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पीएम मोदी की डिब्रूगढ़ यात्रा खास: राष्ट्रीय राजमार्ग पर उतरा विमान, इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा चर्चा में

डिब्रूगढ़ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी असम दौरे के तहत डिब्रूगढ़ पहुंच गए हैं. उनके दौरे की शुरुआत बेहद रणनीतिक रही, जब उनका विमान डिब्रूगढ़ के मोरान बाईपास पर नवनिर्मित इमरजेंसी लैंडिंग सुविधा (ELF) पर उतरा. यह पहली बार है कि पीएम का विमान नेशनल हाइवे पर उतरा. पूर्वोत्तर भारत में अपनी तरह की यह पहली सुविधा है, जो युद्ध और प्राकृतिक आपदा जैसी स्थितियों में भारतीय वायुसेना के लिए गेम-चेंजर साबित होगी. प्रधानमंत्री ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का उद्घाटन करेंगे. ₹3,030 करोड़ की लागत से बना यह 6-लेन पुल पूर्वोत्तर का पहला 'एक्स्ट्राडोज्ड' पुल है. इस आधुनिक पुल की मदद से गुवाहाटी और उत्तर गुवाहाटी के बीच का सफर जो घंटों में तय होता था, अब मात्र 7 मिनट में सिमट जाएगा. इसमें भूकंपरोधी तकनीक और रियल-टाइम हेल्थ मॉनिटरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है. प्रधानमंत्री आईआईएम गुवाहाटी (IIM Guwahati) का उद्घाटन करेंगे, जो क्षेत्र में उच्च शिक्षा के मानक बदलेगा. साथ ही, कामरूप जिले में राष्ट्रीय डेटा केंद्र (National Data Center) का शुभारंभ होगा. 8.5 मेगावाट क्षमता वाला यह केंद्र पूर्वोत्तर की सरकारी सेवाओं को डिजिटल रूप से सुरक्षित और सशक्त बनाएगा. शहरी परिवहन को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री 225 इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाएंगे. इनमें से 100 बसें अकेले गुवाहाटी के लिए होंगी, जबकि बाकी नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ के लिए रवाना की जाएंगी. क्या है इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (14 फरवरी) असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130J Super Hercules से लैंड किया. यह सुविधा ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई है, जो युद्ध या आपातकाल में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगी. यह पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में एक महत्वपूर्ण कदम है.  ELF क्या है और डिब्रूगढ़ में क्यों खास? इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी एक ऐसा हाईवे स्ट्रिप होता है जहां सामान्य समय में गाड़ियां चलती हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे रनवे में बदलकर विमान उतारे और उड़ाए जा सकते हैं. डिब्रूगढ़ ELF असम के ऊपरी हिस्से में है, जो भारत-चीन सीमा के बहुत करीब है.     भारतीय वायुसेना (IAF) को अगर मुख्य एयरबेस पर हमला हो या क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो वैकल्पिक जगह देगी.     विमानों को तैनात करने की सुविधा देगी, जिससे दुश्मन का निशाना लगाना मुश्किल हो जाएगा.     पूर्वी सेक्टर में हवाई ऑपरेशंस की गहराई और जीवित रहने की क्षमता बढ़ाएगी. पहले ही सफल रिहर्सल हो चुकी है इस ELF की सारी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. हाल ही में पूर्ण पैमाने 'रिहर्सल' की गई…     राफेल और सुखोई-30 MKI जैसे लड़ाकू विमान.     C-130J सुपर हरक्यूलिस ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट.     डोर्नियर सर्विलांस विमान.     एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (ALH). ये सभी विमान हाईवे स्ट्रिप पर सफलतापूर्वक उतरे और उड़े. 'टच एंड गो' मैन्यूवर्स और कॉम्बैट फॉर्मेशन लैंडिंग भी की गई. हेलीकॉप्टरों से घायलों को निकालने (कैजुअल्टी इवैक्यूएशन) का अभ्यास भी हुआ. यह सुविधा युद्ध के साथ-साथ मानवीय सहायता मिशनों में भी काम आएगी. प्रधानमंत्री मोदी खुद IAF के C-130J विमान से इस स्ट्रिप पर उतरे. यह 2021 में उत्तर प्रदेश में बने इसी तरह के स्ट्रिप की तरह होगा, जहां भी उन्होंने विमान से लैंडिंग की थी. यह सेना की क्षमता का प्रदर्शन भी है. देशभर में ELF का नेटवर्क डिब्रूगढ़ ELF अकेला नहीं है. सड़क परिवहन मंत्रालय और IAF मिलकर देशभर में ऐसे 28 स्थानों की पहचान कर चुके हैं. असम में ही 5 ELF बन रहे हैं. कई पहले से ऑपरेशनल हैं. सभी IAF एडवांस्ड लैंडिंग ग्राउंड्स को आधुनिक बनाया जा चुका है. पूर्वोत्तर में अन्य रणनीतिक प्रोजेक्ट्स यह सुविधा पूर्वोत्तर की रक्षा को मजबूत करने की बड़ी योजना का हिस्सा है… ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित अंडरवाटर रोड-रेल सुरंग – नदी के उत्तर और दक्षिण तट के बीच तेज आवाजाही. कई स्ट्रैटेजिक टनल और ऑल-वेदर रोड – बरसात या आपदा में भी कनेक्टिविटी बनी रहे. ये प्रोजेक्ट्स सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) पर निर्भरता कम करेंगे. सेना की तेज तैनाती सुनिश्चित करेंगे. क्यों जरूरी है यह सब? पूर्वोत्तर भारत की संवेदनशील सीमाओं (चीन, म्यांमार, बांग्लादेश) के पास है. यहां का इलाका मुश्किल है – नदियां, पहाड़, बाढ़. ये प्रोजेक्ट्स… प्राकृतिक आपदाओं और दुश्मन हमले दोनों से बचाव देंगे. सेना को तेज रिस्पॉन्स और बेहतर लॉजिस्टिक्स देंगे. रक्षा के साथ-साथ आम लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी और विकास लाएंगे. डिब्रूगढ़ ELF पूर्वोत्तर की रक्षा रीढ़ को मजबूत करने वाला मील का पत्थर है. यह भारत की रणनीतिक सोच को दर्शाता है – भूगोल की चुनौतियों को ताकत में बदलना. आने वाले समय में ऐसे प्रोजेक्ट्स पूर्वोत्तर को और सुरक्षित और विकसित बनाएंगे.

परीक्षा पे चर्चा में प्रधानमंत्री मोदी का संदेश: देश के छात्रों में अपने सपने सच करने की ताकत

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज परीक्षा पे चर्चा 2026 के दूसरे एपिसोड में तमिलनाडु, छत्तीसगढ़ के छात्रों से बात कर रहे हैं. इस दौरान पीएम मोदी छात्रों को स्टार्टअप से लेकर परीक्षा की तैयारी को लेकर संवाद कर रहे हैं. इस बार पीएम मोदी देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर बच्चों से बात कर रहे हैं और उनके करियर से जुड़े सवालों का जवाब दे रहे हैं.  परीक्षा पे चर्चा में ना सिर्फ पढ़ाई की तैयारी की बात हुई, बल्कि पीएम मोदी ने इस दौरान कल्चर, चाय आदि कई चीजों पर चर्चा की. इस दौरान हर चर्चा का उद्देश्य हर बच्चे को सुनना था. इस दौरान अंत में पीएम मोदी ने सभी बच्चों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं.  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के 9वें संस्करण का दूसरा एपिसोड सोमवार को जारी किया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अद्भुत प्रतिभा के धनी हमारे विद्यार्थियों में अपने सपनों को सच करने की पूरी क्षमता है। 'परीक्षा पे चर्चा' का उद्देश्य भी यही है कि कैसे वे अपनी प्रतिभा और कौशल का सार्थक इस्तेमाल कर सकते हैं।" इस अवसर पर पीएम मोदी ने संस्कृत सुभाषित भी शेयर किया। उन्होंने प्राचीन संस्कृत श्लोक का हवाला देते हुए लिखा, "विद्या वितर्को विज्ञानं स्मृतिस्तत्परता क्रिया। यस्यैते षड्गुणास्तस्य नासाध्यमतिवर्तते॥" इसका अर्थ है, 'विद्या, तर्कशक्ति, विज्ञान, स्मृति-शक्ति, तत्परता और कार्यशीलता, ये छह जिसके पास हैं, उसके लिए कुछ भी असाध्य नहीं।' हम क्या डाइट फॉलो करें? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि मेरा कोई डाइट का सिस्टम नहीं है. हमेशा डाइट अपने मन का करना चाहिए और इसे दवाई की तरह नहीं खाना चाहिए. खाना हमेशा मन भर कर खाना चाहिए. अपने शरीर को सबसे पहले प्राथमिकता देनी चाहिए. आपकी लाइफ में टीचर का क्या रोल था? इस पर पीएम मोदी ने कहा कि हमारे टीचर का काफी रोल था और हमे लाइब्रेरी जाने के लिए कहते थे. इसके अलावा हमारे टीचर हमें फिजिकल फिटनेस के लिए आग्रह करते थे और योग के लिए कहते थे. हर एक टीचर का कुछ ना कुछ योगदान होता है.  पीएम मोदी ने गुजरात में पालतरिया समाज को लेकर किए गए काम का जिक्र भी परीक्षा पे चर्चा में किया है. इसके अलावा पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि बच्चों को तनाव से बचने के लिए अच्छी नींद लेना चाहिए.  साथ ही उन्होंने कहा कि सपना के अनूकुल मेहनत करनी चाहिए.  इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पहले लीडर बनिए. पहले ये तय कीजिए कि मुझे ये करना है और वो करना शुरू कर दीजिए. जैसे आप सड़क से कोई कचरा हटा देंगे तो लोग आपको फॉलो करेंगे. लीडर का मतलब ये नहीं है कि चुनाव लड़ना है. लीडर का मतलब है कि आप कुछ लोगों को अपनी बात समझा सकें. ऐसे में आपको पहले उसके बारे में समझना होगा. पढ़ाई और खेल का संतुलन कैसे रखें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि शिक्षा सबकुछ नहीं कर सकती है, लेकिन सिर्फ खेल से भी काम नहीं चलेगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिंदगी में खेल होने से बचना है तो खेलना चाहिए.  इस सेशन में तमिलनाडु के साथ पीएम मोदी ने रायपुर में छत्तीसगढ़ के बच्चों से भी बात की. इस दौरान पीएम मोदी ने बच्चों को सलाह दी कि उन्हें अपने शहर की अलग अलग जगहों पर जाना चाहिए. इस बार पीएम मोदी देश ने अलग अलग शहरों में जाकर बच्चों से बात की है.  क्या एआई से डरना चाहिए? हर युग में टेक्नोलॉजी आती है तो ऐसी चर्चा होती है. हमें इससे डरना नहीं चाहिए. हमारी कोशिश रहनी चाहिए कि वो उसका गुलाम नहीं बनेंगे. उसे अपना मालिक नहीं बनने देंगे. मैं गुलाम नहीं बनूंगा, ये आपको पक्का करना होगा. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि जॉब नेचर बदलता रहता है, ऐसे में टेक्नोलॉजी को समझना होगा. हमें डरने की जरुरत नहीं है.  इंस्पिरेशन और मोटिवेशन में क्या चुनें? इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि इंस्पिरेशन के साथ अनुशासन भी जरूरी है.  अगर अनुशासन है ही नहीं तो कितना ही इंस्पिरेशन होगा तो एक्सप्रेशन क्या काम करेगा. मान लीजिए एक किसान है उसकी प्रेरणा मिल रही है, बगल वाला किसान बहुत कमाई कर रहा है, ऐसे में इंस्पिरेशन तो मिलती है कि उतनी कमाई करनी चाहिए. लेकिन, डिसिप्लिन नहीं होगा तो इंस्पिरेशन काम नहीं करेगा. फिर वह बोझ बन जाता है निराशा पैदा करता है. स्टार्टअप शुरू करना है कैसे करुं? एक स्टूडेंट के इस सवाल पर पीएम मोदी ने कहा कि आप छोटे-छोटे स्टार्टअप से काम शुरू कर सकते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि अगर आप पढ़ाई और पेशन दोनों को फॉलो करना चाहते हैं तो आप सप्ताह में दिन में कुछ वक्त पेशन के लिए निकालना शुरू कीजिए. इससे आप आसानी दोनों कामों को संतुलित तरीके से कर सकेंगे.    'परीक्षा पे चर्चा 2026' के दूसरे एपिसोड में देवमोगरा, कोयंबटूर, रायपुर, गुवाहाटी और दिल्ली में पीएम मोदी की छात्रों के साथ बातचीत को दिखाया जाएगा। इस एपिसोड में पीएम मोदी एग्जाम की तैयारी करते समय कॉन्फिडेंट रहने, रूटीन फॉलो करने और खुद पर भरोसा रखने के बारे में प्रैक्टिकल टिप्स शेयर करेंगे। 'परीक्षा पे चर्चा 2026' का पहला एपिसोड 6 फरवरी को जारी किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले एपिसोड में कहा कि बहुत सारे छात्रों ने यह सुझाव दिया था कि देश के अलग-अलग हिस्सों में भी परीक्षा पे चर्चा होनी चाहिए। इस स्पेशल एपिसोड में आप यही देखने जा रहे हैं। गौरतलब है कि साल 2018 के बाद प्रधानमंत्री मोदी हर साल बोर्ड परीक्षाओं से पहले छात्रों के साथ 'परीक्षा पे चर्चा' (पीपीसी) करते हैं। इस पहल का उद्देश्य छात्रों के बीच परीक्षा के तनाव को कम करना और समग्र शिक्षा को बढ़ावा देना है। शिक्षा मंत्रालय इस कार्यक्रम को संचालित करता है। साल 2025 के कार्यक्रम में 5 करोड़ से अधिक छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों की भागीदारी देखी गई। 2026 के संस्करण में 4.5 करोड़ से अधिक पंजीकरण हुए। अतिरिक्त 2.26 करोड़ प्रतिभागी … Read more

कुआलालंपुर में पीएम मोदी बोले- भारत-मलेशिया के रिश्ते मजबूत, ऐसा स्वागत भारत हमेशा याद रखेगा

नई दिल्ली/ कुआलालंपुर   प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया के दो दिनों के दौरे पर हैं. वह शनिवार को कुआलालंपुर में भारतीय समुदाय को संबोधित कर रहे है. इस दौरान उन्होंने कहा कि मलेशिया में भारत के लिए प्यार और सम्मान है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. पीएम मोदी ने भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए कहा कि मैं पिछले साल आसियान समिट में हिस्सा लेने के लिए मलेशिया नहीं आ पाया था. लेकिन मैंने मेरे दोस्त से वादा किया था कि मैं जल्द ही मलेशिया आऊंगा और जैसा वादा किया था मैं यहां हूं. ये 2026 की मेरी पहले विदेश यात्रा है. उन्होंने कहा कि भारत के प्रति मलेशिया का प्यार दिखा है. ऐसा स्वागत भारत याद रखेगा. मलेशिया में भारतीय संगीत और सिनेमा लोकप्रिय है. मलेशिया के 500 स्कूलों में भारतीय भाषाओं की पढ़ाई हो रही है. दोनों देशों के रिश्तों में मजबूती आई है..  पीएम मोदी ने कहा कि आज हम प्रगति में एक दूसरे के साथ हैं. भारत और मलेशिया की साझा विरासत है. मलेशिया में विवेकानंद को काफी लोग मानते हैं. मैंने मन की बात में भी मलेशिया का जिक्र किया था. हम एक दूसरे के साझेदार देश हैं. भारत की सफलता मलेशिया की सफलता है.  यूपीआई मलेशिया में भी जल्द लॉन्च होगा. एक दशक में बड़े सुधार हुए हैं.  भारत और मलेशिया के रिश्तों को नई ऊंचाई देने की तैयारी हो चुकी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को दो दिन के दौरे पर मलेशिया रवाना हो चुके हैं. इस यात्रा से पहले पीएम मोदी ने साफ संकेत दिए कि भारत अब मलेशिया के साथ रक्षा, सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और नवाचार जैसे अहम क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करना चाहता है. रवाना होने से पहले जारी बयान में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और मलेशिया के बीच ऐतिहासिक संबंध रहे हैं और बीते कुछ वर्षों में इन रिश्तों में लगातार मजबूती आई है. उन्होंने कहा कि वह मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ विस्तृत बातचीत को लेकर उत्साहित हैं. पीएम मोदी के मुताबिक, दोनों देश अपनी समग्र रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने पर फोकस करेंगे. इसमें रक्षा और सुरक्षा सहयोग के साथ-साथ व्यापार, निवेश, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन को नई दिशा देने पर चर्चा होगी. साथ ही दोनों देश नए क्षेत्रों में सहयोग के रास्ते भी तलाशेंगे. मलेशिया रवाना होने का वीडियो आया सामने पीएम नरेंद्र मोदी का मलेशिया से रवाना होने का वीडियो सामने आया है. इसमें वह हमेशा की तरह एक सफेद कुर्ते में हैं और उनके दाहिने कंधे पर शॉल रखा है. रवाने होने के दौरान उन्होंने अधिकारियों से मुलाकात की. मलेशिया में भव्य स्वागत की तैयारी प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा को लेकर मलेशिया में भारतीय समुदाय में जबरदस्त उत्साह है. कुआलालंपुर में उनके स्वागत के लिए एक भव्य सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है जिसका नाम है ‘वेलकम मोदी जी’. इस कार्यक्रम की खास बात यह है कि यहां 750 से ज्यादा कलाकार एक साथ मंच पर उतरेंगे और सामूहिक नृत्य प्रस्तुति देंगे. आयोजकों का दावा है कि यह आयोजन मलेशियन बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज हो सकता है. रिकॉर्ड के लिए आवेदन पहले ही किया जा चुका है और रिकॉर्ड्स टीम मौके पर मौजूद रहेगी. 2047 तक बनेगा विकसित भारत : PM Modi पीएम मोदी ने विकसित भारत का सपना एक बार फिर से दोहराते हुए कहा कि ‘भारत के लोग 2047 तक विकसित भारत बनाकर रहेंगे’. उन्होंने कहा इस जर्नी में भारतीय प्रवासी अहम पार्टनर हैं. 'भारत का UPI जल्द आएगा मलेशिया': PM Modi प्रधानमंत्री मोदी ने मलेशिया के लोगों से एक बड़ा वादा किया. उन्होंने कहा भारत का UPI जल्द मलेशिया में आएगा. पीएम मोदी ने भारत की बेहतरीन डिजिटल पेमेंट व्यवस्था को दुनिया के सामने रखा. 'हम टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं': PM Modi पीएम मोदी ने मलेशिया के लोगों को भारत आने का न्योता दिया और इसके साथ ही अपने दोस्तों को साथ लाने के लिए भी कहा. उन्होंने भारत की सफलताएं गिनाते हुए कहा कि अब हम ‘टॉप 3 के दरवाजों को खटखटा रहे हैं’. 'MGR के गाने सुनते हैं मलेशिया के प्रधानमंत्री' : पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि मलेशिया के प्रधानमंत्री बहुत अच्छे सिंगर हैं और भारतीय म्यूजिक के बहुत बड़े फैन हैं. मलेशिया पीएम तमिल अभिनेता, फिल्म निर्माता एमजीआर के गाने सुनते हैं. 'ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है': पीएम मोदी पीएम मोदी ने अपने भाषण में बताया कि कि कैसे प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रोटोकॉल की सीमाओं को तोड़कर एयरपोर्ट पर स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया और उन्हें अपनी ही कार में साथ बिठाया. भारतीय प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘उन्होंने अपनी कार ही नहीं, बल्कि अपनी सीट भी साझा की’. पीएम ने कहा कि ‘मैंने वादा किया था और मैं आ गया. ये 2026 में मेरा पहला विदेश दौरा है’.

मलेशिया दौरे से PM मोदी भारत को दिलाएंगे सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ में बड़ा लाभ

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल से दो दिन के लिए (7-8 फरवरी 2026) मलेशिया की यात्रा पर जा रहे हैं. यह यात्रा दोनों देशों के बीच सेमीकंडक्टर और रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नए दरवाजे खोलने का काम करेगी. हाल ही में यूनियन बजट 2026 में सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 और रेयर अर्थ कॉरिडोर्स की घोषणा के बाद यह यात्रा और भी खास हो गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की सप्लाई चेन मजबूत होगी, नौकरियां बढ़ेंगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) कई बार कह चुके हैं कि कि रेयर अर्थ परमानेंट मैग्नेट्स की घरेलू मैन्युफैक्चरिंग से सेल्फ-रिलायंस बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता कम होगी. मलेशिया के साथ टेक्नोलॉजी शेयरिंग से यह आसान होगा. बता दें कि वैष्णव क्रिटिकल मिनरल्स पर काम कर रहे हैं. बेंचमार्क मिनरल इंटेलिजेंस (Benchmark Mineral Intelligence) में रेयर अर्थ एक्सपर्ट और रिसर्च मैनेजर नेहा मुखर्जी (Neha Mukherjee) ने भारत की नेशनल क्रिटिकल मिनरल्स मिशन की तारीफ की है और कहा है कि मलेशिया जैसे पार्टनर्स से डाइवर्सिफिकेशन तेज होगा, जिससे चीन पर से निर्भरता घटेगी. कितना महत्वपूर्ण है मलेशिया? पीएम मोदी और मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम के बीच बातचीत के केंद्र में अन्य मुद्दों के साथ सेमीकंडक्टर पर गहरा सहयोग भी होगा. मलेशिया सेमीकंडक्टर का बड़ा हब है, जहां दुनिया की 12-15 फीसदी REE प्रोसेसिंग होती है. भारत यहां से तकनीक और निवेश ले सकता है. बजट में इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए 40,000 करोड़ रुपये का ऐलान हुआ है, जो इंडस्ट्री-लेड रिसर्च और ट्रेनिंग पर फोकस करेगा. इससे भारत में सेमीकंडक्टर इक्विपमेंट, मटेरियल और फुल स्टैक आईपी डेवलप होगा. मलेशिया रेयर अर्थ पर भी बड़ा जोर देता है. मलेशिया में लिनास प्लांट दुनिया का बड़ा REE प्रोसेसर है. 2025 में लिनास में पहली बार भारी REE (जैसे डिस्प्रोसियम ऑक्साइड) का कमर्शियल उत्पादन शुरू किया, जो चीन के बाहर पहला ऐसा प्लांट है. भारत के आम बजट में ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिल नाडु में डेडिकेटेड REE कॉरिडोर्स बनाने का प्लान है. यह माइनिंग, प्रोसेसिंग, रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देगा. लक्ष्य है 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष REE परमानेंट मैग्नेट बनाना, जो EV, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिफेंस में इस्तेमाल होंगे. गौरतलब है कि यह भारत सरकार की एक बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसका नाम REPM है. इसे नवंबर 2025 में कैबिनेट ने मंजूरी दी थी, और कुल ₹7,280 करोड़ का बजट रखा गया है. भारत को कितना फायदा?     सप्लाई चेन मजबूत: मलेशिया से REE और सेमीकंडक्टर पार्ट्स आसानी से मिलेंगे. इससे भारत की मैन्युफैक्चरिंग स्पीड बढ़ेगी और चीन पर निर्भरता 20-30 फीसदी कम हो सकती है.     निवेश और टेक्नोलॉजी: मलेशिया के साथ JV से 3 अरब डॉलर का राजस्व और 24,800 नौकरियां पैदा होंगी. सेमीकंडक्टर मार्केट 2026 तक 64 अरब डॉलर और 2030 तक 110 अरब डॉलर पहुंचेगा.     EV और क्लीन एनर्जी: REE से EV बैटरी और मोटर सस्ते होंगे. मलेशिया 2030 तक EV प्रोडक्शन 15% बढ़ाना चाहता है, जिसमें भारत मदद कर सकता है.     ट्रेड बूस्ट: दोनों देशों का व्यापार 25 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. MICECA समझौते की समीक्षा से निर्यात बढ़ेगा.     स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप: रक्षा, डिजिटल टेक और हेल्थ में सहयोग बढ़ेगा, जो भारत को ASEAN में मजबूत बनाएगा. कुल मिलाकर, यह यात्रा भारत को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा रोल प्ले करेगी. 2030 तक REE से 3 अरब डॉलर राजस्व और 6.5 अरब डॉलर की आर्थिक ग्रोथ हो सकती है. भारत और मलेशिया में कितना व्यापार? 2025 में भारत-मलेशिया का कुल द्विपक्षीय व्यापार लगभग 18-20 अरब डॉलर के आसपास रहा. भारत मलेशिया से मुख्य रूप से पाम ऑयल (करीब 2.8-3 अरब डॉलर का), इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स, कंप्यूटर हार्डवेयर और अन्य वनस्पति तेल आयात करता है. वहीं भारत मलेशिया को परिष्कृत पेट्रोलियम (रिफाइंड पेट्रोलियम, करीब 2.3 अरब डॉलर), कृषि उत्पाद जैसे बफेलो मीट, और कुछ इलेक्ट्रिकल मशीनरी निर्यात करता है. कैसे हैं दोनों देशों में ऐतिहासिक संबंध? दोनों देशों के बीच मजबूत नींव है. 2010 में MICECA (मलेशिया-इंडिया कॉम्प्रिहेंसिव इकोनॉमिक कोऑपरेशन एग्रीमेंट) ने व्यापार को आसान बनाया. 2015 में संबंधों को स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का दर्जा मिला, और 2024 में इसे अपग्रेड करके कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप बना दिया गया. ये समझौते टैरिफ कम करने, निवेश बढ़ाने और नए क्षेत्रों में सहयोग का रास्ता खोलते हैं. भारत-मलेशिया: भविष्य के प्लान क्या हैं? दोनों देश AITIGA (ASEAN-इंडिया ट्रेड इन गुड्स एग्रीमेंट) की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि टैरिफ और मार्केट एक्सेस बेहतर हो. फोकस डिजिटल फाइनेंस, रिन्यूएबल एनर्जी, सेमीकंडक्टर और EV जैसे हाई-टेक क्षेत्रों पर है. मलेशिया में अनुमानित 16.2 मिलियन टन रेयर अर्थ एलीमेंट्स (REE) के रिजर्व हैं, जिनकी वैल्यू सैकड़ों अरब डॉलर है. ये रिजर्व भारत के साथ JV या टेक्नोलॉजी शेयरिंग के जरिए इस्तेमाल हो सकते हैं, खासकर REE प्रोसेसिंग और मैग्नेट मैन्युफैक्चरिंग में. व्यापार को 25 अरब डॉलर तक पहुंचाने का टारगेट है. क्या चुनौतियां हैं सामने? ट्रेड बैलेंस अभी असंतुलित है. मलेशिया का सरप्लस ज्यादा है, इसलिए भारत नए निर्यात सेक्टर (जैसे सर्विसेज और मैन्युफैक्चरिंग) ढूंढ रहा है. पर्यावरणीय मुद्दे भी बड़े हैं, खासकर पाम ऑयल की खेती से जुड़े जंगल कटाई और सस्टेनेबिलिटी के सवाल. REE माइनिंग में भी पर्यावरण सुरक्षा जरूरी है, ताकि प्रदूषण न फैले. दोनों देश इन मुद्दों पर बात करके बैलेंस्ड और ग्रीन ट्रेड बढ़ाना चाहते हैं. भारत-मलेशिया में ग्लोबल कनेक्शन? मलेशिया ने अमेरिका के साथ REE सप्लाई चेन पर MoU साइन किया है. भारत भी इंडो-US ट्रेड डील और क्रिटिकल मिनरल्स मिशन के जरिए काम कर रहा है. इससे REE और सेमीकंडक्टर की सप्लाई चेन मजबूत होगी, चीन पर निर्भरता कम होगी, और दोनों देश ग्लोबल वैल्यू चेन में बेहतर पोजिशन पा सकेंगे. कुल मिलाकर, ये रिश्ते सिर्फ व्यापार नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी, एनर्जी और स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप का मजबूत आधार बन रहे हैं. मोदी की मलेशिया यात्रा कब है? 7-8 फरवरी 2026 को. यह उनकी तीसरी यात्रा है, जिसमें व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर बात होगी. मलेशिया से सेमीकंडक्टर में भारत को क्या फायदा? मलेशिया से टेक्नोलॉजी और निवेश मिलेगा. इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 से 40,000 करोड़ रुपये लगेंगे, जो जॉब्स और आत्मनिर्भरता बढ़ाएगा. रेयर अर्थ एलीमेंट्स क्या हैं और क्यों जरूरी? REE विशेष … Read more

‘PM मोदी ने यूक्रेन पर परमाणु हमला टाला’, पुतिन को कैसे किया समझाया, जानें राज

नई दिल्ली पोलैंड के उप विदेश मंत्री व्लादिस्लाव बार्टोशेव्स्की ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अंतरराष्ट्रीय भूमिका की खुलकर तारीफ की है. उन्होंने कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने एक अहम हस्तक्षेप करते हुए हालात को और बिगड़ने से रोका था. IANS से बातचीत में बार्टोशेव्स्की ने दावा किया कि वर्ष 2022 के आखिर में प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से सीधे बातचीत की थी. इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने यूक्रेन में टैक्टिकल परमाणु हथियार के इस्तेमाल को लेकर रूस को पीछे हटने के लिए राजी किया. पोलैंड के उप विदेश मंत्री के मुताबिक, यह प्रधानमंत्री मोदी की बेहद सकारात्मक और जिम्मेदार वैश्विक भूमिका का उदाहरण है. उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया में जिस तरह की भूमिका निभा रहा है, उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. पोलैंड भारत के साथ अपने रिश्तों को बेहद अहम मानता है और भारत को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में देखता है. भारत के साथ पोलैंड के सौहार्दपूर्ण रिश्तों की चर्चा करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमारे भारत के साथ बहुत अच्छे संबंध हैं और हम दुनिया में भारत की भूमिका को स्वीकार करते हैं.’ क्या यूक्रेन पर होने वाला था परमाणु हमला? फिर उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग में भारतीय प्रधानमंत्री की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘जैसा कि मैंने नई दिल्ली में अपने एक इंटरव्यू में बताया था, प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 के आखिर में राष्ट्रपति पुतिन से बात की थी और उन्हें यूक्रेन में टैक्टिकल न्यूक्लियर डिवाइस का इस्तेमाल करने की कोशिश करने से रोका था. यह एक सकारात्मक भूमिका थी जो प्रधानमंत्री मोदी ने निभाई और जो भारत दुनिया के मामलों में निभाता है, और मुझे उम्मीद है कि यह जारी रहेगा.’ 45 साल बाद पोलैंड की यात्रा पर गए थे पीएम मोदी पीएम मोदी के पोलैंड दौरे को याद करते हुए बार्टोशेव्स्की ने कहा, ‘हमने 2024 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ एक रणनीतिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. तब वो भारत के प्रधानमंत्री के तौर पर पोलैंड आए थे; 45 साल में हमारे देश आने वाले वो भारत के पहले पीएम थे. यह एक बहुत अच्छी यात्रा थी, और अब हमने ईयू के साथ विदेश व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर किए हैं, हम भी इसका हिस्सा हैं. मैं अभी विदेश मंत्रालय से लौटा हूं, जहां हमने सैन्य सहयोग, डिजिटल उद्योग सहयोग, सुरक्षा मुद्दे, हाई-टेक में आईटी निवेश, अंतरिक्ष में सहयोग और अन्य चीजों से जुड़े कई व्यावहारिक कदमों पर चर्चा की.’ जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत ने दूसरे देशों की तुलना में अमेरिका के साथ ज्यादा फायदेमंद ट्रेड डील की है, तो उन्होंने कहा, ‘मुझे लगता है कि भारत एक बहुत बड़ी आर्थिक शक्ति है. आप अब दुनिया में जीडीपी के मामले में चौथे नंबर पर हैं, और प्रधानमंत्री मोदी ने यह साफ कर दिया है कि आपका लक्ष्य बहुत जल्द दुनिया की तीसरी बड़ी शक्ति बनना है. भारत एक बहुत बड़ा बाजार है; लगभग डेढ़ अरब लोग यहां रहते हैं, और इस वजह से भी यह एक बहुत ही उन्नत बाजार है. इतनी क्षमता वाले देश को नजरअंदाज करना समझदारी नहीं है.’ भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर क्या कहा? भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर पोलैंड के डिप्टी विदेश मंत्री बोले, ‘ट्रेड डील न होने के बजाय ट्रेड डील होना बेहतर है, क्योंकि आम तौर पर टैरिफ खुशहाली की गारंटी नहीं हैं. अगर आप किसी चीज पर टैरिफ लगाते हैं, तो ये टैरिफ आमतौर पर, आखिर में, कंज्यूमर ही चुकाता है इसलिए मुझे लगता है कि टैरिफ जितने कम होंगे, उतना ही अच्छा होगा. यह अच्छी बात है कि भारत और अमेरिका एक ऐसे समझौते पर पहुंचे जिससे टैरिफ में भारी कटौती की गई.’

प्रधानमंत्री मोदी ने जबलपुर के छात्र आयुष के प्रश्न पर दिया जवाब

लेसन प्लान विद्यार्थियों के साथ पूर्व से ही साझा करें प्रधानमंत्री  मोदी ने जबलपुर के छात्र आयुष के प्रश्न पर दिया जवाब स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा में विद्यार्थियों के साथ सुने प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र प्रदेश के विद्यालयों में हुआ परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण, शासकीय सुभाष स्कूल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में विद्याथिर्यों से संवाद कर परीक्षा से जुड़े तनाव और शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के उत्कृष्ट विद्यालय, जबलपुर के छात्र  आयुष तिवारी ने प्रधानमंत्री  मोदी से प्रश्न किया कि कई बार वे शिक्षकों की पढ़ाने की गति से तालमेल नहीं बिठा पाते हैं, उसे कैसे मैच करें? इस पर प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों को समझाते हुए शिक्षकों से भी आग्रह किया कि अपने अध्‍यापन की स्‍पीड विद्यार्थियों के सीखने की गति के अनुरूप रखें। लेसन प्‍लान विद्याथिर्यों के साथ पूर्व से ही साझा करें। विद्यार्थी वह चेप्‍टर पहले से पढें, अध्‍ययन करें जो शिक्षक भविष्‍य में कक्षा में पढाने वाले हैं। उन्‍होंने कहा कि शिक्षकों की गति से सामंजस्‍य बैठाने का सबसे अच्‍छा तरीका यह है कि पहले अपने को जोड़ो, फिर मन को जोड़ो। उसके बाद पढाई के विषय शुरू करो। प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा कि मन को जोड़ने का अर्थ है, विषय की तमाम जानकारियां जुटाना और जोड़ने का अर्थ है, एकाग्रता बनाए रखना। इससे आपकी समझ मजबूत होगी और आप एक कदम आगे चलेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी ने विद्यार्थियों के साथ आयोजित ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में तनावमुक्त जीवन, समय प्रबंधन, अनुशासन, जीवन कौशल एवं व्यवसायिक विकास के महत्वपूर्ण मंत्र दिए। इसके साथ ही उन्‍होंने विद्यार्थियों से आत्मविश्वास के साथ लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने का आह्वान किया। 2018 से लगातार हो रहा आयोजन प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम के दौरान परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष यह कार्यक्रम का 9 वां संस्करण था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी ने देश भर से आये विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया गया। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता- शिक्षा मंत्री  सिंह परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम में स्‍कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा कन्या उच्‍चतर माध्‍यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ प्रधानमंत्री  मोदी के परीक्षा मंत्र सुने। मंत्री  सिंह ने विद्यार्थियों और शिक्षकों से प्रधानमंत्री के द्वारा दिए गए सूत्रों और विचारों को आत्‍मसात कर परीक्षाओं की तैयारी करने का आग्रह किया। उन्‍होंने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का स्कूल शिक्षा विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने, अनुशासन को मजबूत करने और विद्यार्थियों को भविष्य के लिए सक्षम बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है। जिसने समय का सही प्रबंधन कर लिया, वह जीवन में कभी असफल नहीं होता। समय अनुशासन सिखाता है और अनुशासन के साथ जिया गया जीवन ही सफलता की सच्ची पहचान है। जब तक असंभव को करने का प्रयास नहीं किया जाएगा, तब तक असाधारण उपलब्धियां संभव नहीं हैं। शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में हुआ राज्य स्तरीय कार्यक्रम परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का भोपाल के शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम हुआ। यहां पर स्‍कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल ने विशिष्‍ट जनों, वरिष्‍ठ अधिकारी, अभिभावक और विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता की। संचालक लोक शिक्षण  केके द्व‍िवेदी सहि‍त कार्यक्रम के नोडल अधिकारी संयुक्‍त संचालक  एच.एन. नेमा भी उपस्थित रहे। प्रदेश में राज्य शैक्षिक अनुसंधान, प्रशिक्षण परिषद (SCERTS), सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों (DIETS) और प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम को समारोह पर्वूक आयोजित किया गया। उक्‍त कार्यक्रम के लाइव प्रसारण में विद्यार्थियों ने उत्‍साहपूर्वक सहभागिता की। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की गई थी। 9 फरवरी को होगा अगला प्रसारण परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का अगला प्रसारण 9 फरवरी 2026 को होगा। जिसमें प्रधानमंत्री  मोदी देश के विभिन्‍न अंचलों के विद्यार्थियों के साथ चर्चा करेंगे। यह कार्यक्रम विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर सुबह 10 बजे से प्रसारित किया जायेगा। प्रदेश के विद्यालयों में उक्‍त कार्यक्रम के सजीव प्रसारण की व्‍यवस्‍थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।  

“आप 75 के हो गए,” पर पीएम मोदी ने जवाब दिया, “अभी तो 25 बाकी हैं”

नई दिल्ली पीएम नरेंद्र मोदी ने परीक्षा पर चर्चा के दौरान छात्रों से संवाद में अहम बात कही। उन्होंने कहा कि किसी को भी बीते वक्त का हिसाब लगाने की बजाय भविष्य के बारे में विचार करना चाहिए। पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन के एक वाकये का जिक्र किया और कहा, 'एक नेता ने मुझे मेरे जन्मदिन पर फोन किया था। 17 सितंबर को फोन करके मुझसे कहा कि आपके 75 हो गए हैं। इस पर मैंने कहा कि अभी 25 बाकी हैं। मैं बीते हुए को गिनता नहीं हूं, जो बचा है, उसकी गिनती करता हूं।' इसी को लेकर उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि इसलिए मैं आप लोगों से भी कहता हूं कि बीता है, उसकी गिनती में समय बर्बाद मत कीजिए। जो बचा है, उसे जीने के बारे में सोचिए। यह बात प्रधानमंत्री ने तब कही, जब पूर्वोत्तर की एक छात्रा ने उनसे कहा कि मेरा जन्मदिन भी 17 सितंबर को ही होता है। पीएम मोदी ने इस दौरान परीक्षा को लेकर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि कई बार अखबारों में छपता है कि इस बार परीक्षा काफी कठिन रही। आखिर इसका क्या कारण होता है? पेपर तो सिलेबस से बाहर का नहीं होता है। फिर ऐसा क्यों कहा जाता है कि परीक्षा कठिन थी। ऐसा इसलिए क्योंकि लोगों को शॉर्ट में पढ़ने की आदत होती जा रही है। पहले स्योर सजेशन दिए जाते थे। फिर मॉडल पेपर बढ़े जाने लगे और अंत में यह हुआ कि बीते 10 सालों के प्रश्न पत्र आने लगे। परीक्षा में चर्चा में स्टूडेंट को पीएम मोदी ने ऐसा क्यों कहा? परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज यानी 6 फरवरी को सुबह 10 बजे आयोजित किया गया था. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने न केवल एग्जाम के मुद्दे पर बात की बल्कि छात्रों के साथ हंसी-मजाक भी की. उन्होंने स्टूडेंट्स को एग्जाम स्ट्रेस से निपटने के साथ ही कई विषयों पर टिप्स दिए हैं. लेकिन इस दौरान एक वाक्या को लोग बार-बार देख रहे हैं और खूब हंस रहे हैं.  वहां पर मौजूद बच्चों ने पीएम मोदी को अपने-अपने देश की यूनिक चीजें गिफ्ट की. इस दौरान वहां पर मौजूद एक छात्रा ने उन्हें चाय की पत्ति गिफ्ट किया.  इसे देखकर पीएम ने कहा कि चाय वाले को चाय… यह सुनते वहां का माहौल पूरा बदल गया और सारे छात्र हंसने लगे. फिर छात्रा उन्हें बताती है कि ये आर्गेनिक चाय है. पीएम ने उस छात्रा को ये भी कहा कि तुम कविता अच्छा लिखती हो, लिखना जारी रखना. अब जो छात्र बीते 10 साल के पेपर ही पढ़कर पहुंचे हैं और यदि उनसे अलग सिलेबस की कोई और चीज पूछ ली गई तो उन्हें परीक्षा कठिन लगती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बीमारी तब भी थी, जब मैं पढ़ता था। इस बीमारी को फैलाने का कम कुछ टीचर भी फैलाते हैं। उन्हें लगता है कि मेरी क्लास का रिपोर्ट कार्ड अच्छा रहे। इसलिए वही चीज पढ़ाते हैं, जिससे नंबर मिलें। लेकिन अच्छे अध्यापक सर्वांगीण विकास की बात करते हैं और पूरा सिलेबस पढ़ाते हैं। इस दौरान उन्होंने एक गेंदबाज का उदाहरण दिया और कहा कि यदि वह अपने कंधे को ही मजबूत करता रहे तो क्या अच्छा खिलाड़ी बन पाएगा। पीएम ने लाइट किया छात्रों का मूड  प्रधानमंत्री का यह भाव हल्के‑फुल्के अंदाज में छात्रों को जोड़ने और माहौल को सहज बनाने का तरीका था. पीएम मोदी अक्सर अपनी निजी यात्रा और जीवन की शुरुआत का जिक्र करते हैं, जब वे रोज रेलवे स्टेशन पर चाय बेचने वाले “चाय वाले” की भूमिका भी निभा रहे थे. यह उदाहरण उन्होंने साधारण जीवन के अनुभव और मेहनत का संदेश देने के लिए कई बार इस्तेमाल किया है.  इस दौरान पीएम मोदी ने छात्रों से उनके पढ़ाई, मार्क्स, AI, टीचर्स समेत कई विषयों पर संवाद किया है.  जो पढ़ते हैं, वो भूल जाते हैं… कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने पीएम मोदी से पूछा गया कि अक्सर ही ऐसा होता है कि हम जो भी पढ़ते हैं, वह बहुत जल्दी भूल जाते हैं. इसके जवाब में पीएम ने छात्रों से कहा कि आपको हमेशा आज का दिन याद रहेगा क्योंकि आप इसमें पूरी तरह से इनवॉल्व हैं. ऐसे में आप खुद को कम होशियार बताएं और ज्यादा होशियारी से बात करें या राय लें.   मार्क्स बन गई है बीमारी  इस दौरान पीएम मोदी ने उन्हें ये भी बताया कि उन्हें केवल मार्क्स के पीछे नहीं भागना चाहिए. उन्होंने मार्क्स को बीमारी बताया है. ऐसे में अपने मन को नंबर से जोड़ने के बजाय जीवन में कहां जाएं, इसपर ध्यान देने की जरूरत है.  PM मोदी बोले- पढ़ाई एक माध्यम है, उसके लिए जिंदगी नहीं प्रधानमंत्री ने कहा कि उसके लिए यह जरूरी है कि पूरा शरीर मजबूत हो। मानसिक रूप से सक्षम हो। इसी तरह परीक्षा के लिए पूरी जिंदगी नहीं है। यह जिंदगी को संवारने का एक माध्यम है, लेकिन यही अंतिम लक्ष्य नहीं है। अंतिम लक्ष्य यह है कि संपूर्ण जिंदगी बेहतर बने। हमें 10 सालों के पेपर पढ़ने जैसी सोच के साथ खुद को सीमित नहीं करना चाहिए। जिंदगी सबसे उत्तम बने, इसके लिए हमें प्रयास करना चाहिए।

6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन

प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों से कल करेंगे परीक्षा पे चर्चा 6 फरवरी को होगा परीक्षा पे चर्चा का राष्ट्रीय आयोजन प्रदेश के सभी विद्यालयों में होगा परीक्षा पे चर्चा कार्यक्रम का सीधा प्रसारण राजधानी भोपाल के शासकीय सुभाष उत्कृाष्ट विद्यालय में होगा राज्य स्तरीय कार्यक्रम स्कूल शिक्षा मंत्री  सिंह नरसिंहपुर जिले के ग्राम तेंदूखेड़ा की कन्या स्कूल में होंगे शामिल भोपाल  प्रधानमंत्री  नरेन्‍द्र मोदी 6 फरवरी को देश के विद्यार्थियों के साथ परीक्षा पे चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के मन में उठने वाली शंकाओं का समाधान कर सकारात्मक सोच के साथ परीक्षा देने के लिए प्रेरित करेंगे। परीक्षा पे चर्चा का राष्‍ट्रीय आयोजन 6 फरवरी को होगा। शुक्रवार 6 फरवरी को प्रदेश के सभी विद्यालयों में भी कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम शासकीय सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय भोपाल में होगा। स्कूल शिक्षा मंत्री  उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर जिले के चावरपाठा विकासखण्ड के ग्राम तेंदूखेड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के बीच उपस्थित रहकर कार्यक्रम के सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रधानमंत्री  मोदी वर्ष 2018 से इस कार्यक्रम में परीक्षाओं के तनाव को दूर करने के लिए विद्यार्थियों से संवाद करते हैं। इस वर्ष कार्यक्रम का यह 9वां संस्करण है। कार्यक्रम 6 फरवरी को प्रात: 10 बजे से नई दिल्‍ली में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री  मोदी विद्यार्थियों की विभिन्न शंकाओं का समाधान करेंगे। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण विभिन्‍न संचार माध्‍यमों पर किया जायेगा। दूरदर्शन, डीडी नेशनल, डीडी न्यूज, डीडी इंडिया ऑल इंडिया रेडियो के सभी चैनल, पीएमओ वेबसाइट mygov.in, यूट्यूब, एमओई, फेसबुक लाइव, स्वयंप्रभा चैनल एमओई, दीक्षा चैनल एमओई के साथ ही विभिन्‍न रेडियों चैनल्‍स, नेटफ्लिक्‍स, जीओ हॉट स्‍टार एवं अमेजन प्राइम वीडियो आदि से भी सीधा प्रसारण होगा। अन्य निजी चैनल भी कार्यकम का सीधा प्रसारण करेगें। परीक्षा पे चर्चा का राज्‍य स्‍तरीय कार्यक्रम राजधानी भोपाल के सुभाष उत्‍कृष्‍ट विद्यालय में आयोजित किया जा रहा है। इसमें विशिष्‍ट जन, वरिष्‍ठ अधिकारी एवं अभिभावकगण विद्यार्थियों के साथ सजीव प्रसारण में सहभागिता करेंगे। प्रदेश में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम में सहभागिता के लिए विगत 1 दिसम्‍बर से 11 जनवरी तक विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों को ऑनलाइन पंजीयन की सुविधा प्रदान की गई थी। इसमें मध्‍यप्रदेश से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के 22 लाख 95 हजार से अधिक विद्यार्थियों, 1 लाख 28 हजार से अधिक शिक्षकों और 17 हजार से अधिक अभिभावकों सहित 24 लाख 41 हजार 390 व्‍यक्तियों ने सहभागिता की। स्‍कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देशानुसार मध्‍यप्रदेश में भी राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद और सभी जिला शैक्षिक प्रशिक्षण संस्थानों में तथा प्रदेश के सभी शासकीय, अशासकीय एवं शासन से अनुदान प्राप्‍त विद्यालयों में "परीक्षा पे चर्चा" कार्यक्रम को समारोहपर्वूक आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की लाइव प्रसारण में सहभागिता होगी। प्रदेश के स्‍कूलों में टीवी प्रसारण के अलावा, इंटरनेट एक्सेस डिवाइस (कंप्यूटर, लैपटॉप इत्यादि) पर भी कार्यक्रम देखने की सुविधा स्‍थापित की जा रही है। आयोजन की सुचारू व्‍यवस्‍थाओं के संबंध में समस्‍त कलेक्‍टर्स एवं मैदानी अधिकारियों को संचालक लोक शिक्षण द्वारा निर्देश भी जारी किये गये है।  

राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में PM ने नहीं दिया रिप्‍लाई, लोकसभा से पारित हुआ भाषण, 2004 के बाद पहली बार

 नई दिल्ली  लोकसभा के लिए गुरुवार 5 फरवरी 2026 का दिन अप्रत्‍याशित रहा. प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया. साल 2004 के बाद यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया है. इससे पहले जून 2004 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हंगामे की वजह से राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर जारी बहस में हिस्‍सा नहीं ले सके थे. उनको अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला था. उनकी स्‍पीच के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया था. बजट सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध के बीच गुरुवार 5 फरवरी 2026 को लोकसभा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित कर दिया. यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है, जब सदन ने परंपरा से हटकर बिना प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही. हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इसके बाद गुरुवार को स्‍पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, हालांकि इस दौरान भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी. लोकसभा में भारी हंगामे के चलते आज भी कार्यवाही स्थगित हुई है। इसके साथ ही अब तय हो गया है कि लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण नहीं होगा। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। उनके भाषण के लिए बुधवार शाम 5 बजे का समय तय था, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अब उनके भाषण के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। 2004 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह भी अपना भाषण नहीं दे सके थे। इस बार कुल तीन सांसद ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में अपनी स्पीच पूरी कर सके। राष्ट्रपति की ओर से संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया जाता है और फिर उस पर परिचर्चा होती है। इस चर्चा के अंत में पीएम के जवाब देने की परंपरा रही है, लेकिन 2004 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रधानमंत्री के बिना ही राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के सुझावों को सदन में रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इस बीच लोकसभा सांसदों की ओर से नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव मंजूर, कार्य़वाही करनी पड़ी स्थगित हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आज शाम को राज्यसभा में भाषण होने वाला है। जानकारी मिल रही है कि इस दौरान भी विपक्ष की ओर से हंगामा हो सकता है। दरअसल वह लोकसभा में बुधवार को ही बोलने वाले थे, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। विपक्षी नेताओं का कहना था कि यदि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया है तो फिर पीएम को भी अवसर नहीं देंगे। राहुल गांधी को लोकसभा में भाषण से क्यों रोका गया था? गौरतलब है कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एम.एम नरवणे की एक पुस्तक का हवाला देते हुए लोकसभा में बोलना चाह रहे थे। यह पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके चलते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह ने इस पर आपत्ति जताई थी। अंत में उन्हें इस पर भाषण देने से रोक दिया गया था। इसी को लेकर कांग्रेस हमलावर है और उसका कहना है कि यह विपक्ष के नेता के अधिकार का हनन है। तब से ही विपक्ष का कहना था कि हम पीएम मोदी को भी भाषण नहीं देने देंगे और अंत में प्रधानमंत्री की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। लोकसभा में नहीं थमा हंगामा गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में INDIA गठबंधन के सांसदों ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके चलते सदन को फिर स्थगित करना पड़ा. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि वह 2020 के चीन गतिरोध पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमए नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देना चाहते थे. सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब कांग्रेस के आठ सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के चलते बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके बाद से विपक्षी दल लगातार सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है. 21 साल पुरानी याद ताजा संसदीय परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का जवाब एक अहम प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और विपक्ष के सवालों का समग्र उत्तर देती है. ऐसे में प्रधानमंत्री के बिना जवाब दिए प्रस्ताव का पारित होना असाधारण माना जा रहा है. इस घटनाक्रम के बीच 2004 की यादें भी ताजा हो गई हैं, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 10 मार्च 2005 का एक वीडियो साझा किया, जिसमें डॉ. सिंह जून 10, 2004 की उस घटना का जिक्र करते हैं, जब उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया था.

खुशखबरी मिलते ही PM मोदी ने साझा किया श्लोक, आत्मविश्वास को बताया सफलता की कुंजी

नई दिल्ली भारत और अमेरिका के बीच संभावित ट्रेड डील पर सहमति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महाभारत का एक श्लोक शेयर किया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार रात में एक पोस्ट कर इसकी घोषणा की. पीएम मोदी ने भी एक पोस्ट में इस घोषणा पर खुशी जाहिर की है. अब भारतीय निर्यात पर अमेरिकी टैरिफ घटकर 18 फीसदी हो गया है. अमेरिका में भारत पर रूसी तेल खरीदने की वजह से लागू 25 फीसदी की पेनाल्टी को खत्म कर दिया है. पीएम मोदी ने जो श्लोक साझा किया है वह इस प्रकार है- श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठति॥ यह श्लोक महाभारत के उद्योगपर्व (विदुर नीति) से लिया गया है, जिसमें विदुर ने धृतराष्ट्र को सफलता/समृद्धि (श्री/लक्ष्मी) के रहस्य बताए हैं. श्लोक का अर्थ इस श्लोक का सरल हिंदी में व्याख्या कुछ इस प्रकार है. श्री (समृद्धि, लक्ष्मी, सफलता, वैभव) शुभ/मंगल कार्यों से उत्पन्न होती है, प्रगल्भता (परिपक्व बुद्धि, आत्मविश्वास, वाक्पटुता) से बढ़ती है, दाक्ष्य (चतुराई, कुशलता, दक्षता) से मजबूत जड़ (मूल) बनाती है और संयम (अनुशासन, आत्मसंयम, संयम) से स्थिर/स्थायी होकर टिकी रहती है. श्लोक की व्याख्या श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति- लक्ष्मी/समृद्धि शुभ कर्मों, अच्छे कार्यों और मंगल (शुभ) से जन्म लेती है. प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते- प्रगल्भता (बुद्धि की परिपक्वता, आत्मविश्वास, बोलने की कला) से वह बहुत बढ़ती है. दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं- दक्षता/कुशलता/चतुराई से वह मजबूत आधार/जड़ पकड़ लेती है. संयमात् प्रतितिष्ठति- संयम/अनुशासन से वह स्थायी रूप से स्थापित/टिकी रहती है. सारांश कुल मिलाकर प्रधानमंत्री इस श्लोक के जरिए यह कहना चाहते हैं कि समृद्धि और सफलता पहले अच्छे कर्मों से शुरू होती है, फिर आत्मविश्वास और परिपक्वता से बढ़ती है, कुशलता से मजबूत होती है और अंत में संयम/अनुशासन से हमेशा के लिए बनी रहती है. यह श्लोक जीवन में सफलता के चार चरणों को बहुत सुंदर तरीके से दर्शाता है. शुरूआत अच्छे कर्म से, विकास आत्मविश्वास से, मजबूती कुशलता से और स्थिरता संयम से. बहुत प्रेरणादायक श्लोक है!