गुरुवार को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और एक निजी कंपनी को नोटिस जारी किया था। छह रसोई गैस वितरकों द्वारा दायर याचिका में आरोप लगाया गया था कि नागपुर स्थित कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड ने केन्द्र सरकार के घरेलू आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देशों के बावजूद घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति नहीं बढ़ाई है। अधिवक्ता श्याम देवानी और साहिल देवानी के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया था कि ईरान युद्ध के कारण वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान से रसोई गैस उत्पादन पर दबाव बढ़ गया है। इस स्थिति को देखते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस के उत्पादन और आपूर्ति को प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए थे। याचिका में क्या था याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि कंपनी से निर्यात रोककर घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने के लिए कई बार अनुरोध किए गए, लेकिन कंपनी ने इसे नजरअंदाज कर दिया। याचिकाकर्ताओं के अनुसार कंपनी ने जवाब दिया कि वह अपनी निर्यात नीति के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में आपूर्ति जारी रखने के लिए बाध्य है और घरेलू बाजार को प्राथमिकता नहीं दे सकती। जस्टिस अनिल एस किलोरे और न्यायमूर्ति राज डी वाकोड़े की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश व्यापार महानिदेशालय और कॉन्फिडेंस पेट्रोलियम इंडिया लिमिटेड को नोटिस जारी किए और मामले की अगली सुनवाई सोमवार को निर्धारित की थी।  

एलपीजी कालाबाजारी पर सरकार का सख्त एक्शन, छापों में 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार

एलपीजी कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, अब तक 4,816 छापे, 70 एफआईआर और 10 गिरफ्तार कालाबाजारी पर प्रदेशभर में योगी सरकार की सख्ती, वितरकों पर रखी जा रही नजर सीएम योगी के निर्देश के बाद प्रदेशभर में प्रवर्तन तेज, 67 पर अभियोजन, अवैध बिक्री पर कड़ी कार्रवाई 4,108 वितरकों पर डिलीवरी की निगरानी बढ़ाई गई, वाणिज्यिक सिलेंडरों के 20% आवंटन पर भी सख्ती खाद्य आयुक्त कार्यालय में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय, जिलों में भी बने कंट्रोल रूम, अधिकारी लगातार फील्ड में सक्रिय लखनऊ प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर योगी सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सीएम योगी के निर्देश के बाद पूरे प्रदेश में प्रवर्तन एजेंसियां सक्रिय हो गईं हैं और कालाबाजारी व अवैध बिक्री के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत, 12 मार्च से अब तक प्रदेशभर में 4,816 निरीक्षण और छापेमारी की गई है। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 10 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य व्यक्तियों के विरुद्ध 60 एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई। मौके से 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और 67 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई है।  स्टॉक की नियमित समीक्षा योगी सरकार द्वारा 4,108 एलपीजी वितरकों के यहां उपभोक्ताओं को बुकिंग के अनुरूप गैस सिलेंडर की डिलीवरी सुनिश्चित कराने के लिए सख्त निगरानी की जा रही है। स्टॉक की नियमित समीक्षा की जा रही है और आवश्यकतानुसार रिफिल की उपलब्धता पर नजर रखी जा रही है। यही नहीं, केंद्र सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत आवंटन की अनुमति दिए जाने के बाद इसके क्रियान्वयन पर भी सतर्कता बरती जा रही है। स्थानीय अधिकारी फील्ड में सक्रिय खाद्य आयुक्त कार्यालय में पेट्रोलियम पदार्थों के वितरण से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल में भी अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार निगरानी कर रहे हैं। साथ ही, जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी फील्ड में लगातार भ्रमण कर स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और उपभोक्ताओं तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।

MP में LPG संकट: घरेलू सिलेंडर की सप्लाई में सुधार, कमर्शियल गैस की कमी पर ऑयल कंपनियों का ध्यान

भोपाल  मध्य प्रदेश में एलपीजी सिलेंडर की कमी का असर अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। हालांकि घरेलू गैस सिलेंडरों की आपूर्ति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों की कमी से होटल और रेस्टोरेंट उद्योग अभी भी प्रभावित है। प्रदेश के विभिन्न शहरों में कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दिए जाने से लगभग 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट सोमवार को गैस के बिना काम करने को मजबूर रहे। भोपाल के भौंरी स्थित ऑयल कंपनी डिपो से कमर्शियल सिलेंडर ट्रकों में लोड किए जा रहे हैं, लेकिन इन्हें होटल और रेस्टोरेंट तक पहुंचाने के आदेश अभी जारी नहीं हुए हैं। जिला फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन के अनुसार फिलहाल प्राथमिकता के आधार पर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान, पुलिस, सेना और रेलवे कैंटीन जैसे आवश्यक सेवाओं को ही गैस सिलेंडर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया, भौंरी स्थित डिपो से कमर्शियल सिलेंडर के ट्रक लोड हो रहे हैं, लेकिन फिलहाल होटल और रेस्टोरेंट को सिलेंडर देने के आदेश नहीं है। इसलिए सोमवार को अस्पताल, शैक्षणिक संस्थाएं, पुलिस, सेना-रेलवे कैंटिंग को ही सिलेंडर की सप्लाई की गई है। महाराष्ट्र में 70% सप्लाई, एमपी में भी हो एमपी होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी ने बताया, एसोसिएशन को महाराष्ट्र के उपहार गृहों में 70 प्रतिशत रिलीफ यानी, सिलेंडर दिए जाने के आदेश मिले हैं। एमपी में भी ये आदेश आ सकते हैं। फिलहाल सोमवार को कमर्शियल सिलेंडर नहीं दिया गया। इस कारण प्रदेश के 50 हजार से अधिक होटल और रेस्टोरेंट में समस्या बनी रही। यदि इन्हें भी सिलेंडर मिलेंगे तो यह होटल इंडस्ट्री के लिए 'ऑक्सीजन' मिलने जैसा रहेगा। पिछले 7 दिन से सप्लाई नहीं होने से भोपाल, इंदौर समेत कई जिलों में होटल-रेस्टोरेंट में गैस का स्टॉक खत्म हो रहा है। वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन, डीजल भट्‌ठी के इंतजाम जरूर किए हैं, लेकिन यह बहुत ही खर्चिला है। इसलिए मेन्यू में बदलाव करने की गाइडलाइन जारी की। सिलेंडर की कमी और ग्राहकों की संख्या कम होने के बावजूद प्रदेश के किसी भी होटल या रेस्टोरेंट से कर्मचारियों को नहीं निकाला गया। प्रदेश के होटल कारोबारियों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह से कमर्शियल गैस की आपूर्ति बाधित है। इसके कारण भोपाल, इंदौर सहित कई बड़े शहरों में होटल और रेस्टोरेंट का गैस स्टॉक खत्म होने लगा है। मध्य प्रदेश होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सुमित सूरी के मुताबिक महाराष्ट्र में होटल उद्योग को लगभग 70 प्रतिशत गैस सप्लाई देने के निर्देश जारी किए गए हैं और उम्मीद है कि इसी तरह का निर्णय मध्य प्रदेश में भी जल्द लिया जाएगा। गैस की कमी के कारण कई होटल और रेस्टोरेंट वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में इंडक्शन चूल्हे और डीजल भट्टियों का उपयोग कर रहे हैं। हालांकि यह विकल्प काफी महंगा साबित हो रहा है। इसी वजह से कई स्थानों पर होटल संचालकों ने अस्थायी रूप से मेन्यू में बदलाव करने के निर्देश भी जारी किए हैं। बावजूद इसके, होटल उद्योग से जुड़े संगठनों का कहना है कि अब तक किसी कर्मचारी को नौकरी से नहीं निकाला गया है। उधर घरेलू गैस सिलेंडरों की स्थिति में कुछ सुधार देखा गया है। गैस एजेंसी संचालकों के अनुसार प्रदेश में घरेलू सिलेंडर बुकिंग से जुड़ी लगभग 50 प्रतिशत समस्याएं कम हो गई हैं। भोपाल में ही सोमवार को करीब 12 हजार से अधिक बुकिंग दर्ज की गईं। हालांकि कई उपभोक्ता भविष्य की संभावित कमी को देखते हुए अतिरिक्त सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे बाजार में घबराहट की स्थिति बनी हुई है। घरेलू गैस बुकिंग की 50% समस्या हुई कम गैस एजेंसी संचालकों की माने तो प्रदेश में घरेलू सिलेंडर की बुकिंग की 50% समस्या खत्म हो गई है। भोपाल में सोमवार को 12 हजार से अधिक बुकिंग आई। हालांकि, पैनिक स्थिति ज्यादा है। यानी, लोग भविष्य में सिलेंडर न मिलने की समस्या आने पर अतिरिक्त सिलेंडर जमा कर रहे हैं। इधर, सिलेंडर की कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। राजधानी में ही सोमवार को करीब 50 सिलेंडर जब्त किए गए। गैस किल्लत को लेकर प्रदेश में प्रदर्शन का दौर गैस की किल्लत के चलते पूरे प्रदेश में प्रदर्शन का दौर भी जारी है। सोमवार को भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा समेत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने चाय की दुकान लगाई। नाले में पाइप लगाकर उससे निकलने वाली गैस से चाय बनाने की कोशिश की। प्रदर्शन स्थल पर लगाए गए पोस्टर में लिखा था- कृपया मोदी जी की सलाह मानें। रसोई गैस के पीछे न भागें, गंदे नाले की गैस का उपयोग करें। मंदसौर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ठेले पर गैस सिलेंडर रखकर रैली निकाली। प्रधानमंत्री के खिलाफ नरेंदर-सरेंडर के नारे लगाए। गैस संकट को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश के कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किया। राजधानी भोपाल में पूर्व मंत्री पीसी शर्मा और पार्टी कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन करते हुए नाले की गैस से चाय बनाने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान लगाए गए पोस्टरों में केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए गए। मंदसौर सहित अन्य जिलों में भी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गैस सिलेंडर के साथ रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप के बीच आम लोगों और कारोबारियों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद बनी हुई है।