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पाकिस्तान में पेट्रोल 458 रुपए और डीजल 520 के पार, तेल की बढ़ी कीमतों से आम जनता परेशान

लाहौर   पाकिस्तान ने  डीजल और पेट्रोल की कीमतें 50% से ज्यादा बढ़ा दीं। एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी बड़ी बढ़ोतरी है। यह बढ़ोतरी मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक तेल कीमतों में हो रही तेज वृद्धि के चलते की गई है। डीजल की कीमत 55% से ज्यादा बढ़ाकर 520.35 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है, जबकि पेट्रोल की कीमत लगभग 55% बढ़ाकर 458.40 रुपये प्रति लीटर कर दी गई है। अमेरिकी तेल कीमतों में 11% से ज्यादा की उछाल आई, जबकि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 7% से ज्यादा बढ़ गईं। यह बढ़ोतरी तब हुई जब एक दिन पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि सैन्य अभियान और तेज किए जाएंगे। डॉन की रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोलियम मंत्री मलिक ने कहा कि नई कीमतें शुक्रवार से प्रभावी होंगी. दरअसल ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजरायल युद्ध के बाद से पाकिस्तान ईंधन संकट में डूबा हुआ है और ऐसा पहली बार नहीं है जब 28 फरवरी को शुरू जंग के बाद पाकिस्तान में तेल के दाम बढ़ाए गए हैं।  अपनी ही बात से पलटे शहबाज डॉन की रिपोर्ट के अनुसार एक सप्ताह पहले ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि उन्होंने युद्ध शुरू होने के बाद से पेट्रोल की कीमत में 95 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 203 रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की तीसरी सिफारिश को खारिज कर दिया है. इससे पहले, पीएम ने कहा था कि उन्होंने डीजल की कीमत में 177 रुपये प्रति लीटर और पेट्रोल की कीमत में 76 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी को खारिज कर दिया है. प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि 13 मार्च को अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद उन्होंने पहले भी इसी तरह की सिफारिश को खारिज कर दिया था. लेकिन अब पहले से ही आर्थिक संकट से जूझती पाक सरकार बेबस दिख रही है।  युद्ध शुरू होने के बाद, पाकिस्तान सरकार ने शुरुआत में 6 मार्च को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. अब एक बार फिर यह बढ़ोतरी की गई है।   आखिर क्यों लगी पाकिस्तान में 'महंगाई की आग'? पाकिस्तान इस वक्त चौतरफा संकट से घिरा है। इसके पीछे तीन मुख्य कारण हैं:     वैश्विक तनाव : ईरान, इजराइल और अमेरिका के बीच बढ़ते संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों को आग लगा दी है। दुबई क्रूड $128.52 प्रति बैरल तक पहुंच गया है।     रुपए की बदहाली : डॉलर के मुकाबले पाकिस्तानी रुपया लगातार गिर रहा है, जिससे तेल का आयात करना बेहद महंगा हो गया है।     IMF की शर्तें : कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की कड़ी शर्तों को मानना पड़ रहा है, जिसके कारण सरकार चाहकर भी सब्सिडी नहीं दे पा रही। आम आदमी पर क्या होगा असर? यह सिर्फ पेट्रोल की कीमत नहीं है, यह एक 'महंगाई का चक्रवात' है जो हर चीज को निगल जाएगा:     किराया आसमान पर : बस, रिक्शा और ट्रक का भाड़ा बढ़ने से दफ्तर जाने वाले और छात्रों की जेब खाली हो जाएगी।     थाली से गायब होगी रोटी : जब ट्रांसपोर्टेशन महंगा होगा, तो आटा, दाल, दूध और सब्जियों की कीमतें भी दोगुनी हो जाएंगी।     धंधा चौपट : डिलीवरी बॉय, टैक्सी ड्राइवर और छोटे व्यापारियों के लिए अब अपना काम जारी रखना नामुमकिन सा हो गया है। भारत vs पाकिस्तान : एक बड़ी तुलना जहां भारत में आज पेट्रोल औसतन ₹100-₹110 के बीच स्थिर है, वहीं पाकिस्तान में यह 4 गुना ज्यादा महंगा हो चुका है। भारत ने रूस से सस्ता तेल खरीदने की रणनीति और मजबूत पेट्रोलियम रिजर्व के दम पर अपनी जनता को इस वैश्विक संकट से बचा लिया। दूसरी ओर, पाकिस्तान की राजनीतिक अस्थिरता और कर्ज पर निर्भरता ने उसे इस मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है। आगे क्या? विशेषज्ञों का मानना है कि अगर मिडिल-ईस्ट में युद्ध के हालात नहीं सुधरे, तो अगली समीक्षा में पेट्रोल ₹500 का आंकड़ा भी पार कर सकता है। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का कहना है कि लागत तो ₹544 होनी चाहिए थी, लेकिन उन्होंने 'थोड़ी राहत' दी है। मगर जनता पूछ रही है कि ऐसी राहत का क्या करें जिससे चूल्हा जलाना ही मुश्किल हो जाए?  

प्रदेश में पेट्रोल पंपों की जांच शुरू, अनावश्यक बंदी पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी

 भोपाल प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और गैस की उपलब्धता को लेकर सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की कमी नहीं है, लेकिन कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अब पेट्रोल पंपों को भी जांच के दायरे में लाया गया है और बिना कारण बंद रखने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अब तक 2,110 स्थानों पर जांच की जा चुकी है। इस दौरान 2,933 गैस सिलिंडर जब्त किए गए हैं और नौ मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं 391 पेट्रोल पंपों की जांच में एक प्रकरण दर्ज किया गया है। पेट्रोल पंप बंद रखने पर सख्ती मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी पेट्रोल पंपों की नियमित निगरानी की जाए। यदि कोई पंप बिना उचित कारण बंद पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला आपूर्ति नियंत्रकों और ऑयल कंपनियों को विशेष रूप से इस पर नजर रखने को कहा गया है। ईंधन का पर्याप्त भंडार सरकार के अनुसार प्रदेश में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। देश में कच्चे तेल का भंडार भी पर्याप्त है और सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं। प्रदेश के बॉटलिंग प्लांट घरेलू और व्यावसायिक गैस की मांग को पूरा करने के लिए अतिरिक्त समय तक संचालन कर रहे हैं। पीएनजी कनेक्शन के लिए कंट्रोल रूम प्रदेश में पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सिटी गैस कंपनियों ने कंट्रोल रूम स्थापित किए हैं। यहां उपभोक्ता अपनी शिकायतें और मांग दर्ज करा सकते हैं। इसके अलावा सिंगल विंडो पोर्टल के माध्यम से कंपनियों को आवश्यक अनुमति प्राप्त करने की सुविधा भी दी गई है। उपभोक्ताओं को राहत का दावा सरकार का कहना है कि सख्त निगरानी और बेहतर प्रबंधन से उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी। साथ ही कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

US-ईरान जंग के बीच पेट्रोल के दाम घटने की संभावना, जेडी वेंस ने शेयर किया प्लान

वॉशिंगटन  मिडिल ईस्ट में बरसते बारूद ने पूरी दुनिया का तेल पी लिया है. कई देशों में तेल को लेकर हाहाकार मचा हुआ है और अमेरिका जैसे देशों में भी पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं. हर कोई सिर्फ एक सवाल पूछ रहा है कि ये जंग कब खत्म होगी और कब ईंधन के दाम गिरेंगे? इस सवाल का जवाब हाल ही में अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने दे दिया है. उन्होंने बताया है कि गैस के दाम कब गिरेंगे और जंग को लेकर उनका प्लान आखिर क्या है? वेंस ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर क्या कहा? वेंस का कहना है कि अमेरिका का मकसद ईरान पर कब्जा करना नहीं, बल्कि उसे इतना ‘शक्तिहीन’ कर देना है कि वह दोबारा कभी चुनौती न बन सके. जेडी वेंस ने एक हालिया इंटरव्यू में अमेरिकी जनता को बड़ी राहत देने की कोशिश की।  उन्होंने कहा कि अमेरिका, ईरान में एक या दो साल तक नहीं रुकने वाला है. राष्ट्रपति ट्रंप का मिशन साफ है, काम खत्म करो और बाहर निकलो. उन्होंने यह भी दावा किया कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों की समस्या सिर्फ कुछ समय के लिए है और जैसे ही ऑपरेशन सफल होगा, गैस के दाम फिर से नीचे आ जाएंगे।  ईरानी नौसेना पर आखिरी अटैक अमेरिका की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने कुछ ऐसे वीडियो और तस्वीरें जारी की हैं, जिनमें ईरानी नौसेना के जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है. अमेरिका का कहना है कि दशकों से ईरान ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों में जो दादागिरी मचा रखी थी, अब उसका अंत हो चुका है. अमेरिकी मिसाइलों ने ईरान के उन सैन्य ठिकानों को खंडहर बना दिया है जो व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बने हुए थे।  जहां अमेरिका अपनी जीत के दावे कर रहा है, वहीं ईरान की तरफ से आने वाली खबरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं. ईरानी मीडिया आउटलेट्स ने दावा किया है कि उन्होंने दुबई में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से जोरदार हमला किया है. रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में ‘सैकड़ों’ अमेरिकी सैनिक हताहत हुए हैं और घंटों तक एम्बुलेंस और राहत दल शवों और घायलों को ढोते रहे। 

MP में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति, रसोई गैस पर पैनिक: भोपाल में दो दिनों में 28,000 सिलेंडर बुक, सप्लाई 70% हुई

भोपाल  मध्य प्रदेश में LPG सिलेंडर को लेकर 'पैनिक' जैसा माहौल है। कई शहरों में सिलेंडर की बुकिंग बढ़ गई है। अकेले भोपाल में ही 20 से ज्यादा गैस एजेंसियों पर सिलेंडर की बुकिंग दो से तीन गुनी तक बढ़ी है। यहां सुबह से दोपहर तक लोगों की भीड़ लग रही है। पिछले 2 दिन में ही भोपाल में 28 से 30 हजार तक बुकिंग हो गई, जबकि सप्लाई 22 हजार तक ही है। इससे पेंडिंग बुकिंग का आंकड़ा 40 हजार तक पहुंच गया है। वहीं, घरों में सप्लाई भी 4 से 5 दिन में हो रही है। भोपाल में पहले से दोगुनी हो रही बुकिंग फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि भोपाल में रसोई गैस को लेकर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन पिछले 2-3 दिन में बुकिंग काफी बढ़ गई है। पहले से लगभग दोगुनी बुकिंग हो रही है। वहीं, सप्लाई 11 हजार सिलेंडर की है। इस कारण हर रोज 3 हजार तक पेंडिंग बुकिंग चल रही है। हालांकि, गैस पर्याप्त है। भोपाल में ही एजेंसियों के पास 5 से 6 दिन का स्टॉक है। भौंरी स्थित ऑयल डिपो से सिलेंडर की सप्लाई भी जारी है। स्टॉक खत्म होने की वजह से ईंधन खत्म नहीं, कम ड्राई हुए पंप मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि भोपाल में पिछले दो-तीन दिन से पंप ड्राई हो रहे थे। यह स्टॉक की कमी की बजाय से नहीं, बल्कि कंपनियों को एडवांस राशि नहीं देने की वजह से था। कंपनियां अब क्रेडिट दे रही है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में ईंधन पंपों पर आ रहा है। शनिवार को कहीं से भी पंप ड्राई होने की खबरें नहीं आई। भोपाल में 192 पंप पर पर्याप्त ईंधन रहा। उन्होंने बताया कि अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी जरूर आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है। इस वजह से पेट्रोल की ही रोज की खपत 15 से 20 लाख लीटर तक पहुंच गई है, जबकि सामान्य दिनों में यह 9 लाख लीटर तक है। MP में पेट्रोल-डीजल पर्याप्त ईरान, अमेरिका और इजराइल युद्ध का असर विश्व के बाकी देशों की तरह भारत पर भी पड़ रहा है. कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर हर देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को प्रभावित कर रहा है. इसी बीच बार-बार उड़ रही पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाहों के चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन अपने वाहनों में भरवा रहे हैं, इसी की वजह से पेट्रोल पंप में पेट्रोल-डीजल खत्म हो रहा है और अफवाहों को और हवा मिल रही है. नरसिंहपुर से ऐसा ही एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है जहां कई लोग किसानों के नाम पर बड़ी-बड़ी कैन लेकर पेट्रोल-डीजल भरवाने पहुंच रहे हैं. ऐसी जमाखोरी से असली अन्नदाताओं के लिए परेशानी खड़ी हो रही है।  ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा फैलाई जा रही अफवाहें अफवाहों का असर अब मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ज्यादा दिख रहा है. नरसिंहपुर के ग्रामीण इलाकों में अधिकांश पेट्रोल पंप आउट ऑफ स्टॉक हो रहे हैं. यहां भी लोगों द्वारा जरूरत से ज्यादा ईधन लेने के मामले सामने आ रहे हैं. वीडियो में देखा जा सकता है कि सैकड़ों की तादाद में लोग 45 लीटर तक की कैन लेकर पंपों पर पहुंच रहे हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या ये सारे के सारे किसान हैं या किसानों की आड़ में जमाखोर? ग्रामीण क्षेत्रों में जो गिनती के पंप मौजूद हैं वहां भी जमाखोरों की वजह से असली किसानों को जरूरत के मुताबिक डीजल नहीं मिल पा रहा। 

CM का बयान: पंजाब में पेट्रोल का 12, डीजल का 14 और सिलेंडर का 6 दिन का स्टॉक, स्टोर न करें

अमृतसर  फगवाड़ा में आम जनता को लगभग सभी पैट्रोल पंपों पर सामान्य दिनों की भांति ही पैट्रोल और डीजल मिल रहा है।  आज जब शहर के प्रमुख पैट्रोल पंपों का दौरा किया गया तो सभी पंपों पर लोगों को सरलता के साथ पैट्रोल और डीजल वाहनों में भरवाते हुए पाया। लोगों ने भी पैट्रोल पंपों पर मिल रहे तेल पर संतोष जताया हैं। हालांकि कुछ लोगों ने कहा कि पैट्रोल पंपों पर जारी हालात के मध्य वाहनों की लंबी कतारें जरूर लग रही हैं लेकिन यह तो अनेक मौकों पर पहले भी लगती रही हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कल (27 मार्च) को हुई मीटिंग के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में मीडिया से बात की। उन्होंने मीटिंग के बारे में कहा कि देश में लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है।  लोगों ने कहा कि सोशल मीडिया पर आए दिन पैट्रोल और डीजल को लेकर कई तरह की चर्चाओं का दौर सरगर्म रहने और भांति प्रकार की उठ रही अफवाहों के कारण हालात को कुछ का कुछ बनाया जा रहा है। ऐसे में जरूरत है कि हम सभी सजग और सर्तक रहे और सच्चाई पर पहरा देते हुए अफवाहों से बचें। जनता ने जिला कपूरथला पुलिस और प्रशासन से भी पुरजोर मांग की हैं कि वह सोशल मीडिया पर जनता के मुद्दों संबंधी बारीकी से फैक्ट चैक करें जिससे सही और सटीक सूचना आम लोगों तक पहुंच सके।  पंजाब के हालात के बारे में CM भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में पेट्रोल का 12 दिन और डीजल का 14 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। LPG गैस का भी 6 दिन का स्टॉक है। सीएम ने स्पष्ट किया कि 2 महीने पहले भी यही स्थिति थी, इसलिए लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है। सीएम ने कहा कि अफवाहों की वजह से तेल की डिमांड ज्यादा बढ़ गई है। मैंने चीफ सेक्रेटरी को कहा है कि डीसी से संपर्क करो और जिस पेट्रोल पंप पर लाइनें लगी हैं, उसे चेक करो। ऐसे कोई हालात नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र ने 41 देशों के साथ समझौते किए हैं। देश में 60 दिन का तेल का स्टॉक है। अफवाहों से बचने की जरूरत है। हम पल-पल की जानकारी ले रहे हैं। चीफ सेक्रेटरी और DC से बात कर रहे हैं। केंद्रीय गृह और पेट्रोलियम मंत्रालय के साथ संपर्क में हैं। लॉकडाउन लगने की कोई संभावना नहीं है। कुछ भी स्टोर करनें की जरूरत नहीं हैं। हमने हर तरह की कंडीशन हटाने को कहा है ताकि फैक्ट्री को 2 दिन बंद करना पड़े, ऐसी नौबत न आए क्योंकि वहां कर्मचारियों का रोजगार चलता है। सीएम ने कहा कि कल प्रधानमंत्री के साथ मीटिंग हुई थी, जिसमें यह मांगें रखी गई हैं। मैंने कहा कि हमारी गेहूं की फसल आ रही है। ट्रैक्टर, कंबाइन और मंडियों में ट्रक भी चलेंगे। हमें डीजल-पेट्रोल की कमी नहीं होनी चाहिए। हमारी फसल मंडी में आए, तुलाई हो जाए और साथ के साथ गोदाम में जाए। हमें इसके लिए तेल की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। मैंने PM को यही विनती की कि आपके दूसरे देशों से अच्छे संबंध हैं। हमने विज्ञापन भी देखा कि आपने युद्ध रुकवा दिए। भारतीयों को सुरक्षित रखा। यह वक्त भारत के 140 करोड़ लोगों के लिए दोस्ती निभाने का वक्त है। लोगों के लिए पेट्रोलियम उत्पादों और दूसरी चीजों की दिक्कत न हो, इसका ध्यान रखिएगा। हमें व्हाइट हाउस से ऑर्डर आता है कि हम तुम्हें एक महीने के लिए रूस से कच्चा तेल खरीदने की इजाजत मिलती है। हम तो विश्वगुरू बनने चले थे, विश्वचेले कब से बन गए। वहीं ताजा हालात की बात करें तो अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के बीच पंजाब में पेट्रोल-डीजल को लेकर मारामारी मची हुई है। कल जालंधर और लुधियाना के 2 पेट्रोल पंप ड्राई हो गए थे। आज, शनिवार को अमृतसर में भी रानी के बाग वाले पेट्रोल पंप पर पेट्रोल खत्म हो गया। जिसके बाद पंप मालिकों ने वहां नोटिस लगा दिया। वहीं जालंधर में कल बंद हुआ BMC चौक के पास वाले पंप में तेल आने के बाद इसो फिर खोल दिया गया है। लुधियाना में भारत नगर चौक वाला पंप अभी भी बंद है। इसी बीच मोगा में फूड एंड सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट ने पेट्रोल पंप मालिकों को एडवाइजरी जारी कर ड्रमों और कैनियों में डीजल भरने पर रोक लगाने को कहा है। डिपार्टमेंट का कहना है कि इससे स्टोरेज और ब्लैकमार्केटिंग पर रोक लगेगी। वहीं पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने इसका विरोध किया। एसोसिएशन ने साफ किया कि यह गलत है। डीजल का उपयोग मोटर, पंपों, जनरेटरों, आदि में होता है। इन्हें पेट्रोल पंप पर लाना संभव नहीं है। इससे लोगों में पैनिक बढ़ेगा और परेशानी भी बढ़ेगी। लुधियाना में भारत नगर चौक के पास पेट्रोल पंप में कल बंद कर दिया गया। लुधियाना में अब सिर्फ गाड़ियों में तेल मिलेगा। कैनी वगैरह में पेट्रोल-डीजल देना बंद कर दिया गया है। चंडीगढ़ में ड्रम में डीजल बेचना बंद कर दिया गया है। पठानकोट में हालात फिलहाल नॉर्मल हैं। मोहाली में भी पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई दिक्कत नहीं है। वहीं लुधियाना के आजाद पंप के मैनेजर अजय ने बताया कि अभी लोगों को तेल की दिक्कत नहीं है लेकिन हमें पहले जो 2 गाड़ियां क्रेडिट पर यानी उधार मिलती थीं, वह सरकार की तरफ से बंद कर दी गई हैं। अब हमें एडवांस पेमेंट देनी पड़ती है, तभी गाड़ी वहां से चलती है। मंत्री बोले- पैनिक क्रिएट न करें मंत्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि लोगों से अनुरोध है कि पैनिक क्रिएट ना करें। पेट्रोल-डीजल को लेकर कोई कमी नहीं है। एलपीजी का रुट जरूर डिस्टर्ब हुआ है। अभी तक के हालात के मुताबिक कॉमर्शियल एलपीजी की कमी जरूर है। इस समय 20 प्रतिशत अवेलेबल है। हमारी कोशिश है की होस्टल, अस्पताल व अन्य जरूरी स्थानों पर इसका इस्तेमाल हो। पाइप गैस की कोई कमी नहीं है।

भोपाल, इंदौर, उज्जैन में पेट्रोल की बिक्री 25% बढ़ी, LPG सिलेंडर के लिए भी लंबी लाइनें; सरकार का दावा- MP में भरपूर ईंधन

भोपाल  मध्य प्रदेश के कई जिलों में  रात अचानक तेल का हाहाकार मच गया। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान और इजराइल के बीच बढते तनाव और युद्ध की चर्चाओं ने सोशल मीडिया के जरिए आम जनता में ऐसा खौफ पैदा किया कि लोग आधी रात को अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंपों पर टूट पडे। नीमच, उज्जैन और पांढुर्णा जैसे शहरों में हालात बेकाबू हो गए, जहां पेट्रोल भरवाने की होड में लोगों के बीच तीखी झडपें और हाथापाई तक हुई। प्रशासन के तमाम दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत यह रही कि रात होते-होते अधिकांश पंपों पर 'स्टॉक खत्म' के बोर्ड लटक गए और हजारों लोग खाली हाथ घर लौटने को मजबूर हुए। अमेरिका, इजराइल और ईरान में तनाव की खबरों के बीच मध्य प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर तीन दिनों से भीड़ बढ़ गई है। कई शहरों में लोग सुबह 5 बजे से ही गाड़ियों के साथ लाइन में लग रहे हैं और देर रात तक पंपों पर दबाव बना हुआ है। हालांकि, सरकार और प्रशासन ने साफ किया है कि प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के मुताबिक, अफवाहों के चलते ईंधन की खपत में तेजी आई है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भीड़ अपेक्षाकृत कम है, लेकिन खपत करीब 25% तक बढ़ गई है। लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं, जिससे दबाव बढ़ रहा है। भोपाल के फूड कंट्रोलर चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि शहर में 192 पेट्रोल पंपों पर सप्लाई सामान्य बनी हुई है। खाद्य विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग कर रही हैं और जहां कमी की सूचना मिली, वहां तुरंत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। इंदौर और उज्जैन के डिपो में भी पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और टैंकरों के जरिए नियमित सप्लाई जारी है। इधर, घरेलू गैस सिलेंडर को लेकर भी शहरों में लोगों की लाइनें देखने को मिल रही हैं। कई जगह बुकिंग के बाद 6 से 8 दिन में डिलीवरी हो रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। इंदौर में टीमें तैनात, डिपो में पर्याप्त स्टॉक इंदौर और उज्जैन में भी पर्याप्त स्टॉक है। इंदौर के मांगलिया स्थित एचपीसीएल, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर टैंकरों में ईंधन भरा जा रहा है, जो पंपों तक पहुंच रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि डिपो में पर्याप्त मात्रा में पेट्रोल और डीजल उपलब्ध है। इसके लिए खाद्य विभाग की टीमें तैनात की गई हैं। छोटे जिलों में अफवाह का ज्यादा असर अफवाहों का ज्यादा असर छोटे जिलों में देखने को मिल रहा है, जहां किसान फसल कटाई को देखते हुए बड़ी मात्रा में डीजल लेने पहुंच रहे हैं। रीवा में अफवाह फैलने के बाद प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ईंधन की कमी नहीं है और अफवाह फैलाने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। रायसेन में बढ़ती मांग को देखते हुए बिक्री पर सीमा तय कर दी गई है। यहां पेट्रोल की खपत लगभग दोगुनी हो गई है, जबकि डीजल की मांग भी तेजी से बढ़ी है। दमोह में भी पंपों पर भीड़ बनी हुई है, जहां लोग टैंक फुल कराने में जुटे हैं। पंप संचालकों का कहना है कि स्टॉक पर्याप्त है, लेकिन अफवाहों के कारण अनावश्यक दबाव बन रहा है।

पेट्रोल 13 रुपये सस्ता, डीजल पर एक्साइज ड्यूटी खत्म: सरकार ने दी बड़ी राहत

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उसके कारण उपजे ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दरअसल वित्त मंत्रालय द्वारा 26 मार्च को जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, प्रति लीटर पेट्रोल-डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी घटाने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 13 रुपये थी, वो अब घटकर 3 रुपये रह गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी, जो पहले 10 रुपये थी, वो अब शून्य हो गई है। तेल कंपनियों को सरकार ने दी बड़ी राहत यह कदम पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच कच्चे तेल की बढ़ती वैश्विक कीमतों से जूझ रही तेल विपणन कंपनियों, एचपीसीएल, बीपीसीएल और आईओसी, को राहत देने के लिए उठाया गया है। मंत्रालय ने कहा कि यह कटौती तत्काल प्रभाव से लागू होगी। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के चलते अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में करीब 50 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि सरकार ने इस संकट के बावजूद अभी तक पेट्रोल-डीजल के दाम स्थिर रखे हैं, जिससे देश में ईंधन विपणन कंपनियां दबाव में थीं। तेल विपणन कंपनियों का घाटा कम होगा रेटिंग एजेंसी ICRA ने गुरुवार को जारी नोट में कहा कि यदि कच्चे तेल का औसत मूल्य 100-105 डॉलर प्रति बैरल तक रहता है, तो ईंधन कंपनियों को पेट्रोल पर 11 रुपये प्रति लीटर और डीजल पर 14 रुपये प्रति लीटर तक का नुकसान हो सकता है।नइस महीने की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें 119 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थीं, जो बाद में घटकर करीब 100 डॉलर प्रति बैरल रह गईं। दिल्ली में फिलहाल पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर और डीजल 87.67 रुपये प्रति लीटर पर स्थिर है। भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का करीब आधा आयात करता है, जिसका बड़ा हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आता है। संघर्ष बढ़ने के साथ ईरान ने इस जलडमरूमध्य को अवरुद्ध कर दिया, जिससे टैंकरों की आवाजाही लगभग ठप हो गई। नायरा एनर्जी ने कीमतें बढ़ाईं नायरा एनर्जी, जो देश के 1,02,075 पेट्रोल पंपों में से 6,967 का संचालन करती है, ने बढ़ी लागत का कुछ हिस्सा उपभोक्ताओं पर डालने का फैसला किया है। उसके पंपों पर पेट्रोल 100.71 रुपये प्रति लीटर और डीजल 91.31 रुपये प्रति लीटर हो गया है। वहीं, रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी की संयुक्त ईंधन रिटेल कंपनी जियो-बीपी, जिसके 2,185 आउटलेट हैं, ने भारी नुकसान के बावजूद अभी तक कीमतों में बढ़ोतरी नहीं की है। सरकारी तेल कंपनियां, जो बाजार के करीब 90 प्रतिशत हिस्से पर नियंत्रण रखती हैं, फिलहाल कीमतों को स्थिर बनाए हुए हैं। क्या होता है उत्पाद शुल्क पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी (उत्पाद शुल्क) केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला एक टैक्स है। इसे लगाने के पीछे मुख्य उद्देश्य राजस्व इकट्ठा करना है, जिसका उपयोग देश के विकास, बुनियादी ढांचे , रक्षा और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाता है। क्या सस्ता हो सकता है पेट्रोल-डीजल?     जहां एक तरफ अब केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी को कम कर दिया है, तो ऐसे में ये सवाल चर्चा में आना लाजमी है कि क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम होंगे?     जिस तरह से पेट्रोल में 10 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी कम की गई है और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी को जीरो कर दिया है, तो इससे गुंजाइश बनती है कि पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो     माना तो जा रहा है कि एक्साइज ड्यूटी कम होने से इसका सीधा फायदा आम आदमी को मिल सकता है। पर इस बात से भी इंकार नहीं किया जा सकता कि जिस तरह से देश में मौजूदा हालात चल रहे हैं उससे तेल कंपनियां इस एक्साइज ड्यूटी के कम होने का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की महंगाई को संतुलित करने में भी कर सकती है।     हालांकि, ये जरूर माना जा रहा है कि जो लोगों को लग रहा था कि कच्चे तेल के दाम बढ़ने से देश में भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ सकते हैं, उसके लिए जरूर माना जा रहा है कि फिलहाल ऐसा होना मुश्किल नजर आ रहा है। वहीं, पेट्रोल-डीजल के दाम कम प्रति लीटर कम होंगे या ऐसे ही बने रहेंगे? इसके लिए अभी थोड़ा इंतजार करना पड़ सकता है।

इंदौर में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं, प्रशासन का भरोसा, पंपों पर होगा अनाउंसमेंट

इंदौर पेट्रोल-डीजल को लेकर बीते दिन भी अफरा-तफरी जारी रही। सुबह लगभग 5 बजे से ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ लगने लगी, जो शाम तक वैसी ही बनी रही। दिन में पेट्रोल के दाम बढऩे की अफवाह को लेकर सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हुआ। सामान्य पेट्रोल नहीं होने को लेकर प्रशासन ने पुष्टि की तो दाम बढऩे जैसी बातों को अफवाह बताया। सुबह से शाम तक प्रशासन के कई अधिकारी लोगों से स्थिति सामान्य होने व घबराहट में भीड़ नहीं लगाने को लेकर अपील करते रहे। यह भी कहा गया कि जिले में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। प्रशासन ने कई पंपों को देर रात तक खुले रखने के निर्देश दिए। बुधवार सुबह 6 बजे से डिपो पर टैंकर पहुंचे व 8 बजे से सप्लाई शुरू कराई गई। मांगलिया डिपो से लगातार आपूर्ति जारी मांगलिया डिपो से ईंधन आपूर्ति जारी है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम, भारत पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल के डिपो पर ईंधन भरने का कार्य तेज गति से कराया। सुबह 8 बजे तक हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 25, भारत पेट्रोलियम के 17 और इंडियन ऑयल के 19 टैंकर पेट्रोल पंपों के लिए रवाना कराए गए थे। रोज 10 लाख लीटर पेट्रोल खपत, पर्याप्त स्टॉक जिला आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया, इंदौर जिले में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है। वर्तमान में जिले में प्रतिदिन लगभग 10 लाख लीटर पेट्रोल और 15 लाख लीटर डीजल की खपत हो रही है। पंपों पर करीब 42 लाख लीटर पेट्रोल और 65 लाख लीटर डीजल का भंडारण है। 3-4 घंटे में कई पंप पर हुआ खत्म पेट्रोल जिले में 270 पेट्रोल पंप हैं। सुबह से प्रशासन की तरफ से लगातार टैंकरों से सप्लाई जारी रखी गई, लेकिन लोगों की भीड़ इतनी अधिक रही कि दो से तीन घंटे में ही पंप पर पेट्रोल खत्म होने लगा। तीन दिन की खपत एक दिन में हुई जितनी खपत तीन दिन में होती है उतनी एक दिन में हुईै। कई पंप में पेट्रोल-डीजल की लिमिट तक तय कर दी। किसी ने 300 तो किसी ने 500 से अधिक का पेट्रोल नहीं दिया। भीड़ कम होने पर भी लिमिट हटा ली। पुलिस ने संभाली व्यवस्था अलग-अलग थाना क्षेत्रों में स्थित पंपों पर पुलिस ने व्यवस्था संभाली। एयरपोर्ट रोड स्थित पंप पर रात को विवाद की स्थिति बनी जिसे पुलिस ने नियंत्रण में लिया। बुधवार को भी अधिकतर पंप पर भीड़ को नियंत्रित करते हुए व्यवस्था बनाई। पेट्रोल-डीजल की कमी नहीं, अफवाहों से दूर रहें इंदौर संभाग में पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है। संभागायुक्त सुदामा खाड़े ने सभी जिलों के कलेक्टर और तेल कंपनियों के वितरकों के साथ बैठक कर आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा की। प्रतिनिधियों ने बताया, वर्तमान में उनके पास पर्याप्त स्टॉक है और आगे की जरूरतों के लिए भी भंडार सुरक्षित है। संभागायुक्त ने निर्देश दिए कि जिलों में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई बिना रुकावट जारी रहे। बढ़ती मांग को देखते हुए सप्लाई चेन को और मजबूत करने पर जोर दिया है। कंपनियां साझा करेंगी स्टॉक की जानकारी बैठक में तय किया गया कि तेल कंपनियां जिलों में उपलब्ध स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से जिला प्रशासन से साझा करेंगी। ग्रामीण क्षेत्रों के पंपों पर भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए। सभी पंपों पर अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए उपभोक्ताओं को सही जानकारी देने का कहा है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि किसी भी डीलर ने ब्लैक मार्केटिंग की तो उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

आगर मालवा, इंदौर और मंदसौर में तेल शॉर्टेज की अफवाहें, पेट्रोल पंपों पर लोगों की भारी भीड़

 इंदौर /मंदसौर  मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बाधित होने के बाद से सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर अफवाहें फैल रही है. इन्हीं अफवाहों के बीच मध्य प्रदेश और गुजरात के कई जिलों में अफरा-तफरी मच गई. इंदौर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच समेत गुजरात के अहमदाबाद, वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट में मंगलवार से पेट्रोल पंपों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं. लोग ड्रम, केन, बोतल और कुप्पियों में ईंधन भरकर ले जाने लगे. जिससे कुछ पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया, जिसके बाद पंप बंद कर दिए गए. प्रशासन का साफ कहना है कि किसी भी तरह की कमी नहीं है, फिर भी लोग घबराकर पेट्रोल-डीजल के लिए घंटों लाइन में लगे हुए हैं।  इंदौर में मंगलवार को करीब तीन दर्जन से ज्यादा पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही भीड़ जुट गई. वाहन चालकों को घंटों इंतजार करना पड़ा. कई जगह पंप कर्मचारी और ग्राहकों के बीच बहस भी हुई. कुछ पंपों पर पेट्रोल खत्म होने के बाद बोर्ड लगा दिया गया और बाहर हुजूम जमा हो गया. पंप संचालकों ने बताया कि रात में टैंकर आने के बाद सुबह से सप्लाई फिर सुचारू हो जाएगी   । जिला आपूर्ति नियंत्रक एम.एल. मारू ने स्पष्ट जानकारी देते हुए कहा,'इंदौर जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कोई कमी नहीं है. सभी पंपों पर पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और डिपो से लगातार सप्लाई हो रही है. अफवाहों पर ध्यान न दें, अनावश्यक घबराहट में ईंधन का संग्रह न करें. अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  इंदौर कलेक्टर ने भी नागरिकों से अपील की कि पैनिक खरीदारी न करें. उन्होंने कहा कि बेवजह की भीड़ से सिर्फ अव्यवस्था बढ़ रही है और आम लोगों को परेशानी हो रही है।  मालवा में भी हालात बेकाबू इसी तरह आगर मालवा जिले में दोपहर बाद से पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखी गई. ट्रैक्टरों पर बड़े-बड़े ड्रम और केन लेकर किसान पहुंचे, तो कुछ लोग मोटरसाइकिल, कार और यहां तक कि एम्बुलेंस लेकर कतार में लग गए. सोशल मीडिया पर 'पंप बंद होने वाले हैं, पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा' वाली अफवाह ने पूरे जिले में घबराहट फैला दी।  आगर मालवा की कलेक्टर प्रीति यादव ने खुद वीडियो जारी कर लोगों को आश्वस्त किया, 'जिले में ईंधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है. कोई दिक्कत नहीं है, घबराएं नहीं।  मंदसौर में पंपों पर स्टॉक खत्म? वहीं, मंदसौर और नीमच में भी सैकड़ों लोग गाड़ियां लेकर पंपों पर पहुंच गए. जरूरत से ज्यादा पेट्रोल-डीजल भरवाने की वजह से कुछ पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया. स्कूल छोड़ने वाले ऑटो, दूध बांटने वाले वाहन और किसान डीजल स्टॉक करने लगे हैं. पेट्रोल खत्म होने के बाद कुछ पंपों के डिस्प्ले को काले कपड़े से ढक दिया गया, ताकि और लोग न आएं।  गुजरात के बड़े शहरों में अफरा-तफरी गुजरात में अहमदाबाद से शुरू हुई अफवाह शाम तक देखते ही देखते वडोदरा, गांधीनगर, सूरत और राजकोट तक फैल गई. ऑफिस टाइम के बाद लोग सीधे पेट्रोल पंपों पर पहुंच गए, जिससे देर रात तक अफरातफरी मची रही. सरकार और तेल कंपनियों द्वारा लिखित आश्वासन दिए जाने के बावजूद सोशल मीडिया के मैसेज ने लोगों में डर पैदा कर दिया।  कई लोगों ने बताया, 'सोशल मीडिया पर मैसेज देखा तो एहतियातन आ गए.' कुछ की गाड़ी में डीजल खत्म हो गया था, लेकिन लंबी लाइन का सामना करना पड़ा।  पेट्रोल डीलर एसोसिएशन ने दर्ज कराई शिकायत इसी बीच राजकोट में तो पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के अध्यक्ष गोपाल चुडासमा के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के सेल्स हेड अमित जायसवाल ने शिकायत में कहा कि चुडासमा ने सार्वजनिक रूप से झूठा बयान दिया कि पंपों पर स्टॉक खत्म हो गया है. इससे जनता में दहशत फैली और कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा पैदा हो गया।  इस घटना के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है, ताकि भविष्य में कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति अफवाहें फैलाकर अराजकता न फैलाए. सरकारने पहले ही साफ कर दिया था कि अगर किसी भी व्यक्ति ने अफवाह फैलाई या फिर काला बाजारी की तो उनके खिलाफ कानूनी कारवाई की जाएगी. राज्य सरकार की ओर से उपमुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री ने भी अफवाहों से दूर रहने की अपील की थी। 

क्या बढ़ने वाले हैं पेट्रोल-डीजल के दाम? LPG के बाद सरकार का नया बयान

नई दिल्ली हाल ही में LPG गैस की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है। गैस की इन कीमतों में वृद्धि के बाद अब ऐसा कहा जा रहा था कि पेट्रोल और डीज़ल के दाम भी बढ़ सकते हैं। आपको बता दें कि सरकारी गलियारों से ऐसी जानकारी सामने आ रही है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी अभी नहीं होगी।   पेट्रोल-डीजल के दाम पर सरकार का रुख पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद, भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर रहेंगी। सूत्रों का कहना है कि Strait of Hormuz से कार्गो जहाजों की आवाजाही जल्द ही सुचारू रूप से शुरू होने की उम्मीद है, जिससे आपूर्ति बाधित नहीं होगी। ऐसे में कीमतों में इजाफे की संभावना न के बराबर है। LPG की कीमतों में क्यों हुआ इजाफा? लगभग 11 महीने के अंतराल के बाद सरकार ने रसोई गैस के दामों में बदलाव किया है। घरेलू उपयोग वाले 14.2 किलो के सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, वहीं 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में 115 रुपये का इजाफा हुआ है। आंकड़ों की मानें तो पिछले 12 वर्षों में एलपीजी के दाम कुल 110 रुपये बढ़े हैं। सरकार ने अब तेल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपना पूरा ध्यान एलपीजी के उत्पादन को अधिकतम करने पर लगाएं ताकि भविष्य में कीमतों को नियंत्रित रखा जा सके। भारत के पास सुरक्षित भंडार: हरदीप सिंह पुरी केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने देश को विश्वास किया है कि ईंधन की कमी को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारत के पास कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और एटीएफ (हवाई ईंधन) का भरपूर भंडार है। देश के पास अगले 50 से 60 दिनों के लिए पर्याप्त बैकअप मौजूद है। सप्लाई चेन और रसद के मोर्चे पर स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की स्थिति पश्चिम एशिया के संघर्ष ने वैश्विक बाजार को हिलाकर रख दिया है। पिछले एक सप्ताह में ही कच्चे तेल की कीमतों में 39% का जबरदस्त उछाल आया है। शुक्रवार को कीमतें अपने एक साल के उच्चतम स्तर (52-week high) पर पहुंच गईं, जिसमें एक ही दिन में 3.50% की तेजी देखी गई। इसके बावजूद, भारत अपनी रणनीतिक स्वायत्तता के बल पर घरेलू कीमतों को स्थिर रखने की कोशिश कर रहा है।